MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किन आँकड़ों को दर्शाने के लिए आप एक आयत चित्र का प्रयोग करेंगे?
(a) एक डाकिए के थैले में विभिन्न क्षेत्रों के पत्रों की संख्या।
(b) किसी खेलकूद प्रतियोगिता में प्रत्याशियों की ऊँचाइयाँ।
(c) 5 कम्पनियों द्वारा निर्मित कैसिटों की संख्या।
(d) किसी स्टेशन पर प्रातः 7 बजे से सायं 7 बजे तक रेलगाड़ियों से जाने वाले यात्रियों की संख्या। प्रत्येक के लिए, कारण भी दीजिए।
उत्तर:
(b) और (d) स्थितियों में आँकड़ों को वर्ग अन्तरालों में विभाजित किया जा सकता है; अतः इनमें आयत चित्र प्रयोग करेंगे।

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प्रश्न 2.
किसी विभागीय स्टोर पर खरीदारी करने के आए व्यक्तियों को इस प्रकार अंकित किया जाता हैपुरुष (M), महिला (W), लड़का (B) या लड़की (G) निम्नलिखित सूची उन खरीदारों को दर्शाती है, जो प्रातः काल पहले घण्टे में आए हैं –

W W W G B W W M G G M M W W W W G B M W B G G M W W M M W W W M W B W G M W W W W G W M M W W M W G W M G W M M B G G W

मिलान चिन्हों का प्रयोग करते हुए एक बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए। इसे प्रदर्शित करने के लिए एक दण्ड आलेख खींचिए।
हल:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-1
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-2

प्रश्न 3.
किसी फैक्ट्री के 30 श्रमिकों की साप्ताहिक मजदूरी (रुपयों में) निम्नलिखित है:
830, 835, 890, 810, 835, 836, 869, 845, 898, 890, 820, 860, 832, 833, 855, 845, 804, 808, 812, 840, 885, 835, 835, 826, 878, 840, 868, 890, 806, 840.
मिलान चिह्नों का प्रयोग करते हुए, अन्तरालों 800 – 810, 810 – 820 इत्यादि वाली एक बारम्बारता सारणी बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-3

प्रश्न 4.
प्रश्न 3 में दिए हुए आँकड़ों से प्राप्त सारणी के लिए एक आयत चित्र बनाइए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. किस समूह में श्रमिकों की संख्या सबसे अधिक है?
  2. कितने श्रमिक ₹ 850 या उससे अधिक अर्जित करते हैं?
  3. कितने श्रमिक ₹ 850 से कम अर्जित करते हैं?

हल:
आयत चित्र:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-4
उत्तर:

  1. समूह 830 – 840 में श्रमिकों की संख्या सबसे अधिक है।
  2. 10 श्रमिकों ₹ 850 या उससे अधिक अर्जित करते है।
  3. 20 श्रमिक ₹ 850 से कम अर्जित करते हैं।

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प्रश्न 5.
अवकाश के दिनों में एक विशिष्ट कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा प्रतिदिन टेलीविजन (टी. वी.) देखने के समय (घंटों में), दिए हुए आलेख में दर्शाए गए हैं –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-5
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. अधिकतम विद्यार्थियों ने कितने घण्टों तक टी. वी. देखा?
  2. 4 घण्टों से कम समय तक कितने विद्यार्थियों ने टी. वी. देखा?
  3. कितने विद्यार्थियों ने टी. वी. देखने में 5 घण्टे से अधिक का समय व्यतीत किया?

उत्तर:

  1. अधिकतम विद्यार्थियों ने 4 – 5 घण्टे तक टी. वी. देखा।
  2. 4 घण्टों से कम समय तक 34 विद्यार्थियों ने टी. वी. देखा।
  3. 14 विद्यार्थियों ने टी. वी. देखने में 5 घण्टे से अधिक का समय लिया।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 83

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.5)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पाई चार्टों में से प्रत्येक (आकृति 5.1) आपकी कक्षा के बारे में एक विभिन्न प्रकार की सूचना देता है। इनमें से प्रत्येक सूचना को निरूपित करने वाला वृत्त का भाग ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-6
हल:
(i) आकृति (i) से –
लड़कियों की संख्या = \(\frac{50 \%}{100 \%}\) = \(\frac{50}{100}\) = वृत्त का \(\frac{1}{2}\)
लड़कों की संख्या = \(\frac{50 \%}{100 \%}\) = \(\frac{50}{100}\) = वृत्त का \(\frac{1}{2}\)

(ii) आकृति (ii) से –
पैदल = \(\frac{40 \%}{100 \%}\) = \(\frac{40}{100}\) = वृत्त का \(\frac{2}{5}\)
बस या कार द्वारा = \(\frac{40 \%}{100 \%}\) = \(\frac{40}{100}\) = वृत्त का \(\frac{2}{5}\)
साइकिल द्वारा = \(\frac{20 \%}{100 \%}\) = \(\frac{20}{100}\) = वृत्त का \(\frac{1}{5}\)

(iii) आकृति (iii) से –
गणित से प्यार = \(\frac{85 \%}{100 \%}\) = \(\frac{85}{100}\) = वृत्त का \(\frac{17}{20}\)
गणित से घृणा = \(\frac{15 \%}{100 \%}\) = \(\frac{15}{100}\) = वृत्त का \(\frac{3}{20}\)

प्रश्न 2.
दिए हुए पाई चार्ट (आकृति 5.2) के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के ज्ञानप्रद उत्तर दीजिए –

  1. किस प्रकार के समाचार कार्यक्रम अधिक देखे 15% जाते हैं?
  2. किन दो प्रकार खेल के कार्यक्रमों को देखने वालों की कुल संख्या खेलों के कार्यक्रमों को देखने वालों की संख्या के बराबर है?

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-7
उत्तर:
दिए हुए पाई चार्ट से –

  1. मनोरंजन कार्यक्रम सबसे अधिक देखे गए।
  2. ज्ञानप्रद एवं समाचार कार्यक्रमों को देखने वालों की संख्या खेल कार्यक्रम को देखने वालों की संख्या के बराबर है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 85

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.6)

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए आँकड़ों के लिए एक पाई चार्ट खींचिए: एक बच्चे द्वारा एक दिन में व्यतीत किया गया समय इस प्रकार है –

  • सोना – 8 घण्टे
  • स्कूल – 6 घण्टे
  • गृहकार्य – 4 घण्टे
  • खेल – 4 घण्टे
  • अन्य – 2 घण्टे

हल:
केन्द्र का सम्पूर्ण कोण = 360°
प्रत्येक त्रिज्यखण्ड का केन्द्रीय कोण 360° का एक भाग होगा।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-8
पाई चार्ट –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-9

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 86

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 5.2)

निम्नलिखित आँकड़ों को दर्शाने के लिए किस प्रकार का आलेख उपयुक्त रहेगा?

प्रश्न 1.
किसी राज्य के खाद्यान्न का उत्पादनवर्ष –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-10
उत्तर:
दिए गए आँकड़ों को प्रदर्शित करने के लिए दण्ड आलेख उपयुक्त रहेगा।

प्रश्न 2.
व्यक्तियों के एक समूह के भोजन की पसन्द –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-11
उत्तर:
दिए गए आँकड़ों को प्रदर्शित करने के लिए दण्ड आलेख उपयुक्त रहेगा।

प्रश्न 3.
किसी फैक्ट्री के श्रमिकों के एक समूह की दैनिक –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-12
उत्तर:
दिए गए आँकड़ों को प्रदर्शित करने के लिए आयत चित्र उपयुक्त रहेगा।

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम्

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम् (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 19 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एक पदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) हस्ती कुन निपतितः? (हाथी कहाँ गिर गया?)
उत्तर:
पङ्के। (कीचड़ में)

(ख) प्रथमं कं विन्देत्? (पहले किसकी वंदना करनी चाहिए?)
उत्तर:
राजानम्। (राजा की)

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(ग) हस्तेः नाम किमासीत्? (हाथी का क्या नाम था?)
उत्तर:
कर्पूरतिलकः। (कर्पूर तिलक था।)

(घ) राजा विना किं न युक्तम्? (राजा के बिना क्या उपयुक्त नहीं है?)
उत्तर:
अवस्थातुं।अवस्थातुं। (आवास करना।)

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) वृद्धशृगालेन किं प्रतिज्ञातम्? (बूढ़े सियार ने क्या प्रतिज्ञा की?)
उत्तर:
वृद्ध शृगालेन प्रतिज्ञातम्-यथा बुद्धिप्रभावस्य हस्ति मरणं साधयितव्यम्। (बूढ़े सियार ने प्रतिज्ञा किया कि-मेरी बुद्धि के प्रभाव से हाथी का मरण संभव है।)

(ख) शृगालेन रिहस्य किमुक्तम्? (शृगाल ने हँसकर क्या बोला?)
उत्तर:
शृगालेन विहस्त उक्तम्-देव! मम पुच्छकावलम्बनं कृत्वा उत्तिष्ठ। (शृगाल हँसकर बोला कि-हे देव! मेरी पूँछ पकड़कर के उठो।)

(ग) केन ना आस्थातुं न युक्तम्? (किसके विना निवास करना उपयुक्त नहीं है:)
उत्तर:
राजा विना अवस्थातुं न युक्तम्। (राजा के बिना निवास करना उपयुक्त नहीं है।)

(घ) शृगालैः कः भक्षितः? (शृगालों ने किसका भोजन किया?)
उत्तर:
शृगालैः हस्ती भक्षितः। (शृंगालों ने हाथी का भोजन किया।)

(ङ) कर्पूतिलकः केन लोभेन धावति? (कर्पूरतिलक किरा लोभ से दौड़ता है?)
उत्तर:
कर्पूरलिलकः राज्यं लोभेन धावति। (कर्पूरतिलक राज्य के लोभ से दौड़ता है।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत
(क) भुवि कीदृशः स्वामी युज्यते? (पृथ्वी में किस तरह (गुण वाले) राजा की स्थापना की जाती है?)
उत्तर:
भुवि अतिशुद्धः, प्रतापवानः, धार्मिकः, नीति कुशलः कुलाभिजना स स्वामी युज्यते। (पृथ्वी में अतिशुद्ध, कुलीन, प्रतापवान, धार्मिक और नीतिकुशल स्वामी की नियुक्ति की जाती है।)

(ख) पङ्केनिमग्नः हस्ती शृगालेन किमुक्तम्? (कीचड़ में गिरा हुआ हाथी सियार से क्या बोला?)
उत्तर:
पङ्के निमग्नः हस्ती शृगालेन उक्तम्-सखे शृगाल! किमधुना विधेयम्? पड़े निपतितोऽहं म्रिये। परावृत्य पश्य। (कीचड़ में गिरा हुआ हाधी सियार से बोला कि-मित्र सियार! अब क्या होगा? मैं कीचड़ में गिर गया हूँ और मरने वाला हूँ। लौटकर देखो।)

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प्रश्न 4.
उचितैः शब्दैः रिस्त स्थानानि पूरयत-
(पशुभिर्मिलित्वा, त्रिये, प्रथम, लोकेऽस्मिन्, यच्छक्य)
(क) पते निपतितोऽहं म्रिये।
(ख) सर्वैः वनवासिभिः पशुभिर्मिलित्वा भवत्सकाशं प्रस्थापितः
(ग) राजन्यसति लोकेऽस्मिन् कुतो भार्या कुतो धनम्।
(घ) उपायेन हि यच्छक्यं न तच्छक्यं पराक्रमैः।
(ङ) राजानं प्रथमा विन्देत्।

प्रश्न 5.
उचितमेलनं कुरुत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम् img-1

प्रश्न 6.
निम्नलिखितशब्दानां सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धेः नाम लिखत
उदारहणं यथा :
शृगालैभक्षितः- शृगालः+भक्षितः। = विसर्गसन्धिः।।
(क) चोक्तम् – च+उक्तं = गुणस्वर संधिः।
(ख) ततस्तेन – ततः+तेन = विसर्गः।
(ग) सर्वैर्वनवासिभिः – सर्वैः+वनवासिभि = विसर्ग सन्धिः।
(घ) तत्रैकेन – तत्र+एकेन = वृद्धिस्वर सन्धिः।
(ङ) ततोऽसौ – ततः+असो = पूर्वरूप सन्धिः
(च) यद्ययम् – यदि +अयम् = यण सन्धिः

प्रश्न 7.
क्रियापदानां धातुं लकारं वचनं पुरुषं च लिखत-
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प्रश्न 8.
अधोलिखितशब्दानां विभक्ति वचनञ्च लिखत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम् img-3

प्रश्न 9.
अधोलिखितैः अव्ययैः वाक्यनिर्माणं करुत-
(क) विना – रामेण विना दशरथः न जिवेत्।
(ख) कुतः – भवान् कुतः निवससि!
(ग) इति – अयं वंश नाम्ना गौतम इति ख्यात् आसीत्।
(घ) न – अहं दुग्धं पिवामि चायं न पिवामि।
(ङ) ततः – कर्पूरतिलकोः महापङ्के निमग्नतः।

प्रश्न 10.
अधोलिखितशब्दानां धातुं प्रत्ययञ्च पृथक् कुरुत
(क) भक्षितः -भक्ष् + क्तः।
(ख) कृतः – कृ + क्तः।
(ग) कृत्वा – कृ + क्त्वा।
(घ) प्रणम्य – प्र + नम् + ल्यप्।
(ङ) गत्वा – गम् + क्त्वा।

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उपायैः सर्वं शक्यम् पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

संस्कृत साहित्य में कथा साहित्य का विपुल भंडार है। उसमें पंचतंत्र, कथा सरित् सागर बेताल पंचविंशितिः, विक्रमादित्य कथा; वृहत्कथा मञ्जरी, हितोपदेश इत्यादि प्रसिद्ध कथा ग्रन्थ हैं। उसमें पंचतंत्र की नीति कथाएं पशु-पक्षियों के माध्यम से प्रस्तुत की गई हैं। प्रस्तुत पाठ में कहानी के पात्र हाथी, सियार हैं जो-उपायों के द्वारा सब संभव है-नीति को मनुष्य के लिए सूचित करते हैं।

उपायैः सर्वं शक्यम् पाठ का हिन्दी अर्थ

अस्ति ब्रह्मारण्ये कर्पूरतिलको नाम हस्ती। तमवलोक्य सर्वे शृगालश्चिन्तयन्ति स्म’यद्ययं केनाप्युपायेन म्रियतेतदा अस्माकम् एतद्देहेन मासचतुष्टयस्य भोजनं भविष्यति’। तत्रैकेन वृद्धशृगालेन प्रतिज्ञातम्-‘मया बुद्धिप्रभावादस्य मरणं साधयितव्यम्।’ अनन्तरं स वञ्चकः कर्पूरतिलकसमीपं गत्वा साष्टाङ्गपातं प्रणम्य उवाच-‘देव! दृष्टिप्रसादं कुरु।’ हस्ती ब्रूते-‘कस्त्वम्, कुतः समायातः?’ सोऽवदत्-‘जम्बुकोऽहम्। सर्वैर्वनवासिभिः पशुभिर्मिलित्वा भवत्सकाशं प्रस्थापितः।’ यद्विना राज्ञा अवस्थातुं न युक्तम्, तदात्राटवीराज्येऽभिषेक्तुं भवान् सर्वस्वामिगुणोपेतो निरूपितः।

यतः :
यः कुलाभिजनाचारैरतिशुद्धः प्रतापवान्।
धार्मिको नीतिकुशलः स स्वामी युज्यते भुवि॥

अपरञ्च पश्य :
राजानं प्रथमं विन्देततो भायां ततो धनम्।
राजन्यसति लोकऽस्मिन्कुतो भार्या कुतो धनम्॥

शब्दार्थ :
अस्ति-है-is; कर्पूरतिलको-कर्पूरतिलक नाम का -Namely Karpoor Tilak; तमवलोक्य-उसे देखकर-seeing him; सद्ययं-आज मैं-today I; तत्रकेन-इनमें से एक-one among them; साधयितव्यम्-साधना चाहिए-should meditate; वञ्चकः-धूर्त/कपटी-wicked; सोऽवदत्-वह बोला-he spoke; दृष्टिप्रसादं-दृष्टि की कृपा-blessing; नीतिकुशलः-नीति में कुशल-skill in policy, good moral; युज्यते-जोड़ता है-joins कृतः -किया-did; लोकस्मिन-इस संसार में-in this world.

हिन्दी अर्थ :
ब्रह्मारण्य में कर्पूरतिलक नामक हाथी रहता था। उसे देख सभी सियारों ने विचार किया कि यदि यह किसी प्रकार मर जाए तो इसके शरीर की चार महीने की खाद्य सामग्री हो जाएगी। तब एक वृद्ध सियार ने कहा-मैं अपनी बुद्धि चातुर्य से इस हाथी को मार सकता हूँ। तब वह सियारकर्पूर तिलक (हाथी) के पास पहुँच उसे साष्टांग प्रणाम करके बोला-हे भगवान्! मुझ पर दया करो। हाथी बोला-तुम कोन हो? कहाँ से आए हो? तब वह (बूढ़ा) सियार बोला-मैं सियार हूं। वन के सभी पशु-पक्षियों ने मिलकर मुझे आपके पास भेजा है। कारण कि बिना राजा के कहीं पर भी रहना ठीक नहीं है और इस जंगल के राज्य में आपसे अच्छा अभिषेक करने योग्य दूसरा कोई नहीं है। आप में राजा के गुण विद्यमान हैं।

जैसे-इस पृथ्वी पर वही राजा हो सकता है जो कुलीन हो, आचार-विचार से शुद्ध हो, प्रतापी हो, धार्मिक हो साथ ही नीति कुशल भी हो।

और भी-सर्वप्रथम राजा को प्राप्त करना चाहिए, उसके बाद पत्नी और धन को प्राप्त करना चाहिए। यदि राजा ही प्राप्त नहीं हुआ तो कहाँ पत्नी और कहाँ धन प्राप्त हो सकता है।

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2. तद्यथा लग्नवेला न विचलति तथा कृत्वा सत्वरमागम्यतां देवेन। इत्युक्त्वोत्थाय चलितः। ततोऽसौ राज्यलोभाकृष्टः कर्पूरतिलकः शृगालवर्त्मना धावन्महापङ्के निमग्नः। ततस्तेन हस्तिनोक्तम्-‘सखे शृगाल! किाधुना विधेयम्? पङ्के निपतितोऽहं म्रिये। परावृत्य पश्य।’ शृगालेन विहस्योक्तम्-‘देव! मम पुच्छकावलम्बनं कृत्वा उत्तिष्ठ। यन्मद्विधस्य वचसि त्वया प्रत्ययः कृतस्तदनुभूयताम् अशरणं दुःखम्।’

तथा चोक्तम् :
यदाऽसत्सङ्गरहितो भविष्यसि भविष्यसि।
यदाऽसज्जनगोष्ठीषु पतिष्यसि पतिष्यसि॥

ततो महापङ्के हस्ती शृगालैर्भक्षितः। अतोऽहम् ब्रवीसि-
उपायेन हि यच्छक्यं न तच्छक्यं पराक्रमैः।
शृगालेन हतो हस्ती गच्छता पङ्कवर्मना॥

शब्दार्थ :
प्रणम्य-प्रणाम करके-saluting; प्रतिज्ञातम्-प्रतिज्ञा की-promised; वञ्चकः-धृत/कपटी-wicked person; प्रस्थापित-भेजा गया-send; अटवी-जङ्गल-forest, jungal; युज्यते-उचित होता है।-Satisfied; भुवि-पृथ्वी पर-on earth; विन्देत्-प्राप्त करें-receive; महापङ्के-दलदल में-in mud; निपतितः-गिरा हुआ-fallen; परावृत्य-लौटकर-returning; विहस्य-हँसकर-laughing.

हिन्दी अर्थ :
इसलिए अभिषेक का शुभ मुहूर्त न निकल जाए, ऐसा विचार कर शीघ्रता से आप मेरे साथ चलें। ऐसा कह वह जल्दी से उठा और चल दिया। यह सुन राज्य के लोभ से आकर्षित हो कर्पूरतिलक सियार के पीछे-पीछे चला और दौड़ते हुए भयंकर कीचड़ के दल-दल में फँसकर डूबने लगा, तब उसने सियार से कहा-मित्र सियार! अब क्या करना चाहिए! मैं कीचड़ में फँस मरने वाला हूँ, लौट कर देखो। सियार ने हँसते हुए कहा-हे देव! मेरी पूँछ का सहारा लेकर तुम बाहर आ जाओ। मुझ जैसे के वचन पर तुमने भरोसा किया तो उसका परिणाम दुख ही है। उसे भोगो।

वैसे कहा भी है-जब कोई सत्संगै से रहित हाकर दुर्जनों की संगति में जाएगा। तो उसका पतन ही होगा, उसफा पतन ही होगा।

तब दलदल में फँसे हाथी को सियारों ने खा लिया। इसलिए मैं कहता हूँ-उपाय से जो सम्भव है, वह पराक्रम से नहीं हो सकता। जैसे कि शृगाल द्वारा दलदल भाग पर ले जाने के कारण हाथी मारा गया।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 17 राष्ट्रीय आन्दोलन (1885-1918)

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 17 राष्ट्रीय आन्दोलन (1885-1918)

MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) गरम दल के प्रमुख नेता थे
(क) गोपाल कृष्ण गोखले
(ख) विपिन चन्द्र पाल
(ग) पं. मोतीलाल नेहरू
(घ) फिरोजशाह मेहता।
उत्तर:
(ख) विपिनचन्द्र पाल

(2) “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’, यह किसने कहा था ?
(क) व्योमेश चन्द्र चटर्जी
(ख) दादाभाई नौरोजी
(ग) बालगंगाधर तिलक
(घ) सरदार भगतसिंह।
उत्तर:
(ग) बाल गंगाधर तिलक

(3) बंगाल विभाजन किया गया
(क) लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा
(ख) लॉर्ड कर्जन द्वारा
(ग) लॉर्ड हेस्टिंग्स द्वारा
(घ) लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा।
उत्तर:
(ख) लॉर्ड कर्जन द्वारा

(4) 1908 ई. में बाल गंगाधर तिलक को गिरफ्तार करके कहाँ निष्कासित किया गया था ?
(क) श्रीलंका
(ख) चीन
(ग) बर्मा (म्यांमार)
(घ) जापान।
उत्तर:
(ग) बर्मा (म्यांमार)

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) कलकत्ता (कोलकाता) में सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने …………. की स्थापना की थी।
(2)  …………….. ने कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
(3) …………… के नेतृत्व में एक मुस्लिम शिष्टमण्डल वायसराय मिण्टो से मिला।
(4) महात्मा गाँधी का जन्म गुजरात राज्य के …………… नामक स्थान में हुआ था।
(5) गाँधीजी ने अत्याचारों के खिलाफ लड़ने का अपना एक तरीका विकसित किया। इसे …………… कहा जाता है।
उत्तर:

  1. इण्डियन एसोसियेशन
  2. ए. ओ. ह्यूम
  3. आगा खान
  4. पोरबन्दर
  5. सत्याग्रह।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कहाँ हुआ था ?
उत्तर:
कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन बम्बई (मुम्बई) के गोकुलदास तेजपाल, संस्कृत कॉलेज में आयोजित हुआ।

(2) बंगाल विभाजन की घटना किस वायसराय के समय घटित हुई थी?
उत्तर:
बंगाल विभाजन की घटना वायसराय लॉर्ड कर्जन के समय घटित हुई थी।

(3) चम्पारण आन्दोलन का नेतृत्व किसके द्वारा किया गया था ?
उत्तर:
चम्पारण आन्दोलन का नेतृत्व महात्मा गाँधी द्वारा किया गया था।

(4) मुस्लिम लीग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने वाले किन्हीं दो नेताओं के नाम लिखिए। .
उत्तर:
आगा खान और नवाब सली मुल्लाह मुस्लिम लीग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने वाले दो प्रमुख नेता थे।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) बाल गंगाधर तिलक ने जनता में चेतना जागृत करने के लिए किन उत्सवों को पुनर्जीवित किया ?
उत्तर:
बाल गंगाधर तिलक ने जनता को राजनैतिक दृष्टि से जागृत करने के लिए ‘गणपति’ और ‘शिवाजी’ उत्सवों को पुनर्जीवित किया।

(2).बंगाल विभाजन के कारण लिखिए।
उत्तर:
लॉर्ड कर्जन के समय बंगाल सहित भारत के अनेक भागों में क्रान्तिकारी एवं राष्ट्रवादी गतिविधियों में वृद्धि हो रही थी, इसके लिए उसने फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई। अतः उसने 1905 ई. में बंगाल को दो भागों में विभाजित कर दिया।

(3) मुस्लिम लीग के गठन का उद्देश्य बताइए।
उत्तर:
मुस्लिम लीग के गठन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे –

  • मुसलमानों में ब्रिटिश सरकार के प्रति वफादारी की भावना जगाना।
  • मुसलमानों के मन में यदि कोई गलतफहमी हो तो उसे दूर करना तथा उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को आदर के साथ सरकार के सामने रखना।
  • भारतीय मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों और हितों की रक्षा की घोषणा करना तथा दूसरे समुदायों के प्रति किसी भी प्रकार के विरोध की भावना को रोकना।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व विकसित संगठनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व विकसित कुछ प्रमुख संगठन इस प्रकार थे 1851 ई. – कलकत्ता (कोलकाता) में ‘ब्रिटिश इण्डियन एसोसिएशन’ 1852 ई. – बम्बई (मुम्बई) में ‘बम्बई एसोसिएशन’। 1852 ई. – मद्रास (चेन्नई) में ‘मद्रास नेटिव एसोसिएशन’ इनके बाद ऐसे कई संगठन बने जो इन एसोसिएशनों की अपेक्षा जनता का अधिक प्रतिनिधित्व करते थे। ऐसे कुछ संगठन थे 1870 ई. – पुणे सार्वजनिक सभा। 1876 ई.-इण्डिया एसोसिएशन 1884 ई. – मद्रास महाजन सभा। 1885 ई. – बॉम्बे प्रेसीडेन्सी एसोसिएशन।

(2) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुख्य आरम्भिक माँगें क्या थीं?
उत्तर:
अपनी स्थापना के आरम्भिक वर्षों में कांग्रेस ने नरम नीतियाँ अपनाईं इसलिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुख्य आरम्भिक माँगें अग्र प्रकार थीं-

  • प्रान्तीय और केन्द्रीय विधायी परिषदों में भारतीयों का प्रतिनिधित्व।
  • भारत में इण्डियन सिविल सर्विस परीक्षाओं का आयोजन और इसके लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाना।
  • शिक्षा का प्रचार-प्रसार
  • भारत का औद्योगिक विकास।
  • किसानों को कर्ज में राहत।
  • हथियार कानून में संशोधन।

(3) कांग्रेस में गरम पंथ के उदय का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बीसवीं सदी के आरम्भिक वर्षों में ‘गरम पंथ’ नामक नई प्रवृत्ति का विकास हुआ। इस नई प्रवृत्ति के प्रभाव के कारण राष्ट्रवाद आन्दोलन ने केवल प्रार्थना करने की परम्परा छोड़ दी। इन नई प्रवृत्तियों को उभारने वाले नेता थो-बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और विपिन चन्द्र पाल। भारतीय जनमानस में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गर्व की भावना जगाने के लिए उन्होंने देश के अतीत का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में सुधारों की माँग करना पर्याप्त नहीं है। भारतीय जनता का उद्देश्य होना चाहिए-स्वराज प्राप्त करना।

तिलक ने प्रसिद्ध नारा दिया-‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है – और मैं इसे लेकर रहँगा।’ इसके लिए जनता में काम करना और राजनीतिक आन्दोलनों में जनता को सहभागी बनाना जरूरी था। तिलक का ‘केसरी’ पत्र राष्ट्रवादियों के इस नए समूह का प्रवक्ता बना। इन राष्ट्रवादियों ने जनता को राजनीतिक दृष्टि से जागृत करने के लिए ‘गणपति’ और ‘शिवाजी’ उत्सवों को पुनर्जीवित किया। उन्होंने हड़तालों और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार जैसे राजनीतिक आन्दोलन के नए तरीके भी अपनाए।

(4) होमरूल आन्दोलन की स्थापना कब हुई एवं इसका भारतीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
अप्रैल, 1916 ई. में बाल गंगाधर तिलक ने इण्डियन होमरूल लीग तथा एनी बेसेण्ट ने सितम्बर, 1916 ई. में होमरूल लीग की स्थापना की, जिसका लक्ष्य ब्रिटिश साम्राज्य के अन्तर्गत भारतीयों के लिए स्वशासन प्राप्ति था। इस आन्दोलन के महत्व का उल्लेख करते हुए विपिन चन्द्र पाल ने लिखा है-‘होमरूल आन्दोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने भावी राष्ट्रीय आन्दोलन के लिए जुझारू योद्धा तैयार किए।’ होमरूल आन्दोलन सोसायटी के पं. मोतीलाल नेहरू, चितरंजन दास, तेज बहादुर सपू, रामास्वामी अय्यर, मोहम्मद अली, मूलाभाई देसाई आदि सदस्य थे।

(5) चम्पारण, अहमदाबाद एवं खेड़ा आन्दोलन में गाँधीजी की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
1917 ई. और 1918 ई. के आरम्भ में गाँधीजी ने तीन संघर्षों – चम्पारण आन्दोलन (बिहार), अहमदाबाद और खेड़ा आन्दोलन (गुजरात) का नेतृत्व किया। ये संघर्ष स्थानीय आर्थिक माँगों से जोड़कर लड़े गये। 19वीं सदी के आरम्भ में गोरे बागान मालिकों ने किसानों से एक अनुबन्ध करा लिया। जिसके तहत किसानों को अपनी जमीन के एक हिस्से में नील की खेती करना अनिवार्य था। इसे ‘तिनकठिया’ पद्धति कहते थे। अंग्रेज, भारतीय नील उगाने वाले किसानों पर अत्याचार करते थे। इन किसानों को अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए 1917 . ई. में गाँधीजी चम्पारण गए। वहाँ उन्हें चम्पारण छोड़ने का आदेश दिया गया, किन्तु गाँधीजी ने उसे नहीं माना।

उन्होंने किसानों पर हुए अत्याचारों की जाँच के लिए और उसका अन्त करने के लिए सरकार को मजबूर कर दिया। 1918 ई. में उन्होंने अहमदाबाद के कपड़ा मिल मजदूरों और खेड़ा के किसानों को न्याय दिलाया। अहमदाबाद के मिल मजदूर वेतन में वृद्धि की माँग कर रहे थे और खेड़ा के किसान फसल बरबाद हो जाने के कारण राजस्व वसूली रोक देने की माँग कर रहे थे। – चम्पारण (बिहार), अहमदाबाद और खेड़ा (गुजरात) आन्दोलन ने संघर्ष के गाँधीवादी तरीकों को आजमाने और गाँधीजी को देश की जनता के नजदीक आने का अवसर दिया।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

प्रश्न 1.
योग ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 5 }{ 4 } \) + (\(\frac { -11 }{ 4 } \))
(ii) \(\frac { 5 }{ 3 } \) + \(\frac { 3 }{ 5 } \)
(iii) \(\frac { -9 }{ 10 } \) + \(\frac { 22 }{ 15 } \)
(iv) \(\frac { -3 }{ -11 } \) + \(\frac { 5 }{ 9 } \)
(v) \(\frac { -8 }{ 19 } \) + \(\frac { (-2) }{ 57 } \)
(vi) \(\frac { -2 }{ 3 } \) + 0
(vii) -2\(\frac { 1 }{ 3 } \) + 4\(\frac { 3 }{ 5 } \)
हल:
(i) \(\frac { 5 }{ 4 } \) + (\(\frac { -11 }{ 4 } \)) = \(\frac { 5+(-11) }{ 4 } \) = \(\frac { 5-11 }{ 4 } \)
= \(\frac { -6 }{ 4 } \) = \(\frac { -3 }{ 2 } \)

(ii) \(\frac { 5 }{ 3 } \) + \(\frac { 3 }{ 5 } \)
∵ 3 और 5 का ल. स. = 15
∴ \(\frac { 5 }{ 3 } \) + \(\frac { 3 }{ 5 } \) = \(\frac { 25+9 }{ 15 } \) = \(\frac { 34 }{ 15 } \)

(iii) \(\frac { -9 }{ 10 } \) + \(\frac { 22 }{ 15 } \)
∵ 10 और 15 का ल. स. = 30
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प्रश्न 2.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 7 }{ 24 } \) – \(\frac { 17 }{ 36 } \)
(ii) \(\frac { 5 }{ 63 } \) – (\(\frac { -6 }{ 21 } \))
(iii) \(\frac { -6 }{ 13 } \) – (\(\frac { -7 }{ 15 } \))
(iv) \(\frac { -3 }{ 8 } \) – \(\frac { 7 }{ 11 } \)
(v) -2 \(\frac { 1 }{ 9 } \) – 6
हल:
(i) \(\frac { 7 }{ 24 } \) – \(\frac { 17 }{ 36 } \) = \(\frac{7 \times 3-17 \times 2}{72}=\frac{21-34}{72}\)
= – \(\frac { 13 }{ 72 } \)
(ii)
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(iii)
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(iv)
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(v)
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प्रश्न 3.
गुणनफल ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 9 }{ 2 } \) × (\(\frac { -7 }{ 4 } \))
(ii) \(\frac { 3 }{ 10 } \) × (-9)
(iii) \(\frac { -6 }{ 5 } \) × \(\frac { 9 }{ 11 } \)
(iv) \(\frac { 3 }{ 7 } \) × (\(\frac { -2 }{ 5 } \))
(v) \(\frac { 3 }{ 11 } \) × \(\frac { 2 }{ 5 } \)
(vi) \(\frac { 3 }{ -5 } \) × \(\frac { -5 }{ 3 } \)
हल:
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प्रश्न 4.
निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए:
(i) (-4) ÷ \(\frac { 2 }{ 3 } \)
(ii) \(\frac { -3 }{ 5 } \) ÷ 2
(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) ÷ (-3)
(iv) \(\frac { -1 }{ 8 } \) ÷ \(\frac { 3 }{ 4 } \)
(v) \(\frac { -2 }{ 13 } \) ÷ \(\frac { 1 }{ 7 } \)
(vi) \(\frac { -7 }{ 12 } \) ÷ (\(\frac { -2 }{ 13 } \))
(vii) \(\frac { 3 }{ 13 } \) ÷ (\(\frac { -4 }{ 65 } \))
हल:
(i) (-4) ÷ \(\frac { 2 }{ 3 } \) = -4 × \(\frac { 3 }{ 2 } \)
= \(\frac { -12 }{ 2 } \) = -6

(ii) \(\frac { -3 }{ 5 } \) ÷ 2 = \(\frac { -3 }{ 5 } \) × \(\frac { 1 }{ 2 } \) = \(\frac { -3 }{ 10 } \)

(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) ÷ (-3) = \(\frac { -4 }{ 5 } \) × \(\frac { 1 }{ -3 } \) = \(\frac { -4 }{ -15 } \) = \(\frac { 4 }{ 15 } \)

(iv) \(\frac { -1 }{ 8 } \) ÷ \(\frac { 3 }{ 4 } \) = \(\frac { -1 }{ 8 } \) × \(\frac { 4 }{ 3 } \) = \(\frac { -4 }{ 24 } \) = – \(\frac { 1 }{ 6 } \)

(v) \(\frac { -2 }{ 13 } \) ÷ \(\frac { 1 }{ 7 } \) = \(\frac { -2 }{ 13 } \) × \(\frac { 7 }{ 1 } \) = \(\frac { -14 }{ 13 } \)

(vi) \(\frac { -7 }{ 12 } \) ÷ (\(\frac { -2 }{ 13 } \)) = \(\frac { -7 }{ 12 } \) × \(\frac { 13 }{ -2 } \) = \(\frac { 91 }{ 24 } \)

(vii) \(\frac { 3 }{ 13 } \) ÷ (\(\frac { -4 }{ 65 } \)) = \(\frac { 3 }{ 13 } \) × \(\frac { 65 }{ -4 } \) = \(\frac{3 \times 5}{-4}\) = \(\frac { -5 }{ 4 } \)

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित परिमेय संख्याओं के बीच में पाँच परिमेय संख्याएँ लिखिए :
(i) -1 और 0
(ii) -2 और -1
(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) और \(\frac { -2 }{ 3 } \)
(iv) – \(\frac { 1 }{ 2 } \) और \(\frac { 2 }{ 3 } \)
हल:
(i) -1 और 0
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 1
अतः -1 और 0 के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ हैं :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 2

(ii) -2 और -1
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अत: -2 और -1 के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ हैं:
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(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) और \(\frac { -2 }{ 3 } \)
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(iv) – \(\frac { 1 }{ 2 } \) और \(\frac { 2 }{ 3 } \)
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रतिरूपों में से प्रत्येक में चार और परिमेय संख्याएँ लिखिए:
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 7

प्रश्न 3.
निम्नलिखित के समतुल्य चार परिमेय सख्याएँ लिखिए:
(i) \(\frac { -2 }{ 7 } \)
(ii) \(\frac { 5 }{ -3 } \)
(iii) \(\frac { 4 }{ 9 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 8

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प्रश्न 4.
एक संख्या रेखा खींचिए और उस पर निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को निरूपित कीजिए :
(i) \(\frac { 3 }{ 4 } \)
(ii) \(\frac { -5 }{ 8 } \)
(iii) \(\frac { -7 }{ 4 } \)
(iv) \(\frac { 7 }{ 8 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 9

प्रश्न 5.
एक संख्या रेखा पर बिन्दु P, Q, R, S, T, U, IA और B इस प्रकार हैं कि TR = RS = SU तथा AP = PQ = QB हैं। P,Q,R और S से निरूपित परिमेय संख्याओं को लिखिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 10
हल:
∵ AP = PQ = QB
साथ ही, 2 और 3 के बीच की दूरी को 3 बराबर भागों में बाँटा गया है, ∴ प्रत्येक \(\frac { 1 }{ 3 } \) होगा।
इसी प्रकार – 2 और – 1 के बीच की दूरी को 3 बराबर भागों में बाँटा गया है।
∴ P द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = 2 +\(\frac { 1 }{ 3 } \) = \(\frac { 7 }{ 3 } \)
Q द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = 2 + \(\frac { 2 }{ 3 } \) = \(\frac { 8 }{ 3 } \)
R द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = -1 – \(\frac { 1 }{ 3 } \) = \(\frac { -4 }{ 3 } \)
S द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = -1 – \(\frac { 2 }{ 3 } \) = \(\frac { -5 }{ 3 } \)

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से कौन-से युग्म एक ही परिमेय संख्या को निरूपित करते हैं ?
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हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 12
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 13
अतः स्पष्ट है कि (ii), (ii), (iv) और (v) युग्म एक ही परिमेय संख्या को निरूपित करते हैं।

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प्रश्न 7.
निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को उनके सरलतम रूप में लिखिए :
(i) \(\frac { -8 }{ 6 } \)
(ii) \(\frac { 25 }{ 45 } \)
(iii) \(\frac { -44 }{ 72 } \)
(iv) \(\frac { -8 }{ 10 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 14

प्रश्न 8.
संकेतों >,< और = में से सही संकेत चुनकर रिक्त स्थानों को भरिए:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 15
हल:
(i) यहाँ \(\frac { -5 }{ 7 } \) एक ऋणात्मक परिमेय संख्या है तथा \(\frac { 2 }{ 3 } \) एक धनात्मक परिमेय संख्या है। अतः \(\frac { -5 }{ 7 } \) [<] \(\frac { 2 }{ 3 } \)
(ii) यहाँ 5 व 7 का ल. स. 35 है। अतः
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(iii) चूँकि –\(\frac { 14 }{ -16 } \) का हर ऋणात्मक है। अतः
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(iv) यहाँ 5 व 4 का ल. स. 20 है।
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(v) चूँकि \(\frac { 1 }{ -3 } \) का हर ऋणात्मक है। अतः
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(vi) चूंकि \(\frac { 5 }{ -11 } \) का हर ऋणात्मक है। अतः
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(vii) चूँकि हम जानते हैं कि प्रत्येक ऋणात्मक परिमेय संख्या शून्य से छोटी होती है, अत: 0 [>] \(\frac { -7 }{ 6 } \)

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प्रश्न 9.
निम्नलिखित में प्रत्येक में से कौन-सी संख्या बड़ी है ?
(i) \(\frac { 2 }{ 3 } \),\(\frac { 5 }{ 2 } \)
(ii) \(\frac { -5 }{ 6 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
(iii) \(\frac { -3 }{ 4 } \),\(\frac { 2 }{ -3 } \)
(iv) \(\frac { -1 }{ 4 } \),\(\frac { 1 }{ 4 } \)
(v) -3\(\frac { 2 }{ 7 } \), -3\(\frac { 4 }{ 5 } \)
हल:
(i) \(\frac { 2 }{ 3 } \),\(\frac { 5 }{ 2 } \)
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(ii) \(\frac { -5 }{ 6 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
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(iii) \(\frac { -3 }{ 4 } \),\(\frac { 2 }{ -3 } \)
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(iv) \(\frac { -1 }{ 4 } \),\(\frac { 1 }{ 4 } \)
चूँकि हम जानते हैं कि प्रत्येक धनात्मक परिमेय संख्या ऋणात्मक परिमेय संख्या से बड़ी होती है।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 25

प्रश्न 10.
निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को आरोही क्रम में लिखिए :
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \),\(\frac { -2 }{ 5 } \),\(\frac { -1 }{ 5 } \)
(ii) \(\frac { -1 }{ 3 } \),\(\frac { -2 }{ 9 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
(iii) \(\frac { -3 }{ 7 } \),\(\frac { -3 }{ 2 } \),\(\frac { -3 }{ 4 } \)
हल:
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \),\(\frac { -2 }{ 5 } \),\(\frac { -1 }{ 5 } \)
∵ -3 < -2 < -1
∴ \(\frac { -3 }{ 5 } \) < \(\frac { -2 }{ 5 } \) < \(\frac { -1 }{ 5 } \)

(ii) \(\frac { -1 }{ 3 } \),\(\frac { -2 }{ 9 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
∵ 3 व 9 का ल. स. = 9
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(iii) \(\frac { -3 }{ 7 } \),\(\frac { -3 }{ 2 } \),\(\frac { -3 }{ 4 } \)
∵ 7,2 व 4 का ल. स. = 28
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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 201

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
(i) \(\frac { -13 }{ 7 } \) + \(\frac { 6 }{ 7 } \) तथा
(ii) \(\frac { 19 }{ 5 } \) + \(\frac { -7 }{ 5 } \) ज्ञात कीजिए।
हल:
(i) \(\frac { -13 }{ 7 } \) + \(\frac { 6 }{ 7 } \) = \(\frac { -13+6 }{ 7 } \) = \(\frac { -7 }{ 7 } \) = -1
(ii) \(\frac { 19 }{ 5 } \) + \(\frac { -7 }{ 5 } \) = \(\frac { 19 }{ 5 } \) – \(\frac { 7 }{ 5 } \) = \(\frac { 19-7 }{ 5 } \) = \(\frac { 12 }{ 5 } \) = 2\(\frac { 2 }{ 5 } \)

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 202

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { -3 }{ 7 } \) + \(\frac { 2 }{ 3 } \)
(ii) \(\frac { -5 }{ 6 } \) + \(\frac { -3 }{ 11 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 28

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
\(\frac { -3 }{ 9 } \),\(\frac { -9 }{ 11 } \) और \(\frac { 5 }{ 7 } \) के योज्य प्रतिलोम क्या हैं ?
हल:
\(\frac { -3 }{ 9 } \) का योज्य प्रतिलोम – (\(\frac { -3 }{ 9 } \)) = \(\frac { 3 }{ 9 } \)
\(\frac { -9 }{ 11 } \) का योग्य प्रतिलोम = -(\(\frac { -9 }{ 11 } \)) = \(\frac { 9 }{ 11 } \)
और \(\frac { 5 }{ 7 } \) का योज्य प्रतिलोम -(\(\frac { 5 }{ 7 } \)) = \(\frac { -5 }{ 7 } \)

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 203

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 7 }{ 9 } \) – \(\frac { 2 }{ 5 } \)
(ii) 2\(\frac { 1 }{ 5 } \) – \(\frac { (-1) }{ 3 } \)
हल:
(i) \(\frac { 7 }{ 9 } \) – \(\frac { 2 }{ 5 } \)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 29
(ii) 2\(\frac { 1 }{ 5 } \) – \(\frac { (-1) }{ 3 } \)
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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 204

MP Board Solutions

प्रश्न 1.
दोनों विधियों का प्रयोग करते हुए, = \(\frac { -4 }{ 7 } \) × 3
और \(\frac { -6 }{ 5 } \) × 4 को ज्ञात कीजिए। आप क्या देखते हैं ?
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 31

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
निम्नलिखित के गुणनफल क्या होंगे?
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \) × 7
(ii) \(\frac { -6 }{ 5 } \) × (-2)
हल:
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \) × 7 \(=\frac{(-3) \times 7}{5}=\frac{-21}{5}\)
(ii) \(\frac { -6 }{ 5 } \) × (-2) \(=\frac{(-6) \times(-2)}{5}=\frac{12}{5}\)

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए :
(i) \(\frac { -3 }{ 4 } \) × \(\frac { 1 }{ 7 } \)
(ii) \(\frac { 2 }{ 3 } \) × \(\frac { -5 }{ 9 } \)
हल:
(i) \(\frac { -3 }{ 4 } \) × \(\frac { 1 }{ 7 } \) \(=\frac{-3 \times 1}{4 \times 7}=\frac{-3}{28}\)
(ii) \(\frac { 2 }{ 3 } \) × \(\frac { (-5) }{ 9 } \) \(=\frac{2 \times(-5)}{3 \times 9}=\frac{-10}{27}\)

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 205

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
\(\frac { -6 }{ 11 } \),\(\frac { -8 }{ 5 } \) के व्युत्क्रम क्या होंगे ?
हल:
\(\frac { -6 }{ 11 } \) का व्युत्क्रम = –\(\frac { 11 }{ 6 } \)
\(\frac { -8 }{ 5 } \) का व्युत्क्रम = \(\frac { -5 }{ 8 } \)

प्रश्न 2.
\(\frac { 2 }{ 3 } \) को \(\frac { -5 }{ 7 } \) से दोनों विधियों द्वारा भाग देकर देखिए कि क्या आप एक ही समान उत्तर प्राप्त करते है ?
हल :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 32
दोनों विधियों से परिणाम समान आता है।

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 2 }{ 3 } \) × \(\frac { -7 }{ 8 } \)
(ii) \(\frac { -6 }{ 7 } \) × \(\frac { 5 }{ 7 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 33
पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 206

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MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2

MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2

MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) राजा राममोहन राय द्वारा किस भाषा में समाचार पत्र प्रकाशित किया गया?
(क) बंगला
(ख) हिन्दी
(ग) अंग्रेजी
(घ) उर्दू।
उत्तर:
(ख) हिन्दी

(2) किस संविधान संशोधन द्वारा प्रारम्भिक शिक्षा को मूल अधिकारों में सम्मिलित किया गया ?
(क) 81वाँ
(ख) 86वाँ
(ग) 87वाँ
(घ) 83वाँ।
उत्तर:
(ख) 86वाँ

(3) ‘ग्रामीण रोजगार गारण्टी’ विधेयक के अन्तर्गत कितने दिवस के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की गारण्टी दी गई है ?
(क) वर्ष भर
(ख) 100 दिवस
(ग) 200 दिवस
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ख) 100 दिवस

(4) भारत की रक्षा सेनाओं का प्रमुख सेनापति होता
(क) रक्षामन्त्री
(ख) प्रधानमन्त्री
(ग) राष्ट्रपति
(घ) सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश।
उत्तर:
(ग) राष्ट्रपति

(5) उत्तर अमेरिका का पूर्व से पश्चिम विस्तार है –
(क) 7200 किलोमीटर
(ख) 6400 किलोमीटर
(ग) 4006 किलोमीटर
(घ) 2700 किलोमीटर।
उत्तर:
(ख) 6400 किलोमीटर

(6) उत्तर अमेरिका में जनसंख्या का औसत घनत्व है –
(क) 51 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(ख) 21 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(ग) 29 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(घ) 104 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
उत्तर:
(ख) 21 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी

(7) ओरीनीको नदी पर संसार के सबसे ऊँचे जलप्रपात एंजिल की ऊँचाई है –
(क) 979 मीटर
(ख) 799 मीटर
(ग) 997 मीटर
(घ) 907 मीटर।
उत्तर:
(क) 979 मीटर

(8) संसार में केले का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है –
(क) बोलीविया
(ख) चिली
(ग) इक्वेडोर
(घ) पेरू।
उत्तर:
(ग) इक्वेडोर

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) 1876 ई. में इंग्लैण्ड की महारानी को भारत की ………….. घोषित किया गया था।
(2) महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज की स्थापना …………… के द्वारा की गई।
(3) म. प्र. में 2001 की जनगणना के अनुसार साक्षर …………. महिलाओं का प्रतिशत है।
(4) भारत सरकार द्वारा सन् में योजना आयोग की स्थापना की गई। थल सेना को …………… क्षेत्रों में संगठित किया गया है।
(6) कनाडा में लकड़ी काटने का काम करने वालों को …………… कहा जाता है।
(7) मैक्सिको की राजधानी ………… है।
(8) दक्षिण अमेरिका के पूरे क्षेत्रफल में से कुल ……………. प्रतिशत भूमि कृषि योग्य है।
उत्तर:

  1. ‘साम्राज्ञी’
  2.  ज्योतिबा फुले
  3.  50.28
  4. 1950
  5. पाँच
  6.  लम्बरजैक
  7. मैक्सिको सिटी
  8.  101

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MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) सार्जेन्ट योजना क्या थी?
उत्तर:
सार्जेन्ट योजना (1944) के अन्तर्गत स्कूलों में 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था की गई थी।

(2) पारसी सुधार आन्दोलन को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
सन् 1851 ई. में पारसियों ने एक धार्मिक सुधार। संघ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य पारसियों की सामाजिक स्थिति का पुनरुद्धार कर पारसी धर्म की प्राचीन पवित्रता पुनः स्थापित करना था।

(3) प्रमुख सामाजिक समस्याएँ कौन-कौनसी हैं ?
उत्तर:
प्रमुख सामाजिक समस्याएँ साम्प्रदायिकता, भाषावाद, जातिवाद, पृथकतावाद, शिक्षा का अभाव, नशीले | पदार्थों का सेवन, बालश्रम एवं अतिशय जनसंख्या आदि हैं।

(4) कुटीर उद्योग से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर:
कुटीर उद्योग परम्परागत उद्योग हैं, इनमें कम पूँजी लगती है तथा घर के सदस्यों द्वारा ही वस्तुएँ बना ली जाती हैं।

(5) नौ सेना के प्रमुख युद्धपोतों के नाम लिखिए।
उत्तर:
भारतीय नौ सेना के प्रमुख युद्धपोत इस प्रकार हैं-आई. एन. एस., नीलगिरी, हिमगिरी, देवगिरी, तारागिरी, विन्ध्यिागिरी, देशपोत, आई.एन.एस., गोदावरी।

(6) कार्डिलेरा किसे कहा जाता है ?
उत्तर:
ऐसी पर्वत श्रृंखला जिसमें अनेक पर्वत श्रेणियाँ एक-दूसरे के समानान्तर दूर-दूर तक फैली हुई होती हैं, के सम्मिलित रूप को उत्तर अमेरिका में ‘कार्डिलेरा’ कहा जाता है।

(7) संसार की सबसे बड़ी माँस की मण्डी किसे कहा जाता है ?
उत्तर:
शिकागो को संसार की सबसे बड़ी माँस की मण्डी कहा जाता है।

(8) अन्तःपर्वतीय पठार किसे कहते हैं ?
उत्तर:
दो पर्वतों के बीच फैले हुए पठारी भाग को अन्तःपर्वतीय पठार कहते हैं। जैसे-बोलीविया का पठार।

(9) ब्राजील को कहवा का घर’ क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
सर्वाधिक कहवा (कॉफी) उत्पादन के कारण ब्राजील को ‘कहवा का घर’ कहा जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) उन्नीसवीं सदी में प्रेस के विकास पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रारम्भ में प्रेस समाचार – पत्र एवं पत्र – पत्रिकाओं पर केवल अंग्रेजों का ही वर्चस्व था, किन्तु उन्नीसवीं सदी में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्दोलनों तथा राष्ट्रभावना को प्रबल करने के विचार से सुधारकों ने अनेक निजी पत्र – पत्रिकाओं का प्रकाशन किया। जिन समाचार-पत्रों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का विकास करने का प्रयास किया जा रहा था, उनके सम्पादकों को अंग्रेज जेल में डाल देते थे, किन्तु फिर भी इस समय के अनेक समाचार-पत्रों ने भारतीय माँगों, शिकायतों व उनकी दुर्दशा का खुलकर चित्रण किया तथा स्वतन्त्रता की भावना को और अधिक सशक्त किया। द हिन्दू, द इण्डियन मिरर, अमृत बाजार पत्रिका, केसरी, मराठा, स्वदेश मित्र, प्रभाकर व इन्दु प्रकाश इस समय के प्रमुख समाचार-पत्र थे।

(2) नशीले पदार्थों के सेवन के क्या दुष्परिणाम हैं ?
उत्तर:
नशीले पदार्थ स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। नशे की बुरी आदत के कारण अपराध बढ़ रहे हैं, चारित्रिक गिरावट आ रही है। ये आदतें परिवारों का विघटन कर रही हैं। नशे के आदी व्यक्ति घर पर बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार करने लगते हैं। इससे घर की शान्ति भंग होती है, आर्थिक तंगी भी बढ़ती है तथा ऐसे परिवारों को समाज में सम्मान भी नहीं मिलता।

(3) रोपण कृषि किस प्रकार की होती है ?
उत्तर:
व्यापारिक उद्देश्य से पेड़-पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण – कर, कारखानों की तरह विशिष्ट ढंग से अधिक मात्रा में उत्पादन करना रोपण कृषि है अर्थात् छोटे पौधों को रोपना रोपण कहलाता है, इससे उत्पादन बढ़ता है। विशेषकर फलों व सब्जियों का उत्पादन इस प्रकार करने से अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। अधिकांश कृषक इस प्रकार से कृषि करने लगे हैं।
दक्षिण अमेरिका में कहवा और गन्ना के बड़े-बड़े रोपण क्षेत्र हैं, जहाँ इनका भारी मात्रा में उत्पादन होता है।

(4) वायुसेना अधिकारियों की पदक्रम सूची का चार्ट बताइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2 img 1

(5) कनाडा में लकड़ी काटने का कार्य शीत ऋतु में क्यों किया जाता है ?
उत्तर:
कनाडा में शीत ऋतु में लकड़ी काटकर, इन कटी हुई लकड़ियों के लट्ठों को बर्फ की नदियों पर डाल देते हैं। ग्रीष्म ऋतु में जब नदियों की बर्फ पिघलकर बहने लगती है तो बहाव के साथ लट्ठ भी बहा दिये जाते हैं। इस प्रकार लकड़ियाँ कारखानों तक बिना मेहनत, बिना खर्च और अल्प समय में पहुँच जाती हैं।

(6) उत्तर अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्व बताइए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कृषि की महती भूमिका है। यद्यपि उत्तर अमेरिका में मात्र 12 प्रतिशत भूमि ही कृषि के लिए उपलब्ध है, फिर भी यह महाद्वीप कई कृषि उत्पादनों में संसार में अग्रणी है। महाद्वीप का विस्तार अधिक होने के कारण यहाँ विविध प्रकार की मिट्टियाँ और जलवायु दशाएँ पाई जाती हैं। यही कारण है कि यहाँ अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं।

  • खाद्यान्न फसलें (जैसे-गेहूँ, मक्का, जौ, चावल, ज्वार आदि) और
  • नकदी फसलें (जैसे-कपास, गन्ना, तम्बाकू, सोयाबीन, मूंगफली, चुकन्दर, फल आदि)।

(7) लाप्लादा बेसिन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
दक्षिण अमेरिका का तीसरा बड़ा मैदानी भाग जो ब्राजील की उच्च भूमि के दक्षिण-पश्चिम में पराना, पराग्वे तथा उरुग्वे नदियों की घाटियों से निर्मित है, दक्षिण अमेरिका के उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। इसे लाप्लाटा बेसिन’ कहते हैं।

(8) दक्षिण अमेरिका से निर्यात एवं आयात की जाने वाली वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2 img 2

MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) 1858 ई. के बाद भारतीय राजाओं के साथ ब्रिटिश सरकार के सम्बन्धों को समझाइए।
उत्तर:
1858 ई. में भारत में छोटे-बड़े लगभग 562 राजा थे। इंग्लैण्ड की महारानी ने अपनी घोषणा में कहा था कि भारतीय राजाओं के अधिकार एवं सम्मान का हनन नहीं किया जाएगा। उसे पूर्ववत् सुरक्षित रखा जायेगा, किन्तु उसका पालन नहीं किया गया। 1874 ई. में बड़ौदा के राजा मल्हारराव गायकवाड को सिंहासन से हटाकर उसके वंशज को सिंहासन पर बैठाया गया।

1876 ई. में इंग्लैण्ड की महारानी को भारत की साम्राज्ञी घोषित कर दिया गया। अब सम्पूर्ण भारत की सर्वोच्च शासक इंग्लैण्ड की महारानी हो गई थी। भारतीय राजाओं की आन्तरिक और बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी ब्रिटिश सरकार को हो गई थी। राजाओं के आन्तरिक मामलों में ब्रिटिश सरकार का हस्तक्षेप बढ़ने लगा था। लॉर्ड कर्जन ने भारतीय राजाओं के लिए विदेश जाने से पूर्व उससे अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया था। वह भारतीय राजाओं की विदेश यात्रा पर प्रतिबन्ध था।

भारतीय राजाओं की सेनाओं को न केवल कम कर दिया गया वरन् उसे अंग्रेज अधिकारी के नियन्त्रण में रखा गया। 1947 ई. में माउण्टबेटन योजना में भारतीय राजाओं को उनकी स्वेच्छानुसार भारत या पाकिस्तान में बने रहने की स्वतन्त्रता प्रदान कर दी थी। वास्तव में, 1857 के बाद भारत में ब्रिटिश सरकार ने ‘फूट डालो राज करो’ नीति का पालन किया।

(2) वर्तमान परिवारों में महिलाओं की स्थिति में क्या परिवर्तन हुए हैं ? समझाइए।
उत्तर:
वर्तमान में शहरों में तो महिलाओं द्वारा पुरुषों के द्वारा किये जाने वाले कार्यों को भी किया जा रहा है जिससे समाज व परिवार की सोच में परिवर्तन आने लगा है। आज महिलाएँ परिवार व समाज में पुरुषों से कन्धे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रही हैं। आज समाज में शिक्षा के क्षेत्र में, व्यवसाय के क्षेत्र में, . शासन के क्षेत्र में, चिकित्सा के क्षेत्र में, राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय ज्ञान के क्षेत्र में, विज्ञान और खेल जैसे सभी स्थानों पर बराबर का योगदान दे रही हैं। यद्यपि हमारा समाज पुरुष प्रधान है अब बदलते समय के साथ इस दृष्टिकोण में परिवर्तन आ रहा है और परिवारों में महिलाओं को अधिक सम्मान मिल रहा है।

(3) भ्रष्टाचार एक आर्थिक समस्या है, कैसे ?
उत्तर:
भ्रष्टाचार से आर्थिक असमानता बढ़ती है और – गरीब अधिक गरीब और अमीर अधिक अमीर होते जाते हैं। इस प्रकार समाज में आर्थिक विषमता की खाई और अधिक गहरी होती जाती है जो असन्तोष को जन्म देकर समाज की शान्ति को समाप्त कर देती है। भ्रष्टाचार से एकत्रित किया गया धन पहले तो सही हाथों से छीन लिया जाता है और उसे प्रायः गलत कार्यों में ही लगाया जाता है जो समाज के आर्थिक विकास को मन्द कर देता है। इस प्रकार भ्रष्टाचार के माध्यम से पैसा, उत्पादक कार्य में आने के स्थान पर एक व्यक्ति से दूसरे पर हस्तान्तरित होता रहता है और अन्त में समाज को आर्थिक रूप से पंगु बना देता है।

(4) रक्षा सामग्री उत्पादन पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
देश की सुरक्षा हेतु अनेक प्रकार की रक्षा सामग्री की आवश्यकता होती है। रक्षा सामग्री का उत्पादन शासकीय विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किया जाता है। शासकीय विभागों द्वारा संचालित आयुध कारखानों में शस्त्रों, टैंकों, वाहनों, गोला-बारूद आदि का निर्माण किया जाता है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में जलपोतों, वायुयानों, बुलडोजरों, मशीनों के कलपुर्जे, संचार उपकरण आदि सामग्री का निर्माण में होता है।

अपने देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न बनाने हेतु यहाँ परमाणु संयन्त्र भी स्थापित किये गये हैं। तारापुर (महाराष्ट्र) व कलपक्कम (तमिलनाडु) इसके प्रमुख केन्द्र हैं। भारत में रक्षा पंक्ति मजबूत करने के लिए प्रक्षेपास्त्रों (मिसाइल) का निर्माण किया है, जैसेअग्नि, पृथ्वी, त्रिशूल, नाग, आकाश, अस्त्र व ब्रह्मोस आदि। भारत 1974 व 1998 में परमाणु बम का परीक्षण कर अपनी परमाण्विक शक्ति का परिचय सम्पूर्ण विश्व को दे चुका है।

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(5) उत्तर अमेरिका में वर्षा के वितरण पर लेख लिखिए।
उत्तर:
महाद्वीप के अधिकांश भागों में वर्षा ग्रीष्मकाल में होती है। इस महाद्वीप में वर्षा का वितरण अनेक विविधताएँ लिए हुए है। इस महाद्वीप के तीन पश्चिमी क्षेत्र ऐसे हैं, जहाँ अधि वर्षा होती है –

  • द्वीप समूह में व्यापारिक पवनों के प्रभाव से।
  • मध्य अमेरिका तथा दक्षिणी-पूर्वी भाग में गर्म जलधारा (गल्फस्ट्रीम) की निकटता के कारण।
  • ब्रिटिश कोलम्बिया के पश्चिमी तट पर पछुआ पवनों के कारण।

पूर्वी तट से जैसे – जैसे पश्चिमी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ते हैं वर्षा की मात्रा क्रमशः कम होती जाती है। संयुक्त राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी भाग ऐरिजोना के मरुस्थल में अत्यन्त कम वर्षा होती है। उत्तरी – पश्चिमी तट सुदूर पछुआ हवाओं के प्रभाव में वर्ष भर रहता है, इसलिए यहाँ वर्ष भर वर्षा होती है।

वायुदाब की पेटियाँ दक्षिण की ओर खिसकने से शीतकाल में पश्चिम कैलिफोर्निया का क्षेत्र पछुआ पवनों के क्षेत्र में आ जाता है, जिससे यहाँ शीत ऋतु में वर्षा होती है। – मैक्सिको प्रदेश को मानसूनी पवनें प्रभावित करती हैं जिससे ग्रीष्मकाल में वर्षा होती है, जबकि मैक्सिको की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी तट, व्यापारिक हवाओं के प्रभाव में रहने से वर्ष भर वर्षा प्राप्त करते हैं।

(6) उत्तर अमेरिका के प्रमुख वनोद्योगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका के लोगों का मुख्य व्यवसाय वनों पर आधारित है। कागज उद्योग, लुग्दी उद्योग, फर्नीचर उद्योग, समूर उद्योग वमों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण उद्योग हैं। संसार में जितनी मुलायम लकड़ी काटी जाती है उसमें से उत्तर अमेरिका का हिस्सा 20 प्रतिशत से अधिक है। कागज और लुग्दी उत्पादन में संयुक्त राज्य तथा कनाडा का स्थान महत्वपूर्ण है। डगलस, फर और सफेद चीड़ की लकड़ी से इमारत तथा फर्नीचर बनाए जाते हैं।

इसी प्रकार ओक, बीच तथा सरई की लकड़ी फर्नीचर के लिए उपयोगी है। सेलूलोस, राल तथा तारपीन का तेल मुलायम लकड़ी से प्राप्त किया जाता है। चिकिल वृक्षों से च्यूइंगम तैयार करते हैं। मेपिल वृक्ष की मीठी छाल से शक्कर बनाई जाती है। महोगनी और लौंगवुड के वृक्षों से मजबूत बक्से बनाए जाते हैं। कनाडा के वनों में समूर वाले जानवरों से समूर प्राप्त किया जाता है। घास के मैदानों में पशु पाले जाते हैं। यहाँ पशुपालन बड़े व्यवस्थित ढंग से होता है। डेयरी उद्योग पशुपालन पर आधारित महत्त्वपूर्ण उद्योग है।

(7) दक्षिण अमेरिका की धरातलीय बनावट का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
धरातलीय बनावट के आधार पर दक्षिण अमेरिका महाद्वीप को चार भौतिक विभागों में बाँटा जा सकता है –

(1) पश्चिमी तटीय पट्टी – महाद्वीप के पश्चिमी भाग में प्रशान्त महासागर के तटीय भाग और एण्डीज पर्वतमाला के मध्य में मैदानी भूमि एक संकरी पट्टी के रूप में उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई है। इस तटीय मैदान के मध्य में आटाकामा नामक मरुस्थल है जो संसार का सबसे शुष्क गर्म मरुस्थल है।

(2) पश्चिमी पर्वतमाला – पश्चिमी तटीय मैदानी पट्टी के समानान्तर पूर्व में पर्वतों और पहाड़ियों की एक लम्बी श्रृंखला फैली हुई है। यह सबसे लम्बी एण्डीज पर्वतमाला है। यह महाद्वीपके उत्तर में कैरेबियन सागर से शुरू होकर महाद्वीप के दक्षिणी छोर तक फैली हुई है। इसकी लम्बाई 7,250 किमी. है। मध्य में पर्वत की चौड़ाई सबसे अधिक है।

(3) मध्यवर्ती मैदान – ये मैदान एण्डीज पर्वतमाला और पूर्वी उच्च भूमि के बीच बड़े भाग में फैले हैं। यह मैदान तीन श्रेणियों में विभाजित है –

  •  लानोस का मैदान
  • सेल्वास का मैदान
  • लाप्लाटा का मैदान।

(4) पूर्वी उच्च भूमि-इस महाद्वीप में मुख्यतः तीन पठारी भाग हैं। उत्तर में गुयाना (गयाना) का पठार, महाद्वीप के मध्य पूर्व में ब्राजील का पठार तथा दक्षिणी भाग में पैटेगोनिया का पठार अमेजन बेसिन तथा औरोनोको बेसिन के मध्य गुयाना का पठार जल विभाजन का कार्य करता है। पैटेगोनिया का पठार वर्षा के अभाव में एक शुष्क मरुस्थल है।

(8) दक्षिण अमेरिका में पशुपालन एवं भेड़पालन उद्योग का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
दक्षिण अमेरिका में घास के बड़े-बड़े मैदान हैं, जिनमें पशुपालन एवं भेड़पालन का कार्य उद्योग के रूप में बड़े पैमाने पर होता है। यह उद्योग महाद्वीप के उत्तर में ओरीनोको नदी. की घाटी में लानोज के घास के मैदानों में वैनेजुएला देश में होता है। महाद्वीप के मध्य भाग में पम्पास के मैदानों में बोलिविया, उरुग्वे, पराग्वे और अर्जेन्टाइना में पशु एवं भेड़पालन बड़े पैमाने पर होता है।

यहाँ गाय, बैल, भेड़, बकरी, सूअर तथा घोड़े पाले जाते हैं। पशुओं से प्राप्त सामग्री में दूध, माँस, चमड़ा और ऊन का भारी उत्पादन होने से इनका निर्यात अर्जेन्टाइना, उरुग्वे, बोलीविया, पराग्वे आदि देशों से किया जाता है। यहाँ अर्जेन्टाइना सबसे बड़ा पशुपालक देश हैं और उरुग्वे ऊन उत्पादन में संसार में दूसरे स्थान पर है।

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दर्शाइए कि बिन्दु A(1, 2), B(-1,-16) और C(0, – 7) रैखिक समीकरण y = 9x – 7 के आलेख पर स्थित है। (2019)
हल:
बिन्दु A(1, 2) के निर्देशांकों का मान समीकरण में रखने पर,
∴ 9x – 7 = 9 x 1 – 7 = 9 – 7 = 2 = y.
⇒ दायाँ पक्ष = बायाँ पक्ष
बिन्दु B(-1, – 16) के निर्देशांकों का मान समीकरण में रखने पर,
∴ 9x – 7 = 9x (-1) – 7 = – 9 – 7 = – 16 = y
⇒ दायाँ पक्ष = बायाँ पक्ष
बिन्दु C(0, – 7) के निर्देशांकों का मान समीकरण में रखने पर,
∴ 9x – 7 = 9 (0) – 7 = 0 – 7 = – 7 =y
⇒ दायाँ पक्ष = बायाँ पक्ष अतः दिए हुए बिन्दु A, B एवं C समीकरण y = 9x – 7 के आलेख पर स्थित हैं।

प्रश्न 2.
रैखिक समीकरण 3x + 4y = 6 का आलेख खींचिए। यह आलेख X-अक्ष और Y-अक्ष को किन बिन्दुओं पर काटता हैं? (2019)
हल:
समीकरण 3x + 4y = 6 (दिया है)
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 4
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 4a
अतः संलग्न चित्र 4.18 अभीष्ट आलेख है तथा यह आलेख -अक्ष को बिन्दु (2, 0) पर एवं Y-अक्ष को बिन्दु (0, 1\(\frac { 1 }{ 2 }\)) पर काटता है।
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प्रश्न 3.
वह रैखिक समीकरण जो फॉरेनहाइट (F) को सेल्सियस (C) में बदलती है, सम्बन्ध c = \(\frac { 5F – 160 }{ 9 }\) से दी जाती है।
(i) यदि तापमान 86°F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या है ?
(ii) यदि तापमान 35°C है, तो फॉरेनहाइट में तापमान क्या है ?
(iii) यदि तापमान 0°C है तो फॉरेनहाइट में तापमान क्या है तथा यदि तापमान 0°F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या है ?
(iv) तापमान का वह कौन-सा संख्यात्मक मान है जो दोनों पैमानों (मात्रको) में एक ही है ?
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 5

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उस सरल रेखा से निरूपित समीकरण का आलेख खींचिए जो X-अक्ष के समानान्तर है और उसके नीचे 3 मात्रक की दूरी पर है।
उत्तर:
अभीष्ट चित्र संलग्न है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 6

प्रश्न 2.
उस रैखिक समीकरण का आलेख खींचिए जिसके हल उन बिन्दुओं से निरूपित हैं जिनके निर्देशांकों का योग 10 इकाई है।
हल:
प्रश्नानुसार, अभीष्ट समीकरण होगा : x + y = 10
यदि x = 0 तो 0 + y = 10 ⇒ y = 10
यदि x = 5 तो 5 + y = 10 ⇒ y = 10 – 5 = 5
यदि x = 10 तो 10 + y = 10 ⇒ y = 10 – 10 = 0
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 7
अतः उपर्युक्त चित्र अभीष्ट आलेख है।

प्रश्न 3.
समीकरण y = 2x + 1 का आलेख खींचिए। (2019)
हल:
निर्देशः उपर्युक्त प्रश्न के समीकरण की तरह हल कीजिए।

प्रश्न 4.
रैखिक समीकरण x + 2y = 8 का वह हल ज्ञात कीजिए जो निम्नलिखित पर एक बिन्दु निरूपित करता है:
(i) X-अक्ष
(ii) Y-अक्ष।
हल:
(i) चूँकि X-अक्ष पर बिन्दु की कोटि y = 0. इसलिए x + 2 x 0 = 8 ⇒ x + 0 = 8
⇒ x = 8
अतः समीकरण का अभीष्ट हल : x = 8, y = 0.

(ii) चूँकि Y-अक्ष पर बिन्दु की भुंज x = 0. इसलिए
0 + 2y = 8 ⇒ 2y = 8 ⇒ y = 8/2 = 4
अतः समीकरण का अभीष्ट हल : x = 0, y = 4.

प्रश्न 5.
मान लीजिए.y, x के अनुक्रमानुपाती है। यदि x = 4 होने पर y = 12 हो, तो एक रैखिक समीकरण लिखिए। जब x = 6, तोy का क्या मान है ?
हल:
चूँकि y α x
⇒ y = Cx
जब x = 4 होने पर y = 12 हो, तो
12 = C x 4
⇒ C = 12/4 = 3 C का मान समीकरण y = Cx में रखने पर,
y = 3x अतः अभीष्ट समीकरण : y = 3x.
अब x = 6 का मान समीकरण y = 3x में रखने पर,
y = 3 x 6 = 18
अतः एका अभीष्ट मान = 18.
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MP Board Class 9th Maths Chapter 4 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य लिखिए। अपने उत्तरों का औचित्य दीजिए।
(i) बिन्दु (0, 3) रैखिक समीकरण 3x + 4y = 12 के आलेख पर स्थित है।
(ii) रैखिक समीकरण x + 2y = 7 के आलेख बिन्दु (0, 7) से होकर जाता है।
(iii) सारणी :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 8
से प्राप्त बिन्दुओं के निर्देशांक समीकरण x – y + 2 = 0 के कुछ हलों को निरूपित करते हैं।
(iv)दो चरों वाली रैखिक समीकरण के आलेख का प्रत्येक बिन्दु उस समीकरण का एक हल निरूपित नहीं करता है।
(v) दो चरों वाली रैखिक समीकरण के आलेख का एक सरल रेखा में होना आवश्यक नहीं है।
उत्तर:
(i) कथन सत्य है, क्योंकि बिन्दु के निर्देशांक समीकरण को सन्तुष्ट करते हैं।
(ii) कथन असत्य है, क्योंकि बिन्दु के निर्देशांक समीकरण को सन्तुष्ट नहीं करते हैं।
(iii) कथन सत्य है, क्योंकि बिन्दु (3, -5) के निर्देशांक समीकरण को सन्तुष्ट नहीं करते हैं।
(iv) कथन असत्य है, क्योंकि दो चरों वाली रैखिक समीकरण का प्रत्येक बिन्दु उस समीकरण का एक हल निरूपित करता है।
(v) कथन असत्य है, क्योंकि दो चरों वाली रैखिक समीकरण का आलेख सदैव एक सरल रेखा होती है।

प्रश्न 2.
वह रैखिक समीकरण लिखिए जिसकी कोटि उसके भुज से तीन गुनी है। (2019)
उत्तर:
y = 3x.

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रैखिक समीकरण 2x – 5y = 7 :
(a) का एक अद्वितीय हल है
(b) के दो हल हैं
(c) के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं
(d) का कोई हल नहीं है।
उत्तर:
(c) के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं

प्रश्न 2.
यदि (2,0) रैखिक समीकरण 2x + 3y = k का हल है, तो k का मान है :
(a) 4
(b) 6
(c) 5
(d) 2.
उत्तर:
(a) 4

प्रश्न 3.
रैखिक समीकरण 2x + 3y = 6 का आलेख -अक्ष को निम्नलिखित में से किस बिन्दु पर काटता
(a) (2, 0)
(b) (0, 3)
(c) (3, 0)
(d) (0, 2).
उत्तर:
(d) (0, 2).

प्रश्न 4.
X-अक्ष पर स्थित किसी बिन्दु का रूप होता है :
(a) (x, y)
(b) (0, y)
(c) (x, 0)
d) (x, 4).
उत्तर:
(c) (x, 0)
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प्रश्न 5.
रेखा y = x पर स्थित किसी बिन्दु का रूप होता है :
(a) (a, a)
(b) (0, a)
(c) (a, 0)
(d) (a, – a).
उत्तर:
(a) (a, a)

प्रश्न 6.
X-अक्ष की समीकरण का रूप है :
(a) x = 0
(b) y = 0
(c) x + y = 0
(d) x = y
उत्तर:
(b) y = 0

प्रश्न 7.
दो चरों वाला रैखिक समीकरण है : (2019)
(a) ax2 + bx + c = 0
(b) ax + b = 0
(c) ax3 + bx2 + c = 0
(d) ax + by + c = 0.
उत्तर:
(d) ax + by + c = 0.

प्रश्न 8.
x = 5, y = 2 निम्नलिखित रैखिक समीकरण का हल है:
(a) x + 2y = 7
(b) 5x + 2y = 7
(c) x + y = 7
(d) 5x + y = 7.
उत्तर:
(c) x + y = 7

प्रश्न 9.
रैखिक समीकरण 2x + 3y = 6 का आलेख एक रेखा है जो X-अक्ष को निम्नलिखित बिन्दु पर मिलती है:
(a) (0, 2)
(b) (2, 0)
(c) (3, 0)
(d) (0, 3).
उत्तर:
(c) (3, 0)
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प्रश्न 10.
(a, a) रूप का बिन्दु सदैव स्थित होता है :
(a) X-अक्ष पर
(b) Y-अक्ष पर
(c) रेखा y = x पर
(d) रेखा x + y = 0 पर।
उत्तर:
(c) रेखा y = x पर

प्रश्न 11.
(a,-a) रूप का बिन्दु सदैव रेखा पर स्थित होता है :
(a) x = a
(b) y = -a.
(c)y = x
(d) x + y = 0.
उत्तर:
(d) x + y = 0.

प्रश्न 12.
दो संख्याओं का योग 25 व अन्तर 5 है, तो वे संख्याएँ होंगी : (2018)
(a) 15, 10
(b) 20, 5
(c) 13, 12
(d) 30, 5
उत्तर:
(a) 15, 10

रिक्त स्थानों की पूर्ति
1. एक ऐसा समीकरण जिसका आलेख एक सरल रेखा होता है, …… समीकरण कहलाता है।
2. रैखिक समीकरण ax + by + c = 0 का आलेख एक ……..रेखा है।
3. x और y का मान युग्म (x, y) जो दिए हुए समीकरण ax + by + c = 0 को सन्तुष्ट करता है, उक्त समीकरण का ………. कहलाता है।
4. जब किसी समीकरण निकाय का कोई भी हल नहीं होता, तब निकाय ……….. निकाय कहलाता है।
5. जब किसी समीकरण निकाय का कोई हल होता है, तब निकाय …………. निकाय कहलाता है।
6. दो चरों वाले एक घात समीकरण का ग्राफ ………… को प्रदर्शित करता है। (2018)
7. यदि एक समीकरण x + 2y = 5 में x = 1 है, तब y का मान ……….. है। (2019)
उत्तर:
1. रैखिक,
2. सरल,
3. हल,
4. असंगत,
5. संगत,
6. सरल रेखा,
7. 2 (दो)।

जोड़ी मिलान
स्तम्भ ‘A’                                      स्तम्भ ‘B’
1. रेखाएँ सम्पाती हों                  (a) y का मान शून्य
2. रेखाएँ प्रतिच्छेदी हों               (b) x का मान शून्य
3. रेखाएँ समानान्तर हों             (c) अनन्ततः अनेक हल
4. रेखा X-अक्ष को काटे            (d) अद्वितीय हल
5. रेखा Y-अक्ष को काटे             (e) कोई हल नहीं
उत्तर:
1. → (c),
2. → (d),
3. → e),
4. → (a),
5. → (b)
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सत्य/असत्य कथन
1. समीकरण x + 2y = 5 में यदि x = 1 तो y = 2 होगा।
2. रैखिक समीकरण का आलेख एक वृत्त होता है।
3. दो चरों वाले एकघातीय समीकरण रैखिक समीकरण कहलाते हैं।
4. X-अक्ष का समीकरण x = 0 होता है। (2019)
5. Y-अक्ष, के समानान्तर रेखा का समीकरण x = + a होता है।
6. समीकरण x +2y = 3 का एक हल (1, 1) है। (2019)
7. बिन्दु (0, 5) समीकरण y = 5x + 5 का हल है। (2019)
8. मूल-बिन्दु से गुजरने वाली रेखा का आलेख y = kx रूप द्वारा प्रदर्शित होता है। (2019)
9. रैखिक समीकरण 2x -3y = 0 में चर 2 एवं – 3 है। (2019)
उत्तर:
1. सत्य,
2. असत्य,
3. सत्य,
4. असत्य,
5. सत्य,
6. सत्य,
7. सत्य,
8. सत्य,
9. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

1. जब किसी समीकरण निकाय के अनन्ततः अनेक हल हों तो उसका आलेख कैसा होगा?
2. जब किसी समीकरण निकाय का अद्वितीय हल हो, तो उसका आलेख कैसा होगा?
3. जब किसी समीकरण निकाय का कोई हल न हो, तो उसका आलेख कैसा होगा?
4. यदि \(\frac { { a }_{ 1 } }{ { a }_{ 2 } } \neq \frac { { b }_{ 1 } }{ { b }_{ 2 } }\), तो निकाय का हल क्या होगा?
5. यदि \(\frac { { a }_{ 1 } }{ { a }_{ 2 } } =\frac { { b }_{ 1 } }{ { b }_{ 2 } }\neq \frac { { c }_{ 1 } }{ { c }_{ 2 } }\) तो निकाय का हल क्या होगा?
6. यदि \(\frac { { a }_{ 1 } }{ { a }_{ 2 } } =\frac { { b }_{ 1 } }{ { b }_{ 2 } }= \frac { { c }_{ 1 } }{ { c }_{ 2 } }\), तो निकाय का हल क्या होगा?
7. रैखिक समीकरण में चर राशि की उच्चतम घात होती है। (2018)
8. दो.चरों वाला एक रैखिक समीकरण लिखिए। (2019)
9. यदि x = 2, y = 1 समीकरण 2x + 3y =k का हल है, तब k का मान क्या होगा? (2019)
उत्तर:
1. सम्पाती रेखाएँ,
2. प्रतिच्छेदी रेखाएँ,
3. समानान्तर रेखाएँ,
4. अद्वितीय हल,
5. कोई हल नहीं,
6. अनन्ततः अनेक हल,
7. एक,
8. ax + by + c = 0,
9. 7 (सात)।

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MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 14 नागरिकों के संवैधानिक अधिकार एवं कर्त्तव्य

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 14 नागरिकों के संवैधानिक अधिकार एवं कर्त्तव्य

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
44वें संशोधन के द्वारा किस मौलिक अधिकार को मूल अधिकारों की सूची से हटा दिया गया है?
(i) सम्पत्ति का अधिकार
(ii) स्वतन्त्रता का अधिकार
(iii) समानता का अधिकार,
(iv) संस्कृति एवं शिक्षा का अधिकार।
उत्तर:
(i) सम्पत्ति का अधिकार

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प्रश्न 2.
इनमें से कौन-सा कार्य बाल श्रम की श्रेणी में आता है?
(i) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से होटलों में, निर्माण कार्य में या खदानों में कार्य कराना
(ii) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का घूमना और शिक्षा प्राप्त करना
(iii) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के खेल के कार्य
(iv) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का शारीरिक व्यायाम करना।
उत्तर:
(i) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से होटलों में, निर्माण कार्य में या खदानों में कार्य कराना

प्रश्न 3.
इनमें से कौन-सा अधिकार स्वतन्त्रता के मौलिक अधिकार से सम्बन्धित नहीं है?
(i) भाषण की स्वतन्त्रता
(ii) उपाधियों का अन्त
(iii) निवास की स्वतन्त्रता
(iv) भ्रमण की स्वतन्त्रता।
उत्तर:
(ii) उपाधियों का अन्त

प्रश्न 4.
किस लेख द्वारा उच्चतम या उच्च न्यायालय किसी भी अभिलेख को अपने अधीनस्थ न्यायालय से अपने पास मँगा सकता है?
(i) बन्दी प्रत्यक्षीकरण
(ii) उत्प्रेषण
(iii) अधिकार पृच्छा
(iv) परमादेश।
उत्तर:
(ii) उत्प्रेषण

प्रश्न 5.
6 से 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार किस मौलिक अधिकार के अन्तर्गत आता है?
(i) समानता का अधिकर
(ii) संस्कृति व शिक्षा का अधिकार
(iii) स्वतन्त्रता का अधिकार
(iv) संवैधानिक उपचारों का अधिकार।
उत्तर:
(ii) संस्कृति व शिक्षा का अधिकार

प्रश्न 6.
मौलिक अधिकारों का संरक्षण निम्नलिखित में से कौन करता है? (2009)
(i) संसद
(ii) विधान सभाएँ
(iii) सर्वोच्च न्यायालय
(iv) भारत सरकार।
उत्तर:
(iii) सर्वोच्च न्यायालय

प्रश्न 7.
सूचना समय पर न मिलने पर सबसे पहले अपील की जाती है
(i) विभाग प्रमुख
(ii) लोक सूचना अधिकारी
(iii) सूचना आयोग
(iv) मुख्यमंत्री।
उत्तर:
(iii) सूचना आयोग

प्रश्न 8.
राज्य के नीति निदेशक तत्व निम्न में से क्या हैं?
(i) कानून द्वारा बन्धनकारी है
(ii) न्याय योग्य हैं
(iii) राज्य के लिए रचनात्मक निर्देश है
(iv) न्यायपालिका के आदेश हैं।
उत्तर:
(iii) राज्य के लिए रचनात्मक निर्देश है

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रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. मौलिक अधिकारों के पीछे …………. की शक्ति होती है।
  2. सूचना का अधिकार बढ़ते ………… को रोकने का सशक्त अस्त्र है। (2017)
  3. संविधान के अनुच्छेद …….. के द्वारा प्रत्येक नागरिक को विधि के समक्ष समानता और संरक्षण प्राप्त है।
  4. संविधान में अस्पृश्यता …………. अपराध है।
  5. संविधान के 44वें संविधान द्वारा …………. के मौलिक अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया मया है।

उत्तर:

  1. कानून
  2. भ्रष्टाचार
  3. 14
  4. दण्डनीय
  5. सम्पत्ति के अधिकार।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कानून के समक्ष समानता का क्या अर्थ है?
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद 14 के अन्तर्गत प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता और संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। संविधान की दृष्टि में कानून सर्वोपरि है। कानून से ऊपर कोई व्यक्ति नहीं है। एक-सा अपराध करने वाले समान दण्ड के भागीदार होंगे।

प्रश्न 2.
मौलिक अधिकार के प्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर:
हमें संविधान द्वारा 6 मौलिक अधिकार प्राप्त हैं –

  1. समानता का अधिकार
  2. स्वतन्त्रता का अधिकार
  3. शोषण के विरुद्ध अधिकार
  4. धर्म की स्वतन्त्रता का अधिकार
  5. संस्कृति एवं शिक्षा सम्बन्धी अधिकार
  6. संवैधानिक उपचारों के अधिकार।

प्रश्न 3.
संवैधानिक में अस्पृश्यता का अन्त करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद 17 द्वारा नागरिकों में सामाजिक समानता लाने के लिए अस्पृश्यता के आचरण का निषेध किया गया है। नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 द्वारा राज्य अथवा नागरिकों द्वारा अस्पृश्यता का व्यवहार अपराध माना जाएगा, जिसके लिए दण्ड की व्यवस्था की गयी है।

प्रश्न 4.
सूचना का अधिकार किसे प्राप्त है?
उत्तर:
देश के प्रत्येक नागरिक को सूचना का अधिकार प्राप्त है।

प्रश्न 5.
सूचना के अधिकार किन सिद्धान्तों पर आधारित हैं?
उत्तर:
यह प्रमुख रूप से तीन सिद्धान्तों पर आधारित हैं-

  1. जवाबदेही का सिद्धान्त.
  2. सहभागिता का सिद्धान्त तथा
  3. पारदर्शिता का सिद्धान्त।

प्रश्न 6.
नीति निदेशक तत्व किसके लिए निर्देश हैं?
उत्तर:
नीति निदेशक तत्व संविधान निर्माताओं द्वारा केन्द्रीय सरकार एवं राज्य सरकारों की नीतियों के निर्धारण के लिए दिये गये दिशा निर्देश हैं।

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MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राज्य के नीति निदेशक तत्व और मौलिक अधिकारों में क्या अन्तर है? स्पष्ट कीजिए। (2008, 09, 10, 18)
उत्तर:
नीति निदेशक तत्व और मौलिक अधिकारों में अन्तर-नीति निदेशक तत्व और मौलिक अधिकारों में महत्त्वपूर्ण अन्तर निम्नलिखित हैं –

  1. मूल अधिकारों को न्यायालय का संरक्षण प्राप्त है। इसके विपरीत राज्य के नीति-निदेशक तत्वों को न्यायालय का संरक्षण प्राप्त नहीं है।
  2. “मौलिक अधिकार राज्य के लिए कुछ निषेध आज्ञाएँ हैं। इनके द्वारा राज्य को यह आदेश दिया जाता है कि राज्य को क्या नहीं करना चाहिए? इसके विपरीत नीति के निदेशक सिद्धान्तों के द्वारा राज्य को ये निर्देश दिये जाते हैं कि उसे क्या करना चाहिए।”
  3. मौलिक अधिकार नागरिकों की वैधानिक माँग है, किन्तु नीति निदेशक सिद्धान्त नागरिकों की वैधानिक माँग नहीं है।
  4.  नीति-निदेशक सिद्धान्त एक प्रकार के आश्वासन है, जिनका पालन करने में सरकार किसी भी स्थिति में असमर्थ हो सकती है। इसके विपरीत मौलिक अधिकारों की उपेक्षा कोई भी सरकार नहीं कर सकती।
  5. मौलिक अधिकारों को कुछ परिस्थितियों में मर्यादित, सीमित, निलम्बित या स्थगित किया जा सकता है, परन्तु नीति-निदेशक तत्वों के साथ ऐसी बात नहीं है।
  6. 1976 तक नीति-निदेशक तत्वों की स्थिति मूल अधिकारों से गौण थी, लेकिन 42वें संविधान के संशोधन द्वारा यह स्थिति बदल गयी है। अब नीति-निदेशक तत्वों को मूल अधिकारों से उच्च स्थान प्राप्त है। इस संशोधन में यह व्यवस्था है कि यदि संसद के किसी कानून से नीति-निदेशक तत्व का पालन होता है, लेकिन उससे मूल अधिकारों का उल्लंघन होता है तो कानून को न्यायालय अवैध घोषित नहीं कर सकता है।
  7. मौलिक अधिकारों का विषय व्यक्ति (Individual) है, जबकि नीति-निदेशक तत्वों का विषय राज्य (State) है।

प्रश्न 2.
मौलिक अधिकारों को न्यायिक संरक्षण किस प्रकार प्राप्त है? समझाइए।
अथवा
संवैधानिक उपचारों के अधिकार से आपका क्या तात्पर्य है? (2010)
उत्तर:
संवैधानिक उपचारों का अधिकार-संविधान द्वारा नागरिकों को जो मूल अधिकार प्रदान किये गये हैं, उनकी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। यदि केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या किसी अन्य द्वारा नागरिकों के उपर्युक्त मूल अधिकारों में बाधा पहुँचाई जाती है तो नागरिक उच्च या उच्चतम न्यायालय से अपने अधिकारों की सुरक्षा की माँग कर सकते हैं। मूल अधिकारों की रक्षा के लिए ये न्यायालय निम्न प्रकार के आदेश जारी करते हैं –

  1. बन्दी प्रत्यक्षीकरण आदेश
  2. परमादेश
  3. प्रतिशोध लेख
  4. उत्प्रेषण लेख
  5. अधिकार पृच्छा।

आपातकाल में नागरिकों के कुछ अधिकारों तथा संवैधानिक उपचारों के अधिकार को निलम्बित किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
“मौलिक अधिकार और मौलिक कर्त्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।” उक्त कथन को समझाइए।
उत्तर:
मौलिक अधिकार और मौलिक कर्त्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हम अधिकारों की प्राप्ति कर्तव्यों की पूर्ति के बिना नहीं कर सकते हैं। यदि नागरिक अपने मौलिक कर्त्तव्यों को पूरा करेंगे तो उन्हें अपने मौलिक अधिकारों की प्राप्ति सरलता से हो जाएगी। अगर देश के नागरिक मौलिक कर्त्तव्यों का पालन नहीं करते हैं तो देश में अव्यवस्था होगी और अशान्ति का वातावरण उत्पन्न होगा। मौलिक कर्त्तव्यों की पूर्ति स्वस्थ सामाजिक वातावरण का निर्माण करती है। हमारे देश के संविधान में मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों के मध्य कोई कानूनी सम्बन्ध निश्चित नहीं किया गया है। इनकी अवहेलना करने पर किसी भी प्रकार के दण्ड की व्यवस्था नहीं की गयी है। परन्तु हमारा राष्ट्र के प्रति यह दायित्व बनता है कि हम उचित प्रकार से इन कर्त्तव्यों का पालन करें। मौलिक कर्त्तव्य देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय सम्पत्ति, व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रगति, देश की सुरक्षा व्यवस्था आदि को सुदृढ़ बनाने, पर्यावरण संरक्षित रखने, राष्ट्रीय आदर्शों का आदर करने की प्रेरणाएँ हैं।

प्रश्न 4.
किस प्रकार की सूचना देने के लिए सरकार बाध्य नहीं है? कोई चार छूट बताइए।
उत्तर:
कुछ सूचनाएँ या जानिकारियाँ ऐसी भी होती हैं, जो आम जनता तक नहीं पहुँचाई जा सकती हैं। उनके स्पष्ट किये जाने से देश की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा और आर्थिक तथा वैज्ञानिक हित को हानि पहुँचती है। अतः कुछ सूचनाओं को न देने की छूट दी गई है। निम्नलिखित सूचना देने के लिए सरकार बाध्य नहीं है –

  1. जिस सूचना में भारत की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की सुरक्षा, रणनीति, वैज्ञानिक या आर्थिक हित और विदेश से सम्बन्ध की अवमानना होती हो।
  2. जिसको प्रकट करने के लिए किसी न्यायालय या अन्य प्राधिकरण द्वारा मना किया गया है, जिससे न्यायालय की अवमानना होती हो।
  3. सूचना, जिसके प्रकट करने से किसी व्यक्ति के जीवन या शारीरिक सुरक्षा को भय हो।
  4. मन्त्रिमंडल के कागज-पत्र इसमें सम्मिलित हैं-मंत्रिपरिषद् सचिवों और अन्य अधिकारियों के विचार-विमर्श के अभिलेख।

प्रश्न 5.
अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा देने हेतु नीति निदेशक तत्वों में क्या निर्देश हैं? लिखिए।
उत्तर:
भारत के संविधान में कल्याणकारी राज्य की स्थापना करके सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय प्रदान करना, नीति निदेशक तत्वों का प्रमुख कार्य है। नीति निदेशक तत्व भारत में सामाजिक और आर्थिक क्रान्ति को साकार करने का सपना है। अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा देने के लिए नीति निदेशक तत्वों में निम्नलिखित निर्देश दिये गये हैं –

  1. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा बनाये रखने का प्रयास करना।
  2. राज्यों के मध्य न्याय संगत एवं सम्मानपूर्वक सम्बन्धों की स्थापना करने का प्रयास करना।
  3. अन्तर्राष्ट्रीय कानून एवं संधियों का आदर करना।
  4. अन्तर्राष्ट्रीय झगड़ों को मध्यस्थता द्वारा शान्तिपूर्ण ढंग से निपटाने का प्रयास करना।

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प्रश्न 6.
स्वतन्त्रता के अधिकार से हमें कौन-कौन सी स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हुई हैं? (2009)
अथवा
स्वतन्त्रता के अधिकारों के अन्तर्गत नागरिकों को कौन-सी स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं? (2012, 15, 17)
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-10 द्वारा नागरिकों को स्वतन्त्रता का अधिकार दिया गया है। इससे उन्हें विचारों की अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतन्त्रता प्राप्त होती है। यह उसके शारीरिक, मानसिक तथा नैतिक विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक है। इनके अभाव में व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का पूर्ण विकास नहीं कर सकता है। स्वतन्त्रता के अधिकार में हमें निम्नलिखित स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं –

  1. भाषण तथा अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता।
  2. अस्त्र-शस्त्र के बिना शान्तिपूर्ण ढंग से एकत्रित होने की स्वतन्त्रता।
  3. समुदाय या संघ बनाने की स्वतन्त्रता।
  4. पूरे भारत में कहीं भी भ्रमण करने की स्वतन्त्रता।
  5. भारत के किसी भी कोने में निवास करने की स्वतन्त्रता।
  6. अपनी इच्छा के अनुकूल रोजगार या व्यवसाय करने की स्वतन्त्रता।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मौलिक अधिकारों से आशय व उसके महत्त्व को स्पष्ट कीजिए। (2008, 09, 14, 16)
उत्तर:
मौलिक अधिकार का अर्थ-मौलिक अधिकार वे अधिकार हैं, जिन्हें देश के सर्वोच्च कानून में स्थान दिया गया है तथा जिनकी पवित्रता तथा उलंघनीयता को विधायिका तथा कार्यपालिका स्वीकार करते हैं, अर्थात् जिसका उल्लंघन कार्यपालिका तथा विधायिका भी नहीं कर सकती। यदि वे कोई ऐसा कार्य करें, जिनसे संविधान का उल्लंघन होता है तो न्यायपालिका उनके ऐसे कार्यों को असंवैधानिक घोषित कर सकती है। –

मौलिक अधिकारों का महत्त्व
(1) व्यक्ति के विकास में सहायक :
मौलिक अधिकार उन परिस्थितियों को उपलब्ध कराते हैं, जिनके आधार पर व्यक्ति अपनी मानसिक, शारीरिक, नैतिक, सामाजिक, धार्मिक आदि क्षेत्रों में उन्नति कर सकता है। मूल अधिकार व्यक्ति को उन क्षेत्रों में सुरक्षा और स्वतन्त्रता भी प्रदान करते हैं। इस प्रकार मौलिक अधिकार नागरिकों के व्यक्तित्व के विकास में सहायक हैं। :

(2) प्रजातन्त्र की सफलता के आधार :
हमारे देश में प्रजातन्त्रीय शासन-प्रणाली को अपनाया गया है। ‘स्वतन्त्रता’ और ‘समानता’ प्रजातन्त्र के मूल आधार हैं। बिना इसके प्रजातन्त्र की सफलता की आशा नहीं की जा सकती। भारतीय संविधान में ‘स्वतन्त्रता’ और ‘समानता’ दोनों को अधिकार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक नागरिक को शासन की आलोचना करने का अधिकार है। निर्वाचन में खड़े होने, प्रचार करने, मत देने आदि के सभी को समान अधिकार हैं। इस प्रकार मूल अधिकार सफल लोकतन्त्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं।

(3) एक दल की तानाशाही पर रोक :
प्रजातन्त्र में ‘बहुमत की तानाशाही’ का सदैव भय बना रहता है। अतः मूल अधिकार अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करते हैं। इस प्रकार मौलिक अधिकार किसी एक दल की तानाशाही पर अंकुश लगाने में सहायक हैं।

(4) न्यायप्रालिका की सर्वोच्चता :
मौलिक अधिकारों को न्यायपालिका का संरक्षण प्राप्त है इसलिए कार्यपालिका और व्यवस्थापिका नागरिकों के मौलिक अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।

(5) देश की सामाजिक व आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप :
मौलिक अधिकार हमारे देश की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदि परिस्थितियों के अनुरूप हैं। इसलिए जीविकोपार्जन का अधिकार, शिक्षा पाने का अधिकार आदि उनमें सम्मिलित किये गये हैं।

(6) अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के उत्थान में सहायक :
मौलिक अधिकार अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्ग के हितों की रक्षा करते हैं।

(7) व्यक्ति और राज्य के मध्य सामंजस्य :
श्री एम. बी. पायली के अनुसार, “मूल अधिकार एक ही समय पर शासकीय शक्ति से व्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं एवं शासकीय शक्ति द्वारा व्यक्ति स्वातन्त्र्य को सीमित करते हैं। इस प्रकार मौलिक अधिकार व्यक्ति और राज्य के मध्य सामंजस्य स्थापित करता है।

प्रश्न 2.
स्वतन्त्रता के अधिकारों के अन्तर्गत नागरिकों को कौन-सी स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं? (2009, 13)
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-10 द्वारा नागरिकों को स्वतन्त्रता का अधिकार दिया गया है। इस अधिकार के अन्तर्गत नागरिकों को निम्नलिखित स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं –
(1) विचार और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता :
भारत में प्रत्येक नागरिक को अपने विचारों की अभिव्यक्ति करने तथा भाषण देने की स्वतन्त्रता प्रदान की गई है। परन्तु साथ ही इस अधिकार पर कुछ प्रतिबन्ध भी लगाये गये हैं, ताकि कोई नागरिक उनका दुरुपयोग न कर सके।

(2) अस्त्र-शस्त्र रहित शान्तिपूर्ण ढंग से सभा तथा सम्मेलन करने की स्वतन्त्रता :
प्रत्येक भारतीय नागरिक को बिना अस्त्र-शस्त्र के शान्तिपूर्ण ढंग से सम्मेलन करने की स्वतन्त्रता है। परन्तु देश की एकता और उसकी प्रभुता के हित में राज्य इन पर प्रतिबन्ध भी लगा सकता है।

(3) समुदाय और संघ निर्माण की स्वतन्त्रता :
भारतीय नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक व बौद्धिक . आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संस्थाएँ तथा संघ निर्माण करने का अधिकार है।

(4) भ्रमण की स्वतन्त्रता :
भारत के सभी नागरिक बिना किसी प्रतिबन्ध या अधिकार-पत्र के भारत की सीमाओं के अन्दर कहीं भी भ्रमण कर सकते हैं।

(5) व्यवसाय की स्वतन्त्रता :
संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छानुसार व्यवसाय चुनने तथा उसे करने की स्वतन्त्रता प्रदान करता है। परन्तु वृत्ति, उपजीविका व्यापार करने की स्वतन्त्रता पर प्रतिबन्ध लगाया जा सकता है। कारण यह है कि राज्य को स्वयं या किसी निगम के द्वारा किसी व्यापार, उद्योग या सेवा का स्वामित्व ग्रहण करने का पूरा अधिकार है। इन उद्योगों से सरकार जनता को पृथक् रख सकती है। इसके अतिरिक्त किसी व्यवसाय को ग्रहण करने के लिए व्यावसायिक योग्यता की भी शर्त लगा सकती है, जैसे-वकालत पेशा ग्रहण करने के लिए एल. एल. बी. की परीक्षा एवं प्रशिक्षण होना अनिवार्य है।

(6) व्यक्तिगत स्वतन्त्रता :
बिना कारण बताये गिरफ्तारी एवं नजरबन्दी के विरुद्ध व्यवस्था के अन्तर्गत यदि किसी भी व्यक्ति को बन्दी बनाया जाता है तो उसे मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना चौबीस घण्टे से अधिक समय तक बन्दी बनाकर नहीं रखा जा सकता है। साथ ही अभियुक्त को वकील आदि से परामर्श करने एवं पैरवी आदि कराने की भी पूर्ण स्वतन्त्रता प्राप्त है। जिन लोगों को नजरबन्द किया जाता है उन्हें भी साधारण अवस्था में तीन महीने से अधिक समय के लिए नजरबन्द नहीं किया जा सकता है। परन्तु ‘नजरबन्दी परामर्शदात्री समिति’ जब अधिक समय के लिए नजरबन्दी की सलाह देती है तो यह अवधि बढ़ाई जा सकती है। फिर भी संसद को अधिकार रहता है कि वह निर्णय ले कि किसी व्यक्ति को अधिक से अधिक कितने समय तक नजरबन्द रखा जा सकता है।

(7) आवास की स्वतन्त्रता :
भारत के प्रत्येक नागरिक को किसी भी स्थान पर स्थायी तथा अस्थायी निवास करने की स्वतन्त्रता है। पश्चिमी बंगाल का निवासी उत्तर प्रदेश में निवास कर सकता है और उत्तर प्रदेश का निवासी पश्चिमी बंगाल में। स्वतन्त्रता के मौलिक अधिकारों पर कुछ प्रतिबन्ध भी लगाये गये हैं। नागरिक जनता को भड़काने वाले भाषण नहीं दे सकते। इसी प्रकार अनैतिक तथा अपराधी समुदायों के गठन की स्वतन्त्रता नहीं है। साम्प्रदायिकता फैलाने वाले समुदाय भी नहीं बनाये जा सकते। “आन्तरिक सुरक्षा अधिनियम” (MISA) द्वारा व्यक्तिगत स्वतन्त्रता पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। परन्तु यह प्रतिबन्ध विशेष परिस्थितियों में ही लगाया जाता है; सामान्य परिस्थितियों में नहीं।

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प्रश्न 3.
संवैधानिक उपचारों के अधिकार के अन्तर्गत कौन से प्रमुख लेख (रिट् न्यायालय जारी करते हैं?
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-32 से 35 तक मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए संविधान में प्रबन्ध किये गये हैं। इन अधिकारों के अन्तर्गत न्यायालय निम्नलिखित पाँच प्रकार के लेख (रिट) जारी करते हैं

(1) बन्दी प्रत्यक्षीकरण आदेश :
यह अत्यन्त महत्त्वपूर्ण आदेश है। इस आदेश द्वारा बन्दी व्यक्तियों को तुरन्त ही न्यायालय के सम्मुख प्रस्तुत करने तथा बन्दी बनाये जाने के कारण बताने का आदेश दिया जाता है। न्यायालय के विचार में यदि किसी व्यक्ति को अवैध रूप से बन्दी बनाया गया है, तो वह उसे मुक्त करने का आदेश देता है।

(2) परमादेश :
इस आदेश को उस समय जारी किया जाता है जब किसी संस्था या पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का उचित ढंग से पालन नहीं करते जिसके परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति के मूल अधिकारों का हनन होता है। न्यायालय इस आदेश द्वारा संस्था या पदाधिकारी को अपने कर्तव्य पालन का आदेश दे सकता है।

(3) प्रतिषेध :
इसके द्वारा उच्च या सर्वोच्च न्यायालय अपने अधीनस्थ न्यायालयों को किसी कार्य को न करने का आदेश दे सकता है। जो विषय किसी न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के बाहर के होते हैं, उनकी सुनवाई उस न्यायालय में न हो, उस उद्देश्य से ये लेख जारी किये जाते हैं।

(4) उत्प्रेषण :
इसके द्वारा कोई न्यायालय अपने अधीनस्थ न्यायालय को आदेश देकर सभी प्रकार के अभिलेख (रिकॉर्ड) अपने पास मँगवा सकता है।

(5) अधिकार पृच्छा :
जब किसी व्यक्ति को कानून की दृष्टि से कोई कार्य करने का अधिकार नहीं है और वह व्यक्ति उस कार्य को करता है, तब यह लेख जारी किया जाता है। उदाहरणार्थ-यदि कोई व्यक्ति ऐसे पद पर नियुक्त किया जाता है, जिसके लिए वह कानून की दृष्टि में योग्य नहीं है, तो न्यायालय उस लेख द्वारा उसकी नियुक्ति पर तब तक के लिये रोक लगा सकता है जब तक कि उसका निर्णय न हो जाए। ये सभी लेख मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध जारी किये जाते हैं।

प्रश्न 4.
सूचना के अधिकार के कोई दो सैद्धान्तिक आधारों का वर्णन कीजिए, साथ ही लिखिए कि यदि सूचना समय पर न मिले तो क्या करना चाहिए?
उत्तर:
सूचना के अधिकार का सैद्धान्तिक आधार यह अधिकार एक महत्त्वपूर्ण अधिकार है, क्योंकि यह प्रमुख रूप से तीन सिद्धान्तों पर आधारित है।
(1) जवाबदेही का सिद्धान्त :
हमारे शासन का स्वरूप लोकतान्त्रिक है। इससे सरकारें लोकहित के लिए उत्तरदायी ढंग से कार्य करती हैं। मात्र किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष द्वारा लाभ के लिए कार्य नहीं किया जाना चाहिए। अतः सरकार तथा इससे सम्बन्धित समस्त संगठनों एवं लोक प्राधिकरणों को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाया गया है। जनता को इनके कार्यों की जानकारी देना आवश्यक है।

(2) सहभागिता का सिद्धान्त :
एक प्रजातान्त्रिक व्यवस्था में सरकारों द्वारा अधिकांश कार्य जनता के लिए और जनता के सहयोग से किया जाता है। योजना निर्माण की प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी होना आवश्यक है, जिससे लोगों द्वारा समय रहते जनता के हित में योजनाओं में वांछित परिवर्तन एवं संशोधन किया जा सके।

(3) पारदर्शिता का सिद्धान्त :
तीसरा आधार है-पारदर्शिता का सिद्धान्त। सार्वजनिक धन एवं समय के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, गबन आदि को रोकने के लिए सरकारी काम-काज में पारदर्शिता होना आवश्यक है। इससे भ्रष्ट लोगों पर अंकुश लगाया जा सकता है और ईमानदार लोग निर्भय एवं निष्पक्ष होकर कार्य कर सकेंगे।

लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना आधी, पूर्णतः सही न दिये जाने पर आवेदक 30 दिनों के भीतर प्रथम अपीलीय अधिकारी को अपील कर सकता है। अपीलीय अधिकारी को, अपील प्राप्त होने के सामान्यतः 30 दिन एवं अधिकतम 45 दिन के भीतर कार्यवाही अपेक्षित है। साथ ही इस कार्यवाही की सूचना आवेदक को भी दी जानी चाहिए, जिस पर 30 दिनों के भीतर कार्यवाही कर आवेदक को सूचित किया जाता है। यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी 30 दिन के भीतर की गई प्रथम अपील पर कार्यवाही की सूचना आवेदक को नहीं देता है तो आवेदक 90 दिनों के अन्दर द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में कर सकता है या सूचना आयोग को पूर्ण विवरण सहित शिकायत कर सकता है।

प्रश्न 5.
सूचना के अधिकार का महत्व स्पष्ट करते हुए सूचना आयोग के गठन के बारे में लिखिए।
अथवा
सूचना के अधिकार का महत्त्व वर्णित कीजिए। (2017)
उत्तर:
सूचना के अधिकार का महत्त्व सूचना के अधिकार का महत्त्व निम्नलिखित बिन्दुओं से स्पष्ट है –
(1) मौलिक अधिकारों को प्रभावशाली बनाना :
मौलिक अधिकारों में सूचना का अधिकार भी निहित है। यह भाषण एवं अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार की रक्षा करता है। सूचना एवं जानकारी के अभाव में किसी भी व्यक्ति को सार्थक ढंग से अपनी राय अभिव्यक्त करना सम्भव नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे संविधान A-21 के अन्तर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार से भी जोड़ा है। जानने के अधिकार के बिना जीने का अधिकार अधूरा रह जाता है।

(2) शासन को पारदर्शी बनाना :
इस अधिनियम का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है शासन में पारदर्शिता लाना। जनता के प्रतिनिधि अपने अधिकारों का उपयोग उचित ढंग से कर रहे हैं या नहीं, पैसों का उपयोग सही ढंग से हो रहा है या नहीं, इन तथ्यों की जानकारी जनता को होनी चाहिए। इससे सार्वजनिक धन के माध्यम से जन-कल्याण का उद्देश्य प्राप्त किया जा सकता है। सूचना के अधिकार से पारदर्शिता होगी और सार्वजनिक धन को सावधानी से प्रयोग करने का दबाव बनेगा।

(3) शासन में जनता की सहभागिता बढ़ाना :
भारतीय संविधान सहभागी लोकतन्त्र के सिद्धान्त पर आधारित है। इसके लिए जनता द्वारा चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधि का चयन किया जाता है, परन्तु पिछले काफी समय से नागरिकों की निष्क्रियता एक प्रमुख कारण रहा है। अतः शासन व्यवस्था में जनता की सहभागिता बढ़ाने में यह अधिकार एक प्रभावी अस्त्र है।

(4) भ्रष्टाचार पर नियन्त्रण :
सूचना का अधिकार बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को रोकने का एक सशक्त अस्त्र है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही के सिद्धान्त पर आधारित होने के कारण भ्रष्ट आचरण करने वाला व्यक्ति तुरन्त पहचान लिया जाएगा एवं उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी। इसी भय के कारण उत्तरदायी लोग अनुचित कार्यों से दूर होंगे और सुशासन की परिकल्पना को भी साकार किया जा सकता है।

(5) योजनाओं को सफल बनाना :
योजनाओं को सफल बनाने में भी सूचना के अधिकार की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। शासकीय योजनाओं की सफलता मुख्य रूप से दो बातों पर निर्भर करती है-एक योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो जाए एवं दूसरा योजना का लाभ वास्तविक लाभार्थी तक पहुँचाया जा सके। इन दोनों ही उद्देश्यों की पूर्ति में सूचना का अधिकार एक कारगर अस्त्र है।

इस प्रकार स्पष्ट है कि सूचना का अधिकार एक अत्यधिक महत्त्वपूर्ण अधिकार है।

सूचना आयोग का गठन :
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय सूचना आयोग तथा प्रदेश स्तर पर राज्य सूचना आयोग गठन का प्रावधान है। राज्य सूचना आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त के अतिरिक्त अधिक-से-अधिक.9 राज्य सहायक सूचना आयुक्त नियुक्त करने का प्रावधान है। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसके अध्यक्ष मुख्यमन्त्री होते हैं। इस समिति में विधानसभा में विपक्ष के नेता और मुख्यमन्त्री द्वारा नामित एक मंत्री भी होते हैं। मुख्य सूचना आयुक्त व राज्य सूचना आयुक्तों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।

प्रश्न 6.
मौलिक कर्त्तव्य किसे कहते हैं? संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों का वर्णन कीजिए। (2008, 13, 15)
अथवा
संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों का वर्णन कीजिए। (2018)
उत्तर:
साधारण शब्दों में किसी काम को करने के दायित्व को कर्त्तव्य कहते हैं। मौलिक कर्त्तव्य ऐसे बुनियादी कर्तव्यों को कहते हैं जो व्यक्ति को अपनी उन्नति व विकास के लिए तथा समाज व देश की प्रगति के लिए अवश्य ही करने चाहिए।

जब भारत के संविधान का निर्माण हुआ था तब उसमें सिर्फ मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया था। इसमें कर्त्तव्यों की कोई व्याख्या नहीं की गई थी, जबकि अधिकार और कर्त्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए अनुच्छेद-51 (क) में निम्नलिखित मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है –

  1. संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, संस्थाओं और राष्ट्रगान का आदर करें।
  2. स्वतन्त्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोये रखें और उनका पालन करें। .
  3. भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें।
  4. देश की रक्षा करें और आह्वान किये जाने पर राष्ट्र की सेवा करें।
  5. भारत के सभी लोगों में समरसता और सम्मान, भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभावों से दूर हो। ऐसी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हैं।
  6. हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें।
  7. प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसके अन्तर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं, रक्षा करें और उसका संवर्धन करें तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखें।
  8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें।
  9. सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें।
  10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत् प्रयास करें, जिससे राष्ट्र निरन्तर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नयी ऊँचाइयों को छू सके।
  11. यदि माता-पिता या संरक्षक हैं, तो छ: वर्ष और चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने बालक या प्रतिपाल्य को यथास्थिति शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

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प्रश्न 7.
नीति निदेशक तत्वों के प्रकार स्पष्ट करते हुए उनका वर्णन करें। (2016)
अथवा
गाँधीजी के विचारों के अनुकूल निदेशक तत्व कौन-से हैं? (2009)
अथवा
नीति निदेशक तत्वों के उद्देश्य स्पष्ट करते हुए उनका वर्णन कीजिए। (2009)
अथवा
राज्य के नीति निदेशक तत्वों के प्रकार का वर्णन कीजिए। (2008)
उत्तर:
नीति निदेशक तत्व भारत में सामाजिक और आर्थिक क्रान्ति को साकार करने का सपना है। इनको निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है –

  1. कल्याणकारी व्यवस्था।
  2. गाँधीजी के विचारों के अनुकूल निदेशक तत्व।
  3. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा।

1. कल्याणकारी व्यवस्था :

  • देश के संसाधनों का प्रयोग लोक कल्याण के लिए किया जाए।
  • महिला और पुरुषों को समान जीविका के साधन उपलब्ध कराना।
  • धन और उत्पादन के साधन मात्र कुछ व्यक्तियों के हाथों में केन्द्रित न हो, उनका उपयोग व्यापक जनहित के लिए हो।
  • महिलाओं और पुरुषों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए।
  • बच्चे और नवयुवकों की आर्थिक एवं नैतिक पतन से रक्षा हो।
  • सभी को रोजगार और शिक्षा प्राप्त हो, बेरोजगारी व असमर्थता में राज्य द्वारा सहायता मिले।
  • सभी व्यक्तियों को गरिमामयी जीवन स्तर, पर्याप्त अवकाश एवं सामाजिक व सांस्कृतिक सुविधाएँ प्राप्त हों। सभी के भोजन एवं स्वास्थ्य के स्तर में सुधार हो।
  • बच्चों के लिए अनिवार्य निःशुल्क शिक्षा का प्रबन्ध हो।’

2. गाँधीजी के विचारों के अनुकूल निदेशक तत्व –

  • कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • ग्राम पंचायतों का गठन करना और उन्हें स्वशासन की इकाई बनाना।
  • पिछड़ी एवं अनुसूचित जाति तथा जनजातियों की शिक्षा एवं आर्थिक हितों का सवंर्धन करना तथा उन्हें शोषण से बचाने हेतु प्रयास करना।
  • नशीली वस्तुओं के प्रयोग पर पाबन्दी लगाना।
  • कृषि और पशुपालन को वैज्ञानिक ढंग से करवाने का प्रबन्ध करना।
  • पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु प्रयास करना व वन्य जीवों की रक्षा करना।
  • दुधारू व बोझ ढोने वाले पशुओं की रक्षा व उनकी नस्ल को सुधारने के उपाय करना।
  • सारे देश में दीवानी और फौजदारी कानून बनाना।
  • राष्ट्रीय व ऐतिहासिक महत्त्व के स्थानों की सुरक्षा करना।
  • लोक सेवा में कार्यपालिका एवं न्यायपालिका को पृथक् करने का प्रयास करना।

3. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा-

  1. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा को बढ़ावा देना।
  2. राज्यों के मध्य न्यायसंगत एवं सम्मानपूर्ण सम्बन्धों की स्थापना करने का प्रयास करना।
  3. अन्तर्राष्ट्रीय कानून एवं सन्धियों का आदर करना।
  4. अन्तर्राष्ट्रीय झगड़ों को मध्यस्थता द्वारा शान्तिपूर्ण ढंग से निपटाने का प्रयास करना।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान कितने भागों में विभाजित है?
(i) 22 भागों
(ii) 20 भागों
(iii) 11 भागों
(iv) 25 भागों।
उत्तर:
(i) 22 भागों

प्रश्न 2.
इसमें से कौन सा मौलिक अधिकार नहीं है?
(i) काम करने एवं आराम करने का अधिकार
(ii) स्वतन्त्रता का अधिकार
(iii) समानता का अधिकार
(iv) शोषण के विरुद्ध अधिकार।
उत्तर:
(i) काम करने एवं आराम करने का अधिकार

प्रश्न 3.
संविधान ने नागरिक को कितने मूलाधिकार प्रदान किये हैं?
(i) 10
(ii) 8
(iii) 6
(iv) 71
उत्तर:
(iii) 6

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प्रश्न 4.
संविधान के अनुच्छेद 22 में व्यक्ति को कौन सा अधिकार प्रदान किया गया है?
(i) जीवन व व्यक्तिगत स्वतन्त्रता
(ii) गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी अधिकार
(iii) शोषण के विरुद्ध अधिकार
(iv) निवास व भ्रमण का अधिकार।
उत्तर:
(ii) गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी अधिकार

प्रश्न 5.
संवैधानिक उपचारों हेतु न्यायालय द्वारा कितने प्रकार के लेख (रिट) जारी किये गये हैं?
(i) चार प्रकार के
(ii) तीन प्रकार के
(iii) छ: प्रकार के
(iv) पाँच प्रकार के।
उत्तर:
(iv) पाँच प्रकार के।

रिक्त स्थान की पूर्ति

  1. भारतीय संविधान कुल ……. भागों में विभाजित है। (2010)
  2. संविधान में अस्पृश्यता का किसी भी रूप में व्यवहार ………… है।
  3. मौलिक अधिकारों का संरक्षण ………… करता है। (2008,09)
  4. हमें भारतीय संविधान द्वारा ………… मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। (2011, 13)
  5. सूचना का अधिकार देश के प्रत्येक …………. को प्राप्त है। (2013)
  6. मौलिक अधिकार …………. के लिए हैं। (2014)

उत्तर:

  1. 22
  2. दण्डनीय अपराध
  3. सर्वोच्च न्यायालय
  4. 6
  5. नागरिक
  6. नागरिकों।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
संविधान ने नागरिकों को 8 मौलिक अधिकार प्रदान किये हैं। (2009)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा नागरिकों को विधि के समक्ष समानता और संरक्षण प्राप्त है। (2014)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
20 वर्ष की आयु तक विद्यालय शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य बनाना है। (2012)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
राज्य के नीति-निदेशक तत्व राज्य के लिए रचनात्मक निर्देश हैं। (2009)
उत्तर:
सत्य

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प्रश्न 5.
मौलिक कर्तव्यों का पालन प्रत्येक राज्य के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। (2009)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 6.
मूल अधिकारों को न्यायालय का संरक्षण प्राप्त है। (2015)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 7.
भारत के संविधान में अस्पृश्यता का किसी भी रूप में व्यवहार दण्डनीय अपराध है। (2016)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 8.
संस्कृति और शिक्षा का अधिकार मौलिक अधिकार है। (2016)
उत्तर:
सत्य

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 14 नागरिकों के संवैधानिक अधिकार एवं कर्त्तव्य - 1
उत्तर:

  1. →(ङ)
  2. →(घ)
  3. →(ख)
  4. → (क)
  5. → (ग)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
मौलिक अधिकारों का संरक्षण कौन करता है? (2008)
उत्तर:
सर्वोच्च न्यायालय

प्रश्न 2.
14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों से श्रम कहलाता है। (2012, 15)
उत्तर:
बाल अपराध

प्रश्न 3.
देश का सर्वोच्च कानून जिसमें किसी देश की राजनीति और समाज को चलाने वाले मौलिक कानून हों। (2011)
उत्तर:
संविधान

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प्रश्न 4.
भाषण की अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता। (2012)
उत्तर:
स्वतन्त्रता का अधिकार

प्रश्न 5.
देश की सर्वोच्च विधायी संस्था द्वारा उस देश के संविधान में किया जाने वाला बदलाव।। (2010)
उत्तर:
संविधान संशोधन।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मौलिक अधिकार किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह अधिकार जो व्यक्ति के सर्वांगीण विकास एवं गरिमा के लिए आवश्यक हैं, जिन्हें देश के संविधान में अंकित किया गया है और सर्वोच्च न्यायालय जिनकी सुरक्षा करता है, मौलिक अधिकार कहलाते हैं।

प्रश्न 2.
भारतीय संविधान कितने भागों में विभाजित है?
उत्तर:
भारतीय संविधान कुल 22 भागों में विभाजित है। इसके तीसरे भाग में मूल अधिकार हैं, चौथे भाग में नीति निदेशक तत्व हैं और बाद में जोड़े गये भाग चार (क) में मूल कर्त्तव्य हैं। ये सब एक ही व्यवस्था के अंग हैं।

प्रश्न 3.
बालश्रम (14 वर्ष के कम आयु वाले बच्चों से श्रम) के सम्बन्ध में कौन-सा कानून बनाया गया है?
उत्तर:
बालश्रम के सम्बन्ध में अनुच्छेद-23 एवं 24 में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों एवं अन्य खतरनाक स्थानों पर नियुक्ति आदि पर रोक लगायी गयी है। इस सम्बन्ध में ‘शोषण के विरुद्ध अधिकार’ कानून बनाया गया है।

प्रश्न 4.
संवैधानिक उपचारों हेतु न्यायालय ने कितने प्रकार के लेख (रिट) जारी किये हैं ?
उत्तर:
संवैधानिक उपचारों हेतु न्यायालय ने पाँच प्रकार की रिट जारी की हैं। जो निम्न हैं –

  1. बन्दी प्रत्यक्षीकरण
  2. प्रतिषेध
  3. परमादेश
  4. उत्प्रेषण
  5. अधिकार पृच्छा।

प्रश्न 5.
हमें कर्त्तव्य का पालन क्यों करना चाहिए?
उत्तर:
भारतीय नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम संविधान का पालन करें, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करें अर्थात् देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए हमें कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

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MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“संविधान में अस्पृश्यता का किसी भी रूप में व्यवहार दण्डनीय अपराध है।” स्पष्ट कीजिए। (2008)
अथवा
भारतीय संविधान में अस्पृश्यता का अन्त करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है ? (2011)
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-17 द्वारा नागरिकों में सामाजिक समानता लाने के लिए अस्पृश्यता अर्थात् छुआछूत के व्यवहार का निषेध किया गया है। नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 द्वारा राज्य अथवा नागरिकों द्वारा किसी भी रूप में अस्पृश्यता का व्यवहार अपराध माना जाएगा। जो नागरिक छुआछूत को मानेगा तथा इसे बढ़ावा देगा, वह दण्ड का भागी होगा। इस अधिकार के द्वारा अछूतों के साथ किये गये अन्याय का निराकरण होता है। संविधान में यह भी स्पष्ट लिखा हुआ है कि राज्य, जाति, वंश, धर्म, लिंग तथा जन्म-स्थान के नाम पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। अतः किसी भी व्यक्ति को दुकानों, सार्वजनिक जलपान-गृहों, कुओं, तालाबों, नदी के घाटों, सड़कों, पार्कों तथा ऐसे सार्वजनिक प्रयोग के स्थानों में नहीं रोका जा सकता है जिनको बनाये रखने का व्यय या तो पूर्णतः या आंशिक रूप से राज्य के द्वारा होता है। किसी को भी जाति या अन्य किसी आधार पर अपमानित नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 2.
समानता के अधिकार को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
समानता का अधिकार अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। यह लोकतन्त्र की आधारशिला है। इस अधिकार के अन्तर्गत नागरिकों को निम्न प्रकार की समानताएँ प्रदान की गई हैं –

  1. कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं।
  2. धर्म, वंश, जाति, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ राज्य किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करेगा।
  3. राज्य के अधीन नौकरियों और पदों के सम्बन्ध में नियुक्ति के समान अवसर प्राप्त होंगे।
  4. अस्पृश्यता के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
  5. सेना तथा शिक्षा सम्बन्धी उपाधियों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की उपाधियों का अन्त।

प्रश्न 3.
जीवन और व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के संरक्षण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
जीवन और व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के संरक्षण के सन्दर्भ में अनुच्छेद-21 के अनुसार किसी भी नागरिक को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त, उसके जीवन और व्यक्तिगत स्वतन्त्रता से वंचित नहीं किया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन और प्राणों की रक्षा के साथ समाज में मानवीय प्रतिष्ठा के साथ जीवित रहने का अधिकार है। इसके अन्तर्गत सम्मानजनक आजीविका के अवसर और बंधुआ मजदूरी से भी मुक्ति शामिल है। परन्तु नागरिक संविधान द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त स्वतन्त्रता का उपभोग नहीं कर सकता है।

प्रश्न 4.
गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी अधिकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-22 के अन्तर्गत देश के नागरिक को गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी कुछ अधिकार प्रदान किये गये हैं, जो निम्नलिखित हैं –

  1. देश के किसी भी नागरिक को उसके अपराध के विषय में बताए बिना गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
  2. प्रत्येक आरोपी को अपने बचाव के लिए वकील से सलाह-मशविरा करने से वंचित नहीं किया जा सकता है।
  3. न्यायालय की आज्ञा के बिना किसी भी आरोपी को 24 घण्टों से ज्यादा समय तक बन्दी बनाकर नहीं रखा जा सकता है अर्थात् 24 घण्टे के भीतर आरोपी को निकटतम न्यायालय के सामने प्रस्तुत करना आवश्यक है।

प्रश्न 5.
‘शोषण के विरुद्ध अधिकार’ से नागरिकों को कौन-कौन से अधिकार प्राप्त हुए हैं?
अथवा
नागरिकों को शोषण के विरुद्ध क्या अधिकार प्राप्त हैं? (2009)
उत्तर:
शोषण के विरुद्ध अधिकारों का वर्णन अनुच्छेद-23 एवं 24 में है। इन अधिकारों के द्वारा श्रमिकों, अल्पसंख्यकों तथा स्त्रियों को अन्याय व शोषण से मुक्ति दिलाने की चेष्टा की गयी है। ये निम्नलिखित हैं –

  1. बेगार व बलपूर्वक श्रम कराने का अन्त-संविधान की धारा-23 के अनुसार मनुष्यों से बेगार या बलपूर्वक कराया गया श्रम, कानून के विरुद्ध माना जाएगा।
  2. मनुष्य के क्रय-विक्रय का अन्त-संविधान के द्वारा मानव के क्रय-विक्रय को अवैध घोषित कर दिया गया है।
  3. अल्प आयु के बालकों से श्रम लेने पर रोक-14 वर्ष तक की आयु के बालकों को किसी कारखाने या खान में काम पर नहीं रखा जाएगा।
  4. स्त्रियों की सुरक्षा-संविधान में स्त्रियों को भी पुरुषों के समान अवसर देने की व्यवस्था की गयी है। स्त्रियों से किसी प्रकार का कठोर कार्य नहीं लिया जाएगा।

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प्रश्न 6.
धार्मिक स्वतन्त्रता के अधिकार को स्पष्ट कीजिए। (2009)
उत्तर:
अनुच्छेद-25 से 28 के अन्तर्गत इस अधिकार की व्याख्या की गई है। भारत को धर्म निरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है जिसका अर्थ है कि राज्य किसी भी धर्म से सम्बन्धित नहीं रहेगा और न ही किसी धर्म विशेष का पोषण करेगा। भारतीय नागरिकों को धार्मिक स्वतन्त्रता प्रदान की गयी है, जिसके अन्तर्गत –

  1. नागरिक अपनी इच्छानुसार किसी भी धर्म को अपना सकते हैं।
  2. प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का शान्तिपूर्वक प्रचार करने का अधिकार है।
  3. नागरिक धार्मिक संस्थाओं की व्यवस्था कर सकते हैं।
  4. अपनी धार्मिक संस्थाओं का प्रबन्ध करने तथा इनके सम्बन्ध में सम्पत्ति प्राप्त करने और व्यय करने की स्वतन्त्रता प्रत्येक नागरिक को है।
  5. राज्य द्वारा संचालित तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों में किसी भी प्रकार की धार्मिक शिक्षा प्रदान नहीं की जाएगी।

प्रश्न 7.
संस्कृति तथा शिक्षा सम्बन्धी अधिकार पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
संविधान की 29वीं एवं 30वीं धाराओं में नागरिकों के संस्कृति व शिक्षा सम्बन्धी अधिकारों का उल्लेख किया गया है, जो निम्नलिखित हैं –

  1. भाषा, लिपि व संस्कृति की सुरक्षा-प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भाषा, लिपि एवं विशिष्ट संस्कृति की रक्षा व प्रचार-प्रसार करने का अधिकार है।
  2. सहायता अनुदान में निष्पक्षता-सरकार समस्त विद्यालयों को चाहे वे अल्पसंख्यकों के हों या बहुसंख्यकों के, सभी को समान अनुदान देगी।
  3. शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश की समानता-जाति, भाषा व धर्म के आधार पर किसी भी नागरिक को सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश से नहीं रोका जा सकता।
  4. शिक्षण संस्थाओं की स्थापना का अधिकार-संविधान के अनुच्छेद-30 के अनुसार समस्त अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रुचि की शिक्षण संस्थाओं को स्थापित करने का अधिकार है।

प्रश्न 8.
राज्य के नीति निदेशक तत्वों से क्या तात्पर्य है? इनके क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर:
भारत के संविधान में कल्याणकारी राज्य की स्थापना कर सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय प्रदान करने के लिए नीति निदेशक सिद्धान्तों को शामिल किया गया है। नीति निदेशक तत्व संविधान निर्माताओं द्वारा केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकारों को नीतियों के निर्धारण के लिए दिए गए दिशा निर्देश हैं। ये निर्देश शासन प्रशासन के समस्त अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक सिद्धान्त भी हैं। यह अपेक्षा की जाती है कि इनके अनुसार ही सभी कार्य सम्पन्न हों, परन्तु ऐसा न होने पर नागरिक इसकी अपील न्यायालय में नहीं कर सकता है। जबकि मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध में ऐसा नहीं है। नीति निदेशक तत्व राज्य के कर्त्तव्य हैं। ये भारतीय संविधान की विशेषता है।

नीति निदेशक तत्वों के उद्देश्य :
नीति निदेशक तत्व भारत में सामाजिक और आर्थिक क्रान्ति को साकार करने का सपना है। इनका उद्देश्य आम आदमी की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना और समाज के ढाँचे को परिवर्तित कर भारतीय जनता को सही अर्थों में समान एवं स्वतन्त्र बनाना है। इन तत्वों का उद्देश्य भारत को :

  1. कल्याणकारी राज्य में बदलना
  2. गाँधीजी के विचारों के अनुकूल बनाना तथा
  3. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति के पोषक राज्य के रूप में विकसित करना है।

प्रश्न 9.
सूचना के अधिकार से सम्बन्धित सूचनाएँ हम किन स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
सूचनाएँ दो प्रकार से प्राप्त की जा सकती हैं –

  1. प्रकाशित सूचनाओं द्वारा :
    विभाग और शासकीय निकाय समय-समय पर स्वयं से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रकाशित करते हैं, अतः सूचनाएँ उनसे मिल जाती हैं।
  2. आवेदन-पत्र प्रस्तुत करके :
    इस प्रकार सूचना प्राप्त करने के लिए आवेदक को सादे कागज पर अपना नाम, पता दर्शाते हुए विभाग, शासकीय निकाय के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होता है। आवश्यक दस्तावेजों की छाया प्रतियाँ भी माँगी जा सकती हैं। इस हेतु कुछ शुल्क का प्रावधान भी है।

प्रश्न 10.
सूचना के अधिकार के अन्तर्गत हम सरकारी कार्यालय से जानकारी कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
सूचना के अधिकार के तहत किसी भी सरकारी कार्यालय से जानकारी निम्नलिखित रूपों में प्राप्त की जा सकती है –

  1. दस्तावेज की फोटोकॉपी
  2. दस्तावेज एवं आँकड़ों की सी. डी. फ्लॉपी, वीडियो कैसेट की प्रति
  3. प्रकाशन जो सम्बन्धित विभाग द्वारा प्रकाशित किए गए हों
  4. दस्तावेजों का अवलोकन अर्थात् दस्तावेजों को उन्हीं के कार्यालय में पढ़ा जा सकता है।

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प्रश्न 11.
सूचना के अधिकार के तहत सूचना नहीं देने वाले अधिकारियों को किन स्थितियों में और क्या दण्ड दिया जा सकता है?
उत्तर:
सूचना न देने पर दण्ड-सूचना नहीं देने वाले अधिकारियों को निम्नलिखित स्थितियों में सजा दी जा सकती है –

  1. लोक सूचना अधिकारी या सहायक लोक सूचना अधिकारी द्वारा आवेदन लेने से मना करना।
  2. निर्धारित समय में जानकारी नहीं देना।
  3. जानबूझ कर गलत, अधूरी व गुमराह करने वाली जानकारी देना।
  4. माँगी गई सूचना को नष्ट करना।

उपर्युक्त स्थितियों में सूचना आयोग ऐसे लोक सूचना अधिकारियों पर 250 रुपये प्रतिदिन से लेकर अधिकतम 25,000 रुपए तक अर्थदण्ड आरोपित करने का आदेश दे सकता है। इसी प्रकार, लोक सूचना अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु विभाग प्रमुख को आयोग अनुशंसा भी कर सकता है।

प्रश्न 12.
राज्य सूचना आयोग के कार्य व अधिकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
राज्य सूचना आयोग के कार्य व अधिकार राज्य सूचना आयोग के निम्नलिखित कार्य व अधिकार है –

  1. राज्य सूचना आयोग का कार्य सूचना के अधिकार को लागू करवाना है। आयोग लोगों से सूचना प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करता है और इससे सम्बन्धित शिकायतों/अपीलों की सुनवाई करता है।
  2. आयोग सूचना के अधिकार से सम्बन्धित किसी भी प्रकरण की जाँच के आदेश दे सकता है।
  3. आयोग के पास सिविल कोर्ट से सम्बन्धित समस्त अधिकार हैं। इसके अन्तर्गत किसी भी व्यक्ति को सम्मन जारी करना, सुनवाई के दौरान उसकी हाजिरी (उपस्थिति) सुनिश्चित करना तथा साक्ष्य प्रस्तुत करने के आदेश देने जैसे अधिकार प्रमुख हैं।

प्रश्न 13.
सूचना के अधिकार के अन्तर्गत हम किस प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
सूचना के अधिकार के अन्तर्गत हम निम्न प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं –

  1. सरकार व सरकार के किसी भी विभाग से सम्बन्धित सूचना।
  2. सरकारी ठेकों का भुगतान, अनुमानित खर्च, निर्माण कार्यों के माप आदि की फोटो प्रतियाँ।।
  3. सड़क, नाली व भवन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के नमूने।
  4. निर्माणाधीन या पूर्ण विकास कार्यों का अवलोकन।
  5. सरकारी दस्तावेजों, जैसे-ड्राइंग, रिकॉर्ड पुस्तिका व रजिस्टरों आदि का अवलोकन।’
  6. यदि कोई शिकायत की गई है या कोई आवेदन दिया गया है तो उस पर प्रगति की जानकारी।
  7. सरकारी परियोजनाओं की जानकारी जिनका क्रियान्वयन कोई भी सरकारी विभाग या स्वयंसेवी संस्था कर रही हो।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान ने नागरिकों को कौन-कौन से मौलिक अधिकार प्रदान किये हैं? वर्णन कीजिए।
अथवा
संविधान में कितने मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है? ‘समानता के अधिकार’ की व्याख्या कीजिए। (2009)
अथवा
मौलिक अधिकार किसे कहते हैं ? भारतीय संविधान द्वारा हमें कितने मौलिक अधिकार प्राप्त हैं? (2011, 12)
उत्तर:
1948 में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा मानव अधिकारों का घोषणा-पत्र जारी किया गया था। भारतीय संविधान में नागरिकों को जो मौलिक अधिकार प्रदान किये गये हैं, वे इसी घोषणा-पत्र पर आधारित हैं। ये अधिकार अग्रवत् हैं –

  • समानता का अधिकार :
    इस अधिकार के द्वारा प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता है तथा भेदभाव, अस्पृश्यता और उपाधियों का अन्त कर दिया गया है। सरकारी नौकरियों में बिना धर्म, जाति, लिंग आदि का भेदभाव किये समानता है।
  • स्वतन्त्रता का अधिकार :
    स्वतन्त्रता के अधिकार के अन्तर्गत नागरिकों को भाषण देने तथा विचार प्रकट करने, शान्तिपूर्ण सभा करने, संघ बनाने, देश में किसी भी स्थान पर घूमने-फिरने की, देश के किसी भी भाग में व्यवसाय की तथा देश में कहीं भी रहने की स्वतन्त्रता आदि प्राप्त है।
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार :
    प्रत्येक नागरिक को शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का अधिकार है। इस अधिकार के अनुसार मानव के क्रय-विक्रय, किसी से बेगार लेने तथा 14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को कारखानों, खानों या किसी खतरनाक धन्धे में लगाने पर रोक लगा दी गयी है।
  • धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार :
    भारत एक धर्म-निरपेक्ष राष्ट्र है, अतः प्रत्येक नागरिक को किसी भी धर्म का अनुसरण करने का अधिकार है। प्रत्येक धर्म के अनुयायियों को अपनी धार्मिक संस्थाएँ स्थापित करने तथा उनका प्रबन्ध करने का अधिकार है।
  • सांस्कृतिक तथा शिक्षा सम्बन्धी अधिकार :
    इस अधिकार के अन्तर्गत भारत के नागरिकों को अपनी भाषा, लिपि तथा संस्कृति को सुरक्षित रखने तथा उसका विकास करने का अधिकार है।
  • संवैधानिक उपचारों का अधिकार :
    इस अधिकार के अनुसार प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार दिया गया है कि यदि उपरिवर्णित पाँच अधिकारों में से किसी भी अधिकार पर आक्षेप किया जाए या उससे छीना जाए, चाहे वह सरकार की ओर से ही क्यों न हो, तो वह सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय से न्याय की माँग कर सकता है।

प्रश्न 2.
सूचना के अधिकार से क्या समझते हैं? सूचना अधिकार अधिनियम सम्बन्धी विशेष तथ्यों को स्पष्ट कीजिए। (2014)
उत्तर:
सूचना का अधिकार-भारतीय संसद में मई 2005 में सूचना का अधिकार अधिनियम पारित किया गया। इस अधिनियम के द्वारा देश के लोगों को किसी भी सरकारी कार्यालय से जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। देश में विगत् कई वर्षों से विकास में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के कई प्रयास किए जाते रहे हैं। पंचायत राज की स्थापना और सार्वजनिक सेवाओं की निगरानी में स्थानीय समुदाय की भागीदारी इसका प्रमुख आयाम है। सार्वजनिक सेवाओं, सुविधाओं और योजनाओं, नियम-कायदों के बारे में जानकारी न होने से लोग विकास के कार्यों में भलीभाँति भागीदारी नहीं कर पाते हैं। लेकिन अब सूचना के अधिकार द्वारा विकास योजनाओं और सार्वजनिक कार्यों में पारदर्शिता लाई जा सकती है। शासन में निर्णय लेने की प्रक्रिया में पक्षपात की सम्भावना एवं भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

सूचना अधिकार अधिनियम सम्बन्धी तथ्य :
इस अधिनियम के विशेष तथ्य निम्नलिखित हैं –
(1) सूचना के अधिकार किसे प्राप्त हैं :
सूचना का अधिकार देश के प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है। कोई भी नागरिक लोक निकाय से उससे सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके अतिरिक्त सभी लोक निकाय अपने दैनिक कार्य-कलापों के सम्बन्ध में आवश्यक सूचनाओं को सूचना-पट पर लोगों की जानकारी के लिए प्रदर्शित करते हैं।

(2) लोक निकाय से आशय :
ऐसे समस्त प्राधिकरण अथवा संस्थाएँ जिनकी स्थापना संसद या विधान मण्डल द्वारा पारित किये गये कानून (अधिनियम) के अन्तर्गत की गई हो, वे लोक निकाय की श्रेणी में सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त वे परिषद् भी इसमें सम्मिलित की गई हैं जो स्वशासी या गैर-सरकारी हैं, किन्तु जिन्हें या तो सरकारी अनुदान मिलता है या जिनका नियन्त्रण केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। इस प्रकार, लोक निकाय से आशय सरकारी, संवैधानिक संस्थाएँ एवं विभागों से है।

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MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 13 निर्वाचन

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 13 निर्वाचन

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
निम्न में से किसे मताधिकार प्रदान किया जा सकता है?
(i) अवयस्क पुरुष तथा महिलाओं को
(i) केवल पुरुषों को,
(iii) वयस्क पुरुष तथा महिलाओं को
(iv) केवल महिलाओं को।
उत्तर:
(iii) वयस्क पुरुष तथा महिलाओं को

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प्रश्न 2.
किसे वोट देने का अधिकार नहीं है? (2016, 18)
(i) पागल या मानसिक विकलांगों को
(ii) नाबालिगों को
(iii) न्यायालय द्वारा दिवालिया घोषित
(iv) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(iv) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 3.
भारत में निम्नलिखित में से किसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू मानी जाती है?
(i) प्रत्याशी के नामांकन पत्र जमा करने के बाद
(ii) चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद
(iii) प्रचार कार्य प्रारम्भ होने के बाद
(iv) चुनाव सभा होने से।
उत्तर:
(ii) चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. हमारे देश के सभी स्त्री-पुरुष जिनकी उम्र …………. वर्ष है, वोट डालने के अधिकारी हैं। (2018)
  2. कई दल मिलकर जब सरकार बनाते हैं, तब वह …………. सरकार कहलाती है। (2017)
  3. राजनीतिक दलों को मान्यता देने के लिए ………… आयोग बनाया गया है।
  4. देश के प्रत्येक वयस्क महिला-पुरुष को बिना किसी भेदभाव के मत देने का अधिकार ……….. मताधिकार कहलाता है।

उत्तर:

  1. 18 वर्ष
  2. साझा
  3. निर्वाचन
  4. सार्वभौमिक वयस्क।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राजनीतिक दल किसे कहते हैं ? लिखिए।
उत्तर:
राजनीतिक दल उन नागरिकों के संगठित समूह का नाम है जो एक ही राजनीतिक सिद्धान्तों को मानते और एक राजनीतिक इकाई के रूप में काम करते और सरकार पर अपना अधिकार जमाने का प्रयत्न करते हैं।

प्रश्न 2.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कौन नियुक्त करता है? (2008, 15, 17)
उत्तर:
निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

प्रश्न 3.
भारत के निर्वाचन आयोग का कार्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर:
भारत के निर्वाचन आयोग का कार्यालय नई दिल्ली में है।

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प्रश्न 4.
साझा सरकार किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी एक दल का बहुमत न आने पर जब कई दल मिलकर सरकार बनाते हैं, तब वह सरकार साझा सरकार कहलाती है। इसे गठबन्धन सरकार भी कहते हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राजनीतिक दलों की विशेषताएँ बताइए। (2014)
अथवा
राजनीतिक दल किसे कहते हैं? उसकी चार विशेषताएँ बताइए। (2008)
उत्तर:
राजनीतिक दल उन नागरिकों के संगठित समूह का नाम है जो एक ही राजनीतिक सिद्धान्तों को मानते और एक राजनीतिक इकाई के रूप में काम करते और सरकार पर अपना अधिकार जमाने का प्रयत्न करते हैं।

राजनीतिक दलों की विशेषताएँ –

  1. अपने विचारों के समर्थन में निरन्तर जनमत बनाना।
  2. एक विधान द्वारा संगठित और संचालित होना।
  3. निर्वाचन आयोग में पंजीकृत होना।
  4. पहचान हेतु एक चुनाव चिह्न होना।
  5. प्रमुख उद्देश्य निर्वाचन में विजय प्राप्त कर सत्ता प्राप्त करना।
  6. शासक दल पर निगाह रखते हुए जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध जनमत तैयार करना।

प्रश्न 2.
मध्यावधि निर्वाचन किसे कहते हैं? (2016)
उत्तर:
मध्यावधि निर्वाचन-यदि लोकसभा अथवा राज्य विधानसभा को उसके कार्यकाल पूरा होने से पहले ही भंग कर दिया जाता है तो होने वाले चुनाव मध्यावधि चुनाव कहलाते हैं।

प्रश्न 3.
निर्वाचन आयोग के कार्य लिखिए। (2008, 09, 10, 14, 16, 18)
अथवा
चुनाव आयोग के कार्यों को लिखिए। (2012)
उत्तर:
निर्वाचन आयोग के कार्य-निर्वाचन आयोग या चुनाव आयोग के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं –

  • चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन :
    चुनाव आयोग का महत्त्वपूर्ण कार्य चुनाव क्षेत्रों की सीमाएँ निश्चित करना है। प्रत्येक 10 वर्ष बाद जनगणना के आधार पर चुनाव क्षेत्रों की सीमाएँ निश्चित की जाती हैं।
  • मतदाता सूची तैयार करना :
    चुनाव आयोग चुनाव से पूर्व चुनाव क्षेत्र के आधार पर मतदाता सूची तैयार करवाता है, जिसके लिए यथासम्भव उन सभी वयस्क नागरिकों को मतदाता सूची में अंकित करने का प्रयास किया जाता है जो मतदाता बनने की योग्यता रखते हैं।
  • चुनाव-चिह्न देना :
    निर्वाचन आयोग ही सभी राजनीतिक दलों को उनके चुनाव चिह्न प्रदान करता है या उनके द्वारा सुझाव प्रदान करता है या उनके द्वारा सुझाये गये चुनाव-चिह्नों पर स्वीकृति देता है। जो प्रत्याशी किसी राजनीतिक दल की टिकट से नहीं बल्कि स्वतन्त्र रूप से चुनाव लड़ते हैं, तो उनके चुनाव-चिह्न निर्वाचन आयोग द्वारा ही निश्चित किये जाते हैं।
  • राजनीतिक दलों को मान्यता देना :
    राजनीतिक दलों को मान्यता निर्वाचन आयोग ही देता है। प्रत्येक चुनाव के बाद मतों के निश्चित प्रतिशत के आधार पर राष्ट्रीय दलों व क्षेत्रीय दलों को मान्यता देने का कार्य निर्वाचन आयोग करता है।
  • निष्पक्ष चुनाव करवाना :
    निष्पक्ष तथा स्वतन्त्र चुनाव कराना चुनाव आयोग का एक प्रमुख कार्य है। चुनाव का समय, तिथि, मोहर लगाना, मतपत्रों पर चिह्न, गणना, परिणाम घोषित करना आदि के निर्देश आयोग ही देता है।

प्रश्न 4.
निर्वाचक नामावली क्या है? इसका उपयोग बताइए। (2009)
उत्तर:
चुनाव आयोग का एक महत्त्वपूर्ण कार्य निर्वाचक नामावली तैयार कराना है। इस प्रक्रिया के अन्तर्गत प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व वह मतदान केन्द्र के अनुसार मत देने के योग्य नागरिकों की सूची तैयार करवाता है। इसे निर्वाचन नामावली कहते हैं। नवीन सूची में 18 वर्ष के नागरिकों के नाम जोड़े जाते हैं और मृत्यु या अन्य कारण से अन्यत्र स्थानों पर चले गये नागरिकों के नाम हटाये जाते हैं। निर्वाचक नामावली को मतदाता सूची के नाम से भी जाना जाता है।

प्रश्न 5.
विपक्षी दल की भूमिका का वर्णन कीजिए। (2008, 09, 13)
अथवा
भारतीय राजनीति में विपक्षी दलों की भूमिका बताइए। (2008)
उत्तर:
विपक्षी दल की भूमिका-लोकतन्त्र के सफलतापूर्वक संचालन और सत्तारूढ़ पार्टी पर अंकुश रखने के लिए विपक्षी दल का अत्यधिक महत्त्व है। हमारे देश में प्रजातन्त्र है और उसमें सरकार के प्रत्येक कार्य, उसकी प्रत्येक नीति की समालोचना किया जाना अनिवार्य है। यह कार्य विपक्षी दल ही कर सकते हैं। सरकार को तानाशाह बनने से रोकना और नागरिकों के अधिकारों का हनन न होने देना, यह सभी कार्य विपक्ष करता है विपक्ष की उपस्थिति से सरकार जनता के प्रति अधिक सजगता से अपने दायित्वों का निर्वहन करती है। विधायिका में कोई भी कानून पारित होने से पूर्व उस पर विचार-विमर्श और चर्चा होती है।

विपक्ष के सहयोग से कानून के दोषों को दूर किया जा सकता है। विधान मण्डल और संसद की बैठकों के समय विपक्ष की भूमिका और बढ़ जाती है। विपक्ष सदन में प्रश्न पूछकर, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव या स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार पर दबाव बनाता है। इस प्रकार विपक्ष जनता के सामने अपनी योग्यता को स्थापित करता है, विपक्ष सरकार की त्रुटियों को जनता के सामने लाता है, सरकार की नीतियों और कार्यों की आलोचना करके सरकार को भूल सुधार के लिए बाध्य किया जाता है। विपक्ष द्वारा अपने दायित्व का सही प्रकार से पालन करने से सरकार प्रभावित होती है।

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MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मताधिकार किसे कहते हैं? मताधिकार के सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
नागरिकों का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मताधिकार कहलाता है। यह अधिकार महत्त्वपूर्ण राजनीतिक अधिकार है।

मताधिकार के सिद्धान्त
प्रजातान्त्रिक व्यवस्थाओं के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न है कि मताधिकार का आधार क्या हो? क्या यह अधिकार राज्य के सभी नागरिकों को दिया जाए या कुछ चुने हुए व्यक्तियों को? इस सन्दर्भ में मताधिकार के प्रमुख सिद्धान्त अग्र प्रकार हैं –

  • जनजातीय सिद्धान्त :
    इस सिद्धान्त के अनुसार राज्य के प्रत्येक नागरिक को मताधिकार प्राप्त होना चाहिए। क्योंकि यह कोई विशेष अधिकार या सुविधा नहीं है वरन् यह प्रत्येक नागरिक के जीवन को प्रभावित करने वाला स्वाभाविक एवं महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। यह अवधारणा प्राचीन यूनान, रोम तथा अन्य छोटे राष्ट्रों की सभाओं में प्रचलित था, जहाँ हाथ उठाकर मतदान किया जाता था। आधुनिक युग में मताधिकार के लिए नागरिकता की अनिवार्यता सम्भवतः इसी का प्रारूप है।
  • नैतिक सिद्धान्त :
    यह सिद्धान्त इस अवधारणा पर आधारित है कि मानव के व्यक्तित्व के विकास के लिए यह अनिवार्य है कि उसे मताधिकार के माध्यम से यह निश्चित करने का अधिकार हो कि उनका शासन कौन करे। मताधिकार व्यक्ति में संवेदनशीलता को जन्म देता है तथा उसे सरकारी नीतियों तथा कार्यक्रमों के प्रति सजग बनाता है।
  • वैधानिक अधिकार :
    मताधिकार एक प्राकृतिक अधिकार नहीं वरन् राजनीतिक अधिकार है। यह निर्धारण करना राज्य का कार्य है कि किसे मताधिकार मिलना चाहिए। प्रत्येक शासन अपनी परिस्थितियों और सामाजिक स्थिति के आधार पर इसका निर्धारण करता है।
  • प्राकृतिक सिद्धान्त :
    17वीं तथा 18वीं शताब्दी में यह सिद्धान्त विशेष लोकप्रिय हुआ। इस सिद्धान्त के अनुसार सरकार मानव निर्मित संयन्त्र है। इसका आधार जनता की सहमति है। अर्थात् शासक को चुनने का अधिकार जनता का प्राकृतिक अधिकार है।
  • सर्वव्यापी वयस्क मताधिकार का सिद्धान्त :
    यह सिद्धान्त लोकतान्त्रिक राज्यों में सर्वाधिक प्रचलित सिद्धान्त है। इस सिद्धान्त के अनुसार राज्य के प्रत्येक वयस्क नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मत देने का अधिकार होता है। 17वीं तथा 18वीं शताब्दी में प्राकृतिक अधिकारों और जनसम्प्रभुता के वातावरण में सर्वव्यापक मताधिकार की माँग ने जोर पकड़ा। इसमें वयस्कता का अधिकार सम्मिलित किया गया।
  • भारीकृत मताधिकार का सिद्धान्त :
    इस सिद्धान्त के अनुसार मतों को गिना नहीं जाता है वरन् उनका भार दिया जाता है। भार का आशय यहाँ महत्त्व से है अर्थात् सरकार के चयन में किसी प्रकार की विशिष्टता जैसे शिक्षा, धन या सम्पत्ति से विभूषित व्यक्ति के मत का भार एक आम आदमी से अधिक होना चाहिए।
  • बहुल मताधिकार का सिद्धान्त :
    मताधिकार के इस सिद्धान्त की मूल अवधारणा में यह आग्रह है कि व्यक्तियों के मतों की संख्या कुछ आधारों पर कम या अधिक होनी चाहिए। आधुनिक लोकतान्त्रिक व्यवस्थाओं में ‘एक व्यक्ति एक मत’ का सिद्धान्त सर्व स्वीकृत है, परन्तु विगत वर्षों में बहुल मताधिकार की व्यवस्था भी अनेक राज्यों में प्रचलित रही है।

प्रश्न 2.
निर्वाचन से क्या आशय है? निर्वाचन आयोग के कार्यों को लिखिए।
उत्तर:
निर्वाचन एक महत्वपूर्ण कार्य है। यह एक निर्धारित विधि से होता है। देश में होने वाले सामान्य निर्वाचन, मध्यावधि निर्वाचन या उपचुनाव या निर्वाचन, सभी में समान प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया के प्रमुख बिन्दु हैं-

  1. मतदाता सूची तैयार करना
  2. चुनाव की घोषणा
  3. निर्वाचन हेतु नामांकन
  4. चुनाव चिह्न
  5. चुनाव अभियान
  6. मतदान
  7. मतगणना।

निर्वाचन आयोग के कार्य :
निर्वाचन आयोग के कार्य-निर्वाचन आयोग या चुनाव आयोग के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं’

  • चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन :
    चुनाव आयोग का महत्त्वपूर्ण कार्य चुनाव क्षेत्रों की सीमाएँ निश्चित करना है। प्रत्येक 10 वर्ष बाद जनगणना के आधार पर चुनाव क्षेत्रों की सीमाएँ निश्चित की जाती हैं।
  • मतदाता सूची तैयार करना :
    चुनाव आयोग चुनाव से पूर्व चुनाव क्षेत्र के आधार पर मतदाता सूची तैयार करवाता है, जिसके लिए यथासम्भव उन सभी वयस्क नागरिकों को मतदाता सूची में अंकित करने का प्रयास किया जाता है जो मतदाता बनने की योग्यता रखते हैं।
  • चुनाव-चिह्न देना :
    निर्वाचन आयोग ही सभी राजनीतिक दलों को उनके चुनाव चिह्न प्रदान करता है या उनके द्वारा सुझाव प्रदान करता है या उनके द्वारा सुझाये गये चुनाव-चिह्नों पर स्वीकृति देता है। जो प्रत्याशी किसी राजनीतिक दल की टिकट से नहीं बल्कि स्वतन्त्र रूप से चुनाव लड़ते हैं, तो उनके चुनाव-चिह्न निर्वाचन आयोग द्वारा ही निश्चित किये जाते हैं।
  • राजनीतिक दलों को मान्यता देना :
    राजनीतिक दलों को मान्यता निर्वाचन आयोग ही देता है। प्रत्येक चुनाव के बाद मतों के निश्चित प्रतिशत के आधार पर राष्ट्रीय दलों व क्षेत्रीय दलों को मान्यता देने का कार्य निर्वाचन आयोग करता है।
  • निष्पक्ष चुनाव करवाना :
    निष्पक्ष तथा स्वतन्त्र चुनाव कराना चुनाव आयोग का एक प्रमुख कार्य है। चुनाव का समय, तिथि, मोहर लगाना, मतपत्रों पर चिह्न, गणना, परिणाम घोषित करना आदि के निर्देश आयोग ही देता है।

प्रश्न 3.
राजनीतिक दलों की संख्या के आधार पर राजनीतिक दलों के प्रकार लिखिए।(2013)
उत्तर:
दलीय व्यवस्था के प्रकार-किसी राष्ट्र में राजनीतिक दलों की संख्या के आधार पर दल व्यवस्था को तीन वर्गों में बाँटा जाता है –

  • एकल दल (एक दलीय) प्रणाली :
    एक दलीय पद्धति या व्यवस्था उसे कहते हैं जिसमें केवल एक राजनीतिक दल होता है और वही समस्त राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करता है, जैसे-जनवादी चीन में एक दलीय प्रणाली है, वहाँ केवल साम्यवादी दल को ही मान्यता है। अन्य राजनैतिक विचार रखने वालों पर पाबन्दी है।
  • द्वि-दलीय प्रणाली :
    इस प्रणाली में केवल दो दल या दो प्रमुख दल होते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में द्वि-दलीय प्रणाली प्रचलित है। इस राष्ट्र के दो प्रमुख दल हैं-डेमोक्रेटिक दल तथा रिपब्लिकन दल। इस प्रकार संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन की शासन व्यवस्था में द्वि-दलीय प्रणाली प्रचलित है।
  • बहुदलीय प्रणाली :
    बहुदलीय प्रणाली में अनेक राजनीतिक दल होते हैं, किन्तु सभी दलों की स्थिति समान नहीं होती। हमारे देश में बहुदलीय राजनीतिक प्रणाली है। निर्वाचन में किसी एक दल का बहुमत में आना आवश्यक नहीं है।

जब किसी एक दल का बहुमत नहीं आता है, तो देश या प्रान्त में साझा सरकार बनाई जाती है। साझा या गठबन्धन सरकार में दो या अधिक दल शामिल होते हैं।

बहुदलीय प्रणाली का सबसे बड़ा दोष दल-बदल है। चुनावों के समय अनेक प्रकार की कठिनाइयाँ आती हैं। इस प्रणाली में राजनीतिक दलों की नीतियों में स्पष्ट अन्तर करना कठिन हो जाता है। बहुदलीय प्रणाली में व्यक्तिनिष्ठ दलों की संख्या बढ़ जाती है। आये दिन उनका विघटन और पतन होता रहता है।

प्रश्न 4.
दल व्यवस्था क्या है? उसका महत्त्व बताइए।
अथवा
राजनैतिक दल व्यवस्था क्या है? उसका महत्त्व बताइए। (2009)
उत्तर:
संसदीय लोकतन्त्र के लिए विभिन्न राजनीतिक दल आवश्यक हैं। राजनीतिक दल नागरिकों के संगठित समूह हैं, जो एक-सी विचारधारा रखते हैं। ये अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। राजनीतिक दल एक शक्ति के रूप में कार्य करते हैं और सदैव शक्ति प्राप्त करने और उसे बनाये रखने का प्रयास करते रहते हैं।

दलीय व्यवस्था का महत्त्व :
दलीय व्यवस्था लोकतान्त्रिक शासन को सम्भव बनाती है। आधुनिक युग में शासन कार्य राजनीतिक दलों के सहयोग से होता है। यह शासन के नीति निर्धारण में सहयोग करते हैं और इनके सहयोग से नीतियों में परिवर्तन आसान होता है। दल-व्यवस्था के प्रभाव से सरकार जनोन्मुखी होती है व लोकहित में कार्य करती है। राजनैतिक दल शासन के निरंकुशता पर नियन्त्रण करते हैं। इनके माध्यम से जनता की आशाएँ और अपेक्षाएँ सरकार तक पहुँचती हैं। यह जनता को राजनीतिक प्रशिक्षण देते हैं। इनके . . माध्यम से जनता को शासन में भाग लेने का अवसर प्राप्त होता है। राजनीतिक दल नागरिक स्वतन्त्रताओं के रक्षक होते हैं। इनके द्वारा राष्ट्र की एकता स्थापित होती है। लॉर्ड ब्राइस का मत है कि, “दल राष्ट्र के मस्तिष्क को उसी प्रकार क्रियाशील रखते हैं, जैसे कि लहरों की हलचल से समुद्र की खाड़ी का जल स्वच्छ रहता है।”

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प्रश्न 5.
भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया व भारतीय चुनाव प्रणाली के प्रमुख दोषों का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया को लिखिए। (2008, 09)
अथवा
भारतीय चुनाव प्रणाली के कोई चार दोष लिखिए। (2017, 18)
उत्तर:
भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया-निर्वाचन एक महत्त्वपूर्ण कार्य है। यह एक निर्धारित विधि से होता है। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया को निम्न प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है-
(1) मतदाता सूची तैयारी करना :
निर्वाचन का यह पहला चरण है। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व मतदाता सूची को तैयार करता है। कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी आयु 18 वर्ष है इसमें अपना नाम सम्मिलित करवा सकता है। मतदाता पहचान पत्र भी जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बनवाये जाते हैं। मतदाता पहचान पत्र के अभाव में नागरिक को अपनी पहचान के लिए अन्य कागजात लाने होते हैं।

(2) चुनाव की घोषणा :
प्रत्येक निर्वाचन प्रक्रिया का प्रारम्भ अधिसूचना जारी होने से होता है। लोकसभा के सामान्य अथवा मध्यावधि या उपचुनाव की अधिसूचना राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। विधान सभाओं के लिए अधिसूचना राज्यपाल द्वारा की जाती है। अधिसूचना का प्रकाशन चुनाव आयोग से विचार-विमर्श के बाद राजपत्र में किया जाता है।

अधिसूचना जारी होने के पश्चात् निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाता है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के लिए आचार संहिता लागू हो जाती है।

(3) नामांकन पत्र :
चुनाव सूचना जारी होने के बाद चुनाव आयोग चुनावों की तिथि घोषित करता है जिसके अन्तर्गत एक निश्चित तिथि एक प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र भरते हैं। नामांकन पत्र मतदाताओं द्वारा प्रस्तावित व अनुमोदित होना चाहिए तथा प्रत्याशी का नाम मतदाता सूची में अवश्य होना चाहिए। नामांकन पत्र के साथ प्रत्याशी एक निश्चित धनराशि जमानत के रूप में जमा करवाता है। नामांकन पत्र भरे जाने की तिथि के बाद एक निश्चित तिथि में सभी नामांकन पत्रों की जाँच की जाती है और जिन प्रत्याशियों के नामांकन पत्र सही पाये जाते हैं उन्हें प्रत्याशी घोषित कर दिया जाता है। इसके पश्चात् एक निश्चित तिथि तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं।

(4) चुनाव-चिह्न-चुनाव :
चिह्न ऐसे चिह्नों को कहते हैं जिन्हें कोई राजनीतिक दल या उम्मीदवार चुनाव के समय अपने चिह्न के रूप में प्रयोग करता है। चिह्न की पहचान से ही मतदाता अपना मत सही उम्मीदवार को दे सकता है।

(5) चुनाव अभियान :
चुनाव अभियान समस्त चुनावी प्रक्रिया का सबसे निर्णायक भाग है। वैसे ही आज के विज्ञापन के युग में चुनाव प्रचार का अत्यधिक महत्त्व है। चुनाव प्रचार के लिए चुनाव घोषणा-पत्र के साथ-साथ आम सभाएँ भी आयोजित की जाती हैं। चुनाव प्रचार की दृष्टि से आकर्षक नारे गढ़े व प्रचारित किये जाते हैं। नारे छपे पोस्टर जगह-जगह दीवारों पर चिपकाये जाते हैं। परम्परागत तरीकों से रिक्शा व लाउडस्पीकर का भी चुनाव प्रचार में भरपूर प्रयोग किया जाता है। प्रत्येक दल को दूरदर्शन व आकाशवाणी द्वारा अपना प्रचार-प्रसार करने का एक निश्चित समय दिया जाता है।

(6) मतदान-निश्चित तिथि पर मतदाता चुनाव बूथ पर जाकर मत डालते हैं। मतदान के लिए सार्वजनिक छुट्टी रहती है व एक निश्चित समय तक ही मतदाता अपना वोट डाल सकते हैं। मतदान अधिकारी व विभिन्न प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों द्वारा यह पहचान किये जाने के पश्चात् कि मतदाता सही है, कोई धोखा नहीं है, उस मतदाता को मतपत्र दे दिया जाता है जो बूथ में जाकर गुप्त रूप से अपना मत डालता है। मत-पत्र दिये जाने के पूर्व चुनाव अधिकारी एक अमिट स्याही का निशान मतदाता की उँगली पर लगाता है, ताकि वह मतदाता दुबारा गलत ढंग से मत न डाल सके।

(7) मतगणना व परिणाम :
मतदान पूरा हो जाने के बाद चुनाव अधिकारी प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के सामने मतपेटियों को सीलबन्द कर देते हैं। प्रत्येक मतदान केन्द्र से मतपेटियाँ एक स्थान पर एकत्र कर ली जाती हैं जहाँ एक निश्चित तिथि पर प्रत्याशी व उनके प्रतिनिधियों के समक्ष मतपेटियों को खोला जाता है। उनके ही सामने मतों की गिनती चुनाव कर्मचारी करते हैं। सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशी को निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है।

भारतीय चुनाव प्रणाली के दोष :
भारतीय चुनाव प्रणाली के प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं –
(1) मतदान में पूर्ण भागीदारी का अभाव :
सार्वभौम वयस्क मताधिकार प्रणाली का उद्देश्य सभी नागरिकों को शासन में अप्रत्यक्ष भागीदार बनाना है। बड़े क्षेत्रों में लोकसभा तथा राज्य विधानसभा चुनावों में एक बड़ी संख्या में मतदाता अपना वोट डालने नहीं जाते हैं। इस कारण मतदाताओं के बहुमत से निर्वाचित उम्मीदवार जनता का प्रतिनिधि नहीं होता है। अतः यह अपेक्षित है कि, सभी नागरिकों को मतदान में भाग लेना चाहिए।

(2) बाहुबल का प्रभाव :
कई बार कुछ प्रत्याशी हर तरीके से चुनाव में विजय हासिल करना चाहते हैं और वे चुनाव में अपराधियों की सहायता भी लेते हैं। हिंसा और शक्ति का प्रयोग कर लोगों को डरा-धमका कर वोट देने से रोकना, मतदान केन्द्र पर कब्जा करना, अवैध मत डलवाने का प्रयास करते हैं।

(3) सरकारी साधनों का दुरुपयोग :
चुनाव होने से पहले कुछ शासक दल. जनता को आकर्षित करने वाले वायदे करने लगते हैं, शासकीय कर्मचारियों/अधिकारियों की अपने हितों के अनुकूल पदस्थापना करते हैं तथा शासकीय धन और वाहनों व अन्य साधनों का दुरुपयोग करते हैं। इससे चुनावों की निष्पक्षता प्रभावित होती है।

(4) फर्जी मतदान :
यह भी हमारी चुनाव प्रणाली की बड़ी समस्या है। कुछ व्यक्ति दूसरे के नाम पर वोट डालने चले जाते हैं। एक से अधिक स्थान पर मतदाता सूची में नाम लिखना, नाम न होते हुए भी वोट देने जाना आदि फर्जी मतदान है।

(5) चुनाव में धन का प्रयोग :
चुनाव में बढ़ता खर्च एक बड़ी समस्या है। प्रत्येक चुनाव में व्यय की सीमा निर्धारित है, परन्तु चुनाव में भाग लेने वाले अनेक प्रत्याशी बहुत अधिक धन व्यय करते हैं। धन व बल के अभाव में कई बार कुछ अच्छे और ईमानदार व्यक्ति चुनाव लड़ने में असमर्थ होते हैं। चुनाव में धन का दुरुपयोग व्यक्ति की अनैतिक भूमिका को दर्शाता है, जो चुनाव व्यवस्था में सुधार की दृष्टि से गम्भीर समस्या है।

(6) निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या :
निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या कभी-कभी बहुत अधिक होती है इससे चुनाव प्रबन्ध में कठिनाई आती है। अधिक प्रत्याशियों के कारण मतदाता भी भ्रमित होता है।

(7) अन्य दोष :
वोट देने के लिए नागरिकों का मतदाता सूची में नाम होना आवश्यक है। प्रायः यह देखने में आता है कि अनेक लोगों के नाम मतदाता सूची से छूट जाते हैं। दूसरी ओर जिनकी मृत्यु हो गयी है या वे दूसरे स्थान पर चले गये हैं, तब भी उनके नाम मतदाता सूची में होते हैं। एक मतदान केन्द्र पर मतदाताओं की संख्या अधिक होने से भी कठिनाई आती है। एक प्रत्याशी कई बार दो या अधिक जगह पर चुनाव में खड़ा हो जाता है। दोनों स्थानों पर जीत होने की स्थिति में उसको एक स्थान को त्यागपत्र देना पड़ता है। जिसके कारण पुनः उपचुनाव होते हैं। इसमें शासकीय और प्रत्याशी के धन का अपव्यय होता है। ये सभी हमारी चुनाव प्रणाली के दोष हैं।

प्रश्न 6.
राजनीतिक दलों के कार्य और महत्त्व बताइए।
अथवा
राजनीतिक दलों के कार्य बताइए। (2008, 12)
अथवा
‘राजनीतिक दलों के कोई चार महत्त्व लिखिए। (2017)
उत्तर:
राजनीतिक दलों के कार्य-राजनीतिक दल अनेक कार्य करते हैं। इनमें प्रमुख कार्य निम्नलिखित :

  • जनमत तैयार करना :
    राजनीतिक दल देश की समस्याओं को स्पष्ट रूप से जनता के सामने रखकर जनमत तैयार करते हैं। वे पत्र-पत्रिकाओं तथा सभाओं में इन समस्याओं को सरल ढंग से जनता के सामने रखते हैं और फिर इस लोकमत को तथा जनता की कठिनाइयों को संसद में रखते हैं।
  • मध्यस्थता :
    राजनीतिक दल जनता और सरकार के बीच मध्यस्थता का कार्य करते हैं। सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों को जनता के सामने तथा जनता की इच्छाओं को सरकार के सामने रखते हैं।
  • आलोचना :
    प्रजातन्त्रीय शासन में बहुमत प्राप्त दल अपनी सरकार बनाता है और अल्पमत दल विरोधी दल का कार्य करता है। विरोधी दलों की आलोचना के भय से सत्तारूढ़ दल गलत कार्य व नीतियाँ नहीं अपनाता।
  • राजनीतिक शिक्षा :
    राजनीतिक दल साधारण नागरिकों को राजनीतिक शिक्षा देने का कार्य भी करते हैं। चुनाव के दिनों में राजनीतिक दल प्रेस, रेडियो, टी. वी. व सभाओं के माध्यम से अपनी नीतियों व जनता के अधिकारों का वर्णन करते हैं। इससे नागरिकों को राजनीतिक शिक्षा मिलती हैं।
  • शासन पर अधिकार करना :
    राजनीतिक दलों का अन्तिम उद्देश्य शासन पर अधिकार करना होता है। वे प्रचार साधनों के द्वारा जनमत को अपने पक्ष में करते हैं और सत्ता पर अधिकार करने का प्रयास करते हैं।

राजनीतिक दलों का महत्त्व :
राजनैतिक दल आधुनिक लोकतन्त्रीय शासन प्रणाली की देन है। आधुनिक राजनैतिक जीवन में इनका निम्नलिखित महत्त्व है –

  • लोकमत के निर्माण में सहायक :
    राजनीतिक दल जनता को सार्वजनिक समस्याओं से परिचित कराते हैं तथा उनकी अच्छाइयों और बुराइयों की जानकारी देते हैं। इनसे जनता सार्वजनिक समस्याओं पर अपना मत बनाती है और इस प्रकार लोकमत का निर्माण होता है।
  • जनता में जागृति उत्पन्न करने में सहायक :
    राजनीतिक दलों के माध्यम से जनता को देश की आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक समस्याओं का ज्ञान होता है।
  • संसदीय सरकार के लिए अनिवार्य :
    संसदीय शासन-व्यवस्था में सरकार का निर्माण दलों के आधार पर होता है। संसद के निम्न सदन में जिस दल का बहुमत होता है, वह सरकार बनाता है।
  • लोकतन्त्र के लिए अनिवार्य :
    लोकतन्त्रात्मक प्रशासन में राजनीतिक दल अनिवार्य होता है। उनके बिना निर्वाचन की व्यवस्था करना कठिन है। दलों से ही सरकार बनती है और वही उस पर नियन्त्रण रखते हैं। उनके माध्यम से सरकार व जनता के बीच सम्पर्क स्थापित होता है और जनता की कठिनाइयों से सरकार अवगत होती है।
  • मतदान में सहायक :
    राजनीतिक दलों के सहयोग से नागरिकों को निर्वाचन के समय यह निर्णय लेने में कठिनाई नहीं होती कि उन्हें अपना मत किस उम्मीदवार को देना है। वह जिस दल के कार्यक्रम व नीति को पसन्द करता है, उसी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर देता है।
  • सरकार की निरंकुशता पर रोक :
    प्रजातन्त्र में बहुमत प्राप्त दलों की सरकार बनती है, इसलिए उसके निरंकुश बन जाने की सम्भावना रहती है। विरोधी दल उसकी स्वेच्छाचारिता पर रोक लगाकर उस पर नियन्त्रण रखते हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मतदज समाप्त होने के कितने घण्टे पूर्व चुनाव प्रचार बन्द कर दिया जाता है?
(i) 24 घण्टे
(ii) 36 घण्ट
(iii) 48 घण्टे
(iv) 72 घण्टे।
उत्तर:
(iii) 48 घण्टे

प्रश्न 2.
निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
(2009)
(i) 3 वर्ष
(ii) 4 वर्ष
(iii) 5 वर्ष
(iv) 6 वर्ष।
उत्तर:
(iv) 6 वर्ष।

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रिक्त स्थान पूर्ति

  1. नागरिकों का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार ……….. कहलाता है। (2008, 09, 14, 15)
  2. भारत के निर्वाचन आयोग का कार्यालय …………. में है। (2010)
  3. नागरिकों द्वारा अपने देश के प्रतिनिधि निर्वाचित करने की प्रक्रिया ………… कहलाती है।
  4. जन-जन की शासन में सहभागिता ही लोकतन्त्र की …………है।
  5. निर्वाचन आयुक्तों की नियक्ति …………. करता है। (2008)

उत्तर:

  1. मताधिकार
  2. नई दिल्ली
  3. निर्वाचन
  4. प्राण शक्ति
  5. राष्ट्रपति।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रधानमन्त्री करता है। (2008, 09)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
निर्वाचन आयोग में 750 से अधिक दल पंजीकृत हैं। (2008)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
आम चुनाव की तिथियाँ चुनाव आयोग निर्धारित करता है। (2009)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 4.
बहुमत प्राप्त न करने वाले दल विपक्षी दल कहलाते हैं। (2013)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
भारत के निर्वाचन आयोग का कार्यालय मुम्बई में है। (2009)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 6.
प्रत्येक व्यक्ति के मत को समान महत्त्व मिलता है। (2014)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 7.
हमारे देश में वे सभी स्त्री-पुरुष जिनकी उम्र 18 वर्ष है वोट डालने के अधिकारी है। (2016)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 8.
राजनीतिक दलों को मान्यता देने के लिए चुनाव आयोग बनाया गया है। (2018)
उत्तर:
सत्य

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 13 निर्वाचन - 1

उत्तर:

  1. → (ङ)
  2. → (ग)
  3. → (ख)
  4. → (क)
  5. → (घ)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
बहुमत प्राप्त न करने वाले राजनैतिक दल? (2011)
उत्तर:
विपक्षी दल

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प्रश्न 2.
निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है? (2009)
उत्तर:
6 वर्ष

प्रश्न 3.
नागरिकों द्वारा अपने प्रतिनिधि निर्वाचित करने की प्रक्रिया कहलाती हैं। (2009)
अथवा
लोकतांत्रिक देशों में जनता द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया को कहते हैं। (2016)
उत्तर:
निर्वाचन

प्रश्न 4.
हमारे देश में वोट डालने की निम्नतम आयु कितनी है?
उत्तर:
18 वर्ष

प्रश्न 5.
अपने निर्धारित समय पर होने वाला निर्वाचन। (2009)
उत्तर:
सामान्य निर्वाचन अथवा आम चुनाव

प्रश्न 6.
चुनाव के समय पार्टियों और उम्मीदवारों द्वारा माने जाने वाले कायदे-कानून और दिशा-निर्देश (2010)
उत्तर:
आचार संहिता

प्रश्न 7.
नागरिकों का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार क्या कहलाता है? (2013)
उत्तर:
मताधिकार।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निर्वाचन से क्या आशय है? लिखिए।
उत्तर:
लोकतान्त्रिक राष्ट्रों में जनता द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया को निर्वाचन कहा जाता है।

प्रश्न 2.
मताधिकार किसे कहते हैं?
उत्तर:
नागरिकों का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार, मताधिकार कहलाता है।

प्रश्न 3.
किन व्यक्तियों को मताधिकार से वंचित रखा जाता है?
उत्तर:
मानसिक रूप से विकलांग या पागल या ऐसे व्यक्ति जो न्यायालय द्वारा दिवालिया घोषित हैं या ऐसे व्यक्ति जो भारत देश के नागरिक नहीं हैं, मत देने के अधिकारी नहीं होते।

प्रश्न 4.
भारत के राजनीतिक दल कितने भागों में विभक्त हैं? उनके नाम लिखिए।
अथवा
भारत के सर्वाधिक सदस्य संख्या वाले चार राजनीतिक दलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
भारत के राजनीतिक दल दो भागों में विभक्त हैं। इनमें कुछ राष्ट्रीय दल और शेष क्षेत्रीय दल हैं।
भारत के सर्वाधिक सदस्य संख्या वाले राजनीतिक दल हैं –

  1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
  2. भारतीय जनता पार्टी
  3. समाजवादी पार्टी तथा
  4. भारतीय साम्यवादी दल।

प्रश्न 5.
‘आम चुनाव’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
आम चुनाव का आशय-हमारे देश में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर किये जाते हैं। इन चुनावों को आम चुनाव कहते हैं।

प्रश्न 6.
आम चुनाव की अधिघोषणा किसके द्वारा की जाती है?
उत्तर:
लोकसभा व राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति तथा विधानसभाओं के लिए राज्यपाल मतदाताओं को चुनाव के बारे में सूचना देते हैं। इस अधिसूचना का प्रकाशन चुनाव आयोग से विचार-विमर्श करने के बाद सरकारी गजट में होता है।

MP Board Solutions

प्रश्न 7.
‘नामांकन-पत्र’ से क्या आशय है? समझाइए।
उत्तर:
चुनाव से पहले उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाते हैं। कोई भी व्यक्ति जिसका नाम मतदाताओं की सूची में है और जो निश्चित योग्यताएँ रखता हो, चुनाव में खड़ा हो सकता है।

प्रश्न 8.
चुनाव में राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न क्यों आबंटित किये जाते हैं?
उत्तर:
चुनावों में अनेक राजनीतिक दल तथा निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ते हैं। उनकी पहचान के लिए तथा मतदान की सुविधा के लिए प्रत्येक प्रत्याशी तथा राजनीतिक दल को चुनाव आयोग चिह्न देता है।

प्रश्न 9.
निर्वाचन आयोग में कितने सदस्य होते हैं?
उत्तर:
निर्वाचन आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त तथा दो चुनाव आयुक्त होते हैं। इन दोनों चुनाव आयुक्तों को भी मुख्य चुनाव आयुक्त के समान अधिकार प्राप्त हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निर्वाचन से आप क्या समझते हैं? हमारे देश में इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।
अथवा
हमारे देश में कौन-सी शासन प्रणाली है? इस प्रणाली में निर्वाचन की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
निर्वाचन से आशय एवं आवश्यकता-भारत में संसदीय शासन प्रणाली है। इस शासन प्रणाली में देश के निर्वाचित प्रतिनिधियों से सरकार बनाई जाती है। निर्वाचन के द्वारा नागरिकों की शासन में भागीदारी होती है। नागरिकों द्वारा अपने प्रतिनिधि निर्वाचित करने की प्रक्रिया निर्वाचन कहलाती है। निर्वाचन के द्वारा एक निश्चित समय के लिए जन-प्रतिनिधियों का चयन किया जाता है। हमारे राष्ट्र के नागरिक निर्वाचन में भाग लेकर अपने राजनीतिक अधिकार का प्रयोग करते हैं। भारत एक विशाल और बहुभाषी राष्ट्र है। हमारे यहाँ सभी नागरिकों को समान रूप से प्रतिनिधियों के चुनाव में भाग लेने का अधिकार है। मताधिकार की यह प्रणाली सार्वजनिक वयस्क मताधिकार प्रणाली कहलाती है। भारत में मतदान की गोपनीय प्रणाली को अपनाया गया है। भारत में स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए, निर्वाचन आयोग का गठन किया गया है।

प्रश्न 2.
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से क्या आशय है? (2009, 15)
उत्तर:
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार-नागरिकों का प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मताधिकार कहलाता है। यह अधिकार महत्त्वपूर्ण राजनीतिक अधिकार है। भारत के प्रत्येक वयस्क महिला व पुरुष को बिना किसी भेदभाव के मत देने का अधिकार सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार कहलाता है। इस प्रणाली में एक निर्धारित आयु पूरा करने के उपरान्त देश के सभी पात्र नागरिकों को वोट देने का अधिकार प्राप्त हो जाता है। हमारे देश में वे सभी स्त्री-पुरुष जिनकी आयु 18 वर्ष है, वोट डालने के अधिकारी हैं।

प्रश्न 3.
मताधिकार की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
मताधिकार की विशेषताएँ :
मताधिकार की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं –

  1. देश के सभी नागरिकों की शासन में हिस्सेदारी होती है।
  2. प्रत्येक नागरिक के मत को समान महत्त्व मिलता है।
  3. जन प्रतिनिधियों का शान्तिपूर्वक परिवर्तन सम्भव है।
  4. नागरिकों को राजनीतिक शिक्षा मिलती है।
  5. नागरिकों में आत्म-सम्मान की भावना उत्पन्न होती है।
  6. यह प्रणाली समानता के सिद्धान्त के अनुकूल है।

प्रश्न 4.
राष्ट्रीय राजनीतिक दल किसे कहते हैं? लिखिए। (2011)
उत्तर:
राष्ट्रीय राजनीतिक दल वे हैं जिनका प्रभाव सम्पूर्ण देश में होता है। इसका आशय यह नहीं है कि उनकी लोकप्रियता सभी राज्यों में एक जैसी है। उनका प्रभाव और इनकी शक्ति विभिन्न राज्यों में अलग-अलग है। किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय दल की मान्यता प्राप्त होने के लिए निम्न शर्त में से कोई एक का होना अनिवार्य है-जो दल एक या एक से अधिक राज्यों में लोकसभा या विधानसभा के चुनावों में डाले गये मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करे अथवा यदि कोई दल लोकसभा के सदस्यों का कम से कम 2 प्रतिशत स्थान प्राप्त करे और यह स्थान न्यूनतम तीन राज्यों में होना चाहिए।

प्रश्न 5.
राजनीतिक दल के चार कार्य लिखिए।
उत्तर:

  1. ये देश के हित में अनुकूल जनमत बनाते हैं।
  2. निर्वाचन में विजय प्राप्त करना और सरकार बनानो इनका प्रमुख कार्य है।
  3. ये सरकार और जनता के मध्य सेतु का कार्य करते हैं।
  4. शासक दल की निरंकुशता पर नियन्त्रण लगाने का प्रयास करते हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 13 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सर्वव्यापी वयस्क मताधिकार सिद्धान्त के गुण-दोष बताइए।
‘उत्तर:
गुण :

  1. चूँकि प्रजातन्त्र का आशय प्रत्येक व्यक्ति की शासन में सहभागिता है, तो यह वांछनीय है कि मताधिकार सर्वव्यापक हो। जन-जन की शासन में सहभागिता ही प्रजातन्त्र की प्राणशक्ति है।
  2. जिसका सम्बन्ध सबसे हो, ऐसे व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि बनाने में सबका हाथ होना चाहिए।
  3. मताधिकार समानता के सिद्धान्त के अनुरूप है, जो प्रजातन्त्र का मूलरूप है।
  4. जब तक मताधिकार सर्वव्यापी नहीं होगा तब तक यह आशा नहीं की जा सकती कि शासन का उद्देश्य सार्वजनिक हितों की प्राप्ति है।

दोष :

  1. यह कहा जाता है कि जनता के बड़े भाग को मताधिकार प्राप्त नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है।
  2. मैकाले व हेनरीसेन जैसे विचारकों का कथन है कि इसमें निरक्षर और नासमझ लोगों को भी मताधिकार प्राप्त हो जाता है।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 1 पूर्णांक Ex 1.4

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 1 पूर्णांक Ex 1.4

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से प्रत्येक का मान ज्ञात कीजिए
(a) (-30) ÷ 10
(b) 50 ÷ (-5)
(c) (-36) ÷ (-9)
(d) (-49) ÷ 49
(e) 13 ÷ [(-2)+1]
(f) 0 ÷ (-12)
(g) (-31) ÷ [(-30) + (-1)]
(h) [(-36) ÷ 12] ÷ 3 (i) [(-6)+5] ÷ [(-2) +1]
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 1 पूर्णांक Ex 1. 4

प्रश्न 2.
a, b और c के निम्नलिखित मानों में से प्रत्येक के लिए a ÷ (b + c) ≠ (a ÷ b) + (a ÷ c) को सत्यापित कीजिए :
(a) a = 12, b = -4, c = 2.
(b) a = -10, b = 1, c = 1.
हल:
(a) यहाँ a = 12, b = – 4, c = 2
L.H.S = a ÷ (b + c) = 12 ÷ [(-4) + 2]
= 12 ÷ (-2)= – 6
R.H.S. = a ÷ b + a ÷ c = 12 + (-4) + 12 ÷ 2
= (-3) + 6 = 3
∵ -6 ≠ 3
अतएव, a ÷ (b + c) ≠ (a ÷ b) + (a ÷ c)

(b) यहाँ a = -10, b = 1, c = 1
L.H.S. = a ÷ (b + c) = (- 10) ÷ (1 + 1)
= – 10 ÷ 2 = -5
R.H.S. = (a ÷ b) + (a ÷ c)
= [(-10) ÷ 1] + [(-10) ÷ 1]
= (-10) + (-10) = (-20)
∵ -5 ≠ – 20
∴ L.H.S. ≠ R.H.S.
अतएव, a ÷ (b + c) ≠ (a ÷ b) + (a ÷ c)

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प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
हल:
(a) 369 ÷ 1 = 369 [∵ a ÷ 1 = a]
(b) (-75) ÷ 75 = -1 [∵ (-a) ÷ a = – 1]
(c) (-206) ÷ (-206) = 1 [∵ (-a) ÷ (-a) = 1]
(d) – 87 ÷ (-1)= 87 [∵ (-a) ÷(-1) = a]
(e) (-87) ÷ 1 =-87 [∵ (-a) ÷ 1 = -a]
(f) (-48) ÷ 48 = – 1
(g) 20 ÷ (-10) = – 2
(h) (-12) ÷ 4 = -3

प्रश्न 4.
पाँच ऐसे पूर्णांक युग्म (a, b) लिखिए ताकि a ÷ b = – 3 हो। ऐसा एक युग्म (6, – 2) है। क्योंकि 6 ÷ (-2) = – 3 है।
हल:
(i) ∵ [(-3) ÷ 1] = -3 ÷ 1 = -3
a ÷ b = – 3 से तुलना करने पर, a = -3, b = 1
अतः अभीष्ट पूर्णांक युग्म = (-3, 1)

(ii) ∵ 9 ÷ (-3) = -3
a ÷ b = – 3 से तुलना करने पर, a = 9, b = – 3
अतः अभीष्ट पूर्णांक युग्म = (9, -3)

(iii) ∵ (-15) ÷ 5 = – 3
a ÷ b = -3 से तुलना करने पर, a = – 15, b = 5
अत: अभीष्ट पूर्णांक युग्म = (-15, 5)

(iv) ∵ 12 ÷ (-4) = -3
a ÷ b = – 3 से तुलना करने पर, a = 12, b = -4
अतः अभीष्ट पूर्णांक युग्म = (12, -4)

(v) ∵ (-21) ÷ 7 = -3
a ÷ b = – 3 से तुलना करने पर, a = – 21, b = 7
अत: अभीष्ट पूर्णांक युग्म = (-21, 7)

प्रश्न 5.
दोपहर 12 बजे तापमान शून्य से 10°C ऊपर था। यदि यह आधी रात तक 2°C प्रति घण्टे की दर से कम होता है, तो किस समय तापमान शून्य से 8°C नीचे होगा? आधी रात को तापमान क्या होगा?
हल:
दोपहर 12 बजे तापमान = 10°C
तापमान कम होने की दर = -2°C प्रति घण्टा
दोपहर 12 बजे से आधी रात तक का समय = 12
घण्टे 12 घण्टे में तापमान में परिवर्तन = 12 x (-2) °C
= – 24°C
अतः आधी रात को तापमान = + 10°C + (-24°C)
= -14°C
अब 10°C और -8°C के मध्य तापमान का अन्तर = 10°C – (-8°C) = 18°C
∴ तापमान 0°C से 8°C नीचे तक जाने में लगा समय
= कुल कमी/1 घण्टे में तापमान में अन्तर = 18/2 = 9 घण्टे
उत्तर अतः 18°C तापमान में अन्तर दोपहर 12 बजे से 9 घण्टे में होगा।
अतः दोपहर 12 बजे के बाद 9 घण्टे = रात्रि 9 बजे
अतएव, 9 बजे रात्रि को तापमान शून्य से 8°C नीचे होगा।

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प्रश्न 6.
एक कक्षा टेस्ट में प्रत्येक सही उत्तर के लिए (+ 3) अंक दिए जाते हैं और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए (-2) अंक दिए जाते हैं। और किसी प्रश्न को हल करने का प्रयत्न नहीं करने पर कोई अंक नहीं दिया जाता है।
(i) राधिका ने 20 अंक प्राप्त किए। यदि उसके 12 उत्तर सही पाए जाते हैं, तो उसने कितने प्रश्नों का उत्तर गलत दिया है ?
(ii) मोहिनी टेस्ट में (-5) अंक प्राप्त करती है, जबकि उसके 7 उत्तर सही पाए जाते हैं। उसने कितने प्रश्नों का उत्तर गलत दिया है ?
हल:
प्रत्येक सही उत्तर के लिए अंक = +3
प्रत्येक गलत उत्तर के लिए अंक = – 2
(i) राधिका द्वारा प्राप्त कुल अंक = 20
सही उत्तर के लिए प्राप्त अंक = 12 x 3 = 36
∴ गलत उत्तर के लिए प्राप्त अंक = 20 – 36 = – 16
∴ गलत उत्तरों की संख्या = (-16) ÷ (-2)
अतः राधिका ने 8 प्रश्नों के उत्तर गलत दिए।

(ii) मोहिनी द्वारा प्राप्त अंक = -5
7 सही उत्तरों के लिए प्राप्त अंक = 7 x 3 = 21
∴ गलत उत्तरों के लिए प्राप्त अंक =-5-21 = -26
∴ गलत उत्तरों की संख्या = (-26) (-2) = 13
अतः मोहिनी ने 13 प्रश्नों का उत्तर गलत दिया है।

प्रश्न 7.
एक उत्थापक किसी खान कूपक में 6 m प्रति मिनट की दर से नीचे जाता है। यदि नीचे जाना भूमि तल से 10 मीटर ऊपर से शुरू होता है, तो – 350 m पहुँचने में कितना समय लगेगा?
हल:
उत्थापक की वर्तमान स्थिति भूमि तल से 10 मीटर ऊपर है।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 1 पूर्णांक Ex 1. 4
अतः उत्थापक को नीचे पहुँचने में 60 मिनट (या एक घण्टा) लगेंगे।

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