MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 21 सूक्तयः

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 21 सूक्तयः (स्फुट)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 21 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एक पदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) सत्य क्षमाभ्यां कस्य सिद्भिः? (सत्य के क्षमाभ्यास से किसकी सिद्धि होती है?)
उत्तर:
सकलार्थः। (सभी प्रकार की)

(ख) मे मनः कीदृशः अस्तु? (मेरः मन किस तरह का हो?)
उत्तर:
शिव संकल्पमस्तु। (शिव संकल्प वाला हो)।।

(ग) कर्मसु कौशलम् किम्? (कर्म में कुशलता किससे आती है?)
उत्तर:
योगः। (योग से)

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(घ) प्रमाद कस्मात् न कर्त्तव्यः? (किसमें प्रमाद नहीं करना चाहिए?)
उत्तर:
स्वाध्याय। (स्वाध्याय में)

(ङ) कः रक्षितः रक्षति? (किसकी रक्षा ही रक्षा है?)
उत्तर:
धर्मा। (धर्म की)

प्रश्न 2.
एक वाक्येन उत्तर लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) सर्वारम्भः कः? (सबसे पहले क्या आरम्र होता है?)
उत्तर:
सर्वारम्भा मन्त्रमूलाः। (सबसे पहले मूल मंत्र आरंभ होता है।)

(ख) नरः कथं सुखी भवति? (व्यक्ति सुखी कैसे होता है?)
उत्तर:
नरः आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्। (जो व्यक्ति भोजन और शिष्टाचार में लज्जा को त्यागने वाला है, वही सुखी रहता है)

(ग) सकलं कदा नष्टं भवति? (सम्पूर्ण कब नष्ट हो जाता है?)
उत्तर:
यदि आचरणं मलिनं भ्रष्टम् तदा सकलं नष्टं भवति। (यदि आचरण सन्तोषप्रद नहीं है तो सम्पूर्ण नष्ट हो जाता है।)

प्रश्न 3.
उचितमेलनं कुरुत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 21 सूक्तय img-1

प्रश्न 4.
रेखांवित शब्दार आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
(क) धर्मो रक्षितः रक्षति
प्रश्न : धर्मों कः रक्षति?

(ख) भ्रष्टाचारण सर्वं नष्टंपति।
प्रश्न : केन आचरेण सर्वं नष्टं भवति?

(ग) द्यिा मुक्तिप्रदा अस्ति।
प्रश्न : विद्या का अस्ति?

प्रश्न 5.
रक्तस्थानानि पूरयत
(श) सा विद्या या विमुक्तये।
(ष) स्वाध्याय न प्रमदितव्यम्।
(स) आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।।
(ह) सत्यश्रमाभ्याम् सकलार्थ सिद्धिः।

प्रश्न 6.
सन्धि विच्छेदं कुरुत-
तन्न – तत्+न।
धर्मोरक्षति – धर्मः+रक्षति।
स्वाध्यायान्मा – स्वाध्याय+अयान्मा।

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प्रश्न 7.
कोष्ठकात् शब्द चित्वा सूक्तिं रचयत
धर्मो, योगः, यत्र, सकलम्
यथा-
धर्मो – धर्मो रक्षति रक्षितः।
योगः – योगः कर्मसु कौशलम्।
यत्र – यत्र नारयस्तु पूजयन्ते रमन्ते तत्र देवता।
सकलम् – सत्यश्रमाभ्याम् सकलार्थ सिद्धिः।

प्रश्न 8.
सूक्त्या पूर्ति करोतु-(सूक्ति द्वारा)
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 21 सूक्तय img-2

प्रश्न 9.
संस्कृतवाक्येषु प्रयोगं कुरुत
यत्र, तत्र, हि, च, या
यत्र – यत्र धूम्रः तत्र अग्नि।
तत्र – तत्र खगाः सन्ति।
हि – मानो हि महताम धनम।
च – अन्नं, जलं च सुभाषितम् पृथ्वियां श्रेष्ठः रत्नाः सन्ति।
या – सा विद्या या विमुक्तये।

प्रश्न 10.
समानार्थक शब्दं लिखत
लज्जा – व्रीड़ा
ल कष्टं – दुःखं
स्वाध्याय – अध्ययनम्।

प्रश्न 11.
अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-
(क) योगस्याशयः स्पष्टं करोतु?
उत्तर:
कर्मस्य कौशलम्।।

(ख) कुत्र कुत्र प्रमादः न कर्त्तव्यम्?
उत्तर:
देव पितृकार्याभ्यां।

(ग) धर्मः कथं रक्षति?
उत्तर:
सर्व प्रकारेण, धर्म क्षेत्रे, कर्म क्षेत्रे धर्मः रक्षति।

(घ) कीदृशी विद्या मुक्तिं ददाति?
उत्तर:
तपः शालिनी विद्या मुक्तिं ददाति।

(ङ) भ्रष्टाचारेण किं किं भवति?
उत्तर:
भ्रष्टाचारेण सर्वं नष्टं भवति।

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सूक्तयः पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

सुंदर उक्ति अर्थात् कथन ही सूक्ति कहलाता है। अनुभव पूर्ण हितकारक वचन ही सूक्ति कहलाता है। सूक्ति मानव स्वभाव को शोध कर सन्मार्ग पर अग्रसर करती है और श्रेष्ठ आचार-व्यवहार का उपदेश देती है। अतः शिक्षण में भी सूक्तियों का विशेष महत्त्व है। प्रस्तुत पाठ में विभिन्न ग्रन्थों से सूक्तियों का संकलन कर यहाँ प्रस्तुत किया गया है।

शब्दार्थ :
सत्यश्रमाभ्याम्-सत्य और श्रम द्वारा-through truth and labour; विमुक्तये-मुक्ति के लिए-for finished for the freedom; प्रमदितव्यम्-प्रमाद करना चाहिए-intoxication self; रमन्ते-निवास करते हैं-lives; सर्वारम्भाः-सभी कार्यों का आरम्भ-start of all work; अन्तःकरणम्-मन बुद्धि आदि-mind, wisdom; भव-होओ (हे)-happen; देवपितृकार्याभ्यां-देव और पितृ कार्यों में-God and sons work; प्रमदः-आलस्य-Ideal;,laziness; त्यक्त लज्जः-जिसने लज्जा को त्याग दिया हो-wicked; वस्तुषु-वस्तुओं में-In things;सुखी भवेत्-सुखी होता है-Happy;शक्यं-शक्ति-power.

सूक्तयः पाठ का हिन्दी अर्थ

1. मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु।
मेरा मन शुभ संकल्प वाला हो।

2. सत्यश्रमाभ्याम् सकलार्थः सिद्धिः।
सत्य एवं परिश्रम से सकलार्थ (सभी कार्यों की) सिद्धि होर्तः है।

3. सा विद्या या विमुक्तये।
विद्या वह है जो मुक्ति प्रदान करे।

4. ये.गः कर्मसु कौशलम्।
योग से कर्म करने की कुशलता आती है।

5. स्वाध्यायान्मा प्रमदः।
स्वाध्याय में प्रमाद न करें।

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6. देवपितृकार्याभ्यां न प्रमदितव्यम्।
देव और पितृकार्य में भी आलस्य न करें।

7. धर्मो रक्षति रक्षितः।
धर्म की रक्षा से ही स्व रक्षा होती है।

8. मन्त्रमूलाः सर्वारम्भाः।
सभी कार्यों का मूल मंत्र प्रारंभ करना है।

9. आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्।
भोजन और शिष्टाचार में लज्जा का त्याग करने वाला ही सुखी रहता है।

10. सतां हि सन्देहपदेषु वस्तुषु प्रमाणमन्तःकरणप्रवृत्तयः।
संदेह होने पर अंतःकरण की वृत्ति ही प्रमाण होती है।

11. सकलं कष्टं निखिलं नष्टं यदि आचरणं मलिनं भ्रष्टम्।
यदि आचरण दूषित हो तो वह समस्त कष्टों को देने वाला है एवं सम्पूर्ण को नष्ट करके वाला होता है।

12. उपायेन हि यच्छक्यं तन्न शक्यं पराक्रमः।
उपाय से ही यथा शक्ति पराक्रम प्राप्त होता है।

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 20 वेधशाला

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 20 वेधशाला (पत्रम्)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 20 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एक पदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) उज्जयिनी कस्याः विद्यायाः प्रमुखं केन्द्रमस्ति? (उज्जैन किस विद्या का प्रमुख केन्द्र था?)
उत्तर:
ज्योतिषादयः। (ज्योतिष विद्या का)।

(ख) वेधशाला कस्याः नद्याः तटे स्थिता अस्ति? (यंत्रशाला किस नदी के तट के किनारे स्थित है?)
उत्तर:
क्षिप्रा। (क्षिप्रा।)

(ग) उज्जयिनीतः का रेखा निर्गता? (उज्जैन से होकर कौन-सी रेखा गुजरती है?)
उत्तर:
भूमध्य रेखा। (भूमध्य रेखा)।

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(घ) कस्य प्रयत्नेन वेधशालायाः जीर्णोद्धारो जातः? (किसके प्रयत्न से यंत्रशाला का जीर्णोद्धार हुआ?)
उत्तर:
पं. सूर्यनारायण व्यासस्य। (पं. सूर्यनारायण व्यास के)

(ङ) वेधशालायां कास्य विज्ञानस्य बोधं भवति? (यंत्रशाला से कौन-से विज्ञान का बोध होता है?)
उत्तर:
ज्योतिष। (ज्योतिष का)

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) केन यन्त्रेण दिगंशः ज्ञायते? (किस यंत्र के द्वारा दिशाओं की गणना की जाती है?)
उत्तर:
दिगंशयन्त्रेण दिगंशः ज्ञायते। (दिशासूचक यंत्र के द्वारा दिशाओं की गणना की जाती है।)

(ख) वेधशालानिर्माणं कदा केन च कारितम्? (यंत्रशाला का निर्माण कब और किसके द्वारा किया गया?)
उत्तर:
वेधशालानिर्माणं अष्टादशशताब्दयां राजा जयसिंहेन च कारितम्। (वेधशाला का निर्माण 18वीं सताब्दी में राजा जयसिंह के द्वारा किया गया।)

(ग) सम्राट् यन्त्रेण कः लभ्यते? (सम्राट यंत्र से क्या जानकारी मिलती है?)
उत्तर:
सम्राट्यन्त्रेण सूर्योदयात् सूर्यास्तं यावत् स्पष्ट समयो लभ्यते। (सम्राट यंत्र के द्वारा सूर्योदय और सूर्यास्त के स्पष्ट समय की जानकारी मिलती है।)

(घ) नाडिवलययन्त्रेण कः ज्ञायते? (नाडिवलय यंत्र से क्या ज्ञान प्राप्त होता है?)
उत्तर:
नाडिवलंययन्त्रेण ग्रहनक्षत्राणां दक्षिणायन विज्ञातं। (नाडिवलय यंत्र के द्वारा ग्रह-नक्षत्रों का तथा दिशाओं का ज्ञान होता है।)

(ङ) पलभायन्त्रेण कस्य ज्ञानं भवति? (पलभा यंत्र द्वारा किसका ज्ञान होता है?)
उत्तर:
पलभायंत्रेण छायायामपि समयस्य ज्ञानं भवति। (पलभा यंत्र के द्वारा छाया से भी समय का ज्ञान होता है।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत
(क) उज्जयिन्यां वेधशाला कुत्र स्थितास्ति? (उज्जैन की यंत्रशाला कहाँ पर स्थित है?)
उत्तर:
एषा वेधशाला उज्जयिन्याः दक्षिणभागे क्षिप्रायाः दक्षिण तटे स्थितास्ति। (यह वेधशाला उज्जैन के दक्षिण में क्षिप्रा नदी के दक्षिण तट में स्थित है।)

(ख) जयसिंहेन किमर्थं वेधशालानिर्माणं कारितम्? (जयसिंह ने किसलिए यंत्रशाला का निर्माण कराया?)
उत्तर:
जयसिंहेन ज्योतिषानुरागवशात् वेधशाला निर्माणं कारितम्। (जयसिंह ने ज्योतिष के वशीभूत होकर यंत्रशाला का निर्माण करवाया।)

(ग) उज्जयिन्यां कानि-कानि स्थलानि दर्शनीयानि सन्ति? (उज्जैन में कौन-कौन से स्थान देखने योग्य हैं?)
उत्तर:
उज्जयिन्यां महाकालेश्वर मन्दिरम् महर्षेः सान्दीपनेः आश्रमम्, गढ़कालिका मन्दिरम् आदयः स्थलानिदर्शनीयानि सन्ति।
(उज्जैन में महाकालेश्वर का मन्दिर, महर्षि सांदिपनि का आश्रम गढ़कालिका मन्दिर आदि स्थान देखने योग्य हैं।)

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(घ) दिगंशयन्त्रेण दक्षिणोत्तरभित्तियन्त्रेण च कस्य बोधः भवति? (दिक्यंत्र और दक्षिणोत्तर दीवाल यंत्र के द्वारा किसका ज्ञान होता है?)
उत्तर:
दिगंशयन्त्रेण दक्षिणोत्तर भित्तियन्त्रेण च नक्षत्राणाञ्चापि दिगंशोच ग्रहनक्षत्राणां मध्याह्नवृत्ता गमनसमये नतोन्नतांशयोः बोधः भवति। (दिक यंत्र और दक्षिणोत्तर दीवाल यंत्र के द्वारा नक्षत्रों के दिशाओं का, ग्रहों का तथा समयादि का ज्ञान होता है।)

(ङ) उज्जयिन्याः प्राचीननामानि लिखित्वा प्राचीनवैभवमपि वर्णयत? (उज्जैन का प्राचीन नाम लिखकर प्राचीनकालीन वैभव को भी वर्णित करें?)
उत्तर:
उज्जयिन्याः प्राचीननामानि अवन्तिका आसीत् च सर्वत्र पुरातात्त्विकं वैभवं, ज्योतिष-गणित आदयः आसीत्। (उज्जैन का प्राचीन नाम अवन्तिका था जहाँ पुरातात्त्विक वैभव के साथ-साथ ज्योतिष एवं गणित का अध्ययन केन्द्र था।)

प्रश्न 4.
रिक्तस्थानानि पूरयत
(क) राजा जयसिंहेन वेधशालानिर्माणं कारितम्।
(ख) आङ्ग्लभाषायां वेधशालां अब्जर्वेटरी इति वदन्ति।
(ग) एषा अवन्तिका नाम्नापि शास्त्रेषु वर्णिता अस्ति।
(घ) भूमध्य रेखा इतः एव निर्गता।
(ङ) एतद् ज्योतिष ज्ञानं विज्ञानस्य उत्तमम् उदाहरणम् अस्ति।

प्रश्न 5.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्” अशुद्धवाक्यानां समक्षं “न” इति लिखत
उदाहरणम् –
वेधशाला क्षिप्रायाः उत्तरतटे स्थिता अस्ति। – न
उज्जयिनी ज्योतिषविद्याया प्रमुख केन्द्रमस्ति। – आम्
(क) वेधशालायाः निर्माणम् अष्टादशशताब्याम् अभवत्।
(ख) जयसिंहेन वेधशालायाः जीर्णोद्धारं कारितम्।
(ग) पलभायन्त्रेण रात्रौ समयस्य ज्ञानं भवति।
(घ) उज्जयिनी विशाला इति नाम्नापि शास्त्रेषु वर्णिता।
(ङ) उज्जयिनीतः कर्करेखा निर्गता।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) न
(ग) न
(घ) न
(ङ) न

प्रश्न 6.
सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धेः नाम लिखत
(क) पुरीयम् – पुर+इयम् = स्वरसन्धिः।
(ख) सर्वेऽपि – सर्व+अपि = पूर्व रूप स्वर सन्धिः।
(ग) कुशलताञ्च – कुशलता+च = व्यंजन संन्धिः।
(घ) दृष्टव्येति – दृष्टव्य+इति = स्वर सन्धिः।
(ङ) कालेऽपि – काल:+अपि = पूर्व रूप स्वर सन्धिः।

प्रश्न 7.
उदाहरणानुसारं शब्दानां धातुं प्रत्ययं च पृथक कुरुत-
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प्रश्न 8.
अव्ययैः वाक्यनिर्माणं कुरुत-
यथा :
जनाः वेधशालां यन्त्रभवनम् अपि वदन्ति।
(क) सर्वत्र – सर्वत्र शिक्षकाः सन्ति।
(ख) सम्यक् – सः सम्यक् पठितुम् भोपाल नगरम् आगच्छत्।
(ग) अधुना – अधुना उज्जैनयाम् वेधशाला पुरातात्त्विक धरोहरः अस्ति।
(घ) यावत् – यावत् सः अगमिष्यसि तावत् अहम् पठिष्यामि।
(ङ) यदा – यदा पं. सूर्यनारायण व्यासेन वेधशाला जीर्णोद्धारं कारितवान्।

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प्रश्न 9.
उदाहरणनुसारं शब्दानां विभक्तिं वचनं च लिखत-
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प्रश्न 10.
यथायोग्यं योजयत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 20 वेधशाला img-3

वेधशाला पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

पत्रलेखन भाषण कला के समान एक लेखक कला है। लिखिन रूप में कहा गया अंश थोड़े में लिखते हैं। सरल, सुंदर विन्यास में संक्षिप्त किन्तु सम्पूर्ण लेख लेखन के महत्त्व को बताते हैं। व्यक्ति विशेष के अनुसार भूमिका, उपसंहार, पत्रलेखन की विशेषता होती है। प्रस्तुत पाठ में पत्र के माध्यम से उज्जैन की वेधशाला की विशेषता बताई गई है

वेधशाला पाठ का हिन्दी अर्थ

1.

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयः
शामगढ़नगरम् (मध्यप्रदेशः)

प्रियमित्र! तपन!
नमस्ते
अहमत्र कुशली, भवतः कुशलताञ्च कामये। मम अध्ययनं सम्यक् प्रचलति। मम विद्यालयस्य त्रैमासिकी परीक्षायाः परिणामः आगतः। मम परिणामः उत्तमः।

विगतसप्ताहे विद्यालयस्यैका शैक्षणिकयात्रांप्रवृत्ता। अहम् संस्कृतशिक्षकस्य निर्देशने छात्रैः सह उज्जयिनी गतवान्। उज्जयिनी भारतस्य अत्यंतं प्राचीनतम् इतिहासधर्म-दर्शन-कला-साहित्य-योग-ज्यौतिषादीनां च केन्द्रमासीत्। एषा अवन्तिका, विशाला नाम्नापि शास्त्रेषु वर्णिता अस्ति। अत्र सर्वत्र पुरातात्विकं वैभवं दृष्ट्वा मनसि आनन्दो जायते। भगवतःमहाकालस्य पुरीयं देशे श्रद्धायाः केन्द्रमस्ति। अत्र भव्यं महाकालेश्वरमन्दिरम्, हरसिद्धिमंदिरम्, गोपालमन्दिरम्, महर्षेः सान्दीपनेः आश्रमम्, गढ़कालिकामन्दिरम् कालभैरवमंदिर अन्यानि चापि सिद्धवट-अङ्कपात-मङ्गलनाथ-कालियादाहंभवनमित्यादि दिव्यस्थानानि अस्माभिः अवलोकितानि। किन्तु वेधशालां दृष्ट्वा वयं सर्वेऽपि आश्चर्यचकिताः सजाताः।

शब्दार्थ :
अहमत्र-मैं यहां हूं-I am hear; कामये-काम-disire/wish; अगतः-आया-come; विगतसप्ताहे-पिछले सप्ताह-last weak; प्रवृत्ता-प्रवृत्त-to go ahead; संस्कृत शिक्षकस्य-संस्कृत शिक्षक-Sanskrit teacher; वापि-और भी-and also; अस्माभिः-हमारे-our; सजाताः-हुए-happend; ज्यौति-ज्यौति-astrology.
हिन्दी अर्थ :

शासकीय उच्चतर माध्यमिक
विद्यालय, शामगढ़नगर (म. प्र.)

प्रिय मित्र तपन!
नमस्ते!
मैं यहाँ कुशलपूर्वक हूँ तथा आपकी कुशलता की कामना करता हूँ। मेरा अध्ययन ठीक से चल रहा है। मेरे विद्यालय की त्रैमासिक परीक्षा का परिणाम आ गया है। मेरा परिणाम उत्तम है।

पिछले सप्ताह विद्यालय की ओर से एक शैक्षणिक यात्रा सम्पन्न हुई। मैं भी संस्कृत के आचार्य महोदय व छात्रों के साथ उज्जैन गया। उज्जयिनी भारत के अत्यन्त प्राचीन इतिहास, धर्म, दर्शन, कला, साहित्य योग और ज्योतिष आदि का केन्द्र था। शास्त्रों में इस नगर को अवन्तिका के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ सर्वत्र पुरातात्त्विक सम्पन्नता को देखकर मन में आनन्द की लहरें हिलारें लेने लगती हैं। यहाँ का प्राचीन कालेश्वर मन्दिर, हरसिद्ध मंदिर, गोपाल मंदिर, महर्षि संदीपन आश्रम, गढ़ कालिका मन्दिर, काल भैरव मंदिर आदि अनेक दर्शनीय स्थल हैं। इसके अतिरिक्त अन्य और भी दर्शकीय स्थल है जैसे-सिद्धवट, अंक पात, मंगलनाथ, कालिया दाह भवन आदि । किन्तु वेधशाला को देखकर हम सभी आश्चर्य चकित हो गए।

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2. मित्र! आङ्ग्लभाषायां वेधशालाम् “ऑब्जर्वेटरी” इति वदन्ति । जनाः वेधशालां “यन्त्रभवनम्” अपि वदन्ति । एषा वेधशाला उज्जयिन्याः दक्षिणभागे क्षिप्रायाः दक्षिणतटे उन्नत-भू-भागे स्थिता अस्ति। प्राचीनकालत् एव उज्जयिनी ज्यौतिषविद्यायाः प्रमुखं केन्द्रम् । भूमध्यरेखा इतः एव निर्गता। इदं स्थानं गणितस्यापि आधारस्थलम् अस्ति। अष्टादशशताब्यां राज्ञा जयसिहेन ज्यौतिषानुरागवशात् वेधशालानिर्माणं कारितम् । ग्रहाणां प्रत्यक्षवेधनाय जयसिंहः उज्जयिन्या, काश्या, देहल्या, जयपुरे च वेधशालाना निर्माणं कृतवान्। सः वेधज्यौतिषमधिकृत्य एक ग्रन्थम् अपि रचितवान् इति श्रूयते। तेन अत्र एकम् उपनगरम् अपि निर्मितम् अधुना अपि जयसिंहपुरा इति नाम्ना तद् विख्यातमेव।

इयं वेधशाला जीर्णशीर्णा आसीत् परं 1961 तमे खीष्टाब्देः पं. सूर्यनारायणव्यासस्य प्रयत्नेन वेधशालायाः जीर्णोद्धारो जातः। अत्र विद्यते सम्राट्यन्त्रम् एतेन सूर्योदयात् सूर्यास्तं यावत् स्पष्टसमयो लभ्यते। अत्र स्थितेन दिगंशयन्त्रेण ग्रहाणां नक्षत्राणाञ्चापि दिगशो ज्ञायते। “नाडिवलययन्त्रेण” ग्रहनक्षत्राणां दक्षिणायन विज्ञातं भवति।

शब्दार्थ :
अब्जर्वेटरी-अब्जर्वेटरी-observatary; वदन्ति-कहते हैं-say; एषा-यह-this; निर्गता-जाती है-goes; इदं-यह-this; ज्यौतिषानुरागवशात्-ज्योतिष के अनुराग से-fond of astrology, astronomer; कारितम्-कराया-done; वेधज्योतिष्मधिकृत्य-यंत्र ज्योतिष पर आधारित-instrument lasred on astrology; श्रूयते-सुना जाता है-is listen; रचिवान्-रचा-create; एकम्-एक-one; निर्मितम्-जाता है-goes; अधुना-आज-today; विख्यातमेव-प्रसिद्ध-famous; प्रयत्नेन-प्रयत्न से-for try; जीर्णोद्धार-जीर्णोद्धार-repair; विद्यते-विद्यमान-wish man; यावत-जब तक-till that; लभ्यते-प्राप्त होता है-receives; ग्रहाणां-नक्षत्रों का-planets; ज्ञायते-ज्ञाता होता है-happens; ग्रह नक्षत्राणां-ग्रह नक्षत्रों का-planets.

हिन्दी अर्थ :
मित्र! आंग्ल भाषा में वेध शाला को ‘आब्जर्वेटरी’ कहते हैं। लोग वेधशाला को ‘यंत्र शाला’ भी या ‘यंत्र भवन’ भी कहते हैं। यह ‘यंत्र भवन’ उज्जैन के दक्षिणी भाग में शिप्रा के दक्षिण तट पर स्थित ऊँचे भू-भाग पर स्थापित की गई है। उज्जैन प्राचीन काल से ही ज्योतिष विद्या का केन्द्र रहा है। यहाँ से कर्क रेखा भी गुजरती है इसलिए यह स्थान गणित का भी प्रमुख आधार स्थल रहा है। अठारहवीं शताब्दी में राजा जयसिंह ज्योतिष प्रेम के वशीभूत एक यंत्र भवन का निर्माण कराया गया। ग्रहों के सम्यक् ज्ञान के लिए राजा जयसिंह ने उज्जैन, काशी, दिल्ली और जयपुर नगर में वेधशालाओं का निर्माण करया। ऐसा प्रचलित है कि उन्होंने वेध, ज्योतिष के आधार पर एक उपनगर भी बसाया जो आज भी जयसिंह पुरा के नाम से जाना जाता है।

यह यंत्र भवन जीर्ण हो गया था किन्तु सन् 1961 में पं. सूर्यनारायण व्यास के प्रयत्न से वेधशाला का जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण हुआ। इस वेधशाला में स्थापित यंत्र से सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त वेला तक समय स्पष्ट दिखाई देता है। यहाँ की स्थिति से दिशा सूचक यंत्र द्वारा ग्रह और नक्षत्र आदि की गणना ज्ञात होती है। नाडि वलय यंत्र द्वारा ग्रह-नक्षत्रों के दक्षिणायन होने का विशेष ज्ञान होता है।

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3. “दक्षिणोत्तरभित्तियन्त्रेण” ग्रहनक्षत्राणां मध्याहूनवृत्तागमनसमये नतोन्नतांशयोः परिज्ञानं सञ्ज्ञायते। “पलभायन्त्रेण” छायायामपि समयस्य सम्यक ज्ञानं भवति।

वस्तुतः वेशधालां वीक्ष्य मनसि गौरवमनुभवामि यत् प्राचीनकालेऽपि अस्माकं पूर्वजनां गणितस्य, ग्रहनक्षत्राणाञ्च ज्ञानम् अद्भुतं वैज्ञानिकञ्चासीत्।

इदानीं पत्रं समापयामि। यदा अवसरः लभ्यते तदा एकवारं ज्ञानविज्ञानस्य पुरीयम् उज्जयिनी अवश्यमेव दृष्टव्येति।
शम्।

भवतः कुशलापेक्षी
राजेशः

शब्दार्थ :
मध्याहनवृत्तागमनसमये-दोपहरी के समय-In the time of afternoon; छायायामपि-छाया भी-sadow also; वैज्ञानिकञ्चासीत्-वैज्ञानिक थे-was scientist; इदानीं-इस समय-this time; पुरीयम्-प्राचीन (नगर में)-old, ancient; परिज्ञान-विशेष ज्ञान-special knowledge; ज्ञानविज्ञानस्य-ज्ञान-विज्ञान के-knowledge of science.

हिन्दी अर्थ :
“दक्षिण-उत्तर दीवार के यंत्र के द्वारा ग्रह-नक्षत्रों के दोपहर के आगमन के समय विभिन्न भू-भाग का ज्ञान प्राप्त होता है। पलभ यन्त्र द्वारा छाया से भी सम्यक् ज्ञान प्राप्त होता है।
वस्तुतः वेधशाला को देखकर मैं गौरव की अनुभूति कर रहा हूँ कि प्राचीनकाल में भी हमारे पूर्वजों को गणित और ग्रह-नक्षत्रों का ज्ञान अद्भुत और वैज्ञानिक था।

अब इस समय पत्र समाप्त कर रहा हूँ। जब भी समय मिले, एक बार इस ज्ञान-विज्ञान के नगर उज्जैन को अवश्य देखना।

आपका कुशलापेक्षी
राजेश

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किन आँकड़ों को दर्शाने के लिए आप एक आयत चित्र का प्रयोग करेंगे?
(a) एक डाकिए के थैले में विभिन्न क्षेत्रों के पत्रों की संख्या।
(b) किसी खेलकूद प्रतियोगिता में प्रत्याशियों की ऊँचाइयाँ।
(c) 5 कम्पनियों द्वारा निर्मित कैसिटों की संख्या।
(d) किसी स्टेशन पर प्रातः 7 बजे से सायं 7 बजे तक रेलगाड़ियों से जाने वाले यात्रियों की संख्या। प्रत्येक के लिए, कारण भी दीजिए।
उत्तर:
(b) और (d) स्थितियों में आँकड़ों को वर्ग अन्तरालों में विभाजित किया जा सकता है; अतः इनमें आयत चित्र प्रयोग करेंगे।

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प्रश्न 2.
किसी विभागीय स्टोर पर खरीदारी करने के आए व्यक्तियों को इस प्रकार अंकित किया जाता हैपुरुष (M), महिला (W), लड़का (B) या लड़की (G) निम्नलिखित सूची उन खरीदारों को दर्शाती है, जो प्रातः काल पहले घण्टे में आए हैं –

W W W G B W W M G G M M W W W W G B M W B G G M W W M M W W W M W B W G M W W W W G W M M W W M W G W M G W M M B G G W

मिलान चिन्हों का प्रयोग करते हुए एक बारम्बारता बंटन सारणी बनाइए। इसे प्रदर्शित करने के लिए एक दण्ड आलेख खींचिए।
हल:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-1
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-2

प्रश्न 3.
किसी फैक्ट्री के 30 श्रमिकों की साप्ताहिक मजदूरी (रुपयों में) निम्नलिखित है:
830, 835, 890, 810, 835, 836, 869, 845, 898, 890, 820, 860, 832, 833, 855, 845, 804, 808, 812, 840, 885, 835, 835, 826, 878, 840, 868, 890, 806, 840.
मिलान चिह्नों का प्रयोग करते हुए, अन्तरालों 800 – 810, 810 – 820 इत्यादि वाली एक बारम्बारता सारणी बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-3

प्रश्न 4.
प्रश्न 3 में दिए हुए आँकड़ों से प्राप्त सारणी के लिए एक आयत चित्र बनाइए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. किस समूह में श्रमिकों की संख्या सबसे अधिक है?
  2. कितने श्रमिक ₹ 850 या उससे अधिक अर्जित करते हैं?
  3. कितने श्रमिक ₹ 850 से कम अर्जित करते हैं?

हल:
आयत चित्र:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-4
उत्तर:

  1. समूह 830 – 840 में श्रमिकों की संख्या सबसे अधिक है।
  2. 10 श्रमिकों ₹ 850 या उससे अधिक अर्जित करते है।
  3. 20 श्रमिक ₹ 850 से कम अर्जित करते हैं।

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प्रश्न 5.
अवकाश के दिनों में एक विशिष्ट कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा प्रतिदिन टेलीविजन (टी. वी.) देखने के समय (घंटों में), दिए हुए आलेख में दर्शाए गए हैं –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-5
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. अधिकतम विद्यार्थियों ने कितने घण्टों तक टी. वी. देखा?
  2. 4 घण्टों से कम समय तक कितने विद्यार्थियों ने टी. वी. देखा?
  3. कितने विद्यार्थियों ने टी. वी. देखने में 5 घण्टे से अधिक का समय व्यतीत किया?

उत्तर:

  1. अधिकतम विद्यार्थियों ने 4 – 5 घण्टे तक टी. वी. देखा।
  2. 4 घण्टों से कम समय तक 34 विद्यार्थियों ने टी. वी. देखा।
  3. 14 विद्यार्थियों ने टी. वी. देखने में 5 घण्टे से अधिक का समय लिया।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 83

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.5)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पाई चार्टों में से प्रत्येक (आकृति 5.1) आपकी कक्षा के बारे में एक विभिन्न प्रकार की सूचना देता है। इनमें से प्रत्येक सूचना को निरूपित करने वाला वृत्त का भाग ज्ञात कीजिए।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-6
हल:
(i) आकृति (i) से –
लड़कियों की संख्या = \(\frac{50 \%}{100 \%}\) = \(\frac{50}{100}\) = वृत्त का \(\frac{1}{2}\)
लड़कों की संख्या = \(\frac{50 \%}{100 \%}\) = \(\frac{50}{100}\) = वृत्त का \(\frac{1}{2}\)

(ii) आकृति (ii) से –
पैदल = \(\frac{40 \%}{100 \%}\) = \(\frac{40}{100}\) = वृत्त का \(\frac{2}{5}\)
बस या कार द्वारा = \(\frac{40 \%}{100 \%}\) = \(\frac{40}{100}\) = वृत्त का \(\frac{2}{5}\)
साइकिल द्वारा = \(\frac{20 \%}{100 \%}\) = \(\frac{20}{100}\) = वृत्त का \(\frac{1}{5}\)

(iii) आकृति (iii) से –
गणित से प्यार = \(\frac{85 \%}{100 \%}\) = \(\frac{85}{100}\) = वृत्त का \(\frac{17}{20}\)
गणित से घृणा = \(\frac{15 \%}{100 \%}\) = \(\frac{15}{100}\) = वृत्त का \(\frac{3}{20}\)

प्रश्न 2.
दिए हुए पाई चार्ट (आकृति 5.2) के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के ज्ञानप्रद उत्तर दीजिए –

  1. किस प्रकार के समाचार कार्यक्रम अधिक देखे 15% जाते हैं?
  2. किन दो प्रकार खेल के कार्यक्रमों को देखने वालों की कुल संख्या खेलों के कार्यक्रमों को देखने वालों की संख्या के बराबर है?

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-7
उत्तर:
दिए हुए पाई चार्ट से –

  1. मनोरंजन कार्यक्रम सबसे अधिक देखे गए।
  2. ज्ञानप्रद एवं समाचार कार्यक्रमों को देखने वालों की संख्या खेल कार्यक्रम को देखने वालों की संख्या के बराबर है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 85

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 5.6)

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए आँकड़ों के लिए एक पाई चार्ट खींचिए: एक बच्चे द्वारा एक दिन में व्यतीत किया गया समय इस प्रकार है –

  • सोना – 8 घण्टे
  • स्कूल – 6 घण्टे
  • गृहकार्य – 4 घण्टे
  • खेल – 4 घण्टे
  • अन्य – 2 घण्टे

हल:
केन्द्र का सम्पूर्ण कोण = 360°
प्रत्येक त्रिज्यखण्ड का केन्द्रीय कोण 360° का एक भाग होगा।
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-8
पाई चार्ट –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-9

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 86

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 5.2)

निम्नलिखित आँकड़ों को दर्शाने के लिए किस प्रकार का आलेख उपयुक्त रहेगा?

प्रश्न 1.
किसी राज्य के खाद्यान्न का उत्पादनवर्ष –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-10
उत्तर:
दिए गए आँकड़ों को प्रदर्शित करने के लिए दण्ड आलेख उपयुक्त रहेगा।

प्रश्न 2.
व्यक्तियों के एक समूह के भोजन की पसन्द –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-11
उत्तर:
दिए गए आँकड़ों को प्रदर्शित करने के लिए दण्ड आलेख उपयुक्त रहेगा।

प्रश्न 3.
किसी फैक्ट्री के श्रमिकों के एक समूह की दैनिक –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 5 आँकड़ो का प्रबंधन Ex 5.1 img-12
उत्तर:
दिए गए आँकड़ों को प्रदर्शित करने के लिए आयत चित्र उपयुक्त रहेगा।

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम्

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम् (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 19 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एक पदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) हस्ती कुन निपतितः? (हाथी कहाँ गिर गया?)
उत्तर:
पङ्के। (कीचड़ में)

(ख) प्रथमं कं विन्देत्? (पहले किसकी वंदना करनी चाहिए?)
उत्तर:
राजानम्। (राजा की)

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(ग) हस्तेः नाम किमासीत्? (हाथी का क्या नाम था?)
उत्तर:
कर्पूरतिलकः। (कर्पूर तिलक था।)

(घ) राजा विना किं न युक्तम्? (राजा के बिना क्या उपयुक्त नहीं है?)
उत्तर:
अवस्थातुं।अवस्थातुं। (आवास करना।)

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) वृद्धशृगालेन किं प्रतिज्ञातम्? (बूढ़े सियार ने क्या प्रतिज्ञा की?)
उत्तर:
वृद्ध शृगालेन प्रतिज्ञातम्-यथा बुद्धिप्रभावस्य हस्ति मरणं साधयितव्यम्। (बूढ़े सियार ने प्रतिज्ञा किया कि-मेरी बुद्धि के प्रभाव से हाथी का मरण संभव है।)

(ख) शृगालेन रिहस्य किमुक्तम्? (शृगाल ने हँसकर क्या बोला?)
उत्तर:
शृगालेन विहस्त उक्तम्-देव! मम पुच्छकावलम्बनं कृत्वा उत्तिष्ठ। (शृगाल हँसकर बोला कि-हे देव! मेरी पूँछ पकड़कर के उठो।)

(ग) केन ना आस्थातुं न युक्तम्? (किसके विना निवास करना उपयुक्त नहीं है:)
उत्तर:
राजा विना अवस्थातुं न युक्तम्। (राजा के बिना निवास करना उपयुक्त नहीं है।)

(घ) शृगालैः कः भक्षितः? (शृगालों ने किसका भोजन किया?)
उत्तर:
शृगालैः हस्ती भक्षितः। (शृंगालों ने हाथी का भोजन किया।)

(ङ) कर्पूतिलकः केन लोभेन धावति? (कर्पूरतिलक किरा लोभ से दौड़ता है?)
उत्तर:
कर्पूरलिलकः राज्यं लोभेन धावति। (कर्पूरतिलक राज्य के लोभ से दौड़ता है।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत
(क) भुवि कीदृशः स्वामी युज्यते? (पृथ्वी में किस तरह (गुण वाले) राजा की स्थापना की जाती है?)
उत्तर:
भुवि अतिशुद्धः, प्रतापवानः, धार्मिकः, नीति कुशलः कुलाभिजना स स्वामी युज्यते। (पृथ्वी में अतिशुद्ध, कुलीन, प्रतापवान, धार्मिक और नीतिकुशल स्वामी की नियुक्ति की जाती है।)

(ख) पङ्केनिमग्नः हस्ती शृगालेन किमुक्तम्? (कीचड़ में गिरा हुआ हाथी सियार से क्या बोला?)
उत्तर:
पङ्के निमग्नः हस्ती शृगालेन उक्तम्-सखे शृगाल! किमधुना विधेयम्? पड़े निपतितोऽहं म्रिये। परावृत्य पश्य। (कीचड़ में गिरा हुआ हाधी सियार से बोला कि-मित्र सियार! अब क्या होगा? मैं कीचड़ में गिर गया हूँ और मरने वाला हूँ। लौटकर देखो।)

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प्रश्न 4.
उचितैः शब्दैः रिस्त स्थानानि पूरयत-
(पशुभिर्मिलित्वा, त्रिये, प्रथम, लोकेऽस्मिन्, यच्छक्य)
(क) पते निपतितोऽहं म्रिये।
(ख) सर्वैः वनवासिभिः पशुभिर्मिलित्वा भवत्सकाशं प्रस्थापितः
(ग) राजन्यसति लोकेऽस्मिन् कुतो भार्या कुतो धनम्।
(घ) उपायेन हि यच्छक्यं न तच्छक्यं पराक्रमैः।
(ङ) राजानं प्रथमा विन्देत्।

प्रश्न 5.
उचितमेलनं कुरुत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम् img-1

प्रश्न 6.
निम्नलिखितशब्दानां सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धेः नाम लिखत
उदारहणं यथा :
शृगालैभक्षितः- शृगालः+भक्षितः। = विसर्गसन्धिः।।
(क) चोक्तम् – च+उक्तं = गुणस्वर संधिः।
(ख) ततस्तेन – ततः+तेन = विसर्गः।
(ग) सर्वैर्वनवासिभिः – सर्वैः+वनवासिभि = विसर्ग सन्धिः।
(घ) तत्रैकेन – तत्र+एकेन = वृद्धिस्वर सन्धिः।
(ङ) ततोऽसौ – ततः+असो = पूर्वरूप सन्धिः
(च) यद्ययम् – यदि +अयम् = यण सन्धिः

प्रश्न 7.
क्रियापदानां धातुं लकारं वचनं पुरुषं च लिखत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम् img-2

प्रश्न 8.
अधोलिखितशब्दानां विभक्ति वचनञ्च लिखत-
MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 19 उपायैः सर्वं शक्यम् img-3

प्रश्न 9.
अधोलिखितैः अव्ययैः वाक्यनिर्माणं करुत-
(क) विना – रामेण विना दशरथः न जिवेत्।
(ख) कुतः – भवान् कुतः निवससि!
(ग) इति – अयं वंश नाम्ना गौतम इति ख्यात् आसीत्।
(घ) न – अहं दुग्धं पिवामि चायं न पिवामि।
(ङ) ततः – कर्पूरतिलकोः महापङ्के निमग्नतः।

प्रश्न 10.
अधोलिखितशब्दानां धातुं प्रत्ययञ्च पृथक् कुरुत
(क) भक्षितः -भक्ष् + क्तः।
(ख) कृतः – कृ + क्तः।
(ग) कृत्वा – कृ + क्त्वा।
(घ) प्रणम्य – प्र + नम् + ल्यप्।
(ङ) गत्वा – गम् + क्त्वा।

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उपायैः सर्वं शक्यम् पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

संस्कृत साहित्य में कथा साहित्य का विपुल भंडार है। उसमें पंचतंत्र, कथा सरित् सागर बेताल पंचविंशितिः, विक्रमादित्य कथा; वृहत्कथा मञ्जरी, हितोपदेश इत्यादि प्रसिद्ध कथा ग्रन्थ हैं। उसमें पंचतंत्र की नीति कथाएं पशु-पक्षियों के माध्यम से प्रस्तुत की गई हैं। प्रस्तुत पाठ में कहानी के पात्र हाथी, सियार हैं जो-उपायों के द्वारा सब संभव है-नीति को मनुष्य के लिए सूचित करते हैं।

उपायैः सर्वं शक्यम् पाठ का हिन्दी अर्थ

अस्ति ब्रह्मारण्ये कर्पूरतिलको नाम हस्ती। तमवलोक्य सर्वे शृगालश्चिन्तयन्ति स्म’यद्ययं केनाप्युपायेन म्रियतेतदा अस्माकम् एतद्देहेन मासचतुष्टयस्य भोजनं भविष्यति’। तत्रैकेन वृद्धशृगालेन प्रतिज्ञातम्-‘मया बुद्धिप्रभावादस्य मरणं साधयितव्यम्।’ अनन्तरं स वञ्चकः कर्पूरतिलकसमीपं गत्वा साष्टाङ्गपातं प्रणम्य उवाच-‘देव! दृष्टिप्रसादं कुरु।’ हस्ती ब्रूते-‘कस्त्वम्, कुतः समायातः?’ सोऽवदत्-‘जम्बुकोऽहम्। सर्वैर्वनवासिभिः पशुभिर्मिलित्वा भवत्सकाशं प्रस्थापितः।’ यद्विना राज्ञा अवस्थातुं न युक्तम्, तदात्राटवीराज्येऽभिषेक्तुं भवान् सर्वस्वामिगुणोपेतो निरूपितः।

यतः :
यः कुलाभिजनाचारैरतिशुद्धः प्रतापवान्।
धार्मिको नीतिकुशलः स स्वामी युज्यते भुवि॥

अपरञ्च पश्य :
राजानं प्रथमं विन्देततो भायां ततो धनम्।
राजन्यसति लोकऽस्मिन्कुतो भार्या कुतो धनम्॥

शब्दार्थ :
अस्ति-है-is; कर्पूरतिलको-कर्पूरतिलक नाम का -Namely Karpoor Tilak; तमवलोक्य-उसे देखकर-seeing him; सद्ययं-आज मैं-today I; तत्रकेन-इनमें से एक-one among them; साधयितव्यम्-साधना चाहिए-should meditate; वञ्चकः-धूर्त/कपटी-wicked; सोऽवदत्-वह बोला-he spoke; दृष्टिप्रसादं-दृष्टि की कृपा-blessing; नीतिकुशलः-नीति में कुशल-skill in policy, good moral; युज्यते-जोड़ता है-joins कृतः -किया-did; लोकस्मिन-इस संसार में-in this world.

हिन्दी अर्थ :
ब्रह्मारण्य में कर्पूरतिलक नामक हाथी रहता था। उसे देख सभी सियारों ने विचार किया कि यदि यह किसी प्रकार मर जाए तो इसके शरीर की चार महीने की खाद्य सामग्री हो जाएगी। तब एक वृद्ध सियार ने कहा-मैं अपनी बुद्धि चातुर्य से इस हाथी को मार सकता हूँ। तब वह सियारकर्पूर तिलक (हाथी) के पास पहुँच उसे साष्टांग प्रणाम करके बोला-हे भगवान्! मुझ पर दया करो। हाथी बोला-तुम कोन हो? कहाँ से आए हो? तब वह (बूढ़ा) सियार बोला-मैं सियार हूं। वन के सभी पशु-पक्षियों ने मिलकर मुझे आपके पास भेजा है। कारण कि बिना राजा के कहीं पर भी रहना ठीक नहीं है और इस जंगल के राज्य में आपसे अच्छा अभिषेक करने योग्य दूसरा कोई नहीं है। आप में राजा के गुण विद्यमान हैं।

जैसे-इस पृथ्वी पर वही राजा हो सकता है जो कुलीन हो, आचार-विचार से शुद्ध हो, प्रतापी हो, धार्मिक हो साथ ही नीति कुशल भी हो।

और भी-सर्वप्रथम राजा को प्राप्त करना चाहिए, उसके बाद पत्नी और धन को प्राप्त करना चाहिए। यदि राजा ही प्राप्त नहीं हुआ तो कहाँ पत्नी और कहाँ धन प्राप्त हो सकता है।

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2. तद्यथा लग्नवेला न विचलति तथा कृत्वा सत्वरमागम्यतां देवेन। इत्युक्त्वोत्थाय चलितः। ततोऽसौ राज्यलोभाकृष्टः कर्पूरतिलकः शृगालवर्त्मना धावन्महापङ्के निमग्नः। ततस्तेन हस्तिनोक्तम्-‘सखे शृगाल! किाधुना विधेयम्? पङ्के निपतितोऽहं म्रिये। परावृत्य पश्य।’ शृगालेन विहस्योक्तम्-‘देव! मम पुच्छकावलम्बनं कृत्वा उत्तिष्ठ। यन्मद्विधस्य वचसि त्वया प्रत्ययः कृतस्तदनुभूयताम् अशरणं दुःखम्।’

तथा चोक्तम् :
यदाऽसत्सङ्गरहितो भविष्यसि भविष्यसि।
यदाऽसज्जनगोष्ठीषु पतिष्यसि पतिष्यसि॥

ततो महापङ्के हस्ती शृगालैर्भक्षितः। अतोऽहम् ब्रवीसि-
उपायेन हि यच्छक्यं न तच्छक्यं पराक्रमैः।
शृगालेन हतो हस्ती गच्छता पङ्कवर्मना॥

शब्दार्थ :
प्रणम्य-प्रणाम करके-saluting; प्रतिज्ञातम्-प्रतिज्ञा की-promised; वञ्चकः-धृत/कपटी-wicked person; प्रस्थापित-भेजा गया-send; अटवी-जङ्गल-forest, jungal; युज्यते-उचित होता है।-Satisfied; भुवि-पृथ्वी पर-on earth; विन्देत्-प्राप्त करें-receive; महापङ्के-दलदल में-in mud; निपतितः-गिरा हुआ-fallen; परावृत्य-लौटकर-returning; विहस्य-हँसकर-laughing.

हिन्दी अर्थ :
इसलिए अभिषेक का शुभ मुहूर्त न निकल जाए, ऐसा विचार कर शीघ्रता से आप मेरे साथ चलें। ऐसा कह वह जल्दी से उठा और चल दिया। यह सुन राज्य के लोभ से आकर्षित हो कर्पूरतिलक सियार के पीछे-पीछे चला और दौड़ते हुए भयंकर कीचड़ के दल-दल में फँसकर डूबने लगा, तब उसने सियार से कहा-मित्र सियार! अब क्या करना चाहिए! मैं कीचड़ में फँस मरने वाला हूँ, लौट कर देखो। सियार ने हँसते हुए कहा-हे देव! मेरी पूँछ का सहारा लेकर तुम बाहर आ जाओ। मुझ जैसे के वचन पर तुमने भरोसा किया तो उसका परिणाम दुख ही है। उसे भोगो।

वैसे कहा भी है-जब कोई सत्संगै से रहित हाकर दुर्जनों की संगति में जाएगा। तो उसका पतन ही होगा, उसफा पतन ही होगा।

तब दलदल में फँसे हाथी को सियारों ने खा लिया। इसलिए मैं कहता हूँ-उपाय से जो सम्भव है, वह पराक्रम से नहीं हो सकता। जैसे कि शृगाल द्वारा दलदल भाग पर ले जाने के कारण हाथी मारा गया।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 17 राष्ट्रीय आन्दोलन (1885-1918)

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 17 राष्ट्रीय आन्दोलन (1885-1918)

MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) गरम दल के प्रमुख नेता थे
(क) गोपाल कृष्ण गोखले
(ख) विपिन चन्द्र पाल
(ग) पं. मोतीलाल नेहरू
(घ) फिरोजशाह मेहता।
उत्तर:
(ख) विपिनचन्द्र पाल

(2) “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’, यह किसने कहा था ?
(क) व्योमेश चन्द्र चटर्जी
(ख) दादाभाई नौरोजी
(ग) बालगंगाधर तिलक
(घ) सरदार भगतसिंह।
उत्तर:
(ग) बाल गंगाधर तिलक

(3) बंगाल विभाजन किया गया
(क) लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा
(ख) लॉर्ड कर्जन द्वारा
(ग) लॉर्ड हेस्टिंग्स द्वारा
(घ) लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा।
उत्तर:
(ख) लॉर्ड कर्जन द्वारा

(4) 1908 ई. में बाल गंगाधर तिलक को गिरफ्तार करके कहाँ निष्कासित किया गया था ?
(क) श्रीलंका
(ख) चीन
(ग) बर्मा (म्यांमार)
(घ) जापान।
उत्तर:
(ग) बर्मा (म्यांमार)

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) कलकत्ता (कोलकाता) में सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने …………. की स्थापना की थी।
(2)  …………….. ने कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
(3) …………… के नेतृत्व में एक मुस्लिम शिष्टमण्डल वायसराय मिण्टो से मिला।
(4) महात्मा गाँधी का जन्म गुजरात राज्य के …………… नामक स्थान में हुआ था।
(5) गाँधीजी ने अत्याचारों के खिलाफ लड़ने का अपना एक तरीका विकसित किया। इसे …………… कहा जाता है।
उत्तर:

  1. इण्डियन एसोसियेशन
  2. ए. ओ. ह्यूम
  3. आगा खान
  4. पोरबन्दर
  5. सत्याग्रह।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कहाँ हुआ था ?
उत्तर:
कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन बम्बई (मुम्बई) के गोकुलदास तेजपाल, संस्कृत कॉलेज में आयोजित हुआ।

(2) बंगाल विभाजन की घटना किस वायसराय के समय घटित हुई थी?
उत्तर:
बंगाल विभाजन की घटना वायसराय लॉर्ड कर्जन के समय घटित हुई थी।

(3) चम्पारण आन्दोलन का नेतृत्व किसके द्वारा किया गया था ?
उत्तर:
चम्पारण आन्दोलन का नेतृत्व महात्मा गाँधी द्वारा किया गया था।

(4) मुस्लिम लीग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने वाले किन्हीं दो नेताओं के नाम लिखिए। .
उत्तर:
आगा खान और नवाब सली मुल्लाह मुस्लिम लीग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करने वाले दो प्रमुख नेता थे।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) बाल गंगाधर तिलक ने जनता में चेतना जागृत करने के लिए किन उत्सवों को पुनर्जीवित किया ?
उत्तर:
बाल गंगाधर तिलक ने जनता को राजनैतिक दृष्टि से जागृत करने के लिए ‘गणपति’ और ‘शिवाजी’ उत्सवों को पुनर्जीवित किया।

(2).बंगाल विभाजन के कारण लिखिए।
उत्तर:
लॉर्ड कर्जन के समय बंगाल सहित भारत के अनेक भागों में क्रान्तिकारी एवं राष्ट्रवादी गतिविधियों में वृद्धि हो रही थी, इसके लिए उसने फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई। अतः उसने 1905 ई. में बंगाल को दो भागों में विभाजित कर दिया।

(3) मुस्लिम लीग के गठन का उद्देश्य बताइए।
उत्तर:
मुस्लिम लीग के गठन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे –

  • मुसलमानों में ब्रिटिश सरकार के प्रति वफादारी की भावना जगाना।
  • मुसलमानों के मन में यदि कोई गलतफहमी हो तो उसे दूर करना तथा उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को आदर के साथ सरकार के सामने रखना।
  • भारतीय मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों और हितों की रक्षा की घोषणा करना तथा दूसरे समुदायों के प्रति किसी भी प्रकार के विरोध की भावना को रोकना।

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MP Board Class 8th Social Science Chapter 17 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व विकसित संगठनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व विकसित कुछ प्रमुख संगठन इस प्रकार थे 1851 ई. – कलकत्ता (कोलकाता) में ‘ब्रिटिश इण्डियन एसोसिएशन’ 1852 ई. – बम्बई (मुम्बई) में ‘बम्बई एसोसिएशन’। 1852 ई. – मद्रास (चेन्नई) में ‘मद्रास नेटिव एसोसिएशन’ इनके बाद ऐसे कई संगठन बने जो इन एसोसिएशनों की अपेक्षा जनता का अधिक प्रतिनिधित्व करते थे। ऐसे कुछ संगठन थे 1870 ई. – पुणे सार्वजनिक सभा। 1876 ई.-इण्डिया एसोसिएशन 1884 ई. – मद्रास महाजन सभा। 1885 ई. – बॉम्बे प्रेसीडेन्सी एसोसिएशन।

(2) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुख्य आरम्भिक माँगें क्या थीं?
उत्तर:
अपनी स्थापना के आरम्भिक वर्षों में कांग्रेस ने नरम नीतियाँ अपनाईं इसलिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुख्य आरम्भिक माँगें अग्र प्रकार थीं-

  • प्रान्तीय और केन्द्रीय विधायी परिषदों में भारतीयों का प्रतिनिधित्व।
  • भारत में इण्डियन सिविल सर्विस परीक्षाओं का आयोजन और इसके लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाना।
  • शिक्षा का प्रचार-प्रसार
  • भारत का औद्योगिक विकास।
  • किसानों को कर्ज में राहत।
  • हथियार कानून में संशोधन।

(3) कांग्रेस में गरम पंथ के उदय का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बीसवीं सदी के आरम्भिक वर्षों में ‘गरम पंथ’ नामक नई प्रवृत्ति का विकास हुआ। इस नई प्रवृत्ति के प्रभाव के कारण राष्ट्रवाद आन्दोलन ने केवल प्रार्थना करने की परम्परा छोड़ दी। इन नई प्रवृत्तियों को उभारने वाले नेता थो-बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और विपिन चन्द्र पाल। भारतीय जनमानस में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गर्व की भावना जगाने के लिए उन्होंने देश के अतीत का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन में सुधारों की माँग करना पर्याप्त नहीं है। भारतीय जनता का उद्देश्य होना चाहिए-स्वराज प्राप्त करना।

तिलक ने प्रसिद्ध नारा दिया-‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है – और मैं इसे लेकर रहँगा।’ इसके लिए जनता में काम करना और राजनीतिक आन्दोलनों में जनता को सहभागी बनाना जरूरी था। तिलक का ‘केसरी’ पत्र राष्ट्रवादियों के इस नए समूह का प्रवक्ता बना। इन राष्ट्रवादियों ने जनता को राजनीतिक दृष्टि से जागृत करने के लिए ‘गणपति’ और ‘शिवाजी’ उत्सवों को पुनर्जीवित किया। उन्होंने हड़तालों और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार जैसे राजनीतिक आन्दोलन के नए तरीके भी अपनाए।

(4) होमरूल आन्दोलन की स्थापना कब हुई एवं इसका भारतीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
अप्रैल, 1916 ई. में बाल गंगाधर तिलक ने इण्डियन होमरूल लीग तथा एनी बेसेण्ट ने सितम्बर, 1916 ई. में होमरूल लीग की स्थापना की, जिसका लक्ष्य ब्रिटिश साम्राज्य के अन्तर्गत भारतीयों के लिए स्वशासन प्राप्ति था। इस आन्दोलन के महत्व का उल्लेख करते हुए विपिन चन्द्र पाल ने लिखा है-‘होमरूल आन्दोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसने भावी राष्ट्रीय आन्दोलन के लिए जुझारू योद्धा तैयार किए।’ होमरूल आन्दोलन सोसायटी के पं. मोतीलाल नेहरू, चितरंजन दास, तेज बहादुर सपू, रामास्वामी अय्यर, मोहम्मद अली, मूलाभाई देसाई आदि सदस्य थे।

(5) चम्पारण, अहमदाबाद एवं खेड़ा आन्दोलन में गाँधीजी की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
1917 ई. और 1918 ई. के आरम्भ में गाँधीजी ने तीन संघर्षों – चम्पारण आन्दोलन (बिहार), अहमदाबाद और खेड़ा आन्दोलन (गुजरात) का नेतृत्व किया। ये संघर्ष स्थानीय आर्थिक माँगों से जोड़कर लड़े गये। 19वीं सदी के आरम्भ में गोरे बागान मालिकों ने किसानों से एक अनुबन्ध करा लिया। जिसके तहत किसानों को अपनी जमीन के एक हिस्से में नील की खेती करना अनिवार्य था। इसे ‘तिनकठिया’ पद्धति कहते थे। अंग्रेज, भारतीय नील उगाने वाले किसानों पर अत्याचार करते थे। इन किसानों को अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए 1917 . ई. में गाँधीजी चम्पारण गए। वहाँ उन्हें चम्पारण छोड़ने का आदेश दिया गया, किन्तु गाँधीजी ने उसे नहीं माना।

उन्होंने किसानों पर हुए अत्याचारों की जाँच के लिए और उसका अन्त करने के लिए सरकार को मजबूर कर दिया। 1918 ई. में उन्होंने अहमदाबाद के कपड़ा मिल मजदूरों और खेड़ा के किसानों को न्याय दिलाया। अहमदाबाद के मिल मजदूर वेतन में वृद्धि की माँग कर रहे थे और खेड़ा के किसान फसल बरबाद हो जाने के कारण राजस्व वसूली रोक देने की माँग कर रहे थे। – चम्पारण (बिहार), अहमदाबाद और खेड़ा (गुजरात) आन्दोलन ने संघर्ष के गाँधीवादी तरीकों को आजमाने और गाँधीजी को देश की जनता के नजदीक आने का अवसर दिया।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.2

प्रश्न 1.
योग ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 5 }{ 4 } \) + (\(\frac { -11 }{ 4 } \))
(ii) \(\frac { 5 }{ 3 } \) + \(\frac { 3 }{ 5 } \)
(iii) \(\frac { -9 }{ 10 } \) + \(\frac { 22 }{ 15 } \)
(iv) \(\frac { -3 }{ -11 } \) + \(\frac { 5 }{ 9 } \)
(v) \(\frac { -8 }{ 19 } \) + \(\frac { (-2) }{ 57 } \)
(vi) \(\frac { -2 }{ 3 } \) + 0
(vii) -2\(\frac { 1 }{ 3 } \) + 4\(\frac { 3 }{ 5 } \)
हल:
(i) \(\frac { 5 }{ 4 } \) + (\(\frac { -11 }{ 4 } \)) = \(\frac { 5+(-11) }{ 4 } \) = \(\frac { 5-11 }{ 4 } \)
= \(\frac { -6 }{ 4 } \) = \(\frac { -3 }{ 2 } \)

(ii) \(\frac { 5 }{ 3 } \) + \(\frac { 3 }{ 5 } \)
∵ 3 और 5 का ल. स. = 15
∴ \(\frac { 5 }{ 3 } \) + \(\frac { 3 }{ 5 } \) = \(\frac { 25+9 }{ 15 } \) = \(\frac { 34 }{ 15 } \)

(iii) \(\frac { -9 }{ 10 } \) + \(\frac { 22 }{ 15 } \)
∵ 10 और 15 का ल. स. = 30
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प्रश्न 2.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 7 }{ 24 } \) – \(\frac { 17 }{ 36 } \)
(ii) \(\frac { 5 }{ 63 } \) – (\(\frac { -6 }{ 21 } \))
(iii) \(\frac { -6 }{ 13 } \) – (\(\frac { -7 }{ 15 } \))
(iv) \(\frac { -3 }{ 8 } \) – \(\frac { 7 }{ 11 } \)
(v) -2 \(\frac { 1 }{ 9 } \) – 6
हल:
(i) \(\frac { 7 }{ 24 } \) – \(\frac { 17 }{ 36 } \) = \(\frac{7 \times 3-17 \times 2}{72}=\frac{21-34}{72}\)
= – \(\frac { 13 }{ 72 } \)
(ii)
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(iii)
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(iv)
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(v)
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प्रश्न 3.
गुणनफल ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 9 }{ 2 } \) × (\(\frac { -7 }{ 4 } \))
(ii) \(\frac { 3 }{ 10 } \) × (-9)
(iii) \(\frac { -6 }{ 5 } \) × \(\frac { 9 }{ 11 } \)
(iv) \(\frac { 3 }{ 7 } \) × (\(\frac { -2 }{ 5 } \))
(v) \(\frac { 3 }{ 11 } \) × \(\frac { 2 }{ 5 } \)
(vi) \(\frac { 3 }{ -5 } \) × \(\frac { -5 }{ 3 } \)
हल:
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प्रश्न 4.
निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए:
(i) (-4) ÷ \(\frac { 2 }{ 3 } \)
(ii) \(\frac { -3 }{ 5 } \) ÷ 2
(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) ÷ (-3)
(iv) \(\frac { -1 }{ 8 } \) ÷ \(\frac { 3 }{ 4 } \)
(v) \(\frac { -2 }{ 13 } \) ÷ \(\frac { 1 }{ 7 } \)
(vi) \(\frac { -7 }{ 12 } \) ÷ (\(\frac { -2 }{ 13 } \))
(vii) \(\frac { 3 }{ 13 } \) ÷ (\(\frac { -4 }{ 65 } \))
हल:
(i) (-4) ÷ \(\frac { 2 }{ 3 } \) = -4 × \(\frac { 3 }{ 2 } \)
= \(\frac { -12 }{ 2 } \) = -6

(ii) \(\frac { -3 }{ 5 } \) ÷ 2 = \(\frac { -3 }{ 5 } \) × \(\frac { 1 }{ 2 } \) = \(\frac { -3 }{ 10 } \)

(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) ÷ (-3) = \(\frac { -4 }{ 5 } \) × \(\frac { 1 }{ -3 } \) = \(\frac { -4 }{ -15 } \) = \(\frac { 4 }{ 15 } \)

(iv) \(\frac { -1 }{ 8 } \) ÷ \(\frac { 3 }{ 4 } \) = \(\frac { -1 }{ 8 } \) × \(\frac { 4 }{ 3 } \) = \(\frac { -4 }{ 24 } \) = – \(\frac { 1 }{ 6 } \)

(v) \(\frac { -2 }{ 13 } \) ÷ \(\frac { 1 }{ 7 } \) = \(\frac { -2 }{ 13 } \) × \(\frac { 7 }{ 1 } \) = \(\frac { -14 }{ 13 } \)

(vi) \(\frac { -7 }{ 12 } \) ÷ (\(\frac { -2 }{ 13 } \)) = \(\frac { -7 }{ 12 } \) × \(\frac { 13 }{ -2 } \) = \(\frac { 91 }{ 24 } \)

(vii) \(\frac { 3 }{ 13 } \) ÷ (\(\frac { -4 }{ 65 } \)) = \(\frac { 3 }{ 13 } \) × \(\frac { 65 }{ -4 } \) = \(\frac{3 \times 5}{-4}\) = \(\frac { -5 }{ 4 } \)

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1

प्रश्न 1.
निम्नलिखित परिमेय संख्याओं के बीच में पाँच परिमेय संख्याएँ लिखिए :
(i) -1 और 0
(ii) -2 और -1
(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) और \(\frac { -2 }{ 3 } \)
(iv) – \(\frac { 1 }{ 2 } \) और \(\frac { 2 }{ 3 } \)
हल:
(i) -1 और 0
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 1
अतः -1 और 0 के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ हैं :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 2

(ii) -2 और -1
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अत: -2 और -1 के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ हैं:
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(iii) \(\frac { -4 }{ 5 } \) और \(\frac { -2 }{ 3 } \)
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(iv) – \(\frac { 1 }{ 2 } \) और \(\frac { 2 }{ 3 } \)
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रतिरूपों में से प्रत्येक में चार और परिमेय संख्याएँ लिखिए:
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 7

प्रश्न 3.
निम्नलिखित के समतुल्य चार परिमेय सख्याएँ लिखिए:
(i) \(\frac { -2 }{ 7 } \)
(ii) \(\frac { 5 }{ -3 } \)
(iii) \(\frac { 4 }{ 9 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 8

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प्रश्न 4.
एक संख्या रेखा खींचिए और उस पर निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को निरूपित कीजिए :
(i) \(\frac { 3 }{ 4 } \)
(ii) \(\frac { -5 }{ 8 } \)
(iii) \(\frac { -7 }{ 4 } \)
(iv) \(\frac { 7 }{ 8 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 9

प्रश्न 5.
एक संख्या रेखा पर बिन्दु P, Q, R, S, T, U, IA और B इस प्रकार हैं कि TR = RS = SU तथा AP = PQ = QB हैं। P,Q,R और S से निरूपित परिमेय संख्याओं को लिखिए।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 10
हल:
∵ AP = PQ = QB
साथ ही, 2 और 3 के बीच की दूरी को 3 बराबर भागों में बाँटा गया है, ∴ प्रत्येक \(\frac { 1 }{ 3 } \) होगा।
इसी प्रकार – 2 और – 1 के बीच की दूरी को 3 बराबर भागों में बाँटा गया है।
∴ P द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = 2 +\(\frac { 1 }{ 3 } \) = \(\frac { 7 }{ 3 } \)
Q द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = 2 + \(\frac { 2 }{ 3 } \) = \(\frac { 8 }{ 3 } \)
R द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = -1 – \(\frac { 1 }{ 3 } \) = \(\frac { -4 }{ 3 } \)
S द्वारा निरूपित परिमेय संख्या = -1 – \(\frac { 2 }{ 3 } \) = \(\frac { -5 }{ 3 } \)

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से कौन-से युग्म एक ही परिमेय संख्या को निरूपित करते हैं ?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 11
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 12
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 13
अतः स्पष्ट है कि (ii), (ii), (iv) और (v) युग्म एक ही परिमेय संख्या को निरूपित करते हैं।

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प्रश्न 7.
निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को उनके सरलतम रूप में लिखिए :
(i) \(\frac { -8 }{ 6 } \)
(ii) \(\frac { 25 }{ 45 } \)
(iii) \(\frac { -44 }{ 72 } \)
(iv) \(\frac { -8 }{ 10 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 14

प्रश्न 8.
संकेतों >,< और = में से सही संकेत चुनकर रिक्त स्थानों को भरिए:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 15
हल:
(i) यहाँ \(\frac { -5 }{ 7 } \) एक ऋणात्मक परिमेय संख्या है तथा \(\frac { 2 }{ 3 } \) एक धनात्मक परिमेय संख्या है। अतः \(\frac { -5 }{ 7 } \) [<] \(\frac { 2 }{ 3 } \)
(ii) यहाँ 5 व 7 का ल. स. 35 है। अतः
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(iii) चूँकि –\(\frac { 14 }{ -16 } \) का हर ऋणात्मक है। अतः
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(iv) यहाँ 5 व 4 का ल. स. 20 है।
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(v) चूँकि \(\frac { 1 }{ -3 } \) का हर ऋणात्मक है। अतः
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(vi) चूंकि \(\frac { 5 }{ -11 } \) का हर ऋणात्मक है। अतः
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(vii) चूँकि हम जानते हैं कि प्रत्येक ऋणात्मक परिमेय संख्या शून्य से छोटी होती है, अत: 0 [>] \(\frac { -7 }{ 6 } \)

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प्रश्न 9.
निम्नलिखित में प्रत्येक में से कौन-सी संख्या बड़ी है ?
(i) \(\frac { 2 }{ 3 } \),\(\frac { 5 }{ 2 } \)
(ii) \(\frac { -5 }{ 6 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
(iii) \(\frac { -3 }{ 4 } \),\(\frac { 2 }{ -3 } \)
(iv) \(\frac { -1 }{ 4 } \),\(\frac { 1 }{ 4 } \)
(v) -3\(\frac { 2 }{ 7 } \), -3\(\frac { 4 }{ 5 } \)
हल:
(i) \(\frac { 2 }{ 3 } \),\(\frac { 5 }{ 2 } \)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 22
(ii) \(\frac { -5 }{ 6 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
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(iii) \(\frac { -3 }{ 4 } \),\(\frac { 2 }{ -3 } \)
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(iv) \(\frac { -1 }{ 4 } \),\(\frac { 1 }{ 4 } \)
चूँकि हम जानते हैं कि प्रत्येक धनात्मक परिमेय संख्या ऋणात्मक परिमेय संख्या से बड़ी होती है।
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 25

प्रश्न 10.
निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को आरोही क्रम में लिखिए :
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \),\(\frac { -2 }{ 5 } \),\(\frac { -1 }{ 5 } \)
(ii) \(\frac { -1 }{ 3 } \),\(\frac { -2 }{ 9 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
(iii) \(\frac { -3 }{ 7 } \),\(\frac { -3 }{ 2 } \),\(\frac { -3 }{ 4 } \)
हल:
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \),\(\frac { -2 }{ 5 } \),\(\frac { -1 }{ 5 } \)
∵ -3 < -2 < -1
∴ \(\frac { -3 }{ 5 } \) < \(\frac { -2 }{ 5 } \) < \(\frac { -1 }{ 5 } \)

(ii) \(\frac { -1 }{ 3 } \),\(\frac { -2 }{ 9 } \),\(\frac { -4 }{ 3 } \)
∵ 3 व 9 का ल. स. = 9
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(iii) \(\frac { -3 }{ 7 } \),\(\frac { -3 }{ 2 } \),\(\frac { -3 }{ 4 } \)
∵ 7,2 व 4 का ल. स. = 28
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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 201

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
(i) \(\frac { -13 }{ 7 } \) + \(\frac { 6 }{ 7 } \) तथा
(ii) \(\frac { 19 }{ 5 } \) + \(\frac { -7 }{ 5 } \) ज्ञात कीजिए।
हल:
(i) \(\frac { -13 }{ 7 } \) + \(\frac { 6 }{ 7 } \) = \(\frac { -13+6 }{ 7 } \) = \(\frac { -7 }{ 7 } \) = -1
(ii) \(\frac { 19 }{ 5 } \) + \(\frac { -7 }{ 5 } \) = \(\frac { 19 }{ 5 } \) – \(\frac { 7 }{ 5 } \) = \(\frac { 19-7 }{ 5 } \) = \(\frac { 12 }{ 5 } \) = 2\(\frac { 2 }{ 5 } \)

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 202

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { -3 }{ 7 } \) + \(\frac { 2 }{ 3 } \)
(ii) \(\frac { -5 }{ 6 } \) + \(\frac { -3 }{ 11 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 28

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
\(\frac { -3 }{ 9 } \),\(\frac { -9 }{ 11 } \) और \(\frac { 5 }{ 7 } \) के योज्य प्रतिलोम क्या हैं ?
हल:
\(\frac { -3 }{ 9 } \) का योज्य प्रतिलोम – (\(\frac { -3 }{ 9 } \)) = \(\frac { 3 }{ 9 } \)
\(\frac { -9 }{ 11 } \) का योग्य प्रतिलोम = -(\(\frac { -9 }{ 11 } \)) = \(\frac { 9 }{ 11 } \)
और \(\frac { 5 }{ 7 } \) का योज्य प्रतिलोम -(\(\frac { 5 }{ 7 } \)) = \(\frac { -5 }{ 7 } \)

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 203

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 7 }{ 9 } \) – \(\frac { 2 }{ 5 } \)
(ii) 2\(\frac { 1 }{ 5 } \) – \(\frac { (-1) }{ 3 } \)
हल:
(i) \(\frac { 7 }{ 9 } \) – \(\frac { 2 }{ 5 } \)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 29
(ii) 2\(\frac { 1 }{ 5 } \) – \(\frac { (-1) }{ 3 } \)
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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 204

MP Board Solutions

प्रश्न 1.
दोनों विधियों का प्रयोग करते हुए, = \(\frac { -4 }{ 7 } \) × 3
और \(\frac { -6 }{ 5 } \) × 4 को ज्ञात कीजिए। आप क्या देखते हैं ?
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 31

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
निम्नलिखित के गुणनफल क्या होंगे?
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \) × 7
(ii) \(\frac { -6 }{ 5 } \) × (-2)
हल:
(i) \(\frac { -3 }{ 5 } \) × 7 \(=\frac{(-3) \times 7}{5}=\frac{-21}{5}\)
(ii) \(\frac { -6 }{ 5 } \) × (-2) \(=\frac{(-6) \times(-2)}{5}=\frac{12}{5}\)

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए :
(i) \(\frac { -3 }{ 4 } \) × \(\frac { 1 }{ 7 } \)
(ii) \(\frac { 2 }{ 3 } \) × \(\frac { -5 }{ 9 } \)
हल:
(i) \(\frac { -3 }{ 4 } \) × \(\frac { 1 }{ 7 } \) \(=\frac{-3 \times 1}{4 \times 7}=\frac{-3}{28}\)
(ii) \(\frac { 2 }{ 3 } \) × \(\frac { (-5) }{ 9 } \) \(=\frac{2 \times(-5)}{3 \times 9}=\frac{-10}{27}\)

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 205

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
\(\frac { -6 }{ 11 } \),\(\frac { -8 }{ 5 } \) के व्युत्क्रम क्या होंगे ?
हल:
\(\frac { -6 }{ 11 } \) का व्युत्क्रम = –\(\frac { 11 }{ 6 } \)
\(\frac { -8 }{ 5 } \) का व्युत्क्रम = \(\frac { -5 }{ 8 } \)

प्रश्न 2.
\(\frac { 2 }{ 3 } \) को \(\frac { -5 }{ 7 } \) से दोनों विधियों द्वारा भाग देकर देखिए कि क्या आप एक ही समान उत्तर प्राप्त करते है ?
हल :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 32
दोनों विधियों से परिणाम समान आता है।

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए:
(i) \(\frac { 2 }{ 3 } \) × \(\frac { -7 }{ 8 } \)
(ii) \(\frac { -6 }{ 7 } \) × \(\frac { 5 }{ 7 } \)
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 परिमेय संख्याएँ Ex 9.1 image 33
पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 206

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MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2

MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2

MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) राजा राममोहन राय द्वारा किस भाषा में समाचार पत्र प्रकाशित किया गया?
(क) बंगला
(ख) हिन्दी
(ग) अंग्रेजी
(घ) उर्दू।
उत्तर:
(ख) हिन्दी

(2) किस संविधान संशोधन द्वारा प्रारम्भिक शिक्षा को मूल अधिकारों में सम्मिलित किया गया ?
(क) 81वाँ
(ख) 86वाँ
(ग) 87वाँ
(घ) 83वाँ।
उत्तर:
(ख) 86वाँ

(3) ‘ग्रामीण रोजगार गारण्टी’ विधेयक के अन्तर्गत कितने दिवस के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की गारण्टी दी गई है ?
(क) वर्ष भर
(ख) 100 दिवस
(ग) 200 दिवस
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ख) 100 दिवस

(4) भारत की रक्षा सेनाओं का प्रमुख सेनापति होता
(क) रक्षामन्त्री
(ख) प्रधानमन्त्री
(ग) राष्ट्रपति
(घ) सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश।
उत्तर:
(ग) राष्ट्रपति

(5) उत्तर अमेरिका का पूर्व से पश्चिम विस्तार है –
(क) 7200 किलोमीटर
(ख) 6400 किलोमीटर
(ग) 4006 किलोमीटर
(घ) 2700 किलोमीटर।
उत्तर:
(ख) 6400 किलोमीटर

(6) उत्तर अमेरिका में जनसंख्या का औसत घनत्व है –
(क) 51 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(ख) 21 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(ग) 29 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(घ) 104 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी।
उत्तर:
(ख) 21 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी

(7) ओरीनीको नदी पर संसार के सबसे ऊँचे जलप्रपात एंजिल की ऊँचाई है –
(क) 979 मीटर
(ख) 799 मीटर
(ग) 997 मीटर
(घ) 907 मीटर।
उत्तर:
(क) 979 मीटर

(8) संसार में केले का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है –
(क) बोलीविया
(ख) चिली
(ग) इक्वेडोर
(घ) पेरू।
उत्तर:
(ग) इक्वेडोर

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) 1876 ई. में इंग्लैण्ड की महारानी को भारत की ………….. घोषित किया गया था।
(2) महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज की स्थापना …………… के द्वारा की गई।
(3) म. प्र. में 2001 की जनगणना के अनुसार साक्षर …………. महिलाओं का प्रतिशत है।
(4) भारत सरकार द्वारा सन् में योजना आयोग की स्थापना की गई। थल सेना को …………… क्षेत्रों में संगठित किया गया है।
(6) कनाडा में लकड़ी काटने का काम करने वालों को …………… कहा जाता है।
(7) मैक्सिको की राजधानी ………… है।
(8) दक्षिण अमेरिका के पूरे क्षेत्रफल में से कुल ……………. प्रतिशत भूमि कृषि योग्य है।
उत्तर:

  1. ‘साम्राज्ञी’
  2.  ज्योतिबा फुले
  3.  50.28
  4. 1950
  5. पाँच
  6.  लम्बरजैक
  7. मैक्सिको सिटी
  8.  101

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MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 3.
(1) सार्जेन्ट योजना क्या थी?
उत्तर:
सार्जेन्ट योजना (1944) के अन्तर्गत स्कूलों में 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था की गई थी।

(2) पारसी सुधार आन्दोलन को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
सन् 1851 ई. में पारसियों ने एक धार्मिक सुधार। संघ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य पारसियों की सामाजिक स्थिति का पुनरुद्धार कर पारसी धर्म की प्राचीन पवित्रता पुनः स्थापित करना था।

(3) प्रमुख सामाजिक समस्याएँ कौन-कौनसी हैं ?
उत्तर:
प्रमुख सामाजिक समस्याएँ साम्प्रदायिकता, भाषावाद, जातिवाद, पृथकतावाद, शिक्षा का अभाव, नशीले | पदार्थों का सेवन, बालश्रम एवं अतिशय जनसंख्या आदि हैं।

(4) कुटीर उद्योग से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर:
कुटीर उद्योग परम्परागत उद्योग हैं, इनमें कम पूँजी लगती है तथा घर के सदस्यों द्वारा ही वस्तुएँ बना ली जाती हैं।

(5) नौ सेना के प्रमुख युद्धपोतों के नाम लिखिए।
उत्तर:
भारतीय नौ सेना के प्रमुख युद्धपोत इस प्रकार हैं-आई. एन. एस., नीलगिरी, हिमगिरी, देवगिरी, तारागिरी, विन्ध्यिागिरी, देशपोत, आई.एन.एस., गोदावरी।

(6) कार्डिलेरा किसे कहा जाता है ?
उत्तर:
ऐसी पर्वत श्रृंखला जिसमें अनेक पर्वत श्रेणियाँ एक-दूसरे के समानान्तर दूर-दूर तक फैली हुई होती हैं, के सम्मिलित रूप को उत्तर अमेरिका में ‘कार्डिलेरा’ कहा जाता है।

(7) संसार की सबसे बड़ी माँस की मण्डी किसे कहा जाता है ?
उत्तर:
शिकागो को संसार की सबसे बड़ी माँस की मण्डी कहा जाता है।

(8) अन्तःपर्वतीय पठार किसे कहते हैं ?
उत्तर:
दो पर्वतों के बीच फैले हुए पठारी भाग को अन्तःपर्वतीय पठार कहते हैं। जैसे-बोलीविया का पठार।

(9) ब्राजील को कहवा का घर’ क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
सर्वाधिक कहवा (कॉफी) उत्पादन के कारण ब्राजील को ‘कहवा का घर’ कहा जाता है।

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MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 4.
(1) उन्नीसवीं सदी में प्रेस के विकास पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
प्रारम्भ में प्रेस समाचार – पत्र एवं पत्र – पत्रिकाओं पर केवल अंग्रेजों का ही वर्चस्व था, किन्तु उन्नीसवीं सदी में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्दोलनों तथा राष्ट्रभावना को प्रबल करने के विचार से सुधारकों ने अनेक निजी पत्र – पत्रिकाओं का प्रकाशन किया। जिन समाचार-पत्रों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का विकास करने का प्रयास किया जा रहा था, उनके सम्पादकों को अंग्रेज जेल में डाल देते थे, किन्तु फिर भी इस समय के अनेक समाचार-पत्रों ने भारतीय माँगों, शिकायतों व उनकी दुर्दशा का खुलकर चित्रण किया तथा स्वतन्त्रता की भावना को और अधिक सशक्त किया। द हिन्दू, द इण्डियन मिरर, अमृत बाजार पत्रिका, केसरी, मराठा, स्वदेश मित्र, प्रभाकर व इन्दु प्रकाश इस समय के प्रमुख समाचार-पत्र थे।

(2) नशीले पदार्थों के सेवन के क्या दुष्परिणाम हैं ?
उत्तर:
नशीले पदार्थ स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। नशे की बुरी आदत के कारण अपराध बढ़ रहे हैं, चारित्रिक गिरावट आ रही है। ये आदतें परिवारों का विघटन कर रही हैं। नशे के आदी व्यक्ति घर पर बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार करने लगते हैं। इससे घर की शान्ति भंग होती है, आर्थिक तंगी भी बढ़ती है तथा ऐसे परिवारों को समाज में सम्मान भी नहीं मिलता।

(3) रोपण कृषि किस प्रकार की होती है ?
उत्तर:
व्यापारिक उद्देश्य से पेड़-पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण – कर, कारखानों की तरह विशिष्ट ढंग से अधिक मात्रा में उत्पादन करना रोपण कृषि है अर्थात् छोटे पौधों को रोपना रोपण कहलाता है, इससे उत्पादन बढ़ता है। विशेषकर फलों व सब्जियों का उत्पादन इस प्रकार करने से अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। अधिकांश कृषक इस प्रकार से कृषि करने लगे हैं।
दक्षिण अमेरिका में कहवा और गन्ना के बड़े-बड़े रोपण क्षेत्र हैं, जहाँ इनका भारी मात्रा में उत्पादन होता है।

(4) वायुसेना अधिकारियों की पदक्रम सूची का चार्ट बताइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2 img 1

(5) कनाडा में लकड़ी काटने का कार्य शीत ऋतु में क्यों किया जाता है ?
उत्तर:
कनाडा में शीत ऋतु में लकड़ी काटकर, इन कटी हुई लकड़ियों के लट्ठों को बर्फ की नदियों पर डाल देते हैं। ग्रीष्म ऋतु में जब नदियों की बर्फ पिघलकर बहने लगती है तो बहाव के साथ लट्ठ भी बहा दिये जाते हैं। इस प्रकार लकड़ियाँ कारखानों तक बिना मेहनत, बिना खर्च और अल्प समय में पहुँच जाती हैं।

(6) उत्तर अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्व बताइए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कृषि की महती भूमिका है। यद्यपि उत्तर अमेरिका में मात्र 12 प्रतिशत भूमि ही कृषि के लिए उपलब्ध है, फिर भी यह महाद्वीप कई कृषि उत्पादनों में संसार में अग्रणी है। महाद्वीप का विस्तार अधिक होने के कारण यहाँ विविध प्रकार की मिट्टियाँ और जलवायु दशाएँ पाई जाती हैं। यही कारण है कि यहाँ अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं।

  • खाद्यान्न फसलें (जैसे-गेहूँ, मक्का, जौ, चावल, ज्वार आदि) और
  • नकदी फसलें (जैसे-कपास, गन्ना, तम्बाकू, सोयाबीन, मूंगफली, चुकन्दर, फल आदि)।

(7) लाप्लादा बेसिन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
दक्षिण अमेरिका का तीसरा बड़ा मैदानी भाग जो ब्राजील की उच्च भूमि के दक्षिण-पश्चिम में पराना, पराग्वे तथा उरुग्वे नदियों की घाटियों से निर्मित है, दक्षिण अमेरिका के उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। इसे लाप्लाटा बेसिन’ कहते हैं।

(8) दक्षिण अमेरिका से निर्यात एवं आयात की जाने वाली वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Social Science Solutions विविध प्रश्नावली 2 img 2

MP Board Class 8th Social Science विविध प्रश्नावली 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 5.
(1) 1858 ई. के बाद भारतीय राजाओं के साथ ब्रिटिश सरकार के सम्बन्धों को समझाइए।
उत्तर:
1858 ई. में भारत में छोटे-बड़े लगभग 562 राजा थे। इंग्लैण्ड की महारानी ने अपनी घोषणा में कहा था कि भारतीय राजाओं के अधिकार एवं सम्मान का हनन नहीं किया जाएगा। उसे पूर्ववत् सुरक्षित रखा जायेगा, किन्तु उसका पालन नहीं किया गया। 1874 ई. में बड़ौदा के राजा मल्हारराव गायकवाड को सिंहासन से हटाकर उसके वंशज को सिंहासन पर बैठाया गया।

1876 ई. में इंग्लैण्ड की महारानी को भारत की साम्राज्ञी घोषित कर दिया गया। अब सम्पूर्ण भारत की सर्वोच्च शासक इंग्लैण्ड की महारानी हो गई थी। भारतीय राजाओं की आन्तरिक और बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी ब्रिटिश सरकार को हो गई थी। राजाओं के आन्तरिक मामलों में ब्रिटिश सरकार का हस्तक्षेप बढ़ने लगा था। लॉर्ड कर्जन ने भारतीय राजाओं के लिए विदेश जाने से पूर्व उससे अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया था। वह भारतीय राजाओं की विदेश यात्रा पर प्रतिबन्ध था।

भारतीय राजाओं की सेनाओं को न केवल कम कर दिया गया वरन् उसे अंग्रेज अधिकारी के नियन्त्रण में रखा गया। 1947 ई. में माउण्टबेटन योजना में भारतीय राजाओं को उनकी स्वेच्छानुसार भारत या पाकिस्तान में बने रहने की स्वतन्त्रता प्रदान कर दी थी। वास्तव में, 1857 के बाद भारत में ब्रिटिश सरकार ने ‘फूट डालो राज करो’ नीति का पालन किया।

(2) वर्तमान परिवारों में महिलाओं की स्थिति में क्या परिवर्तन हुए हैं ? समझाइए।
उत्तर:
वर्तमान में शहरों में तो महिलाओं द्वारा पुरुषों के द्वारा किये जाने वाले कार्यों को भी किया जा रहा है जिससे समाज व परिवार की सोच में परिवर्तन आने लगा है। आज महिलाएँ परिवार व समाज में पुरुषों से कन्धे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रही हैं। आज समाज में शिक्षा के क्षेत्र में, व्यवसाय के क्षेत्र में, . शासन के क्षेत्र में, चिकित्सा के क्षेत्र में, राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय ज्ञान के क्षेत्र में, विज्ञान और खेल जैसे सभी स्थानों पर बराबर का योगदान दे रही हैं। यद्यपि हमारा समाज पुरुष प्रधान है अब बदलते समय के साथ इस दृष्टिकोण में परिवर्तन आ रहा है और परिवारों में महिलाओं को अधिक सम्मान मिल रहा है।

(3) भ्रष्टाचार एक आर्थिक समस्या है, कैसे ?
उत्तर:
भ्रष्टाचार से आर्थिक असमानता बढ़ती है और – गरीब अधिक गरीब और अमीर अधिक अमीर होते जाते हैं। इस प्रकार समाज में आर्थिक विषमता की खाई और अधिक गहरी होती जाती है जो असन्तोष को जन्म देकर समाज की शान्ति को समाप्त कर देती है। भ्रष्टाचार से एकत्रित किया गया धन पहले तो सही हाथों से छीन लिया जाता है और उसे प्रायः गलत कार्यों में ही लगाया जाता है जो समाज के आर्थिक विकास को मन्द कर देता है। इस प्रकार भ्रष्टाचार के माध्यम से पैसा, उत्पादक कार्य में आने के स्थान पर एक व्यक्ति से दूसरे पर हस्तान्तरित होता रहता है और अन्त में समाज को आर्थिक रूप से पंगु बना देता है।

(4) रक्षा सामग्री उत्पादन पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
देश की सुरक्षा हेतु अनेक प्रकार की रक्षा सामग्री की आवश्यकता होती है। रक्षा सामग्री का उत्पादन शासकीय विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किया जाता है। शासकीय विभागों द्वारा संचालित आयुध कारखानों में शस्त्रों, टैंकों, वाहनों, गोला-बारूद आदि का निर्माण किया जाता है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में जलपोतों, वायुयानों, बुलडोजरों, मशीनों के कलपुर्जे, संचार उपकरण आदि सामग्री का निर्माण में होता है।

अपने देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न बनाने हेतु यहाँ परमाणु संयन्त्र भी स्थापित किये गये हैं। तारापुर (महाराष्ट्र) व कलपक्कम (तमिलनाडु) इसके प्रमुख केन्द्र हैं। भारत में रक्षा पंक्ति मजबूत करने के लिए प्रक्षेपास्त्रों (मिसाइल) का निर्माण किया है, जैसेअग्नि, पृथ्वी, त्रिशूल, नाग, आकाश, अस्त्र व ब्रह्मोस आदि। भारत 1974 व 1998 में परमाणु बम का परीक्षण कर अपनी परमाण्विक शक्ति का परिचय सम्पूर्ण विश्व को दे चुका है।

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(5) उत्तर अमेरिका में वर्षा के वितरण पर लेख लिखिए।
उत्तर:
महाद्वीप के अधिकांश भागों में वर्षा ग्रीष्मकाल में होती है। इस महाद्वीप में वर्षा का वितरण अनेक विविधताएँ लिए हुए है। इस महाद्वीप के तीन पश्चिमी क्षेत्र ऐसे हैं, जहाँ अधि वर्षा होती है –

  • द्वीप समूह में व्यापारिक पवनों के प्रभाव से।
  • मध्य अमेरिका तथा दक्षिणी-पूर्वी भाग में गर्म जलधारा (गल्फस्ट्रीम) की निकटता के कारण।
  • ब्रिटिश कोलम्बिया के पश्चिमी तट पर पछुआ पवनों के कारण।

पूर्वी तट से जैसे – जैसे पश्चिमी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ते हैं वर्षा की मात्रा क्रमशः कम होती जाती है। संयुक्त राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी भाग ऐरिजोना के मरुस्थल में अत्यन्त कम वर्षा होती है। उत्तरी – पश्चिमी तट सुदूर पछुआ हवाओं के प्रभाव में वर्ष भर रहता है, इसलिए यहाँ वर्ष भर वर्षा होती है।

वायुदाब की पेटियाँ दक्षिण की ओर खिसकने से शीतकाल में पश्चिम कैलिफोर्निया का क्षेत्र पछुआ पवनों के क्षेत्र में आ जाता है, जिससे यहाँ शीत ऋतु में वर्षा होती है। – मैक्सिको प्रदेश को मानसूनी पवनें प्रभावित करती हैं जिससे ग्रीष्मकाल में वर्षा होती है, जबकि मैक्सिको की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी तट, व्यापारिक हवाओं के प्रभाव में रहने से वर्ष भर वर्षा प्राप्त करते हैं।

(6) उत्तर अमेरिका के प्रमुख वनोद्योगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उत्तर अमेरिका के लोगों का मुख्य व्यवसाय वनों पर आधारित है। कागज उद्योग, लुग्दी उद्योग, फर्नीचर उद्योग, समूर उद्योग वमों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण उद्योग हैं। संसार में जितनी मुलायम लकड़ी काटी जाती है उसमें से उत्तर अमेरिका का हिस्सा 20 प्रतिशत से अधिक है। कागज और लुग्दी उत्पादन में संयुक्त राज्य तथा कनाडा का स्थान महत्वपूर्ण है। डगलस, फर और सफेद चीड़ की लकड़ी से इमारत तथा फर्नीचर बनाए जाते हैं।

इसी प्रकार ओक, बीच तथा सरई की लकड़ी फर्नीचर के लिए उपयोगी है। सेलूलोस, राल तथा तारपीन का तेल मुलायम लकड़ी से प्राप्त किया जाता है। चिकिल वृक्षों से च्यूइंगम तैयार करते हैं। मेपिल वृक्ष की मीठी छाल से शक्कर बनाई जाती है। महोगनी और लौंगवुड के वृक्षों से मजबूत बक्से बनाए जाते हैं। कनाडा के वनों में समूर वाले जानवरों से समूर प्राप्त किया जाता है। घास के मैदानों में पशु पाले जाते हैं। यहाँ पशुपालन बड़े व्यवस्थित ढंग से होता है। डेयरी उद्योग पशुपालन पर आधारित महत्त्वपूर्ण उद्योग है।

(7) दक्षिण अमेरिका की धरातलीय बनावट का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
धरातलीय बनावट के आधार पर दक्षिण अमेरिका महाद्वीप को चार भौतिक विभागों में बाँटा जा सकता है –

(1) पश्चिमी तटीय पट्टी – महाद्वीप के पश्चिमी भाग में प्रशान्त महासागर के तटीय भाग और एण्डीज पर्वतमाला के मध्य में मैदानी भूमि एक संकरी पट्टी के रूप में उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई है। इस तटीय मैदान के मध्य में आटाकामा नामक मरुस्थल है जो संसार का सबसे शुष्क गर्म मरुस्थल है।

(2) पश्चिमी पर्वतमाला – पश्चिमी तटीय मैदानी पट्टी के समानान्तर पूर्व में पर्वतों और पहाड़ियों की एक लम्बी श्रृंखला फैली हुई है। यह सबसे लम्बी एण्डीज पर्वतमाला है। यह महाद्वीपके उत्तर में कैरेबियन सागर से शुरू होकर महाद्वीप के दक्षिणी छोर तक फैली हुई है। इसकी लम्बाई 7,250 किमी. है। मध्य में पर्वत की चौड़ाई सबसे अधिक है।

(3) मध्यवर्ती मैदान – ये मैदान एण्डीज पर्वतमाला और पूर्वी उच्च भूमि के बीच बड़े भाग में फैले हैं। यह मैदान तीन श्रेणियों में विभाजित है –

  •  लानोस का मैदान
  • सेल्वास का मैदान
  • लाप्लाटा का मैदान।

(4) पूर्वी उच्च भूमि-इस महाद्वीप में मुख्यतः तीन पठारी भाग हैं। उत्तर में गुयाना (गयाना) का पठार, महाद्वीप के मध्य पूर्व में ब्राजील का पठार तथा दक्षिणी भाग में पैटेगोनिया का पठार अमेजन बेसिन तथा औरोनोको बेसिन के मध्य गुयाना का पठार जल विभाजन का कार्य करता है। पैटेगोनिया का पठार वर्षा के अभाव में एक शुष्क मरुस्थल है।

(8) दक्षिण अमेरिका में पशुपालन एवं भेड़पालन उद्योग का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
दक्षिण अमेरिका में घास के बड़े-बड़े मैदान हैं, जिनमें पशुपालन एवं भेड़पालन का कार्य उद्योग के रूप में बड़े पैमाने पर होता है। यह उद्योग महाद्वीप के उत्तर में ओरीनोको नदी. की घाटी में लानोज के घास के मैदानों में वैनेजुएला देश में होता है। महाद्वीप के मध्य भाग में पम्पास के मैदानों में बोलिविया, उरुग्वे, पराग्वे और अर्जेन्टाइना में पशु एवं भेड़पालन बड़े पैमाने पर होता है।

यहाँ गाय, बैल, भेड़, बकरी, सूअर तथा घोड़े पाले जाते हैं। पशुओं से प्राप्त सामग्री में दूध, माँस, चमड़ा और ऊन का भारी उत्पादन होने से इनका निर्यात अर्जेन्टाइना, उरुग्वे, बोलीविया, पराग्वे आदि देशों से किया जाता है। यहाँ अर्जेन्टाइना सबसे बड़ा पशुपालक देश हैं और उरुग्वे ऊन उत्पादन में संसार में दूसरे स्थान पर है।

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Additional Questions

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 अतिरिक्त परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दर्शाइए कि बिन्दु A(1, 2), B(-1,-16) और C(0, – 7) रैखिक समीकरण y = 9x – 7 के आलेख पर स्थित है। (2019)
हल:
बिन्दु A(1, 2) के निर्देशांकों का मान समीकरण में रखने पर,
∴ 9x – 7 = 9 x 1 – 7 = 9 – 7 = 2 = y.
⇒ दायाँ पक्ष = बायाँ पक्ष
बिन्दु B(-1, – 16) के निर्देशांकों का मान समीकरण में रखने पर,
∴ 9x – 7 = 9x (-1) – 7 = – 9 – 7 = – 16 = y
⇒ दायाँ पक्ष = बायाँ पक्ष
बिन्दु C(0, – 7) के निर्देशांकों का मान समीकरण में रखने पर,
∴ 9x – 7 = 9 (0) – 7 = 0 – 7 = – 7 =y
⇒ दायाँ पक्ष = बायाँ पक्ष अतः दिए हुए बिन्दु A, B एवं C समीकरण y = 9x – 7 के आलेख पर स्थित हैं।

प्रश्न 2.
रैखिक समीकरण 3x + 4y = 6 का आलेख खींचिए। यह आलेख X-अक्ष और Y-अक्ष को किन बिन्दुओं पर काटता हैं? (2019)
हल:
समीकरण 3x + 4y = 6 (दिया है)
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 4
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 4a
अतः संलग्न चित्र 4.18 अभीष्ट आलेख है तथा यह आलेख -अक्ष को बिन्दु (2, 0) पर एवं Y-अक्ष को बिन्दु (0, 1\(\frac { 1 }{ 2 }\)) पर काटता है।
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प्रश्न 3.
वह रैखिक समीकरण जो फॉरेनहाइट (F) को सेल्सियस (C) में बदलती है, सम्बन्ध c = \(\frac { 5F – 160 }{ 9 }\) से दी जाती है।
(i) यदि तापमान 86°F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या है ?
(ii) यदि तापमान 35°C है, तो फॉरेनहाइट में तापमान क्या है ?
(iii) यदि तापमान 0°C है तो फॉरेनहाइट में तापमान क्या है तथा यदि तापमान 0°F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या है ?
(iv) तापमान का वह कौन-सा संख्यात्मक मान है जो दोनों पैमानों (मात्रको) में एक ही है ?
हल:
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 5

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उस सरल रेखा से निरूपित समीकरण का आलेख खींचिए जो X-अक्ष के समानान्तर है और उसके नीचे 3 मात्रक की दूरी पर है।
उत्तर:
अभीष्ट चित्र संलग्न है।
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 6

प्रश्न 2.
उस रैखिक समीकरण का आलेख खींचिए जिसके हल उन बिन्दुओं से निरूपित हैं जिनके निर्देशांकों का योग 10 इकाई है।
हल:
प्रश्नानुसार, अभीष्ट समीकरण होगा : x + y = 10
यदि x = 0 तो 0 + y = 10 ⇒ y = 10
यदि x = 5 तो 5 + y = 10 ⇒ y = 10 – 5 = 5
यदि x = 10 तो 10 + y = 10 ⇒ y = 10 – 10 = 0
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 7
अतः उपर्युक्त चित्र अभीष्ट आलेख है।

प्रश्न 3.
समीकरण y = 2x + 1 का आलेख खींचिए। (2019)
हल:
निर्देशः उपर्युक्त प्रश्न के समीकरण की तरह हल कीजिए।

प्रश्न 4.
रैखिक समीकरण x + 2y = 8 का वह हल ज्ञात कीजिए जो निम्नलिखित पर एक बिन्दु निरूपित करता है:
(i) X-अक्ष
(ii) Y-अक्ष।
हल:
(i) चूँकि X-अक्ष पर बिन्दु की कोटि y = 0. इसलिए x + 2 x 0 = 8 ⇒ x + 0 = 8
⇒ x = 8
अतः समीकरण का अभीष्ट हल : x = 8, y = 0.

(ii) चूँकि Y-अक्ष पर बिन्दु की भुंज x = 0. इसलिए
0 + 2y = 8 ⇒ 2y = 8 ⇒ y = 8/2 = 4
अतः समीकरण का अभीष्ट हल : x = 0, y = 4.

प्रश्न 5.
मान लीजिए.y, x के अनुक्रमानुपाती है। यदि x = 4 होने पर y = 12 हो, तो एक रैखिक समीकरण लिखिए। जब x = 6, तोy का क्या मान है ?
हल:
चूँकि y α x
⇒ y = Cx
जब x = 4 होने पर y = 12 हो, तो
12 = C x 4
⇒ C = 12/4 = 3 C का मान समीकरण y = Cx में रखने पर,
y = 3x अतः अभीष्ट समीकरण : y = 3x.
अब x = 6 का मान समीकरण y = 3x में रखने पर,
y = 3 x 6 = 18
अतः एका अभीष्ट मान = 18.
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MP Board Class 9th Maths Chapter 4 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य लिखिए। अपने उत्तरों का औचित्य दीजिए।
(i) बिन्दु (0, 3) रैखिक समीकरण 3x + 4y = 12 के आलेख पर स्थित है।
(ii) रैखिक समीकरण x + 2y = 7 के आलेख बिन्दु (0, 7) से होकर जाता है।
(iii) सारणी :
MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Ex 4.4 8
से प्राप्त बिन्दुओं के निर्देशांक समीकरण x – y + 2 = 0 के कुछ हलों को निरूपित करते हैं।
(iv)दो चरों वाली रैखिक समीकरण के आलेख का प्रत्येक बिन्दु उस समीकरण का एक हल निरूपित नहीं करता है।
(v) दो चरों वाली रैखिक समीकरण के आलेख का एक सरल रेखा में होना आवश्यक नहीं है।
उत्तर:
(i) कथन सत्य है, क्योंकि बिन्दु के निर्देशांक समीकरण को सन्तुष्ट करते हैं।
(ii) कथन असत्य है, क्योंकि बिन्दु के निर्देशांक समीकरण को सन्तुष्ट नहीं करते हैं।
(iii) कथन सत्य है, क्योंकि बिन्दु (3, -5) के निर्देशांक समीकरण को सन्तुष्ट नहीं करते हैं।
(iv) कथन असत्य है, क्योंकि दो चरों वाली रैखिक समीकरण का प्रत्येक बिन्दु उस समीकरण का एक हल निरूपित करता है।
(v) कथन असत्य है, क्योंकि दो चरों वाली रैखिक समीकरण का आलेख सदैव एक सरल रेखा होती है।

प्रश्न 2.
वह रैखिक समीकरण लिखिए जिसकी कोटि उसके भुज से तीन गुनी है। (2019)
उत्तर:
y = 3x.

MP Board Class 9th Maths Chapter 4 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रैखिक समीकरण 2x – 5y = 7 :
(a) का एक अद्वितीय हल है
(b) के दो हल हैं
(c) के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं
(d) का कोई हल नहीं है।
उत्तर:
(c) के अपरिमित रूप से अनेक हल हैं

प्रश्न 2.
यदि (2,0) रैखिक समीकरण 2x + 3y = k का हल है, तो k का मान है :
(a) 4
(b) 6
(c) 5
(d) 2.
उत्तर:
(a) 4

प्रश्न 3.
रैखिक समीकरण 2x + 3y = 6 का आलेख -अक्ष को निम्नलिखित में से किस बिन्दु पर काटता
(a) (2, 0)
(b) (0, 3)
(c) (3, 0)
(d) (0, 2).
उत्तर:
(d) (0, 2).

प्रश्न 4.
X-अक्ष पर स्थित किसी बिन्दु का रूप होता है :
(a) (x, y)
(b) (0, y)
(c) (x, 0)
d) (x, 4).
उत्तर:
(c) (x, 0)
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प्रश्न 5.
रेखा y = x पर स्थित किसी बिन्दु का रूप होता है :
(a) (a, a)
(b) (0, a)
(c) (a, 0)
(d) (a, – a).
उत्तर:
(a) (a, a)

प्रश्न 6.
X-अक्ष की समीकरण का रूप है :
(a) x = 0
(b) y = 0
(c) x + y = 0
(d) x = y
उत्तर:
(b) y = 0

प्रश्न 7.
दो चरों वाला रैखिक समीकरण है : (2019)
(a) ax2 + bx + c = 0
(b) ax + b = 0
(c) ax3 + bx2 + c = 0
(d) ax + by + c = 0.
उत्तर:
(d) ax + by + c = 0.

प्रश्न 8.
x = 5, y = 2 निम्नलिखित रैखिक समीकरण का हल है:
(a) x + 2y = 7
(b) 5x + 2y = 7
(c) x + y = 7
(d) 5x + y = 7.
उत्तर:
(c) x + y = 7

प्रश्न 9.
रैखिक समीकरण 2x + 3y = 6 का आलेख एक रेखा है जो X-अक्ष को निम्नलिखित बिन्दु पर मिलती है:
(a) (0, 2)
(b) (2, 0)
(c) (3, 0)
(d) (0, 3).
उत्तर:
(c) (3, 0)
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प्रश्न 10.
(a, a) रूप का बिन्दु सदैव स्थित होता है :
(a) X-अक्ष पर
(b) Y-अक्ष पर
(c) रेखा y = x पर
(d) रेखा x + y = 0 पर।
उत्तर:
(c) रेखा y = x पर

प्रश्न 11.
(a,-a) रूप का बिन्दु सदैव रेखा पर स्थित होता है :
(a) x = a
(b) y = -a.
(c)y = x
(d) x + y = 0.
उत्तर:
(d) x + y = 0.

प्रश्न 12.
दो संख्याओं का योग 25 व अन्तर 5 है, तो वे संख्याएँ होंगी : (2018)
(a) 15, 10
(b) 20, 5
(c) 13, 12
(d) 30, 5
उत्तर:
(a) 15, 10

रिक्त स्थानों की पूर्ति
1. एक ऐसा समीकरण जिसका आलेख एक सरल रेखा होता है, …… समीकरण कहलाता है।
2. रैखिक समीकरण ax + by + c = 0 का आलेख एक ……..रेखा है।
3. x और y का मान युग्म (x, y) जो दिए हुए समीकरण ax + by + c = 0 को सन्तुष्ट करता है, उक्त समीकरण का ………. कहलाता है।
4. जब किसी समीकरण निकाय का कोई भी हल नहीं होता, तब निकाय ……….. निकाय कहलाता है।
5. जब किसी समीकरण निकाय का कोई हल होता है, तब निकाय …………. निकाय कहलाता है।
6. दो चरों वाले एक घात समीकरण का ग्राफ ………… को प्रदर्शित करता है। (2018)
7. यदि एक समीकरण x + 2y = 5 में x = 1 है, तब y का मान ……….. है। (2019)
उत्तर:
1. रैखिक,
2. सरल,
3. हल,
4. असंगत,
5. संगत,
6. सरल रेखा,
7. 2 (दो)।

जोड़ी मिलान
स्तम्भ ‘A’                                      स्तम्भ ‘B’
1. रेखाएँ सम्पाती हों                  (a) y का मान शून्य
2. रेखाएँ प्रतिच्छेदी हों               (b) x का मान शून्य
3. रेखाएँ समानान्तर हों             (c) अनन्ततः अनेक हल
4. रेखा X-अक्ष को काटे            (d) अद्वितीय हल
5. रेखा Y-अक्ष को काटे             (e) कोई हल नहीं
उत्तर:
1. → (c),
2. → (d),
3. → e),
4. → (a),
5. → (b)
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सत्य/असत्य कथन
1. समीकरण x + 2y = 5 में यदि x = 1 तो y = 2 होगा।
2. रैखिक समीकरण का आलेख एक वृत्त होता है।
3. दो चरों वाले एकघातीय समीकरण रैखिक समीकरण कहलाते हैं।
4. X-अक्ष का समीकरण x = 0 होता है। (2019)
5. Y-अक्ष, के समानान्तर रेखा का समीकरण x = + a होता है।
6. समीकरण x +2y = 3 का एक हल (1, 1) है। (2019)
7. बिन्दु (0, 5) समीकरण y = 5x + 5 का हल है। (2019)
8. मूल-बिन्दु से गुजरने वाली रेखा का आलेख y = kx रूप द्वारा प्रदर्शित होता है। (2019)
9. रैखिक समीकरण 2x -3y = 0 में चर 2 एवं – 3 है। (2019)
उत्तर:
1. सत्य,
2. असत्य,
3. सत्य,
4. असत्य,
5. सत्य,
6. सत्य,
7. सत्य,
8. सत्य,
9. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

1. जब किसी समीकरण निकाय के अनन्ततः अनेक हल हों तो उसका आलेख कैसा होगा?
2. जब किसी समीकरण निकाय का अद्वितीय हल हो, तो उसका आलेख कैसा होगा?
3. जब किसी समीकरण निकाय का कोई हल न हो, तो उसका आलेख कैसा होगा?
4. यदि \(\frac { { a }_{ 1 } }{ { a }_{ 2 } } \neq \frac { { b }_{ 1 } }{ { b }_{ 2 } }\), तो निकाय का हल क्या होगा?
5. यदि \(\frac { { a }_{ 1 } }{ { a }_{ 2 } } =\frac { { b }_{ 1 } }{ { b }_{ 2 } }\neq \frac { { c }_{ 1 } }{ { c }_{ 2 } }\) तो निकाय का हल क्या होगा?
6. यदि \(\frac { { a }_{ 1 } }{ { a }_{ 2 } } =\frac { { b }_{ 1 } }{ { b }_{ 2 } }= \frac { { c }_{ 1 } }{ { c }_{ 2 } }\), तो निकाय का हल क्या होगा?
7. रैखिक समीकरण में चर राशि की उच्चतम घात होती है। (2018)
8. दो.चरों वाला एक रैखिक समीकरण लिखिए। (2019)
9. यदि x = 2, y = 1 समीकरण 2x + 3y =k का हल है, तब k का मान क्या होगा? (2019)
उत्तर:
1. सम्पाती रेखाएँ,
2. प्रतिच्छेदी रेखाएँ,
3. समानान्तर रेखाएँ,
4. अद्वितीय हल,
5. कोई हल नहीं,
6. अनन्ततः अनेक हल,
7. एक,
8. ax + by + c = 0,
9. 7 (सात)।

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MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 14 नागरिकों के संवैधानिक अधिकार एवं कर्त्तव्य

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 14 नागरिकों के संवैधानिक अधिकार एवं कर्त्तव्य

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
44वें संशोधन के द्वारा किस मौलिक अधिकार को मूल अधिकारों की सूची से हटा दिया गया है?
(i) सम्पत्ति का अधिकार
(ii) स्वतन्त्रता का अधिकार
(iii) समानता का अधिकार,
(iv) संस्कृति एवं शिक्षा का अधिकार।
उत्तर:
(i) सम्पत्ति का अधिकार

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प्रश्न 2.
इनमें से कौन-सा कार्य बाल श्रम की श्रेणी में आता है?
(i) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से होटलों में, निर्माण कार्य में या खदानों में कार्य कराना
(ii) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का घूमना और शिक्षा प्राप्त करना
(iii) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के खेल के कार्य
(iv) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का शारीरिक व्यायाम करना।
उत्तर:
(i) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से होटलों में, निर्माण कार्य में या खदानों में कार्य कराना

प्रश्न 3.
इनमें से कौन-सा अधिकार स्वतन्त्रता के मौलिक अधिकार से सम्बन्धित नहीं है?
(i) भाषण की स्वतन्त्रता
(ii) उपाधियों का अन्त
(iii) निवास की स्वतन्त्रता
(iv) भ्रमण की स्वतन्त्रता।
उत्तर:
(ii) उपाधियों का अन्त

प्रश्न 4.
किस लेख द्वारा उच्चतम या उच्च न्यायालय किसी भी अभिलेख को अपने अधीनस्थ न्यायालय से अपने पास मँगा सकता है?
(i) बन्दी प्रत्यक्षीकरण
(ii) उत्प्रेषण
(iii) अधिकार पृच्छा
(iv) परमादेश।
उत्तर:
(ii) उत्प्रेषण

प्रश्न 5.
6 से 14 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार किस मौलिक अधिकार के अन्तर्गत आता है?
(i) समानता का अधिकर
(ii) संस्कृति व शिक्षा का अधिकार
(iii) स्वतन्त्रता का अधिकार
(iv) संवैधानिक उपचारों का अधिकार।
उत्तर:
(ii) संस्कृति व शिक्षा का अधिकार

प्रश्न 6.
मौलिक अधिकारों का संरक्षण निम्नलिखित में से कौन करता है? (2009)
(i) संसद
(ii) विधान सभाएँ
(iii) सर्वोच्च न्यायालय
(iv) भारत सरकार।
उत्तर:
(iii) सर्वोच्च न्यायालय

प्रश्न 7.
सूचना समय पर न मिलने पर सबसे पहले अपील की जाती है
(i) विभाग प्रमुख
(ii) लोक सूचना अधिकारी
(iii) सूचना आयोग
(iv) मुख्यमंत्री।
उत्तर:
(iii) सूचना आयोग

प्रश्न 8.
राज्य के नीति निदेशक तत्व निम्न में से क्या हैं?
(i) कानून द्वारा बन्धनकारी है
(ii) न्याय योग्य हैं
(iii) राज्य के लिए रचनात्मक निर्देश है
(iv) न्यायपालिका के आदेश हैं।
उत्तर:
(iii) राज्य के लिए रचनात्मक निर्देश है

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रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. मौलिक अधिकारों के पीछे …………. की शक्ति होती है।
  2. सूचना का अधिकार बढ़ते ………… को रोकने का सशक्त अस्त्र है। (2017)
  3. संविधान के अनुच्छेद …….. के द्वारा प्रत्येक नागरिक को विधि के समक्ष समानता और संरक्षण प्राप्त है।
  4. संविधान में अस्पृश्यता …………. अपराध है।
  5. संविधान के 44वें संविधान द्वारा …………. के मौलिक अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया मया है।

उत्तर:

  1. कानून
  2. भ्रष्टाचार
  3. 14
  4. दण्डनीय
  5. सम्पत्ति के अधिकार।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कानून के समक्ष समानता का क्या अर्थ है?
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद 14 के अन्तर्गत प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता और संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। संविधान की दृष्टि में कानून सर्वोपरि है। कानून से ऊपर कोई व्यक्ति नहीं है। एक-सा अपराध करने वाले समान दण्ड के भागीदार होंगे।

प्रश्न 2.
मौलिक अधिकार के प्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर:
हमें संविधान द्वारा 6 मौलिक अधिकार प्राप्त हैं –

  1. समानता का अधिकार
  2. स्वतन्त्रता का अधिकार
  3. शोषण के विरुद्ध अधिकार
  4. धर्म की स्वतन्त्रता का अधिकार
  5. संस्कृति एवं शिक्षा सम्बन्धी अधिकार
  6. संवैधानिक उपचारों के अधिकार।

प्रश्न 3.
संवैधानिक में अस्पृश्यता का अन्त करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद 17 द्वारा नागरिकों में सामाजिक समानता लाने के लिए अस्पृश्यता के आचरण का निषेध किया गया है। नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 द्वारा राज्य अथवा नागरिकों द्वारा अस्पृश्यता का व्यवहार अपराध माना जाएगा, जिसके लिए दण्ड की व्यवस्था की गयी है।

प्रश्न 4.
सूचना का अधिकार किसे प्राप्त है?
उत्तर:
देश के प्रत्येक नागरिक को सूचना का अधिकार प्राप्त है।

प्रश्न 5.
सूचना के अधिकार किन सिद्धान्तों पर आधारित हैं?
उत्तर:
यह प्रमुख रूप से तीन सिद्धान्तों पर आधारित हैं-

  1. जवाबदेही का सिद्धान्त.
  2. सहभागिता का सिद्धान्त तथा
  3. पारदर्शिता का सिद्धान्त।

प्रश्न 6.
नीति निदेशक तत्व किसके लिए निर्देश हैं?
उत्तर:
नीति निदेशक तत्व संविधान निर्माताओं द्वारा केन्द्रीय सरकार एवं राज्य सरकारों की नीतियों के निर्धारण के लिए दिये गये दिशा निर्देश हैं।

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MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राज्य के नीति निदेशक तत्व और मौलिक अधिकारों में क्या अन्तर है? स्पष्ट कीजिए। (2008, 09, 10, 18)
उत्तर:
नीति निदेशक तत्व और मौलिक अधिकारों में अन्तर-नीति निदेशक तत्व और मौलिक अधिकारों में महत्त्वपूर्ण अन्तर निम्नलिखित हैं –

  1. मूल अधिकारों को न्यायालय का संरक्षण प्राप्त है। इसके विपरीत राज्य के नीति-निदेशक तत्वों को न्यायालय का संरक्षण प्राप्त नहीं है।
  2. “मौलिक अधिकार राज्य के लिए कुछ निषेध आज्ञाएँ हैं। इनके द्वारा राज्य को यह आदेश दिया जाता है कि राज्य को क्या नहीं करना चाहिए? इसके विपरीत नीति के निदेशक सिद्धान्तों के द्वारा राज्य को ये निर्देश दिये जाते हैं कि उसे क्या करना चाहिए।”
  3. मौलिक अधिकार नागरिकों की वैधानिक माँग है, किन्तु नीति निदेशक सिद्धान्त नागरिकों की वैधानिक माँग नहीं है।
  4.  नीति-निदेशक सिद्धान्त एक प्रकार के आश्वासन है, जिनका पालन करने में सरकार किसी भी स्थिति में असमर्थ हो सकती है। इसके विपरीत मौलिक अधिकारों की उपेक्षा कोई भी सरकार नहीं कर सकती।
  5. मौलिक अधिकारों को कुछ परिस्थितियों में मर्यादित, सीमित, निलम्बित या स्थगित किया जा सकता है, परन्तु नीति-निदेशक तत्वों के साथ ऐसी बात नहीं है।
  6. 1976 तक नीति-निदेशक तत्वों की स्थिति मूल अधिकारों से गौण थी, लेकिन 42वें संविधान के संशोधन द्वारा यह स्थिति बदल गयी है। अब नीति-निदेशक तत्वों को मूल अधिकारों से उच्च स्थान प्राप्त है। इस संशोधन में यह व्यवस्था है कि यदि संसद के किसी कानून से नीति-निदेशक तत्व का पालन होता है, लेकिन उससे मूल अधिकारों का उल्लंघन होता है तो कानून को न्यायालय अवैध घोषित नहीं कर सकता है।
  7. मौलिक अधिकारों का विषय व्यक्ति (Individual) है, जबकि नीति-निदेशक तत्वों का विषय राज्य (State) है।

प्रश्न 2.
मौलिक अधिकारों को न्यायिक संरक्षण किस प्रकार प्राप्त है? समझाइए।
अथवा
संवैधानिक उपचारों के अधिकार से आपका क्या तात्पर्य है? (2010)
उत्तर:
संवैधानिक उपचारों का अधिकार-संविधान द्वारा नागरिकों को जो मूल अधिकार प्रदान किये गये हैं, उनकी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। यदि केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या किसी अन्य द्वारा नागरिकों के उपर्युक्त मूल अधिकारों में बाधा पहुँचाई जाती है तो नागरिक उच्च या उच्चतम न्यायालय से अपने अधिकारों की सुरक्षा की माँग कर सकते हैं। मूल अधिकारों की रक्षा के लिए ये न्यायालय निम्न प्रकार के आदेश जारी करते हैं –

  1. बन्दी प्रत्यक्षीकरण आदेश
  2. परमादेश
  3. प्रतिशोध लेख
  4. उत्प्रेषण लेख
  5. अधिकार पृच्छा।

आपातकाल में नागरिकों के कुछ अधिकारों तथा संवैधानिक उपचारों के अधिकार को निलम्बित किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
“मौलिक अधिकार और मौलिक कर्त्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।” उक्त कथन को समझाइए।
उत्तर:
मौलिक अधिकार और मौलिक कर्त्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। हम अधिकारों की प्राप्ति कर्तव्यों की पूर्ति के बिना नहीं कर सकते हैं। यदि नागरिक अपने मौलिक कर्त्तव्यों को पूरा करेंगे तो उन्हें अपने मौलिक अधिकारों की प्राप्ति सरलता से हो जाएगी। अगर देश के नागरिक मौलिक कर्त्तव्यों का पालन नहीं करते हैं तो देश में अव्यवस्था होगी और अशान्ति का वातावरण उत्पन्न होगा। मौलिक कर्त्तव्यों की पूर्ति स्वस्थ सामाजिक वातावरण का निर्माण करती है। हमारे देश के संविधान में मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों के मध्य कोई कानूनी सम्बन्ध निश्चित नहीं किया गया है। इनकी अवहेलना करने पर किसी भी प्रकार के दण्ड की व्यवस्था नहीं की गयी है। परन्तु हमारा राष्ट्र के प्रति यह दायित्व बनता है कि हम उचित प्रकार से इन कर्त्तव्यों का पालन करें। मौलिक कर्त्तव्य देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय सम्पत्ति, व्यक्तिगत एवं सामूहिक प्रगति, देश की सुरक्षा व्यवस्था आदि को सुदृढ़ बनाने, पर्यावरण संरक्षित रखने, राष्ट्रीय आदर्शों का आदर करने की प्रेरणाएँ हैं।

प्रश्न 4.
किस प्रकार की सूचना देने के लिए सरकार बाध्य नहीं है? कोई चार छूट बताइए।
उत्तर:
कुछ सूचनाएँ या जानिकारियाँ ऐसी भी होती हैं, जो आम जनता तक नहीं पहुँचाई जा सकती हैं। उनके स्पष्ट किये जाने से देश की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा और आर्थिक तथा वैज्ञानिक हित को हानि पहुँचती है। अतः कुछ सूचनाओं को न देने की छूट दी गई है। निम्नलिखित सूचना देने के लिए सरकार बाध्य नहीं है –

  1. जिस सूचना में भारत की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की सुरक्षा, रणनीति, वैज्ञानिक या आर्थिक हित और विदेश से सम्बन्ध की अवमानना होती हो।
  2. जिसको प्रकट करने के लिए किसी न्यायालय या अन्य प्राधिकरण द्वारा मना किया गया है, जिससे न्यायालय की अवमानना होती हो।
  3. सूचना, जिसके प्रकट करने से किसी व्यक्ति के जीवन या शारीरिक सुरक्षा को भय हो।
  4. मन्त्रिमंडल के कागज-पत्र इसमें सम्मिलित हैं-मंत्रिपरिषद् सचिवों और अन्य अधिकारियों के विचार-विमर्श के अभिलेख।

प्रश्न 5.
अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा देने हेतु नीति निदेशक तत्वों में क्या निर्देश हैं? लिखिए।
उत्तर:
भारत के संविधान में कल्याणकारी राज्य की स्थापना करके सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय प्रदान करना, नीति निदेशक तत्वों का प्रमुख कार्य है। नीति निदेशक तत्व भारत में सामाजिक और आर्थिक क्रान्ति को साकार करने का सपना है। अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा देने के लिए नीति निदेशक तत्वों में निम्नलिखित निर्देश दिये गये हैं –

  1. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा बनाये रखने का प्रयास करना।
  2. राज्यों के मध्य न्याय संगत एवं सम्मानपूर्वक सम्बन्धों की स्थापना करने का प्रयास करना।
  3. अन्तर्राष्ट्रीय कानून एवं संधियों का आदर करना।
  4. अन्तर्राष्ट्रीय झगड़ों को मध्यस्थता द्वारा शान्तिपूर्ण ढंग से निपटाने का प्रयास करना।

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प्रश्न 6.
स्वतन्त्रता के अधिकार से हमें कौन-कौन सी स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हुई हैं? (2009)
अथवा
स्वतन्त्रता के अधिकारों के अन्तर्गत नागरिकों को कौन-सी स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं? (2012, 15, 17)
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-10 द्वारा नागरिकों को स्वतन्त्रता का अधिकार दिया गया है। इससे उन्हें विचारों की अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतन्त्रता प्राप्त होती है। यह उसके शारीरिक, मानसिक तथा नैतिक विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक है। इनके अभाव में व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का पूर्ण विकास नहीं कर सकता है। स्वतन्त्रता के अधिकार में हमें निम्नलिखित स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं –

  1. भाषण तथा अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता।
  2. अस्त्र-शस्त्र के बिना शान्तिपूर्ण ढंग से एकत्रित होने की स्वतन्त्रता।
  3. समुदाय या संघ बनाने की स्वतन्त्रता।
  4. पूरे भारत में कहीं भी भ्रमण करने की स्वतन्त्रता।
  5. भारत के किसी भी कोने में निवास करने की स्वतन्त्रता।
  6. अपनी इच्छा के अनुकूल रोजगार या व्यवसाय करने की स्वतन्त्रता।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मौलिक अधिकारों से आशय व उसके महत्त्व को स्पष्ट कीजिए। (2008, 09, 14, 16)
उत्तर:
मौलिक अधिकार का अर्थ-मौलिक अधिकार वे अधिकार हैं, जिन्हें देश के सर्वोच्च कानून में स्थान दिया गया है तथा जिनकी पवित्रता तथा उलंघनीयता को विधायिका तथा कार्यपालिका स्वीकार करते हैं, अर्थात् जिसका उल्लंघन कार्यपालिका तथा विधायिका भी नहीं कर सकती। यदि वे कोई ऐसा कार्य करें, जिनसे संविधान का उल्लंघन होता है तो न्यायपालिका उनके ऐसे कार्यों को असंवैधानिक घोषित कर सकती है। –

मौलिक अधिकारों का महत्त्व
(1) व्यक्ति के विकास में सहायक :
मौलिक अधिकार उन परिस्थितियों को उपलब्ध कराते हैं, जिनके आधार पर व्यक्ति अपनी मानसिक, शारीरिक, नैतिक, सामाजिक, धार्मिक आदि क्षेत्रों में उन्नति कर सकता है। मूल अधिकार व्यक्ति को उन क्षेत्रों में सुरक्षा और स्वतन्त्रता भी प्रदान करते हैं। इस प्रकार मौलिक अधिकार नागरिकों के व्यक्तित्व के विकास में सहायक हैं। :

(2) प्रजातन्त्र की सफलता के आधार :
हमारे देश में प्रजातन्त्रीय शासन-प्रणाली को अपनाया गया है। ‘स्वतन्त्रता’ और ‘समानता’ प्रजातन्त्र के मूल आधार हैं। बिना इसके प्रजातन्त्र की सफलता की आशा नहीं की जा सकती। भारतीय संविधान में ‘स्वतन्त्रता’ और ‘समानता’ दोनों को अधिकार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक नागरिक को शासन की आलोचना करने का अधिकार है। निर्वाचन में खड़े होने, प्रचार करने, मत देने आदि के सभी को समान अधिकार हैं। इस प्रकार मूल अधिकार सफल लोकतन्त्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं।

(3) एक दल की तानाशाही पर रोक :
प्रजातन्त्र में ‘बहुमत की तानाशाही’ का सदैव भय बना रहता है। अतः मूल अधिकार अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करते हैं। इस प्रकार मौलिक अधिकार किसी एक दल की तानाशाही पर अंकुश लगाने में सहायक हैं।

(4) न्यायप्रालिका की सर्वोच्चता :
मौलिक अधिकारों को न्यायपालिका का संरक्षण प्राप्त है इसलिए कार्यपालिका और व्यवस्थापिका नागरिकों के मौलिक अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।

(5) देश की सामाजिक व आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप :
मौलिक अधिकार हमारे देश की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदि परिस्थितियों के अनुरूप हैं। इसलिए जीविकोपार्जन का अधिकार, शिक्षा पाने का अधिकार आदि उनमें सम्मिलित किये गये हैं।

(6) अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के उत्थान में सहायक :
मौलिक अधिकार अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्ग के हितों की रक्षा करते हैं।

(7) व्यक्ति और राज्य के मध्य सामंजस्य :
श्री एम. बी. पायली के अनुसार, “मूल अधिकार एक ही समय पर शासकीय शक्ति से व्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं एवं शासकीय शक्ति द्वारा व्यक्ति स्वातन्त्र्य को सीमित करते हैं। इस प्रकार मौलिक अधिकार व्यक्ति और राज्य के मध्य सामंजस्य स्थापित करता है।

प्रश्न 2.
स्वतन्त्रता के अधिकारों के अन्तर्गत नागरिकों को कौन-सी स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं? (2009, 13)
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-10 द्वारा नागरिकों को स्वतन्त्रता का अधिकार दिया गया है। इस अधिकार के अन्तर्गत नागरिकों को निम्नलिखित स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं –
(1) विचार और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता :
भारत में प्रत्येक नागरिक को अपने विचारों की अभिव्यक्ति करने तथा भाषण देने की स्वतन्त्रता प्रदान की गई है। परन्तु साथ ही इस अधिकार पर कुछ प्रतिबन्ध भी लगाये गये हैं, ताकि कोई नागरिक उनका दुरुपयोग न कर सके।

(2) अस्त्र-शस्त्र रहित शान्तिपूर्ण ढंग से सभा तथा सम्मेलन करने की स्वतन्त्रता :
प्रत्येक भारतीय नागरिक को बिना अस्त्र-शस्त्र के शान्तिपूर्ण ढंग से सम्मेलन करने की स्वतन्त्रता है। परन्तु देश की एकता और उसकी प्रभुता के हित में राज्य इन पर प्रतिबन्ध भी लगा सकता है।

(3) समुदाय और संघ निर्माण की स्वतन्त्रता :
भारतीय नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक व बौद्धिक . आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संस्थाएँ तथा संघ निर्माण करने का अधिकार है।

(4) भ्रमण की स्वतन्त्रता :
भारत के सभी नागरिक बिना किसी प्रतिबन्ध या अधिकार-पत्र के भारत की सीमाओं के अन्दर कहीं भी भ्रमण कर सकते हैं।

(5) व्यवसाय की स्वतन्त्रता :
संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छानुसार व्यवसाय चुनने तथा उसे करने की स्वतन्त्रता प्रदान करता है। परन्तु वृत्ति, उपजीविका व्यापार करने की स्वतन्त्रता पर प्रतिबन्ध लगाया जा सकता है। कारण यह है कि राज्य को स्वयं या किसी निगम के द्वारा किसी व्यापार, उद्योग या सेवा का स्वामित्व ग्रहण करने का पूरा अधिकार है। इन उद्योगों से सरकार जनता को पृथक् रख सकती है। इसके अतिरिक्त किसी व्यवसाय को ग्रहण करने के लिए व्यावसायिक योग्यता की भी शर्त लगा सकती है, जैसे-वकालत पेशा ग्रहण करने के लिए एल. एल. बी. की परीक्षा एवं प्रशिक्षण होना अनिवार्य है।

(6) व्यक्तिगत स्वतन्त्रता :
बिना कारण बताये गिरफ्तारी एवं नजरबन्दी के विरुद्ध व्यवस्था के अन्तर्गत यदि किसी भी व्यक्ति को बन्दी बनाया जाता है तो उसे मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना चौबीस घण्टे से अधिक समय तक बन्दी बनाकर नहीं रखा जा सकता है। साथ ही अभियुक्त को वकील आदि से परामर्श करने एवं पैरवी आदि कराने की भी पूर्ण स्वतन्त्रता प्राप्त है। जिन लोगों को नजरबन्द किया जाता है उन्हें भी साधारण अवस्था में तीन महीने से अधिक समय के लिए नजरबन्द नहीं किया जा सकता है। परन्तु ‘नजरबन्दी परामर्शदात्री समिति’ जब अधिक समय के लिए नजरबन्दी की सलाह देती है तो यह अवधि बढ़ाई जा सकती है। फिर भी संसद को अधिकार रहता है कि वह निर्णय ले कि किसी व्यक्ति को अधिक से अधिक कितने समय तक नजरबन्द रखा जा सकता है।

(7) आवास की स्वतन्त्रता :
भारत के प्रत्येक नागरिक को किसी भी स्थान पर स्थायी तथा अस्थायी निवास करने की स्वतन्त्रता है। पश्चिमी बंगाल का निवासी उत्तर प्रदेश में निवास कर सकता है और उत्तर प्रदेश का निवासी पश्चिमी बंगाल में। स्वतन्त्रता के मौलिक अधिकारों पर कुछ प्रतिबन्ध भी लगाये गये हैं। नागरिक जनता को भड़काने वाले भाषण नहीं दे सकते। इसी प्रकार अनैतिक तथा अपराधी समुदायों के गठन की स्वतन्त्रता नहीं है। साम्प्रदायिकता फैलाने वाले समुदाय भी नहीं बनाये जा सकते। “आन्तरिक सुरक्षा अधिनियम” (MISA) द्वारा व्यक्तिगत स्वतन्त्रता पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। परन्तु यह प्रतिबन्ध विशेष परिस्थितियों में ही लगाया जाता है; सामान्य परिस्थितियों में नहीं।

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प्रश्न 3.
संवैधानिक उपचारों के अधिकार के अन्तर्गत कौन से प्रमुख लेख (रिट् न्यायालय जारी करते हैं?
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-32 से 35 तक मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए संविधान में प्रबन्ध किये गये हैं। इन अधिकारों के अन्तर्गत न्यायालय निम्नलिखित पाँच प्रकार के लेख (रिट) जारी करते हैं

(1) बन्दी प्रत्यक्षीकरण आदेश :
यह अत्यन्त महत्त्वपूर्ण आदेश है। इस आदेश द्वारा बन्दी व्यक्तियों को तुरन्त ही न्यायालय के सम्मुख प्रस्तुत करने तथा बन्दी बनाये जाने के कारण बताने का आदेश दिया जाता है। न्यायालय के विचार में यदि किसी व्यक्ति को अवैध रूप से बन्दी बनाया गया है, तो वह उसे मुक्त करने का आदेश देता है।

(2) परमादेश :
इस आदेश को उस समय जारी किया जाता है जब किसी संस्था या पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का उचित ढंग से पालन नहीं करते जिसके परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति के मूल अधिकारों का हनन होता है। न्यायालय इस आदेश द्वारा संस्था या पदाधिकारी को अपने कर्तव्य पालन का आदेश दे सकता है।

(3) प्रतिषेध :
इसके द्वारा उच्च या सर्वोच्च न्यायालय अपने अधीनस्थ न्यायालयों को किसी कार्य को न करने का आदेश दे सकता है। जो विषय किसी न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के बाहर के होते हैं, उनकी सुनवाई उस न्यायालय में न हो, उस उद्देश्य से ये लेख जारी किये जाते हैं।

(4) उत्प्रेषण :
इसके द्वारा कोई न्यायालय अपने अधीनस्थ न्यायालय को आदेश देकर सभी प्रकार के अभिलेख (रिकॉर्ड) अपने पास मँगवा सकता है।

(5) अधिकार पृच्छा :
जब किसी व्यक्ति को कानून की दृष्टि से कोई कार्य करने का अधिकार नहीं है और वह व्यक्ति उस कार्य को करता है, तब यह लेख जारी किया जाता है। उदाहरणार्थ-यदि कोई व्यक्ति ऐसे पद पर नियुक्त किया जाता है, जिसके लिए वह कानून की दृष्टि में योग्य नहीं है, तो न्यायालय उस लेख द्वारा उसकी नियुक्ति पर तब तक के लिये रोक लगा सकता है जब तक कि उसका निर्णय न हो जाए। ये सभी लेख मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध जारी किये जाते हैं।

प्रश्न 4.
सूचना के अधिकार के कोई दो सैद्धान्तिक आधारों का वर्णन कीजिए, साथ ही लिखिए कि यदि सूचना समय पर न मिले तो क्या करना चाहिए?
उत्तर:
सूचना के अधिकार का सैद्धान्तिक आधार यह अधिकार एक महत्त्वपूर्ण अधिकार है, क्योंकि यह प्रमुख रूप से तीन सिद्धान्तों पर आधारित है।
(1) जवाबदेही का सिद्धान्त :
हमारे शासन का स्वरूप लोकतान्त्रिक है। इससे सरकारें लोकहित के लिए उत्तरदायी ढंग से कार्य करती हैं। मात्र किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष द्वारा लाभ के लिए कार्य नहीं किया जाना चाहिए। अतः सरकार तथा इससे सम्बन्धित समस्त संगठनों एवं लोक प्राधिकरणों को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाया गया है। जनता को इनके कार्यों की जानकारी देना आवश्यक है।

(2) सहभागिता का सिद्धान्त :
एक प्रजातान्त्रिक व्यवस्था में सरकारों द्वारा अधिकांश कार्य जनता के लिए और जनता के सहयोग से किया जाता है। योजना निर्माण की प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी होना आवश्यक है, जिससे लोगों द्वारा समय रहते जनता के हित में योजनाओं में वांछित परिवर्तन एवं संशोधन किया जा सके।

(3) पारदर्शिता का सिद्धान्त :
तीसरा आधार है-पारदर्शिता का सिद्धान्त। सार्वजनिक धन एवं समय के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, गबन आदि को रोकने के लिए सरकारी काम-काज में पारदर्शिता होना आवश्यक है। इससे भ्रष्ट लोगों पर अंकुश लगाया जा सकता है और ईमानदार लोग निर्भय एवं निष्पक्ष होकर कार्य कर सकेंगे।

लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना आधी, पूर्णतः सही न दिये जाने पर आवेदक 30 दिनों के भीतर प्रथम अपीलीय अधिकारी को अपील कर सकता है। अपीलीय अधिकारी को, अपील प्राप्त होने के सामान्यतः 30 दिन एवं अधिकतम 45 दिन के भीतर कार्यवाही अपेक्षित है। साथ ही इस कार्यवाही की सूचना आवेदक को भी दी जानी चाहिए, जिस पर 30 दिनों के भीतर कार्यवाही कर आवेदक को सूचित किया जाता है। यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी 30 दिन के भीतर की गई प्रथम अपील पर कार्यवाही की सूचना आवेदक को नहीं देता है तो आवेदक 90 दिनों के अन्दर द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में कर सकता है या सूचना आयोग को पूर्ण विवरण सहित शिकायत कर सकता है।

प्रश्न 5.
सूचना के अधिकार का महत्व स्पष्ट करते हुए सूचना आयोग के गठन के बारे में लिखिए।
अथवा
सूचना के अधिकार का महत्त्व वर्णित कीजिए। (2017)
उत्तर:
सूचना के अधिकार का महत्त्व सूचना के अधिकार का महत्त्व निम्नलिखित बिन्दुओं से स्पष्ट है –
(1) मौलिक अधिकारों को प्रभावशाली बनाना :
मौलिक अधिकारों में सूचना का अधिकार भी निहित है। यह भाषण एवं अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार की रक्षा करता है। सूचना एवं जानकारी के अभाव में किसी भी व्यक्ति को सार्थक ढंग से अपनी राय अभिव्यक्त करना सम्भव नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे संविधान A-21 के अन्तर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार से भी जोड़ा है। जानने के अधिकार के बिना जीने का अधिकार अधूरा रह जाता है।

(2) शासन को पारदर्शी बनाना :
इस अधिनियम का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है शासन में पारदर्शिता लाना। जनता के प्रतिनिधि अपने अधिकारों का उपयोग उचित ढंग से कर रहे हैं या नहीं, पैसों का उपयोग सही ढंग से हो रहा है या नहीं, इन तथ्यों की जानकारी जनता को होनी चाहिए। इससे सार्वजनिक धन के माध्यम से जन-कल्याण का उद्देश्य प्राप्त किया जा सकता है। सूचना के अधिकार से पारदर्शिता होगी और सार्वजनिक धन को सावधानी से प्रयोग करने का दबाव बनेगा।

(3) शासन में जनता की सहभागिता बढ़ाना :
भारतीय संविधान सहभागी लोकतन्त्र के सिद्धान्त पर आधारित है। इसके लिए जनता द्वारा चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधि का चयन किया जाता है, परन्तु पिछले काफी समय से नागरिकों की निष्क्रियता एक प्रमुख कारण रहा है। अतः शासन व्यवस्था में जनता की सहभागिता बढ़ाने में यह अधिकार एक प्रभावी अस्त्र है।

(4) भ्रष्टाचार पर नियन्त्रण :
सूचना का अधिकार बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को रोकने का एक सशक्त अस्त्र है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही के सिद्धान्त पर आधारित होने के कारण भ्रष्ट आचरण करने वाला व्यक्ति तुरन्त पहचान लिया जाएगा एवं उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी। इसी भय के कारण उत्तरदायी लोग अनुचित कार्यों से दूर होंगे और सुशासन की परिकल्पना को भी साकार किया जा सकता है।

(5) योजनाओं को सफल बनाना :
योजनाओं को सफल बनाने में भी सूचना के अधिकार की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। शासकीय योजनाओं की सफलता मुख्य रूप से दो बातों पर निर्भर करती है-एक योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो जाए एवं दूसरा योजना का लाभ वास्तविक लाभार्थी तक पहुँचाया जा सके। इन दोनों ही उद्देश्यों की पूर्ति में सूचना का अधिकार एक कारगर अस्त्र है।

इस प्रकार स्पष्ट है कि सूचना का अधिकार एक अत्यधिक महत्त्वपूर्ण अधिकार है।

सूचना आयोग का गठन :
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय सूचना आयोग तथा प्रदेश स्तर पर राज्य सूचना आयोग गठन का प्रावधान है। राज्य सूचना आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त के अतिरिक्त अधिक-से-अधिक.9 राज्य सहायक सूचना आयुक्त नियुक्त करने का प्रावधान है। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसके अध्यक्ष मुख्यमन्त्री होते हैं। इस समिति में विधानसभा में विपक्ष के नेता और मुख्यमन्त्री द्वारा नामित एक मंत्री भी होते हैं। मुख्य सूचना आयुक्त व राज्य सूचना आयुक्तों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।

प्रश्न 6.
मौलिक कर्त्तव्य किसे कहते हैं? संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों का वर्णन कीजिए। (2008, 13, 15)
अथवा
संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्यों का वर्णन कीजिए। (2018)
उत्तर:
साधारण शब्दों में किसी काम को करने के दायित्व को कर्त्तव्य कहते हैं। मौलिक कर्त्तव्य ऐसे बुनियादी कर्तव्यों को कहते हैं जो व्यक्ति को अपनी उन्नति व विकास के लिए तथा समाज व देश की प्रगति के लिए अवश्य ही करने चाहिए।

जब भारत के संविधान का निर्माण हुआ था तब उसमें सिर्फ मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया था। इसमें कर्त्तव्यों की कोई व्याख्या नहीं की गई थी, जबकि अधिकार और कर्त्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए अनुच्छेद-51 (क) में निम्नलिखित मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है –

  1. संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, संस्थाओं और राष्ट्रगान का आदर करें।
  2. स्वतन्त्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोये रखें और उनका पालन करें। .
  3. भारत की सम्प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें।
  4. देश की रक्षा करें और आह्वान किये जाने पर राष्ट्र की सेवा करें।
  5. भारत के सभी लोगों में समरसता और सम्मान, भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभावों से दूर हो। ऐसी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हैं।
  6. हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें।
  7. प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसके अन्तर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं, रक्षा करें और उसका संवर्धन करें तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखें।
  8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें।
  9. सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें।
  10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत् प्रयास करें, जिससे राष्ट्र निरन्तर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नयी ऊँचाइयों को छू सके।
  11. यदि माता-पिता या संरक्षक हैं, तो छ: वर्ष और चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने बालक या प्रतिपाल्य को यथास्थिति शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

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प्रश्न 7.
नीति निदेशक तत्वों के प्रकार स्पष्ट करते हुए उनका वर्णन करें। (2016)
अथवा
गाँधीजी के विचारों के अनुकूल निदेशक तत्व कौन-से हैं? (2009)
अथवा
नीति निदेशक तत्वों के उद्देश्य स्पष्ट करते हुए उनका वर्णन कीजिए। (2009)
अथवा
राज्य के नीति निदेशक तत्वों के प्रकार का वर्णन कीजिए। (2008)
उत्तर:
नीति निदेशक तत्व भारत में सामाजिक और आर्थिक क्रान्ति को साकार करने का सपना है। इनको निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है –

  1. कल्याणकारी व्यवस्था।
  2. गाँधीजी के विचारों के अनुकूल निदेशक तत्व।
  3. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा।

1. कल्याणकारी व्यवस्था :

  • देश के संसाधनों का प्रयोग लोक कल्याण के लिए किया जाए।
  • महिला और पुरुषों को समान जीविका के साधन उपलब्ध कराना।
  • धन और उत्पादन के साधन मात्र कुछ व्यक्तियों के हाथों में केन्द्रित न हो, उनका उपयोग व्यापक जनहित के लिए हो।
  • महिलाओं और पुरुषों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए।
  • बच्चे और नवयुवकों की आर्थिक एवं नैतिक पतन से रक्षा हो।
  • सभी को रोजगार और शिक्षा प्राप्त हो, बेरोजगारी व असमर्थता में राज्य द्वारा सहायता मिले।
  • सभी व्यक्तियों को गरिमामयी जीवन स्तर, पर्याप्त अवकाश एवं सामाजिक व सांस्कृतिक सुविधाएँ प्राप्त हों। सभी के भोजन एवं स्वास्थ्य के स्तर में सुधार हो।
  • बच्चों के लिए अनिवार्य निःशुल्क शिक्षा का प्रबन्ध हो।’

2. गाँधीजी के विचारों के अनुकूल निदेशक तत्व –

  • कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • ग्राम पंचायतों का गठन करना और उन्हें स्वशासन की इकाई बनाना।
  • पिछड़ी एवं अनुसूचित जाति तथा जनजातियों की शिक्षा एवं आर्थिक हितों का सवंर्धन करना तथा उन्हें शोषण से बचाने हेतु प्रयास करना।
  • नशीली वस्तुओं के प्रयोग पर पाबन्दी लगाना।
  • कृषि और पशुपालन को वैज्ञानिक ढंग से करवाने का प्रबन्ध करना।
  • पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु प्रयास करना व वन्य जीवों की रक्षा करना।
  • दुधारू व बोझ ढोने वाले पशुओं की रक्षा व उनकी नस्ल को सुधारने के उपाय करना।
  • सारे देश में दीवानी और फौजदारी कानून बनाना।
  • राष्ट्रीय व ऐतिहासिक महत्त्व के स्थानों की सुरक्षा करना।
  • लोक सेवा में कार्यपालिका एवं न्यायपालिका को पृथक् करने का प्रयास करना।

3. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति को बढ़ावा-

  1. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा को बढ़ावा देना।
  2. राज्यों के मध्य न्यायसंगत एवं सम्मानपूर्ण सम्बन्धों की स्थापना करने का प्रयास करना।
  3. अन्तर्राष्ट्रीय कानून एवं सन्धियों का आदर करना।
  4. अन्तर्राष्ट्रीय झगड़ों को मध्यस्थता द्वारा शान्तिपूर्ण ढंग से निपटाने का प्रयास करना।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान कितने भागों में विभाजित है?
(i) 22 भागों
(ii) 20 भागों
(iii) 11 भागों
(iv) 25 भागों।
उत्तर:
(i) 22 भागों

प्रश्न 2.
इसमें से कौन सा मौलिक अधिकार नहीं है?
(i) काम करने एवं आराम करने का अधिकार
(ii) स्वतन्त्रता का अधिकार
(iii) समानता का अधिकार
(iv) शोषण के विरुद्ध अधिकार।
उत्तर:
(i) काम करने एवं आराम करने का अधिकार

प्रश्न 3.
संविधान ने नागरिक को कितने मूलाधिकार प्रदान किये हैं?
(i) 10
(ii) 8
(iii) 6
(iv) 71
उत्तर:
(iii) 6

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प्रश्न 4.
संविधान के अनुच्छेद 22 में व्यक्ति को कौन सा अधिकार प्रदान किया गया है?
(i) जीवन व व्यक्तिगत स्वतन्त्रता
(ii) गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी अधिकार
(iii) शोषण के विरुद्ध अधिकार
(iv) निवास व भ्रमण का अधिकार।
उत्तर:
(ii) गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी अधिकार

प्रश्न 5.
संवैधानिक उपचारों हेतु न्यायालय द्वारा कितने प्रकार के लेख (रिट) जारी किये गये हैं?
(i) चार प्रकार के
(ii) तीन प्रकार के
(iii) छ: प्रकार के
(iv) पाँच प्रकार के।
उत्तर:
(iv) पाँच प्रकार के।

रिक्त स्थान की पूर्ति

  1. भारतीय संविधान कुल ……. भागों में विभाजित है। (2010)
  2. संविधान में अस्पृश्यता का किसी भी रूप में व्यवहार ………… है।
  3. मौलिक अधिकारों का संरक्षण ………… करता है। (2008,09)
  4. हमें भारतीय संविधान द्वारा ………… मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। (2011, 13)
  5. सूचना का अधिकार देश के प्रत्येक …………. को प्राप्त है। (2013)
  6. मौलिक अधिकार …………. के लिए हैं। (2014)

उत्तर:

  1. 22
  2. दण्डनीय अपराध
  3. सर्वोच्च न्यायालय
  4. 6
  5. नागरिक
  6. नागरिकों।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
संविधान ने नागरिकों को 8 मौलिक अधिकार प्रदान किये हैं। (2009)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा नागरिकों को विधि के समक्ष समानता और संरक्षण प्राप्त है। (2014)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
20 वर्ष की आयु तक विद्यालय शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य बनाना है। (2012)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
राज्य के नीति-निदेशक तत्व राज्य के लिए रचनात्मक निर्देश हैं। (2009)
उत्तर:
सत्य

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प्रश्न 5.
मौलिक कर्तव्यों का पालन प्रत्येक राज्य के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। (2009)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 6.
मूल अधिकारों को न्यायालय का संरक्षण प्राप्त है। (2015)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 7.
भारत के संविधान में अस्पृश्यता का किसी भी रूप में व्यवहार दण्डनीय अपराध है। (2016)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 8.
संस्कृति और शिक्षा का अधिकार मौलिक अधिकार है। (2016)
उत्तर:
सत्य

सही जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 14 नागरिकों के संवैधानिक अधिकार एवं कर्त्तव्य - 1
उत्तर:

  1. →(ङ)
  2. →(घ)
  3. →(ख)
  4. → (क)
  5. → (ग)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
मौलिक अधिकारों का संरक्षण कौन करता है? (2008)
उत्तर:
सर्वोच्च न्यायालय

प्रश्न 2.
14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों से श्रम कहलाता है। (2012, 15)
उत्तर:
बाल अपराध

प्रश्न 3.
देश का सर्वोच्च कानून जिसमें किसी देश की राजनीति और समाज को चलाने वाले मौलिक कानून हों। (2011)
उत्तर:
संविधान

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प्रश्न 4.
भाषण की अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता। (2012)
उत्तर:
स्वतन्त्रता का अधिकार

प्रश्न 5.
देश की सर्वोच्च विधायी संस्था द्वारा उस देश के संविधान में किया जाने वाला बदलाव।। (2010)
उत्तर:
संविधान संशोधन।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मौलिक अधिकार किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह अधिकार जो व्यक्ति के सर्वांगीण विकास एवं गरिमा के लिए आवश्यक हैं, जिन्हें देश के संविधान में अंकित किया गया है और सर्वोच्च न्यायालय जिनकी सुरक्षा करता है, मौलिक अधिकार कहलाते हैं।

प्रश्न 2.
भारतीय संविधान कितने भागों में विभाजित है?
उत्तर:
भारतीय संविधान कुल 22 भागों में विभाजित है। इसके तीसरे भाग में मूल अधिकार हैं, चौथे भाग में नीति निदेशक तत्व हैं और बाद में जोड़े गये भाग चार (क) में मूल कर्त्तव्य हैं। ये सब एक ही व्यवस्था के अंग हैं।

प्रश्न 3.
बालश्रम (14 वर्ष के कम आयु वाले बच्चों से श्रम) के सम्बन्ध में कौन-सा कानून बनाया गया है?
उत्तर:
बालश्रम के सम्बन्ध में अनुच्छेद-23 एवं 24 में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों एवं अन्य खतरनाक स्थानों पर नियुक्ति आदि पर रोक लगायी गयी है। इस सम्बन्ध में ‘शोषण के विरुद्ध अधिकार’ कानून बनाया गया है।

प्रश्न 4.
संवैधानिक उपचारों हेतु न्यायालय ने कितने प्रकार के लेख (रिट) जारी किये हैं ?
उत्तर:
संवैधानिक उपचारों हेतु न्यायालय ने पाँच प्रकार की रिट जारी की हैं। जो निम्न हैं –

  1. बन्दी प्रत्यक्षीकरण
  2. प्रतिषेध
  3. परमादेश
  4. उत्प्रेषण
  5. अधिकार पृच्छा।

प्रश्न 5.
हमें कर्त्तव्य का पालन क्यों करना चाहिए?
उत्तर:
भारतीय नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम संविधान का पालन करें, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करें अर्थात् देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए हमें कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

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MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“संविधान में अस्पृश्यता का किसी भी रूप में व्यवहार दण्डनीय अपराध है।” स्पष्ट कीजिए। (2008)
अथवा
भारतीय संविधान में अस्पृश्यता का अन्त करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है ? (2011)
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-17 द्वारा नागरिकों में सामाजिक समानता लाने के लिए अस्पृश्यता अर्थात् छुआछूत के व्यवहार का निषेध किया गया है। नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 द्वारा राज्य अथवा नागरिकों द्वारा किसी भी रूप में अस्पृश्यता का व्यवहार अपराध माना जाएगा। जो नागरिक छुआछूत को मानेगा तथा इसे बढ़ावा देगा, वह दण्ड का भागी होगा। इस अधिकार के द्वारा अछूतों के साथ किये गये अन्याय का निराकरण होता है। संविधान में यह भी स्पष्ट लिखा हुआ है कि राज्य, जाति, वंश, धर्म, लिंग तथा जन्म-स्थान के नाम पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। अतः किसी भी व्यक्ति को दुकानों, सार्वजनिक जलपान-गृहों, कुओं, तालाबों, नदी के घाटों, सड़कों, पार्कों तथा ऐसे सार्वजनिक प्रयोग के स्थानों में नहीं रोका जा सकता है जिनको बनाये रखने का व्यय या तो पूर्णतः या आंशिक रूप से राज्य के द्वारा होता है। किसी को भी जाति या अन्य किसी आधार पर अपमानित नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 2.
समानता के अधिकार को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
समानता का अधिकार अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। यह लोकतन्त्र की आधारशिला है। इस अधिकार के अन्तर्गत नागरिकों को निम्न प्रकार की समानताएँ प्रदान की गई हैं –

  1. कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं।
  2. धर्म, वंश, जाति, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ राज्य किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करेगा।
  3. राज्य के अधीन नौकरियों और पदों के सम्बन्ध में नियुक्ति के समान अवसर प्राप्त होंगे।
  4. अस्पृश्यता के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
  5. सेना तथा शिक्षा सम्बन्धी उपाधियों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की उपाधियों का अन्त।

प्रश्न 3.
जीवन और व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के संरक्षण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
जीवन और व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के संरक्षण के सन्दर्भ में अनुच्छेद-21 के अनुसार किसी भी नागरिक को कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त, उसके जीवन और व्यक्तिगत स्वतन्त्रता से वंचित नहीं किया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन और प्राणों की रक्षा के साथ समाज में मानवीय प्रतिष्ठा के साथ जीवित रहने का अधिकार है। इसके अन्तर्गत सम्मानजनक आजीविका के अवसर और बंधुआ मजदूरी से भी मुक्ति शामिल है। परन्तु नागरिक संविधान द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त स्वतन्त्रता का उपभोग नहीं कर सकता है।

प्रश्न 4.
गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी अधिकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संविधान के अनुच्छेद-22 के अन्तर्गत देश के नागरिक को गिरफ्तारी निवारण सम्बन्धी कुछ अधिकार प्रदान किये गये हैं, जो निम्नलिखित हैं –

  1. देश के किसी भी नागरिक को उसके अपराध के विषय में बताए बिना गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
  2. प्रत्येक आरोपी को अपने बचाव के लिए वकील से सलाह-मशविरा करने से वंचित नहीं किया जा सकता है।
  3. न्यायालय की आज्ञा के बिना किसी भी आरोपी को 24 घण्टों से ज्यादा समय तक बन्दी बनाकर नहीं रखा जा सकता है अर्थात् 24 घण्टे के भीतर आरोपी को निकटतम न्यायालय के सामने प्रस्तुत करना आवश्यक है।

प्रश्न 5.
‘शोषण के विरुद्ध अधिकार’ से नागरिकों को कौन-कौन से अधिकार प्राप्त हुए हैं?
अथवा
नागरिकों को शोषण के विरुद्ध क्या अधिकार प्राप्त हैं? (2009)
उत्तर:
शोषण के विरुद्ध अधिकारों का वर्णन अनुच्छेद-23 एवं 24 में है। इन अधिकारों के द्वारा श्रमिकों, अल्पसंख्यकों तथा स्त्रियों को अन्याय व शोषण से मुक्ति दिलाने की चेष्टा की गयी है। ये निम्नलिखित हैं –

  1. बेगार व बलपूर्वक श्रम कराने का अन्त-संविधान की धारा-23 के अनुसार मनुष्यों से बेगार या बलपूर्वक कराया गया श्रम, कानून के विरुद्ध माना जाएगा।
  2. मनुष्य के क्रय-विक्रय का अन्त-संविधान के द्वारा मानव के क्रय-विक्रय को अवैध घोषित कर दिया गया है।
  3. अल्प आयु के बालकों से श्रम लेने पर रोक-14 वर्ष तक की आयु के बालकों को किसी कारखाने या खान में काम पर नहीं रखा जाएगा।
  4. स्त्रियों की सुरक्षा-संविधान में स्त्रियों को भी पुरुषों के समान अवसर देने की व्यवस्था की गयी है। स्त्रियों से किसी प्रकार का कठोर कार्य नहीं लिया जाएगा।

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प्रश्न 6.
धार्मिक स्वतन्त्रता के अधिकार को स्पष्ट कीजिए। (2009)
उत्तर:
अनुच्छेद-25 से 28 के अन्तर्गत इस अधिकार की व्याख्या की गई है। भारत को धर्म निरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है जिसका अर्थ है कि राज्य किसी भी धर्म से सम्बन्धित नहीं रहेगा और न ही किसी धर्म विशेष का पोषण करेगा। भारतीय नागरिकों को धार्मिक स्वतन्त्रता प्रदान की गयी है, जिसके अन्तर्गत –

  1. नागरिक अपनी इच्छानुसार किसी भी धर्म को अपना सकते हैं।
  2. प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का शान्तिपूर्वक प्रचार करने का अधिकार है।
  3. नागरिक धार्मिक संस्थाओं की व्यवस्था कर सकते हैं।
  4. अपनी धार्मिक संस्थाओं का प्रबन्ध करने तथा इनके सम्बन्ध में सम्पत्ति प्राप्त करने और व्यय करने की स्वतन्त्रता प्रत्येक नागरिक को है।
  5. राज्य द्वारा संचालित तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों में किसी भी प्रकार की धार्मिक शिक्षा प्रदान नहीं की जाएगी।

प्रश्न 7.
संस्कृति तथा शिक्षा सम्बन्धी अधिकार पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
संविधान की 29वीं एवं 30वीं धाराओं में नागरिकों के संस्कृति व शिक्षा सम्बन्धी अधिकारों का उल्लेख किया गया है, जो निम्नलिखित हैं –

  1. भाषा, लिपि व संस्कृति की सुरक्षा-प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भाषा, लिपि एवं विशिष्ट संस्कृति की रक्षा व प्रचार-प्रसार करने का अधिकार है।
  2. सहायता अनुदान में निष्पक्षता-सरकार समस्त विद्यालयों को चाहे वे अल्पसंख्यकों के हों या बहुसंख्यकों के, सभी को समान अनुदान देगी।
  3. शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश की समानता-जाति, भाषा व धर्म के आधार पर किसी भी नागरिक को सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश से नहीं रोका जा सकता।
  4. शिक्षण संस्थाओं की स्थापना का अधिकार-संविधान के अनुच्छेद-30 के अनुसार समस्त अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी रुचि की शिक्षण संस्थाओं को स्थापित करने का अधिकार है।

प्रश्न 8.
राज्य के नीति निदेशक तत्वों से क्या तात्पर्य है? इनके क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर:
भारत के संविधान में कल्याणकारी राज्य की स्थापना कर सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय प्रदान करने के लिए नीति निदेशक सिद्धान्तों को शामिल किया गया है। नीति निदेशक तत्व संविधान निर्माताओं द्वारा केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकारों को नीतियों के निर्धारण के लिए दिए गए दिशा निर्देश हैं। ये निर्देश शासन प्रशासन के समस्त अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक सिद्धान्त भी हैं। यह अपेक्षा की जाती है कि इनके अनुसार ही सभी कार्य सम्पन्न हों, परन्तु ऐसा न होने पर नागरिक इसकी अपील न्यायालय में नहीं कर सकता है। जबकि मौलिक अधिकारों के सम्बन्ध में ऐसा नहीं है। नीति निदेशक तत्व राज्य के कर्त्तव्य हैं। ये भारतीय संविधान की विशेषता है।

नीति निदेशक तत्वों के उद्देश्य :
नीति निदेशक तत्व भारत में सामाजिक और आर्थिक क्रान्ति को साकार करने का सपना है। इनका उद्देश्य आम आदमी की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना और समाज के ढाँचे को परिवर्तित कर भारतीय जनता को सही अर्थों में समान एवं स्वतन्त्र बनाना है। इन तत्वों का उद्देश्य भारत को :

  1. कल्याणकारी राज्य में बदलना
  2. गाँधीजी के विचारों के अनुकूल बनाना तथा
  3. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति के पोषक राज्य के रूप में विकसित करना है।

प्रश्न 9.
सूचना के अधिकार से सम्बन्धित सूचनाएँ हम किन स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
सूचनाएँ दो प्रकार से प्राप्त की जा सकती हैं –

  1. प्रकाशित सूचनाओं द्वारा :
    विभाग और शासकीय निकाय समय-समय पर स्वयं से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रकाशित करते हैं, अतः सूचनाएँ उनसे मिल जाती हैं।
  2. आवेदन-पत्र प्रस्तुत करके :
    इस प्रकार सूचना प्राप्त करने के लिए आवेदक को सादे कागज पर अपना नाम, पता दर्शाते हुए विभाग, शासकीय निकाय के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होता है। आवश्यक दस्तावेजों की छाया प्रतियाँ भी माँगी जा सकती हैं। इस हेतु कुछ शुल्क का प्रावधान भी है।

प्रश्न 10.
सूचना के अधिकार के अन्तर्गत हम सरकारी कार्यालय से जानकारी कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
सूचना के अधिकार के तहत किसी भी सरकारी कार्यालय से जानकारी निम्नलिखित रूपों में प्राप्त की जा सकती है –

  1. दस्तावेज की फोटोकॉपी
  2. दस्तावेज एवं आँकड़ों की सी. डी. फ्लॉपी, वीडियो कैसेट की प्रति
  3. प्रकाशन जो सम्बन्धित विभाग द्वारा प्रकाशित किए गए हों
  4. दस्तावेजों का अवलोकन अर्थात् दस्तावेजों को उन्हीं के कार्यालय में पढ़ा जा सकता है।

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प्रश्न 11.
सूचना के अधिकार के तहत सूचना नहीं देने वाले अधिकारियों को किन स्थितियों में और क्या दण्ड दिया जा सकता है?
उत्तर:
सूचना न देने पर दण्ड-सूचना नहीं देने वाले अधिकारियों को निम्नलिखित स्थितियों में सजा दी जा सकती है –

  1. लोक सूचना अधिकारी या सहायक लोक सूचना अधिकारी द्वारा आवेदन लेने से मना करना।
  2. निर्धारित समय में जानकारी नहीं देना।
  3. जानबूझ कर गलत, अधूरी व गुमराह करने वाली जानकारी देना।
  4. माँगी गई सूचना को नष्ट करना।

उपर्युक्त स्थितियों में सूचना आयोग ऐसे लोक सूचना अधिकारियों पर 250 रुपये प्रतिदिन से लेकर अधिकतम 25,000 रुपए तक अर्थदण्ड आरोपित करने का आदेश दे सकता है। इसी प्रकार, लोक सूचना अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु विभाग प्रमुख को आयोग अनुशंसा भी कर सकता है।

प्रश्न 12.
राज्य सूचना आयोग के कार्य व अधिकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
राज्य सूचना आयोग के कार्य व अधिकार राज्य सूचना आयोग के निम्नलिखित कार्य व अधिकार है –

  1. राज्य सूचना आयोग का कार्य सूचना के अधिकार को लागू करवाना है। आयोग लोगों से सूचना प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करता है और इससे सम्बन्धित शिकायतों/अपीलों की सुनवाई करता है।
  2. आयोग सूचना के अधिकार से सम्बन्धित किसी भी प्रकरण की जाँच के आदेश दे सकता है।
  3. आयोग के पास सिविल कोर्ट से सम्बन्धित समस्त अधिकार हैं। इसके अन्तर्गत किसी भी व्यक्ति को सम्मन जारी करना, सुनवाई के दौरान उसकी हाजिरी (उपस्थिति) सुनिश्चित करना तथा साक्ष्य प्रस्तुत करने के आदेश देने जैसे अधिकार प्रमुख हैं।

प्रश्न 13.
सूचना के अधिकार के अन्तर्गत हम किस प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर:
सूचना के अधिकार के अन्तर्गत हम निम्न प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं –

  1. सरकार व सरकार के किसी भी विभाग से सम्बन्धित सूचना।
  2. सरकारी ठेकों का भुगतान, अनुमानित खर्च, निर्माण कार्यों के माप आदि की फोटो प्रतियाँ।।
  3. सड़क, नाली व भवन निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के नमूने।
  4. निर्माणाधीन या पूर्ण विकास कार्यों का अवलोकन।
  5. सरकारी दस्तावेजों, जैसे-ड्राइंग, रिकॉर्ड पुस्तिका व रजिस्टरों आदि का अवलोकन।’
  6. यदि कोई शिकायत की गई है या कोई आवेदन दिया गया है तो उस पर प्रगति की जानकारी।
  7. सरकारी परियोजनाओं की जानकारी जिनका क्रियान्वयन कोई भी सरकारी विभाग या स्वयंसेवी संस्था कर रही हो।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 14 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान ने नागरिकों को कौन-कौन से मौलिक अधिकार प्रदान किये हैं? वर्णन कीजिए।
अथवा
संविधान में कितने मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है? ‘समानता के अधिकार’ की व्याख्या कीजिए। (2009)
अथवा
मौलिक अधिकार किसे कहते हैं ? भारतीय संविधान द्वारा हमें कितने मौलिक अधिकार प्राप्त हैं? (2011, 12)
उत्तर:
1948 में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा मानव अधिकारों का घोषणा-पत्र जारी किया गया था। भारतीय संविधान में नागरिकों को जो मौलिक अधिकार प्रदान किये गये हैं, वे इसी घोषणा-पत्र पर आधारित हैं। ये अधिकार अग्रवत् हैं –

  • समानता का अधिकार :
    इस अधिकार के द्वारा प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता है तथा भेदभाव, अस्पृश्यता और उपाधियों का अन्त कर दिया गया है। सरकारी नौकरियों में बिना धर्म, जाति, लिंग आदि का भेदभाव किये समानता है।
  • स्वतन्त्रता का अधिकार :
    स्वतन्त्रता के अधिकार के अन्तर्गत नागरिकों को भाषण देने तथा विचार प्रकट करने, शान्तिपूर्ण सभा करने, संघ बनाने, देश में किसी भी स्थान पर घूमने-फिरने की, देश के किसी भी भाग में व्यवसाय की तथा देश में कहीं भी रहने की स्वतन्त्रता आदि प्राप्त है।
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार :
    प्रत्येक नागरिक को शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का अधिकार है। इस अधिकार के अनुसार मानव के क्रय-विक्रय, किसी से बेगार लेने तथा 14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को कारखानों, खानों या किसी खतरनाक धन्धे में लगाने पर रोक लगा दी गयी है।
  • धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार :
    भारत एक धर्म-निरपेक्ष राष्ट्र है, अतः प्रत्येक नागरिक को किसी भी धर्म का अनुसरण करने का अधिकार है। प्रत्येक धर्म के अनुयायियों को अपनी धार्मिक संस्थाएँ स्थापित करने तथा उनका प्रबन्ध करने का अधिकार है।
  • सांस्कृतिक तथा शिक्षा सम्बन्धी अधिकार :
    इस अधिकार के अन्तर्गत भारत के नागरिकों को अपनी भाषा, लिपि तथा संस्कृति को सुरक्षित रखने तथा उसका विकास करने का अधिकार है।
  • संवैधानिक उपचारों का अधिकार :
    इस अधिकार के अनुसार प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार दिया गया है कि यदि उपरिवर्णित पाँच अधिकारों में से किसी भी अधिकार पर आक्षेप किया जाए या उससे छीना जाए, चाहे वह सरकार की ओर से ही क्यों न हो, तो वह सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय से न्याय की माँग कर सकता है।

प्रश्न 2.
सूचना के अधिकार से क्या समझते हैं? सूचना अधिकार अधिनियम सम्बन्धी विशेष तथ्यों को स्पष्ट कीजिए। (2014)
उत्तर:
सूचना का अधिकार-भारतीय संसद में मई 2005 में सूचना का अधिकार अधिनियम पारित किया गया। इस अधिनियम के द्वारा देश के लोगों को किसी भी सरकारी कार्यालय से जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। देश में विगत् कई वर्षों से विकास में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के कई प्रयास किए जाते रहे हैं। पंचायत राज की स्थापना और सार्वजनिक सेवाओं की निगरानी में स्थानीय समुदाय की भागीदारी इसका प्रमुख आयाम है। सार्वजनिक सेवाओं, सुविधाओं और योजनाओं, नियम-कायदों के बारे में जानकारी न होने से लोग विकास के कार्यों में भलीभाँति भागीदारी नहीं कर पाते हैं। लेकिन अब सूचना के अधिकार द्वारा विकास योजनाओं और सार्वजनिक कार्यों में पारदर्शिता लाई जा सकती है। शासन में निर्णय लेने की प्रक्रिया में पक्षपात की सम्भावना एवं भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

सूचना अधिकार अधिनियम सम्बन्धी तथ्य :
इस अधिनियम के विशेष तथ्य निम्नलिखित हैं –
(1) सूचना के अधिकार किसे प्राप्त हैं :
सूचना का अधिकार देश के प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है। कोई भी नागरिक लोक निकाय से उससे सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके अतिरिक्त सभी लोक निकाय अपने दैनिक कार्य-कलापों के सम्बन्ध में आवश्यक सूचनाओं को सूचना-पट पर लोगों की जानकारी के लिए प्रदर्शित करते हैं।

(2) लोक निकाय से आशय :
ऐसे समस्त प्राधिकरण अथवा संस्थाएँ जिनकी स्थापना संसद या विधान मण्डल द्वारा पारित किये गये कानून (अधिनियम) के अन्तर्गत की गई हो, वे लोक निकाय की श्रेणी में सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त वे परिषद् भी इसमें सम्मिलित की गई हैं जो स्वशासी या गैर-सरकारी हैं, किन्तु जिन्हें या तो सरकारी अनुदान मिलता है या जिनका नियन्त्रण केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। इस प्रकार, लोक निकाय से आशय सरकारी, संवैधानिक संस्थाएँ एवं विभागों से है।

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