MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ

MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाए

रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाए NCERT अभ्यास प्रश्न

रसायन विज्ञान कक्षा 11 Mp Board प्रश्न 1.
निम्नलिखित के लिए मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए –

  1. H2O
  2. CO2
  3. CH4

उत्तर:

  1. H2O का अणुभार = 2 (1.008 amu) + 16.00 amu = 18.016 amu.
  2. CO2 का अणुभार = 12.01 amu + 2 x 16.00 amu = 44.01 amu.
  3. CH4 का अणुभार = 12.01 amu + 4(1.008 amu) = 16.042 amu.

Mulanupati Sutra In Chemistry In Hindi प्रश्न 2.
सोडियम सल्फेट (Na2SO4) में उपस्थित विभिन्न तत्वों के द्रव्यमान प्रतिशत की गणना कीजिए।
हल:
रसायन विज्ञान कक्षा 11 Mp Board

Mp Board Class 11th Chemistry Solution प्रश्न 3.
आयरन के एक ऑक्साइड का मूलानुपाती सूत्र ज्ञात कीजिए जिसमें 69.9% आयरन तथा 30.1% डाइऑक्सीजन भारानुसार हो।
हल:
Mulanupati Sutra In Chemistry In Hindi
∴ मूलानुपाती सूत्र = Fe2O3.

Mp Board Solution Class 11 Chemistry प्रश्न 4.
बनने वाले कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा की गणना कीजिए जब –

  1. हवा में 1 मोल कार्बन जलती है।
  2. 16g डाइऑक्सीजन में 1 मोल कार्बन जलती है।
  3. 16g डाइऑक्सीजन में 2 मोल कार्बन जलती है।

उत्तर:
Mp Board Class 11th Chemistry Solution

  1. कार्बन का 1 मोल CO2 के 44 ग्राम देता है।
  2. डाइऑक्सीजन के केवल 16g उपलब्ध है ये कार्बन के केवल 0.5 मोल से संयोग करती है। अतः डाइऑक्सीजन सीमान्त अभिकारक है। अतः बना हुआ CO2 = 22g.
  3. यहाँ O2 सीमान्त अभिकारक है, O2 के 0.5 मोल CO2 के 22g देता है।

प्रश्न 5.
सोडियम ऐसीटेट (CH3COONa) का 500 ml, 0.375 मोलर जलीय विलयन बनाने के लिए, उसके कितने द्रव्यमान की आवश्यकता होगी? सोडियम ऐसीटेट का मोलर द्रव्यमान 82-0245 g mor’ है।
हल:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 4
जहाँ, WB = विलेय का द्रव्यमान, MB = विलेय का मोलर द्रव्यमान प्रश्नानुसार
विलयन की मोलरता, M = 0.375 M
विलेय का मोलर द्रव्यमान, MB = 82.0245g mol-1
विलयन का आयतन = 500 ml
विलेय का द्रव्यमान, WB = ?
विलेय का द्रव्यमान, WB = \(\frac { MxM_{ B }xV }{ 1000 } \)
= \(\frac{0.375×82.0245×500}{1000}\)
= 15.379g ≅ 15.38g.

प्रश्न 6.
सान्द्र नाइट्रिक अम्ल के उस प्रतिदर्श की मोल प्रति लीटर में सान्द्रता का परिकलन कीजिए, जिसमें उसका द्रव्यमान प्रतिशत 69% हो और घनत्व 1.41gm-1 हो।
हल:
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प्रश्नानुसार d = 1.41 gmL-1, HNO3 का द्रव्यमान प्रतिशत = 69%
69% HNO3 का अर्थ है नाइट्रिक अम्ल के 100g विलयन में 69g HNO3 उपस्थित है,
अत: HNO3 (विलेय) का द्रव्यमान WB = 69g
HNO3 का मोलर द्रव्यमान = 1.0079 + 14.0067 + (3 x 16.00)
= 63.0146 gmol-1
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प्रश्न 7.
100 g CuSO4(कॉपर सल्फेट) से कितना कॉपर प्राप्त होता है?
हल:
CuSO 4के 1 मोल में Cu के 1 मोल (1g परमाणु) होते हैं।
CuSO4 अणुभार = 63.5 + 32+4 x 16 = 159.5 g मोल-1
∴ 159.5g CuSO4 से प्राप्त Cu= 63.5g
100g CuSO4 से प्राप्त Cu = \(\frac{63.5}{159.5}\) x 100g = 39.81g.

प्रश्न 8.
आयरन के एक ऑक्साइड के आण्विक सूत्र की गणना कीजिये जिसमें आयरन तथा ऑक्सीजन का भार प्रतिशत क्रमशः 69.9 तथा 30.1 है।
हल:
प्रश्न 3 से मूलानुपाती सूत्र FeO3 है।
FeO3 का मूलानुपाती सूत्र भार = 2 x 55.85 + 3 x 16
= 159.7
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अतः आयरन ऑक्साइड का अणुसूत्र = Fe2O3.

प्रश्न 9.
क्लोरीन के परमाणु भार की गणना नीचे दिये गये आँकड़ों का उपयोग करके कीजिए –
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हल:
औसत परमाणु द्रव्यमान \(\overline { A } \), समस्थानिकों की आंशिक बाहुल्यता (Fi) तथा उनके संगत मोलर द्रव्यमान Ai के गुणनफल के योग के बराबर होता है।
औसत परमाणु द्रव्यमान \(\overline { A } \) = Σ Fi.Ai = F1 x A1 + F2 x A2 + ………….
अतः क्लोरीन का औसत द्रव्यमान, \(\overline { A } \) = 0.7577 x 34.9689 + 0. 2423 x 36.9659
= 26.4959 + 8.9568
= 35.4527µ = 35.5µ

प्रश्न 10.
एथेन के तीन मोल में निम्नलिखित की गणना कीजिए –

  1. कार्बन परमाणु के मोलों की संख्या
  2. हाइड्रोजन परमाणु के मोलों की संख्या
  3. एथेन के अणुओं की संख्या।

उत्तर:
C2H6 के 3 मोल में है –

  1. कार्बन परमाणु के 6 मोल।
  2. हाइड्रोजन परमाणु के 18 मोल।
  3. अणुओं की संख्या = 3 x 6.07 x 1023 = 18.21 x 1023.

प्रश्न 11.
शर्करा की सान्द्रता मोल लीटर में क्या होगी यदि इसके 20g को पर्याप्त मात्रा में जल में घोलकर अंतिम आयतन 2L बनाया जाये?
हल:
शर्करा का अणुभार = 12 x 12 + 1 x 22 + 16x 11 = 342
मोलर सांद्रता अर्थात्
M = \(\frac{\mathrm{W}}{\mathrm{M}_{\mathrm{B}} \mathrm{V}_{(\mathrm{L})}}\) = \(\frac{20}{342×2}\) = 0.0292

प्रश्न 12.
यदि मेथेनॉल का घनत्व 0.793 kg L-1 है, तो 0.25M विलयन 2.5 L में बनाने के लिये इसका कितना आयतन आवश्यक होगा?
हल:
M = \(\frac { W_{ B } }{ M_{ B }xV } \)
M= 0.25 g
V = 2.5 L
MB = 32g मोल-1
0.25 = \(\frac { W_{ B } }{ 32×2.5 } \)
या wB = 20g
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(यहाँ घनत्व = 0.793kg L-1 या 0.793 g ml-1)

प्रश्न 13.
दाब को पृष्ठ के बल प्रति इकाई क्षेत्रफल के रूप में ज्ञात कीजिए।दाब की S.I. इकाई पास्कल नीचे दिखाई गई है –
1Pa = 1Nm-2
यदि समुद्र सतह पर हवा का भार 1034 gcm है, तो पास्कल में दाब निकालिये।
हल:
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= 1.01 x 105kg m-1s-2
= 1.01 x 105Nm-2 = 1.01 x 105Pa,
(न्यूटन (N) = kg m s-2; Pa = \(\frac { N }{ m^{ 2 } } \) = kg m-1s-2)

प्रश्न 14.
द्रव्यमान की S.I. इकाई क्या है ? इसे किस तरह परिभाषित करते हैं?
उत्तर:
द्रव्यमान की S.I. इकाई किलोग्राम (kg) है, इसका मान अन्तर्राष्ट्रीय मानक किलोग्राम के समान है। किसी पदार्थ का द्रव्यमान उसमें उपस्थित द्रव्य की मात्रा है। किसी वस्तु का द्रव्यमान स्थिर रहता है।

प्रश्न 15.
निम्नलिखित पूर्वलग्न को उनके गुणक से मिलान कीजिए –
पूर्वलग्न(उपसर्ग)     गुणक
(i) माइक्रो             106
(ii) डेका               109
(iii) मेगा               10-6
(iv) गीगा              10-15
(v) फेम्टो              10
उत्तर:
माइक्रो = 10-6, डेका = 10, मेगा = 106, गीगा = 109, फेम्टो = 10-15.

प्रश्न 16.
सार्थक अंकों का क्या अर्थ होता है?
उत्तर:
परिभाषा (Definition)-किसी मापन के परिणाम को पूर्ण रूप से दर्शाने के लिए शन्य से नौ तक के अंकों में से न्यूनतम संख्या में जिन अंकों का प्रयोग आवश्यक होता है उन अंकों को सार्थक अंक कहते हैं। अथवा, किसी संख्या के उन अंकों (0 से लेकर 9 तक) को जिनके द्वारा किसी भौतिक राशि के परिमाण को पूर्णतः उसके यथार्थ मान तक व्यक्त करते हैं, सार्थक अंक (Significant figures) कहलाते हैं।

ये वे अंक हैं जो किसी मापन की परिशुद्धता को व्यक्त करने के लिए आवश्यक होते हैं। सार्थक अंकों की संख्या मापन के लिए प्रयुक्त उपकरण की परिशुद्धता पर निर्भर होती है। यदि मापन के लिए प्रयुक्त स्केल/ उपकरण की परिशुद्धता अधिक है तो मापन में अनिश्चितता भी कम होगी। किसी संख्या का अन्तिम अंक अनिश्चित होता है।
यदि किसी संख्यात्मक माप को 125.47 m3 दर्शाते हैं तो उसमें पाँच सार्थक अंक हैं तथा अन्तिम अंक 7 अनिश्चित है।

प्रश्न 17.
पीने के पानी का एक नमूना क्लोरोफॉर्म CHCl3 से दूषित हो गया जो अति कैंसरकारी प्रकृति का होता है। प्रदूषण का स्तर 15ppm (भार द्वारा) है।

  1. इसे प्रतिशत में दर्शाइये भार द्वारा।
  2. क्लोरोफॉर्म की मोललता पानी के नमूने में ज्ञात कीजिए।

हल:
15 ppm दूषित अर्थात् 15g क्लोरोफॉर्म 106g विलयन में घुला हुआ है।
अर्थात् , WB = 15g, WA = 106 – 15 ≅ 106g
विलेय का अणुभार (MB) = 119.5
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प्रश्न 18.
निम्नलिखित को वैज्ञानिक अंकन में प्रदर्शित कीजिए –

  1. 0.0048
  2. 234,000
  3. 8008
  4. 500.0
  5. 6.0012.

उत्तर:

  1. 48 x 10-3
  2. 2.34 x 105
  3. 8.008 x 103
  4. 5.000 x 102
  5. 6.0012 x 100

प्रश्न 19.
निम्न में कितने सार्थक अंक उपस्थित हैं –

  1. 0.0025
  2. 208
  3. 5005
  4. 126,000
  5. 500.0
  6. 2.0034.

उत्तर:

  1. 2
  2. 3
  3. 4
  4. 6
  5. 4
  6. 5.

प्रश्न 20.
निम्न को तीन सार्थक अंकों तक व्यवस्थित कीजिए –

  1. 34.216
  2. 10.4107
  3. 0.04597
  4. 2808

उत्तर:

  1. 34.2
  2. 10.4
  3. 0.0460
  4. 2.80 x 102.

प्रश्न 21.
डाइनाइट्रोजन तथा डाइऑक्सीजन की क्रिया द्वारा विभिन्न यौगिक बनते हैं तथा निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त होते हैं –
डाइनाइट्रोजन   डाइऑक्सीजन
का भार                का भार
(i) 14g                  16g
(ii) 14g                32g
(iii) 28g                32g
(iv) 28g                80g

(a) ऊपर दिये प्रायोगिक आँकड़ों में कौन-सा रासायनिक संयोजन के नियम का पालन होता है इसका विवरण दीजिए।
(b) निम्नलिखित परिवर्तन में खाली स्थान भरिए –

  1. 1 km = …………… mm = …………… pm
  2. 1 mg = …………… kg = …………… ng
  3. 1 ml = ………….. L = …………… dm3.

उत्तर:
(a) यहाँ गुणित अनुपात के नियम का पालन हो रहा है, इसके अनुसार, जब दो तत्त्व संयोग करके दो या दो से अधिक यौगिक बनाते हैं तो एक तत्त्व के भिन्न-भिन्न भार जो कि दूसरे तत्त्व के निश्चित भार से संयोग करते हैं; परस्पर सरल अनुपात में होते हैं। यहाँ आँकड़ों से ज्ञात होता है कि ऑक्सीजन के भिन्न-भिन्न द्रव्यमान 16, 32, 40 जो नाइट्रोजन के एक निश्चित द्रव्यमान 14 से संयुक्त होते हैं, जो 2 : 4 : 5 के सरल अनुपात में हैं।
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प्रश्न 22.
यदि प्रकाश की गति 3.0 x 108 ms-1 है, तो प्रकाश द्वारा 2.00 ns में तय की गई दूरी की गणना कीजिए।
हल:
दूरी = गति x समय
= 3 x 108 x 2 x 10-9
= 6 x 10-1 = 0.6m.

प्रश्न 23.
अभिक्रिया में A + B2 → AB2 सीमांत अभिकर्मक की पहचान कीजिये यदि कोई निम्नांकित अभिक्रिया मिश्रण में हो –

  1. A के 300 परमाणु + B के 200 अणु
  2. A के 2 मोल + Bके 3 मोल
  3. A के 100 परमाणु + B के 100 अणु
  4. 5 मोल A + 2.5 मोल B
  5. 2.5 मोल A +5 मोल B.

उत्तर:
सीमांत अभिकर्मक अभिक्रिया में सबसे पहले खत्म होता है। अतः इस अभिकर्मक को ज्ञात करने के लिए A और B की मात्रा का तुलना करते हैं।
A + B2 → AB2

1. उपर्युक्त समी. के अनुसार A का 1 परमाणु, B के 1 अणु के साथ क्रिया करता है।
अत: A का 200 परमाणु B के 200 अणु से क्रिया करेंगे।
अत: B सीमांत अभिकर्मक है तथा A अधिकता में होगा।

2. उपर्युक्त समी. के अनुसार A के 1 मोल, B के 1 के साथ क्रिया करते हैं।
अतः A के 2 मोल, B के 2 मोल से क्रिया करेंगे।
इस दशा में A सीमांत अभिकर्मक होगा। B अधिकता में रहेगा।

3. उपर्युक्त समी. के अनुसार A के 1 परमाणु, B के 1 अणु से क्रिया करते हैं।
अतः A के 100 परमाणु, B के 100 अणु से क्रिया करेंगे।
अत: यह एक स्टाइकियोमेट्री मिश्रण है।
अतः कोई सीमान्त अभिकर्मक नहीं है, न A और न B।

4. इस दशा में A के 2.5 मोल, B के 2.5 मोल से क्रिया करेंगे।
अत: B सीमान्त अभिकर्मक है। A अधिकता में रहेगा।

5. इस दशा में A सीमान्त अभिकर्मक होगा। B अधिकता में रहेगा।

प्रश्न 24.
डाइनाइट्रोजन तथा डाइहाइड्रोजन एक-दूसरे के साथ क्रिया करके निम्न रासायनिक क्रिया के अनुसार अमोनिया
बनाती है –
N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g)

  1. बने अमोनिया के भार की गणना कीजिए यदि 2.00 x 103g डाइनाइट्रोजन 1.00 x 103g डाइहाइड्रोजन के साथ क्रिया करता है।
  2. क्या कोई दो अभिकारक अक्रियाशील है?
  3. यदि हाँ तो कौन-सा है तथा उसका भार क्या होगा?

हल:
1.
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28g N2 अमोनिया बनाती है = 34g
2 x 103g N2 अमोनिया बनायेगी
= \(\frac{34 \times 2 \times 10^{3}}{28}\) = 2.43 x 103g
फिर ∴ 6g H2 अमोनिया बनाती है = 34g
∴ 1 x 103g H, अमोनिया बनाती है
= \(\frac{34 \times 1 \times 10^{3}}{6}\) = 5.66 x 103g.

2. N2 से प्राप्त अमोनिया कम है अतः N2 सीमान्त अभिकर्मक है। H2 अप्रभावित रहता है।

3. ∴ 28g N2, H2 से क्रिया करता है = 6g
∴ 2 x 103g N2 क्रिया करता है।
\(\frac{6 \times 2 \times 10^{3}}{28}\)
बची H = 1 x 103 – 4.286 x 102 = 571.4 g.

प्रश्न 25.
0.50 मोल Na2CO3 तथा 0-50 M NaCO3 में क्या अंतर है?
हल:
Na2CO3 का मोलर द्रव्यमान = (2 x 23) + 12 + (3 x 16)
= 106 g mol-1
0.50 मोल Na2CO3, का द्रव्यमान = मोलों की संख्या – मोलर द्रव्यमान
= 0.50 x 106 = 53g Na2CO3
अत: 0.50 M Nayco का तात्पर्य है कि 1 लीटर विलयन में Narco के 53g उपस्थित है।

प्रश्न 26.
डाइहाइड्रोजन के दस आयतन डाइऑक्सीजन के पाँच आयतन से क्रिया करके जलवाष्य के कितने आयतन बनायेंगे?
उत्तर:
H2(g) + \(\frac{1}{2}\)O2(g) → H2O(g)
1 मोल \(\frac{1}{2}\)मोल 1 मोल
1 आयतन \(\frac{1}{2}\)आयतन 1 आयतन
10 आयतन 5 आयतन 10 आयतन
अतः जलवाष्प के 10 आयतन प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 27.
निम्नलिखित को आधारभूत इकाई में बदलिये –

  1. 28.7 pm
  2. 15.15 µs,
  3. 25365 mg.

हल:
1. 28.7pm = 28.7pm x \(\frac { 10^{ -12 }m }{ 1pm } \) = 287 x 10-11m.
2. 15.15µs = 15.15µs x \(\frac { 10^{ -6 }m }{ 1µs } \) = 1.515 x 10-5s.
= 2.5365×10-2kg.
3.25365 mg = 25365 mg x \(\frac{1g}{1000mg}\) x \(\frac{1kg}{1000g}\)

प्रश्न 28.
निम्न में से किस एक में अधिकतम परमाणुओं की संख्या होगी –

  1. 1g Au(s)
  2. 1g Na(s)
  3. 1g Li(s)
  4. 1g Cl2(g)

हल:
1. 1g Au = \(\frac{1}{197}\)mol = \(\frac{1}{197}\) x 6.02 x 1023 परमाणु
2. 1g Na = \(\frac{1}{23}\)mol = \(\frac{1}{27}\) x 6.02 x 1023 परमाणु
3. 1g Li = \(\frac{1}{7}\)mol = \(\frac{1}{7}\) x 6.02 x 1023 परमाणु
4. 1g Cl2 = \(\frac{1}{71}\)mol = 4 x 6.02 x 1023 अणु = \(\frac{2}{71}\) x 6.02 x 1023 परमाणु
अत: 1g Li में परमाणुओं की अधिकतम संख्या होती है।

प्रश्न 29.
एथेनॉल का जल में बने विलयन की मोलरता की गणना कीजिए जिसमें एथेनॉल का मोल प्रभाज 0.040 है।
हल:
1 लीटर विलयन में उपस्थित विलेय (एथेनॉल) के मोलों की संख्या मोलरता होगी।
1L एथेनॉल विलयन (तनु विलयन) = 1L जल
1L जल में H2O की मोलों की संख्या = \(\frac{1000g}{18}\) = 55.55 मोल
द्विअंगी विलयन में दो घटक होते हैं।
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प्रश्न 30.
एक C परमाणु का भार (द्रव्यमान) क्या होगा?
हल:
कार्बन के एक परमाणु का भार
= \(\frac { 12 }{ 6.02×10^{ 23 } } \) = 1.9933 x 10-23g.

प्रश्न 31.
निम्नलिखित गणना के उत्तर में उपस्थित सार्थक अंक कितना होगा –

  1. \(\frac{0.02856×298.15×0.112}{0.5785}\)
  2. 5 x 5.364
  3. 0.0125 + 0.7864 + 0.0215.

उत्तर:

  1. सबसे कम यथार्थ पद 0.112 में 3 सार्थक अंक है। अतः उत्तर 3 है।
  2. 5 सही संख्या है। दूसरा पद 5.364 में 4 सार्थक अंक है। अतः उत्तर 4 है।
  3. प्रत्येक पद में 4 सार्थक अंक है। अतः उत्तर 4 है।

प्रश्न 32.
नीचे दिये गये सारणी के आँकड़ों का उपयोग करके प्राकृतिक रूप से प्राप्त (उत्पन्न) आर्गन समस्थानिक के मोलर भार की गणना कीजिए –
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हल:
औसत आण्विक भार
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प्रश्न 33.
निम्नलिखित में प्रत्येक में परमाणुओं की संख्या की गणना कीजिए –

  1. He के 52 मोल
  2. He के 52 u
  3. He के 52 g

हल:
1. ∴ He के 1 मोल = 6.02 x 1023 परमाणु
∴ He में 52 मोल = 52 x 6.02 x 1023
= 313.04 x 1023 परमाणु

2. ∴ He के 4u = He का एक परमाणु
∴ He में 52u = \(\frac{1×52}{4}\) = 13 परमाणु

3. He के 1 मोल = 4g = 6.02 x 1023 परमाणु
∴ 52g He = \(\frac { 6.02×10^{ 23 }x52 }{ 4 } \)

प्रश्न 34.
एक वेल्डिंग ईंधन गैस में केवल कार्बन तथा हाइड्रोजन है। इसके छोटे से नमूने के ऑक्सीजन में जलने पर ये 3-38 g कार्बन डाइऑक्साइड, 0.690 g पानी तथा कोई दूसरा उत्पाद नहीं देता। इस वेल्डिंग गैस के 10.0 L आयतन (STP पर मापा गया) का भार 11.6g है, तो गणना कीजिए –

  1. मूलानुपाती सूत्र
  2. गैस का अणुभार
  3. आण्विक सूत्र।

हल:
1. ∴ 44g CO2 = 12g कार्बन
∴ 3.38g CO2 = \(\frac{12}{44}\) x 338g = 0.9218g कार्बन
18g H2O = 2g हाइड्रोजन
∴ 0.690g H2O = \(\frac{2}{18}\) x 0.690g = 0.0767g हाइड्रोजन
यौगिक का द्रव्यमान = 0.9218 + 0.0767 = 0.9985g
(चूँकि यौगिक में केवल कार्बन तथा हाइड्रोजन है)
यौगिक में C की % मात्रा = \(\frac{0.9218}{0.9985}\) x 100 = 92.32%
यौगिक में H की % मात्रा = \(\frac{0.0767}{0.9985}\) x 100 = 7.68%
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अतः मूलानुपाती सूत्र = CH.

2. गैस के अणु द्रव्यमान की गणना:
∴ STP पर, गैस के 10.0L का भार = 11.6g
∴ STP पर, गैस के 22.4L का भार = \(\frac{116×22.4}{10.0}\) = 25.984g ≅ 26g mol-1.

3. अणुसूत्र की गणना:
मूलानुपाती सूत्रभार (CH) = 12 + 1 =13
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= (मूलानुपाती सूत्र)n [n = 2]
= (CH)2 = C2H2

प्रश्न 35.
कैल्सियम कार्बोनेट जलीय HCl के साथ क्रिया करके CaCl2 तथा CO2 निम्न अभिक्रिया के अनुसार देता है –
CaCO3(s) + 2HCl(aq) → CaCl2(aq) + CO2(g) + H2O(l).
0.75 M HCl के 25 ml के साथ पूर्ण क्रिया के लिये CaCO3 की आवश्यक मात्रा क्या होगी?
हल:
HCl के मोल = मोलरता x V(L)
= 0.75 x 25 x 10-3 = 0.01875
HCl का भार = मोल x HCl का अणुभार (36.5)
= 0.01875 x 36.5 = 0.684g
CaCO3 + 2HCl → CaCl2 +H2O + CO2
100g 2 x 36.5 = 73g
∴ 73g HCl के लिये आवश्यक CaCO3 = 100g
∴ 0.684g HCl के लिये आवश्यक CaCO3 = \(\frac{100×0.684}{73}\) = 0.937g.

प्रश्न 36.
प्रयोगशाला में क्लोरीन को मैंगनीज डाइऑक्साइड की जलीय हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ क्रिया द्वारा निम्नांकित अभिक्रिया के अनुसार बनाया जाता है –
4HCl(aq) + MnO2(s) → 2H3O(l) + MnCl2(aq) + Cl2(l).
5.0g मैंगनीज डाइऑक्साइड के साथ HCl के कितने ग्राम क्रिया करेंगे?
हल:
4HCl + MnO2 → MnCl + Cl + 2H2O
146g 87g
87g MnO2 HCl के साथ क्रिया करता है = 146g
5g MnO2 HCl के साथ क्रिया करता है = \(\frac{146×5}{87}\) = 8.39g.

रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाए अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाए वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –

प्रश्न 1.
2.0 ग्राम हाइड्रोजन का N.T.P. आयतन होता है –
(a) 224 लिटर
(b) 22.4 लिटर
(c) 2.24 लिटर
(d) 112 लिटर
उत्तर:
(b) 22.4 लिटर

प्रश्न 2.
शुद्ध जल की मोलरता –
(a) 18
(b) 50
(c) 556
(d) 100
उत्तर:
(c) 556

प्रश्न 3.
12 gm CR में परमाणुओं की संख्या –
(a) 6
(b) 12
(c) 6.02 x 1023
(d) 12 x 6.02 x 1023
उत्तर:
(c) 6.02 x 1023

प्रश्न 4.
नाइट्रोजन के पाँच ऑक्साइड N2O NO, N2O3, N2O4 व N2O5 रासायनिक संयोग के किस नियम का पालन करते हैं –
(a) स्थिर अनुपात नियम
(b) तुल्य अनुपात नियम
(c) गे-लुसाक का गैस आयतन संबंधी नियम
(d) गुणित अनुपात नियम।
उत्तर:
(d) गुणित अनुपात नियम।

प्रश्न 5.
एक कार्बनिक यौगिक का मूलानुपाती सूत्र CH2 है। यौगिक के एक मोल का द्रव्यमान 42 ग्राम है। इसका अणुसूत्र होगा –
(a) CH2
(b) C3H6
(c) CH2
(d) C3Hg
उत्तर:
(b) C3H6

प्रश्न 6.
ZnSO4.7H2O में ऑक्सीजन की प्रतिशत मात्रा होगी –
(a) 22.65%
(b) 11.15%
(c) 22.30%
(d) 43.90%.
उत्तर:
(c) 22.30%

प्रश्न 7.
एक मोलल विलयन वह है, जिसमें एक मोल विलेय उपस्थित हो –
(a) 1000 ग्राम विलायक में
(b) 1 लिटर विलयन में
(c) 1 लिटर विलायक में
(d) 224 लिटर विलयन में
उत्तर:
(a) 1000 ग्राम विलायक में

प्रश्न 8.
क्यूप्रिक ऑक्साइड में कॉपर का भार प्रतिशत क्या होगा –
(a) 22.2%
(b) 79.8%
(c) 63.5%
(d) 16%.
उत्तर:
(b) 79.8%

प्रश्न 9.
112 cm3 CH4 का S.T.P. पर द्रव्यमान होगा –
(a) 0.16 ग्राम
(b) 0.8 ग्राम
(c) 0.08 ग्राम
(d) 1.6 ग्राम
उत्तर:
(d) 1.6 ग्राम

प्रश्न 10.
दो पदार्थों को पृथक करने की प्रभाजी क्रिस्टलन विधि इनके अन्तर पर निर्भर करती है –
(a) घनत्व
(b) वाष्पशीलता
(c) विलेयता
(d) क्रिस्टलीय आकार
उत्तर:
(c) विलेयता

प्रश्न 11.
O2 व SO2 के अणु द्रव्यमान क्रमशः 32 व 64 हैं। यदि एक लिटर O2, में 13°C व 750 mm दाब पर N अणु हैं तो दो लिटर SO2 में समान ताप व दाब पर अणुओं की संख्या होगी –
(a) N/2
(b) N
(c) 2N
(d) 4N
उत्तर:
(c) 2N

प्रश्न 12.
यदि सामान्य ताप और दाब पर दो समान आयतन के पात्र में दो गैसें रखी गई हैं तो उनमें –
(a) अणुओं की संख्या समान होगी
(b) परमाणुओं की संख्या समान होगी
(c) उनके द्रव्यमान समान होंगे
(d) उनके घनत्व समान होंगे
उत्तर:
(a) अणुओं की संख्या समान होगी

प्रश्न 13.
3.4 ग्राम H2O2 के विघटन से N.T.P. पर O2 का निम्न आयतन प्राप्त होगा –
(a) 0.56 लिटर
(b) 1.12 लिटर
(c) 2.24 लिटर
(d) 3.36 लिटर
उत्तर:
(b) 1.12 लिटर

प्रश्न 14.
2 मोल C2H5OH को वायु के आधिक्य में जलाने पर CO2 प्राप्त होगा –
(a) 88 ग्राम
(b) 176 ग्राम
(c) 44 ग्राम
(d) 22 ग्राम
उत्तर:
(b) 176 ग्राम

प्रश्न 15.
12 ग्राम Mg (परमाणु द्रव्यमान = 24) अम्ल से पूर्णतया क्रिया करने पर H2 उत्पन्न करता है जिसका आयतन N.T.P. पर होगा –
(a) 22.4 लिटर
(b) 11.2 लिटर
(c) 44.8 लिटर
(d) 6.4 लिटर
उत्तर:
(c) 44.8 लिटर

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. बेंजीन का मूलानुपाती सूत्र …………. होगा।
  2. समान ताप तथा दाब पर समस्त गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है। इसे …………. ने पारित किया था।
  3. 180 ग्राम जल में मोलों की संख्या …………. होगी।
  4. किलोग्राम मीटर …………. की मात्रा है।
  5. 1 मोल CO2 में …………. कार्बन परमाणु हैं।
  6. यदि सामान्य ताप तथा दाब पर दो समान आयतन के पात्र में दो गैसें रखी गई हैं तो उनमें अणुओं की संख्या …………. होगी।
  7. 2 मोल C2H5OH को वायु के आधिक्य में जलाने पर …………. CO2 प्राप्त होगी।
  8. एक रासायनिक अभिक्रिया के अन्त में अभिकारक का कुल द्रव्यमान …………. नहीं होता है।
  9. बेंजीन अणुसूत्र वाले यौगिक का सरल सूत्र …………. है।
  10. एक यौगिक में C = 40.6%, H = 6.5%, O = 52.8% का मूलानुपाती सूत्र ………… होगा।

उत्तर:

  1. CH
  2. एवोगेड्रो
  3. 10 मोल
  4. घनत्व
  5. 6.023 x 1023
  6. समान
  7. 176 ग्राम
  8. परिवर्तित
  9. CH
  10. CH2O.

प्रश्न 3.
उचित संबंध जोडिए –
(A)
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 19
उत्तर:

  1. (c)
  2. (e)
  3. (a)
  4. (b)
  5. (d).

(B).
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 20
उत्तर:

  1. (d)
  2. (a)
  3. (b)
  4. (e)
  5. (c).

प्रश्न 4.
एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए –

  1. परमाणु द्रव्यमान की मानक इकाई है।
  2. O2 का ग्राम अणु द्रव्यमान है।
  3. विभिन्न स्रोतों से प्राप्त NaCl के तत्व Na तथा Cl के मध्य सभी में भार की दृष्टि से अनुपात 23 : 35.5 प्राप्त हुआ। इस नियम से पुष्टि होती है।
  4. ऑक्सीजन के क्रमशः 16 और 32 ग्राम भार N2 के 28 ग्राम भार से अलग-अलग संयोग कर दो ऑक्साइड N2O एवं N2O2 बनाते हैं। इससे किस नियम की पुष्टि होती है?
  5. 6.023 x 1023 किसी भी द्रव्य के एक ग्राम अणुभार में उपस्थित अणुओं की संख्या को कहा जाता है।

उत्तर:

  1. परमाणु द्रव्यमान इकाई (amu) (1amu = \(\frac{1}{12}\))
  2. 32 ग्राम
  3. स्थिर अनुपात
  4. गुणित अनुपात,
  5. मोल या एवोगेड्रो संख्या।

रसायन विज्ञान की कुछ मूल अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
स्थिर अनुपात का नियम क्या है?
उत्तर:
रासायनिक यौगिकों में उनके अवयवी तत्व भार की दृष्टि से हमेशा एक निश्चित अनुपात में रहते हैं।
उदाहरण:
विभिन्न स्थानों से प्राप्त जल से शुद्ध करने के पश्चात् विश्लेषित करने पर ज्ञात हुआ कि जल के प्रत्येक नमूने में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन द्रव्यमान के अनुसार 2 : 16 या 1 : 8 में है।

प्रश्न 2.
गे-लुसाक का गैस आयतन संबंधी नियम लिखिए।
अथवा
N2 और H2 परस्पर संयुक्त होकर NH3 गैस का निर्माण करती है। समान ताप व दाब पर इनके आयतनों में 1 : 3 : 2 का अनुपात है। इससे जिस नियम की पुष्टि होती है, उस नियम को लिखिए।
उत्तर:
गैस आयतन सम्बन्धी नियम या गे-लुसाक का गैस आयतन सम्बन्धी नियम-इसके अनुसार, “जब गैसें आपस में संयोग करती हैं, तो उनके आयतनों में सरल अनुपात होता है और यदि उनके संयोग से बना हुआ पदार्थ भी गैस ही हो तो उसका आयतन भी अभिकारी गैसों के आयतनों के सरल अनुपात में होता है (जब सभी आयतन समान ताप और दाब पर मापे जाएँ)।”
उदाहरण:
N2 + 3H2 → 2NH3
1आयतन 3 आयतन 2 आयतन
इनके आयतनों में 1 : 3 : 2 का सरल अनुपात है।
अत: उपर्युक्त उदाहरणों से गे-लुसाक के गैस आयतन सम्बन्धी नियम की पुष्टि होती है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित की परिभाषा लिखिए –

  1. ग्राम परमाणु द्रव्यमान
  2. ग्राम आण्विक द्रव्यमान।

उत्तर:

1. ग्राम परमाणु द्रव्यमान-किसी तत्व का ग्राम परमाणु द्रव्यमान उसका ग्रामों में दर्शाया गया वह द्रव्यमान है जो संख्यात्मक रूप से परमाणु द्रव्यमान के बराबर है, उसे ग्राम परमाणु द्रव्यमान कहते हैं।

2. ग्राम आण्विक द्रव्यमान-ग्रामों में प्रदर्शित वह द्रव्यमान जो संख्यात्मक रूप से आण्विक द्रव्यमान के बराबर हो, ग्राम आण्विक द्रव्यमान कहलाता है।

प्रश्न 4.
मूलानुपाती सूत्र क्या है?
उत्तर:
वह सूत्र जो किसी यौगिक के अणु में विद्यमान विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के सरल अनुपात को दर्शाता है मूलानुपाती सूत्र (Empirical formula) कहलाता है। जैसे:
ऐसीटिक अम्ल का मूलानुपाती सूत्र = CH2O
ग्लूकोज का मूलानुपाती सूत्र = CH2O.

प्रश्न 5.
किसी विलयन की मोललता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
किसी विलयन की मोललता प्रति 1000 ग्राम विलायक में उपस्थित विलेय पदार्थ के मोलों की संख्या है। इसे m द्वारा प्रदर्शित करते हैं।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 21

प्रश्न 6.
मोल क्या है? स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
एक मोल वह संख्या है जिसका मान कार्बन-12 के 0.012 कि.ग्रा. में उपस्थित परमाणु के संख्या के बराबर होता है। इस संख्या का मान 6.023 x 1023 होता है।

प्रश्न 7.
सीमांत अभिकर्मक क्या है?
उत्तर:
संतुलित समीकरण में जो क्रियाकारक कम मात्रा में उपस्थित रहता है, वह पहले समाप्त हो जाता है। ऐसे क्रियाकारक को सीमांत अभिकर्मक कहते हैं क्योंकि वह उत्पाद की मात्रा को सीमित कर देता है।

प्रश्न 8.
सार्थक अंक का निकटन कैसे किया जाता है?
उत्तर:
किसी संख्या को तीन सार्थक अंकों तक निकटित करने के लिए, यदि चौथा अंक 5 से छोटा है तो उसे छोड़ देते हैं परन्तु यदि चौथा अंक 5 या 5 से अधिक है तो तीसरे सार्थक अंक में 1 जोड़ देते हैं।

प्रश्न 9.
द्रव्यमान, लम्बाई, समय, तापक्रम एवं पदार्थ की मात्रा का SI मात्रक क्या है?
उत्तर:
द्रव्यमान का-किलोग्राम (kg), लंबाई का-मीटर (m), समय का-सेकण्ड (s), तापक्रम काकेल्विन (K) एवं पदार्थ की मात्रा का-मोल (mol) है।

रसायन विज्ञान की कुछ मूल लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यदि डाइ हाइड्रोजन गैस के 10 आयतन डाइऑक्साइड गैस के 5 आयतनों के साथ अभिक्रिया करे तो जल वाष्प के कितने आयतन प्राप्त होंगे?
हल:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 22
गे-लुसाक के गैसीय आयतन के नियमानुसार,
आयतन अनुपात 2 : 1 : 2
प्रश्नानुसार 10 : 5 : 10
अत: 10 आयतन H2, 5 आयतन O2 से क्रिया करके 10 आयतन जल वाष्प बनाएगा।

प्रश्न 2.
द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या है? इस नियम की आधुनिक स्थिति क्या है?
उत्तर:
द्रव्यमान संरक्षण का नियम-इस नियम को लेवोजियर ने सन् 1744 में प्रतिपादित किया था। इस नियम के अनुसार, “रासायनिक परिवर्तन में भाग लेने वाले पदार्थों का कुल द्रव्यमान परिवर्तन के पश्चात् बने हुए पदार्थों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है अर्थात् रासायनिक परिवर्तन में द्रव्य न तो उत्पन्न होता है और न ही नष्ट होता है, उसके केवल रूप या अवस्था में परिवर्तन हो सकता है।”
उदाहरण:
C + O2 → CO2
12 ग्राम कार्बन 32 ग्राम ऑक्सीजन से संयोग करता है, तो 44 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्राप्त होता है।
आधुनिक स्थिति:
आइन्स्टीन के अनुसार द्रव्यमान को ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।
E = mc2
जहाँ E = ऊर्जा, m = द्रव्यमान और c = प्रकाश का वेग।
किन्तु जो रासायनिक क्रियाएँ हम प्रयोगशाला में करते हैं उनमें बहुत कम ऊर्जा उत्पन्न या अवशोषित होती है, इसलिये द्रव्य की मात्रा में बहुत कमी या वृद्धि होती है। अतः साधारण परिस्थितियों में द्रव्यमान संरक्षण नियम को सत्य माना जा सकता है।

प्रश्न 3.
गे-लुसाक का आयतन संबंधी नियम क्या है?
अथवा
N2 और H2 परस्पर संयुक्त होकर NH3 गैस का निर्माण करते हैं। समान ताप व दाब पर इनके आयतनों में 1:3:2 का अनुपात है। इससे जिस नियम की पुष्टि होती है, उस नियम को लिखिये।
उत्तर:
जब गैसें आपस में संयोग करती हैं, तो उनके आयतनों में सरल अनुपात होता है और यदि उनके संयोग से बना हुआ पदार्थ भी गैस ही हो, तो उसका आयतन भी अभिकारी गैसों के आयतनों के सरल अनुपात में होता है, जब सभी समान आयतन समान ताप और दाब पर नापे जायें।
उदाहरण:
एक आयतन N2 तीन आयतन H2 के साथ संयोग करके दो आयतन अमोनिया बनाता है। अभिकारी गैस N2, H2 तथा अमोनिया में परस्पर 1 : 3 : 2 का सरल अनुपात है। इससे इस नियम की पुष्टि होती है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 23

प्रश्न 4.
तुल्य अनुपात का नियम क्या है ? उदाहरण सहित समझाइये।
उत्तर:
यह नियम सर्वप्रथम रिचर द्वारा सन् 1792 में दिया गया तथा सन् 1810 में बर्जीलियस ने इसकी पुष्टि की। इस नियम के अनुसार, “यदि दो भिन्न-भिन्न तत्व किसी तीसरे तत्व के निश्चित भार से संयोग करते हैं तो पहले दोनों तत्वों के भार या तो उस अनुपात में होंगे जिससे वे दोनों आपस में संयोग करते हैं अथवा यह अनुपात उनके संयोग करने के भारों का सरल गुणांक होगा।
उदाहरण:
दो तत्व कार्बन और ऑक्सीजन अलग-अलग हाइड्रोजन के एक निश्चित भार से संयोग करते हैं।
मेथेन में H : C = 4 : 12
H2O में H : 0 = 2 : 16
या 4:32
हाइड्रोजन के एक निश्चित भार से संयुक्त होने वाले ये तत्व कार्बन और ऑक्सीजन आपस में संयुक्त होकर CO2 बनाते हैं।
CO2 में C : O = 12 : 32
यह अनुपात 12 : 32 वही है जो CH4 और H2O में C और O का अनुपात है, इससे तुल्य अनुपात नियम की पुष्टि होती है।

प्रश्न 5.
किसी पदार्थ का अणुसूत्र उनके मूलानुपाती सूत्र से किस प्रकार संबंधित होता है?
उत्तर:
अणुसूत्र व मूलानुपाती सूत्र में संबंध-अणुसूत्र यह किसी यौगिक में उपस्थित तत्वों के परमाणुओं में उपस्थित वास्तविक संख्या को प्रकट करता है। यह या तो मूलानुपाती सूत्र के समान होती है या इसका एक सरल गुणक होता है।
अणुसूत्र = n x (मूलानुपाती सूत्र)
या
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 24
उदाहरण:
एक यौगिक का जिसका मूलानुपाती सूत्र CH2O है तथा अणुभार 180 है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 25
अतः अणु सूत्र = n x मूलानुपाती सूत्र = 6(CH2O)
= C6H12O6.

प्रश्न 6.
गुणित अनुपात का नियम क्या है ? एक उदाहरण द्वारा समझाइए।
उत्तर:]
गुणित अनुपात का नियम-“जब दो तत्व परस्पर संयोग करके दो या दो से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के भिन्न-भिन्न भार, जो दूसरे तत्वों के निश्चित भार से संयोग करते हैं, सदैव सरल गुणित अनुपात में होते हैं।”
उदाहरण:
भार अनुसार, CO में 12 भाग C और 16 भाग O तथा CO2 में 12 भाग C और 32 भाग O.
यहाँ पर C के निश्चित भार (12 भाग) से संयुक्त होने वाले O के विभिन्न भार क्रमश: 16 और 32 सरल अनुपात 1 : 2 में हैं।

प्रश्न 7.
स्थिर अनुपात का नियम क्या है ? समस्थानिक की खोज ने इसे किस प्रकार प्रभावित किया?
उत्तर:
स्थिर अनुपात का नियम-प्राऊस्ट के अनुसार, “प्रत्येक रासायनिक यौगिक में चाहे वह कहीं से प्राप्त किया गया हो अथवा किसी भी विधि से बनाया गया हो उसके अवयवी तत्व भार की दृष्टि से सदैव एक निश्चित अनुपात में रहते हैं।”
जैसे:
शुद्ध जल जिसे नदी, वर्षा, कुँआ, समुद्र आदि कहीं से प्राप्त किया जा सकता है अथवा किसी भी रासायनिक विधि से बनाया जा सकता है, परन्तु हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन के भारों का अनुपात सदैव 1 : 8 होता है।

वर्तमान परिवेश में स्थिर अनुपात का नियम:
समस्थानिकों की खोज ने यह सिद्ध कर दिया है कि एक ही तत्व के भिन्न-भिन्न परमाणु भार वाले परमाणु सम्भव हैं। अतः किसी भी यौगिक का संघटन निश्चित नहीं होगा। जैसे-जल का संघटन अग्रलिखित सारणी से स्पष्ट है –
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 26
उपर्युक्त आँकड़े इस नियम के विपरीत हैं, परन्तु नियम सर्वमान्य है, क्योंकि प्रकृति में पाये जाने वाले तत्व के प्रत्येक भाग में समस्थानिकों का वितरण समान है।

प्रश्न 8.
प्रकृति में उपलब्ध ऑर्गन के मोलर द्रव्यमान की गणना के लिए निम्नलिखित तालिका में दिए गए आँकड़ों का उपयोग कीजिए –
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 27
हल:
Ar का औसत मोलर द्रव्यमान Σ fi x Ai
= (0.00337 x 35.96755) + (0.00063 x 37.96272) + (0.99600 x 39.9624)
= 0.121 + 0.024 + 39.803
= 39.948g mol-1.

प्रश्न 9.
डॉल्टन के परमाणु सिद्धान्त का आधुनिक स्वरूप संक्षिप्त में समझाइये।
उत्तर:
डॉल्टन के परमाणु सिद्धान्त का आधुनिक स्वरूप –

  1. परमाणु अब अविभाज्य कण नहीं है, परमाणु का विखण्डन संभव है।
  2. परमाणु रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाला सूक्ष्मतम कण है।
  3. डॉल्टन के अनुसार एक ही तत्व के समस्त परमाणु एक समान होते हैं, किन्तु अब ऐसे परमाणु भी ज्ञात हैं, जिनके रासायनिक गुण समान होते हैं किन्तु भार भिन्न-भिन्न होते हैं।
  4. डॉल्टन के अनुसार भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु भार भिन्न-भिन्न होते हैं। परन्तु समभारी की खोज से स्पष्ट है कि भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के परमाणु भार समान हो सकते हैं।
  5. आधुनिक अनुसंधानों से स्पष्ट है कि परमाणु के द्रव्यमान को ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।
  6. अन्य अणुभार वाले कार्बनिक यौगिकों के अणुओं में परमाणुओं की संख्या सरल अनुपात में हो, यह जरूरी नहीं है।

प्रश्न 10.
अणु और परमाणु में अंतर लिखिये।
उत्तर:
अण और परमाण में अंतर:
अणु

  1. यह द्रव्य का सूक्ष्मतम कण है जो स्वतंत्र अवस्था में रहता है।
  2. यह रासायनिक अभिक्रिया में भाग नहीं लेता।
  3. यह रासायनिक अभिक्रिया में प्रायः परमाणु में विभाजित हो जाता है।
  4. यह एक या एक से अधिक परमाणुओं से मिलकर बना होता है।

परमाणु

  1. यह किसी तत्व का सूक्ष्मतम कण है जो स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता है।
  2. यह रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है।
  3. यह रासायनिक अभिक्रिया में विभाजित नहीं होता है।
  4. यह रासायनिक क्रिया में भाग लेने वाले तत्व का सूक्ष्मतम कण है।

रसायन विज्ञान की कुछ मूल दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रासायनिक समीकरण क्या है? उसे संतुलित करने के नियम उदाहरण सहित समझाइये।
उत्तर:
रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों तथा बनने वाले पदार्थों को रासायनिक सूत्रों द्वारा समीकरण के रूप में दर्शाया जाता है। रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक सूत्रों द्वारा समीकरण के रूप में दर्शाने की विधि को रासायनिक समीकरण कहते हैं। रासायनिक समीकरण को सन्तुलित करने के नियम:

  1. अनुमान विधि (Hit and trial method)
  2. आंशिक समीकरण विधि (Partial equation method)।

1. अनुमान विधि:
(i) सबसे पहले उस तत्व के परमाणुओं को जो सबसे कम स्थान में आते हैं, उन्हें समीकरण के दोनों ओर बराबर कर लेते हैं।

(ii) जिन समीकरणों में ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन आदि तात्विक गैसें बनती हैं, उन्हें पहले परमाण्विक अवस्था में ही रखा जाता है। इस प्रकार प्राप्त समीकरण परमाण्विक समीकरण कहलाता है। परमाण्विक समीकरण को दो से गुणा करके आण्विक समीकरण (Molecular equation) में बदला जाता है।

उदाहरण:
(i) पोटैशियम क्लोरेट को गर्म करने से पोटैशियम क्लोराइड और ऑक्सीजन बनते हैं। अतः

(a) पोटैशियम क्लोरेट → पोटैशियम क्लोराइड + ऑक्सीजन।
KClO3 → KCl + O(ढाँचा)

(b) ऊपर के समीकरण में ऑक्सीजन परमाणु दोनों ओर बराबर नहीं हैं। दायीं ओर के ऑक्सीजन परमाणु को 3 से गुणा करने पर दोनों ओर ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या बराबर हो जाती है।
KClO3 → KCI + 3O

(c) परन्तु ऊपर के समीकरण में ऑक्सीजन परमाणु के रूप में है। उसे अणु के रूप में परिवर्तित करने के लिए समीकरण को दो से गुणा करना पड़ेगा। अतः
2KClO3 → 2KCl + 3O, (संतुलित)

(ii) (a) कॉपर को सान्द्र H2SO के साथ गर्म करने से कॉपर सल्फेट, सल्फर डाइऑक्साइड और जल बनता है। अतः
Cu + H2SO4 → CuSO4 + SO2 + H2O (ढाँचा)

(b) सल्फर परमाणुओं को दोनों ओर बराबर करने के लिएH,SO, को दो से गुणा कर देते हैं।
Cu + 2H2SO4 → CuSO4 + SO2 + H2O

(c) अब हाइड्रोजन के परमाणुओं को दोनों ओर बराबर करने के लिए HO को दो से गुणा कर देते हैं।
Cu + 2H2SO4 → CuSO4 + SO2 + 2H2O (संतुलित)

2. आंशिक समीकरण विधि:
जटिल समीकरणों को प्रायः अनुमान विधि द्वारा सन्तुलित करना कठिन होता है। यह माना जाता है कि जटिल समीकरण दो या दो से अधिक पदों में सम्पन्न होता है। इन समीकरणों को सन्तुलित कर लेते हैं। यदि आवश्यक हुआ तो आंशिक समीकरण को किसी पूर्णांक से गुणा कर देते हैं। इसके पश्चात् सभी आंशिक समीकरणों को इस प्रकार से जोड़ा जाता है कि माध्यमिक उत्पाद जो अन्तिम अभिक्रिया में प्राप्त नहीं होते, कट जायें। इस प्रकार प्राप्त अन्तिम समीकरण सही एवं सन्तुलित होता है।
उदाहरण:
Cu को सान्द्र H2SO4 के साथ गर्म करने पर कॉपर सल्फेट, सल्फर डाइऑक्साइड और जल बनता है। इस समीकरण को निम्नलिखित आंशिक समीकरणों के योग के रूप में दर्शाया जा सकता है –
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 28
माध्यमिक क्रियाफल 26 और O आंशिक समीकरणों में दोनों ओर स्थित होने के कारण काट दिये गये हैं।

प्रश्न 2.
मोल तथा ऐवोगैड्रो संख्या को समझाइये। मोल संकल्पना के आधार पर परमाणु द्रव्यमान तथा आण्विक द्रव्यमान की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
मोल संकल्पना-परमाणु तथा अणु अत्यन्त सूक्ष्ण कण है। किसी पदार्थ की अति अल्प मात्रा में भी परमाणुओं तथा अणुओं की संख्या बहुत अधिक होती है। उदाहरणार्थ, कार्बन के 1 मिलीग्राम (0.001 ग्राम) में कुल 5-019 x 1019 परमाणु होते हैं। प्रायः रासायनिक अध्ययनों में पदार्थ की काफी मात्राएँ प्रयुक्त होती है, जिनमें परमाणु या अणुओं की अत्यधिक बड़ी संख्या होती है। इन परमाणुओं को गिनना असम्भव है, किन्तु इनकी संख्या का ज्ञान होना आवश्यक है। जिस प्रकार 12

पेन को एक दर्जन पेन तथा 1000 मीटर को एक किलोमीटर कहते हैं उसी प्रकार 6.023 x 1023 कणों के समूह को हम एक मोल कहते हैं। ये कण अणु, परमाणु अथवा आयन हो सकते हैं।

अत: मोल एक इकाई है, जो 6.023 x 1023 कणों (अणु, परमाणु या आयन) को व्यक्त करती है।
एक मोल अणु में अणुओं की संख्या = 6.023 x 1023 होती है।
एक मोल परमाणु में परमाणुओं की संख्या = 6.023 x 1023 होती है। एक मोल आयन में आयनों की संख्या = 6.023 x 1023 होती है। मोल भार को भी दर्शाता है –

एक ग्राम मोल ऑक्सीजन अर्थात् 32 ग्राम ऑक्सीजन में ऑक्सीजन के कुल 6.023 x 1023 अणु होंगे। एक ग्राम मोल सोडियम अर्थात् 23 ग्राम सोडियम में सोडियम के 6.023 x 1023 परमाणु होंगे।

सोडियम क्लोराइड का सूत्र भार 58.5 है। अतः सोडियम क्लोराइड के 58.5 ग्राम में एक मोल सोडियम आयन तथा एक मोल क्लोराइड आयन होंगे।

“समान ताप और समान दाब पर सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।” इस नियम के अनुसार N.T.P. पर प्रत्येक गैस के एक ग्राम मोल में अणुओं की संख्या 6.023 x 1023 होती है। इस संख्या को ऐवोगैड्रो संख्या (Avogadro Number) कहते हैं तथा इसे N से प्रदर्शित करते हैं।

प्रश्न 3.
स्टॉइकियोमेट्री क्या है? रासायनिक समीकरणों पर आधारित समस्याओं का हल इससे किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर:
‘स्टॉइकियोमेट्री’ यूनानी भाषा से (‘स्टॉकियोन’ का अर्थ, तत्व तथा मेट्रोन’ (Metron) का अर्थ मापन) लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है तत्व या यौगिकों की मात्रा का मापन।

एक संतुलित रासायनिक समीकरण में रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले अभिकारकों तथा उत्पादों के मध्य अणुओं, द्रव्यमानों, मोलों और आयतनों के संदर्भ में मात्रात्मक संबंध होता है। इन गणनाओं से सम्बन्धित समस्याएँ तीन प्रकार की होती हैं –

(a) द्रव्यमान-द्रव्यमान संबंधित (Involving mass – mass relationship):
इस प्रकार की समस्याओं में एक उत्पाद या अभिकारक का द्रव्यमान दिया जाता है तथा दूसरे की गणना की जाती है। .

(b) द्रव्यमान-आयतन संबंधित (Involving mass – volume relationship):
इस प्रकार के प्रश्नों में एक अभिकारक अथवा उत्पाद का द्रव्यमान/आयतन दिया जाता है तथा दूसरे की गणना की जाती है।

(c) आयतन-आयतन संबंधित (Involving volume – volume relationship):
इस प्रकार की समस्याओं में एक अभिकारक या उत्पाद का आयतन दिया जाता है तथा दूसरे की गणना की जाती है।

उपर्युक्त प्रकार के प्रश्नों (समस्याओं) को हल करने के लिए निम्न प्रक्रिया अपनाई जाती है –

  1. संतुलित रासायनिक समीकरण को उसके आण्विक रूप में लिखते हैं।
  2. उन स्पीशीज (परमाणुओं या अणुओं) के संकेतों एवं सूत्रों को चुनिए जिनके भार/आयतन या तो दिये गये हैं अथवा गणना द्वारा निकाले गये हैं।
  3. गणना में शामिल अणुओं तथा परमाणुओं का परमाणु द्रव्यमान/आण्विक द्रव्यमान/मोल/मोलर आयतन लिखते हैं।
  4. सामान्य गणितीय गणनाओं द्वारा इच्छित पदार्थ की मात्रा की गणना करते हैं। निम्न संतुलित समीकरण पर विचार करें –

MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ - 29
अणु की संख्या (मोल) ही स्टॉइकियोमेट्रिक गुणांक कहलाता है।

प्रश्न 4.
रासायनिक समीकरण क्या है? उसकी सीमाएँ क्या हैं? उसे और अधिक सूचनाप्रद किस प्रकार बनाया जा सकता है ? रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों (अभिकारकों तथा बनने वाले पदार्थों (उत्पादकों) को रासायनिक सूत्रों द्वारा समीकरण के रूप में दर्शाने की विधि रासायनिक समीकरण कहलाती है। रासायनिक समीकरण से निम्नलिखित बातों की जानकारी नहीं होती –

  1. अभिकारकों तथा उत्पादकों की भौतिक अवस्था।
  2. अभिकारकों तथा उत्पादकों का सान्द्रण।
  3. यह रासायनिक अभिक्रिया की परिस्थितियाँ जैसे-ताप, दाब, उत्प्रेरक आदि की जानकारी नहीं देता।
  4. अभिक्रिया के वेग का ज्ञान नहीं होता।
  5. अभिक्रिया में होने वाले ऊष्मीय परिवर्तन का ज्ञान नहीं होता।
  6. अभिक्रिया में सावधानियों का ज्ञान नहीं होता।
  7. अभिक्रिया की क्रिया-विधि का ज्ञान नहीं होता।
  8. यह ज्ञात नहीं होता कि अभिक्रिया उत्क्रमणीय है या अनुत्क्रमणीय।
  9. अभिक्रिया के पूर्ण होने का समय नहीं बतलाता।
  10. रासायनिक समीकरण से अभिक्रिया में प्रकाश का उत्पन्न होना, विस्फोटक पदार्थों का बनना आदि के बारे में मालूम नहीं होता।

रासायनिक समीकरणों को संतुलित करके तथा उचित निर्देश चिन्हों का प्रयोग करके इसे ज्यादा स्पष्ट, जानकारीपूर्ण तथा लाभदायक बनाया जा सकता है। इससे होने वाले फायदे निम्नानुसार हैं –

  • अभिक्रिया में भाग लेने वाली अभिकारकों तथा उत्पादकों की संख्या।
  • यदि तत्वों के परमाणु द्रव्यमान ज्ञात हो तो अभिकारकों एवं उत्पादकों के आण्विक द्रव्यमान भी ज्ञात किये जा सकते हैं।
  • यदि क्रियाकारक व क्रियाफल पदार्थ गैसीय हो, तो उनका आयतन भी ज्ञात किया जा सकता है।
  • इससे द्रव्य की अनिश्चिता के नियम की पुष्टि होती है।
  • तत्वों की संयोजकता व तुल्यांकी द्रव्यमान के गणना भी की जा सकती है।

MP Board Class 11th Chemistry Solutions

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MP Board Class 12th Hindi Solutions मकरंद, स्वाति

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MP Board Class 12th Hindi Book Solutions Makrand

Here we have given MP Board Class 12 General Hindi Makrand Solutions Hindi Samanya Kaksha 12 (मकरंद हिंदी सामान्य कक्षा 12).

Makrand Hindi Book Class 12 Solutions

MP Board Class 12th General Hindi व्याकरण

MP Board Class 12th General Hindi Model Question Paper

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Here we have given MP Board Class 12 Special Hindi Swati Solutions Hindi Vishisht Kaksha 12 (स्वाति हिंदी विशिष्ट कक्षा 12).

Swati Hindi Book Class 12 Solutions

पद्य खण्ड : भाव सारांश,सम्पूर्ण पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

गद्य खण्ड : सारांश, शब्दार्थ, व्याख्या एवं अभ्यास

MP Board Class 12th Hindi सहायक वाचन Solutions

MP Board Class 12th Special Hindi व्याकरण

भाषा-बोध

काव्य-बोध

अपठित-बोध

MP Board Class 12th Special Hindi Model Question Paper

MP Board Class 12 Special Hindi Syllabus & Marking Scheme

समय : 3 घण्टा
पूर्णांक : 100

क्रमविषय सामग्रीअंककालखण्ड
1.पद्य खण्ड-
पद्य साहित्य का विकास-आधुनिक काव्य प्रवृत्तियाँ, कवि परिचय, व्याख्या, सौन्दर्य बोध, विषय-बोध एवं मूल्य-बोध पर प्रश्न
(4 + 23 = 27)40
2.गद्य खण्ड-
गद्य साहित्य : विविध विधाएँ-निबन्ध, नाटक, कहानी, लेखक परिचय, व्याख्या, विचार-बोध, विषय-बोध पर प्रश्न
(4 + 19 = 23)35
3.सहायक वाचन-
विविध पाठों की विषय-वस्तु तथा आँचलिक भाषा के पाठों पर प्रश्न
1015
4.भाषा बोध-
वाक्य बोध, शुद्ध वाक्य रचना, वाक्य परिवर्तन, भाव-विस्तार, मुहावरे/लोकोक्तियाँ, बोली, विभाषा. मातृभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा
1015
5.काव्य बोध-
रस परिचय, अंग, रस भेद उदाहरण सहित, अलंकार, छन्द, काव्य की परिभाषा एवं काव्य के भेद, काव्य गुण
1015
6.अपठित बोध0510
7.पत्र-लेखन0510
8.निबंध-लेखन1020
पुनरावृत्ति20
सम्पूर्ण योग (पूर्णांक)100180

पद्य खण्ड-
पद्य साहित्य का विकास : आधुनिक काल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ- छायावाद, रहस्यवाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता पर आधारित दो प्रश्न, पद्य पाठों पर आधारित कवि का साहित्यिक परिचय (2 + 2 = 4 Marks)
(रचनाएँ, काव्यगत विशेषताएँ-भावपक्ष, कलापक्ष) पर एक प्रश्न (5 Marks)
दो पद्यांश में से एक पद्यांश की प्रसंग सहित व्याख्या (5 Marks)
सौन्दर्य-बोध पर आधारित दो प्रश्न (4 + 3 = 7 Marks)
विषय-वस्तु एवं मूल्य-बोध पर दो प्रश्न (3 + 3 = 6 Marks)

गद्य खण्ड-
गद्य साहित्य : विविध विधाओं (निबन्ध, कहानी, नाटक) पर एक प्रश्न (4 Marks)
लेखक परिचय (रचनाएँ, भाषा-शैली) पर एक प्रश्न (5 Marks)
दो में से एक गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या पर एक प्रश्न (5 Marks)
विचारबोध पर आधारित दो प्रश्न ( 3 + 2 = 5 Marks)
विषय-वस्तु पर आधारित एक प्रश्न (4 Marks)

सहायकवाचन-
पाठों की विषय-वस्तु पर दो प्रश्न (3 + 3 = 6 Marks)
आँचलिक भाषा के पाठों पर दो प्रश्न (2 + 2 = 4 Marks)

भाषा बोध-
वाक्य के प्रकार-रचना के आधार पर, अर्थ के आधार पर, वाच्य के आधार पर, वाक्य परिवर्तन पर एक प्रश्न (2 Marks)
बोली, विभाषा, मातृभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा पर एक प्रश्न (2 Marks)
मुहावरे/लोकोक्तियों का वाक्य में प्रयोग पर एक प्रश्न (2 Marks)
भाव विस्तार पर एक प्रश्न (4 Marks)

काव्य बोध-
काव्य की परिभाषा, काव्य भेद, प्रबन्ध काव्य, मुक्तक काव्य पर एक प्रश्न
काव्य गुण पर एक प्रश्न
रस-परिचय, अंग, भेद एवं उदाहरण पर एक प्रश्न
अलंकार-यमक,श्लेष, व्याजस्तुति, व्याज निन्दा, विभावना, विशेषोक्ति पर एक प्रश्न
छन्द-छप्पय, कवित्त, सवैया (मत्तगयन्द, दुर्मिल) पर एक प्रश्न

अपठित बोध-
गद्यांश/पद्यांश (शीर्षक, सारांश एवं प्रश्न) पर आधारित एक प्रश्न (5 Marks)

पत्र-लेखन-
आवेदन-पत्र, स्थानीय निकाय से सम्बन्धित पत्र, सम्पादक के नाम पत्र-अपनी रचना प्रकाशन हेतु, समसामयिक विषयों पर परिचर्चा, सम-सामयिक समस्याओं के समाधान हेतु पत्र पर आधारित एक प्रश्न (5 Marks)

निबन्ध-लेखन-
विचारात्मक, भावात्मक, ललित निबन्ध एवं सम-सामयिक विषयों पर निबन्ध-लेखन पर एक प्रश्न (10 Marks)

प्रायोजना कार्य
1. क्षेत्रीय बोली-पहेलियाँ, चुटकुले, लोकगीत, लोक कथाओं का परिचय तथा खड़ी बोली में उनका अनुवाद
2. दूरदर्शन/आकाशवाणी के कार्यक्रम पर प्रतिक्रियाएँ विश्लेषण।
3. हिन्दी साहित्य का स्वतन्त्र पठन/टिप्पणी एवं प्रेरणाएँ।
4. हस्तलिखित पत्रिका तैयार करना।
5. म. प्र. से प्रकाशित होने वाली हिन्दी भाषा की पत्र-पत्रिकाओं की जानकारी।

टिप्पणी- प्रायोजना कार्य से सम्बन्धित विषय-वस्तु पर (अंक आबंटित न होने के कारण) परीक्षा में प्रश्न पूछे जाना अपेक्षित नहीं है।

MP Board Class 12 Special Hindi Blue Print of Question Paper

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MP Board Class 12 Hindi Blue Print of Question Paper 1

MP Board Class 12 General Hindi Blue Print of Question Paper

MP Board Class 12 Hindi Blue Print of Question Paper 2

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MP Board Class 11th English Solutions A Voyage, The Spectrum

MP Board Class 11th English Solutions A Voyage, The Spectrum

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MP Board Class 11th English Book Solutions

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A Voyage Textbook Special English Class 11th Solutions

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MP Board Class 11th English A Voyage Textbook (Fiction and Drama)

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MP Board Class 11th Special English Reading Skills

MP Board Class 11th Special English Reading Unseen Passages

MP Board Class 11th Special English Writing Skills

MP Board Class 11th Special English Grammar

A Voyage Workbook Special English Class 11th Solutions

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MP Board Class 11th Special English Model Question Paper

The Spectrum Textbook General English Class 11th Solutions

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Objective Questions

Important Extracts from the Poems

MP Board Class 11th General English Reading Comprehension

MP Board Class 11th General English Reading Unseen Passages and Note Making

MP Board Class 11th General English Writing

MP Board Class 11th General English Grammar

MP Board Class 11th General English Model Question Paper

MP Board Class 11 Special English Syllabus & Marking Scheme

Time: 3 Hours
Maximum Marks: 100

Unit wise Weightage

S. No.UnitTopicsMarks
1.Unit 1Reading an Unseen Passage and a Poem15
2.Unit 2Text for detailed study40
3.Unit 3Drama10
4.Unit 4Fiction10
5.Unit 5Writing15
6.Unit 6Grammar10
Total100

1. Texts for study (30 Marks)
(a) Two passages followed by short answer type questions. (5+5 Marks)
(b) Two questions in about 75 words each. (6+6 Marks)
(c) Two short answer type questions to be answered in about 60 words each. (4+4 Marks)

2. Grammar and Phonology (10 Marks)
(a) Revision of functional grammar exercises prescribed in class 11 th to test basic grammatical concepts.
(b) Phonology (syllable division, word stress, phonemic transcription, intonation.) 18 Periods

3. Fiction (15 Marks)
(a) One out of two questions in about 150 words. (9 Marks) 54 Periods
(b) Two out of three questions to be answered in about 60 words. (6 Marks)

4. Drama (15 Marks)
(a) One out of two questions in about 150 words. (9 Marks)
(b) Two out of three short answer questions to be answered in about 60 words each. (6 Marks)

5. Reading an unseen passage and poem. (15 Marks)
(a) One literary or discursive passage of about 500-600 words followed by short questions. (10 Marks) 27 Periods
(b) A poem of about 15 lines followed by short questions. (5 Marks)

6. Writing (15 Marks)
(a) One essay (200-250 words ) – out of four or five topics (10 Marks)
(b) To write a shorter composition such as an article, report, a statement of purpose (100-125 words). (5 Marks)

Prescribed Books :-
1. Text Book – A Voyage
2. Work Book – A Voyage
Compiled by M.P. Rajya Shiksha Kendra and Published by M.P. Text Book Corporation.

MP Board Class 11 General English Syllabus & Marking Scheme

Time: 3 Hours
Maximum Marks: 100

Unit wise Weightage

S.No.Unit/Areas of LearningMarks
A.Reading Unseen Passages (Two)25
B.Writing20
C.Grammar10
D.Text Book45
Total (Max. Marks)100

Section – A (25 Marks)
Reading Unseen Passages for Comprehension & Note-Making

Two unseen passages with a variety of questions including 6 marks for vocabulary such as word formation and inferring meaning. The total length of both the passages together should be around 350 words.
The passages could be any of the following two types :

  • Factual passages: e.g., instructions, descriptions, reports.
  • Discursive passages: involving opinion e.g., argumentative, persuasive.

Summary

Unseen PassagesNo.of WordsTesting AreasMarks Allotted
(A-1)
15 marks
Around 200Short answer type questions to test local, global and inferential comprehension12
Vocabulary03
(A-2)
10 marks
Around 150Note-making in an appropriate format07
Vocabulary03

One of the passages should have about 200 words carrying 15 marks, the other passage should have about 150 words, carrying 10 marks.
The passage carrying 10 marks should be used for testing note-making for 07 marks and testing vocabulary for 03 marks; vocabulary for 03 marks may be tested in the other passage carrying 15 marks.

Section – B (20 Marks)
Writing

(B-1) A factual description of any event or incident e.g.. a report or a process based on verbal input provided (in about 40-50 words). (04 Marks)

(B-2) Composition based on a visual and/or verbal input (in about 80-100 words). The output may be descriptive or argumentative in nature such as an article for publication in a newspaper or a school magazine, a speech etc. (07 Marks)
or
An essay on day-to-day life topics in about 250 words.
After giving ample practice to students to write original compositions for two or three years the option of ‘Essay’ may be eliminated.

(B-3) Writing letters based on the given input. Letter types include

  • business or official letters (for making enquiries, registering complaints, asking for and – giving information, placing orders and sending replies);
  • letters to the editors (giving suggestions, opinions on an issue of public interest) or
  • apply for a job;
  • personal/informal letters. (4 + 5 = 09 Marks)

Section – C (10 Marks)
Grammar

Different grammatical structures in meaningful contexts will be tested. Item- types will include gap-filling, sentences re-ordering, dialogue completion and sentence transformation. The grammar syllabus will include the following areas:

  • Determiners
  • Tenses
  • Active and passive constructions
  • Clauses
  • Modals.

Section – D (45 Marks)
Textual Questions

Questions on the prescribed textbooks will test comprehension at different levels- literal, inferential and evaluative based on the following prescribed textbooks:
(D-1) (a) One out of two extracts based on poetry from the text to test comprehension and appreciation. (40-50 words) (04 Marks)
(b) Three short questions from the poetry section to test local and global comprehension of the text. (30-40 words) (09 Marks)

(D-2) Six short answer type questions on the lessons from the prescribed text. (30 words) (2 × 6 = 12 Marks)

(D-3) Two (out of three) long answer type questions based on the text to test global comprehension. (Expected word limit would be about 50-60 words each) (2 × 5 = 10 Marks)

(D-4) Objective questions based on Text Book. (1 × 10 = 10 Marks)

MP Board Class 11 Special English Blue Print of Question Paper

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MP Board Class 11 English Blue Print of Question Paper 3
MP Board Class 11 English Blue Print of Question Paper 4

MP Board Class 11 General English Blue Print of Question Paper

MP Board Class 11 English Blue Print of Question Paper 1
MP Board Class 11 English Blue Print of Question Paper 2

MP Board Class 11 Special English Format of Question Paper

MP Board Class 11 English Format of Question Paper 3
MP Board Class 11 English Format of Question Paper 4

MP Board Class 11 General English Format of Question Paper

MP Board Class 11 English Format of Question Paper 1
MP Board Class 11 English Format of Question Paper 2

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MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण

MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण

आय एवं रोजगार का निर्धारण Important Questions

आय एवं रोजगार का निर्धारण वस्तुनिष्ठ प्रश्न

आय और रोजगार का निर्धारण MP Board Class 12th Economics प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए

आय और रोजगार का सिद्धांत MP Board Class 12th Economics प्रश्न (a)
आय तथा रोजगार का निर्धारण होता है –
(a) कुल माँग द्वारा
(b) कुल पूर्ति द्वारा
(C) कुल माँग तथा कुल पूर्ति दोनों के द्वारा
(d) बाजार माँग द्वारा।
उत्तर:
(C) कुल माँग तथा कुल पूर्ति दोनों के द्वारा

आय एवं रोजगार का सिद्धांत MP Board Class 12th Economics प्रश्न (b)
बचत तथा उपभोग के बीच संबंध होता है –
(a) विपरीत
(b) प्रत्यक्ष
(c) विपरीत तथा प्रत्यक्ष दोनों
(d) न तो विपरीत न ही प्रत्यक्ष।
उत्तर:
(a) विपरीत

आय तथा रोजगार का निर्धारण MP Board Class 12th Economics प्रश्न (c)
जब अर्थव्यवस्था अपनी सारी अतिरिक्त आय बचाने का फैसला करता है तो विनियोग गुणक होगा –
(a) 1
(b) अनिश्चित
(c) 0
(d) अपरिमित।
उत्तर:
(a) 1

आय एवं रोजगार का निर्धारण MP Board Class 12th Economics प्रश्न (d)
“पूर्ति अपना माँग स्वयं उत्पन्न कर लेती है।” कथन देने वाले अर्थशास्त्री हैं –
(a) कीन्स
(b) पीगू
(c) जे. बी. से
(d) एडम स्मिथ।
उत्तर:
(c) जे. बी. से

आय तथा रोजगार का निर्धारण In English MP Board Class 12th Economics प्रश्न (e)
क्लासिकल विचारधारा निम्न में से किस तथ्य पर आधारित है –
(a) से’ का बाजार नियम
(b) मजदूरी दर की पूर्ण लोचशीलता
(c) ब्याज दर की पूर्ण लोचशीलता
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(d) उपर्युक्त सभी।

आय तथा रोजगार का निर्धारण Meaning In English MP Board प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. अतिरिक्त विनियोग की प्रत्याशित लाभप्रदता …………………………….. कहलाती है।
  2. अवस्फीतिक अन्तराल …………………………… माँग की माप है।
  3. न्यून माँग …………………………………. अंतराल को बताती है।
  4. माँग आधिक्य की दशा में बैंक दर में ………………………………. करनी चाहिए।
  5. गुणक उल्टी दिशा में कार्य ………………………………… सकता है।
  6. जिस बिन्दु पर समग्र माँग एवं समग्र आपूर्ति बराबर होती है, उसे …………………………………. कहा जाता है।
  7. अपूर्ण रोजगार …………………………………….. माँग का परिणाम है।
  8. उपभोग प्रवृत्ति विवरण योग्य आय तथा ……………………………………. में संबंध दर्शाती है।

उत्तर:

  1. पूँजी की सीमान्त क्षमता
  2. न्यून
  3. अवस्फीतिक
  4. वृद्धि
  5. कर
  6. प्रभावपूर्ण माँग
  7. अभावी
  8. उपभोग।

प्रश्न 3.
सत्य /असत्य बताइये –

  1. पूर्ण रोजगार का आशय शून्य बेरोजगारी नहीं होता है।
  2. भविष्य में ब्याज दर में वृद्धि, बचतों को कम कर देती है।
  3. जिस अनुपात में आय बढ़ती है उसी अनुपात में उपभोग व्यय नहीं बढ़ता है।
  4. रोजगार के सिद्धांत का प्रतिपादन सर्वप्रथम मार्शल ने किया था।
  5. अपूर्ण रोजगार न्यून माँग का परिणाम है।
  6. अर्द्धविकसित देशों में कीन्स का सिद्धांत लागू होता है।
  7. कीन्स का सिद्धान्त पूर्ण प्रतियोगिता पर आधारित है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य
  5. असत्य
  6. असत्य
  7. सत्य।

प्रश्न 4.
सही जोड़ियाँ बनाइये –
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 1
उत्तर:

  1. (d)
  2. (a)
  3. (c)
  4. (f)
  5. (b)
  6. (e).

प्रश्न 5.
एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिये –

  1. गुणक के रिसाव अधिक होने पर गुणक का प्रभाव कैसा होगा?
  2. माँग आधिक्य किसे जन्म देता है?
  3. अभावी माँग को संतुलित करने का सर्वोत्तम उपाय क्या है?
  4. बेरोजगारी का न्यून माँग सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया?
  5. प्रो. कीन्स द्वारा प्रतिपादित ब्याज के सिद्धांत का नाम बताइए?
  6. अभावी माँग को संतुलित करने का सर्वोत्तम उपाय क्या है?

उत्तर:

  1. कम
  2. मुद्रा स्फीति
  3. सार्वजनिक व्यय में वृद्धि
  4. कीन्स
  5. तरलता पसंदगी
  6. निर्यात में वृद्धि करना।

आय एवं रोजगार का निर्धारण लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आय व रोजगार के परम्परावादी सिद्धान्त की विशेषताएँ लिखिए?
उत्तर:
आय व रोजगार के परम्परावादी सिद्धान्त की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

1. माँग एवं पूर्ति में स्वतः
सन्तुलन – प्रो. जे. बी. से का विचार था कि, यदि अर्थशास्त्र में अनावश्यक सरकारी या अर्द्ध-सरकारी हस्तक्षेप न हो, तो माँग व पूर्ति का स्वतः सन्तुलन हो जाता है।

2. बेरोजगारी की कल्पना निराधार:
परम्परावादी अर्थशास्त्री बेरोजगारी की समस्या से भयभीत नहीं थे। चूँकि अति – उत्पादन असम्भव है, अतः सामान्य बेरोजगारी भी असंभव होगी।

3. हस्तक्षेप रहित आर्थिक समाज:
परम्परावादी अर्थशास्त्रियों के अनुसार, अर्थव्यवस्था में एक ऐसी लोच होती है, जो बाह्य हस्तक्षेप को किसी दशा में स्वीकार नहीं करती है। यदि अर्थव्यवस्था में सरकारी या अर्द्धसरकारी हस्तक्षेप किया गया तो अवश्य बेरोजगारी उत्पन्न होगी।

4. रोजगार दिलाने वाली लागत का स्वतः
प्रकट होना – परम्परावादी अर्थशास्त्रियों की धारणा है कि, जब बेकार पड़े साधनों को काम पर लगाया जाता है, तब इनसे वस्तुओं का उत्पादन बढ़ जाता है। नये साधनों को विशेषकर श्रमिक को आय प्राप्त होती है, नये – नये साधनों को रोजगार प्राप्त होता है। इस क्रिया से रोजगार तथा आय-स्तर में वृद्धि होने लगती है।

प्रश्न 2.
कीन्स के अनुसार बेरोजगारी क्यों होती है?
उत्त:
कीन्स के अनुसार कुल माँग तथा पूर्ण रोजगार में स्वतः साम्य स्थापित नहीं हो सकता है। इसलिए पूर्ण रोजगार की स्थिति कभी-कभी मुश्किल से पाई जाती है। यह संभव है कि कुल माँग कुल पूर्ति से कम रहे और इस कारण पूर्ण रोजगार की स्थिति गड़बड़ा जाये । कीन्स का विचार है कि अर्थव्यवस्था में अनैच्छिक बेरोजगारी की स्थिति रहती है। कीन्स का कहना है कि बेरोजगारी प्रभावपूर्ण माँग की कमी तथा उपभोग एवं विनियोग पर व्यय की कमी के कारण होती है।

प्रश्न 3.
आय एवं रोजगार के परम्परावादी सिद्धांत की मान्यताएँ लिखिए?
उत्तर:
आय व रोजगार के परंपरावादी सिद्धांत की प्रमुख मान्यताएँ निम्न हैं –

  1. स्वतंत्र प्रतियोगिता तथा स्वतंत्र व्यापार की दशा उपस्थित हो।
  2. बाजार के विस्तार की पूर्ण संभावना हो।
  3. सरकारी व गैर – सरकारी हस्तक्षेप को समाप्त कर दिया गया है तथा संरक्षण नहीं दिया जाता है।
  4. बंद अर्थव्यवस्था का होना।
  5. मुद्रा का न होना । समाज द्वारा अर्जित संपूर्ण आय को उपभोग में व्यय कर देना।

प्रश्न 4.
समग्र माँग के कोई चार घटक बताइये?
उत्तर:
समग्र माँग – समग्र माँग से तात्पर्य एक अर्थव्यवस्था में एक वर्ष में वस्तुओं एवं सेवाओं की माँगी गई कुल मात्रा से है, अर्थात् समग्र माँग से तात्पर्य उस राशि से होता है जो उत्पादक रोजगार के निश्चित स्तर पर उत्पादित वस्तुओं की बिक्री से प्राप्त होने की आशा करते हैं।
घटक – समग्र माँग के घटक निम्नलिखित हैं –

1. निजी उपभोग की माँग:
एक देश के सभी परिवारों द्वारा अपने निजी उपभोग पर जो कुछ व्यय किया जाता है उसे निजी उपभोग व्यय कहा जाता है। चूँकि व्यय ही माँग को जन्म देता है अत: निजी उपभोग व्यय ही उस देश की निजी उपभोग माँग बन जाती है।

2. निजी विनियोग की माँग:
निजी विनियोग माँग से तात्पर्य निजी विनियोग कर्ताओं के द्वारा की जाने वाली पूँजीगत वस्तुओं की माँग से है। निजी विनियोग की माँग दो तत्वों पर निर्भर करती है –

  1. पूँजी की सीमान्त कुशलता एवं
  2. ब्याज की दर।

3. सरकार द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं की माँग:
सरकार के द्वारा भी विभिन्न प्रकार की वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीदी की जाती है। अतः सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुएँ एवं सेवाएँ ही सरकारी माँग कहलाती हैं।

4. विशुद्ध निर्यात माँग:
जब एक देश दूसरे देश को वस्तुओं का निर्यात करता है तो यह विदेशियों द्वारा उस देश में उत्पादित वस्तुओं की माँग को बतलाता है। अतः निर्यात से देश में आय, उत्पादन एवं रोजगार को प्रोत्साहन मिलता है। इसके विपरीत जब देश दूसरे देशों से आयात करता है तो इससे देश की आय विदेशों को चली जाती है। अतः आयात देश में रोजगार बढ़ाने में सहायक नहीं होते हैं। अत: देश की समग्र माँग को ज्ञात करने के लिए विशुद्ध निर्यात माँग को शामिल किया जाता है, अर्थात् निर्यातों में आयातों को घटाया जाता है।

प्रश्न 5.
संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए” –

  1. पूर्ण रोजगार से क्या आशय है?
  2. अपूर्ण रोजगार से क्या आशय है?

उत्तर:

  1. किसी अर्थव्यवस्था में कार्य करने के इच्छुक व्यक्ति को समर्थ प्रचलित मजदूरी दरों पर काम मिलना ही पूर्ण रोजगार है।
  2. अर्थव्यवस्था में कार्य करने के इच्छुक व्यक्ति को प्रचलित मजदूरी दरों पर कार्य न मिलना ही अपूर्ण रोजगार है।

प्रश्न 6.
अत्यधिक माँग को ठीक करने के उपाय बताइए?
उत्तर:
अत्यधिक माँग को ठीक करने के लिए निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं –

  1. मुद्रा निर्गम सम्बन्धी नियमों को कठोर बनाना: अत्यधिक माँग की मात्रा कम करने के लिए यह आवश्यक है कि सरकार मुद्रा निकालने सम्बन्धी नियमों को कड़ा करे ताकि केन्द्रीय बैंक को अतिरिक्त मुद्रा निकालने में अधिक कठिनाई हो।
  2. पुरानी मुद्रा वापस लेकर नई मुद्रा देना: अत्यधिक माँग की दशा में साधारण उपचार उपयोगी नहीं हो सकते, अतः पुरानी सब मुद्राएँ समाप्त कर उनके बदले में नई मुद्राएँ दे दी जाती हैं।
  3. साख – स्फीति को कम करना: अत्यधिक माँग अथवा स्फीति को कम करने के लिए साख – स्फीति को कम करना आवश्यक है।
  4. बचत का बजट बनाना: अत्यधिक माँग की स्थिति में सरकार को बचत का बजट बनाना चाहिए। बचत का बजट उसे कहते हैं, जिससे सार्वजनिक व्यय की तुलना में सार्वजनिक आय अधिक होती है।
  5. सार्वजनिक व्यय पर नियंत्रण: अत्यधिक माँग की दशा में सरकार को सड़कें बनाने, नहर व बाँधों का निर्माण करने, स्कूल, अस्पताल एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे कामों पर सार्वजनिक व्यय को कम कर देना चाहिए तथा साथ ही सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों में भी विनियोग को कम ही रखना चाहिए।

प्रश्न 7.
समग्र माँग तथा समग्र पूर्ति में अंतर स्पष्ट कीजिए?
उत्तर:
समग्र माँग तथा समग्र पूर्ति में अंतर –

समग्र माँग:

  1. समग्र पूर्ति से अभिप्राय एक लेखा वर्ष के दौरान देश में उत्पादित समस्त वस्तुओं पर किए जाने वाले व्यय के योग से है।
  2. समग्र माँग का मापन वस्तुओं और सेवाओं पर समुदाय द्वारा कुल व्यय पर किया जाता है।
  3. इनमें निम्न दरें शामिल होती हैं –
    • परिवार द्वारा उपभोग पर नियोजित व्यय
    • फर्म के निवेश व्यय
    • सरकार का नियोजित व्यय।

समग्र पूर्ति:

  1. समग्र पूर्ति से अभिप्राय अर्थव्यवस्था में दिए हुए समय में खरीदने के लिए उपलब्ध उत्पाद से है।
  2. समग्र पूर्ति वस्तुओं और सेवाओं के कुल उत्पादन को भी कहते हैं।
  3. इसमें केवल उपभोग तथा पूर्ति शामिल होते हैं।

प्रश्न 8.
प्रेरित निवेश तथा स्वतंत्र निवेश में अंतर स्पष्ट्र कीजिए?
उत्तर:
प्रेरित निवेश तथा स्वतंत्र निवेश में अंतर –
प्रेरित निवेश:

  1. यह आय पर निर्भर होता है।
  2. यह आय लोच होता है।
  3. यह सामान्यतया निजी क्षेत्र के द्वारा किया जाता है।
  4. प्रेरित निवेश वक्र बायें से दायें ऊपर की ओर जाता है।

स्वतंत्र निवेश:

  1. इसका आय से संबंध नहीं होता है अर्थात् स्वतंत्र होता है।
  2. यह आय लोच नहीं होता है।
  3. यह सामान्यतया सरकार द्वारा किया जाता है।
  4. स्वतंत्र निवेश वक्र OX वक्र के समान्तर ही बनता है।

प्रश्न 9.
मितव्ययिता के विरोधाभास की व्याख्या कीजिए?
उत्तर:
बचत (मितव्ययिता) का विरोधाभास यह बताता है कि यदि एक अर्थव्यवस्था में सभी लोग अपनी आय का अधिक भाग बचत करना आरंभ कर देते हैं तो कुल बचत का स्तर या तो स्थिर रहेगा या कम हो जायेगा। दूसरे शब्दों में, यदि अर्थव्यवस्था में सभी लोग अपनी आय का कम बचाना आरंभ कर देते हैं तो अर्थव्यवस्था में कुल बचत का स्तर बढ़ जायेगा। इस बात को इस प्रकार भी कह सकते हैं कि यदि लोग ज्यादा मित्तव्ययी हो जाते हैं तो या तो वे अपने आय का पूर्व स्तर रखेंगे या उनकी आय का स्तर गिर जायेगा।

प्रश्न 10.
‘प्रभावी माँग’ क्या है? जब अंतिम वस्तुओं की कीमत और ब्याज की दर दी हुई हो, तब आप स्वायत्त व्यय गुणक कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर:
प्रभावी माँग का आशय:
यदि आपूर्ति लोच पूर्णतया लोचदार है तो दी गई कीमत पर उत्पाद का निर्धारण पूर्णतः सामूहिक माँग पर निर्भर करता है। इसे प्रभावी माँग कहते हैं। दी गई कीमत पर साम्य उत्पाद, सामूहिक माँग और ब्याज की दर का निर्धारण निम्न समीकरण द्वारा किया जा सकता है –
स्वायत्त व्यय गुणक = \(\frac { \triangle Y }{ \triangle \bar { A } } \) = \(\frac{1}{1 – C}\)
यहाँ ∆Y = अन्तिम वस्तु उत्पाद की कुल वृद्धि
∆\(\bar { A } \) = स्वायत्त व्यय में वृद्धि
C = सीमान्त उपभोग प्रवृत्ति।

प्रश्न 11.
जब स्वायत्त निवेश और उपभोग व्यय (A) ₹ 50 करोड़ हो और सीमांत बचत प्रवृत्ति (MPS) 0.2 तथा आय (Y) का स्तर ₹ 4,000 – 00 करोड़ हो, तो प्रत्याशित समस्त माँग ज्ञात कीजिए। यह भी बताएँ कि अर्थव्यवस्था संतुलन में है या नहीं। कारण भी बताएँ?
हलः
दिया है –
स्वायत्त उपभोग (A) = ₹ 50 करोड़
MPS = 0.2
AS/ (आय) Y = ₹ 4,000 करोड़
AD = A + CY
C = 1 – MPS तथा Y का मान रखने पर,
AD = 50 + (1 – 0.2) 4,000
= 50 + 0.8 x 4,000
= 50 + 3,200 = ₹ 3,250 करोड़
अत: AD < AS ( ∵ 3,250 < 4,000)
अर्थव्यवस्था संतुलन की स्थिति में तब होती है जब AD तथा AS बराबर होते हैं, क्योंकि यहाँ AD < AS अतः अर्थव्यवस्था संतुलन में नहीं है।

प्रश्न 12.
सीमांत उपभोग प्रवृत्ति किसे कहते हैं? यह किस प्रकार सीमांत बचत प्रवृत्ति से संबंधित है?
उत्तर:
आय में परिवर्तन व उपभोग में परिवर्तन के अनुपात को सीमांत उपभोग प्रवृत्ति कहा जाता है। जिसे निम्न सूत्र द्वारा प्रदर्शित किया जाता है –
उत्तर:
MPC = \(\frac{∆C}{∆Y}\)
जहाँ MPC = सीमांत उपभोग प्रवृत्ति
∆C = उपभोग में परिवर्तन
∆Y = आय में परिवर्तन
सीमांत उपभोग प्रवृत्ति तथा सीमांत प्रवृत्ति में संबंध:
बचत में परिवर्तन तथा आय में परिवर्तन का अनुपात सीमांत बचत प्रवृत्ति कहलाता है। जिसे निम्न सूत्र द्वारा प्रदर्शित किया जाता है –
MPS = \(\frac{∆S}{∆Y}\)
जहाँ MPS = सीमांत बचत प्रवृत्ति
∆S = बचत में परिवर्तन
∆Y = आय में परिवर्तन।
सीमांत उपभोग प्रवृत्ति तथा सीमान्त बचत प्रवृत्ति का योग सदैव इकाई – (1) के बराबर होता है। अर्थात् –
MPC + MPS = 1
यदि MPC या MPS में किसी एक का मूल्य घटता है तो दूसरे के मूल्य में वृद्धि होती है।

आय एवं रोजगार का निर्धारण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आय एवं रोजगार के सिद्धान्त के बारे में परम्परावादी अर्थशास्त्रियों एवं कीन्स के विचारों की तुलना कीजिए?
उत्तर:
परम्परावादी सिद्धान्त तथा कीन्स के सिद्धान्त में अंतर –
परम्परावादी सिद्धान्त:

  1. इस सिद्धान्त के अनुसार, आय तथा रोजगार का निर्धारण केवल पूर्ण रोजगार स्तर पर होता है।
  2. यह सिद्धांत प्रो. जे. बी. से के बाजार नियम की मान्यताओं पर आधारित है।
  3. इस सिद्धांत के अनुसार, बचत और विनियोग में समानता ब्याज की दर में परिवर्तन द्वारा स्थापित की जाती है।
  4. यह सिद्धांत दीर्घकालीन मान्यता पर आधारित है।
  5. इस सिद्धांत के अनुसार, अर्थव्यवस्था में सामान्य, अति उत्पादन तथा सामान्य बेरोजगारी की कोई संभावना नहीं हो सकती।

कीन्स का सिद्धान्त:

  1. इस सिद्धान्त के अनुसार, आय तथा रोजगार स्तर का निर्धारण उस बिन्दु पर होगा, जहाँ पर सामूहिक माँग, सामूहिक पूर्ति के बराबर होती है। इसके लिए पूर्ण रोजगार स्तर का होना आवश्यक नहीं है।
  2. यह सिद्धांत उपभोग के मनोवैज्ञानिक नियम पर आधारित है। इस सिद्धांत के अनुसार, बचत और विनियोग में समानता आय में परिवर्तन द्वारा स्थापित होती है।
  3. यह सिद्धान्त अल्पकालीन मान्यता पर आधारित है।
  4. यह सिद्धांत अल्पकालीन मान्यता पर आधारित है।
  5. इस सिद्धांत के अनुसार, अपूर्ण रोजगार संतुलन की एक सामान्य स्थिति है। पूर्ण रोजगार की स्थिति तो एक आदर्श एवं विशेष स्थिति है।
  6. इस सिद्धांत के अनुसार, सामान्य, अति उत्पादन तथा सामान्य बेरोजगारी संभव है।

प्रश्न 2.
गुणक की धारणा को समझाइए?
उत्तर:
गुणक का सिद्धांत:
कीन्स के रोजगार सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण अंग गुणक है, लेकिन कीन्स का गुणक ‘विनियोग गुणक’ है। गुणक विनियोग की प्रारंभिक वृद्धि तथा आय की कुल अंतिम वृद्धि के बीच आनुपातिक संबंध को बताता है। कीन्स का विचार है कि जब किसी देश की अर्थव्यवस्था में विनियोग की मात्रा में वृद्धि की जाती है तो उस देश की आय में केवल विनियोग की मात्रा की तुलना में जितने गुना वृद्धि होती है, उसे ही कीन्स ने ‘गुणक’ कहा है।
सूत्र के रूप में,
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 2
K = \(\frac { \triangle Y }{ \triangle I } \)
यदि गुणक का मूल्य दिया है तो विनियोग में वृद्धि किये जाने से आय में कितनी वृद्धि होगी? यह सरलतापूर्वक निकाली जा सकती है। इसका सूत्र है –
∆Y = K . ∆I
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 3
सीमान्त उपभोग प्रवृत्ति का आकार जितना बड़ा होगा गुणक का मूल्य भी अधिक होगा। गुणक के गुणक द्वारा कीन्स ने यह बलताया है कि सरकार विनियोग में जिस अनुपात में वृद्धि करती है। गुणक के कारण आय कई गुना बढ़ जाती है। इससे अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी को दूर किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
पूँजी की सीमांत कुशलता को निर्धारित करने वाले तत्वों को लिखिए?
उत्तर:
पूँजी की सीमांत कुशलता को निर्धारित करने वाले तत्व निम्नलिखित हैं –

1. माँग की प्रवृत्ति:
यदि किसी वस्तु की माँग की आशंका भविष्य में अधिक बढ़ने की है तो पूँजी की सीमांत कुशलता भी ऊँची होगी। जिसके परिणामस्वरूप विनियोग बढ़ जायेगा। इसके विपरीत अगर भविष्य में वस्तुओं की माँग घटने की आशंका है तो पूँजी की सीमांत कुशलता भी घट जायेगा और विनियोग भी कम हो जाएगा।

2. लागतें एवं कीमतें:
यदि भविष्य में वस्तु की उत्पादन लागत बढ़ने की तथा उनकी कीमतों में गिरावट.की सम्भावना है तो पूँजी की सीमांत कुशलता गिर जायेगी। इससे विनियोग की मात्रा भी कम हो जायेगी। इसके विपरीत भविष्य में वस्तु की लागतों में कमी और कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है तो पूँजी की सीमांत कुशलता भी बढ़ेगी और विनियोग भी बढ़ेगा।

3. तरल परिसम्पत्तियों में परिवर्तन:
जब एक साहसी के पास विभिन्न प्रकार की परिसम्पत्तियाँ बड़ी मात्रा में नगदी (तरल) के रूप में रहती है तब वह नये-नये विनियोग से लाभ उठाना चाहता है। ऐसी परिस्थिति में पूँजी की सीमांत कुशलता में वृद्धि होगी। इसके विपरीत जब परिसम्पत्तियाँ नगदी के रूप में नहीं होती हैं, तब नये विनियोग अवसरों का लाभ उठाने में कठिनाइयाँ आती हैं। इससे पूँजी की सीमांत कुशलता घट जाती है।

4. आय में परिवर्तन:
अप्रत्याशित लाभ अथवा हानियों के कारण हुए आय में आकस्मिक परिवर्तन तथा भारी कराधान अथवा कर रियायतों के कारणों से आय में जो परिवर्तन होता है उसका भी पूँजी की सीमांत कुशलता पर प्रभाव पड़ता है।

5. उपभोग प्रवृत्ति:
यदि उपभोग प्रवृत्ति अल्पकाल में ऊँची है तो इससे पूँजी की सीमांत कुशलता बढ़ जायेगी। इसके विपरीत उपभोग की प्रवृत्ति कम है तो पूँजी की सीमांत कुशलता घट जाएगी।

प्रश्न 4.
समग्र माँग एवं समग्र पूर्ति द्वारा आय व रोजगार के संतुलन स्तर को तालिका व रेखाचित्र द्वारा स्पष्ट कीजिए?
उत्तर:
कीन्स के अनुसार, आय तथा रोजगार के संतुलन स्तर का निर्धारण वहाँ होता है, जहाँ पर सामूहिक माँग तथा सामूहिक पूर्ति बराबर होते हैं। यहाँ सामूहिक माँग तथा सामूहिक पूर्ति का तात्पर्य समग्र माँग एवं समग्र पूर्ति से है। आय के संतुलन – स्तर के निर्धारण की व्याख्या समग्र माँग तथा समग्र पूर्ति की एक काल्पनिक तालिका की सहायता से की जा सकती है।
तालिका के द्वारा स्पष्टीकरण (र करोड़ में) आय उपभोग विनियोग। बचत समग्र माँग समग्र पर्ति विवरण (C)
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 4
उपर्युक्त तालिका में राष्ट्रीय आय के ₹ 400 करोड़ के स्तर पर समग्र माँग तथा समग्र पूर्ति बराबर हैं। दोनों ₹400 करोड़ के स्तर पर हैं। इस संतुलन – स्तर पर बचत भी विनियोग के बराबर है। इस संतुलन – स्तर में किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्थायी नहीं होगा। उदाहरणस्वरूप, ₹ 400 करोड़ के आय – स्तर से पूर्व कोई भी आय – स्तर है, तो समग्र माँग, समग्र पूर्ति से अधिक होगी। जिसका अर्थ यह है कि उद्यमी अधिक लाभ प्राप्त करने हेतु उत्पादन के साधनों को अधिक रोजगार देंगे तथा उत्पादन का स्तर बढ़ायेंगे, जिसके फलस्वरूप राष्ट्रीय आय बढ़ेगी।

यह तब तक बढ़ेगी, जब तक कि आय के संतुलन बिन्दु तक न पहुँच जाएँ। इसके विपरीत, यदि आयस्तर ₹ 400 करोड़ से अधिक है तो लोग उद्यमियों को प्राप्त होने वाली न्यूनतम राशि से कम व्यय करने को तैयार हैं अर्थात् माँग समस्त पूर्ति से कम होगी। इस स्थिति में उद्यमियों को हानि उठानी होगी, क्योंकि उनका पूरा उत्पादन नहीं बिक सकेगा। ऐसी स्थिति में आय तथा रोजगार का संतुलन उस बिन्दु पर आधारित होगा, जहाँ पर समग्र माँग तथा समग्र पूर्ति एक – दूसरे के बराबर होगी।
रेखाचित्र द्वारा स्पष्टीकरण –
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 5
प्रस्तुत रेखाचित्र में समग्र माँग वक्र, समग्र पूर्ति वक्र को बिन्दु E पर काटता है। इस बिन्दु पर आय का। संतुलन स्तर ₹ 400 करोड़ निर्धारित होता है। आय में हुए किसी प्रकार के परिवर्तन की आय के संतुलन स्तर की ओर आने की प्रवृत्ति होगी। रेखाचित्र का निचला भाग (भाग – B) आय के इसी स्तर पर बचत और विनियोग को प्रदर्शित करता है। आय के संतुलन – स्तर पर समग्र माँग की मात्रा को कीन्स ने प्रभावपूर्ण माँग कहा है। कीन्स के अनुसार “सामूहिक माँग या समग्र माँग वक्र के जिस बिन्दु पर सामूहिक पूर्ति या समग्र पूर्ति वक्र उसे काटता है, उस बिन्दु का मूल्य ही प्रभावपूर्ण माँग कहलायेगा।”

प्रश्न 5.
उपभोग प्रवृत्ति को निर्धारित करने वाले पाँच तत्व लिखिए?
उत्तर:
उपभोग प्रवृत्ति को निर्धारित करने वाले तत्व निम्नलिखित हैं –

  1. मौद्रिक आय: समाज में रहने वाले व्यक्तियों की जब मौद्रिक आय बढ़ जाती है, तो उपभोग प्रवृत्ति भी बढ़ जाती है। इसके विपरीत मौद्रिक आय में कमी होने पर उपभोग प्रवृत्ति भी घट जायेगी।
  2. राजस्व नीति: यदि सरकार करों की दरों में वृद्धि करती है तो उपभोग प्रवृत्ति घट जाएगी और यदि कल्याणकारी योजनाओं पर अधिक व्यय करती है तो उपभोग प्रवृत्ति में वृद्धि हो जायेगी।
  3. ब्याज की दर: ब्याज की दर में वृद्धि होने पर लोग उपभोग में कमी करेंगे और बचत में वृद्धि करेंगे। इसके विपरीत ब्याज की दर में कमी आने पर बचत कम होगी और उपभोग प्रवृत्ति में वृद्धि होगी।
  4. आय का वितरण: समाज में आय का वितरण असमान होने पर उपभोग प्रवृत्ति कम होती है और समाज में यदि आय का वितरण समान है तो उपभोग प्रवृत्ति में वृद्धि होगी।
  5. प्रदर्शन प्रभाव: जिन राष्ट्रों में समाज में प्रदर्शन प्रभाव या दिखावा अधिक होता है वहाँ के लोगों में उपभोग प्रवृत्ति अधिक होता है।

प्रश्न 6.
पूर्ण रोजगार एवं अनैच्छिक बेरोजगारी की धारणा पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
1. पूर्ण रोजगार से आशय:
साधारण अर्थों में पूर्ण रोजगार से आशय, उस स्थिति से है, जिसमें कोई भी व्यक्ति बेरोजगार न हो, श्रम की माँग और पूर्ति बराबर हो। समष्टि अर्थशास्त्र के आधार पर, पूर्ण रोजगार से आशय है, किसी दिए हुए वास्तविक मजदूरी स्तर पर श्रम की माँग, श्रम की उपलब्ध पूर्ति के बराबर होती है।
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 6

परंपरावादी परिभाषा:
लर्नर के अनुसार “पूर्ण रोजगार वह अवस्था है जिसमें वे सब लोग जो मजदूरी की वर्तमान दरों पर काम करने के है योग्य तथा इच्छुक हैं, बिना किसी कठिनाई के काम प्राप्त करते हैं।”

आधुनिक परिभाषा:
स्पेन्सर के अनुसार, “पूर्ण रोजगार वह स्थिति है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति जो काम करना चाहता है, काम कर रहा है सिवाय उनके जो संघर्षात्मक तथा संरचनात्मक बेरोजगार हैं।” उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि पूर्ण रोजगार की स्थिति शून्य बेरोजगारी की स्थिति नहीं है। यह बेरोजगारी की प्राकृतिक दर की स्थिति है।

2. अनैच्छिक बेरोजगारी:
अनैच्छिक बेरोजगारी वह स्थिति है, जिसमें लोगों को रोजगार के अवसर के अभाव में बेरोजगार रहना पड़ता है। जब लोग मजदूरी की वर्तमान दर पर काम करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें काम नहीं मिलता तो उसे अनैच्छिक बेरोजगारी कहा जाता है।

प्रस्तुत रेखाचित्र में E बिन्दु पूर्ण रोजगार की बिन्दु है। इस बिन्दु पर श्रम की माँग व पूर्ति दोनों बराबर हैं। किन्तु ON2, मजदूरी पर ON, श्रमिक काम करने को इच्छुक हैं । जबकि उत्पादकों द्वारा केवल ON2, श्रमिकों की माँग की जाएगी। इस प्रकार N,N2, श्रम की मात्रा अनैच्छिक रूप से बेरोजगार कहलाएगी।

प्रश्न 7.
अभावी माँग का देश के उत्पादन, रोजगार एवं मूल्यों पर प्रभाव बताइए?
उत्तर:
1. अभावी माँग का उत्पादन पर प्रभाव:
यदि अर्थव्यवस्था में कुल पूर्ति की तुलना में कुल माँग कम हो तो इसका आशय यह होगा कि देश में वस्तुओं एवं सेवाओं की जितनी मात्रा उपलब्ध है, उतनी माँग नहीं है। इससे अर्थव्यवस्था में कुल उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव निम्न हैं –

  1. माँग की कमी के कारण उत्पादक वस्तुओं का उत्पादन घटाने के लिए बाध्य होंगे।
  2. इस कारण वे अपनी वर्तमान उत्पादन क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं कर पायेंगे।
  3. इसका प्रभाव यह होगा कि देश की उत्पत्ति के साधनों का पूर्ण उपयोग नहीं हो पायेगा।
  4. इसके कारण कुछ वर्तमान फर्मे अपना कार्यकी बन्द करना शुरू कर देगी तथा कई फर्मे बाजार में प्रवेश नहीं कर पायेंगी –
  5. परिणामस्वरूप उत्पादन की लागत में वृद्धि हो जायेगी।

2. अभावी माँग का रोजगार पर प्रभाव:
जब किसी अर्थव्यवस्था में अभावी माँग (माँग की कमी) की स्थिति होती है, तो उसका देश के रोजगार स्तर पर निम्न प्रभाव पड़ता है –

  1. माँग की कमी के कारण उत्पादकों को वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन में कमी करनी पड़ेगी, जिससे देश में रोजगार स्तर में कमी आ जायेगी, क्योंकि उन्हें आवश्यक मात्रा में उत्पादन करने के लिए पहले से कम श्रमिकों की आवश्यकता पड़ेगी।
  2. यदि देश में अपूर्ण रोजगार की स्थिति है तो इसका प्रभाव यह होगा कि कुछ लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा।
  3. यदि देश में पहले से ही अल्प रोजगार की स्थिति है तो इसका अर्थ यह होगा कि यह स्थिति और विकट हो जायेगी।

3. अभावी माँग का मूल्यों पर प्रभाव:
जब किसी अर्थव्यवस्था में अभावी माँग की स्थिति होती है तो उसका अर्थव्यवस्था की कीमतों पर निम्न प्रभाव पड़ता है –

  1. यदि देश कुल माँग, कुल पूर्ति की तुलना में कम है तो इसका सामान्य प्रभाव यह होगा कि देश में मूल्य – स्तर में कमी आ जायेगी।
  2. मूल्य – स्तर में कमी आने से उत्पादकों के लाभ के अन्तर में कमी आ जायेगी।
  3. इस स्थिति का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि उन्हें कम मूल्य पर वस्तुएँ एवं सेवाएँ प्राप्त हो सकेंगी।

प्रश्न 8.
प्रभावपूर्ण माँग के निर्धारण को समझाइए?
उत्तर:
किसी अर्थव्यवस्था में एक वर्ष में आम जनता द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं पर किया जाने वाला कुल व्यय जो उपभोग की मात्रा को प्रदर्शित करता है प्रभावपूर्ण समग्र माँग कहलाती है।
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 7
प्रभावपूर्ण समग्र माँग दो तत्वों पर निर्भर करती है –

  1. उपभोग माँग
  2. निवेश माँग।

उपभोग माँग वक्र आय के बढ़ने से ऊपर की ओर चढ़ता है और आय के घटने से गिरता है लेकिन इसे प्रवृत्ति के स्थिर रहने की दशा में सीमांत उपभोग प्रवृत्ति घटने से उपभोग माँग गिरता हुआ दिखाई देता है। इसी प्रकार विनियोग माँग ब्याज की दर एवं पूँजी की सीमांत उत्पादकता पर निर्भर करती है। ब्याज दर कम है तो निवेश की माँग अधिक होगी एवं ब्याज दर अधिक है तो निवेश की माँग कम होगी।

प्रश्न 9.
प्रभावपूर्ण माँग का महत्व बताइये? (कोई चार बिन्दु)
उत्तर:
प्रभावपूर्ण माँग का महत्व
1. रोजगार का निर्धारण:
कीन्स के अनुसार, रोजगार की मात्रा प्रभावपूर्ण माँग पर निर्भर करती है और कुल माँग, कुल आय के बराबर होती है, अतः रोजगार की मात्रा एक ओर उत्पादन की मात्रा को निर्धारित करती है तथा दूसरी ओर उत्पन्न होने वाली आय को भी निर्धारित करती है।

2. आय की प्राप्ति:
प्रभावपूर्ण माँग आय का भी निर्धारण करता है। प्रभावपूर्ण माँग से श्रमिकों को रोजगार की प्राप्ति होती है। रोजगार प्राप्ति से श्रमिकों को आय की प्राप्ति होती है वह प्रभावपूर्ण माँग का ही परिणाम है।

3. विनियोग का महत्व:
प्रभावपूर्ण माँग विनियोग का भी निर्धारण करता है। प्रभावपूर्ण माँग के कारण उत्पादकों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। उत्पादन में वृद्धि करने के लिए विनियोगकर्ता या उत्पादक नये – नये पूँजीगत संसाधनों में विनियोग करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।

4. पूर्ण रोजगार की मान्यता का खण्डन:
प्रभावपूर्ण माँग पूर्ण रोजगार की मान्यता का भी खण्डन करता है। पूर्ण रोजगार का तात्पर्य है कार्य करने योग्य सभी व्यक्तियों को प्रचलित मजदूरी पर रोजगार की प्राप्ति होना। लेकिन वास्तव में व्यावहारिक जीवन में रोजगार की प्राप्ति प्रभावपूर्ण माँग पर निर्भर करता है।

प्रभावपूर्ण माँग बढने पर रोजगार में वृद्धि होती है, लोगों को रोजगार प्राप्त होता है जिससे धीरे – धीरे बेरोजगारी कम होती है। इसके विपरीत प्रभावपूर्ण माँग में कमी होने से रोजगार का स्तर घटने लगता है। समाज में बेरोजगारी फैलती है। तब इन परिस्थितियों में चाहे कितना भी योग्य व्यक्ति या श्रमिक हो उसकी छटनी होने लगती है और वे बेरोजगार हो जाते हैं। वैसे भी व्यावहारिक जीवन में पूर्ण रोजगार की मान्यता नहीं पायी जाती।

प्रश्न 10.
अभावी माँग का क्या आशय है तथा अभावी माँग के उत्पन्न होने के क्या कारण हैं?
उत्तर:
अभावी माँग का अर्थ:
अभावी माँग से अभिप्राय, उस स्थिति से है, जब पूर्ण रोजगार स्तर पर कुल माँग, कुल पूर्ति से कम होती है। अर्थात् जब अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोजगार स्तर बनाये रखने के लिए जितना व्यय आवश्यक होता है, उतना नहीं होता तो इसे अभावी माँग की स्थिति कहेंगे। ऐसी स्थिति में, कुल माँग व कुल पूर्ति रोजगार स्तर से पूर्व ही बराबर (संतुलन) होती है अर्थात् कुल माँग पूर्ण रोजगार स्तर बनाये रखने के लिए कम होती है। अभावी माँग के कारण – किसी भी अर्थव्यवस्था में अभावी माँग की स्थिति निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न हो सकती है –

1. सरकार द्वारा करेंसी की पूर्ति में कमी या बैंकों द्वारा साख निर्माण को घटाना:
जब देश का केन्द्रीय बैंक चलन में मुद्रा की मात्रा कम कर देता है तो इसके कारण मुद्रा व साख की मात्रा कम हो जाती है। अतः इसके कारण कुल व्यय, कुल आय से कम हो जाती है, जिसके कारण अभावी माँग उत्पन्न हो जाती है।

2. बचत प्रवृत्ति में वृद्धि के कारण उपभोग माँग में कमी:
सामूहिक माँग (समग्र माँग) के कम होने के कारण वस्तुओं व सेवाओं की कीमत में कमी आने लगती है जिसके कारण मुद्रा का मूल्य बढ़ जाता है। अत: व्यक्ति मुद्रा का संचय अधिक करते हैं और व्यय कम करते हैं।

3. करारोपण नीति:
जब सरकार अपने कर नीति में कर की दर वस्तुओं व व्यक्तियों पर अत्यधिक लगाती है तो स्वाभाविक है कि लोगों की उपभोग व्यय की प्रवृत्ति कम हो जाती है और अभावी माँग उत्पन्न हो जाती है।

4. सार्वजनिक व्यय में कमी:
जब सरकार अपने व्ययों में कटौती करती है और योजनागत व्यय या उत्पादकीय कार्यों को भी कम करना प्रारंभ कर देती है, तो सामूहिक माँग कम हो जाती है और अभावी माँग की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

5. मुद्रा के चलन वेग में कमी:
व्यक्तियों की उपभोग प्रवृत्ति घटने और लाभ की आशा कम होने के कारण मुद्रा का चलन वेग घट जाता है और समस्त माँग कम हो जाती है जिसके कारण अभावी माँग उत्पन्न हो जाती है।

प्रश्न 11.
अत्यधिक माँग से क्या आशय है? इसके कारणों पर प्रकाश डालिए?
उत्तर:
किसी भी अर्थव्यवस्था में रोजगार एवं आय का संतुलन उस पर होता है, जहाँ पर कुल माँग एवं कुल पूर्ति बराबर हो। अर्थात् यह आवश्यक नहीं है कि कुल माँग व कुल पूर्ति सदैव बराबर हो। कभी कुल माँग अधिक होती है तो कभी कुल पूर्ति। जब कुल पूर्ति माँग अधिक होती और कुल पूर्ति कम होती है तो इस स्थिति को अत्यधिक माँग कहते हैं।

उदाहरणार्थ, मान लीजिए कि किसी अर्थव्यवस्था में एक निश्चित समयावधि पर कुल माँग ₹ 500 करोड़ है। अब यदि इसकी कुल पूर्ति भी ₹ 500 करोड़ है तो यह कहा जाएगा कि अर्थव्यवस्था संतुलन की स्थिति में है। अब कल्पना कीजिए कि कुल पूर्ति केवल ₹ 400 करोड़ है तो इसका अर्थ यह होगा कि कुल माँग, कुल पूर्ति की तुलना में ₹ 100 करोड़ अधिक है। इसी को अत्यधिक माँग कहते हैं। कीन्स के शब्दों में “अत्यधिक माँग वह स्थिति है जबकि वर्तमान कीमतों पर वस्तुओं और सेवाओं की कुल माँग उपलब्ध कुल पूर्ति से बढ़ जाती है।”

अत्यधिक माँग के कारण:
अत्यधिक माँग के निम्नलिखित कारण हैं –

1. मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि:
अर्थव्यवस्था में मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि होने से और उत्पादन की मात्रा में वृद्धि न होने के कारण देश में माँग प्रेरित मुद्रा स्फीति उत्पन्न होती है।

2. प्रयोज्य आय में वृद्धि:
जब लोगों की प्रयोज्य आय में वूद्धि होती है तो भी उपभोग व्यय में वृद्धि हो जाती है। परिणामस्वरूप मुद्रा स्फीति की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

3. घाटे की वित्त व्यवस्था:
वर्तमान समय में कल्याणकारी सरकारें घाटे की वित्त व्यवस्था अपनाकर सार्वजनिक व्यय में वृद्धि करती है, तो लोगों के पास एक ओर उपभोग आय में वृद्धि हो जाती है और दूसरी ओर वस्तुओं के न होने के
कारण अत्यधिक माँग की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और मूल्य में वृद्धि हो जाती है।

4. विनियोग में वृद्धि:
व्यावसायिक फर्मे ऋण प्राप्त करके नये उपकरणों, मशीनों तथा अन्य क्षेत्रों में विनियोग में वृद्धि करती हैं जिसके परिणामस्वरूप माँग में वृद्धि होती है।

5. वस्तुओं का विदेशों में निर्यात:
वस्तुओं का विदेशों में निर्यात के कारण भी अर्थव्यवस्था में पूर्ति की कमी और माँग में अतिरेक की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, परिणामस्वरूप मूल्य – स्तर में वृद्धि होती है।

प्रश्न 12.
अत्यधिक माँग में सुधार के उपायों का वर्णन कीजिए?
उत्तर:
अत्यधिक माँग में सुधार के उपाय:
जव अर्थव्यवस्था में अत्यधिक माँग की दशा उत्पन्न हो जाती है तो उसे निम्नलिखित उपायों से ठीक किया जा सकता है –

(अ) मौद्रिक उपाय
(ब) राजकोषीय उपाय एवं
(स) अन्य उपाय।

(अ) मौद्रिक उपाय:
अत्यधिक माँग को ठीक करने के लिए कुल मुद्रा पूर्ति को कम करना चाहिए। इस दृष्टिकोण से निम्नलिखित उपाय हैं –

1. मुद्रा निर्गम संबंधी नियमों को कठोर बनाना:
अत्यधिक माँग को ठीक करने के लिए यह आवश्यक है कि सरकार मुद्रा निकालने संबंधी नियमों को कड़ा करें ताकि केन्द्रीय बैंक को अतिरिक्त मुद्रा निकालने में अधिक कठिनाई हो।

2. पुरानी मुद्रा वापस लेकर नई मुद्रा देना:
अत्यधिक माँग की दशा में साधारण उपचार उपयोगी नहीं हो सकते, अतः पुरानी सब मुद्राएँ समाप्त कर उनके बदले में नई मुद्राएँ दे दी जाती हैं। प्रथम महायुद्ध के पश्चात् 1924 में जर्मनी की अनियंत्रित मुद्रा – स्फीति को समाप्त करने के लिये 10 खरब मुद्राओं के बदले में एक नयी मुद्रा दी गयी थी।

3. साख स्फीति को कम करना:
अत्यधिक माँग अथवा स्फीति को कम करने के लिए साख स्फीति को कम करना आवश्यक है इसके लिए केन्द्रीय बैंक द्वारा बैंक दर बढ़ाकर, प्रतिभूतियाँ बेचकर तथा बैंकों से अधिक कोष माँगकर, साख कम की
जा सकती है।

(ब) राजकोषीय उपाय:
इसमें निम्नलिखित उपाय हैं –

1. बचत का बजट बनाना:
अत्यधिक माँग की स्थिति में सरकार को बजट, बचत का बनाना चाहिए। इसका तात्पर्य है, जिससे सार्वजनिक व्यय की तुलना में सार्वजनिक आय अधिक होती है।

2. ऋण प्राप्ति:
अत्यधिक माँग को ठीक करने के लिए सरकार को ऋण पत्र बेचनी चाहिए और जनता को यह ऋण – पत्र खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

3. बचतों को प्रोत्साहन:
अत्यधिक माँग को ठीक करने के लिए सरकार को बैंकों एवं डाकघरों के माध्यम से ऐसी नीतियाँ कार्यान्वित करनी चाहिए जिससे लोग बचत के लिए प्रोत्साहित हो। इसके लिए आकर्षक ब्याज की दर अपनानी चाहिए।

(स) अन्य उपाय:
अन्य उपाय इस प्रकार हैं –

  1. अत्यधिक माँग को ठीक करने के लिए आयात में वृद्धि और निर्यात में कमी करनी चाहिए।
  2. अत्यधिक माँग को ठीक करने के लिए उद्योगों में उचित विनियोग नीति अपनायी जानी चाहिए।
  3. सरकार को मूल्यों में सहायता करनी चाहिए।

प्रश्न 13.
“किसी रेखा में पैरामेट्रिक शिफ्ट” से आप क्या समझते हैं? रेखा में किस प्रकार शिफ्ट होता है जब इसकी

  1. ढाल घटती है और
  2. इसके अंतः खंड में वृद्धि होती है।

उत्तर:
हम दो सरल रेखाएँ लेते हैं, जो एक – दूसरे की अपेक्षा अधिक खड़े ढाल वाली हैं। सत्ताएँ: और m को आरेख का पैरामीटर कहते हैं। जैसे – जैसे m बढ़ता है सरल रेखा ऊपर की ओर बढ़ती है। इसे सरल रेखा में पैरामैट्रिक शिफ्ट कहते हैं।

1. ढाल घटती है:
y = mx + ε के रूप में ε सरल रेखीय समीकरण को दर्शाने वाले आरेख पर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर अक्षों पर x और y दो परिवर्तों को रेखाचित्र में दर्शाया गया है। यहाँ m सरल रेखा की प्रवणता (ढाल) है और Σ ऊर्ध्वाधर अक्ष पर अन्तः खण्ड है। जब x में एक इकाई की वृद्धि होती है, तो y के मूल्य 10 में m इकाइयों की वृद्धि हो जाती है। जब रेखा की 5प्रवणता (ढाल) घटती है, तो सरल रेखा में ऋणात्मक शिफ्ट होता है। निम्नांकित चित्र से स्पष्ट हो रहा है कि जैसे – जैसे m का। मूल्य घट रहा है अर्थात् m का मूल्य 1 से कम करके 0.5 करने पर। सरल रेखा नीचे की ओर शिफ्ट हो रही है जिससे इसकी ढाल घट जाती है। इसे पैरामैट्रिक शिफ्ट कहते हैं।
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 8

2. रेखा के अन्तः खण्ड में वृद्धि होती है:
जब सरल रेखा के अंत:खण्ड में वृद्धि होती है तब सरल रेखा समान्तर रूप से शिफ्ट होती है। यदि समीकरण y = 0.5 x + Σ में का मान 2 से बढ़ाकर 3 कर दिया जाये तो सरल रेखा समान्तर रूप से ऊपर की ओर शिफ्ट हो जायेगी। इसे निम्न चित्र में दर्शाया गया है –

रेखाचित्र में Σ के अंत:खण्ड में 2 से 3 तक वृद्धि करने पर सरल रेखा समान्तर रूप से ऊपर की ओर शिफ्ट हो जाती है।
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 9

प्रश्न 14.
कीन्स के रोजगार सिद्धांत को समझाइये?
उत्तर:
कीन्स का रोजगार सिद्धांत:
कोन्स ने अपनी सुप्रसिद्ध पुस्तक ‘सामान्य सिद्धांत’ में आय एवं रोजगार के सामान्य सिद्धांत का क्रमबद्ध एवं वैज्ञानिक विश्लेषण किया है। तीसा को महामन्दी (सन् 1930) में इन्होंने अपने सिद्धांत का प्रतिपादन किया था। उनके अनुसार एक अर्थव्यवस्था में आय एवं रोजगार का स्तर मुख्य रूप से प्रभावपूर्ण माँग’ के द्वारा निर्धारित होता है। प्रभावपूर्ण माँग में कमी ही बेरोजगारी का कारण होता है किन्तु प्रभावपूर्ण माँग का निर्धारण दो तत्वों के द्वारा होता है –

  1. सामूहिक माँग और
  2. सामूहिक पूर्ति।

सामूहिक पूर्ति और सामूहिक माँग जहाँ एक – दूसरे के बराबर होते हैं, वहीं साम्य बिन्दु प्रभावपूर्ण माँग का बिन्दु भी होता है। इसी प्रभावपूर्ण माँग के बिन्दु पर अर्थव्यवस्था में उत्पादन की मात्रा तथा रोजगार की कुल संख्या का निर्धारण होता है। अत: कीन्स का रोजगार का सिद्धांत समझने के लिए निम्न रेखाचित्र को समझना होगा –
प्रभावपूर्ण माँग = कुल उत्पादन = कुल आय = रोजगार
MP Board Class 12th Economics Important Questions Unit 7 आय एवं रोजगार का निर्धारण img 10
उक्त अनुसार उत्पादन प्रभावपूर्ण माँग के कारण होता है, माँगें कुल माँग द्वारा शासित होती हैं।

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MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना

MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना

परमाणु की संरचना NCERT अभ्यास प्रश्न

परमाणु की संरचना के प्रश्न अभ्यास MP Board Class 11th Chemistry प्रश्न 1.

  1. एक ग्राम में इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।
  2. एक मोल इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान एवं आवेश की गणना कीजिए।

हल:
1. एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.11 x 10-31 kg, इलेक्ट्रॉन का कुल द्रव्यमान = 1g = 1 x 10-3kg
∴ 9.11 x 10-31 kg द्रव्यमान एक इलेक्ट्रॉन का है।
∴ 1 x 10-3 kg द्रव्यमान एक इलेक्ट्रॉन का है = \(\frac { 1×10^{ -3 } }{ 9.11×10^{ -31 } } \) = 1.09×1027 इलेक्ट्रॉन।

2. इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.1×10-28 ग्राम
1 मोल इलेक्ट्रॉन = 6.023 x 103 इलेक्ट्रॉन
1 मोल इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.1 x 10-28 x 6.023 x 1023
= 5.47 x 10-4 ग्राम।
इलेक्ट्रॉन का आवेश = 1.6 x 10-19 कूलॉम
1 मोल इलेक्ट्रॉन = 6.023 x 1023
1 मोल इलेक्ट्रॉन का आवेश = 1.6 x 10-19 x 6.023 x 1023
= 9.63 x 104 कूलॉम।

परमाणु की संरचना अभ्यास MP Board Class 11th Chemistry प्रश्न 2.

  1. एक मोल मेथेन में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की गणना कीजिए।
  2. 7mg C14 में कुल न्यूट्रॉनों की संख्या एवं कुल द्रव्यमान की गणना कीजिए।
  3. STP पर NH3 के 34 mg में कुल प्रोटॉनों की संख्या एवं प्रोटॉनों का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।

हल:
1. CH4 के एक मोल में इलेक्ट्रॉन = 6 + 4 = 10
CH4 के एक मोल = 6.02 x 1023 अणु
कुल इलेक्ट्रॉन = 10 x 6.02 x 1023 = 6.02 x 1024.

2. एक C14 परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या = 14 – 6 = 8
एक मोल C14 अथवा 6.02 x 1023 परमाणु अथवा 14g
एक मोल C14 में न्यूट्रॉन है = 8 x 6.02 x 1023
= 4.816 x 1024
C14 के 7 mg = C14 के 7 x 10-3
∴ 14 ग्राम C14 में न्यूट्रॉन्स है = 4.816 x 1024
∴ 7 x 10 C14 में न्यटॉन्स है = \(\frac { 4.816×10^{ 24 }x7x10^{ -3 } }{ 14 } \)
= 2.408 x 1021 न्यूट्रॉन्स।
एक न्यूट्रॉन का द्रव्यमान = 1.675 x 10-27 kg
∴ कुल न्यूट्रॉनों का द्रव्यमान = 1.675 x 10-27-27 x 2.408 x 1021 = 4.03 x 10-6 kg.

3. NH3 का मोलर द्रव्यमान = 17,
NH3 के एक अणु में प्रोटॉनों की संख्या = 7 + 3 = 10
34 mg NH3 = 34 x 10-3 kg
∴ 17 g NH3 में प्रोटॉन = 10 x 6.02 x 1023
34 x 10-3 g NH3 प्रोटॉन है = \(\frac { 10×6.02×10^{ 23 }x34x10^{ -3 } }{ 17 } \)
= 1.2044 x 1022 प्रोटॉन।
एक प्रोटॉन का द्रव्यमान = 1.675 x 10-7 kg
∴ कुल प्रोटॉनों का द्रव्यमान = 1.675 x 10-27 x 1.2044 x 1022
= 2.01 x 10-5 kg.

परमाणु की संरचना के प्रश्न उत्तर MP Board Class 11th Chemistry प्रश्न 3.
निम्न तत्वों के नाभिकों में उपस्थित प्रोटॉनों तथा न्यूट्रॉनों की संख्या ज्ञात कीजिए –

  1. \(_{ 6 }^{ 13 }{ C }\)
  2. \(_{ 16 }^{ 8 }{ O }\)
  3. \(_{ 24 }^{ 12 }{ Mg }\)
  4. \(_{ 56 }^{ 26 }{ Fe }\)
  5. \(_{ 88 }^{ 38 }{ Sr }\).

उत्तर:

  1. \(_{ 6 }^{ 13 }{ C }\) में न्यूट्रॉनों की संख्या – 13 – 6 = 7; \(_{ 6 }^{ 13 }{ C }\) में प्रोटॉनों की संख्या = 6.
  2. \(_{ 16 }^{ 8 }{ O }\) में न्यूट्रॉनों की संख्या = 16 – 8 = 8; \(_{ 16 }^{ 8 }{ O }\) में प्रोटॉनों की संख्या = 8.
  3. \(_{ 24 }^{ 12 }{ Mg }\) में न्यूट्रॉनों की संख्या = 24 – 12 = 12; \(_{ 24 }^{ 12 }{ Mg }\) में प्रोटॉनों की संख्या = 12.
  4. \(_{ 56 }^{ 26 }{ Fe }\), में न्यूट्रॉनों की संख्या = 56 – 26 = 30; \(_{ 56 }^{ 26 }{ Fe }\) में प्रोटॉनों की संख्या = 26.
  5. \(_{ 88 }^{ 38 }{ Sr }\) में न्यूट्रॉनों की संख्या = 88 – 38 = 50; \(_{ 88 }^{ 38 }{ Sr }\) में प्रोटॉनों की संख्या = 38.

परमाणु की संरचना के प्रश्न उत्तर Class 11th MP Board Chemistry प्रश्न 4.
दिए गए परमाणु क्रमांक (Z) एवं परमाणु दव्यमान (A) वाले परमाणु का पूर्ण संकेत लिखिए –

  1. Z = 17, A = 35
  2. Z = 92, A = 233
  3. Z=4, A = 9.

उत्तर:

  1. \(_{ 35 }^{ 17 }{ Cl }\)
  2. \(_{ 233 }^{ 92 }{ U }\)
  3. \(_{ 9 }^{ 4 }{ C }\)Be

Mp Board 11th Chemistry Book Pdf प्रश्न 5.
सोडियम लैम्प से 580 nm तरंगदैर्घ्य (λ) वाली पीला प्रकाश उत्सर्जित होता है, पीले प्रकाश की आवृत्ति (ν) एवं तरंग संख्या (\(\overline { ν } \)) की गणना कीजिए।
हल:
λ = 580 nm = 580 x 10-9 m, c = 3 x 108 m/s
आवृत्ति, ν = \(\frac{c}{λ}\) = \(\frac { 3×10^{ 8 } }{ 580×10^{ -9 } } \)
तरंग संख्या, \(\overline { ν } \) = \(\frac{1}{λ}\) = \(\frac { 1 } { 580×10^{ -9 } } \) = 1.72 x 106m-1.

प्रश्न 6.
प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा ज्ञात कीजिए, जो –

  1. प्रकाश की आवृत्ति 3 x 105 Hz से संबंधित है
  2. जिसका तरंगदैर्घ्य 0.50 Å है।

हल:
1. ν = 3 x 1015 Hz, h = 6.626 x 10-34 Js
E = hν = 6.626 x 10-34 x 3 x 1015 = 1.988 x 10-18 J.

2. λ = 0.50 x 10-10m, E = hν = h\(\frac{c}{λ}\)
= \(\frac { 6.626×10^{ -34 }x3x10^{ 8 } }{ o.50×10^{ -10 } } \) = 3.98 x 10-15

प्रश्न 7.
एक प्रकाश तरंग, जिसका आवर्तकाल 2.0 x 10-10 है के लिए तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति एवं तरंग संख्या की गणना कीजिए।
हल:
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प्रश्न 8.
4000 pm वाले तरंगदैर्घ्य वाले प्रकाश के फोटॉनों की संख्या की गणना कीजिए, जो 1J ऊर्जा वाले होते हैं।
हल:
λ = 4000 pm = 4 x 10-9 m
h = 6.626 x 10-34 Js
c = 3 x 108 m/s
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 2

प्रश्न 9.
एक फोटॉन जिसका तरंगदैर्घ्य 4 x 10-7m है, धातु सतह पर डाला जाता है, धातु का कार्य फलन 2.13ev है। गणना कीजिए –

  1. फोटॉन की ऊर्जा
  2. उत्सर्जन की गतिज ऊर्जा एवं
  3. फोटो इलेक्ट्रॉन का वेग। (1eV = 1.602 x 10-19)

हल:

1. एक फोटॉन की कर्ज = E = \(\frac{hc}{λ}\)
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2. उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा, KE = hν – hν0
hν = 3.10ev (टकराने वाले फोटॉन की ऊर्जा)
0 = W0 = 2.13eV (धातु का कार्य फलन)
KE = 3.10 – 2.13 = 0.97eV.

3. KE = \(\frac{1}{2}\) = mv2 = 0.97e v
[∴ 1eV = 1.602 x 10-12]
\(\frac{1}{2}\) mv2 = 0.97 x 1.602 x 10-19J
\(\frac{1}{2}\) x 10-31kg x v2 = 0.97 x 1.602 x 10-19 J
[ 1e का द्रव्यमान = 9.11 x 10-31 kg]
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v = 5.84 x 105ms-1

प्रश्न 10.
242 nm तरंगदैर्घ्य का वैद्युत चुम्बकीय विकिरण सोडियम परमाणु को आयनीकृत करने के लिए पर्याप्त है। सोडियम की आयनन ऊर्जा की गणना kJ mol-1 में कीजिए।
हल:
तरंगदैर्घ्य λ = 242 x 10-9 m
[∴ 1 nm = 10-9 m]
ऊर्जा E = hν = \(\frac{hc}{λ}\)
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 5
E = 0.0821 x 10-17 J/atom
उपर्युक्त ऊर्जा 1 Na परमाणु के आयनन के लिए पर्याप्त है। एक मोल Na हेतु ऊर्जा की Na की आयनन ऊर्जा होगी।
Na के 1 मोल के लिए ऊर्जा (आयनन ऊर्जा)
E = 6.02 x 1023 x 0.0821 x 10-17 J/mol
= 4.945 x 105J/mol [∴ 1 kJ = 1000J]
\(\frac { 4.945×10^{ 2 } }{ 1000 } \) J/mol
= 4.945 x 10 kJ/mol.

प्रश्न 11.
25 वाट का बल्ब 0.57 pm तरंगदैर्घ्य की मोनोक्रोमेटिक पीला उत्सर्जित करता है, तब प्रति सेकण्ड उत्सर्जित क्वाण्टम की दर की गणना कीजिए।
हल:
तरंगदैर्घ्य λ = 0.57um = 0.57 x 10-6m, [∴ l µm = 10-6m]
फाटान का ऊजा E = hν = \(\frac{hc}{λ}\)
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E = 34.84 x 10-20J
25 वॉट = 25Js-1 [∴ 1वॉट = 1Js-1]
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 7
= 0.7169 x 1020 फोटॉन/सेकण्ड
= 7.169 x 1019 फोटॉन/सेकण्ड।

प्रश्न 12.
जब धातु को 6800Å तरंगदैर्घ्य वाले विकिरण में लाया जाता है, तब धातु सतह से शून्य वेग के इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। धातु की देहली आवृत्ति (ν0) एवं कार्यफलन की गणना कीजिए।
हल:
देहली तरंगदैर्घ्य, λ0 = 6800Å = 6800 x 10-10 m [∴ 1A = 10-10m]
देहली आवृत्ति ν0 = C = \(\frac { c }{ \lambda _{ 0 } } \) = \(\frac { 3.0×10^{ 8 }ms^{ -1 } }{ 6800×10^{ -10 }m } \) = 4.41 x 1014s-1
कार्य फलन W = hν0
= 6.626 x 10-34 Js x 4.41 x 1014s-1
= 29.22 x 10-20 J = 2.922 x 10-19 J.

प्रश्न 13.
जब हाइड्रोजन परमाणु के इलेक्ट्रॉन ऊर्जा स्तर n = 4 से ऊर्जा स्तर n = 2 पर संक्रमण करते हैं, तब उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य क्या होगी?
हल:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 8
इस तरंगदैर्घ्य वाले प्रकाश का रंग नीला होता है।

प्रश्न 14.
H – परमाणु को आयनीकृत करने के लिए कितनी ऊर्जा की आवश्यकता होगी, जब इलेक्ट्रॉन n = 5 कक्ष ग्रहण करेगा? H – परमाणु के आयनन एन्थैल्पी से अपने उत्तर की तुलना कीजिए। (n = 1 कक्ष से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा)
हल:
ऊर्जा परिवर्तन, ∆E = Ef – Ei
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 9
अतः प्रथम कक्षक से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा पाँचवें कक्ष से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा की 25 गुना होगी।

प्रश्न 15.
जब हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन n = 6 से उत्तेजित होकर आद्य अवस्था में पहुँचता है, तब उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या क्या होगी?
हल:
संभावित संक्रमण है –
6 → 5, 6 → 4, 6 → 3, 6 → 2, 6 → 1 (5)
5 → 4, 5 → 3, 5 → 2, 5 → 1 (4)
4 → 3, 4 → 2, 4 → 1 (3)
3 → 2, 3 → 11 (2)
2 → 1 (1)
कुल रेखा = 15
रेखाओं की संख्या को सरल सूत्र द्वारा भी गणना कर सकते हैं –
\(\frac{n(n-1)}{2}\) = \(\frac{6(6-1)}{2}\) = 15.

प्रश्न 16.
1. हाइड्रोजन परमाणु के प्रथम कक्ष से संलग्न ऊर्जा -2.8 x 10-18J atom-1 है। पाँचवें कक्ष की संलग्न ऊर्जा क्या होगी?
हल:
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2. हाइड्रोजन परमाणु के लिए बोर के पाँचवें कक्ष के लिए त्रिज्या की गणना कीजिए।
हल:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 11

प्रश्न 17.
परमाण्विक हाइड्रोजन के बामर श्रेणी में संक्रमण के लिए सबसे लम्बी तरंगदैर्घ्य की तरंग संख्या की गणना कीजिए।
हल:
\(\overline { ν } \) = 1097 x 1o7 [ \(\left[\frac{1}{n_{1}^{2}}-\frac{1}{n_{2}^{2}}\right]\)
n1 = 2 बामर श्रेणी के लिए n1 = 2 लम्बी तरंगदैर्घ्य के लिए \(\overline { ν } \) कम होता है, n2 = 3.
\(\overline { ν } \) = 1097 x 107(\(\frac{1}{4}\) – \(\frac{1}{9}\) ) = 152 x 106m.

प्रश्न 18.
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन प्रथम बोर कक्ष से पाँचवें बोर कक्ष में जाने के लिए आवश्यक जूल में ऊर्जा क्या होगी एवं इलेक्ट्रॉन के वापस आद्य अवस्था में लौटने पर उत्सर्जित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य क्या होगी? आद्य अवस्था में इलेक्ट्रॉन ऊर्जा -2.18 x 10-1111 अर्ग है।
हल:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 12

प्रश्न 19.
हाइड्रोजन परमाणु की इलेक्ट्रॉन ऊर्जा En = (-2.18 x 10-18)n2J दी गई है। n = 2 कक्ष इलेक्ट्रॉन को पूर्ण रूप से निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। इस संक्रमण में प्रयुक्त की लम्बी तरंगदैर्घ्य cm में क्या होगी?
हल:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 13

प्रश्न 20.
2.05 x 10 ms-1 वेग से घूम रहे इलेक्ट्रॉन के तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।
हल:
h = 6.62 x 10-34 Js,
v = 2.05 x 10 ms-1
m = 9.11 x 10-31 kg
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 14

प्रश्न 21.
एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1 x 10-31 kg है, यदि इसकी गतिज ऊर्जा (K.E.) 3 x 10-25 J हो, तब इसकी तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।
हल:
K.E. = 3.0 x 10-25 J,
m = 9.1 x 10-31-31 kg,
1J = 1 kg ms-2
K.E. = \(\frac{1}{2}\) mv2
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 15

प्रश्न 22.
निम्न में से कौन-सी समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज हैं अर्थात् जिनमें समान संख्या में इलेक्ट्रॉन हो –
Na+, K+, Mg+2, Ca+22+, s-2, Ar.
उत्तर:
Na+ = 11 – 1 = 10
K+ = 19 – 1 = 18
Mg+2 = 12 – 2 = 10
Ca2+ = 20 – 2 = 18
s2- = 16 + 2 = 18,
Ar= 18.
अतः समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज Na+ एवं Mg+2 तथा Ca+2, K+, Ar, एवं S2- हैं।

प्रश्न 23.
(i) निम्न आयनों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए –

  1. H+
  2. Na+
  3. O2-
  4. F

(ii) उन तत्वों के परमाणु क्रमांक क्या होंगे, जिनके बाहरी कक्ष में इलेक्ट्रॉनों को दर्शाते हैं –

  1. 3s1
  2. 2p एवं
  3. 3p5

(iii) निम्न विन्यासों द्वारा कौन-से परमाणुओं को दर्शाया जाता है –

  1. [He]2s1
  2. [Ne]3s2, 3p3
  3. [Ar]4s2, 3d1.

उत्तर:
(i)

  1. 1H = 1s1 ∴ H = 1s0
  2. 11Na = 1s2 2s22p63s1 ∴ Na+ = 1s22s22p6
  3. 8O = 1s2 2s2 2p4 ∴ O2- = 1s2 2s2 2p6
  4. 9F = 1s2 2s2 2p5 ∴ F = 1s2 2s2 2p6

(ii)

  1. 1s2 2s2 2p6 3s1 (Z = 11)
  2. 1s2 2s2 2p3 (Z = 7)
  3. 1s2 2s2 2p6 3s2 3p5 (Z = 17)

(iii)

  1. 2Li
  2. 1515P
  3. 21Sc.

प्रश्न 24.
‘g’ कक्षक रखने वाले n का निम्नतम मान क्या होगा?
उत्तर:
l = 4,
‘g’ उपकक्षक दर्शाता है एवं हमें ज्ञात है कि n = 1 एवं l = 0 से (n – 1) निम्नतम मान n = 5 है।

प्रश्न 25.
एक इलेक्ट्रॉन 3d कक्षकों में से एक में है, तब इस इलेक्ट्रॉन की n, I एवं m के संभावित मान दीजिए।
उत्तर:
3d कक्षक के लिए n = 3, l = 2, m = -2, -1, 0, +1, 2.

प्रश्न 26.
एक तत्व के परमाणु में 29 इलेक्ट्रॉन एवं 35 न्यूट्रॉन है। तब

  1. प्रोटॉनों की संख्या एवं
  2. तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निकालिए।

उत्तर:

  1. उदासीन परमाणु के लिए, प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 29 अत: Z = 29.
  2. Z = 29 का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = [Ar] 3d10, 4s1 है।

प्रश्न 27.
H2+ एवं O2+ स्पीशीज में इलेक्ट्रॉनों की संख्या दीजिए।
उत्तर:
H2 = 1H + 1H = 2e ∴ H2+ = 2 – 1 = 1e है।
O2 = O8 + O8 = 16e ∴ O2+ = 16 – 1 = 15e है।

प्रश्न 28.

  1. एक परमाणु कक्षक में n = 3 के लिए। एवं m के संभावित मान क्या होंगे?
  2. 3d कक्षक के इलेक्ट्रॉनों के लिए क्वाण्टम संख्याओं (m1 एवं।) की लिस्ट दीजिए।
  3. निम्न में से कौन-सी कक्षक संभव है – 1p, 2s, 2p एवं 3f.

उत्तर:

1. n = 3, l = 0, 1, 2
जब l = 0, m = 0
जब l = 1, m = +1, 0, -1
जब l = 2, m = +2, +1, 0, -1, -2.

2. 3d – कक्षक के लिए n = 3, l = 2, m = +2, +1, 0, -1,-2.

3. n = 1, l = 0, एक कक्षक i.e., यह संभव है। 1p संभव नहीं है।
n = 2, l = 0 एवं 1, अत: 25 एवं 2p दोनों संभव है।
n = 3, l = 0, 1, 2, अत: 3s, 3p एवं 3d संभव है 3f संभव नहीं है।

प्रश्न 29.
s, p, d नोटेशन का उपयोग करते हुए कक्षक का निम्न क्वाण्टम संख्याओं की व्याख्या कीजिए –

  1. n = 1, l = 0
  2. n = 3, l = 1
  3. n = 4, l = 2
  4. n = 4, l = 3

उत्तर:

  1. n = 1; l = 0 : 15
  2. n = 3; l = 1 : 3p
  3. n = 4; l = 2 : 4d
  4. n = 4; l = 3 : 4f.

प्रश्न 30.
निम्न की व्याख्या करते हुए कारण दीजिए, कि निम्न क्वाण्टम संख्याओं के सेट संभव नहीं है –

  1. n = 0, l = 0, m1 = 0, ms = +1/2
  2. n = 1, l = 0, m1 = 0, ms = -1/2
  3. n = 1, l = 1, m1 = 0, ms = +1/2
  4. n = 3, l = 3, m1 = 0, ms = -1/2
  5. n = 3, l = 3, m1 = -3, ms = +1/2
  6. n = 3, l = 1, m1 = 0, ms = +1/2.

उत्तर:

  1. संभव नहीं है, क्योंकि n शून्य नहीं होता,
  2. संभव है,
  3. संभव नहीं है, क्यों कि n = 1, का मान 1 नहीं होता,
  4. संभव है,
  5. संभव नहीं है, क्योंकि n = 3 के लिए। का मान 3 नहीं होता,
  6. संभव है।

प्रश्न 31.
एक परमाणु में कितने इलेक्ट्रॉन होंगे, जिनकी निम्न क्वाण्टम संख्यायें होंगी –

  1. n = 4, ms \(\frac{1}{2}\)
  2. n = 3, l = 0.

उत्तर:

  1. कुल इलेक्ट्रॉन- 2n2 = 2 x 42 = 32. इसके आधे इलेक्ट्रॉन 16 जिनके s = +1/2 या s = -1/2 होंगे।
  2. n = 3 एवं l = 0, तब यह ‘3s’ उपकक्ष है, जिसमें अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉन होंगे।

प्रश्न 32.
दर्शाइये कि हाइड्रोजन परमाणु के लिए कक्ष में घूमने वाले इलेक्ट्रॉन के लिए बोर कक्ष डी ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य के इन्टीग्रल मल्टीपल होती है।
उत्तर:
mvr = \(\frac{nh}{2π}\)
या 2πr = \(\frac{nh}{mv}\) …(i)
डी ब्रॉग्ली समीकरण के अनुसार λ = \(\frac{h}{mv}\), इस मान \(\frac{h}{mv}\) को समीकरण (i) में रखने पर,
2πr = nλ
अतः r तरंगदैर्घ्य (λ) के इन्टीग्रल मल्टीपल होती है।

प्रश्न 33.
He स्पेक्ट्रम के लिए बामर संक्रमण n = 4 से n = 2 के तरंगदैर्घ्य के समान हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम में क्या संक्रमण होगा?
उत्तर:
H – के समान कण के लिए सामान्यतः \(\overline { ν } \) = RZ2(\(\left[\frac{1}{n_{1}^{2}}-\frac{1}{n_{2}^{2}}\right]\))
∴ He+ स्पेक्ट्रम में बामर संक्रमण के लिए n2 = 4 से n1 = 2
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 16
यह दर्शाता है कि n1 = 1 एवं n2 = 2 के लिए संक्रमण n = 2 से n = 1 होता है।

प्रश्न 34.
प्रक्रम के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए – He(g)+ → He(g)2+ + e आद्य अवस्था में H – परमाणु की आयनन ऊर्जा 2.18 x 10-18-18 J atom-1 है।
हल:
एक इलेक्ट्रॉन परमाणुक निकाय में, इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 17
= 4 x 2.18 x 10-18 J atom-1 = 8.72 x 10-8 J atom-1
अत: He+ → He2+ + e, के लिए आवश्यक ऊर्जा = 8.72 x 10-18 J atom-1

प्रश्न 35.
कार्बन परमाणु का व्यास यदि 0.15 nm है, तब कार्बन परमाणुओं की संख्या की गणना कीजिए, जो 20 cm लम्बी स्केल पर सीधी रेखा में खिसकती है।
हल:
कार्बन परमाणु का व्यास = 0.15 nm = 1.5 x 10-10 m
लम्बाई के सापेक्ष कार्बन परमाणुओं की संख्या जो रखी गई है = \(\frac { 0.2 }{ 1.5×10^{ -10 } } \) = 1.33 x 109.

प्रश्न 36.
2 x 108 कार्बन परमाणुओं को व्यवस्थित करने के लिए 2.4 cm लम्बाई में व्यवस्थित करने के लिए कार्बन परमाणु की त्रिज्या की गणना कीजिए।
हल:
कुल लंबाई = 2.4 cm
कतार में व्यवस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या = 2 x 108
1 कार्बन परमाणु का व्यास = \(\frac { 2.4cm }{ 2×10^{ 8 } } \) = 1.2 x 10-8 cm
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 18
= 0.60 x 10-7 cm
= 0.060 x 10-9 cm = 0.060 x 10-9 m
= 0.060 nm.

प्रश्न 37.
जिंक परमाणु का व्यास 2.6 Å है।

  1. जिंक परमाणु की त्रिज्या pm में तथा
  2. 1.6 cm की लंबाई में कतार में लगातार उपस्थित परमाणुओं की संख्या की गणना कीजिए।

हल:
1. Zn परमाणु का व्यास = 2.6Å = 2.6 x 10-10 m
Zn परमाणु की त्रिज्या \(\frac { 2.6×10^{ -10 }m }{ 2 } \)
= 1.3 x 10-10 m
= 130 x 10-12m = 130 pm.

2. प्रश्नानुसार, लंबाई = 1.6 cm = 1.6 x 10-2 m
1.6 x 10-2 m लम्बी कतार में Zn परमाणुओं की संख्या
\(\frac { 1.6×10^{ -2 }m }{ 2.6×10^{ -10 }m } \) = 0.6154 x 108
= 6.154 x 107.

प्रश्न 38.
कुछ कण 2.5 x 10-16C स्टेटिक विद्युत् आवेश रखते हैं, इनमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।
हल:
एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 1.6 x 10-19 कूलॉम, कुल आवेश = 2.5 x 10-16
कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या = \(\frac { 2.5×10^{ -16 } }{ 1.6×10^{ -19 } } \) = 1562.5 = 1.5625 x 103.

प्रश्न 39.
मिलिकन प्रयोग में तेल बूंद पर स्टेटिक विद्युत् आवेश x-किरण की चमक से प्राप्त करते हैं। यदि तेल बूंद पर स्टेटिक विद्युत् आवेश -1-282 x 10-18 C है, तब इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।
हल:
तेल की बूंद पर स्थिर विद्युत् आवेश = – 1.282 x 10-18 C
इलेक्ट्रॉन पर आवेश = -1.602 x 10-19 C
तेल की बूंद में उपस्थित इलेक्ट्रॉन = \(\frac { -1.282×10^{ -18 } }{ -1.602×10^{ -19 } } \)

प्रश्न 40.
रदरफोर्ड प्रयोग में सामान्यतः भारी परमाणु जैसे-गोल्ड, प्लेटिनम आदि की पतली पत्ती पर -कणों के आक्रमण के लिए उपयोग करते हैं। यदि पतली पत्ती हल्के परमाणुओं जैसेऐल्युमिनियम आदि का उपयोग करें, तब उपरोक्त परिणामों से प्रेक्षित में क्या अन्तर होगा?
उत्तर:
हल्के परमाणुओं में नाभिक में कम संख्या में धन आवेश होते हैं, इसके कारण ही -कणों की संख्या विपरीत विचलित नगण्य होती है एवं कम कोण से विचलित -कणों की संख्या भी नगण्य होती है।

प्रश्न 41.
प्रतीक \(_{ 79 }^{ 35 }{ Br }\)Br एवं 79Br लिख सकते हैं, जबकिं संकेत \(_{ 35 }^{ 79 }{ Br }\)Br एवं 35Br स्वीकार्य योग्य नहीं है, उत्तर समझाइये।
उत्तर:
तत्व की परमाणु संख्या निश्चित स्थायी होती है। द्रव्यमान संख्या समस्थानिक पर निर्भर होता है। अतः एक तत्व की परमाणु संख्या एवं द्रव्यमान संख्या को दर्शाते हैं। \(_{ 35 }^{ 79 }{ Br }\)Br संभावना नहीं है, क्योंकि Br का परमाणु क्रमांक 35 है 79 नहीं। 35Br संभव नहीं है, क्योंकि Br की द्रव्यमान संख्या 35 नहीं है।

प्रश्न 42.
एक तत्व की द्रव्यमान संख्या 81 है, तथा प्रोटॉन की तुलना में 31.7% अधिक न्यूट्रॉन है, तब परमाण्विक संकेत निकालिये।
हल:
द्रव्यमान संख्या = 81, i.e., p + n = 81
यदि प्रोटॉन की संख्या = x है, तब
न्यूट्रॉनों की संख्या = x + \(\frac{31.7x}{100}\) = 1.317x
∴ x + 1.317x = 81
या 2.317 x = 81
या x = \(\frac{81}{2.317}\) = 35
अतः प्रोटॉन = 35, i.e., परमाणु संख्या = 35
∴ संकेत Br है।

प्रश्न 43.
एक आयन की द्रव्यमान संख्या 37 है, जिस पर एक इकाई ऋण आवेश है। यदि आयन में इलेक्ट्रॉन की तुलना में 11.1% अधिक न्यूट्रॉन है, तो आयन का संकेत ज्ञात कीजिए।
हल:
यदि आयन में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = x, तब
न्यूट्रॉनों की संख्या = x + \(\frac{11.1x}{100}\) = 1.111 x
∴ प्रोटॉनों की संख्या = x – 1
द्रव्यमान संख्या = n + p
या 37 = 1.111 x + x – 1
या 2.11 x = 38
x = 8
प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या
= x – 1 = 18 – 1 = 17
∴ आयन का संकेत \(_{17}^{37} \mathrm{Cl}^{-1}\).

प्रश्न 44.
एक आयन की द्रव्यमान 56 है, जिस पर 3 इकाई धन आवेश है एवं इलेक्ट्रॉन की तुलना में 30.4% अधिक न्यूट्रॉन है। आयन का संकेत ज्ञात कीजिए।
हल:
यदि आयन में इलेक्ट्रॉनों की संख्या M3+ = x
न्यूट्रॉनों की संख्या = x + \(\frac{30.4}{100}\)x = 1.304 x
∴ प्रोटॉनों की संख्या = x + 3
द्रव्यमान संख्या = n + p
या 56 = x + 3 + 1.304 x
या 2.304 x = 53
x = 23
∴ प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या
= x + 3 = 23 + 3 = 26
∴ आयन का संकेत \(_{56}^{26} \mathrm{Cl}^{+3}\) है।

प्रश्न 45.
निम्न प्रकार के विकिरणों को उसके आवृत्ति के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए –

  1. माइक्रोवेव ओवन के विकिरण
  2. ट्रैफिक सिग्नल का अम्बर प्रकाश
  3. FM रेडियो के विकिरण
  4. बाह्य आकाश से कास्मिक किरणें
  5. x-किरणें।

उत्तर:
FM रेडियो के विकिरण < माइक्रोवेव < अम्बर प्रकाश < x – किरणे < कास्मिक किरणें।

प्रश्न 46.
नाइट्रोजन लेजर 337.1 nm तरंगदैर्घ्य के विकिरण उत्पादित करता है। यदि उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 5.6 x 1024 है, इस लेजर की शक्ति की गणना कीजिए।
हल:
h = 6.626 x 10-34 J
λ = 337.1 x 10-9 m
c = 3 x 108 m/s
n = 5.6 x 1024
E = nhν
E = nh\(\frac{c}{λ}\)
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 19
= 3.3 x 106 J.

प्रश्न 47.
निऑन गैस का सामान्यतः उपयोग साइनबोर्ड में किया जाता है। यह प्रभावी रूप से 616 nm पर उत्सर्जित करता है। गणना कीजिए –

(a) उत्सर्जन की आवृत्ति
(b) 30s में विकिरण द्वारा चली गई दूरी
(c) क्वाण्टम की ऊर्जा
(d) 2Jऊर्जा उत्पादित करने के लिए उपस्थित क्वाण्टम की संख्या।

हल:
λ = 616 nm = 616 x 10-9 m
h = 6.626 x 10-34 Js,
c = 3 x 10 m/s
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 20

प्रश्न 48.
खगोल प्रेक्षणों में दूर स्थित ग्रहों से प्रेक्षित सिग्नल सामान्यतः कमजोर होते हैं। यदि फोटॉन डिटेक्टर कुल 3.15 x 10-18J 600 nm वाले विकिरणों से प्राप्त करता है। डिटेक्टर द्वारा प्राप्त फोटॉनों की संख्या की गणना कीजिए।
हल:
c = 3 x 108 m/s
h = 6.626 x 10-34 JS,
λ = 600 x 10-9 m
एक फोटॉन की ऊर्जा = hν = h\(\frac{c}{λ}\)
= \(\frac{6 \cdot 626 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^{8}}{600 \times 10^{-9}}\)
= 3.313 x 10-19 J
कुल प्राप्त ऊर्जा = n x एक क्वाण्टा की ऊर्जा
n (फोटॉनों की संख्या) = \(\frac { 3.15×10^{ -18 } }{ 3.31×10^{ -19 } } \) = 9.5 = 10 फोटॉनों की संख्या जो प्रभाजों में नहीं।

प्रश्न 49.
अणुओं को जीवनपर्यन्त उत्तेजित अवस्था में रहने पर नैनो सेकण्ड के नजदीक में पल्स विकिरण स्त्रोत द्वारा मापा गया। यदि विकिरण स्रोत का समय 2 ns है, एवं पल्स स्त्रोत 2.5 x 1015 में फोटॉनों की संख्या उत्सर्जित होती है। स्त्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।
हल:
ν = \(\frac { 1 }{ 2×10^{ -9 } } \)
E = nhν
= 2.5 x 1015 x 6.626 x 10-34 x 0.5 x 109
= 8.28 x 10-10 J.

प्रश्न 50.
लम्बी तरंगदैर्घ्य द्विक अवशोषण संक्रमण 589 एवं 589.6 nm पर प्रेक्षित किया गया। तब प्रत्येक संक्रमण की आवृत्ति एवं दो उत्तेजित स्थितियों के बीच ऊर्जा के अन्तर की गणना कीजिए।
हल:
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प्रश्न 51.
सीजियम परमाणु का कार्यफलन 1.9 ev है। तब विकिरण की (a) देहली तरंगदैर्घ्य एवं (b) विकिरण की देहली आवृत्ति की गणना कीजिए। यदि सीजियम तत्व तरंगदैर्घ्य 500 m द्वारा पुनः विकिरित किया जाता है। तब निकले फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा एवं वेग की गणना कीजिए।
हल:
W0 (तरंग फलन) = hν0
देहली आवृत्ति ν0 = \(\frac { c }{ W _{ 0 } } \)
W0 = 1.9 x 1.602 x 10W-19 J,
h = 6.626 x 10W-34 Js
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प्रश्न 52.
जब सोडियम धातु विभिन्न तरंगदैर्ध्य में विकिरित (Irradiated) किया जाता है, तो निम्न परिणाम प्रेक्षित किए गए –
h(nm) = 500, 400, 450, v x 105 (cm s-1) = 2.55, 4.35, 5.35. तो

  1. देहली तरंगदैर्घ्य एवं
  2. प्लांक स्थिरांक की गणना कीजिए।

हल:
हम जानते हैं किअवशोषित ऊर्जा – देहली ऊर्जा = फोटो इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा –
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प्रश्न 53.
सिल्वर धातु को प्रकाश-विद्युत् प्रभाव प्रयोग में रखने पर सिल्वर धातु पर 0.35 V (वोल्टेज) लागू करने पर निष्कासित फोटो इलेक्ट्रॉन रूक जाते हैं, जब विकिरण 256.7 nm का विकिरण प्रयोग किया गया। सिल्वर धातु के कार्यफलन की गणना कीजिए।
हल:
λ = 256.7 nm = 256.7 x 10-9 m,
K.E. = 0.35 eV
h = 6.626 x 10-34 Js,
c = 3 x 108 m/s
E = h\(\frac{c}{λ}\)
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 24
E = E0 + K.E.
4.83 = E0 + 0.35
E0 = 4.83 – 0.35 = 4.48 eV.

प्रश्न 54.
यदि 150 pm तरंगदैर्घ्य वाले फोटॉन को परमाणु पर डाला जाता है, एवं भीतर जुड़े हुए में से एक इलेक्ट्रॉन 1.5 x 107 ms-1 के वेग से बाहर निकलता है। यदि यह नाभिक से जुड़ा हुआ है, तब ऊर्जा की गणना कीजिए।
हल:
λ = 150 pm = 150 x 10-12 m = 1.5 x 10-10 m,
ν = 1.5 x 10 ms-1
m = 9.1 x 10-31 kg
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प्रश्न 55.
पाश्चन श्रेणी में उत्सर्जन संक्रमण कक्ष n = 3 पर समाप्त होता है एवं कक्षn पर शुरू होते हैं, जिसे ν = 3.29 x 10-15 (Hz) \(\left[\frac{1}{3^{2}}-\frac{1}{n^{2}}\right]\) द्वारा दर्शाते हैं।
n के मान की गणना कीजिए यदि संक्रमण 1285 nm पर होता है। स्पेक्ट्रम का क्षेत्र बताइए।
हल:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 26

प्रश्न 56.
उस उत्सर्जन संक्रमण की तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए, जो 1-3225 nm त्रिज्या वाले कक्ष से प्रारम्भ होकर 211.6 pm पर अन्त होती है। उस श्रेणी का नाम, जिसमें संक्रमण होता है एवं स्पेक्ट्रम का क्षेत्र बताइए।
हल:
H – जैसे आयनों के लिए,
r = \(\frac { 52.9^{ 2 } }{ Z } \)pm
r1 = 1.3225 nm = 1322.5 pm = 52.9 n12 = 25 or n = 5
r2 = 211.6 pm = 52.9 x 4 n22 = 4 or n1 = 2
अतः संक्रमण 5वें कक्ष से 2वें कक्ष में होता है। यह बामर श्रेणी में आता है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 27
यह दृश्य क्षेत्र में रहता है।

प्रश्न 57.
डी-ब्रॉग्ली ने पदार्थ की द्वैत प्रकृति को प्रस्तावित किया इसके बाद इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज के बाद उपयोग जैसे अणुओं एवं अन्य इस प्रकार के पदार्थों की उच्च मैग्नीफाइड इमेज के लिए किया गया। यदि इस सूक्ष्मदर्शी में इलेक्ट्रॉन का वेग 1.6 x 106 ms-1 हो, तब इस इलेक्ट्रॉन से संलग्न डी ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।
हल:
λ = \(\frac{h}{mv}\),
h = 6.626 x 10-34 Js,
m = 9.1 x 10-31 kg
v = 1.6 x 106 ms-1
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= 4.45 x 10-10m = 455 pm

प्रश्न 58.
इलेक्ट्रॉन विवर्तन के समान, न्यूट्रॉन विवर्तन सूक्ष्मदर्शी का उपयोग अणुओं की संरचना ज्ञात करने में करते हैं। यदि प्रयुक्त तरंगदैर्घ्य 800 pm की है, तब न्यूट्रॉन से संलग्न वेग की गणना कीजिए।
हल:
λ = 800 pm = 800 x 10-12 m = 8 x 10-10 m,
m = 1.675 x 10-27 kg
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 29
= 4.94 x 102 ms-1.

प्रश्न 59.
बोर के प्रथम कक्ष के इलेक्ट्रॉन का वेग 2.19 x 106 ms-1 है। इससे संलग्न डी ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।
हल:
v = 2.19 x 106 ms-1
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 30
= 3.3243 x 10-10
m = 332.43 pm.

प्रश्न 60.
विभवान्तर 1000 V वाले घूमते प्रोटॉन से संलग्न वेग 4.37 x 105 ms-1 है, यदि 0.1 kg द्रव्यमान वाली हॉकी बॉल इस वेग से घूमती है, तो इस वेग से संलग्न तरंगदैर्ध्य की गणना कीजिए।
हल:
v = 437 x 109 ms-1,
m = 0.1 kg 2
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 31

प्रश्न 61.
यदि इलेक्ट्रॉन की स्थिति का मापन + 0.002 am की शुद्धता के साथ किया गया, इलेक्ट्रॉन की संवेग में अनिश्चितता का मापन कीजिए। माना इलेक्ट्रॉन का संवेग h/4πm x 0.05 nm है, तब इस मान की व्याख्या करने में क्या समस्या होगी?
हल:
∆x = 0.002 nm = 2 x 10-12 m,
h = 6.626 x 10-34 Js (kg m2s-1)
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 32
चूँकि वास्तविक संवेग मापन किए गए संवेग में अनिश्चितता से कम है, इसलिए इलेक्ट्रॉन के संवेग की व्याख्या नहीं की जा सकती है।

प्रश्न 62.
छ: इलेक्ट्रॉनों की क्वाण्टम संख्या नीचे दी गई है। इन्हें ऊर्जा के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए। इनमें से किसी भी संयोग में समान ऊर्जा हो, तो बताइये –

  1. n = 4, l = 2, m1 = – 2, ms = -1/2
  2. n = 3, l = 2, m1 = 1, ms = +1/2
  3. n = 4, l = 1, m1 = 0, ms= +1/2
  4. n = 3, l = 2, m1 = -2, ms = -1/2
  5. n = 3, l = 1, m1 = -1, ms = +1/2
  6. n = 4, l = 1, m1 = 0, ms = +1/2.

हल:
बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणु की ऊर्जा (n + 1) के योग पर निर्भर करती है।

  1. सेट हेतु उपकोश 4d = (n + 1) = 4 + 2 = 6
  2. सेट हेतु उपकोश 3d = (n + 1) = 3 + 2 = 5
  3. सेट हेतु उपकोश 4p = (n + 1) = 4 + 1 = 5
  4. सेट हेतु उपकोश 3d = (n + 1) = 3 + 2 = 5
  5. सेट हेतु उपकोश 3p = (n + 1) = 3 + 1 = 4
  6. सेट हेतु उपकोश 4p = (n + 1) = 4 + 1 = 5

अतः (5) < (2) = (4) < (3) = (6) < (1)
3p < 3d = 3d < 4p = 4p < 4d (कक्षकों की ऊर्जा का बढ़ता क्रम)

प्रश्न 63.
ब्रोमीन परमाणु में 35 इलेक्ट्रॉन होते हैं, यह 6 इलेक्ट्रॉन 2p कक्ष, 6 इलेक्ट्रॉन 3p कक्ष एवं 5 इलेक्ट्रॉन 4p कक्षक में रहते हैं, इन इलेक्ट्रॉन में से किसका प्रभावी नाभिकीय आवेश कम होगा?
उत्तर:
अनुभव के आधार पर 4p इलेक्ट्रॉन का प्रभावी नाभिकीय आवेश कम हो गया क्योंकि परिरक्षण प्रभाव की तीव्रता अधिकतम होती है, यह नाभिक से दूर होता है।

प्रश्न 64.
निम्न कक्षकों के जोड़ो में से किसका अधिकतम प्रभावी नाभिकीय आवेश होगा –

  1. 25 एवं 3s
  2. 4d एवं 4f
  3. 3d एवं 3p.

उत्तर:
प्रभावी नाभिकीय आवेश विभिन्न कक्षक भेदन प्रभाव पर निर्भर करता है। भेदन अधिक होने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश की तीव्रता अधिक होती है। अत:

  1. 2s
  2. 4d
  3. 3p

कक्षक अधिक प्रभावी नाभिकीय आवेश रखते हैं।

प्रश्न 65.
AI एवं Si में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन 3p-कक्षक में उपस्थित होते हैं। इनमें से कौन-से इलेक्ट्रॉन नाभिक से अधिक प्रभावी नाभिकीय आवेश रखते हैं?
हल:
13Al = 1s2, 2s2 2p6, 3s2 3p1
14Si = 1s2, 2s2 2p6, 3s2 3p2
दोनों में कक्षकों की संख्या समान है। Si (+ 4) पर Al (+3) की अपेक्षा अधिक नाभिकीय आवेश होने के कारण Si में नाभिकीय आवेश अधिक प्रभावी होता है।

प्रश्न 66.
अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को दर्शाइए –

  1. P
  2. Si
  3. Cr
  4. Fe
  5. Kr

उत्तर:

  1. P1515 = 1s2, 2s2, 2p6, 3s2 3px1 3py1 3pz1 (3p में 3 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)
  2. Si14 = 1s2, 2s2, 2p6, 3s2 3px1 3py1 (3p में 2 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)
  3. Cr24 = 1s2, 2s2, 2p6, 3s2 3p6 3d5, 4s1 (3d एवं 35 में 6 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन )
  4. Fe26 = 1s2, 2s2 2p6, 3s2 3p6 3d6, 4s2 (3d में 4 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)
  5. Kr36 = 1s2, 2s2 2p2, 3s2 3p6 3d10, 4s2 4p6 (अयुग्मित इलेक्ट्रॉन 0)

प्रश्न 67.

  1. n = 4 से कितनी उपकक्ष संलग्न होती है?
  2. उपकक्ष, जिसके m, का मान n = 4 के लिए -1/2 होता है, में कितने इलेक्ट्रॉन उपस्थित होंगे?

हल:
1. n = 4 के लिए lmax = (n – 1)
= (4 – 1) = 3
l = 0, 1, 2, 3
उपकोश 4s, 4p, 4d, 4f चार उपकोश।

2. n = 4 के लिए कक्षकों की संख्या = n2 = 42 = 16
किसी कक्षक में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2
प्रत्येक कक्षक में ms = \(\frac{1}{2}\) चक्रण वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 1
अत: 16 कक्षकों में ms = \(\frac{1}{2}\) चक्रण वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 16

परमाणु की संरचना अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

परमाणु की संरचना वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –

प्रश्न 1.
किसी तत्व का परमाणु क्रमांक 27 और उसके परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या 14 है, तो इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी –
(a) 14
(b) 27
(c) 13
(d) 41
उत्तर:
(c) 13

प्रश्न 2.
हुण्ड के नियम के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (1s2, 2s2, 2px1, 2py1, 2pz1) किस तत्व की होगी –
(a) ऑक्सीजन की
(b) नाइट्रोजन की
(c) फ्लुओरीन की
(d) बोरॉन की।
उत्तर:
(b) नाइट्रोजन की

प्रश्न 3.
नाइट्रोजन के सातवें इलेक्ट्रॉन की चारों क्वाण्टम संख्याएँ हैं –
(a) n = 2, l = 1, m = 1, s = –\(\frac{1}{2}\)
(b) n = 2, l = 2, m = -1, s = +\(\frac{1}{2}\)
(c) n = 2, l = 1, m = +1, s = +\(\frac{1}{2}\)
(d) n = 2, l = 2, m = 2, s = +\(\frac{1}{2}\)
उत्तर:
(d) n = 2, l = 2, m = 2, s = +\(\frac{1}{2}\)

प्रश्न 4.
दिगंशी क्वाण्टम संख्या l वाले उपकोश में कुल कक्षकों की संख्या होगी –
(a) 2l + 1
(b) 3l + 1
(c) 4l + 1
(d) 2l + 1
उत्तर:
(a) 2l + 1

प्रश्न 5.
समस्थानिक में इनकी संख्या समान होती है –
(a) प्रोटॉन
(b) न्यूट्रॉन
(c) प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन
(d) न्यूक्लिऑन
उत्तर:
(a) प्रोटॉन

प्रश्न 6.
रदरफोर्ड के प्रयोग में किस धातु पर a-कणों की बौछार की गयी –
(a) ऐल्युमिनियम
(b) सिल्वर
(c) लोहा
(d) सोना
उत्तर:
(d) सोना

प्रश्न 7.
CO2 के एक अणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या निम्न में से क्या होगी –
(a) 22
(b) 44
(c) 11
(d) 38.
उत्तर:
(a) 22

प्रश्न 8.
किसी तत्व के उदासीन परमाणु में दो K, आठ L, नौ M तथा दो N इलेक्ट्रॉन हैं, तो इनमें कुल d – इलेक्ट्रॉन की संख्या होगी –
(a) 2
(b) 3
(c) 1
(d) 4.
उत्तर:
(c) 1

प्रश्न 9.
हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत के अनुसार –
(a) ∆x.∆p ≥ \(\frac{h}{4π}\)
(b) ∆x.∆ν ≥ \(\frac{h}{4π}\)
(c) ∆x \(\frac{c}{λ}\) ≥ \(\frac{h}{4π}\)
(d) ∆x.∆m ≥ \(\frac{h}{4p}\)
उत्तर:
(a) ∆x.∆p ≥ \(\frac{h}{4π}\)

प्रश्न 10.
एक परमाणु के लिए n = 3, l = 2 हो तो m के मान होंगे –
(a) – 2, – 1, 0, + 1, +2
(b) -1, 0, +1
(c) -3, -1, 0, + 1, +3
(d) -2, 0 + 1.
उत्तर:
(a) – 2, – 1, 0, + 1, +2

प्रश्न 11.
Cl आयन में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी –
(a) 17
(b) 18
(c) 35
(d) 37
उत्तर:
(b) 18

प्रश्न 12.
निम्न में से कौन-सा विन्यास ऑफबाऊ सिद्धांत के अनुकूल नहीं है –
(a) 1s2, 2s2 p1
(b) [Kr]4d10, 5s2
(c) [Ar]3a10, 4s1
(d) [Ar]3d4, 4s2
उत्तर:
(c) [Ar]3a10, 4s1

प्रश्न 13.
f उपकोश में कक्षकों की संख्या होगी –
(a) 3
(b) 4
(c) 5
(d) 7
उत्तर:
(d) 7

प्रश्न 14.
रदरफोर्ड के प्रयोग में किस धातु पर a. -कणों की बौछार की गयी –
(a) Al
(b) Ag
(c) Fe
(d) Au
उत्तर:
(d) Au

प्रश्न 15.
n = 3 के लिए। के मान होंगे –
(a) 1, 2, 3
(b) 0, 1, 2
(c) 0, 1,3
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(b) 0, 1, 2

प्रश्न 16.
बोर का परमाणु मॉडल व्याख्या कर सकता है –
(a) केवल हाइड्रोजन परमाणु का स्पेक्ट्रम
(b) एक परमाणु या आयन का स्पेक्ट्रम जिसमें केवल एक इलेक्ट्रॉन हो
(c) हाइड्रोजन अणु का स्पेक्ट्रम
(d) सूर्य का स्पेक्ट्रम
उत्तर:
(b) एक परमाणु या आयन का स्पेक्ट्रम जिसमें केवल एक इलेक्ट्रॉन हो

प्रश्न 17.
न्यूट्रॉन के भार की कोटि (Order) है –
(a) 10-23 kg
(b) 10-24 kg
(c) 10-26 kg
(d)10-27 kg
उत्तर:
(d)10-27 kg

प्रश्न 18.
K – शैल (कक्ष) के दो इलेक्ट्रॉनों में भिन्नता होगी –
(a) मुख्य क्वाण्टम संख्या में
(b) दिगंशी क्वाटम संख्या में
(c) चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या में
(d) स्पिन (घूर्णन)क्वाण्टम संख्या में
उत्तर:
(d) स्पिन (घूर्णन)क्वाण्टम संख्या में।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. क्लोरीन गैस का परमाणु क्रमांक 17 है। इसके बाह्यतम कक्ष में …………. इलेक्ट्रॉन होंगे।
  2. यदि सम्पूर्ण चुम्बकीय क्वाण्टम संख्याओं का योग 7 हो, तो दिगंशी क्वाण्टम संख्या का मान …… होगा।
  3. परमाणु के नाभिक में …………. और …………. होते हैं।
  4. न्यूट्रॉन की खोज ……….. ने की थी।
  5. उच्चतम तरंगदैर्घ्य वाला विकिरण …………. है।
  6. दिगंशी क्वाण्टम संख्या का मान एक होने पर कक्षक का आकार …………. होगा।
  7. नाभिक के चारों ओर का वह स्थान जहाँ इलेक्ट्रॉनों के पाये जाने की प्रायिकता अधिकतम होती है, को . …………. कहते हैं।
  8. एक तत्व का परमाणु क्रमांक 30 है और उसकी द्रव्यमान संख्या 66 है। इसके परमाणु में प्रोटॉन …………. न्यूट्रॉन ………… होंगे।
  9. चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या …………. से संबंधित है।

उत्तर:

  1. 7
  2. 3
  3. प्रोटॉन, न्यूट्रॉन
  4. चैडविक
  5. रेडियो तरंग
  6. डम्बल
  7. कक्षक
  8. 30, 36,
  9. अभिविन्यास।

प्रश्न 3.
उचित संबंध जोड़िए –
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 33
उत्तर:

  1. (c)
  2. (e)
  3. (a)
  4. (d)
  5. (b)
  6. (h)
  7. (f)
  8. (g)

प्रश्न 4.
एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए –

  1. इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की थी?
  2. डी-ब्रॉग्ली समीकरण क्या है?
  3. दिगंशी क्वाण्टम संख्या को किससे दर्शाते हैं?
  4. हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता के सिद्धान्त का क्या सूत्र है?
  5. न्यूट्रॉन की खोज किसने की?

उत्तर:

  1. जे.जे.थॉमसन,
  2. λ = \(\frac{h}{mv}\)
  3. l
  4. (∆x) x (∆p) ≥ \(\frac{h}{4π}\)
  5. चैडविक।

परमाणु की संरचना अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
देहली आवृत्ति क्या है?
उत्तर:
प्रत्येक धातु के लिए, विशिष्ट न्यूनतम आवृत्ति न होती है। जिसे देहली आवृत्ति कहते हैं। इस आवृत्ति से कम मान पर प्रकाश विद्युत् प्रभाव प्रेक्षित नहीं है।

प्रश्न 2.
कार्यफलन किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी इलेक्ट्रॉन को उत्सर्जित करने के लिए आवश्यक न्यूनतम आवृत्ति hvo होती है। इसे कार्य फलन (wo) भी कहते हैं।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित विकिरणों के प्रकारों को आवृत्ति के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए –

(a) माइक्रोवेव ओवन (Oven) से विकिरण
(b) यातायात संकेत से त्रणमणि (Amber) प्रकाश
(c) एफ. एम. रेडियो से प्राप्त विकिरण
(d) बाहरी दिक् से कॉस्मिक किरणें
(e) x-किरणें।

हल:
विकिरणों की आवृत्ति का बढ़ता क्रम निम्न है –
c < a< b < e < d

प्रश्न 4.
कैथोड किरणों की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
विशेषताएँ:

  1. कैथोड किरणें सरल रेखा में गमन करती हैं। यदि इनके मार्ग में कोई अपारदर्शी ठोस पदार्थ रख दिया जाये तो ग्लास ट्यूब के दूसरी ओर उसकी छाया पड़ती है।
  2. ये किरणें धातुओं से टकराकर एक्स किरणें उत्पन्न करती हैं।

प्रश्न 5.
न्यूट्रॉन की खोज किस प्रकार हुई ? इसके दो लक्षण लिखिए।
उत्तर:
सन् 1932 में चैडविक ने बतलाया कि जब बेरीलियम पर a कणों की बमबारी की जाती है तो एक नया कण प्राप्त होता है, यह कण उदासीन होता है अर्थात् इस पर कोई आवेश नहीं होता है। इसका द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर होता है। इसे न्यूट्रॉन कहते हैं।

लक्षण:

  1. नाभिक में उपस्थित आवेशहीन कण है।
  2. न्यूट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान के बराबर 1.6749 x 10-27 kg या 1.00893 a.m.u. है।

प्रश्न 6.
परमाणु क्रमांक एवं द्रव्यमान संख्या में अंतर लिखिये।
उत्तर:
परमाणु क्रमांक एवं द्रव्यमान संख्या में अंतर –
परमाणु क्रमांक

  1. परमाणु क्रमांक परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या है।
  2. इसे Z से दर्शाते हैं।

द्रव्यमान संख्या

  1. द्रव्यमान संख्या परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉनों की संख्या का योग है।
  2. इसे A से दर्शाते हैं।

प्रश्न 7.
परमाणु कक्षक किसे कहते हैं?
उत्तर:
नाभिक के चारों ओर का वह त्रिविम क्षेत्र है जहाँ इलेक्ट्रॉनों के पाये जाने की प्रायिकता अधिकतम रहती है, परमाणु कक्षक कहलाता है।

प्रश्न 8.
α – कण किसे कहते हैं?
उत्तर:
α – कण को 2He4 से दर्शाते हैं क्योंकि α – कण हीलियम नाभिक है जिस पर 2 इकाई धन आवेश होता है तथा इसका द्रव्यमान He नाभिक के बराबर 4 इकाई होता है।

प्रश्न 9.
रदरफोर्ड.परमाणु मॉडल में a-कण के प्रत्यावर्तन से क्या निष्कर्ष है?
उत्तर:

  1. अधिकांश α – कण स्वर्णपत्र के आर-पार सीधी रेखा से निकल जाते हैं। अतः परमाणु में नाभिक तथा इलेक्ट्रॉनों के बीच का स्थान लगभग रिक्त रहता है।
  2. कुछ α – कण स्वर्णपत्र से टकराने के पश्चात् विचलित हो जाते हैं क्योंकि परमाणु के भीतर एक धनावेशित केन्द्र होता है।
  3. 20,000 α – कण में एक a-कण नाभिक से टकराकर वापस आता है क्योंकि परमाणु के आकार की तुलना में नाभिक बहुत छोटा एवं दृढ़ होता है।

प्रश्न 10.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल में कौन-सी कमियाँ हैं?
उत्तर:
सन् 1913 में नील्स बोर ने रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल को निम्नांकित कारणों से दोषपूर्ण बताया –

1. विद्युत् चुम्बकीय सिद्धान्त के अनुसार जब कोई आवेशित कण किसी परिपथ में भ्रमण करता है तो वह विकिरणों के रूप में कुछ ऊर्जा मुक्त करता है। इसी प्रकार इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर कक्षीय गति करेगा तो उसकी ऊर्जा धीरे-धीरे विकिरणों के रूप में मुक्त होगी और इलेक्ट्रॉन धीरे-धीरे नाभिक के समीप आ जायेगा और अंत में यह नाभिक में समाहित हो जायेगा। इस प्रकार परमाणु अस्थायी होगा जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता।

2. इस मॉडल के अनुसार परमाण्वीय स्पेक्ट्रम सतत् होना चाहिये जबकि प्रयोगों द्वारा स्पष्ट है कि रेखाएँ प्राप्त होती हैं।

3. इस मॉडल के आधार पर विभिन्न कोशों में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को नहीं दर्शाया जा सकता है।

प्रश्न 11.
विद्युत् चुम्बकीय तरंगें क्या हैं?
उत्तर:
किसी उच्च आवृत्ति वाली प्रत्यावर्ती धारा में से विकिरणों के रूप में ऊर्जा उत्सर्जित होती है जो एक प्रकार के तरंगों के समान होती है तथा इसका वेग प्रकाश के वेग के समान होता है। ये तरंगें विद्युत् तथा चुम्बकीय क्षेत्रों के दोलन के कारण उत्पन्न होती हैं। इसलिये इन्हें विद्युत् चुम्बकीय तरंगें कहते हैं।

प्रश्न 12.
परमाणु का नाभिक α – कणों को प्रतिकर्षित करता है, क्यों?
उत्तर:
प्रत्येक α – कण पर 2 इकाई धन आवेश होता है। प्रत्येक परमाणु के केन्द्र में धन आवेशित नाभिक होता है। हम जानते हैं कि समान आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं इसलिए परमाणु का नाभिक α – कणों को प्रतिकर्षित करते हैं।

प्रश्न 13.
ऐनोड किरणों तथा कैथोड किरणों में अंतर लिखिए।
उत्तर:
ऐनोड किरणों तथा कैथोड किरणों में अंतर –
ऐनोड किरणे:

  1. यह धन आवेशित कणों से मिलकर बनी होती है।
  2. ऐनोड किरणों की प्रकृति विसर्जन नली में ली गई गैस की प्रकृति पर निर्भर करती है।
  3. ऐनोड किरणों में उपस्थित कणों का द्रव्यमान – विसर्जन नली में ली गई गैस के परमाणु के द्रव्यमान के बराबर होता है।

कैथोड किरणें:

  1. यह ऋण आवेशित कणों से मिलकर बनी होती है।
  2. कैथोड किरणों की प्रकृति विसर्जन नली में ली गई गैस की प्रकृति पर निर्भर नहीं करती।
  3. कैथोड किरणों में उपस्थित कणों का द्रव्यमान नगण्य होता है।

प्रश्न 14.
निम्नलिखित में से कौन-सा कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा –

  1. 25 और 3s
  2. 4d और 4f
  3. 3d और 3p

उत्तर:

  1. 2s कक्ष के अधिक समीप है अत: यह कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा।
  2. 4d कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा।
  3. 3p कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा।

प्रश्न 15.
3p कक्षक में उपस्थित कोणीय नोड तथा त्रिज्य नोडों की कुल संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
3p कक्षक के लिए-मुख्य क्वाण्टम संख्या n = 3 तथा
दिगंशी क्वाण्टम संख्या l = 1
कोणीय नोड की संख्या = l = 1
त्रिज्य नोडों की संख्या = n – l – 1 = 3 – 1 – 1 = 1

प्रश्न 16.
परमाणु और आयन में क्या अंतर है?
उत्तर:
परमाणु और आयन में अंतर –
परमाणु:

  1. यह पूर्णतः उदासीन होता है।
  2. इसमें प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
  3. परमाणु अस्थायी होता है तथा रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है।

आयन:

  1. यह धन आवेशित या ऋण आवेशित होता है।
  2. इसमें प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान नहीं होती है।
  3. आयन विलयन अवस्था में स्थायी होता है।

प्रश्न 17.
विद्युत् चुम्बकीय स्पेक्ट्रम क्या है?
उत्तर:
विभिन्न प्रकार के विद्युत् चुम्बकीय विकिरणों को उनकी आवृत्ति या तरंगदैर्घ्य के बढ़ते या घटते क्रम में व्यवस्थित करने से जो ग्राफ प्राप्त होता है उसे विद्युत् चुम्बकीय स्पेक्ट्रम कहते हैं ।

प्रश्न 18.
द्रव्य तरंगें विद्युत् चुम्बकीय तरंगों से भिन्न हैं। समझाइये।
उत्तर:
द्रव्य तरंगें विद्युत् चुम्बकीय तरंगों से निम्न प्रकार भिन्न हैं –

  1. इनके तरंगदैर्घ्य का मान विद्युत् चुम्बकीय तरंगों की तुलना में कम होता है।
  2. इनका वेग विद्युत् चुम्बकीय तरंगों की तुलना में कम है।
  3. द्रव्य तरंगें किसी कण से उत्सर्जित नहीं होतीं बल्कि कण के साथ सम्बद्ध होती हैं।

प्रश्न 19.
इलेक्ट्रॉन अपने निश्चित कक्षाओं में ही घूमते हैं। क्यों?
उत्तर:
गतिशील एवं आवेशयुक्त इलेक्ट्रॉन एक ऊर्जा स्तर से दूसरे ऊर्जा स्तर में जाने पर ऊर्जा का विकिरण या अवशोषण करते हैं जिसके फलस्वरूप परमाणु अस्थिर हो जाता है। परमाणु को स्थायित्व देने हेतु इलेक्ट्रॉन विशिष्ट कक्षाओं में घूमते हैं।

प्रश्न 20.
एक गतिशील इलेक्ट्रॉन के द्वारा कण एवं तरंग, दोनों की प्रकृति दर्शाई जाती है। कारण स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
इलेक्ट्रॉन की कणीय प्रकृति के कारण इसका एक निश्चित संवेग होता है तथा गतिशील होने के कारण यह तरंग गुण दर्शाता है। इस प्रकार इलेक्ट्रॉन दोनों गुण एक साथ दर्शाता है।

प्रश्न 21.
तीव्र गतिशील इलेक्ट्रॉन की स्थिति और वेग को एक साथ ज्ञात करना असंभव है, क्यों?
उत्तर:
इलेक्ट्रॉन एक अतिसूक्ष्म कण है। अतः उसे कम तरंगदैर्घ्य वाले प्रकाश जैसे, किरण या एक्स किरणों से ही देखा जा सकता है। इलेक्ट्रॉनों को देखने के लिये यह आवश्यक है कि फोटॉन इलेक्ट्रॉन से टकराकर वापिस आये। लेकिन इलेक्ट्रॉन का फोटॉन से टकराने के पश्चात् वेग बदल जाता है। इसलिये इलेक्ट्रॉन की स्थिति और वेग को एक साथ ज्ञात करना संभव नहीं है।

प्रश्न 22.
क्रोमियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 4s23d4 के स्थान पर 4s13d5 लिखा जाता है, क्यों?
उत्तर:
क्रोमियम का सामान्य अवस्था में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 4s23d4 होना चाहिये परन्तु 3d4 के.यदि 4 इलेक्ट्रॉन हों तो यह 3d कक्षक अपूर्ण कक्षक के रूप में होगा तथा अस्थायित्व को दर्शाता है। यदि 4s का एक इलेक्ट्रॉन उत्तेजित होकर 3d कक्षक में चला जाता है तो 4s तथा 3d कक्षक दोनों कक्षक अर्धपूर्ण कक्षक है जो स्थायित्व को दर्शाते हैं इसलिये क्रोमियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 4s23d4 के स्थान पर 4s13d5 लिखा जाता है।

प्रश्न 23.
कॉपर का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 4s23d1 सही क्यों नहीं है?
उत्तर:
कॉपर का सामान्य अवस्था में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 4s23d9 है। d कक्षक में 9 इलेक्ट्रॉन हैं जो अपूर्ण कक्षक है तथा अस्थायी है। यदि 4s का एक इलेक्ट्रॉन उत्तेजित होकर 3d कक्षक में चला जाता है तो 4s अर्धपूर्ण तथा 3d कक्षक पूर्णकक्षक है जो अधिक स्थायी है इसलिये कॉपर का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 4s23d9 के स्थान पर 4s13d10 लिखा जाता है।

प्रश्न 24.
मैक्स प्लांक का क्वाण्टम सिद्धान्त लिखिए।
उत्तर:
मैक्स प्लांक का क्वाण्टम सिद्धान्त –
1. किसी परमाणु या अणु द्वारा विकरित ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन सतत् न होकर निश्चित ऊर्जा के बण्डलों या पैकेटों से होता है जिन्हें क्वाण्टम कहते हैं।

2. प्रत्येक क्वाण्टम से सम्बद्ध ऊर्जा विकिरण की आवृत्ति के समानुपाती होती है।
Ε ∝ ν
E = hν, जहाँ h = प्लांक स्थिरांक है।

3. कोई भी अणु या परमाणु क्वाण्टम के सरल गुणांकों में ही ऊर्जा अवशोषित या उत्सर्जित करती है।

प्रश्न 25.
परमाणु के मौलिक कण क्या हैं? इनके नाम, द्रव्यमान आवेश सहित लिखिये।
उत्तर:
परमाणु तीन प्रकार के कणों से मिलकर बना है, जिन्हें मूलभूत कण या मौलिक कण कहते हैं।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 34

प्रश्न 26.
फोटॉन किसे कहते हैं?
उत्तर:
विकरित ऊर्जा कणिकाओं को फोटॉन कहते हैं अर्थात् प्रकाश के लिये विकिरण का क्वाण्टम hν एक फोटॉन कहलाता है। ये द्रव्यमान रहित कणिकाओं के पैकेट या बण्डल होते हैं।

प्रश्न 27.
समरफील्ड के परमाणु मॉडल की प्रमुख विशेषताएँ लिखिये।
उत्तर:
समरफील्ड के परमाणु मॉडल की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

  1. इलेक्ट्रॉन वृत्तीय कक्षाओं के साथ-साथ दीर्घवृत्तीय कक्षाओं में घूमते हैं जहाँ दो त्रिज्यायें होती हैं।
  2. कक्षाएँ उप कक्षाओं से मिलकर बनी होती हैं।
  3. किसी कक्षा में उप-कक्षाओं की संख्या क्वाण्टम संख्या n के बराबर होती है।

प्रश्न 28.
क्वाण्टम किसे कहते हैं?
उत्तर:
मैक्स प्लांक के क्वाण्टम सिद्धांत के अनुसार किसी परमाणु या अणु से ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन सतत् रूप से न होकर सूक्ष्म पैकेट या क्वाण्टा के रूप में ऊर्जा का संचरण होता है और इस ऊर्जा के अवशोषण या उत्सर्जन 1s , का मात्रक क्वाण्टम कहलाता है।

प्रश्न 29.
ऑफबाऊ का नियम लिखिये।
उत्तर:
ऑफबाऊ एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ क्रमिक रचना या रचना करना है। इस नियम के अनुसार, किसी बहु – ‘इलेक्ट्रॉन वाले परमाणु के विभिन्न कक्षकों में इलेक्ट्रॉन बढ़ती हुई ऊर्जा या घटते हुये स्थायित्व के क्रम में प्रवेश करते हैं। अर्थात् इलेक्ट्रॉन पहले निम्न ऊर्जा वाले कक्षक में जाता है फिर उपयुक्त ऊर्जा स्तर द्वारा उच्च ऊर्जा स्तर वाले कक्षक में चला जाता है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 35
विभिन्न उपकोशों के लिये बढ़ती हुई ऊर्जा का क्रम निम्नलिखित है –
is 2s < 2p < 3s < 3p < 4s < 3d < 4p < 5s < 4d < 5p < 6s < 4f < 5d < 6p < 7s < 5f < 6d < 7p

प्रश्न 30.
जीमेन प्रभाव क्या है?
उत्तर:
जीमेन के अनुसार स्पेक्ट्रमी रेखाएँ उत्सर्जित करने वाले स्रोत पर चुम्बकीय क्षेत्र लगाने पर स्पेक्ट्रम की रेखाएँ अनेक सूक्ष्म रेखाओं में विभाजित हो जाती हैं, इस घटना को जीमेन प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न 31.
क्लोरीन के अंतिम इलेक्ट्रॉन व अयुग्मित इलेक्ट्रॉन के लिये चारों क्वाण्टम संख्याओं के मान लिखिये।
उत्तर:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 36
Cl17, = 1s2 2s2 2p6 3s2 3p5
अंतिम इलेक्ट्रॉन हेतु, n = 3, l = 1, m = 0, s = –\(\frac{1}{2}\)
अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हेतु,
n = 3, l = 1, m = +1, s = +\(\frac{1}{2}\)

परमाणु की संरचना लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पॉउली का अपवर्जन नियम उदाहरण सहित लिखिए। इसकी उपयोगिता भी लिखिए।
उत्तर:
पॉउली का अपवर्जन नियम-“किसी भी परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वाण्टम संख्याएँ समान नहीं हो सकती। दूसरे शब्दों में, एक ही परमाणु के किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों की तीन क्वाण्टम संख्याएँ समान हो सकती हैं परन्तु चौथी चक्रण क्वाण्टम संख्या अवश्य भिन्न होगी। अर्थात् किसी भी कक्षक में विपरीत चक्रण वाले केवल दो इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं।”
उदाहरण:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 52
महत्व:

  1. परमाणु के विभिन्न मुख्य ऊर्जा स्तरों, उप ऊर्जा स्तरों में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या और विभिन्न इलेक्ट्रॉनों की क्वाण्टम संख्याओं की गणना कर सकते हैं।
  2. इस नियम से परमाणु संरचना को काफी स्पष्ट रूप से समझाया जा सकता है।

प्रश्न 2.
हुण्ड के अधिकतम बहुलता के नियम को उदाहरण सहित समझाइये।
उत्तर:
हुण्ड के नियम के अनुसार, “किसी भी उपकोश के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों के जोड़े तब तक नहीं बनते हैं जब तक कि उस उपकोश के समस्त कक्षकों में एक-एक इलेक्ट्रॉन नहीं चला जाता है।” दूसरे शब्दों में, समान ऊर्जा के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तभी होता है जब आने वाले इलेक्ट्रॉन के लिये कोई रिक्त कक्षक न मिले। अर्थात् किसी भी उपकोश के कक्षक में इलेक्ट्रॉन इस प्रकार से भरते हैं कि समान चक्रण के अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम हो।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 38

प्रश्न 3.
डी-ब्रॉग्ली की संकल्पना लिखिए।
उत्तर:
डी-ब्रॉग्ली ने इलेक्ट्रॉन के तरंग स्वरूप को प्रतिपादित किया, जिसके अनुसार “प्रत्येक गतिशील सूक्ष्म कण तरंग के गुण प्रदर्शित करता है।” प्लांक के क्वाण्टम सिद्धान्त के अनुसार,
E = hν …(1)
आइन्स्टीन के द्रव्यमान ऊर्जा संबंध से,
∴ E = mc2 …..(2)
समी. (1) और (2) से,
mc2 = hν
⇒ mc = h\(\frac{c}{λ}\)
⇒ mc = \(\frac{h}{λ}\)
⇒ λ = \(\frac{h}{mc}\)
कण की प्रकृति तरंग जैसी है इसलिये c को v से प्रतिस्थापित किया जा सकता है। यदि m संहति वाला कण v वेग से गतिमान है तो
λ = \(\frac{h}{mv}\) …(3)
अतः λ = \(\frac{h}{p}\) [mv = p] …(4)
अतः समी. (4) से स्पष्ट है किसी गतिशील कण का तरंगदैर्घ्य उसके संवेग पर निर्भर करता है।

प्रश्न 4.
आप कैसे सिद्ध करोगे कि अतिसूक्ष्म कण जैसे इलेक्ट्रॉन द्वैती प्रकृति दर्शाते हैं?
उत्तर:
कणीय प्रकृति:
जब कोई अतिसूक्ष्म कण जैसे इलेक्ट्रॉन जिंक सल्फाइड के पर्दे पर टकराता है, तो उसका एक धब्बा बन जाता है, इस प्रकार जितने इलेक्ट्रॉन पर्दे पर टकराते हैं उतने धब्बे पर्दे पर बन जाते हैं तथा ये धब्बे स्थानीकृत होते हैं और तरंग के समान पूरे क्षेत्र में फैलते नहीं हैं।

तरंग प्रकृति:
डेविसन और जर्मर ने अपने प्रयोग में निकिल के क्रिस्टल पर इलेक्ट्रॉनों के एक किरण पुंज को भेजा और यह देखा कि ये किरणें क्रिस्टल से ठीक उस प्रकार उस कोण पर विवर्तित होती है जिस पर ब्रैग समीकरण के अनुसार प्रकाश की किरणें होती हैं।

इससे सिद्ध होता है कि इलेक्ट्रॉन कणीय एवं तरंग दोनों प्रकृति दर्शाता है, इसे पदार्थ की द्वैती प्रकृति कहते हैं।

प्रश्न 5.
कैथोड किरणों के प्रमुख गुण लिखिए।
उत्तर:
कैथोड किरणों के गुण:

  1. कैथोड किरणें प्रकाश के वेग से सरल रेखा में गमन करती हैं।
  2. कैथोड किरणों के मार्ग में यदि विद्युत् क्षेत्र लगाया जाये तो ये धनावेशित क्षेत्र की ओर विक्षेपित हो जाती हैं।
  3. इनके मार्ग में हल्का पैडल चक्र रख दिया जाये तो वह घूमने लगता है जो किरणों में उपस्थित तीव्र गतिज ‘ऊर्जा वाले कणों के कारण होता है।
  4. ये किरणें गैसों को आयनित कर देती हैं।
  5. ये किरणें धातुओं जैसे, टंगस्टन से टकराकर X-किरणें उत्पन्न करती हैं।
  6. ये किरणें फोटोग्राफिक प्लेट को प्रभावित करती हैं।

प्रश्न 6.
इलेक्ट्रॉन के प्रमुख गुण लिखिये।
उत्तर:
इलेक्ट्रॉन के गुण:

  1. सभी गैसों में ऋण आवेश युक्त कण उपस्थित हैं जो विसर्जन नली में 10-4 वायुमण्डलीय दाब पर गैस पर उच्च वोल्टता पर कैथोड से उत्पन्न होते हैं।
  2. इलेक्ट्रॉन को -1e0 से दर्शाते हैं।
  3. इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान हाइड्रोजन के द्रव्यमान का \(\frac{1}{1837}\) वाँ भाग होता है तथा प्रत्येक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1 x 10-28 gm या 9.1 x 10-31 kg है।
  4. प्रत्येक इलेक्ट्रॉन का आवेश 1.60 x 10-19 कूलॉम होता है।

प्रश्न 7.
ऐनोड किरणें कैसे उत्पन्न होती हैं? उसके गुण लिखिए।
उत्तर:
गोल्डस्टीन:
गोल्डस्टीन ने सन् 1886 में क्रुक्स नली में छिद्रित कैथोड लगाकर न्यून दाब पर गैस में विद्युत् विसर्जन करने पर पाया कि कैथोड किरणें निकलने के कुछ समय पश्चात् ऐनोड से अदृश्य किरणें निकलकर छिद्रित कैथोड की ओर गमन करती हैं। इन किरणों को ऐनोड किरणें या केनाल किरणें कहते हैं।

ऐनोड किरणों के गुण:

  1. ऐनोड किरणें सरल रेखा में गमन करती हैं।
  2. ऐनोड किरणों के मार्ग में यदि विद्युत् क्षेत्र लगाया जाये तो ये ऋण आवेशित क्षेत्र की ओर मुड़ जाती हैं।
  3. ऐनोड किरणें अपने पथ में रखे हुए पैडल चक्र में यांत्रिक गति उत्पन्न करती हैं।
  4. विसर्जन नली में अलग-अलग गैस ली जाये तो प्रत्येक दशा में प्राप्त ऐनोड कणों की संहति अलग-अलग होती है।

प्रश्न 8.
प्रोटॉन के लक्षण लिखिए।
उत्तर:
प्रोटॉन के लक्षण:

  1. विसर्जन नली में अलग-अलग गैसें लेने पर अलग-अलग द्रव्यमान वाले धनात्मक कण मिलते हैं। हाइड्रोजन गैस से मिलने वाले धनात्मक कण प्रोटॉन कहलाते हैं। इनका द्रव्यमान सबसे कम है।
  2. प्रोटॉन को 1H1 से दर्शाते हैं।
  3. प्रोटॉन का द्रव्यमान 1.67 x 10-24 gm या 1.67 x 10-27 kg होता है।
  4. प्रोटॉन पर आवेश 1.6 x 10-19 कूलॉम होता है।

प्रश्न 9.
परमाणु के विभिन्न कोशों में इलेक्ट्रॉन भरे जाने की बोर-बरी व्यवस्था लिखिए।
उत्तर:
परमाणु के कोशों में इलेक्ट्रॉनों के भरे जाने की क्रमिक व्यवस्था बोर-बरी वैज्ञानिक द्वारा दी गई है –

  1. किसी कक्षा n में इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम 2n होगी।
  2. अंतिम कक्षा में 8 और अंतिम से दूसरी कक्षा में 18 से अधिक इलेक्ट्रॉन नहीं होंगे।
  3. अंतिम कक्षा में 2 से अधिक और अंतिम से दूसरी कक्षा में 9 से अधिक इलेक्ट्रॉन उसी समय हो सकते हैं जब पहले की कक्षायें नियमानुसार भर चुकी हों।
  4. अंतिम कक्षा में 8 इलेक्ट्रॉन हो जाने पर अगली कक्षा में इलेक्ट्रॉन भरे जाते हैं।
  5. यह आवश्यक नहीं कि किसी कक्षा में जब तक 2n के नियम के अनुसार इलेक्ट्रॉन पूरे न हो जाये तभी अगली कक्षा में इलेक्ट्रॉन प्रवेश करेंगे।

प्रश्न 10.
कक्षकों के स्थायित्व से क्या समझते हैं?
उत्तर:
अर्धपूर्ण एवं पूर्ण कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का वितरण सममित होता है और यह सममिति कक्षकों को अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करती है। किसी परमाणु के समान ऊर्जा वाले कक्षकों के मध्य इलेक्ट्रॉनों का विनिमय होता रहता है तथा इस प्रक्रम के दौरान ऊर्जा मुक्त होती है जिसके फलस्वरूप कक्षक स्थायित्व प्राप्त कर लेता है। कक्षक के अर्धपूर्ण या पूर्ण भरे होने पर इलेक्ट्रॉनों के विनिमय की सम्भावना अधिकतम रहती है। इसलिये ये कक्षक अधिक स्थायी होते हैं।

प्रश्न 11.
समस्थानिक तथा समभारिक में अंतर लिखिये।
उत्तर:
समस्थानिक तथा समभारिक में अंतर –
समस्थानिक

  1. एक ही तत्व के विभिन्न परमाणु जिनके परमाणु क्रमांक समान किन्तु परमाणु भार भिन्न हैं, समस्थानिक कहलाते हैं।
  2. नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या समान किन्तु न्यूट्रॉन की संख्या भिन्न होती है।
  3. रासायनिक गुणों में समानता होती है।
  4. बाहरी कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।

समभारिक:

  1. विभिन्न तत्वों के विभिन्न परमाणु जिनके परमाणु भार समान किन्तु परमाणु क्रमांक भिन्न हैं, समभारिक कहलाते हैं।
  2. नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या तथा न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।
  3. रासायनिक गुणों में भिन्नता होती है।
  4. बाहरी कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।

प्रश्न 12.
बोर के परमाणु मॉडल के प्रमुख अभिगृहीत लिखिए।
उत्तर:
बोर के परमाणु मॉडल के प्रमुख अभिगृहीत निम्नलिखित हैं –

1. परमाणु एक अतिसूक्ष्म कण है, जिसके केन्द्र में नाभिक स्थित है और नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन बंद वृत्तीय कक्षाओं में चक्कर लगाते रहते हैं, जिन्हें कोश भी कहते हैं।

2. परमाणु नाभिक के चारों ओर अनेक वृत्ताकार कक्षाएँ संभव हैं किन्तु इलेक्ट्रॉन कुछ विशिष्ट कक्षाओं में ही घूम सकते हैं जिनमें घूमने से इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा में कोई हानि नहीं होती।

3. ईलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं कक्षाओं में घूमते हैं जिनमें उनका कोणीय संवेग \(\frac{h}{2π}\) या उनका सरल गुणांक होता है। इन कक्षाओं को स्थायी कक्षक कहते हैं। यदि इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान m, कक्षा की त्रिज्या r तथा इलेक्ट्रॉन का वेग v हो तो –
mvr = \(\frac{nh}{2π}\) जहाँ n = 1, 2, 3

4. इलेक्ट्रॉन सामान्यतः अपनी ऊर्जा के अनुरूप वाली कक्षा में ही चक्कर लगाता रहता है, किन्तु जब यह बाहर से ऊर्जा अवशोषित कर लेता है तो यह कूदकर उच्च ऊर्जा वाली कक्षा में चला जाता है। यहाँ 10-8 सेकण्ड ठहरकर तुरन्त निम्न ऊर्जा वाली कक्षा में आ जाता है तथा वापस लौटते समय इलेक्ट्रॉन विद्युत् चुम्बकीय तरंगों के रूप में ऊर्जा उत्सर्जित करता है।

5. स्थायी कक्षाओं की ऊर्जा निश्चित होती है। इन कक्षाओं को ऊर्जा स्तर कहते हैं तथा नाभिक से बाहर की ओर इनका क्रम रहता है। इन ऊर्जा स्तरों में घूमने वाले इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन नहीं करते।

प्रश्न 13.
कक्ष और कक्षक में अंतर लिखिए।
उत्तर:
कक्ष और कक्षक में अंतर:
कक्ष:

  1. नाभिक के चारों ओर निश्चित वृत्ताकार पथ जिस पर इलेक्ट्रॉन गमन करता है कक्ष कहलाता है।
  2. सभी कक्ष वृत्ताकार होते हैं।
  3. कक्ष अदिशात्मक होते हैं।
  4. यह इलेक्ट्रॉन की द्विविमीय गति को दर्शाता है।
  5. कोश के इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 2n2 होती है।

कक्षक:

  1. नाभिक के चारों ओर त्रिविमीय क्षेत्र है जहाँ इलेक्ट्रॉन के पाये जाने की प्रायिकता अधिकतम होती है।
  2. s कक्षक के अलावा विभिन्न कक्षकों का आकार अलग-अलग होता है।
  3. s कक्षक को छोड़कर सभी दिशात्मक होते हैं।
  4. यह इलेक्ट्रॉन की त्रिविमीय गति को दर्शाता है।
  5. किसी कक्षक में अधिकतम दो इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

प्रश्न 14.
(n + 1) नियम क्या है?
उत्तर:

1. विभिन्न कक्षकों में इलेक्ट्रॉन (n + 1) नियम के अनुसार भरते हैं जहाँ n मुख्य क्वाण्टम संख्या तथा l दिगंशी क्वाण्टम संख्या है। इस नियम के अनुसार नया इलेक्ट्रॉन उस कक्षक में पहले प्रवेश करता है जिसके लिये n + 1 का मान सबसे कम होता है।
उदाहरण:
2s और 2p के लिये n + 1 के मान क्रमशः 2 और 3 हैं। अतः इलेक्ट्रॉन पहले 25 उपकोश में प्रवेश करेगा।

2. यदि दो या दो से अधिक कक्षकों के लिये n + 1 का मान समान हो तो नया आने वाला इलेक्ट्रॉन उस कक्षक में प्रवेश करता है जिसके लिये n का मान न्यूनतम होता है।
उदाहरण:
4p और 3d दोनों उपकोशों के लिये n + 1 का मान 5 है। लेकिन 3d के लिये n का मान कम है। इसलिये 3d उपकोश में इलेक्ट्रॉन पहले प्रवेश करेगा।

प्रश्न 15.
बोर सिद्धान्त के मुख्य दोष क्या हैं?
उत्तर:
बोर सिद्धान्त के मुख्य दोष निम्नलिखित हैं –

  1. बोर के सिद्धान्त के द्वारा एक से अधिक इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं के स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं की जा सकती है।
  2. बोर के सिद्धान्त के अनुसार इलेक्ट्रॉन की कक्षाओं को वृत्ताकार माना गया है जबकि कक्षाएँ दीर्घ वृत्ताकार भी होती हैं।
  3. यह हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धान्त की व्याख्या नहीं करता।
  4. यह इलेक्ट्रॉन की द्वैती प्रकृति का स्पष्टीकरण नहीं करता है।

प्रश्न 16.
हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धान्त क्या है? इसका गणितीय रूप लिखिए।
उत्तर:
इस सिद्धान्त के अनुसार इलेक्ट्रॉन जैसे गतिमान अति सूक्ष्म कण की स्थिति तथा संवेग का एक साथ सही निर्धारण करना संभव नहीं है। यदि एक को निश्चितता के साथ निर्धारित कर लिया जाये तो दूसरे का निर्धारण करना अनिश्चित हो जाता है।
गणितीय रूप:
∆x × ∆p ≥ \(\frac{h}{4π}\)
∆x × m∆v ≥ \(\frac{h}{4π}\)
जहाँ ∆x = स्थिति में अनिश्चितता
∆p = संवेग में अनिश्चितता
h = प्लांक स्थिरांक है।

इस समीकरण के अनुसार गतिशील सूक्ष्म कण की स्थिति की अनिश्चितता और संवेग की अनिश्चितता विपरीत अनुपात में होते हैं। यदि एक का मान कम हो तो दूसरे का मान अधिक होगा।

प्रश्न 17.
ऑफबाऊ सिद्धान्त के आधार पर निम्नलिखित परमाणुओं की मूल अवस्था में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए –

  1. निऑन (Z = 10)
  2. फॉस्फोरस (Z = 15)
  3. क्लोरीन (Z = 17)
  4. पोटैशियम (Z = 19)

उत्तर:

  1. निऑन (Z = 10) – 1s2 2s2 2px2, 2py2, 2pz2
  2. फॉस्फोरस (Z = 15) – 1s2 2s2 2p6 3s2 3px1 3py1, 3pz1
  3. क्लोरीन (Z = 17) – 1s2 2s2 2p6 3s2 3px2 3py2 3pz2
  4. पोटैशियम (Z = 19) – 1s2 2s2 2p6 3s2 3p6 4s1.

प्रश्न 18.
निम्न इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में हुण्ड का नियम प्रदर्शित कीजिए –

1. 8O+2
2. 7N-3
3. 6C-1

उत्तर:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 39

प्रश्न 19.
3px, 4py तथा 5pz कक्षक में यदि एक-एक इलेक्ट्रॉन हो तो उनके लिये चारों क्वाण्टम संख्या के मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 40

प्रश्न 20.
क्लोरीन परमाणु के 17वें तथा Fe के 26 वें इलेक्ट्रॉन के लिये चारों क्वाण्टम संख्याओं के मान लिखिये।
उत्तर:
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 41

प्रश्न 21.
इलेक्ट्रॉन का – मान किसने ज्ञात किया तथा कैसे ज्ञात किया?
उत्तर:
इलेक्ट्रॉन के \(\frac{e}{m}\) मान का निर्धारण सर जे.जे थॉमसन द्वारा किया गया। सर थॉमसन द्वारा इलेक्ट्रॉन के आवेश (e) तथा द्रव्यमान (m) का निर्धारण करने के लिये ऐनोड से आगे पहुँचने पर सीधी रेखाओं में चलने वाली किरण पुंज का चुनाव करने के लिये किरणों को एक गोल डिस्क से गुजरने दिया जाता है। किरणों पर आरोपित चुम्बकीय क्षेत्र एवं विद्युत् क्षेत्र की दिशाएँ एक-दूसरे के लम्बरूप तथा किरणों की गति की दिशा के भी लम्बरूप होती हैं तथा किरणों के विक्षेपण को मापकर कण के आवेश (e) तथा द्रव्यमान (m) का अनुपात ज्ञात किया जाता है। \(\frac{e}{m}\) का मान 1.76 x 108 कूलॉम/ग्राम प्राप्त होता है।

प्रश्न 22.
प्राकृतिक रेडियो ऐक्टिवता क्या है? समझाइये।
उत्तर:
प्रो. हेनरी बेकरल ने सन् 1898 में पाया कि यूरेनियम तथा उनके यौगिकों में एक विशिष्ट गुण होता है। इन पदार्थों से लगातार अदृश्य किरणों का उत्सर्जन होता है, जो जिंक सल्फाइड की प्लेट पर टकराकर प्रतिदीप्ति उत्पन्न करती है तथा x-किरणों की तरह फोटोग्राफिक प्लेट को प्रभावित करती है व गैसों को आयनित कर देती है तथा ये किरणें पतले धातु की चादरों को बेधने की क्षमता रखते हैं। इन किरणों को बेकरल किरणें कहा गया। मैडम क्यूरी ने इन किरणों को रेडियोएक्टिव किरणें तथा इस गुण को रेडियो ऐक्टिवता कहा। अतः “वह पदार्थ जिनमें इस प्रकार सक्रिय अदृश्य किरणों को उत्सर्जित करने का गुण होता है रेडियो ऐक्टिव पदार्थ कहलाते हैं तथा यह गुण रेडियो ऐक्टिवता कहलाता है।”

प्रश्न 23.
कोश, उपकोश व कक्षक में अंतर समझाइये।
उत्तर:
कोश:
किसी परमाणु में नाभिक के चारों ओर वह निश्चित वृत्ताकार पथ जिस,पर इलेक्ट्रॉन गमन करते हैं कक्ष या कोश कहलाते हैं। बोर के सिद्धान्त के अनुसार इलेक्ट्रॉन केवल उन्हीं कक्षाओं में गमन करते हैं जिनका कोणीय संवेग (mvr) का मान \(\frac{h}{2π}\) या उसके सरल गुणांक के बराबर होता है। इसे मुख्य क्वाण्टम संख्या द्वारा दर्शाया जाता है तथा प्रत्येक कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 2n होती है।

उपकोश:
प्रत्येक कोश में कई उप ऊर्जा स्तर या उपकोश होते हैं जिन्हें s, p, d, fद्वारा दर्शाया जाता है। किसी भी कोश में उपकोशों की संख्या 2n2 के बराबर होती है। इन्हें दिगंशी क्वाण्टम संख्या द्वारा निर्धारित किया जाता है। विभिन्न उपकोशों के लिये के मान निश्चित हैं।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 42
कक्षक:
नाभिक के चारों ओर वह त्रिविम क्षेत्र जहाँ इलेक्ट्रॉनों के मिलने की प्रायिकता अधिकतम होती है, कक्षक कहलाते हैं। इनका निर्धारण चुम्बकीय क्वाण्टम संख्याओं की सहायता से किया जाता है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 43

प्रश्न 24.
स्पष्ट कीजिये, क्यों?

  1. कैथोड किरणों में उपस्थित कणों पर ऋण आवेश है।
  2. कैथोड किरणें उनके मार्ग में रखे पहिये को घुमा देती है।

उत्तर:

1. यदि कैथोड किरणों को विद्युत् क्षेत्र से गुजरने दिया जाये तो कैथोड किरणें धनात्मक प्लेटों की ओर विक्षेपित होने लगती हैं जो यह दर्शाती हैं कि कैथोड किरणों में उपस्थित कणों पर ऋण आवेश उपस्थित है।

2. कैथोड किरणों के मार्ग में यदि हल्का पैडल चक्र रख दिया जाये तो वह घूमने लगता है जो यह दर्शाती है कि कैथोड किरणें उच्च गतिज ऊर्जा वाले कणों से मिलकर बनी होती हैं अर्थात् कैथोड किरणे पदार्थ कणों से मिलकर बनी हैं।

प्रश्न 25.
इलेक्ट्रॉन जैसे सूक्ष्म कण की द्वैती प्रकृति से क्या तात्पर्य है?
अथवा
एक गतिशील इलेक्ट्रॉन द्वारा कण एवं तरंग दोनों की समान प्रकृति प्रदर्शित की जाती है। कारण स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
इलेक्ट्रॉन एक सूक्ष्म कण है तथा इलेक्ट्रॉन की कणीय प्रकृति होने के कारण इसका विशिष्ट संवेग होता है तथा गतिशील होने के कारण तरंग के समान व्यवहार प्रदर्शित करता है, जिससे विवर्तन प्रभाव प्राप्त होता है तथा इलेक्ट्रॉन दोनों प्रभाव एक साथ दर्शाता है। अन्य सूक्ष्म कण प्रोटॉन और न्यूट्रॉन यहाँ तक परमाणु भी तीव्र गतिमान किये जाने पर द्वैती प्रकृति दर्शाता है। गतिशील कण द्वारा उत्पन्न तरंग के तरंगदैर्ध्य को डी-ब्रॉग्ली समीकरण द्वारा दर्शाया जाता है। उनके अनुसार किसी भी गतिशील कण का तरंगदैर्घ्य उसके संवेग के व्युत्क्रमानुपाती होता है तथा इसे निम्न समीकरण द्वारा दर्शाया जाता है
λ = \(\frac{h}{mv}\)
या λ = \(\frac{h}{p}\) λ ∝ \(\frac{1}{p}\) [my = p]
जहाँ 2 = अतिसूक्ष्म कण जैसे इलेक्ट्रॉन का तरंगदैर्घ्य, m = कण का द्रव्यमान, v = कण का वेग, p= कण का संवेग, h = प्लांक स्थिरांक। .

प्रश्न 26.
बामर सूत्र क्या है? यह हाइड्रोजन वर्णक्रम की व्याख्या कैसे करता है?
उत्तर:
जे.जे. बामर के अनुसार हाइड्रोजन परमाणु के दृश्य क्षेत्र के स्पेक्ट्रम की रेखाओं की आवृत्ति को निम्नलिखित सूत्र द्वारा दर्शाया जा सकता है –
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 44
जहाँ RH = रिडबर्ग स्थिरांक है तथा n = 3, 4, 5, 6, ……
यह रेखाओं की श्रेणी दृश्य क्षेत्र में होती है तथा बामर श्रेणी कहलाती है। इसके पश्चात् चार अन्य श्रेणियों का पता चला। पराबैंगनी क्षेत्र में लाइमन श्रेणी तथा अवरक्त क्षेत्र में पाश्चन श्रेणी, ब्रेकेट श्रेणी तथा फुण्ड श्रेणी की रेखायें प्राप्त होती हैं । इनकी व्याख्या करने के लिये बामर सूत्र को निम्न सूत्र के रूप में संशोधित किया गया।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 45

प्रश्न 27.
परमाणु वर्णक्रम को रेखिल वर्णक्रम कहा जाता है, क्यों?
उत्तर:
इस प्रकार का स्पेक्ट्रम समस्त तत्वों के परमाणुओं द्वारा दिया जाता है। इसमें विशिष्ट रंग के अनेक श्रेणीबद्ध पतली चमकीली रेखायें होती हैं जो काली रेखाओं द्वारा पृथक् रहती हैं। प्रत्येक तत्व विशिष्ट प्रकार के रेखिल स्पेक्ट्रम देते हैं तथा ये स्पेक्ट्रम उन तत्वों की विशिष्ट पहचान होती हैं। उदाहरण-सोडियम के स्पेक्ट्रम में 5890 Å और 5896 Å तरंगदैर्घ्य पर दो स्पष्ट पीली रेखाएँ प्राप्त होती हैं।

यदि एक विसर्जन नली में कम दाब पर हाइड्रोजन गैस भरकर उसमें विद्युत् धारा प्रवाहित की जाती है तो एक लाल रंग का प्रकाश दिखाई देगा। इस प्रकार उत्सर्जित प्रकाश का स्पेक्ट्रोस्कोप की सहायता से विश्लेषण किया जाता है तो एक असतत् स्पेक्ट्रम प्राप्त होता है जिसमें चार प्रमुख रेखाएँ प्राप्त होती हैं जिन्हें Hαa, Hβg, Hγ, तथा Hδ कहते हैं । इस प्रकार का स्पेक्ट्रम जिसमें केवल रेखाएँ होती हैं, रेखिल स्पेक्ट्रम कहलाती हैं।

प्रश्न 28.
रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग के प्रमुख निष्कर्ष लिखिए।
उत्तर:

1. अधिकांश a कण स्वर्णपत्र के आर-पार सीधी रेखाओं में निकल जाते हैं जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि परमाणु का अधिकांश भाग खोखला एवं आवेशहीन होता है।

2. कुछ α कण स्वर्णपत्र से टकराने के पश्चात् विभिन्न कोणों पर विचलित हो जाते हैं क्योंकि α कण धनावेशित हैं। अतः परमाणु के भीतर एक धनावेशित केन्द्र होना चाहिये जिससे धनावेशित α कण प्रतिकर्षित होकर विभिन्न कोणों में विक्षेपित हो जाते हैं। इस भारी धनावेशित केन्द्र को नाभिक कहते हैं।

3. लगभग 20,000 में से एक α कण स्वर्णपत्र से टकराकर अपने पूर्व मार्ग में ही वापिस लौट आता है। क्योंकि परमाणु के आकार की तुलना में नाभिक बहुत छोटा एवं दृढ़ होता है। रदरफोर्ड के अनुसार परमाणु की त्रिज्या 10-8 cm तथा नाभिक की त्रिज्या 10-13 cm होती है।

4. नाभिक के चारों ओर खाली स्थान होता है जिनमें ऋण आवेशित इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते रहते हैं। इस गति के कारण कार्य करने वाला अपकेन्द्र बल, इलेक्ट्रॉनों तथा धनावेशित नाभिक के मध्य स्थिर वैद्युत आकर्षण बल को संतुलित करता है। इस संतुलन के कारण इलेक्ट्रॉन नाभिक में नहीं गिरते।

परमाणु की संरचना दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बोर की त्रिज्या की गणना कीजिये।
उत्तर:
हाइड्रोजन परमाणु का एकाकी इलेक्ट्रॉन जब नाभिक के चारों ओर गमन करता है तो उस पर दो बल कार्य करते हैं।

  1. नाभिक द्वारा लगाया गया आकर्षण बल = \(\frac { Ze^{ 2 } }{ r^{ 2 } } \)
  2. अपकेन्द्री बल जो बाहर की ओर कार्य करता है = \(\frac { mv^{ 2 } }{ 2 } \)

जहाँ Z = परमाणु संख्या, m = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान, v = इलेक्ट्रॉन का वेग, e = आवेश, r= परमाणु त्रिज्या।
गतिशील इलेक्ट्रॉन पर कार्यरत् अभिकेन्द्री बल एवं अपकेन्द्री बल बराबर और विपरीत दिशा में कार्य करते हैं तथा दोनों का परिमाण समान हो तो एक-दूसरे को संतुलित करते हैं और इलेक्ट्रॉन अपनी स्थिति पर घूमता रहता है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 46

प्रश्न 2.
प्रकाश पुंज का प्रिज्म द्वारा अवयवी घटकों में पृथक्करण किस प्रकार होता है? सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
श्वेत प्रकाश को किसी प्रिज्म में से गुजरने दिया जाए तो उसके अवयवी विभिन्न तरंगदैर्घ्य वाली अलग-अलग रंगों वाली किरणों से विक्षेपित हो जाती हैं। यदि प्रिज्म के इस ओर फोटोग्रॉफिक प्लेट लगा दी जाये तो प्रकाश के सात रंग, सात पट्टियों के रूप में आ जाते हैं जिसे सतत् वर्णक्रम कहते हैं। इसमें एक रंग की पट्टी दूसरे रंग की पट्टी में आंशिक रूप से समायी रहती है। इनमें बैंगनी रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे कम लेकिन अपवर्तनांक अधिकतम होने के कारण अधिक झुककर अपवर्तित होता है तथा इसकी आवृत्ति सबसे अधिक होती है। लाल रंग का तरंगदैर्ध्य अधिक किन्तु आवृत्ति सबसे कम होती है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 47

प्रश्न 3.
हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धान्त समझाइये। इसका गणितीय व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
इस सिद्धान्त के अनुसार, “इलेक्ट्रॉन जैसे सूक्ष्म और गतिशील कण की सही स्थिति और संवेग का एक साथ निर्धारण करना असंभव है।”
यदि Δ x = स्थिति में अनिश्चितता, Δ p = संवेग में अनिश्चितता हो, तो
Δx × Δp ≥ \(\frac{h}{4π}\)
⇒ Δx × mΔv ≥ \(\frac{h}{4π}\)
⇒ Δx ∝ \(\frac { 1 }{ \Delta p }\)
Δp यदि इलेक्ट्रॉन जैसे सूक्ष्म कण की स्थिति के निर्धारण की अनिश्चितता Δ x का मान कम हो तो संवेग की अनिश्चितता Δ p का मान अधिक होगा।

मान लो यदि किसी इलेक्ट्रॉन की स्थिति ज्ञात करनी हो तो यह आवश्यक है कि हम उसे देख सकें। इलेक्ट्रॉन को देखने के लिये दृश्य प्रकाश का उपयोग नहीं कर सकते हैं क्योंकि उसका तरंगदैर्घ्य 5000Å इलेक्ट्रॉन के व्यास से बहुत अधिक है। अतः इसके लिये कम तरंगदैर्घ्य वाले विकिरण X-किरण का उपयोग करते हैं। परन्तु X-किरण द्वारा इलेक्ट्रॉन की स्थिति का निर्धारण तब तक नहीं होगा जब वह इलेक्ट्रॉन से न टकराये तथा टकराकर प्रकीर्णित न हो।

X-किरण के फोटॉन के इलेक्ट्रॉन से टकराने से कॉम्पटन प्रभाव उत्पन्न होगा जिससे इलेक्ट्रॉन के वेग में अत्यधिक वृद्धि होगी। इस प्रभाव के कारण इलेक्ट्रॉन का वेग तथा संवेग अनिश्चित हो जायेगा। इलेक्ट्रॉन की सही स्थिति ज्ञात करने के लिये यदि हम और कम तरंगदैर्घ्य के विकिरण का उपयोग करें तो संवेग की अनिश्चितता का मान और बढ़ेगा।

हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धान्त का निष्कर्ष बोहर सिद्धान्त के निष्कर्ष के विपरीत है। बोर सिद्धान्त के अनुसार किसी कोश में इलेक्ट्रॉन की स्थिति एवं वेग का सही-सही निर्धारण किया जा सकता है। किन्तु हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धान्त के अनुसार इलेक्ट्रॉन की स्थिति और वेग का सही-सही निर्धारण एक साथ नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 4.
क्वाण्टम संख्या क्या है? क्वाण्टम संख्या कितने प्रकार की होती है ? तथा प्रत्येक से प्राप्त होने वाली जानकारी का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
परमाणु में किसी इलेक्ट्रॉन को पूर्ण रूप से अभिव्यक्त करने के लिये जिन संख्याओं की सहायता ली जाती है उन्हें क्वाण्टम संख्या कहते हैं। क्वाण्टम संख्याएँ निम्नलिखित चार प्रकार की होती हैं –

  1. मुख्य क्वाण्टम संख्या (n)
  2. दिगंशी क्वाण्टम संख्या (1)
  3. चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या (m)
  4. चक्रण क्वाण्टम संख्या (s)।

1. मुख्य क्वाण्टम संख्या:
इसे n से दर्शाते हैं। यह इलेक्ट्रॉन के मुख्य कोश को प्रदर्शित करती है। इसकी सहायता से नाभिक से इलेक्ट्रॉन की औसत दूरी, इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा, इलेक्ट्रॉन अभ्र के प्रभावी आयतन का निर्धारण किया जा सकता है।n का मान शून्य के अतिरिक्त कोई भी पूर्ण संख्या होती है।

2. दिगंशी क्वाण्टम संख्या:
इसे ! से दर्शाते हैं। यह उपकोशों को प्रदर्शित करता है। इससे इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग, उपकोशों की आकृति, किसी कोश में उपस्थित उपकोशों की संख्या का निर्धारण करते हैं। के मान मुख्य क्वाण्टम संख्या पर निर्भर करते हैं। किसी n के लिये l के मान 0 से लेकर n – 1 तक होते हैं। l के अधिक-से-अधिक चार मान 0, 1, 2 अथवा 3 होते हैं जो क्रमशः s, p, d एवं f उपकोशों को प्रकट करते हैं।
यदि n = 1 l = 0 अर्थात् s उपकोश
n = 2 l = 0, 1 अर्थात् s व p उपकोश
n = 3 l = 0, 1, 2 अर्थात् s, p, d उपकोश
n = 4 l = 0, 1, 2, 3 अर्थात् s, p, d वf उपकोश

3. चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या:
इसे m से दर्शाते हैं। यह परमाणु स्पेक्ट्रम के स्रोत को चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर प्राप्त स्पेक्ट्रमी रेखाओं के विघटन अथवा जीमन प्रभाव को दर्शाता है। यह किसी उपकोश में उपस्थित कक्षकों की संख्या को दर्शाता है। किसी l के लिये m के मान -l से +l तक होते हैं। यदि l = 0, m = 0, l = 1 तो m = -1, 0 + 1 तथा l = 2, m = -2, -1, 0, +1, +2 और l = 3 तो m = -3, -2, -1, 0, +1, +2, +3 होता है, इस प्रकार m के संपूर्ण मानों की संख्या 2l + 1 होती है।

4. चक्रण क्वाण्टम संख्या:
इसे 5 से दर्शाते हैं । कोणीय संवेग या स्पिन ऊर्जा को व्यक्त करने के लिये चक्रण क्वाण्टम संख्या s का प्रयोग किया जाता है। s के 2 मान होते हैं। दक्षिणावर्त तथा वामावर्त घूर्णन के अनुसार चक्रण क्वाण्टम संख्या के दो मान +\(\frac{1}{2}\) तथा –\(\frac{1}{2}\) होते हैं।

प्रश्न 5.
बोर का परमाणु सिद्धान्त हाइड्रोजन परमाणु के रेखिल वर्णक्रम की व्याख्या करने के किस प्रकार सहायक सिद्ध हुआ? समझाइए।
अथवा
हाइड्रोजन वर्णक्रम की विभिन्न वर्णक्रम रेखाओं से बोर मॉडल का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हाइड्रोजन परमाणु के रेखिल स्पेक्ट्रम में अनेक रेखाओं की पाँच श्रेणियाँ प्राप्त होती हैं। ये श्रेणियाँ अलग-अलग तरंगदैर्घ्य के क्षेत्र में होती हैं। जैसे-लाइमन श्रेणी पराबैंगनी क्षेत्र में, बामर श्रेणी दृश्य क्षेत्र में पाश्चन, ब्रेकेट एवं फुण्ड श्रेणियाँ अवरक्त क्षेत्र में होती हैं।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 48
हाइड्रोजन परमाणु में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है, लेकिन इसके स्पेक्ट्रम में अनेक रेखाएँ प्राप्त होती हैं, बोर ने इसका स्पष्टीकरण किया। उनके अनुसार प्रत्येक परमाणु में कुछ निश्चित ऊर्जा स्तर होते हैं जिनमें अनुरूप ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते रहते हैं। हाइड्रोजन गैस में असंख्य हाइड्रोजन परमाणु होते. हैं जिनकी सामान्य अवस्था में इलेक्ट्रॉन निम्नतर प्रथम ऊर्जा स्तर में रहता है। जब हाइड्रोजन परमाणु को बाहर से उपयुक्त ऊर्जा मिलती है तो विभिन्न परमाणु ऊर्जा का अवशोषण करके विभिन्न ऊर्जा स्तरों में चले जाते हैं।

ये इलेक्ट्रॉन उच्चतम ऊर्जा स्तर में 10-8 सेकण्ड रहकर तुरन्त ही ऊर्जा का उत्सर्जन करके किसी भी निम्नतम ऊर्जा स्तर में आ जाता है। इस प्रक्रिया को संक्रमण कहते हैं। इस ऊर्जा का उत्सर्जन प्रकाश के फोटॉन के रूप में होता है। प्रत्येक फोटॉन की आवृत्ति तथा तरंगदैर्घ्य निश्चित होती है जिसके फलस्वरूप ही वर्णक्रम में विभिन्न रेखाएँ प्राप्त होती हैं। परमाणु की विभिन्न ऊर्जा स्तरों में सबसे अंदर की ऊर्जा स्तर n = 1 में इलेक्ट्रॉनों के वापिस आने से लाइमन श्रेणी प्राप्त होती है। इसी प्रकार जब ऊर्जा स्तर 3, 4, 5 से इलेक्ट्रॉन दूसरी कक्षा में आता है तो बामर श्रेणी प्राप्त होती है। इसी प्रकार जब इलेक्ट्रॉन विभिन्न उच्च ऊर्जा स्तरों में क्रमशः तीसरे, चौथे और पाँचवें कोश में आता है तो पाश्चन, ब्रेकेट तथा फुण्ड श्रेणी प्राप्त होती है।

माना एक इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर n1 से जिसमें उसकी ऊर्जा E1 है से निम्न ऊर्जा स्तर n2 जिसमें उसकी ऊर्जा E2 में आता है तथा प्राप्त रेखा की आवृत्ति ν हो तो।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 49
जहाँ RH रिडबर्ग स्थिरांक है। उपर्युक्त समीकरण की सहायता से बामर ने R के प्रायोगिक मान की गणना की। R के मान की गणना करने पर R का मान 109677.8 cm-1 प्राप्त होता है। स्पष्ट है कि n = 1, 2, 3, 4, 5 तथा n2 के विभिन्न मान रखने पर क्रमशः लाइमन, बामर, पाश्चन, ब्रेकेट तथा फुण्ड श्रेणियाँ प्राप्त होती हैं।

प्रश्न 6.
कक्षक s, p तथा d आकृति कैसी होती है?
उत्तर:
कक्षक का आकार:
द्विगंशी क्वाण्टम संख्या किसी ऑर्बिटल का आकार निर्धारित करती है। यदि l = 0 हो तो कक्षक कोणीय संवेग का मान शून्य होता है। अतः s आर्बिटल अदैशिक तथा गोलतः सममित होता है अर्थात् नाभिक से किसी निश्चित दूरी पर इलेक्ट्रॉन के पाये जाने की संभावना सभी दिशाओं में समान होती है। मुख्य क्वाण्टम संख्या में वृद्धि के साथ-साथ s कक्षक का आकार भी बढ़ता जाता है। यदि मुख्य क्वाण्टम संख्या का मान n है तो s कक्षक में n समकेन्द्रिक गोले होंगे तथा n के मान में वृद्धि के साथ s कक्षक की ऊर्जा में भी वृद्धि होती है तथा मुख्य क्वाण्टम संख्या का मान n होने पर नोडल तलों की संख्या n – 1 होती है।

p कक्षक का आकार:
यदि n = 2 हो तो l = 0, 1 होता है। l = 1 के लिये m के तीन मान -1, 0, +1 होते हैं। इसका अर्थ यह है कि p उपकोश में तीन कक्षक होते हैं जिन्हें P., P, तथा p. से दर्शाते हैं। इन तीनों p कक्षकों की ऊर्जाएँ समान होती हैं। परन्तु उनके दिक्विन्यास भिन्न होते हैं। Px, Py, Pz, कक्षक क्रमशः x, y तथा : अक्ष की दिशाओं में सममित होते हैं। p कक्षक का आकार डम्बल होता है। प्रत्येक कक्षक की दोनों पालियाँ एक तल द्वारा पृथक् होती हैं जहाँ इलेक्ट्रॉन घनत्व शून्य होता है, यह तल नोडल तल कहलाता है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 50
d कक्षक का आकार:
d कक्षक के लिये l = 2 होता है अतः चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या m के पाँच विभिन्न मान -2, -1, 0, +1, +2 होते हैं। इन्हें क्रमश: dxy, dyz, dxzx dx2y2, dzx से दर्शाते हैं। इनके आकार अलग-अलग किन्तु ऊर्जा समान होती है। तीन कक्षक dy,dy,du के आकार समान होते हैं, परन्तु इनकी चारों पालियाँ जो उच्च इलेक्ट्रॉन घनत्व दर्शाती हैं xy, yz तथा zx के तल पर स्थित होती हैं। ये दोहरे डम्बल आकृति के होते हैं। dx2y2 कक्षक dxy कक्षक के समान होता है लेकिन पालियाँ x – अक्ष और Y – अक्ष पर स्थित होती हैं। dz2 कक्षक की दोनों पालियाँ अक्ष Z – अक्ष पर स्थित होती हैं। इसमें उच्च इलेक्ट्रॉन घनत्व दर्शाने वाली रिंग होती है जो xy – तल पर स्थित रहती है।
MP Board Class 11th Chemistry Solutions Chapter 2 परमाणु की संरचना - 51

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MP Board Class 7th General English Letter and Application Writing

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MP Board Class 7th General English Letter and Application Writing

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Applications (प्रार्थना पत्र)

Application For Class 7 MP Board Question 1.
Write an application to your school principal for four days leave as you are going out of station.
Answer:
To
The Principal, Janta Junior School,
Gwalior

Sir,
Most respectfully I beg to say that I am a student fo class VII-B. I have to go to Delhi for attending my brother’s marriage. Kindly grant me leave for four days. I shall be highly obliged to you.
Thanking you,

Date : 19th August, 20…..

Yours obediently,
Mukul Jain Roll No. 7
Class VII-A

Application For 7th Class MP Board Question 2.
Write an application to your principal to take you on a picnic.
Answer:
To
The Principal,
Govt. Middle School,
Bhopal

Respected sir,
With due salutations and respect I beg to state that I am the monitor of class VII-A and on behalf of all the students of class VII, I request you to take us to a class picnic. We shall be highly obliged if you grant our request.

Thanking you,
Date : 10th October, 20…..

Yours obediently
Mehul Garg
Class VII-A

Application For Class 7th MP Board Question 3.
Write an application to your principal for two days sick leave.
Answer:
Το
The Principal,
V. J. Middle School, Guna

Sir,
I beg to say that I am suffering from fever since last night i.e., 4th October 20……. Therefore, I won’t be able to attend school. Kindly grant me leave for two days.
Thanking you,
Date : 5th October, 20 ………

Yours sincerely,
Ashutosh Tiwari
Class VII-B

Letters
(पत्र)

Application Writing For Class 7 MP Board Question 1.
Write a letter to your sister, asking her to come and visit you for the coming festival.
Answer:
22, Ashok Nagar,
Indore (West) M. P.
Oct. 11, 20……

My dear sister Anu,

I want to inform you that our parents have decided to celebrate ‘Deepawali’ here with our family. Our elder brother has agreed to reach by 13th of October. Therefore, I request you to come to us and pay a visit for the coming Deepawali on 17th October, 20….. Rest is O. K.

Thanking you,

Yours younger brother,
Mohan G

Leave Application For Class 7 MP Board Question 2.
Write a letter to your friend telling him about the Sports Meet in your school.
Answer:
10, Raghava Pura,
Ram Nagar, Indore
10-2-20……

My dear Mahesh,
In the month of January, ‘Sports Meet’ Programme was held in my school. Different sports took place. Most attractive games were cricket and football. The players of school topped the list of winners of Gold medals. The D. M. was the chief guest. The function was over with a lecture of our Principal. Rest is O. K.

Waiting for your letter.

Yours
Mahendra

Applications For Class 7 MP Board Question 3.
Write a letter to your father telling him how you enjoyed your school picnic.
Answer:
School Hostel
4, Rajpur (M.P.)
4 – 5 – 20…….

Respected Father,

The students of class VIII arranged picnic. We hired a bus and reached Government Park. We saw it for the first time. It is very beautiful and attractive. My friends read their poems and sang songs. We all had our lunch there. Then we played antakshari with our teachers. We really enjoyed a lot. Everything was 0. K.

Thanks,
Yours obedient son/daughter,
Mohan/Mohini
Class-VII

7th Class Ki Application MP Board Question 4.
You are living in a village and write a letter to our friend to spend the summer vacation with you.
Answer:
Vill.–Sohanpura, Post-Awagarh
Distt. KATNI
January 11, 20…

Dear Harish,
Our school has closed for the summer vacation. Last night, we were talking of you. Father and mother asked me to invite you during the vacations. I needed no pressing as I long to have you in our midst. The rains have set in. The weather is pleasant. The mango trees are laden with sweet juicy fruits and when you come we will enjoy them to our heart’s content. I hope you will not disappoint me.

Very Sincerely yours,
Parishkrat

Question 5.
Write an application to the Principal of your school for full fee concession.
Answer:
The Principal,
H. S. Secondry School,
Gwalior.

Sir,
I am a poor student. My father’s monthly income is only Rs.5000/-. He cannot afford to pay my school fees. I beg to add that I came first at the last examination.

I request you to grant me full fee concession so that I may continue my studies.

Thanking you,

Your most obedient student.
Deepak Sharma
Class VII A
Date : 15 April 20…..

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 3 Synthetic Fibres and Plastics

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 3 Synthetic Fibres and Plastics

MP Board Class 8th Science Synthetic Fibres and Plastics NCERT Textbook Exercises

Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 3 Question 1.
Explain why some fibres are called synthetic.
Answer:
All fibres are not natural. Some fibres are man-made. The fibres made artificially are called synthetic fibres.

Mp Board Class 8 Science Chapter 3 Question 2.
Mark (√) the correct answer:
Rayon is different from synthetic fibres because
(a) it has a silk-like appearance.
(b) it is obtained from wood pulp.
(c) its fibres can also be woven like those of natural fibres.
Answer:
(b) it is obtained from wood pulp.

Class 8 Science Chapter 3 Mp Board Question 3.
Fill in the blanks with appropriate words:
(a) Synthetic fibres are also called or fibres.
(b) Synthetic fibres are synthesised from raw material called
(c) Like synthetic fibres, plastic is also
Answer:
(a) artificial, man-made
(b) petrochemicals
(c) polymer

Mp Board Class 8 Science Solution Question 4.
Give examples which indicate that nylon fibres are very strong.
Answer:
Nylon fibres are used to make ropes for rock climbing and for parachutes.

Mp Board Class 8th Science Solution Question 5.
Explain why plastic containers are favoured for storing food.
Answer:
The main advantages of using plastic containers for storing food are:

  1. plastic has light weight.
  2. lower price
  3. good strength and
  4. are easy to handle.

Mp Board Solution Class 8 Science Question 6.
Explain the difference between the thermoplastic and thermosetting plastics.
Answer:
Difference between Thermoplastic and Thermosetting plastics:
Mp Board Class 8th Science Solution

Mp Board 8th Class Science Solutions Question 7.
Explain why the following are made of thermosetting plastics.
(a) Saucepan handles
(b) Electric plugs/switches/plug boards.
Answer:
(a) Thermosetting plastic does not soften on heating. Also it is a bad conductor of heat. This is why saucepan handles are made of bakelite which is a thermosetting plastic.

(b) Thermosetting plastic cannot be softened on heating. It is a bad conductor of heat as well as electricity. This is why electric plugs/switches/plug boards are made of backelite which is a thermosetting plastics.

Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 3 Question 8.
Categorise the materials of the following products into can be recycled and Cannot be recycled:
Telephone instruments, plastic toys, cooker handles, carry bags, ball point pens, plastic bowls, plastic covering on electrical wires, plastic chairs, electrical switches.
Answer:
Materials can be recycled: Telephone instruments, plastic toys, ball point pens, plastic bowls. (As these are thermoplastics, so these can be recycled).
Materials cannot be recycled: Cooker handles, carry bags, plastics, covering; on electric wire, plastic chairs, etc. (As these are thermosetting, so cannot be recycled.)

Class 8 Science Solution Mp Board Question 9.
Rana wants to buy shirts for summer. Should he buy cotton shirts or shirts made from synthetic material? Advise Rana, a giving your reason.
Answer:
I will advise Rana to wear cotton clothes. Synthetic fibres do not absorb water or sweat. They stick to the body in summer and do not allow ventilation of air. Thus, they made us uncomfortable during summer. Cotton clothes which are natural fabric, do not contain heat, instead they reflect out heat. Besides, they also provide aeration. So, during summer, we prefer cotton clothes and not the synthetic clothes.

Class 8 Science Chapter 3 Question Answer Question 10.
Give examples to show that plastics are noncorrosive in nature.
Answer:
The plastics are non-corrosive, that is, they do not react or do not have chemical reaction with the materials contained in it. That is why containers like bucket, mug, water bottles and food containers are made up of plastics.

Mp Board Class 8 Science Solution English Medium Question 11.
Should the handle and bristles of a tooth brush be made of the same material? Explain your answer.
Answer:
Handle and bristles of a tooth brush should be made of different materials because they have different uses and require different properties in the material, for example, bristles should be much more flexible than the handle.

Mp Board Solution Science Class 8 Question 12.
Avoid plastics as far as possible’. Comment on this advice.
Answer:
Plastic takes several years to decompose. So it is not environment friendly. Burning of plastic releases lots of poisonous gases which cause pollution to the atmosphere. The burning process of plastics is quite slow and it is not burnt completely. Therefore, use of plastics should be avoided as far as possible.

Class 8 Science Mp Board Solution Question 13.
Match the terms of column A correctly with the phrases given in column B.

AB
(i) Polyester(a) Prepared by using wood pulp
(ii) Teflon(b) Used for making parachutes and stockings
(iii) Rayon(c) Used to make non-stick cookwares
(iv) Nylon(d) Fabrics do not wrinkle easily.

Answer:

AB
(i) Polyester(d) Fabrics do not wrinkle easily.
(ii) Teflon(c) Used to make non-stick cookwares
(iii) Rayon(a) Prepared by using wood pulp
(iv) Nylonb) Used for making parachutes and stockings

MP Board Class 8th Science Synthetic Fibres and Plastics NCERT Intext and Activities Projects

Mp Board Solution Class 8 Subject Science Question 14.
‘Manufacturing synthetic fibres is actually helping conservation of forests’. Comment.
Answer:
Synthetic fibres like nylon, rayon and polyesters are good substitutes for natural fibres like cotton, silk and jute. Thus, we do not require more lands for the cultivation of cotton and jute crops. In this way, manufacturing synthetic fibres is actually helping conservation of forests.

Class 8 Mp Board Solution Science Question 15.
Describe an activity to show that thermosetting is a poor conductor of electricity.
Answer:
If we make an experimental set up using copper wire, a thermoplastic object, a bulb and a cell, as shown in the figure given below, the bulb does not glow.
Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 3

However, if the thermoplastic object is removed from the circuit, the bulb glows up. This shows that thermoplastic objects are bad conductor of electricity.

Table 3.1
Make a list of some common articles made from fibres. Try to separate them into those made from natural fibres and those made from artificial fibres.
Answer:
Natural and Artificial Fibres
Mp Board Class 8 Science Chapter 3

Activity 3.1

Take an iron stand with a clamp. Take a cotton thread of about 60 cm length. Tie it to the clamp so that it hangs freely from it as shown in Fig. 3.2. At the free end suspend a pan so that weight can be placed in it. Add weights one by one till die thread breaks. Note down the total weight required to break the thread. This weight indicates the strength of the fiber. Repeat the same activity with threads of wool, polyester, silk and nylon. Tabulate the data as shown in Table. Arrange the threads in order of their increasing strength.
Class 8 Science Chapter 3 Mp Board
Answer:
Observation Table 3.2

Mp Board Class 8 Science Solution
You may use a hook or a nail on the wall for hanging the fibres and a polythene bag at the other end. In place of weights you may use marbles (or pebbles) of similar size.

MP Board Class 8th Science Synthetic Fibres and Plastics NCERT Extended Learning – Activities and Projects

Question 1.
Have you heard of the campaign: “Say No To Plastics.” Coin a few more slogans of this kind. There are certain governmental and non-governmental organisations who educate the general public on how to make wise use of plastics and develop environment friendly habits. Find out organisations in your area which are carrying out awareness programmes. If there is none, form one.
Answer:
Do yourself

Question 2.
Organise a debate in the School. Children may be given an option to role play as manufacturers of synthetic fabrics or those of fabrics from natural sources, They can then debate on the topic ‘My Fabric is Superior.’
Answer:
Organise the debate under the supervision of your teacher.

Question 3.
Visit five families in your neighborhood and enquire about the kind of clothes they use, the reason for their choice and advantages of using them in terms of cost, durability and maintenance. Make a short report and submit it to your teacher.
Answer:
People generally use cotton clothes. They also use clothes made of polyester, nylon and acrylic, etc.

Question 4.
Devise an activity to show that organic waste is biodegradable while plastic is not.
Answer:
Do the activity yourself.

MP Board Class 8th Science Synthetic Fibres and Plastics NCERT Additional Important Questions

A. Short Answer Type Questions

Question 1.
Name some natural fibers.
Answer:
Cotton, wool, silk are natural fibers.

Question 2.
Name two natural and two man – made polymers.
Answer:
Natural polymers: Silk and wool.
Man-made polymers: Nylon and polythene.

Question 3.
What is plasticity?
Answer:
Upon being heated glasses can easily be moulded into sheets or drawn into fibres. This property is called plasticity. The materials which possess this property are called plastics. Clay is another mouldable material that occurs in nature.

Question 4.
Disposal of plastic is a major problem. Why?
Answer:
This is because plastics cannot be decomposed easily through natural processes, such as action of bacteria, etc. Thus, it causes environmental pollution.

Question 5.
Write in short the role of plastic in healthcare industry.
Answer:
We find entensive use of plastics in the healthcare industry. Packaging of medicines, threads used for stitching wounds, syringes, gloves, a number of medical instruments, etc. are some examples.

Question 6.
What is 4R principle for environment friendly?
Answer:
The 4R principle is Reduce, Reuse, Recycle and Recover. We should develop habits which are environment friendly.

B. Long Answer Type Questions

Question 7.
Give one application each of polystyrene, nylon, acrylic and Teflon.
Answer:
Polystyrene: It is used as packaging material for securing delicate and fragile objects.
Nylon: It is used in making fishing nets and ropes.
Acrylic: It is used as substitute for glass.
Teflon: It is used as an excellent engineering material.

Question 8.
Write advantages that a plastic material has over natural materials.
Answer:
Advantages are as follows:

  1. Plastic is light weight, so it can be easily transported.
  2. Plastic costs very less, so can be made on a large scale.
  3. It is also unbreakable, corrosion-free, tough and flexible.
  4. It can be easily moulded into various shapes.

Question 9.
How can the environmental pollution due to plastic be solved?
Answer:
We must adopt the following to deal with the environmental pollution due to plastics:

  1. We must avoid the use of plastic as far as possible.
  2. We must use bags made of cotton or jute.
  3. Biodegradable and non-biodegra- dable wastes should be collected and disposed off separately.
  4. We must not threw out biscuit wrappers, left out food, vegetable and fruit peels anywhere. They should always be kept in dustbins.

Question 10.
What are biodegradable and non- biodegradable materials?
Answer:
A material which gets decomposed through natural processes, such as action by bacteria, is called biodegradable.
Examples: Peels of vegetables and fruits, leftover food stuff, paper, cotton cloth, wood, woollen clothes, etc.
A material which is not easily decomposed by natural processes is termed non-biodegradable.
Examples: Tin, aluminium, plastic bags.

MP Board Class 8th Science Solutions

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 2 अलसस्य स्वप्नः

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 2 अलसस्य स्वप्नः (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 2 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 प्रश्न उत्तर MP Board प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)।
(क) विप्रपुत्रस्य नाम किम् आसीत्? (विप्र पुत्र का नाम क्या था?)
उत्तर:
विप्रपुत्रस्य नाम सोम शर्मा आसीत्। (विप्र पुत्र का नाम सोम शर्मा था।)

(ख) सक्तुभिः कति रुप्यकाणि उत्पत्स्यन्ते? (सत्तू से कितने रुपये हुये?)
उत्तर:
सक्तुभिः शतम् रुप्यकाणि उत्पस्यन्ते (सत्तू से सौ रुपये हुए।)

(ग) विप्रः कं सततम् अवलोकयति? (विप्र किसे एकटक देख रहा था?)
उत्तर:
विप्रः सक्तुम सततम् अवलोकयति। (विप्र सत्तू को एकटक देख रहा था।)

(घ) अश्वानां विक्रयात् किं भविष्यति? (घोड़ों को बेचने से क्या होगा?)
उत्तर:
अश्वानां विक्रयात् सुवर्णम् भविष्यति। (घोड़ों को बेचने से स्वर्ण मुद्रा आयेगी।)

(ङ) विप्रस्य प्रहारेण कः भग्नः? (विप्र के प्रहार से क्या टूट गया?)
उत्तर:
विप्रस्य प्रहारेण घटः भग्नः। (विप्र के प्रहार से घड़ा टूट गया।)

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 Question Answer MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्येन उत्तर लिखत् (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) विप्रः स्वपत्नी किम् अभिधारयति? (ब्राह्मण अपनी पत्नी से क्या बोलेगा?)
उत्तर:
गृहाण तावद् बालकम्। (अपने बच्चे को पकड़ो।)

(ख) घट कैः सम्पूरितः? (घड़े में क्या भरा था?)
उत्तर:
सक्तुभिः। (सत्तू)।

(ग) सुवर्णेन किं सम्मत्स्यत्? (स्वर्ण मुद्रा से क्या बनेगा?)
उत्तर:
चतुः शालम् गृहम्। (चौकोर घर)।

(घ) सोम शर्मा कुतः विप्रसमीपम् आगच्छति? (सोम शर्मा ब्राह्मण के पास कहां आयेगा?)
उत्तर:
अश्वखुरासन्नवर्ती। (घुड़साल में मेरे समीप)।।

(ङ) विप्रः पुत्रम् कुतः अवधारयिष्यति? (ब्राह्मण पुत्र को कहां ग्रहण करेगा?)
उत्तर:
अश्वशालयः पृष्ठदेशे। (घुड़साल के पीछे)।

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 सवाल जवाब MP Board प्रश्न 3.
अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत् (नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखो)
(क) सोम शर्मा पितरं दृष्ट्वा किं करिष्यति? (सोम शर्मा पिता को देखकर क्या करेगा?)
उत्तर:
ितु समीपम् आगमिष्यति। (पिता को देखकर उसके पास जायेगा।)

(ख) विप्रः रात्रो सुप्तः किं चिन्तयामास? (ब्राह्मण रात में सोते हुए क्या विचार किया?)
उत्तर:
अयं घटः सक्तुभि परिपूर्णः वर्तते। (इस घेड़े में सत्तू भरा हुआ है।)

(ग) विप्रः कं कदा कुतश्च अवधारिष्यति? (ब्राह्मण किसको कहा और कब धारण करेगा?)
उत्तर:
पुत्रम् अश्वशालायाः पृष्ठ देशे। (पुत्र को अश्वशाला के पीछे के भाग में ब्राह्मण ग्रहण करेगा।)

(घ) यदा दुर्भिक्षं भविष्यति तदा सक्तुभिः किंकिंभविष्यति? (जब अकाल होगा तब सत्तू के द्वारा क्या-क्या होगा?)
उत्तर:
स्वकणाम् सतम्। (अकाल के समय सैकड़ों रुपये सत्तू से प्राप्त होंगे)

(ङ) अस्याः कथायाः आशयः कः? (इस कथा का सार क्या है?)
उत्तर:
अविचार्यं न कर्तव्यम्। (बिना विचारे कोई कार्य नहीं करना चाहिए।) यही इस कथा का सार है।)

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 MP Board प्रश्न 4.
उदाहरणानुसारं शब्दानां धातु प्रत्यय च पृथक कुरुत
कक्षा 9 संस्कृत पाठ 2 MP Board

स्वर्णकाकः प्रश्न उत्तर MP Board प्रश्न 5.
अव्ययः वाक्यनिर्माणं कुरुत
यथा- सः अत्र अस्ति।
(क) च – रमेश सुरेशश्च आपणं गच्छति।
(ख) अपि – अहं अपि भोपालम् गमिष्यामि।
(ग) तावत् – तावत् वर्षा वभूव।
(घ) न – अहं न गमिष्यामि।
(ङ) ततः – ततः पुत्रः आगतः।

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 Answer MP Board प्रश्न 6.
उदाहरणानुसारं शब्दानां विभक्तिं, वचनं च लिखत्
Mp Board Class 9 Sanskrit Solution

Mp Board Class 9th Sanskrit Solution प्रश्न 7.
संधिविच्छेदं कृत्वा संधिः नाम लिखत्
(क) तद्यदि
उत्तर:
तत् + यदि = व्यंजन

(ख) कदाचिद्रात्रो
उत्तर:
कदाचित् + रात्रो = व्यंजन

(ग) तदनेन
उत्तर:
तत + अनेन = व्यंजन

(घ) कश्चित
उत्तर:
कः + चित = विसर्ग

(ङ) तथैव
उत्तर:
तथा + ऐव = वृद्धि स्वर

कक्षा 9 वीं संस्कृत अध्याय 2 MP Board प्रश्न 8.
क्रियापदानां धातु लकारम्, पुरुषं च लिखत्क्रियापदम्
Mp Board Solution Class 9th Sanskrit

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 Solution MP Board प्रश्न 9.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्” अशुद्ध वाक्यानां समक्षं “न” इति लिखत्
Mp Board Class 9 Sanskrit
उत्तर:
(क) न
(ख) आम्
(ग) आम्
(घ) आम्
(ङ) आम्

Class 9th Sanskrit Solution Mp Board प्रश्न 10.
रिक्तस्थानानि पूरयत् (खाली स्थान भरो)
(क) स एव पाण्डुरः शेते सोम शर्मा पिता यथा।
(ख) सुवर्णेन चतुः शालम् गृहं सम्पत्स्ये।
(ग) अजाभिः प्रभूता गा गृहीष्यामि।
(घ) तस्य अहम सोम शर्मा इति नाम करिष्यामि।
(ङ) वऽवा प्रसवतः प्रभूता अस्वाः भविष्यति

Mp Board Class 9 Sanskrit Chapter 2 प्रश्न 11.
यथायोग्यं योजयत् (सही जोड़ी बनाओ)
Mp Board 9th Class Sanskrit Solution

अलसस्य स्वप्नः पाठ-सन्दर्भ प्रतिपाद्य

यह कथा विष्णु शर्मा द्वारा रचित सुप्रसिद्ध कथा ग्रंथ ‘पंचतंत्र’ के ‘अपरीक्षित कारक’ नामक कृति से बालकों के ज्ञान-वृद्धि के उद्देश्य से ली गई है।

अलसस्य स्वप्नः पाठ का हिन्दी अर्थ

1. कस्मिंश्चिन्नगरे कश्चित् स्वभाव कृपणः विप्रः प्रतिवसति स्म। तेन भिक्षार्जितैः
भुक्तशेषैः सक्तुभिः कलशः सम्पूरितः। तं च घटं नागदन्ते अवलम्ब्य तस्याधस्तात् खट्वां निधाय सततम् एकदृष्ट्या तम् अवलोकयति।

शब्दार्थ :
कस्मिं-किसी-any; स्वभावकृपणा-स्वभाव से कँजूस-miser by nature; विप्रः-ब्राह्मण-Pandit, Wiseman; प्रतिवाति-रहता-Lives; भिक्षार्जितः-भिाक्षा के द्वारा अर्जित-Collection begging: भुक्तशेषैः-खाने से बचे हुए-Remaining food; सक्तुभिः-सत्तू-Power of Gram; तं-उसे-Complet, full, finish; च-और-him/ her/its; अवलम्ब्य-अवलंबित-Support; खटवां-खूटी-Nails; अवलोकयति-देखता था-Looks.

हिन्दी अर्थ :
किसी नगर में स्वभाव से कंजूस (कृपण) एक ब्राह्मण रहता था। वह भिक्षा से प्राप्त भोजन के बाद बचे हुए सत्तू को एक घड़े में भरता जाता। तब उस घड़े को एक खूटी से लटका कर उसके नीचे चारपाई पर बैठ घड़े को निरंतर देखता जाता।

2. अथ कदाचिद्रात्रौ सुप्तश्चिन्तयामास-यत् अयं घटः सक्तुभि परिपूर्णः वर्तते। तद्यदि दुर्भिक्षं भवति, तदनेन रुप्यकाणां शतमुत्पत्स्यते। ततस्तेन मया अजाद्वयं ग्रहीतव्यम्। ततः षाण्मासिकात् आप्रसववशात् ताभ्यां यूथंभविष्यति। ततोऽजाभिः प्रभूता गा गृहीष्यामि। गोभिर्महिषीः। महिषीभिर्वडवा। वडवाप्रसवतः प्रभूता अश्वा भविष्यन्ति। तेषां विक्रयात् प्रभूतां सुवर्णं भविष्यति। सुवर्णेन चतुः शालं गृहे सम्पत्स्यते।

शब्दार्थ :
अथ-इस प्रकार-This type; कदाचित-किसी-Anybody; सुप्त-सोते हुए-With sleeping; अयं-इस-This; सक्तुभि-सत्तू-Powder of gram; परिपूर्णः-परिपूर्ण-fulfill, over; शतमुत्पत्स्यते-सौहो जायेंगे-Hundred will be; तेन-उससे-Its; अजदूयं-दो बकरी-Two she goat; गृहीत्यम्-खरीदी जायेगी-Will have purchased; दुर्भिक्षम-अकाल-Starving; षाण्मासिकात्-छः महीने में होने वाली-Six monthly/Half yearly; ताभ्याम्-उससे-His; यूथम्-झुण्ड (समूह)-Group; गृहीष्यामि-ग्रहण करना-Will recieve; तेषां-उनके-Them; विक्रयात्-विक्रय से-From sell; प्रभूतं-बहुत अधिक-Very much; सुवर्ण-सोना-Gold; चतुःशालं-चौकोर-Square; गृहम्-घर-Home, House, Residence; सम्पत्स्यते-निर्मित करूँगा-Will build;

हिन्दी अर्थ :
तत्पश्चात् रात्रि में शयन करते समय मन में यह विचार करता कि सत्तू से यह कलश पूरी तरह भरा हुआ है। यदि अकाल पड़ जाता तो इसके द्वारा सैकड़ों रुपये प्राप्त हो जाएँगे। फिर उन रुपयों से वह दो बकरियाँ खरीदेगा। पुनः उन बकरियों से छः माह बाद पैदा होने वाले बच्चों का एक बहुत बड़ा समूह ही जाएगा। फिर वह इन बकरियों के बेचने से होने वाली आय से गायें, भैसें, भैसों से होने वाली आय से थोड़ी, उस घोड़ी से (अच्छे) किस्म के घोड़े होंगे। उन घोड़ों के बेचने से बहुत अधिक स्वर्ण प्राप्त होगा। उन स्वर्ण मुद्राओं से एक अच्छा घर निर्मित करूँगा।

3. ततः कश्चिद विप्रः मम गृहम् आगत्य रूपाढ्यां कन्यां मह्यं दास्यति। तत्सकाशात् पुत्रो मे भविष्यति। तस्य अहं “सोमशा” इति नाम करिष्यामि। ततः तस्मिञ्जानुचलन-योग्ये सजाते अहं पुस्तकंगृहीत्वा अश्वशालायाः पृष्ठदेशे उपविष्टस्तदवधारयिष्यामि। अत्रान्तरे सोमशर्मा मां दृष्ट्वा जनन्युत्सङ्गात् जानुचलनपरः अश्वखुरासन्नवर्ती मत्समीपमा गमिष्यति। ततोऽहं स्वपत्नी कोपाविष्टोऽभिधास्यामि ‘गृहाण तावद बालकम्। सा अपि गृहकर्म व्यग्रतयाऽस्मद्वचनं न श्रोष्यति। ततोऽहं समुत्थाय तं ताडयिष्यामि।

शब्दार्थ :
कश्चिद-कोई-Anybody; आगत्य-आकर-After coming; रूपाढ्यां रूपमति-Beautiful; दास्यति-देगा-Will give; तस्य-उससे-Her/Him; भविष्यति-होगा-Will/Shall; करिष्यामि-करूंगा-Will do/shall do; गृहीत्वा-ग्रहण करके-Except; जानुचलनयोग्ये-घुटने से चलने योग्य होने पर-Walking with knee, With fulfill of qualification; उत्सङ्गात्-गोद से-by lap; भग्नः-टूट गया-broke; षाण्डुरताम्-पीले रंग का-The colour of yellow; असम्भव्याम-असम्भव-Impossible; पृष्ठदेशे-पृष्ठ देश में-Behind of the stable; धारयिष्यामि-धारण करूँगा-Keep,except; तावद् बालकम-तुम्हारे बालक का-To your son; श्रोष्यति-सुना जाता है-Is listen; ताडयिस्यामि-पिटाई करूँगा-Will beating;

हिन्दी अर्थ :
तत्पश्चात् कोई ब्राह्मण मेरे घर आकर अपनी रूपवती कन्या मुझे देगा। उससे मेरा पुत्र होगा। उसका नाम मैं सोम शर्मा रलूँगा। तत्पश्चात् बालक के चलने योग्य हो जाने पर मैं पुस्तक लेकर घुड़साल के पीछे बैठकर अध्ययन करूँगा और बालक सोम शर्मा मुझे देखकर घुटने के बल घोड़े के खुरों के पास से होता हुआ घुड़साल में मेरे पास आ जाएगा। तब मैं अपनी पत्नी को गुस्से में डाँटते हुए पकड़ने को कहूँगा। वह भी गृहकार्य में व्यस्त होने के कारण मेरे वचन नहीं सुनेगी तो मैं उसकी पिटाई करूँगा।

4. एवं तेन ध्यानस्थितेन प्रहारो दत्तो यथा स घटो भग्नः स्वयं च पाण्डुरतां गतः अतोऽहं ब्रवीमि –
अनागतवती चिंताम असम्भाव्यां करोति यः।
स एव पाण्डुरः शेते सोमशर्मपिता यथा ॥

शब्दार्थ :
अनागतवतीम्-न आयी हुई को-Unreachable/miss call; ध्यानस्थितेन-ध्यान करते हुए-With meditate; ततैव-इसी प्रकार-This type; प्रहारो-प्रहार किया-Stroke.
हिन्दी अर्थ-इस प्रकार वह ब्राह्मण मन में ध्यान करते हुए उसी प्रकार प्रहार किया जिससे वह घड़ा फूट गया और ब्राह्मण (सत्तू के गिरने से) पीला पड़ गया। अतः मैं कहता हूँ –

“न आई हुई की चिंता करते हुए असंभावित कार्य की जो कल्पना करता है वह सोम शर्मा के पिता की तरह पीले रंग का हो जाता है।

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions

MP Board Class 7th Special English Solutions Chapter 19 Song of Radha, the Milkmaid

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MP Board Class 7th Special English Solutions Chapter 19 Song of Radha, the Milkmaid

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Song of Radha, the Milkmaid Text Book Exercise

Comprehension

Song Of Radha The Milkmaid Question And Answer MP Board Class 7th Question 1.
Where did Radha carry her curds to?
Answer:
Radha carried her curds to the Mathura fair.

Mp Board Class 7th English Chapter 19 Question 2.
What did she compare her curds to?
Answer:
She compared her curds to white clouds.

Song Of Radha The Milkmaid MP Board Class 7th Question 3.
What did she cry out and why?
Answer:
She cried out ‘Govinda’, ‘Govinda’. She did so because her heart was full of the beauty of her beloved Krishna.

Class 7 English Chapter 19 MP Board Question 4.
What did her comrades ask her to do?
Answer:
Her comrades asked her to dance, sing, wear saffron garments and pluck new buds.

Song Of Radha The Milkmaid Summary MP Board Class 7th Question 5.
Why did her comrades mock at her?
Answer:
Her (Radha’s) comrades mocked at her because she did not care for their requests. Instead of joining them in dance, in singing and plucking new buds, she cried ‘Govinda’, ‘Govinda’.

The Song Of Radha The Milkmaid MP Board Class 7th Question 6.
What did she do at the altar?
Answer:
She folded her hands at the altar and prayed for divine guidance at all times.

Song Of Radha The Quest Question And Answer MP Board Class 7th Question 7.
Why were her comrades angry?
Answer:
Her comrades were angry because she did not pay attention to their requests. She busied herself in the worship of her beloved Krishna.

Word Power

Select words from these and write them in the columns with the word they rhyme with:
(fry, bring,way, lay, rowing, buy, blowing, sky, flowing, spring, play, growing, hay, wing, shy, king, gay, ring why, glowing)
Answer:
Song Of Radha The Milkmaid Question And Answer MP Board Class 7th

Let’s Talk

Talk to your partner and find answers to the questions given below:
Radha The Milkmaid MP Board Class 7th Question 1.
Who is Radha?
Answer:
Radha is a milkmaid.

Question 2.
Who is Govinda?
Answer:
Govinda is Lord Krishna.

Question 3.
What is the poetess trying to explain about-Radha?
Answer:
The poetess is trying to explain that Radha is deeply devoted to Krishna. Her heart is full of Krishna’s beauty and music. She is so much engrossed in his worship that she does not care for anything else or any other person.

Question 4.
What does the poetess compare the curds with?
Answer:
The poetess compares the curds with white clouds in the sky.

Question 5.
Write about the three things that made Eadha say Govinda Govinda?
Answer:
The following three things made Radha say Govinda Govinda.

  1. Her heart was full of her beloved’s (Govinda’s) beauty.
  2. Her heart was deeply full of her beloved’s (Govinda’s) music.
  3. Her heart was fully lost in her beloved’s (Govinda’s) worship.

Let’s Write

Write three paragraphs one on each stanza of the poem explaining/saying what the poetess Sarojini Naidu is trying to say in the poem.
Answer:
Do Yourself.

Let’s Do it

(a) Find some more poems written by Sarojini Naidu and read them in the class.
(b) In your library find poems on Radha and krishna and write them in your note book.
Answer:
Class-room Activity

Song of Radha, the Milkmaid Word Meanings

Mp Board Class 7th English Chapter 19

Song of Radha, the Milkmaid Stanzas for Comprehension

1. I carried my curds to the Mathura fair
How softly the heifers were lowing
I wanted to cry “Who will buy
These curds that are white as the clouds in the sky
When the breezes of Shrawan are blowing?”

Question 1.
Who is ‘Y in the above stanza?
Answer:
Here T refers to ‘Radha’.

Question 2.
How were the heifers lowing?
Answer:
The heifers were lowing softly.

Question 3.
What did she want to cry?
Answer:
She wanted to cry, “who will buy these white curds?”

Question 4.
What do you mean by ‘Shrawan’?
Answer:
Shrawan is a month of rainy season in Hindu calendar.

2. How softly the river was flowing!
I carried my pots to the Mathura tide
How gaily the rowers were rowing!
My comrades called, “Ho! let us dance, let us sing
And wear saffron garments to welcome the spring.
And pluck the new buds that are blowing.”

Question 1.
What was flowing softly?
Answer:
The river was flowing softly.

Question 2.
What were the pots full of?
Answer:
The pots were full of curd and other gifts.

Question 3.
Why did her comrades call her?
Answer:
Her comrades called her to dance, sing and pluck the new buds.

Question 4.
How were the rowers rowing?
Answer:
The rowers were rowing in a gay mood.

3. I carried my gifts to the Mathura shrine
How brightly the torches were glowing!
I folded my hands at the altars to pray
“O shining, ones guard us by night and by day”
And loudly the conch shells were blowing.

Question 1.
Where did Radha carry her gifts?
Answer:
Radha carried her gifts to the Mathura Shrine.

Question 2.
How were the torches glowing there?
Answer:
The torches Were glowing brightly’ there.

Question 3.
What did she pray for?
Answer:
She prayed that the shining gods, should guard her every time.

Question 4.
What were blowing loudly?
Answer:
The conch shells were blowing loudly.

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MP Board Class 7th Special English Solutions Chapter 4 The Wheat is Cheaper-II

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MP Board Class 7th Special English Solutions Chapter 4 The Wheat is Cheaper-II

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The Wheat is Cheaper-II Text Book Exercise

Comprehension

A. Answer the questions given below:

Mp Board Class 7th English Chapter 4 Question 1.
Did the merchant cast a doubt on the farmer’s story?
Answer:
No, the merchant did not cast a doubt on the farmer’s story at all.

Class 7 English Chapter 4 The Wheat Is MP Board Question 2.
How did the farmer make the merchant pay him up?
Answer:
The farmer made the merchant pay him up by narrating a false story.

The Wheat Is Cheaper 2 MP Board Question 3.
Why did the merchant not object to the farmer’s charge about his father?
Answer:
The merchant would have to pay the farmer a hundred rupees if he cast a doubt on his story. He was very greedy, \miserly and money minded. By paying fee price of wheat he still saved some money. Therefore he did not object to the farmer’s charge about his father.

Class 7 English Chapter 4 Mp Board Question 4.
Why was he silent during the farmer’s story?
Answer:
He was silent during the farmer’s story because if he raised objection, he would undergo a loss of money.

Class 7 English Chapter 4 MP Board Question 5.
Why did the merchant decide to pay the farmer?
Answer:
The merchant decided to pay the farmer because the price of wheat was lesser than the price of raising the doubt.

Class 7 Chapter 4 English MP Board Question 6.
How much money did he pay to the farmer?
Answer:
He paid rupees seventy five to the farmer. It was the price of 75 kilos of wheat.

English Chapter 4 Class 7th MP Board Question 7.
Who do you think was clever’ the merchant or fee farmer?
Answer:
The farmer was cleverer of the two.

B. Read the following sentences and tick true or false.

  1. The merchant cast a doubt on the farmer’s story. T / F
  2. The merchant held his tongue.T / F
  3. The farmer had a weak horse with out saddle. T / F
  4. The grains sprouted on the horse back. T / F
  5. The merchant gave him hundred rupees. T / F
  6. The farmer’s story failed to impress the merchant. T / F

Answer:

  1. False
  2. True
  3. False
  4. True
  5. False
  6. True.

Word Power

A. Fill in the blanks using the words given below:
(Saddle, admired, sore, grain, sprouted, hire, reap, starving, begged, neighbouring, his)

The farmer used to go to the market on………….. horse. The horse had a fine …………… on which he sat. People of the …………. village …………. the horse and its saddle. The farmer’s saddle was torn which caused a …………. on its back. Once there was a storm and a lot of ………….. stuck into the wound. Later the grains of wheat …………. on the horse back. The farmer had to………… about forty men to………… the grain. One day a man came to my father and ………… him to give seventy five kilos of wheat. When my father saw the man…………. he gave him wheat.
Answer:
his, saddle, neighbouring, admired, sore, grain, sprouted, hire, reap, begged, starving.

Grammar in Use

A. Frame questions for the following answers using what, when, how, who, why.

Example:
Question.
Who had a fine horse?
Answer:
The farmer’s father had a fine horse.

i. ………….
Answer:
The farmer used to go on his horse to the market.

ii. …………
Answer:
The farmer found that the horse had a sore on its back.

iii. ………….
Answer:
He begged him to give him seventy- five kilos of wheat.

iv. …………..
Answer:
Your father owes seventy kilos of wheat to my father even to this day.

v. ……………
Answer:
The merchant began running his thumb up and was calculating.

Answer:
(i) Who used to go on his horse to the market?
(ii) What did the farmer find on the horse’s back.
(iii) Who begged him to give him seventy- five kilos of wheat.
(iv) What does my father owe to your father to this day?
(v) Why did the merchant begin running his thumb up and calculating?

Let’s Talk

Discuss in groups about the famous Indian freedom fighter Bhagat Singh and find answers to the following questions.

  1. Who was Bhagat Singh?
  2. Where was he born?
  3. How did he inspire people?
  4. Why did the British dislike him?
  5. Where was he hanged to death?

Answer:

  1. Bhagat Singh was a martyr.
  2. He was born at Lyollpur in Punjab (Now in Pakistan).
  3. He inspired the people to make armed struggle.
  4. The British disliked him because he shot dead Saunders and revenged the death of Lala Lajpat Rai.
  5. He also threw a bomb in the Assembly.
  6. He was hanged to death in Delhi.

Let’s Write

Read the information given in the table and write three sentences about each freedom fighter.
Example:
(1) Mahatma Gandhi was a freedom fighter
(2) He was born in Porbandar.
(3) He started Non-violence and Quit India movements.
Mp Board Class 7th English Chapter 1
Answer:
1. Mahatma Gandhi :
Mahatma Gandhi was born at Porbander. He started Non-Violence and Quit India movements. We call him ‘Bapu’. He was the liberator of India.

2. Subhash Chander Bose :
Subhash Chander Bose was born in Cuttack. He gave the slogan “give me blood” I’ll give you freedom, He founded the National Indian Army. He was famous by the name of ‘Netaji’.

3. Pandit Jawaharlal Nehru :
Jawaharlal Nehru was born at Allahabad. He was a true congress worker. He was the First Prime Minister of India. The children call him ‘Chacha’ He was the maker of modern India.

4. Mangal Pandey :
Mangal Pandey was born at Ballia. He was the first hero of Indian freedom movement of 1857. He lost his, life for the nation It was a great sacrifice!

Let’s Do It

Make a list of the names of crops produced by the farmers.
Answer:
The following is the list of the names of crops produced by the farmers.
Wheat barley, grams, millet, maize, rice

The Wheat is Cheaper-II Word Meanings

Page 22 to 24: Cast – show – दिखाना, Doubt – suspicion – राक, Really – actually – वास्तव में, Interesting – charming – रोचक – seat – काठी, Neighbouring – nearby – पास वाले, Admired – praised – सराहना करना, Sore – wound – घाव, Palm – front part of the hand – हथेली, Caused – brought- about – कारण बनना, Grains – corn – दाने, Sprout – germinate – उगना, Wonder – amazement – आरचर्थ, Reap – harvest – फसल काटना, Lucky – fortunate – भाग्यशाली, Indeed – really – सचमुच, Starving – suffering from hunger – भूखों मरना, Effort – attempt – प्रयत्न, Owes – remains to be paid, payment is due – देनदार, Calculating – counting – हिसाब लगाना, Bargain – transaction, a deal – सौदा

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