MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 4 नियोजन

MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 4 नियोजन

नियोजन Important Questions

नियोजन वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –

प्रश्न 1.
योजना के निम्न में से कौन-से उद्देश्य हैं –
(a) पूर्वानुमान
(b) मितव्ययता
(c) निश्चित लक्ष्यों को स्थापित करना
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(d) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 2.
“नियोजन भविष्य को पकड़ने के लिये बनाया गया पिंजड़ा है।” यह कथन किसने कहा है-
(a) हार्ट
(b) हेनरी फेयोल
(c) उर्विक
(d) ऐलन।
उत्तर:
(d) ऐलन।

प्रश्न 3.
नियोजन प्रक्रिया का अंतिम चरण है –
(a) लक्ष्य निर्धारण
(b) पूर्वानुमान
(c) सर्वोत्तम विकल्प का चयन
(d) अनुसरण करना।
उत्तर:
(d) अनुसरण करना।

प्रश्न 4.
भावी क्रियाओं का पूर्व निर्धारण, प्रबंध के किस कार्य के अंतर्गत किया जाता है –
(a) नियोजन
(b) संगठन
(c) नियंत्रण
(d) निर्देशन
उत्तर:
(a) नियोजन

प्रश्न 5.
उद्देश्य होने चाहिए –
(a) आदर्श
(b) जटिल
(c) व्यावहारिक
(d) एकपक्षीय।
उत्तर:
(c) व्यावहारिक

प्रश्न 6.
निम्न का योजना से संबंध नहीं है –
(a) बजट
(b) अभिप्रेरणा
(c) कार्यक्रम
(d) कार्यविधि।
उत्तर:
(b) अभिप्रेरणा

प्रश्न 7.
“मेरी संपत्ति, कारखाना, सब कुछ ले जाओ, मेरे लिए मेरा संगठन छोड़ दो, मैं अपने व्यापार को पुनः उसी स्थिति में खड़ा कर दूँगा।” यह कथन है –
(a) हेनरी फेयोल
(b) एफ.डब्ल्यू. टेलर
(c) हेनरी फोर्ड
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(c) हेनरी फोर्ड

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. ………….. एक ऐसी विधि है जो कार्य को पूरा करती है।
  2. नियोजन एक ……………. प्रक्रिया है।
  3. …………… प्रबन्ध का प्राथमिक कार्य है।
  4. बिना लक्ष्य के ……………………. की प्राप्ति नहीं हो सकती।
  5. बजट भविष्य के लिए ………………… का पूर्वानुमान है।

उत्तर:

  1. प्रक्रिया
  2. उद्देश्य निर्धारित
  3. नियोजन
  4. उद्देश्य
  5. खर्चों

प्रश्न 3.
एक शब्द या वाक्य में उत्तर दीजिए

  1. नियोजन करते समय प्रबन्ध को भविष्य के बारे में कुछ कल्पनाएँ (मान्यताएँ) करनी होती है। इन्हें क्या कहते हैं ?
  2. प्रबंध के सभी कार्यों में से एक कार्य को आधारभूत कार्य माना जाता है। उस कार्य का नाम बताइए।
  3. प्रतिस्पर्धी की नीति के विश्लेषण में कौन-सी योजना सहायता करती है ?
  4. वह योजना कौन-सी है जो कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले और न किए जाने वाले कार्य को बताती है ?
  5. प्रबंध के किस स्तर पर नियोजन कार्य किया जाता है ?
  6. नियोजन का घनिष्ठ संबंध किस प्रक्रिया से है ?
  7. लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किसकी आवश्यकता होती है ?
  8. नियोजन किस प्रकार की प्रक्रिया है ?
  9. प्रबंधकीय कार्यों का आधार क्या है ?
  10. भावी अनिश्चतता दूर करने में क्या आवश्यक है ?
  11. योजना किस प्रकार की क्रिया है ?
  12. नीतियों के निर्धारण का आधार क्या होता है ?
  13. नियोजन में सर्वप्रथम किसका निर्धारण किया जाता है ?
  14. क्या नियोजन पीछे देखने की क्रिया है ?
  15. क्या नियोजन एक भौतिक कसरत है ?

उत्तर:

  1. परिकल्पनाएँ
  2. नियोजन
  3. व्यूह रचना
  4. नियम
  5. सभी स्तरों पर
  6. नियंत्रण
  7. श्रेष्ठनियोजन
  8. बौद्धिक प्रक्रिया
  9. नियोजन
  10. नियोजन
  11. निरंतर चलने वाली क्रिया
  12. लक्ष्य
  13. लक्ष्य/उद्देश्य
  14. नहीं
  15. नहीं।

प्रश्न 4.
सत्य या असत्य बताइये

  1. नियोजन एक भौतिक कसरत है।
  2. नियोजन एक मानसिक कसरत है।
  3. नियोजन प्रबन्ध का प्राथमिक कार्य है।
  4. नियोजन आगे देखने की प्रक्रिया है।
  5. नियोजन समय की बर्बादी है।

उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. सत्य
  4. सत्य
  5. असत्य

प्रश्न 5.
सही जोड़ी बनाइये –
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 4 नियोजन image - 1
उत्तर:

  1. (d)
  2. (e)
  3. (b)
  4. (f)
  5. (a)
  6. (c)

नियोजन अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“नियोजन एक मानसिक कार्य है।” समझाइए।
उत्तर:
किसी भी योजना को बनाने के लिए उच्च स्तरीय सोच की आवश्यकता होती है, क्योंकि इसमें पूर्वानुमान लंगाना पड़ता है, विकल्पों का मूल्यांकन करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करना पड़ता है। इन सभी कार्यों हेतु उच्च स्तरीय ज्ञान की आवश्यकता होती है। अतः नियोजन एक मानसिक कार्य है।

प्रश्न 2.
व्युत्पन्न योजना किसे कहते हैं ? क्या सहायक योजना व्युत्पन्न योजना होती है ?
उत्तर:
व्युत्पन्न योजना वह योजना कहलाती है जो मुख्य योजना की सहायता के लिए और मुख्य योजना में से ही बनाई जाती है। हाँ, सहायक योजना, व्युत्पन्न योजना होती है क्योंकि सहायक योजना की व्युत्पत्ति मुख्य योजना से ही होती है।.

प्रश्न 3.
नियोजन को भविष्यवाणी क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
नियोजन का संबंध भविष्य से होता है अतः इसे भविष्यवाणी भी कहा जाता है।

प्रश्न 4.
नियोजन की सीमाओं पर विजय पाने के क्या उपाय हो सकते हैं ?
उत्तर:
नियोजन की सीमाओं पर विजय प्राप्त करने के निम्नलिखित उपाय हो सकते हैं

  1. नियोजन करते समय वर्तमान और भविष्य की समस्याओं का ध्यान रखना चाहिए।
  2. नियोजन उच्च स्तरीय प्रबंधकों द्वारा किया जाना चाहिए।
  3. नियोजन की सफलता हेतु सभी कर्मचारियों का सहयोग लेना चाहिए।
  4. नियोजन की पूर्ण जानकारी संबंधित पक्षों को देनी चाहिए।
  5. नियोजन सदैव विश्वसनीय आँकड़ों द्वारा बनाया जाना चाहिए।
  6. नियोजन लोचपूर्ण होना चाहिए।

प्रश्न 5.
नियोजन के अंतर्गत पाँच डब्ल्यू (W) कौन-से हैं ?
उत्तर:
नियोजन के पाँच डब्ल्यू (W) हैं –

  1. क्या (What)
  2. कहाँ (Where)
  3. कब (When)
  4. क्यों (Why)
  5. तथा कौन (Who)

कोई भी योजना हो इन पाँच दृष्टिकोणों के आधार पर ही बनती है।

प्रश्न 6.
मोर्चाबन्दी कितने प्रकार की होती है ? समझाइए।
उत्तर:
मोर्चाबन्दी दो प्रकार की होती है

  1. बाहरी मोर्चाबन्दी-बाहरी मोर्चाबन्दी से तात्पर्य है जो प्रतियोगी को ध्यान में रखकर बनाई जाती है।
  2. आंतरिक मोर्चाबन्दी-ऐसी मोर्चाबन्दी जो किसी परिवर्तन से संस्था के अंदर ही उत्पन्न होने वाली समस्या का सामना करने के लिए बनाई जाती है।

प्रश्न 7.
क्या बजट का संबंध नियोजन और नियंत्रण दोनों से होता है ? समझाइए।
उत्तर:
जब कोई बजट तैयार किया जाता है तो एक योजना बनाकर तैयार होता है अतः यह नियोजन से संबंधित होता है और जब परिणामों से विचलन को मापने के लिए एक उपकरण के रूप में इसका प्रयोग करते हैं तो इसका संबंध नियंत्रण से होता है। अतः कहा जा सकता है कि बजट का संबंध नियोजन तथा नियंत्रण दोनों से होता है।

प्रश्न 8.
यदि योजना न बनाई जाये तो इसका संगठन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
कार्य कैसे करना है, इसके लिए पहले से ही किया गया नियोजन कार्य को निर्देशित करता है। योजना के अभाव में अलग-अलग दशाओं में कार्य होगा तथा संगठन अपने इच्छित उद्देश्य को प्राप्त करने में सफल नहीं हो पाएगा।

प्रश्न 9.
वे कौन-सी घटनाएँ तथा शक्तियाँ हैं जो व्यवसाय की योजनाओं को प्रभावित करती हैं ?
उत्तर:
कीमतों तथा लागतों में वृद्धि, सरकारी हस्तक्षेप, अप्रत्याशित घटनाएँ तथा परिवर्तन, कानूनी प्रावधान तथा अधिनियम, व्यवसाय की योजनाओं को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 10.
“नियोजन सफलता की गारंटी नहीं है।” इस कथन को समझाइए।
उत्तर:
व्यवसाय की सफलता तभी संभव है जब योजनाओं को उचित प्रकार से बनाया तथा क्रियान्वित किया जाए। व्यावसायिक वातावरण स्थिर नहीं होता वह गत्यात्मक होता है। नियोजन समस्याओं को रोक नहीं सकता। यह केवल उसका पूर्वानुमान लगा सकता है तथा समस्याओं के उत्पन्न होने पर उनका सामना करने के लिए आकस्मिक योजना बना सकता है। प्रबन्ध के द्वारा अच्छे प्रयास किए जाने के बाद भी नियोजन कई बार सफल नहीं हो पाता। इसलिए माना जाता है कि नियोजन सफलता की गारंटी नहीं है।

प्रश्न 11.
निम्न के बारे में आप क्या जानते हैं

  1. सेविवर्गीय नीति
  2. विक्रय नीति
  3. मूल्य निर्धारण नीति।

उत्तर:

  1. सेविवर्गीय नीति-इसके अंतर्गत यह निश्चित किया जाता है कि कर्मचारियों की पदोन्नति का आधार योग्यता होगी या फिर वरिष्ठता।
  2. विक्रय नीति-इस नीति में यह निश्चित किया जाता है कि माल नकद बेचा जाना है या उधार भी।
  3. मूल्य निर्धारण नीति-इस नीति में विक्रय मूल्य का निर्धारण किया जाता है अर्थात् यह तय किया जाता है कि लागत में कितना लाभ जोड़कर विक्रय मूल्य निर्धारित करना है।

प्रश्न 12.
नियोजन की परिभाषा दीजिए।
उत्तर:
नियोजन की बहुमान्य परिभाषाएँ निम्न हैं –

  1. बिली ई. गौज, “नियोजन मूल रूप से चयन करना है और नियोजन की समस्या उसी समय पैदा होती है जबकि किसी वैकल्पिक कार्य विधि की जानकारी हुई हो।”
  2. जार्ज आर. टैरी, “नियोजन भविष्य में झाँकने की एक विधि या तकनीक है तथा भावी आवश्यकताओं का एक रचनात्मक पुनर्निरीक्षण है, जिससे कि वर्तमान क्रियाओं को निर्धारित लक्ष्यों के सम्बन्ध में समायोजित किया जा सके।”

प्रश्न 13.
नियोजन प्रबंध का प्राथमिक कार्य है ?
उत्तर:
नियोजन प्रबंध का प्राथमिक कार्य है, सर्वप्रथम योजना बनाई जाती है। जिसके द्वारा प्रबंध अपने लक्ष्यों एवं उद्देश्यों को निर्धारत करता है तथा लक्ष्य प्राप्ति हेतु क्या, किसे कब कैसे करना है ? इसका निर्धारण करता है। तत्पश्चात् इसकी शर्तों के लिए सभी प्रबन्धकीय क्रियाएँ जैसे–संगठन, नियुक्तिकरण, निर्देशन, नियंत्रण सम्पन्न होती है।

प्रश्न 14.
नियोजन और नियंत्रण में क्या संबंध है ?
उत्तर:
नियोजन और नियंत्रण में घनिष्ठ संबंध है। प्रभावी नियंत्रण उसी उपक्रम में रह सकता है, जहाँ पर समस्त क्रियाएँ निर्बाध गति से चलती हैं। बिना रुकावट के समस्त क्रियाएँ उसी उपक्रम में चलती हैं, जहाँ सम्पूर्ण व्यवस्था नियोजित हो, अतः स्पष्ट है कि जहाँ नियोजन नहीं वहाँ नियंत्रण नहीं। इस प्रकार नियंत्रण व्यवस्था हेतु नियोजन का अत्यधिक महत्व है।

प्रश्न 15.
प्रभावपूर्ण नियंत्रण हेतु नियोजन जरूरी है। समझाइए।
उत्तर:
प्रभावपूर्ण नियंत्रण की दृष्टि से नियोजन प्रबंधकीय नियंत्रण की कुंजी है। पूर्वानुमान बजट निर्माण, बजटरी नियंत्रण आदि के लिए पूर्ण नियोजन आवश्यक है। संस्था के लक्ष्य तभी पूरे हो सकते हैं जब प्रत्येक कदम पर प्रबंधकीय नियंत्रण प्रभावपूर्ण ढंग से लागू किया जाये।

प्रश्न 16.
नियोजन का आशय समझाइये।
उत्तर:
नियोजन-“नियोजन एक बौद्धिक क्रिया है, जिसके द्वारा प्रबंध अपने लक्ष्यों व उद्देश्यों को निर्धारित करता है तथा इसकी प्राप्ति हेतु विभिन्न विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन कर भावी कार्यों की रूपरेखा तैयार करता है तथा लक्ष्य प्राप्ति हेतु क्या, किसे, कब, कैसे करना है ? इसका निर्धारण करता है।”

प्रश्न 17.
यदि योजना न बनायी जाये तो इसका संगठन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
योजना के अभाव में कर्मचारी भिन्न-भिन्न दिशाओं में कार्य करेंगे और संगठन अपने इच्छित उद्देश्य को प्राप्त करने में असफल होगा।

प्रश्न 18.
विभिन्न विकल्पों में से श्रेष्ठ का चयन करना ही नियोजन है। समझाइये।
उत्तर:
नियोजन का निर्माण करते समय उपलब्ध विभिन्न विकल्पों की तुलना की जाती है अर्थात् लक्ष्यों, नीतियों, विधियों एवं कार्यक्रमों में सबसे उपयोगी एवं उत्तम का चयनकर योजनाएँ व नीतियों का निर्माण कर व्यावसायिक संस्थाओं की सफलता प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है।

प्रश्न 19.
“नियोजन भविष्य को पकड़ने के लिए रखा गया पिंजड़ा है।” इस कथन को समझाइए।
उत्तर:
भविष्य के कार्यों का वर्तमान में निर्धारण ही नियोजन है। व्यवसाय के विभिन्न कार्य कब, कैसे कहाँ व किस रूप में करना है इसकी योजना बना लेना ही नियोजन है। इसके अन्तर्गत भविष्य के जोखिमों का पता लगाकर उससे बचने का आवश्यक प्रयोग पूर्ण किया जा सके।

प्रश्न 20.
“नियोजन से भावी अनिश्चितता दूर होती है।” समझाइए।
उत्तर:
बिना नियोजन के भविष्य के प्रत्येक कार्य में अनिश्चितता रहती है कि कब, क्या तथा कैसे करना है अतः इस अनिश्चितता से बचने के लिए नियोजन करना अत्यन्त आवश्यक है। इतना ही नहीं विभिन्न प्राकृतिक एवं अन्य कारकों से भविष्य में अनेक परिवर्तन होते रहते हैं, अतः इन परिवर्तनों का सामना करने के लिए भी नियोजन करना आवश्यक है।

प्रश्न 21.
“नियोजन से साधनों का सदुपयोग होता है।” समझाइए।
अथवा
“श्रेष्ठ नियोजन साधनों के दुरूपयोग को रोकता है।” समझाइए।
उत्तर:
प्रत्येक उपक्रम के पास साधन होते हैं, अतः उपलब्ध साधनों का सदुपयोग करना प्रत्येक उपक्रम के लिए आवश्यक है, इस हेतु नियोजन के अन्तर्गत विभिन्न आँकड़ों व प्रवृत्तियों के द्वारा भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाया जाता है ताकि लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सके। अत: नियोजन से उपक्रम के सभी साधनों का सदुपयोग किया जा सकता है अतः साधनों के दुरुपयोग को नियोजन रोकता है।

प्रश्न 22.
किसी भी राष्ट्र के लिए नियोजन का अत्यधिक महत्व है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
किसी भी राष्ट्र के लिए नियोजन का अत्यधिक महत्व है। इन्हीं योजनाओं से रोजगार, शिक्षा, व्यापार, उद्योग, कृषि आदि का विकास कैसे हो इस संबंध में योजनायें तैयार की जाती हैं ताकि बेरोजगारी, अशिक्षा जैसे देश के शत्रुओं को भगाया जा सके। राष्ट्रीय नियोजन के कारण ही आज रोजगार के साधनों में वृद्धि को रही है, शिक्षा का प्रसार हो रहा है, उद्योग धंधे स्थापित हो रहे हैं, बेरोजगारी को दूर करने का राष्ट्रीय प्रयास जारी है। यह सब नियोजन से भी संभव हो सका है।

प्रश्न 23.
“बिना नियोजन के लक्ष्यों की प्राप्ति संभव नहीं है। स्पष्ट कीजिए।”
उत्तर:
प्रत्येक संस्था का एक निश्चित लक्ष्य या उद्देश्य होता है। इन निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति समय पर तभी हो सकती है, जब संस्था की समस्त क्रियाएँ पूर्व नियोजित ढंग से सम्पन्न की जाये। नियोजन में प्रत्येक काये व्यवस्थित व सही समय पर होने से लक्ष्य पूर्व निर्धारित समय में आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

प्रश्न 24.
बजट नियोजन का एक प्रारूप (प्रकार) क्यों माना जाता है ?
उत्तर:
क्योंकि बजट विभिन्न विभागों के निर्धारित उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक अनुमानित जन सामग्री, समय एवं अन्य साधनों का ब्यौरा देता है।

प्रश्न 25.
“बजट का संबंध नियोजन व नियंत्रण दोनों से होता है।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जब हम बजट तैयार करते हैं, तो उसका संबंध नियोजन से होता है और जब हम परिणामों में विचलन को मापने के लिए एक उपकरण के रूप में इसका प्रयोग करते हैं तो इसका संबंध नियंत्रण से होता है।

प्रश्न 26.
नियंत्रण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
व्यापारिक वातावरण में परिवर्तन आता रहता है और इसमें इतना अधिक परिवर्तन आता है कि एक ही प्रक्रिया को अपनाना व्यवसाय के लिए हितकर नहीं है और इसमें हानि भी हो सकती है अतः प्रत्येक व्यवसायी के लिए आवश्यक है कि वह परिवर्तनों को ध्यान में रखें तथा समयानुसार उसका अनुसरण करें।

नियोजन लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नियोजन की सीमाओं के दो उदाहरण दीजिए जो कि नियंत्रण से बाहर होते हैं।
उत्तर:
नियोजन की सीमाएँ निम्न हैं

  1. प्राकृतिक आपदा- प्राकृतिक आपदा कब, कहां और कैसे आ जाए यह पूर्व निश्चित नहीं होता आपदाएँ सदैव मानव के नियंत्रण के बाहर होती हैं।
  2. बाजार में प्रवृत्ति, रुचि या फैशन में परिवर्तन-बाजार में प्रतिदिन नए सामान उपलब्ध हो जाते हैं इस कारण उपभोक्ता की रुचि बदलती रहती है।

प्रश्न 2.
क्या नियोजन के बिना नियंत्रण संभव है ?
उत्तर:
नियोजन को नियंत्रण की पूर्व-आवश्यकता माना जाता है। यह उन लक्ष्यों अथवा मानकों को तय करता है जिसके अनुरूप वास्तविक कार्यानुपालन की माप की जाती है, अन्तरों को जाना जाता है तथा सुधारात्मक कार्यवाही की जाती है क्योंकि लक्ष्य न होने पर न तो अन्तरों का पता लगाया जाता है और न ही सुधारात्मक कार्यवाही हो सकती है अतः नियंत्रण के बिना नियोजन संभव ही नहीं है।

प्रश्न 3.
नियोजन क्या है ? इसकी कोई दो परिभाषाएँ दीजिए।
उत्तर:
नियोजन से आशय-नियोजन से अभिप्राय वर्तमान में यह निश्चय करना कि भविष्य में क्या किया जाना है। यह करने से पूर्व सोचने की क्रिया है। नियोजन प्रक्रिया में प्रबंधक भविष्य का पूर्वानुमान लगाता है। दूसरे शब्दों में नियोजन हम जहाँ हैं, से लेकर हमें जहाँ जाना है कि बीच की दूरी को कम करता है।

परिभाषा-

  1. कूण्ट्ज एवं ओ. डोनेल के अनुसार, “क्या करना है, कैसे करना है, इसे क्यों करना है और इसे किसे करना है, का पूर्व निर्धारण ही नियोजन है।”
  2. एलन के अनुसार, “नियोजन भविष्य को पकड़ने के लिए बनाया गया पिंजरा है।”

प्रश्न 4.
बजट और कार्यक्रम में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
बजट और कार्यक्रम में अंतर –

बजट:

  1. बजट का समय प्रायः एक वर्ष होता है।
  2. बजट में अधिक महत्व वित्त को दिया जाता है।
  3. बजट संस्था के सामान्य उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु एक गुणात्मक सारिणी है।
  4. बजट को प्रायः एक बड़ी योजना का वित्तीय आधार माना जाता है।

कार्यक्रम:

  1. कार्यक्रम का समय उस समय तक होता है जब तक कि उद्देश्य प्राप्त न हो जाए।
  2. कार्यक्रम में वित्त के साथ-साथ कार्यविधि को भी महत्व दिया जाता है।
  3. कार्यक्रम किसी विशिष्ट उद्देश्य की प्राप्ति हेतु क्रमबद्ध व समयबद्ध सारिणी है।
  4. प्रायः प्रत्येक कार्यक्रम का अपना-अपना बजट भी होता है।

प्रश्न 5.
स्थायी और एकल योजनाओं में अन्तर बताइए।
उत्तर:
स्थायी और एकल योजनाओं में अन्तर –
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प्रश्न 6.
नियोजन प्रक्रिया एक चरण के रूप में एक विकल्प का चयन करना’ से क्या आशय होता है ?
उत्तर:
एक विकल्प के चयन का अर्थ-एक विकल्प के चुनाव से अभिप्राय उद्देश्य की प्राप्ति के विभिन्न विकल्पों में से एक ऐसे विकल्प का चयन करना है जो संस्था के लिए उपयुक्त हो। यह विकल्प अधिक लाभप्रद, संभव तथा कम नकारात्मक हस्तक्षेप वाला होना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि कोई एक विकल्प उपयुक्त नहीं होता। ऐसी अवस्था में एक विकल्प का चुनाव करने की बजाय विभिन्न विकल्पों का मिश्रण चुना जा सकता है।

प्रश्न 7.
नियम व कार्यविधि में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
नियम व कार्यविधि में अन्तर –
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प्रश्न 8.
उद्देश्य व नीतियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
उद्देश्य व नीतियों में अंतर
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प्रश्न 9.
उद्देश्य की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:

  1. उद्देश्य का निर्धारण प्रायः संस्था के उच्च स्तर के प्रबंधकों द्वारा किया जाता है।
  2. वे भविष्य के मामलों का वर्णन करते हैं जिन्हें संगठन प्राप्त करना चाहता है।
  3. वे व्यापार की संपूर्ण योजना को मार्गदर्शन देते हैं।
  4. संगठन में विभिन्न विभागों या इकाइयों के अपने-अपने अलग उद्देश्य होते हैं।
  5. उद्देश्य दीर्घकालीन भी हो सकते हैं और लघुकालीन भी।

प्रश्न 10.
उद्देश्य के महत्व/आवश्यकता के बिन्दु लिखिए।
उत्तर:
उद्देश्य का महत्व –

  1. उद्देश्य संस्था की विभिन्न गतिविधियों को दिशा प्रदान करते हैं।
  2. वे संगठन में निर्णयन और अन्य समस्त क्रियाओं को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
  3. सुभाषित उद्देश्य प्रबंधकीय कुशलता लाते हैं।
  4. वे समन्वय को सुविधाजनक बनाते हैं।
  5. वे संसाधनों के सर्वोत्तम प्रयोग में सहायता करते हैं।

प्रश्न 11.
कार्यविधियों की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
कार्यविधियों की विशेषताएँ

  1. वे एक दिनचर्या में प्रयोग किये जाने वाले चरणों का कालक्रम है कि गतिविधियों का किस प्रकार पालन किया जाये।
  2. ये प्रायः आंतरिक लोगों द्वारा पालन करने के लिए बनी होती हैं।
  3. कार्यविधियों का नीतियों के साथ गहरा संबंध होता है।
  4. क्रियाविधियाँ वे चरण हैं जिनका नीतियों के खाके में पालन किया जाता है।
  5. ये नियमित घटनाओं को संचालित करने का एक व्यवस्थित तरीका है।
  6. ये किसी विशेष कार्यों को करने के लिए चरणों की श्रृंखला तय करती हैं।

प्रश्न 12.
व्यूह रचना (रणनीति) की विशेषताएँ/प्रकृति लिखिए।
उत्तर:
व्यूह रचना (रणनीति) की विशेषताएँ-निम्नलिखित विशेषताएँ व्यूह रचना की प्रकृति दर्शाती हैं

  1. रणनीतियाँ प्रतियोगियों की योजनाओं के प्रकाश में बनाई गई योजनाएँ हैं।
  2. वे एकल प्रयोग योजनाएँ होती हैं, क्योंकि वे बाजार की दशाओं में परिवर्तन के साथ प्रायः बदलती रहती है।
  3. इसके तीन उपाय हैं
    • दीर्घकालीन लक्ष्यों का निर्धारण
    • अमुक/विशिष्ट क्रियाविधि को अपनाना
    • उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संसाधनों का बँटवारा करना।
  4. रणनीतियों का निर्माण संस्था के उच्च स्तर प्रबंधकों के द्वारा होता है।
  5. रणनीति एक गत्यात्मक अवधारणा है।
  6. जब कभी किसी रणनीति का निर्माण किया जाता है तब उस समय, व्यावसायिक पर्यावरण का ध्यान रखना पड़ता है।

प्रश्न 13.
व्यूह रचना के महत्व के बिन्दु लिखिए।
उत्तर:
व्यूह रचना का महत्व

  1. यह एक व्यापक योजना है जो संगठन के उद्देश्य को पूरा करती है।
  2. यह संगठन के दीर्घकालीन जीवन तथा विकास के लिए आवश्यक है।
  3. व्यूह रचना की सहायता से संगठन पर्यावरण अवसरों से लाभ उठा सकते हैं।
  4. व्यूह रचना की सहायता से संगठन पर्यावरण अवरोधों का मुकाबला कर सकता है।

प्रश्न 14.
नियोजन की सीमाओं को नियंत्रित करने के कोई तीन उपाय लिखिए।
उत्तर:

  1. विश्वसनीय तथ्य एकत्रित करने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
  2. नियोजन में कर्मचारियों की भागीदारी होनी चाहिए।
  3. नियोजन बनाते समय बाहरी पर्यावरण का गहन अध्ययन करना चाहिए।

प्रश्न 15.
आदर्श नियोजन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
एक आदर्श नियोजन की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  1. निश्चित लक्ष्य-प्रबंध का प्रथम कार्य नियोजन करना है। नियोजन के कुछ निश्चित लक्ष्य होते हैं जिनके आधार पर ही योजनाएँ तैयार की जाती हैं, जिससे लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सके।
  2. श्रेष्ठ विकल्प का चयन-योजना बनाते समय विभिन्न विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन करके योजनाएँ एवं नीतियाँ बनाई जाती हैं।
  3. लोचता-योजना में लोचता का गुण होना चाहिए क्योंकि कोई भी योजना जितनी लचीली होगी उतनी ही सफल होगी।
  4. निरंतरता-कोई भी योजना एक बार बनाने की वस्तु नहीं है अपितु यह कार्य सदैव चलते रहना . चाहिए, आवश्यकता पड़ने पर पुरानी योजना में संशोधन भी किया जाता है।

प्रश्न 16.
बताइये किस प्रकार नियोजन निर्णय लेने को सुविधाजनक बनाता है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
नियोजन में लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। इन लक्ष्यों की सहायता से प्रबंधक विविध गतिविधियों (alternatives) का मूल्यांकन करता है और उपयुक्त गतिविधि का चयन करता है। योजनाएँ पहले से ही बना ली जाती हैं कि क्या करना है और कब । अतः निर्णय पूरे विश्वास से लिए जा सकते हैं।

प्रश्न 17.
योजनाओं के प्रकार के रूप में ‘पद्धति’ और ‘बजट’ में अंतर्भेद कीजिए।
उत्तर:
पद्धति और बजट में अन्तर-पद्धति योजना का वह प्रकार है जो किसी काम को पूरा करने के लिए की जाने वाली विभिन्न क्रियाओं का क्रम निश्चित करती है। इसका संबंध सभी क्रियाओं से न होकर किसी एक क्रिया से होता है।

एक कार्य को पूरा करने की कई विधियाँ होती हैं। कई पद्धतियों से ऐसी पद्धति को चुना जाता है जिससे काम करने वाले व्यक्ति को थकावट कम हो, उत्पादकता में वृद्धि हो तथा कम लागते आये। पद्धतियाँ कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश के रूप में कार्य करती हैं। ये कर्मचारियों के कार्यों में एकरूपता लाने में सहायता करती है।

प्रश्न 18.
योजनाओं के प्रकार के रूप में ‘उद्देश्य’ तथा ‘युक्ति/रणनीति’ में अंतर्भेद कीजिए।
उत्तर:
उद्देश्य तथा रणनीति में अंतर-उद्देश्य वे अंतिम परिणाम होते हैं जिन्हें व्यवसाय के किसी विशेष क्षेत्र में एक निश्चित समयावधि के भीतर प्राप्त करना होता है। ये व्यावसायिक क्रियाओं को दिशा प्रदान करते हैं। यह भविष्य की इच्छित स्थिति है जहाँ तक प्रबंध पहुंचना चाहता है। उद्देश्य संगठन के मूल होते हैं। उद्देश्यों का अर्थ है कि व्यापारिक फर्मे क्या चाहती हैं। उदाहरण के लिए एक संगठन का उद्देश्य 10% बिक्री बढ़ाना है। इसके विपरीत युक्ति/रणनीति/मोर्चाबंदी एक व्यापक योजना है जो उद्देश्यों को पूरा करती है। जब कभी रणनीति बनाई जाती है तो व्यापारिक वातावरण को ध्यान में रखा जाता है। व्यूह रचना के तीन आयाम हैं

  1. दीर्घकालीन लक्ष्यों का निर्धारण
  2. विशिष्ट कार्य-विधि को अपनाना तथा
  3. उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संसाधनों का बँटवारा करना।

नियोजन दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नियोजन करते समय क्या बाधाएँ या कठिनाइयाँ आती हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
नियोजन के मार्ग में आने वाली बाधाएँ. निम्न हैं

1. व्ययपूर्ण कार्य -यह एक न्यायपूर्ण कार्य है क्योंकि इसको बनाने में बहुत समय, धन तथा श्रम लगता है जिसके कारण लागत बढ़ जाती है। कभी-कभी नियोजन से मिलने वाले लाभ उस पर किए गए व्यय की अपेक्षा बहुत कम होते हैं।

2. भावी घटनाओं की अनिश्चितता -चूँकि भविष्य अनिश्चित होता है और योजनाएँ भविष्य के लिए ही बनाई जाती है अत: यह योजनाएँ पूरी तरह से सटीक हो यह कोई जरूरी नहीं होता क्योंकि जो होने वाला है वह तो होता ही है। ऐसी दशा में नियोजन क्यों और कैसे किया जाए उसका कोई औचित्य नहीं है।

3. सर्वोत्तम विकल्प के चयन में कठिनाई -दिये गए विकल्पों में सर्वोत्तम विकल्प कौन-सा है यह तय करना कठिन है। यह भी संभव है कि जो विकल्प आज सर्वोत्तम है, वह कल सर्वोत्तम नहीं रहे। अत: नियोजन के कार्य में बाधा ध्यान देने योग्य है।

4. नीरस कार्य-योजना बनाने का कार्य मुख्यत – सोचने तथा कागजी खानापूर्ति से संबंध रखता है जबकि प्रबंधक सक्रिय कार्य करना पसंद करते हैं। अतः उनके लिए नियोजन कार्य नीरस प्रकृति का बन जाता

5. लोच का अभाव -नियोजन होने के पश्चात् व्यावसायिक उपक्रमों को अपने समस्त संसाधनों को पूर्व निश्चित क्रम से कार्य में लगाना पड़ता है। इससे प्रबंध में कुछ सीमा तक लोच का अभाव हो जाता है।

प्रश्न 2.
नियोजन के तत्व कौन-कौन से हैं ?
अथवा
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए

  1. लक्ष्य या उद्देश्य
  2. नीतियाँ
  3. बजट
  4. मोर्चाबन्दी
  5. कार्यक्रम।

उत्तर:

1. लक्ष्य या उद्देश्य-लक्ष्य नियोजन का आधार होते हैं, लक्ष्य परिणाम होते हैं, इन्हीं परिणामों की प्राप्ति के लिए भविष्य की समस्त क्रियायें सम्पादित की जाती हैं। लक्ष्यों के द्वारा हमें क्या करना है, का ज्ञान होता है।

2. नीतियाँ-लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जिन सिद्धान्तों को ध्यान में रखा जाता है वे सिद्धान्त ही नीतियाँ कहलाती हैं। नीतियाँ प्रबंधकीय क्रियाओं का मार्गदर्शन करती हैं।

3. बजट-बजट भविष्य के लिये खर्चों का पूर्वानुमान होते हैं । बजट बन जाने से खर्चों को नियंत्रित एवं नियमित किया जा सकता है। बजट भविष्य की आवश्यकताओं का अनुमान है जो व्यक्तियों द्वारा लगाया जाता है और एक निश्चित समय में एक निश्चित उद्देश्य को प्राप्त करने का स्पष्टीकरण देता है। यह भविष्य की योजनाएँ होती हैं। इसके बनने के बाद ही विभिन्न विभागों के कार्य-कलापों की सीमा निश्चित हो जाती है।

4. मोर्चाबन्दी-मोर्चाबन्दी या व्यूहरचना एक व्यावहारिक योजना है जिसमें प्रतिस्पर्धियों को ध्यान में रखकर योजना बनाई जाती है। जब एक उत्पादक अपनी योजना को गुप्त रखकर अन्य प्रतिस्पर्धी की योजना को ज्ञात करने का प्रयास करता है, यही मोर्चाबन्दी कहलाती है।

5. कार्यक्रम-किसी कार्य को सम्पन्न करने की संक्षिप्त योजना को कार्यक्रम कहा जाता है। कार्यक्रम एक उद्देश्य की प्राप्ति के लिये आवश्यक प्रयासों की एक श्रेणी है जो प्राथमिकता के क्रम में व्यवस्थित होते हैं।

प्रश्न 3.
आदर्श नियोजन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
आदर्श नियोजन की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं

1. निश्चित लक्ष्य (Definite goals) -प्रबन्ध का प्रथम कार्य है नियोजन करना। नियोजन के कुछ निश्चित लक्ष्य होते हैं। इन लक्ष्यों के आधार पर ही योजना तैयार की जाती हैं, जिससे लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सके।

2. पूर्वानुमान (Forecasting) -नियोजन में पूर्वानुमान का विशेष महत्त्व है। जानकारी एवं आँकड़ों के आधार पर पूर्वानुमान किये जाते हैं, जिससे योजना बनाने में काफी सुविधा होती है। हेनरी फेयोल ने इस हेतु ‘PREVOYANCE’ शब्द का प्रयोग किया है, जिसका आशय आगे देखना (Looking Ahead) होता है।

3. श्रेष्ठ विकल्प का चुनाव (Selection of best alternatives) – योजना बनाते समय विभिन्न विकल्पों को तैयार कर उनकी तुलना की जाती है, तत्पश्चात् उनमें से श्रेष्ठ का चुनाव कर कार्य हेतु योजनायें एवं नीतियाँ बनाई जाती हैं।

4. सर्वव्यापकता (Pervasiveness) – सम्पूर्ण प्रबन्ध में नियोजन व्याप्त है, प्रबन्ध के प्रत्येक क्षेत्र में नियोजन का अस्तित्व है, प्रत्येक प्रबन्धक को योजनायें बनानी पड़ती हैं। इसी प्रकार फोरमैन भी अपने स्तर पर योजनायें बनाता है। अत: यह सर्वव्यापी है।

5. लोचता (Flexibility) – योजना में लोच का गुण अवश्य रहता है, अर्थात् आवश्यकतानुसार उसमें परिवर्तन करना पड़ता है, योजनायें जितनी लचीली होंगी, योजना उतनी सफल होगी। अतः योजना में लोचता होनी चाहिये।

6. निरन्तरता (Continuity) – योजना केवल एक बार बनाने की वस्तु नहीं है, अपितु योजना बनाने का कार्य निरन्तर चलता रहता है। आवश्यकतानुसार पुरानी योजनाओं में संशोधन भी किया जाता है। अत: योजनायें निरन्तर चलती रहती हैं।

प्रश्न 4.
नियोजन के उद्देश्य लिखिए।
उत्तर:
नियोजन के उद्देश्य (Goals or Objectives of Planning) नियोजन करना मनुष्य के लिये आवश्यक है। नियोजन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं –

1. भावी कार्य-योजना तैयार करना-नियोजन का आशय है भविष्य के गर्त को देखना अर्थात् भविष्य में क्या, कहाँ, कैसे, किससे व कौन कार्य करेगा इसकी रूपरेखा तैयार करना ही नियोजन का उद्देश्य होता है।

2. भावी गतिविधियों में निश्चितता लाना-कार्य-योजना सुनिश्चित न होने से कौन-सा कार्य कब, कहाँ, कैसे व कौन करेगा यह अनिश्चित रहता है, जबकि इसका पूर्व निर्धारण कर लेने से भविष्य के कार्यों में निश्चितता आती है। अतः नियोजन भविष्य के कार्य में निश्चितता व स्थिरता प्रदान करता है।

3. कार्यों में एकरूपता लाना-नियोजन द्वारा कार्यों में एकरूपता लाई जा सकती है क्योंकि कार्यों को करने का सम्पूर्ण ढंग नियोजन द्वारा पूर्व से ही निर्धारित कर दिया जाता है। कार्यों में एकरूपता से व्यवसाय व उत्पाद की ख्याति बढ़ती है।

4. भविष्य की जानकारी देना-नियोजन करने के पश्चात् उसकी जानकारी संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों को दी जाती है, ताकि वे नियोजन के अनुरूप कार्य कर सकें। अतः जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से भी नियोजन किया जाता है।

5. अपव्यय रोककर मितव्ययिता लाना-नियोजन के अंतर्गत एक मानक व सम्भावित बजट तैयार किया जाता है। इसमें उन बिन्दुओं को ध्यान में रखा जाता है जहाँ पर अधिक व अनावश्यक व्यय होने की सम्भावना है। इन व्ययों को कम करने के उपाय खोजे जाते हैं । इस प्रकार नियोजन का उद्देश्य अपव्यय को रोककर उत्पादन में मितव्ययिता लाना है।

6. पूर्वानुमान लगाना-नियोजन में भविष्य के कार्यों व व्ययों का पूर्वानुमान लगाया जाता है ताकि उसमें आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सके।

प्रश्न 5.
नियम व नीतियों में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
नियम व नीति में अन्तर –
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 4 नियोजन image - 5

प्रश्न 6.
नीतियों तथा कार्यविधियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
नीतियाँ तथा कार्यविधि में अंतर
MP Board Class 12th Business Studies Important Questions Chapter 4 नियोजन image - 6

प्रश्न 7.
नियोजन के महत्व या लाभ लिखिए। –
उत्तर:
व्यवसाय हो या सामान्य जीवन, धर्म हो या राजनीति किसी भी क्षेत्र में नियोजन के महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता। सत्य तो यही है कि बिना नियोजन के आज कोई भी कार्य अधूरा-सा लगने लगता है। बिना मानचित्र (Map) बनाये हम एक अच्छे भवन निर्माण की कल्पना नहीं कर सकते हैं। आज व्यवसाय में प्रतिदिन हमें नियोजन का सहारा लेना पड़ता है। इसीलिये कहा गया है कि नियोजन व्यवसाय का आधार स्तम्भ है। जिस प्रकार मकान का आधार (Base) कमजोर हो तो पूरा मकान कमजोर होगा। वैसे ही किसी व्यवसाय का नियोजन ही कमजोर रहा तो वह व्यवसाय कभी भी सशक्त व विकसित नहीं हो सकता। नियोजन के महत्त्व को स्पष्ट करते हुए जी.डी. एच. कोल ने कहा है-“बिना नियोजन के कोई भी कार्य तीर और तुक्के पर आधारित होगा जिससे केवल भ्रम, सन्देह एवं अव्यवस्था ही उत्पन्न होगी।” नियोजन के महत्त्व को निम्न शीर्षकों द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है

1. प्रबन्धकीय कार्यों का आधार – प्रबन्ध के अन्तर्गत अनेक कार्य किये जाते हैं, जैसे-संगठन, निर्णयन, नियंत्रण, समन्वय, अभिप्रेरणा आदि। इन सभी कार्यों को कैसे पूर्ण करना है, इस हेतु एक योजना बनाई जाती है, इसी के साथ विभिन्न नीतियों व कार्य विधियों को कैसे लागू किया जाये, ताकि लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके, इस हेतु एक योजना अवश्य बना ली जाती है। इस प्रकार प्रबन्ध के अन्य कार्यों का नियोजन आधार है।

2. भावी अनिश्चितता को दूर करने के लिये – बिना नियोजन के भविष्य के प्रत्येक कार्य में अनिश्चितता.रहती है कि अब क्या व कैसे करना है, अतः इस अनिश्चितता से बचने के लिये नियोजन करना अत्यन्त आवश्यक है। इतना ही नहीं विभिन्न प्राकृतिक एवं अन्य कारकों से भविष्य में अनेक परिवर्तन होते रहते हैं। अतः इन परिवर्तनों का सामना करने के लिये भी एक योजना बनाना अच्छा होता है।

3. उतावले निर्णयों से बचने के लिये – एक कहावत है कि “जल्दी काम शैतान का’ अर्थात् उतावले या शीघ्र निर्णय उसी समय लेना चाहिये जब कोई अन्य विकल्प न हो, उतावले निर्णयों की सफलता पर सदैव संदेह रहता है, इसीलिये व्यवसाय के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु पूर्व में ही नियोजन कर लिया जाये तो उतावले निर्णयों से बचा जा सकता है। ऐलन ने कहा है- “नियोजन के माध्यम से उतावले निर्णयों और अटकलबाजी कार्यों की प्रकृति को समाप्त किया जा सकता है।”

4. साधनों का सदुपयोग—प्रत्येक उपक्रम के पास साधन होते हैं । अतः उपलब्ध साधनों का सदुपयोग करना प्रत्येक उपक्रम के लिये आवश्यक है। इस हेतु नियोजन के अन्तर्गत विभिन्न आँकड़ों (Datas) व प्रवृत्तियों ( Trends) के द्वारा भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाया जाता है, ताकि लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सके। नियोजन से उपक्रम के सभी साधनों का सदुपयोग किया जा सकता है।

5. लागत व्यय में कमी-नियोजन में प्रत्येक स्तर पर की जाने वाली क्रियाओं के व्यय का पूर्वानुमान लगाया जाता है, यदि किसी स्तर पर व्यय का अनुमान अधिक हो तो उसे पूर्वानुमान करते समय ही कम करने के उपाय खोजे जा सकते हैं साथ ही नियोजन द्वारा विभिन्न क्रियाओं में आने वाली लागत को भी नियंत्रित किया जा सकता है। नियोजन में वस्तु की लागत के विभिन्न स्तर (Process) पर लागत का अनुमान लगाकर एक मानक (Standard) निर्धारित किया जाता है, तत्पश्चात् इसी मानक को ध्यान में रखकर उत्पादन पर व्यय किये जाते हैं।

प्रश्न 8.
कभी-कभी प्रबंध के सर्वोच्च प्रबंधों के बावजूद भी नियोजन क्यों असफल होते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हमने नियोजन के लाभों एवं महत्त्व की विस्तृत विवेचना की है। इनके लाभों एवं महत्त्व को देखते हुये प्रबन्धकों को नियोजन अत्यन्त सावधानी व सतर्कता से करना चाहिये तथा नियोजन का कार्य अनुभवी व विशिष्ट योग्यता वाले प्रबन्धकों से कराना चाहिये। नियोजन के निर्माण में सामान्यतः जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है वे निम्नलिखित हैं

1. श्रेष्ठ नियोजकों का अभाव-नियोजन सदैव भविष्य के बचाव के लिये किया जाता है। इसके लिये योग्य, अनुभवी एवं कुशल नियोजकों (नियोजन करने वाले) का अभाव रहता है। योग्य योजना बनाने वाले सभी उपक्रम को नहीं मिल पाते हैं साथ ही भविष्य की योजना के लिये मशीन, यन्त्रों तथा सांख्यिकी ज्ञान की आवश्यकता होती है। इसके अभाव में भी अच्छे नियोजक श्रेष्ठ योजना नहीं बना सकते।

2. नियोजन तकनीक का अभाव-नियोजन का आधार भविष्य होता है भविष्य में क्या होगा और क्या नहीं होगा इसको ज्ञात करने के लिये विशिष्ट तकनीक से अनुमान लगाना तथा विभिन्न वैज्ञानिक तरीकों से जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है। इसके लिये विशिष्ट यन्त्रों व उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है। भारत में इनका अभाव रहा है तथापि विगत कुछ वर्षों से सूचना तकनीक (Information Technology) के क्षेत्र में आशातीत प्रगति हुई है। इससे मौसम, वर्षा आदि का अनुमान लगाना अब आसान हो गया है। किन्तु व्यापारिक क्षेत्र में अनुमान लगाना काफी कठिन है।

3. सर्वोत्तम विकल्प के चुनाव में कठिनाई-नियोजन करने में अनेक विकल्प सामने रहते हैं। सभी विकल्पों में गुण व दोष होते हैं उनमें से कौन सा श्रेष्ठ होगा यह चुनना एक कठिन कार्य है। इसे चुनने में भी विशिष्ट अनुभव व ज्ञान की आवश्यकता होती है। साथ ही वर्तमान में जो विकल्प श्रेष्ठ होगा वह भविष्य में भी श्रेष्ठ होगा यह आवश्यक नहीं है। अत: सर्वोत्तम विकल्प के चुनने की समस्या भी नियोजन की एक सीमा होती है।

4. भविष्य की अनिश्चितता-यह सर्वविदित है कि भविष्य अनिश्चित है और कोई भी अनुमान शत्-प्रतिशत सत्य नहीं निकलता है। अतः नियोजन के निर्माण में या योजना बनाने में सबसे बड़ी समस्या भविष्य की अनिश्चितता है। भविष्य की अनिश्चितता के कारण ही अनेक समस्यायें एवं बाधायें उत्पन्न होती हैं।

5. नियोजन के दोष या कमियाँ-नियोजन की कुछ सीमायें स्वयं नियोजन के कुछ दोषों के कारण पाई जाती हैं जो इस प्रकार हैं

  1. कुछ आलोचकों का मानना है कि नियोजन अपव्यय है इसे तैयार करने में समय, धन व श्रम लगता है। वह अनावश्यक है।
  2. कुछ आलोचकों का मानना है कि नियोजन एक निश्चित तरीके से कार्य करने को बाध्य करता है जबकि समय परिवर्तनशील है इसमें अधिक स्थिरता उचित नहीं है।
  3. नियोजन की प्रक्रिया में प्रबन्धकों, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उचित नहीं मिल पाता।
  4. योजनाओं का सामयिक मूल्यांकन करने में असफल रहना।
  5. औपचारिकताओं पर अत्यधिक ध्यान देना।
  6. नियोजन पूर्व निर्धारित कार्य पद्धतियों, विधियों, कार्यक्रमों एवं प्रभावों के आधार पर कार्य करने के लिए व्यक्तियों को बाद्ध करता है। फलत: व्यक्तियों में पहलपन (Initiative) का अभाव रहता है।

नियोजन की सीमाओं के सम्बन्ध में जार्ज ए. स्टेनर (George A. Steener) ने कहा है- “नियोजन न तो एक प्रबन्धक की सभी समस्याओं का समाधान ही करेगा और न ही व्यवसाय की सफलता की गारण्टी देगा।”

प्रश्न 9.
नियोजन के सिद्धांत लिखिए।
उत्तर:
बिना किसी सिद्धान्त के किसी भी शास्त्र का विकसित होना सम्भव नहीं है। प्रबन्धशास्त्री कूण्ट्ज ओ’ डोनेल ने विभिन्न दृष्टिकोणों से नियोजन के सिद्धांतों को स्पष्ट किया है। प्रमुख सिद्धान्त निम्नलिखित

1. उद्देश्यों के प्रति योगदान का सिद्धान्त (Principle of contribution to objectives) – यह सिद्धांत इस बात पर बल देता है कि नियोजन संस्था के उद्देश्यों की प्राप्ति में योगदान देने वाला होना चाहिये। यह सिद्धान्त इस बात की ओर भी संकेत करता है कि किसी भी नियोजन को जब तक उद्देश्योन्मुख नहीं किया जाता तब तक वह नियोजन अच्छा परिणाम नहीं दे सकता है।

2. नियोजन की मान्यताओं का सिद्धान्त (Principle of planning premises) – सामान्यतः किसी भी कार्य को करने की कुछ मान्यतायें हैं जिनको ध्यान में रखते हुये ही कार्य किया जाता है। अच्छे नियोजन की मान्यताओं को पहले से ही निश्चित किया जाना चाहिये, इससे समन्वय के कार्यों में अत्यधिक सहायता मिलती है।

3. कार्यकुशलता का सिद्धान्त (Principle of efficiency) – इसी सिद्धान्त के अनुसार नियोजन न्यूनतम प्रयत्नों एवं लागतों द्वारा संगठन या संस्था के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहयोग देने वाला होना चाहिये।

4. लोच का सिद्धान्त (Principle of flexibility) – इस सिद्धान्त के अनुसार योजना या नियोजन सदैव लोचदार व परिवर्तनशील होना चाहिये क्योंकि भविष्य की समस्याओं एवं परिस्थितियों के अनुरूप नियोजन में परिवर्तन आवश्यक है।

5. व्यापकता का सिद्धान्त (Principle of pervasiveness) – इस सिद्धान्त के अनुसार नियोजन एक सर्वव्यापी क्रिया है जिसकी आवश्यकता एक उपक्रम में प्रबन्ध के सभी स्तरों में होती है। अतः नियोजन प्रबन्ध के सभी स्तरों के अनुरूप होना चाहिये।

6. समय का सिद्धान्त (Principle of timing) – नियोजन में समय का विशेष महत्व है क्योंकि समय पर नियोजन बना कर उचित समय पर क्रियान्वयन नहीं हो सका तो लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन होगा।

MP Board Class 12 Business Studies Important Questions

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 12 प्रहेलिकाः

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 12 प्रहेलिकाः

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 12 अभ्यासः

प्रहेलिकाः MP Board Class 7th Sanskrit प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो
(क) सुप्तोऽपि नेत्रे क: न निमीलयति? [सोते हुए भी दोनों नेत्रों को कौन बन्द नहीं करती है?]
उत्तर:
मत्स्यः

(ख) फलानाम् दाता कः अस्ति? [फलों को देने वाला कौन होता है?]
उत्तर:
वृक्षः

(ग) पक्षिराजः कः अस्ति? [पक्षियों का राजा कौन है?]
उत्तर:
गरुड़ः।

Pakshiraj Ka Asti MP Board Class 7th Sanskrit प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) मूकः कथं जीवति? [गूंगा कैसे जीवित रहता है?]
उत्तर:
मूकः मौनेन जीवति। [गूंगा मौन रूप (बिना बोले) में जीवित रहता है।]

(ख) एकेन पादेन कः तिष्ठति? [एक पैर पर कौन खड़ा रहता है?]
उत्तर:
एकेन पादेन बको तिष्ठति। [बगुला एक पैर पर खड़ा रहता है।]

(ग) नारिकेलफले कति नेत्राणि भवन्ति। [नारियल के फल में कितनी आँखें होती हैं?]
उत्तर:
नारिकेलफले त्रिनेत्राणि भवन्ति। [नारियल के फल में तीन आँखें होती हैं।]

Prahelika In Sanskrit Class 7 MP Board प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करो(पण्डितः, मम, मूकः, शूलपाणिः, तस्यादिः)
(क) न ……….. न तस्यान्तः।
(ख) साक्षरं न च………….।
(ग) त्रिनेत्रधारी न च………….।
(घ) स्वजाति जीवाः…………. भोजननि।
(ङ) मौनेन जीवामि मुनिन …………।
उत्तर:
(क) तस्यादिः
(ख) पण्डितः
(ग) शूलपाणिः
(घ) मम
(ङ) मूकः।

प्रहेलिका कक्षा 7 MP Board प्रश्न 4.
उचित मेल करो
प्रहेलिकाः MP Board Class 7th Sanskrit
उत्तर:
(क) → (3)
(ख) → (5)
(ग) → (1)
(घ) → (2)
(ङ) → (4)

Pakshiraj Ka Hasti MP Board Class 7th Sanskrit प्रश्न 5.
सन्धि विच्छेद करो
(क) तस्यादिः
(ख) तस्यान्तः
(ग) वृक्षाग्रवासी
(घ) ममाप्यस्ति
(ङ) तवाप्यस्ति।
उत्तर:
(क) तस्य + आदिः
(ख) तस्य + अन्तः
(ग) वृक्ष + अग्रवासी
(घ) मम + अपि + अस्ति
(ङ) तव + अपि + अस्ति।

Sanskrit Prahelika Class 7 MP Board प्रश्न 6.
समानार्थक शब्दों का मेल करो
Pakshiraj Ka Asti MP Board Class 7th Sanskrit
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (3)
(ग) → (1)
(घ) → (2)

Pakshi Raja Ka Asti MP Board Class 7th Sanskrit प्रश्न 7.
विपरीतार्थक शब्दों का मेल करो
Prahelika In Sanskrit Class 7 MP Board
उत्तर:
(क) → (4)
(ख) → (3)
(ग) → (1)
(घ) → (2)

Mp Board Class 7 Sanskrit Chapter 12 प्रश्न 8.
उदाहरण के अनुसार अन्वय की पूर्ति करो
(क) सुप्तः………… नेत्रे न निमीलयामि, जलस्य ……… नित्यं……………मम………… स्वजा. तिजीवाः, मान्या! ………… नामधेयं …………।
(ख) …………. तिष्ठामि बकः न……….. , दाता……….. न कृतिः …………. यत्नः, मौनेन”…………. मुनिः …………. मूकः, सेव्यः ………… कः नृपतिः……….. देवः।
उत्तर:
(क) अपि, मध्ये, निवसामि, भोजनानि मम, वदन्तु।
(ख) अहं पादेन, पङ्गुः, अहं फलानां न, जीवामि न, न, अस्मि, न।

प्रहेलिकाः हिन्दी अनुवाद

अपदं दूरगामी च, साक्षरं न च पण्डितः।
अमुखं स्फुटवक्ता च, मां जानाति सः पण्डितः॥१॥

Class 7th Sanskrit Chapter 12 MP Board अन्वयः :
अहं पादाभ्यां विना दूरं गच्छामि। अक्षरयुक्तः। किन्तु, पण्डितः नास्मि। अहं मुखेन विना स्पष्टं वदामि। यः मां जानाति सः पण्डितः।

Class 7 Sanskrit Chapter 12 MP Board अनुवाद :
मैं पैरों के बिना भी दूर तक जाता हूँ। अक्षरयुक्त हूँ किन्तु पण्डित नहीं हूँ। मैं मुख के बिना स्पष्ट बोलता हूँ। जो मुझे जानता है, वह विद्वान है।

न तस्यादिः न तस्यान्तः, मध्ये यस्तस्य तिष्ठति।
ममाप्यस्ति तवाप्यस्ति, यदि जानासि तद् वद॥२॥

अन्वयः :
‘न’ तस्य आदिः। ‘न’ तस्य अन्तः। मध्ये ‘य’ अस्ति। मम अपि अस्ति। तव अपि अस्ति। यदि जानासि तद् वद।

अनुवाद :
‘न’ उसका प्रारम्भ है। न उसका अन्त है। बीच में ‘जो’ है। मेरे भी पास है। तुम्हारे भी (पास) है। यदि जो जानता है, वह बोले। [नेत्र ]

सुप्तोऽपि नेत्रे न निमीलयामि,
जलस्य मध्ये निवसामि नित्यम्।
स्वजातिजीवा: मम भोजनानि,
वदन्तु मान्याः! मम नामधेयम्॥३॥

अन्वयः :
अहं सुप्ते अपि नेत्रे न निमीलयामि। जलस्य मध्ये एव निवसामि। स्वजातिजीवाः मम भोजनानि सन्ति। मान्याः! मम नाम वदन्तु।

अनुवाद :
मैं सोते हुए भी दोनों नेत्रों को बन्द नहीं करती हूँ। जल के बीच ही रहती हूँ। अपनी जाति के जीव ही मेरे भोजन हैं। हे माननीये! मेरा नाम बतलायें। [मत्स्य (मछली)]

तिष्ठामि पादेन बको न पगुः,
दाता फलानां न कृतिर्न यत्नः।
मौनेन जीवामि मुनिर्न मूकः,
सेव्योऽस्मि कोऽहं नृपतिर्नदेवः॥ ४॥

अन्वयः :
अहं पादेन तिष्ठामि, किन्तु न बकः, न पगुः। अहं फलानां दाताः, किन्तु न कृतिः, न यत्नः। मौनेन जीवामिः, किन्तु न मुनिः, न मूकः। सेव्यः अस्मि अहं:, किन्तु न नृपतिः, न देवः। अहं कः?

अनवाद :
मैं पैर पर (तने पर) खड़ा रहता हूँ। किन्तु बगुला नहीं हूँ, न लँगड़ा हूँ। मैं फलों को देने वाला हूँ किन्तु कोई रचना नहीं हूँ। न कोई प्रयत्न हूँ। मौन रूप में ही जीवित रहता हूँ किन्तु मैं न तो मुनि हूँ और न मूक (गँगा) हूँ। मैं सेवा किये जाने योग्य हूँ, किन्तु राजा नहीं हूँ, न (कोई) देवता हूँ। (बताओ) मैं कौन [वृक्ष]

वृक्षाग्रवासी न च पक्षिराजः,
त्रिनेत्रधारी न च शूलपाणिः।
त्वग्वस्त्रधारी न च सिद्धयोगी,
जलं च विभ्रन्न घटो न मेघः॥५॥

अन्वयः :
अहं वृक्षाग्रवासी, किन्तु न पक्षिराजः। अहं त्रिनेत्रधारी:, किन्तु न शूलपाणिः, अहं त्वग्वस्त्रधारी किन्तु न सिद्धयोगी। जलं विभ्रन् किन्तु न घटः, न मेघः।

अनुवाद :
मैं वृक्ष के अगले भाग पर रहता हूँ। किन्तु मैं पक्षिराज (गरुड़) नहीं हूँ। मैं तीन नेत्र धारण करने वाला हूँ, किन्तु हाथ में त्रिशूल धारण करने वाला ‘शिव’ नहीं हूँ। मैं छाल के वस्त्र धारण करता हूँ, किन्तु कोई सिद्धि प्राप्त करने वाला योगी नहीं हूँ। जल से परिपूर्ण हूँ परन्तु घड़ा नहीं हूँ (और) न बादल है। [नारियल]

प्रहेलिकाः शब्दार्थाः

अपदं = बिना पैर वाले। दूरयानम् = दूर तक जाने वाला वाहन। (दूरगामी = दूर तक जाने वाला।) साक्षरम् = अक्षरयुक्त। अमुखम् = बिना मुख वाले। स्फुटवक्ता = स्पष्ट बोलने वाला। तस्यादिः = उसका प्रारम्भ। तस्यान्तः = उसका अन्त। ममाप्यस्ति = मेरे पास भी है। निमीलयामि = मैं मूंद लेता हूँ। वदन्तु = कहें। नामधेयम् = नाम। कृतिः = रचना। सेव्योस्मि = सेवा योग्य हूँ। वृक्षाग्रवासी = वृक्ष के ऊपर रहने वाला। पक्षिराजः = गरुड़ (पक्षियों का राजा)। विभ्रन् = धारण करता हुआ। शूलपाणिः = हाथ में शूल (त्रिशूल) धारण करने वाले भगवान शंकर। त्वग्वस्त्रधारी = पेड़ की छाल के वस्त्र धारण करने वाले। त्वक् = पेड़ की छाल।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions

MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 5 लघु कथाएँ

MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 5 लघु कथाएँ (लघुकथा, संकलित)

लघु कथाएँ पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न

लघु कथाएँ लघु उत्तरीय प्रश्न

Laghu Katha Class 12 MP Board प्रश्न 1.
बालक ने दयालु महिला से क्या सवाल किया?
उत्तर:
बालक ने दयालु महिला से सवाल किया कि “इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा।”

Mp Board Hindi Book Class 12 Pdf प्रश्न 2.
रोगग्रस्त महिला को देखकर डॉक्टर की आँख में चमक-सी क्यों आ गई?
उत्तर:
रोगग्रस्त महिला को डॉक्टर ने पहचान लिया था। ‘दूध का मूल्य’ चुकाने का समय आया देखकर डॉक्टर की आँखों में चमक-सी आ गई।

12th Hindi Book MP Board प्रश्न 3.
रवींद्रनाथ टैगोर क्या जानने के लिए उत्सुक थे?
उत्तर:
रवींद्रनाथ टैगोर ‘सौंदर्य क्या है?’ यह जानने के लिए उत्सुक थे।

प्रश्न 4.
मोमबत्ती बुझाने पर चाँदनी कहाँ-कहाँ फैल गई?
उत्तर:
मोमबत्ती बुझाने पर चाँदनी दरवाजे और खिड़की से होती हुई कमरे में फैल गई।

लघु कथाएँ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
दयालु महिला ने बालक को क्या उत्तर दिया?
उत्तर:
बालक ने दयालु महिला से सवाल किया था कि वह इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाएगा। इस पर महिला ने बालक को उत्तर दिया कि इस दूध के लिए उसे कुछ भी नहीं चुकाना होगा; क्योंकि सद्भाव से किए गए काम से कीमत की अपेक्षा नहीं की जाती।

प्रश्न 2.
डॉक्टर ने महिला को पत्र में क्या लिखा?
उत्तर:
डॉक्टर ने महिला को पत्र में लिखा-“बिल का भुगतान वर्षों पहले हो चुका, एक गिलास दूध ।” नीचे हस्ताक्षर थे-आपका दूधवाला बच्चा, जो आज डॉक्टर है।

प्रश्न 3.
मोमबत्ती बुझाने के बाद परिवेश में क्या परिवर्तन हुआ?
उत्तर:
मोमबत्ती बुझाने के बाद पूर्णिमा के चाँद की चाँदनी दरवाजे और खिड़की से झाँकती हुई पूरे कमरे में फैल गई। सारा परिवेश प्रकाशमय हो गया। चाँद यह कहता जान पड़ा कि “मैं बहुत देर से तुम्हें याद कर रहा था।” चाँदनी की दूधिया रोशनी में सारा परिवेश जगमगा उठा था।

प्रश्न 4.
रवींद्रनाथ टैगोर को सौंदर्य की अनुभूति कैसे हुई?
उत्तर:
ठंडी हवा का झोंका आया और रवींद्रनाथ टैगोर का पूरा शरीर चंद्रमा की चाँदनी में नहा गया। वे प्राकृतिक सौंदर्य में इतने डूब गए कि उनके मुख से निकल पड़ा कि “यह है सौंदर्य!” इस प्रकार से उन्हें सौंदर्य की अनुभूति हुई।

लघु कथाएँ भाव-विस्तार/पल्लवन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का भाव पल्लवन कीजिए

प्रश्न 1.
सदाशयता किसी कीमत की अपेक्षा नहीं करती।
उत्तर:
भारतीय संस्कृति की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है कि सद्भाव के लिए किए गए किसी कार्य के लिए किसी प्रकार के मूल्य की अपेक्षा नहीं की जाती है। यह जीवन का आदर्श मूल्य है। मानव की प्रवृत्ति है कि वह इस प्रकार के कार्य करता रहता है। दीन-दुखियों की सेवा करना, भूखे को रोटी खिलाना आदि कार्य इसी श्रेणी में आते हैं। परोपकार के लिए किए गए कार्यों के पीछे भी यही भावना सक्रिय रहती है।

प्रश्न 2.
केवल शब्द पर ठहरकर अनुभूति नहीं होती।
उत्तर:
केवल शब्दों में लिखित सौंदर्य को पढ़कर सुंदरता की अनुभूति संभव नहीं है। शब्द तो सौंदर्य को व्यक्त करने के साधन मात्र हैं। शब्द अनुभूति कराने में असमर्थ हैं। सौंदर्य की अनुभूति तो अनुभव करने से होती है। मनःस्थिति बदलकर यह अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।

लघु कथाएँ भाषा-अनुशीलन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित अनेकार्थी शब्दों के वाक्य बनाइए –
अंक, मूल्य, कर, वर्ण, रस।
उत्तर:

  • अंक – परीक्षा में तुम्हें कुल कितने अंक प्राप्त हुए?
    इस नाटक में पाँच अंक हैं।
  • मूल्य – इस रेडियो का मूल्य कितना है?
    सत्य बोलना आदर्श जीवन का मूल्य है।
  • कर – हमें समय पर कर चुकाना चाहिए।
    श्रीकृष्ण के कर में मुरली शोभायमान है।
  • वर्ण – पहले भारतीय सामाजिक व्यवस्था चार वर्णों पर आधारित थी।
    हिंदी में वर्ण दो प्रकार के होते हैं-स्वर और व्यंजन।
  • रस – भारतीय काव्य-शास्त्र में नौ रस माने गए हैं।
    मौसमी का रस रोगी के लिए लाभप्रद होता है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित भिन्नार्थक समोच्चरित शब्दों का अंतर स्पष्ट कीजिए।
दिन-दीन, उतर-उत्तर, शांत-श्रांत, नींद-निन्द्य।
उत्तर:

  • दिन – दिन में तारे दिखाई नहीं देते।
    दीन – हमें दीन-दुखियों की सेवा करनी चाहिए।
  • उतर – स्टेशन आने पर सवारियाँ गाड़ी से उतर गयीं।
    उत्तर – भारत की उत्तर दिशा में हिमालय पर्वत है।
  • शांत – कृपया शांत होकर नाटक का आनंद लीजिए।
    श्रांत – श्रमिक श्रांत होकर आराम कर रहा है।
  • नींद – चिंता में नींद नहीं आती।
    निन्द्य – दुराचार निन्य कर्म होता है।

प्रश्न 3.
अहा! यह है सौंदर्य’ यह विस्मयादिबोधक वाक्य है। इस वाक्य को निषेधवाचक और प्रश्नवाचक वाक्यों में परिवर्तित कीजिए।
उत्तर:
निषेधवाचक – यह सौंदर्य नहीं है।
प्रश्नवाचक – क्या यही सौंदर्य है?

लघु कथाएँ योग्यता-विस्तार

प्रश्न 1.
ऐसे महापुरुषों की सूची बनाइए जो अभावों में पलकर महान् बने। उनके आदर्शों पर चलने का प्रयत्न कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 2.
लघुकथाओं की प्रायोजना पुस्तिका बनाइए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 3.
किसी घटना को आधार मानकर एक लघुकथा लिखिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

लघु कथाएँ परीक्षोपयोगी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
असहाय बालक छोटी-मोटी चीजें बेचता था ताकि वह ………………
(क) घर का खर्च चला सके
(ख) अपनी पढ़ाई जारी रख सके
(ग) अपनी बीमार माँ का इलाज करा सके
(घ) अपने शौक पूरे कर सके
उत्तर:
(ख) अपनी पढ़ाई जारी कर सके।

प्रश्न 2.
घर का दरवाजा खोला था –
(क) नौकर ने
(ख) लड़की ने
(ग) महिला ने
(घ) गृह स्वामी ने
उत्तर:
(ग) महिला ने।

प्रश्न 3.
महिला को सामने देखकर बालक का जाग उठा …………..
(क) आत्मसम्मान
(ख) लालच
(ग) क्रोध
(घ) भय
उत्तर:
(क) आत्मसम्मान।

प्रश्न 4.
महिला ने बालक को दिया –
(क) एक गिलास दुध
(ख) एक गिलास पानी
(ग) एक गिलास पानी और दूध
(घ) एक गिलास लस्सी
उत्तर:
(क) एक गिलास दूध।

प्रश्न 5.
बालक ने महिला से क्या सवाल किया?
(क) इस दया का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?
(ख) इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?
(ग) इस रोटी का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?
(घ) इस ममता का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?
उत्तर:
(ख) इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?

प्रश्न 6.
रवींद्रनाथ टैगोर किस विषय पर पुस्तक पढ़ रहे थे?
(क) काव्यशास्त्र पर
(ख) नाट्यशास्त्र पर
(ग) तर्कशास्त्र पर
(घ) सौंदर्यशास्त्र पर
उत्तर:
(घ) सौंदर्यशास्त्र पर

प्रश्न 7.
रवींद्रनाथ टैगोर ने मोमबत्ती क्यों बुझा दी?
(क) वे श्रांत हो गए थे
(ख) वे ऊब गए थे
(ग) उन्हें नींद आने लगी थी
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 8.
कौन-सा सिद्धांत जीवन के हर क्षेत्र में लागू होता है?
(क) अध्ययन का
(ख) अनुभव का
(ग) शब्द का
(घ) बुद्धिमानी का
उत्तर:
(ख) अनुभव का

प्रश्न 9.
‘दूध का मूल्य’ का उद्देश्य है –
(क) नई पीढ़ी में मानवीय भावनाओं का विकास करना
(ख) नई पीढ़ी में कृतज्ञता का भाव उत्पन्न करना
(ग) नई पीढ़ी में अपने ऊपर उपकार को याद रखने का
(घ) नई पीढ़ी में आदर्श जीवन-मूल्यों को स्थापित करना
उत्तर:
(क) नई पीढ़ी में मानवीय भावनाओं का विकास करना।

प्रश्न 10.
‘शब्द और अनुभूति’ कहानी से लेखक का मानना है कि –
(क) सौंदर्य देखने की वस्तु है
(ख) सौंदर्य अनुभव की वस्तु है
(ग) सौंदर्य नष्ट होने वाली वस्तु है
(घ) सौंदर्य बेकार की वस्तु है
उत्तर:
(ख) सौंदर्य अनुभव की वस्तु है।

प्रश्न 11.
रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कब फूंक मारकर मोमबत्ती की रोशनी बुझा दी?
(क) जब चाँदनी झाँकती हुई उनके कमरे में घुस गई।
(ख) जब उन्हें नींद आने लगी थी।
(ग) जब सारा वातावरण ज्योतिर्मय हो उठा।
(घ) जब वे यह जानने को उत्सुक हो उठे कि सौन्दर्य क्या है?
उत्तर:
(ख) जब उन्हें नींद आने लगी थी।

II. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों के आधार पर कीजिए –

  1. ………. बालक ने सोचा कि अगर जीना है तो अगले घर से रोटी माँगकर खांनी होगी। (समझदार लाचार)
  2. महिला भीतर गई और बालक को पीने के लिए एक गिलास – ………. दे दिया। (पानी, दूध)
  3. ………. जीवन पाकर महिला बहुत खुश थी। (स्वस्थ, नया)
  4. रवीन्द्रनाथ टैगोर ………. पर एक पुस्तक पढ़ रहे थे। (सौन्दर्यशास्त्र, तर्कशास्त्र)
  5. अंत में ………. काम आता है। (वल, अनुभव)

उत्तर:

  1. लाचार
  2. दूध
  3. नया
  4. सौन्दर्यशास्त्र
  5. अनुभव।

III. निम्नलिखित कथनों में सत्य असत्य छाँटिए –

  1. असहाय बालक अपनी नौकरी जारी रखने के लिए गली-गलियारों 5 में घूमता।
  2. गृहिणी ने दरवाजा खोला और सवाल किया, “तुम कौन हो?”
  3. बालक की बात सुनकर महिला ने कहा, “इस दूध के लिए तुम्हें कुछ भी नहीं चुकाना होगा।”
  4. चिट्ठी में लिखा था-“बिल का भुगतान बरसों पहले हो चुका, एक गिलास दूध।”
  5. यात्रा के आरंभ में अनुभव अवश्य हैं, पर अंत नहीं हो सकते।

उत्तर:

  1. असत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. सत्य
  5. असत्य।

IV. निम्नलिखित के सही जोड़े मिलाइए –

प्रश्न 1.
MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 5 लघु कथाएँ img-1
उत्तर:

(i) (ग)
(ii) (घ)
(iii) (ङ)
(iv) (ख)
(v) (क)।

V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए –

प्रश्न 1.
लाचार बालक ने क्या सोचा?
उत्तर:
लाचार बालक ने सोचा कि जीना है तो अगले घर से रोटी माँगकर खानी होगी।

प्रश्न 2.
गृहिणी ने बालक से क्या सवाश किया?
उत्तर:
गृहिणी ने बालक से सवाल किया, “क्या है?”

प्रश्न 3.
बालक ने महिला से क्या सवाल किया?
उत्तर:
बालक ने महिला से सवाल किया, “इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?”

प्रश्न 4.
महिला किसकी शिकार हो गई?
उत्तर:
महिला एक गंभीर बीमारी की शिकार हो गई।

प्रश्न 5.
रवीन्द्रनाथ टैगोर क्या पढ़ रहे थे?
उत्तर:
रवीन्द्रनाथ टैगोर सौन्दर्यशास्त्र पर एक पुस्तक पढ़ रहे थे।

लघु कथाएँ लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बालक छोटी-मोटी चीजें क्यों वेचता था?
उत्तर:
बालक अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए छोटी-मोटी चीजें वेचता था।

प्रश्न 2.
बालक ने रोटी माँगकर खाने का निर्णय क्यों किया?
उत्तर:
बालक भूखा-प्यासा था। भूख मिटाने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। इसलिए जीने के लिए उसने रोटी माँगकर खाने का निर्णय किया।

प्रश्न 3.
बालक ने घर का दरवाजा क्यों खटखटाया था?
उत्तर:
वालक ने रोटी माँगने के लिए घर का दरवाजा खटखटाया था।

प्रश्न 4.
सौंदर्य ग्रहण करने की क्षमता का विकास कैसे होता है?
उत्तर:
सौंदर्य ग्रहण करने की क्षमता का विकास स्वयं के अनुभव के द्वारा होता है।

प्रश्न 5.
रवींद्रनाथ टैगोर ‘सौंदर्य क्या है?’ का उत्तर किसमें खोज रहे थे?
उत्तर:
रवींद्रनाथ टैगोर ‘सौंदर्य क्या है’ का उत्तर पुस्तक में खोज रहे थे।

प्रश्न 6.
डॉक्टर ने महिला को कैसे पुनः जीवन प्रदान किया?
उत्तर:
डॉक्टर ने महिला का ऑपरेशन किया और उसकी देखभाल करके उसे पुनः जीवन प्रदान किया।

लघु कथाएँ परिचय प्रश्न

प्रश्न 1.
लघुकथा के स्वरूप और विकास का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर:
लघुकथा हिंदी साहित्य की सबसे नई विधा है। यह विधा बड़ी तेजी से विकसित हो रही है। आज छोटी और बड़ी अनेक पत्र-पत्रिकाएँ लघुकथाओं को प्रकाशित कर रही हैं। बड़े-बड़े स्थापित कहानीकार भी लघुकथा लेख के प्रति अपनी अभिरुचि व्यक्त कर रहे हैं। आज के व्यस्तताभरे युग में पाठक को लंबी कहानी पढ़ने का न तो समय है और न उनमें वैसी मानसिकता। इसीलिए कम समय में जीवन का संदेश या निष्कर्ष देने वाली लघुकथा अति अनुकूल होने के कारण आज बड़ी तेजी से विकसित हो रही हैं। उनमें भाषा और शिल्प की नवीनता एवं सरसता दिखाई देती है।

लघुकथा का उद्भव और विकास-लघुकथा का उद्भव 1901 में माधवराव सप्रेम द्वारा लिखित ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ से माना जा सकता है। यह हिंदी की पहली लघुकथा के रूप में चर्चित हुई। तब से लेकर आज तक सैकड़ों रचनाकारों ने लघुकथा की रचनात्मक शक्ति को उभारने का प्रयत्न किया है। वरिष्ठ कहानीकार विष्णु नागर के तीन लघुकथा-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी भूमिका में नागरजी ने स्वीकार किया है कि जयशंकर प्रसाद, सुदर्शन, उपेंद्रनाथ अश्क आदि जैसे कथाकार पहले से ही लघुकथा लिख रहे थे। यह अलग बात है कि उस समय लघुकथा का नामकरण नहीं हुआ था। सन् 1972-73 में कई प्रांतों से लघुकथाओं के संकलन प्रकाशित हुए, जिनके माध्यम से लघुकथा के स्वरूप को निर्धारित करने का प्रयास हुआ।

लघुकथा का स्वरूप-विगत तीन-चार दशकों में विभिन्न पत्रिकाओं के लघुकथा विशेषांक प्रकाशित हुए। इन पत्रिकाओं में इस विधा को नए कथ्य और शिल्प से मंडित किया गया। भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित चित्रा मुद्गल का लघुकथा-संग्रह ‘बयान’ बहुचर्चित हुआ। आज हिंदी की प्रतिष्ठित लघुकथा के मर्म और धर्म रूपांतरित हो रहे हैं। अभी उसके स्वरूप का निर्धारण होना शेष है।

चूँकि लघुकथा साहित्य की नवीनतम विधा है इसलिए इसके लिए एक नए आलोचना-शास्त्र की आवश्यकता है। अभी तक लघुकथाकार ही अपनी रचनाओं की समीक्षा करते थे, किंतु अब इस विधा के लिए आलोचना दृष्टियाँ निश्चित हो रही हैं। समीक्षकों ने लघुकथाओं को दो भागों में विभाजित कर दिया है-(1) व्यावसायिक, (2) अव्यावसायिक। व्यावसायिक लघुकथाओं में व्यंग्यात्मकता मुख्य होती है। जबकि अव्यावसायिक लघुकथाओं में समसामयिक विषयानुभूति और कलात्मक यथार्थता होती है। लघुकथा में प्रभावात्मकता और अभिव्यंजना होना वांछनीय है।

लघु कथाएँ पाठ का सारांश

प्रश्न 2.
‘दूध का मूल्य’ और ‘शब्द और अनुभूति’ लघुकथाओं का सार अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
‘दूध का मूल्य’ का सार-एक असहाय बालक अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए घूम-घूमकर छोटी-मोटी चीजें बेचता है। एक दिन वह भूख-प्यास और तेज गर्मी से व्याकुल होकर एक पेड़ के नीचे बैटकर सोचने लगता है कि यदि जीना है, तो रोटी माँगकर खानी होगी। उसने एक दरवाजा खटखटाया। एक स्त्री ने दरवाजा खोला और पूछा-“क्या है?” – स्त्री को सामने देखकर उसका आत्मसम्मान जाग उठा। उसने उससे केवल पानी माँगा। महिला ने उसे एक गिलास दूध दे दिया दूध पीकर बोला, “इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा।”

बहुत वर्षों के बाद वह महिला बीमार होकर राजधानी के बड़े अस्पताल में इलाज के लिए पहुँची। डॉक्टर के सामने उस महिला रोगी के कागजात लाए गए। डॉक्टर को उसके शहर का नाम बताया गया। कुछ दिन के बाद वह महिला ठीक हो गई। ठीक होने के बाद उसने बिल माँगा, तो उसे एक लिफाफा दिया गया। उसमें एक चिट्ठी थी। उसमें लिखा था-“बिल का भुगतान बरसों पहले हो चुका एक गिलास दूध।” नीचे हस्ताक्षर थे-आपका दूधवाला बच्चा, जो आज डॉक्टर है।

शब्द और अनुभूति का सार-रवींद्रनाथ टैगोर यह जानने के लिए पुस्तक पढ़ रहे थे कि सौंदर्य क्या है? आधी रात बीत जाने पर भी वे समझ नहीं पा रहे थे कि सौंदर्य क्या है। ऊबकर मोमबत्ती की रोशनी बुझा दी। मोमबत्ती बुझाते ही चंद्रमा की चाँदनी दरवाजे और खिड़की से कमरे में घुस गई। सारा वातावरण प्रकाशमय हो उठा। खिड़की से बाहर देखा तो उन्हें लगा कि चाँद जैसे कह रहा हो, “मैं बहुत देर से तुम्हें याद कर रहा था।”

ठंडी हवा का झोंका आया और उनका तन-बदन चाँदनी में नहा गया। टैगोर इस प्राकृतिक दृश्य को देखकर इतने अभिभूत हो गए कि उनके मुख से निकल पड़ा कि-‘यह है सौन्दर्य ।’ वे कमरे से बाहर निकलकर चाँदनी की झील में उतर पड़े। उनकी समझ में आया कि सौंदर्य अनुभव की वस्तु है। मनःस्थिति बदलकर ही उसे पाया जा सकता है।

लघु कथाएँ संदर्भ-प्रसंगसहित व्याख्या

प्रश्न 1.
महिला को सामने देखकर भूख से जूझ रहे बालक का आत्मसम्मान जाग उठा। उसने रोटी माँगने की बजाय सिर्फ प्यास बुझाने के लिए पानी माँगा। भूखे-प्यासे बालक की दशा देखकर महिला घर के भीतर गई और बालक को पीने के लिए एक गिलास दूध दे दिया। चकित बालक ने उस दयालु महिला का चेहरा देखा और बिना कुछ कहे धीरे-धीरे दूध पी लिया। उसकी आँखों में आदर और कृतज्ञता का भाव भर आया था। उसने विनम्रता से उस महिला से सवाल किया-“इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?” बालक की बात को सुनकर महिला ने कहा- “इस दूध के लिए तुम्हें कुछ भी नहीं चुकाना होगा।” हमारे बुजुर्गों ने सिखाया है कि सदाशयता के किसी काम के लिए किसी भी तरह की कीमत की अपेक्षा नहीं करना चाहिए। कृतज्ञ बालक उस महिला को सश्रद्ध निहारता चला गया। (Page20)

शब्दार्थ:

  • जूझना – संघर्ष करना।
  • आत्मसम्मान – अपनी प्रतिष्ठा का ध्यान।
  • दशा – स्थिति।
  • चकित – हैरान।
  • कृतज्ञता – उपकार मानने का।
  • विनम्रता – नम्रता के साथ।
  • सदाशयता – सद्भाव।
  • कीमत – मूल्य, दाम।
  • सश्रद्ध – श्रद्धा के साथ।

प्रसंग:
प्रस्तुत गद्यांश ‘दूध का मूल्य’ लघुकथा से लिया गया है। इसमें एक ऐसे बालक का उल्लेख है कि भूख-प्यास और गर्मी से व्याकुल बालक ने जीने के लिए रोटी माँगकर खाने का निर्णय कर, एक घर का दरवाजा खटखटाया। एक महिला ने दरवाजा खोला, तो बालक का आत्मसम्मान जाग उठा। इससे उसका रोटी माँगकर । खाने का विचार बदल जाता है। उसके बदले हुए विचार को इस गद्यांश में व्यक्त किया गया है।

व्याख्या:
महिला को सामने देखकर भूख की व्याकुलता से संघर्षरत बालक का आत्मसम्मान जाग उठा। इससे माँगकर रोटी खाने का उसका इरादा बदल गया। उसने महिला से रोटी माँगने की अपेक्षा केवल अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी माँगा। भूख-प्यास से व्याकुल बालक की दयनीय स्थिति देखकर वह महिला घर के अंदर गई और बालक को देने के लिए एक गिलास दूध ले आई। उसने वह दूध से भरा गिलास बालक को दे दिया। चकित बालक ने दूध से भरा गिलास हाथ में लेकर उस दयालु स्त्री का मुख देखा और बिना कुछ बोले धीरे-धीरे दूध पी लिया।

उसकी आँखों में उस महिला के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भाव भर गए। उस बालक ने उस महिला से अत्यंत विनयपूर्वक प्रश्न किया कि मैं इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा? बालक की बात सुनकर महिला ने उससे कहा कि इस दूध के लिए तुम्हें कुछ भी नहीं देना पड़ेगा। हमारे बड़े-बूढ़ों ने हमें सिखाया है कि सद्भाव से किए गए किसी भी काम के लिए किसी भी प्रकार की मूल्य की आशा नहीं की जाती और न ही करनी चाहिए। क्योंकि सद्भाव के लिए किया गया काम सेवाभाव से किया जाता है। उस महिला के उपकार को मानता हुआ वह बालक उसे श्रद्धा के साथ देखता हुआ वापस चला गया।

विशेष:

  1. बालक के स्वाभिमान के साथ-साथ महिला की दयालुता का भी वर्णन हुआ है।
  2. इससे यह संदेश भी मिलता है कि मनुष्य को कृतज्ञ होना चाहिए।
  3. भाषा सरल, स्पष्ट और सुबोध है।
  4. भाषा पात्रानुकूल और भावानुकूल है।

गद्यांश पर आधारित अर्थग्रहण संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
महिला को सामने देखकर बालक में क्या परिवर्तन आया और क्यों?
उत्तर:
असहाय बालक भूख से जूझ रहा था। उसने रोटी माँगकर खाने का निर्णय करके एक घर के दरवाजे पर दस्तक दी। एक महिला ने दरवाजा खोला। महिला को देखकर बालक का निर्णय बदल गया। उसने रोटी माँगकर खाने का विचार छोड़ लघुकथाएँ दिया; क्योंकि उसका आत्मसम्मान जाग उठा। शायद उसने सोचा कि यदि उसने एक बार माँगकर रोटी खा ली, तो वह जीवन में कुछ नहीं बन पाएगा।

प्रश्न (ii)
हमारे बुजुर्गों ने हमें क्या सिखाया है?
उत्तर:
हमारे बुजुर्गों ने हमें सिखाया है कि सदाशयता के लिए किए गए किसी भी काम की किसी भी तरह की कीमत की आशा नहीं करनी चाहिए।

प्रश्न (iii)
बालक की आँखों में आवर और कृतज्ञता का भाव क्यों उभर आया?
उत्तर:
बालक भूख-प्यास से व्याकुल था। उसने गृहिणी से प्यास बुझाने के लिए एक गिलास पानी माँगा था, लेकिन गृहिणी ने उसकी दशा देखकर उसे पीने के लिए एक गिलास दूध दिया। दूध पीकर बालक ने पूछा- “मैं इसका कर्ज कैसे चुकाऊँगा?” तो महिला ने उत्तर में कहा कि तुम्हें इसका कर्ज चुकाने की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण बालक की आँखों में महिला के प्रति आदर और कृतज्ञता का भाव उभर आया।

गद्यांश पर आधारित विषय-वस्त संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
बालक ने महिला से रोटी माँगने की अपेक्षा पानी का गिलास क्यों माँगा?
उत्तर:
यद्यपि बालक भूख-प्यास से व्याकुल था, किंतु महिला को सामने देखकर उसका आत्मसम्मान जाग उठा। इसलिए उसने रोटी माँगने की बजाय, सिर्फ प्यास बुझाने के लिए एक गिलास पानी माँगा।

प्रश्न (ii)
महिला ने बालक को दूध का गिलास क्यों दिया?
उत्तर:
महिला दयालु स्वभाव की थी। उसको भूखे-प्यासे बालक की दशा देखकर दया आ गई। इसलिए उसने बालक को पीने के लिए एक गिलास दूध दे दिया।

प्रश्न (iii)
बालक ने दूध पीकर महिला से क्या पूछा?
उत्तर:
बालक ने दूध पीकर महिला से पूछा कि “इस दूध का मूल्य कैसे चुका पाऊँगा?”

प्रश्न 2.
नया जीवन पाकर महिला बहुत खुश थी। उसने अस्पताल के स्टाफ से भुगतान के लिए बिल माँगा। तो कुछ देर बाद उसके हाथ में एक लिफाफा आया। भारी बिल की आशंका से महिला का दिल धड़क-सा रहा था। लिफाफा खोलते ही उसमें एक चिट्ठी मिली जिसमें लिखा था-“बिल का भुगतान बरसों पहले हो चुका, एक गिलास दूध।” नीचे हस्ताक्षर थे-आपका दूधवाला बच्चा, जो आज डॉक्टर है। (Page 20)

शब्दार्थ:

  • स्टाफ – कर्मचारी।
  • भारी बिल – भुगतान हेतु बड़ी राशि।
  • दिल धड़कना – हृदय का तेज गति से चलना।

प्रसंग:
प्रस्तुत गद्यांश ‘दूध का मूल्य’ लघुकथा से लिया गया है। वह महिला एक गंभीर रोग से पीड़ित होकर राजधानी के एक अस्पताल में उपचार कराने पहुंची। डॉक्टर ने महिला को स्वस्थ कर दिया। वह महिला नया जीवन पाकर प्रसन्न थी। उसने अस्पताल से बिल माँगा। इसके बाद की घटना का उल्लेख इस गद्यांश में किया गया है।

व्याख्या:
गंभीर रोग से पीड़ित महिला डॉक्टर के समुचित उपचार से. एकदम स्वस्थ हो गई। नया जीवन पाकर वह बहुत खुश थी। अस्पताल से घर लौटते समय उसने अस्पताल के कर्मचारी से हिसाब-किताब का ब्यौरा माँगा ताकि उसका भुगतान किया जा सके। कुछ देर के बाद अस्पताल के कर्मचारी ने उसके हाथ में एक लिफ़ाफा दे दिया। अत्यधिक देयराशि की आशंका से महिला का हृदय तेजी से धड़कने लगा था। उसने लिफ़ाफा खोला, तो उसे बिल के स्थान पर एक पत्र मिला। उस पत्र में लिखा था-“बिल का भुगतान तो बरसों पहले हो चुका, एक गिलास दूध।” “अर्थात् वर्षों पहले आपने एक भूखे-प्यासे बालक को एक गिलास दूध पिलाकर इस बिल का भुगतान कर दिया था। उस पत्र के नीचे हस्ताक्षर था आपका दूधवाला बच्चा, जो आज डॉक्टर है।” इस प्रकार उस बालक ने एक गिलास दूध का मूल्य चुकाया।

विशेष:

  1. मनुष्य को अपने ऊपर किए गए छोटे-से उपकार को नहीं भूलना चाहिए। अवसर प्राप्त होते ही उपकारी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना सच्ची मानवता है।
  2. भाषा सरल, स्पष्ट और सुबोध है। भाषा में कसावट है।
  3. भाषा पात्रानुकूल व भावानुकूल है।

गद्यांश पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
‘दूध का मूल्य’ कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
“दूध का मूल्य’ कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि मनुष्य को अपने ऊपर किए गए छोटे-से उपकार को भी नहीं भूलना चाहिए। अवसर प्राप्त होते ही उपकारी के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करना ही सच्ची मानवता है।

प्रश्न (ii)
बालक ने ‘दूध का मूल्य’ किस प्रकार चुकाया?
उत्तर:
बालक को दूध का गिलास पिलाने वाली महिला गंभीर रोग से पीड़ित होकर, उस अस्पताल में पहँची, जहाँ वह बालक डॉक्टर था। उसने महिला को पहचान लिया। उसने उस महिला का ऑपरेशन करके नया जीवन दिया। उस डॉक्टर बने बालक ने उस महिला से अस्पताल का बिल नहीं लिया। इस प्रकार उसने ‘दूध का मूल्य’ चुकाया।

प्रश्न (iii)
महिला के खुश होने का कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
महिला गंभीर रोग से पीड़ित थी। स्थानीय डॉक्टरों ने राजधानी के विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज एवं ऑपरेशन कराने का परामर्श दिया। उसे बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने उस महिला का ऑपरेशन करके उसे स्वस्थ कर दिया। वह नया जीवन पाकर अत्यंत खुश थी।

गद्यांश पर आधारित विषय-वस्तु संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
महिला का दिल किस आशंका से धड़क-सा रहा था?
उत्तर:
महिला को अस्पताल में नया जीवन मिला था। वह बहुत खुश थी। उसने अस्पताल के स्टाफ से भुगतान करने के लिए बिल माँगा, तो भारी बिल की आशंका से महिला का दिल धड़क रहा था।

प्रश्न (ii)
महिला को हाथ में बिल के स्थान पर क्या मिला था?
उत्तर:
महिला के हाथ में बिल के स्थान पर एक लिफाफा दिया गया था। उस लिफाफे में एक पत्र था, जिसमें लिखा था कि ‘बिल का भुगतान बरसों पहले हो चुका, एक गिलास दूध।’ नीचे हस्ताक्षर थे, आपका दूधवाला बच्चा, जो आज एक डॉक्टर है।

प्रश्न 3.
ठंडी हवा का झोंका आया और उनका तन-बदन चाँदनी में नहा गया। इस प्राकृतिक मनोहारी सौंदर्य को देख वे इतने अभिभूत हो गए कि उनके मुख से अकस्मात् निकल पड़ा कि-‘यह है सौंदर्य!’ वे कक्ष से बाहर निकल छत पर आ गए। उन्हें लगा जैसे वे चाँदनी की झील में उतर गए हों। अब समझ में आया कि शब्द तो माध्यम हैं मुख्य बात तो अनुभव की है, जिससे गुजरना होता है। केवल शब्द पर ठहरकर अनुभूति नहीं होती। इसलिए यात्रा के आरंभ में शब्द अवश्य हैं, पर अंत नहीं हो सकते। अंत में अनुभव काम आएगा और यही सिद्धांत जीवन के हर क्षेत्र में लागू होता है। (Page 20)

शब्दार्थ:

  • मनोहारी सौंदर्य – मन को हरने वाली सुंदरता।
  • अभिभूत – डूबना, संलग्नता।
  • अकस्मात् – अचानक।
  • कक्ष – कमरा।
  • अनुभूति – अनुभव, परिज्ञान।

प्रसंग:
प्रस्तुत गद्यांश ‘शब्द और अनुभूति’ लघुकथा से लिया गया है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जानना चाहते थे कि सौंदर्य क्या है? इसके लिए वे बहुत देर तक पुस्तक पढ़ते रहे, लेकिन उन्हें यह ज्ञात नहीं हो सका कि सौंदर्य क्या है। उन्होंने मोमबत्ती बुझा दी, तो पूर्णिमा के चंद्रमा की चाँदनी कमरे में घुस गई। उन्हें ज्ञात हुआ कि सौंदर्य क्या है। इस सौंदर्य के ज्ञात होने की प्रक्रिया का वर्णन ही इस गद्यांश में किया गया है।

व्याख्या:
ठंडी हवा का एक झोंका आया और टैगोर का पूरा शरीर पूर्णिमा के चाँद की चाँदनी में सराबोर हो गया। वे मन को हरने वाली प्रकृति की इस सुंदरता को देखकर, उसकी सुंदरता में इतने डूब गए कि अचानक उनके मुँह से निकल गया कि यही सौंदर्य है। उन्हें लगा कि यही वह सौंदर्य है, जिसे वे जानने के लिए व्याकुल थे। वे इस प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए अपने कमरे से निकलकर खुली छत पर आ गए। छत पर आने पर उन्हें अनुभव हुआ जैसे, वे चाँदनी की झील में उतर गए हों। अब उनकी समझ में आया कि सौंदर्य को व्यक्त करने के लिए शब्द तो साधन मात्र हैं।

मुख्य बात तो सौंदर्य को अनुभव करने की होती है। विना अनुभव के सौंदर्य को नहीं जाना जा सकता। केवल शब्दों में पड़कर सौंदर्य का अनुभव नहीं हो सकता। अतः सौंदर्य को जानने की यात्रा के प्रारंभ शब्द अवश्य हैं, किंतु वे इसका अंत नहीं बन सकते। अंत में तो केवल अनुभव ही काम आता है। अनुभव के अभाव में सौंदर्य को नहीं जाना जा सकता और यही सिद्धांत जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में लागू होता है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में भी अनुभव ही काम आता है।

विशेष:

  1. सौंदर्य अनुभव की वस्तु है और प्रकृति से तादात्म्य हुए बिना उसे नहीं जाना जा सकता। कथाकार ने यह तथ्य बड़े तार्किक ढंग से समझाया है।
  2. सौंदर्य को मनःस्थिति बदलकर ही पाया जा सकता है।
  3. भाषा परिमार्जित और कसावट लिये हुए है।
  4. भाषा भावानुकूल है।

गद्यांश पर आधारित अर्थग्रहण संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
रवींद्रनाथ टैगोर किस सौंदर्य को देखकर अभिभूत हो गए?
उत्तर:
रवींद्रनाथ टैगोर यह जानना चाहते थे कि सौंदर्य क्या है। चाँदनी रात में जब वे खिड़की से बाहर झाँक रहे थे तभी एक ठंडी हवा का झोंका आया और उनका तन-बदन चंद्रमा की चाँदनी में नहा गया। इस प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर वे बड़े अभिभूत हुए और उनके मुख से अकस्मात् निकल पड़ा कि यह है सौंदर्य।

प्रश्न (ii)
शब्दों के संबंध में रवींद्रनाथ टैगोर के क्या विचार हैं?
उत्तर:
शब्दों के संबंध में रवींद्रनाथ टैगोर के विचार हैं कि शब्द तो केवल माध्यम हैं। शब्दों से सौंदर्य की अनुभूति नहीं हो सकती। यात्रा के आरंभ में शब्द अवश्य होते हैं, परंतु सौंदर्य तो अनुभव की वस्तु है, शब्दों की नहीं।

गद्यांश पर आधारित विषय-वस्तु संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
कक्ष से बाहर छत पर आने पर रवींद्रनाथ टैगोर को क्या अनुभव हुआ?
उत्तर:
कक्ष से बाहर छत पर आने पर रवींद्रनाथ टैगोर को अनुभव हुआ जैसे वे चाँदनी की झील में उतर आए हैं। उनके चारों ओर प्राकृतिक मनोहारी सौंदर्य फैला हुआ था। उन्हें सौंदर्य का अनुभव हुआ।

प्रश्न (ii)
रवींद्रनाथ को सौंदर्य की अनुभूति कब हुई?
उत्तर:
रवींद्रनाथ को सौंदर्य की अनुभूति उस समय हुई जब वे चाँदनी रात में छत पर आए। छत पर ठंडी हवा के झोंके का स्पर्श तथा चाँदनी में तन-बदन का नहाना उन्हें सौंदर्य की अनुभूति करा गया।

MP Board Class 12th Hindi Solutions

MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 13 भारतीय प्रजातन्त्र की कार्यप्रणाली

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 13 भारतीय प्रजातन्त्र की कार्यप्रणाली

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

Mp Board Class 10th Social Science Chapter 13 प्रश्न 1.
मध्य प्रदेश की विधानसभा की सदस्य संख्या कितनी है ? (2009, 12)
(i) 320
(ii) 270
(iii) 250
(iv) 230
उत्तर:
(iv) 230

भारतीय प्रजातंत्र की कार्यप्रणाली MP Board प्रश्न 2.
राज्य सभा के सदस्यों को नामजद करने का अधिकार किसे है ?
(i) राष्ट्रपति को
(ii) प्रधानमन्त्री को
(iii) राज्यपाल को
(iv) सर्वोच्च न्यायालय को।
उत्तर:
(i) राष्ट्रपति को

Bhartiya Prajatantra Ki Karyapranali MP Board प्रश्न 3.
राज्य में अध्यादेश जारी करने का अधिकार इनमें से किसे है ?
(i) राज्यपाल
(ii) गृह मन्त्री
(iii) मुख्यमन्त्री
(iv) राष्ट्रपति
उत्तर:
(i) राज्यपाल

Bhartiya Prajatantra Ki Karyapranali In English MP Board प्रश्न 4.
किसी राज्य का राज्यपाल किसका अनिवार्य अंग रहता है ?
(i) संसद
(ii) विधान सभा
(iii) न्यायपालिका
(iv) राज्य सभा।
उत्तर:
(ii) विधान सभा

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

Class 10th Social Science Chapter 13 MP Board प्रश्न 1.
सर्वोच्च न्यायालय (उच्चतम न्यायालय) के न्यायाधीश किस आयु में सेवानिवृत्त होते हैं ? (2009, 11)
उत्तर:
सर्वाच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु तक अपने पद पर कार्य कर सकते हैं।

Class 10 Social Science Chapter 13 Mp Board प्रश्न 2.
लोकसभा की सदस्य संख्या मध्य प्रदेश में कितनी है ?(2011)
उत्तर:
लोकसभा में मध्य प्रदेश से 19 सदस्य निर्वाचित होकर जाते हैं।

Chapter 13 Social Science Class 10 MP Board प्रश्न 3.
लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव कौन करता है ? (2013)
उत्तर:
लोकसभा सदस्य।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

Social Science Class 10 Chapter 13 MP Board प्रश्न 1.
लोकसभा के सदस्य की योग्यताएँ लिखिए। (2009)
उत्तर:
लोकसभा सदस्य की योग्यताएँ – लोकसभा सदस्य के लिए निर्धारित योग्यताएँ निम्न प्रकार हैं –

  1. वह भारत का नागरिक हो।
  2. उसकी आयु 25 वर्ष या उससे अधिक हो।
  3. वह केन्द्र या प्रान्त सरकारों ने अधीन किसी लाभ के पद पर न हो।
  4. उसे किसी सक्षम न्यायालय में पागल या दिवालिया घोषित न किया हो।
  5. उसे संसद के किसी कानून द्वारा चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित न किया गया हो।

Class 10 Social Science Chapter 13 MP Board प्रश्न 2.
जिला पंचायत के कार्य लिखिए। (2009, 13)
उत्तर:
जिला पंचायत के कार्य-जिला पंचायत के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं –

  1. जिले की आन्तरिक जनपद पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों पर नियन्त्रण रखना तथा उनका मार्गदर्शन करना।
  2. जनपद पंचायत की योजनाओं का उचित ढंग से समन्वय करना।
  3. जिले की उन योजनाओं को जो दो अथवा अनेक जनपद पंचायतों के अन्तर्गत विचाराधीन हैं उन्हें व्यावहारिक रूप देना।
  4. प्रमुख प्रयोजनों के लिए पंचायतों द्वारा की गयी अनुदान की माँग को राज्य सरकार तक पहुँचाना।
  5. राज्य सरकार द्वारा दिए गए कार्यों को व्यावहारिक रूप देना।
  6. परिवार कल्याण, बाल-कल्याण तथा खेलकूद व विकास सम्बन्धी क्रियाकलापों में राज्य सरकारों को सलाह देना।

Mp Board Class 10th Hindi Chapter 13 प्रश्न 3.
प्रधानमन्त्री के कार्य लिखिए। (2009, 13)
उत्तर:
प्रधानमन्त्री के प्रमुख कार्य अग्रलिखित हैं –

  1. प्रधानमन्त्री का सर्वप्रथम कार्य मन्त्रिपरिषद् का गठन करना होता है।
  2. मन्त्रियों के बीच विभागों का वितरण।
  3. मन्त्रिपरिषद् की बैठकों की अध्यक्षता करना।
  4. मन्त्रियों के विभागों तथा कार्यों की देख-भाल करना।
  5. प्रधानमन्त्री, राष्ट्रपति तथा मन्त्रिमण्डल के बीच कड़ी का काम करता है।
  6. विदेशों के साथ सम्बन्धों की स्थापना, सन्धियाँ तथा समझौते करना प्रधानमन्त्री का ही उत्तरदायित्व है।
  7. राष्ट्रपति के संकटकालीन अधिकारों का प्रयोग करना।

Mp Board Solution Class 10 Social Science प्रश्न 4.
राज्यसभा के कार्य लिखिए। (2011)
उत्तर:
राज्यसभा के कार्य –

  1. राज्यसभा को लोकसभा के समान विधि निर्माण की शक्ति प्राप्त है।
  2. राज्यसभा के सदस्य प्रश्न पूछकर, सार्वजनिक महत्त्व के विषयों पर बहस करके मन्त्रिमण्डल पर नियन्त्रण रखते हैं।
  3. राज्यसभा के सदस्य राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेते हैं।
  4. राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, उच्च न्यायपालिका तथा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के विरुद्ध महाभियोग लगाने तथा उन्हें हटाने का प्रस्ताव पारित करने का अधिकार ।
  5. राष्ट्रपति द्वारा जारी की गयी आपातकालीन उद्घोषणा का राज्यसभा द्वारा भी स्वीकृत किया जाना आवश्यक है।

Mp Board Class 10th Social Science Solution In English प्रश्न 5.
राज्यपाल के चार कार्य लिखिए। (2010,11,15)
उत्तर:
राज्यपाल के कार्य-राज्यपाल के प्रमुख कार्य निमनलिखित हैं –

  1. राज्यपाल विधानसभा के बहुमत दल के नेता को मुख्यमन्त्री बनाता है।
  2. मुख्यमंत्री के परामर्श के आधार पर वह अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
  3. राज्य के महाधिवक्ता तथा राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष की नियुक्ति भी राज्यपाल करता है।
  4. विधानमण्डल द्वारा पारित कोई भी विधेयक राज्यपाल के हस्ताक्षर के बिना कानून का रूप नहीं ले सकता।
  5. राज्यपाल अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है।
  6. राज्यपाल राज्य विधानमण्डल के अधिवेशन बुलाता है और उनका सत्रावसान करता है।
  7. मुख्यमन्त्री के परामर्श से वह विधानसभा भंग भी कर सकता है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

Bhartiya Praja Tantra Ki Karyapranali MP Board प्रश्न 1.
संघात्मक शासन की विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (2009, 16)
उत्तर:
संघात्मक शासन प्रणाली का आशय

शासन की वह प्रणाली जिसमें शासन की शक्ति संविधान द्वारा केन्द्रीय सरकार अर्थात् संघ की सरकार और प्रान्तीय अर्थात् राज्य सरकारों के मध्य विभाजित कर दी जाती है। दोनों सरकारों की शक्ति का स्रोत संविधान होता है। संविधान सर्वोच्च होता है। संविधान संशोधन की प्रक्रिया प्रायः कठोर होती है और न्यायपालिका की सर्वोच्चता अनिवार्य होती है। संविधान का लिखित एवं कठोर होना आवश्यक है। शासन की यह प्रणाली संघात्मक शासन प्रणाली होती है।

संविधान में भारत को ‘राज्यों का संघ’ कहा गया है। संघात्मक शासन के लक्षण भारतीय संविधान में मौजूद हैं। संघात्मक पद्धति में संघ और राज्य संविधान द्वारा उन्हें सौंपे गये अधिकारों (शक्तियों) का पालन अपनी-अपनी सीमा में करते हैं। भारतीय शासन प्रणाली के संघात्मक लक्षण निम्नलिखित हैं –

(1) लिखित तथा कठोर संविधान – भारत का संविधान लिखित एवं कठोर है। इस दृष्टि से भारत का संविधान संघात्मक है।

(2) शक्तियों का विभाजन – भारत में केन्द्र व राज्यों के बीच संविधान द्वारा शक्तियों का विभाजन स्पष्ट रूप से किया गया है। भारत में केन्द्र तथा राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन तीन सूचियों के अन्तर्गत किया गया है –

  1. संघ सूची
  2. राज्य सूची
  3. समवर्ती सूची।

(3) न्यायपालिका की स्वतन्त्रता – संघात्मक शासन के लिए न्यायपालिका का स्वतन्त्र होना भी अनिवार्य है। भारत में सर्वोच्च न्यायालय इस आवश्यकता की पूर्ति करता है। संविधान की रक्षा का भार इसी पर है।

(4) दुहरा प्रतिनिधित्व – दोहरा प्रतिनिधित्व संघीय शासन की प्रमुख विशेषता है। भारत में संसद का निम्न सदन (लोकसभा) नागरिकों का प्रतिनिधित्व करता है और उच्च सदन (राज्य सभा) राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है। अतः भारत में संघीय सरकार की व्यवस्था की गयी है।

(5) दोहरी सरकारें – भारत में संघ और राज्य दोनों में सरकार होती है। संघ में कार्यपालिका होती है जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री के नेतृत्व में मन्त्रिपरिषद् है तथा जनप्रतिनिधियों की व्यवस्थापिका (संसद) है। इसी प्रकार राज्यों में कार्यपालिका और व्यवस्थापिका है जिसमें राज्यपाल और मुख्यमन्त्री के नेतृत्व में मन्त्रिपरिषद् तथा जनप्रतिनिधियों की विधानसभा है। यह व्यवस्था दोहरी शासन प्रणाली कहलाती है।

हिंदी में 10 वीं कक्षा विज्ञान अध्याय 13 MP Board प्रश्न 2.
केन्द्र व राज्य सरकार के मध्य प्रशासनिक शक्तियों का विभाजन किस प्रकार किया गया है ? समझाइए।
उत्तर:
केन्द्र व राज्य सरकार के मध्य प्रशासनिक शक्तियों का विभाजन

भारतीय संघात्मक प्रणाली में संघात्मक व्यवस्था के अनेक लक्षण हैं फिर भी उसमें कुछ लक्षण संघ को शक्तिशाली बनाते हैं। शक्ति विभाजन से यह स्पष्ट है जहाँ महत्त्वपूर्ण विषयों पर तो उसे शक्तियाँ दी गई हैं, साथ ही समवर्ती सूची के विषयों पर भी उसके द्वारा बनाये गये कानूनों की प्रधानता दी जाती है। इसके अतिरिक्त जिन विषयों का उल्लेख इन सूचियों में नहीं किया गया है वे सब विषय संघ सरकार को सौंपे गये हैं। संघ की ये शक्तियाँ अवशिष्ट शक्तियों के नाम से जानी जाती हैं।

संविधान के कुछ ऐसे प्रावधान हैं जिनके द्वारा संघ सरकार राज्यों पर नियन्त्रण एवं प्रभाव रखती है।

(1) राज्य सरकारों को निर्देश – राष्ट्रीय महत्त्व के विषयों में केन्द्र सरकार राज्य सरकारों को निर्देश देती है। इन निर्देशों का पालन राज्यों द्वारा किया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशों से राजनयिक सम्पर्क आदि इस श्रेणी में आते हैं।

(2) संघीय कार्यों को राज्य सरकारों को सौंपना – संघीय कार्यपालिका कुछ कार्य राज्य सरकारों को सौंप सकती है। किसी अन्तर्राष्ट्रीय सन्धि या समझौते के पालन के लिए संघ राज्यों को आदेश दे सकता है। रेलवे मार्गों की सुरक्षा आदि विषयों से सम्बन्धित ऐसे ही आदेश दिए जा सकते हैं।

(3) आर्थिक सहायता – राज्य सरकारों को जो राशि करों से प्राप्त होती है वह अपर्याप्त होती है। आय के महत्वपूर्ण साधन केन्द्र के पास हैं। केन्द्र सरकार राज्यों को समय-समय पर अनुदान देती है।

(4) संसद के अधिकार – संसद को यह अधिकार है कि वह कानून बनाकर एक राज्य को विभाजित कर दे या दो राज्यों या उनके भागों को मिलाकर एक नये राज्य का गठन कर दे। इस प्रकार किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ाने, घटाने उसकी सीमाओं में परिवर्तन करने का अधिकार संसद को प्राप्त है।

(5) अखिल भारतीय सेवाएँ – भारत में कुछ सेवाएँ अखिल भारतीय सेवाएँ हैं; जैसे-आई. ए. एस. (भारतीय प्रशासनिक सेवा), आई. पी. एस. (भारतीय पुलिस सेवा) आदि इन सेवाओं में चयन संघीय लोक सेवा आयोग करता है। इन पदों की सेवा शर्तों का निर्धारण केन्द्रीय सरकार करती है।

(6) राज्य सची में वर्णित विषयों पर कानून बनाना – राज्यों को यह अधिकार है कि वह राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सके तथा प्रशासन कर सके, परन्तु राज्यों का यह अधिकार अन्तिम नहीं है। निम्न परिस्थितियों में संसद, राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकती है

  1. राज्यसभा द्वारा किसी प्रान्तीय सूची के विषय को राष्ट्रीय महत्व का विषय घोषित करने पर।
  2. राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल की घोषणा किए जाने पर।
  3. राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राष्ट्रपति के द्वारा राज्य की विधायनी शक्ति संसद को सौंपने पर।
  4. यदि राज्य विधानमण्डल स्वयं इस आशय का प्रस्ताव पारित कर दे कि किसी विषय विशेष पर संसद कानून बनाए।

भारतीय संविधान के उपर्युक्त लक्षण यह स्पष्ट करते हैं कि संघ सरकार अधिक शक्तिशाली है।

प्रश्न 3.
संसद में विधेयक पारित होने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए। (2018)
अथवा
साधारण विधेयक और वित्त विधेयक में क्या अन्तर है ? (2012)
[संकेत – ‘साधारण विधेयक’ शीर्षक देखें।]
उत्तर:
कानून बनाने के लिए विधेयक संसद में प्रस्तुत किए जाते हैं। विधेयक दो प्रकार के होते हैं I. साधारण विधेयक, II. धन विधेयक।

I. साधारण विधेयक-साधारण विधेयक संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किए जा सकते हैं किन्तु वित्त विधेयक राष्ट्रपति की अनुमति से लोकसभा में ही प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

विधेयक पारित होने की प्रक्रिया
संसद में एक साधारण विधेयक को पास होने के लिए निम्नलिखित अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है –

(1) प्रथम वाचन या विधेयक का प्रस्तुतीकरण – संसद का कोई भी सदस्य एक माह की पूर्व सूचना पर लोकसभा/राज्यसभा अध्यक्ष की अनुमति मिलने पर विधेयक को प्रस्तुत करता है। प्रथम वाचन के समय केवल शीर्षक को पढ़कर सुनाया जाता है। साधारणतः प्रथम वाचन पर कोई वाद-विवाद नहीं होता अर्थात् विधेयक का प्रस्तुतीकरण प्रथम वाचन है।

(2) दूसरा वाचन – दूसरा वाचन शुरू होने के पूर्व विधेयक की प्रतियाँ सभी सदस्यों को वितरित की जाती हैं। इस स्तर पर विधेयक के प्रत्येक अनुच्छेद पर विस्तार से विचार नहीं होता केवल मूल अवधारणा पर विचार होता है। इस अवसर पर कोई संशोधन भी प्रस्तुत नहीं किया जाता। यदि आवश्यक समझा जाता है तो विधेयक को संयुक्त प्रवर समिति को भेजा जाता है।

(3) समिति स्तर – सदन में दूसरे वाचन में पास होने के पश्चात् बिल को विस्तृत विचार-विमर्श के लिए बिल से सम्बन्धित समिति के पास भेज दिया जाता है। बिल पर विचार करने के पश्चात् समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करती है, जो सदन के पास भेज दी जाती है।

(4) प्रतिवेदन स्तर – समिति प्रतिवेदन तथा समिति द्वारा विधेयक में जो संशोधन किया जाता है उसकी प्रतियाँ सदन के सदस्यों को दी जाती हैं। सदन में विधेयक पर चर्चा होती है। सदस्य अपनी ओर से संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। संशोधन से सम्बन्धित प्रत्येक धारा पर विचार-विमर्श तथा वाद-विवाद होता है। अन्त में विधेयक पर मतदान होता है। यदि मतदान उपरान्त विधेयक को स्वीकार कर लिया जाता है तो यह चरण पूर्ण हो जाता है।

(5) तृतीय वाचन – प्रतिवेदन स्तर के उपरान्त विधेयक पारित होने की व्यवस्था अन्तिम अवस्था या तृतीय वाचन कहलाता है। उस स्तर पर विधेयक की प्रत्येक धारा पर विचार न होकर मूल भावना पर विचार होता है। इस अवस्था में विधेयक में कोई परिवर्तन नहीं होता। यदि विधेयक को सदन पारित कर देता है तो सदन के अध्यक्ष या सभापति के हस्ताक्षर से विधेयक को प्रमाणित कर उसे दूसरे सदन में भेज दिया जाता है।

(6) विधेयक का दूसरे सदन में जाना – किसी भी एक सदन में जब विधेयक स्वीकृत हो जाता है तो उसे दूसरे सदन में भेजा जाता है। दूसरे सदन में विधेयक उपर्युक्त प्रक्रिया से ही गुजरता है।

(7) राष्ट्रपति की स्वीकृति – संसद के दोनों सदनों में जब विधेयक पारित हो जाता है तब उसे राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु भेजा जाता है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के उपरान्त वह विधेयक कानून बन जाता है, तब उसे सरकारी गजट में प्रकाशित कर दिया जाता है।

II.धन विधेयक – आय-व्यय से सम्बन्धित सभी विधेयक धन विधेयक कहे जाते हैं। व्यवहार में केवल मन्त्री ही लोकसभा में धन विधेयक प्रस्तुत करते हैं। धन विधेयक सर्वप्रथम लोकसभा में प्रस्तुत किये जाते हैं। लोकसभा द्वारा पारित होने पर धन विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत किये जाते हैं। राज्यसभा को 14 दिन के अन्दर धन विधेयक पर अपना विचार प्रकट करने का अधिकार होता है। यदि राज्यसभा इस अवधि में अपना विचार प्रस्तुत नहीं करती तो वह धन विधेयक दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है और उसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेज दिया जाता है। राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर किये जाने पर कानून बन जाता है।

प्रश्न 4.
राष्ट्रपति के संकटकालीन अधिकारों का वर्णन कीजिए। (2010, 14)
अथवा
राष्ट्रपति की संकटकालीन शक्तियों का वर्णन कीजिए। (2009)
उत्तर:
राष्ट्रपति के संकटकालीन अधिकार
संकट का सामना करने के लिए राष्ट्रपति को संकटकालीन अधिकार दिये गये हैं। संकटकाल की घोषणा निम्नलिखित परिस्थितियों में की जा सकती है –

(1) देश में बाह्य आक्रमण, देश में होने वाले सशस्त्र विद्रोह, राज्यों में संवैधानिक व्यवस्था विफल होने पर या वित्तीय संकट आने पर राष्ट्रपति आपातकाल लागू कर सकते हैं। मन्त्रिमण्डल की सलाह पर ही राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं-ऐसी किसी भी घोषणा पर दो माह के भीतर संसद के दोनों सदनों की पुष्टि आवश्यक है। इस अवस्था में संसद को सम्पूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए विधि निर्माण का अधिकार प्राप्त हो जाता है। संघ सरकार ऐसी स्थिति में राज्य सरकारों को आवश्यक आदेश दे सकती है।

(2) राज्यपाल के प्रतिवेदन से या अन्य तरीके से राष्ट्रपति को यदि विश्वास हो जाता है कि किसी राज्य का प्रशासन, संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चल पा रहा है, तब राष्ट्रपति केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल की स्वीकृति से राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकते हैं। ऐसी अधिसूचना पर दो माह के भीतर संसद के दोनों सदनों की पुष्टि आवश्यक है। घोषणा अवधि में सम्बन्धित राज्य का सम्पूर्ण या आंशिक शासन राष्ट्रपति के हाथ में आ जाता है। राज्य के शासन संचालन का अधिकार वह राज्यपाल को सौंप सकता है। इस अवधि में प्रान्तों की विधि निर्माण की शक्ति संसद को प्राप्त हो जाती है। इस अवधि में राज्यपाल उच्च न्यायालयों की शक्ति को छोड़कर राज्य की सम्पूर्ण प्रशासकीय शक्तियों का प्रयोग कर सकता है।

(3) जब राष्ट्रपति को यह विश्वास हो जाता है कि देश में गम्भीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है तो वह आर्थिक आपातकाल लागू कर सकता है।

प्रश्न 5.
मन्त्रिपरिषद के कार्यों का वर्णन कीजिए। (2017)
उत्तर:
मन्त्रिपरिषद् के कार्य

सर जॉन मेरिएट का कहना है, “मन्त्रिपरिषद् वह धुरी है जिस पर प्रशासन का चक्र घूमता है।” मन्त्रिपरिषद् के कार्यों की विवेचना हम निम्न प्रकार कर सकते हैं –

  1. नीति निर्धारित करना – देश की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, वैदेशिक आदि समस्याओं का हल करने के लिए मन्त्रिपरिषद् समस्त पहलुओं पर विचार करके नीति निर्धारित करती है।
  2. नियुक्ति सम्बन्धी कार्य – देश के भीतर एवं बाह्य महत्त्वपूर्ण पदों पर की जाने वाली महत्त्वपूर्ण नियुक्तियाँ; जैसे-राजदूत, राज्यपाल, विभिन्न आयोगों के सदस्य एवं अध्यक्ष, महान्यायवादी आदि की नियुक्ति मन्त्रिमण्डल द्वारा की जाती है।
  3. विधायी कार्य – यद्यपि कानून बनाने का कार्य संसद का है, लेकिन हमारे देश में संसदीय प्रणाली है। इसलिए मन्त्रिपरिषद् तथा संसद का घनिष्ठ सम्बन्ध रहता है। संसद में कानून बनाने के लिए जितने विधेयक प्रस्तुत किये जाते हैं, उनमें लगभग सभी का प्रारूप मन्त्रिपरिषद् तैयार करता है।
  4. विदेशों से सम्बन्धित कार्य – विदेश नीति का निर्धारण मन्त्रिपरिषद करता है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सन्धियाँ तथा समझौते करना, दूसरे राष्ट्रों के साथ राजनयिक सम्बन्धों की स्थापना करना, उनको मान्यता देने आदि का कार्य करता है। युद्ध तथा शान्ति का निर्णय करने का कार्य भी मन्त्रिपरिषद् का ही है।
  5. वित्त सम्बन्धी कार्य – देश के आय-व्यय पर मन्त्रिमण्डल का नियन्त्रण रहता है। वित्तमन्त्री बजट तैयार करता है, मन्त्रिमण्डल में प्रस्तुत करता है। मन्त्रिमण्डल की स्वीकृति के बाद उसे सदन में प्रस्तुत करता है। यदि बजट को लोकसभा स्वीकृति नहीं देती तो सम्पूर्ण मन्त्रिमण्डल को त्यागपत्र देना होता है।
  6. राष्ट्रपति को परामर्श – मन्त्रिपरिषद् समय-समय पर राष्ट्रपति को परामर्श देता है। राष्ट्रपति मन्त्रिमण्डल की सलाह को मानने के लिए बाध्य है।

उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि मन्त्रिमण्डल ही देश की वास्तविक कार्यपालिका है।

प्रश्न 6.
सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियों का वर्णन कीजिए। (2018)
उत्तर:
सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियाँ

भारत के सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियाँ निम्नानुसार हैं –

(1) प्रारम्भिक क्षेत्राधिकार-ऐसे विवाद जो देश के अन्य न्यायालयों में नहीं जाते केवल सर्वोच्च न्यायालय में ही प्रस्तुत होते हैं।

(i) राज्यों के मध्य विवाद

  1. जब केन्द्रीय सरकार तथा एक राज्य या अधिक राज्यों के मध्य विवाद हो।
  2. जिस विवाद में एक ओर केन्द्रीय सरकार तथा दूसरी ओर एक या कुछ राज्य हों। केन्द्रीय सरकार तथा एक राज्य या अधिक राज्यों के मध्य विवाद हो।
  3. यदि विवाद दो राज्यों के मध्य हो।

(ii) मौलिक अधिकारों से सम्बन्धित विवाद
नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय को समुचित कार्यवाही करने की शक्ति प्राप्त है।

(2) अपीलीय क्षेत्राधिकार – सर्वोच्च न्यायालय भारत का अन्तिम अपीलीय न्यायालय है। सर्वोच्च न्यायालय के अपील सम्बन्धी क्षेत्राधिकार को तीन भागों में बाँटा जा सकता है

  1. संवैधानिक अपील – यदि किसी मामले में संविधान की व्याख्या का प्रश्न निहित है, तो उसकी अपील सर्वोच्च न्यायालय में की जा सकती है।
  2. दीवानी अपीलें – सर्वोच्च न्यायालय में उस दीवानी मुकदमे की अपील की जा सकती है। जब वही उच्च न्यायालय यह प्रमाणित कर दे कि मुकदमा सर्वोच्च न्यायालय में अपील के योग्य है।
  3. फौजदारी की अपीलें – सर्वोच्च न्यायालय में निम्नलिखित फौजदारी की अपीलें की जा सकती हैं

(क) यदि उच्च न्यायालय ने निम्न न्यायालय के निर्णय को बदलकर किसी व्यक्ति को मृत्यु-दण्ड, आजन्म कारावास या 10 वर्ष का कारावास का दण्ड दिया हो।
(ख) यदि उच्च न्यायालय इस प्रकार का प्रमाणपत्र दे दे कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में अपील करने योग्य है।
(ग) यदि उच्च न्यायालय ने किसी मुकदमे को अपने पास मँगाकर किसी व्यक्ति को दण्ड दिया हो।

(3) परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार-संविधान की धारा 143 के अनुसार यदि राष्ट्रपति किसी संवैधानिक या कानूनी प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श लेना चाहे तो राष्ट्रपति को परामर्श दे सकता है।

(4) न्यायिक पुनरावलोकन सम्बन्धी क्षेत्राधिकार-सर्वोच्च न्यायालय को न्यायिक पुनर्निरीक्षण का अधिकार भी प्राप्त है। इस अधिकार के प्रयोग से वह संसद या राज्य विधान-मण्डल द्वारा पारित किये गये किसी भी ऐसे कानून को अवैध घोषित कर सकता है जो संविधान के विरुद्ध हो। संविधान की व्याख्या करने का अन्तिम अधिकार सर्वोच्च न्यायालय के पास है। इस प्रकार संघीय शासन व्यवस्था में सर्वोच्च न्यायालय की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

(5) अभिलेख न्यायालय-उच्चतम न्यायालय देश का सबसे बड़ा न्यायालय है। यह अभिलेख न्यायालय के रूप में कार्य करता है। इसका अर्थ यह है कि इसके निर्णयों का रिकॉर्ड रखा जाता है तथा अन्य वैसे मुकदमे आने पर उनका हवाला दिया जाता है। अभिलेख न्यायालय के दो अर्थ हैं –

  1. इस न्यायालय के निर्णय सब जगह साक्षी के रूप में स्वीकार किये जाएँगे और इन्हें भी किसी भी न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने पर उनकी प्रामाणिकता के विषय में प्रश्न नहीं उठाया जाएगा।
  2. इस न्यायालय के द्वारा ‘न्यायालय अवमानना’ के लिए किसी भी प्रकार का दण्ड दिया जा सकता है।

(6) अन्य कार्य-सर्वोच्च न्यायालय उपरोक्त अधिकारों के अतिरिक्त निम्न कार्य भी करता है –

  1. अपने अधीनस्थ न्यायालयों का निरीक्षण एवं जाँच।
  2. अपने तथा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों व अधिकारियों की सेवा शर्तों का निर्धारण।
  3. न्यायालय की अवमानना करने वाले किसी भी व्यक्ति को दण्डित करने की शक्ति।

सर्वोच्च न्यायालय के कार्य एवं व्यवहार से हमारे देश में लोकतन्त्र की जड़ें मजबूत हुई हैं तथा नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित हुए हैं।

प्रश्न 7.
पंचायती राज व्यवस्था को समझाते हुए स्थानीय संस्थाओं के कार्यों का वर्णन कीजिए। (2017)
उत्तर:
पंचायती राज्य व्यवस्था

भारत के समस्त ग्रामीण प्रदेशों में सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, जल व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं आदि की व्यवस्था करने के लिए ग्राम पंचायतों की व्यवस्था की गई है। यदि गाँव छोटे हैं तो वहाँ दो या दो से अधिक गाँवों को मिलाकर पंचायत बनती है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी अपने गाँवों का प्रबन्ध स्वयं करते हैं। गाँव के लिए यह व्यवस्था पंचायत राज व्यवस्था के नाम से विख्यात है। गांधी जी पंचायती राज व्यवस्था के बड़े पक्षधर थे। उनका मत था कि जब तक भारत के ग्रामों में जीवन का आधार लोकतान्त्रिक नहीं होगा तब तक भारत में वास्तविक प्रजातन्त्र की स्थापना नहीं होगी। देश के विभिन्न राज्यों में स्थानीय शासन की स्थापना उन राज्यों के विधानमण्डलों द्वारा निर्मित कानूनों के अनुसार की गई है। इस कारण सभी राज्यों के स्थानीय शासन समान न होकर भिन्न-भिन्न प्रकार के हैं। मध्य प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था का ढाँचा निम्न प्रकार का है –

  1. ग्रामों के लिए ग्राम सभा और ग्राम पंचायत।
  2. प्रत्येक विकास खण्ड के लिए जनपद पंचायत।
  3. प्रत्येक जिले के लिए जिला पंचायत।

इस प्रकार पंचायतों के तीन स्तर हैं।

स्थानीय संस्थाओं के कार्य
नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम के कार्य समान ही हैं। तीनों संस्थाएँ अपने-अपने क्षेत्र में निम्नलिखित कार्य करती हैं –

  1. आवश्यकता के अनुसार सड़कें बनवाना तथा उनकी मरम्मत व सफाई की व्यवस्था करना।
  2. सार्वजनिक सड़कों तथा भवनों के लिए प्रकाश की व्यवस्था करना।
  3. मकानों में आग लगने पर उन्हें बुझाने की व्यवस्था करना।
  4. असुविधाजनक या खतरनाक भवनों को हटाना।
  5. आपत्तिजनक या समाज विरोधी व्यापार का विनिमयन करना।
  6. नगर की स्वच्छता की व्यवस्था करना।
  7. संक्रामक रोगों पर नियन्त्रण रखना।
  8. कांजी हाउस खोलना तथा उनका प्रबन्ध करना।
  9. जन्म-मृत्यु तथा विवाह का पंजीयन करना।

स्थानीय शहरी विकास नागरिकों को अनेक प्रकार की सुविधाएँ देता है। यह नागरिकों की स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लोकसभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या है (2009)
(i) 538
(ii) 540
(iii) 545
(iv) 552
उत्तर:
(iv) 552

प्रश्न 2.
राज्यसभा की सदस्य संख्या है (2009)
(i) 300
(ii) 275
(iii) 250
(iv) 350
उत्तर:
(iii) 250

प्रश्न 3.
राज्यसभा की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु है -(2009)
(i) 21 वर्ष
(ii) 25 वर्ष
(iii) 30 वर्ष
(iv) 35 वर्ष
उत्तर:
(iii) 30 वर्ष

प्रश्न 4.
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए न्यूनतम आयु सीमा है (2009)
(i) 45 वर्ष
(ii) 35 वर्ष
(iii) 40 वर्ष
(iv) 21 वर्ष
उत्तर:
(ii) 35 वर्ष

प्रश्न 5.
वित्त विधेयक का निर्णय करता है -(2009)
(i) वित्त मन्त्री
(ii) प्रधानमन्त्री
(iii) लोकसभा अध्यक्ष
(iv) राष्ट्रपति।
उत्तर:
(iv) राष्ट्रपति।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. संसदीय शासन प्रणाली में राष्ट्रपति …………………… का शासक होता है। (2012)
  2. संसद के दो सदन हैं …………………… और ……………………। (2012)
  3. लोक सभा में बहुमत दल के नेता को …………………… कहते हैं। (2018)
  4. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश …………………… की आयु तक अपने पद पर कार्य कर सकते हैं।
  5. स्थानीय प्रशासन की सबसे छोटी इकाई …………………… है।

उत्तर:

  1. नाममात्र
  2. लोकसभा और राज्य सभा
  3. प्रधानमत्री
  4. 65 वर्ष
  5. ग्राम पंचायत।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
सर्वोच्च न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश एवं 30 अन्य न्यायाधीश होते हैं।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत होता है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रधानमन्त्री करते हैं।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
पंचायत का कार्यकाल सात वर्ष का होता है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 5.
प्रधानमन्त्री की सलाह पर राष्ट्रपति लोकसभा को कभी भी भंग कर सकता है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 6.
राज्यसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 7.
लोकसभा को उच्च सदन कहा जाता है।
उत्तर:
असत्य

जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 13 भारतीय प्रजातन्त्र की कार्यप्रणाली 1
उत्तर:

  1. → (ख)
  2. → (घ)
  3. → (ङ)
  4. → (ग)
  5. → (क)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
लोकसभा की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु क्या है ? (2009, 17)
उत्तर:
25 वर्ष

प्रश्न 2.
भारत में मौलिक अधिकारों का संरक्षक कौन है ? (2014)
उत्तर:
सर्वोच्च न्यायालय

प्रश्न 3.
लोकसभा में सदस्य संख्या कितनी है ? (2011)
उत्तर:
552

प्रश्न 4.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु क्या है ? (2009, 11)
उत्तर:
65 वर्ष

प्रश्न 5.
राज्यपाल को पद की शपथ कौन दिलाता है ? (2012)
उत्तर:
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

प्रश्न 6.
राज्यसभा सदस्य के निर्वाचन के लिए न्यूनतम आयु कितनी है ? (2012)
उत्तर:
30 वर्ष

प्रश्न 7.
मध्य प्रदेश की विधानसभा की सदस्य संख्या क्या है ? (2011)
उत्तर:
230

प्रश्न 8.
राज्य की कार्यपालिका का प्रधान कौन होता है ? (2009)
उत्तर:
मुख्यमंत्री

प्रश्न 9.
नगरपालिका और नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों के निर्वाचित प्रतिनिधि को क्या कहते हैं ? (2014)
उत्तर:
पार्षद।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
केन्द्रीय मन्त्रिपरिषद् में किन-किन स्तर के मन्त्री होते हैं ?
उत्तर:
केन्द्रीय मंत्रिपरिषद् में तीन प्रकार के मन्त्री होते हैं –

  1. कैबिनेट मन्त्री
  2. राज्यमन्त्री
  3. उपमन्त्री।

प्रश्न 2.
किस प्रक्रिया के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पदच्युत किया जा सकता है ?
उत्तर:
संसद के प्रत्येक सदन की समस्त संख्या के बहुमत द्वारा तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के विरुद्ध उसे दुराचारी होने का प्रस्ताव पारित होने पर राष्ट्रपति द्वारा उसे उसके पद से अपदस्थ किया जा सकता है। अभी तक महाभियोग लगाकर किसी भी न्यायाधीश को नहीं हटाया गया है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राज्यपाल की नियुक्ति किस प्रकार होती है ? राज्यपाल पद की योग्यताएँ बताइए।
उत्तर:
राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। व्यवहार में राज्यपाल की नियुक्ति संघीय मन्त्रिपरिषद् की सलाह पर राष्ट्रपति करते हैं। राज्यपाल की अनुपस्थिति में राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राज्यपाल का पद संभालते हैं।

राज्यपाल पद की योग्यताएँ –

  1. वह भारत का नागरिक हो।
  2. उसकी आयु 35 वर्ष पूरी हो चुकी है।
  3. वह संघ या राज्य में कहीं लाभ के पद पर न हो।
  4. वह संसद या राज्य विधानमण्डल का सदस्य न हो।

प्रश्न 2.
राज्यपाल की प्रमुख विधायी शक्तियाँ लिखिए। (2009)
उत्तर:
राज्यपाल की प्रमुख विधायी शक्तियाँ –

  1. राज्यपाल विधानसभा का अनिवार्य अंग होता है। वह विधानसभा की बैठकों को बुलाता है, बैठकों को स्थगित करता है तथा उन्हें विसर्जित करता है। मुख्यमन्त्री के परामर्श पर विधासभा को भंग कर सकता है। आवश्यकतानुसार विधानमण्डलों को अपना सन्देश भेज सकता है।
  2. विधान मण्डलों द्वारा स्वीकृति विधेयकों पर राज्यपाल की स्वीकृति अनिवार्य है। वित्त विधेयकों के अतिरिक्त राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को पुनः विचार के लिए वापस भेज सकता है।
  3. जब विधानसभा का अधिवेशन न चल रहा हो तो राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकता है।
  4. जब राज्यपाल को यह अनुभव होता है कि राज्य का प्रशासन संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार चलना सम्भव नहीं हो रहा हो तब वह राज्य में संविधान तंत्र की विफलता की सूचना राष्ट्रपति को देता है। राज्यपाल पोर्ट के आधार पर ही राष्ट्रपति राज्य में संकटकाल लागू करता है। ऐसी स्थिति में वह राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है।

प्रश्न 3.
व्यवस्थापिका के कोई पाँच कार्य लिखिए। (2016)
उत्तर:
व्यवस्थापिका के प्रमुख कार्य निम्न हैं –

  1. कानून निर्माण-देश के शासन को संचालित करने के लिए कानूनों के निर्माण का कार्य व्यवस्थापिका करती है।
  2. संविधान संशोधन आवश्यकतानुसार संविधान में व्यवस्थापिका आवश्यक संशोधन करने का कार्य करती है।
  3. प्रशासनिक कार्य-व्यवस्थापिका कार्यपालिका पर नियन्त्रण करने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।
  4. राज्य व शासन की नीति का निर्धारण-राज्य को दिशा देने एवं नीति-निर्धारण का कार्य व्यवस्थापिका करती है।
  5. वित्त सम्बन्धी कार्य-सरकार द्वारा निर्धारित करों को लगाने और करों को कम या समाप्त करने तथा शासन के व्ययों को स्वीकृति प्रदान करने का कार्य व्यवस्थापिका द्वारा किया जाता है।

प्रश्न 4.
कार्यपालिका क्या है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
कार्यपालिका – कार्यपालिका सरकार का दूसरा महत्वपूर्ण अंग है। सरकार के समस्त अंगों की कार्यकुशलता के लिए अन्तिम रूप से कार्यपालिका ही उत्तरदायी है। हमारे देश में संघीय व्यवस्था होने के कारण कार्यपालिका के दो स्वरूप हैं-सम्पूर्ण देश का शासन चलाने के लिए केन्द्रीय कार्यपालिका होती है जबकि राज्यों का शासन चलाने के लिए प्रान्तीय कार्यपालिका होती है। केन्द्रीय कार्यपालिका में राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् सम्मिलित हैं। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद तथा प्रथम प्रधानमन्त्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू थे।

प्रश्न 5.
लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव कैसे किया जाता है ? उसकी शक्तियों का वर्णन कीजिए।
अथवा
लोकसभा अध्यक्ष के कार्य लिखिए। (2009, 12, 15)
उत्तर:
लोकसभा अपने सदस्यों में से एक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन करती है।

कार्य और शक्तियाँ –

  1. अध्यक्ष के द्वारा लोकसभा की सभी बैठकों की अध्यक्षता की जाती है और अध्यक्ष होने के नाते उसके द्वारा सदन में शान्ति व्यवस्था और अनुशासन बनाये रखने का कार्य किया जाता है।
  2. लोकसभा का समसत कार्यक्रम और कार्यवाही अध्यक्ष के द्वारा ही निश्चित की जाती है। वह सदन के नेता के परामर्श से विभिन्न विषयों के सम्बन्ध में वाद-विवाद का समय निश्चित करता है।
  3. अध्यक्ष ही यह निश्चय करता है कि कोई विधेयक वित्त विधेयक है या नहीं।
  4. संसद और राष्ट्रपति के बीच सारा पत्र व्यवहार उसके द्वारा ही होता है।
  5. कार्यपालिका व शासन की अन्य सत्ताओं से सदन के सदस्यों के अधिकारों की रक्षा का कार्य अध्यक्ष के द्वारा ही किया जाता है।

इस प्रकार लोकसभा के अध्यक्ष की शक्तियाँ काफी विस्तृत हैं। वस्तुतः वह सदन की शक्ति, प्रतिष्ठा तथा गौरव का प्रतीक होता है।

प्रश्न 6.
राष्ट्रपति पद के लिए निर्धारित योग्यताएँ बताइए एवं उसका कार्यकाल क्या है ?
उत्तर:
राष्ट्रपति पद के लिए निर्धारित योग्यताएँ निम्न प्रकार हैं –

  1. वह भारत का नागरिक हो।
  2. उसकी आयु 35 वर्ष से कम न हो।
  3. उसमें वे सभी योग्यताएँ हों, जो लोकसभा के सदस्यों के लिए निर्धारित की गई हैं।
  4. वह केन्द्र सरकार या राज्य सरकार के अधीन आर्थिक लाभ वाले पद पर कार्य न करता हो

कार्यकाल – राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष निश्चित किया गया है।

प्रश्न 7.
भारत के राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्तियाँ लिखिए।
उत्तर:
भारत के राष्ट्रपति की कार्यपालिका सम्बन्धी शक्तियाँ निम्न प्रकार हैं –

  1. राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री की नियुक्ति करता है तथा उसके परामर्श पर अन्य मन्त्रियों को नियुक्त करता है।
  2. राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्त तथा नियन्त्रक व महालेखा परीक्षक की शक्तियों से सम्बन्धित नियमों का निर्माण करता है।
  3. राज्यों के राज्यपाल, सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य, विदेशों के लिए राजदूतों आदि की नियुक्ति वही करता है।
  4. अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में वह अपने देश का प्रतिनिधित्व करता है।
  5. वह भारत की जल, थल और वायु तीनों प्रकार की सेनाओं का प्रधान सेनापति होता है। उसी के नाम से युद्ध या युद्धबन्दी की घोषणा होती है।
  6. राष्ट्रपति यह देखता है कि राज्यों का शासन प्रबन्ध संविधान के अनुसार चल रहा है या नहीं।

प्रश्न 8.
भारत के राष्ट्रपति की विधायी शक्तियाँ क्या हैं ?
उत्तर:
भारत के राष्ट्रपति की विधायी शक्तियाँ निम्न प्रकार हैं –

  1. राष्ट्रपति संसद के अधिवेशन को बुलाता है और अधिवेशन समाप्ति की घोषणा करता है।
  2. राष्ट्रपति को राज्यसभा के 12 सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार है।
  3. संसद द्वारा पास किया गया विधेयक राष्ट्रपति के हस्ताक्षरों से कानून बनता है।
  4. अध्यादेश जारी करके आवश्यकता पड़ने पर संसद का अधिवेशन बुलाता है।
  5. राष्ट्रपति को लोकसभा भंग करने का अधिकार है लेकिन इस अधिकार का प्रयोग राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री की सलाह से करता है।

प्रश्न 9.
मुख्यमन्त्री के कोई पाँच कार्य लिखिए। (2016)
उत्तर:
मुख्यमन्त्री के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं –

  1. मुख्यमन्त्री का कार्य मन्त्रिपरिषद् का गठन करना होता है।
  2. मन्त्रियों के बीच विभागों का वितरण करता है।
  3. मुख्यमन्त्री ही मन्त्रिपरिषद् की बैठकों की अध्यक्षता करता है।
  4. आवश्यकता पड़ने पर मन्त्रियों को उनके विभाग से सम्बन्धित कार्य के लिए निर्देश दे सकता है।
  5. मुख्यमन्त्री राज्यपाल एवं मन्त्रिपरिषद् के बीच की कड़ी के रूप में कार्य करता है। वह मन्त्रिपरिषद् के निर्णयों के सम्बन्ध में राज्यपाल को सूचना देता है।

प्रश्न 10.
प्रधानमन्त्री शासन का केन्द्रबिन्दु है। स्पष्ट कीजिए।
अथवा
प्रधानमन्त्री के पद का महत्व लिखिए।
उत्तर:
भारत में प्रधानमन्त्री का पद विशेष महत्त्व का होता है। वह प्रशासनिक व्यवस्था का आधार होता है। वह मन्त्रिमण्डल का अध्यक्ष, राष्ट्रपति का प्रमुख परामर्शदाता तथा लोकसभा का नेता होता है। मन्त्रिमण्डल के सदस्यों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमन्त्री की सिफारिश के अनुसार की जाती है। वह अपने मन्त्रिमण्डल के सहयोग से राष्ट्र की प्रशासनिक तथा आर्थिक नीतियों का निर्माण करता है। वह शासन के विभिन्न विभागों में समन्वय स्थापित करता है। अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रधानमन्त्री राष्ट्र का नेतृत्व करता है। इस प्रकार संसद, देश तथा विदेश में प्रधानमन्त्री शासन-सम्बन्धी नीति का प्रमुख अधिकृत प्रवक्ता होता है।

प्रश्न 11.
प्रधानमन्त्री और मन्त्रिपरिषद के आपसी सम्बन्धों की चर्चा कीजिए।
उत्तर:

  1. प्रधानमन्त्री, मन्त्रिपरिषद् की बैठकों की अध्यक्षता करता है और मन्त्रिमण्डल की समस्त कार्यविधि पर उसका पूर्ण नियन्त्रण होता है।
  2. मन्त्रिपरिषद् के सदस्यों में विभागों का वितरण प्रधानमन्त्री के द्वारा ही किया जाता है।
  3. प्रधानमन्त्री मन्त्रियों के विभागों में परिवर्तन कर सकता है और उनसे त्यागपत्र की माँग कर सकता है।

प्रश्न 12.
‘केन्द्रीय मन्त्रिपरिषद्’ का गठन किस तरह किया जाता है ?
उत्तर:
लोकसभा के बहुमत दल वाले नेता को राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री नियुक्त करता है और प्रधानमन्त्री की सलाह से अन्य मन्त्रियों को नियुक्त करता है। राष्ट्रपति के लिए यह आवश्यक है कि वह लोकसभा के बहुमत प्राप्त दल के नेता को ही प्रधानमन्त्री चुने। अन्य मन्त्रियों के चुनाव में भी राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री का परामर्श मानने के लिए बाध्य है। संविधान में यह निश्चित नहीं किया गया है कि मन्त्रिमण्डल में कितने मन्त्री होंगे। इनकी संख्या आवश्यकतानुसार प्रधानमन्त्री निश्चित करता है। प्रत्येक मन्त्री को प्रायः एक या अधिक विभागों का अध्यक्ष बनाया जाता है।

प्रश्न 13.
सामूहिक उत्तरदायित्व से क्या आशय है ?
अथवा
“मन्त्रिपरिषद् एक साथ तैरती है और एक साथ डूबती है।” इस कथन का सत्यापन कीजिए।
उत्तर:
संयुक्त उत्तरदायित्व से आशय यह है कि मन्त्री अपने कार्यों के लिए संसद के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी हैं। मन्त्रिमण्डल द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय समस्त मन्त्रिमण्डल का निर्णय माना जाता है और संसद यदि किसी एक भी मन्त्री या प्रधानमन्त्री के विरुद्ध अविश्वास का प्रस्ताव पास कर दे तो सम्पूर्ण मन्त्रिमण्डल को अपना त्याग-पत्र देना पड़ता है। भारत में मन्त्रिपरिषद् केवल लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है।

प्रश्न 14.
उच्चतम न्यायालय गठन किस तरह होता है ? समझाइए।
उत्तर:
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्त राष्ट्रपति करता है। मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति में वह उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों से परामर्श ले सकता है। अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति करते समय राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का परामर्श लेता है। इस समय उच्चतम न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश तथा 30 अन्य न्यायाधीश हैं।

प्रश्न 15.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए क्या योग्यताएँ होनी चाहिए ?
उत्तर:
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की योग्यताएँ-सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए निम्न योग्यताएँ होनी चाहिए

  1. वह भारत का नागरिक हो।
  2. वह किसी उच्च न्यायालय या दो या दो से अधिक न्यायालयों में लगातार कम-से -कम 5 वर्ष तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो अथवा किसी एक या एक से अधिक उच्च न्यायालय में कम-से-कम 10 वर्ष अधिवक्ता रह चुका हो।
  3. राष्ट्रपति की दृष्टि में वह कोई उत्कृष्ट विधिवेत्ता हो।

प्रश्न 16.
किस प्रक्रिया के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पदच्युत किया जा सकता है ?
उत्तर:
संसद के प्रत्येक सदन की समस्त संख्या के बहुमत द्वारा तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के विरुद्ध उसे दुराचारी होने का प्रस्ताव पारित होने पर राष्ट्रपति द्वारा उसे उसके पद से अपदस्थ किया जा सकता है। अभी तक महाभियोग लगाकर किसी भी न्यायाधीश को नहीं हटाया गया है।

प्रश्न 17.
राज्य की विधानसभा की रचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
राज्य की विधानसभा विधानमण्डल का निम्न सदन है। इसके सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा सम्पन्न होता है। राज्य के सभी स्त्री-पुरुषों को जिनकी आयु 18 वर्ष या इससे अधिक है, मतदान करने का अधिकार होता है।

कार्यकाल – राज्य विधानसभा का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है परन्तु इस अवधि से पूर्व भी राज्यपाल द्वारा इसे भंग किया जा सकता है।

सदस्य संख्या – भारतीय संविधान के अनुसार किसी भी राज्य की विधानसभा में 500 से अधिक तथा 60 से कम सदस्य नहीं हो सकते हैं।

सदस्यों की योग्यताएँ

  1. वह भारत का नागरिक हो।
  2. कम से कम 25 वर्ष की आयु का हो।
  3. वह सरकार के अधीन लाभ के पद पर न हो।
  4. वह संसद द्वारा निर्धारित योग्यताएँ पूरी करता हो।

प्रश्न 18.
ग्राम पंचायत के कोई पाँच कार्य लिखिए।
उत्तर:
ग्राम पंचायत के निम्नलिखित पाँच कार्य हैं –

  1. गाँवों में सफाई की व्यवस्था करना तथा सड़कों, कुओं, तालाबों आदि का निर्माण करना।
  2. ग्रामीण सड़कों पर प्रकाश की व्यवस्था करना।
  3. सड़कों के किनारे नालियों का निर्माण करना।
  4. मृत्यु और जन्म का लेखा रखना।
  5. संक्रामक रोगों की रोकथाम की व्यवस्था करना।

प्रश्न 19.
जिला पंचायत का गठन कैसे होता है ?
उत्तर:
जिला पंचायत का गठन राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा करती है। इस अधिसूचना द्वारा सम्पूर्ण जिले को इतनी संख्या में विभाजित किया जाता है कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र की जनसंख्या यथासम्भव 50,000 हो। एक निर्वाचन क्षेत्र से एक सदस्य निर्वाचित किया जाता है। किसी भी जिला पंचायत के सदस्यों की संख्या कम-से-कम 10 और अधिक-से-अधिक 35 हो सकती है। जिला पंचायतों में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए उनके जिले में स्थान जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित रखे जाएँगे।

प्रत्येक जिला पंचायत का निर्माण निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर होता है –

  1. निर्वाचन क्षेत्र से चुने गये सदस्य।
  2. जिला सहकारी बैंक तथा विकास बैंक का अध्यक्ष।
  3. लोकसभा के वे समस्त सदस्य जो संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो पूर्णरूप में या अल्परूप में जिले का भाग है।
  4. मध्य प्रदेश राज्यसभा से निर्वाचित राज्यसभा के वे समस्त सदस्य जिनका नाम उस जिले में किसी भी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में हो।
  5. राज्य विधानसभा के वे सदस्य जो उस जिले से चुने गये हों।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 13 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लोकसभा की किन्हीं पाँच शक्तियों का वर्णन कीजिए। (2014)
उत्तर:
लोकसभा की शक्तियाँ निम्न प्रकार हैं –
(1) विधायी शक्ति – लोकसभा का प्रमुख कार्य विधि निर्माण है। संविधान के अनुसार विधि निर्माण में लोकसभा एवं राज्यसभा की शक्तियाँ बराबर हैं परन्तु व्यवहार में लोकसभा ज्यादा शक्तिशाली है। साधारण रूप से समस्त महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में ही प्रस्तुत किए जाते हैं।

(2) कार्यपालिका पर नियन्त्रण – संविधान के अनुसार मन्त्रिमण्डल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है। मन्त्रिमण्डल तब तक ही क्रियाशील रह सकता है जब तक लोकसभा का उसमें विश्वास है। लोकसभा के सदस्य मंत्रियों से प्रश्न पूछकर, शासकीय नीतियों पर कार्यस्थगन प्रस्ताव तथा अविश्वास प्रस्ताव रखकर सरकार पर नियन्त्रण रखते हैं।

(3) वित्तीय शक्ति – संविधान के द्वारा वित्तीय मामलों में लोकसभा को शक्तिशाली बनाया गया है। वित्त विधेयक लोकसभा में ही पारित किए जाते हैं- यद्यपि वित्त विधेयक लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में जाते हैं किन्तु राज्यसभा के द्वारा धन विधेयको पर 14 दिनों के अन्दर स्वीकृति देनी होती है।

(4) संविधान में संशोधन – लोकसभा राज्यसभा के साथ मिलकर संविधान में संशोधन कर सकती है।

(5) विविध कार्य – लोकसभा राष्ट्रपति पर महाभियोग भी लगा सकती है, उपराष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए राज्यसभा के पारित प्रस्ताव पर चर्चा करती है, उच्च एवं उच्चतम न्यायालयों के न्यायाधीशों के विरुद्ध महाभियोग प्रस्तावों पर चर्चा करती है। राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए संकटकाल की पुष्टि एक माह के भीतर लोकसभा द्वारा होना अनिवार्य है। अन्यथा ऐसी घोषणा अपने आप निरस्त हो जायेगी।

प्रश्न 2.
उच्च न्यायालय की रचना का संक्षिप्त विवेचन कीजिए।
अथवा
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति किस प्रकार होती है ?
उत्तर:
प्रत्येक राज्य में एक उच्च न्यायालय होता है जिसके अधीन अन्य न्यायालय कार्य करते हैं, परन्तु संसद दो से अधिक राज्यों के लिए भी एक ही उच्च न्यायालय की स्थापन कर सकती है। उच्च न्यायालय के मुख्य तथा कुछ अन्य न्यायाधीश होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

नियुक्ति – उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते समय राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा राज्य के राज्यपाल से सलाह लेता है। अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति करते समय वह सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा राज्यपाल के अतिरिक्त राज्य के मुख्य न्यायाधीश से भी सलाह लेता है।

योग्यताएँ – उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए भारत का नागरिक होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त वह कम-से-कम दस वर्ष तक किसी अधीनस्थ न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो अथवा कम-से-कम दस वर्ष तक उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य कर चुका हो।

कार्यकाल – उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु होने पर अवकाश ग्रहण कर सकते हैं। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का कार्यकाल 62 वर्ष की आयु तक ही निश्चित किया गया है।

प्रश्न 3.
उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उच्च न्यायालय प्रत्येक राज्य का उच्चतम न्यायालय होता है। अन्य शब्दों में, प्रत्येक राज्य में वहाँ की न्यायपालिका के शिखर पर एक उच्च न्यायालय की व्यवस्था है। उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है –

  1. आरम्भिक क्षेत्राधिकार
  2. अपील सम्बन्धी क्षेत्राधिकार
  3. प्रशासकीय क्षेत्राधिकार

(1) आरम्भिक क्षेत्राधिकार – आरम्भिक क्षेत्राधिकारों में निम्नलिखित तथ्य आते हैं –

  1. संविधान की व्याख्या करना।
  2. नागरिकों के अधिकारों के सुरक्षा सम्बन्धी मामले। यदि कोई अधिकारी या सरकारी संस्था नागरिकों के मौलिक अधिकारों का अपहरण करता है, तो उच्च न्यायालय उसके विरुद्ध लेख जारी कर सकता है; जैसे-परमादेश, अधिकार पृच्छा आदि
  3. कम्पनी कानून से सम्बन्धित मामले उच्च न्यायालय में आरम्भ किये जा सकते हैं।
  4. वसीयत, विवाह-विच्छेद आदि के मामले भी उच्च न्यायालय सुनता है।

(2) अपील सम्बन्धी क्षेत्राधिकार – उच्च न्यायालय अपने अधीन न्यायालयों के निर्णयों की अपीलें सुनता है। इसमें दीवानी, फौजदारी तथा राजस्व सम्बन्धी सभी प्रकार के मुकदमे हो सकते हैं। फौजदारी मुकदमों में सत्र न्यायालय द्वारा दिये गये मृत्युदण्ड आदेश पर उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक है।

(3) प्रशासकीय क्षेत्राधिकार – प्रशासकीय अधिकार के अन्तर्गत राज्यपाल, उच्च न्यायालय के परामर्श से ही जिला न्यायाधीश की नियुक्ति करता है। इसके अतिरिक्त उच्च न्यायालय को अपने अधीन न्यायालयों का निरीक्षण करने तथा उनको नियन्त्रण में रखने का भी अधिकार है। यदि अधीन न्यायालय में कोई ऐसा अभियोग चल रहा है, जिसमें भारतीय संविधान की व्याख्या का मामला निहित हो, तो ऐसे मुकदमे को उच्च न्यायालय अपने पास मँगा सकता है।

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 17 Stars and The Solar System

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 17 Stars and The Solar System

MP Board Class 8th Science Stars and The Solar System NCERT Textbook Exercises

Choose the correct answer in question 1 – 3:

Mp Board Class 8 Science Chapter 17 Question 1.
Which of the following is NOT a member of the solar system?
(a) An asteroid
(b) A satellite
(c) A constellation
(d) A comet.
Answer:
(c) A constellation.

Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 17 Question 2.
Which of the following is NOT a planet of the sun?
(a) Sirius
(b) Mercury
(c) Saturn
(d) Earth.
Answer:
(a) Sirius.

Class 8 Science Chapter 17 Mp Board Question 3.
Phases of the moon occur because
(a) we can see only that part of the moon which reflects light towards us.
(b) our distance from the moon keeps changing.
(c) the shadow of the earth covers only a part of moon’s surface.
(d) the thickness of the moon’s atmosphere is not constant.
Answer:
(a) We can see only that part of the moon which reflects light towards us.

Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 17 Question 4.
Fill in the blanks:
(a) The planet which is farthest from the sun is ………… .
(b) The planet which appears reddish in colour is ……………….. .
(c) A group of stars that appear to form a pattern in the sky is known as a …………. .
(d) A celestial body that revolves around a planet is known as ……………… .
(e) Shooting stars are actually not …………….. .
(f) Asteroids are found between the orbits of ………… and…………..
Answer:
(a) neptune
(b) mars
(c) constellation
(d) satellite
(e) meteors
(f) mars, jupiter.

Mp Board Class 8 Science Book Pdf Question 5.
Mark the following statements as true (T) or false (F):

  1. Pole star is a member of the solar system.
  2. Mercury is the smallest planet of the solar system.
  3. Uranus is the farthest planet in the solar system.
  4. INSAT is an artificial satellite.
  5. There are nine planets in the solar system.
  6. Constellation Orion can be seen only with a telescope.

Answer:

  1. False
  2. True
  3. False
  4. True
  5. False
  6. False.

Class 8 Chapter 17 Science Question Answer MP Board Question 6.
Match items in column A with one or more items in column B:
Mp Board Class 8 Science Chapter 17
Answer:
(i) (g), (ii) (e), (iii) (c), (f), (iv) (d).

Class 8 Science Chapter 17 MP Board Question 7.
In which part of the sky can you find Venus if it is visible as an evening star?
Answer:
Venus is seen as an evening star in western

Science Class 8 Mp Board English Medium Question 8.
Name the largest planet of the solar system.
Answer:
Jupiter is the largest planet of the solar system.

Class 8 Science Chapter 17 Question Answer MP Board Question 9.
What is a constellation? Name any two constellations.
Answer:
Constellation is a group of stars that appears to form some recognizable shape. For example, Ursa Major and Orion.

Chapter 17 Class 8th Science MP Board Question 10.
Draw sketches to show the relative positions of prominent stars in:
(a) Ursa Major, (b) Orion
Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 17
Fig. 17.1: Relative position of stars in Ursa Major and Ursa Minor stars in Orion.
Class 8 Science Chapter 17 Mp Board
Fig. 17.2: Relative position of stars in Orion.

Star And The Solar System Class 8 MP Board Question 11.
Name two objects other than planets which are members of the solar system.
Answer:
Asteroids and Comets.

Mp Board Class 8 Social Science Chapter 17 Question 12.
Explain how you can locate the Pole Star with the help of Ursa Major?
Answer:
Pole Star can be located with the help of the two stars at the end- of Ursa Major. Imagine a straight line passing through these stars as shown in Fig 17.3. Extend this imaginary line towards the north direction. (About five times the distance between the two stars). This line will lead to a star which is not too bright. This is the Pole Star. Observe the pole star for some time. Note that it does not move at’ all as other stars drift from east to west.
Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 17

Question 13.
Do all the stars in the sky move? Explain.
Answer:
No, stars actually do not move but they only appear to move from east to west, as the earth from where we see them, rotates from west to east. However pole star, which is situated in the direction of the earth’s axis. It does not appear to move.

Question 14.
Why is the distance between stars expressed in light years? What do you understand by the statement that a star is eight light years away from the Earth.
Answer:
The sun is about 150,000.00 kilometres (150 million km) away from the earth. It is not convenient to express such large distances in kilometres. Therefore, large distances between stars are expressed in another unit known as light near. A light year is the distance ‘r travelled by light in a year.
1 light year = speed of light x number of seconds in a year
= 300,000 x 365 x 24 x 60 x 60km.
= 95,00,00,00,00,000 km = 95 x 1011
= 9.5 x 10 x 1011
= 9.5 x 1012 km (Approximately)
∴ 8 light year
= 8 x 9.5 x 1012 km
= 76 x 1012 km
Thus, by the statement that a star is eight light years away from the earth means that the star is about 76 x 1012 km away from the earth.

Question 15.
The radius of Jupiter is 11 times the radius of the Earth. Calculate the ratio of the volumes of Jupiter and the Earth. How many Earths can Jupiter accommodate?
Answer:
If the radius of the Earth is r.
Then, radius of the Jupiter is Ur.
So, ratio of the volumes of Jupiter and Earth is
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 17 Stars and The Solar System 5
Thus, 1331 Earths can be accommodated within the Jupiter.

Question 16.
Boojho made the following sketch (Fig. 17.4) of the solar system. Is the sketch connect? If not, correct it.
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Answer:
This sketch is not correct. The correct sketch of solar system is given is Fig. 17.5.
Class 8 Chapter 17 Science Question Answer MP Board

MP Board Class 8th Science Stars and The Solar System Extended Learning – Activities and Projects

Question 1.
The North-South line at your place.
Let us learn to draw the north-south line with the help of the shadow of a stick. Fix a straight stick vertically in the ground where the Sun can be seen for most of the day. Call the foot of the stick as point O. Sometime in the morning, mark the tip of the shadow of the stick. Say this point is A. With OA as radius draw a circle on the ground. Wait till the shadow becomes shorter and then starts increasing in size. When the shadow again touches the circle, mark it as point B. Draw the bisector of the angle AOB. This is your North-South line. To decide which side
of this line shows North, use a magnetic compass.

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 17 Stars and The Solar System 8
Answer:
Do yourself.

Question 2.
If possible, visit a planetarium. There are planetariums in many cities. In a planetarium you can see the motion of the stars, constellations and planets on a large dome.
Answer:
Do yourself.

Question 3
On a moonless night observe the sky for a few hours. Look out for a meteor, which appears as a streak of light. September-November is a good time for observing meteors.
Answer:
Do yourself.

Question 4
Learn to identify the planets visible to the naked eye and some prominent constellations such as Great Bear (Saptarishi) and Orion. Also try to locate the Pole Star and the star Sirius.
Answer:
Do yourself.

Question 5.
Position of the rising Sun – Uttarayan and Dakshinayan :
This activity may last for several weeks. Choose a place from where eastern horizon is clearly visible. Choose also a marker, such as a tree or an electric pole, to mark the position of the rising Sun. It will be sufficient if you take the observation once every week. On any day, note down the direction of the rising Sun. Repeat this observation every week. What do you find? You would have noted that the point of sunrise changes continuously. From summer solstice (around 21 June), the point of sunrise gradually shifts towards the south. The Sun is then said to be in dakshinayan (moving south). It keeps doing so till winter solstice (around 22 December). Thereafter, the point of sunrise changes direction and starts moving towards north. The Sun is now said to be in uttarayan the equinoxes (around 21 March and 23 September) the Sun rises in the east. On all other days, it rises either north of east or south of east. So, the direction of the rising Sun is not a good guide to determine directions. The Pole Star, which defines North,‘is a much better indicator of directions.
Answer:
Do yourself.

Question 6.
Form a group of students. Prepare a model of the solar system showing the planets, and their relative sizes. For this take a large chart paper. Make spheres representing different planets according to their relative size (Use Table 17.1). Y6u may use newspaper, clay or plasticine to make spheres. You can cover these spheres with paper of different colours. Exhibit your models in the class.
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 17 Stars and The Solar System 9
Answer:
Do yourself.

Question 7.
Try to make a scale model of the solar system showing distances of the planets from the Sun (Use Table 17.1). Did you face any difficulty? Explain it.
Answer:
Do yourself.

Question 8.
Solve the following riddle and try to make similar riddles yourself.
My first is in VAN but not in PAN
My second is in EARTH and also in HEAVEN
My third is’ in ONE and not in TWO
My fourth is in BUN and also in FUN
My last is in STAR but not in RADAR
I am a planet that moves round the Sun.
Answer:
It is the planet venus.

MP Board Class 8th Science Stars and The Solar System Additional Important Questions

A. Short Answer Type Questions

Question 1.
What is Universe?
Answer:
Universe is the space surrounding the earth. It contains all the heavenly objects like stars, comets, planets, asteroids, etc.

Question 2.
Name two constellations which are visible in summer.
Answer:
Scorpio and Ursa Major.

Question 3.
What are comets?
Answer:
Heavenly bodies, composed of dust and gas, revolving around the sun with long bright tail are called comets. Their period of revolution around the sun is very large. They are particularly seen, after the pretty number of years.

Question 4.
Which is the brightest planet of our solar system?
Answer:
Venus is the brightest planet of our solar system.

Question 5.
What is the most significant feature of remote sensing technology?
Answer:
The most significant feature of remote sensing technology is that it makes possible the repetitive surveys of vast areas in a very short time. It is applicable even to inaccessible areas.

B. Long Answer Type Questions

Question 6.
Define light year. What is the approximate distance of the sun from the earth?
Answer:
One light year is the distance travelled by light in one year at a speed of light which is about 300000 km/sec. Light year is a unit of distance and is equal to 9.46 x 1012 km.
The approximate distance of the sun from the earth is 150,000,000 km, which means that light takes about 8 minutes 20 seconds to reach the earth from the sun.

Question 7.
The stars twinkle and the planets do not twinkle. Account for the observation.
Answer:
Owing to the atmospheric disturbances in the atmosphere the position of the stars appears to vibrate, so they apear to be twinkling. Due to the fact that the planets are very close to each other, their disc position does not vibrate, owing to the atmospheric conditions, hence the planets do not appear to be twinkling.

Question 8.
Give three reasons why life cannot survive on Venus.
Answer:
All the above conditions are present on the earth. Hence, life is possible there.

  1. Being nearer to the sun Venus it is extremely hot.
  2. There is no water on the planet
  3. The planet does not contain sufficient oxygen.

Question 9.
Expand the term INSAT. What three things are expected from INSAT?
Answer:
The term INSAT stands for Indian National Satellite. This satellite series expected to carry out three tasks. These tasks are:

  1. communication
  2. television and radio broadcasting and
  3. meteorological observations.

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MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Chapter 14 आचार्योपदेशाः

MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 14 आचार्योपदेशाः

MP Board Class 8th Sanskrit Chapter 14 अभ्यासः

Mp Board Class 8 Sanskrit Solution Chapter 14 प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत(एक शब्द में उत्तर लिखो-)
(क) पुष्पसजं कण्ठे कः समर्पयति? (पुष्पाहार गले में कौन समर्पित करता है?)
उत्तर:
शिवराजः। (शिवाजी)

(ख) वृत्तं केन रक्ष्यते? (चरित्र की रक्षा कैसे की जाती है?)
उत्तर:
धर्मभयेन। (धर्म के भय से)

(ग) अद्य मे किं निवृत्तम्? (आज मेरा क्या समाप्त हो गया है?)
उत्तर:
मोहावरणम्। (मोह का आवरण)

(घ) नृपः धर्मान् केन पालयेत्? (राजा धर्म का पालन कैसे कराये?)
उत्तर:
नियमेन। (नियम से)

(ङ) शिवराजम् भारतकवीर! इति शब्देन कः सम्बोधयति? (शिवाजी को ‘भारत का एक वीर!’ इस शब्द से कौन सम्बोधित करता है?)
उत्तर:
श्रीरामदासः। (श्रीरामदास)

Mp Board Class 8 Sanskrit Chapter 14 प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत(एक वाक्य में उत्तर लिखो-)
(क) शिवराजस्य गुरुः कः आसीत्? (शिवाजी के गुरु कौन थे?)
उत्तर:
शिवराजस्य गुरुः श्रीरामदासः आसीत्। (शिवाजी के गुरु श्रीरामदास थे।)

(ख) क्षत्रियस्य परो धर्मः किं अस्ति? (क्षत्रिय का परम धर्म क्या है?)
उत्तर:
क्षत्रियस्य परोधर्मः दुष्कृतां हिंसनं साधूनां च परित्राणम् अस्ति। (क्षत्रिय का परम धर्म दुष्कर्मियों को मारना और सज्जनों की सुरक्षा है।)

(ग) शिवराजस्य साहाय्यार्थं श्रीरामदास किम् करोति स्म? (शिवाजी की सहायता के लिए श्रीरामदास क्या कर रहे थे?)
उत्तर:
शिवराजस्य साहाय्यार्थं श्रीरामदासः प्रतिमठे राष्ट्रभावभावितान् शतशः युवगणान् निर्माति स्म। (शिवाजी की सहायता के लिए श्रीरामदास प्रत्येक मठ में सैकड़ों युवागणों का निर्माण कर रहे थे।)

कीदृशाः युवगणाः भाविरणे सहायाः भविष्यन्ति? (कैसे युवकों के समूह भविष्य में होने वाले युद्ध में सहायक होंगे?)
उत्तर:
राष्ट्रैकभक्ताः युवगणाः भाविरणे सहायाः भविष्यन्ति। (राष्ट्रभक्त युवकों के समूह भविष्य में होने वाले युद्ध में सहायक होंगे।)

(ङ) शिवराजस्य अभीष्टं का सम्पादयतु? (शिवराज की इच्छा को कौन पूरा करे?)
उत्तर:
शिवराजस्य अभीष्ट भगवती परदेवता सम्पादयतु। (शिवराज की इच्छा को भगवान् परमात्मा पूरा करें।)

Class 8 Sanskrit Chapter 14 Mp Board प्रश्न 3.
रिक्तस्थानं पूरयत(रिक्त स्थान भरो-)
(क) वृत्तं यथा ……………. रक्ष्यते।
(ख) प्रजाहितज्ञो नियमेन ……………..।
(ग) मया ……….. राष्ट्रभावभाविताः।
(घ) अपितु त्वमसि मे …………।
(ङ) ……………. सम्पादयतु तवाभीष्टम्।
उत्तर:
(क) धर्मभयेन
(ख) पालयेत
(ग) निर्मीयन्ते
(घ) द्वितीयं हृदयम्
(ङ) भारतैकवीर।

8th Class Sanskrit Chapter 14 प्रश्न 4.
सन्धि-विच्छेदं कुरुत
(सन्धि विच्छेद करो-)
(क) गमितोऽस्मि
(ख) त्वमसि
(ग) नृभिस्तथा
(घ) भगवतैवारब्धे
(ज) भारतैकवीरः
(च) सम्प्रत्यपि
(छ) प्रतिष्ठेऽहम्
(ज) तवाभीष्टम्
(झ) योगोपचिताः
(ण) राष्ट्रकभक्तेः।
उत्तर:
(क) गमितः + अस्मि
(ख) त्वम् + असि
(ग) नृभिः + तथा
(घ) भगवत् + एव+ आरब्धे
(ङ) भारत + एक + वीरः
(च) सम्प्रति + अपि
(छ) प्रतिष्ठे + अहम्
(ज) तव + अभीष्टम्
(झ) योग + उपचित
(ण) राष्ट्र + एक + भक्तेः।

Class 8 Sanskrit Chapter 14 प्रश्न 5.
सन्धिं कुरुत(सन्धि करो-)
उत्तर:
(क) शङ्कर + अंशेन + अवतीर्णस्य = शङ्करांशेनावतीर्णस्य।
(ख) वर्णाश्रमे + अस्मिन् = वर्णाश्रमेऽस्मिन्।
(ग) उत् + मूल्य = उन्मूल्य।
(घ) राष्ट्र + उद्धरण + उद्यमे = राष्ट्रोद्धरणोद्यमे
(ङ) उत् + ईक्ष्यते = उदीक्ष्यते।

Mp Board Class 8 Sanskrit Chapter 13 प्रश्न 6.
श्लोकं पूरयत(श्लोक पूरा करो-)
उत्तर:
वृत्तं यथा धर्मभयेन रक्ष्यते नृभिस्तथा नैव नरेन्द्रशासनात्।
धर्मान् सदाचारपरानतो नृपः प्रजाहितज्ञो नियमेन पालयेत्॥

Class 8 Sanskrit Chapter 14 Question Answer प्रश्न 7.
संस्कृतेन भावार्थं लिखत (संस्कृत में भावार्थ लिखो-)
व्यायामयोगोपचिताङ्गसत्त्वा विद्याकलादण्डनयप्रतिष्ठताः।
राष्ट्रकभक्ता उपधाविशोधिता भवन्तु ते भाविरणे सहायाः॥
उत्तर:
राष्ट्र प्रति एकभक्ताः, व्यायामेन योगेन च अङ्गनां शक्तिसम्पन्नाः, विद्यासु कलासु दण्डनीतेः कुशलाः, धर्मे अर्थे च संस्कारिताः, भविष्ये युद्धे शतशः युवगणाः तव सहायकाः भवन्तु।

Class 8th Sanskrit Chapter 14 प्रश्न 8.
निम्नाङ्कितशब्दान् आधृत्य वाक्यरचनां कुरुत(निम्न शब्दों के आधार पर वाक्य रचना करो-)
(क) दिष्ट्या
(ख) सदाचारः
(ग) परित्राणम्
(घ) धर्मशासनम्
(ङ) राष्ट्रियभावना।
उत्तर:
Chapter 14 Sanskrit Class 8

Class 8 Sanskrit Chapter 13 Mp Board प्रश्न 9.
अर्थानुसारं युग्मनिमाणं कुरुत (अर्थ के अनुसार जोड़े बनाओ-)
Class 8th Sanskrit Chapter 14 Solution
उत्तर:
(क) → (iii)
(ख) → (v)
(ग) → (iv)
(घ) → (i)
(ङ) → (ii)

कक्षा 8 संस्कृत पाठ 14 प्रश्न 10.
निम्नाङ्कितपदानां विलोमपदानि लिखत(नीचे लिखे शब्दों के विलोम शब्द लिखो-)
उत्तर:
पदानि – विलोमपदम्
(क) मया – त्वया
(ख) निवृत्तम् – संवृत्तम्
(ग) तव – मम
(घ) उत्थानम् – पतनम्
(ङ) अस्मिन् – तस्मिन्।

(संस्कृत में नाटकों की परम्परा अति प्राचीन है। यह परम्परा इस समय भी निर्बाध रूप से चल रही है। बीसवीं शताब्दी में गुजरात प्रदेश के श्री मूलशंकर मणिक लाल याज्ञिक ने भी अनेक पुस्तकें रचीं। उनमें संस्कृत भाषा में संयोगितास्वयम्वरम्, प्रतापविजयम् और छत्रपतिसाम्राज्यम् का वर्णन करते हैं।

‘छत्रपतिसाम्राज्यम्’ तो ऐतिहासिक नाटक है। इस नाटक में छत्रपति शिवाजी के शौर्यपूर्ण कार्यों का एवं तात्कालिक यवन सम्राट की दुर्नीति के विरुद्ध संघर्ष का और अन्त में स्वराज्य की स्थापना का चित्रण है।

यह प्रस्तुत नाट्य अंश ‘छत्रपतिसाम्राज्यम्’ इस नाटक से ही उद्धृत है। इसमें शिवाजी के गुरु श्रीरामदास के उपदेश हैं। राष्ट्रीय भक्ति की भावना से भरा यह अंश देखने योग्य है।)

आचार्योपदेशाः हिन्दी अनुवाद

(ततः प्रविशति रामदासेन सह शिवराजः)
शिवराज: :
(सप्रश्रयम्) दिष्ट्याद्य कृतार्थतां गमितोऽस्मि चिरप्रार्थितेन भगवत्-प्रसाद-अधिगमेन। (इति पुष्पस्रजंकण्ठे समर्प्य पादयोः पतति।)

श्रीरामदासः :
भारतैकवीर! उत्तिष्ठ। धर्मराज्यसंस्थापनार्थं शङ्कर-अंशेन-अवतीर्णस्य तव भवतु सर्वत्र अप्रतिहतो विजयः।

अनुवाद :
(उसके बाद रामदास के साथ शिवाजी प्रवेश करते हैं।)

शिवराज :
(विनम्रतापूर्वक) सौभाग्य से आज मैं बहुत समय से प्रार्थित (प्रार्थना करने पर) भगवान की कृपापूर्वक आने से सफलता को प्राप्त हुआ हूँ। (इस प्रकार पुष्पाहार गले में समर्पित करके पैरों में गिरते हैं।)

श्रीरामदास :
भारत के एक वीर! उठो। धर्म के राज्य की अच्छी प्रकार से स्थापना के लिए शंकर के अंश (भाग) के द्वारा अवतरित तुम्हारी सब जगह निर्विघ्न विजय हो।

शिवराजः :
(उत्थाय) प्रतिगृहीताशीः।

श्रीरामदास: :
व्यवस्थितवर्णाश्रमे अस्मिन् भारते वर्षे दुष्कृतां हिंसनं साधूनां च परित्राणम् एव क्षत्रियस्य परो धर्मः। तत् नयमार्गम् अवलम्ब्य उत्पथगामिनो नृपाधमान् च उन्मूल्य प्रवर्तय स्व धर्मशासनम् यतः वृत्तं यथा धर्मभयेन रक्ष्यते नृभिस्तथा नैव नरेन्द्रशासनात्। धर्मान् सदाचारपरानतो नृपः प्रजाहितज्ञो नियमेन पालयेत्॥

अनुवाद :
शिवराज :
(उठकर) आशीर्वाद प्राप्त हो गया।

श्रीरामदास :
व्यवस्थित वर्णाश्रम में इस भारतवर्ष में दुष्कर्मियों को मारना और सज्जनों की सुरक्षा ही क्षत्रिय का परम धर्म है। इसलिए नीति के मार्ग का सहारा लेकर कुमार्ग गामी और अधम राजाओं को जड़ से उखाड़कर अपना धर्मराज्य स्थापित करो। क्योंकि-

‘जैसी मनुष्यों द्वारा धर्म के भय से चरित्र की रक्षा की जाती है वैसी राजा की आज्ञा से नहीं। सदाचारी प्रजा के हित को जानने वाला राजा नियम से धर्म का पालन कराये।’

शिवराजः :
भगवन्। तव अनुग्रहेण अद्य निवृत्तम् मे मोहावरणम्। नवीकृतश्च साम्राज्य-संस्थापनोत्साहः।

श्रीरामदासः :
वत्स! तव साहाय्यार्थं प्रतिमठं मया निर्मीयन्ते राष्ट्रभावभाविताः शतशो युवगणाः। तदिमेव्यायामयोगोपचिताङ्गसत्त्वा विद्याकलादण्डनयप्रतिष्ठताः। राष्ट्रकभक्ता उपधाविशोधिता भवन्तु ते भाविरणे सहायाः॥

अनुवाद :
शिवराज :
भगवन्! आपकी कृपा से आज मेरा मोह का आवरण (पर्दा) समाप्त हो गया है और साम्राज्य की स्थापना का उत्साह नया सा कर दिया गया है।

श्रीरामदास :
वत्स! तुम्हारी सहायता के लिए मेरे द्वारा प्रत्येक मठ (आश्रम) में राष्ट्रीय भावना वाले सैकड़ों युवाओं के समूह तैयार किये जा रहे हैं। इसलिये ये-

‘राष्ट्र के एक भक्त व्यायाम और योग से प्राप्त अंगों की शक्ति वाले, विद्याओं, कलाओं, दण्डनीति में कुशल, धर्म, अर्थ में संस्कारित भविष्य में होने वाले युद्ध में तुम्हारी सहायता करने वाले होवें।’

शिवराजः :
अहो, परमार्थतो भगवतैवारब्धे राष्ट्र-उद्धरण-उद्यमे अहं तु निमित्तमात्रमेव।

श्रीरामदासः :
वत्स! न केवलं शिष्य इति, त्वमसि मम प्रेमास्पदम्। अपितु त्वमसि मे द्वितीयं हृदयं त्वदधीनैवास्ति मे साध्यसिद्धि। तन्मया सततं सावधानेन उदीक्ष्यते त्वद् विजयध्वजप्रसरः। सम्प्रत्यपि त्वां निर्विण्णम् उपश्रुत्य संप्राप्तोऽस्मि अहं तव प्रोत्साहनार्थम् एतद् दुर्गराजम्। अथ त्वां स्वकर्मणि अभिप्रवृत्तं वीक्ष्य प्रतिष्ठेऽहं धर्मप्रवचनाय दुर्गान्तरम्।।

शिवराजः :
भगवतानुग्राह्यः अयं जनो भूयो दर्शनेन।

श्रीरामदासः :
भारतैकवीर! सम्पादयतु तवाभीष्टं भगवती परदेवता। (इति निष्क्रान्तः)

अनुवाद :
शिवराज :
अहो, वस्तुतः भगवान द्वारा ही आरम्भ किये गये राष्ट्र के उद्धार के कार्य में मैं तो निमित्त (कारण) मात्र ही हूँ।

श्रीरामदास :
वत्स! तुम न केवल मेरे शिष्य बल्कि प्रिय हो। अपितु तुम मेरे द्वितीय हृदय हो, तुम्हारे हाथ में ही मेरे लक्ष्य की प्राप्ति है। इसलिए मैं निरन्तर सावधानी से तुम्हारी विजय पताका का लहाराना सादर देखता हूँ। इस समय भी तुमको दुःखी सुनकर मैं तुम्हारे प्रोत्साहन के लिए इस विशाल किले में आया हूँ। अब तुमको अपने कार्य में लगा हुआ देखकर मैं धर्म के उपदेश देने के लिए दूसरे किले की ओर प्रस्थान करता हूँ।

शिवराज :
यह जन (शिवाजी) फिर (आपके द्वारा) दर्शन से कृपा करने योग्य है।

श्रीरामदास :
भारत के एक वीर! तुम्हारे इच्छित को भगवान् परमात्मा पूरा करें। (निकल जाते हैं)

आचार्योपदेशाः शब्दार्थाः

सप्रश्रयम् = विनम्रतापूर्वक। प्रतिगृहीताशीः = आशीर्वाद प्राप्त। दिष्ट्या = सौभाग्य से। दुष्कृताम् = निन्दित कर्म करने वालों का या दुष्कर्मियों का। कृतार्थताम् = सफलता को। अस्मिन् = इसमें। प्रसादाधिगमेन = कृपापूर्वक आने से। हिंसनम् = मारना। पुष्पस्रजम् = पुष्पहार। परित्राणम् = सुरक्षा।। समर्प्य = समर्पित करके। परोधर्मः = श्रेष्ठ धर्म। पादयोः = पैरों पर। नयमार्गम् = नीतिपथ। उत्तिष्ठ = उठो। अवलम्ब्य = सहारा लेकर। संस्थापनार्थम् = अच्छे प्रकार से स्थापना के लिए। उत्पथगामिनः = कुमार्ग गामी। नृपाधमान् = अधम । राजाओं को। अंशेन = अंश (या भाग) के द्वारा। धर्मशासनम् = धर्मराज्य। वृत्तम् = चरित्र को। अवतीर्णस्य = अवतरित का। नृभिः = मनुष्यों के द्वारा। अप्रतिहतः = निर्बाध, निर्विघ्न। सदाचारपरान् = सदाचार परायण या सदाचारी। उत्थाय = उठकर। प्रजाहितज्ञः = प्रजाहित का ज्ञाता या प्रजा के हित को जाने वाला। परमार्थतः = वस्तुतः। आरब्धे = आरम्भ किये गये। प्रेमास्पदम् = प्रिय। अनुग्रहेण = कृपा से।

साध्यसिद्धिः = लक्ष्य की प्राप्ति। निवृत्तम् = समाप्त। सततम् = निरन्तर। मोहावरणम् = मोह का आवरण। उदीक्ष्यते = सादर दिखाई देता है। नवीकृतः = नया कर दिया। विजयध्वजप्रसरः = विजय पताका का लहराना। प्रतिमठम् = प्रत्येक मठ (या आश्रम) में। सम्प्रत्यपि = इस समय भी। निर्मीयन्ते = तैयार किये जाते हैं। निर्विष्णम् = विरल हृदय को। राष्ट्रभावभाविताः = राष्ट्रिय भावना वाले। प्रोत्साहनार्थम् = उत्साह बढ़ाने के लिए। शतशः = सैकड़ों। दुर्गराजम् = विशाल दुर्ग या बड़ा किला। युवगणाः = युवक समूह। व्यायामयोगोपचित = व्यायाम और योग से प्राप्त। स्वकर्मणि = अपने कार्य में। अभिप्रवृत्तम् = लगा हुआ। अङ्गसत्वाः = अंगों की शक्ति वाले। वीक्ष्य = देखकर। विद्याकलादण्डनयप्रतिष्ठिताः = विद्याओं, कलाओं, दण्डनीति में कुशल। प्रतिष्ठेडहम् = मैं प्रस्थान करता हूँ। धर्मप्रवचनाय = धर्म के उपदेश देने के लिए। उपधाविशोधिता = धर्म, अर्थ में परीक्षित या संस्कारित। दुर्गान्तरम् = दूसरे दुर्ग (किला) को। अनुग्राह्यः = कृपा करने योग्य। भाविरणे= भविष्य में होने वाले समर में। भूयः = फिर। सम्पादयतु = पूरा करें। सहायाः = सहायता करने वाले। अभीष्टम् = इच्छित। भवन्तु = होवें। परमार्थतः = वस्तुतः।

MP Board Class 8th Sanskrit Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 20 Hydrosphere

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 20 Hydrosphere

MP Board Class 7th Social Science Chapter 20 Text Book Questions

Choose the correct alternatives from the following

Mp Board Class 7th Social Science Chapter 20 Question 1.
The largest ocean in the world is:
(a) Atlantic Ocean
(b) Pacific Ocean
(c) Indian Ocean
(d) Arctic Ocean
Answer:
(b) Pacific Ocean

Class 7 Social Science Chapter 20 MP Board Question 2.
The area covered by water on the earth is:
(a) 51%
(b) 61%
(c) 71%
(d) 81%
Answer:
(c) 71%

Fill in the blanks:

  1. The …………. Hemisphere of the earth is a water Hemisphere.
  2. The deepest trench in die world is …………..

Answer:

  1. Southern
  2. Challenger

MP Board Class 7th Social Science Chapter 20 Short Answer Type Questions

The Hydrosphere Class 7 MP Board Question 1.
Write down the names of the oceans of the world.
Answer:
The oceans of die world are:

  • Pacific Ocean
  • Adan-tic Ocean
  • Indian Ocean
  • Arctic Ocean

Class 7 Science Chapter 20 MP Board Question 2.
Write any three advantages of Oceans?
Answer:
Three advantages of oceans are –

1. Rain on land:
All the rain on land are due to the evaporation of sea water. Rains are useful for vegetation, animal life and human beings.

2. Balance of temperature:
Ocean shelp to maintain balance of temperature on land.

3. Means of transport:
The international trade is possible because of the oceans and seas, which joins the continents.

Hydrosphere Is A Part Of Class 7 MP Board Question 3.
Why is hydrosphere? Explain.
Answer:
The part of the surface of the earth which is covered with water is known as hydrosphere. Water makes up 71% of die earth surface and remaining part of 29% is land.

MP Board Class 7th Social Science Chapter 20 Long Answer Type Questions

Mp Board Class 8 Social Science Chapter 20 Question 1.
Explain water cycle through illustrations.
Answer:
On die surface of the earth rivers, lakes, underground water, ponds, ice-covered area, seas etc. are the sources of water. Water evaporates from these water bodies. The water vapor rises upwards, and forms clouds. The clouds precipitate indie form of rain.

The rain water gets collected in rivers, lakes, ponds and other water bodies. Through rivers, it reaches back to the oceans. In this way water traverses continuously in all spheres, the lithosphere, die atmosphere and the hydrosphere. This process is known as water cycle. In short we can say that the movement of water in hydrosphere, atmosphere and lithosphere is called water cycle.

Chapter 20 Class 7th MP Board Question 2.
Describe the different parts of the oceanic floor and draw a well labelled diagram.
Answer:
The oceanic floor is full of ridges and pits. The depth of the sea is unequal. On the basis of the physical structure, the floor of the oceans are divided into four parts:

1. Continental Shelf:
That part of the sea which touches die land and is generally less deep is called the continental shelf. Its depth in general less than 100 fathoms or 150 meters and its breadth varies form few kilometers to more than 100 kilometers.

2. The Continental slope:
Where the edge of the steeps slope down wards it is called the continental slope. It is deeper than die continental shelf.

3. The Ocean deep plains:
The part of die ocean bed which is deep and plain is called the oceanic deep plains. These plains occupy die most part of the ocean bed.

4.  The Oceanic trench or pit:
At the bottom of the sea there are many deep pits. These are known as the oceanic trench.

MP Board Class 7th Social Science Solutions

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 5 Coal and Petroleum

MP Board Class 8th Science Coal and Petroleum NCERT Textbook Exercises

Mp Board Class 8 Science Chapter 5 Question 1.
What are the advantages of using CNG and LPG as fuels?
Answer:
The advantages of using CNG and LPG as fuels are:

  1. CNG and LPG are a non-polluting fuel vehicles.
  2. CNG is used for power generation.
  3. LPG can be used directly for burning in homes and factories.
  4. CNG and LPG fuels are easy to store.

Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 5 Question 2.
Name the petroleum product used for surfacing of roads.
Answer:
These days bitumen is used for surfacing of roads in place of coal-tar.

Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 5 Question 3.
Describe how coal is formed from dead vegetation. What is this process called?
Answer:
About 300 million years ago, the earth had dense forests in low lying wetland areas. Due to natural processes like flooding, these forests got buried under the soil. As more soil deposited over them, they were compressed. The temperature also rose as they sank deeper and deeper. Under high pressure and high temperature, dead plants got slowly converted to coal. As coal contains mainly carbon, the slow process of conversion of dead vegetation into coal is called carbonisation. Since it was formed from the remains of vegetation, coal is also called a fossil fuel.

Mp Board Class 8th Science Chapter 5 Question 4.
Fill in the blanks:
(a) Fossil fuels are and
(b) Process of separation of different- constituents from petroleum is called
(c) Least polluting fuel for vehicle is
Answer:
(a) coal, petroleum, natural gas.
(b) refining
(c) CNG.

Mp Board Class 8 Social Science Chapter 5 Question 5.
Tick TruelFalse against the following statements:
(a) Fossil fuels can be made in the laboratory. (T/F)
(b) CNG is more polluting fuel than petrol. (T/F)
(c) Coke is almost pure form of carbon. (T/F)
(d) Coal tar is a mixture of various substances. (T/F)
(e) Kerosene is not a fossil fuel. (T/F)
Answer:
(a) False, (b) False, (c) True, (d) True, (e) True.

Mp Board Solution Class 8 Science Question 6.
Explain why fossil fuels are exhaustible natural resources.
Answer:
Coal, petroleum and natural gas are fossil fuels. The amount of these resources is limited in nature and is used by human activities. This is why fossil fuels are exhaustible natural resources.

Class 8 Science Chapter 5 Mp Board Question 7.
Describe characteristics and uses of coke.
Answer:
Coke is obtained as a solid residue by heating coal in a closed tube in the absence of air. Coke is a tough porous black substance. It is almost pure form of carbon. Uses of Coke:

  1. It is used in the manufacture of steel.
  2. It is used in the extraction of many metals.

Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 4 Question 8.
Explain the process of formation of petroleum.
Answer:
Petroleum was formed from organisms living in the sea. As these organisms died, their bodies settled at the bottom of the sea and got covered with layers of sand and clay. Over millions of years, absence of air, high temperature and high pressure transformed the dead organisms into petroleum and natural gas.

Mp Board 8th Class Science Solutions Question 9.
The following table shows the total power shortage in India from 1991-1997. Show the data in the form of a graph. Plot shortage percentage for the years on the Y-axis and the year on the X-axis.
Mp Board Class 8 Science Chapter 5
(Source: CME, D&B researchcea.nic.in)
Answer:
Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 5

MP Board Class 8th Science Coal and Petroleum NCERT Intext Activities and Projects

Mp Board Class 8th Science Solution Activity 5.1

Make a list of various materials used by us in daily life and classify them as natural and man-made.
Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 5

MP Board Class 8th Science Coal and Petroleum NCERT Additional Important Questions

A. Short Answer Type Questions

Mp Board Solution Science Class 8 Question 1.
Define inexhaustible natural resources with examples.
Answer:
These resources are present in unlimited, quantity in nature and are not likely to be exhausted by human activities. Examples are sunlight, air.

Class 8 Science Mp Board Solution Question 2.
Define exhaustible natural resources with examples.
Answer:
The amount of these resources in nature is limited. They can be exhausted by human activities. Examples of these resources are forests, wildlife, minerals, coal, petroleum, natural gas etc.

Mp Board Class 8 Science Solution Question 3.
Why charcoal is better fuel than wood?
Answer:
Charcoal is a clean fuel and gives very less smoke which is equivalent to negligible. But wood is not a clean fuel and gives a lot of smoke on burning.

Mp Board Class 8 English Chapter 5 Question 4.
Why should we conserve energy?
Answer:
We should conserve energy:

  1. to overcome the problem of energy crisis.
  2. to save non-renewable sources of energy.
  3. to make the sources last long.

Class 8 Coal And Petroleum Question Answer Question 5.
Why are we using coal and petroleum
even though a large amount of sun’s energy is falling on the earth?
Answer:
Even though a large amount of the sun’s energy is falling on earth, it is very much diffused. In order to use sun’s energy we have to collect and concentrate it.

B. Long Answer Type Questions

Mp Board Solution Class 8 Subject Science Question 6.
What are the uses of LPG?
Answer:
At high pressure, LPG is stored in liquid form. Therefore, it can be filled at high pressure in small cylinders which can be sent for household and industrial uses. When regulator fitted on the cylinder is turned on, pressure inside the cylinder reduces and LPG converts in gaseous form and passes through a pipe to the burner where it is used as fuel.

Question 7.
Write a short note on Compressed Nature Gas.
Answer:
Compressed Natural Gas (CNG): Natural gas is mainly composed of methane (CH4) with ethane C2H6 and propane C3H8 gases in lesser amount. Methane is the major component (95%) of the natural gas. Usually petroleum gases are obtained at the top level of petroleum oil in petroleum wells. CNG is natural gas compressed at high pressure. CNG is used as a fuel in houses and in automobiles. It is more pollution free than other fuels.

Question 8.
Define the term fossil fuel. Name three fossil fuels.
Answer:
The period between 200 to 300 million years ago is known as carboniferous age. During this period large trees covered many areas of the earth. The generations of trees died and were gradually buried. These trees were converted very slowly into peat, then lignite and finally coal. It is called fossil fuels. Examples of fossils fuels are coal, petroleum and natural gas.

Question 9.
What is PCRA? What does it advise?
Answer:
PCRA stands for Petroleum Conservation Research Association. It advises people how to save petrol/diesel while driving. Their tips are:

  • drive at a constant and moderate speed as far as possible.
  • switch off the engine at traffic lights or at a place where one has to wait.
  • ensure correct tire pressure.

MP Board Class 8th Science Solutions

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 6 Life Processes

MP Board Class 10th Science Solutions Chapter 6 Life Processes

MP Board Class 10th Science Chapter 6 Intext Questions

Class 10th Science Chapter 6 Intext Questions Page No. 95

Mp Board Class 10th Science Chapter 6 Question 1.
Why is diffusion insufficient to meet the oxygen requirements of multi cellular organisms like humans?
Answer:
Diffusion is insufficient to meet the oxygen requirement of multicellular organisms like humans because multicellular organisms have complex body designs. Moreover, all their cells may not be in direct contact with the surrounding environment.

Mp Board Class 10 Science Chapter 6 Question 2.
What criteria do we use to decide whether something is alive?
Answer:
We tend to think of some sort of movement, either growth-related or not, as common evidence for being alive.

Mp Board Solution Class 10 Question 3.
What are outside raw materials used for by an organism?
Answer:
Food, water and oxygen are outside raw materials mostly used by an organism. Depending on the complexity of the organism its requirement varies from organism to organism.

Class 10 Science Chapter 6 Mp Board Question 4.
What processes would you consider essential for maintaining life?
Answer:
Nutrition, Respiration, Transportation of materials into the body and Excretion are the processes we consider essential for maintaining life.

Class 10th Science Chapter 6 Intext Questions Page No. 101

Mp Board Class 10th Social Science Chapter 6 Question 1.
What are the differences between autotrophic nutrition and heterotrophic nutrition?
Answer:

Autotrophic NutritionHeterotrophic Nutrition
It is the process by which autotrophs take in substances from the outside and convert them into stored forms of energy. This mate­rial is taken in the form of carbon dioxide and water which is converted into carbohydrates in the presence of sunlight and chlorophyllThis involves the intake of complex material prepared by other convert organisms
Chlorophyll is necessary.Chlorophyll is absent.

Life Processes Class 10 Solutions MP Board Question 2.
Where do plants get each of the raw materials required for photosynthesis?
Answer:
The following raw materials are required for photosynthesis:

  • The CO2 enters from the atmosphere through stomata.
  • Water is absorbed from the soil by the plant roots.
  • Sunlight, an important component for manufacture food, is absorbed by the chlorophyll and other green parts of the plants.

Science Chapter 6 Class 10 MP Board Question 3.
What is the role of the acid in our stomach?
Answer:

  1. The hydrochloric acid reacts an acidic medium which facilitates the action of the enzyme pepsin.
  2. Acid in the stomach kills micro organisms.

Mp Board Solution Class 10th  Question 4.
What is the function of digestive enzymes?
Answer:
Digestive enzymes such as amylase, lipase, pepsin, trypsin etc. help in the breaking down of complex food particles into simpler ones. These simple particles can be easily absorbed by the blood and thus, transported to all the cells of the body.

Mp Board Solution.Com Class 10 Question 5.
How is the small intestine designed to absorb digested food?
Answer:
The small intestine is designed in such a way that the digested end products are easily absorbed into the body. The innermost lining of the small intestine has many finger-like foldings called villi which increase the surface area for absorption. The villi are richly supplied with blood capillaries and a large lymph vessel which takes the absorbed food to all the cells of the body.

Class 10th Science Chapter 6 Intext Questions Page No. 105

Class 10 Chapter 6 Science MP Board Question 1.
What advantage over an aquatic organism does a terrestrial organism have with regard to obtaining oxygen for respiration?
Answer:
Terrestrial organisms take up oxygen from the atmosphere whereas aquatic animals need to utilize oxygen present in the water. Air contains more O2 as compared to water. Since, the content of O2 in air is high, the terrestrial animals do not have to breathe faster to get more oxygen. Therefore, unlike aquatic animals, terrestrial animals do not show various adaptations for better gaseous exchange.

Class 10 Science Chapter 6 Exercise Question Answer MP Board Question 2.
What are the different ways in which glucose is oxidised to provide energy in various organisms?
Answer:
Glucose is first broken down in the cell cytoplasm into a three carbon molecules called pyruvate. Pyruvate is further broken down by different ways to provide energy. The breakdown of glucose by different pathways can be illustrated as follows,
Class 10th Science Chapter 6 Question Answer MP Board
Break-down of glucose by various pathways.
In yeast and human muscle cells, the breakdown of pyruvate occurs in the absence of oxygen whereas in mitochondria, the breakdown of pyruvate occurs in the presence of oxygen.

Life Processes Class 10 Short Notes MP Board Question 3.
How is oxygen and carbon dioxide transported in human beings?
Answer:
In human beings, respiratory pigments take up oxygen from the air in the lungs and carry it to tissues which are deficient in oxygen before releasing it. The respiratory pigment is haemoglobin which has a very high affinity for oxygen. This pigment is present in the red blood corpuscles. Carbon dioxide is more soluble in water than oxygen is and hence is mostly transport the dissolved from in our blood.

Mp Board Solution Class 10 Science Question 4.
How are the lungs designed in human beings to maximize the area for exchange of gases?
Answer:
Within the lungs, the passage divides into smaller and smaller tubes which finally terminate in ballon like structures which are called alveoli. The alveoli provide a surface where the exchange of gases can take place.

Class 10th Science Chapter 6 Intext Questions Page No. 110

Class 10th Science Chapter 6 Question Answer MP Board Question 1.
What are the components of the transport system in human beings? What are the functions of these components?
Answer:
The components of the transport system in human beings are the heart, blood and blood vessels and lymph:

  • Heart pumps oxygenated blood throughout the body. It takes deoxygenated blood from the various body parts and sends this impure blood to the lungs for oxygenation.
  • Being a fluid connective tissue, blood helps in the transport of oxygen, nutrients, CO2 and nitrogenous wastes.
  • The blood vessels (arteries, veins and capillaries) carry blood either away from the heart to various organs or from various organs, back to the heart.

10th Class Mp Board Solution Question 2.
Why is it necessary to separate oxygenated and deoxygenated blood in mammals and birds?
Answer:
Because mammals and birds require more energy. Hence there must be separation of oxygenated blood and deoxygenated blood. By this these organisms get sufficient oxygen and helps to maintain their body temperature.

Question 3.
What are the components of the transport system in highly organised plants?
Answer:
Xylem and Phloem are the two main types of conducting tissues. In highly organised plants, xylem conducts water and minerals obtained from the soil (via roots) to the rest of the plant. Phloem transports food materials from the leaves to different parts of the plant body.

Question 4.
How are water and minerals transported in plants?
Answer:
In xylem tissue, vessels and tracheids of the roots, stems and leaves are inter connected to form a continuous system of water conducting channels reaching all parts of the plant. At the roots, cells in contact with the soil actively take up ions. This creates a difference in the concentration of these ions between the root and the soil. Water therefore moves into the root from the soil to eliminate this difference. This means that there is steady movement of water into root xylem, creating a column of water that is steadily pushed upwards.

Question 5.
How is food transported in plants?
Answer:
The transport of soluble products of photosynthesis is called translocation and it occurs in the part of the vascular tissue known as phloem. Besides the products of photosynthesis, the phloem transports amino acids and other substances. These substances are specially delivered to the storage organs of roots, fruits and seeds and to growing organs. The translocation of food and other substances takes place in the sieve tubes with the help of adjacent companion cells both in upward and downward directions.

Class 10th Science Chapter 6 Intext Questions Page No. 112

Question 1.
Describe the structure and functioning of nephrons.
Answer:
Nephrons are the basic units of kidneys. Each kidney possesses large number of nephrons, approximately 1-1.5 million. The main components of the nephron are glomerulus, Bowman’s capsule and a long renal tubule.

Structure of a nephron:
Mp Board Solution Class 10 Science
Structure of a nephron

Functioning of a nephron:

  • The blood with metabolic waste enters the kidney through the renal artery, which branches into many capillaries associated with glomerulus.
  • The water and solute are drained to the nephron at Bowman’s capsule.
  • In the proximal tubule, some substances such as amino acids, glucose and salts are selectively reabsorbed and unwanted molecules are added in the urine.
  • The filtrate then moves down into the loop of Henle, where more water is absorbed. The amount of water reabsorbed depends on how much excess water is present in the body and on, how much of dissolved waste is to be excreted.
  • From here, the filtrate moves into the distal tubule and finally reach to the collecting duct Collecting duct collects urine from many nephrons.
  • The urine formed in each kidney enters a long tube called ureter. From ureter, it gets transported to the urinary bladder and then into the urethra.

Question 2.
What are the methods used by plants to get rid of excretory products?
Answer:
Plants can get rid of excess water by transpiration. For other wastes, plants use the fact that many of their tissues consist of dead cells, and that they can even lose some parts such as leaves. Many plant waste products are stored incellular vacuoles waste products may be stored in leaves that fall off. Other waste products are stored as resins and gums especially in old xylem. Plants also excrete some waste substances into the soil around them.

Question 3.
How is the amount of urine produced regulated?
Answer:
The amount of urine produced depends on the amount of excess water and dissolved wastes present in the body. Some other factors such as habitat of an organism and hormone such as Antidiuretic hormone (ADH) also regulates the amount of urine produced.

MP Board Class 10th Science Chapter 6 NCERT Textbook Exercises

Question 1.
The kidneys in human beings are a part of the system for:
(a) nutrition
(b) respiration
(c) excretion
(d) transportation
Answer:
(c) In human beings, the kidneys are a part of the system for excretion.

Question 2.
The xylem in plants are responsible for:
(a) transport of water
(b) transport of food
(c) transport of amino acids
(d) transport of oxygen
Answer:
(a) In a plant, the xylem is responsible for transport of water.

Question 3.
The autotrophic mode of nutrition requires:
(a) carbon dioxide and water
(b) chlorophyll
(c) sunlight
(d) all of the above.
Answer:
(d) The autotrophic mode of nutrition requires carbon dioxide, water, chlorophyll and sunlight, all the four components.

Question 4.
The breakdown of pyruvate to give carbon dioxide, water and energy takes place in:
(a) cytoplasm
(b) mitochondria
(c) chloroplast
(d) nucleus
Answer:
(b) The breakdown of pyruvate to give carbon dioxide, water and energy takes place in mitochondria.

Question 5.
How are fats digested in our bodies? Where does this process take place?
Answer:
Fats are present in the intestine in the form of large globules which makes it difficult for enzymes to act on them. Bile salts break them down into smaller globules increasing the efficiency of enzyme action. The enzymes present in the wall of the small intestine converts fats into fatty acids and glycerol.

Question 6.
What is the role of saliva in the digestion of food?
Answer:
Saliva is secreted by the salivary Glands, located around tongue. It moistens the food for easy swallowing. It contains a digestive enzyme – amyjase, which breaks down bulky starch into sugar. So, sometimes it is advised to consume less water during a meal.

Question 7.
What are the necessary conditions for autotrophic nutrition and what are its by-products?
Answer:
Autotrophic nutrition is accomplished by the process of photosynthesis. Carbon dioxide, water, chlorophyll pigment and sunlight are the necessary conditions required for autotrophiq nutrition. Carbohydrates (food) and 02 are the by-products of photosynthesis.

Question 8.
What are the differences between aerobic and anaerobic respiration? Name some organisms that use the anaerobic mode of respiration.
Answer:

               Aerobic respirationAnaerobic respiration
i) This take place in presence of oxygenNo oxygen is
ii) It takes place in cytoplasm and mitochondria.it takes place only in cytoplasm
iii) By this process more energy is released.Less energy is released by this process.

Question 9.

How are the alveoli designed to maximise the exchange of gases?
Answer:
The alveoli are the small hollow structures present in the lungs. The walls of the alveoli consist of extensive network of blood vessels. Each lung contains 300-350 million alveoli, making it a total of approximately 700 millions in both the lungs. The alveolar surface when spread out covers about 80m2 area. This large surface area makes the gaseous exchange more efficient in alveoli and capillaries.

Question 10.
What would be the consequences of a deficiency of haemoglobin in our bodies?
Answer:
Haemoglobin is the respiratory pigment that transports oxygen to the body cells for cellular respiration. Therefore, deficiency of haemoglobin in blood can affect the oxygen supplying capacity of blood. This can lead to deficiency of oxygen in the body cells. It can also lead to a disease called anemia.

Question 11.
Describe double circulation in human beings. Why is it necessary?
Answer:
Oxygen rich-blood from the lungs comes to the thin walled upper chamber of the heart on the left, the left atrium. The left atrium relaxes when it is collecting this blood. It then contracts while the next chamber, the left ventricle, relaxes, so that the blood is transferred to it. When the muscular left ventricle contracts in its turn, the blood is pumped out to th body. De-oxygenated blood comes from the body to the upper chamber on the right, the right atrium, as it relaxes. As the right atrium contracts, the corresponding lower chamber, the right ventricle, dilates. This transfer blood to the right ventricle, which in turn pumps it to the lungs for oxygenation.

Blood goes through the heart twice during each cycle in other vertebrates. This is known as double circulation. The separation of the right side and the left side of the heart is useful to keep oxygenated and deoxygenated blood from mixing.

Importance of double circulation:

The separation of oxygenated and de-oxygenated blood allows a more efficient supply of oxygen to every single cells. This efficient system of oxygen supply is very useful in warm-blooded animals such as human beings. As we know, warm-blooded animals have to maintain a constant body temperature. Thus, the circulatory system of humans becomes more efficient because of the double circulation.
Life Processes Class 10 Short Notes MP Board
Schematic sectional view of the human heart.

Question 12.
What are the differences between the transport of materials in xylem and phloem?
Answer:
(i) Xylem tissue helps in the transport of water and minerals.

  • Phloem tissue helps in the transport of food.

(ii) Water is transported upwards from roots to all other plant parts.

  • Food is transported in both upward and downward directions. Transport in xylem occurs with the help of simple physical forces such as transpiration pull.

(iii) Transport of water and minerals do not require energy in the form of ATP.

  • Transport of food in phloem requires energy in the form of ATP.

Question 13.
Compare the functioning of alveoli in the lungs and nephrons in the kidneys with respect to their structure and functioning.
Answer:
Structure of Alveoli

  1. Alveoli are tiny balloon-like structures present inside the lungs.
  2. The walls of the alveoli are one cell thick and it contains an extensive network of blood capillaries.

Functions:

  1. The exchange of O2 and CO2 takes place between the blood of the capillaries that surround the alveoli and the gases present in the alveoli.
  2. Alveoli are the site of gaseous exchange.

Structure Nephrons

  1. Nephrons are tubular structures present inside the kidneys.
  2. Nephrons are made of glomerulus, bowman’s capsule, and a long renal tube. It also contains a cluster of thin walled capillaries.

Functions:

(i) The blood enters the kidneys through the renal artery which branches into many capillaries in the glomerulus. The water and solute are transferred to the nephron at Bowman’s capsule. Then, the filtrate moves through the proximal tubule and then down into the loop of henle. From henle’s loop, filtrate passes into the distal tubule and then to the collecting duct. The collecting duct collects the urine from many nephrons and passes it to the ureter. During the ’ flow of filtrate some substances such as glucose, amino acid and water are selectively re-absorbed.

MP Board Class 10th Science Chapter 6 Additional Questions

MP Board Class 10th Science Chapter 6 Multiple Choice Questions

Question 1.
Which out of the following can prepare their own food:
(a) Carnivores
(b) Omnivores
(c) Herbivores
(d) Autotrophs
Answer:
(d) Autotrophs

Question 2.
Which of the following type includes plant as majority of its population?
(a) Carnivores
(b) Omnivores
(c) Herbivores
(d) Autotrophs
Answer:
(d) Autotrophs

Question 3.
Which of the given organisms can feed on plants and animals as well?
(a) Carnivores
(b) Omnivores
(c) Herbivores
(d) Autotrophs
Answer:
(b) Omnivores

Question 4.
Amylase is secreated by:
(a) Pancreas
(b) Stomach
(c) Small intestine
(d) Oesophagus
Answer:
(a) Pancreas

Question 5.
of the following metal is associated with chlorophyll?
(a) Aluminium
(b) Iron
(c) Potassium
(d) Calcium
Answer:
(b) Iron

Question 6.
Which of the following metals are helpful for cellular level transport?
(a) AI – Zn
(b) Fe
(c) Na – K
(d) Calcium
Answer:
(c) Na – K

Question 7.
Where does water get absorbed in body?
(a) Stomach
(b) Food canal
(c) Large intestine
(d) Small intestine
Answer:
(c) Large intestine

Question 8.
The lungs in human beings helps in:
(a) Excretion
(b) Nutrition
(c) Respiration
(d) Transportation
Answer:
(c) Respiration

Question 9.
The liver in human beings helps in:
(a) Excretion
(b) Digestion
(c) Respiration
(d) Transportation
Answer:
(b) Digestion

Question 10.
Bile is originated from in human digestive system.
(a) Pancreas
(b) Liver
(c) Kidney
(d) Stomach
Answer:
(b) Liver

Question 11.
Villi are find inside
(a) Brain
(b) Stomach
(c) Small intestine
(d) Oesophagus
Ans.
(c) Small intestine

Question 12.
The decomposition of carbohydrate is a process of:
(a) Esterification
(b) Hydrogenation
(c) Oxidation
(d) Emulsification
Answer:
(c) Oxidation

Question 13.
Which one of the following organism use air dissolved in water for respiration?
(a) Amoeba
(b) Sheep
(c) Lion
(d) Leech
Answer:
(a) Amoeba

Question 14.
Energy is released and stored in the form of ATP during:
(a) Excretion
(b) Nutrition
(c) Respiration
(d) Transportation
Answer:
(c) Respiration

Question 15.
Nephron are unit of kidney, it works for:
(a) Nutrition
(b) Respiration
(c) Excretion
(d) Transportation
Answer:
(c) Excretion

Question 16.
The phloem in plants are responsible for:
(a) Transport of water
(b) Transport of food
(c) Transport of amino acids
(d) Transport of oxygen
Answer:
(b) Transport of food

Question 17.
The autotrophic mode of nutrition requires:
(а) Carbon dioxide and water
(b) Chlorophyll and sunlight
(c) Carbohydrate
(d) (a) and (b)
Answer:
(d) (a) and (b)

Question 18.
Energy generated during cellular level of metabolism is stored in:
(a) Cytoplasm
(b) Mitochondria
(c) Chloroplast
(d) Nucleus
Answer:
(b) Mitochondria

Question 19.
During expiration, the lungs are:
(a) Arched
(b) Flattened s
(c) Perforated
(d) None of these
Answer:
(a) Arched

Question 20.
The correct pathway of blood in double circulatory system is:
(a) atria → ventricles → arteries → veins
(b) atria → veins → arteries
(c) veins → arteries → atria
(d) veins → ventricles → atria → arteries
Answer:
(a) atria → ventricles → arteries → veins

MP Board Class 10th Science Chapter 6 Very Short Answer Type Questions

Question 1.
Name one process which cannot be seen in non living things in comparison to living beings.
Answer:
Reproduction.

Question 2.
Najne two pigments which absorb sunlight.
Answer:
Carotenoids and chlorophyll.

Question 3.
Which life process synthesise chemical energy and turn it into heat energy?
Answer:
Nutrition and respiration.

Question 4.
Name some carbohydrate rich food.
Answer:
Rice and wheat.

Question 5.
Name raw material required for photosynthesis.
Answer:
Carbon dioxide, water, chlorophyll rich living cell, sunlight.

Question 6.
In which form, the food is stored in leaves?
Answer:
Starch.

Question 7.
What is the colour of iodine-starch complex?
Answer:
Blue-Purple.

Question 8.
During blood circulation in humans, in one cycle how many times blood moves to heart?
Answer:
Two times.

Question 9.
How many chambers do a human heart have?
Answer:
Four.

Question 10.
What is the term for process of taking food in the body?
Answer:
Ingestion.

Question 11.
Which gland secretes amylase enzyme?
Answer:
Salivary gland.

Question 12.
What is the function of large intestine during digestion?
Answer:
Absorption of water.

Question 13.
How do aquatic plants and animal get oxygen for photosynthesis?
Answer:
Aquatic plants and animals obtain oxygen through the process of diffusion.

Question 14.
Where does light reaction and dark reaction of photosynthesis occur?
Answer:
In the grana thylakoids of chloroplasts, light reaction occurs while dark reaction occur in the stroma of chloroplasts.

Question 15.
Which wavelength of light is best absorbed by chlorophyll?
Answer:
Red colour wavelength.

Question 16.
Which products formed during light reaction in photosynthesis process are used by dark reaction?
Answer:
NADPH and ATP.

Question 17.
What is the function of thylakoid membranes in chloroplast?
Answer:
It provides large surface area for light absorption.

Question 18.
Write down the full form of the following:

(a) ATP
(b) NADP

Answer:

(a) ATP : Adenosine triphosphate.
(b) NADP : Nicotinamide adenine dinucleotide phosphate.

Question 19.
Define excretion.
Answer:
Excretion is a biological process by which an organism gets rid of metabolic toxic wastes from its body.

Question 20.
Name the toxic wastes obtained as by products of metabolism.
Answer:
These wastes are nitrogenous materials i.e., ammonia, urea and uric acid, carbon dioxide, inorganic salts, excess of water.

Question 21.
What is osmoregulation?
Answer:
It is a process that maintains the amount of water and ionic balance in the body.

Question 22.
Where urea is formed in humans?
Answer:
Urea is made in the liver via the ornithine cycle by combining the ammonia made by deamination with carbon dioxide made from respiration.

Question 23.
What are the major excretory products of plants?
Answer:
Oxygen, water, carbon dioxide, latex, gums, resins, excessive salts, calcium oxalate and other toxic substances are excretory organs of plants.

Question 24.
Name the excretory organs of earthworm.
Answer:
Nephridia.

MP Board Class 10th Science Chapter 6 Short Answer Type Questions

Question 1.
What is gout? How it affects life?
Answer:
In humans, the high concentrations of uric acid in the blood cause uric acid crystals to precipitate in the kidneys and joints. This can cause huge pain and swelling in the joints, particularly in the big toes and disturb the movement of body. .

Question 2.
List the excretory system organs in human beings.
Answer:
The excretory system in humans consists of:

  • a pair of kidneys
  • a pair of ureter
  • a urinary bladder
  • a urethra

Question 3.
Explain unit of kidney.
Answer:
Nephron is the structural and functional unit of kidney. Each kidney of the pair contains millions of nephrons.

Question 4.
Which organ in human beings is related to homeostasis?
Answer:
Kidney is also concerned with homeostasis since, it carries out osmoregulation of body fluids and controls the pH of the blood.

Question 5.
How does excretion takes place in segmented worms, like earthworms?
Answer:
Segmented worms, such as earthworms, produce urea that is excreted through long tubules called nephridia.

Question 6.
What are the excretory organs of insects like grasshoppers?
Answer:
Malpighian tubules.

Question 7.
Why does uric acid is the best nitrogenous waste product for insects, reptiles and birds?
Answer:
Uric acid has low solubility and does conserve water in insects, reptiles and birds.

Question 8.
Name the two possible treatments during chronic renal (kidney) failure.
Answer:
Hemodialysis and kidney transplant.

Question 9.
What is the main excretory product in Amoeba and jellyfish?
Answer:
Ammonia (NH3).

Question 10.
What are the two main functions of kidneys?
Answer:
The two main functions of kidneys are:

  1. To remove toxic metabolic waste products (for example, urea, uric acid, ammonia, salts etc.) from the blood.
  2. To regulate the blood pH, blood water and salt content, blood osmotic pressure, blood pressure (homeostasis).

Question 11.
Why is photosynthesis important to the global world?
Answer:

(a) In photosynthesis, solar energy (sunlight) is converted to chemical energy and is stored in plants as starch.
(b) Plants also store excess sugar by synthesis of starch.
(c) Heterotrophs, including humans, may completely or partially consume plants for fuel and raw materials.
(d) Photosynthesis is responsible for the presence of oxygen in our atmosphere.
(e) Each year, photosynthesis synthesizes approx. 160 billion metric tons of carbohydrate.

MP Board Class 10th Science Chapter 6 Long Answer Type Questions

Question 1.
What is photosynthesis? Explain in detail.
Answer:
The process by which green plants make their own food from carbon- dioxide and water in the presence of sunlight and chlorophyll is called photosynthesis.

During this process, oxygen gas is released. This process can be represented as:
Class 10 Science Chapter 6 Exercise Question Answer MP Board
The green plants convert energy of sunlight into chemical energy by making glucose.

The extra glucose formed changes into starch which is stored in leaves. The oxygen released comes from the water.

Question 2.
(a) Define translocation.
Answer:
Transportation of food from photosynthetic parts of the plant to the non-green part of the plant through phloem is known as translocation.

(b) Name the correct substrates for the following enzymes.
(i) Trypsin
(ii) Amylase
(iii) Pepsin
(iv) Lipase
Answer:

S.No.EnzymeSubstrate
(i)TrypsinProteins (Peptides)
(ii)AmylaseStarch
(iii)PepsinProteins
(iv)LipaseEmulsified fats

Question 3.
What are the important events that occur during photosynthesis process?
Answer:
The following events occur during this process:

(a) Absorption of light energy by chlorophyll.
(b) Conversion of light energy to chemical energy and splitting of water molecules into hydrogen and oxygen. (Light reaction)
(c) Reduction of carbon dioxide to carbohydrates. (Dark reaction by Calvin cycle)

Question 4.
Mention the conditions necessary for photosynthesis. Also, mention the process involved in each of these steps.
Answer:

  1. Sunlight: Chlorophyll of the leaves of the plant trap sunlight and converts them into chemical energy during photosynthesis. Plant utilizes visible light only which is made up of 7 colours and green . colour is least absorbed (it reflects green the most – that’s why the leaves appear green).
  2. Chlorophyll: Chlorophyll is a green pigment mainly present in the leaves of the plant. There are many types of chlorophyll named a, b, c, d, e and bacteria – chlorophyll. Chlorophyll ‘a’ and chlorophyll ‘b’ are most abundantly present in the nature.
  3. Carbon Dioxide: Plants take carbon dioxide through stomata to make glucose (food for the plants).
  4. Water: Water is absorbed by the roots of the plants through osmosis. Through xylem, water is transported to all parts of the plant.

MP Board Class 10th Science Chapter 6 Textbook Activities

Class 10 Science Activity 6.1 Page No. 96

  1. Take a potted plant with variegated leaves – for example, money plant or crotons.
  2. Keep the plant in a dark room for three days so that all the starch gets used up.
  3. Now keep the plant in sunlight for about six hours.
  4. Pluck a leaf from the plant. Mark the green areas in it and trace them on a sheet of paper.
  5. Dip the leaf in boiling water for a few minutes.
  6. After this, immerse it in a beaker containing alcohol.
  7. Carefully place the above beaker in a water-bath and heat till the alcohol begins to boil.
  8. What happens to the colour of the leaf? What is the colour of the solution?
  9. Now dip the leaf in a dilute solution of iodine for a few minutes,
  10. Take out the leaf and rinse off the iodine solution.
  11. Observe the colour of the leaf and compare this with the tracing of the leaf done in the beginning Fig. 6.4.
  12. What can you conclude about the presence of starch in various areas of the leaf?

Class 10 Chapter 6 Science MP Board

Observations:

  1. The green coloured leaf become colourless. The solution of alcohol becomes green in colour as chlorophyll of leaf gets dissolved it upon immersing.
  2. leaf On dipping in iodine solution, green areas of leaf turns dark blue whereas colourless part of leaf show no formation of starch.

Class 10 Science Activity 6.2 Page No. 97

  1. Take two healthy potted plants which are nearly the same size.
  2. Keep them in a dark room for three days.
  3. Now place each plant on separate glass plates. Place a watch-glass containing potassium hydroxide by the side of one of the plants. The potassium hydroxide is used to absorb carbon dioxide.
  4. Cover both plants with separate bell-jars as shown in Fig. 6.5.

Mp Board Solution.Com Class 10

  1. Use vaseline to seal the bottom of the jars to the glass plates so that the set-up is air-tight.
  2. Keep the plants in sunlight for about two hours.
  3. Pluck a leaf from each plant and check for the presence of starch as in the above activity.
  4. Do both the leaves show the presence of the same amount of starch?
  5. What can you conclude from this activity?

Observations:

  1. No. both leaves do not show the presence of the same amount of starch as starch is produced during the process of photosynthesis utilizing sunlight, chlorophyll and CO2 In first set up, availability of CO2, will be less as potassium hydroxide present absorbs CO2, In the second set up, leaves will have more amount of starch.
  2. From this activity, we can conclude that amount of carbon dioxide affects the process and outcome of photosynthesis.

Class 10 Science Activity 6.3 Page No. 99

  1. Take 1 mL starch solution (1%) in two test tubes (A and B).
  2. Add 1 mL saliva to test tube A and leave both test tubes undisturbed for 20-30 minutes.
  3. Now add a few drops of dilute iodine solution to the test tubes.
  4. In which test tube do you observe a colour change?
  5. What does this indicate about the presence or absence of starch in the two test tubes?
  6. What does this tell us about the action of saliva on starch.

Observations:

  1. The colour change is observed in test tube B, showing presence of starch. Whereas test tube A will show no colour change as saliva present converts sugar into starch.
  2. This tells us about the action of salivary amylase enzymes present in starch. The salivary amylase acts on starch and breakdown into sugar.
    Mp Board Solution Class 10th

Class 10 Science Activity 6.4 Page No. 101

  1. Take some freshly prepared lime water in a test tube.
  2. Blow air through this lime water.
  3. Note how long it takes for the lime water to turn milky.
  4. Use a syringe or pichkari to pass air through some fresh lime water taken in another test tube Fig. 6.6.

Science Chapter 6 Class 10 MP Board

  1. Note how long it takes for this lime water to turn milky.
  2. What does this tell us about the amount of carbon dioxide in the air that we breathe out?

Observations:

  1. Immediately, on blowing air in turns milky,
  2. On using syringe / pichkari, much time is taken as amount of CO2 entering now is restricted.
  3. It Shows, the air we breathe out contains higher amount of CO2.

Class 10 Science Activity 6.5 Page No. 101

  1. Take some fruit juice or sugar solution and add some yeast to this. Take this mixture in a test tube fitted with a one-holed cork.
  2. Fit the cork with a bent glass tube. Dip the free end of the glass tube into a test tube containing freshly prepared lime water.
  3. What change is observed in the lime water arid how long does it take, for this change to occur?
  4. What’does this tell us about the pradabts of fermentation?

Observations:

  1. Lime water turns milky as CO2 produced gets mixed with yeast, sugar and afeohol,
  2. The products of fermentation.are-CO2 and alcohol.

Class 10 Science Activity 6.6 Page No. 103

  1. Observe fish in an aquarium. They open and close their mouths and the gill-slits (or the operculum which covers the gill-slits) behind their eyes also open and close. Are the timings of the opening and closing of the mouth and gill-slits coordinated In some mariner?
  2. Count the number of times the fish opens and closes its mouth in a minute.
  3. Compare this to the number of times you breathe in and out in a minute.

Observations:

  1. Yes, the timings of opening and closing of mouth and gill slits are coordinated. They open and close alternatively.
  2. In dissolved water, availability of oxygen is less so fish breathes at higher rate.

Class 10 Science Activity 6.7 Page No. 105

  1. Visit a health centre in your locality and find out what is the normal range of haemoglobin content in human beings.
  2. Is it the same for children and adults?
  3. Is there any difference In the haemoglobin levels for men and women?
  4. Visit a veterinary clinic in your locality. Find out what is the normal range of haemoglobin content in an animal like the buffalo or cow.
  5. Is this content different in calves, male and female animals?
  6. Compare the difference seen in male and female human beings and animals.
  7. How would the difference. If any, be explained?

Observations:

  1. The normal haemoglobin content for human male is 13.8-17.2 g/ decilitre and for female is 12.1 – 15.1 g/dl.
  2. No. it is not same for children and adults.
  3. Male has higher level of Hb level as compared to females.
  4. Normal buffalo or low Hb level is 10.4-16.4 g/dl.
  5. Yes, Hb content in calves is higher than male and female animals.

Class 10 Science Activity 6.8 Page No. 109

  1. Take two small pots of approximately the same size and having the same amount of soil. One should have a plant in it. Place a stick of the same height as the plant in the other pot.
  2. Cover the soil in both pots with a plastic sheet so that moisture cannot escape by evaporation.
  3. Cover both sets, one with the plant and the other with the stick, with plastic sheets and place in bright sunlight for half an hour.
  4. Do you observe any difference in the two cases?

Observations:

  1. Yes, water droplets can be seen on the plastic sheet covering the pot with plant. This is due to condensation of water vapours released during transpiration.

MP Board Class 10th Science Solutions

MP Board Class 8th Sanskrit Solutions विविधप्रश्नावलिः 3

MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Surbhi विविधप्रश्नावलिः 3

Class 8 Sanskrit Vividh Prashnavali 3 MP Board प्रश्न 1.
प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखत (प्रश्नों के एक शब्द में उत्तर लिखो-)
(क) काव्येषु किं रम्यम्? (काव्यों में क्या सुन्दर है?)
उत्तर:
नाटकम्। (नाटक)

(ख) दुष्यन्तशकुन्तलयोः पुत्रस्य किं नाम? (दुष्यन्त और शकुन्तला के पुत्र का क्या नाम है?)
उत्तर:
भरतः। (भरत)

(ग) कर्मणां लेखनं कस्य पार्वे अस्ति? (कर्मों का लेखा किसके पास है?)
उत्तर:
चित्रगुप्तस्य। (चित्रगुप्त के)

(घ) विक्रमादित्यः नगरभ्रमणसमये किं दृष्टवान्? (विक्रमादित्य ने नगर भ्रमण के समय क्या देखा?)
उत्तर:
रुग्णम्। (रोगी को)

(ङ) नर्मदा कस्मात् स्थानात प्रादुर्भवति? (नर्मदा किस स्थान से निकलती है?)
उत्तर:
अमरकण्टकपर्वतात्। (अमरकण्टक पर्वत से)

(च) कस्याः नाम रेवा? (किसका नाम रेवा है?)
उत्तर:
नर्मदायाः। (नर्मदा का)

(छ) कः सर्वत्र पूज्यते? (कौन सभी जगह पूजे जाते हैं?)
उत्तर:
विद्वान्। (विद्वान्)

(ज) कस्मात् परं सुखं नास्ति? (किससे बढ़कर सुख नहीं है?)
उत्तर:
ज्ञानात्। (ज्ञान से)

(झ) कम्बलवन्तं किंन बाधते? (कम्बल वाले को क्या परेशान नहीं करती है?)
उत्तर:
शीतम्। (ठण्ड)

(ञ) करिणां कुलं को हन्ति? (हाथियों के समूह को कौन मारता है?)
उत्तर:
सिंह। (शेर)

(ट) हट्टः कस्मिन् दिवसे भवति? (हाट किस दिन होती है?)
उत्तर:
मङ्गलवासरे। (मंगलवार को)

(ठ) विक्रेतारः कुत्र आपणान् आयोजयन्ति? (दुकानदार कहाँ दुकानों को लगाते हैं?)
उत्तर:
वृक्षच्छायायाम्। (पेड़ की छाया में)

(ड) इन्दिरायाः भाषणानि कीदृशानि आसन्? (इन्दिरा के भाषण कैसे थे?)
उत्तर:
ऊर्जस्वलानि। (तेजस्वी)

(ढ) इन्दिरा कुत्र भारतीयसेनाम् प्रेषितवती? (इन्दिरा ने भारतीय सेना को कहाँ भेजा?)
उत्तर:
बङ्गलादेशम्। (बांग्लादेश में)

Vividh Prashnavali 3 Sanskrit MP Board प्रश्न 2.
प्रश्नानाम् एकवाक्येन उत्तरं लिखत(प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखो-)
(क) अस्माकं देशस्य नाम ‘भारतवर्षः’ इति कथम् प्रसिद्धम्? (हमारे देश का नाम ‘भारतवर्ष’ कैसे प्रसिद्ध हुआ?)
उत्तर:
भरतस्य नाम्ना एव अस्माकं देशस्य नाम “भारतवर्षः” इति प्रसिद्धम्। (भारत के नाम से ही हमारे देश का नाम ‘भारतवर्ष’ प्रसिद्ध हुआ।)

(ख) कालिदासेन विरचितानां नाट्यग्रन्थानां नामानि लिखत। (कालिदास के द्वारा रचित नाट्य ग्रन्थों के नाम लिखो।)
उत्तर:
कालिदासेन विरचितानां नाट्यग्रन्थानां नामानि मालविकाग्निमित्रम्, विक्रमोर्वशीयम्, अभिज्ञानशाकुन्तलम् चेति सन्धि। (कालिदास के द्वारा रचित नाट्य ग्रन्थों के नाम मालविकाग्निमित्र, विक्रमोर्वशीय और अभिज्ञानशाकुन्तल हैं।)

(ग) कर्मतपस्ययोः कः भेदः? (कर्म और तपस्या में क्या भेद है?)
उत्तर:
“कर्मणः स्थानम् भिन्नम् परं तपस्या स्वर्गप्राप्तेः साधनम्” इति कर्मतपस्ययोः भेदः। (“कर्म का स्थान भिन्न है परन्तु तपस्या स्वर्ग प्राप्ति का साधन है” ऐसा कर्म और तपस्या का भेद है।)

(घ) विक्रमादित्यः लोके कथम् प्रसिद्ध? (विक्रमादित्य संसार में क्यों प्रसिद्धः है?)
उत्तर:
विक्रमादित्यः लोके सत्कर्मणा एव प्रसिद्धः। (विक्रमादित्य संसार में सत्कर्म से ही प्रसिद्ध हैं।)

(ङ) धूमधारजलप्रपातः कुत्र अस्ति? (धुंआधार झरना कहाँ है?)
उत्तर:
धूमधारजलप्रपात: भेड़ाघाटनामके स्थाने अस्ति। (धुंआधार झरना भेड़ाघाट नामक स्थान पर है।)

(च) बन्धैः के लाभाः? (बाँधों से क्या लाभ हैं?)
उत्तर:
बन्धैः विद्युतत्पादनम्, भूमिसेचनम्, जलपरिवहनम्, अभयारण्यनिर्माणम्, पर्यटनस्थलनिर्माणम् इत्यादयो विविधलाभाः। (बाँधों से बिजली उत्पादन, भूमि का सींचना, जल परिवहन, अभयारण्य का निर्माण, पर्यटन स्थल का निर्माण इत्यादि विभिन्न लाभ हैं।)

(छ) दुर्लभं वचः किम्? (दुर्लभ वाणी क्या है?)
उत्तर:
हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः। (हितकारी और मनोहारी वाणी दुर्लभ है।)

(ज) किं न अन्विष्यति किञ्च मृग्यते? (क्या नहीं खोजता है, क्या खोजा जाता है?)
उत्तर:
रत्नं न अन्विष्यति तत् च मृग्यते। (रत्न नहीं खोजता है और वह ही खोजा जाता है।)

(झ) शङ्करम् पतितं दृष्ट्वा पार्वती कीदृशी भवति? (शंकर को गिरा हुआ देखकर पार्वती कैसी होती है?)
उत्तर:
शङ्करम् पतितं दृष्ट्वा पार्वती हर्षनिर्भरा भवति। (शंकर को गिरा हुआ देखकर पार्वती प्रसन्न होती है।)

(ञ) काशीतलवाहिनी का? (काशी की सतह पर बहने वाली कौन है?)
उत्तर:
काशीतलवाहिनी गङ्गा। (काशी की सतह पर बहने वाली गंगा है।)

(ट) पञ्च शाकानां नामानि लिखत। (पाँच सब्जियों के नाम लिखो।)
उत्तर:
पञ्च शाकानां नामानि आलुकम्, पलाण्डुः, कूष्माण्डम्, शिम्बाम् मूलिका च इति सन्ति। (पाँच सब्जियों के नाम आलू, प्याज, कद्दू, सेम और मूली हैं।)

(ठ) पञ्चानाम् अन्नानां नामानि लिखत। (पाँच अन्नों के नाम लिखो।)
उत्तर:
पञ्चानाम् अन्नानां नामानि गोधूमाः, चणकाः, यवाः, तण्डुलानि द्विदलानि च इति सन्ति। (पाँच अन्नों के नाम गेहूँ, चना, जौ, चावल और दाल हैं।)

(ड) दिवङ्गतापि का अस्माकं कृते वर्तमानेवास्ति? (मरकर भी हमारे लिए कौन उपस्थित ही है?)
उत्तर:
दिवङ्गतापि इन्दिरा अस्माकं कृते वर्तमानेवास्ति। (मरकर भी इन्दिरा हमारे लिए उपस्थित ही है।)

(ढ) इन्दिरायाः समाधिस्थलं केन नाम्ना प्रसिद्धमस्ति? (इन्दिरा का समाधि स्थल किस नाम से प्रसिद्ध है?)
उत्तर:
इन्दिरायाः समाधिस्थलं ‘शक्तिस्थलम्’ इति नाम्ना प्रसिद्धमस्ति। (इन्दिरा का समाधिस्थल ‘शक्तिस्थल’ नाम से प्रसिद्ध है।)

Mp Board Class 8 Sanskrit Vividh Prashnavali 3 प्रश्न 3.
रेखांकितपदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत(रेखांकित शब्द के आधार पर प्रश्न निर्माण करो-)
(क) कालिदासस्य उपमा विश्वप्रसिद्धा। (कालिदास की उपमा विश्व प्रसिद्ध है।)
उत्तर:
कस्य उपमा विश्वप्रसिद्धा? (किसकी उपमा विश्वप्रसिद्ध है?)

(ख) तेन मेघदूतं विरचितम्। (उनके द्वारा मेघदूत रचित है।)
उत्तर:
केन मेघदूतं विरचितम्? (किनके द्वारा मेघदूत रचित है?)

(ग) मेघः दूतरूपेण अलकापुरीं गच्छति। (मेघ दूत के रूप में अलकापुरी जाता है।)
उत्तर:
कः दूतरूपेण अलकापुरी गच्छति? (कौन दूत के रूप में अलकापुरी जाता है?)

(घ) तत्रैव यमलोकस्य दृश्यं दर्शितवान्। (वहीं यमलोक का दृश्य दिखाया।)
उत्तर:
कुत्र यमलोकस्य दृश्यं दर्शितवान्? (कहाँ यमलोक का दृश्य दिखाया?)

(ङ) यमराजः दूतान् पृच्छति। (यमराज दूतों से पूछता है।)
उत्तर:
यमराजः कान् पृच्छति? (यमराज किनसे पूछता है?)

(च) राज्ञः धर्मः प्रजापालनम्। (राजा का धर्म प्रजापालन है।)
उत्तर:
कस्य धर्मः प्रजापालनम्। (किसका धर्म प्रजापालन?)

(छ) पुराणेषु नर्मदायाः वर्णनम् अस्ति। (पुराणों में नर्मदा का वर्णन है।)
उत्तर:
केषु नर्मदायाः वर्णनम् अस्ति? (किनमें नर्मदा का वर्णन है?)

(ज) विद्वान् सर्वत्र पूज्यते।। (विद्वान् सर्वत्र पूजे जाते हैं।)
उत्तर:
कः सर्वत्र पूज्यते? (कौन सर्वत्र पूजे जाते हैं?)

(झ) नास्ति ज्ञानात् परं सुखम्। (ज्ञान से बढ़कर सुख नहीं है।)
उत्तर:
नास्ति कस्मात् परं सुखम्? (किससे बढ़कर सुख नहीं है?)

कस्तूरी कस्मात् जायते Class 8 MP Board प्रश्न 4.
कोष्ठकात् उचितानि पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत (कोष्ठक से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरो-)
(क) प्रवर्तताम् ……….. पार्थिवः। (स्वहिताय/प्रकृतिहिताय)
(ख) सर्वः ……… नन्दतु। (अन्यत्र/सर्वत्र)
(ग) सर्वो ……….. पश्यतु। (भद्राणि/अभद्राणि)
(घ) विक्रमादित्यस्य समीपे एकः ………. तपस्यारतः आसीत्। (महात्मा/दुरात्मा)
(ङ) वने सः कठिनां ………. आरब्धवान्। (तपस्याम्/दिनचर्याम्)
(च) नर्मदायाः अपरं नाम ………. अस्ति। (भागीरथी/मेकलसुता)
(छ) नर्मदानदी ……….. जीवनदायिनी इति कथ्यते। (उत्तरप्रदेशस्य/मध्यप्रदेशस्य)
(ज) ……….. सर्वत्र वै धनम्। (शीलं/स्वर्णम्)
उत्तर:
(क) प्रकृतिहिताय
(ख) सर्वत्र
(ग) भद्राणि
(घ) महात्मा
(ङ) तपस्याम्
(च) मेकलसुता
(छ) मध्यप्रदेशस्य
(ज) शीलम्।

Vividh Prashnavali 3 Sanskrit Class 8 MP Board प्रश्न 5.
उचित योजयत(उचित को जोड़ो-)
Class 8 Sanskrit Vividh Prashnavali 3 MP Board
उत्तर:
(क) → (ii)
(ख) → (i)
(ग) → (iv)
(घ) → (iii)
(ङ) → (vi)
(च) → (v)

प्रश्न निर्माण संस्कृत कक्षा 8 MP Board प्रश्न 6.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धवाक्यानां। समक्षं ‘न’ इति लिखत
(शुद्ध वाक्यों के सामने ‘आम्’ (हाँ) और अशुद्ध वाक्यों के सामने ‘न’ (नहीं) लिखो-)
(क) मेघदूते नर्मदायाः वर्णनं नास्ति।
(ख) रेवा नर्मदायाः अपरं नाम अस्ति।
(ग) कालिदासस्य उपमा विश्वप्रसिद्धा अस्ति।
(घ) गणनाप्रसङ्गे कालिदासः अनामिकाधिष्ठतिः अस्ति।
(ङ) विद्वान सर्वत्र न पूज्यते।
(च) आज्ञा गुरूणाम् ह्यविचारणीया।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) आम्
(ग) आम्
(घ) न
(ङ) न
(च) आम्

प्रश्न 7.
अपेक्षितम् पदपरिचयं लिखत(पूछे गये शब्द का परिचय लिखो-)
उत्तर:
Vividh Prashnavali 3 Sanskrit MP Board

प्रश्न 8.
भिन्नप्रकृतिकं शब्दं चिनुत(भिन्न प्रकृति के शब्द को चुनो-)
(क) अत्र, तत्र, सर्वत्र, मित्रम्।
(ख) श्रोतुम्, गन्तुम्, धेनुम्, ज्ञातुम्।
(ग) रामायणम्, पुराणम्, कालिदासः, महाभारतम्।
(घ), अभिज्ञानशाकुन्तलम्, मालविकाग्निमित्रम्, विक्रमोर्वशीयम्, मेघदूतम्।
(ङ) छात्रः, सीता, गीता, शिक्षिका।
उत्तर:
(क) मित्रम्
(ख) धेनुम्
(ग) कालिदासः
(घ) मेघदूतम्
(ङ) छात्रः।

प्रश्न 9.
अधोलिखितगद्यांशम् पठित्वा उत्तराणि लिखत(नीचे लिखे गद्यांश को पढ़कर उत्तर लिखो-)
अनूपपुरमण्डले अमरकण्टकं नाम पर्वतोऽस्ति। तत एव नर्मदा प्रादर्भवति। तदनन्तरम् एषा गहनारण्येषु उत्तुङपर्वतेषु च भ्रमणं कुर्वती डिण्डोरीमण्डलं प्रविशिति।

अनुवाद :
अनूपपुर मण्डल में अमरकण्टक नामक पर्वत है। वहाँ से ही नर्मदा निकलती है। उसके बाद यह घने वनों और ऊँचे पर्वतों पर भ्रमण करती हुई डिण्डोरी मण्डल में प्रवेश करती है। डिण्डोरी से सर्पाकार गति से ऊँचे-नीचे मार्ग से महाराजपुर (मण्डल) पहुँचती है। वहाँ से जबलपुर आती है। संगमरमर की चट्टानों के लिए अति प्रसिद्ध भेड़ाघाट नाम के स्थान पर धूआँधार झरने का रूप धरती है। उसे देखने के लिए बहुत से पर्यटक यहाँ आते हैं।

(क) अनूपपुरमण्डले किं नाम पर्वतः अस्ति? (अनूपपुर मण्डल में किस नाम का पर्वत है?)
उत्तर:
अनूपपुरमण्डले अमरकण्टकं नाम पर्वतोऽस्ति। (अनूपपुर मण्डल में अमरकण्टक नाम का पर्वत है।)

(ख) कुतः नर्मदा प्रादुर्भवति? (नर्मदा कहाँ से निकलती है?)
उत्तर:
अमरकण्टकपर्वतात् नर्मदा प्रादुर्भवति। (अमरकण्टक पर्वत से नर्मदा निकलती है।)

(ग) डिण्डोरीमण्डलं का प्रविशति? (डिण्डोरी मण्डल में कौन प्रवेश करती है?)
उत्तर:
डिण्डोरीमण्डलं नर्मदा प्रविशति। (डिण्डोरी मण्डल में नर्मदा प्रवेश करती है।)
अथवा
तेन मेघदूतम् ऋतुसंहारञ्च द्वे खण्डकाव्ये विरचिते। मेघदूते पूर्वमेघः उत्तरमेघश्चेति द्वौ भागौ स्तः। अस्मिन् काव्ये मेघः यक्षस्य दूतः अभवत्। सः मेघः दूतरूपेण रामगिरितः हिमालयस्थानम् अलकापुरीं गच्छति। दूतमार्गस्य वर्णनं नैसर्गिकम् अतीव रमणीयं चास्ति।

अनुवाद :
उनके कुमारसम्भव और रघुवंश नामक दो महाकाव्ये प्रसिद्ध हैं। कुमारसम्भव महाकाव्य में सत्रह सर्गों में स्वामी कार्तिकेय की जन्म की कथा और तारकासुर के वध की कथा है। रघुवंश महाकाव्य में उन्नीस सर्गों में रघुवंशियों के पराक्रम का वर्णन तथा उनके उदात्त चरित्र का निरूपण उनके द्वारा किया गया है।

उनके द्वारा मेघदूत और ऋतुसंहार दो खण्डकाव्य भी रचे गये हैं। मेघदूत में पूर्वमेघ और उत्तरमेघ ये दो भाग हैं। इस काव्य में मेघ यक्ष का दूत बना। वह मेघ दूत के रूप में रामगिरि से हिमालय पर स्थित अलकापुरी को जाता है। दूत के मार्ग का वर्णन स्वाभाविक और अत्यन्त रमणीय (सुन्दर) है।

(क) कालिदासेन विरचितखण्डकाव्ययोः नाम लिखत। (कालिदास के द्वारा विरचित खण्डकाव्यों के नाम लिखो।)
उत्तर:
कालिदासेन विरचितखण्डकाव्ययोः नाम मेघदूतम् ऋतुसंहारञ्च स्तः। (कालिदास के द्वारा विरचित खण्ड काव्यों के नाम मेघदूत और ऋतुसंहार हैं।)

(ख) मेघदूतस्य भागयोः नामलिखत। (मेघदूत के भागों के नाम लिखो।)
उत्तर:
मेघदूतस्य भागयोः नाम पूर्वमेघः, उत्तरमेघश्चेति स्तः। (मेघदूत के भागों के नाम पूर्वमेघ और उत्तरमेघ हैं।)

(ग) मेघः कस्य दूतः अभवत्? (मेघ किसका दूत हुआ?)
उत्तर:
मेघः यक्षस्य दूतः अभवत्। (मेघ यक्ष का दूत हुआ।)

(घ) मेघः दूतरूपेण कुतः गच्छति? (मेघ दूत के रूप में कहाँ जाता है?)
उत्तर:
मेघः दूतरूपेण रामगिरितः हिमालयस्थानम् अलकापुरीं गच्छति। (मेघदूत के रूप में रामगिरि से हिमालय पर स्थित अलकापुरी जाता है।)

प्रश्न 10.
अधोलिखितम् पद्यम् पठित्वा उत्तराणि लिखत (नीचे लिखे पद्य को पढ़कर उत्तर लिखो-)

कं सञ्जघान कृष्णः का शीतलवाहिनी गङ्गा।
के दारपोषणरताः कं बलवन्तं न बाधते शीतम्।।

अनुवाद :
श्रीकृष्ण ने किसको मारा? – कंस को।
कौन शीतल जल वाली गंगा है? – काशी की सतह पर बहने वाली।
कौन पत्नी के पोषण में रत है? – केदार (खेत) संवारने में संलग्न (कृषक)
किस बलवान् को ठण्ड परेशान नहीं करती? – कम्बल जिसके पास हो उसको।

(क) कृष्णः कं जघान? (कृष्ण ने किसको मारा?)
उत्तर:
कृष्णः कंसं जघान। (कृष्ण ने कंस को मारा।)

(ख) शीतलवाहिनी का? (कौन शीतल जल वाली है?)
उत्तर:
काशीतलवाहिनी गङ्गा। (काशी की सतह पर बहने वाली गंगा है?)

(ग) दारपोषणरताः के? (पत्नी के पोषण में रत कौन है?)
उत्तर:
केदारपोषणरताः। (खेत के संवारने में लगे हुए अर्थात् किसान।)

(घ) शीतं कंन बाधते? (ठण्ड किसको परेशान नहीं करती?)
उत्तर:
कम्बलवन्तम् शीतं न बाधते। (कम्बल वाले को ठण्ड परेशान नहीं करती।)
अथवा
कस्तूरी जायते कस्मात् को हन्ति करिणां कुलम्।
किं कुर्यात् कातरो युद्धे मृगात् सिंहः पलायनम्।।

अनुवाद :
कस्तूरी किससे उत्पन्न होती है? कौन हाथियों के कुल (समूह) को मारता है? दुःखी युद्ध में क्या करे, मृग से, सिंह, पलायन।

यहाँ तीन चरणों में तीन प्रश्न हैं और चौथे चरण में तीनों के ही उत्तर हैं। कस्तूरी किससे उत्पन्न होती है? यह पहला प्रश्न है। हाथियों के कुल (समूह) को कौन मारता है? यह दूसरा प्रश्न है। दुःखी युद्ध में क्या करे? यह तीसरा प्रश्न है।

(क) कस्तूरी कस्मात् जायते? (कस्तूरी किससे उत्पन्न होती है?)
उत्तर:
कस्तूरी मृगात् जायते। (कस्तूरी मृग से उत्पन्न होती है।)

(ख) करिणां कुलं कः हन्ति? (हाथियों के समूह को कौन मारता है?)
उत्तर:
करिणां कुलं सिंहः हन्ति। (हाथियों के समूह को सिंह मारता है?)

(ग) कातरः युद्धे किं कुर्यात्? (शक्तिहीन युद्ध में क्या करे?)
उत्तर:
कातरः युद्धे पलायनम् कुर्यात्। (शक्तिहीन युद्ध में पलायन करे।)

(घ) मृगात् शब्दे का विभक्तिः? (मृगात् शब्द में कौन-सी विभक्ति है?)
उत्तर:
मृगात् शब्दे पञ्चमी विभक्तिः। (मृगात् शब्द में पंचमी विभक्ति है।)

प्रश्न 11.
उचितविकल्पं चित्वा लिखत (उचित विकल्प चुनकर लिखो-)
(क) सर्वः पश्यतु। (दूरदर्शनम्/भद्राणि/अभद्राणि)
(ख) आज्ञा ह्यविचारणीया। (सहचराणाम्/गुरूणाम्ध्अ धमानाम्)
(ग) वयं संस्कृतं। (पठति/पठन्ति/पठामः)
(घ) कालिदासमहोत्सवस्य आयोजनम् भवति। (कार्तिकपूर्णिमायाम्/देवप्रबोधन्याम्/कार्तिककृष्ण पक्षस्य एकादश्याम्)
उत्तर:
(क) भद्राणि
(ख) गुरूणाम्
(ग) पठाम्:
(घ) देवप्रबोधन्याम्।

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