MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.6

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.6

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प्रश्न 1.
निम्न समीकरणों को हल कीजिए –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.6 img-1
हल:
1. \(\frac{8x-3}{3x}\) = 2
दोनों पक्षों को 3x से गुणा करने पर,
\(\frac{8x-3}{3x}\) x 3x = 2 x 3x
या 8x – 3 = 6x
या 8x – 6x = 3
या 2x = 3
या x = \(\frac{3}{2}\)

2. \(\frac{9x}{7-6x}\) = 15
दोनों पक्षों को (7 – 6x) से गुणा करने पर,
\(\frac{9x}{7-6x}\) x (7 – 6x) = 15 x (7 – 6x)
या 9x = 105 – 90x
या 9x + 90x = 105
या 99x = 105
या x = \(\frac{105}{99}\) = \(\frac{35}{33}\)

3. \(\frac{z}{z+15}\) – \(\frac{4}{9}\)
दोनों पक्षों को 9 (x + 15) से गुणा करने पर,
9 (z + 15) x \(\frac{z}{z+15}\) = \(\frac{4}{9}\) – 9 (z + 15)
या 9z = 4 (z + 15)
या 9z = 4z + 60
या 9z – 4z = 60
या 5z = 60
या z = \(\frac{60}{5}\)
z = 12

4. \(\frac{3y+4}{2-6y}\) = \(\frac{-2}{5}\)
दोनों पक्षों को 5 (2 – 6y) से गुणा करने पर,
5 (2 – 6y) x \(\frac{3y+4}{2-6y}\) = \(\frac{-2}{5}\) x 5 (2 – 6y)
या 5 (3y+4) = – 2 (2 – 6y)
या 15y + 20 = – 4 + 12y
या 15y – 12y = – 4 – 20
या 3y = – 24
या y = \(\frac{-24}{3}\)
y = – 8

5. \(\frac{7y+4}{y+2}\) = \(\frac{-4}{3}\)
दोनों पक्षों को 3 (y + 2) से गुणा करने पर,
3 (y+2) x \(\frac{7y+4}{y+2}\) = \(\frac{-4}{3}\) x 3 (y + 2)
या 3 x (7y + 4) = – 4 (y + 2)
या 21y + 12 = – 4y – 8
या 21y + 4y = – 8 – 12
या 25y = – 20
या y = \(\frac{-20}{25}\) = \(\frac{-4}{5}\)

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प्रश्न 2.
हरी और हैरी की वर्तमान आयु का अनुपात 15 : 7 है। अब से 4 वर्ष बाद उनकी आयु का अनुपात 3 : 4 हो जाएगा। उनकी वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि हरी और हैरी की वर्तमान आयु क्रमशः 5x व 7x वर्ष है।
5 वर्ष बाद हरी की आयु = (5x + 4) वर्ष
तथा हैरी की आयु = (7x + 4) वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
\(\frac{5x+4}{7x+4}\) = \(\frac{3}{4}\)
या 4 x (5x + 4) = 3 (7x + 4)
या 20x + 16 = 21x + 12
या 20x – 21x = 12 – 16
या -x = – 4 ⇒ x = 4
∴ हरी की वर्तमान आयु = 5 x 4 वर्ष = 20 वर्ष तथा हैरी की वर्तमान आयु = 7 x 4 = 28 वर्ष

प्रश्न 3.
एक परिमेय संख्या का हर उसके अंश से 8 अधिक है। यदि अंश में 17 जोड़ दिया जाए तथा हर में से 1 घटा दिया जाए तब हमें \(\frac{3}{2}\) प्राप्त होता है। वह परिमेय संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि संख्या का अंश = x है,
हर = x = 8
अब, प्रश्नानुसार,
या \(\frac{x+17}{(x+8)-1}\) = \(\frac{3}{2}\)
या \(\frac{x+17}{x+7}\) = \(\frac{3}{2}\)
या 2 (x + 17) = 3 (x + 7)
या 2x + 34 = 3x + 21
या 2x – 3x = 21 – 34
या – x = – 13
या x = – 13
\(\frac{x}{x+8}\) = \(\frac{13}{13+8}\) = \(\frac{13}{21}\)
∴ अभीष्ट परिमेय संख्या= \(\frac{13}{21}\)

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.3

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित समीकरणों को हल कीजिए :
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.3 1
हल:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.3 1a
∴ अतः अभीष्ट हल :y = 8

(b) 5t + 28 = 10
या 5t = 10 – 28
या 5t = – 18
या t = \(\frac { -18 }{ 5 }\)
∴ अतः अभीष्ट हल : t = \(\frac { -18 }{ 5 }\)

(c) \(\frac { a }{ 5 }\) + 3 = 2
या \(\frac { a }{ 5 }\) = 2 – 3
या \(\frac { a }{ 5 }\) = -1
या a = -5
∴ अतः अभीष्ट हल : a = -5

(d) \(\frac { q }{ 4 }\) + 7 = 5 या
या \(\frac { q }{ 4 }\) = 5 – 7 = – 2
q = – 2 x 4 = -8
∴ अतः अभीष्ट हल : q = -8

(e) \(\frac { 5x }{ 2 }\) = – 10
दोनों पक्षों में 2 का गुणा करने पर,
\(\frac { 5x }{ 2 }\)x x 2 = – 10 x 2
या 5x = – 20
या \(\frac { 5x }{ 5 }\) = –\(\frac { 20 }{ 5 }\)
या x = -4
∴ अभीष्ट हल : x = -4

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.3 1b

(h) 6z + 10 = – 2
या 6z = -2 – 10 = – 12
या \(\frac { 6z }{ 6 }\) = -12 x \(\frac { 1 }{ 6 }\)
या = -2
∴ अभीष्ट हल : z = -2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.3 1c

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित समीकरणों को हल कीजिए :
(a) 2 (x + 4) = 12
(b) 3 (n – 5) = 21
(c) 3 (n – 5) = -21
(d) -4(2 + x) = 8
(e) 4(2 – x) = 8
हल:
(a) 2 (x + 4) = 12
या x + 4 = \(\frac { 12 }{ 2 }\) = 6 (दोनों पक्षों को 2 से भाग देने पर)
या x = 6 – 4 = 2 (4 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ अभीष्ट हल : x = 2

(b) 3 (n – 5) = 21
या n – 5 = \(\frac { 21 }{ 3 }\) = 7 (दोनों पक्षों को 3 से भाग देने पर)
n = 7 + 5 = 12 (-5 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ अभीष्ट हल : n = 12

(c) 3 (n – 5) = – 21
या n – 5 = \(\frac { -21 }{ 3 }\) = -7 (दोनों पक्षों को 3 से भाग देने पर)
या n = -7 + 5 = -2 (-5 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ अभीष्ट हल : n = -2

(d) -4 (2 + x) = 8
या 2 + x = \(\frac { 8 }{ -4 }\) = -2. (दोनों पक्षों को -4 से भाग देने पर)
x = – 2 – 2 = -4 (2 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ अभीष्ट हल : x = -4

(e) 4(2 – x) = 8
या 2 – x = \(\frac { 8 }{ 4 }\) =2 (दोनों पक्षों को 4 से भाग देने पर)
या -x = 2 – 2 = 0 (2 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ x = 0
∴ अभीष्ट हल : x = 0

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित समीकरणों को हल कीजिए :
(a) 4 = 5 (p – 2)
(b) -4 = 5 (p – 2)
(c) 16 = 4 + 3 (t + 2)
(d) 4 + 5 (p – 1) = 34
(e) 0 = 16 + 4 (m – 6).
हल:
(a) 4 = 5 (p – 2)
या 5 (p – 2) = 4 (दोनों पक्षों को परस्पर बदलने पर)
या p – 2 = 4 (दोनों पक्षों को 5 से भाग देने पर)
या p = \(\frac { 4 }{ 5 }\) + 2 (-2 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
p = \(\frac { 4+10 }{ 5 }\) = \(\frac { 14 }{ 5 }\)
∴ अभीष्ट हल : p = \(\frac { 14 }{ 5 }\)

(b) – 4 = 5 (p – 2)
या 5 (p – 2) = -4 (दोनों पक्षों को परस्पर बदलने पर)
या p – 2 = \(\frac { -4 }{ 5 }\) (दोनों पक्षों को 5 से भाग देने पर)
या p = \(\frac { -4 }{ 5 }\) + 2 (-2 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
या p = \(\frac { -4+10 }{ 5 }\) = \(\frac { 6 }{ 5 }\)
∴ अभीष्ट हल : p = 6/5

(c) 16 = 4+ 3 (t + 2)
4 + 3 (t + 2) = 16 (दोनों पक्षों को परस्पर बदलने पर)
या 3 (t + 2) = 16 – 4 = 12 (4 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
या t + 2 = 12/3 = 4 (दोनों पक्षों को 3 से भाग देने पर)
या t = 4 – 2 = 2 (2 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ अभीष्ट हल : t = 2

(d) 4 + 5 (p – 1) = 34
या 5 (p – 1) = 34 – 4 = 30 (4 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
या (p – 1) = 30/5 = 6 (दोनों पक्षों को 5 से भाग देने पर)
p = 6 + 1 = 7 (-1 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ अभीष्ट हल : p = 7

(e) 0 = 16 + 4 (m – 6)
या 16 + 4 (m – 6)= 0 (दोनों पक्षों को परस्पर बदलने पर)
या 4 (m – 6) = 0 -16 (16 को R.H.S. में ले जाने पर)
या m – 6 = \(\frac { -16 }{ 4 }\) = – 4 (दोनों पक्षों को 4 से भाग देने पर)
या m = -4 + 6 = 2 (-6 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर)
∴ अभीष्ट हल : m = 2

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प्रश्न 4.
(a) x = 2 से प्रारम्भ करते हुए, 3 समीकरण बनाइए।
(b) x =-2 से प्रारम्भ करते हुए, 3 समीकरण बनाइए।
हल:
(a) (i) प्रथम समीकरण : x = 2 से शुरू दोनों पक्षों को 5 से गुणा करने पर,
5x = 10
दोनों ओर से 3 घटाने पर,
5x – 3 = 10 – 3
या 5x – 3 = 7

(ii) द्वितीय समीकरण : x = 2 से शुरू
दोनों पक्षों को 10 से गुणा करने पर,
10x = 2 x 10 = 20
दोनों पक्षों में 2 जोड़ने पर,
10 + 2 = 20 + 2
या 10x + 2 = 22

(iii) तृतीय समीकरण : x = 2 से शुरू
दोनों पक्षों को 5 से भाग करने पर,
\(\frac { x }{ 5}\) = \(\frac { 2 }{ 5 }\)
दोनों पक्षों में से 4 घटाने पर,
\(\frac { x }{ 5 }\) – 4 = \(\frac { 2 }{ 5 }\) – 4
या \(\frac { x }{ 5 }\) – 4 = \(\frac { -18 }{ 5 }\)

(b) (i) प्रथम समीकरण : x = – 2 से प्रारम्भ
दोनों पक्षों को 3 से गुणा करने पर,
या 3x = – 6
दोनों पक्षों में से 2 घटाने पर,
3x – 2 = – 6 – 2
या 3x – 2 = -8

(ii) द्वितीय समीकरण : x = – 2 से प्रारम्भ
दोनों पक्षों को 3 से गुणा करने पर,
3x = – 6
दोनों पक्षों में 7 जोड़ने पर,
3x + 7 = -6 + 7
या 3x + 7 = 1

(iii) तृतीय समीकरण : x = – 2 से प्रारम्भ
दोनों पक्षों को 8 से गुणा करने पर,
8x = – 16
दोनों पक्षों में 10 जोड़ने पर,
8x + 10 = – 16 + 10
⇒ 8x +10 = – 6

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 101
प्रयास कीजिए

प्रश्न (i)
जब आप एक संख्या को 6 से गुणा करते हैं और फिर गुणनफल में से 5 घटाते हैं, तो आपको 7 प्राप्त होता है। क्या आप बता सकते हैं कि वह संख्या क्या है ?
हल:
माना कि संख्या x है।
संख्या को 6 से गुणा करने पर, हम पाते हैं 6x
अब, प्रश्नानुसार,
6x – 5 = 7
5 को L.H.S. से R.H.S. में स्थानापन्न करने पर, हम प्राप्त करते हैं :
6x = 7 + 5 = 12
दोनों पक्षों को 6 से भाग देने पर,
x = \(\frac { 12 }{ 6 }\) = अथवा x = 2
अतः अभीष्ट संख्या : 2.

प्रश्न (ii)
वह कौन-सी सख्या है, जिसके एक-तिहाई में 5 जोड़ने पर 8 प्राप्त होता है ?
हल:
माना कि संख्या x है।
∵ संख्या का एक-तिहाई = \(\frac { 1 }{ 3 }\)x.
अब, प्रश्नानुसार,
\(\frac { 1 }{ 3 }\)x + 5 = 8
5 को L.H.S. से R.H.S. में स्थानापन्न करने पर,
\(\frac { 1 }{ 3 }\)x = 8 – 5 = 3
दोनों पक्षों को 3 से गुणा करने पर,
3 x \(\frac { 1 }{ 3 }\) x = 3 x 3
या x = 9
अत: अभीष्ट संख्या : 9

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प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
मापों के अनुसार, दो प्रकार की पेटियाँ हैं, जिनमें आम रखे हुए हैं। प्रत्येक बड़ी पेटी में रखे आमों की संख्या 8 छोटी पेटी में रखे आमों की सख्या से 4 अधिक है। प्रत्येक बड़ी पेटी में 100 आम हैं। प्रत्येक छोटी पेटी में कितने आम हैं ?
हल:
माना कि छोटी पेटी में आमों की संख्या = x है।
∴ 8 छोटी पेटियों में आमों की संख्या = 8x
अब, प्रश्नानुसार,
8x + 4 = 100
4 को R.H.S. में स्थानापन्न करने पर,
8x = 100 – 4
अथवा 8x = 96
दोनों पक्षों में 8 से भाग देने पर,
\(\frac { 8x }{ 8 }\) = \(\frac { 96 }{ 8 }\)
अथवा x = 12
अतः छोटी पेटी में आमों की संख्या = 12

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MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 19 गुरुदक्षिणा

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Durva Chapter 19 गुरुदक्षिणा (पद्यम्) (रघुवंशात्)

MP Board Class 10th Sanskrit Chapter 19 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत-(एक पद में उत्तर लिखिए)।
(क) वरन्तन्तुशिष्यः कः आसीत्? (वरतन्तु का शिष्य कौन था?)
उत्तर:
कौत्सः (कौत्स)

(ख) अनर्घशीलः कः? (निश्छल व्यवहार किसका था?)
उत्तर:
रघुः (रघु का)

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(ग) वरतन्तुशिष्यः स्वार्थोपपत्तिं प्रति कीदृशः सञ्जातः? (वरतन्तु शिष्य अपने कार्य की सिद्धि के लिए कैसा हो गया?)
उत्तर:
दुर्बलाशः (निराश)

(घ) गुरुणा किम् अचिन्तयित्वा उक्तः? (गुरु ने क्या विचार न करके कहा?)
उत्तर:
अर्थकार्यम् (गरीबी को)

(ङ) रघुः कस्मात् धनं प्राप्तुम् इष्टवान्? (रघु ने किससे धन लेने की इच्छा की?)
उत्तर:
कुबेरात् (कुबेर से)

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत-(एक वाक्य में उत्तर लिखिए-)
(क) रघुः कस्मात् हेमराशिम् लब्धवान्? (रघु ने किससे सुवर्ण राशि प्राप्त की?)
उत्तर:
रघुः कुबेरात् हेमराशिम् लब्धवान्। (ग्घु ने कुबेर से स्वर्ण राशि प्राप्त की।)

(ख) वरतन्तुः कौत्सं कियत् धनं याचितवान्? (वरतन्तु ने कौत्स से कितना धन माँगा?)
उत्तर:
वरतन्तुः कौत्सं चतुर्दशः कोटीः धनं याचितवान्। (वरतन्तु ने कौत्स से 14 करोड़ स्वर्ण मुद्राएं माँगी।)

(ग) विश्वजिति अध्वरे रघुः कीदृशः सञ्जातः? (विश्वजित् यज्ञ में रघु कैसा हो गया?)
उत्तर:
विश्वजिति अध्वरे रघुः निःशेषविश्राणितकोष जातम्। (विश्वजित् यज्ञ की दक्षिणा में रघु रिक्त खजाने वाला हो गया।)

(घ) रघुः गां कीदृशीम् अमन्यत्? (रघु ने पृथ्वी को कैसा माना?)
उत्तर:
रघुः गाम् आन्तसाराम् अमन्यत्। (रघु ने पृथ्वी को सारहीन माना।)

(ङ) तौ द्वौ कस्य अभिनन्द्यसत्वौ अभूताम्? (वे दोनों किसके अभिनन्दन के पात्र हुए?)
उत्तर:
तौ द्वौ साकेतनिवासिनः जनस्य अभिनन्धसत्वौ अभूताम्। (वे दोनों साकेत (अयोध्या) में रहने वाले लोगों के अभिनन्दन का पात्र बने।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत। (नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए)
(क) रघोः समीपं कः किमर्थम् आगतः? (रघु के पास कौन और क्यों आया?)
उत्तर:
रघोः समीपं कौत्सः गुरुदक्षिणाय चतुदर्शः कोटीः सुवर्णराशिः ग्रहीतुम् आगतः। (रघु के पास कौत्स गुरु दक्षिणा के लिए 14 करोड़ स्वर्ण राशि लेने के लिए आया था।)

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(ख) कीदृशः रघुः कस्मिन् पात्रे अर्घ्यं निघाय अतिथिं प्रत्युज्जगाम? (कैसा रघु किस पात्र में अर्घ्य लेकर अतिथि के पास आया?)
उत्तर:
अनर्घशीलः यशस्वी आतिथेयः च रघुः मृण्मये पात्रे अर्घ्य निधाय अतिथिं प्रत्युजंगाम। (निश्छल व्यवहार वाला, यशस्वी और अतिथि सेवी रघु मिट्टी के पात्र में अर्घ्य लेकर अतिथि के पास गया।)

(ग) वारं-वारं प्रार्थयन्तं कौत्सं गुरुः किमुक्तवान्? (बार-बार प्रार्थना करने पर कौत्स को गुरु ने क्या कहा?)
उत्तर:
वारं-वारं प्रार्थयन्तं कौत्सं गुरुः उक्तवान् यत्-‘वित्तस्य चतस्रः दश च कोटीः मे आहर’ इति। (वार-बार प्रार्थना करने पर कौत्स को गुरु ने कहा-’14 करोड़ (स्वर्ण राशि) का धन मुझे दो।’)

प्रश्न 4.
प्रदत्तशब्दैः रिक्तस्थानानि पूरयत-(दिए गए शब्दों से रिक्त स्थान भरिए-)
(मनः, द्वावपि, मा, अर्थम्, मृण्मये)
(क) रघुः ………….. पाने अर्घ्य दत्तवान्।
(ख) तव अभिगमेन मे…………..न तृप्तम्।
(ग) ………….. अभूताम् अभिनन्यसत्वौ।
(घ) मे परिवादनवावतारः ………….. भूत्।
(ङ) रघुः कुबेरात् ………….. निष्कष्टुम् चकमे।
उत्तर:
(क) मृण्मये
(ख) मनः
(ग) द्वावपि
(घ) मा
(ङ) अर्थम्

प्रश्न 5.
यथायोग्यं योजयत्-(उचित क्रम से जोडिए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 19 गुरुदक्षिणा img 1
उत्तर:
(क) 4
(ख) 5
(ग) 1
(घ) 3
(ङ) 2

प्रश्न 6.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘न’ इति लिखत
(शुद्ध वाक्यों के सामने ‘आम्’ तथा अशुद्ध वाक्यों के सामने ‘त्र’ लिखिए-)
(क) कुबेरः रघु धनं दत्तवान्।
(ख) रघुः हिरण्मयपात्रे कौत्साय अर्घ्यं दत्तवान्।
(ग) कौत्सः धनं स्बीकर्तुं गुरुसमीपं गतवान्।
(घ) कौत्सः गुरुदक्षिणार्थी आसीत्।
(ङ) रघुः वरतन्तुशिष्यः आसीत्।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) न
(ग) न
(घ) आम्
(ङ) न।

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प्रश्न 7.
अधोलिखितशब्दानां विभक्तिं वचनं च लिखत
(नीचे लिखे शब्दों के मूलशब्द, विभक्ति और वचन लिखिए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 19 गुरुदक्षिणा img 2
उत्तर:
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 19 गुरुदक्षिणा img 3

प्रश्न 8.
अधोलिखितशब्दानां सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धिनाम लिखत।
(नीचे लिखे शब्दों के सन्धि-विच्छेद कर सन्धि का नाम लिखिए।)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 19 गुरुदक्षिणा img 4
उत्तर:
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 19 गुरुदक्षिणा img 5

प्रश्न 9.
अधोलिखितशब्दानां पर्यायशब्दान् लिखत
(नीचे लिखे शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए-)
यथा- वित्तम् – धनम्
(क) अध्वरः
(ख) क्षितीशः
(ग) गुरुः
(घ) याचकः
उत्तर:
(क) अध्वरः – यज्ञः
(ख) क्षितीशः – भूपतिः
(ग) गुरुः – आचर्थ
(घ) याचकः – दक्षिणार्थी

प्रश्न 10.
अव्ययः वाक्यनिर्माणं कुरुत (अव्ययों से वाक्य बनाइए-)
यथा- अपि – अहम् अपि पठामि।
(क) इति
(ख) न
(ग) प्रति
(घ) इव
उत्तर:
(क) इति – सः कथयति-‘अहं न गच्छामि’ इति। (वह कहता है-मैं नहीं जा रहा हूँ।)
(ख) न – रामः भेजनं न खादति। (राम भोजन नहीं खाता है।)
(ग) प्रति – विद्यार्थी ग्रहं प्रति गच्छति। (विद्यार्थी घर की ओर जाता है।)
(घ) इव – सा मयूरः इव नृत्यति। (वह मोर की तरह नाचती है।)

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प्रश्न 11.
प्रदत्तश्लोकान्वयस्य पूर्ति कुरुत-(दिए श्लोक का अन्वय पूरा कीजिए)
निर्बन्धसञ्जातरुषा ………..अर्थकार्यम्………….अहं वित्तस्य चतस्रः
दश च कोटीः मे………….इति……….उक्तः
उत्तर:
निर्बन्धसञ्जातरुषा गुरुणा अर्थकाय॑म् अचिन्तयित्वा अहं वित्तस्य चतस्रः
दश च कोटीः मे आहर इति विद्यापरिसङ्खयया उक्तः। योग्यताविस्तारः

पाठे आगतानां श्लोकानां सस्वरगायनं कुरुत।
(पाठ में आए श्लोकों को सस्वर गाइए।)

रघोः अन्यान् आदर्शगुणान् अन्विष्य लिखत।
(रघु के अन्य आदर्श गुणों को ढूंढ़ कर लिखो।)

गुरुदक्षिणा पाठ का सार

प्रस्तुत पाठ में ‘गुरुदक्षिणा’ पर आधारित कछ श्लोक दिए गए हैं, जिन्हें महाकवि कालिदास जी द्वारा रचित महाकाव्य ‘रघुवंश’ से लिया गया है। इनमें गुरु दक्षिणा के लिए आए कौत्स और देने वाले महाराज रघु के उदात्तभाव को दर्शाया गया। याचक आवश्यकता से अधिक नहीं लेना चाहता, पर दातां सब कुछ देना चाहता है। न लेने वाले का उदात्त भाव महाकवि द्वारा इन श्लोकों में सुन्दरता से वर्णित किया गया है।

गुरुदक्षिणा पाठ का अनुवाद

1. तमध्वरे विश्वनिति क्षितीशं निःशेषविश्राणितकोष जातम्।
उपात्तविद्यो गुरुदक्षिणार्थी कौत्सः प्रपेदे वरतन्तुशिष्यः॥२॥

अन्वयः :
विश्वजिति अध्वरे निःशेषविश्राणितकोषजातम् तं क्षितीशम् उपात्तविधिः गुरुदक्षिणार्थी वरतन्तुशिष्यः कौत्स प्रपेदे।

शब्दार्थाः :
विश्वजिति अध्वरे-विश्वजित् यज्ञ की दक्षिणा में-as offerings in world winning sacrifice; निःशेषविश्राणितकोषजातम्-दान में दिए जाने के कारण जिसका खजाना रिक्त हो गया है।-exchequer empty on being given in charity; तं क्षितीशम्-उस रघु के पास-to that lord of earth Raghu; उपात्तविद्यः-विद्या पढ़करhaving sought education; वरतन्तुशिष्यः कौत्सः-वरतन्तु के शिष्य कौत्स-Kautsa, the disciple of Vartantu; प्रपेदे-आए-approached.

अनुवाद :
विश्वजित् यज्ञ की दक्षिणा में दिए जाने के कारण जिसका खजाना रिक्त हो गया है, उस रघु के पास विद्या पढ़कर गुरुदक्षिणा के लिए वरतन्तुशिष्य कौत्स आए।

English : Kautsa, the son of Vartantu approached Raghu who had offered every thing in charity.

2. स मृण्मये वीतहिरण्मयत्वात्पात्रे निधायार्थ्यमनर्घशीलः।
श्रुतप्रकाशं यशसा प्रकाशः प्रत्युज्जगामातिथिमातिथेयः॥२॥

अन्वययः :
अनर्घशीलः यशसा प्रकाशः आतिथेयः सः वीतहिरण्मयत्वात् मृण्मये पात्रे अर्ध्यम् निधाय श्रुतप्रकाशम् अतिथिम् प्रत्युज्जगाम्।।

शब्दार्थाः :
अनर्घशीलः-निश्छल व्यवहार/असाधारण स्वभाव वाला- fraudless conduct of extra-ordinary nature; यशसा प्रकाशः-यशस्वी-illustrious, reputed; सः-वह (रघु)-he (Raghu) वीतहिरण्मयत्वात्-सुवर्ण पात्रों के अभाव में-in the absence of golden utensils; मृण्मये पात्रे-मिट्टी के पात्र में-in earthen-wares; श्रुतप्रकाशम्-वेदाध्ययन से देदीप्यमान (कौत्स के)-illumined with the studyofvedas of Kautsa; प्रत्युज्जगाम-पास आए-approached.

अनुवाद :
निश्छल व्यवहार वाले, यशस्वी और अतिथिसेवी वह सुवर्ण पात्रों के अभाव में मिट्टी के पात्र में अर्ध्य लेकर वेदाध्ययन से देदीप्यमान् अतिथि के पास आए।

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English :
The deceitless, illustrious and hospitable king offered ‘Arghya’ in earthenwares and approached the learned guest.

3. तवाहतो नाभिगमेन तृप्तं मनो नियोगक्रिययोत्सुकं मे।।
अप्याज्ञया शासितुरात्मना वा प्राप्तोऽसि सम्भावयितुं वनान्माम्॥३॥

अन्वयः :
अर्हतः तव अभिगमेन मे मनः न, तृप्तम्, किन्तु नियोगक्रियया उत्सुकम् शासितुः आज्ञया अपि आत्मना वा माम् सम्भावयितुम् वनात् प्राप्तोऽसि।

शब्दार्थाः :
अर्हतः -पूज्य के (आपके)-worthy of worship; अभिगमेन-आगमन मात्र से-by merevisit; तृप्तम्-सन्तुष्ट-satisfied; नियोगक्रियया-दान की क्रिया से-by the action of charity; उत्सुकम्-उत्सुक को (मुझ रघु को)-me who am curious, शासितुः-गुरु को-of the guru, आत्मना-स्वेच्छा से-with own desire (of your own will), सम्भावयितुम्-कृतार्थ करने के लिए-to oblige.

अनुवाद :
आप जैसे पूज्य के आने मात्र से मेरा मन सन्तुष्ट नहीं हुआ है। मैं दान का काम करने के लिए उत्सुक हूँ। क्या आप वन से अपने गुरु की आज्ञा से मुझे कृतार्थ करने आए हैं या स्वयं अपनी इच्छा से?

English :
Your visit alone has not gratified me. I have a desire to serve you with an act of charity. Have you came to oblige with your preceptors permission or of your own free will?

4. इत्यर्थ्यपात्रानुमितव्ययस्य रघोरुदारामपि गां निशम्य।
स्वार्थोपपत्ति प्रति दुर्बलाशस्तमित्यवोचद्वरतन्तुशिष्यः॥4॥

अन्वयः :
अर्घ्यपात्रानुमितव्ययस्य रघोः इति उदारम् अपि गाम् निशम्य वरतन्तुशिष्यः स्वार्थोपपत्तिम् प्रति दुर्बलाशः सन् तम् इति अवोचत्।

शब्दार्थाः :
अर्घ्यपात्रानुभितव्ययस्य–अर्घ्यपात्र से (यज्ञ में हुए) व्यय को व्यक्त करने act-expressing the expenditure incurred on sacrifice through Arghya vessels.; गाम्-वाणी को-speech, voice; स्वार्थोपपत्तिम्-अपनी कार्य सिद्धि में-in fulfilment of own desire. दुर्बलाशः सन्-निराश होते हुए-getting desperate, तम्-उस रघु से-him (Raghu), अवोचत्-कहा-said.

अनुवाद :
इस प्रकार अर्घ्य पात्र से (यज्ञ में हुए) खर्च का अनुमान लगाए हुए तथा रघु की उदार वाणी को सुनने पर भी अपने मनोरथ की सिद्धि की दुर्बल आशा रखते हुए, वरतन्तु का शिष्य (कौत्स) उनसे इस प्रकार बोला।

English :
Kautsa calculated the expenditure on sacrifice but heard Raghu’s generous talk-Got desperate about the fulfilment of his wish.

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5. समाप्तविद्येन मया महर्षिवैिज्ञापितोऽभूद्गुरुदक्षिणायै।
स मे चिरायस्खलितोपचारां तां भक्तिमेवागणयत्पुरस्तात्॥5॥

अन्वय :
समाप्तविद्येन मया महर्षिः गुरुदक्षिणायै विज्ञापितः अभूद् स च चिराय अस्खलितोपचारां ताम् भक्तिम् एव पुरस्तात् अगणयत्।

शब्दार्थाः :
समाप्तविद्येन मया-समस्त विद्याओं को पढ़ने के बाद मैंने-after learning all education,गुरुदक्षिणायैः-गुरुदक्षिणा के लिए-for fee topreceptor; विज्ञापितः-प्रार्थना की-requested; चिराय-बहुत दिनों तक-foralong time; अस्खलितोपचाराम्-नियमपूर्वक की गई-done regularly, तां भक्तिम्-उस गुरु सेवा को-that service to guru, पुरस्तात्-श्रेष्ठ दक्षिणा-spureme (excellent) fee. अगणयत्-गिना/माना-considered.

अनुवाद :
समस्त विद्याओं को पढ़ने के बाद मैंने महर्षि से गुरुदक्षिणा देने के लिए प्रार्थना की और उन्होंने (गुरु ने) बहुत दिनों तक नियमपूर्वक की गई उनकी भक्ति को ही श्रेष्ठ दक्षिणा माना।

English :
Kausta finished his education-requested the Maharishi to name the fee. The Maharishi considered his (Kautsa’s) services with devotion as supreme fee.

6. निर्बन्धसञ्जातरुषाऽर्थकाय॑मचिन्तयित्वा गुरुणाऽहमुक्तः।
वित्तस्य विद्यापरिसङ्घयया मे कोटीश्चतस्रो दश चाहरेति।।6।

अन्वय :
निर्बन्धसञ्जातरुषा गुरुणा अर्थकार्यम् अचिन्तयित्वा अहम् ‘वित्तस्य चतस्रः दश च कोटीः मे आहर’ इति विद्यापरिसङ्ख्यया उक्तः।

शब्दार्थाः :
निर्बन्धसञ्जातरुषा-वार-बार (गुरुदक्षिणा के लिए) आग्रह करने पर क्रोध #-on account of anger aroused by repeated insistence for offer of fee, अर्थकार्यम्-दरिद्रता/गरीबी को-poverty; अचिन्तयित्वा-विचार न करके-not considering; वित्तस्य-धन की/मुद्रा की-of money; चतस्रः दश च कोटी:-चौदह करोड़-fourteen crores, आहर-दो-bring, विद्यापरिसङ्ख्यया-चौदह विद्याओं की सङ्ख्या के मान से-in exchange of fourteen types of education.

अनुवाद :
बार-बार आग्रह करने पर क्रोध से गुरु के द्वारा मेरी गरीबी का विचार न करके मुझे कहा गया कि चौदह विद्याओं की सङ्ख्या के मान (हिसाब) से ’14 करोड़ स्वर्ण मुद्राएँ मुझे दो।’

English :
Kautssa’s repeated insistence for fee aroused guru’s anger. Asked him to bring fourteen crores.

7. गुर्वर्थमर्थी श्रुतपारदृश्वा रघोः सकाशादनवाप्य कामम्।
गतो वदान्यान्तरमित्ययं मे मा भूत्परिवादनवावतारः॥7॥

अन्वय :
‘श्रुतपारदृश्वा गुर्वर्थम् अर्थी रघोः सकाशात् कामम् अनवाप्य वदान्यान्तरम् गतः’ इति अयम् मे परिवादनवावतारः मा भूत्।

शब्दार्थाः :
श्रुतपारदृश्वा-शास्त्रों में पारङ्गत-learned in seriptures, गुर्वर्थम्-गुरु के लिए-for his guru; अर्थी-गुरुदक्षिणायाचक-asking for offering fee to guru; सकाशात्-पास से-from; कामम्-मनोरथ को-heart’s desire, longing, अनवाप्य-पूर्ण न होने पर-not getting fulfilled, वदान्यान्तरम्-अधिक दान देने वाले दूसरे दानी के पास-to another more generous fellow, परिवादनवावतारः-निन्दा का नया अवतार-object of censure.

अनुवाद :
शास्त्रों में पारंगत एक विद्यार्थी की गुरु के लिए दक्षिणा देने की इच्छा रघु के पास पूरी नहीं होने के कारण उसे किसी दूसरे अधिक दानवीर के पास जाना पड़ा। इस प्रकार की निन्दा का मैं पात्र नहीं बनूं।

English :
A learned scholar was asking from Raghu about fee for his teacher. He had to go to another generous fellow when his desire was not fulfilled there. It was a matter of censure for Raghu.

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8. तथेति तस्थावितथं प्रतीतः प्रत्यग्रहीत्सङ्गरमग्रजन्मा।
गामान्तसारां रघुरप्यवेक्ष्य निष्क्रष्टुमर्थं चकमे कुबेरात्॥8॥

अन्वय :
अग्रजन्मा प्रतीतः सन् तस्य अवितथम् सङ्गरम् इति प्रत्यग्रहीता, तथा रघु अपि गाम् आन्तसाराम् अवेक्ष्य कुबेरात् अर्थम् निष्क्रष्टुम चकमे।

शब्दार्थाः :
अग्रजन्मा-ब्राह्मण (कौत्स)-Brahman (Kautsa), प्रतीतः सन्-प्रसन्न होते हुए-being pleased; अवितथम्-सत्य-true; सङ्गरम्-प्रतिज्ञा को-promise; गाम्-पृथिवी को-earth, आन्तसाराम्-सारहीन-meaningless, अवेक्ष्य-समझकर-thinking, अर्थम्-धन-money, निष्क्रष्टुम-लेने की इच्छा-desire to take, चकमे-किया-showed.

अनुवाद :
ब्राह्मण ने प्रसन्न होते हुए उसकी सत्य प्रतिज्ञा को स्वीकार किया और रघु ने भी पृथ्वी को सारहीन समझकर कुबेर से धन लेने की इच्छा की।

English :
The brahmin (Kautsa) got pleased, accepted his promise-Raghu desired to get money from Kuber.

9. तं भूपतिर्भासुरहेमराशिं लब्धं कुबेरादभियास्यमानात्।
दिदेश कौत्साय समस्तमेव पादं सुमेरोरिव वज्रभिन्नम्॥9॥

अन्वय :
भूपतिः अभियास्यमानात् कुबेरात् लब्धम् वज्रभिन्नम् सुमेरोः पादम् इव स्थितम् तम् भासुरहेमराशिम् समस्तम् एव कौत्साय दिदेश।

शब्दार्थाः :
भूपतिः-रघुः-king, अभियास्यमानात्-युद्ध के लिए चढ़ाई किए जाने वाले (से)-from object of invasion for battle; कुबेरात्-कुबेर से (धन के देवता)-from kuber (god of wealth); वज्रभिन्नम्-वज्र से काटकर गिराये हुए-being severed and felled; सुमेरोः-सुमेरु के-of sumeru, पादम् इव-टुकड़े के समान-like a piece, भासुरहेमराशिम्-चमकती हुई सुवर्ण राशि (को)-shining heap of gold, दिदेश-दे दी-gave.

अनुवाद :
रघु ने युद्ध के लिए चढ़ाई किए जाने वाले (से) अर्थात् युद्ध कर के कुबेर से प्राप्त वज्र से काटकर गिराये हुए सुमेरु के टुकड़े के समान चमकती हुई सुवर्ण राशि पूरी ही कौत्स को दे दी।

English :
Raghu got money from Kuber like a piece of Sumeru mountain severed with the trident gave all to Kautsa.

10. जनस्य साकेतनिवासिनस्तौ द्वावप्यभूतामाभिनन्द्यसत्त्वौ
गुरुप्रदेयाधिकनिःस्पृहोऽर्थी नृपोऽत्रिकामादधिकप्रदश्च॥10॥

अन्वय :
तौ द्वौ अपि साकेतनिवासिनः जनस्य अभिनन्धसत्वौ अभूताम्। गुरुप्रदेयाधिकनिःस्पृहः अर्थी, अर्थिकामात् अधिकप्रदः नृपः च।

शब्दार्थाः :
तौ द्वौ-वे दोनों (दाता और याचक)-Both the donor and the aspirant, साकेतनिवासिनः जनस्य-अयोध्या निवासी लोगों का-of residents of Ayodhya; अभिनन्धसत्वौ-अभिनन्दन के पात्र-object of praise (felicitation); अभूताम्-हो गए -became; गुरुप्रदेयाधिकनिः स्पृहः-गुरुदक्षिणा से अधिक न लेने का इच्छुक-not desiring to accept more than fee for guru, अर्थी-याचक (कौत्स)-aspirant (Kautsa), अर्थिकामात्-याचक की कामना से-the desire of aspirant, अधिकप्रदः-अधिक देने वाला-donor of more, नृपः-राजा (रघु)-King (Raghu).

अनुवाद :
वे दोनों (दाता और याचक) ही अयोध्या निवासी लोगों के अभिनन्दन के पात्र बन गए। गुरुदक्षिणा से अधिक न लेने का इच्छुक (संतोषी) याचक कौत्स और याचक की कामना से अधिक देने वाला (दाता) राजा रघु।।

English :
Raghu desired to give more than what Kautsa had desired. Kautsa was not willing to accept more than fee for Guru. Both became praiseworthy in the eyes of residents of Ayodhya.

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 पृथ्वी के परिमण्डल

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 पृथ्वी के परिमण्डल

MP Board Class 6th Social Science Chapter 8 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए –
(अ) पृथ्वी पर कितने परिमण्डल हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी पर तीन परिमण्डल हैं – स्थलमण्डल, जलमण्डल और वायुमण्डल।

(ब) स्थलमण्डल का अर्थ बताइए।
उत्तर:
पृथ्वी का वह समस्त भू-भाग जो कठोर और नरम शैलों से बना है, स्थलमण्डल कहलाता है।

(स) पर्वत किसे कहते हैं ?
उत्तर:
ऊँची पहाड़ियों के समूह को पर्वत कहते हैं।

(द) जैवमण्डल की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
जीवों का वह मण्डल जो स्थल, जल और वायुमण्डल में पाया जाता है, जैवमण्डल कहलाता है।

(य) मैदान और पठार में अन्तर बताइए।
उत्तर:
हमारी पृथ्वी पर के वे निचले भाग जो समतल और सपाट हैं, मैदान कहलाते हैं। जबकि सामान्य रूप से ऊँचे उठे हुए वे भू-भाग जिनकी ऊपरी सतह लगभग समतल अथवा हल्की ऊँची-नीची होती है, पठार कहलाते हैं।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए
(अ) स्थलमण्डल क्या है? उसके विभिन्न भू-स्वरूपों का वर्णन करिए।
उत्तर:
पृथ्वी का वह समस्त भू-भाग जो कठोर और नरम शैलों से बना है, स्थलमण्डल कहलाता है।
इसके प्रमुख भू-स्वरूप निम्नलिखित हैं –

  • पर्वत – ऊँची पहाड़ियों के समूह को पर्वत कहते हैं। पर्वत सैकड़ों किमी लम्बाई तक श्रेणियों के रूप में फैले रहते हैं। सबसे ऊँचा पर्वत हिमालय पर्वत है।
  • पठार – सामान्य रूप से ऊँचे उठे हुए वे भू-भाग जिनकी ऊपरी सतह लगभग समतल होती है, पठार कहलाते हैं। हमारे देश में दक्कन का पठार प्रसिद्ध है।
  • मैदान – पृथ्वी के वे निचले भाग जो समतल और सपाट हैं, मैदान कहलाते हैं। गंगा-यमुना का मैदान व उत्तर का विशाल मैदान इनमें प्रमुख हैं।

(ब) जैवमण्डल क्या है ? विभिन्न जीव किस प्रकार से पारिस्थितिक तंत्र में एक-दूसरे पर निर्भर हैं ? बताइए।
उत्तर:
जीवों का वह मण्डल जो स्थल, जल और वायुमण्डल में पाया जाता है, जैवमण्डल कहलाता है। जैवमण्डल के सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर हैं तथा वे अपने आस-पास के प्राकृतिक वातावरण से प्रभावित होते हैं। प्राकृतिक वातावरण तथा जैवमण्डल की यह पारस्परिक निर्भरता की व्यवस्था पारिस्थितिक तंत्र कहलाती है।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रत्येक वाक्य के लिए एक पारिभाषिक शब्द लिखिए –
(अ) गैसों का मिश्रण जो पृथ्वी को चारों ओर से घेरे हुए है।
उत्तर:
वायुमण्डल

(ब) पृथ्वी पर बहुत बड़े जल भण्डार को कहते हैं।
उत्तर:
जलमण्डल

(स) वह भूखण्ड जो आस – पास के क्षेत्र से बहुत ऊँचा हो।
उत्तर:
पर्वत

(द) आसपास की नीची भूमि से एकदम सीधा उठा हुआ। विस्तृत भू-भाग।
उत्तर:
पठार

(य) स्थल के निचले, विस्तृत एवं समतल भू – भाग।
उत्तर:
मैदान

(र) पृथ्वी के तीनों परिमण्डल-स्थलमण्डल, जल – मण्डल और वायुमण्डल से मिलकर बना मण्डल।
उत्तर:
जैवमण्डल

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प्रश्न 4.
सही जोड़ी बनाइए –
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 पृथ्वी के परिमण्डल img 1
उत्तर:
1. (द) एशिया
2. (स) दक्कन
3. (य) हिमालय
4. (ब) वायुमण्डल
5. (अ) प्रशान्त

प्रश्न 5.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
1. पृथ्वी के भूमि वाले भाग को ……….. कहते हैं।
2. में स्थल मण्डल, जलमण्डल ………….. और …………. वायुमण्डल समाहीत हैं।
3. वायुमण्डल में सबसे कम ………… गैस पाई जाती है।
4. प्रकृति द्वारा दिये गये पदार्थों का …………. में सदपयोग करें।
उत्तर:
1. स्थलमण्डल
2. जैवमण्डल
3. कार्बन डाइऑक्साइड
4. मानव कल्याण।

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.5

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.5

प्रश्न 1.
निम्न रैखिक समीकरणों को हल कीजिए –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.5 img-1
हल:
1. \(\frac{x}{2}\) – \(\frac{1}{5}\) = \(\frac{x}{3}\) + \(\frac{1}{4}\)
2, 3, 4 व 5 का ल. स. = 60
दोनों पक्षों को 60 से गुणा करने पर,
60 x (\(\frac{x}{2}\) – \(\frac{1}{5}\)) = 60 x (\(\frac{x}{3}\) + \(\frac{1}{4}\))
या 30x – 12 = 20x + 15
या 30x – 20x = 15 + 12
या 10x = 27
या x = \(\frac{27}{10}\)

2. \(\frac{n}{2}\) – \(\frac{3n}{4}\) + \(\frac{5n}{6}\) = 21
2, 4 व 6 का ल. स. = 12
दोनों पक्षों को 12 से गुणा करने पर,
12 x (\(\frac{n}{2}\) – \(\frac{3n}{4}\) + \(\frac{5n}{6}\)) = 12 x 21
या 6n – 9n + 10n = 252
या 7n = 252
या n = \(\frac{252}{7}\)
n = 36

3. x + 7 – \(\frac{8x}{3}\) = \(\frac{17}{6}\) – \(\frac{5x}{2}\)
2, 3 व 6 का ल. स. = 12
दोनों पक्षों को 12 से गुणा करने पर,
12 x (x + 7 – \(\frac{8}{3}\)) = 12 x (\(\frac{17}{6}\) – \(\frac{5x}{2}\))
या 12x + 84 – 32x = 34 – 30x
या 12x – 32x + 30x = 34 – 84
या 10x = – 50
x = \(\frac{-50}{10}\)
x = – 5

4. \(\frac{x-5}{3}\) = \(\frac{x-3}{5}\)
5 (x – 5) = 3 (x – 3)
या 15x – 25 = 3x – 9
या 5x – 3x = – 9 + 25
या 2x = 16
या x = \(\frac{16}{2}\)
या x = 8

5. \(\frac{3t-2}{4}\) – \(\frac{2t+3}{3}\) = \(\frac{2}{3}\) – t
ल. स. = 3 x 4 = 12
दोनों पक्षों को 12 से गुणा करने पर,
12 x (\(\frac{3t-2}{4}\) – \(\frac{2t+3}{3}\)) = 12 x (\(\frac{2}{3}\) – t)
या 9t – 6 – 81 – 12 = 8 – 12t
या 9t – 8t + 12t = 8+ 6 + 12
या 13t = 26
या t = \(\frac{26}{13}\) = 2

6. m – \(\frac{m-1}{2}\) = 1 – \(\frac{m-2}{3}\)
2 व 3 का ल. स. = 2 x 3 = 6
दोनों पक्षों को 6 से गुणा करने पर
6 (m – \(\frac{m-1}{2}\)) = 6 (1 – \(\frac{m-2}{3}\))
या 6m – 3 (m – 1) = 6 – 2 (m – 2)
या 6m – 3m + 3 = 6 – 2m + 4
या 6m – 3m + 2m = 6 + 4 – 3
या 5m = 7
या m = \(\frac{7}{5}\)

प्रश्न 2.
निम्न समीकरणों को सरल रूप में बदलते हुए हल कीजिए –
7. 3 (t – 3) = 5 (2t + 1)
8. 15 (y – 4) – 2 (7 – 9) + 5 (v + 6) = 0
9. 3 (5z – 7) – 2 (9z – 11)= 4 (8z – 13) – 17
10. 0.25 (4f – 3) = 0.05 (10f – 9)
हल:
7. 3 (t – 3) = 5 (2t + 1)
3t – 9 = 10t + 5
या 3t – 10t = 5 + 9
या 7t = -14
या t= \(\frac{-14}{7}\) = – 2

8. 15 (y – 4) – 2 (y – 9) + 5 (y + 6) = 0
15y – 60 – 2y + 18 + 5y + 30 = 0
या 15y – 2y + 5y = 60 – 18 – 30
या 18y = 12
या y = \(\frac{12}{18}\) = \(\frac{2}{3}\)

9. 3 (5z – 7) – 2 (9z – 11)= 4 (8z – 13) – 17
15z – 21 – 18z + 22 = 32z – 52 – 17
या 15z – 18z – 32z = – 52 – 7 + 21 – 22
या – 35z = – 70
या z = \(\frac{-70}{-35}\)
z = 2

10. 0.25 (4f – 3) = 0.05 (10f – 9)
f – 0.75 = 0.5f – 0.45
या f – 0.5f = – 0.45 + 0.75
या 0.5f = 0.30
या f= \(\frac{0.30}{0.5}\)
या f= 0.6

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.2

प्रश्न 1.
पहले चर को पृथक् करने वाला चरण बताइए और फिर समीकरण को हल कीजिए :
(a) x – 1 = 0
(b) x + 1 = 0
(c) x – 1 = 5
(d) x + 6 = 2
(e) y – 4 = -7
(f) y – 4 = 4
(g) y + 4 = 4
(h) y + 4 = -4
हल:
(a) x – 1 = 0
दोनों ओर 1 जोड़ने पर, हम प्राप्त करते हैं :
∴ x – 1 + 1 = 0 + 1
या x = 1
∴समीकरण का अभीष्ट हल : x = 1 होगा।

(b) x + 1 = 0
दोनों ओर 1 घटाने पर,
∴ x + 1 – 1 + = 0 – 1
या x = -1
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = -1

(c) x – 1 = 5
दोनों ओर 1 जोड़ने पर,
∴ x – 1 + 1 = 5 + 1 या
x = 6
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = 6

(d) x + 6 = 2
दोनों ओर से 6 घटाने पर,
x + 6 – 6 = 2 – 6
x = -4
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = -4

(e) y – 4 = -7
दोनों ओर 4 जोड़ने पर,
y – 4 + 4 = -7+4
y = -3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = -3

(f) y – 4 = 4
दोनों ओर 4 जोड़ने पर,
∴ y – 4 + 4 = 4 + 4
y = 8
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = 8

(g) y + 4 = 4.
दोनों ओर से 4 घटाने पर,
∴ y + 4 – 4 = 4 – 4
y = 0
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = 0

(h) y + 4 = -4
दोनों ओर से 4 घटाने पर,
∴ y + 4 – 4 = – 4 – 4
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = -8

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प्रश्न 2.
पहले चर को पृथक् करने के लिए प्रयोग किए जाने वाले चरण को बताइए और फिर समीकरण को हल कीजिए:
(a) 3l = 42
(b) \(\frac { b }{ 2 }\) = 6
(c) \(\frac { p }{ 7 }\) = 4
(d) 4x = 25
(e) 8y = 36
(f) \(\frac { z }{ 3 }\) = \(\frac { 5 }{ 4 }\)
(g) \(\frac { a }{ 5 }\) = \(\frac { 7 }{ 15 }\)
(h) 20t = – 10
हल:
(a) 3l = 42
दोनो पक्षों को 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3l }{ 3 }\) = \(\frac { 42 }{ 3 }\)
l = 14
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : l = 14

(b) \(\frac { b }{ 2 }\) = 6
दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर,
\(\frac { b }{ 2 }\) x 2 = 6 x 2
b = 12
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :
b = 12

(c) \(\frac { p }{ 7 }\) = 4 दोनों पक्षों को 7 से गुणा करने पर,
\(\frac { p }{ 7 }\) x 7 = 4 x 7
p = 28
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :
p = 28

(d) 4x = 25
दोनों पक्षों को 4 से भाग देने पर,
\(\frac { 4x }{ 4 }\) = \(\frac { 25 }{ 4 }\)
x = \(\frac { 25 }{ 4 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : x = \(\frac { 25 }{ 4 }\)

(e) 8y = 36
दोनों पक्षों को 8 से भाग देने पर,
\(\frac { 8y }{ 8 }\) = \(\frac { 36 }{ 8 }\)
या y = \(\frac { 36 }{ 8 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = \(\frac { 36 }{ 8 }\)

(f) \(\frac { z }{ 3 }\) = \(\frac { 5 }{ 4 }\)
दोनों पक्षों को 3 से गुणा करने पर,
\(\frac { z }{ 3 }\) x 3 = \(\frac { 5 }{ 4 }\) x 3
या z = \(\frac { 15 }{ 4 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : y = \(\frac { 15 }{ 4 }\)

(g) \(\frac { a }{ 5 }\) = \(\frac { 7 }{ 15 }\)
दोनों पक्षों को 5 से गुणा करने पर,
\(\frac { a }{ 5 }\) x 5 = \(\frac { 7 }{ 15 }\) x 5 = \(\frac { 7 }{ 3 }\)
या a = \(\frac { 7 }{ 3 }\)
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : a = \(\frac { 7 }{ 3 }\)

(h) 20t = – 10
दोनों पक्षों को 20 से भाग देने पर,
\(\frac { 20t }{ 20 }\) = \(\frac { -10 }{ 20 }\)
t = – 1/2
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : t = \(\frac { -1 }{ 2 }\)

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प्रश्न 3.
चर को पृथक करने के लिए, जो आप चरण प्रयोग करेंगे, उसे बताइए और फिर समीकरण को हल कीजिए:
(a) 3n – 2 = 46
(b) 5m + 7 = 17
(c) 20p = 40
(d) 3p = 6
हल:
(a) 3n – 2 = 46
चरण (i) : दोनों पक्षों में 2 जोड़ने पर,
3n – 2 + 2 = 46 + 2
या 3n = 48

चरण (ii) : दोनो पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3n }{ 3 }\) = \(\frac { 48 }{ 3 }\)
या n = 16
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : n = 16

(b) 5m + 7 = 17
चरण (i) : दोनों पक्षों में से 7 घटाने पर,
5m + 7 – 7 = 17 – 7
या 5m = 10 चरण

चरण (ii): दोनों पक्षों में 5 से भाग देने पर,
\(\frac { 5m }{ 5 }\) = \(\frac { 10 }{ 5 }\)
या m = 2
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : m = 2

(c) \(\frac { 20p }{ 3 }\) = 40
चरण (i) : दोनों पक्षों में 3 से गुणा करने पर,
\(\frac { 20p }{ 3 }\) x 3 = 40 x 3
या 20p = 120

चरण (ii) : दोनों पक्षों में 20 से भाग देने पर,
\(\frac { 20p }{ 20 }\) = \(\frac { 120 }{ 20 }\)
या p = 6
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 6

(d) \(\frac { 3p }{ 10 }\) = 6
चरण (i) : दोनों पक्षों में 10 से गुणा करने पर,
\(\frac { 3p }{ 10 }\) x 10 = 6 x 10
3p = 60
चरण (ii) : दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3p }{ 3 }\) = \(\frac { 60 }{ 3 }\)
या p = 20
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 20

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित समीकरणों को हल कीजिए:
(a) 10p = 100
(b) 10p +10 = 100
(c) \(\frac { p }{ 4 }\) = 5
(d) \(\frac { -p }{ 3 }\) = 5
(e) \(\frac { 3p }{ 4 }\) = 6
(f) 3s = -9
(g) 3s + 12 = 0
(h) 3s = 0
(i) 2q = 6
(j) 2q – 6 = 0
(k) 2q + 6 = 0
(l) 2q + 6 = 12
हल:
(a) 10p = 100
दोनों पक्षों को 10 से भाग देने पर,
\(\frac { 10p }{ 10 }\) = \(\frac { 100 }{ 10 }\)
या p = 10
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p= 10

(b) 10p + 10 = 100
दोनों पक्षों में से 10 घटाने पर,
10p + 10 – 10 = 100 – 10
या 10p = 90
दोनों पक्षों में 10 से भाग देने पर,
\(\frac { 10p }{ 10 }\) = \(\frac { 90 }{ 10 }\)
या p = 9
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 9

(c) \(\frac { 90 }{ 10 }\) = 5
दोनों पक्षों में 4 से गुणा करने पर,
\(\frac { p }{ 4 }\) x 4 = 5 x 4
या p = 20
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 20

(d) \(\frac { -p }{ 3 }\) = 5
दोनों पक्षों में – 3 से गुणा करने पर,
\(\frac { -p }{ 3 }\) x (-3) = 5 x (-3)
∴ p = – 15
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = -15

(e) \(\frac { 3p }{ 4 }\) = 6
दोनों पक्षों में 4 से गुणा करने पर,
\(\frac { 3p }{ 4 }\) x 4 = 6 x 4
या 3p = 24
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3p }{ 3 }\) = \(\frac { 24 }{ 3 }\)
या p = 8
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : p = 8

(f) 3s = -9
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
∴ \(\frac { 3s }{ 3 }\) = \(\frac { -12 }{ 3 }\)
या s = -3
समीकरण का अभीष्ट हल : s = -3

(g) 3s + 12 = 0
दोनों पक्षों में से 12 घटाने पर,
3s + 12 – 12 = 0 – 12
या 3s = -12
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3s }{ 3 }\) = \(\frac { -12 }{ 3 }\)
या s = -4
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : s = -4

(h) 3s = 0
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { 3s }{ 3 }\) = 0
या s = 0
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : s = 0

(i) 2q = 6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
\(\frac { 2q }{ 2 }\) = \(\frac { 6 }{ 2 }\)
या q = 3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : q = 3

(j) 2q – 6 = 0
दोनों पक्षो में 6 जोड़ने पर,
2q – 6 + 6 = 0 + 6
या 2q = 6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
या \(\frac { 2q }{ 2 }\) = \(\frac { 6 }{ 2 }\)
या q = 3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :q = 3

(k) 2q+ 6 = 0
दोनों पक्षों में से 6 घटाने पर,
2q + 6 – 6 = 0 – 6
या 2q = -6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
या \(\frac { 2q }{ 2 }\) = \(\frac { -6 }{ 2 }\)
या q = -3
∴ समीकरण का अभीष्ट हल :q = -3

(l) 2q + 6 = 12
दोनों पक्षों में से 6 घटाने पर,
2q + 6 – 6 = 12 – 6
या 2q = 6
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
या
∴ समीकरण का अभीष्ट हल : q = 3

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 99

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
उसी.चरण x = 5 से प्रारम्भ कीजिए और इससे दो भिन्न समीकरण बनाइए। अपनी कक्षा के दो सहपाठियों से इन समीकरणों को हल करने के लिए कहिए। जाँच कीजिए कि क्या उनका हल x = 5 है ?
हल:
(I) x = 5
दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर,
2x = 10
दोनों पक्षों में 6 जोड़ने पर,
2x + 6 = 10 + 6
या 2x + 6 = 16 एक समीकरण है। …(i)

समीकरण (i) को हल करने पर,
2x + 6 = 16
दोनों पक्षों में से 6 घटाने पर,
2x + 6 – 6 = 16 – 6
या 2x = 10
दोनों पक्षों में 2 से भाग देने पर,
\(\frac { 2x }{ 2 }\) = \(\frac { 10 }{ 2 }\)
या x = 5

II. x = 5
दोनों पक्षों में 3 से भाग देने पर,
\(\frac { x }{ 3 }\) = \(\frac { 5 }{ 3 }\)
दोनों पक्षों में से 2 घटाने पर,
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 4 सरल समीकरण Ex 4.2 1

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
दो संख्या पहेलियों को बनाने का प्रयास कीजिए, एक हल 11 लेकर, तथा दूसरा हल 100 लेकर।
हल:
(i) एक पहेली का हल 11 है।
कोई अंक सोचिए। उसे 3 से गुणा कीजिए और गुणनफल में 2 जोड़िए। यदि जोड़ 35 आता है तो संख्या 11 है।
(ii) एक पहेली का हल 100 है।
कोई अंक सोचिए। उसे 4 से भाग दीजिए और 5 जोड़िए। अब बताइए क्या प्राप्त होता है? यदि आप 30 प्राप्त करते हैं, तो संख्या 100 है।

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MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 6 ग्लोब और मानचित्र

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 6 ग्लोब और मानचित्र

MP Board Class 6th Social Science Chapter 6 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
ग्लोब को देखते हुए महाद्वीप और महासागरों के नाम ढूँढकर नीचे बनी तालिका में लिखो
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 6 ग्लोब और मानचित्र img 3

प्रश्न 2.
पाठ्य पुस्तक पृष्ठ संख्या 32 पर दिये गये मानचित्र को पढ़कर निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
(1) मानचित्र का शीर्षक क्या है ?
उत्तर:
मध्यप्रदेश – संभाग एवं जिले।

(2) उत्तर दिशा किस चिन्ह द्वारा दिखाई गयी है ? चिन्ह बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 6 ग्लोब और मानचित्र img 1

(3) मानचित्र में दिए रूढ़ चिन्हों में से कोई 2 रूढ़ चिन्ह नाम सहित बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 6 ग्लोब और मानचित्र img 2
(4) मानचित्र का मापक क्या है?
उत्तर:
1 सेमी = 20 किमी।

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MP Board Class 6th Social Science Chapter 6 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए –
(अ) ग्लोब किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पृथ्वी का प्रतिरूप या नमूना दिखाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले गोले को ग्लोब कहा जाता है।

(ब) ग्लोब से हमें क्या-क्या जानकारियाँ प्राप्त होती हैं ? कोई पाँच लिखिए।
उत्तर:

  • पृथ्वी का आकार तथा महाद्वीपों व महासागरों के आकार व विस्तार का ज्ञान प्राप्त होता है।
  • दिन व रात होने की जानकारी प्राप्त होती है।
  • पृथ्वी की गतियों का ज्ञान होता है।
  • अक्षांश एवं देशांश रेखाओं की स्थिति का ज्ञान होता है।
  • जल और थल के वितरण की जानकारी भी मिलती है।

(स) मापक किसे कहते हैं ?
उत्तर:
मानचित्र के दो स्थानों की दूरी एवं धरातल पर उन्हीं दो स्थानों की वास्तविक दूरी के अनुपात को मापक कहते हैं।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए
(अ) मानचित्र पढ़ने के लिए किन-किन बातों का जानना आवश्यक है, कोई दो बताइए।
उत्तर:
मानचित्र पढ़ने के लिए शीर्षक, दिशा, रूढ़ चिन्ह और मापक के विषय में जानना आवश्यक होता है।

शीर्षक:
प्रत्येक मानचित्र का एक शीर्षक होता है जो यह बताता है कि मानचित्र विश्व या विश्व के किस भू-भाग का है। यह मानचित्र के दायीं ओर लिखा होता है।

दिशा:
प्रत्येक मानचित्र में उत्तर दिशा को तीर के चिन्ह से दिखाया जाता है। दिशा के बिना मानचित्र पढ़ना कठिन होता है।

(ब) मानचित्र क्यों बनाए जाते हैं ? भूगोल में ग्लोब व मानचित्र का क्या महत्त्व है ? लिखिए।
उत्तर:
पृथ्वी के किसी छोटे भाग का अध्ययन करने के लिए मानचित्र बनाए जाते हैं। भूगोल में ग्लोब मानचित्र का महत्त्व-ग्लोब पृथ्वी के आकार का एक नमूना है। इससे पृथ्वी का आकार, महाद्वीपों एवं महासागरों का विस्तार, रात और दिन का होना एवं प्रमुख अक्षांश व देशांश रेखाओं की जानकारी प्राप्त होती है। मानचित्र में पैमाना मान कर निश्चित दूरी प्रकट की जाती है। इसके द्वारा पृथ्वी के सम्पूर्ण धरातल या उसके किसी भाग को दिखाया जाता है। इनके बिना भूगोल का ज्ञान हमारे लिए अधूरा ही रहेगा।

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प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति निम्नलिखित में से सही शब्द चुनकर करें –
( सात, चार, ग्लोब, मानचित्र, नीला)
(अ) किसी भू-भाग का मापक के अनुसार समतल सतह पर चित्रण ………… कहलाता है।
(ब) पृथ्वी के प्रतिरूप या नमूने को …………. कहते हैं।
(स) पृथ्वी पर …………. महाद्वीप व महासागर है।
(द) ग्लोब पर ………….. रंग सबसे अधिक दिखाई देता है।
उत्तर:
(अ) मानचित्र
(ब) ग्लोब
(स) सात, चार
(द) नीला।

प्रश्न 4.
सही जोड़ी मिलाओ –
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 6 ग्लोब और मानचित्र img 3
उत्तर:
(अ) (iv) मानचित्र
(ब) (iii) गोलाकार
(स) (i) महासागर
(द) (ii) महाद्वीप

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित सांकेतिक चिन्हों के कोष्ठक में दिए सही नाम में से चुनकर रिक्त स्थानों पर लिखो –
(जिला सीमा, राज्य सीमा, रेलवे लाइन, पक्की सड़क, कुआँ)
उत्तर:

  • जिले की सीमा
  • रेलवे की लाइन
  • राज्य सीमा
  • पक्की सड़क
  • कुआँ।

प्रश्न 6.
किसी मानचित्र में मापक 1 सेमी = 20 किमी है। बताओ मानचित्र में 4 सेमी धरातल के कितने किलोमीटर की दूरी को प्रदर्शित किया गया है।
उत्तर:
80 किलोमीटर।

प्रश्न 7.
नीचे ग्लोब का चित्र बनाइए और उस पर भूमध्य रेखा, कर्क रेखा तथा मकर रेखा दर्शाइए
उत्तर:
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 6 ग्लोब और मानचित्र img 3

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MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 7 अक्षांश एवं देशान्तर रेखाएँ

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 7 अक्षांश एवं देशान्तर रेखाएँ

MP Board Class 6th Social Science Chapter 7 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए –
(अ) ग्लोब / मानचित्र पर अक्षांश व देशान्तर रेखाएँ क्यों खींची जाती हैं ?
उत्तर;
पृथ्वी पर किसी स्थान की ठीक-ठीक स्थिति दिखाने के लिए ग्लोब तथा मानचित्र पर अक्षांश व देशान्तर रेखाएँ खींची जाती हैं।

(ब) अक्षांश रेखाएँ क्या हैं ? प्रमुख अक्षांश रेखाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
भूमध्य रेखा के समानान्तर खींचे हुए वृत्तों या आड़ी रेखाओं को अक्षांश रेखाएँ कहते हैं। प्रमुख अक्षांश रेखाएँ हैं-विषुवत् रेखा, कर्क रेखा, मकर रेखा।

(स) देशान्तर रेखाएँ किसे कहते हैं ? प्रमुख देशान्तर या मध्याह्न रेखा का नाम लिखिए।
उत्तर:
ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची गई खड़ी रेखाएँ देशान्तर रेखाएँ कहलाती हैं। मानचित्र में ये रेखाएँ उत्तर से दक्षिण में सीधी खिंची होती हैं। प्रमुख देशान्तर रेखा का नाम प्रधान मध्याह्न रेखा है।

(द) अक्षांश और देशान्तर रेखाओं में क्या अन्तर है ? लिखिए।
उत्तर:
ग्लोब पर खींची आड़ी रेखाएँ अक्षांश रेखाएँ तथा खड़ी रेखाएँ देशान्तर रेखाएँ कहलाती हैं।

(य) कर्क एवं मकर रेखा 23° पर क्यों खींची गयी है?
उत्तर:
पृथ्वी अपने अक्ष पर 23° झुकी हुई है, इस कारण पृथ्वी पर 237° उत्तरी तथा दक्षिणी अक्षांश तक ही सूर्य वर्ष में एक बार सीधा चमकता है। इस अक्षांश से उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव तक सूर्य कभी भी सीधा नहीं चमकता। यही कारण है कि कर्क रेखा एवं मकर रेखा का निर्धारण 231 पर किया गया है।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए
(अ) अक्षांश व देशान्तर रेखाएँ किसे कहते हैं ? इन रेखाओं की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
अक्षांश रेखाएँ – भूमध्य रेखा के समानान्तर खिंचे हुए वृत्तों या आड़ी रेखाओं को अक्षांश रेखाएँ कहते हैं।
अक्षांश रेखाओं की विशेषताएँ –

  • ये रेखाएँ पूर्व से पश्चिम दिशा में विषुवत् रेखा के समानान्तर खींची जाती हैं।
  • ये पूर्ण वृत्ताकार होती हैं।
  • दो अक्षांशों के बीच की दूरी समान होती है।
  • विषुवत् वृत्त से ध्रुवों की ओर बढ़ने पर वृत्त छोटे होते जाते हैं। ध्रुव एक बिन्दु के रूप में रह जाता है।
  • अक्षांश रेखाओं की लम्बाई समान नहीं होती है।

देशान्तर रेखाएँ – ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची गई खड़ी रेखाएँ देशान्तर रेखाएँ कहलाती हैं।
देशान्तर रेखाओं की विशेषताएँ –

  • देशान्तर रेखाएँ अर्द्धवृत्त होती हैं।
  • इनकी लम्बाई समान होती है।
  • विषुवत् वृत्त पर इनके बीच की दूरी सबसे अधिक होती है, लेकिन जैसे-जैसे हम ध्रुवों की ओर जाते हैं तो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी कम होती जाती है।
  • ये रेखाएँ प्रधान मध्याह्न रेखा के दोनों ओर 1° के अन्तराल पर खींची गई हैं। इनकी कुल संख्या 360 है।

पृथ्वी पर किसी स्थान की ठीक-ठीक स्थिति दर्शाने के लिए अक्षांश और देशान्तर रेखाएँ, ग्लोब एवं मानचित्र पर खींची गयी हैं। इनकी सहायता से हम पृथ्वी पर किसी भी स्थान की भौगोलिक स्थिति को जान सकते हैं। ये काल्पनिक रेखाएँ हैं।

(ब) विषुवत् रेखा तथा प्रधान मध्याह्न रेखा किसे कहते हैं? इन रेखाओं के माध्यम से पृथ्वी को कितने गोलार्डों में विभक्त किया गया है ?
उत्तर:
विषुवत् रेखा:
ग्लोब पर खिंचे हुए 180 अक्षांश वृत्तों में विषुवत् रेखा सबसे बड़ा वृत्त है। इस वृत्त को 0° अक्षांश रेखा के नाम से जाना जाता है। विषुवत् रेखा के माध्यम से पृथ्वी को उत्तरी एवं दक्षिणी गोलार्डों में बाँटा गया है। प्रधान मध्याह्न रेखा – मुख्य अक्षांश रेखा (0° भूमध्य रेखा) की तरह ही देशान्तर रेखाओं में भी एक रेखा को प्रधान देशान्तर रेखा माना जाता है। यह रेखा इंग्लैण्ड में लन्दन के पास स्थित ग्रीनविच वेधशाला से गुजरती है। इसे ही 0° प्रधान मध्याह्न रेखा कहते हैं। प्रधान मध्याह्न रेखा पृथ्वी को पूर्वी और पश्चिमी गोलार्द्ध में बाँटती है।

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प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करो –
(अ) सभी अक्षांश रेखाएँ …………… के समानान्तर होती हैं।
(ब) पृथ्वी के ऊपरी छोर के बिन्दु को ………….. ध्रुव और दक्षिणी छोर के अन्तिम बिन्दु को ध्रुव कहते हैं।
(स) प्रधान मध्याह्न ………….. रेखा को रेखा भी कहते हैं।
(द) भूमध्य रेखा पृथ्वी को …………….. और ………….. गोलार्द्ध में बाँटती है।
(य) देशान्तर रेखाओं की कुल संख्या ………….. है।
उत्तर:
(अ) भूमध्य रेखा
(ब) उत्तरी, दक्षिणी
(स) ग्रीनविच
(द) उत्तरी, दक्षिणी
(य) 360

प्रश्न 4.
सही जोड़ी मिलाइए –
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 7 अक्षांश एवं देशान्तर रेखाएँ img 1
उत्तर:
(अ) (iii) आड़ी रेखाएँ
(ब) (iv) खड़ी रेखाएँ
(स) (i) उत्तरी गोलार्द्ध
(द) (ii) दक्षिणी गोलार्द्ध

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प्रश्न 5.
सही विकल्प चुनिए-
(अ) सबसे बड़े अक्षांश वृत्त को कहते हैं –
(i) कर्क वृत्त
(ii) विषुवत वृत्त
(iii) मकर वृत्त
(iv) प्रधान मध्याह्न।
उत्तर:
(ii) विषुवत वृत्त

(ब) देशान्तर रेखाओं की दूरी ध्रुवों की ओर कैसी होती जाती है ?
(i) बढ़ जाती है
(ii) कम होती है
(iii) समानान्तर होती है
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ii) कम होती है

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4

प्रश्न 1.
अमीना एक संख्या सोचती है। वह इसमें से के घटाकर परिणाम को 8 से गुणा करती है। अब जो परिणाम मिलता है वह सोची गई संख्या की तिगुनी है। वह सोची गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि अमीना संख्या x सोचती हैं।
अब, प्रश्नानुसार,
8(x – \(\frac{5}{2}\)) = 3x
या 8x – 20 = 3x
या 8x – 3x = 20
या 5x = 20
या x = \(\frac{20}{5}\) = 4
या x = 4
अतः अमीना द्वारा सोची गई संख्या = 4

प्रश्न 2.
दो संख्याओं में पहली संख्या दूसरी की पाँच गुनी है। प्रत्येक संख्या में 21 जोड़ने पर पहली संख्या दूसरी की दुगुनी हो जाती है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि संख्याएँ x तथा 5x हैं।
अब, प्रश्नानुसार,
या (5x + 21) = 2(x + 21)
या 5x + 21 = 2x + 42
या 5x – 2x = 42 – 21
या 3x = 21
या \(\frac{3x}{3}\) = \(\frac{21}{3}\)
या x = 7
अतः अभीष्ट संख्याएँ 7 व 35 हैं।

प्रश्न 3.
दो अंकों वाली दी गई एक संख्या के अंकों का योग है। इस संख्या के अंकों के स्थान बदलकर प्राप्त संख्या, दी गई संख्या से 27 अधिक है दी गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि संख्या का इकाई अंक = x है।
तो दहाई का अंक = (9 – x)
∴ संख्या = 10 (9 – x) + x
= 90 – 10x + x
= 90 – 9x
अंकों के स्थान बदलने पर,
संख्या 10x + (9 – x) = 10x + 9 – x
= 9x + 9
अब, प्रश्नानुसार,
(90 – 9x) + 27 = 9x +9
या 117 – 9x = 9x +9
या – 18x = 9 – 117
या – 18x = – 108
या x = \(\frac{-108}{-18}\) = 6
∴ इकाई का अंक = 6 और दहाई का अंक = 9 – 6 = 3
अतः अभीष्ट संख्या = 36

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प्रश्न 4.
दो अंकों वाली दी गई एक संख्या में एक अंक दूसरे का तीन गुना है। इसके अंकों के स्थान बदलकर प्राप्त संख्या को, दी गई संख्या में जोड़ने पर 88 प्राप्त होता है। दी गई संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि इकाई का अंक = x तथा दहाई का अंक = 3x
संख्या = 10 x 3x + x = 30x + x
= 31x ….. (1)
अंकों के स्थान बदलने पर संख्या
= 10x + 3x = 13x …(2)
अब, प्रश्नानुसार
31x + 13r = 88
या 44x = 88
x = \(\frac{88}{44}\) = 2
x का मान समीकरण (1) में रखने पर,
अभीष्ट संख्या = 31 x 2 = 62

प्रश्न 5.
शोबो की माँ की आयु, शोबो की आयु की छः गुनी है 15 वर्ष बाद शोबो की आयु, उसकी माँ की वर्तमान आयु की एक तिहाई हो जाएगी। उनकी आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि शोबो की वर्तमान आयु = x वर्ष है
तब,शोबो की माँ की आयु = 6x वर्ष
5 वर्ष बाद शोबो की आयु = (x + 5) वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
x = 5 = \(\frac{1}{3}\) x 6x
या 3x + 15 = 6x
या 3x – 6x = – 15
या – 3x = – 15
या = \(\frac{-15}{-3}\) = 5
अतः शोबो की वर्तमान आयु = 5 वर्ष
उसकी माँ की वर्तमान आयु = 6 x 5 = 30 वर्ष

प्रश्न 6.
महूली गाँव में, एक तंग आयताकार भूखण्ड विद्यालय बनाने के लिए सुरक्षित है। इस भूखण्ड की लम्बाई और चौड़ाई में 11 : 4 का अनुपात है। गाँव पंचायत को इस भूखण्ड की बाड़ (fence) कराने में ₹ 100 प्रति मीटर की दर से ₹ 75,000 व्यय करने होंगे। भूखण्ड की माप (dimesion) ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि भूखण्ड की लम्बाई = 11x मीटर
तथा चौड़ाई = 4x मीटर
∴ भूखण्ड का परिमाप = 2 (11x + 4x) मीटर
= 30 मीटर
₹ 100/मी की दर से भूखण्ड की बाड़ कराने में व्यय
= ₹ 100 x 30x
=₹3000x
अब, प्रश्नानुसार,
3000x = 75000
x = \(\frac{75000}{3000}\) = 25
अतः भूखण्ड की लम्बाई = 11 x 25 मीटर
= 275 मीटर
तथा चौड़ाई = 4 x 25 मीटर = 100 मीटर

प्रश्न 7.
हसन स्कूल वर्दी बनाने के लिए दो प्रकार का कपड़ा खरीदता है। इसमें कमीज के कपड़े का भाव ₹ 50 प्रति मीटर तथा पतलून के कपड़े का भाव ₹ 90 प्रति मीटर है। वह कमीज के प्रत्येक 3 मीटर कपड़े के लिए पतलून का 2 मीटर कपड़ा खरीदता है। वह इस कपड़े को क्रमश: 12% तथा 10% लाभ पर बेचकर ₹ 36,600 प्राप्त करता है। उसने पतलून के लिए कितना कपड़ा खरीदा?
हल:
माना कि पतलून के लिए 2x मीटर तथा कमीज के लिए 3x मीटर कपड़ा खरीदा।
पतलून के 2x मीटर कपड़े का क्रय मूल्य = ₹ 90 x 2x
= ₹ 180x
कमीज के 3x मीटर कपड़े का क्रय मूल्य = ₹ 50 x 3x
= ₹ 150x
∵ कमीज के कपड़े पर लाभ = 12%
∴ इसका विक्रय मूल्य = ₹ (150 x \(\frac{112}{100}\))
= ₹ 168x
∵ पतलून के कपड़े पर लाभ = 10%
∴ इसका विक्रय मूल्य = ₹ (180 x \(\frac{110}{100}\))
= ₹ 198x
∴ कुल विक्रय मूल्य = ₹ 168x + ₹ 198x
= ₹ 366x
लेकिन दिया हुआ विक्रय मूल्य ₹ 36,000 है।
∴ 366x = 36600
या x = \(\frac{36600}{366}\) = 100
अतः पतलून के लिए खरीदा गया कपड़ा = 2 x 100 = 200 मीटर

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प्रश्न 8.
हिरणों के एक झुण्ड का आधा भाग मैदान में चर रहा है और शेष का तीन चौथाई पड़ोस में ही खेल-कूद रहा है। शेष बचे 9 हिरण एक तालाब में पानी पी रहे हैं। झुण्ड में हिरणों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि झुण्ड में हिरणों की संख्या = x है
∴ मैदान में चरने वाले हिरणों की संख्या = \(\frac{x}{2}\)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 2 एक चर वाले रैखिक समीकरण Ex 2.4 img-1
पानी पी रहे हिरणों की संख्या = 9
∴ कुल हिरणों की संख्या = \(\frac{x}{2}\) + \(\frac{3x}{8}\) + 9 =x
या 4x + 3x + 72 = 8x
या 7x + 72 = 8x
या 8x – 7x = 72
x = 72
अतः झुण्ड में हिरणों की संख्या = 72

प्रश्न 9.
दादाजी की आयु अपनी पौत्री की आयु की दस गुनी है। यदि उनकी आयु पौत्री की आयु से 54 वर्ष अधिक है तो उन दोनों की आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि पौत्री की आयु = x वर्ष है।
तब, दादाजी की आयु = 10x वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
10x = x + 54
या 9x = 54
या x = \(\frac{54}{9}\) = 6
अतः पौत्री की आयु = 6 वर्ष तथा दादाजी की आयु = 10 x 6 = 60 वर्ष

प्रश्न 10.
अमन की आयु उसके पुत्र की आयु की तीन गुनी है। 10 वर्ष पहले उसकी आयु पुत्र की आयु की पाँच गुनी थी। दोनों की वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।
हल:
माना कि पुत्र की वर्तमान आयु = x वर्ष है।
तब अमन की आयु = 3x वर्ष
10 वर्ष पहले, पुत्र की आयु = (x – 10) वर्ष
तथा अमन की आयु = (3x – 10) वर्ष
अब, प्रश्नानुसार,
3x – 10 = 5 (x – 10)
या 3x – 10 = 5x – 50
या 3x – 5x = – 50 + 10
या – 2x = – 40
या x = \(\frac{-40}{-2}\) = 20
अतः पुत्र की आयु = 20 वर्ष तथा अमन की आयु = 3 x 20 = 60 वर्ष

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MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Durva Chapter 17 चाणक्यनीतिः (पद्यम्) (चाणक्यनीतितः)

MP Board Class 10th Sanskrit Chapter 17 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत-(एक पद में उत्तर लिखिए)।
(क) रविः केन तपते? (सूर्य को कौन तपाता है?)
उत्तर:
सत्येन (सत्य के द्वारा)

(ख) दरिद्रता कया विरानंते? (दरिद्रता किससे सुशोभित होती हैं?)
उत्तर:
धीरतया (धैर्य धारण करने के द्वारा)

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(ग) कर्मानुसारिणी का? (कर्म का अनुसरण कौन करती है?)
उत्तर:
बुद्धिः (बुद्धि)

(घ) केन शर्वरी आह्लादिता? (किससे रात खुश होती है?)
उत्तर:
चन्द्रेण (चन्द्रमा से)

(ङ) कुरूपता कया विराजते? (कुरूपता किससे सुशोभित होती है?)
उत्तर:
शीलतया (सदाचरण से)

प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत-(एक वाक्य में उत्तर लिखिए)
(क) वाचा किं न प्रकाशयेत्? (वाणी से क्या प्रकट नहीं करना चाहिए?)
उत्तर:
मनसा चिन्तितं कार्यं वाचा न प्रकाशयेत्। (मन से सोचे हुए काम को वाणी से प्रकट नहीं करना चाहिए।)

(ख) कैः पुत्राः विविधैः शीलैः नियोज्याः? (किसके द्वारा पुत्रों को विभिन्न सदाचरणों द्वारा लगाना चाहिए?)
उत्तर:
बुधैः पुत्राः विविधैः शीलैः नियोज्याः।। (विद्वानों के द्वारा पुत्र को विभिन्न सदाचरणों द्वारा लगाना चाहिए!)

(ग) कः सर्ववस्तुषु हीनः? (कौन सब वस्तुओं में हीन है?)
उत्तर:
विद्यारत्नेन हीनः सर्ववस्तुषु हीनः। (विद्या रूपी रत्न से हीन सब वस्तुओं में हीन है।)

(घ) कुलीनः दीनोऽपि कान् न त्यजति? (दीन होते हुए भी कुलीन क्या नहीं छोड़ता है?)
उत्तर:
कुलीनः दीनोऽपि शीलगुणान् न त्यजति। (दीन होते हुए भी कुलीन शीलगुणों को नहीं छोड़ते।)

(ङ) छिन्नोऽपि चन्दनतरुः किं न जहाति? (कटने पर भी चन्दन का पेड़ क्या नहीं छोड़ता?)
उत्तर:
छिन्नोऽपि चन्दनतरुः गन्धं न जहाति। (कटने पर भी चन्दन का पेड़ खुशबू नहीं छोड़ता है।)

प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-(नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिर-)
(क) सत्येन सर्वं कथं प्रतिष्ठितम् ? (सत्य से सब कैसे स्थित है?)
उत्तर:
पृथ्वी सत्येन धार्यते, रविः सत्येन तपते, वायुः सत्येन वाति। अनेन प्रकारेण सर्वं सत्येन प्रतिष्ठितम्। (सत्य के द्वारा पृथ्वी धारण की जाती है, सूर्य उष्णता प्रदान करता है, वायु बहती है। इस प्रकार सब सत्य के द्वारा ही स्थित है।)

(ख) किमर्थं बुधैः पुत्राः विविधैः शीलैः नियोज्याः? (किसलिए विद्वानों के द्वारा पुत्रों को शील आचरण में लगाना चाहिए?)
उत्तर:
बुधैः पुत्राः विविधैः शीलैः नियोज्या यतो हि शीलसम्पन्नाः नीतिज्ञाः कुलपूजिताः भवन्ति। (विद्वानों के द्वारा पुत्रों को विभिन्न सदाचरणों द्वारा लगाना चाहिए क्योंकि सदाचार से युक्त नीतिशास्त्र के ज्ञाता कुल में पूजे जाते हैं।)

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(ग) पदे-पदे केषां सम्पदः सुः? (कदम-कदम पर किन को खुशियाँ होती हैं?)
उत्तर:
येषां सतां हृदये परोपकरणं जागति, तेषां पदे-पदे सम्पदः स्युः। (जिन सज्जनों के मन में परोपकार की भावना जागृत रहती है, उनके कदम-कदम पर खुशियाँ होती हैं।)

प्रश्न 4.
प्रदत्तशब्दैः रिक्तस्थानानि पूरयत (दिए गए शब्दों से रिक्त स्थान भरिए-)
(गूढम्, सत्ये, धनहीनो, लीलाम्, सविद्यानाम्)
(क) सर्वं …………….. प्रतिष्ठितम्।
मन्त्रेण रक्षयेद् ……………..।
(ग) को विदेशः ……………..।
(घ) …………….. न हीनश्च।
(ङ) वृद्धोऽपि वारणपतिर्न जहाति ………….
उत्तर:
(क) सत्ये
(ख) गूढम्
(ग) सविद्यानाम्
(घ) धनहीनो
(ङ) लीलाम्

प्रश्न 5.
यथायोग्यं योजयत-(उचित क्रम से जोडिए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 1
उत्तर:
(क) 3
(ख) 4
(ग) 2
(ड) 1

प्रश्न 6.
शुन्द्रवाक्यानां समक्षम् जाम् अशुद्धवाक्यानां समक्षम् “न” इति तिखत-)
(शुद्ध वाक्यों के सामने ‘आम्’ और अशुद्ध वाक्यों के सामने ‘न’ लिखिए)
(क) सत्येन वायुः वाति।
(ख) प्रियवादिना कोऽपि न परः।
(ग) कदन्नता उष्णतया न विराजते।
(घ) कर्मायत्तं पुंसां फलम्।
(ड) छिन्नः चन्दनतरुः गन्धं जहाति।
उत्तर:
(क) आम्
(ख) आम्
(ग) न
(घ) आम्
(ङ) न।

प्रश्न 7.
अधोलिखितशब्दानां मूलशब्दं विभक्तिं वचनञ्च लिखत
(नीचे लिखे शब्दों के मूलशब्द, विभक्ति और वचन लिखिए)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 2
उत्तर:
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 9

प्रश्न 8.
निम्नलिखितक्रियापदानां धातुं लकारं पुरुषं ववनं च लिखत
(नीचे लिखे क्रियापदों के धातु, लकार, पुरुष और वचन लिखिए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 3
उत्तर:
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 4

प्रश्न 9.
अधोलिखितपदानां सन्धिविच्छेदं कृत्वा सन्धिनाम लिखत
(नीचे लिखे पदों के सन्धि-विच्छेद करके सन्धि का नाम लिखिए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 5
उत्तर:
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 6

प्रश्न 10.
अधोलिखितसमासानां विग्रहं कृत्वा समासनाम लिखत
(नीचे लिखे समासों को विग्रह कर समास का नाम लिखिए-)
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 7
उत्तर:
MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 17 चाणक्यनीतिः img 8

प्रश्न 11.
प्रदत्तश्लोकान्वयस्य पूर्तिं कुरुत
(दिए गए श्लोक का अन्वय पूरा कीजिए-)
बुधैः …………….. विविधैः शीलैः
(यतो हि) …………….. नीतिज्ञाः ……………..भवन्ति।
उत्तर:
बुधैः पुत्रा. विविधैः शीलैः सततं नियोज्याः।
(यतो हि) शीलसम्पन्नाः नीतिज्ञाः कुलपूजिताः भवन्ति।

योग्यताविस्तार –

पाटे समागतान् श्लोकान् कण्ठस्थं कुरुत।
पाठ में आए श्लोकों को कण्ठस्थ करो।

“चाणक्यनीति” इत्यस्मात् पुस्तकात् चित्वा (पाठे समागतान् श्लोकान् विहाय) अन्यान् दशश्लोकान् लिखत।
‘चाणक्यनीति’ पुस्तक से चुनकर अन्य दस श्लोक लिखो।

चाणक्येन विरचितानि अन्यानि पुस्तकानि पठत।
चाणक्य द्वारा रचित अन्य पुस्तकें पढ़ो।

चाणक्येतरदशनीतिश्लोकान् लिखत।।
चाणक्य से अलग दस नीति श्लोक लिखो।

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चाणक्यनीतिः पाठ का सार

प्रस्तुत पाठ में ‘चाणक्य’ द्वारा रचित नीति से सम्बन्धित कुछ श्लोक दिए गए हैं, जिससे छात्रों को नीति का सम्यक् ज्ञान हो सके। ये श्लोक चाणक्य द्वारा रचित ‘चाणक्यनीतिः’ नामक ग्रन्थ से लिए गए हैं।

चाणक्यनीतिः पाठ का अनुवाद

1. सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः।
सत्येन वाति वायुश्च सर्वं सत्ये प्रतिष्टितम्॥1॥

अन्वयः :
पृथ्वी सत्येन धार्यते, रविः सत्येन तपते, वायुः सत्येन वाति, सर्वं च सत्ये प्रतिष्ठितम् (अस्ति)।

शब्दार्थाः :
धार्यते-धारण की जाती है-is born (propped); तपते-उष्णता प्रदान करता है-gives heat; वाति-बहता है-blows; प्रतष्ठितम्-स्थित है-is established.

अनुवाद :
धरती सत्य से धारण की जाती है। सूर्य सत्य से तपता है, वायु सत्य से बहती है, सब सत्य में स्थित है। Englisit-The earth, the sun, the wind-all of their props in truth.

2. मनसा चिन्तितं कार्यं वाचा नैव प्रकाशयेत्।
मन्त्रेण रक्षयेद् गूढं कार्थे चाऽपि नियोजयेत्॥2॥

अन्वयः :
मनसा चिन्तितं कार्यं वाचा न एव प्रकाशयेत्, गूढं मन्त्रेण रक्षयेत्। कार्ये च अपि नियोजयेत्।

शब्दार्थाः :
वाचा-वाणी के द्वारा-through speech; प्रकाशयेत्-प्रकट करना चाहिए-should beexpressed;गूढम्-गोपनीय-secret;मन्त्रेण-विचारपूर्वक- thoughtfully; नियोजयेत्-लगाना चाहिए-put.

अनुवाद :
मन से सोचे हुए कार्य को वाणी से प्रकट नहीं करना चाहिए। गुप्त को विचारपूर्वक रखना चाहिए। और कार्य में भी लगाना चाहिए।

English :
Don’t express your thoughts with speech. A secret must be preserved and put into action.

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3. पुत्राश्च विविधैः शीलैर्नियोज्याः सततं बुधैः।
नीतिज्ञाः शीलसम्पन्ना भवन्ति कुलपूजिताः॥3॥

अन्वयः :
बुधैः पुत्राः विविधैः शीलैः सततं नियोज्याः। (यतो हि) शीलसम्पन्नाः नीतिज्ञाः कुलपूजिताः भवन्ति।

शब्दार्थाः :
बुधैः-विद्वानों के द्वारा-by the learned; शीलैः-सदाचरणों के द्वारा-through good conduct; कुलपूजिताः-कुल में सम्मानित/जनसाह में पूजित-honoured in family and society.

अनुवाद :
विद्वानों के द्वारा पुत्रों को विभिन्न सदाचरणों के द्वारा निरंतर लगाना चाहिए। क्योंकि सदाचार युक्त नीतिशास्त्र के ज्ञाता कुल में पूजे जाते हैं।

English :
Engage sons in noble conduct. A man of good moral conduct earns respect in family.

4. को हि भारः समर्थानां किं दूरं व्यवसायिनाम्।
को विदेशः सविद्यानांकः परः प्रियवादिनाम्।।4॥

अन्वयः :
हि समर्थानां कः भारः? व्यवसायिनां कि दूरम्? सविद्यानां कः विदेशः? प्रियवादिनां कः पारः? (अर्थात् कोऽपि नास्ति ।)

शब्दार्थाः :
समर्थानाम्-सक्षम लोगों के लिए-for the capable; व्यवसायिनाम्-उद्यमशील लोगों के लिए-for the industrious; परः-शत्रु पराया-enemy.

अनुवाद :
सक्षम लोगों के लिए भार क्या है? उद्यमशील (परिश्रमी) लोगों के लिए दूर क्या है? विद्या से युक्त लोगों के लिए विदेश क्या है ? प्रिय बोलने वालों के लिए कौन पराया है? (अर्थात् कोई भी नहीं।)

English :
The capable, industrious, learned and sweet talkers know no burden, distance, foreign country or enemy respectively.

5. दरिद्रता धीरतया विराजते, कुवस्त्रता शुभ्रतया विराजते।
कदन्नता चोष्णतया विराजते, कुरूपता शीलतया विराजते।।5॥

अन्वयः :
दरिद्रता धीरतया विराजते, कुवस्त्रता शुभ्रतया विराजते, कदन्नता उष्णतया विराजते, कुरुपता च शीलतया विराजते।

शब्दार्थाः :
धीरतया-धैर्य धारण करने से-through patience, forbearance; कदन्नता-निम्न कोटी का अन्न-third-rate foodstuff; विराजते-सुशोभित होता होती है-is adorned.

अनुवाद :
दरिद्रता धैर्य धारण करने से सुशोभित होती है, बुरे वस्त्र स्वच्छता से सुशोभित होते हैं, निम्न कोटि का अन्न ताप से सुशोभित होता है और कुरुपता शील स्वभाव से सुशोभित होती है।

English :
Misery, poverty, cheap clothes, third-rate food items and vulgarity are adorned by forbearance, cleanliness, heat (warmth) and noble conduct respectively.

6. धनहीनो न हीनश्च धनिकः सः सुनिश्चयः।
विद्यारत्नेन यो हीनः सः हीनः सर्ववस्तुषु॥6॥

अन्वयः :
यः धनहीनः सः हीनः न, (अपितु) सः सुनिश्चयः धनिकः, विद्यारत्नेन हीनः सः सर्ववस्तुषु हीनः (अस्ति)।

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शब्दार्था: :
धनहीनः-धन से रहित – one who lacks money; सुनिश्चयः-निश्चयपूर्वक-definitely-by all means; सर्ववस्तुषु-सभी वस्तुओं में-in everything.

अनुवाद :
जो धन से रहित है, वह हीन नहीं है, बल्कि वह निश्चयपूर्वक धनी है। विद्या रूपी रत्न से जो हीन है वह सब वस्तुओं से हीन होता है।

English :
One who is without money is not a destitute. He is otherwise wealthy. He alone is a pauper who is deprived of learning.

7. कर्मायत्तं फलं पुंसां बुद्धिः कर्मानुसारिणी।
तथापि सुधियश्चार्याः सुविचार्यैव कुर्वते॥7॥

अन्वयः :
पुंसां कर्मायत्तं फलम्, बुद्धि, कर्मानुसारिणी, तथापि सुधियः आर्याः च सुविचार्य एव कुर्वते।

शब्दार्थाः :
पुंसाम्-मनुष्यों का-of men; कर्मायत्तम्-कर्म के अनुसार-according to action; सुधियः-विद्वान् लोग-learned people; आर्याः-श्रेष्ठ लोग-noble persons; कुर्वते-करते हैं-do.

अनुवाद :
मनुष्यों को कर्म के अनुसार फल मिलता है, बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है। इसीलिए विद्वान और श्रेष्ठ लोग अच्छी प्रकार से विचार करके ही कार्य करते हैं।

English :
Actions are result-oriented-wisdom follows actionwise and noble persons should act thoughtfully.

8. छिन्नोऽपि चन्दनतरुन जहाति गन्धं, वृद्धोऽपि वारणपतिर्न जहाति लीलाम् ।
यन्त्रार्पितो मधुरतां न जहाति चेक्षुः, दीनोऽपि न त्यजति शीलगुणान् कुलीनः॥8॥

अन्वयः :
छिन्नः चन्दनतरुः अपि गन्धं न जहाति, वृद्धः वारणपतिः अपि लीलां न जहाति, यन्त्रार्पितः इक्षुः मधुरतां न जहाति, कुलीनः च दीनः अपि शीलगुणान् न त्यजति।

शब्दार्थाः :
छिन्नः-कटा हुआ-which is cut; जहाति-छोड़ता है-leaves, deserts; यन्त्रार्पितः-यन्त्र (कोल्ह) में डाला गया-put insugar crasher; इक्षुः-गन्ना-sugarcane; शीलगुणान्-सच्चरित्रादि गुणों को-qualities like noble conduct; त्यजति-छोड़ता है-leaves, quits.

अनुवाद :
कटा हुआ चन्दन का वृक्ष भी अपनी सुगन्ध नहीं छोड़ता है। बूढ़ा हाथियों का स्वामी भी खेल नहीं छोड़ता है, यन्त्र (कोल्हू) में डाला गया गन्ना अपनी मधुरता को नहीं छोड़ता। कुलीन और दीन भी अपने सच्चरित्रादि गुणों को नहीं छोड़ता है।

English :
Acut out sandal tree, an old lord of elephants-a sugarcanea noble born and poor fellow do not forsake their fragrance, sportive nature, sweetness and noble qualities respectively.

9. एकेनाऽपि सुपुत्रेण विद्यायुक्तेन साधुना।
आह्लादितं कुलं सर्वं यथा चन्द्रेण शर्वरी॥9॥

अन्वयः :
एकेन सुपुत्रेण विद्यायुक्तेन साधुना अपि सर्वं कुलम् आह्लादितं, यथा चन्द्रेण शर्वरी (आहलाद्यते)।

शब्दार्थाः :
सुपुत्रेण-सद्गुणी पुत्र के द्वारा-by son of noble qualities; आहुलादितम्-प्रसन्न किया गया-delighted; शर्वरी-रात्रि-night.

अनुवाद :
एक सुपुत्र के द्वारा, विद्या से युक्त के द्वारा तथा सज्जन के द्वारा भी पूरा कुल आनन्दिा किया जाता है, जैसे चन्द्रमा के द्वारा रात को।

English :
A worthy, educated and noble son delights the entire family-The moon also does the same by lighting the night.

10. परोपकरणं येषां जागर्ति हृदये सताम्।
नश्यन्ति विपदस्तेषां सम्पदः स्युः पदे पदे।।10॥

अन्वयः :
येषां सतां हृदये परोपकरणं जागर्ति तेषां विपदः नश्यन्ति, पदे पदे सम्पदः स्युः।

शब्दार्थाः :
परोपकरणम्-दूसरों का भला करना-doing good to others; विपदः-विपत्तियाँ-difficulties; पदे-पदे-कदम-कदम पर-at every step; स्युः-हों-be.

अनुवाद :
जिन सज्जनों के हृदय में दूसरों का भला करने की भावना जागृत रहती है, उनकी विपत्तियाँ नष्ट हो जाती हैं और कदम-कदम पर खुशियाँ होती हैं।

English :
The gentlemen who have a feeling of others’ welfare are rid of difficulties and seek pleasure at every step.

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