MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.6

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.6

प्रश्न 1.
ज्ञात कीजिए :
(i) (64)1/2 (2019)
(ii) (32)1/5
(iii) (125)1/3 (2018).
हल:
(i) (64)1/2 = (82)1/2 = 81/2×2 = 8.
(ii) (32)1/5 = (25)1/5 = 25×1/5 = 2.
(ii) (125)1/3 = (53)1/3 = 53×1/3 = 5.

प्रश्न 2.
ज्ञात कीजिए:
(i) 93/2
(ii) 322/5
(iii) 163/4
(iv) 125-1/3.
हल:
(i) 93/2 = (32 )3/2 = 32×3/2 = 33 = 27.
(ii) 322/5 = (25)2/5 = 25×2/5= 22 = 4.
(iii) 163/4 = (24)3/4 = 24×3/4 = 23 = 8.
(iv) 125-1/3 = (53)-1/3 = 53(-1/3) = 5-1 = \(\frac { 1 }{ 5 }\)

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प्रश्न 3.
सरल कीजिए:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.6 1
हल:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.6 1a

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MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

MP Board Class 9th Science Chapter 1 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला – 1 # पृष्ठ संख्या 4

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ हैं ?
कुर्सी, वायु, स्नेह, गंध, घृणा, बादाम, विचार, शीत, नींबू पानी, इत्र की सुगन्ध।
उत्तर:
कुर्सी, वायु, बादाम, नींबू पानी।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रेक्षण के कारण बताएँ
गर्मा-गरम खाने की गंध कई मीटर दूर से ही आपके पास पहुँच जाती है लेकिन ठण्डे खाने की महक लेने के लिए आपको उसके पास जाना पड़ता है।
उत्तर:
पदार्थ के कण निरन्तर गतिशील होते हैं और ताप बढ़ाने पर उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है इसलिए गर्मा-गरम खाने की गंध अधिक गतिज ऊर्जा होने के कारण दूर तक हमारे पास चली आती है और ठण्डे खाने की गंध नगण्य गतिज ऊर्जा होने के कारण दूर तक नहीं जा पाती। अतः उसकी महक लेने के लिए हमको उसके पास जाना पड़ता है।

प्रश्न 3.
स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। इससे पदार्थ का कौन-सा गुण प्रेक्षित होता है ?
उत्तर:
पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं और इस आकर्षण बल का सामर्थ्य प्रत्येक पदार्थ में अलग-अलग होता है। जल के कणों में आकर्षण बल कम होता है। अतः जब गोताखोर जल में अपने हाथ-पैर चलाता है तो जल के कणों में आकर्षण बल टूट जाता है और वह पानी को आसानी से काट पाता है।

प्रश्न 4.
पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएँ होती हैं ?
उत्तर:
पदार्थ के कणों की विशेषताएँ-

  1. इनके बीच रिक्त स्थान होता है।
  2. ये निरन्तर गतिशील होते हैं। इससे इनमें गतिज ऊर्जा होती है।
  3. ये परस्पर आकर्षित करते हैं।

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प्रश्न श्रृंखला – 2 # पृष्ठ संख्या 6

प्रश्न 1.
किसी तत्व के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन को घनत्व कहते हैं।
(घनत्व = द्रव्यमान/आयतन)
बढ़ते हुए घनत्व के क्रम में निम्नलिखित को व्यवस्थित करें
वायु, चिमनी का धुआँ, शहद, जल, चॉक, रुई, लोहा।
उत्तर:
चिमनी का धुआँ, वायु, रुई, जल, चॉक, शहद, लोहा।

प्रश्न 2.
(a) पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में होने वाले अन्तर को सारणीबद्ध कीजिए। (2019)
उत्तर:
पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में अन्तर
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ image 1

प्रश्न 3.
(b) निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए
दृढ़ता, संपीडयता, तरलता, बर्तन में गैस का भरना, आकार, गतिज ऊर्जा एवं घनत्व।
उत्तर:
दृढ़ता – “बाह्य बल लगाने पर पदार्थों का अपना आकार न बदलने की प्रवृत्ति दृढ़ता कहलाती है।” ठोस पदार्थों में अत्यधिक दृढ़ता होती है। बाह्य बल लगाने पर ठोस टूट सकते हैं लेकिन अपना आकार नहीं बदलते।

सम्पीडयता – “बाह्य बल लगाने पर पदार्थों का अपना आयतन बदलने की प्रवृत्ति सम्पीडयता कहलाती है।” गैसीय पदार्थों की सम्पीडयता सर्वाधिक एवं ठोसों की न्यूनतम होती है।

तरलता – “पदार्थों के कणों की परतों के एक-दूसरे पर फिसलने के कारण बहने की प्रवृत्ति तरलता कहलाती है। द्रवों में तरलता का गुण पाया जाता है।

बर्तन में गैस का भरना – गैसों के कण अनियमित रूप से हर दिशा में विचरण करते हैं तथा ज्यादातर ऊपर की ओर। इसलिए किसी बर्तन में गैस भरने के लिए गैस को सम्पीडित किया जाता है।

आकार – “पदार्थ के कणों की क्रमित व्यवस्था उसका आकार कहलाता है।” ठोसों का आकार निश्चित होता है। द्रव एवं गैस का आकार निश्चित नहीं होता। वे उस बर्तन का आकार ग्रहण कर लेते हैं जिसमें उन्हें रखा जाता है।

गतिज ऊर्जा – “किसी पदार्थ के कणों में उनकी गति के कारण जो ऊर्जा होती है वह गतिज ऊर्जा कहलाती है।” ठोस पदार्थों में गतिज ऊर्जा न्यूनतम तथा गैसों में अधिकतम होती है और द्रवों में ठोस एवं गैस के मध्यवर्ती।

घनत्व – “किसी पदार्थ के एकांक आयतन का द्रव्यमान उस पदार्थ का घनत्व कहलाता है।” कुछ अपवादों को छोड़कर प्रायः ठोसों का घनत्व अधिक एवं गैसों का कम होता है और द्रवों का ठोस एवं गैस के मध्यवर्ती।

प्रश्न 4.
(a) कारण बताएँ-गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है जिसमें इसे रखते हैं।
उत्तर:
गैस के कणों की हर सम्भव दिशा में अनियमित तथा तीव्र गति के कारण गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है जिसमें इसे रखते हैं।

(b) कारण बताएँ-गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है।’
उत्तर:
गैस अपने कणों की तीव्र एवं अनियमित गति के कारण बर्तन की दीवारों से टकराती है जिसके फलस्वरूप दीवारों पर प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल के कारण गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है।

(c) कारण बताएँ-लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।
उत्तर:
लकड़ी की मेज का आयतन एवं आकार निश्चित होता है, उसके कणों में तरलता एवं सम्पीड्यता नगण्य होती है। इसलिए लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।

(d) कारण बताएँ-हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं, लेकिन एक ठोस लकड़ी के टुकड़े में हाथ चलाने के लिए हमें कराटे में दक्ष होना पड़ता है।
उत्तर:
हवा (गैस) के कणों के मध्य अत्यधिक रिक्त स्थान एवं न्यूनतम परस्पर आकर्षण बल होता है जिसके कारण हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं जबकि एक ठोस लकड़ी के टुकड़े के कण परस्पर अत्यधिक आकर्षण बल के कारण इनकी व्यवस्था अत्यधिक क्रमित एवं सुदृढ़ होती है इसलिए लकड़ी के टुकड़े में हाथ चलाने के लिए अत्यधिक बल की आवश्यकता के कारण कराटे में दक्ष होना पड़ता है।

प्रश्न 5.
सामान्यतया ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है। लेकिन आपने बर्फ के टुकड़े को जल में तैरते हुए देखा होगा। पता लगाइए ऐसा क्यों होता है ?
उत्तर:
सामान्यतया ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है लेकिन जल जब ठंडा होकर बर्फ बनाता है तो उसके कणों के मध्य रिक्त स्थान में वृद्धि होती है जिसके परिणामस्वरूप उसके आयतन में भी वृद्धि हो जाती है। अतः बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से कम हो जाता है फलस्वरूप बर्फ का टुकड़ा जल पर तैरता है।

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प्रश्न श्रृंखला – 3 # पृष्ठ संख्या 9

प्रश्न 1.
निम्नलिखित तापमान को सेल्सियस में बदलें –
(a) 300 K,
(b) 573 K.
हल:
(a) °C =K- 273
= 300 – 273 = 27°C

(b) °C =K – 273
= 573 – 273 = 300°C

प्रश्न 2.
निम्नलिखित तापमान पर जल की भौतिक अवस्था क्या होगी?
(a) 250°C,
(b) 100°C.
उत्तर:
(a)250°C पर जल की गैसीय अवस्था होगी।
(b) 100°C पर जल की द्रव एवं गैसीय अवस्था होगी।

प्रश्न 3.
किसी भी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान (समय) तापमान स्थिर क्यों रहता है ?
उत्तर:
अवस्था परिवर्तन के समय दी गयी ऊष्मा उस पदार्थ में गुप्त ऊष्मा (प्रसुप्त ऊष्मा या छिपी हुई ऊष्मा) के रूप में पदार्थ में निहित हो जाती है इसलिए पदार्थ का तापमान स्थिर रहता है।

प्रश्न 4.
वायुमण्डलीय गैसों को द्रव में परिवर्तित करने के लिए कोई विधि सुझाइए।
उत्तर:
वायुमण्डलीय गैसों को द्रव में परिवर्तित करने के लिए हम उसका तापमान कम करेंगे तथा उस पर दाब बढ़ाएँगे।

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प्रश्न श्रृंखला – 4 # पृष्ठ संख्या 11

प्रश्न 1.
गर्म शुष्क दिन में कूलर अधिक ठंडा क्यों करता है ? (2019)
उत्तर:
गर्म एवं शुष्क दिन में वायुमण्डल का तापमान अधिक एवं आर्द्रता कम हो जाती है जिसके कारण वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है फलस्वरूप कूलर अधिक ठण्डा करता है।

प्रश्न 2.
गर्मियों में घड़े का जल ठंडा क्यों होता है ?
उत्तर:
घड़े के रन्ध्रों में से होकर जल रिस-रिसकर बाहर आता है जिसका वाष्पीकरण गर्मियों में तापमान अधिक होने के कारण तीव्रता से होता है। वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊष्मा घड़े के जल से ली जाती है फलस्वरूप घड़े का जल ठंडा हो जाता है।

प्रश्न 3.
ऐसीटोन/पेटोल या इन डालने पर हमारी हथेली ठंडी क्यों हो जाती है?
उत्तर:
ऐसीटोन/पेट्रोल या इत्र का क्वथनांक कम होने से इनका वाष्पीकरण जल्दी होता है। वाष्पीकरण के लिए ये हमारी हथेली से ऊष्मा लेते हैं, इस कारण हमारी हथेली ठंडी हो जाती है।

प्रश्न 4.
कप की अपेक्षा प्लेट से हम गर्म दूध या चाय जल्दी क्यों पी लेते हैं ?
उत्तर:
कप की अपेक्षा प्लेट में रखे गर्म दूध या चाय का सतह क्षेत्र अधिक होने के कारण वाष्पीकरण की दर अधिक होती है जिसके फलस्वरूप दूध या चाय जल्दी ठंडी हो जाती है। इसलिए कप की अपेक्षा प्लेट से हम गर्म दूध या चाय जल्दी पी जाते हैं।

प्रश्न 5.
गर्मियों में हमें किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए ?
उत्तर:
सूती कपड़े।

MP Board Class 9th Science Chapter 1 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्नलिखित तापमानों को सेल्सियस इकाई में परिवर्तित करें (a) 300 K, (b) 573 K.
हल:
(a) °C = K – 273
= 300 – 273 = 27°C
(b) °C = K – 273
= 573 – 273 = 300°C

प्रश्न 2.
निम्नलिखित तापमानों को केल्विन इकाई में परिवर्तित करें-
(a) 25°C,
(b)373°C.
हल:
(a) K = °C + 273
=25 + 273 = 298 K
K = °C+ 273
= 373 + 273 = 646 K

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अवलोकन हेतु कारण लिखें –
(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती है।
(b) हमें इत्र की गंध बहुत दूर बैठे हुए भी पहुँच जाती है।
उत्तर:
(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह वायुमण्डल के ताप पर ही ऊर्ध्वपातन की क्रिया द्वारा वाष्प में परिवर्तित होकर वायुमण्डल में पूर्ण रूप से अदृश्य हो जाती है और कुछ भी ठोस पदार्थ शेष नहीं रहता।
(b) इत्र की वाष्प का वायुमण्डल में विसरण बहुत तीव्रता से होता है जिसके फलस्वरूप इत्र की गंध हमारे पास बहुत दूर बैठे हुए भी पहुँच जाती है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पदार्थों को उनके कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण के अनुसार व्यवस्थित करें –
(a) जल,
(b) चीनी,
(c) ऑक्सीजन।
उत्तर:
(c) ऑक्सीजन,
(a) जल,
(b) चीनी।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित तापमानों पर जल की भौतिक अवस्था क्या है-
(a) 25°C,
(b) 0°C,
(c) 100°C.
उत्तर:
(a) द्रव अवस्था।
(b) ठोस एवं द्रव अवस्था।
(c) द्रव एवं गैसीय अवस्था।

प्रश्न 6.
पुष्टि हेतु कारण दें-
(a) जल कमरे के ताप पर द्रव है।
(b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस है।
उत्तर:
(a) कमरे के ताप पर जल का आयतन निश्चित है तथा इसे किसी बर्तन में डालने पर उसका आकार ग्रहण कर लेता है। इसके अतिरिक्त जल में तरलता का गुण भी है इसलिए जल कमरे के ताप पर द्रव है।
(b) कमरे के ताप पर लोहे की अलमारी का आकार एवं आयतन निश्चित है। इसमें तरलता एवं सम्पीड्यता का गुण नहीं पाया जाता तथा यह सुदृढ़ है इसलिए कमरे के ताप पर लोहे की अलमारी ठोस है।

प्रश्न 7.
273 K पर बर्फ को ठंडा करने पर तथा जल को इसी तापमान पर ठंडा करने पर शीतलता का प्रभाव अधिक क्यों होता है ?
उत्तर:
273 K पर जल की अपेक्षा इसी ताप पर बर्फ को गुप्त ऊष्मा के रूप में अतिरिक्त ऊष्मा की आवश्यकता होती है इसलिए शीतलता का प्रभाव अधिक होता है।

प्रश्न 8.
उबलते हुए जल अथवा भाप में से जलने की तीव्रता किसमें अधिक महसूस होती है ?
उत्तर:
भाप में।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित चित्र के लिए A, B, C, D, E तथा F की अवस्था परिवर्तन को नामांकित कीजिए-
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ image 2
उत्तर:
A संगलन; B वाष्पीकरण; C संघनन; D जमना (हिमीकरण); E ऊर्ध्वपातन; F ऊर्ध्वपातन।

MP Board Class 9th Science Chapter 1 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 9th Science Chapter 1 बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित परिघटनाओं का कौन-सा समुच्चय ताप बढ़ाने पर बढ़ेगा ?
(a) विसरण, वाष्पन, गैसों का सम्पीडन
(b) वाष्पन, गैसों का सम्पीडन, विलेयता
(c) वाष्पन, विसरण, गैसों का प्रसार
(d) वाष्पन, विलेयता, विसरण, गैसों का सम्पीडन।
उत्तर:
(c) वाष्पन, विसरण, गैसों का प्रसार

प्रश्न 2.
सीमा ने एक प्राकृतिक गैस संपीडन इकाई का निरीक्षण किया तथा पाया कि ताप एवंदाब की विशिष्ट परिस्थितियों में गैस को द्रवित किया जा सकता है। अपने अनुभव को मित्रों के साथ बाँटते हुए वह भ्रमित हो गयी। द्रवण के लिए परिस्थितियों में सही समुच्चय को पहचानने में उसकी मदद कीजिए-
(a) निम्न ताप, निम्न दाब
(b) उच्च ताप, निम्न दाब
(c) निम्न ताप, उच्च दाब
(d) उच्च ताप, उच्च दाब।
उत्तर:
(c) निम्न ताप, उच्च दाब

प्रश्न 3.
तरल में प्रवाह का अद्वितीय गुण होता है। निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य है ?
(a) केवल गैसें तरल के समान व्यवहार करती हैं
(b) गैस तथा ठोस तरल के समान व्यवहार करते हैं
(c) गैस तथा द्रव तरल के समान व्यवहार करते हैं
(d) केवल द्रव तरल के समान व्यवहार करते हैं।
उत्तर:
(c) गैस तथा द्रव तरल के समान व्यवहार करते हैं

प्रश्न 4.
ग्रीष्मकाल में जल को मिट्टी के बर्तन में रखने पर किस परिघटना के कारण वह ठंडा हो जाता है ?
(a) विसरण
(b) वाष्पोत्सर्जन
(c) परासरण
(d) वाष्पन (वाष्पीकरण)।
उत्तर:
(d) वाष्पन (वाष्पीकरण)

प्रश्न 5.
कुछ पदार्थों को उनके मध्य आकर्षण बलों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही व्यवस्था को निरूपित करता है?
(a) जल, वायु, पवन
(b) वायु, शर्करा, तेल
(c) ऑक्सीजन, जल, शर्करा
(d) नमक, इत्र, वायु।
उत्तर:
(c) ऑक्सीजन, जल, शर्करा

प्रश्न 6.
25°C, 38°C तथा 66°C को केल्विन तापक्रम में परिवर्तित करने पर इन तापमानों का सही अनुक्रम होगा-
(a)298 K, 311 K, 339 K
(b)298 K, 300 K, 338 K
(c) 298 K, 278 K, 543 K
(d) 298 K,310 K, 338 K.
उत्तर:
(a)298 K,311 K,339 K

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से सही कथन का चयन कीजिए
(a) ठोस तथा द्रव अवस्था से गुजरे बिना वाष्प में रूपान्तरण वाष्पन कहलाता है
(b) वाष्प का द्रव अवस्था से गुजरे बिना ठोस में रूपान्तरण ऊर्ध्वपातन कहलाता है
(c) वाष्प का द्रव अवस्था से गुजरे बिना ठोस में रूपान्तरण हिमीकरण कहलाता है
(d) ठोस का द्रव में रूपान्तरण ऊर्ध्वपातन कहलाता है।
उत्तर:
(b) वाष्प का द्रव अवस्था से गुजरे बिना ठोस में रूपान्तरण ऊर्ध्वपातन कहलाता है

प्रश्न 8.
डाइ एथिल ईथर, ऐसीटोन तथा n-ब्यूटिल ऐल्कोहॉल के क्वथनांक क्रमशः 35°C,56°C तथा 118°C हैं। निम्नलिखित में से कौन से क्वथनांकों का केल्विन मापक्रम में सही निरूपण है ? (a) 306 K, 329 K, 391 K
(b) 308 K, 329 K, 392 K
(c) 308 K, 329 K, 391 K
(d) 329 K, 392 K, 308 K
उत्तर:
(c) 308 K, 329 K, 391 K

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति जल के वाष्पन में वृद्धि करेगी?
(a) जल के तापमान में वृद्धि
(b) जल के तापमान में कमी
(c) जल का कम खुला पृष्ठीय क्षेत्रफल
(d) जल में नमक मिलाना।
उत्तर:
(a) जल के तापमान में वृद्धि

प्रश्न 10.
निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में हाइड्रोजन गैस के अणुओं के मध्य दूरी बढ़ेगी?
(i) बन्द पात्र में भरी हाइड्रोजन गैस पर दाब बढ़ाकर
(ii) कुछ हाइड्रोजन गैस का पात्र से रिसाव होने पर
(iii) हाइड्रोजन गैस के पात्र का आयतन बढ़ाकर
(iv) पात्र का आयतन बढ़ाये बिना पात्र में अधिक हाइड्रोजन गैस मिलाने पर।

(a) (i) तथा (iii)
(b) (i) तथा (iv)
(c) (ii) तथा (iii)
(d) (ii) तथा (iv)।
उत्तर:
(c) (ii) तथा (iii)

प्रश्न 11.
निम्न में से कौन-सा ऊर्ध्वपातज पदार्थ नहीं है ? (2019)
(a) आयोडीन
(b) कपूर
(c) अमोनियम क्लोराइड
(d) नमक।
उत्तर:
(d) नमक

प्रश्न 12.
द्रव धातु का नाम है- (2019)
(a) सोडियम
(b) पारा
(c) आयोडीन
(d) चाँदी।
उत्तर:
(b) पारा

प्रश्न 13.
तापमान का मात्रक है (2019)
(a) केल्विन
(b) न्यूटन
(c) पास्कल
(d) जूल।
उत्तर:
(a) केल्विन

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रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. कक्ष ताप पर एक द्रव के वाष्पन से …………… प्रभाव होता है। (2018)
2. कक्ष ताप पर ठोस के कणों के मध्य आकर्षण बल, गैसीय अवस्था में विद्यमान आकर्षण बलों की तुलना में ……………. होते हैं।
3. …………….. अवस्था में कणों का विन्यास क्रम क्रमित होता है। यद्यपि …………….. अवस्था में कोई क्रम नहीं होता।
4. ठोस अवस्था का …………… अवस्था से गुजरे बिना सीधे गैस अवस्था में परिवर्तन होता है।
5. क्वथनांक से कम ताप पर द्रव के वाष्प अवस्था में परिवर्तन की परिघटना …………… कहलाती है।
6. पदार्थ ………….. अवस्थाओं में होता है। (2018)
7. तापमान बढ़ाने पर कणों की गतिज ऊर्जा …………. है। (2018)
8. पदार्थ में सम्पीडयता का गुण ……………. अवस्था में सर्वाधिक होता है। (2019)
उत्तर:

  1. शीतलन,
  2. अधिक,
  3. ठोस, गैस,
  4. द्रव, ऊर्ध्वपातन,
  5. वाष्पीकरण (वाष्पन),
  6. तीन,
  7. बढ़ती,
  8. गैस।

सही जोड़ी बनाना
स्तम्भ ‘A’                                                    स्तम्भ ‘B’
1. ठोस का द्रव में परिवर्तन                      (i) संघननब
2. द्रव का गैस में परिवर्तन                       (ii) जमना (हिमीकरण)
3. ठोस का सीधे गैस में परिवर्तन (2019)   (iii) संगलन
4. गैस का द्रव में परिवर्तन                       (iv) वाष्पीकरण
5. द्रव का ठोस में परिवर्तन                      (v) ऊर्ध्वपातन
उत्तर:

  1. → (iii)
  2. → (iv)
  3. → (v)
  4. → (i)
  5. → (ii)

सत्य/असत्य कथन

1. अशुद्ध जल 100°C (373 K) तापमान पर उबलता है।
2. अवस्था परिवर्तन के समय स्थिर तापमान पर पदार्थ को दी गई ऊष्मा गुप्त ऊष्मा कहलाती है।
3. पदार्थ के कणों के मध्य कोई भी रिक्त स्थान नहीं होता है।
4. ठोसों की सम्पीडयता नगण्य होती है।
5. द्रव के तापमान का वाष्पीकरण की दर पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता है।
उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. असत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वतः मिलना क्या कहलाता है?
विसरण।

प्रश्न 2.
द्रव्य (पदार्थ) की वह अवस्था जिसमें आकार एवं आयतन दोनों निश्चित होते हैं, क्या कहलाती है?
ठोस।

प्रश्न 3.
शुद्ध जल का क्वथनांक क्या होता है?
100°C या 373 K.

प्रश्न 4.
शुद्ध बर्फ का गलनांक क्या होता है?
0°C या 273 K.

प्रश्न 5.
अत्यधिक सम्पीडयता वाली द्रव्य की अवस्था कौन-सी है?
उत्तर:
गैसीय अवस्था।

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MP Board Class 9th Science Chapter 1 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पदार्थ से क्या समझते हो ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
पदार्थ-“विश्व में प्रत्येक वस्तु जिस सामग्री से बनी होती है तथा जिसमें द्रव्यमान एवं आयतन होता है, वह पदार्थ कहलाती है।”
उदाहरण: कार्बन, पारा, ऑक्सीजन, नमक आदि।

प्रश्न 2.
पदार्थ की कितनी अवस्थाएँ होती हैं ? उनके नाम एवं प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
पदार्थ की तीन अवस्थाएँ ठोस, द्रव एवं गैस होती हैं।

  • ठोस का उदाहरण – लकड़ी, लोहा आदि।
  • द्रव का उदाहरण – जल, दूध आदि।
  • गैस का उदाहरण – हवा, ऑक्सीजन आदि।

प्रश्न 3.
विसरण से क्या समझते हो ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
विसरण – “दो पदार्थों के कणों का स्वतः मिलना विसरण कहलाता है।”
उदाहरण: पानी भरे बीकर में स्याही की एक बूंद डालने पर वह सम्पूर्ण जल में फैल जाती है।

प्रश्न 4.
गलनांक से क्या समझते हो ? (2019) शुद्ध बर्फ का गलनांक कितना होता है ?
उत्तर:
गलनांक – “वह स्थिर ताप जिस पर कोई ठोस द्रव अवस्था में परिवर्तित होता है, गलनांक कहलाता है।” शुद्ध बर्फ का गलनांक-0°C अथवा 273 K.

प्रश्न 5.
क्वथनांक से क्या समझते हो ? शुद्ध जल का क्वथनांक कितना होता है ?
उत्तर:
क्वथनांक-“वह स्थिर ताप जिस पर कोई द्रव वाष्प में बदलता है, क्वथनांक कहलाता है।” शुद्ध जल का क्वथनांक-100°C या 373 K.

प्रश्न 6.
गलन (संगलन) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
गलन (संगलन) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा-“वायुमण्डलीय दाब पर 1 kg शुद्ध ठोस को उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा उस ठोस की गलन (संगलन) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा कहलाती है।”

प्रश्न 7.
वाष्पन (वाष्पीकरण) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
वाष्पन (वाष्पीकरण) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा-“वायुमण्डलीय दाब पर 1 kg शुद्ध द्रव को उसके क्वथनांक पर वाष्प में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक ऊष्मा उस द्रव की वाष्यन (वाष्पीकरण) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा कहलाती है।”

प्रश्न 8.
वाष्पन (वाष्पीकरण) से क्या समझते हो ? (2019)
उत्तर:
वाष्पन (वाष्पीकरण)-“किसी द्रव का उसके क्वथनांक से नीचे तापमान पर स्वतः ही वाष्प में बदलने की घटना वाष्पन (वाष्पीकरण) कहलाती है।”

प्रश्न 9.
संघनन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
संघनन – “किसी गैस के द्रव अवस्था में बदलने की घटना संघनन कहलाती है।”

प्रश्न 10.
क्वथन से क्या समझते हो ?
उत्तर:
क्वथन – “किसी द्रव को गर्म करने पर उसके क्वथनांक पर उसके वाष्प में बदलने की घटना क्वथन कहलाती है।”

प्रश्न 11.
ऊर्ध्वपातन को परिभाषित कीजिए। (2019)
उत्तर:
ऊर्ध्वपातन – “किसी ठोस पदार्थ को गर्म करने पर उसके बिना द्रव अवस्था में बदले सीधे गैस अवस्था में बदलने की घटना अथवा किसी गैस पदार्थ को ठंडा करने पर बिना द्रव में बदले सीधे ठोस अवस्था में बदलने की घटना ऊर्ध्वपातन कहलाती है।”

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MP Board Class 9th Science Chapter 1 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ठोस के सामान्य गुण लिखिए। (2019)
उत्तर:
ठोस के सामान्य गुण-

  1. इसके कणों के मध्य रिक्त स्थान न्यूनतम होता है।
  2. इसके कणों की गति तथा गतिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
  3. इसके कणों के मध्य आकर्षण बल अधिकतम होता है।
  4. इसका आयतन एवं आकार स्थिर रहता है अर्थात् नगण्य सम्पीडयता होती है। अत: ये दृढ़ होते हैं।

प्रश्न 2.
द्रवों के सामान्य गुण लिखिए।
उत्तर:
द्रवों के सामान्य गुण-

  1. इनका आयतन तो स्थिर रहता है लेकिन आकार स्थिर नहीं रहता।
  2. इनमें बहाव होता है इसलिए तरलता का गुण होता है।
  3. इनमें ठोस, द्रव एवं गैसों का विसरण सम्भव होता है।
  4. ये ठोसों की अपेक्षा अधिक संपीडय होते हैं।

प्रश्न 3.
गैसों के सामान्य गुण लिखिए।
उत्तर:
गैसों के सामान्य लक्षण-

  1. इनका न तो आकार स्थिर होता है और न आयतन। ये जिस पात्र में रखी जाती हैं उसी का आकार एवं आयतन ग्रहण कर लेती हैं।
  2. ये अत्यधिक तरल होती हैं।
  3. इनमें अत्यधिक संपीड्यता का गुण पाया जाता है।
  4. इनमें अत्यधिक विसरण का गुण पाया जाता है।

प्रश्न 4.
वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारकों को समझाइए।
उत्तर:
वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारक-

  1. द्रव का सतही क्षेत्रफल जितना अधिक होगा वाष्पन की दर भी उतनी ही अधिक होगी।
  2. तापमान में वृद्धि से अधिक ऊर्जा मिलने के कारण अधिक वाष्पीकरण होता है।
  3. वायुमण्डल की आर्द्रता वाष्पन की दर को कम कर देती है।
  4. वायु की गति वाष्पन की दर को बढ़ा देती है।

प्रश्न 5.
किसी विचाराधीन जल के नमूने का क्वथन सामान्य ताप एवं दाब पर 102°C पर हुआ। क्या जल शुद्ध है ? क्या यह जल 0°C पर जमेगा ? टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
चूँकि शुद्ध जल का क्वथनांक 100°C होता है और दिये हुए जल का क्वथन 102°C पर होता है अतः दिया गया जल अशुद्ध जल है।
चूँकि नमूने का जल अशुद्ध है अत: वह 0°C पर नहीं जमेगा।

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प्रश्न 6.
कोई विद्यार्थी बर्फतथा जल से भरे एक बीकर को गर्म करता है। वह बीकर की सामग्री के तापमान को समय के फलन के रूप में मापता है। निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ परिणाम को सही रूप में दर्शाएगा ? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ image 3
उत्तर:
ग्राफ (d) सही रूप दर्शाएगा क्योंकि बर्फ युक्त जल का प्रारम्भिक तापमान 0°C होगा तथा गर्म करने पर यह तब तक 0°C पर स्थिर रहेगा जब तक कि सम्पूर्ण बर्फ संगलित नहीं हो जाती। इसके बाद जल का तापमान बढ़ना प्रारम्भ करेगा और अन्ततः यह तापमान 100°C हो जायेगा।

प्रश्न 7.
निम्न चित्र को देखिए तथा सुझाव दीजिए कि किस पात्र (a, b, c तथा d) में वाष्पन की दर सर्वाधिक होगी? समझाइए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ image 4
उत्तर:
पात्र (c में वाष्पन की दर सर्वाधिक होगी क्योंकि इस पात्र में द्रव का सतह क्षेत्रफल अधिक है तथा घूमते हुए पंखे के कारण वायु के प्रवाह का वेग अधिक है जो वाष्पन की दर को बढ़ाने का कारक है।

प्रश्न 8.
गरम जल युक्त एक पात्र को रेफ्रीजरेटर के फ्रीजर प्रभाग में (ताप < 0°C) में रखा। यदि आप पात्र की अंतर्वस्त के ताप का मापन कर सकें तो निम्नलिखित ग्राफ में से कौन-सा समय के फलन के साथ ताप में परिवर्तन को सही निरूपित करता है ? समझाइए।
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ image 5
उत्तर:
ग्राफ (a) ताप में परिवर्तन का संही निरूपण करता है क्योंकि गर्म जल का प्रारम्भिक ताप 0°C से अधिक है। ठंडा होने पर तापमान गिरता जाता है तथा 0°C पर पहुँच जाता है। इसके बाद जल का हिमीकरण प्रारम्भ हो जाता है और जब तक सम्पूर्ण जल बर्फ में परिवर्तित नहीं हो जाता, जल का तापमान 0°C पर स्थिर रहता है। जब सम्पूर्ण जल बर्फ में परिवर्तित हो जाता है तो पुनः जल (बर्फ) का तापमान गिरना प्रारम्भ कर देता है।

प्रश्न 9.
(a) ठोस का वाष्प में रूपान्तरण ऊर्ध्वपातन कहलाता है। वाष्प के ठोस में व्यक्त करने वाले पद का नाम दीजिए।
(b) ठोस अवस्था का द्रव अवस्था में रूपान्तरण गलन कहलाता है। गलन की गुप्त ऊष्मा से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
(a) ऊर्ध्वपातन।
(b) गलन (संगलन) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा – “वायुमण्डलीय दाब पर 1 kg शुद्ध ठोस को उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा उस ठोस की गलन (संगलन) की प्रसुप्त (गुप्त) ऊष्मा कहलाती है।”

प्रश्न 10.
“परासरण एक विशिष्ट प्रकार का विसरण है।” टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
विसरण में एक पदार्थ के कण दूसरे पदार्थ के कणों में स्वतः ही मिल जाते हैं। परासरण में भी एक पदार्थ के कण दूसरे पदार्थ के कणों में स्वतः ही मिलते हैं। लेकिन यह प्रक्रिया दो द्रवों के बीच होती है तथा उनकी सान्द्रता की भिन्नता पर निर्भर करती है एवं एक झिल्ली द्वारा होती है। अतः परासरण एक विशिष्ट प्रकार का विसरण है।

प्रश्न 11.
बर्फ के रूप में जल शीतलन प्रभाव रखता है जबकि भाप के रूप में जल गम्भीर जलन कर सकता है। इन प्रेक्षणों को समझाइए।
उत्तर:
बर्फ पिघलने के लिए गुप्त ऊष्मा के रूप में हमारे शरीर से ऊष्मा ग्रहण करती है तथा उसका ताप भी 0°C होता है जिससे शीतलन का अनुभव होता है जबकि वाष्प (भाप) संघनित होने के लिए गुप्त ऊष्मा के रूप में पर्याप्त मात्रा में ऊष्मा बाहर निकालती है जिसको हमारा शरीर ग्रहण करता है। इसके अतिरिक्त भाप का तापमान भी 100°C होता है इसलिए भाप के रूप में जल गम्भीर जलन करता है।

प्रश्न 12.
अलका एक केतली में चाय बना रही थी। उसने केतली की टोंटी से निकलती हुई भाप के झोंके से अचानक अत्यधिक ऊष्मा महसूस की। उसे आश्चर्य हुआ कि केतली में उबलते हुए जल की तुलना में भाप का तापमान अधिक था। टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
केतली में उबलते जल का तापमान 100°C होता है तथा भाप भी इसी ताप पर बनती है लेकिन खौलते जल की अपेक्षा उसमें अत्यधिक मात्रा में गुप्त ऊष्मा के रूप में ऊष्मा की अतिरिक्त मात्रा होती है जो वह वाष्प बनने में ग्रहण करती है। इसलिए केतली के खौलते जल की अपेक्षा केतली से निकलने वाली भाप अधिक जलन पैदा करती है इसलिए अलका को खौलते जल की अपेक्षा केतली से निकलने वाली भाप का . तापमान अधिक महसूस हुआ।

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प्रश्न 13.
ग्रीष्मकाल में प्रियांशी तथा अली ने क्रमशः सूती तथा नाइलोन के वस्त्र पहन रखे हैं। आपकी समझ में कौन अधिक आरामदायक होगा और क्यों ?
उत्तर:
प्रियांशी ने सूती कपड़े पहन रखे हैं इसलिए वह अधिक आरामदायक रहेगी क्योंकि ग्रीष्मकाल में हमको अधिक पसीना आता है और सूती कपड़े अधिक पसीने को सोखते हैं तथा नाइलोन के कपड़े पसीने को कम सोख पाते हैं। कपड़ों के द्वारा अवशोषित पसीने का वाष्पन होता है तथा पसीना वाष्पन के लिए वाष्पन की गुप्त ऊष्मा के रूप में हमारे शरीर से ऊष्मा ग्रहण करता है और हमको शीतलता का अनुभव होता है।

प्रश्न 14.
एक पार्टी में आप अपनी प्रिय शर्ट पहनना चाहते हो। समस्या है कि वह धोने के पश्चात् अभी भी गीली है। इसको शीघ्रता से सुखाने के लिए आप क्या कदम उठाएँगे?
उत्तर:
हम गीली शर्ट को फैलाकर खुले में जहाँ धूप हो तथा तेजी से हवा भी चल रही हो, डाल देते हैं। अधिक सतही क्षेत्रफल, अधिक ताप एवं अधिक वायु का वेग शर्ट में उपस्थित जल के वाष्पन की दर को बढ़ा देंगे। इससे उपस्थित जल अधिक से अधिक मात्रा में शीघ्र वाष्पीकृत हो जायेगा और शर्ट शीघ्र ही सूख जायेगी।

प्रश्न 15.
गलनांक तथा क्वथनांक पर किसी पदार्थ का ताप स्थिर क्यों रहता है ?
उत्तर:
गलनांक पर पदार्थ को जो ऊष्मा दी जाती है वह उस ठोस पदार्थ से अवशोषित कर ली जाती है तथा वह उसके कणों के मध्य लगने वाले पारस्परिक आकर्षण बल को वशीभूत करके पदार्थ की अवस्था को बदलने में इसको व्यय कर देता है। इसलिए उस पदार्थ का तापमान स्थिर रहता है। इसी प्रकार क्वथनांक पर द्रवों के कणों में इतनी ऊर्जा आ जाती है कि वे परस्पर आकर्षण बल को तोड़कर स्वतन्त्र हो जाते हैं तथा द्रव ऊष्मा गुप्त ऊष्मा के रूप में अवस्था परिवर्तन के लिए प्रयुक्त हो जाती है इसलिए तापमान स्थिर रहता है।

MP Board Class 9th Science Chapter 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित को परासरण/विसरण में वर्गीकृत कीजिए-
(a) जल में रखने पर किशमिश का फूलना।
(b) छींकने पर वायरस का फैलना।
(c) नमक के सम्पर्क में आने पर केंचुए का मरना।
(d) शक्कर की गाढ़ी चासनी में रखने पर अंगूर का सिकुड़ना।
(e) लवण में अचार का परिरक्षण।
(f) केक को सेंकने पर उसकी गन्ध का पूरे घर में फैलना।
(g) श्वसन के दौरान जल में घुलित ऑक्सीजन का जलीय प्राणियों द्वारा उपयोग।
उत्तर:
परासरण
(a) जल में रखने पर किशमिश का फूलना।
(c) नमक के सम्पर्क में आने पर केंचुए का मरना।
(d) शक्कर की गाढ़ी चासनी में रखने पर अंगूर का सिकुड़ना।
(g) श्वसन के दौरान जल में घुलित ऑक्सीजन का जलीय प्राणियों द्वारा उपयोग।

विसरण
(b) छींकने पर वायरस का फैलना।
(e) लवण में अचार का परिरक्षण।
(f) केक को सेंकने पर उसकी गंध का पूरे घर में फैलना।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथनों पर टिप्पणी कीजिए
(a) वाष्पन, शीतलन उत्पन्न करता है।
(b) आर्द्रता बढ़ने पर एक जलीय विलयन के वाष्पन की दर घटती है।
(c) स्पंज यद्यपि संपीडय है, फिर भी एक ठोस है।
उत्तर:
(a) वाष्पन के दौरान गुप्त ऊष्मा के रूप में कम हुई ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिए द्रव के कण आस-पास से ऊष्मा का अवशोषण करते हैं। इस कारण आस-पास का तापमान कम हो जाता है इसलिए वाष्पन, शीतलन उत्पन्न करता है।
(b) जब वायुमण्डल में आर्द्रता बढ़ती है तो उसमें जलवाष्प की मात्रा बढ़ जाती है और वायु में जलवाष्प की और अधिक अवशोषण की क्षमता कम हो जाती है, फलस्वरूप विलयन के वाष्पन की दर घटती है।
(c) स्पंज में बहुत सारे छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जिनमें वायु का समावेश होता है। जब हम इसे दबाते हैं तो वे वायु बाहर निकाल देते हैं जिससे इसका संपीडन होता है लेकिन इनमें तरलता का गुण नगण्य होता है अर्थात् ये बहते नहीं चाहे इन्हें कहीं भी रखा जाय लेकिन इनका आयतन एवं आकार स्थिर रहता है। इसलिए स्पंज ठोस होता है।

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.5

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.5

प्रश्न 1.
बताइए नीचे दी गई संख्याओं में कौन-कौन परिमेय हैं और कौन-कौन अपरिमेय हैं:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.5 1
उत्तर:
परिमेय संख्याएँ : (ii) और (iii)
अपरिमेय संख्याएँ : (i), (iv) और (v).

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित व्यंजकों में से प्रत्येक व्यंजक को सरल कीजिए:
(i) (3 + √3) (2 + √2) (2019)
(ii) (3 + √3) (3 – √3)
(iii) (√5 + √2)2
(iv) (√5 – √2)(√5 + √2)
हल:
(i) (3+ √3) (2 + √2) = 3 x 2 + 3√2 + 2√3 + √3 x √2
= 6 + 3√2 + 2√3 + √6.

(ii) (3 + √3) (3 – √3) = (√3)2 – (√3)2
= 9 – 3 = 6.

(iii) (5 + √2) = (√5)2 + 2(√5) (√2) + (√2)2
= 5+ 2√10 + 2 = 7 + 2√10.

(iv) (√5 – √2) (√5 + √2) = (√5)2 – (√2)2 = 5 – 2 = 3.

प्रश्न 3.
अपको याद होगा कि π को एक वृत्त की परिधि (मान लीजिए c) और उसके व्यास (मान लीजिए d) के अनुपात से परिभाषित किया जाता है, अर्थात् π = \(\frac { c }{ d }\) है। यह इस तथ्य का अन्तर्विरोध करता हुआ प्रतीत होता है कि अपरिमेय है। इस अन्तर्विरोध का निराकरण आप किस प्रकार करेंगे?
उत्तर:
जब हम किसी भी युक्ति द्वारा किसी लम्बाई का मापन करते हैं तब हमको केवल सन्निकट परिमेय मान प्राप्त होता है। अत: हम यह अनुभव नहीं कर पाते हैं कि c या d परिमेय है या अपरिमेय इसलिए कोई अन्तर्विरोध नहीं है।

प्रश्न 4.
संख्या रेखा \(\sqrt { 9.3 }\) को निरूपित कीजिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.5 2
अतः बिन्दु E संख्या रेखा पर अभीष्ट \(\sqrt { 9.3 }\) बिन्दु है। यहाँ AB संख्या रेखा है तथा B शून्य बिन्दु है।
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प्रश्न 5.
निम्नलिखित के हरों का परिमेयीकरण कीजिए :
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.5 3
हल:
https://mpboardguru.com/mp-board-class-9th-maths-solutions-chapter-1-ex-1-4/

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4

प्रश्न 1.
उत्तरोत्तर आवर्धन करके संख्या रेखा पर 3.765 को देखिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4 1
अत: अभीष्ट संख्या 3.765 संख्या रेखा पर चित्र 1.2 (c) में बिन्दु ‘x’ द्वारा प्रदर्शित है।
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प्रश्न 2.
4 दशमलव स्थानों तक संख्या रेखा पर \(4.\overline { 26 }\) को देखिए।
हल:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.4 2
अतः अभीष्ट संख्या \(4.\overline { 26 }\)…. दशमलव के चार अंकों तक संख्या रेखा चित्र 1.3 (d) में बिन्दु x द्वारा प्रदर्शित है।

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3

प्रश्न 1.
निम्नलिखित भिन्नों को दशमलव रूप में लिखिए और बताइए कि प्रत्येक का दशमलव प्रसार किस प्रकार का है:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3 2
उत्तर:
(i) 0.36 – सांत
(ii) 0.090909 …… = \(0.\overline { 09 }\) – अनवसानी पुनरावर्ती
(iii) 4.125 – सांत
(iv) 0.230769230769…. = \(0.\overline { 230769 }\) – अनवसानी पुनरावर्ती
(v) 0.181818 ….. = \(0.\overline { 18 }\) – अनवसानी पुनरावर्ती
(vi) 0.8225 – सांत
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प्रश्न 2.
आप जानते हैं कि \(\frac { 1 }{ 7 }\) = \(0.\overline { 142857 }\) है। वास्तव में, लम्बा भाग दिए बिना क्या आप यह बता
सकते हैं कि के \(\frac{2}{7}, \frac{3}{7}, \frac{4}{7}, \frac{5}{7}, \frac{6}{7}\) दशमलव प्रसार क्या हैं ? यदि हाँ तो कैसे ?
हल:
हाँ, हम बता सकते हैं
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.3 1

प्रश्न 3.
निम्नलिखित को p/q के रूप में व्यक्त कीजिए, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा q ≠ 0 है:
(i) \(0.\overline { 6 }\)
(ii) \(0.4\overline { 7 }\)
(ii) \(0.\overline { 001 }\).
हल:
(i) \(0.\overline { 6 }\) = 0.6666….. = x (मान लीजिए)
⇒ 10x = 6.6666…. . = 6 + 0.6666 ….. = 6 + x
⇒ 10x – x = 6 ⇒ 9x = 6 = x = \(\frac { 6 }{ 9 }\) = \(\frac { 2 }{ 3 }\)
अतः \(0.\overline { 6 }\) का अभीष्ट \(\frac { p }{ q }\) रूप = \(\frac { 2 }{ 3 }\).

(ii) \(0.4\overline { 7 }\) = 0.4777….. = x (मान लीजिए)
⇒ 10x = 4.7777….. = 4.3 + 0.4777 = 4.3 +x
⇒ \(10 x-x=4 \cdot 3 \Rightarrow 9 x=4 \cdot 3 \Rightarrow x=\frac{4 \cdot 3}{9}=\frac{43}{90}\)
अतः \(0.4\overline { 7 }\) का अभीष्ट p/q रूप = \(\frac { 43 }{ 90 }\).

(iii) \(0.\overline { 001 }\) = 0.001 001 001 ….. = x (मान लीजिए)
⇒ 1000x = 1.001 001 001 …. = 1 + 0.001001001 …. = 1 + x
⇒ 1000x – x = 1 ⇒ 999x = 1 ⇒ x = \(\frac { 1 }{ 999 }\)
अतः \(0.\overline { 001 }\) का अभीष्ट p/q रूप= \(\frac { 1 }{ 999 }\).

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प्रश्न 4.
0.99999 ….. को plq के रूप में व्यक्त कीजिए। क्या आप अपने उत्तर से चकित हैं ? अपने अध्यापक और कक्षा के सहयोगियों के साथ उत्तर की सार्थकता पर चर्चा कीजिए।
हल:
0.99999 …… = x (मान लीजिए)
⇒ 10x = 9.99999….. = 9 + 0.99999….. = 9 + x
⇒ 10x – x = 9 ⇒ 9x = 9 ⇒ x = 1
अतः 0.99999….. का अभीष्ट p/q रूप = 1.

प्रश्न 5.
\(\frac { 1 }{ 17 }\) के दशमलव प्रसार में अंकों के पुनरावर्ती खण्ड में अंकों की अधिकतम संख्या क्या हो सकती है ? अपने उत्तर की जाँच के लिए विभाजन क्रिया कीजिए।
उत्तर:
सोलह (16) अर्थात् \(0.\overline { 0588235294117647 }\)
[निर्देश: विभाजन क्रिया छात्र स्वयं करें।]

प्रश्न 6.
p/q(q ≠ 0) के रूप की परिमेय संख्याओं के अनेक उदाहरण लीजिए; जहाँ p और q पूर्णांक हैं जिनका 1 के अतिरिक्त अन्य कोई उभयनिष्ठ गुणनखण्ड नहीं हैं और जिसका सात दशमलव निरूपण (प्रसार) है। क्या आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि q को कौन-सा गुण अवश्य सन्तुष्ट करना चाहिए ?
उत्तर:
अभीष्ट उदाहरण है:
\(\frac { 3 }{ 5 }\) = 1.5, \(\frac { 5 }{ 4 }\) = 1.25, \(\frac { 4 }{ 5 }\) = 0.8, \(\frac { 3 }{ 25 }\) = 0.12, \(\frac { 7 }{ 10 }\) = 0.7, \(\frac { 11 }{ 110 }\) = 0.11 …..
हाँ, q के अभाज्य गुणनखण्डों में 2 की घात या 5 की घात अथवा दोनों की धातें होती हैं।

प्रश्न 7.
ऐसी तीन संख्याएँ लिखिए जिनके दशमलव प्रकार अनवसानी अनावर्ती हों।
उत्तर:
0.01001000100001….., 0.202002000200002….., 0.003000300003….

प्रश्न 8.
परिमेय संख्याओं \(\frac { 5 }{ 9 }\) और \(\frac { 9 }{ 11 }\) के बीच तीन अलग-अलग अपरिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
हम जानते हैं कि \(\frac { 5 }{ 9 }\) = \(0.\overline { 714285 }\) एवं \(\frac { 9 }{ 11 }\) = \(0.\overline { 81 }\)
इनके मध्य अपरिमेय संख्याएँ ज्ञात करने के लिए अनवसानी अनावर्ती संख्याओं में से कोई तीन संख्याओं का चयन करना है।
अतः अभीष्ट संख्याएँ हैं
0.75075007500075….; 0.767076700767000767…. एवं 0.8080080008….

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प्रश्न 9.
बताइए कि निम्नलिखित संख्याओं में से कौन-कौन सी संख्याएँ परिमेय और कौन-कौन सी संख्याएँ अपरिमेय हैं :
(i) \(\sqrt { 23 }\)
(ii) \(\sqrt { 225 }\)
(iii) 0.3796
(iv) 7.478478….
(v) 1.101001000100001….
उत्तर:
(i), (iv) एवं (v) अपरिमेय संख्याएँ हैं तथा (ii) एवं (iii) परिमेय संख्याएँ हैं।

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.2

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.2

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए कथन सत्य हैं या असत्य। कारण के साथ अपने उत्तर दीजिए :
(i) प्रत्येक अपरिमेय संख्या एक वास्तविक संख्या होती है।
(ii) संख्या रेखा का प्रत्येक बिन्दु √m के रूप का होता है, जहाँ m एक प्राकृत संख्या है।
(iii) प्रत्येक वास्तविक संख्या एक अपरिमेय संख्या होती है।
उत्तर:
(i) सत्य है, क्योंकि वास्तविक संख्या के संग्रह में सभी अपरिमेय संख्याएँ होती हैं।
(ii) असत्य है, क्योंकि ऋणात्मक संख्याएँ किसी वास्तविक संख्या का वर्गमूल नहीं होती।
(iii) असत्य है, क्योंकि परिमेय संख्याएँ भी तो वास्तविक संख्याएँ होती हैं।
उदाहरणार्थ – 2, 3 ….. आदि वास्तविक संख्याएँ हैं लेकिन अपरिमेय नहीं हैं।

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प्रश्न 2.
क्या सभी धनात्मक पूर्णांकों के वर्गमूल अपरिमेय होते हैं ? यदि महीं, तो एक ऐसी संख्या के वर्गमूल का उदाहरण दीजिए जो एक परिमेय संख्या है।
उत्तर:
नहीं, उदाहरण: √4 = 2 एक परिमेय संख्या है।

प्रश्न 3.
दिखाइए संख्या रेखा पर √5 को किस प्रकार निरूपित किया जा सकता है ?
हल:
संख्या रेखा पर √5 का निरूपण:
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.2 1
अत: OB = √5, संख्या रेखा पर √5 का अभीष्ट निरूपण है।
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प्रश्न 4.
कक्षा के लिए क्रियाकलाप (वर्गमूल सर्पिल की रचना करना)।
उत्तर:
[निर्देश : छात्रों को स्वयं करना है।]

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MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.1

MP Board Class 9th Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.1

प्रश्न 1.
क्या शून्य एक परिमेय संख्या है? क्या इसे आप \(\frac { p }{ q }\) के रूप में लिख सकते हैं, जहाँ p और q पूर्णांक हैं और q ≠ 0. (2018)
उत्तर:
हाँ, 0 = \(\frac { p }{ q }\); जहाँ p एवं q पूर्णांक हैं तथा p = 0 एवं q ≠ 0.

प्रश्न 2.
3 और 4 के बीच छः परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए। (2019)
हल:
3 और 4 को हर (6 + 1) अर्थात् 7 लेकर परिमेय संख्या के रूप में लिखने पर,
MP Board Class 9th Maths Guide Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.1 1
अतः अभीष्ट छः परिमेय संख्याएँ होंगी: \(\frac { 22 }{ 7 }\), \(\frac { 23 }{ 7 }\), \(\frac { 24 }{ 7 }\), \(\frac { 25 }{ 7 }\), \(\frac { 26 }{ 7 }\) एवं \(\frac { 27 }{ 7 }\).

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प्रश्न 3.
\(\frac { 3 }{ 5 }\) एवं \(\frac { 4 }{ 5 }\) के बीच पाँच परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए। (2018)
हल:
\(\frac { 3 }{ 5 }\) एवं \(\frac { 4 }{ 5 }\) को उनके हर एवं अंश को (5 + 1) अर्थात् 6 से गुणा करके लिखने पर:
\(\frac { 3 }{ 5 }\) = \(\frac { 18 }{ 30 }\) एवं \(\frac { 4 }{ 5 }\) = \(\frac { 24 }{ 30 }\)
अतः अभीष्ट पाँच परिमेय संख्याएँ होंगी : \(\frac { 19 }{ 30 }\), \(\frac { 20 }{ 30 }\), \(\frac { 21 }{ 30 }\), \(\frac { 22 }{ 30 }\) एवं \(\frac { 23 }{ 30 }\).

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प्रश्न 4.
नीचे दिए गए कथन सत्य हैं या असत्य ? कारण के साथ अपने उत्तर लिखिए :
(i) प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्ण संख्या होती है। (2018)
(ii) प्रत्येक पूर्णांक एक पूर्ण संख्या होती है।
(iii) प्रत्येक परिमेय संख्या एक पूर्ण संख्या होती है।
उत्तर:
(i) सत्य है, क्योंकि पूर्ण संख्या के संग्रह में सभी प्राकृत संख्याएँ समाहित हैं।
(ii) असत्य है, क्योंकि – 2 एक पूर्णांक है लेकिन पूर्ण संख्या नहीं।
(iii) असत्य है, क्योंकि \(\frac { 1 }{ 2 }\) एक परिमेय संख्या है लेकिन पूर्ण संख्या नहीं।

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MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 2 अलसस्य स्वप्नः

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 2 अलसस्य स्वप्नः (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 2 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 प्रश्न उत्तर MP Board प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)।
(क) विप्रपुत्रस्य नाम किम् आसीत्? (विप्र पुत्र का नाम क्या था?)
उत्तर:
विप्रपुत्रस्य नाम सोम शर्मा आसीत्। (विप्र पुत्र का नाम सोम शर्मा था।)

(ख) सक्तुभिः कति रुप्यकाणि उत्पत्स्यन्ते? (सत्तू से कितने रुपये हुये?)
उत्तर:
सक्तुभिः शतम् रुप्यकाणि उत्पस्यन्ते (सत्तू से सौ रुपये हुए।)

(ग) विप्रः कं सततम् अवलोकयति? (विप्र किसे एकटक देख रहा था?)
उत्तर:
विप्रः सक्तुम सततम् अवलोकयति। (विप्र सत्तू को एकटक देख रहा था।)

(घ) अश्वानां विक्रयात् किं भविष्यति? (घोड़ों को बेचने से क्या होगा?)
उत्तर:
अश्वानां विक्रयात् सुवर्णम् भविष्यति। (घोड़ों को बेचने से स्वर्ण मुद्रा आयेगी।)

(ङ) विप्रस्य प्रहारेण कः भग्नः? (विप्र के प्रहार से क्या टूट गया?)
उत्तर:
विप्रस्य प्रहारेण घटः भग्नः। (विप्र के प्रहार से घड़ा टूट गया।)

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 Question Answer MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्येन उत्तर लिखत् (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) विप्रः स्वपत्नी किम् अभिधारयति? (ब्राह्मण अपनी पत्नी से क्या बोलेगा?)
उत्तर:
गृहाण तावद् बालकम्। (अपने बच्चे को पकड़ो।)

(ख) घट कैः सम्पूरितः? (घड़े में क्या भरा था?)
उत्तर:
सक्तुभिः। (सत्तू)।

(ग) सुवर्णेन किं सम्मत्स्यत्? (स्वर्ण मुद्रा से क्या बनेगा?)
उत्तर:
चतुः शालम् गृहम्। (चौकोर घर)।

(घ) सोम शर्मा कुतः विप्रसमीपम् आगच्छति? (सोम शर्मा ब्राह्मण के पास कहां आयेगा?)
उत्तर:
अश्वखुरासन्नवर्ती। (घुड़साल में मेरे समीप)।।

(ङ) विप्रः पुत्रम् कुतः अवधारयिष्यति? (ब्राह्मण पुत्र को कहां ग्रहण करेगा?)
उत्तर:
अश्वशालयः पृष्ठदेशे। (घुड़साल के पीछे)।

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 सवाल जवाब MP Board प्रश्न 3.
अधोलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत् (नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखो)
(क) सोम शर्मा पितरं दृष्ट्वा किं करिष्यति? (सोम शर्मा पिता को देखकर क्या करेगा?)
उत्तर:
ितु समीपम् आगमिष्यति। (पिता को देखकर उसके पास जायेगा।)

(ख) विप्रः रात्रो सुप्तः किं चिन्तयामास? (ब्राह्मण रात में सोते हुए क्या विचार किया?)
उत्तर:
अयं घटः सक्तुभि परिपूर्णः वर्तते। (इस घेड़े में सत्तू भरा हुआ है।)

(ग) विप्रः कं कदा कुतश्च अवधारिष्यति? (ब्राह्मण किसको कहा और कब धारण करेगा?)
उत्तर:
पुत्रम् अश्वशालायाः पृष्ठ देशे। (पुत्र को अश्वशाला के पीछे के भाग में ब्राह्मण ग्रहण करेगा।)

(घ) यदा दुर्भिक्षं भविष्यति तदा सक्तुभिः किंकिंभविष्यति? (जब अकाल होगा तब सत्तू के द्वारा क्या-क्या होगा?)
उत्तर:
स्वकणाम् सतम्। (अकाल के समय सैकड़ों रुपये सत्तू से प्राप्त होंगे)

(ङ) अस्याः कथायाः आशयः कः? (इस कथा का सार क्या है?)
उत्तर:
अविचार्यं न कर्तव्यम्। (बिना विचारे कोई कार्य नहीं करना चाहिए।) यही इस कथा का सार है।)

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 MP Board प्रश्न 4.
उदाहरणानुसारं शब्दानां धातु प्रत्यय च पृथक कुरुत
कक्षा 9 संस्कृत पाठ 2 MP Board

स्वर्णकाकः प्रश्न उत्तर MP Board प्रश्न 5.
अव्ययः वाक्यनिर्माणं कुरुत
यथा- सः अत्र अस्ति।
(क) च – रमेश सुरेशश्च आपणं गच्छति।
(ख) अपि – अहं अपि भोपालम् गमिष्यामि।
(ग) तावत् – तावत् वर्षा वभूव।
(घ) न – अहं न गमिष्यामि।
(ङ) ततः – ततः पुत्रः आगतः।

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 Answer MP Board प्रश्न 6.
उदाहरणानुसारं शब्दानां विभक्तिं, वचनं च लिखत्
Mp Board Class 9 Sanskrit Solution

Mp Board Class 9th Sanskrit Solution प्रश्न 7.
संधिविच्छेदं कृत्वा संधिः नाम लिखत्
(क) तद्यदि
उत्तर:
तत् + यदि = व्यंजन

(ख) कदाचिद्रात्रो
उत्तर:
कदाचित् + रात्रो = व्यंजन

(ग) तदनेन
उत्तर:
तत + अनेन = व्यंजन

(घ) कश्चित
उत्तर:
कः + चित = विसर्ग

(ङ) तथैव
उत्तर:
तथा + ऐव = वृद्धि स्वर

कक्षा 9 वीं संस्कृत अध्याय 2 MP Board प्रश्न 8.
क्रियापदानां धातु लकारम्, पुरुषं च लिखत्क्रियापदम्
Mp Board Solution Class 9th Sanskrit

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 2 Solution MP Board प्रश्न 9.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् “आम्” अशुद्ध वाक्यानां समक्षं “न” इति लिखत्
Mp Board Class 9 Sanskrit
उत्तर:
(क) न
(ख) आम्
(ग) आम्
(घ) आम्
(ङ) आम्

Class 9th Sanskrit Solution Mp Board प्रश्न 10.
रिक्तस्थानानि पूरयत् (खाली स्थान भरो)
(क) स एव पाण्डुरः शेते सोम शर्मा पिता यथा।
(ख) सुवर्णेन चतुः शालम् गृहं सम्पत्स्ये।
(ग) अजाभिः प्रभूता गा गृहीष्यामि।
(घ) तस्य अहम सोम शर्मा इति नाम करिष्यामि।
(ङ) वऽवा प्रसवतः प्रभूता अस्वाः भविष्यति

Mp Board Class 9 Sanskrit Chapter 2 प्रश्न 11.
यथायोग्यं योजयत् (सही जोड़ी बनाओ)
Mp Board 9th Class Sanskrit Solution

अलसस्य स्वप्नः पाठ-सन्दर्भ प्रतिपाद्य

यह कथा विष्णु शर्मा द्वारा रचित सुप्रसिद्ध कथा ग्रंथ ‘पंचतंत्र’ के ‘अपरीक्षित कारक’ नामक कृति से बालकों के ज्ञान-वृद्धि के उद्देश्य से ली गई है।

अलसस्य स्वप्नः पाठ का हिन्दी अर्थ

1. कस्मिंश्चिन्नगरे कश्चित् स्वभाव कृपणः विप्रः प्रतिवसति स्म। तेन भिक्षार्जितैः
भुक्तशेषैः सक्तुभिः कलशः सम्पूरितः। तं च घटं नागदन्ते अवलम्ब्य तस्याधस्तात् खट्वां निधाय सततम् एकदृष्ट्या तम् अवलोकयति।

शब्दार्थ :
कस्मिं-किसी-any; स्वभावकृपणा-स्वभाव से कँजूस-miser by nature; विप्रः-ब्राह्मण-Pandit, Wiseman; प्रतिवाति-रहता-Lives; भिक्षार्जितः-भिाक्षा के द्वारा अर्जित-Collection begging: भुक्तशेषैः-खाने से बचे हुए-Remaining food; सक्तुभिः-सत्तू-Power of Gram; तं-उसे-Complet, full, finish; च-और-him/ her/its; अवलम्ब्य-अवलंबित-Support; खटवां-खूटी-Nails; अवलोकयति-देखता था-Looks.

हिन्दी अर्थ :
किसी नगर में स्वभाव से कंजूस (कृपण) एक ब्राह्मण रहता था। वह भिक्षा से प्राप्त भोजन के बाद बचे हुए सत्तू को एक घड़े में भरता जाता। तब उस घड़े को एक खूटी से लटका कर उसके नीचे चारपाई पर बैठ घड़े को निरंतर देखता जाता।

2. अथ कदाचिद्रात्रौ सुप्तश्चिन्तयामास-यत् अयं घटः सक्तुभि परिपूर्णः वर्तते। तद्यदि दुर्भिक्षं भवति, तदनेन रुप्यकाणां शतमुत्पत्स्यते। ततस्तेन मया अजाद्वयं ग्रहीतव्यम्। ततः षाण्मासिकात् आप्रसववशात् ताभ्यां यूथंभविष्यति। ततोऽजाभिः प्रभूता गा गृहीष्यामि। गोभिर्महिषीः। महिषीभिर्वडवा। वडवाप्रसवतः प्रभूता अश्वा भविष्यन्ति। तेषां विक्रयात् प्रभूतां सुवर्णं भविष्यति। सुवर्णेन चतुः शालं गृहे सम्पत्स्यते।

शब्दार्थ :
अथ-इस प्रकार-This type; कदाचित-किसी-Anybody; सुप्त-सोते हुए-With sleeping; अयं-इस-This; सक्तुभि-सत्तू-Powder of gram; परिपूर्णः-परिपूर्ण-fulfill, over; शतमुत्पत्स्यते-सौहो जायेंगे-Hundred will be; तेन-उससे-Its; अजदूयं-दो बकरी-Two she goat; गृहीत्यम्-खरीदी जायेगी-Will have purchased; दुर्भिक्षम-अकाल-Starving; षाण्मासिकात्-छः महीने में होने वाली-Six monthly/Half yearly; ताभ्याम्-उससे-His; यूथम्-झुण्ड (समूह)-Group; गृहीष्यामि-ग्रहण करना-Will recieve; तेषां-उनके-Them; विक्रयात्-विक्रय से-From sell; प्रभूतं-बहुत अधिक-Very much; सुवर्ण-सोना-Gold; चतुःशालं-चौकोर-Square; गृहम्-घर-Home, House, Residence; सम्पत्स्यते-निर्मित करूँगा-Will build;

हिन्दी अर्थ :
तत्पश्चात् रात्रि में शयन करते समय मन में यह विचार करता कि सत्तू से यह कलश पूरी तरह भरा हुआ है। यदि अकाल पड़ जाता तो इसके द्वारा सैकड़ों रुपये प्राप्त हो जाएँगे। फिर उन रुपयों से वह दो बकरियाँ खरीदेगा। पुनः उन बकरियों से छः माह बाद पैदा होने वाले बच्चों का एक बहुत बड़ा समूह ही जाएगा। फिर वह इन बकरियों के बेचने से होने वाली आय से गायें, भैसें, भैसों से होने वाली आय से थोड़ी, उस घोड़ी से (अच्छे) किस्म के घोड़े होंगे। उन घोड़ों के बेचने से बहुत अधिक स्वर्ण प्राप्त होगा। उन स्वर्ण मुद्राओं से एक अच्छा घर निर्मित करूँगा।

3. ततः कश्चिद विप्रः मम गृहम् आगत्य रूपाढ्यां कन्यां मह्यं दास्यति। तत्सकाशात् पुत्रो मे भविष्यति। तस्य अहं “सोमशा” इति नाम करिष्यामि। ततः तस्मिञ्जानुचलन-योग्ये सजाते अहं पुस्तकंगृहीत्वा अश्वशालायाः पृष्ठदेशे उपविष्टस्तदवधारयिष्यामि। अत्रान्तरे सोमशर्मा मां दृष्ट्वा जनन्युत्सङ्गात् जानुचलनपरः अश्वखुरासन्नवर्ती मत्समीपमा गमिष्यति। ततोऽहं स्वपत्नी कोपाविष्टोऽभिधास्यामि ‘गृहाण तावद बालकम्। सा अपि गृहकर्म व्यग्रतयाऽस्मद्वचनं न श्रोष्यति। ततोऽहं समुत्थाय तं ताडयिष्यामि।

शब्दार्थ :
कश्चिद-कोई-Anybody; आगत्य-आकर-After coming; रूपाढ्यां रूपमति-Beautiful; दास्यति-देगा-Will give; तस्य-उससे-Her/Him; भविष्यति-होगा-Will/Shall; करिष्यामि-करूंगा-Will do/shall do; गृहीत्वा-ग्रहण करके-Except; जानुचलनयोग्ये-घुटने से चलने योग्य होने पर-Walking with knee, With fulfill of qualification; उत्सङ्गात्-गोद से-by lap; भग्नः-टूट गया-broke; षाण्डुरताम्-पीले रंग का-The colour of yellow; असम्भव्याम-असम्भव-Impossible; पृष्ठदेशे-पृष्ठ देश में-Behind of the stable; धारयिष्यामि-धारण करूँगा-Keep,except; तावद् बालकम-तुम्हारे बालक का-To your son; श्रोष्यति-सुना जाता है-Is listen; ताडयिस्यामि-पिटाई करूँगा-Will beating;

हिन्दी अर्थ :
तत्पश्चात् कोई ब्राह्मण मेरे घर आकर अपनी रूपवती कन्या मुझे देगा। उससे मेरा पुत्र होगा। उसका नाम मैं सोम शर्मा रलूँगा। तत्पश्चात् बालक के चलने योग्य हो जाने पर मैं पुस्तक लेकर घुड़साल के पीछे बैठकर अध्ययन करूँगा और बालक सोम शर्मा मुझे देखकर घुटने के बल घोड़े के खुरों के पास से होता हुआ घुड़साल में मेरे पास आ जाएगा। तब मैं अपनी पत्नी को गुस्से में डाँटते हुए पकड़ने को कहूँगा। वह भी गृहकार्य में व्यस्त होने के कारण मेरे वचन नहीं सुनेगी तो मैं उसकी पिटाई करूँगा।

4. एवं तेन ध्यानस्थितेन प्रहारो दत्तो यथा स घटो भग्नः स्वयं च पाण्डुरतां गतः अतोऽहं ब्रवीमि –
अनागतवती चिंताम असम्भाव्यां करोति यः।
स एव पाण्डुरः शेते सोमशर्मपिता यथा ॥

शब्दार्थ :
अनागतवतीम्-न आयी हुई को-Unreachable/miss call; ध्यानस्थितेन-ध्यान करते हुए-With meditate; ततैव-इसी प्रकार-This type; प्रहारो-प्रहार किया-Stroke.
हिन्दी अर्थ-इस प्रकार वह ब्राह्मण मन में ध्यान करते हुए उसी प्रकार प्रहार किया जिससे वह घड़ा फूट गया और ब्राह्मण (सत्तू के गिरने से) पीला पड़ गया। अतः मैं कहता हूँ –

“न आई हुई की चिंता करते हुए असंभावित कार्य की जो कल्पना करता है वह सोम शर्मा के पिता की तरह पीले रंग का हो जाता है।

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions

MP Board Class 9th Sanskrit व्याकरण शब्द रूप

MP Board Class 9th Sanskrit व्याकरण शब्द रूप

संस्कृत में तीन लिंग होते हैं-पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग। ये लिंग सदा अर्थ के अनुसार नहीं होते अपितु पहले से ही निश्चिय हैं।

उदाहरणार्थ-
पत्नी, अर्थ में ‘भार्या’ शब्द स्त्रीलिंग है तो उसी अर्थ में ‘दार’ शब्द पुल्लिंग और ‘कलत्र’ शब्द नपुंसकलिंग है। यद्यपि तीनों का अर्थ एक ही है तो भी उनके लिंग भिन्न हैं। ऐसे ही ‘काय’ और ‘देह’ शब्द पुल्लिंग हैं किन्तु ‘शरीर’ शब्द नपुंसकलिंग है।

संस्कृत में सात विभक्तियां होती हैं। (प्रथमा से सप्तमी तक)। प्रत्येक विभक्ति में तीन वचन होने के कारण प्रत्येक शब्द के इक्कीस रूप बनते हैं। इसके अतिरिक्त एक वचन में सम्बोधन के रूप भिन्न होते हैं। तीनों वचनों में मूल शब्द से चिह्न जोड़े जाते हैं। विभक्ति चिह्रों को सुप् भी कहते हैं। जिस शब्द के आगे कोई विभक्ति चिह्न लगा रहता है उसे सुबन्त या पद कहते हैं। नीचे कुछ महत्त्वपूर्ण शब्दों के रूप दिए जाते हैं।

अकारान्त पुल्लिंग शब्द
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टिप्पणी-जिन शब्दों का उच्चारण करने पर अन्त में ‘अ’ की ध्वनि आती है। वे आकारान्त शब्द कहलाते हैं।

अकारान्त पुल्लिंग शब्दों जैसे देव, नर, नृप, बालक, विद्यालय आदि के रूप राम शब्द की तरह चलते हैं।

इकारान्त पुल्लिंग शब्द
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टिप्पणी-जिन शब्दों का उच्चारण करने पर अन्त में ‘इ’ की ध्वनि आती है, उन्हें इकारान्त शब्द कहते हैं। इकारान्त पुल्लिंग शब्दों, जैसे-कवि, कपि, गिरि, आदि के रूप रवि शब्द की तरह चलेंगे।

उकारान्त पुल्लिंग शब्द
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टिप्पणी-जिन शब्दों के अन्त में ‘उ’ की ध्वनि आती है वे उकारान्त शब्द कहलाते हैं। उकारान्त पुल्लिंग शब्दों जैसे-साधु, शिशु आदि के रूप भानु शब्द की तरह चलते हैं।

ऋकारान्त पुल्लिंग शब्द
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नकारान्त पुल्लिंग शब्द
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स्त्रीलिंग शब्द
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टिप्पणी-इसी प्रकार रमा, बालिका, प्रभा आदि आकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।
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इलन्त स्त्रीलिंग वाच = वाणी
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दिश = दिशा
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ऋकारान्त मातृ (माता)
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नपुंसकलिंग शब्द
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इकारान्त नपुंसकलिंग
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उकारान्त नपुंसकलिंग
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सकारान्त नपुंसकलिंग
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तकारान्त नपुंसकलिंग
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सर्वनाम शब्द रूप
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संख्यावाचक शब्दों के रूप
‘एक’ (केवल एकवचन में)
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द्वि (दो) (द्वि शब्दों के रूप केवल द्विवचन में तीनों लिंगों में होते हैं। नंपुसकलिंग तथा स्त्रीलिंग के रूप एक से ही होते हैं।)
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पञ्चन शब्द के आगे के संख्यावाचक शब्दों के रूप तीनों लिंगों में समान होते हैं।
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संख्यावाचक शब्द
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इनमें एक केवल एकवचन में वि द्विचन में तथा शेष अष्टादशन तक बहुवचन में होते हैं। उसके बाद की संख्याएं में आती हैं। यदि द्विवचन में आई तो उनके दूने का बोध होगा और बहुवचन में कई गुने का।
यथा-शते = दो सौ। शतानि = कई सौ।

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1. My Hobby

My Hobby Essay For Class 9 MP Board Introduction :
Hobby means some work done in free time. When a man gets time after doing his r routine work, he wants to enjoy. At this time if he does some different work, it is called his hobby. Hobbies are many such as painting, playing on some instruments, photography, stamp-collecting, gardening etc.

My Hobby—My hobby is gardening. I think it is the best hobby. Plants and trees are very useful for our life. They not only provide us food to eat, but also serve us in many ways. They make the air fresh and cool for us. They check the air pollution also. Plants give us flowers. Trees give-us fruits to eat and wood to bum. So I like trees and plants very much.

My Garden—There is no ground around our house. So I have planted several kinds of flowers in flower pots. I love flowers very much. I water the plants and care for them. I bring small plants from the nursery. I prepare the flower pots and then cultivate the plants. I give fertilizer to them. When buds appear, it gives me great pleasure. I wait for their blossoming into beautiful flowers. Sometimes when I get up in the morning and see the flowers my joy knows no bounds. My parents and other family members too become very happy to see them. Guests coming to our home appreciate my hobby.

Conclusion—Sometimes we sit in our small garden and do our home work or take tea and breakfast. It gives us great joy. My mind becomes sharp and my memory is increased in the company of flowers. Sometimes I see flowers in my dream and my
heart is filled with pleasure.

2. An Indian Festival
Or
Diwali

My Hobby Essay In English For 9th Class MP Board

Introduction—Diwali is an important festival of the Hindus. It often comes in the month of October or November every year. It is celebrated in the memory of Lord Ram’s return to Ayodhya after 14 years of exile. The people of Ayodhya welcomed Lord Ram graciously. They decorated their homes with flowers and lighted earthen lamps before their houses. Diwali is a remembrance of that day.

Preparations—Several days before people start preparing for this festival. They clean their houses and whitewash them. The merchants paint their shops and set them. The market gets a new look.

How Celebrated—People buy new clothes and new dresses. They buy many things for this festival. Children buy crackers. Ladies buy sarees and material for preparing sweets. People give presents to friends and relatives. Main days of celebration of Diwali are three—‘Dhan Teras’, ‘Roop Chaudas’ and ‘Diwali’ on Amavasya day. In the evening ladies and children bum candle and lamps. Many electric bulbs of several colours are also lighted.

Worship of Goddess Laxmi—On Diwali day people worship goddess Laxmi. They pray her for health, wealth and happiness for the whole year. The rich and the poor enjoy Diwali. Diwali also marks the end of the year.

Importance—Diwali is an all India festival. People of all parts of India and all communities celebrate’it. It is a festival of national importance. It promotes national unity also.

For AH People—All age groups of people enjoy celebration of Diwali. The rich and the poor all celebrate it as per their capacity.

Conclusion—Some people gamble and drink wine. Some are injured at the time of bursting crackers due to carelessness. However, Diwali brings happiness to every home in India.

3. Importance of Newspapers
Newspapers are the world’s mirrors.

My Hobby Paragraph For Class 9 MP Board

—James Ellis

Introduction—The word News is made up of four letters N, E, W and S. Each letter symbolises one direction. N stands for North, E for East; W for West and S for South. Hence, a newspaper is a paper that contains news of all directions—North, South, East and West.

A newspaper collects information about happenings in the world through news agencies and prints them on a paper.

Contents of a Newspaper—A newspaper contains political, social, economical, religious and several other kinds of news. Everybody finds something of his/her interest in it. Children, young persons as well as old persons find newspaper interesting. There is a column for market report exhibiting wholesale prices of a lot of articles of daily use and quoting market value of shares and stocks of leading concerns. So a man of business is also interested in it. Art, music, entertainment, games, general knowledge and all such things are there in a newspaper.

There are advertisements of various kinds in the newspapers. They inform us about new and useful inventions. They are a source of income for the newspaper. Advertisements concerning matrimonial alliance provide immense relief to parents in choosing consorts for their sons or daughters. Assorted advertisements provide an unfathomable relief to people of different sorts. Only because of these advertisements we get a newspaper within our reach price.

Importance of Newspapers—Newspapers guide and teach us. They try to educate and shape public opinion. They are necessary for a democratic society. They express the views of the public in a free and fearless manner. Most of us are too busy to think of the great problems of our country, so we rely upon- the newspaper and accept the view they present to us. We can also express our views under the column ‘Letters to the Editor’.

Conclusion—Newspaper is a powerful weapon. It is a measuring rod to determine the length of democracy in a country. And as such it should be handled carefully. Rumours and sensational news create a nasty atmosphere. Newspapers must present constructive and objective matter before their readers. They should not misuse freedom given to the press. Their criticism should not be biased. They should be impartial in their news and views.

4. Wonders of Science Or
Science is a Good Servant but a Bad Master

My Hobby Essay Class 9th MP Board

Introduction—It is the age of science. Science plays an important role in our life. It has made our life easier and comfortable. Science is a systematic way of knowledge and living.

Scientific Wonders—Science has given us many wonderful gifts. The various inventions of science are its wonders. We cannot imagine our life without them.

Various Inventions—Electricity is the most useful gift of science. It gives us light. Heaters, fans, coolers, refrigerators, computers etc., all work by electricity. It also runs machines and trains.

Medicine and Surgery—Science has given wonderful medicines. Vaccination helps us in preventing diseases like polio, cholera, small pox etc. It has brought down the death rate. Modem surgical equipment have made operations less painful.

Means of Communication—Today we amuse ourselves by watching television and listening to music on radio and tape recorder. Television has become a powerful medium of education and knowledge. U.G.C. and IGNOU lessons on television are very useful. Fast means of transport and communication help us to reach distant places in a short time.

Computers—Scientists have invented computers. These are wonderful inventions. Computers can do complex calculations and work quickly. They have solved a lot of problems of man.

Disadvantages of Science—-Everything has two sides. Science too has a dark side. The invention and production of atom bombs and other dangerous weapons are a great threat to the existence of humanity. They can destroy the world in seconds. Secondly, big factories, mills and other machines have polluted the atmosphere.

Conclusion—Science is a great help to modem man. If properly used it can make the life of man healthier and happier.

5. My Best Friend

Essay On My Hobby For Class 9 MP Board

Introduction— ‘No man is an island entire of itself’. We need someone to share our sorrows and joys. I have several friends but Pinki is my best friend. She studies in my class and is my neighbor.

Details—Pinki’s father is a businessman. He is a simple man. Her mother is a teacher. She is a virtuous lady. Qualities of her parents are present in Pinki also.

Her qualities—Pinki is an intelligent girl. She always stands first in class. But she is not proud. She is kind and cooperative. She helps her classmates. She is a ‘friend in need’ and thus ‘a friend indeed’. We go to school together and come home together.

Her love for games—She is good at sports and games too. Last year she won the badminton championship.

Why I like her—I like her because she has a very good nature. She is cheerful, kind, honest and truthful. She faces problems boldly. She always helps me. Everybody praises her. She bears a good moral character. She believes in simple living and high thinking.

Conclusion—A good person inspires others to be good. There is a saying that a person is known by the company he keeps. Thus her company inspires me to be good and become like her. I am proud of my friend.

6. My Mother

Essay My Hobby Class 9th MP Board

Introduction—‘A hand that rocks the cradle rules the world1. The above saying holds true as a child is only a mother’s reflection. ‘Mother, or mama’ the first word spoken by a child holds in itself the essence of love and care.

We can’t compare the relation of a mother with any other relation. Mother not only gives us birth but she brings us up as well, looks after us and gives all her attention to our well-being. She does many sacrifices for us.

My mother—My mother Mrs. Pramila Devi is an ideal mother. She is a symbol of love and sacrifice. She gets up early in the morning and works late till night. She keeps the home neat and clean. When I get up she gives me warm water to wash my mouth. She gives me hot tea to drink. She prepares food with keen interest. The food is tasty to eat. She pays attention to all my needs.

Education and other qualities—My mother is B.A. She has a good knowledge of several subjects especially of Hindi and English. She possesses a great experience of many arts. She knows knitting and sewing well. She instructs us in other fields too. My mother is religious minded. She worships God daily without fail.

Social side of my mother—My mother has good relations with our neighbours. She helps them at the time of their troubles. My mother helps the poor and the needy. She takes part in various social activities. She is a member of the Woman Organisation for helping the weaker sections of the society.

7. An Ideal Teacher

My Hobby Essay 9th Class MP Board

Introduction—I study in Modem Public School, Bhopal. It is a very good school. It has forty teachers. All the teachers are good but Mr. S. K. Gupta is my favorite teacher.

His personality and qualities—He is about thirty-five years old. He teaches us English. He is our class teacher too. He is smart and handsome.

He believes in ‘simple living and high thinking’. He works hard with his students. He takes extra classes on his student’s demand. He helps weak students. Mr. Gupta loves us as his younger brothers. We also respect him as our elder brother.

His method of teaching—He is very punctual. His teaching method is very good. He uses simple language in teaching, so we easily understand his lessons. His examination results are always very good. He’is both strict and kind. We obey him.

His love for sports—He is good at games. He plays cricket well. He is a good sportsman. He has created an interest for cricket among the boys.

Conclusion—Mr. Gupta, therefore, possesses all the qualities of an ideal teacher. I have great respect for him in my heart. I like him a lot.

8. The Books I Like Most

My Hobby Essay Class 9 MP Board

Introduction—Books are our best friends. They are treasures of knowledge. No one can feel lonely in their company. They also act as our guide and teacher.

My favorite book—My favorite book is the Ramayana written by the great poet Tulsidas. The book is full of conceptions of Indian philosophy. The greatest secrets of divine knowledge are explained in simple verse. Doubts shatter, pride melts away, evil thoughts escape and greed gallops away after its study.

About the theme—The story is too well-known to be narrated in details. The deep knowledge of Hindu culture over the book is quite clear. Ram represents all that is good. Ravan stands for the evil. Ram’s victory over Ravan means the victory of truth over falsehood, or good over evil.

Conclusion—The biggest number of commentaries have been written over it. It has been translated in more than 100 languages of the world and foreigners know India through it. When they read Ramayana, they know about India’s glory. They bow their heads in honor to India.

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