MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं

MP Board Class 9th Science Chapter 13 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

प्रश्न श्रृंखला-1 # पृष्ठ संख्या 200

प्रश्न 1.
अच्छे स्वास्थ्य की दो आवश्यक स्थितियाँ बताइए।
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यक स्थितियाँ:

  1. अपनी रुचि वाले कार्य करने में मन लगना।
  2. विभिन्न सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यों में रुचि लेना।

प्रश्न 2.
रोगमुक्ति की कोई दो आवश्यक स्थितियाँ बताइए।
उत्तर:
रोगमुक्ति की आवश्यक स्थितियाँ:

  1. ठीक प्रकार से भूख लगना।
  2. विभिन्न अंगों के क्रियाकलाप ठीक से चलना।

प्रश्न 3.
क्या उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर एक जैसे हैं अथवा भिन्न? क्यों?
उत्तर:
नहीं, दोनों भिन्न-भिन्न हैं। क्योंकि नीरोग (रोगमुक्त) होना व्यक्तिगत एवं शारीरिक होता है। नीरोग होते हुए भी व्यक्ति मानसिक एवं सामाजिक रूप से अस्वस्थ हो सकता है।

प्रश्न श्रृंखला-2 # पृष्ठ संख्या 203

प्रश्न 1.
ऐसे तीन कारण लिखिए जिससे आप सोचते हैं कि आप बीमार हैं तथा चिकित्सक के पास जाना चाहते हैं। यदि इनमें से एक भी लक्षण हो तो क्या आप फिर भी चिकित्सक के पास जाना चाहेंगे ? क्यों अथवा क्यों नहीं ?
उत्तर:
बीमार होने के कारण जिससे हम सोचते हैं कि हम बीमार हैं और चिकित्सक के पास जाना चाहिए –

  1. लम्बे समय तक खाँसी-जुकाम का बना रहना।
  2. तीव्र सिरदर्द या शारीरिक दर्द होना।
  3. भूख नहीं लगना।

किसी एक लक्षण के होने पर भी हमको चिकित्सक के पास जाना चाहिए क्योंकि वह लक्षण किसी बड़ी बीमारी के कारण भी हो सकता है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से किसके लम्बे समय तक रहने के कारण आप समझते हैं कि आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा? तथा क्यों?
1. यदि आप पीलिया रोग से ग्रस्त हैं।
2. यदि आपके शरीर पर जूं (lice) हैं।
3. यदि आप मुँहासों से ग्रस्त हैं।
उत्तर:
यदि हम पीलिया रोग से ग्रस्त हैं तो इसके लम्बे समय तक रहने से हमारे स्वास्थ्य पर बहुत भयानक प्रभाव पड़ेगा। मृत्यु भी सम्भव है।

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प्रश्न श्रृंखला-3 # पृष्ठ संख्या 210

प्रश्न 1.
जब आप बीमार होते हैं तो आपको सुपाच्य तथा पोषणयुक्त भोजन करने का परामर्श क्यों दिया जाता है?
उत्तर:
जब हम बीमार होते हैं तो हमको सुपाच्य तथा पोषणयुक्त भोजन करने का परामर्श दिया जाता है जिससे हमारी शारीरिक शक्ति बढ़े तथा रोगों से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा तन्त्र सुदृढ़ हो।

प्रश्न 2.
संक्रामक रोग फैलने की विभिन्न विधियाँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर:
संक्रामक रोग फैलने की विभिन्न विधियाँ:

  1. वायु द्वारा
  2. पानी द्वारा
  3. लैंगिक क्रियाओं द्वारा
  4. अन्य रोगवाहकों द्वारा।

प्रश्न 3.
संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए आपके विद्यालय में कौन-कौन सी सावधानियाँ आवश्यक हैं? (2019)
उत्तर:
संक्रामक रोगों को फैलने से रोकने के लिए विद्यालय में आवश्यक सावधानियाँ –

  1. संक्रमित छात्र एवं छात्राओं को विद्यालय आने से रोकना चाहिए।
  2. विद्यालय के अन्दर एवं आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  3. विद्यालय परिसर में जलभराव एवं अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित होने से रोकना चाहिए।
  4. सम्पूर्ण विद्यालय में रोगाणुनाशक रसायनों का छिड़काव कराना चाहिए।
  5. स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए तथा उसे ढककर रखना चाहिए।
  6. छात्र/छात्राओं का उपयुक्त टीकाकरण कराया जाना चाहिए।

प्रश्न 4.
प्रतिरक्षीकरण क्या है? (2019)
उत्तर:
प्रतिरक्षीकरण:
“विभिन्न संक्रामक रोगों के लिए उपलब्ध टीका लगवाकर (टीकाकरण द्वारा) प्रतिरक्षा तन्त्र को विकसित करना प्रतिरक्षीकरण कहलाता है।”

प्रश्न 5.
आपके पास में स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में टीकाकरण के कौन-से कार्यक्रम उपलब्ध हैं? आपके क्षेत्र में कौन-कौन सी स्वास्थ्य सम्बन्धी मुख्य समस्याएँ हैं?
उत्तर:
(निर्देश-इस प्रश्न का उत्तर छात्र/छात्राएँ स्वयं लिखें)।

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MP Board Class 9th Science Chapter 13 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
पिछले एक वर्ष में आप कितनी बार बीमार हुए? बीमारी क्या थी?
(a) इन बीमारियों को हटाने के लिए आप अपनी दिनचर्या में क्या परिवर्तन करेंगे?
(b) इन बीमारियों से बचने के लिए आप अपने पास-पड़ोस में क्या परिवर्तन करना चाहेंगे?
उत्तर:
(निर्देश-इस प्रश्न का उत्तर छात्र/छात्राएँ स्वयं लिखें।)

प्रश्न 2.
डॉक्टर/नर्स/स्वास्थ्य कर्मचारी अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा रोगियों के सम्पर्क में अधिक रहते हैं। पता करो कि वे अपने आप को बीमार होने से कैसे बचाते हैं?
उत्तर:
डॉक्टर/नर्स/स्वास्थ्य कर्मचारी अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा रोगियों के सम्पर्क में अधिक समय तक रहते हैं लेकिन वे संक्रमण से बचने के लिए विभिन्न सावधानियाँ रखते हैं –

  1. मुँह एवं नाक को ढककर रखते हैं जिससे साँस द्वारा रोगाणु प्रवेश न कर सकें।
  2. हाथों में दस्ताने पहनते हैं जिससे मरीज को छूने पर रोगाणु त्वचा के सम्पर्क में न आयें।
  3. स्वच्छ धुले हुए कपड़े, एप्रिन आदि पहनते हैं।
  4. एण्टीसेप्टिक लोशन या साबुन से हाथ साफ करते हैं।

प्रश्न 3.
अपने पास-पड़ोस में एक सर्वेक्षण कीजिए तथा पता लगाइए कि सामान्यतः कौन-सी तीन बीमारियाँ होती हैं? इन बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए अपने स्थानीय प्रशासन को तीन सुझाव दीजिए।
उत्तर:
(निर्देश-इस प्रश्न का उत्तर छात्र/छात्राएँ स्वयं लिखें।)

प्रश्न 4.
एक बच्चा अपनी बीमारी के विषय में नहीं बता पा रहा है। हम कैसे पता करेंगे कि –
1. बच्चा बीमार है।
2. उसे कौन-सी बीमारी है?
उत्तर:

  1. बच्चा रोता रहता है, वह खाना नहीं खाता है तथा असहज या सुस्त रहता है तो हम समझते हैं कि वह बीमार है।
  2. बच्चे को कौन-सी बीमारी है? यह पता करने के लिए हम चिकित्सक से परामर्श करेंगे तथा उसकी मेडीकल जाँच करायेंगे।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में किन परिस्थितियों में कोई व्यक्ति पुनः बीमार हो सकता है? क्यों?
1. जब वह मलेरिया से ठीक हो रहा है।
2. वह मलेरिया से ठीक हो चुका है और वह चेचक के रोगी की सेवा कर रहा है।
3. मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन उपवास करता है और चेचक के रोगी की सेवा करता है।
उत्तर:
1. जब व्यक्ति मलेरिया से ठीक हो रहा है तो वह शारीरिक रूप से कुछ कमजोर होगा और यदि वह अपने उपचार में लापरवाही करेगा तथा उचित आहार नहीं लेगा तो उसके पुनः बीमार होने की सम्भावना रहती है।

2. मलेरिया से ठीक हुआ व्यक्ति चेचक रोगी की सेवा करेगा और आवश्यक सावधानियाँ नहीं रखेगा तो वह चेचक से संक्रमित हो सकता है तथा पुनः बीमार हो सकता है।

3. मलेरिया से ठीक होने के बाद चार दिन तक उपवास करने से उस व्यक्ति का प्रतिरक्षा तन्त्र अत्यन्त कमजोर हो जायेगा अतः उस व्यक्ति की चेचक से संक्रमित होने की सम्भावना और अधिक हो जायेगी और वह व्यक्ति पुनः बीमार हो सकता है।

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में आप बीमार हो सकते हैं? क्यों?
1. जब आपकी परीक्षा का समय है।
2. जब आप बस तथा रेलगाड़ी में दो दिन तक यात्रा कर चुके हैं।
3. जब आपका मित्र खसरे से पीड़ित है।
उत्तर:

  1. अगर आपकी परीक्षा की तैयारी नहीं है तो आप परीक्षा के भय से ग्रसित हो सकते हैं।
  2. बस या रेलगाड़ी में दो दिन तक यात्रा करने पर केवल थकान हो सकती है।
  3. जब आपका मित्र खसरे से पीड़ित है और आप असावधानीपूर्वक उसके सम्पर्क में आते हैं तो आप खसरे से संक्रमित होकर बीमार हो सकते हैं।

MP Board Class 9th Science Chapter 13 परीक्षोपयोगी अतिरिक्त प्रश्नोत्तर

MP Board Class 9th Science Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सा विषाणु रोग नहीं है ?
(a) डेंगू
(b) एड्स
(c) टायफॉइड
(d) इन्फ्लु एन्जा
उत्तर:
(c) टायफॉइड

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा जीवाणु रोग नहीं है?
(a) हैजा
(b) तपेदिक
(c) एंथ्रेक्स
(d) इन्फ्लु एन्जा
उत्तर:
(d) इन्फ्लु एन्जा

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन-सा रोग मच्छरों से संचारित नहीं होता है? (2019)
(a) मस्तिष्क ज्वर
(b) मलेरिया
(c) टायफॉइड
(d) डेंगू
उत्तर:
(c) टायफॉइड

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौन-सा रोग जीवाणु जनित नहीं होता है?
(a) टायफॉइड
(b) एंथ्रेक्स
(c) क्षयरोग (तपेदिक)
(d) मलेरिया
उत्तर:
(d) मलेरिया

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन-सा रोग प्रोटोजोआ प्राणियों द्वारा होता है?
(a) मलेरिया
(b) इन्फ्लुएन्जा
(c) एड्स
(d) हैजा
उत्तर:
(a) मलेरिया

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डालता है?
(a) खाँसी-जुकाम
(b) चिकन पॉक्स (छोटी माता)
(c) तम्बाकू चबाना
(d) तनाव
उत्तर:
(c) तम्बाकू चबाना

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन-सा संक्रमित व्यक्ति आपके सम्पर्क में आने पर आपको बीमार कर सकता है?
(a) उच्च रक्तदाब
(b) आनुवंशिक उपसामान्यता
(c) छींक
(d) रुधिर कैंसर
उत्तर:
(c) छींक

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प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से किसके द्वारा एड्स नहीं फैल सकता?
(a) लैंगिक संसर्ग
(b) गले मिलना
(c) स्तनपान
(d) रक्ताधान
उत्तर:
(b) गले मिलना

प्रश्न 9.
प्रतिविषाणुक औषधियाँ बनाना प्रतिजीवाणुक दवाइयों के बनाने की अपेक्षा अधिक कठिन है क्योंकि –
(a) विषाणु (वाइरस) परपोषी की मशीनरी का उपयोग करते हैं।
(b) विषाणु (वाइरस) सजीव और निर्जीव की सीमारेखा पर है।
(c) विषाणु (वाइरस) में अपनी जैवरासायनिक प्रणाली बहुत कम है।
(d) विषाणु (वाइरस) के चारों ओर प्रोटीन से बना कवच होता है।
उत्तर:
(c) विषाणु (वाइरस) में अपनी जैवरासायनिक प्रणाली बहुत कम है।

प्रश्न 10.
निम्न में से कौन-सा रोगजनक कालाजार का कारण होता है?
(a) ऐस्केरिस
(b) ट्रिपैनोसोमा
(c) लीशमैनिया
(d) बैक्टीरिया
उत्तर:
(c) लीशमैनिया

प्रश्न 11.
यदि आप छोटे से भीड़भाड़ वाले तथा कम हवादार घर में रह रहे हैं तो आपको निम्नलिखित में से कौन-से रोग होने की सम्भावना हो सकती है?
(a) कैंसर
(b) एड्स
(c) वायु वाहित रोग
(d) हैजा
उत्तर:
(c) वायु वाहित रोग

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से कौन-सी बीमारी मच्छर द्वारा नहीं फैलती है?
(a) डेंगू
(b) मलेरिया
(c) मस्तिष्क ज्वर (ऐन्सेफेलाइटिस)
(d) न्यूमोनिया
उत्तर:
(d) न्यूमोनिया

प्रश्न 13.
निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए प्रमुख नहीं है?
(a) एक स्वच्छ स्थान पर रहना
(b) अच्छी आर्थिक स्थिति
(c) सामाजिक समानता तथा मेलजोल की भावना
(d) एक बड़े और सुसज्जित भवन में रखना
उत्तर:
(b) अच्छी आर्थिक स्थिति

प्रश्न 14.
हमें अपने वातावरण में मच्छरों के प्रजनन को रोकना चाहिए क्योंकि –
(a) बहुत तीव्रगति से गुणन करते हैं और प्रदूषण फैलाते हैं।
(b) बहुत-सी बीमारियों के रोगवाहक हैं।
(c) काटते हैं और त्वचा की बीमारियों का कारण बनते हैं।
(d) विशेष कीट नहीं है।
उत्तर:
(b) बहुत-सी बीमारियों के रोगवाहक हैं।

प्रश्न 15.
आप अपने शहर में पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में जागरूक हैं? इसके लिए बच्चों का टीकाकरण किया जाता है क्योंकि –
(a) टीकाकरण, पोलियो फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर देता है।
(b) पोलियो फैलाने वाले जीवों का प्रवेश रोक देता है।
(c) यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को उत्पन्न करता है।
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(c) यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को उत्पन्न करता है।

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प्रश्न 16.
विषाणुओं से हेपेटाइटिस रोग होता है। यह रोग निम्नलिखित में से किसी एक द्वारा संचरित होता है –
(a) वायु
(b) जल
(c) भोजन
(d) व्यक्तिगत सम्पर्क
उत्तर:
(b) जल

प्रश्न 17.
वेक्टर (संवाहक) की सही परिभाषा कौन-सी है?
(a) वह सूक्ष्मजीव जो संक्रामक कारकों को एक रोगग्रस्त व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति तक ले जाता है।
(b) सूक्ष्मजीव जो बहुत-से रोगों को फैलाता है।
(c) संक्रमित व्यक्ति।
(d) रोगग्रस्त पादप।
उत्तर:
(a) वह सूक्ष्मजीव जो संक्रामक कारकों को एक रोगग्रस्त व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति तक ले जाता है।

रिक्त स्थानों की पूर्ति

1. न्यूमोनिया …………….. रोग का एक उदाहरण है।
2. त्वचा के अनेक रोग ……………. के द्वारा फैलते हैं।
3. प्रतिजैविक आमतौर पर जैव-रासायनिक पथ को, जो ………… की वृद्धि के लिए आवश्यक है, अवरुद्ध कर देता है।
4. वे सजीव जीव जो संक्रामक कारक हों एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक ले जाते हैं, उन्हें ………… कहते हैं।
5. …………….. रोग बहुत दिन तक लगातार बने रहते हैं और शरीर पर इनका …………….. बना रहता हैं।
6. ……………. रोग कुछ दिन तक रहता है तथा शरीर पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव नहीं छोड़ता।
7. …………….. शब्द शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक कार्य सुचारु और सुखद प्रकार से पूरा करने को परिभाषित करता है।
8. हैजा एक ……………. रोग है। (2019)
9. रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी से …………….. होता है। (2019)
उत्तर:

  1. संचरणीय
  2. कवक
  3. जीवाणु
  4. वेक्टर
  5. दीर्घकालिक, प्रभाव
  6. तीव्र (प्रचण्ड)
  7. स्वास्थ्य
  8. संचरित (संक्रामक)
  9. एनीमिया।

सही जोड़ी बनाना
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उत्तर:

  1. → (iii)
  2. → (iv)
  3. → (v)
  4. → (i)
  5. → (ii).

सत्य/असत्य कथन

1. उच्च रक्तचाप (दाब), अधिक वजन व व्यायाम के न करने के कारण होता है।
2. आनुवंशिक अपसामान्यताओं के कारण कैंसर होता है।
3. अम्लीय भोजन खाने के कारण पेप्टिक व्रण (अल्सर) होता है।
4. एक्ने स्टेफाइलोकोकाई के कारण नहीं होता है।
5. स्वस्थ शरीर एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के अन्दर किसी प्रकार की कोई संरचनात्मक एवं . कार्यात्मक अनियमितता न हो।
6. कॉलेरा एक संक्रामक रोग (बीमारी) है।
उत्तर:

  1. सत्य
  2. सत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. सत्य
  6. सत्य।

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
HIV का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर:
Human Immuno Deficiency Virus.

प्रश्न 2.
AIDS का पूरा नाम लिखिए। (2019)
उत्तर:
Acquired Immuno Deficiency Syndrome.

प्रश्न 3.
एक संक्रामक रोग का नाम बताइए। (2018)
उत्तर:
हैजा।

प्रश्न 4.
प्रदूषित जल के कारण होने वाले किसी रोग का नाम लिखिए।
उत्तर:
पीलिया।

प्रश्न 5.
T.B. के रोगाणु का नाम लिखिए।
उत्तर:
माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस।

प्रश्न 6.
उस विषाणु का नाम लिखिए जिसके कारण AIDS फैलता है।
उत्तर:
माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस।

प्रश्न 7.
टीकाकरण की खोज किसने की? (2018)
उत्तर:
एडवर्ड जेनर।

प्रश्न 8.
हेपेटाइटिस में हमारे शरीर का कौन-सा अंग प्रभावित होता है? (2019)
उत्तर:
यकृत।

प्रश्न 9.
टी.बी. रोग के उपचार के लिए किसका टीका लगाया जाता है? (2019)
उत्तर:
बी. सी. जी.।

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MP Board Class 9th Science Chapter 13 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संक्रामक या संचरणीय रोग किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
संक्रामक या संचरणीय रोग:
“जो रोग वायु, जल, भोजन या कीटों के माध्यम द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं, संक्रामक या संचरणीय रोग कहलाते हैं।”
उदाहरण:
हैजा, टी. बी., फ्लू आदि।

प्रश्न 2.
असंक्रामक या असंचरणीय रोग किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
असंक्रामक या असंचरणीय रोग:
जो रोग संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में नहीं फैलते, वे असंक्रामक या असंचरणीय रोग कहलाते हैं।
उदाहरण:
रक्त दाब (चाप), हृदय रोग, कैंसर आदि।

प्रश्न 3.
AIDS रोग क्या होता है?
उत्तर:
AIDS:
“एक ऐसा रोग जो AIDS के वायरस HIV द्वारा फैलाया जाता है तथा जिससे शरीर का प्रतिरक्षण संस्थान निष्क्रिय हो जाता है, एड्स (AIDS) कहलाता है।”

प्रश्न 4.
AIDS कैसे फैलता है?
उत्तर:
AIDS फैलने का कारण:
जब AIDS के वायरस HIV शरीर में किसी प्रकार प्रवेश कर जाते हैं तो वे तेजी से प्रतिरक्षण संस्थान को निष्क्रिय कर देते हैं। यह रोग असुरक्षित यौन सम्बन्धों एवं संक्रमित सुई के प्रयोग के कारण होता है।

प्रश्न 5.
बच्चों को टीका लगवाना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
बच्चों को टीका लगवाने की आवश्यकता:
बच्चों के अन्दर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए टीका लगवाना आवश्यक है जिससे वे नीरोग एवं स्वस्थ रह सकें।

प्रश्न 6.
टायफॉइड एवं संक्रामक रोग किसके कारण होते हैं?
उत्तर:

  1. टायफॉइड साल्मोनेला टाइफी के कारण होते हैं।
  2. संक्रामक रोग सूक्ष्मजीवों के कारण होते हैं।

प्रश्न 7.
हेपेटाइटिस क्या है?
उत्तर:
हेपेटाइटिस:
“पीलिया के समान वायरस से फैलने वाला यकृत रोग हेपेटाइटिस कहलाता है।

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प्रश्न 8.
प्रोटोजोआ प्राणियों के कारण होने वाले दो रोगों के नाम लिखिए। उनके कारक जीवों के नाम बताइए।
उत्तर:
रोग का नाम      कारक का नाम
1.  मलेरिया          प्लाज्मोडियम
2.  कालाजार       लीशमैनिया

प्रश्न 9.
पेक्टिक व्रण किस जीवाणु के द्वारा होता है? प्रथम बार इस रोगजनक को किसने खोजा था?
उत्तर:

  1. जीवाणु का नाम: हेलिकोबैक्टर पाइलोरी।
  2. खोजकर्ता का नाम: मार्शल तथा वॉरेन।

प्रश्न 10.
प्रतिजैविक क्या है? कोई दो उदाहरण दीजिए। (2019)
उत्तर:
प्रतिजैविक:
“जीवाणुओं को नष्ट करने वाला वह रासायनिक पदार्थ जो सूक्ष्मजीवी से स्रावित होता है तथा रोगजनक को नष्ट कर देता है, प्रतिजैविक कहलाता है।
उदाहरण:

  1. पैनिसिलीन
  2. स्ट्रैप्टोमाइसिन।

प्रश्न 11.
टीका (वैक्सीन) की पहली बार खोज किसने की थी ? ऐसे दो रोगों के नाम लिखिए जिनका उपचार टीकाकरण से किया जा सके।
उत्तर:
टीका (वैक्सीन) के खोजकर्ता का नाम – एडवर्ड जेनर।
टीकाकरण से उपचारित रोगों के नाम –

  1. चेचक
  2. पोलियो।

प्रश्न 12.
सूक्ष्मजीवी के उन दो वर्णों के नाम लिखिए जिनसे प्रतिजैविक प्राप्त किये जा सकें।
उत्तर:
एण्टीजैविक के स्रोत सूक्ष्मजीवी:

  1. जीवाणु
  2. कवक।

प्रश्न 13.
वेक्टरों से फैलने वाले तीन रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर:
वेक्टरों से फैलने वाले रोग:

  1. मलेरिया
  2. डेंगू
  3. कालाजार।

प्रश्न 14.
प्रतिरक्षा तन्त्र हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
हमारे शरीर का प्रतिरक्षा तन्त्र एक प्रकार की सुरक्षा प्रणाली है जो रोगजनक सूक्ष्मजीवों के साथ लड़ता है। इसकी कोशिकाएँ संक्रामक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने के लिए विशेषित होती हैं तथा इस तरह हमारे शरीर को स्वस्थ रखती हैं।

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प्रश्न 15.
एक ही वातावरण (आस-पास) में रहने वाले कुछ बच्चे अन्य बच्चों की अपेक्षा बहुधा बीमार रहते हैं, क्यों?
उत्तर:
दुर्बल प्रतिरक्षा तन्त्र के कारण कुछ बच्चे अन्य बच्चों की अपेक्षा बहुधा बीमार रहते हैं और यह सन्तुलित आहार और समुचित पोषण के अभाव के कारण होता है।

प्रश्न 16.
विषाणु रोगों के लिए प्रतिजैविक प्रभावी क्यों नहीं होते?
उत्तर:
प्रतिजैविक आमतौर पर जैव-संश्लेषित पथ को अवरुद्ध कर देते हैं तथा वे सूक्ष्मजीवों (जीवाणुओं) का पथ अवरुद्ध कर देते हैं यद्यपि विषाणुओं के पास अपने बहुत कम जैव-रासायनिक तन्त्र होते हैं। अतः ये प्रतिजैविक से अप्रभावित रहते हैं।

MP Board Class 9th Science Chapter 13 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से प्रत्येक के दो-दो उदाहरण दीजिए –
(a) तीव्र रोग
(b) दीर्घकालिक रोग
(c) संक्रामक रोग
(d) असंक्रामक रोग।
उत्तर:
(a) तीव्र रोग:

  1. विषाणु ज्वर
  2. फ्लू

(b) दीर्घकालिक रोग:

  1. फीलपाँव,
  2. तपेदिक (टी. बी.)

(c) संक्रामक रोग:

  1. चेचक
  2. हैजा।

(d) असंक्रामक रोग:

  1. मधुमेह
  2. घेघा (गोइटर)

प्रश्न 2.
निम्नलिखित रोगों से कौन-से अंग प्रभावित होते हैं?
(a) हेपेटाइटिस से प्रभावित अंग
(b) दौरा या अर्द्ध चेतनावस्था से प्रभावित अंग
(c) न्यूमोनिया से प्रभावित अंग
(d) कवक से प्रभावित अंग।
उत्तर:
(a) हेपेटाइटिस से प्रभावित अंग: यकृत
(b) दौरा (अर्द्ध चेतनावस्था) से प्रभावित अंग: मस्तिष्क
(c) न्यूमोनिया से प्रभावित अंग: फुफ्फुस (फेफड़े)
(d) कवक से प्रभावित अंग: त्वचा

प्रश्न 3.
निम्नलिखित रोगों को संक्रामक तथा असंक्रामक में वर्गीकृत कीजिए –
(a) एड्स
(b) तपेदिक
(c) हैजा
(d) उच्च रक्तचाप
(e) हृदय रोग
(f) न्यूमोनिया
(g) कैंसर।
उत्तर:
संक्रामक रोग:
(a) एड्स
(b) तपेदिक
(c) हैजा
(f) न्यूमोनिया।

असंक्रामक रोग:
(d) उच्च रक्त चाप
(e) हृदय रोग
(g) कैंसर।

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प्रश्न 4.
रोग से क्या तात्पर्य है? आपने कितने प्रकार के रोगों का अध्ययन किया है ? उनके उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
रोग:
“जब शरीर क क या एक से अधिक तन्त्रों के क्रियान्वयन या दिखने में शरीर में बदतर परिवर्तन आने लगे तो इस अवस्था को रोग कहते हैं।”
हमने निम्न चार प्रकार के रोगों का अध्ययन किया है –

  1. तीव्र रोग: उदाहरण-इन्फ्लु एन्जा।
  2. दीर्घकालिक: उदाहरण-तपेदिक (टी. बी.)
  3. संक्रामक: उदाहरण-न्यूमोनिया
  4. असंक्रामक: उदाहरण-कैंसर।

प्रश्न 5.
रोग लक्षण से आप क्या समझते हैं? दो उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
रोग लक्षण:
“जब शरीर के एक या एक से अधिक तन्त्रों के क्रियान्वयन या दिखने में शरीर में बदतर परिवर्तन आने लगे तो यहाँ रोग के निश्चित अपसामान्य लक्षण हैं। मनुष्य में ये दिखाई देने वाले परिवर्तन लक्षण कहलाते हैं। लक्षण किसी विशेष रोग के सूचक हैं।”
उदाहरण:

  1. त्वचा पर विक्षत चिकन पॉक्स के लक्षण हैं।
  2. कफ फुफ्फुस संक्रमण का लक्षण है।

प्रश्न 6.
“रोग की रोकथाम उसके उपचार से बेहतर है।” इस कथन की सार्थकता दिखाने के लिए आप कौन-सी सावधानियाँ बरतेंगे?
उत्तर:
रोग की रोकथाम उसके उपचार से बेहतर है। रोग की रोकथाम के लिए हमें निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिए –

  1. वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना।
  2. रोग तथा उसके कारक के बारे में जागरूकता बनाए रखना।
  3. सन्तुलित आहार का सेवन करना।
  4. स्वास्थ्य की नियमित जाँच कराते रहना।

प्रश्न 7.
“किसी संक्रामक सूक्ष्मजीव से संक्रमित होने या उसके प्रभाव में आने का अर्थ अनिवार्य रूप से किसी रोग से ग्रस्त होना नहीं है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
हमारे शरीर में प्रबल प्रतिरक्षा तन्त्र होते हुए आमतौर पर ये सूक्ष्मजीवों से लड़ते रहते हैं। हमारी कोशिकाएँ रोगजनक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने के लिए विशेषित होती हैं। जब कोई संक्रामक सूक्ष्मजीव हमारे शरीर में प्रवेश करता है तो ये कोशिकाएँ सक्रिय हो जाती हैं और यदि ये रोगजनक को दूर करने में सफल हो जाती हैं तब हम निरोग रहते हैं। अत: यदि हम संक्रामक सूक्ष्मजीव से मुक्त भी हो गए तो भी यह जरूरी नहीं कि हम रोगग्रस्त हैं।

प्रश्न 8.
किसी व्यक्ति के लिए वे कौन-सी चार बातें हैं जो उसे स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक होती हैं?
उत्तर:
एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए आवश्यक है कि –

  1. उसके आस-पास का पर्यावरण स्वच्छ हो जिससे वह वायु वाहित एवं जल वाहित रोगों से बच सके।
  2. व्यक्तिगत स्वच्छता का सदैव ध्यान रखे। इससे संक्रामक रोगों से रक्षा होती है।
  3. पर्याप्त और समुचित पोषक तत्वों तथा सन्तुलित आहार का सेवन करे। इससे शरीर का प्रतिरक्षा तन्त्र सुदृढ़ होता है।
  4. विभिन्न रोगों के लिए प्रतिरक्षीकरण (टीकाकरण) करवाये, जिससे रोगों से बचा जा सके।

प्रश्न 9.
एड्स को एक सिण्ड्रोम क्यों कहा गया है, रोग नहीं?
उत्तर:
एड्स (AIDS) का कारक HIV वायरस किसी भी विधि, जैसे लैंगिक असुरक्षित यौन सम्बन्ध, रक्ताधान या संक्रमित सुई के प्रयोग द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करता है तो पूरे शरीर में फैली लसिका ग्रन्थियों तक पहुँच जाता है। विषाणु शरीर के प्रतिरक्षातन्त्र को नष्ट कर देता है और इस कारण अधिकांश मामूली संक्रमण से भी नहीं लड़ा जा सकता।

हल्की खाँसी, जुकाम न्यूमोनिया का रूप धारण कर लेता है। आन्त्र का हल्का संक्रमण रुधिर हानि के साथ भयंकर पेचिश बन सकता है। अत: एड्स के कोई विशेष रोग लक्षण नहीं हैं बल्कि यह जटिल रोग लक्षणों का परिणाम है। अतः इसे रोग नहीं, सिण्ड्रोम कहा जाता है।

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प्रश्न 10.
संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों में अन्तर स्पष्ट कीजिए। (2019)
उत्तर:
संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों में अन्तर:
MP Board Class 9th Science Solutions Chapter 13 हम बीमार क्यों होते हैं image 2

MP Board Class 9th Science Chapter 13 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक शर्ते लिखिए तथा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक शर्ते:
1. पोषण:
सन्तुलित आहार अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त आवश्यक होता है।

2. स्वास्थ्यकारी आदतें एवं जीवन शैली:
अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्यकारी आदतें एवं अच्छी जीवन । शैली भी अत्यन्त महत्वपूर्ण होती है। जैसे –

  • शारीरिक स्वच्छता का ध्यान रखना, नित्य स्नान करना, ब्रुश करना, स्वच्छ कपड़े पहनना, खाने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोना।
  • भोजन, जल एवं अन्य खाद्य पदार्थों को ढककर रखना, रसोई के बर्तनों को साफ रखना।
  • प्रदूषण रहित वातावरण बनाए रखना।
  • घर, नालियाँ एवं आस-पास सफाई रखना तथा कूड़ा-करकट एकत्रित न होने देना।
  • धूम्रपान, तम्बाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन न करना आदि।

3. व्यायाम एवं विश्राम:
अच्छे स्वास्थ्य के लिये नियमित व्यायाम अत्यन्त आवश्यक है। माँसपेशियों की थकान मिटाने के लिए यथासमय विश्राम की भी आवश्यकता होती है।

प्रश्न 2.
कारण सहित व्याख्या कीजिए –
1. स्वस्थ शरीर को बनाए रखने के लिए सन्तुलित आहार करना आवश्यक होता है।
2. किसी प्राणी का स्वास्थ्य उसके आसपास के पर्यावरण की अवस्थाओं पर आश्रित होता है।
3. हमारा स्वास्थ्य हमारे आसपास के पर्यावरण की अवस्थाओं पर आश्रित होता है।
4. सामाजिक मेलजोल की भावना तथा अच्छी आर्थिक स्थिति अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
उत्तर:

1. भोजन शरीर की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। सन्तुलित आहार शरीर को उचित मात्रा में आवश्यक सामग्री यथा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, वसा, खनिज लवण तथा विटामिन प्रदान करता है। प्रोटीन शरीर की वृद्धि एवं विकास तथा टूट-फूट की मरम्मत के लिए आवश्यक है। कार्बोहाइड्रेट्स एवं वसा शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। खनिज लवण एवं विटामिन शरीर को स्वस्थ एवं निरोग रखने में सहायक हैं तथा विभिन्न जैव-रासायनिक क्रियाओं के लिए उत्तरदायी हैं।

2. स्वास्थ्य वह अवस्था है जिसके अन्तर्गत शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक कार्य समुचित क्षमता द्वारा उचित प्रकार से किया जा सके तथा ये स्थितियाँ हमारे आस-पास के पर्यावरण पर निर्भर करती हैं। यदि क्षेत्र का वातावरण दूषित है तो हम संक्रमित या बीमार हो सकते हैं।

3. हमारा स्वास्थ्य हमारे आस-पास के पर्यावरण की अवस्थाओं पर आश्रित होता है ऐसा इसलिए कि अनेक जल वाहित बीमारियों के रोगजनक तथा रोगवाहक कीट (वेक्टर) रुके हुए जल में पनपते हैं और मनुष्यों में बीमारियाँ फैलाते हैं।

4. मनुष्य जिस समुदाय में, गाँव या शहर में रहता है वहाँ के सामाजिक और भौतिक पर्यावरण को निर्धारित करता है तथा दोनों में साम्य रखना होता है। जन-स्वच्छता व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। अच्छे जीवन-यापन के लिए अधिक धन की आवश्यकता होती है। स्वस्थ शरीर बनाए रखने के लिए हमें अच्छे भोजन की आवश्यकता होती है और इसके लिए हमें अधिक धन कमाना चाहिए। रोगों के उपचार के लिए भी अच्छी आर्थिक स्थिति होनी चाहिए।

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प्रश्न 3.
संक्रामक रोग फैलने की कोई पाँच विधियाँ लिखिए। (2018)
उत्तर:
संक्रामक रोग फैलने की विधियाँ:

  1. संक्रमित व्यक्ति के रक्त का स्वस्थ मनुष्य में आधान करना।
  2. संक्रमित, सुई, ब्लेड, रेजर एवं अन्य उपकरणों का उपयोग करना।
  3. संक्रमित व्यक्ति के अधिक सम्पर्क में रहना और उसके कक्ष की सफाई का ध्यान न रखना।
  4. रोगी के मलमूत्र, थूक एवं गंदगी के द्वारा।
  5. प्रदूषित वायु, जल एवं खाद्य पदार्थों का सेवन करना।
  6. मक्खी, मच्छर आदि वाहकों के द्वारा।

प्रश्न 4.
सामान्य बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए कोई पाँच सुझाव दीजिए। (2018)
उत्तर:
सामान्य बीमारियों को फैलने से रोकने के सुझाव:

  1. स्वच्छता: अपने शरीर, घर एवं आस-पास की स्वच्छता को बनाए रखना।
  2. जल एवं अन्य खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से ढककर रखना एवं रसोई की स्वच्छता को बनाए रखना।
  3. मक्खी, मच्छरों आदि से बचाव के उपाय अपनाना।
  4. उचित एवं समयानुकूल टीकाकरण कराना।
  5. जल एवं वायु प्रदूषण को नियन्त्रित करना।
  6. धूम्रपान, तम्बाकू सेवन एवं मदिरापान आदि से बचना।

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MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.
आय स्तर की तुलना का आधार निर्धारण होता है-
(i) निरपेक्ष गरीबी
(ii) सापेक्ष गरीबी
(iii) पूर्ण गरीबी,
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ii) सापेक्ष गरीबी

प्रश्न 2.
भारत में सर्वाधिक गरीबी जनसंख्या वाला राज्य है –
(i) मेघालय
(ii) असम
(iii) बिहार
(iv) मध्य प्रदेश।
उत्तर:
(iii) बिहार

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प्रश्न 3.
रोजगार गारण्टी कानून, 2005 में कम से कम कितने दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है? (2014, 16)
(i) 25 दिन
(ii) 50 दिन
(iii) 75 दिन
(iv) 100 दिन।
उत्तर:
(iv) 100 दिन।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. एक व्यक्ति द्वारा एक वित्तीय वर्ष में प्राप्त औसत आय ……… कहलाती है।
  2. …………. गरीबी से अभिप्राय आय की असमानता से है।
  3. भारतीय अर्थशास्त्री दाण्डेकर ने सर्वप्रथम …………. का विचार दिया।(2018)
  4. मध्य प्रदेश का सबसे गरीब जिला …………. है।
  5. भारत में गरीबी मापने हेतु सापेक्ष और ………… गरीबी है।

उत्तर:

  1. प्रति व्यक्ति आय
  2. सापेक्ष
  3. गरीबी रेखा
  4. झाबुआ
  5. निरपेक्ष।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
जनसंख्या वृद्धि गरीबी को बढ़ाती है। (2016)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
भारत का सबसे गरीब राज्य पंजाब है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
रोजगार गारण्टी अधिनियम के अन्तर्गत 5 किलो अनाज एवं न्यूनतम 20 प्रतिशत मजदूरी दी जाती है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
भारत में शहरी क्षेत्र में 2,100 कैलोरी प्रतिदिन का पोषण प्राप्त न करने वाला व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे माना जाता है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
2005 की रिपोर्ट के अनुसार भारत का सबसे गरीब जिला झाबुआ, मध्य प्रदेश है।
उत्तर:
असत्य

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत के समक्ष उपस्थित प्रमुख आर्थिक समस्याएँ कौन-कौन सी हैं? (2011, 14)
उत्तर:
भारत के समक्ष गरीबी, तीव्र गति से बढ़ती हुई जनसंख्या, बेरोजगारी, तेजी से बढ़ती हुई कीमतें अर्थात् महँगाई की समस्या, क्षेत्रीय असन्तुलन एवं बढ़ती हुई आर्थिक असमानताएँ, बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा खाद्यान्न असुरक्षा आदि प्रमुख समस्याएँ हैं।

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प्रश्न 2.
गरीबी रेखा से क्या आशय है? (2016, 18)
उत्तर:
भारतीय योजना आयोग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 2400 कैलोरी तथा शहरी क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 2100 कैलोरी निर्धारित की गयी है। कोई भी व्यक्ति जो इससे कम पा रहा है, उसे गरीबी रेखा से नीचे माना गया है।

प्रश्न 3.
भारत में सर्वाधिक गरीब जनसंख्या वाले तीन राज्यों के नाम लिखिए। (2014)
उत्तर:
भारत में बिहार, ओडिशा व सिक्किम राज्य में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों की संख्या सबसे अधिक है।

प्रश्न 4.
गरीबी के लिए उत्तरदायी सामाजिक कारण लिखिए। (2010, 13, 16)
उत्तर:
भारत में विद्यमान सामाजिक व्यवस्थाएँ गरीबी का कारण बनी रही हैं। इसमें जन्म, मरण और शादी इत्यादि पर अनावश्यक व्यय और उनके फलस्वरूप ऋण का भार गरीबों को निरन्तर गरीब बनाये रखता है।

भारत में व्याप्त भाग्यवादी दृष्टिकोण में गरीबी को भी किस्मत का खेल’ मान लिया जाता है और उससे बाहर निकलने के लिए अधिक सक्रिय प्रयासों पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जनसंख्या वृद्धि किस प्रकार गरीबी बढ़ाती है? समझाइए। (2009, 13, 15)
अथवा
जनसंख्या वृद्धि किस प्रकार गरीबी को बढ़ाती है? भारत के सर्वाधिक गरीब जनसंख्या वाले तीन राज्यों के नाम लिखिए। (2008)
उत्तर:
जनसंख्या में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि भी गरीबी की स्थिति को गम्भीर बनाने में सहायक होती है। जनसंख्या वृद्धि से गरीबों के उपभोग स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती है। इनकी आय का लगभग सम्पूर्ण भाग परिवार के पालन-पोषण पर व्यय हो जाता है और इस प्रकार बचत और निवेश के लिए इनके पास कुछ नहीं बचता। इससे पूँजी निर्माण और आर्थिक विकास की गति धीमी पड़ जाती है। परिणामस्वरूप गरीबी की समस्या और उलझ जाती है। सर्वाधिक गरीब जनसंख्या वाले तीन राज्यों के नाम हैं-बिहार, उड़ीसा, सिक्किम।

प्रश्न 2.
विगत वर्षों में भारत में गरीबी की स्थिति में क्या परिवर्तन आया है? लिखिए।
उत्तर:
भारत में गरीबी की स्थिति-भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या में निरन्तर कमी आई है। वर्ष 1973-74 में 54.9 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे थे। वर्ष 1983 में गरीबी दर घटकर 44.8 प्रतिशत तथा 1993-94 में 36 प्रतिशत एवं 1999-2000 में देश में गरीबी की दर 26:10 प्रतिशत हो गयी। वर्ष 2007 में 19.3 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है।
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती 1

भारत में लगभग 22 करोड़ लोग, गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करते हैं, लेकिन गरीबों की संख्या की तालिका को देखने से पता चलता है कि भारत में गरीबी का प्रतिशत निरन्तर घटता जा रहा है।

प्रश्न 3.
भारत में राज्यवार गरीबी की क्या स्थिति है? समझाइए। (2016)
उत्तर:
भारत में राज्यवार गरीबी :
भारत में विभिन्न राज्यों में गरीबी की व्यापकता समान नहीं है। योजना आयोग द्वारा सितम्बर 2005 को जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत का सबसे गरीब जिला डांग (गुजरात) है। दूसरे स्थान पर राजस्थान का बाँसवाड़ा जिला व तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश का झाबुआ जिला है। भिन्न-भिन्न राज्यों में गरीबी की 2011-12 की अनुमानित स्थिति को निम्न तालिका में दर्शाया गया है –

प्रमुख राज्यों में गरीबी रेखा के नीचे जनसंख्या प्रतिशत

राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश2011-12
आन्ध्र प्रदेश9.20
बिहार33.7
गुजरात16.6
हरियाणा11.2
कर्नाटक20.9
केरल7.1
मध्य प्रदेश31.7
महाराष्ट्र17.4
ओडिशा32.6
पंजाब8.3
राजस्थान14.7
तमिलनाडु11.3
उत्तर प्रदेश29.4
प. बंगाल20.0
सम्पूर्ण भारत21.9

उपर्युक्त तालिका के अनुसार भारत में बिहार, ओडिशा व मध्य प्रदेश राज्य में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों की संख्या सबसे अधिक है।

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प्रश्न 4.
रोजगार गारण्टी कार्यक्रम, 2005 की प्रमुख विशेषताएँ बताइए। (2009, 11, 12, 15, 18)
उत्तर:
रोजगार गारण्टी कार्यक्रम, 2005 की प्रमुख विशेषताएँ –

  1. यह अधिनियम केवल एक कार्यक्रम ही नहीं है, अपितु एक कानून है जिसके अन्तर्गत रोजगार हासिल करने की कानूनी गारण्टी दी गई है।
  2. इसके नियोजन तथा क्रियान्वयन में पंचायती राज संस्थाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी।
  3. इसका प्रमुख उद्देश्य हर वर्ष प्रत्येक ग्रामीण एवं शहरी गरीब तथा निम्न मध्यम वर्ग के परिवार के एक वयस्क व्यक्ति को कम से कम 100 दिन रोजगार उपलब्ध कराना है।
  4. इसके अन्तर्गत माँग करने पर 15 दिन के अन्दर कार्य उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
  5. यदि निश्चित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, तो सम्बन्धित व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा।

प्रश्न 5.
गरीबी को मापने हेतु कौन से मानदण्ड हैं? बताइए। (2008, 09, 16)
अथवा
निरपेक्ष गरीबी और सापेक्ष गरीबी में क्या अन्तर है? (2011, 12)
अथवा
गरीबी की रेखा से क्या आशय है? गरीबी को मापने हेतु कौन से मापदण्ड हैं? (2008, 09)
उत्तर:
गरीबी की माप-सामान्यतः गरीबी को मापने के लिए दो मानदण्डों का प्रयोग किया जाता है। प्रथम-निरपेक्ष गरीबी; दूसरी-सापेक्ष गरीबी।

  • निरपेक्ष गरीबी :
    निरपेक्ष निर्धनता से आशय किसी राष्ट्र की आर्थिक अवस्था को ध्यान में रखते हुए निर्धनता के माप से है। यह सामान्य जीवन की आवश्यकताएँ जुटाने के लिए संसाधनों के अभाव को इंगित करता है। अन्य शब्दों में मानव की आधारभूत आवयकताओं-खाना, कपड़ा, सामान्य निवास, स्वास्थ्य सहायता आदि की पूर्ति हेतु पर्याप्त वस्तुओं एवं सेवाओं को जुटा पाने की असमर्थता से है।
  • सापेक्ष गरीबी :
    सापेक्ष गरीबी आय की असमानताओं के आधार पर पारिभाषित की जाती है। सापेक्ष गरीबी अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक असमानता या क्षेत्रीय आर्थिक असमानताओं का बोध कराती है। इसका आकलन समय-समय पर (सामान्यतः प्रतिदर्श हर पाँच वर्ष पर) भारतवर्ष में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली जनसंख्या का राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन (एन. एस. ओ) द्वारा करवाया जाता है।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में गरीबी के लिए उत्तरदायी कारण कौन से हैं? (2008)
अथवा
भारत में निर्धनता के क्या कारण हैं? (2018)
उत्तर:
भारत में गरीबी के कारण-भारत में गरीबी के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारण निम्नलिखित
(1) तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या :
इस समय जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में दूसरा स्थान है। बढ़ती हुई जनसंख्या का अर्थ है, वस्तुओं की माँग में अपार वृद्धि होना। देश की सम्पत्ति का एक बड़ा भाग अपनी जनसंख्या के पालन में व्यय हो जाता है, जिससे विकास कार्यों को पूँजी नहीं मिल पाती है।

(2) पूँजी निर्माण का अभाव :
पूँजी निर्माण आर्थिक विकास की आधारशिला है, परन्तु पूँजी निर्माण की दर भारत में अपेक्षाकृत कम है।

(3) बेरोजगारी :
निर्धनता का एक प्रमुख कारण बेरोजगारी है। देश में बेरोजगारी की समस्या व्यापक और भीषण है। एक अनुमान के अनुसार भारत में लगभग 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। बेरोजगारों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है, जो निर्धनता के लिए एक उत्तरदायी कारण है।

(4) कीमत स्तर में वृद्धि :
कीमतों में वृद्धि परिणामस्वरूप मुद्रा की क्रय-शक्ति कम हो जाने के कारण वास्तविक आय कम हो जाती है जबकि भारत में आय वृद्धि की दर कीमत वृद्धि दर से कम रही है। अतः लोगों के पास उपलब्ध क्रय-शक्ति का ह्रास हुआ है।

(5) असमान वितरण :
उत्पादन के साधनों तथा आय का असमान वितरण भी निर्धनता के लिए उत्तरदायी है। सम्पत्ति का चन्द हाथों में केन्द्रीयकरण हो गया है। स्वभावतः इन्हें अपार आय प्राप्त होती है जबकि अधिकांश लोगों को गरीबी की रेखा से नीचे रहना पड़ता है।

(6) प्रति व्यक्ति निम्न आय ;
भारत में प्रति व्यक्ति आय कम होने से यहाँ गरीबी व्याप्त है। विश्व के विकसित देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति आय का स्तर भारत में बहुत कम है। विश्व बैंक की वर्ष 2014 की रिपोर्ट के अनुसार भारत की प्रति व्यक्ति आय मात्र 5,497 डॉलर है, जबकि भारत की तुलना में प्रति व्यक्ति आय अमेरिका में 52, 947, जर्मनी में 43,919 तथा ब्राजील में 15,175 डालर है।

(7) दोषपूर्ण विकास :
रणनीति-भारत में निर्धनता तथा आय की विषमताओं के लिए विकास की दोषपूर्ण रणनीति भी बहुत सीमा तक उत्तरदायी है क्योंकि अर्थव्यवस्था के विकास का लाभ कुछ व्यक्तियों तक ही सीमित हो गया है। परिणामस्वरूप निर्धन और निर्धन हो रहा है और अमीर और अधिक अमीर हो रहे हैं। शिक्षित व सुविधा सम्पन्न व्यक्तियों के पास आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि धनाभाव के कारण निर्धन व्यक्ति उच्च व तकनीक शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं। शासन द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं लेकिन रोजगार के अवसरों में बहुत ही धीमी वृद्धि हुई है।

(8) सामाजिक कारण :
भारत में प्रचलित सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाएँ निर्धनता बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। समाज में व्याप्त जाति प्रथा, उत्तराधिकार का नियम, निरक्षरता, भाग्यवादिता तथा धार्मिक रूढ़िवादिता, लोगों को नये विचार तथा तकनीकों को अपनाने से रोकता है। सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और झूठी प्रतिष्ठा को प्राप्त करने हेतु लोग फिलूजखर्ची करते हैं और निर्धन बने रहते हैं।

प्रश्न 2.
भारत में गरीबी निवारण के प्रमुख कार्यक्रमों को संक्षेप में लिखिए। (2009)
अथवा
‘स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार’ को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
अन्त्योदय अन्न योजना क्या है? स्पष्ट कीजिए। (2009, 15, 17)
अथवा
भारत में गरीबी निवारण के कौन-कौन से प्रमुख कार्यक्रम हैं? (कोई चार) (2010, 17)
अथवा
जनश्री योजना क्या है? (2018) [संकेतः जनश्री योजना शीर्षक देखें।]
उत्तर:
भारत में गरीबी निवारण के प्रमुख कार्यक्रम-गरीबी निवारण के प्रमुख कार्यक्रम निम्नलिखित
(1) प्रधानमन्त्री रोजगार योजना :
यह योजना 2 अक्टूबर, 1993 से प्रारम्भ की गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तथा छोटे शहरों के 18 से 35 वर्ष के शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

(2) ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम :
अप्रैल 1995 में यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों तथा छोटे कस्बों में परियोजनाएँ लगाने और रोजगार के अवसर उत्पन्न करने के लिए आरम्भ की गई।

(3) स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) :
यह योजना 1 अप्रैल, 1999 को आरम्भ की गई थी। इस योजना में पूर्व की अनेक स्वरोजगार तथा सम्बद्ध कार्यक्रमों की योजनाओं; जैसे IRDP, TRYSEM, DWACRA आदि का विलय कर दिया गया है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र के निर्धनों को रोजगार देने के उद्देश्य से सूक्ष्म तथा लघु उद्योग की स्थापना की जाती है। इन उद्योगों में कार्य करने वाले लोगों को स्वरोजगारी कहा जाता है। इस योजना का प्रारम्भिक लक्ष्य सहायता प्राप्त परिवारों को 3 वर्ष की अवधि में गरीबी की रेखा से ऊपर उठाना था।

(4) जवाहर ग्राम समृद्धि योजना (1999) :
यह योजना भी सन् 1999 में पुरानी जवाहर रोजगार योजना को पुनर्गठित करके आरम्भ की गई थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों का जीवन-स्तर सुधारना तथा उन्हें लाभप्रद रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसके अन्तर्गत सरकार द्वारा ग्रामीण गरीबों को ग्राम पंचायतों द्वारा शुरू किये निर्माण कार्यों अथवा परियोजना में रोजगार दिया जाता है।

(5) सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एस. जी. आर. वाई.) :
सुनिश्चित रोजगार योजना और जवाहर ग्राम समृद्धि योजना, दोनों का 25 सितम्बर, 2001 को सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना में विलय कर दिया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न सुरक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए स्थायी सामुदायिक परिसम्पत्तियों का निर्माण करना है। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों विशेषकर महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व खतरनाक व्यवसायों से हटाये गये बच्चों के अभिभावकों को विशेष सुरक्षा प्रदान करना है।

(6) स्वर्ण जयन्ती शहरी रोजगार योजना :
स्वतन्त्रता के स्वर्ण जयन्ती वर्ष में केन्द्र सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में निर्धनता निवारण की एक नई योजना 1 दिसम्बर, 1997 से लागू की गई। इस योजना का उद्देश्य शहरी निर्धनों को स्वरोजगार उपक्रम स्थापित करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना तथा सवेतन रोजगार सृजन हेतु उत्पादक परिसम्पत्तियों का निर्माण करना है।

(7) जनश्री योजना :
निर्धन वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से अगस्त 2000 में इस योजना को प्रारम्भ किया गया। योजना में लाभार्थी को स्वाभाविक मृत्यु की दशा में 20,000 रुपये, दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 50,000 रुपये तथा आंशिक विकलांगता पर 25,000 रुपये दिये जाते हैं।

(8) अंत्योदय अन्न योजना :
यह योजना 25 दिसम्बर, 2000 को प्रारम्भ की गई। इस योजना का उद्देश्य लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत शामिल निर्धनता रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वालों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इस योजना में देश के 1.50 करोड़ निर्धन परिवारों को प्रतिमाह 35 किग्रा. अनाज विशेष रियायती कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है।

(9) रोजगार गारण्टी अधिनियम, 2005 :
2 फरवरी, 2006 से प्रारम्भ इस योजना के अन्तर्गत देश के 200 चयनित जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के वयस्क सदस्य को वर्ष में न्यूनतम 100 दिन अकुशल श्रम वाले रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। योजना का 33 प्रतिशत लाभ महिलाओं को मिलेगा। यह योजना रोजगार के अन्य कार्यक्रमों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि यह मात्र एक योजना नहीं, बल्कि एक कानून है जो रोजगार की वैधानिक गारण्टी प्रदान करता है। योजना के अन्तर्गत रोजगार के इच्छुक एवं पात्र व्यक्ति द्वारा पंजीकरण कराने के 15 दिन के भीतर रोजगार नहीं दिये जाने पर निर्धारित दर से बेरोजगारी भत्ता केन्द्र सरकार द्वारा दिये जाने का प्रावधान है।

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प्रश्न 3.
“भारत एक सम्पन्न देश है, किन्तु इसके निवासी निर्धन हैं।” इस कथन को समझाइए। (2008, 09)
उत्तर:
भारत एक धनी देश है, परन्तु यहाँ के निवासी निर्धन हैं –
भारत में प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता एवं समृद्धता इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि भारत एक धनी देश है, जबकि देश की अधिकांश जनता की निर्धनता और निम्न जीवन-स्तर की स्थिति इस बात का संकेत है कि भारतवासी निर्धन हैं। अतः इस विरोधाभास को स्पष्ट करने के लिए यह आवश्यक है कि कथन के दोनों पहलुओं-प्रथम भारत एक धनी देश है तथा द्वितीय यहाँ के निवासी निर्धन हैं-का अध्ययन करना होगा।

भारत एक धनी देश है :
प्राचीन काल से ही भारत की गणना एक धनी देश के रूप में होती रही है। प्राकृतिक एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता के आधार पर इस देश को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था। भारत को धनी देश कहने के मुख्य आधार निम्नलिखित हैं –

(1) भौगोलिक स्थिति :
देश के उत्तर में स्थित हिमालय पर्वत की उच्च शृंखलाएँ उत्तरी ठण्डी हवाओं से देश की रक्षा करती हैं तथा हिन्द महासागर से चलने वाली जलवायु हवाओं को रोककर देश में वर्षा कराने से सहायक होती हैं। हिन्द महासागर पर स्थित होने के कारण भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों का संगम है। वायु मार्ग की दृष्टि से भारत की स्थिति काफी लाभप्रद है। यह विश्व का सातवाँ बड़ा देश है जिसका क्षेत्र 32.87 लाख वर्ग किलोमीटर है जो विश्व के क्षेत्रफल का 2.4 प्रतिशत हैं।

(2) जलवायु :
जलवायु की विषमताओं के कारण भी भारत एक धनी देश है। ब्लैण्ड फोर्ड के शब्दों में-“सम्पूर्ण विश्व में जलवायु की इतनी अधिक विषमताएँ कहीं नहीं मिलती जितनी की भारत में। भारत में अनेक प्रकार की वनस्पति, पशु तथा खनिज सम्पत्तियाँ मिलती हैं।” मार्सडेन ने लिखा है कि “विश्व की समस्त जलवायु भारत में मिल जाती है।”

(3) जल भण्डार :
भारत में जल के विपुल स्रोत हैं। यहाँ बारहमासी बहने वाली नदियाँ हैं जिनमें अपार जल है। इस जल को रोककर फसलों की सिंचाई तथा विद्युत् उत्पादन के काम में लाया जा सकता है। इस विषय में किये गये प्रयास से भारत में सिंचाई की सुविधाओं में वृद्धि हुई है, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ा है। विद्युत् उत्पादन में वृद्धि से औद्योगीकरण में सहायता मिली है।

(4) वन सम्पदा :
भारत के प्राकृतिक साधनों में वन सम्पदा का महत्त्वपूर्ण स्थान है। भारत में वनों का क्षेत्रफल लगभग 6.70 करोड़ हेक्टेअर है। जलवायु और प्राकृतिक रचना के अनुसार देश में विभिन्न प्रकार के वन पाये जाते हैं। इन वनों से हमें चीड़, देवदार, शीशम, साल, सागौन, आबनूस आदि की उपयोगी लकड़ियाँ प्राप्त होती हैं जिनका उपयोग इमारती सामान, फर्नीचर, रेलों के स्लीपर आदि बनाने में किया जाता है। इसके अतिरिक्त कई महत्त्वपूर्ण उद्योगों; जैसे-कागज या दियासलाई उद्योग आदि के लिए कच्चा माल भी हमें वनों से ही प्राप्त होता है।

(5) अपार जन-शक्ति :
जन-शक्ति की दृष्टि से भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान है। क्योंकि भारत में जनसंख्या 121.07 करोड़ है। यदि इस अपार जन-शक्ति को काम में लाया जाए तो देश उन्नति के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है और राष्ट्र के भाग्य को बदल सकता है।

इस प्रकार हम देखते हैं कि, “प्राकृतिक साधनों की दृष्टि से भारत एक धनी देश है, परन्तु यहाँ के निवासी निर्धन हैं।” भारत में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आय विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है। नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 19:3 प्रतिशत जनसंख्या निर्धनता की रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही है। वर्तमान में 5 करोड़ व्यक्ति बेरोजगार हैं। बेरोजगारी तथा कम आय के कारण भारतीय लोगों का जीवन स्तर भी बहुत नीचा है।

भारतवासी निर्धन हैं –

1. तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या :
इस समय जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में दूसरा स्थान है। बढ़ती हुई जनसंख्या का अर्थ है, वस्तुओं की माँग में अपार वृद्धि होना। देश की सम्पत्ति का एक बड़ा भाग अपनी जनसंख्या के पालन में व्यय हो जाता है, जिससे विकास कार्यों को पूँजी नहीं मिल पाती है।

2. पूँजी निर्माण का अभाव :
पूँजी निर्माण आर्थिक विकास की आधारशिला है, परन्तु पूँजी निर्माण की दर भारत में अपेक्षाकृत कम है।

3. बेरोजगारी :
निर्धनता का एक प्रमुख कारण बेरोजगारी है। देश में बेरोजगारी की समस्या व्यापक और भीषण है। एक अनुमान के अनुसार भारत में लगभग 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। बेरोजगारों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है, जो निर्धनता के लिए एक उत्तरदायी कारण है।

4. कीमत स्तर में वृद्धि :
कीमतों में वृद्धि परिणामस्वरूप मुद्रा की क्रय-शक्ति कम हो जाने के कारण वास्तविक आय कम हो जाती है जबकि भारत में आय वृद्धि की दर कीमत वृद्धि दर से कम रही है। अतः लोगों के पास उपलब्ध क्रय-शक्ति का ह्रास हुआ है।

5. असमान वितरण :
उत्पादन के साधनों तथा आय का असमान वितरण भी निर्धनता के लिए उत्तरदायी है। सम्पत्ति का चन्द हाथों में केन्द्रीयकरण हो गया है। स्वभावतः इन्हें अपार आय प्राप्त होती है जबकि अधिकांश लोगों को गरीबी की रेखा से नीचे रहना पड़ता है।

6. प्रति व्यक्ति निम्न आय ;
भारत में प्रति व्यक्ति आय कम होने से यहाँ गरीबी व्याप्त है। विश्व के विकसित देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति आय का स्तर भारत में बहुत कम है। विश्व बैंक की वर्ष 2014 की रिपोर्ट के अनुसार भारत की प्रति व्यक्ति आय मात्र 5,497 डॉलर है, जबकि भारत की तुलना में प्रति व्यक्ति आय अमेरिका में 52, 947, जर्मनी में 43,919 तथा ब्राजील में 15,175 डालर है।

7. दोषपूर्ण विकास :
रणनीति-भारत में निर्धनता तथा आय की विषमताओं के लिए विकास की दोषपूर्ण रणनीति भी बहुत सीमा तक उत्तरदायी है क्योंकि अर्थव्यवस्था के विकास का लाभ कुछ व्यक्तियों तक ही सीमित हो गया है। परिणामस्वरूप निर्धन और निर्धन हो रहा है और अमीर और अधिक अमीर हो रहे हैं। शिक्षित व सुविधा सम्पन्न व्यक्तियों के पास आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि धनाभाव के कारण निर्धन व्यक्ति उच्च व तकनीक शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं। शासन द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं लेकिन रोजगार के अवसरों में बहुत ही धीमी वृद्धि हुई है।

8. सामाजिक कारण :
भारत में प्रचलित सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाएँ निर्धनता बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। समाज में व्याप्त जाति प्रथा, उत्तराधिकार का नियम, निरक्षरता, भाग्यवादिता तथा धार्मिक रूढ़िवादिता, लोगों को नये विचार तथा तकनीकों को अपनाने से रोकता है। सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और झूठी प्रतिष्ठा को प्राप्त करने हेतु लोग फिलूजखर्ची करते हैं और निर्धन बने रहते हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत किस प्रकार की अर्थव्यवस्था वाला राष्ट्र है?
(i) विकसित अर्थव्यवस्था
(ii) विकासशील अर्थव्यवस्था
(iii) अल्पविकसित अर्थव्यवस्था
(iv) नियन्त्रित अर्थव्यवस्था।
उत्तर:
(ii) विकासशील अर्थव्यवस्था

प्रश्न 2.
ग्रामीण भारत में निवास कर रहे एक व्यक्ति को निर्धन कहा जाएगा यदि इसका दैनिक कैलोरी उपभोग निम्नलिखित से कम है
(i) 2600 कैलोरी
(ii) 2500 कैलोरी
(iii) 2400 कैलोरी
(iv) 2800 कैलोरी।
उत्तर:
(iii) 2400 कैलोरी

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प्रश्न 3.
भारत में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली जनसंख्या का आंकलन किसके द्वारा किया जाता है?
(i) भारतीय रिजर्व बैंक
(ii) केन्द्रीय सांख्यिकीय संगठन
(iii) राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन
(iv) वित्त मन्त्रालय।
उत्तर:
(iii) राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन

प्रश्न 4.
भारत का सबसे गरीब जिला है
(i) बाँसवाड़ा
(ii) झाबुआ
(iii) डांग
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(iii) डांग

प्रश्न 5.
नवीनतम आँकड़ों के अनुसार कुल जनसंख्या का कितना भाग गरीबी रेखा के नीचे रहता है?
(i) 24 प्रतिशत
(ii) 22.5 प्रतिशत
(iii) 20.8 प्रतिशत
(iv) 21.8 प्रतिशत।
उत्तर:
(iv) 21.8 प्रतिशत।

प्रश्न 6.
‘गरीबी रेखा’ का विचार सर्वप्रथम दिया
(i) लकड़वाला
(ii) दाण्डेकर
(iii) एम. एन. राय
(iv) एम. विश्वेश्वरैया।
उत्तर:
(ii) दाण्डेकर

प्रश्न 7.
प्रधानमन्त्री रोजगार योजना प्रारम्भ हुई
(i) 2 अक्टूबर, 1993
(ii) 2 अक्टूबर 1995
(iii) 2 अक्टूबर, 1997
(iv) 2 अक्टूबर, 2000
उत्तर:
(i) 2 अक्टूबर, 1993

सत्य/ असत्य

प्रश्न 1.
अन्त्योदय अन्न योजना के अन्तर्गत 5 किग्रा. खाद्यान्न दिया जाता है। (2008)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 2.
भारतवर्ष में अर्थव्यवस्था मूलतः कृषि पर आधारित है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
भारत की भौगोलिक स्थिति विकास की दृष्टि से अनुकूल नहीं है।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 4.
पूँजी निर्माण आर्थिक विकास की आधारशिला है। (2015)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
भारत का सबसे गरीब राज्य पंजाब है। (2017, 18)
उत्तर:
असत्य।

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सही जोड़ी मिलाइए

MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती - 1
उत्तर:

  1. →(ङ)
  2. →(घ)
  3. →(ख)
  4. →(ग)
  5. →(क)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
व्यापार चक्र की मन्दी के समय उत्पन्न बेरोजगारी क्या कहलाती है?
उत्तर:
चक्रीय बेरोजगारी

प्रश्न 2.
भारत का सबसे गरीब जिला कौन-सा है?
उत्तर:
डांग

प्रश्न 3.
ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम कब प्रारम्भ किया गया?
उत्तर:
अप्रैल 1995

प्रश्न 4.
किसी फर्म के उत्पादन के मूल्य तथा अन्य फर्मों से खरीदे गये आदानों की लागत का अन्तर कहलाता है।
उत्तर:
मूल्य वृद्धि

प्रश्न 5.
प्रकृति द्वारा मनुष्य को प्रदान किये गये वे निःशुल्क उपहार जो आर्थिक विकास में सहायक होते हैं।
उत्तर:
प्राकृतिक संसाधन।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अल्प रोजगार से आप क्या समझते हैं? (2010)
उत्तर:
अल्प रोजगार-जब व्यक्ति अपनी कार्यक्षमता के अनुसार कार्य न पाकर अपनी योग्यता एवं क्षमता से कम स्तर वाला कार्य करता है, तब अल्प रोजगार की श्रेणी में आता है।

प्रश्न 2.
योजना आयोग की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश का सबसे गरीब जिला कौन-सा है?
उत्तर:
मध्य प्रदेश का झाबुआ सबसे गरीब जिला है।

प्रश्न 3.
नवीनतम आँकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश की कुल जनसंख्या का कितना भाग गरीबी रेखा के नीचे रहता है?
उत्तर:
मध्य प्रदेश का 29.52 प्रतिशत भाग गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहा है।

प्रश्न 4.
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में किस प्रकार की बेरोजगारी विद्यमान है?
उत्तर:
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में अल्प रोजगार के साथ अदृश्य बेरोजगारी विद्यमान है।

प्रश्न 5.
अदृश्य बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? (2015)
उत्तर:
अदृश्य बेरोजगारी-कृषि क्षेत्र में पाई जाने वाली यह बेरोजगारी उस स्थिति का सूचक है जब श्रमिकों की सीमान्त उत्पादकता शून्य होती है, अर्थात् इन व्यक्तियों को कृषि क्षेत्रों से हटाकर अन्यत्र भेजे जाने पर कृषि क्षेत्र की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

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प्रश्न 6.
मुद्रा प्रसार क्या है?
उत्तर:
मुद्रा प्रसार या मुद्रा स्फीति वह अवस्था है, जिसमें मुद्रा का मूल्य गिर जाता है और कीमतें बढ़ जाती हैं।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गरीबी से क्या आशय है? (2010)
उत्तर:
गरीबी का अर्थ-धन का अभाव निर्धनता को जन्म देता है। केवल कुछ व्यक्तियों की निम्न आर्थिक स्थिति ही गरीबी को जन्म नहीं देती है, बल्कि किसी समाज में व्यक्तियों का बहुत बड़ा भाग जब जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ रहता है, तब इस स्थिति को ‘गरीबी’ के नाम से जाना जाता है। आशय यह है कि समाज में अधिकांश व्यक्तियों को रहने, खाने और पहनने की अति आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध न हों तो इस प्रकार की स्थिति को ‘गरीबी’ के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 2.
गरीबी की पहचान किस प्रकार कर सकते हैं?
उत्तर:
गरीबी की पहचान तो बहुत सरल है, किन्तु इसको परिभाषित करना कठिन है। जब हम अपने आस-पास टूटे झोंपड़ों एवं झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों, रेलवे स्टेशनों और चौराहों पर भीख माँगते भिखारियों, खेतों में काम करने वाले श्रमिकों को देखते हैं तो उनके अभावग्रस्त जीवन को देखकर गरीबी को पहचान सकते हैं। गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले व्यक्ति ‘गरीबी’ की परिभाषा में आते हैं। ‘गरीबी रेखा’ से आशय नागरिकों के उस न्यूनतम आर्थिक स्तर से है, जो उसके जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक होता है।

प्रश्न 3.
अन्नपूर्णा योजना क्या है? संक्षिप्त विवरण दीजिए। (2009)
उत्तर:
अन्नपूर्णा योजना-यह योजना ग्रामीण विकास मन्त्रालय द्वारा 1 अप्रैल, 2000 से प्रारम्भ की गई है। इसके अन्तर्गत 65 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के ऐसे असाध्य वृद्ध नागरिक आते हैं, जो राष्ट्रीय पेंशन योजना के पात्र तो हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इस योजना में प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 10 किग्रा. खाद्यान्न निःशुल्क दिया जाता है। वर्ष 2002-03 में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को इस योजना में मिला दिया गया।

MP Board Class 9th Social Science Chapter 16 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“निर्धनता सभी बुराइयों की जड़ है।” विवेचना कीजिए।
अथवा
निर्धनता के दुश्चक्र से आप क्या समझते हैं? (2008, 11)
उत्तर:
निर्धनता के दुश्चक्र से आशय-निर्धनता का दुश्चक्र एक ऐसी वृत्ताकार प्रक्रिया है, जिसका प्रारम्भ भी निर्धनता से होता है और अन्त भी निर्धनता के रूप में होता है।

प्रो. नर्कसे (Nurkse) के शब्दों में, “निर्धनता के दुश्चक्र का आशय नक्षत्र मण्डल के समान वृत्ताकार ढंग से घूमती हुई ऐसी शक्तियों से है जो एक-दूसरे पर इस प्रकार क्रिया-प्रतिक्रिया करती हैं कि एक निर्धन देश निर्धनता की अवस्था में ही बना रहता है।”

निर्धनता के दुश्चक्र की विशेषताएँ –

  1. निर्धनता का कारण व परिणाम स्वयं निर्धनता है।
  2. निर्धनता अपने प्रारम्भिक बिन्दु से अन्तिम बिन्दु तक वृत्ताकार ढंग से क्रिया व प्रतिक्रिया करती हुई बढ़ती है।
  3. इनका प्रभाव संचयी (Cumulative) होता है अर्थात् एक स्तर पर पायी जाने वाली निर्धनता अगले स्तर पर और भी अधिक हानिकारक होने लगती है।
  4. यह एक ऐसी निरन्तर प्रक्रिया है जो सम्बन्धित घटकों को सदैव नीचे की ओर धकेलती है।

प्रो. नर्कसे का कहना है कि इस सम्बन्ध में ध्यान रखने योग्य बात यह है कि वास्तविक आय का निम्न स्तर, वस्तुओं की माँग व पूर्ति के निम्न स्तर का कारण व परिणाम दोनों हैं। वास्तविक आय के कम होने का प्रभाव, एक ओर वस्तुओं की माँग पर पड़ता है और दूसरी ओर लोगों द्वारा की जाने वाली बातों पर पड़ता है जैसा कि निम्न चित्र द्वारा स्पष्ट किया गया है –
MP Board Class 9th Social Science Solutions Chapter 16 गरीबी, भारत के समक्ष एक आर्थिक चुनौती - 2

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