MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Chapter 9 उज्जयिनीदर्शनम्

MP Board Class 6th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 9 उज्जयिनीदर्शनम्

MP Board Class 6th Sanskrit Chapter 9 अभ्यासः

Mp Board Class 6 Sanskrit Chapter 9 प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत (एक शब्द में उत्तर लिखो)
(क) सर्वदा कस्मात् घण्टानादः श्रूयते? (सदा ही कहाँ से घण्टों की ध्वनि सुनाई देती है?)
उत्तर:
मन्दिरात् (मन्दिर से)

(ख) यात्रिकाः कस्मात् स्थानानां महत्वं जानन्ति? (यात्रीगण कहाँ से स्थानों के महत्व को जानते हैं?)
उत्तर:
मार्गदर्शकात् (मार्गदर्शकों से)

(ग) केभ्यः जयघोषः निःसरति? (किनके द्वारा जयघोष निकलते हैं?)
उत्तर:
भक्तजनमुखेभ्य (भक्तजनों के मुख से)।

Mp Board Solution Class 6 Sanskrit प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत (एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) उज्जयनी कस्मात् नगरात् पश्चिमदिशि अस्ति? (उज्जियिनी किस नगर के पश्चिम दिशा में है?)
उत्तर:
उज्जयिनी भोपालनगरात् पश्चिमदिशि अस्ति। (उज्जयिनी भोपालनगर से पश्चिम दिशा में है)

(ख) उज्जयिन्याः मुख्यं दर्शनीयस्थानं किम् अस्ति? (उज्जयिनी का मुख्य दर्शनीय स्थान कौन-सा है?)
उत्तर:
उज्जयिन्याः मुख्यं दर्शनीय स्थानं-महाकालमन्दिरम्, महागणेशमन्दिरं,हरिसिद्धिमन्दिरम्, चिन्तामणिगणपति मन्दिरं, मङ्गलनाथमन्दिरं, कालभैरवमन्दिरम् च सन्ति। (उज्जयिनी के मुख्य दर्शनीय स्थान-महाकाल मन्दिर, महागणेश मन्दिर, हरिसिद्ध मन्दिर, चिन्तामणिगणपति मन्दिर, मङ्गलनाथ मन्दिर और काल भैरव मन्दिर हैं।)

(ग) कस्मात् जनाः श्रीकृष्णस्य इतिहासं जानन्ति? (लोग श्रीकृष्ण के इतिहास को किससे जानते हैं?)
उत्तर:
सान्दीपनि आश्रमात् जनाः श्रीकृष्णस्य इतिहास जानन्ति। (सान्दीपनि आश्रम से लोग श्रीकृष्ण के इतिहास को जानते हैं।)

(घ) महाकालमन्दिरात् जनाः कुत्र गच्छन्ति? (महाकाल मन्दिर से लोग कहाँ जाते हैं)
उत्तर:
महाकालमन्दिरात् जनाः महागणेशमन्दिरम्, हरिसिद्धि मन्दिरम् च गच्छन्ति। (महाकाल मन्दिर से लोग महागणेश मन्दिर और हरिसिद्ध मन्दिर जाते हैं।

(ङ) कस्मात् विक्रमसंवत्सरस्य गणना भवति? (विक्रमसंवत्सर की किससे गणना होती है?)
उत्तर:
उज्जयिन्याः राजा विक्रमादित्यस्य कालात् विक्रम संवत्सरस्य गणना भवति। (उज्जयिनी के राजा विक्रमादित्य के काल से विक्रमसंवत्सर की गणना होती है।)

Sanskrit Class 6 Mp Board प्रश्न 3.
चित्रं दृष्टवा पञ्चमीविभक्तिरूपाणि लिखत (चित्र देखकर पञ्चमी विभक्ति के रूप लिखो)
Class 6 Sanskrit Chapter 9 Solution MP Board
(क) (देवालयः) अर्चकः………… आगच्छति

Sanskrit Class 6 Mp Board Solution
(ख) (वाटिका) बालिका…………. आगच्छति।

Sanskrit Class 6 Chapter 9 Solutions MP Board
(ग) (नदी) मुनिः………….. आगच्छति।

Class 6 Sanskrit Ch 9 Solutions MP Board
(घ) (क्षेत्रम्) कृषकः…………. आगच्छति।
उत्तर:
(क) देवालयात्
(ख) वाटिकायाः
(ग) नद्याः
(घ) क्षेत्रात्।

Class 6 Sanskrit Chapter 9 MP Board प्रश्न 4.
रेखाङ्कितपदस्य पञ्चमी-विभक्तौ परिवर्तनं कृत्वा वाक्यं लिखत (रेखाङ्कित शब्द का पञ्चमी विभक्ति में परिवर्तन करके वाक्य में लिखो)
(क) हिमालयः गङ्गा प्रवहति।
(ख) बालकः सिंहः विभेति।
(ग) वानरः शाखा कूर्दति।
(घ) छात्रः शाला आगच्छति।
(ङ) धार्मिकः काशी आगच्छति।
(च) महिला नदी जलम् आनयति।
(छ) प्रद्युम्न: गुरुकुलं प्रत्यागच्छति।
(ज) सज्जनः असत्यं विभेति।
(झ) सुरेशः रुग्णं शीतम् रक्षति।
उत्तर:
(क) हिमालयात्
(ख) सिंहात्
(ग) शाखायाः
(घ) शालयाः
(ङ) काश्याः
(च) नद्याः
(छ) गुरुकुलात्
(ज) असत्यात्
(झ) शैत्यात्।

Class 6 Sanskrit Mp Board Solution MP Board प्रश्न 5.
उचितपरिवर्तनेन पञ्चमीविभक्तिरूपाणि लिखत (उचित परिवर्तन से पञ्चमी विभक्ति के रूप लिखो)
(अ)-
Mp Board Class 6 Sanskrit Chapter 9
(ब)-
Mp Board Solution Class 6 Sanskrit
(स)-
Sanskrit Class 6 Mp Board
(द)-
Class 6 Sanskrit Chapter 9 MP Board

Class 6th Sanskrit Chapter 9 Solution MP Board योग्यताविस्तारः
1. तसिल’ (तः) प्रत्ययस्य प्रयोगेण सरलरूपेण एकवचने पञ्चमीविभक्तिप्रयोगः सम्भवति। (तसिल तः प्रत्यय के प्रयोग से सरल रूप में एकवचन में पंचमी विभक्ति का प्रयोग हो सकता है।)
यथा-
विद्यालय – विद्यालयात् – विद्यालयतः
वाटिका – वाटिकायाः – वातिकातः
काशी – काश्याः – काशीतः
उद्यानम् – उद्यानात् – उद्यानतः

2. अधोलिखितं श्लोकं कण्ठस्थीकुरुत। अथ च श्लोकात् पञ्चमीविभक्तिशब्दान् चिनुत (निम्नलिखित श्लोक को कण्ठाग्र करो और इसके बाद श्लोक से पंचमी विभक्ति के शब्दों को चुनो)-

वात्सल्यात् अभयप्रदानसमयात् आार्तिनिर्वाणपणात
औदार्यात् अघशोषणात् अगणितश्रेयः पदप्रापणात्।
सेव्यः श्रीपतिरेक एव जगतामेतेऽभवन्साक्षिणः,
प्रह्लादश्च विभीषणश्च करिराट् पाञ्चाल्यहल्याधुवः॥
उत्तर:
ऊपर दिये गये श्लोक को कण्ठस्थ करो। उच्चारण की शुद्धता बनी रहने से श्लोक शीघ्र स्मृति में धारण हो जायेगा।
पंचमी विभक्ति के शब्द निम्नलिखित हैं-

  1. वात्सल्यात्
  2. अभयप्रदानसमयात्
  3. निर्वापणात्
  4. औदार्यात्
  5. अघशोषणात्
  6. प्रापणात्।

उज्जयिनीदर्शनम् हिन्दी अनुवाद :

उज्जयिनी मध्यप्रदेशस्य प्रसिद्धं दर्शनीयस्थानम् अस्ति। उज्जयिनी भोपालात् पश्चिमदिशि अस्ति। विविधेभ्यः प्रदेशेभ्यः जनाः उज्जयिनीम् आगच्छन्ति। कुम्भपर्वणि विदेशेभ्यः अपि बहवः जनाः आगच्छन्ति।

Mp Board Solution Class 6th Sanskrit अनुवाद :
उज्जियनी (उज्जैन) मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल है। उज्जयिनी भोपाल से पश्चिम दिशा में है। अनेक प्रदेशों से लोग उज्जयिनी को आया करते हैं। कुम्भ पर्व पर (कुम्भ के उत्सव पर) विदेशों से भी बहुत से लोग आया करते हैं।

क्षिप्रानद्याः समीपे मुख्यदर्शनीयस्थानं महाकालमन्दिरं राजते। सर्वदा मन्दिरात् घण्टानादः श्रूयते। भक्तजनमुखेभ्यः जयघोषः निःसरति। महाकालमन्दिरात् जना: महागेणशमन्दिरं हरिसिद्धिमन्दिरं च गच्छन्ति। इतः चतुर्धाममन्दिरं समीपे एव अस्ति। ततः चिन्तामणिगणपतिमन्दिरं, मङ्गलनाथमन्दिरं, कालभैरवमन्दिरं च जनाः गच्छन्ति।

Class 6 Sanskrit Chapter 9 Question Answer MP Board अनुवाद :
क्षिप्रा नदी के पास मुख्य दर्शनीय स्थल महाकाल मन्दिर सुशोभित है। सदा ही मन्दिर से घण्टों की ध्वनि सुनाई देती है। भक्तजनों के मुख से जयघोष निकलते हैं। महाकाल मन्दिर से लोग महागणेश मन्दिर तथा हरिसिद्धि मन्दिर जाते हैं। यहाँ से चार-धाम मन्दिर पास में ही है। उसके बाद चिन्मामणिगणपति मन्दिर को, मङ्गलनाथ मन्दिर को तथा काल भैरव मन्दिर को लोग जाया करते हैं।

उज्जयिन्याः सर्वेषु भागेषु रमणीयस्थानानि सन्ति। यात्रिकामार्गदर्शकात् स्थानानां महत्वं जानन्ति। पश्चक्रोशीयात्रायां स्थानात् स्थानं गच्छति।

Class 6th Sanskrit Chapter 9 MP Board अनुवाद :
उज्जयिनी के सभी भागों में रमणीय स्थान हैं। यात्रा करने वाले लोग मार्गदर्शकों से स्थानों के महत्व को जानते हैं। पञ्चकोशी यात्रा में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते हैं।
प्राचीनकालात् आरभ्य उज्जयिनीक्षेत्रं संस्कृतविद्याकेन्द्रम् अस्ति। सान्दीपनि आश्रमात् जनाः श्रीकृष्णस्य इतिहासं जानन्ति। उज्जयिन्याः राजाविक्रमादित्यस्य कालात् विक्रमसंवत्सरस्य गणना भवति। बहूनां कवीनां मुखेभ्यः एवं च कालिदासमुखात् अपि उज्जयिन्याः सौन्दर्यं वर्णितम् अस्ति। महाकालमहिमा यथा-

“आकाशे तारकं लिङ्ग, पाताले हाटकेश्वरम्।
मर्त्यलोके महाकालं लिङ्गत्रयमुपास्महे!॥”

Sanskrit Class 6 Chapter 9 MP Board अनुवाद :
प्राचीनकाल से उज्जयिनी का क्षेत्र संस्कृत विद्या का केन्द्र रहा है। सान्दीपनि आश्रम से लोग श्रीकृष्ण के इतिहास की जानकारी लेते हैं। उज्जयिनी के राजा विक्रमादित्य के समय से विक्रमसंवत की गणना होती है। बहुत से कवियों के मुखों से तथा इसी तरह कालिदास के मुख से भी उज्जयिनी के सौन्दर्य का वर्णन किया हुआ है। महाकाल की महिला (का वर्णन) जैसे

“आकाश में तारक लिङ्ग, पाताल में हाटकेश्वर, मृत्युलोक में महाकाल लिङ्ग-ये तीन लिङ्ग हैं। इन की (मैं) उपासना करता हूँ।”

उज्जयिनीदर्शनम् शब्दार्थाः

भोपालात् = भोपाल से। पश्चिमदिशि = पश्चिम दिशा में। विविधेभ्यः प्रदेशेभ्यः = विविध प्रदेशों से। कुम्भपर्वणि = कुम्भ पर्व में। राजते = शोभायमान है। श्रूयते = सुनाई देता है। निःसरति = निकलता है। भागेषु = भागों में। यात्रिकाः = यात्रीगण। मार्गदर्शकात् = मार्गदर्शक से। सान्दीपनि आश्रमात् = सान्दीपनि आश्रम से। उज्जयिन्याः = उज्जयिनी का। मर्त्यलोके = भूलोक में।

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MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 27 Our Life and Environment

MP Board Class 8th Social Science Solutions Chapter 27 Our Life and Environment

MP Board Class 8th Social Science Chapter 27 Text Book Exercise

Choose the correct alternative from the following:

Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 27 Question 1.
Is not a biodegradable waste:
(a) vegetables
(b) fruits
(c) paper
(d) polythene bags
Answer:
(d) polythene bags

MP Board Class 8th Social Science Chapter 27 Short Answer Type Questions
Class 8 Social Science Chapter 27 Question 1.
What are industrial waste? Give examples.
Answer:
Almost every industry generates different types of wastes, many of which are hazardous to all types of life. The wastes can be solid, liquid or gaseous. These wastes can cause destruction to the environment. The waste material contains ignitable, corrosive, reactive and topic elements. Examples, as, dust, sulphuric acid, hydrochloric acid, SO2, CO2, CO2 gases and plastic waste etc.

Our Life And Environment MP Board Class 8th Question 2.
What are the processes of manufacturing of goods?
Answer:
Manufacturing of goods involve three processes.

1. Assembly:
It is the combinations of parts to make the final product, for example, a bicycle is assembled by joining various parts.

2. Alteration:
It is the modifying of the raw material into a new material or final product for example sawing of trees into lumbar.

3. Extraction:
In this process one or more components from the raw material for example petrol is extracted from the crude oil.

There are many proofs of early production like bricks used in the buildings earthen pots to store grains etc. All there were produced with hands. As civilization grew the method of production improved because of innovation for example fibres take from different sources are processed to forms cloth.

Environment Class 8 MP Board Question 3.
Name the major components of industry?
Answer:
Most of the manufacturing industries need four imparts capital, raw material, technology and labour.

1. Capital:
Every industry needs two types of capital Finance capital and physical capital. The physical capital is building, machinary etc and finance capital is money.

2. Raw Material:
Most of the industries rely on raw materials provided by natural resources. These natural resources may be renewable on non renewable.

3. Technology:
The technology advancement have hed to tremendous industrial growth innovations in the field of technology can transform the culture of the society.

4. Labour:
It refers to the workforce. Labour unions are formed who negotiate their wages and work with the owners.

MP Board Class 8th Social Science Chapter 27 Long Answer Type Questions

Our Environment Class 8 MP Board Question 1.
How does agriculture and cattle affect the environment?
Answer:
In modern agriculture use of fertilizers is increasing day by day in order to enhance the production. Fertilizer are beneficial for increasing the production of foodgrains, it has an advance effect on environment 60% of fertilizers are used by plants, remaining fertilizer gets soluble in rain water and reaches lakes, revised and ponds by which the surface good ground water.

This gets polluted, various insecticides and pesticides which protect the crop from insects and diseases pollute the environment. Cattle are reared in large number to get animal products. Increasing number of cattle has adverse effect. Artificial reproduction of animals through cloning produce economically lucrative breeds, it may lead to diminishing bio-diversity.

Mp Board Class 7th Social Science Chapter 27 Question 2.
Explain the methods of solid waste disposal?
Answer:
The various methods of solid waste disposal are:

1. Recycling:
It is very old method in which the waste materials are made reusable. All the metal products can be melted to make new products. Plastic, glass and paper is roofs recyclable.

2. Landfill:
It is the common method of disposing waste on land. It is also the cheapest means because transport cost is the only major expenditure. In a modem landfill the solid waste is spread in this layers. Each layer is solidified by bulldozer before the next layer is deposited on them trees are planted there.

3. Composting:
It is a process of decomposing solid waste to make fertilizers. Biodegradable waste is decomposed by microorganisms and it is used as a manner.

4. Incinerators:
In the incinerator the waste is burned so that it reduces weight and volume around 90%.

Question 3.
What do yo understand by environment friendly technology? Explain.
Answer:
Modern technology can makes industries safe and cost effective. Modern technology is designed to
recycle the various component of manufacturing system.

For example:

  • The scrap steel of automobile industry can be useful to mixed with other metals produce a new metal.
  • The smoke scrubbers remove all the dangerous gases and particulate matter from the discharge of industrial plants.
  • Some industries release their chemical waste into rivers and lakes. Modem technologies have evolved many techniques to secure such waste.
  • In transport sector use of CNG has reduced the pollution level.
  • Modem computer aided machines have proved to be accurate and economical.
  • As modem energy conservation sources the leaves of some plants are used to produce bio-diesel.

Question 4.
Describe the natural and regional environmental issues?
Answer:
National environmental issues. The govt, of India has created agencies to check the pollution and has passed Environment Protection Act, Factories Amusement Act, Central Motor Vehicle Trucks etc. Govt, agencies as well as NGO’s work to check the pollution govt, of India provided enough money for functioning these agencies and departments.

Pollution Central Board at national level as well as state level has been established. These boards has been authorised to survey the area and fix the responsibility. The guilty is persisted in the court.

Regional environmental issues:
At this level a variety of steps have been taken by the govt. NGO’s for the convservation of environment. At local level the municipality or municipal corporations plays a direct role in the water disposal. The sewage of the city is drained to distant parts from the city.

MP Board Class 8th Social  Science Solutions

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 15 भगीरथः

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Durva Chapter 15 भगीरथः (कथा) (सङ्कलिता)

MP Board Class 10th Sanskrit Chapter 15 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

Mp Board Class 10 Sanskrit Chapter 15  प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत-(एक पद में उत्तर लिखिए)।
(क) सूर्यवंशस्य राजा कः आसीत्? (सूर्यवंश के राजा कौन थे?)
उत्तर:
सगरः (सगर)

(ख) यागस्य विध्नं कर्तुं कः मार्ग चिन्तितवान्? (यज्ञ का विध्न करने के लिए किसने तरीका सोचा था?)
उत्तर:
देवेन्द्रः (देवराज इन्द्र)

(ग) सगरपुत्राः कस्य पुरतः अश्वं दृष्टवन्तः? (सगरपुत्रों ने किसके सामने अश्व देखा?)
उत्तर:
कपिलमुनेः (कपिल मुनि के)

(घ) कस्य वंशे भगीरथस्य जननम् अभवत्? (भगीरथ का जन्म किस वंश में हुआ?)
उत्तर:
सगरस्य (सगर के)

(ङ) आकाशगङ्गां शिवः कुत्र निक्षिप्तवान्? (आकाश गङ्गा को शिव ने कहाँ छिपा लिया?)
उत्तर:
जटासु (जटाओं में)

कक्षा 10 संस्कृत पाठ 15 MP Board प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत-(एक वाक्य में उत्तर लिखिए)
(क) भगीरथः कान स्वर्गं नेतुं निश्चितवान्? (भगीरथ ने किनको स्वर्ग ले जाने का निश्चय किया?)
उत्तर:
भगीरथः स्वपूर्वजान् स्वर्ग/नेतुं निश्चितवान्। (भगीरथ ने अपने पूर्वजों को स्वर्ग में ले जाने का निश्चय किया।)

(ख) कं ध्यात्वा भगीरथः तपः कृतवान्? (किसको ध्यान कर भगीरथ तप कर रहे थे?)
उत्तर:
ईश्वरं ध्यात्वा भगीरथः तपः कृतवान्। (ईश्वर को ध्यान करके भगीरथ ने तप किया।)

(ग) भगीरथः नदी भूमितः कुत्र नीतवान्? (भगीरथ नदी को भूमि से कहाँ ले गया)
उत्तर:
भगीरथः नदी भूमितः पातालं नीतवान्। (भगीरथ नदी को भूमि से पाताल को ले गया।)

(घ) कस्याः अपरं नाम भागीरथी? (किसका दूसरा नाम भागीरथी है?)
उत्तर:
गङ्गायाः अपरं नाम भागीरथी। (गंगा का दूसरा नाम भागीरथी है।)

(ङ) के कार्य प्रारभ्य न परित्यजन्ति? (कौन कार्य को शुरू करके नहीं छोड़ते?)
उत्तर:
उत्तमजनाः कार्य प्रारम्भ न परित्यजन्ति। (उत्तम लोग कार्य प्रारम्भ कर के नहीं छोड़ते।)

Class 10 Sanskrit Chapter 15 MP Board प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-(नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)
(क) देवेन्द्रः किमर्थं सगराय असूयति स्म? (देवेन्द्र किसलिए सगर से घृणा करता था?)
उत्तर:
‘अश्वमेधं कृत्वा सगरः स्वयम् इन्द्रः भविष्यति’ इत्यर्थे देवेन्द्र। सगराय असूयति स्म। (“अश्वमेध करके ग्ग्गर स्वयं इन्द्र बन जाएगा’ इसलिए देवेन्द्र सगर से घृणा करता था।)

(ख) भगीरथः किं निश्चयं कृतवान्? (भगीरथ ने क्या निश्चय किया?)
उत्तर:
यदा गङ्गायाः जलं भस्म स्प्रक्ष्यति तदा एव सगरपुत्राणां पापस्य नाशः अपि भविष्यति इति भगीरथः निश्चयं कृतवान्। (जब गङ्गा का जल भस्म को स्पर्श करेगा तभी सगर पुत्रों के पाप का नाश भी होगा, यह निश्चय भगीरथ ने किया।)

(ग) नीचमध्यमोत्तमजनामां लक्षणं किम्? (नीच, मध्यम और उत्तम लोगों के लक्षण क्या हैं?)
उत्तर:
नीचैः विध्नभयेन न प्रारभ्यते कार्ग, मध्यमाः प्रारभ्य विधनविहता विरमन्ति, उत्तमजनाः प्रारम्भ विध्नौ पुनः-पुनः अपि प्रतिहन्यमानाः न परित्यजन्ति। (नीच लोग विध्नों के भय से कार्य को शुरू नहीं करते, मध्यम लोग शुरू करके विध्न आने पर बीच में छोड़ देते हैं और उत्तम लोग शुरू करके विध्नों के बार-बार आने पर भी डर कर कार्य नहीं छोड़ते।)

Mp Board Class 10th Sanskrit Chapter 15 प्रश्न 4.
उचितशब्देन रिक्तस्थानानि पूरयत-(उचित शब्दों से रिक्त स्थान भरिए-)
(क) सगरः ………… कृतवान्। (गोमेधयागं/अश्वमेधयाग)
(ख) कार्य प्रारम्भ ………… विरमन्ति। (मध्याः /नीचाः)
(ग) भगीरथः पुनः ………… कृतवान्। (जपः/तपः)
(घ) गङ्गा सगरपुत्राणां ………… स्पृष्टवती। (शरीराणि/भस्मानि)
(ङ) भगीरथः ………… भूमौ आनीतवान् (गजां यमुना)
उत्तर:
(क) अश्वमेधयागं
(ख) मध्याः
(ग) तपः
(घ) भस्मानि
(ङ) गङ्गां

Sanskrit Class 10 Chapter 15 Mp Board प्रश्न 5.
यथायोम्यं योजयत-(उचित क्रम से जोड़िए-)
Mp Board Class 10 Sanskrit Chapter 15
उत्तर:
(क) 2
(ख) 4
(ग) 1
(घ) 5
(ङ) 3

Chapter 15 Sanskrit Class 10 प्रश्न 6.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘न’ इति लिखत
(शुद्ध वाक्यों के सामने ‘आम्’ तथा अशुद्ध वाक्यों के सामने ‘न’ लिखिए-)
(क) सगरः अश्वमेधयागं न कृतवान्।
(ख) कपिलमुनिः ध्याने आसीत्।
(ग) सगरपुत्राः अश्वम् अन्वेष्टुं न गतवन्तः।
(घ) सगरस्य पुत्राः भस्मीभूताः जाताः।
(ङ) भगीरथः गङ्गां भूमौ न आनीतवान्।
उत्तर:
(क) न
(ख) आम्
(ग) न
(घ) आम्
(ङ) आम्

Sanskrit Chapter 15 Class 10 Mp Board प्रश्न 7.
उदाहरणानुसारं शब्दानां मूलशब्दं विभक्तिं वचनं च लिखत
(उदाहरण के अनुसार शब्दों के मूलशब्द, विभक्ति और वचन लिखिए)
कक्षा 10 संस्कृत पाठ 15 MP Board
उत्तर:
Class 10 Sanskrit Chapter 15 MP Board

Class 10th Sanskrit Chapter 15  प्रश्न 8.
उदाहरणानुसारं धातुं प्रत्ययं च पृथक् कुरुत
(उदाहरण के अनुसार धातु और प्रत्यय अलग कीजिए-)
Mp Board Class 10th Sanskrit Chapter 15
उत्तर:
Sanskrit Class 10 Chapter 15 Mp Board

Sanskrit Chapter 15 MP Board प्रश्न 9.
अधोलिखितशब्दानां समानार्थशब्दान् लिखत
(नीचे लिखे शब्दों के समानार्थक शब्द लिखिए-)
यथा- शक्तः – समर्थः
(क) राजा
(ख) मुनिः
(ग) गङ्गा
(घ) भूमिः
(ङ) शिवः
उत्तर:
(क) राजा – नृपः
(ख) मुनिः – साधुः
(ग) गङ्गा – भागीरथी
(घ) भूमिः – धरा
(ङ) शिवः – रूद्रः

Ch 15 Sanskrit Class 7 Pdf MP Board प्रश्न 10.
निम्नलिखित-अव्ययानि प्रयुज्य वाक्यनिर्माणं कुरुत
(नीचे लिखे अव्ययों को प्रयुक्त कर वाक्य बनाइए)
यथा- एकदा – नृपः एकदा यागं कृतवान्
(क) तत्र
(ख) एव
(ग) यदा
(घ) पुरतः
(ङ) अपि
उत्तर:
(क) तत्र एकम् पुस्तकम् अस्ति। (वहाँ एक पुस्तक है।)
(ख) राहुलः फलम् एव खादति। (राहुल फल ही खाता है।)
(ग) यदा अहम् गमिष्यामि तदैव सः पठिष्यति। (जब मैं जाऊँगा, तभी वह पढ़ेगा।)
(घ) गृहस्य पुरतः उद्यानम् अस्ति। (घर के सामने बगीचा है।)
(ङ) त्वम् अपि चल। (तुम भी चलो।)

योग्यताविस्तार –

गङ्गायाः विषये अन्याः कथाः अन्विष्य लिखत पठत च।
(गङ्गा के विषय में अन्य कथाएँ ढूंढकर लिखें और पढ़ें!)

एवम् अन्याः अपि शिक्षाप्रदाः कथाः पठत; तथा च निम्नलिखितौ श्लोको
कण्ठस्थं कुरुत(ऐसी अन्य शिक्षाप्रद कथा पढ़िए व निम्नलिखित श्लोकों को कण्ठस्थ करो।

“गङ्गा गङ्गेति यो ब्रूयाद योजनानां शतैरपि।
मुच्यते सर्वपापेभ्यो विष्णुलोकं स गच्छति॥”

मातर्गङगे तरलतरङ्गे सततं वारिधिवारिणि सङगे।
मम तव तीरे पिबतो नीरं ‘हरि हरि’ जपतः पततु शरीरम्॥

भगीरथः पाठ का सार

प्रस्तुत पाठ में गङ्गा नदी के स्वर्ग से धरती पर आने की कथा का वर्णन किया गया है, जिससे धरती के लोगों को मुक्ति प्राप्त हो सके। इसके लिए ‘सगर’ के वंशज’ भगीरथ ने कठिन तप किया जिसके फलस्वरूप गङ्गा धरती पर रूकी।

भगीरथः पाठ का अनुवाद

1. सूर्यवंशस्य राजा सगरः आसीत्। सः एकदा अश्वमेधयागं कृतवान्। यागस्य अन्ते यागस्य अश्वः यत्र तत्र सञ्चारं कृतवान्। अश्वमेधं कृत्वा सगरः स्वयम् इन्द्रः भविष्यति इति देवेन्द्रस्य असूया आसीत्। तस्मात् सः यागस्य विघ्नं कर्तुं मार्ग चिन्तितवान्। ततः अश्वं गृहीत्वा पाताललोके कपिलमुनेः पुरतः स्थापितवान्। तदा मुनिः तपः कुर्वन् ध्याने
आसीत्। अतः सः किमपि न ज्ञातवान्।

शब्दार्थ :
असूया-घृणा, ईर्ष्या-hatred, envy; यागम्-यज्ञ- sacrifice; पुरतःसामने-in front of.

अनुवाद :
सूर्यवंशी राजा सगर थे। उन्होंने एक बार अश्वमेध यज्ञ किया। यज्ञ के अन्त में यज्ञ का घोड़ा यहाँ-वहाँ घूमने लगा। अश्वमेध-यज्ञ करके सगर स्वयं इन्द्र बन जाएगा, ऐसी इन्द्र की घृणा (ईष्या) थी। वहाँ से वह यज्ञ को ध्वंस करने की मार्ग में (युक्ति) सोचने लगा। फिर अश्व लेकर पातललोक में कपिलमुनि के सामने रख दिया। तब मुनि तप करते हुए ध्यान में थे। इसलिए उन्हें कुछ पता नहीं चला।

English :
King Sagar performed a sacrifice-Lord Indra became envious because he would grab Indra’s throne. Left the sacrificial horse in front of Kapil Muni in Patal Lok (hades)

2. सगरस्य षष्टिसहस्त्रपुत्राः अश्वम् अन्वेष्टुं सर्वत्र गतवन्तः। अन्ते ते पातालं गतवन्तः। तत्र मुनेः पुरतः ते अश्वं दृष्टवन्तः। मुनिः एव चोरः इति चिन्तयित्वा ते तं निन्दितवन्तः। कुपितः मुनिः तान् सगरपुत्रान् क्रोधाग्निना दग्धवान्। ते भस्मरूपेण तत्र पाताललोके स्थितवन्तः। तेषां सद्गतिः न अभवत्। एतेषां मुक्तिः कथं भवेत्? पूर्वजानां मुक्तिः वंशजप्रयत्नैः एव सम्भाव्यते इति शास्त्रमतम्।

सगरस्य वंशे भगीरथस्य जननम् अभवत्। सः स्वपूर्वजान् स्वर्गं नेतुं निश्चितवान्। यदा गङ्गायाः जलं भस्मं स्प्रत्यति तदा एव सगरपुत्राणां पापस्य नाशः अपि भविष्यति इति भगीरथस्य निश्चयः।

शब्दार्थाः-षष्टिसहस्त्राः :
साठ हजार-sixty thousand; अन्चेष्टुम्-ढूँढ़ने के लिए-to search; दग्धवान्-जला दिया-burnt.

अनुवाद :
सगर के साठ हजार पुत्र घोड़े को ढूँढ़ने के लिए सब तरफ गए। अन्त में वे पाताल गए। उन्होंने वहाँ मुनि के सामने घोड़ा देखा। मुनि ही चोर है वह सोचकर उन्होंने उसकी निन्दा की। क्रोधित मुनि ने उन सगर के पुत्रों को क्रोध की अग्नि में जला दिया। वे भस्म रूप में वहाँ पाताल लोक में पड़े रहे। उनकी सद्गति नहीं हुई। इनकी मुक्ति कैसे हो? पूर्वजों की मुक्ति वंशजों के प्रयत्नों से सम्भव है यह शास्त्र का विचार है।

सगर के वंश में भगीरथ का जन्म हुआ। उसने अपने पूर्वजों को स्वर्ग ले जाने का निश्चय किया। जब गङ्गा का जल भस्म को स्पर्श करेगा, तभी सगर पुत्रों के पाप का नाश भी होगा, ऐसा भगीरथ ने सोचा।

English :
Sagar’s son blamed the muni for the theft, the muni burnt them to death in the fire of anger-Bhagiratha was born in Sagar’s family. His ancestors could reach heaven only if the water of the Ganges touched the ashes.

3. तस्मिन् काले भूलोके गङ्गा न आसीत्। आकाशमार्गे तस्याः प्रवाहं सोढं भूमिः शक्ता न आसीत्। तां प्रथमतः गृहीतुं परमेश्वरः एव शक्तः आसीत्। तस्मात् ईश्वरं ध्यात्वा भगीरथः तपः कृतवान्। सहस्त्रवर्षानन्तरम् एव ईश्वरः आकाशगङ्गां स्वजटासु ग्रहीतुम् अङ्गीकारं दत्तवान्। एवं सा नदी ईश्वरस्य जटामु प्रथमं पतितवती। आकाशगङ्गा तदा गर्विता आसीत्। “कथम् एषः ईश्वरः मां धारयितुं शक्तः?” इति चिन्तितवती सा। नद्याः गर्वं ज्ञात्वा शिवः तां जटासु एव निक्षिप्तवान्। अतः नद्याः एकः जलबिन्दुः अपि बहिः भूमौ न पतितः।

शब्दार्थाः :
सोढ़म्-सहन करने के लिए-to bear; शक्ता-समर्थ/शक्ति-able,strong; अङ्गीकारम्-स्वीकृति दी-consented; गर्विता-घमण्ड युक्त-proud; निक्षिप्तवान्-फेंक दिया-threw.

अनुवाद :
उस सनय धरती पर गङ्गा नहीं थी। आकाश मार्ग में उसके बहाव को सहने की शक्ति नहीं थी। उसे सबसे पहले पकड़ने में परमेश्वर ही समर्थ थे। इसलिए भगवान का ध्यान कर भगीरथ ने तप किया। हजार वर्षों के बाद ही ईश्वर ने आकश-गङ्गा को अपनी जटाओं में बाँधने की स्वीकृति दी। इससे वह नदी भगवान की जटाओं से पहली बार गिरी। तब आकाशगंगा घमण्ड युक्त हो गयी। “कैसे इस ईश्वर ने मुझे धारण किया?” उसने यह सोचा। नदी के घमण्ड को जानकर शिव ने उसे जटाओं में ही छिपा लिया। इससे नदी के जल की एक बूंद भी बाहर नहीं गिरी।

English :
Ganga could not flow in the sky. God gave consent to preserve the Garga in his locks of hair. Aerial Ganga became proud. Shiva retained the Ganga in his lock of hair.

4. भगीरथः दुःखितः अभवत्। सः पुनः तपः कृतवान्। शिवः तस्य पुरतः प्रत्यक्षः अभवत्। “हे ईश! नदीं भूभौ विसृजतु” इति भगीरथः प्रार्थितवान्। तां प्रार्थनाम् अङ्गीकृत्य शिवः नद्याः जल भूमौ विसृष्टवान्। भगीरथः नदी भूमितः पातालं नीतवान्। पाताले प्रवहन्ती गङ्गा सगरपुत्राणां भस्मानि स्पृष्टवती। सगरपुत्राः स्वर्गलोक गतवन्तः।

इत्थं भगीरथस्य प्रयत्नाः अपूर्वाः। सः गङ्गां भूमौ आनीतवान्। अनेन कारणेन एव तस्याः नद्याः भागीरथी इति अन्यत् नाम अस्ति। प्रयत्नविषये उक्तञ्च-

प्रारभ्यते न खुल विध्नभयेन नीचैः, प्रारभ्य विधनविहता विरमन्ति मध्याः। विप्नैः पुनः पुनरपि प्रतिहन्यमानाः, प्रारभ्यचोत्तमजनाः न परित्यजन्ति॥

शब्दार्थाः :
प्रत्यक्ष-देह रूप में प्रगट-appeared in person; विसृजतु-भेजो/ विसर्जित करो-release; विसृष्टवान्-भेजा विसर्जित किया।-sent, released.

अनुवाद :
भगीरथ दुखी हो गया। उसने फिर तप किया। शिवजी उसके सामने प्रकट हुए। “हे प्रभु!” नदी को भूमि पर भेजो” भगीरथ ने प्रार्थना की। उसकी प्रार्थना को स्वीकार कर शिव ने नदी का जल भूमि पर भेज दिया। भगीरथ नदी को भूमि से पाताल ले गया। पाताल में बहती हुई गङ्गा ने सगरपुत्रों की भस्म को स्पर्श किया। सगरपुत्र स्वर्गलोक को चले गये।

इस प्रकार भगीरथ के प्रयत्न अपूर्व विलक्षण थे। वह गङ्गा को भूपि पर लाया। इस कारण ही नदी का ‘भागीरथी’ दूसरा नाम है। प्रयत्न के विषय में कहा भी है

“नीच लोग विध्नों के भय से कार्य को प्रारम्भ नहीं करते। मध्यम लोग प्रारम्भ कर विध्न आने पर बीच में छोड़ देते हैं। परन्तु उत्तम लोग बार-बार विध्न पड़ने पर परेशान होकर भी प्रारम्भ करके कार्य को नहीं छोड़ते अर्थात् पूरा करते हैं।”

English :
Bhagiratha performed penance-Shiva appeareddropped water of Ganges on the earth Bhagiratha took the river to Patal-The water touched the ashes-Sagar’s son transported to heaven-Noble persons finish their assigned activities, heedless of obstructions.

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions

MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 12 भारतीय संविधान

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 12 भारतीय संविधान

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

Mp Board Class 10th Social Science Chapter 12 प्रश्न 1.
संविधान है –
(i) सरकार का गठन
(ii) देश का शासन
(iii) नियम व कानूनों का संकलित प्रलेख
(iv) मौलिक अधिकार।
उत्तर:
(iii) नियम व कानूनों का संकलित प्रलेख

भारतीय संविधान MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 2.
निम्न में से कौन-सी विशेषता भारतीय संविधान की नहीं है ?
(i) संसदीय शासन प्रणाली
(ii) संघात्मक शासन
(iii) स्वतन्त्र व निष्पक्ष न्यायपालिका
(iv) अलिखित संविधान।
उत्तर:
(iv) अलिखित संविधान।

Chapter 12 Social Science Class 10 Mp Board प्रश्न 3.
संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य बताये गये हैं ?
(i) 6
(ii) 14
(iii) 18
(iv) 111
उत्तर:
(iv) 111

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष ……………….. थे। (2011, 13)
  2. डॉ. बी. आर. आम्बेडकर संविधान की ……………….. के अध्यक्ष थे। (2015)
  3. भारत का नवनिर्मित संविधान, संविधान सभा द्वारा ……………….. को अंगीकृत किया गया। (2018)
  4. समानता का अधिकार संविधान में वर्णित ……………….. में से एक है। (2017)

उत्तर:

  1. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
  2. प्रारूप समिति
  3. 26 नवम्बर, 1949
  4. मौलिक अधिकारों।

सही जोड़ी बनाइए
Mp Board Class 10th Social Science Chapter 12
उत्तर:

  1. → (घ)
  2. → (ख)
  3. → (ङ)
  4. → (क)
  5. → (ग)

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

भारतीय संविधान का निर्माण MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 1.
संविधान क्या है ?
उत्तर:
किसी देश का शासन जिन मूलभूत नियमों एवं कानूनों के अनुसार चलाया जाता है उनके संकलित प्रलेख को संविधान कहते हैं।

भारतीय संविधान पाठ के प्रश्न उत्तर MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 2.
भारत में मौलिक अधिकारों का संरक्षक किसे बनाया गया है ?
उत्तर:
सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों का संरक्षक है।

प्रश्न 3.
संविधान में मौलिक कर्तव्य कब जोड़े गये?
उत्तर:
संविधान के 42वें संशोधन (1976) के द्वारा संविधान में एक नया प्रावधान ‘मौलिक कर्त्तव्य’ जोड़ा गया है। उसके द्वारा नागरिकों के 10 कर्तव्य निश्चित किए गये हैं।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संविधान का क्या महत्त्व है ? लिखिए। (2010)
उत्तर:
संविधान का महत्त्व – किसी देश का संविधान, उस राष्ट्र की राजनीतिक व्यवस्था का बुनियादी ढाँचा निर्धारित करता है। संविधान में शासन के सभी अंगों (व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) की रचना, शक्तियों, कार्यों और दायित्वों का उल्लेख होता है। संविधान शासन के अंगों और नागरिकों के मध्य सम्बन्धों को भी विनियमित करता है।

संविधान देश के आदर्शों को भी प्रकट करता है। संविधान जनता की सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक प्रकृति, आस्था एवं आकांक्षाओं पर आधारित होता है।

प्रश्न 2.
संविधान सभा का परिचय दीजिए। (2009)
उत्तर:
संविधान सभा – वह सभा जिसे किसी देश का संविधान बनाने का कार्य सौंपा जाए उसे संविधान सभा के नाम से जाना जाता है।

भारत का संविधान एक संविधान सभा द्वारा निर्मित किया गया। संविधान सभा का गठन ब्रिटिश शासन तथा भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के नेतृत्वकर्ताओं के मध्य परस्पर सहमति से किया गया। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को हुई जिसमें डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा को संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष चुना गया। संविधान सभा की दूसरी बैठक 11 दिसम्बर, 1946 को हुई, जिसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया। संविधान सभा की 2 वर्ष, 11 माह एवं 18 दिन की कार्य अवधि में कुल 11 अधिवेशनों में 166 बैठकें हुईं।

प्रश्न 3.
मध्य प्रदेश से सम्बन्धित संविधान सभा के प्रमुख सदस्यों के नाम लिखिए।
उत्तर:
तत्कालीन मध्य प्रान्त और बरार, मध्य भारत राज्य समूह (भोपाल, ग्वालियर, इन्दौर एवं रीवा) से संविधान सभा में जो सदस्य थे उनमें पण्डित रविशंकर शुक्ल, सेठ गोविन्द दास, डॉ. हरिसिंह गौर और हरिविष्णु कामथ आदि प्रमुख थे।

प्रश्न 4.
राज्य के नीति निदेशक तत्वों से क्या आशय है ? (2009)
उत्तर:
राज्य के नीति निदेशक तत्व-भारतीय संविधान के चौथे भाग में शासन संचालन के लिए मूलभूत सिद्धान्तों का वर्णन किया गया है। इन्हें राज्य के नीति निर्धारण करने वाले निदेशक तत्व कहा गया है। ये तत्व आधुनिक प्रजातन्त्र के लिए राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। नीति निदेशक तत्वों को किसी न्यायालय द्वारा परिवर्तित नहीं कराया जा सकता किन्तु ये तत्व देश के शासन में मूलभूत स्थान रखते हैं। इन तत्वों के माध्यम से भारत में एक लोककल्याणकारी राज्य की स्थापना का प्रयास किया गया है।

प्रश्न 5.
संविधान में प्रस्तावना का क्या महत्त्व है ?
उत्तर:
संविधान की प्रस्तावना में संविधान निर्माताओं ने संविधान निर्माण के लक्ष्यों, मूल्यों एवं विचारों का समोवश किया है। इसे संविधान की आत्मा या कुंजी भी कहा जाता है। प्रस्तावना संविधान निर्माताओं की मनोभावना एवं संकल्प का प्रतीक है।

प्रस्तावना के प्रारम्भिक शब्दों में ही यह भाव निहित है कि संविधान का निर्माण जनता की इच्छा से ही हुआ है व अन्तिम सत्ता जनता में निहित है। प्रस्तावना में संविधान सभा के इस संकल्प की घोषणा है कि भारत सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न गणराज्य होगा। सन् 1976 में 42वें संविधान संशोधन द्वारा भारत को समाजवादी एवं पंथनिरपेक्ष राज्य घोषित किया गया है। देश की एकता और अखण्डता की रक्षा करना केवल राज्य का ही नहीं वरन् प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है।

प्रश्न 6.
समाजवादी एवं पंथनिरपेक्षता का आशय समझाइए। (2009, 13, 18)
उत्तर:
समाजवादी राज्य का आशय – समाजवादी राज्य से आशय है कि भारतीय व्यवस्था ‘समाज के समतावादी ढाँचे’ पर आधारित होगी। प्रत्येक भारतीय की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी। भारतीय परिस्थिति के अनुसार समाजवादी को अपनाया जाएगा।

पंथनिरपेक्षता से आशय – संविधान में पंथनिरपेक्ष राज्य का आदर्श रखा गया है। इसका आशय है कि राज्य सभी पंथों की समान रूप से रक्षा करेगा और स्वयं किसी भी पंथ को राज्य के धर्म के रूप में नहीं मानेगा। सरकार द्वारा नागरिकों के मध्य पंथ के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति को अपने विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतन्त्रता है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान की विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (2009, 11, 13, 16)
अथवा
संसदीय शासन प्रणाली की पाँच विशेषताएँ लिखिए। (2012, 15)
अथवा
इकहरी नागरिकता किसे कहते हैं ? (2012)
[संकेत : ‘इकहरी नागरिकता’ शीर्षक देखें।
उत्तर:
भारतीय संविधान की विशेषताएँ भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ अग्रलिखित हैं –

  1. लिखित और निर्मित संविधान – भारत का संविधान लिखित और निर्मित है। यह ब्रिटेन के संविधान की भाँति अलिखित नहीं है।
  2. सम्पूर्ण प्रभुत्व – सम्पन्न लोकतान्त्रिक गणराज्य-सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न का अर्थ है कि भारत अपने आन्तरिक एवं बाह्य मामलों में सर्वोच्च शक्ति रखता है। लोकतन्त्रात्मक का आशय है कि भारत में राजसत्ता का स्रोत जनता है। भारत गणराज्य भी है, क्योंकि राज्य का प्रधान जनता के प्रतिनिधियों द्वारा निर्वाचित व्यक्ति होता है।
  3. संसदीय शासन प्रणाली – भारतीय संविधान में शासन की संसदीय प्रणाली अपनायी गयी है। देश का संवैधानिक प्रधान राष्ट्रपति होता है, जबकि वास्तविक सत्ता मन्त्रिपरिषद् के अधीन होती है।
  4. अंशतः लचीला एवं अंशतः कठोर – भारतीय संविधान न तो पूर्ण रूप से लचीला है न पूर्ण रूप से कठोर। यह अंशत: लचीला तथा अंशत: कठोर है।
  5. मूल अधिकारों की व्यवस्था – मूल अधिकार नागरिकों के व्यक्तित्व के विकास के लिए अनिवार्य होते हैं। अतः भारतीय संविधान में नागरिकों के लिए मूल अधिकारों की व्यवस्था की गयी है। सरकार इनमें हस्तक्षेप नहीं करती।
  6. संघात्मक शासन व्यवस्था – भारतीय संविधान के प्रथम अनुच्छेद के अनुसार भारत राज्यों का एक संघ है। इस प्रकार भारत में संघात्मक शासन की स्थापना की गई है। संविधान ने शासन की शक्ति को एक स्थान पर केन्द्रित न कर केन्द्र और राज्य सरकारों में विभाजित किया है।
  7. स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका – नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा और संविधान की व्याख्या करने का अधिकार होने के कारण न्यायपालिका को स्वतन्त्र घोषित किया गया है। संविधान न्यायपालिका को न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार देता है। संविधान द्वारा न्यायपालिका को निष्पक्ष बनाये रखने के लिए समुचित प्रावधान किये गये हैं।
  8. राज्य के नीति निदेशक तत्व – लघु उत्तरीय प्रश्न नं. 4 का उत्तर देखें।
  9. सार्वभौम वयस्क मताधिकार – संविधान द्वारा भारतीय नागरिकों को सार्वभौम वयस्क मताधिकार प्रदान किया गया है। हमारे संविधान में यह मताधिकार 18 वर्ष की आयु प्राप्त सभी नागरिकों को किसी धर्म, वंश, जाति, वर्ण, लिंग, जन्मस्थान के भेदभाव के बिना समान रूप से दिया गया है।
  10. इकहरी नागरिकता – भारतीय संविधान ने इकहरी नागरिकता को अपनाया है अर्थात् प्रत्येक व्यकि भारत का नागरिक है चाहे वह किसी भी स्थान पर निवास करता हो। भारत के सभी नागरिक देश में कहीं भी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं तथा देश के सभी भागों में समान अधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं।

प्रश्न 2.
भारत का संविधान लिखित एवं विस्तृत क्यों है ? वर्णन कीजिए। (2014)
उत्तर:
लिखित संविधान

भारत का संविधान एक संविधान सभा ने एक निश्चय समय तथा योजना के अनुसार बनाया था इसलिए यह निर्मित संविधान है। इसमें सरकार के संगठन के सिद्धान्त, कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका आदि की रचना व कार्य, नागरिकों के साथ उनके सम्बन्ध, नागरिकों के अधिकार तथा कर्त्तव्य आदि के विषय में स्पष्ट रूप से लिख दिया गया है। इसलिए हमारा संविधान लिखित है।

विस्तृत या विशाल संविधान

भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। भारत के वर्तमान संविधान में 395 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ हैं जो 22 भागों में विभाजित हैं जबकि अमेरिका के संविधान में 7, कनाडा के संविधान में 147 और ऑस्ट्रेलिया के संविधान में 128 अनुच्छेद ही हैं। भारतीय संविधान के विस्तृत होने के निम्नलिखित कारण हैं –

(1) भारतीय संविधान में शासन सम्बन्धी बातों का विस्तार से वर्णन किया गया है।
(2) संघीय शासन प्रणाली की व्यवस्था की गई है जिसमें शक्तियों के विभाजन की तीनों सूचियों –

  • संघीय सूची
  • राज्य सूची
  • समवर्ती सूची को विस्तार से लिखा गया है।

(3) मौलिक अधिकारों तथा नीति निदेशक सिद्धान्तों को संविधान में शामिल करने से भी संविधान लम्बा हो गया है।
(4) अनुसूचित जातियों तथा अन्य पिछड़ी जातियों की सुरक्षा के लिए संविधान में व्यवस्था की गई है। यह विश्व के अन्य किसी भी संविधान में नहीं है।
(5) नागरिकता, राष्ट्रभाषा, सार्वजनिक सेवाओं तथा न्याय व्यवस्था के बारे में विशेष उपबन्ध हैं। इसी कारण संविधान इतना विस्तृत हो गया है।

प्रश्न 3.
संघात्मक व संसदीय शासन व्यवस्था का वर्णन कीजिए। (2009, 17)
उत्तर:
संघात्मक शासन व्यवस्था

भारतीय संविधान के प्रथम अनुच्छेद के अनुसार भारत राज्यों का एक संघ है। इस प्रकार भारत में संघात्मक शासन की स्थापना की गई है। संविधान ने शासन की शक्ति को एक स्थान पर केन्द्रित न कर केन्द्र और राज्य सरकारों में विभाजित किया है और दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में स्वतन्त्र हैं। संविधान लिखित और बहुत सीमा तक कठोर है और इसे सर्वोच्च स्थिति प्रदान की गई है। सर्वोच्च न्यायालय संविधान का रक्षक है, जिसे संविधान की व्याख्या करने और केन्द्र व राज्यों के बीच उत्पन्न संवैधानिक विवादों के निर्णय का अधिकार है।

संसदीय शासन व्यवस्था

भारतीय संविधान द्वारा देश में संसदीय शासन प्रणाली की स्थापना की गई है। संसदीय शासन प्रणाली उस शासन प्रणाली को कहते हैं जिसमें राज्य का अध्यक्ष नाममात्र का अध्यक्ष होता है। वास्तविक शासन प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् द्वारा चलाया जाता है। मन्त्रिमण्डल का निर्माण संसद में किया जाता है।

इस प्रशासन प्रणाली में कार्यपालिका की वास्तविक शक्तियाँ मन्त्रिपरिषद् में निहित होती हैं तथा राष्ट्रपति नाममात्र का शासक होता है। इस प्रणाली में मन्त्रिपरिषद् सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धान्त का अनुसरण करती है। लोकसभा में सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर मन्त्रिपरिषद् को त्यागपत्र देना होता है।

प्रश्न 4.
संविधान में वर्णित मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों का वर्णन कीजिए। (2011)
अथवा
भारत के नागरिकों के मूल कर्त्तव्यों का वर्णन कीजिए। (2009)
अथवा
भारतीय संविधान में वर्णित नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख कीजिए। (2010, 15, 18)
अथवा
भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार कौन-कौनसे हैं ? (2009, 14, 17)
उत्तर:
मौलिक अधिकार

नागरिकों के सर्वांगीण विकास हेतु मौलिक अधिकार आवश्यक हैं। भारत के संविधान में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का प्रावधान है। ये ऐसे अधिकार हैं जो न्याय योग्य हैं अर्थात् जिनका उल्लंघन होने पर नागरिक उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय की शरण ले सकता है। ये अधिकार निम्नवत् हैं –

(1) समानता का अधिकार – इस अधिकार के द्वारा प्रत्येक नागरिक को कानून के समक्ष समानता तथा भेदभाव, अस्पृश्यता और उपाधियों का अन्त कर दिया गया है। सरकारी नौकरियों में बिना धर्म, जाति, लिंग आदि को भेदभाव किये समानता है।

(2) स्वतन्त्रता का अधिकार – स्वतन्त्रता के अन्तर्गत नागरिकों को भाषण देने तथा विचार प्रकट करने, शान्तिपूर्ण सभा करने, संघ बनाने, देश में किसी भी स्थान पर घूमने-फिरने की स्वतन्त्रता, देश के किसी भी भाग में व्यवसाय की स्वतन्त्रता, देश में कहीं भी रहने की स्वतन्त्रता आदि प्राप्त हैं।

(3) शोषण के विरुद्ध अधिकार – प्रत्येक नागरिक को शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का अधिकार है। इस अधिकार के अनुसार मानव के क्रय-विक्रय, किसी से बेगार लेने तथा 14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को कारखानों, खानों या किसी खतरनाक धन्धे में लगाने पर रोक लगा दी गयी है।

(4) धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार – भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है अतः प्रत्येक नागरिक को किसी भी धर्म का अनुसरण करने का अधिकार है। प्रत्येक धर्म के अनुयायियों को अपनी धार्मिक संस्थाएँ स्थापित करने तथा उनका प्रबन्ध करने का अधिकार है।

(5) सांस्कतिक तथा शिक्षा सम्बन्धी अधिकार – इस अधिकार के अन्तर्गत भारत के नागरिकों को अपनी भाषा, लिपि तथा संस्कृति को सुरक्षित रखने तथा उसका विकास करने का अधिकार है।

(6) संवैधानिक उपचारों का अधिकार – इस अधिकार के अनुसार प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार दिया गया है कि यदि उपरिवर्णित पाँच अधिकारों में से किसी भी अधिकार पर आक्षेप किया जाए या उससे छीना जाए, चाहे वह सरकार की ओर से ही क्यों न हो, तो वह सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय से न्याय की माँग कर सकता है।

इन अधिकारों को संकटकाल में प्रतिबन्धित किया जाता है।

मौलिक कर्त्तव्य

संविधान के 42वें संशोधन (1976) के द्वारा संविधान में एक नया प्रावधान “मूल कर्त्तव्य” जोड़ा गया है। उसके द्वारा नागरिकों के 11 कर्त्तव्य निश्चित किए गए हैं –

  1. भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे।
  2. भारत की प्रभुसत्ता, एकता और अखण्डता की रक्षा करे और उसे बनाये रखे।
  3. भारतीय राष्ट्रीय संग्राम के आदर्शों को सँजोए रखे तथा उनका अनुसरण करे।
  4. देश की रक्षा करे तथा आवश्यकतानुसार राष्ट्रीय सेवा करे।
  5. भारत के सभी लोगों में सामान्य भाईचारे को बढ़ावा दे तथा महिलाओं की मर्यादा के विरुद्ध अपमानजनक व्यवहार न करे।
  6. राष्ट्र की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखे।
  7. प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखे तथा अधिक अच्छा बनाए एवं सभी प्राणियों के प्रति दयाभाव रखे।
  8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे।
  9. सार्वजनिक सम्पत्ति की रक्षा करे व हिंसा से दूर रहे।
  10. सभी व्यक्तिगत एवं सामूहिक क्रिया-कलाप में विशिष्टता के लिए प्रयास करे।
  11. यदि माता-पिता या संरक्षक है, छह वर्ष तक की आयु वाले अपने, यथास्थिति, बालक या प्रतिपाल्य को शिक्षा के अवसर प्रदान करे।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत का संविधान कब लागू हुआ?
(i) 26 जनवरी, 1948 को
(ii) 26 जनवरी, 1950 को
(iii) 26 जनवरी, 1930 को
(iv) 15 अगस्त, 1947 को
उत्तर:
(ii) 26 जनवरी, 1950 को

प्रश्न 2.
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषता निम्न में से क्या है ?
(i) भारतीय संविधान का प्रमुख स्रोत अमेरिका का संविधान है
(ii) भारतीय संविधान पूर्ण लोकतान्त्रिक गणराज्य है
(iii) भारतीय संविधान संघात्मक है
(iv) भारतीय संविधान एकात्मक है।
उत्तर:
(ii) भारतीय संविधान पूर्ण लोकतान्त्रिक गणराज्य है

प्रश्न 3.
भारत के संविधान में कितने अनुच्छेद हैं ?
(i) 320
(ii) 345
(iii) 370
(iv) 395
उत्तर:
(iv) 395

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. हमारे संविधान ने नागरिकों को ………………… प्रकार के मौलिक अधिकार प्रदान किये हैं।
  2. वह सभा जिसे किसी देश का संविधान बनाने का कार्य सौंपा जाए उसे ………………… के नाम से जाना जाता है।
  3. भारत का संविधान भारत की सांस्कृतिक और ………………… को अपने अन्दर समेटे हुए है।

उत्तर:

  1. 6
  2. संविधान सभा
  3. राष्ट्रीय अस्मिता।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है। (2016)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
संविधान सभा की पहली बैठक 8 दिसम्बर, 1945 को हुई।
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 3.
भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद हैं। (2010)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 4.
मौलिक अधिकारों को संकटकाल में प्रतिबन्धित किया जा सकता है।
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 5.
संविधान न्यायपालिका को न्यायिक पुनर्विलोकन करने का अधिकार देता है।
उत्तर:
सत्य।

जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 12 भारतीय संविधान 2
उत्तर:

  1. → (ख)
  2. → (ग)
  3. → (क)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान का आधार कौन-सी योजना रही ?
उत्तर:
कैबिनेट मिशन योजना

प्रश्न 2.
संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी ? (2009)
उत्तर:
9 दिसम्बर, 1946

प्रश्न 3.
भाषा, लिपि और संस्कृति के लिए कौन-सा मौलिक अधिकार रखा गया है ?
उत्तर:
संस्कृति एवं शिक्षा का अधिकार

प्रश्न 4.
किस स्थिति में मौलिक अधिकार स्थगित किये जाते हैं ?
उत्तर:
संकटकाल

प्रश्न 5.
कौन-से संशोधन द्वारा संविधान में ‘मूल कर्त्तव्य’ जोड़ा गया है ? (2017)
उत्तर:
42वें संशोधन (1976) के द्वारा,

प्रश्न 6.
संविधान में नागरिकों को कितने मूल अधिकार प्रदान किये गये हैं ? (2015)
उत्तर:
6.

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हम कर्त्तव्य का पालन क्यों करते हैं ?
उत्तर:
भारतीय नागरिक होने के नाते हमारा कर्त्तव्य है कि हम संविधान का पालन करें, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करें अर्थात् देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए हमें कर्त्तव्य का पालन करना चाहिए।

प्रश्न 2.
भारत के संविधान में संशोधन की कितनी प्रक्रियाओं का उल्लेख है ?
उत्तर:
भारत के संविधान में संशोधन की तीन प्रक्रियाओं का उल्लेख है जिसके अनुसार संविधान के कुछ प्रावधान संसद के साधारण बहुमत से, कुछ प्रावधानों में विशिष्ट बहुमत से तथा महत्वपूर्ण शेष प्रावधानों में संसद के विशिष्ट बहुमत के साथ-साथ आधे राज्यों के अनुसमर्थन से बदले जा सकते हैं।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 लघु उत्तराय प्रश्न

प्रश्न 1.
संविधान की अवधारणा और आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
संविधान की अवधारणा और आवश्यकता – शासन व्यवस्था के सुचारु संचालन हेतु व्यवस्थापिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका का गठन एवं उसके कार्यों और अधिकारों की सीमाओं के निर्धारण के लिए संविधान की आवश्यकता होती है। संविधान के अभाव में शासन का सुचारु रूप से संचालित होना कठिन है और अराजकता की स्थिति निर्मित होने की प्रबल सम्भावना रहती है। संविधान में नागरिकों के मूल अधिकार एवं कर्त्तव्यों का भी विवरण होता है। संविधान शासन व्यवस्था का आधार है।

प्रश्न 2.
“भारत के संविधान में विश्व के विद्यमान संविधानों के सर्वोत्तम लक्षणों का समावेश है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारत का संविधान बनाते समय संविधान निर्माताओं ने विश्व के विद्यमान संविधानों के सर्वोत्तम लक्षणों को एकत्र किया और उन्हें अपने राष्ट्र की आवश्यकता और विद्यमान दशाओं के अनुसार अंगीकृत किया। आयरलैण्ड के संविधान से नीति-निदेशक तत्वों को लिया गया है। अमेरिका के संविधान से मूल अधिकारों के विचार को ग्रहण किया है। संघात्मक शासन व्यवस्था कनाडा के संविधान से ली है। भारतीय संविधान पर स्वतन्त्रता संघर्ष के दिनों हुए भारत के संवैधानिक विकास का भी बहुत प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही इंग्लैण्ड की संवैधानिक परम्पराएँ, न्यायिक निर्णय, संवैधानिक टीकाएँ और संविधान विशेषज्ञों की राय आदि का भी प्रभाव झलकता है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 12 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान की प्रारूप समिति का गठन क्यों और किस प्रकार हुआ था ?
उत्तर:
प्रारूप समिति का निर्माण- भारत के संविधान का निर्माण कार्य सरल नहीं था, अतः संविधान निर्माण को सरल बनाने के लिए विभिन्न समितियाँ बनाई गईं। प्रक्रियागत मामलों से सम्बन्धित 10 समितियाँ एवं तथ्यगत मामलों की 8 समितियाँ गठित की गयी थीं। इन समितियों के प्रतिवेदनों एवं सुझावों के अनुसार संविधान को अन्तिम स्वरूप देने हेतु एक प्रारूप समिति गठित की गई। इस समिति का अध्यक्ष डॉ. भीमराव आम्बेडकर को बनाया गया। इस समिति में एन. गोपालस्वामी, अल्लादि कृष्ण स्वामी, मोहम्मद सादुल्ला, के. मुन्शी, बी. एल. मित्तल और डी. पी. खेतान थे। बाद में पी. एल. मित्तल तथा डी. पी. खेतान की मृत्यु के बाद उनके स्थान पर क्रमशः एम. माधवन तथा टी. टी. कृष्णामाचारी उसके सदस्य हुए। संविधान का लिखित प्रारूप 21 फरवरी, 1948 को संविधान सभा के अध्यक्ष को सौंपा गया।

MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 19 उपभोक्ता जागरूकता

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 19 उपभोक्ता जागरूकता

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 वैस्तुनिष्ठ प्रश्न

सही विकल्प चुनकर लिखिए

उपभोक्ता शोषण के दो प्रकार लिखिए MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 1.
उपभोक्ता संरक्षण नियम कब लागू किया ? (2009)
(i) 1986 में
(ii) 1996 में
(iii) 1968 में
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(i) 1986 में

उपभोक्ता शोषण के दो प्रकार MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 2.
उपभोक्ता जागरूकता का अर्थ है –
(i) अपने अधिकारों के प्रति सतर्कता
(ii) अपने कर्तव्यों के प्रति सतर्कता
(iii) अपने अधिकारों एवं कर्त्तव्यों दोनों के प्रति सतर्कता
(iv) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(iii) अपने अधिकारों एवं कर्त्तव्यों दोनों के प्रति सतर्कता

Mp Board Class 10th Social Science Chapter 19 प्रश्न 3.
उपभोक्ता जागरूकता आवश्यक है –
(i) शोषण से बचाव के लिए
(ii) उच्च जीवन-स्तर के लिए
(iii) हानिकारक उपभोग रोकने के लिए
(iv) उक्त सभी।
उत्तर:
(iv) उक्त सभी।

Upbhokta Jagrukta MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 4.
उत्पादक वस्तु की गुणवत्ता एवं कीमत के सम्बन्ध में मनमानी कर सकते हैं –
(i) प्रतियोगी बाजार में
(ii) एकाधिकार में
(iii) कृषि उत्पादों में
(iv) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ii) एकाधिकार में

प्रश्न 5.
एगमार्क सुरक्षा चिन्ह है (2018)
(i) आभूषणों के लिए
(ii) कृषि उत्पादों के लिए
(iii) ऊनी वस्त्रों के लिए
(iv) बिजली के उपकरणों के लिए।
उत्तर:
(ii) कृषि उत्पादों के लिए

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. आई. एस. आई ………….” स्तर का मानक है। (2014)
  2. बिजली के उपकरणों पर ……….. का चिन्ह रहता है।
  3. मिलावटी खाद्य पदार्थ के विरुद्ध उपभोक्ताओं को……………” अधिकार प्राप्त है।
  4. वस्तु की पूर्ति होते हुए उसका अभाव बताना ……….. कहलाता है।
  5. एगमार्क ……………’ सम्बन्धी उत्पादों पर लगाया जाता है।

उत्तर:

  1. गुणवत्ता
  2. आई. एस. आई.
  3. वस्तुओं और सेवाओं की जानकारी
  4. कृत्रिम अभाव, कालाबाजारी
  5. कृषि।

सही जोड़ी मिलाइए
उपभोक्ता शोषण के दो प्रकार लिखिए MP Board Class 10th Social Science
उत्तर:

  1. → (ग)
  2. → (क)
  3. → (घ)
  4. → (ङ)
  5. → (ख)

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वस्तु या सेवा के खरीदार को क्या कहते हैं ? (2016)
उत्तर:
उपभोक्ता।

प्रश्न 2.
उपभोक्ता शोषण से क्या आशय है ? (2014, 15, 17)
उत्तर:
उपभोक्ता शोषण से आशय है कि उपभोक्ताओं को कम वजन तोलना, अधिक कीमत वसूलना, मिलावटी एवं दोषपूर्ण वस्तुएँ बेचना, भ्रमित विज्ञापन देकर उपभोक्ताओं को गुमराह करना आदि।

प्रश्न 3.
उपभोक्ता शोषण के दो प्रकार बताइए। (2016, 18)
उत्तर:

  1. ऊँची कीमतें – प्रायः दुकानदार निर्धारित फुटकर कीमत से अधिक मनमानी कीमत ले लेते हैं।
  2. मिलावट एवं अशुद्धता – मिलावट का आशय है वस्तु में कुछ सस्ती वस्तु को मिला देना। इससे कई बार उपभोक्ता के स्वास्थ्य को हानि होती है।

प्रश्न 4.
सिनेमा की टिकट को उसकी निर्धारित कीमत से अधिक कीमत पर बेचना क्या कहलाता है ?
उत्तर:
टिकट की कालाबाजारी द्वारा उपभोक्ता का शोषण।

प्रश्न 5.
वस्तु के सम्बन्ध में सीमित जानकारी प्राप्त होने का क्या परिणाम होता है ?
उत्तर:
वैश्वीकरण के इस युग में बाजार अनेक प्रकार के उत्पादों से भरा पड़ा है। उत्पादक उत्पादन करने हेतु स्वतन्त्र है। गुणवत्ता एवं मूल्य निर्धारण के कोई निश्चित नियम नहीं हैं। वस्तु के अनेक पहलुओं; जैसे-मूल्य, गुण, संरचना, प्रयोग की शर्ते, क्रय के नियम आदि की उपयुक्त एवं पूर्ण जानकारी का अभाव होता है। अतः उपभोक्ता गलत चुनाव करके अपना आर्थिक नुकसान कर बैठते हैं।

प्रश्न 6.
एकाधिकार क्या है ? (2018)
उत्तर:
एकाधिकार – एकाधिकार का आशय है किसी वस्तु के उत्पादन एवं वितरण पर किसी एक उत्पादक या एक उत्पादक समूह का अधिकार होना। एकाधिकार की स्थिति में उत्पादक कीमतों एवं वस्तु की गुणवत्ता तथा उपलब्धता के सम्बन्ध में मनमानी करते हैं। फलत: वे उपभोक्ताओं का शोषण करने में सफल हो जाते हैं।

प्रश्न 7.
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है ?
उत्तर:
24 दिसम्बर को भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उपभोक्ता जागरूकता का आशय उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए। (2010)
उत्तर:
पूँजीवाद एवं वैश्वीकरण के इस युग में प्रत्येक उत्पादक का प्रमुख उद्देश्य अपने लाभ को अधिकतम करना होता है। उत्पादक हर सम्भव तरीके से अपने उत्पाद की बिक्री बढ़ाने में लगे हुए हैं। अतः अपने उद्देश्य की पूर्ति करते हुए वे उपभोक्ताओं के पक्ष को भूल जाते हैं और उनका शोषण करते हैं। उदाहरण के लिए-कम वजन तोलना, अधिक कीमत वसूलना, मिलावटी एवं दोषपूर्ण वस्तुएँ बेचना, भ्रमित विज्ञापन देकर उपभोक्ताओं को गुमराह करना आदि। इस प्रकार उपभोक्ता बाजार में ठगा न जा सके इसके लिए उसे जागरूक बनाना आवश्यक है। इस प्रकार उपभोक्ता जागरूकता से आशय उपभोक्ता को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने से है।

प्रश्न 2.
उपभोक्ता जागरूकता अराजकता तथा हानिकारक उपभोग पर रोक लगाने में किस प्रकार सहायक है ? (2013)
उत्तर:
उपभोक्ता की जागरूकता हानिकारक उपभोग तथा अराजकता पर नियन्त्रण लगाने में निम्न प्रकार सहायक है –

  1. हानिकारक वस्तुओं के उपभोग पर रोक-बाजार में अनेक ऐसी वस्तुएँ भी उपलब्ध रहती हैं जो कुछ उपभोक्ताओं को हानि पहुँचाती हैं। उदाहरण के लिए, सिगरेट, तम्बाकू, शराब आदि को लिया जा सकता है। उपभोक्ता शिक्षा एवं जागरूकता ऐसी वस्तुओं को न खरीदने की प्रेरणा देती है।
  2. अराजकता पर नियन्त्रण-समाज में प्रत्येक व्यक्ति उपभोक्ता होता है। अत: यदि उपभोक्ता, जागरूक एवं विवेकशील है तब सम्पूर्ण समाज भी स्वस्थ और अपने अधिकारों के प्रति सचेत हो जाता है। ऐसी स्थिति में समाज में अराजकता पर नियन्त्रण रहता है।

प्रश्न 3.
आई. एस. आई. क्या है ? (2016)
उत्तर:
आई. एस. आई. – भारत सरकार ने कुछ ऐसी संस्थाओं का गठन किया है जो वस्तुओं की गुणवत्ता को प्रमाणित करती हैं। औद्योगिक तथा उपभोक्ता वस्तुओं के लिए आई. एस. आई. चिन्ह दिया गया है। धोखाधड़ी से बचने के लिए उपभोक्ताओं को इस चिन्ह वाली वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न 4.
उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम क्या है ? लिखिए।
उत्तर:
उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम – देश के उपभोक्ता आन्दोलन में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 का बनाया जाना एक मील का पत्थर है। यह अधिनियम कोपरा (COPRA) के नाम से प्रसिद्ध है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता की शिकायतों को तुरन्त निपटाने तथा कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाना है। कोपरा के अन्तर्गत उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिए जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तरों पर एक त्रिस्तरीय न्यायिक तन्त्र स्थापित किया गया है। जिला स्तर का न्यायालय ₹20 लाख तक के दावों के सम्बन्धित मुकदमों पर विचार करता है राज्य स्तरीय अदालतों में ₹20 लाख से ₹ एक करोड़ तक के मामलों की सुनवाई की जाती है। राष्ट्रीय स्तर की अदालतें एक करोड़ से ऊपर की दावेदारी से सम्बन्धित मुकदमों को देखती हैं।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उपभोक्ता जागरूकता की आवश्यकता एवं महत्व बताइए। (2009)
अथवा
उपभोक्ता जागरूकता की आवश्यकता के किन्हीं पाँच बिन्दुओं का वर्णन कीजिए। (2012)
उत्तर:
उपभोक्ता जागरूकता की आवश्यकता एवं महत्व

अधिकांशत उपभोक्ता को बाजार में सही वस्तुएँ एवं सेवाएँ प्राप्त नहीं होती हैं। उससे बहुत ही अधिक कीमत ले ली जाती है या मिलावटी तथा कम गुणवत्ता वाली वस्तुएँ बेच दी जाती हैं। परिणामस्वरूप यह आवश्यक है कि उसे जागरूक किया जाए। उपभोक्ता को जागरूक बनाने की आवश्यकता एवं महत्व निम्नलिखित बातों से स्पष्ट हो जाते हैं –

(1) अधिकतम सन्तुष्टि प्राप्त करना – प्रत्येक व्यक्ति की आय सीमित होती है। वह अपनी आय से अधिक वस्तुएँ व सेवाएँ खरीदना चाहता है। इससे ही उसे पूर्ण सन्तुष्टि प्राप्त होती है। अत: यह आवश्यक है कि उसे वस्तुएँ सही माप-तोल के अनुसार प्राप्त हों और उसके साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न हो। इसके लिए उसे जागरूक बनाना आवश्यक है।

(2) उत्पादकों के शोषण से बचाव – उत्पादक एवं विक्रेता उपभोक्ताओं का कई प्रकार से शोषण करते हैं; जैसे-कम तोलना, अधिक कीमत लेना, बिल न देना, मिलावट करना, नकली वस्तु देना आदि । बड़ी-बड़ी कम्पनियाँ भी अपने विज्ञापनों से उपभोक्ताओं को भ्रमित करती हैं। उपभोक्ता जागरूकता ही उन्हें उत्पादकों विक्रेताओं के शोषण से बचाती है।

(3) बचत को प्रोत्साहन – जागरूकता व्यक्तियों को फिजूलखर्ची तथा अपव्यय से रोकती है और उसे सही निर्णय लेने की प्रेरणा देती है। ऐसे उपभोक्ता सेल, छूट, मुफ्त उपहार, आकर्षक पैकिंग आदि के लालच में नहीं फँसते। इससे वे अपनी आय का सही उपयोग करने एवं अधिक बचत करने में सफल रहते हैं।

(4) समस्याओं को हल करने की जानकारी – अशिक्षा, अज्ञानता एवं जानकारी के अभाव में उपभोक्ता वर्ग धोखा खा जाता है। अतः आवश्यक है कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों की जानकारी दी जाए जिससे वे उत्पादकों एवं विक्रेताओं द्वारा ठगे न जाएँ। उपभोक्ता जागृति के द्वारा उन्हें कानूनी प्रक्रिया से भी अवगत कराया जाता है जिससे वे अपनी समस्याओं को हल कर सकें।

(5) हानिकारक वस्तुओं के उपयोग पर रोक – बाजार में अनेक ऐसी वस्तुएँ भी उपलब्ध रहती हैं जो कुछ उपभोक्ताओं को हानि पहुँचाती हैं। उदाहरण के लिए सिगरेट, शराब, तम्बाकू आदि को लिया जा सकता है। उपभोक्ता की जागरूकता एवं शिक्षा ऐसी वस्तुओं को न खरीदने की प्रेरणा देती है। इससे उन्हें बहुत लाभ होता है।

प्रश्न 2.
उत्पादक एवं व्यापारी उपभोक्ताओं का शोषण किस प्रकार करते हैं ? व्याख्या कीजिए। (2013)
अथवा
उपभोक्ता शोषण के किन्हीं पाँच प्रकारों का वर्णन कीजिए। (2009, 12)
उत्तर:
सामान्यतः उत्पादक एवं व्यापारी उपभोक्ताओं का शोषण निम्नलिखित प्रकार से करते हैं –
(1) मिलावट एवं अशुद्धता – मिलावट का आशय है वस्तु में कुछ सस्ती वस्तु का मिला देना। इससे कई बार उपभोक्ता के स्वास्थ्य को हानि होती है। चावल में सफेद कंकड़, मसालों में रंग, तुअर दाल में खेसरी दाल तथा अन्य महँगे खाद्य पदार्थ में हानिकारक वस्तुओं की मिलावट अधिक लाभ अर्जन के उद्देश्य से की जाती है।

(2) अधिक मूल्य – प्रायः दुकानदार निर्धारित फुटकर कीमत से अधिक मनमानी कीमत ले लेते हैं। अक्सर देखा गया है कि जब हम एक दुकान से महँगी वस्तु खरीद लेते हैं और वही वस्तु दूसरी किसी दुकान में कम कीमत में मिल जाती है। यदि हम अंकित मूल्य दिखाते हैं तो वह कोई कारण बता देता है; जैसे – स्थानीय कर आदि।

झूटी अथवा अधूरी जानकारी – उत्पादक एवं विक्रेता कई बार ग्राहकों को गलत या अधूरी जानकारी देते हैं। इससे ग्राहक गलत वस्तु खरीदकर फंस जाते हैं और उनका पैसा बेकार चला जाता है। वस्तु की कीमत, गुणवत्ता, अन्तिम तिथि, पर्यावरण पर प्रभाव, क्रय की शर्ते आदि के विषय में सम्पूर्ण जानकारी नहीं दी जाती है। वस्तु को खरीदने के बाद उपभोक्ता परेशान होता रहता है।

(4) घटिया गुणवत्ता – जब कुछ वस्तुएँ बाजार में चल जाती हैं तो कुछ बेईमान उत्पादक जल्दी धन कमाने की लालसा में उनकी बिल्कुल नकल उतारकर बाजार में नकली माल चला देते हैं। ऐसे में दुकानदार भी ग्राहक को घटिया सामान दे देते हैं क्योंकि ऐसी वस्तुएँ बेचने में उन्हें अधिक लाभ रहता है। इस प्रकार उपभोक्ता ठगा जाता है और उसका शोषण होता है।

(5) माप-तौल में गड़बड़ी – माप-तोल में विक्रेता कई प्रकार से गड़बड़ियाँ करते हैं; जैसे-बाँट के तले को खोखला करना, उसका वजन वांछित से कम होना, बाँट के स्थान पर पत्थर का उपयोग करना, लीटर के पैमाने का तला नीचे से मोटा या ऊपर की ओर उठा हुआ होना, तराजू के पलड़े के नीचे चुम्बक लगा देना आदि। इस प्रकार उपभोक्ता जितना भुगतान करता है उसके बदले में उसे वस्तु उचित मात्रा में प्राप्त नहीं होती है।

(6) बिक्री के पश्चात् असन्तोषजनक सेवा – जब तक उपभोक्ता वस्तु खरीद नहीं लेता, उसे तरह-तरह के लालच एवं बाद में प्रदान की जाने वाली सेवाओं का आकर्षण दिया जाता है किन्तु बाद में सेवाएँ उचित समय में प्रदान नहीं की जाती हैं तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। परिणामस्वरूप उपभोक्ता परेशान होता रहता है।

(7) अनावश्यक शर्ते – बैंक, ऋण देने वाली संस्थाएँ आदि उपभोक्ता को वित्तीय सेवाएँ देती हैं परन्तु जमाकर्ताओं एवं ऋणदाताओं के साथ बैंक स्टाफ सहयोग नहीं करता। इसी प्रकार गैस कनेक्शन, नई टेलीफोन लाइन, लाइसेन्सशुदा सामान आदि प्राप्त करते समय विक्रेता अनावश्यक शर्ते लगाकर उपभोक्ताओं को परेशान करते हैं।

(8) कृत्रिम अभाव – कभी-कभी त्योहार, पर्व आदि के समय व्यापारी अनुचित लाभ अर्जित करने के लिए वस्तुओं की जमाखोरी कर वस्तु का कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर देते हैं और फिर कालाबाजारी के द्वारा अधिक कीमतें वसूलते हैं।

प्रश्न 3.
उपभोक्ता का शोषण क्यों होता है ? कारणों की व्याख्या कीजिए। (2009, 11)
उत्तर:
उपभोक्ता शोषण के कारण

बाजार में उपभोक्ता क्यों ठगा जाता है, क्यों वह शोषण का शिकार हो जाता है, यह एक गम्भीर प्रश्न है। हमारा शोषण न हो सके, इसके लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि शोषण के कारण क्या हैं ? इन कारणों की जानकारी के बाद ही हम उनसे बचने का तरीका ढूँढ़ सकते हैं। उपभोक्ता शोषण के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं –

(1) अज्ञानता – यह उपभोक्ताओं के शोषण का प्रमुख कारण है। कई उपभोक्ताओं को वस्तु की कीमत, गुणवत्ता, उससे सम्बन्धित सेवा आदि के विषय में जानकारी ही नहीं होती है और वे विक्रेताओं की बताई बातों पर विश्वास कर वस्तु खरीदकर फंस जाते हैं और शोषित होते हैं।

(2) उदासीनता – उपभोक्ताओं की एक बड़ी संख्या ऐसी भी होती है जो खरीदारी के प्रति उदासीनता बरतते हैं; जैसे-क्या करना है, सब ठीक है, रसीद लेकर क्या करना है, दुकानदार ने जो दिया है वह अच्छा ही होगा, वस्तु सस्ती सुन्दर टिकाऊ होनी चाहिए, आई. एस. आई. और एगमार्क जैसे चिन्ह की क्या आवश्यकता है, आदि कुछ ऐसी बातें हैं जो उपभोक्ता की उदासीनता को प्रदर्शित करते हैं। इसका पूरा लाभ विक्रेता उठाते हैं और उपभोक्ताओं का शोषण करने में सफल हो जाते हैं।

(3) टेली मार्केटिंग – वैश्वीकरण के युग में टेली मार्केटिंग और ई-कॉमर्स का चलन हो गया है। टी. वी. पर कई प्रकार के विज्ञापन आते हैं। वस्तु के विषय में जानकारी देकर कीमत भी बता दी जाती है। उपभोक्ता पैसे भेजकर पार्सल द्वारा वस्तु प्राप्त करता है परन्तु कई बार इस सौदे से उपभोक्ता स्वयं को ठगा महसूस करता है। महँगे-महँगे उत्पाद वह झाँसे में आकर मँगा लेता है परन्तु उसका उसे उचित लाभ नहीं मिल पाता है।

(4) सीमित जानकारी – वैश्वीकरण के इस युग में बाजार अनेक प्रकार के उत्पादों से भरा पड़ा है। उत्पादक उत्पादन करने हेतु स्वतन्त्र है। गुणवत्ता एवं मूल्य निर्धारण के कोई निश्चित नियम नहीं हैं। वस्तु के अनेक पहलुओं; जैसे-मूल्य, गुण, संरचना, प्रयोग की शर्ते, क्रय के नियम आदि की उपयुक्त एवं पूर्ण जानकारी का अभाव होता है। अतः उपभोक्ता गलत चुनाव करके अपना आर्थिक नुकसान कर बैठते हैं।

(5) एकाधिकार – एकाधिकार का आशय है किसी वस्तु के उत्पादन एवं वितरण पर किसी एक उत्पादक या एक उत्पादक समूह का अधिकार होना। एकाधिकार की स्थिति में उत्पादक कीमतों एवं वस्तु की गुणवत्ता तथा उपलब्धता के सम्बन्ध में मनमानी करते हैं। फलत: वे उपभोक्ताओं का शोषण करने में सफल हो जाते हैं।

(6) अशिक्षा – जब उपभोक्ता अशिक्षित होते हैं तो उन्हें विक्रेता बहुत सरलता से ठग लेते हैं। मिलते-जुलते शब्दों को ब्राण्डेड बताकर दुकानदार हल्की वस्तुओं को बेच देते हैं, जैसे सोनी के स्थान पर सोनिवा लिखा हो तो स्थानीय उत्पादक उसे सोनी की कीमत पर बेच देते हैं। उपभोक्ता भी कई बार सन्तोषी होते हैं कि हो गया नुकसान तो हो गया या भाग्य में यही था अब कौन झगड़ा मोल ले। इस सोच से भी उपभोक्ता शोषण का शिकार बनते हैं।

प्रश्न 4.
वस्तुओं के मानकीकरण का क्या अर्थ है ? विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण बताइए। (2009, 10)
उत्तर:
मानकीकरण का अर्थ – उत्पादों की गुणवत्ता देखकर उनके लिए मानक निर्धारित करना वस्तुओं का मानकीकरण कहलाता है। बाजार में अनेक प्रकार की वस्तुएँ उपलब्ध रहती हैं किन्तु शोषण से बचने के लिए उपभोक्ता को सदैव मानकीकृत वस्तुएँ ही खरीदना चाहिए। भारत सरकार ने कुछ ऐसी संस्थाओं का गठन किया है जो वस्तुओं की गुणवत्ता को प्रमाणित करती है। विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण चिन्ह निम्न प्रकार हैं –

  • एगमार्क – कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को प्रमाणित करने वाला चिन्ह।
  • आई. एस. आई. – औद्योगिक एवं उपभोक्ता वस्तुओं की गुणवत्ता को प्रमाणित करने वाला चिन्ह।
  • वूल मार्क – ऊन या ऊनी वस्त्रों की गुणवत्ता को प्रमाणित करने वाला चिन्ह
  • हॉल मार्क – स्वर्ण आभूषणों की गुणवत्ता को प्रमाणित करने वाला चिन्ह।

प्रश्न 5.
एक उपभोक्ता होने के नाते आप बाजार में ठगे न जाएँ इस हेतु क्या उपाय अपनाएँगे, साथ ही संरक्षण हेतु कानूनी उपायों की भी चर्चा कीजिए। (2011)
अथवा
उपभोक्ता को शोषण से बचाने के लिए कोई पाँच उपाय लिखिए। (2009)
उत्तर:
एक उपभोक्ता होने के नाते हम बाजार में ठगे न जाएँ इसके लिए निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिए –

(1) रसीद प्राप्त करना – किसी वस्तु को खरीदने के साथ ही उसका कैश मेमो लेना बहुत आवश्यक है। इससे वस्तु खराब निकलने या घटिया होने या निर्धारित समय के पूर्व ही खराब हो जाने की स्थिति में कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

(2) मानकीकृत वस्तुओं का क्रय – बाजार में अनेक प्रकार की वस्तुएँ उपलब्ध रहती हैं किन्तु शोषण से बचने के लिए उपभोक्ताओं को हमेशा मानकीकृत वस्तुएँ ही खरीदनी चाहिए। आई. एस. आई., एगमार्क एवं हॉलमार्क वाले चिन्हों की वस्तुएँ मानकीकृत होती हैं।

(3) उपभोक्ता शिक्षा – शोषण में निदान का सबसे महत्वपूर्ण उपाय उपभोक्ता शिक्षा एवं जागरूकता है सरकार ने उपभोक्ताओं के संरक्षण के अनेक कानून बनाये हैं। किन्तु यह देखा गया है कि जन-सामान्य को इनकी जानकारी नहीं होती है। अतः उपभोक्ताओं को इन अधिकारों की शिक्षा दी जानी चाहिए।

(4) विज्ञापनों के बहकावे में न आना – बड़ी-बड़ी कम्पनियाँ अपने उत्पादों का दूरदर्शन एवं अन्य माध्यमों से आकर्षक विज्ञापन करते हैं। इसका उपभोक्ता पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है और वे वस्तुएँ खरीदने के लिए तैयार हो जाते हैं, परन्तु उपभोक्ताओं को विज्ञापनों से सावधान रहना चाहिए। वस्तु खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता, कीमत, मात्रा आदि की जाँच कर लेनी चाहिए।

(5) खराब होने की तिथि की जाँच – हमें सदैव वस्तु की निर्माण तिथि एवं खराब होने की तिथि अवश्य देख लेनी चाहिए, क्योंकि इस तिथि के बाद वह वस्तु प्रभावी नहीं रहती है और उसके बुरे प्रभाव होने की सम्भावना रहती है। उदाहरणार्थ-दवाएँ, डिब्बाबन्द पदार्थ, खाद्य-सामग्री आदि।

(6) सामूहिक रूप से शिकायत करना-एक अकेला उपभोक्ता, उत्पादक या विक्रेता के विरुद्ध कुछ नहीं कर सकता है, परन्तु यदि सामूहिक रूप से शिकायत की जाती है तो वह प्रभावी होती है।

संरक्षण हेतु कानूनी उपाय

उपभोक्ताओं के संरक्षण हेतु सन् 1955 में आवश्यक वस्तु अधिनियम’ पारित किया गया। इसके पश्चात् सन् 1976 में नाप-तोल को व्यवस्थित करने के लिए ‘बाँट एवं माप मानक अधिनियम’ पारित किया गया।

सन् 1986 में भारत सरकार द्वारा ‘उपभोक्ताओं सुरक्षा अधिनियम’ पारित किया गया। इस कानून का प्रमुख उद्देश्य उपभोक्ता की शिकायतों को तुरन्त निपटाने तथा कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाने से है। इसके अन्तर्गत उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिये जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तरों पर एक त्रिस्तरीय न्यायिक तन्त्र स्थापित किया गया है।

भारत सरकार ने ‘उपभोक्ता मामलों के विभाग’ ने भी उपभोक्ता को जागरूक बनाने के लिए अनेक योजनाएँ चलाई हैं। जैसे देश के प्रत्येक जिले में उपभोक्ता संगठन एवं स्कूलों में उपभोक्ता क्लबों की स्थापना करना। उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर जागृति शिखरों का भी आयोजन किया जाता है। 24 दिसम्बर भारत में ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। आज देश में 700 से अधिक उपभोक्ता संगठन कार्यरत् हैं।

प्रश्न 6.
उपभोक्ताओं के अधिकार कौन-कौनसे हैं एवं उन्हें ये अधिकार क्यों दिये गये हैं ? व्याख्या कीजिए।
अथवा
उपभोक्ताओं के अधिकार संक्षेप में लिखिए। (2009)
उत्तर:
उपभोक्ताओं के अधिकार

उपभोक्ताओं को बाजार से श्रेष्ठ वस्तु एवं सेवाएँ क्रय करने का अधिकार है। उत्पादक या विक्रेता उसे किसी भी प्रकार का धोखा न दे सके, इसके लिए उसे कानून द्वारा संरक्षण दिया गया है। सामान्यतः उपभोक्ता को निम्नलिखित अधिकार प्राप्त हैं –

(1) सुरक्षा का अधिकार – उत्पादकों के लिए यह आवश्यक है कि वे उपभोक्ताओं की सुरक्षा से सम्ब. न्धित नियमों का पालन करें। कारण यह है कि यदि उत्पादक इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उपभोक्ता को भारी जोखिम उठाना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, प्रेशर कुकर में एक सेफ्टी वॉल्व होता है जो यदि खराब हों तो भयंकर दुर्घटना हो सकती है सेफ्टी वॉल्व के निर्माता को इसकी उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि निर्माता ऐसा नहीं करते हैं तो उपभोक्ता कानून का सहारा ले सकते हैं।

(2) चयन का अधिकार – जब कोई उपभोक्ता किसी वस्तु या सेवा को खरीदता है तो उसे चुनने का अधिकार होता है। उदाहरण के लिए, यदि हम गैस कनेक्शन लेते हैं और गैस डीलर साथ में चूल्हा खरीदने के लिए दबाव डालता है किन्तु हम केवल गैस कनेक्शन लेना चाहते हैं और चूल्हे की हमें आवश्यकता नहीं है। इस स्थिति में हमारे चुनने के अधिकार का उल्लंघन होता है। कारण यह है कि जो वस्तु खरीदना नहीं चाहते, उसे खरीदने के लिए विक्रेता या डीलर हमको विवश करता है। ऐसी स्थिति में हम विक्रेता के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।

(3) जानकारी का अधिकार – जब हम कोई वस्तु खरीदते हैं तब यह पाते हैं कि उसकी पैकिंग पर कुछ खास जानकारियाँ लिखी हुई होती हैं; जैसे-उस वस्तु की बैच संख्या, निर्माण की तारीख, उपयोग करने की अन्तिम तिथि और उसके निर्माण स्थल का पता आदि। जब हम कपड़े खरीदते हैं, तब हमें धुलाई से सम्ब. न्धित निर्देश उल्लेखित होने चाहिए। जब हम कोई दवा खरीदते हैं तो उस दवा के अन्य प्रभावों और खतरों से सम्बन्धित निर्देश भी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार उपभोक्ता जिन वस्तुओं को खरीदता है, उसके बारे में जानकारी पाने का अधिकार है।

(4) सूचना का अधिकार – भारत सरकार ने वर्ष 2005 को सूचना प्रदान करने का अधिकार (राइट टू इनफॉरमेशन) के नाम से कानून बनाया है। यह कानूनं सरकारी विभागों के कार्य कलापों की सभी सूचनाएँ पाने का अधिकार सुनिश्चित करता है। उपभोक्ताओं को उपभोक्ता शिक्षा प्राप्त करने का भी अधिकार है।

(5) क्षतिपूर्ति का अधिकार – अन्य परीक्षोपयोगी लघु उत्तरीय प्रश्न 1 का उत्तर देखें।

प्रश्न 7.
भारत में उपभोक्ता आन्दोलन की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
भारत में उपभोक्ता आन्दोलन

उपभोक्ता आन्दोलन का प्रारम्भ उपभोक्ताओं के असन्तोष के कारण हुआ है। उपभोक्ताओं में असन्तोष के अनेक कारण थे; जैसे-खाद्य पदार्थों की कमी, जमाखोरी, कालाबाजारी, मिलावट आदि। इन समस्याओं से निपटने के लिए सबसे पहले सन् 1955 में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ पारित किया गया। इस अधिनियम के द्वारा आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, वितरण, मूल्य एवं आपूर्ति को नियन्त्रित करने का प्रयास किया गया। इसके बाद वस्तुओं की नाप-तौल को व्यवस्थित करने के लिए सन् 1976 में बाँट एवं माप मानक अधिनियम पारित किया गया। सन् 1986 में ‘उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम’ पारित किया गया।

“उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम”1 ने भारत में उपभोक्ता आन्दोलन को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ये अदालतें उपभोक्ताओं के विवादों को निपटाने के साथ-साथ उनका मार्गदर्शन भी करती हैं। भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग’ ने भी उपभोक्ता को जागरूक बनाने के लिए अनेक योजनाएँ चलाई हैं।

भारत में उपभोक्ता आन्दोलन के परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं में अपने अधिकारों के प्रति काफी जागृति आई है। आज राष्ट्र में 700 से अधिक उपभोक्ता संगठन कार्यरत् हैं, किन्तु उपभोक्ताओं की उदासीनता के कारण प्रभावी एवं मान्यता प्राप्त संगठनों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।

भारत जैसे विकासशील राष्ट्र में उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने में सरकार के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठनों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने की दिशा में ये संस्थाएँ महत्त्वपूर्ण कार्य कर सकती हैं। इसके साथ ही यह भी आवश्यक है कि उपभोक्ता स्वयं अपने अधिकारों को समझे और उपभोक्ता आन्दोलन में अपना सक्रिय योगदान देने के लिए आगे आए।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आवश्यक वस्तु अधिनियम किस वर्ष में पारित किया गया ?
(i) सन् 1949 में
(ii) सन् 1952 में
(iii) सन् 1955 में
(iv) सन् 1960 में।
उत्तर:
(iii) सन् 1955 में

प्रश्न 2.
बाँट एवं माप मानक अधिनियम कब पारित किया गया ?
(i) सन् 1976 में
(ii) सन् 1980 में
(iii) सन् 1985 में
(iv) सन् 1987 में।
उत्तर:
(i) सन् 1976 में

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. प्रायः दुकानदार निर्धारित फुटकर कीमत से …………… मनमानी कीमत ले लेते हैं।
  2. आज ………….. के युग में टेली-मार्केटिंग का चलन हो गया है।
  3. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम …………… के नाम से प्रसिद्ध है।

उत्तर:

  1. अधिक
  2. कम्प्यूटर
  3. कोपरा।

सत्य/असत्य

प्रश्न 1.
24 दिसम्बर को भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। (2015)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 2.
‘एगमार्क’ कृषि उत्पादों के लिए सुरक्षा चिन्ह है। (2015)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 3.
स्वर्ण आभूषणों की गुणवत्ता को प्रमाणित करने वाला चिन्ह हॉलमार्क कहलाता है। (2014)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 4.
उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1955 में पारित किया। (2015)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 5.
उपभोक्ता संरक्षण नियम वर्ष 1986 में लागू हुआ। (2016,18)
उत्तर:
सत्य

प्रश्न 6.
उपभोक्ता प्रत्येक व्यक्ति नहीं होता है। (2017)
उत्तर:
असत्य

प्रश्न 7.
औद्योगिक तथा उपभोक्ता वस्तुओं के लिए हॉलमार्क चिन्ह दिया जाता है। (2017)
उत्तर:
असत्य

जोड़ी मिलाइए
MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 19 उपभोक्ता जागरूकता 2
उत्तर:

  1. → (ख)
  2. → (ग)
  3. → (क)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है ? (2014, 16)
उत्तर:
24 दिसम्बर

प्रश्न 2.
बाँट एवं माप मानक अधिनियम किस वर्ष में पारित किया गया।
उत्तर:
सन् 1976 में

प्रश्न 3.
सूचना प्राप्त करने का अधिकार (राइट टू इनफॉरमेशन) किस वर्ष में पारित किया गया ?
उत्तर:
वर्ष 2005 में

प्रश्न 4.
हॉलमार्क के द्वारा किसकी गुणवत्ता प्रमाणित किया जाता है ? (2018)
उत्तर:
स्वर्ण आभूषण

प्रश्न 5.
वूलमार्क किसकी गुणवत्ता को प्रमाणित करता है ?
उत्तर:
ऊन एवं ऊनी वस्त्रों की।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कालाबाजारी किसे कहते हैं ? (2017)
उत्तर:
जब उत्पादक एवं व्यापारी आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी कर लेते हैं तो इन वस्तुओं का मूल्य बाजार में बढ़ जाता है। विवशतापूर्ण उपभोक्ताओं को इन्हीं ऊँचे मूल्यों पर वस्तुओं को खरीदना पड़ता है और यदि सरकार इन वस्तुओं की राशनिंग कर देती है तो यही वस्तुएँ काले बाजार में बिकने के लिए आ जाती हैं, इसे ही कालाबाजारी कहते हैं।

प्रश्न 2.
उपभोक्ता शिक्षा से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
उपभोक्ता अपनी सीमित आय से अधिकतम सन्तुष्टि प्राप्त कर सके और बाजार में व्याप्त बुराइयों से अपने आपको शोषण से बचा सके। उपभोक्ता शिक्षा से उन्हें ऐसा ज्ञान प्राप्त होगा जिससे उनमें वस्तुओं को गुण-दोषों के आधार पर परखने की क्षमता पैदा होगी और इस ज्ञान से वे उचित समय पर उचित वस्तुएँ क्रय कर सकेंगे।

प्रश्न 3.
सूचना का अधिकार क्या है ? (2015)
उत्तर:
भारत सरकार ने वर्ष 2005 को सूचना प्राप्त करने का अधिकार (राइट टू इनफॉरमेशन) के नाम से जाने जाना वाला कानून बनाया है। यह कानून सरकारी विभागों के कार्यकलापों की सभी सूचनाएँ पाने के अधिकार को सुनिश्चित करता है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्षतिपूर्ति का अधिकार क्या है ? उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
क्षतिपूर्ति का अधिकार- उपभोक्ता को अनुचित सौदेबाजी और शोषण के विरुद्ध क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार है। इसे एक उदाहरण के द्वारा सरलता से समझा जा सकता है। एक व्यक्ति केरल के एक निजी चिकित्सालय में टॉन्सिल निकलवाने के लिए भर्ती हुआ। एक ई. एन. टी. सर्जन ने सामान्य बेहोशी की दवा देकर टॉन्सिल निकालने के लिए ऑपरेशन किया। अनुचित बेहोशी के कारण व्यक्ति में दिमागी असामान्यता के लक्षण आ गए, जिसके कारण वह जीवनभर के लिए अपंग हो गया। उपभोक्ता निवारण समिति ने अस्पताल को चिकित्सा में लापरवाही का दोषी पाया और क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया। इस प्रकार स्पष्ट है कि यदि एक उपभोक्ता को कोई क्षति पहुँचाई जाती है तो उसे क्षति की मात्रा के आधार पर क्षतिपूर्ति पाने का अधिकार होता है।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 19 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एक उपभोक्ता शोषित होने से स्वयं का किस प्रकार बचाव कर सकता है ?
अथवा
उपभोक्ता के कर्त्तव्य लिखिए। (कोई दो) (2009, 14)
उत्तर:
शासन के प्रयासों के अतिरिक्त उपभोक्ता को स्वयं भी कुछ कर्त्तव्यों का पालन करना चाहिए। उपभोक्ताओं के निम्न कर्त्तव्य हैं –

  1. बिल, रसीद, गारण्टी कार्ड आदि लेना एवं उन्हें सुरक्षित रखना।
  2. वस्तु की पूर्ति के अनुसार ही उपभोग में वृद्धि या कमी करना।
  3. उपभोक्ता संरक्षक नियमों की जानकारी रखना।
  4. कालाबाजारी एवं तस्करी को हतोत्साहित करना।
  5. वास्तविक समस्या की शिकायत अवश्य करनी चाहिए चाहे वस्तु कितने ही कम मूल्य की क्यों न हो ? इससे विक्रेताओं के ठगने की प्रवृत्ति हतोत्साहित होती है।
  6. आई. एस. आई., एफ. पी. ओ., एगमार्क एवं वूलमार्क जैसे चिन्हों को देखकर वस्तुएँ खरीदना।

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Chapter 4 पितृसेवा परं ज्ञानम्

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions Durva Chapter 4 पितृसेवा परं ज्ञानम् (कथा)

MP Board Class 9th Sanskrit Chapter 4 पाठ्य पुस्तक के प्रश्न

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 Question Answer MP Board प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिख-(एक शब्द में उत्तर दीजिए)
(क) मदन विनोदः कस्य पुत्रः आसीत्? (मदन, विनोद किसके पुत्र थे?)
उत्तर:
हरिदत्तस्य। (हरिदत्त के)

(ख) मदनं विनोदेन स्वर्णपञ्जरस्थः शुकः कुत्र स्थापितः? (मदन विनोद ने सोने के पिंजरे में स्थित शुक को कहाँ रखा?)
उत्तर:
शयनेन कक्षे। (सोने वाले कमरे)

(ग) त्रिविक्रमनामा द्विजः कस्य सखा आसीत्? (विक्रम नाम का ब्राह्मण किसका मित्र था?)
उत्तर:
हरिदत्तस्य (हरिदत्त का)।

(घ) देवशर्मा कुत्र तपः अकरोत्? (देवशर्मा ने कहाँ तपस्या किया?)
उत्तर:
गंगातीरे (गंगा के किनारे)।

(ङ) देवशर्मोपरि केन पुरीषोत्सर्ग कृतः? (देवशर्मा के ऊपर किसने टट्टी किया?)
उत्तर:
बलाकि (बगुली)।

कक्षा 9 संस्कृत पाठ 4 के प्रश्न उत्तर MP Board प्रश्न 2.
अधोलिखित प्रश्नां एकवाक्येन उत्तरं लिखत (नीचे लिखे प्रश्नों का एक वाक्य में उत्तर लिखो)
(क) मदनविनोद पितुः शिक्षा केन कारणेन न शृणोति? (मदनविनोद पिता की शिक्षा किस कारण से नहीं सुनता था?)
उत्तर:
मदन विनोद पितुः शिक्षा दुखश्यनेनो कारणेन न शृणोति। (मदन विनोद पिता की शिक्षा दुख के कारण नहीं सुनता था।)

(ख) मदन विनोदस्य आसक्तिः केषु आसीत्? (मदन विनोद का लगाव किसमें था?)
उत्तर:
मदनविनोदस्य आसक्तिः द्यूतमृगयवेश्यामद्यादिषु आसीत्। (मदन विनोद का लगाव जुआ खेलने, वेश्यावृत्ति और मदिरापान आदि में था।)

(ग) द्विजपत्नी देवशर्माणं किम उक्तवती? (ब्राह्मण की पत्नी ने देवशर्मा से क्या बोली?)
उत्तर:
द्विजपत्नी देवशर्माणं नाहं बलाकेव त्वत्कोपस्थानम् उक्तवती। (ब्राह्मण की पत्नी देव शर्मा से बोली, मैं तुम्हारे बालक को स्थापित नहीं की हूँ।)

(घ) देवशर्मा विस्मितः कथं सजातः? (देवशर्मा किस तरह से विस्मित हो गए?)
उत्तर:
देवशर्मा विस्मितः प्रच्छन्नपातकज्ञानादीत सञ्जातः। (देव शर्मा छुपे हुए पापी ज्ञान के कारण विस्मित हो गए।)

(ङ) देवशर्मा व्याधं कीदृशम् अपश्यत्? (देवशर्मा ने बहेलिया को किस तरह से देखा?)
उत्तर:
देवशर्मा व्याधं रक्ताक्तहस्तं यम प्रतिमं मांसविक्रयं विद्धानं अपश्यत्। (देवशर्मा ने बहेलिए को रक्तरंजित हाथ तथा मांस बेचते हुए देखा।)

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 Solution MP Board प्रश्न 3.
अधोलिखित प्रश्नां उत्तराणि लिखत (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखो)
(क) शुको देवशर्मणः पतनाय किं कारणमवोचत्? (तोते ने देवशर्मा के पतन के लिए क्या कारण बताया?)
उत्तर:
शुको देवशर्मणः पतनाय पित्रोस्ते दुःखिनोर्दुः खात्पतत्यश्रुचयो भूवि कारणमवोचत्। (तोते ने देव शर्मा के पतन का कारण बताया कि तुम्हारे पिता दुख से दुखी थे और उनके अश्रु भूमि पर गिर रहे थे।)

(ख) बलाका कथं भस्मीभूता जाता? (बगुला किस तरह से भस्म हुआ?)
उत्तर:
बलाका तपस्वी क्रोधाग्निना भष्मीभूता जाता। (बगुला तपस्वी के क्रोध के कारण भस्म हुआ।)

(ग) के जनाः निन्द्यमानाः जीवन्ति? (कौन लोग निन्दनीय जीवन जीते हैं?)
उत्तर:
स गृही मुनिः साधु स योगी स च धार्मिकः पितृशुश्रूषको नित्यं जन्तुः साधारणश्च य। (वही व्यक्ति गृहस्थ है, वही मुनि साधु योगी है, जो पिता की सेवा में नित्य लगा हुआ है, ऐसे व्यक्ति साधारण होते हुए भी श्रेष्ठ हैं।)

(घ) व्याधः स्वज्ञानस्य कारणम् किम् उत्कवान? बहेलिया ने अपने ज्ञान का क्या कारण बताया?
उत्तर:
न पूजयन्ति ये पूज्यान्मान्यान्न मानयन्ति ये। जीवन्ति निन्द्यमानास्ते मताः स्वर्ग न यान्ति च। (जो पूजा योग्य की पूजा नहीं करते, मानने योग्य को नहीं मानते, निन्द्य होकर वह इस जीवन में जीते तथा मरने पर उन्हें स्वर्ग नहीं मिलता ऐसे लोग निन्दनीय जीवन जीते हैं।)

(ङ) अस्य पाठस्य आशयः कः? (इस पाठ का क्या आशय है?)
उत्तर:
अस्य पाठस्य आशयः-पितरौ सेवा। (इस पाठ का आशय है-माता-पिता की सेवा करना)

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 प्रश्न उत्तर MP Board प्रश्न 4.
अधोलिखत वाक्येषु पदपूर्ति कुरुत
(क) हरिदत्तः कुपुत्रं दृष्ट्वा दुखितः सञ्जातः।
(ख) शुकं सपत्नीकं पुत्रवत्वं परिपालय।
(ग) तपस्वी गङ्गातीरे जपार्थमुपविष्टः।
(घ) ब्राह्मण ज्ञानकारणं व्याध प्रप्रच्छ।
(ङ) नाहं बलाकेय त्वत्कोपस्थानम्
(च) क्रोधाग्निना भस्भीभूतां बलाकां भूमौ पतिताम्।

Class 9 Sanskrit Chapter 4 Question Answer MP Board प्रश्न 5.
‘अ’ ‘ब’ स्तम्भयों यथायोग्यं मेलनम् कुरुत-
संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 प्रश्न उत्तर MP Board
उत्तर:
क. 5
ख. 3
ग. 1
घ. 2
ड. 4

Class 9th Sanskrit Chapter 4 Question Answer MP Board प्रश्न 6.
अधोलिखित संधीनां विच्छेदं कुरुत
संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 Solution MP Board

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 के प्रश्न उत्तर MP Board प्रश्न 7.
अधोलिखित समासानां विग्रहं कुरुत
कक्षा 9 संस्कृत पाठ 4 के प्रश्न उत्तर MP Board

Class 9th Sanskrit Chapter 4 MP Board प्रश्न 8.
अधोलिखिताव्ययाना वाक्येषु प्रयोगं कुरुत
(उपरि, च, तत्र, एवम, न, ऊर्ध्वम, इव, कथम्)
उपरि – वायुयानमः उपरि-उपरि उड्डयति।
च – राम-लक्ष्मणसीताश्च वनं आगच्छत्।
तत्र – तत्र वायु प्रवहति।
एवम् – सः एवम् कथाम् अकथयत्।
न – वृष्टिः न भविष्यति।
ऊर्ध्वम् – खगाः ऊर्ध्वम् उड्डयन्ति।
इव – गीता वाक्देवि इव पठति।
कथम – कथम् सः शीघ्रम संस्कृतं पठति।

Sanskrit Class 9 Solutions Chapter 4 MP Board प्रश्न 9.
अधोलिखित वाक्यानि कः कम् कथयति
(क) एनं शुकं सपत्नीक पुत्रत्व परिपालय।
उत्तर:
त्रिविक्रमाः हरिदत्तं कथयति।

(ख) अस्ति पञ्चपुरं नाम नगरम्।
उतर:
शुकः मदनविनोदम् कथयति।

(ग) नाहं बलाकेव त्वत्कोपस्थानम्।
उत्तर:
नारायणस्य पनि देवशर्माणम् कथयति।

(घ) कथं सती ज्ञानवती, कथं च त्वं ज्ञानवान।
उत्तर:
देवशर्मा व्याधम् कथयति।।

(ङ) ये मान्यान न मानयन्ति ते मृताः स्वर्गं न यान्ति।
उत्तर:
व्याधाः ब्राह्मणं कथयति।

Class 9 Sanskrit Chapter 4 MP Board प्रश्न 10.
अधोलिखित शब्दानां प्रकृति प्रत्ययम् च पृथक कुरुत
(क) गृहीत्वा
उत्तर:
गृह्+क्त्वा

(ख) दत्तम्
उत्तर:
दा+क्त

(ग) ज्ञानवान
उत्तर:
ज्ञान+मतुप

(घ) परित्यज्य
उत्तर:
परि+त्यज क्त्वा (ल्यप)

(ङ) निन्द्यमानाः
उत्तर:
निन्द्य+शानच्।

Class 9 Sanskrit Chapter 4 Solutions MP Board प्रश्न 11.
अधोलिखित शब्दानां मूलशब्दं विभक्ति वचनञ्च लिखत
संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 Question Answer MP Board

पितृसेवा परं ज्ञानम् पाठ-सन्दर्भ/प्रतिपाद्य

संस्कृत साहित्य में कथा (आख्यान) साहित्य की दो विधाएँ उपलब्ध हैं। पहली विधा में उपदेशात्मक नीति-कथात्मक साहित्य है जिसमें ‘पंचतंत्र’ पशु-पक्षियों के माध्यम से (प्रेरक एवं ज्ञानवर्द्धक कथाएँ) रोचक ढंग से कही गई हैं। दूसरी विधा में लोककथात्मक मनोरंजक साहित्य आता है। उपदेशात्मक नीति कथा साहित्य में ‘शुक सप्ततिः’ प्रसिद्ध ग्रंथ है। नीति-कथा में उपदेश की प्रवृत्ति तथा लोक-कथा साहित्य में मनोरंजन की वृत्ति प्रमुख रूप से होती है। शुक सप्ततिः उपदेशात्मक कथा का एक उत्तम ग्रंथ है। इस (ग्रंथ के) लेखक के विषय में अथवा इसके रचना काल में निश्चय नहीं है किंतु इस समय शुक नाम से उपलब्ध है। सन् 1400 ई. का मध्य इस कथा-ग्रंथ का रचना काल अनुमानित है। अतः उसी में से एक मातृ-पितृ भक्ति परक कथा शिक्षण के दृष्टिकोण से उपलब्ध है।

पितृसेवा परं ज्ञानम् पाठ का हिन्दी अर्थ

1. चन्द्रपुरनाम्नि नगरे श्रेष्ठिनः हरदत्तस्य पुत्रः मदनविनोदस्तु अतीवविषयासक्तः कुपुत्रः पितुः शिक्षा न शृणोति स्म। तस्य द्यूतमृगयावेश्यामद्यादिषु अतीव आसक्तिः। कुमार्गचारिणं तं कुपुत्रं दृष्ट्वा तत्पिता हरिदत्तः सपत्नीकः अतीव दुःखितः सञ्जातः। तं हरिदत्तं कुपुत्रदुःखेन पीडितं दृष्ट्वा। तस्य सखा त्रिविक्रमनामा द्विजः स्वगृहतो नीतिनिपुणं शुकं सारिकां च गृहीत्वा तद्गृहे गत्वा प्राह-‘सखे हरिदत्त! एनं शुकं पुत्रवत्त्वं सपत्नीकं परिपालय। एतत्संरक्षणेन तव दुःखं दूरीभविष्यति।’ हरिदत्तस्तु शुकंगृहीत्वा पुत्राया समर्पयामास। मदनविनीदेन शयनमन्दिरे स्वर्णपञ्जरस्थः स्थापितः परिपोषितश्च। अथैकदा रहसि शुको मदनं प्राह-हे सखे!

पित्रोस्ते दुःखिनोर्दुःखात्पतत्यश्रुचयो भुवि।
तेन पापेन ते वत्स पतनं देवशर्मवत्॥2॥

Sanskrit Class 9 Chapter 4 Question Answer MP Board शब्दार्थ :
श्रेष्ठिनः-सम्पन्न व्यापारी का-Talented Businessman or Rich Businessman; मदनविनोदस्तु-मदन और विनोद–Madan and Vinod ; विषयासक्तः-विषयों में आसक्त-Strongly attached in bad habit; न शृणोत स्म-नहीं सुनते थे-did not listen; दृष्ट्वा -देखकर-to see , to look; तत्पिता-उसके पिता-his father; हरिदत्तं-हरिदत्त को-to Hari datt; स्वगृहतो-अपने घर में-in his oun house. नीतिनिपुणं-नीति में निपुणं-talented in policy; मद्गृहे-उस घर में-In its house. एतत्संरक्षणेन-इसके संरक्षण से –By his patronage; समर्पयामास-समर्पित किया-dedicated; शयनमन्दिर-शयन मन्दिर में-in sleeping room. स्वर्णपञ्जरथः-सोने के पिंजरे-cage of gold;अथैकदा-इस प्रकार एक दिन-inthis type one day;रहसि-अकेले में-inalone; पित्तोश्ते-तुम्हारे पिता-your father; भुवि-संसार में-inworld; देवशर्मवत्-देव शर्मा के सामन-like Dev Sharma.

संस्कृत कक्षा 9 पाठ 4 कल्पतरु MP Board हिन्दी अर्थ :
चन्द्रपुर नामक नगर में हरिदत्त का पुत्र मदन विनोद अत्यधिक विषयासक्त होने के कारण कुपुत्रों (की भांति) पिता की शिक्षा को नहीं सुनता था। उसमें जुआ, मृगया, वेश्यागमन आदि में विशेष आसक्ति थी। कुपुत्र के कुमार्ग गामी होने को देखकर उसका पिता हरिदत्त पत्नी सहित बहुत दुखी रहता था। उस हरिदत्त को कुपुत्र की कुआदतों से दुखी देखकर उसका मित्र त्रिविक्रम नामक ब्राह्मण अपने घर से नीति निपुण तोता-मैना लेकर हरिदत्त के घर जाकर बोला-‘हे मित्र हरिदत्त! इस तोते का सपत्नीक पुत्रवत पालन करो। इसका संरक्षण करने से तुम्हारा दुःख दूर होगा। हरिदत्त ने तोते को लेकर अपने पुत्र को दे दिया। तोता मदन विनोद के शयनकक्ष में स्वर्ण निर्मित पिंजरे में रहता एवं पोषित होता हुआ तोता एक दिन अकेले में उससे बोला-हे मित्र!

तुम्हारे पिता के कष्ट में होने के कारण उनका आँसू भूमि पर गिर गया। हे वत्स! उस पाप से तुम्हारा भी पतन देवशर्मा के समान होगा।

2. स प्राह-‘कथमेतत?’
शुक आह-अस्ति पञ्चपुरं नाम नगरम्। तत्र सत्यशर्मा ब्राह्मणः। तद्भार्या धर्मशीलानाम्नी। पुत्रस्तु देवशर्मा। स च अधीतविद्यः पितृप्रच्छन्नवृत्या देशान्तरं गत्वा भागीरथीतीरे तपः कृतवान्।

एकदा स तपस्वी गङ्गातीरे जपार्थमुपविष्टः। तस्मिन्काले कयाचित् बलाकया उड्डीयमानया तदङ्गोपरि पुरीषोत्सर्गः कृतः। स च तपस्वी क्रोधाकुलितनेत्रः यावदूर्ध्वं पश्यति तावत्तत्क्रोधग्निना भस्मीभूतां बालकं भूमौ पतितां दृष्ट्वा (बलाकां दग्ध्वा) नारायणद्विजगृहे भिक्षार्थ ययौ। स्वभर्तृशुश्रूषापरया तत्पत्न्या कोपाभिविष्टो निर्भर्त्सतः सत्पक्षिहायमुक्तश्च –

‘नाहं बलाकेव त्वत्कोपस्थानम्।’-
स च प्रच्छन्नपातकज्ञानादीतो विस्मितश्च, प्रेषितश्च तया धर्मव्याधपार्वे वाराणसी नगरी ययौ। तत्र रक्ताक्तहस्तं यमप्रतिभं मांसविक्रयं विद्धानं तं दृष्टवा दृशामन्तः स्थितः। व्याधेन स्वागतप्रश्नपूर्वकं स्वगृहं नीत्वा निजपितरी सभक्तिकं भोजयित्वा पश्चातस्य भोजनं दत्तम्। तदनन्तरं स च व्याधं ज्ञानकारणं पप्रच्छ-‘कथं सती ज्ञानवती, कथं च त्वं ज्ञानवान्।’

शब्दार्थ :
कथमेतत्-यह कैसे-How titis; धर्मशीलानाम्नी-धर्म शीला नाम की-Name of Dharmsheela; पितृपृच्छत्तवृत्या-पिता के द्वारा बताये गए, मार्ग पर-obey by father’s way; देशान्तरं-दूसरे देश को-to other country. भागीरथीतीरे-गंगा के किनारे-Bank ofGanga;जापार्शमुपविष्टः-जप करने के लिए बैठा-reading meettering of prayers; तस्मिन्काले-उसी समय-that time; उड्डीयमानथा-उठते हुए-flies; तदङ्गोपरि-उसके ऊपर-on thepartofhis body;पुरीषोत्सर्गः-उसके ऊपर मल (टट्टी)-onhis body;क्रोधाकुलित-क्रोध पूर,-forcefull; यावदूर्ध्वं-जब ऊपर-when on; पश्यति-देखता है-looks, sees; क्रोधाग्निना-क्रोध की अग्नि में-in the fire of angry.

भस्मीभूतां-जल गया-burnt; सत्पक्षिहायमुक्तश्च-निर्दोष पक्षी को मारने वाला-innocent birdkiller; ज्ञानावदीतो-ज्ञान से डरा हुआ-afraid of knowledge; विस्मित्-आश्चर्य चकित-wonderfull; प्रेषितश्च-भेजा-send; रक्ताक्तहस्तं-जिसके हाथ रक्त से रंगे हुए हों वह-red handed; यमप्रतिभं-यमराज के समान भयंकर-Horrible like Yamraj;ब्याधेन-बेहलिया ने-Hunter; दृशामन्तः स्थितः-गांव के कुछ दूर में स्थिति-few far of village in situated; स्वागतप्रश्नपूर्वक-स्वागत प्रश्न पूर्वक-wellcomed with question/ happyness: स्वगृह-अपने घर को-his own house; सभक्तिक-भक्ति पूर्वक-full of worship; तदनन्तरं-उसके बाद-often that; ज्ञानकारणं-ज्ञान का कारण-reasonof knowledge; पप्रच्छ-पूछा-asked.

हिन्दी अर्थ :
तब वह बोला-वह कैसे?
तोता बोला-पञ्चपुर नामक एक नगर था। वहाँ सत्य शर्मा नामक ब्राह्मण था। धर्मशीला नाम की उसकी पत्नी थी। उसका पुत्र देवशर्मा था। वह सभी विद्याओं में पारंगत होकर पिता के द्वारा निर्दिष्ट मार्ग पर चलते हुए देशान्तर जाकर गंगा के तट पर तप करने लगा।

एक बार वह तपस्वी गंगा के तट पर तप के उद्देश्य से बैठा था। उसी समय कोई बगुली ऊपर से उड़ती हुई उसके ऊपर विष्ठा कर दी। तब वह तपस्वी क्रोध में ज्यों ही ऊपर की ओर देखा, उसकी क्रोधाग्नि से वह बगुली भस्म होकर भूमि पर आ गिरी। बगुली को जला देखकर वह नारायण नामक ब्राह्मण के घर भिक्षा के उद्देश्य से गया। अपने पति की सेवा में परायण नारायण की पत्नी ने निरीह पक्षी के हत्यारे उस ब्राह्मण की भर्त्सना करते हुए कहा-बगुली के समान मैं तुम्हारे कोप का स्थान नहीं हूँ।

और इस पाप कृत्य के परिणाम से भयभीत वह ब्राह्मण उस द्वारा भेजा गया वाराणसी में धर्म व्याध नामक बहेलिए के पास गया। वहाँ उसने रक्त से सने हुए दोनों हाथों से मांस बेचते हुए यम के सदृश भयंकर रूप वाले उस व्याध को देखा और कुछ दूर खड़ा हो गया। व्याध ने स्वागत करते हुए आने का कारण पूछते हुए उसे अपने घर ले जाकर आदरपूर्वक अपने माता-पिता को भोजन कराने के पश्चात् भोजन कराया इसके बाद उसने ब्याध के ज्ञानी होने का कारण पूछा साथ ही उस सती स्त्री ज्ञानवती के विषय में पूछा, और तुम केसे ज्ञानवान हुए? यह भी बताने को कहा।

3. तेन व्याधेनोक्तम्
निजान्वयप्रणीतं यः सम्यग्धर्म निषेवते।
उत्तमाधममध्येषु विकारेषु पराङ्मुखः॥3॥
स गृही स मुनिः साधुः स योगी स च धार्मिकः।।
पितृशुश्रूषको नित्यं जन्तुः साधरणश्च यः॥4॥

अहं सापि च एवं ज्ञानिनौ त्वं च निजपतिरौ परित्यज्य भ्रमन्मादृशां न सम्भाषणार्हः। परमतिथिं मत्वा जल्पितः। एवमुक्तः स ब्राह्मणो विनयपरं व्याधं पप्रच्छ। तेनोक्तम् –

न पूजयन्ति ये पूज्यान्मान्यान्न मानयन्ति ये।
जीवन्ति निन्द्यमानास्ते मृताः स्वर्गं न यान्ति च ॥5॥
व्याधेन बोधितस्तेन स ययौ गृहमात्मनः।
अभवत्कीर्तिमाल्लोके परतः कीर्तिभाजनम ॥6॥

तस्माद्वणिग्धर्मं स्वकुलोद्भवं स्मर पित्रोश्च विनयपरो भव।

एवमुक्ताः स मदनः विनयपरः सदाचारी च, अभवत् पितरौ नमस्कृत्य तदनुज्ञातो भार्याञ्चापृच्छय प्रवहणधिरूढवान् गाते देशान्तरम्।

शब्दार्थ :
निजान्वयप्रणीतम्-कुल द्वारा किया हुआ-it was done by family; पराङ्मुख-विमुख-separate; पितृशुश्रूषक-पिता की सेवा में लीन-serve in father; सम्भाषणहिः- संवादयोग्य-able of conversation; निजपतिरो-अपने माता पिता-his own parents; परित्यज्य-छोड़कर-leave; तेनोक्तम्-उसने कहा-he said; न पूजयन्ति-जो नहीं पूजते-who not worshipped; ये पूज्यान्मान्यान्न-जो पूजे जाने योग्य है-who is able to worshiped; ग्रहमात्मनः-अपने घर में-his won house.

हिन्दी अर्थ :
तब व्याध ने कहा-अपने कुलोचार का श्रद्धापूर्वक पालन करते हुए उत्तम, अधम, मध्यम आदि विकार से रहित होकर कार्य करना चाहिए। (जो ऐसा करता है) वही गृही है, वही मुनि है, वही सच्चा साधु है, वही सच्चा योगी व धार्मिक है जो माता-पिता की सेवा में नित्यप्रति लगा रहता है। वह व्यक्ति साधारण होने पर भी श्रेष्ट
है।

इस प्रकार मैं और वह स्त्री ज्ञानवती ज्ञानी हैं। तुम अपने माता-पिता को त्यागकर भ्रमित होकर कुछ भी कहने के योग्य नहीं हो-इस प्रकार वह परम अतिथि जानकर उस ब्राह्मण से विनयपूर्वक कहा ऐसा कहा.

जो पूजनीय व्यक्ति की पूजा नहीं करते, जो मानने योगय को नहीं मानते, ऐसे लोग निन्द्य होकर जीवन जीते हैं और मरने पर स्वर्गगामी नहीं होते। व्याध द्वारा बोधि पूर्ण शिक्षा पाकर वह देवशर्मा अपने घर गया और इस लोक में कीर्तिमान होकर अपना जीवन-यापन करने लगा। इसलिए तुम बनिए का धर्म अपने कुल के अनुसार स्मरण करके माता-पिता के प्रति विनम्र हो। यह सुनकर मदन विनोद विनय युक्त हो सदाचार का अनुसरण करने लगा। वह माता-पिता को नमस्कर करके उनकी आज्ञा ले, अपनी धर्मपत्नी से पूछ वाहन पर सवार होकर दूसरे देश को गमन किया।

MP Board Class 9th Sanskrit Solutions

MP Board Class 8th Special English Solutions Chapter 5 Trees are the Kindest Things I know

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MP Board Class 8th Special English Solutions Chapter 5 Trees are the Kindest Things I know

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Trees are the Kindest Things I know Textual Exercise

Word Power

(A): (i) The following words tell us about the different parts of a tree. Add some more words.
roots, trunk, branches, ________, ________, ________
(ii) Write five words which have relation to trees :
forests, wood, ________,________
Answers:
(i) leaves, fruits, flowers, buds.
(ii) fruit, oxygen, timber, furniture.

(B) Fill in the blanks with ei, ie, ea, and ee,
Trees Are The Kindest Things I Know Question And Answer
Answer:
Trees Are The Kindest Things I Know Poem MP Board Class 8th

Comprehensions

(A) Complete the following statements:

  1. Trees are useful because ______,
  2. Trees are kind because ______,
  3. Trees are beautiful because ______,

Answer:

  1. They give us many things, such as cool shade, fruits wood, etc.
  2. They do no harm to anyone.
  3. they are green and have flowers and fruits in them.

(B) Answer the following:

Trees Are The Kindest Things I Know MP Board Class 8th Question 1.
Can you name two other things which are as kind as trees ?
Answer:
The earth and the rivers.

Class 8 English Chapter 5 Trees Are The Kindest Things I Know Question 2.
Which lines in the poem tell us about the sun and sunlight?
Answer:
They are the first when day’s begun.
To touch the beams of morning sun.
They are the last to hold the light,
When evening changes into night.

Mp Board Class 8 English Chapter 5 Question 3.
The poet says, “They are the last to hold the light’. What does ‘They’ stand for ?
Answer:
‘They’ stands for trees.

Trees Are The Kindest Things I Know Questions And Answers Question 4.
Write the summary of the poem with help of the following clues:
Answer:
Trees are the kindest living beings on the earth. They provide cool shade to men and animals. They also give us fruits and wood. They are the ones who receive the light of the moon and the sun.

Lets Read

Read the following poem carefully

The world is finite, resources are scarce,
Things are bad and will be worse,
Coal is burned and gas exploded,
Wells are dry and air polluted,
Dust is blowing, trees are uprooted,
Oil is going, ores depleted,
Drains receive what is excreted
Land is sinking, seas are rising,
Man is far too enterprising,
Fires will rage with man to fan it,
Soon we will have a plundered planet.

Now Answer the following question:

(a) Choose the right meaning of the word ‘finite’:
(i) abundance
(ii) give
(iii) limited
(iv) lacking.
Answer:
iii. limited.

(b) What according to the poet, are depleting?
Answer:
According to the poet our resources are depleting.

(c) Which line in the poem tells us about industrial pollution?
Answer:
Coal is burned and gas exploded.

(d) Which line in the poem warns us that our earth will soon loose all that it has?
Answer:
Soon we will have a plundered planet.

(e) Look at the meaning of the following words:
eroded – gradually destroyed
depleted – reduced by a large amount
polluted – made harmful
plundered – looted.
Do these words suggest a bleak future for mankind ?
Answer:
Yes, the above words suggest a bleak future for mankind.

(f) Find out the nouns from the above poem which the poet uses the following adjectives for
dry ______
plundered ______
bad ______
finite ______
Answer:
Odry – wells
plundered – planet
bad – things
finite – world.

Let’s Write

(A) Complete the following lines from the poem.

Class 8 English Chapter 5 Mp Board Question 1.
Trees are the kindest things I know
Answer:
They do no harm, they simply grow.

Trees Are The Kindest Things I Know Summary MP Board Class 8th Question 2.
They give us fruit in leaves above
Answer:
And wood to make our houses of,

Trees Are The Kindest Things I Know Poem Summary MP Board Class 8th Question 3.
They are the first when day’s begun
Answer:
To touch the beams of morning sun.

Trees Are The Kindest Things I Know Questions And Answers 8th Question 4.
And when a moon floats on the sky
Answer:
They hum drowsg lulla by.

(B) Mahek has written a passage on trees but she has forgotten to give suggestions on how to stop felling trees. Complete the passage by giving suggestions to stop cutting trees :

The value with which trees can be best associated is kindness. Trees do not usually cause harm to anyone. They spread their shade for rest, drop down their fruits for us to eat. They give us plenty of oxygen. Trees are selflessly devoted to the welfare of mankind. But we do not realise that we will not be able to live a happy life in their absence. If we keep. felling trees then the value of kindness shall forever be abolished from this destructive world. We must save trees by …………….
Answer:
We must save trees by promoting afforestation. People as a whole must be motivated to regard the planting and protection of trees as social duty. Educational institutions can instil in the younger generation the need for planting trees. We must keep it one our mind that our existance is bound up with the trees and therefore they must be planted especially on the roadside and near railway tracks.

(C) You are Asma residing at G-203, Palash Colony, Ratlam. Write a letter to your friend Manju, telling him the importance of trees. Use the layout as given below:

G-203
Palash Colony,
Ratlam December 15, 2006
Dear Anil,

I would like to draw your attention towards the importance of trees. We all know that trees are vital for all living beings. Without trees survival of mankind is impossible. Trees help in maintaning ecological balance. They give us fruit and leaves to plant-eating animals. Beasts of prey eat the plant -eating animals. In this way trees directly and indirectly give us food. They also provide us leaves and roots which are used in preparing many medicines. Trees keep the environment clean. They also provide us wood, shelter and shade. Trees are really very important. Hence, we mustn’t cut it. I am sure you have the same opinion about trees. Rest is fine.

Your affectionately
Wahid

Trees are the Kindest Things I know Word Meanings

Page 35 : Gather – collect – इक्टठा करना। Boughs – branches – शकए। Beams – rays – किरणों। Hum – sing with closed lips – गुनगुनाना। Lullaby – a song we sing to help a child fall asleep – लोरी।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 Reproduction in Animals

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 Reproduction in Animals

MP Board Class 8th Science Reproduction in Animals NCERT Textbook Exercises

Mp Board Class 8 Science Chapter 9 Question 1.
Explain the importance of reproduction in organisms.
Answer:
The production of new individuals from their parents cells is known as reproduction. Reproduction is very important as it ensures the continuation of similar kinds of individuals, generation after generation. If reproduction process does not exist, the generation of living beings will be vanished from the earth.

Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 9 Question 2.
Describe the process of fertilization in human beings.
Answer:
In human beings, sexual reproduction occurs which is reproduction results from the fusion of male and female gametes. The male reproductive organs are a pair of testis, sperm ducts and penis. The testis produces the male gametes called sperms. Millions of sperms are produced by the testis. Though the sperms are very small in size, each has a head, a middle piece and a tail. Each sperm is a single cell with all the usual cell components.

The female reproductive organs are a pair of ovaries, oviducts and the uterus. Ovary produces female gametes called ova (eggs). In human beings, a single matured egg is released into the oviduct by one of the ovaries every month. Uterus is the part where development of the; baby takes place. Like sperm, an egg is also a single cell.

The first step in the process of reproduction is the fusion of a sperm and an ovum. Millions of sperms from the male are transferred into the female body. The sperms swim in the oviduct with the help of their tails to reach the egg. When they come in contact with the egg, one of the sperms may fuse with the egg.

Such fusion of the egg and the sperm is called fertilization. During fertilization, the nucleus of the sperm and the egg fuse to form a single nucleus. This results in the formation of a fertilized egg or zygote. The new individual inherits some characteristics from the mother and some characteristics from the father.

Class 8 Science Chapter 9 Mp Board Question 3.
Choose the most appropriate answer:
(a) Internal fertilization occurs:
(i) in female body.
(ii) outside female body.
(iii) in male body.
(iv) outside male body.
Answer:
(i) in female body.

(b) A tadpole develops into an adult frog by the process of:
(i) fertization
(ii) metamorphosis
(iii) embedding
(iv) budding.
Answer:
(ii) metamorphosis

(c) The number of nuclei present in a zygote is:
(i) none
(ii) one
(iii) two
(iv) four.
Answer:
(iii) two

Mp Board Solution Class 8 Science Chapter 9 Question 4.
Indicate whether the following statements are True (T) or False (F):

  1. Oviparous animals give birth to young ones.
  2. Each sperm is a single cell.
  3. External fertilization takes place in frog.
  4. A new human individual develops from a cell called gamete.
  5. Egg laid after fertilization is made up of a single cell.
  6. Amoeba reproduces by budding.
  7. Fertilization is necessary even in asexual reproduction.
  8. Binary fission is a method of asexual reproduction.
  9. A zygote is formed as a result of fertilization.
  10. An embryo is made up of a single cell.

Answer:

  1. False
  2. True
  3. True
  4. False
  5. True
  6. False
  7. False
  8. True
  9. False
  10. False

Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 9 Question 5.
Give three differences between a zygote and a foetus.
Answer:
The three differences between a zygote and a foetus are:

  1. Zygote is made up of a single cell while foetus is made up of many Cells.
  2. Zygote does not have well developed limbs, foetus has well developed and identifiable limbs.
  3. Zygote is formed by the fertilization of sperms and ovum, foetus is formed by the repeated divisions of the zygote.

Class 8 Science Chapter 9 Question Answer MP Board Question 6.
Define asexual reproduction. Describe the two methods of asexual reproduction in animals.
Answer:
Asexual reproduction is defined as the type of reproduction in which only a single parent is involved. Budding and binary fission are the two main methods of asexual reproduction.

Mp Board Class 8 Science Chapter 9

(i) Budding is the method of asexual reproduction that takes place in hydra. Each hydra has two or three bulges which are called buds. These buds develop into new individuals. Since new individuals in hydra are formed from buds, this type of asexual reproduction is known as budding.

(ii) Binary fission: Amoeba is a single celled animal. It begins reproduction by the division of its nucleus into two nuclei. Thus, two amoeba are formed from one amoeba. Since an animal reproduces by division into two individuals, this type of asexual reproduction is called binary fission.
Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 9

Class 8 Science Chapter 9 Solution MP Board Question 7.
In which female reproductive organ does the embryo get embedded?
Answer:
The embedding of the embryo takes place in the wall of the uterus of the female for further development.

Mp Board Class 8 Social Science Chapter 9 Question 8.
What is metamorphosis? Give examples.
Answer:
Metamorphosis. It is the drastic change which takes place during the development of an animal into an adult. Frogs and silkworms exhibit metamorphism.
Egg of frog → Tadpole larva → Adult
Tadpoles look different from the adult. But they soon transform into an adult capable of jumping and swimming. Similarly, caterpillar or the pupa of silkworm looks quite different from adult. Also beautiful moth emerges out of the cocoon.

Class 8 Social Science Chapter 9 Mp Board Question 9.
Differentiate between internal fertilization and external fertilization.
Answer:
(i) Internal fertilization – The fertilization which takes place inside the body of the female is called internal fertilization. It occurs in humans and other animals such as cows, dogs and hens.

(ii) External fertilization – The fertilization which takes place outside the body of the female is called external fertilization. It is common in aquatic animals such as frogs, fish and starfish.

Reproduction In Animals Class 8 Questions And Answers MP Board Question 10.
Complete the cross-word puzzle using’ the hints given below:
Across
1. The process of the fusion of the gametes.
6. The type of fertilization in hen.
7. The term used for bulges observed on the sides of the body of Hydra.
8. Eggs are produced here.
Class 8 Science Chapter 9 Mp Board
Down
2. Sperms are produced in these male reproductive organs.
3. Another term for the fertilized egg.
4. These animals lay eggs.
5. A type of fission in amoeba.
Mp Board Solution Class 8 Science Chapter 9

MP Board Class 8th Science Reproduction in Animals NCERT Extended Learning – Activities and Projects

Class 8 Science Chapter 9 Question Answer In Hindi MP Board Question 1.
Visit a poultry farm. Talk to the manager of the farm and try to find out the answers to the following:
(a) What are layers and broilers in a poultry farm?
(b) Do hens lay unfertilized eggs?
(c) How can you obtain fertilized and unfertilized eggs?
(d) Are the eggs that we get in the stores fertilized or unfertilized?
(e) Can you consume fertilized eggs?
(f) Is there any difference in the nutritional value of the fertilized and undertilized eggs?
Answer:
Do yourself.

Chapter 9 Reproduction In Animals MP Board Question 2.
Observe live hydra yourself and learn how they reproduce by doing the following activity:
During the summer months collect water weeds from ponds or ditches along with the pond water and put them in a glass jar. After a day or so you may see several hydra clinging to the sides of the jar. Hydra is transparent, jelly-like and with tentacles. It clings to the jar with the base of its body. If the jar is shaken, the hydra will contract instantly into a small blob, at the same time drawing its tentacles in. Now take out few hydras from the jar and put them on a watch glass. Using a hand lens or a binocular or dissection microscope, observe the changes that are taking place in their body. Note down your observations.
Answer:
Do yourself.

Reproduction In Animals Questions And Answers MP Board Question 3.
The eggs we get from the market are generally the unfertilized ones. In case you wish to observe a developing chick embryo, get a fertilized egg from the poultry or hatchery which has been incubated for 36 hours or more. You may then be able to see a white disc-like structure on the yolk. This is the developing embryo. Sometimes if the heart and blood vessels have developed you may even see a red spot.
Answer:
Do yourself.

Class 8th Mp Board Solution Question 4.
Talk to a doctor. Find out how twinning occurs. Look for any twins in your neighbourhood, or among your friends. Find out if the twins are identical or non-identical. Also find out why identical twins are always of the same sex? If you know of any story about twins, write it in your own words.
Answer:
Do yourself.

MP Board Class 8th Science Reproduction in Animals NCERT Intext Activities and Projects

Class 8 Chapter 9 Solution Science MP Board Activity 9.1
Visit some ponds or soil-flowing streams during spring or rainy season. Look out for clusters of frog’s eggs floating in water. Write down the colour and size of the eggs.
Answer:
The colour of the eggs is dull white and size is less than a centimetre to a few centimetres.

Chapter 9 Reproduction In Animal MP Board Activity 9.2
Try to collect eggs of the following organism-frog, lizard, butterfly or moth, hen and crow or any other bird. Were you able to collect eggs of all of them? Make drawings of the eggs that you have collected.
Answer:
Yes, I collected all of these eggs.
Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 9

MP Board Class 8th Science Reproduction in Animals NCERT Additional Important Questions

A. Short Answer Type Questions

Question 1.
Name two organisms which reproduce by splitting their bodies into two parts.
Answer:
Two organisms which reproduce by splitting their bodies into two parts are amoeba and Paramecium.

Question 2.
What is reproduction? What’s the need for this process?
Answer:

  • The process of producing individuals of their own kind is called reproduction.
  • It is an essential for the continuation of similar units of individuals, generation after generations.

Question 3.
What is fertilization?
Answer:
The process of fusion of male and female gamete in sexual reproduction is called fertilization.

Question 4.
Name the male and female sex organ of animals.
Answer:
The male sex organ is called testes and female sex organ is called ovary.

Question 5.
Give the life cycle of a frog.
Answer:
Egg → early tadpole → late tadpole → adult frog.

B. Long Answer Type Questions

Question 6.
What are the names of male reproductory organs in human beings?
Answer:
In human beings male reproductory organs are a pair of testes, sperm ducts and a penis. Testes are responsible for producing male gametes called sperms. They are transported to the sperm ducts and through the penis, they are ejaculated in female body.

Question 7.
Explain the reproductory organs of female in human beings.
Answer:
In human beings the female reproductory organs are a pair of ovaries, oviducts or fallopian tubes and the uterus. Ovaries are responsible to produce female gamete called ova, which fertilize with male sperm in female fallopian tube and travels to uterus for its development into embryo and the foetus.
Exercise for Practice

Question 8.
Explain the process of fertilization.
Answer:
Sperm is a tiny cell and is quite active for its movement, a thread like structure, the flagellum is found which is called as the tail. Ovum, the female gamete is a large, spherical cell which remains static. When the male and female gamete fuse; a new cell called zygote is formed. This process of fusion is known as fertilization. This zygote undergoes many changes and forms a new individual.
Class 8 Science Chapter 9 Question Answer MP Board

MP Board Class 8th Science Solutions

MP Board Class 6th Special English Solutions Chapter 2 The Town Child

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MP Board Class 6th Special English Solutions Chapter 2 The Town Child

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The Town Child Text Book Exercise

Word Power

1. Arrange the words and fill in the crossword.

  1. l c u d o
  2. b a l m
  3. o w d s o
  4. e s l c t a
  5. o w m e d a

Class 6 English Chapter 2 Mp Board
Answer:

  1. Cloud
  2. Lamb
  3. Woods
  4. Castle
  5. Meadow

2. Fill in the blanks with the words from the box.
(feet, trams, street, lambs, go, row)

  1. I live in the town
    In a…………. ;
  2. It is crowded with traffic
    And ………… ;
  3. There are buses and motors.
    And ………. ;
  4. I wish there were meadows
    And ………. ;
  5. The houses all wait
    In a ……….. ;
  6. There is smoke everywhere
    That I …………

Answer:

  1. street
  2. feet
  3. trams
  4. lambs
  5. row
  6. go.

Comprehension

Answer these questions:

Class 6 English Chapter 2 The Town Child MP Board Question 1.
Where does the town child live?
Answer:
The town child lives in a town.

The Town Child Poem Questions And Answers MP Board Class 6 Question 2.
Why does he not like his street?
Answer:
He does not like his street for its being too noisy.

The Town Child Is About His Life In The Town MP Board Class 6 Question 3.
What does he wish to have in the town?
Answer:
He wishes to have forest, pastures and lambs in the town.

The Town Child Question Answer MP Board Class 6 Question 4.
What is the one thing that he loves?
Answer:
The only thing that he loves is the sky which is far above.

Class 6th English Chapter 2 The Town Child MP Board Question 5.
Why does he love it?
Answer:
He loves the sky because there is plenty of rooms there not for clouds only but for him also.

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MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत

जीव जगत NCERT प्रश्नोत्तर

जीव जगत में विविधता Class 11 MP Board Chapter 1 प्रश्न 1.
जीवों को वर्गीकृत क्यों करते हैं ?
उत्तर:
जैव-वर्गीकरण का उद्देश्य बड़ी संख्या में ज्ञात पादपों और जन्तुओं को ऐसे वर्गों में व्यवस्थित करना है, कि उन्हें नाम प्रदान किया जा सके एवं अध्ययन में सरलता हो। जीवों को वर्गीकृत करने से निम्नलिखित लाभ हैं –

  1. इसके कारण विश्व के विविध प्रकार, असंख्य जीवों के अध्ययन में सुविधा होती है।
  2. इसके कारण जन्तु पादपों के सम्बन्धों का पता चलता है।
  3. इसके कारण जीवों को पहचानने में सरलता होती है।
  4. जीवों की उत्पत्ति तथा दूसरे जीवों से सम्बन्ध का पता चलता है।
  5. इसके कारण जीवों के विकास के क्रम एवं प्रमाण का पता लगता है।

जीव जगत के प्रश्न उत्तर MP Board Chapter 1 प्रश्न 2.
वर्गीकरण प्रणाली को बार-बार क्यों बदलते हैं ?
उत्तर:
वर्गीकरण प्रणाली को बार-बार बदलने का प्रमुख कारण जैव – विकास है। जीवों में सतत् चलने वाली विकास प्रक्रिया के कारण नई-नई विभिन्न प्रजातियों के पादप एवं जन्तु पहले से मौजूद जीव-विविधता (Bio – diversity) से जुड़ते जाते हैं। इन नवीन जीवों को पहचानकर वर्गीकरण प्रणाली से संबद्ध किया जाता है। विकास के कारण पादप एवं जन्तुओं की जातियाँ (Species) बदलती रहती हैं। अत: इसके कारण प्रचलित वर्गीकरण प्रणाली को परिवर्तित कर जीवों को उनके क्रम में रखना पड़ता है।

Jeev Jagat Mein Vividhta MP Board Chapter 1 प्रश्न 3.
जिन लोगों से प्रायः आप मिलते रहते हैं, आप उन्हें किस आधार पर वर्गीकृत करना पसंद करेंगे?(संकेत-ड्रेस, मातृभाषा, प्रदेश जिसमें वे रहते हैं, आर्थिक स्तर आदि)।
उत्तर:
सबसे पहले हम मातृभाषा के आधार पर अपने से मिलने वाले लोगों का वर्गीकरण करते हैं, उसके पश्चात् प्रदेश जहाँ वह रहता है तथा अन्त में उसकी वेशभूषा, धर्म, जाति, शारीरिक रंगरूप की बनावट, आर्थिक स्थिति के आधार पर हम वर्गीकृत करना पसंद करेंगे।

जीव जगत कक्षा 11 MP Board Chapter 1 प्रश्न 4.
व्यष्टि तथा समष्टि की पहचान से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?
उत्तर:
व्यष्टि (Individual) तथा समष्टि (Population) की पहचान से वर्तमान के सभी जीवों के परस्पर संबंधों के बारे में जानकारी मिलती है। इसमें हमें समान प्रकार के जीवों तथा अन्य प्रकार के जीवों में समानता तथा विभिन्नता को पहचानने में मदद मिलती है। उदाहरण-आलू की दो विभिन्न जातियाँ (Species) हैं –

जीव जगत में विविधता Class 11 MP Board Chapter 1

Mp Board Solution Class 11 Biology प्रश्न 5.
आम का वैज्ञानिक नाम निम्नलिखित है-इसमें से कौन-सा सही है? मैगिफेरा इंडिका (Mangifera indica) या मैंगिफेरा इंडिका (Mangifera indica)
उत्तर:
आम के वैज्ञानिक नाम को लिखने की सही विधि है-मैगिफेरा इंडिका (Mangifera indica)।

प्रश्न 6.
टैक्सॉन की परिभाषा दीजिए। विभिन्न पदानुक्रम स्तर पर टैक्सा के कुछ उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
टैक्सॉन (Taxon) जीवों का एक समूह है जो कि किसी भी स्तर की वर्गिकी पदानुक्रम (Hierarchical classification) में पाया जाता है। टैक्सॉन मुख्यत: जीवों के समान लक्षणों पर आधारित होता है।

उदाहरण:
कीट, संघ ऑर्थोपोडा के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है। सभी कीटों में एक समान लक्षण तीन जोड़ी युग्मित उपांग पाये जाते हैं। टैक्सा के प्रमुख उदाहरण हैं – जगत, संघ, वर्ग, गण, कुल, जाति एवं वंश। ये सभी टैक्सा (संवर्ग) मिलकर वर्गिकी पदानुक्रम बनाते हैं।

उदाहरण – मनुष्य का टैक्सा (संवर्ग) है –

  1. संघ – कॉर्डेटा
  2. वर्ग – स्तनधारी
  3. गण – प्राइमेट्स
  4. कुल – होमिनिडी
  5. वंश – होमो
  6. जाति – सैपियन्स।

प्रश्न 7.
क्या आप वर्गिकी संवर्ग का सही क्रम पहचान सकते हैं –
(अ) जाति (स्पीशीज) → गण ( ऑर्डर) → संघ (फाइलम) → जगत (किंगडम)
(ब) वंश (जीनस) → जाति → गण → जगत
(स) जाति → वंश → गण → संघ।
उत्तर:
वर्गिकी संवर्ग (Taxonomical categories) का सही क्रम है –
(स) जाति → वंश → गण → संघ।

प्रश्न 8.
जाति शब्द के सभी मानवीय वर्तमान कालिक अर्थों को एकत्र कीजिए। क्या आप अपने शिक्षक से उच्च कोटि के पौधों तथा प्राणियों तथा बैक्टीरिया की स्पीशीज का अर्थ जानने के लिए चर्चा कर सकते हैं ?
उत्तर:
जाति वर्गीकरण की सबसे छोटी इकाई है। मेयर (1942) के अनुसार, “जाति आपस में संकरण या संयोग करने वाले एक समान जीवों का समूह है।” आधुनिक विचारधारा के अनुसार, निम्नलिखित लक्षण वाले जीवों को जाति (Species) कहते हैं –

  1. इनके सदस्यों में अन्तरा प्रजनन की क्षमता पायी जाती है।
  2. इस समूह या आबादी में एक समान जीन पूल (जीन समूह) पाया जाता है।
  3. प्रत्येक जाति में वातावरण के साथ अनुकूलन एवं प्राकृतिक चयन चलता रहता है।
  4. प्रत्येक जाति में जैव विकास के द्वारा नयी जाति पैदा करने की क्षमता पायी जाती है।
  5. प्रत्येक जाति में पृथक्करण के कुछ ऐसे कारक पाये जाते हैं, जो निकट सम्बन्धी जाति के सदस्यों से प्रजनन करने में रुकावट पैदा करते हैं।

मैंगिफेरा इंडिका (आम), सोलेनम ट्यूबरोसम (आलू), तथा पैंथेरा लियो (शेर) उच्चकोटि के पौधे तथा प्राणी के उदाहरण हैं। इन सभी नामों में ” इंडिका, ट्यूबरोसम'” तथा “लियों” जाति संकेत के पद हैं। जबकि पहले शब्द ” मैंगिफेरा’, “सोलेनम” तथा ” पैंथेरा” वंश के नाम हैं और यह टैक्सा अथवा संवर्ग का भी निरुपण करते हैं। प्रत्येक वंश में एक अथवा एक से अधिक जाति के संकेत पद हो सकते हैं जो विभिन्न जीवों जिनमें आकारिकी गुण समान हों को प्रदर्शित करते हैं। उदाहरणार्थ “पैंथेरा” में एक अन्य जाति संकेत पद है जिसे टिग्रिस कहते हैं। सोलेनेम’ वंश में नाइग्रम, मैलान्जेना भी आते हैं। लेकिन बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर चार वर्ग समूहों में रखा जाता है-गोलाकार, छड़नुमा, कॉमा एवं तर्कुरूपी। अतः इस प्रकार का अर्थ उच्च जीवों के लिए है, बैक्टीरिया के लिए अलग-अलग है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित शब्दों को समझाइए तथा परिभाषित कीजिए –

  1. संघ
  2. वर्ग
  3. कुल
  4. गण
  5. वंश।

उत्तर:
वर्गीकरण की पदानुक्रमी स्तरें:
जीवों का वर्गीकरण करते समय अध्ययन की सुविधा के लिए इन्हें कई छोटे-बड़े समूहों में रखा गया है, जिन्हें संवर्ग या श्रेणी (Category) कहा जाता है। इन संवर्गों का वर्गीकरण में एक निश्चित स्थान होता है और इन्हें इनके गुणों के आधार पर बढ़ते हुए क्रम में रखा जाता है। इसी क्रम को वर्गीकरण का पदानुक्रम (Hierarchy) कहते हैं। इस पदानुक्रम की सबसे छोटी इकाई जाति तथा बड़ी इकाई जगत है। वर्गीकरण में संवर्गों का क्रम निम्नानुसार होता है –

1. जाति:
यह वर्गीकरण की मूल तथा बहुत छोटी इकाई है। वर्गीकरण की इस इकाई में आपस में संकरण करने वाले जीवों के समूह को रखा जाता है जैसे-सभी प्रकार के मानवों को होमो सैपियन्स में रखा जाता है, जबकि वे बाह्य आकार में विविधता प्रदर्शित करते हैं।

2. वंश:
कुछ एक समान गुणों को प्रदर्शित करने वाली जातियों को एक वंश में रखा जाता है, जैसेशेर, बाघ, चीता को एक वंश पैंथेरा में रखा गया है।

3. कुल:
कुछ एक समान गुणों वाले वंशों को एक कुल में रखते हैं। जैसे-सभी दालों का प्रतिनिधित्व करने वाले पादपों को एक कुल पैपीलियोनेसी में रखा जाता है।

4. गण:
एक या कई मिलते-जुलते गुणों वाले कुलों को एक गण में रखा जाता है। जैसे-जन्तुओं के फेलिडी तथा कैनिडी कुल को कार्निवोरा गण में रखा जाता है।

5. वर्ग:
कुछ सर्वश्रेष्ठ गुणों वाले गणों को एक वर्ग में रखा जाता है।

6. संघ:
कुछ सर्वनिष्ठ गुणों वाले वर्गों को एक संघ में रखा जाता है। जैसे-नोटोकॉड, नर्वकॉर्ड तथा गिल की उपस्थिति के कारण मत्स्य, ऐम्फिबिया, सरीसृप, पक्षी एवं स्तनी वर्ग को संघ कॉर्डेटा में रखा जाता है।

7. जगत:
कई सर्वनिष्ठ गुणों वाले संघों को एक जगत में रखा जाता है। उपर्युक्त वर्णित संवर्ग मुख्य संवर्ग हैं, इन्हें आवश्यकतानुसार कई छोटे संवर्गों में भी बाँटा जाता है।

प्रश्न 10.
जीव के वर्गीकरण तथा पहचान में कुंजी किस प्रकार सहायक है ?
उत्तर:
पादपों एवं जन्तुओं को पहचानने की रूपरेखा कुंजी (Key) है। वर्गिकी की कुंजियाँ विपरीत लक्षणों पर आधारित होती हैं। कुल, वंश और जाति जैसी वर्गिकी की प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग अलग वर्गिक की कुंजियों की आवश्यकता होती है। यह अज्ञात जीवों की पहचान के लिए अधिक उपयोगी होती है। कुंजियाँ दो प्रकार की होती हैं –

  1. दोहरे प्रलेखधारी अथवा द्विशाखित (Yolked)
  2. कोष्ठधारी कुंजी (Bracketed key)।

1. द्विशाखित कुंजी:
यह एक अन्य साधन सामग्री है, जिसका प्रयोग समानताओं और असमानताओं पर आधारित होकर पौधों तथा प्राणियों की पहचान में किया जाता है।

2. कोष्ठधारी कुंजी:
यह कुंजी विपर्यायी लक्षणों (Contrasting:characters), जो प्रायः युग्मों के आधार पर होती है। कुंजी दो विपरीत विकल्पों को चुनने को दिखाती है। इसके परिणामस्वरूप एक को मान्यता तथा दूसरे को अमान्य किया जाता है।

कुंजी में प्रत्येक कथन मार्गदर्शन का कार्य करता है। पहचानने के लिए प्रत्येक वर्गिकी संवर्ग जैसे-कुल, वंश, तथा जाति के लिए अलग-अलग वर्गिकी कुंजी की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 11.
पौधों तथा प्राणियों के उचित उदाहरण देते हुए वर्गिकी पदानुक्रम का चित्रण कीजिए।
उत्तर:
वर्गीकरण (Classification) एकल सोपान प्रक्रम नहीं है बल्कि इसमें पदानुक्रम (Hierarchy) सोपान होते हैं जिसमें प्रत्येक सोपान पद (Rank) अथवा संवर्ग (Category) को प्रदर्शित करता है। चूंकि संवर्ग समस्त वर्गिकी व्यवस्था है इसलिए इसे वर्गीकरण संवर्ग (Taxonomic categories) कहते हैं और सभी संवर्ग मिलकर वर्गिकी पदानुक्रम (Taxonomic hierarchy) बनाते हैं। प्रत्येक संवर्ग वर्गीकरण की एक इकाई को प्रदर्शित करता है, इसे प्रायः वर्गक या टैक्सॉन (Taxon) कहते हैं।

सभी ज्ञात जीवों के वर्गीकीय अध्ययन से सामान्य संवर्ग जैसे-जगत (Kingdom), संघ (Phylum), वर्ग (Class), गण (Order), कुल (Family), वंश (Genus) तथा जाति (Species) का विकास हुआ। पौधे तथा प्राणियों, दोनों में जाति (Species) सबसे निचले संवर्ग में आती है। किसी भी जीव को विभिन्न संवर्गों में रखने के लिए उनके वर्ग के गुणों का ज्ञान होना आवश्यक है। जाति से लेकर जगत तक विभिन्न वर्गिकी संवर्ग को आरोही क्रम में निम्नानुसार दर्शाया जा सकता है –

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत - 4

उपरोक्त पदानुक्रम अनुसार, जैसे – जैसे हम जाति से जगत की ओर ऊपर जाते हैं वैसे ही समान गुणों में कमी आती जाती है। सबसे नीचे जो टैक्सा होगा, उसके सदस्यों में सबसे अधिक समान गुण होंगे।

तालिका – वर्गिकी संवर्ग सहित कुछ जीव
(Organisms with their Taxanomic Categories)
MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत - 5

जीव जगत अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

जीव जगत वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए –

1. सजीव जब अपने शत्रुओं से बचने के लिए स्वयं को उस परिस्थिति के अनुसार ढाल लेता है, उसे कहते हैं –
(a) अनुकूलन
(b) मिमिक्री
(c) हीमोलॉजी
(d) एनोलॉजी।
उत्तर:
(a) अनुकूलन

2. जीवों में ऊर्जा प्रवाह तथा ऊर्जा के रूपान्तरण में किस नियम का पालन होता है –
(a) सीमित कारक का नियम
(b) ऊष्मागतिक का नियम
(c) लिबिंग्स के न्यूनतता का नियम
(d) बायोजेनिक के नियम।
उत्तर:
(b) ऊष्मागतिक का नियम

3. बाहरी वातावरण में बदलाव के बाद भी जीवों में उचित आंतरिक अवस्था को बनाए रखना कहलाता है –
(a) एन्थैल्पी
(b) साम्यावस्था
(c) एन्ट्रॉपी
(d) स्थायी अवस्था।
उत्तर:
(b) साम्यावस्था

4. ग्लाइकोजन बहुलक है –
(a) ग्लैक्टोज
(b) ग्लूकोज
(c) फ्रक्टोज
(d) सुक्रोज।
उत्तर:
(b) ग्लूकोज

5. एक ऑर्किड का पुष्य किसी कीट के मादा के समान दिखाई देता है ताकि उसमें परागण क्रिया आसानी से हो सके, यह घटना कहलाती है-
(a) मिमिक्रीम
(b) स्यूडोकॉपुलेशन
(c) स्यूडोपॉलीनेशन
(d) स्यूडोकार्पोनोकाी।
उत्तर:
(a) मिमिक्रीम

6. जीवन की सबसे छोटी इकाई है –
(a) DNA
(b)RNA
(c) कोशिका
(d) प्रोटीन।
उत्तर:
(a) DNA

7. निम्न में से किसे होमियोस्टेसिस या साम्यावस्था कहते हैं –
(a) वातावरण के साथ बदलाव लाना
(b) नियंत्रण में बदलाव
(c) बदलाव का प्रतिरोध करना
(d) पादप एवं जन्तु रस का होम्योपैथी उपयोग।
उत्तर:
(b) नियंत्रण में बदलाव

8. शरीर का तापक्रम किसके द्वारा नियंत्रित होता है –
(a) फेफड़ा, पेशी तथा त्वचा
(b) केवल त्वचा
(c) परिसंचरण तंत्र
(d) कंकाल तंत्र।
उत्तर:
(a) फेफड़ा, पेशी तथा त्वचा

9. पसीना बहने का उद्देश्य होता है –
(a) त्वचा पर उपस्थित जीवाणुओं को मारना
(b) शरीर के ताप का नियमन
(c) अधिक लवण का निष्कासन
(d) अधिक जल का निष्कासन।
उत्तर:
(b) शरीर के ताप का नियमन

10. आयोडीन किसका घटक होता है –
(a) नाइट्रेट रिडक्टेज
(b) थायरॉक्सीन हॉर्मोन्स
(c) TSH हॉर्मोन्स
(d) नाइट्रोजिनेज।
उत्तर:
(b) थायरॉक्सीन हॉर्मोन्स

11. जीवित कोशिकाओं के लिए कौन-सा सही है –
(a) पहले ऊर्जा का स्थानांतरण तब ऊर्जा का रूपान्तरण
(b) पहले ऊर्जा का रूपान्तरण तब स्थानांतरण
(c) दोनों का साथ-साथ होना
(d) दोनों का लगातार होना।
उत्तर:
(d) दोनों का लगातार होना।

12. जीवों के सामान्य लक्षण होते हैं –
(a) कोशिकीय संरचना
(b) उपापचय
(c) श्वसन
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(d) उपर्युक्त सभी।

13. जीवों की आधारभूत आवश्यकता होती है –
(a) विकास
(b) क्रम
(c) ऊर्जा
(d) वृद्धि।
उत्तर:
(c) ऊर्जा

14. निम्न में से स्टोरेज पॉलीसैकेराइड है –
(a) सुक्रोज
(b) सेल्युलोज
(c) स्टार्च
(d) स्टार्च एवं ग्लाइकोजन।
उत्तर:
(d) स्टार्च एवं ग्लाइकोजन।

15. जहाँ पर पौधों के नमूने एकत्रित करके रखे जाते हैं, उस स्थान को कहा जाता है –
(a) हरियम
(b) संग्रहालय
(c) वनस्पति उद्यान
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(a) हरियम

16. जिस स्थान पर जीवित पौधों का संग्रहण किया जाता है, उसे कहा जाता है –
(a) वनस्पति उद्यान
(b) संग्रहालय
(c) हर्बेरियम
(d) जूलॉजिकल पार्क।
उत्तर:
(a) वनस्पति उद्यान

17. जिन स्थानों पर जीवित प्राणी रखे जाते हैं, उसे कहा जाता है –
(a) संग्रहालय
(b) जूलॉजिकल पार्क
(c) वनस्पति उद्यान
(d) हर्बेरियम।
उत्तर:
(b) जूलॉजिकल पार्क

18. जीवधारियों को वैज्ञानिक नाम दिये जाते हैं, क्योंकि –
(a) प्रत्येक तकनीकी ज्ञान की शाखा की अपनी शब्दावली होती है
(b) वैज्ञानिक लोगों पर अपना अमिट प्रभाव डालना चाहते थे
(c) वैज्ञानिक नहीं चाहते थे कि आम आदमी जीव विज्ञान पढ़ सके
(d) बिना किसी संशय के वैज्ञानिकों में विचार-विनिमय हो सके।
उत्तर:
(d) बिना किसी संशय के वैज्ञानिकों में विचार-विनिमय हो सके।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. त्वचा का धूप में काला होना ………….. अनुकूलन है।
  2. जैव संगठन का सूक्ष्मतम जैविक स्तर …………. है।
  3. जीवन का भौतिक आधार …………… है।
  4. समष्टि के कुल जीन समूह को …………… कहते हैं।
  5. वह तंत्र जिसमें पदार्थों का विनिमय वातावरणीय परिवेश से नहीं होता ………….. कहलाता है।
  6. ………….. जीवधारियों के शरीर में होने वाली समस्त क्रियाओं के लिए ऊर्जा उपलब्ध कराता है।
  7. जीवधारियों में वातावरण के अनुसार परिवर्तित होने की क्रिया …………… कहलाती है।
  8. ………….. पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है, जो सबसे छोटी जैविक इकाई का निर्माण करता है।
  9. जीवों के शरीर में पाये जाने वाली समस्त क्रियाओं को सामूहिक रूप से …………… कहते हैं।
  10. जीवों में पाये जाने वाले स्थिर अवस्था को …………… कहते हैं।

उत्तर:

  1. अल्पकालिक
  2. आण्विक स्तर
  3. जीवद्रव्य
  4. जीन पूल
  5. बंद तंत्र
  6. ATP
  7. अनुकूलन
  8. परमाण
  9. उपापचय
  10. साम्यावस्था।

प्रश्न 3.
एक शब्द में उत्तर दीजिए –

  1. ऊतकों व अंग तंत्रों की कार्यक्षमता में बढ़ती उम्र के कारण होने वाले ह्रास को क्या कहते हैं ?
  2. जैव-संगठन के उच्चतम स्तर का नाम लिखिए।
  3. जीवों में आनुवंशिक अणु किसे कहते हैं ?
  4. वातावरण के परिवर्तन को जीवों द्वारा अनुभव करने की क्षमता को क्या कहते हैं ?
  5. जैव-मण्डल के अपघटक जीवों का नाम दीजिए।

उत्तर:

  1. वयता या जरण
  2. जीव जगत (समष्टि)
  3. D.N.A.
  4. संवेदनशीलता
  5. विषाणु, जीवाणु, कवक (सूक्ष्मजीव)।

प्रश्न 4.
उचित संबंध जोडिए –

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत -1

उत्तर:

  1. (c) जनन क्रिया न होने से
  2. (d) वृद्धि
  3. (a) स्टार्च व मंड के रूप में संग्रहण
  4. (b) जल

MP Board Class 11th Biology Solutions Chapter 1 जीव जगत -2
उत्तर:

  1. (c) वंश
  2. (e) कुल
  3. (d) गण
  4. (a) जगत
  5. (b) संघ

प्रश्न 5.
सत्य / असत्य बताइये –

  1. पौधे तथा प्राणियों दोनों में जाति (Species) सबसे निचले संवर्ग में आती है।
  2. जीवों के वर्ग जिसमें मौलिक समानता होती है, उसे जाति कहते हैं।
  3. मानव का वैज्ञानिक नाम “मैंगिफेरा इंडिका’ है।
  4. वंश (Genus) समीपस्थ संबंधित जातियों का समूह है।
  5. कुल (Family) के वर्गीकरण का आधार पौधों के कायिक तथा जनन गुण हैं।
  6. वर्ग (Class) संवर्ग में प्राइमेट गण जिसमें बंदर, गोरिल्ला तथा गिब्बन आते हैं।
  7. मानव का वर्ग इंसेक्टा है।
  8. कुंजी में प्रत्येक कथन मार्गदर्शन का कार्य करता है। पहचानने के लिए प्रत्येक वर्गिकी संवर्ग जैसे – कुल, वंश, तथा जाति के लिए अलग, वर्गिकी कुंजी की आवश्यकता होती है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. सत्य
  3. असत्य
  4. सत्य
  5. सत्य
  6. सत्य
  7. असत्य
  8. सत्य।

जीव जगत अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वर्गीकरण विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है?
उत्तर:
कैरोलस लिनीयस (1707 – 1778) को वर्गीकरण विज्ञान का जनक कहा जाता है।

प्रश्न 2.
स्वयंपोषी से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
वे जीव, जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, उन्हें स्वयंपोषी जीव कहते हैं। उदाहरण – समस्त हरे पौधे।

प्रश्न 3.
पाँच जगत वर्गीकरण के प्रणेता कौन हैं ?
उत्तर:
पाँच जगत वर्गीकरण के प्रणेता आर. एच. ह्विटैकर (1969) हैं।

प्रश्न 4.
जाति किसे कहते हैं ?
उत्तर:
मेयर (1942) के अनुसार, “आपस में संकरण करने वाले जीवों के समूह को जाति (Species) कहते हैं।”

प्रश्न 5.
वर्गीकरण की प्राकृतिक पद्धति क्या है ?
उत्तर:
वर्गीकरण वह पद्धति है, जिसमें गुणों के एक विस्तृत समूह को वर्गीकरण का आधार बनाया जाता है।

प्रश्न 6.
वर्गीकरण की कृत्रिम पद्धति क्या है ?
उत्तर:
वर्गीकरण की वह पद्धति जिसमें एक या कुछ गुणों को वर्गीकरण का आधार बनाया जाता है कृत्रिम पद्धति कहलाती है। यह वर्गीकरण की अप्राकृतिक पद्धति है।

प्रश्न 7.
लिनीयस द्वारा लिखित दो पुस्तकों तथा उनके दो योगदानों को लिखिए।
उत्तर:
लिनीयस द्वारा लिखित पुस्तकें –

  • जेनेरा प्लाण्टेरम
  • सिस्टेमा नैचुरी।

लिनीयस के दो प्रमुख योगदा –

  • द्वि – जगत वर्गीकरण को प्रस्तुत करना।
  • जीवों के लिए द्वि – नामकरण पद्धति को प्रस्तुत करना।

प्रश्न 8.
वर्गक एवं संवर्ग को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
वर्गक (Texa):
जीवों के वर्गीकरण में प्रयुक्त विभिन्न समूहों को वर्गक कहते हैं, चाहे वर्गीकरण में इनका स्थान कुछ भी हो, जैसे-शैवाल, कीट, मछली आदि।

संवर्ग या श्रेणी (Category):
वर्गीकरण में प्रयुक्त समूहों की विभिन्न स्तरों को संवर्ग या श्रेणी या वर्गीकरण की इकाई कहते हैं। वर्गीकरण का सबसे छोटा संवर्ग जाति तथा बड़ा संवर्ग जगत है।

जीव जगत लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित जीवों के वैज्ञानिक नाम लिखिए –

  1. प्याज
  2.  मनुष्य
  3. हाथी
  4. फीताकृमि
  5. मेढक
  6. गेहूँ
  7. चावल
  8. सरसों
  9. मटर
  10. आम।

उत्तर:
सामान्य नाम – वैज्ञानिक नाम

  1. प्याज – एलियम सेपा
  2. मनुष्य – होमो सैपियन्स
  3. हाथी – एलिफस इन्डीकस
  4. फीताकृमि – टीनिया सोलियम
  5. मेढक – राना टिग्रिना
  6. गेहूँ – ट्रिटिकम एस्टीवम
  7. चावल – ओराइजा सटाइवा
  8. सरसों – ब्रेसिका कम्पेस्ट्रीस
  9. मटर – पाइसम सटाइवम
  10. ‘आम – मैंगिफेरा इंडिका।

प्रश्न 2.
द्विपद नामकरण पद्धति से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
द्विपद नामकरण पद्धति जीवों के नामकरण की एक ऐसी पद्धति है, जिसमें प्रत्येक जीव का नाम दो शब्दों का होता है। इसका प्रथम शब्द जीव के वंश तथा दूसरा शब्द उसकी जाति को व्यक्त करता है। इस पद्धति का आविष्कार कैरोलस लिनीयस ने किया था। इसमें नाम के अक्षर इटैलिक में छापे जाते हैं या लिखते समय इनके नीचे रेखाएँ खींचते हैं।

प्रथम शब्द का पहला अक्षर कैपिटल लेटर तथा शेष सभी छोटे अक्षरों में ही होते हैं। दूसरे शब्द के सभी अक्षर छोटे अक्षरों में होते हैं। जैसे-मेढक का इस पद्धति में नाम Rana tigrina होता है। इसमें राना वंश तथा टिग्रिनाजाति को प्रदर्शित कर रहा है। यह नाम रखने का अधिकार उस जीव के आविष्कारकर्ता को होता है।

दो जीवों के वैज्ञानिक नाम –
सामान्य नाम – वैज्ञानिक नाम

  1. मेढक – राना टिग्रिना
  2. मनुष्य – होमो सेपियन्स।

प्रश्न 3.
जातिवृत्तीय रेखा को समझाइए।
उत्तर:
किसी एक जाति के विकासात्मक इतिहास को जातिवृत्ति कहते हैं। जातिवृत्ति की विभिन्न जातियों के क्रम को जातिवृत्ति रेखा (Phylogenic – line) कहते हैं। जातिवृत्तीय रेखा किसी जाति विकास के क्रम को प्रदर्शित करती है। जिस प्रकार विकसित जीवों का जीवन एक कोशिका से शुरू होता है, धीरे – धीरे इस कोशिका में परिवर्तन होता रहता है और कुछ समय बाद इसी एक कोशिका से विशालकाय जीव बन जाता है।

ठीक इसी तरहं इस पृथ्वी पर सबसे पहले एककोशिकीय जीव बना। इसके बाद वातावरण के अनुसार, इसमें परिवर्तन होता गया और विविध प्रकार की जातियाँ बनीं। इस प्रकार जातिवृत्तीय रेखा में सबसे पहले मोनेरा जगत के जीव बनें, जिन्होंने विकसित होकर प्रोटिस्टा जगत के जीव बनाए। प्रोटिस्टा जगत के जीवों ने कई दिशाओं में विकसित होकर पादप कवक एवं जन्तु जगतों का निर्माण किया।

जीव जगत दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वानस्पतिक उद्यान को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
वानस्पतिक उद्यान मानव द्वारा स्थापित प्राकृतिक स्थल होते हैं जहाँ पर पौधों को जीवित अवस्था में संरक्षित रखा जाता है। यहाँ पर पौधों के विभिन्न प्रजातियों का समुचित प्रबंध किया जाता है। एक आधुनिक वानस्पतिक उद्योग में निम्न प्रकार के पौधे लगाये जाते हैं –

  1. कृषि में उपयोगी पौधे की विभिन्न प्रजातियाँ
  2. औषधीय एवं अन्य महत्व वाले पौधे
  3. विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में पाये जाने वाले पौधे
  4. धर्म ग्रंथों एवं साहित्यों में उल्लेखित पौधे।

वानस्पतिक उद्यान मूलतः जीवित पौधों का एक खुला संग्रह होता है जिससे हमें विभिन्न प्रकार के पौधों के बारे में मूलभूत जानकारियाँ प्राप्त होती हैं।

प्रमुख वानस्पतिक उद्यान:

  1. रॉयल बॉटनिकल गार्डन, किव (इंग्लैंड)
  2. इंडियन बॉटनिकल गार्डन, शिबपुर (कोलकाता)
  3. लॉयड बॉटनिकल गार्डन, दार्जिलिंग
  4. नेशनल बॉटनिकल गार्डन, लखनऊ
  5. वन अनुसंधान संस्थान, वानस्पतिक उद्यान, देहरादून।

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