MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 15 यशोधरा की व्यथा

MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 15 यशोधरा की व्यथा (कविता, मैथिलीशरण गुप्त)

यशोधरा की व्यथा पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न

यशोधरा की व्यथा लघु उत्तरीय प्रश्न

Yashodhara Ki Vyatha MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 1.
यशोधरा ने ‘वसंत’ किसको कहा है?
उत्तर:
यशोधरा ने बसंत राजकुमार सिद्धार्थ को कहा है।

यशोधरा की व्यथा MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 2.
धरती किसके ताप से जल रही है?
उत्तर:
धरती राजकुमार सिद्धार्थ की तप साधना के तप से जल रही है।

यशोधरा दुखी क्यों थी MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 3.
गौतम बुद्ध के त्याग से वृक्षों पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
गौतम बुद्ध के त्याग से प्रभावित होकर वृक्षों ने भी अपने पत्ते त्याग दिए।

यशोधरा कविता की व्याख्या Pdf MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 4.
यशोधरा की विनय क्या है?
उत्तर:
यशोधरा की विनय यह है कि उसके पति के श्रम का फल सब भोगे।

यशोधरा की व्यथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

यशोधरा पाठ के प्रश्न उत्तर MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 1.
कविता में गौतम बुद्ध के कौन-कौन से गुण बताए गए हैं? (M.P. 2009)
उत्तर:
गौतम बुद्ध में तपस्वी, त्यागी, दयालु, विश्व मंगलकारी और उदारता के गुण बताए गए हैं।

यशोधरा का विरह वर्णन MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 2.
यशोधरा की निजी व्यथा लोक-व्यथा क्यों बन गई है?
उत्तर:
यशोधरा की निजी व्यथा लोक-व्यथा इसलिए बन गई क्योंकि उसके पति विश्व-कल्याण की भावना से ही उसे छोड़कर गए थे।

यशोधरा कविता की व्याख्या MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 3.
कविता में वर्णित षड्ऋतुओं में से किसी एक ऋतु का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
षड्ऋतुओं में से एक ग्रीष्मऋतु है। इस ऋतु में धूल भरी आँधियाँ चलती हैं। भीषण गर्मी के कारण प्यास से गला सूखां जाता है। शरीर से पसीना बहता रहता है। गर्मी की तीव्रता से दृष्टि झुलसी जाती है, जिसके कारण आँखों के सामने अँधेरा छा जाता है। पृथ्वी गर्मी से निरंतर जलती रहती है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ लिखिए –

  1. तप मेरे मोहन का उद्धव धूल उड़ाता आया।
  2. अरी! वृष्टि ऐसी ही उनकी, दया-दृष्टि रोती थी।
  3. मेरी बाँह गही स्वामी ने, मैंने उनकी छाँह गही।
  4. उनके श्रम के फल सब भोगें, यशोधरा की विनय यही।

उत्तर:

  1. ग्रीष्म ऋतु में यह जो धूल उड़ रही है, यह ग्रीष्म ऋतु में उड़ने वाली धूल नहीं है, अपितु यशोधरा के पति सिद्धार्थ तप की तपस्या के परिणामस्वरूप धूल सूख गई है और वही वायु में मिलकर यहाँ आ रही है।
  2. ऐ वृष्टि! जिस प्रकार तूं निरंतर वरस रही है, उसी प्रकार मेरे प्रियतम की दया-दृष्टि हुआ करती थी।
  3. मेरे स्वामी ने अमर संबंधों के लिए मेरी बाँह पकड़ी थी, मेरा वरण किया था और मैंने उनकी शरण ली थी।
  4. मेरे प्रियतम के श्रम का फल सारा विश्व भोगे, यही यशोधरा की कामना है, यही उसकी उदारता है।

यशोधरा की व्यथा भाव-विस्तार/पल्लवन

प्रश्न 1.
आशा से आकाश थमा है।
उत्तर:
आशा के आधार पर ही आधारहीन आकाश थमा हुआ है। यदि जीवन में आशा न हो, तो जीवन व्यर्थ हो जाता है। यदि जीवन में आशा है, तभी तक जीवन निरंतर चलता रहता है। आशा है, तो जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। निराशाभरा जीवन व्यक्ति को निष्क्रिय बना देता है। आशा से भरा व्यक्ति पुरुपार्थ करके जीवन में उन्नति (प्रगति) करता है।

प्रश्न 2.
विश्व-वेदना की चमक उन्हें होती थी।
उत्तर:
गौतम बुद्ध संसार के दुख से दुखी होते थे। विश्व को दुखों से मुक्ति के लिए ही उन्होंने गृह-त्याग किया और तपस्या की। उनके हृदय में भी विश्व-मंगल की भावना को लेकर टीस उठती थी। गौतम बुद्ध ने मानव को दुखों से मुक्ति दिलाने का मार्ग खोजा, ज्ञान प्राप्त किया और स्वयं को इस कार्य में समर्पित कर दिया।

यशोधरा की व्यथा भाषा-अनुशीलन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित सामासिक शब्दों का विग्रह कर उनके नाम लिखिए –
वाधा-व्यथा, विश्व-वेदना, दिनमुख, नवरस, अग्नि-कुंड, दूध-दही।
उत्तर:
Yashodhara Ki Vyatha MP Board Class 12th Hindi

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में से तत्सम और तद्भव शब्दों को छाँटिए –
पत्ता, वाष्प, सूखा, शत, साँस, प्रिय।
उत्तर:
यशोधरा की व्यथा MP Board Class 12th Hindi

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए –
मही, विश्व, सलिल, हेम, स्वामी, पेड़।
उत्तर:

  • मही – पृथ्वी, जमीन, धरती।
  • विश्व – संसार, दुनिया, जगत।
  • सलिल – जल, पानी, अंबु।
  • हेम – सोना, स्वर्ण, कनक।
  • स्वामी – मालिक, सरदार, नेता।
  • पेड़ – वृक्ष, तरु, विटप।

प्रश्न 4.
‘योग’ शब्द दो अर्थों में प्रयुक्त हुआ है –

  1. उद्धव योग मार्ग का संदेश लेकर आए।
  2. मुझे विभूति रमाने का भी योग नहीं मिल सका।

इसी प्रकार के पाँच शब्द खोजकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:

  • कमल – आपका नाम कमल है।
    कमल कीचड़ में खिलते हैं।
  • अर्थ – आजकल देश अर्थ अभाव से गुजर रहा है।
    स्वतन्त्रता का अर्थ है आज़ादी।
  • आम – आम आम फलों का राजा है।
    यह आम रास्ता नहीं है।
  • कल – कल वर्षा अवश्य होगी।
    इस क्षेत्र में अनेक कल कारखाने हैं।
  • अचल – हिमालय अचल भारत की उत्तर दिशा में है।
    यह मेरी अचल सम्पत्ति है।

यशोधरा की व्यथा योग्यता-विस्तार

प्रश्न 1.
लोक कल्याण के लिए बुद्ध की तरह वैभव त्यागने वाले महापुरुषों के जीवनवृत्त संकलित कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 2.
समाज में आदर्श प्रस्तुत करने वाली भारतीय नारियों की जीवनियों का संग्रह कीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

यशोधरा की व्यथा परीक्षोपयोगी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न –

प्रश्न 1.
राजकुमार सिद्धार्थ यशोधरा के थे ………..।
(क) भाई
(ख) पति
(ग) सगे-संबंधी
(घ) पिता
उत्तर:
(ख) पति।

प्रश्न 2.
‘यशोधरा की व्यथा’ कविता में कवि ने प्राचीन परंपरा का आश्रय लिया है ………..।
(क) षड्ऋतु वर्णन का
(ख) बारहमासा वर्णन का
(ग) ऋतु वर्णन का
(घ) सौन्दर्य वर्णन का
उत्तर:
(क) षड्ऋतु वर्णन का।

प्रश्न 3.
यशोधरा के विरह और सिद्धार्थ की तप साधना का तप ही है –
(क) ग्रीष्म की लू
(ख) ग्रीष्म की तपन
(ग) ग्रीष्म जलती किरणें
(घ) ग्रीष्म की प्यास
उत्तर:
(ख) ग्रीष्म की तपन।

प्रश्न 4.
कौन-सी ऋतु सिद्धार्थ की शांति और शोभा वृद्धि करते हुए यशोधरा की विरह बढ़ाती है?
(क) बसंत ऋतु
(ख) शिशिर ऋतु
(ग) शरद् ऋतु
(घ) हेमंत ऋतु
उत्तर:
(ग) शरद् ऋतु।

प्रश्न 5.
सिद्धार्थ के त्याग को देखकर किसने अपना क्या त्यागा? (M.P. 2012)
(क) पेड़ों ने पत्ते
(ख) बादलों ने वर्षा
(ग) पक्षियों ने उड़ना
(घ) चंद्रमा ने चाँदनी
उत्तर:
(क) पेड़ों ने पत्ते।

प्रश्न 6.
‘मेरी बाधा-व्यथा सही’ के द्वारा गुप्तजी ने प्रकट किया है –
(क) यशोधरा की आपबीती
(ख) अपनी आपबीती
(ग) यशोधरा की विरह-वेदना
(घ) यशोधरा की तप-साधना
उत्तर:
(ग) यशोधरा की विरह-वेदना।

II. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों के आधार पस्कीजिए –

  1. ‘यशोधरा की व्यथा’ में यशोधरा की ………. वेदना है। (अशान्त/विरह)
  2. ‘मैं ऊष्मा-सी यहाँ रही’ ………. अलंकार का उदाहरण है। (उपमा/रूपक)
  3. वर्षा मानो सिद्धार्थ की ………. प्रतीक है। (शान्ति/करुणा)
  4. जागी किसकी वाष्प राशि, जो सूने में ………. थी। (रोती/सोती)
  5. यशोधरा ने अपनी व्यथा अपनी ………. से कही है। (दासी/सखी)

उत्तर:

  1. विरह
  2. उपमा
  3. करुणा
  4. सोती
  5. सखी।

 

III. निम्नलिखित कथनों में सत्य असत्य छाँटिए –

  1. यशोधरा की व्यथा में षड्ऋतुओं के चित्र हैं।
  2. शरद ऋतु सिद्धार्थ की करुणा है।
  3. यशोधरा का विरह अडिग है।
  4. यशोधरा की व्यथा संयोग शृंगार रस में है।
  5. यशोधरा का विरह ग्रीष्म की तपन है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. असत्य
  5. सत्य।

IV. निम्नलिखित के सही जोड़े मिलाइए – (M.P. 2009)

प्रश्न 1.
यशोधरा दुखी क्यों थी MP Board Class 12th Hindi
उत्तर:

(i) (ङ)
(ii) (ग)
(iii) (घ)
(iv) (ख)
(v) (क)।

V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में दीजिए –

प्रश्न 1.
यशोधरा ने किसको वसंत और ऊष्मा कहा है?
उत्तर:
यशोधरा ने वसंत सिद्धार्थ को और स्वयं को ऊष्मा को है।

प्रश्न 2.
यशोधरा के अनुसार यह धरती किसके ताप और तप से जल रही है?
उत्तर:
यशोधरा के अनुसार यह धरती उसके स्वामी सिद्धार्थ के तप और उसके विरहजनित ताप से जल रही है।

प्रश्न 3.
शरदातप किसके विकास का सूचक है?
उत्तर:
शरदातप सिद्धार्थ की तपस्या के विकास का सूचक है।

प्रश्न 4.
यशोधरा कौन थी? (M.P.2009)
उत्तर:
यशोधरा सिद्धार्थ की धर्मपत्नी थी।

प्रश्न 5.
मैथिलीशरण गुप्त किस प्रकार के कवि हैं?
उत्तर:
मैथिलीशरण गुप्त राष्ट्रीय विचारधारा के कवि हैं।

यशोधरा की व्यथा लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यशोधरा कौन थी? (M.P. 2009)
उत्तर:
यशोधरा राजकुमार सिद्धार्थ की पत्नी थी। प्रश्न 2. यशोधरा को किस बात का दुख है?
उत्तर:
यशोधरा को इस बात का दुख है कि उसे अपनी शरीर पर भस्म लगाने का भी अवसर नहीं मिला।

प्रश्न 3.
वर्षा सिद्धार्थ की किस भावना की परिचायक है?
उत्तर:
वर्षा सिद्धार्थ की करुण भावना की परिचायक है।

प्रश्न 4.
यशोधरा ने खट्टे दिन किसे कहा है?
उत्तर:
यशोधरा ने खट्टे दिन अपने जीवन के बुरे दिनों को कहा है।

प्रश्न 5.
सिद्धार्थ की शांति-कांति की ज्योत्स्ना कैसी है?
उत्तर:
सिद्धार्थ की शांति-कांति की ज्योत्स्ना हरेक पल जलती है।

प्रश्न 6.
शरद् ऋतु का सिद्धार्थ-यशोधरा पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
उत्तर:
शरद् ऋतु की शांति और शोभा को प्रदर्शित करते हुए यशोधरा के विरह को बढ़ा रही है।

प्रश्न 7.
ऋतुओं का यशोधरा के विरह पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
उत्तर:
ऋतुओं का यशोधरा के विरह पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। वे उसको विचलित नहीं कर पा रही हैं। वे तो उसके विरह से पीड़ित होकर अपनी भाव-दशाओं को बदल रही हैं।

यशोधरा की व्यथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कवि ने इस कविता में किसकी व्यथा को व्यक्त किया है?
उत्तर:
कवि ने इस कविता तें यशोधरा की व्यथा को व्यक्त किया है। उनके पति राजकुमार सिद्धार्थ अपनी पत्नी को अर्ध रात्रि में सोता हुआ छोड़कर साधना करने के लिए राजमहल छोड़कर चले गए थे। वियोगिनी यशोधरा की विरह-वेदना को ही कवि ने प्रस्तुत किया है।

प्रश्न 2.
यशोधरा ने यह क्यों कहा कि “हाय! विभूति रमाने का भी मैंने योग न पाया।” (M.P. 2012)
उत्तर:
राजकुमार सिद्धार्थ उसे सोता हुआ छोड़कर तपस्या करने चले गए। यशोधरा चाहते हुए भी साधना हेतु शरीर पर भस्म मलकर संन्यासिनी नहीं बन सकती थी; क्योंकि उसे अपने पुत्र राहुल का पालन-पोषण करना था। इसीलिए उसने यह कहा कि “हाय! विभूत रमाने का भी मैंने योग न पाया।”

प्रश्न 3.
यशोधरा किसको अपने प्रियतम के विकास की सूचक मानती है?
उत्तर:
यशोधरा पृथ्वी तल पर शरद् ऋतु की खिली हुई धूप को अपने प्रियतम (राजकुमार सिद्धार्थ) के विकास की सूचक मानती है।

प्रश्न 4.
ग्रीष्म ऋतु में यशोधरा की क्या स्थिति हो गई?
उत्तर:
ग्रीष्म ऋतु में यशोधरा की स्थिति बड़ी भयानक और दुखद हो गई। उसका जीवन नीरस और शुष्क हो गया। उसका कंठ सूख गया। उसे पसीना छूटने लगा, “मृगतृष्णा की माया ने उसे घेर लिया। उसकी दृष्टि झुलस गयी, उसकी आँखों के सामने अँधेरा छाने लगा। उसे अपने प्रियतम की छाया भी नहीं दिखाई दे रही थी।”

प्रश्न 5.
विश्व-वेदना की चमक किसे और क्यों होती थी?
उत्तर:
विश्व-वेदना की चमक सिद्धार्थ को होती थी क्योंकि वे संसार के दुख से दुखी थे। उनके हृदय में विश्व-वेदना की कसक होती थी। इसके लिए ही उन्होंने गृह-त्याग किया। फिर घोर तपस्या की। ज्ञान प्राप्त करके सदुपदेश दिया। इस प्रकार उन्होंने विश्व-वेदना को समाप्त करने के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया।

यशोधरा की व्यथा कवि-परिचय

प्रश्न 1.
मैथिलीशरण गुप्त का संक्षिप्त जीवन-परिचय देते हुए उनकी साहित्यिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
जीवन-परिचय:
मैथिलीशरण गुप्त का जन्म सन् 1886 ई० में उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले के अन्तर्गत चिरगाँव में हुआ। वे वैश्य परिवार से थे। इनके पिता सेठ रामचरणजी भगवान राम के परमभक्त थे। गाँव में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद इनको अंग्रेजी पढ़ने के लिए मेक्डॉनल स्कूल भेजा गया, पर वहाँ उनका मन नहीं लगा। वे पढ़ाई बीच में छोड़कर गाँव चले आए।

फिर उन्होंने घर पर ही हिंदी, संस्कृत और बांग्ला साहित्य का अध्ययन किया। मुंशी अजमेरी के सहयोग से इनमें काव्य के संस्कार उत्पन्न हुए। देश की स्वतंत्रता के बाद ये राज्य सभा के सदस्य बने। भारत सरकार ने इन्हें ‘पद्मभूषण’ की उपाधि प्रदान की और आगरा विश्वविद्यालय ने इन्हें डी. लिट. की उपाधि से सम्मानित किया। गुप्तजी की आरम्भिक रचनाएँ ‘वैश्योपकारक’ में प्रकाशित हुईं इसके बाद में पण्डित महावीर प्रसाद द्विवेदी की ‘सरस्वती’ पत्रिका में प्रकाशित होने लगीं। द्विवेदीजी के आदेश, उपदेश और प्रोत्साहन से इनकी कविताओं में निखार आया। इन्होंने साहित्य . जगत् को अनेक रचनाएँ दीं। 1964 में इनका देहांत हो गया।

साहित्यिक विशेषताएँ:
गुप्तजी राष्ट्रकवि थे। उनकी रचनाओं में सर्वत्र राष्ट्रीय भावनाओं का प्रतिनिधित्व हुआ है। मात्मा गाँधी के नेतृत्व में देश ने स्वाधीनता का संघर्ष किया। उसकी काव्यमय व्यंजना गुप्तजी के काव्य में देखी जा सकती है। गाँधी जी के राजनीतिक एवं सामाजिक विचारों को गुप्तजी ने उसी प्रकार अभिव्यंजित किया जैसे प्रेमचन्द ने अपने उपन्यासों में किया है।

देश की जनता स्वतन्त्रता के लिए छटपटा रही थी और सत्याग्रही अपना सब कुछ न्योछावर कर रहे थे, उस समय गुप्तजी ने ‘भारत भारती’ लिखी। इस रचना के बाद भी गुप्तजी ने गाँधी जी के सत्याग्रह और अहिंसा की नीति, खादी और रचनात्मक कार्यक्रम, हिन्दू-मुसलमानों की साम्प्रदायिक एकता के समर्थन में काव्य स्वनाएँ कीं। अछूतोद्धार, और स्त्री-शिक्षा आदि के आंदोलनों का समर्थन भी गुप्तजी ने अपनी रचनाओं में किया। इसीलिए उन्हें राष्ट्रकवि कहा गया।

रचनाएँ:
गुप्तजी की प्रथम रचना 1909 में प्रकाशित हुई ‘रंग में भंग’। आपने मौलिक एवं अनूदित दोनों प्रकार की ही रचनाएँ कीं।

काव्य-संग्रह:
‘पद्य प्रबंध’, ‘मंगल घट’, ‘स्वदेश संगीत’ (प्रारंभिक रचनाएँ), ‘जयद्रथ वध’ (1910), ‘पंचवटी (1925), ‘झंकार’ (1929), ‘साकेत’ (1931), ‘यशोधरा’ .. (1932), ‘द्वापर’ (1936), ‘जयभारत’ (1952), ‘विष्णुप्रिया’ (1957) आदि।

नाटक:
तिलोत्तमा, चंद्रहास और अनघ।

अनूदित काव्य:
प्लासी का युद्ध, मेघनाथ-वध और ऋतु संहार। अन्य रचनाओं में चंद्रहास, विष्णुप्रिया, वृत्र-संहार, नहुष आदि प्रमुख हैं।

भाषा-शैली:
गुप्तजी ने अपने काव्य-का सृजन ब्रजभाषा में शुरू किया था। उस समय ब्रजभाषा एवं अवधी काव्य की प्रतिलित भाषा थी। धीरे-धीरे वे खड़ी बोली में काव्य-रचना करने लगे। इसके लिए गुप्तजी सदैव पं. महावीर प्रसाद द्विवेदी के ऋणी हैं। वे सरल एवं सुबोध भाषा के समर्थक रहे। उनके काव्य में यथास्थान अलंकारों का प्रयोग है। शृंगार, करुण, वीर और वात्सल्य उनके प्रिय रस हैं। उनका श्रृंगार रस अत्यंत मर्यादित हैं, उन्होंने विभिन्न छंदों का प्रयोग किया है। तुकांत, अतुकांत और गीति छंदों पर उनका अच्छा अधिकार था।

कहीं-कहीं वे इतने क्लिष्ट एवं दुर्बोध शब्दों का वे प्रयोग भी कर गए हैं, जिन्हें संस्कृत जानने वाले भी कठिनाई से ही समझ पाते हैं। कहीं-कहीं प्रांतीय बोलियों के शब्दों के प्रयोग से भी परहेज नहीं करते। इससे कभी-कभी रचना अपरिष्कृत-सी भी लगती है। कहीं-कहीं तत्सम एवं तद्भव शब्द उनकी काव्य भाषा में न केवल खटकते हैं, बल्कि भाषा को विकृत भी कर देते हैं। इसके बावजूद उनकी भाषा अर्थ अभिव्यक्ति में पूर्णतः समर्थ है। साहित्य में स्थान-राष्ट्रीय कवि गुप्त का हिंदी कवियों में अत्यधिक चर्चित और सम्मानपूर्ण स्थान है। हिंदी काव्य के क्षेत्र में आपका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।

यशोधरा की व्यथा पाठ का सारांश

प्रश्न 1.
‘यशोधरा की व्यथा’ कविता का सार अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
‘यशोधरा की व्यथा’ कविता के कवि मैथिलीशरण गुप्त हैं। यह कविता कवि द्वारा रचित ‘यशोधरा’ नामक महाकाव्य से ली गई है। राजकुमार सिद्धार्थ अपनी पत्नी यशोधरा को सोता हुआ छोड़कर आधी रात को अपनी साधना सम्पन्न करने के लिए राजमहल छोड़कर चले गए थे। यशोधरा महल में अपने पुत्र राहुल के साथ रह गई थी। वियोगिनी यशोधरा इस कविता में अपनी विरह वेदना को प्रकट कर रही है। यशोधरा अपनी सखी को सम्बोधित कर रही है। इसमें कवि ने प्राचीन षड्ऋतु वर्णन परम्परा का निर्वाह किया है।

एक के बाद एक ऋतुएँ आती हैं और विरहिणी यशोधरा के विरह को बढ़ाती हैं। यशोधरा का विरह और सिद्धार्थ की तप साधना का ताप ही ग्रीष्म की तपन है, वर्षा मानो करुणा की प्रतीक है। शरद ऋतु सिद्धार्थ की शांति और शोभा को प्रदर्शित करती हुई यशोधरा के विरह में वृद्धि करती है। शिशिर की ठण्डी साँसें प्रिय का शीतल स्पर्श है। इसी प्रकार कवि ने हेमन्त और बसंत ऋतु में भी यशोधरा के विरह-भाव को स्पष्ट किया है। ऋतुएँ ही विरहिणी यशोधरा के विरह को विचलित नहीं करती हैं अपितु वे भी यशोधरा के विरह से पीड़ित होकर अपनी भाव दशा को बदल रही है। कविता में सभी ऋतुओं का मानवीकरणी किया गया है।

यशोधरा की व्यथासंदर्भ-प्रसंगसहित व्याख्या

प्रश्न 1.
सखि! बसंत से कहाँ गए थे,
मैं ऊष्मा-सी यहाँ रही।
मैंने ही क्या सहा, सभी ने।
मेरी बाधा व्यथा सही॥

तप मेरे मोहन का उद्धव धूल उड़ाता आया,
हाय! विभूति रमाने का भी मैंने योग न पाया।
सूखा कण्ठ, पसीना छूटा मृग-तृष्णा की माया,
झुलसी दृष्टि, अँधेरा दीखा, टूट गई वह छाया।
मेरा ताप और तप उनका,
जलती है यह जठर मही॥ (Page 69) (M.P. 2012)

शब्दार्थ:

  • सखि – सहेली।
  • ऊष्मा – गर्मी।
  • व्यथा – पीड़ा-दुख।
  • तप – तपस्या।
  • मोहन – श्रीकृष्ण।
  • उद्धव – कृष्ण का मित्र।
  • विभूति – राख, भस्म।
  • योग – सुअवसर, सुयोग।
  • कण्ठ – गला।
  • मृगतृष्णा – छलावा, भ्रम।
  • जठर – उदर।
  • मही – पृथ्वी।

प्रसंग:
प्रस्तुत काव्यांश मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता ‘यशोधरा की व्यथा’ से उद्धृत है। इस काव्यांश में विरह व्यथित यथोधरा अपनी सखि से पूछ रही है कि उसके मोहन अर्थात् राजकुमार सिद्धार्थ उसे अकेली छोड़कर कहाँ गए।

व्याख्या:
यशोधरा अपनी सखी से पूछ रही है कि हे सखि! बसंत वे समान सुन्दर, लुभावने और सुख देने वाले मेरे प्रियतम राजकुमार सिद्धार्थ कहाँ चले गए और मैं ग्रीष्म ऋतु-सी यहाँ रह गई, अर्थात् सिद्धार्थ के मुझे छोड़कर चले जाने से मेरा जीवन उसीप्रकार नीरस और शुष्क हो गया है, जिस प्रकार बसंत के चले जाने के बाद ग्रीष्म ऋतु में चारों ओर शुष्कता और नीरसता छा जाती है। प्रियतम की अनुपस्थिति में मुझे जिस प्रकार की विरह व्यथा को सहन करना पड़ रहा है, उसी प्रकार की पीड़ा सभी सह रहे हैं। आगे यशोधरा अपने को गोपी-रूप में और सिद्धार्थ को कृष्ण-रूप में मानकर कह रही है कि ऐ उद्धव! यह जो तुम देख रहे हो, यह ग्रीष्म ऋतु में उठने वाली धूलि के झोंके नहीं हैं।

मेरे मोहन की तपस्या से तो सारा संसार जल उठा है और उसी जलन के परिणामस्वरूप धूल सूख गई है तथा वह वायु में मिलकर यहाँ आ रही है। यशोधरा अपनी हार्दिक वेदना को व्यक्त करती हुई कहती है कि कहाँ तो एक ओर मेरे प्रियतम तपस्या कर रहे हैं और कहाँ दूसरी ओर मैं हूँ, जिसे तपस्या – तो क्या, शरीर पर भस्म लगाने का अवसर भी नहीं मिला है। कहने का भाव यह कि मेरे लिए यह भी सम्भव नहीं है कि मैं अपने प्रियतम की भाँति अपने शरीर पर भस्म रमाकर योगिनी भी बन जाऊँ, क्योंकि मुझे तो राहुल का पालन-पोषण करना है।

इस ग्रीष्म ऋतु में मेरा गला सूखा जा रहा है, शरीर से पसीना निरंतर बह रहा है और चारों ओर मृग मरीचिका दिखाई दे रही है। गर्मी की तीव्रता से दृष्टि झुलस-सी गई है, जिसके कारण आँखों के सामने अँधेरा-सा दिखाई देता है और आँखों के समक्ष अँधेरा छा जाने से प्रियतम की अथवा अपनी छाया भी नहीं दिखाई दे रही है। यशोधरा कहती है कि यह जो कठोर पृथ्वी निरंतर जल रही है, इसके जलन का कारण ग्रीष्म ऋतु नहीं है, अपितु मेरे विरह से उत्पन्न ताप और मेरे प्रियतम का तप है।

विशेष:

  1. ग्रीष्म ऋतु में यशोधरा की विरह व्यथा में सूर्य की तपन वृद्धि कर रही है।
  2. यशोधरा की विरह का ताप और सिद्धार्थ की तप साधना का ताप ही ग्रीष्म की तपन है।
  3. बसंत-से, ऊष्मा-सी में उपमा अलंकार है।
  4. यशोधरा को इस बात का दुख है कि उसे अपने प्रियतम की भाँति भस्म रमने का भी अवसर प्राप्त नहीं हुआ।
  5. मृग-तृष्णा की माया में रूपक अलंकार है।
  6. भाषा तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली है।
  7. मानवीकरण का सौन्दर्य विद्यमान है।

काव्यांश पर आधारित विषय-वस्त संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
यशोधरा को अपना जीवन ऊष्मा-सा क्यों लगता है?
उत्तर:
यशोधरा के स्वामी सिद्धार्थ उसे छोड़कर चले गए हैं। उनके यूँ चले जाने से उसका जीवन नीरस एवं शुष्क हो गया है। उसे विरह-व्यथा सहनी पड़ रही थी, इसलिए यशोधरा को अपना जीवन ऊष्मा-सा लग रहा है।

प्रश्न (ii)
यहाँ ‘मोहन’ किसे कहा गया है? उनके तप का संसार पर क्या असर हुआ है?
उत्तर:
यहाँ ‘मोहन’ सिद्धार्थ को कहा गया है। उनके तप के प्रभाव से सारा संसार जल उठा है और धूल सूखकर हवा के साथ उड़ रही है।

प्रश्न (iii)
यशोधरा पर ग्रीष्म ऋतु का क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर:
ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव से यशोधरा का गला सूखता जा रहा है। शरीर पसीने में तर हो रहा है। गर्मी के कारण आँखों के सामने अँधेरा छाया हुआ है। उसे चारों ओर मृग-मारीचिका दिखाई दे रही है।

काव्यांश पर आधारित सौंदर्य संबंधी प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
काव्यांश का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भाव-सौंदर्य-भाव यह है कि सिद्धार्थ वसंत के समान सुंदर, सुखद और मनोहर थे। उनके चले जाने से यशोधरा का जीवन ग्रीष्म ऋतु की भाँति शुष्क हो गया है। उसे विरह-व्यथा सहनी पड़ रही है। गर्मी में उड़ती धूत उसे सिद्धार्थ के तप का प्रभाव लग रही है। वह सिद्धार्थ के समान योगिनी भी नहीं बन सकती है क्योंकि उस पर पुत्र के पालन-पोषण का दायित्व है।

प्रश्न (ii)
काव्यांश का शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
शिल्प-सौंदर्य:
काव्यांश में यशोधरा की विरह व्यथा का मर्मस्पर्शी वर्णन है। यशोधरा को दुख है कि वह भस्म रमाकर योगिनी न बन की। ‘बसंत-से’, ‘ऊष्मा-सी में ऊष्मा अलंकार, ‘मृगतृष्णा की माया’ में रूपक अलंकार तथा मानवीकरण का सौंदर्य है। भाषा तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली है। काव्यांश में वियोग शृंगार रस व्याप्त है।

प्रश्न 2.
जागी किसकी वाष्प राशि, जो सूने में सोती थी,
किसकी स्मृति के बीज उगे ये, सृष्टि जिन्हें बोती थी।
अरी! वृष्टि ऐसी ही उनकी, दया-दृष्टि रोती थी,
विश्व-वेदना की ऐसी ही चमक उन्हें होती थी।
किसके भरे हृदय की धारा,
शतधा होकर आज वही॥2॥ (Page 70)

शब्दार्थ:

  • वाष्प – भाप।
  • स्मृति – याद।
  • सृष्टि – विश्व।
  • वृष्टि – वर्षा।
  • दया – दृष्टि-दया, करुणारूपी दृष्टि।
  • विश्व-वेदना – संसार का दुख।
  • शतधा – सैकड़ों।

प्रसंग:
प्रस्तुत काव्यांश मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता ‘यशोधरा की व्यथा’ से लिया गया है। यशोधरा अपनी विरह-व्यथा को व्यक्त कर रही है।

व्याख्या:
यशोधरा अपनी सखि को संबोधित करती हुई कहती है कि अपने प्रियतम की अनुपस्थिति में मैं जिस तरह की पीड़ा को सहन कर रही हूँ, उसी प्रकार की पीड़ा सभी सहन कर रहे हैं। यशोधरा कहती है कि वह कौन व्यक्ति है, जिसके नेत्रों से वह अश्रु-वृष्टि जग उठी है, जो सूने में सो रही थी। उसके कथन का भाव यह है कि मेरा जीवन प्रियतम से मिलने के समय इतना सुखमय था कि मैंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि कभी विरह के कारण मेरे नेत्रों में भी आँसू आ सकते हैं; किन्तु यह विधि की विडम्बना ही है कि आज मेरे नेत्रों में निरंतर अश्रु-प्रवाह चलता रहता है।

यशोधरा के मस्तिष्क में अपने मिलन की सुखद घड़ियों की स्मृति जगती है और वह कहती है कि वह कौन व्यक्ति है जिसकी स्मृति के वे बीज आज उग आये हैं जिनका वपन सृष्टि लगातार कर रही थी। उसके कथन का आशय यह है कि आज मेरे मानस-पटल पर प्रियतम से मिलन के सुखद चित्र अंकित हो रहे हैं। ये स्मृति-चित्र बहुत पहले से ही बनते चले आ रहे हैं। यशोधरा के नेत्रों से अश्रुओं की जो वर्षा हो रही है उसे संबोधित करती हुई वह कहती है कि ऐ वृष्टि! जिस प्रकार तू निरंतर आँखों से झर रही है, उसी प्रकार तो मेरे प्रियतम की दया-दृष्टि हुआ करती थी।

जिस प्रकार आज मेरे मन में विरह की टीस उठ रही है, उसी प्रकार की टीस मेरे प्रियतम के मन में भी विश्वमंगल की भावना को लेकर हुआ करती थी। वह प्रश्न करती है कि वंह कौन व्यक्ति है, जिसके भरे-पूरे हृदय की धारा सैकड़ों खण्डों में विभक्त होकर बह रही है। यशोधरा के कथन का तात्पर्य यह है कि एक ओर तो प्रियतम के प्रेम से आप्लावित मेरा हृदय खंड-खंड हो गया है और दूसरी ओर मेरे प्रियतम का करुणापूर्ण हृदय विश्व कल्याण की भावना से द्रवित हो उठा है।

विशेष:

  1. वर्षा ऋतु सिद्धार्थ की करुणा की परिचायक है। वर्षा ऋतु यशोधरा के हृदय में सिद्धार्थ की स्मृति उत्पन्न कर रही है। अपने प्रियतम की याद उसके हृदय में विरह की पीड़ा में वृद्धि कर रही है।
  2. दया-दृष्टि में रूपक और अनुप्रास अलंकार है।
  3. विश्व-वेदना में अनुप्रास है।
  4. मानवीकरण अलंकार का सौन्दर्य विद्यमान है।
  5. भाषा तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली है। ।
  6. छंदबद्धता और तुकांत का सुन्दर मेल है।

काव्यांश पर आधारित विषय-वस्तु संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
वाष्पराशि के जागने का क्या आशय है?
उत्तर:
यशोधरा के साथ जब तक सिद्धार्थ थे तब तक उसकी आँखों में सोए पड़े थे, किंतु अब वही आँसू आँखों से निरंतर बहते रहते हैं। ऐसा लगता है कि वाष्पराशि अर्थात् आँसू जाग गए हैं।

प्रश्न (ii)
सिद्धार्थ के मन में किस बात के प्रति दुख था?
उत्तर:
सिद्धार्थ के मन में जनकल्याण और विश्वमंगल की भावना की प्रबल आकांक्षा थी। इसे पूरा करने के लिए उनका मन दुखी था।

प्रश्न (iii)
विरहाकुल यशोधरा वर्षा को देखकर क्या सोचती है?
उत्तर:
विरहाकुल यशोधरा वर्षा को सिद्धार्थ की करुणा का परिणाम सोचती है। वह सोचती है कि उसके प्रिय का करुणापूर्ण हृदय विश्वकल्याण की भावना से पिघल उठा है।

काव्यांश पर आधारित शिल्प-सौंदर्य संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
काव्यांश का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भाव-सौंदर्य:
काव्यांश में वियोगिनी यशोधरा की विरह व्यथा का मर्म स्पर्शी चित्रण किया गया है। इसके लिए षड्ऋतु वर्णन का सहारा लिया गया है। इस अंश में वर्षा ऋतु अपने विभिन्न उद्दीपनों के माध्यम से यशोधरा की विरह व्यथा और बढ़ा देती हैं। यह ऋतु उसके हृदय में सिद्धार्थ की यादें धधका देती है, जिससे उसकी व्यथा और बढ़ गई है।

प्रश्न (ii)
काव्यांश का शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
शिल्प-सौंदर्य:
विरह वियोगिनी यशोधरा वर्षा को सिद्धार्थ की करुणा का परिचायक मानती है। उसकी विरह बढ़ती जा रही है। ‘दया-दृष्टि’ में रूपक, विश्व-वेदना में अनुप्रास अलंकार है। मानवीकरण अलंकार का सौंदर्य है। भाषा तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली है। काव्यांश में वियोग श्रृंगार रस व्याप्त है।

प्रश्न 3.
उनकी शांति-कांति की ज्योत्स्ना, जगती है पल-पल में,
शरदातप उनके विकास का, सूचक है थल-थल में।
नाच उठी आशा प्रति दल पर, किरणों की झल-झल में,
खुला सलिल का हृदय-कमल खिल हंसो की कल-कल में
पर मेरे मध्याह्न बता क्यों,
तेरी मूर्छा बनी रही॥3॥ (Page 70)

शब्दार्थ:

  • कांति – चमक।
  • ज्योत्स्ना – चंद्रिका।
  • शरदातप – शरद्कालीन धूप।
  • थल – स्थल।
  • दल – पत्र, पत्ता।
  • सलिल – पानी।
  • हृदय-कमल – हृदय रूपी कमल।
  • मध्याह – दोपहर का समय।
  • मूर्छा – बेहोशी।

प्रसंग:
प्रस्तुत काव्यांश मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता ‘यशोधरा की व्यथा’ से लिया गया है। यशोधरा शरद् ऋतु के द्वारा अपनी विरह व्यथा को व्यक्त कर रही है। शरद ऋतु सिद्धार्थ की शांति और शोभा को प्रदर्शित करते हुए यशोधरा की पीड़ा को बढ़ा रही है।

व्याख्या:
पृथ्वी पर शरद् की जो शुभ्र चन्द्रिका छायी हुई है, उसे देखकर यशोधरा कहती है कि वस्तुतः यह चन्द्र की ज्योत्स्ना नहीं है अपितु मेरे प्रियतम की शांति एवं आभा का ही प्रकाश है जो विश्व में चारों ओर विकीर्ण हो रहा है। पृथ्वी तल पर शरद् की जो धूप छायी हुई है उसे यशोधरा अपने प्रियतम के विकास की सूचक मानती है। प्रातःकाल में पत्तों के ऊपर पड़ी हुई ओस पर किरणों की झिलमिलाहट को देखकर यशोधरा कहती है कि यह तो वस्तुतः मेरे प्रियतम की आशा ही है, जो ओस-बिन्दुओं पर पड़ी हुई किरणों के बहाने नृत्य कर रही है।

शरद् ऋतु में सरोवर का जल स्वच्छ हो गया है और उसमें कमल विकसित हो गए हैं। विकसित कमलों को देखकर ऐसा लग रहा है, जैसे मानो सरोवर का हृदय विकसित हो गया है और हंसों का समुदाय उसके आस-पास अपनी मधुर ध्वनि कर रहा है। शरद् में सरोवर का यह और आकर्षक दृश्य यशोधरा के लिए एक नूतन अर्थ का द्योतक है और वह यह कि यह सरोवर, जो सिद्धार्थ के महाभिनिष्क्रमण के समय चेष्टारहित हो गयाथा, उनके आगमन की सूचना पाकर आनन्दविभोर हो उठा है। किन्तु इतना सब कुछ होने पर भी यशोधरा के आनन्द की घड़ी अभी तक नहीं आई है। उसके जीवन की दुपहरी अब भी पहले के ही तरह बनी हुई है। वह लगातार जल रही है। जिस प्रकार दोपहर के समय पेड़-पौधे मुझ जाते हैं उसी प्रकार उसका शरीर मुझाया हुआ है।

विशेष:

  1. शरद ऋतु सिद्धार्थ के शांति और शोभा को प्रदर्शित करती हुई यशोधरा की विरह-व्यथा को बढ़ाती है।
  2. पल-पल, थल-थल, झल-झल, कल-कल में पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार है।
  3. शांति-कांति में पद-मैत्री है।
  4. ‘हृदय-कमल’ में रूपक अलंकार है।
  5. ज्योत्स्ना जगती, मेरे मध्याह्न, किरणों की में अनुप्रास अलंकार है।
  6. मानवीकरण अलंकार है।
  7. भाषा तत्सम शब्दावलीयुक्त खड़ी बोली है।
  8. छंदबद्ध रचना में तुकांतता है।

काव्यांश पर आधारित विषय-वस्तु संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
चाँदनी देखकर यशोधरा क्या सोचती है?
उत्तर:
पृथ्वी पर शरदकालीन चाँदनी बिखरी हुई है, जिसे देखकर यशोधरा सोचती है कि यह चाँद की चाँदनी नहीं, बल्कि उसके प्रिय की शांति एवं आभा की चमक है जो चारों ओर बिखर गई है।

प्रश्न (ii)
शरद ऋतु में सरोवर का सौंदर्य किस प्रकार बढ़ गया है?
उत्तर:
शरद ऋतु में सरोवर का जल स्वच्छ हो गया है। उसमें कमल खिल गए हैं। खिले कमलों से ऐसा लगता है, मानो सरोवर का हृदय विकसित हो गया है। स्वच्छ जल में हंस मधुर ध्वनि करते हुए तैर रहे हैं।

प्रश्न (iii)
यशोधरा शरद के सुहावने समय को ‘मध्याह्न’ क्यों कह रही है?
उत्तर:
शरद का समय विरहिणी यशोधरा के लिए सुखद नहीं है। उसका शरीर अब भी उसी प्रकार मुर्शाया हुआ है, जैसे दोपहरी में पौधे मुरझा जाते हैं, इसीलिए इस सुहावने समय को उसने मध्याह्न कहा है।

काव्यांश पर आधारित शिल्प-सौंदर्य संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
काव्यांश का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
काव्यांश में विरहाकुल यशोधरा की दशा का मार्मिक चित्रण हुआ है। षड्ऋतु वर्णन के माध्यम से यह वर्णन प्रभावी बन गया है। शरद ऋतु में चारों ओर बिखरी चाँदनी और सरोवर में खिले कमल सौंदर्य बढ़ा रहे हैं पर यशोधरा का तन-मन दोपहरी में मुरझाए पौधों जैसा है। वह विरहाग्नि में जल रही है।

प्रश्न (ii)
काव्यांश का शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
शरद ऋतु में फैली शोभा एवं शांति से यशोधरा की विरह व्यथा बढ़ रही है। ‘हृदय कमल’ में रूपक, ‘ज्योत्स्ना जगती’ तथा ‘मेरे मध्याह्न’ में अनुप्रास अलंकार, ‘पल-पल’, ‘थल-थल’ आदि में पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार, काव्यांश में मानवीकरण अलंकार है। तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली का प्रयोग है। अंतिम पंक्तियों में वियोग शृंगार रस घनीभूत है।

प्रश्न 4.
हेमपुंज हेमंत काल के, इस आतप पर बारूँ।
प्रिय स्पर्श की पुलकावलि मैं, कैसे आज बिसारूँ।
किंत शिशिर ये ठंडी साँसें, हाय कहाँ तक धारूँ,
तन गारूँ मन मारूँ पर क्या, मैं जीवन भी हारूँ।
मेरी बाँहें गही स्वामी ने,
मैं ने उनकी छाँह गही॥4॥ (Page 70)

शब्दार्थ:

  • हेमपंज – सोने का ढेर या भण्डार।
  • आतप – धूप।
  • स्पर्श – छूना। पुलकावलिरोमांच।
  • विसारूँ – भूलना।
  • धारूँ – धारण करूँ।
  • गारूँ – निचोड़ना, क्षीण करना।
  • छाँह – छोह छाया।

प्रसंग:
प्रस्तुत काव्यांश मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता ‘यशोधरा की व्यथा’ से लिया गया है। यशोधरा अपनी विरह-व्यथा अपनी सखि से कह रही है।

व्याख्या:
ऋतुएँ परिवर्तनशील हैं। यशोधरा अपने प्रियतम के गुणों की छाया उनके विकास में देखकर उनका स्मरण कर व्यथा का विस्तार देखती है। यशोधरा गौतम को याद करती हुई अपनी सखी से कहती है कि ऐ सखि! मैं हेमन्त ऋतु की धूप पर सोने का ढेर तक निछावर करने को प्रस्तुत हूँ। आज मुझे प्रियस्पर्श के कारण हुए रोमांच का भी जो अनुभव हो रहा है, उसे कैसे भूल सकती हूँ। किन्तु अब तो शिशिर भी आ पहुँचा है।

उसके साथ भयानक शीतलता भी आयी है। ऐ सखि! बता तो सही कि मैं ठंडी साँसों को कहाँ तक सहन कर सकती हूँ। मेरा शरीर निरंतर क्षीण होता जा रहा है। मैं बार-बार अपने मन को मार रही हूँ; किन्तु इसका यह अर्थ. तो नहीं कि मैं जीवन से भी हार मान बैठू। अमर संबंधों की स्थापना के लिए प्रियतम ने मेरा वरण किया था और मैंने उनकी शरण ली थी।

विशेष:

  1. कवि ने हेमंत और शिशिर ऋतु में यशोधरा की विरह व्यथा को प्रकट किया है।
  2. हेमपुंज हेमंत, मन मारूँ में अनुपास अलंकार है।
  3. तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली है।
  4. मानवीकरण अलंकार है।

काव्यांश पर आधारित विषय-वस्तु संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
यशोधरा हेमज न्योछावर करना चाहती है, क्यों?
उत्तर:
यशोधरा हेमंत ऋतु की कोमल धूप पर सोने का ढेर (हेमपुंज) न्योछावर करना चाहती है, क्योंकि यह धूप उसे रोमांचित कर रही है।

प्रश्न (ii)
शिशिर ऋतु का यशोधरा पर क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर:
शिशिर ऋतु में ठंड वहुत बढ़ गई है। वह भयानक हो गई है। यशोधरा का कमजोर शरीर इसे सहने में असमर्थ हो रहा है। उसका शरीर निरंतर क्षीण होता जा रहा है।

प्रश्न (iii)
हेमंत की धूप यशोधरा को किन यादों को ताजा करा रही है?
उत्तर:
हेमंत की धूप यशोधरा को रोमांचित कर रही है। इससे उसे प्रिय के स्पर्श के कारण होने वाले रोमांच की यादें ताजा हो रही हैं।

काव्यांश पर आधारित शिल्प-सौंदर्य संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
काव्यांश का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
काव्यांश में यशोधरा की विरह व्यथा का वर्णन किया गया है। एक ओर हेमंत की धूप उसे रोमांचित कर प्रिय की याद में दग्ध कर रही है तो शिशिर द्वारा उसके शरीर को और कमजोर करने का चित्रण है। विरह उसके शरीर को कथित एवं क्षीण कर रहा है।

प्रश्न (ii)
काव्यांश का शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
काव्यांश में हेमंत और शिशिर द्वारा यशोधरा की विरह बढ़ाने का मर्मस्पर्शी वर्णन है। ‘हेम-पुंज हेमंत’, ‘मन मारूँ’ में अनुप्रास तथा काव्यांश में मानवीकरण अलंकार है। भाषा तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली है। काव्यांश में वियोग शृंगार रस घनीभूत है।

प्रश्न 5.
पेड़ों ने पत्ते तक उनका, त्याग देखकर त्यागे।
मेरा धुंधलापन कुहरा बन, छाया सबके आगे।
उनके तप के अग्नि-कुंड-से घर-घर में है जागे,
मेरे कम्प हाय! फिर भी तुम नहीं कहीं से भागे।
पानी जमा परंतु न मेरे,
खट्टे दिन का दूध-दही॥5॥ (Page 70)

शब्दार्थ:

  • खट्टे दिन – बुरे दिन।

प्रसंग:
प्रस्तुत काव्यांश मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता ‘यशोधरा की व्यथा’ से लिया गया है। इस काव्यांश में यशोधरा अपनी विरह-व्यथा व्यक्त कर रही है।

व्याख्या:
पतझड़ का आगमन हुआ। वनस्थली में सभी ओर पतझड़-ही-पतझड़ देखकर यशोधरा कहती है कि मेरे प्रियतम के अपूर्व त्याग को देखकर वृक्षों ने अपने पत्तों तक का त्याग कर दिया है किन्तु दूसरी ओर मेरी निराशा कुहरे का रूप धारण करके सबके सामने छा गई है। संध्या के समय बृहस्थ अपने घर के आँगन में अँगीठी जलाते हैं और उसके चारों ओर बैठकर अपना शरीर सेंकते हैं।

इसे देखकर यशोधरा कहती है कि मेरे प्रियतम की तपस्या की पंचाग्नि से प्रभावित होकर ही इन गृहस्थों ने अपने-अपने घरों में अंगीठियाँ जलायी हैं। इस प्रकार इन लोगों का तो शीत से उत्पन्न कंपन दूर हो गया; किन्तु मेरा कंपन अभी भी बना हुआ है। अंत में शेष प्रकृति को सफल होते देखकर यशोधरा कहती है कि जल तो जगकर चट्टान बन गया; किन्तु मेरे बुरे दिन अब भी दूर नहीं हुए; अर्थात् मेरी मनोकामनाएँ अभी तक पूर्ण नहीं हुईं।

विशेष:

  1. यशोधरा ने पतझड़ के द्वारा अपनी विरह व्यथा को व्यक्त किया है।
  2. दूध-दही में अनुप्रास अलंकार है।
  3. भाषा तत्सम शब्दावलीयुक्त खड़ी बोली है।
  4. घर-घर में पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार है।
  5. छंदबद्ध रचना में तुकांतता है।

काव्यांश पर आधारित विषय-वस्तु, संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
पेड़ों के गिरते पत्ते देख यशोधरा क्या सोचती है?
उत्तर:
पतझड़ में पेड़ों के गिरते पत्ते देख यशोधरा सोचती है कि उसके प्रिय सिद्धार्थ का त्याग देखकर वन प्रांत के सभी वृक्षों ने अपने पत्तों का त्याग कर दिया

प्रश्न (ii)
यशोधरा की निराशा किस रूप में फैली है?
उत्तर:
विरहाग्नि में जलती यशोधरा की विरह कम होने की जगह बढ़ती ही जा रही है। इससे उसकी निराशा भी बढ़ गई है। यह निराशा चारों ओर कोहरे के रूप में छा गयी है।

प्रश्न (iii)
‘खट्टे दिन’ किसे कहा गया है और क्यों?
उत्तर:
‘खट्टे दिन’ यशोधरा के विरहयुक्त समय को कहा गया है। उसके बुरे दिन अभी समाप्त नहीं हुए हैं। ऐसा इसलिए कहा गया है कि क्योंकि उसकी मनोकामना पूर्ण नहीं हुई है।

काव्यांश पर आधारित शिल्प-सौंदर्य संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
काव्यांश का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
काव्यांश में विभिन्न ऋतुओं के. माध्यम से यशोधरा की विरह-व्यथा का चित्रण किया गया है। पतझड़ में वनस्थली के वृक्षों के गिरते पत्तों को अपने प्रिय का अद्भुत त्याग समझती है। उसकी निराशा ही कोहरा बन चारों ओर छा गई है। अर्थात् उसकी विरह व्यथा कम नहीं हो रही है।

प्रश्न (ii)
काव्यांश का शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
काव्यांश में यशोधरा द्वारा पतझड़ और चारों ओर छाए कोहरे के माध्यम से विरह-व्यथा प्रकट की गई है। ‘दूध-दही’ में अनुप्रास अलंकार तथा घर-घर में पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार है। तत्सम शब्दावली युक्त खड़ी बोली का प्रयोग है। काव्यांश में वियोग श्रृंगार रस व्याप्त है।

प्रश्न 6.
आशा से आकाश थमा है, स्वाँस-तन्तु कब टूटे।
दिन मुख दमके, पल्लव चमके, भव ने नव रस लूटे।
स्वामी के सद्भाव फैलकर, फूल-फूल में फूटे,
उन्हें खोजने को मानो, नूतन निर्झर छूटे।
उनके श्रम के फल सब भोगें,
यशोधरा-की विनय यही॥6॥ (Page 71)

शब्दार्थ:

  • स्वाँस तंतु – साँसों के सूत्र।
  • दिन मुख – सूर्य।
  • पल्लव – पत्ते।
  • भव – संसार।
  • नव रस – नए रस।
  • नूतन निर्झर – नए झरने।
  • श्रम – परिश्रम।
  • स्वामी – पति (गौतम बुद्ध)।

प्रसंग:
प्रस्तुत काव्यांश मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता ‘यशोधरा की व्यथा’ से लिया गया है। ऋतु परिवर्तन के बाद भी यशोधरा की व्यथा का अन्त नहीं हुआ, फिर भी वह आशा का दामन थामे हुए है। उसे विश्वास है कि उसके पति एक दिन अवश्य आयेंगे।

व्याख्या:
यशोधरा कहती है कि यह आधारहीन आकाश आशा की भित्ति पर ही टिका हुआ है। यदि जीवन में आशा न हो तो जीवन का सूत्र कभी भी टूट सकता है। रात्रि के पश्चात् नियति के क्रमानुसार दिन का आगमन होता है। अंधकार के पश्चात् सारा संसार प्रकाश से जगमगा उठता है इसलिए यशोधरा भी अपने प्रिय-मिलन की आशा को लिए जी रही है। इस समय अपने प्रियतम के वियोग में उसका जीवन रात्रि के समान अंधकारमय हो रहा है; किन्तु उसे यह दृढ़ विश्वास है कि कल उसके जीवन का भी सवेरा होगा। उसके जीवन में प्रकाश आयेगा और नये-नये पत्ते भी पल्लवित होंगे।

आकाश को अपने विश्वास के ही कारण फल मिला है। वहाँ सूर्योदय हुआ, जिसके परिणामस्वरूप सारे संसार में नये आनन्द की लहर फैल गई और वनस्पतियों में अंकुर फूट पड़े। वातावरण में चारों ओर उल्लास-ही-उल्लास दृष्टिगोचर हुआ। प्रफुल्लित तथा सौन्दर्य से भरपूर पुष्पों में यशोधरा अपने स्वामी की कल्याणमयी भावनाओं का प्रतिबिंब देखती है। जिस प्रकार पुष्पों की सुगंध से समस्त उपवन महक उठा है, ठीक उसी प्रकार कल उसके पति का यश सारे संसार में फैलेगा। जब यशोधरा की दृष्टि बड़ी तेजी से बहती हुई निर्झरिणियों पर पड़ती है, तो उसे लगता है, मानो ये उसके पति के पाद-प्रक्षालनार्थ वेग से दौड़ी जा रही है।

कहने का भाव यह है कि उसे यह विश्वास है कि सिद्धि-प्राप्ति के उपरान्त मानव तो क्या, प्रकृति भी उसके प्रियतम के चरणों पर झुकेगी। सारा संसार उसके प्रियतम की पूजा करेगा और यशोधरा को उसके त्याग के प्रतिफल में अपने स्वामी का कल्याण प्राप्त होगा। यशोधरा यही विनय करती है कि उसके प्रियतम अपनी तपस्या के परिश्रम के परिणामस्वरूप जो फल लावें, उसका भोगी समस्त संसार बने।

विशेष:

  1. विरहिणी यशोधरा को भी प्रिय-मिलन की आशा है।
  2. उनके श्रम-फल सब भोगे में विश्व कल्याण की भावना झलकती है।
  3. फूल-फूल में पुनरुक्तिप्रकाश अलंकार है।
  4. नूतन-निर्झर में अनुप्रास अलंकार है।
  5. उन्हें खोजने को मानो, नूतन निर्झर छूटे में उत्प्रेक्षा अलंकार है।
  6. भाषा तत्सम शब्दावलीयुका खड़ी बोली है।
  7. छंदबद्ध रचना में तुकांतता है।

काव्यांश पर आधारित विषय-वस्तु संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
आकाश और जीवन में क्या समानता है?
उत्तर:
आकाश और जीवन में यह समानता है कि जिस प्रकार आकाश आधाररहित होकर आशा की दीवार पर टिका है, उसी प्रकार जीवन की आशा पर टिका है। आशा के अभाव में जीवन कभी भी टूट सकता है।

प्रश्न (ii)
यशोधरा के जीवन का अवलंब क्या है?
उत्तर:
यशोधरा के जीवन का अवलंब प्रिय से मिलन की आशा है। उसे दृढ़ विश्वास है कि प्रिय के बिना उसका जो जीवन अंधकारमय हो गया है, उसका सवेरा अवश्य होगा, जिससे उसका जीवन भी आलोकित हो जाएगा।

प्रश्न (iii)
यशोधरा क्या विनय करती है?
उत्तर:
यशोधरा यह विनय करती है कि उसके प्रिय पति अपने पति के परिश्रम के उपरांत जो भी फल लाएँ, उसका उपयोग समस्त संसार करे।

काव्यांश पर आधारित शिल्प-सौंदर्य संबंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न (i)
काव्यांश का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भाव-सौंदर्य:
काव्यांश में विरहाकुल यशोधरा का जीवन के प्रति आशीभरे दृष्टिकोण का वर्णन है। ऋतु परिवर्तन के बाद भी वह कथित है, पर आशा की डोर थामे है। काव्यांश में उसके त्यागमयी दृष्टिकोण की झलक मिलती है जिसमें वह पति की तपस्या से प्राप्त फल से संसार के लाभान्वित होने की कामना करती है।

प्रश्न (ii)
काव्यांश का शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
शिल्प-सौंदर्य:
यहाँ यशोधरा के आशावादी दृष्टिकोण एवं त्यागमयी भावना का वर्णन किया गया है, जिसमें विश्वकल्याण की झलक मिलती है। काव्यांश में अनुप्रास, पुनरुक्तिप्रकाश तथा उत्प्रेक्षा अलंकार है। भाषा तत्सम शब्दावलीयुक्त खड़ी बोली है। काव्यांश में वियोग श्रृंगार रस की अनुभूति होती है।

MP Board Class 12th Hindi Solutions

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Chapter 10 महर्षिः पाणिनिः

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions Surbhi Chapter 10 महर्षिः पाणिनिः

MP Board Class 7th Sanskrit Chapter 10 अभ्यासः

Mp Board Class 7 Sanskrit Chapter 10 प्रश्न 1.
एक शब्द में उत्तर लिखो-
(क) हरिकृष्णस्य भ्राता किं पठति? [हरिकृष्ण के भाई क्या पढ़ते हैं?]
उत्तर:
माहेश्वर सूत्राणि

(ख) अष्टाध्यायिग्रन्थे कति अध्यायाः सन्ति? [अष्टाध्यायी ग्रन्थ में कितने अध्याय हैं?]
उत्तर:
अष्टाध्यायाः

(ग) पाणिनेः पितुः नाम किम्? [पाणिनी के पिता का नाम क्या था?]
उत्तर:
पाणी

(घ) माहेश्वरसूत्रेषु किं विज्ञानम् अस्ति? [माहेश्वर सूत्रों में कौन-सा विज्ञान है?]
उत्तर:
स्वरविज्ञानम्

(ङ) शलातुर ग्रामः कुत्र अस्ति? [शलातुर गाँव कहाँ है?]
उत्तर:
पाकिस्तान देशे।

कक्षा 7 संस्कृत पाठ 10 MP Board प्रश्न 2.
एक वाक्य में उत्तर लिखो
(क) पाणिनिः कः? [पाणिनि कौन थे?]
उत्तर:
पाणिनिः संस्कृत व्याकरणस्य नियमानां रचयिता। [पाणिनि संस्कृत व्याकरण के नियमों के रचयिता थे।]

(ख) त्रयः मुनयः के? [तीन मुनि कौन थे?]
उत्तर:
त्रयः मुनयः सन्ति-प्रथमः सूत्रकारः पाणिनिः, द्वितीयः वाक्यकार: वररुचिः, तृतीयः च भाष्यकार: पतञ्जलि। [तीन मुनि हैं- पहले सूत्रकार पाणिनि, दूसरे वाक्यकार वररुचि और तीसरे भाष्यकार पतञ्जलि।]

(ग) पाणिनेः जन्मस्थानं किम्? [पाणिनि का जन्म स्थान क्या है?]
उत्तर:
पाणिनेः जन्मस्थानं पाकिस्तान देशस्य शलातुर नामकं ग्रामम् अस्ति। [पाणिनि का जन्म स्थान पाकिस्तान देश का शलातुर नामक गाँव है।]

(घ) पाणिनेः कालः कः? [पाणिनि का क्या समय है?]
उत्तर:
पाणिनेः कालः प्रायः ईसा पूर्व ५२० तः ४६० पर्यन्तम् आसीत्। [पाणिनि का समय प्राय:५२० से ४६० ईसा पूर्व था।]

संस्कृत कक्षा 7 पाठ 10 MP Board प्रश्न 3.
उचित मेल करो-
Mp Board Class 7 Sanskrit Chapter 10
उत्तर:
(क) → (2)
(ख) → (3)
(ग) → (4)
(घ) → (5)
(ङ) → (1)

Class 7 Sanskrit Chapter 10 Hindi Translation MP Board प्रश्न 4.
कोष्ठक के शब्दों का प्रयोग करके रिक्त स्थानों को भरो (चत्वारः, ढक्कात्, पाणिनिः, तक्षशिला, व्याकरणम्)
(क) व्याकरण नियमानां रचयिता …………. ।
(ख) …………. विश्वविख्यातम् अध्ययनकेन्द्रमासीत्।
(ग) प्रत्येकस्मिन् अध्याये ………….. पादाः सन्ति।
(घ) कृत्स्नं …………. प्रोक्तं तस्मै पाणिनये नमः।
(ङ) ताण्डवसमये महेश्वरः ………… एतानि सूत्राणि निःसृतानि।
उत्तर:
(क) पाणिनिः
(ख) तक्षशिला
(ग) चत्वारः
(घ) व्याकरणम्
(ङ) ढक्कात्।

Sanskrit Class 7 Chapter 10 MP Board प्रश्न 5.
उचित को लिखो
(क) विशिष्टं ज्ञानम्
(ख) पाणेः पुत्रः
(ग) महेश्वरादागतानि सूत्राणि
(घ) अष्टाध्यायाः अत्र सन्तीति।
(ङ) पाणिनिः, वररुचिः, पतञ्जलिः।
उत्तर:
(क) विज्ञानम्
(ख) पाणिनिः
(ग) माहेश्वरसूत्राणि
(घ) अष्टाध्यायी
(ङ) त्रयः मुनयः।

महर्षिः पाणिनिः हिन्दी अनुवाद

Sanskrit Class 7 Chapter 10 Solutions MP Board रमणः :
अइउण् ………… हल्

Class 7th Subject Sanskrit Chapter 10 MP Board हरिकृष्णः :
भ्रातः! किं पठसि? वेदघोष इव श्रूयते।

Class 7th Sanskrit 10 Chapter MP Board रमणः :
माहेश्वरसूत्राणि पठामि।

Class 7th Sanskrit Chapter 10 MP Board हरिकृष्णः :
एतानि सूत्राणि महेश्वरेण रचितानि किम्?

Class 7 Sanskrit Chapter 10 MP Board रमणः :
शिवताण्डवसमये महेश्वरस्य ढक्कातः निस्सृतानि सूत्राणि एतानि। एवं महेश्वरात् आगतानि सन्ति, अतः माहेश्वरसूत्राणि इति कथ्यन्ते। पाणिनिना रचितानि सन्ति।

हरिकृष्ण: :
क: अयं पाणिनिः। रमणः-पाणिनिः संस्कृतव्याकरणस्य नियमानां रचयिता। हरिकृष्णः-व्याकरणस्य नियमाः के?

रमण: :
प्रायः ४००० व्याकरणनियमाः सन्ति। तान्येव पाणिनीयसूत्राणि इति कथ्यन्ते। एतेषां सूत्राणां सङ्ग्रहग्रन्थः एव ‘अष्टाध्यायी’ इति।

अनुवाद :
रमण: :
अइउण् ………… हल्।

हरिकृष्ण :
भाई! क्या पढ़ रहे हो? वेद की स्वरध्वनिसी सुनाई देती है।

रमण :
माहेश्वर सूत्रों को पढ़ रहा हूँ।

हरिकृष्ण :
इन सूत्रों की क्या महेश्वर ने रचना की थी?

रमण :
शिव के ताण्डव के समय महेश्वर के डमरू से निकले हुए ये सूत्र हैं। इस प्रकार महेश्वर से आये हुए हैं, अतः महेश्वर सूत्र कहे जाते हैं। पाणिनि के द्वारा इनकी रचना की गई है।

हरिकृष्ण ;
ये पाणिनि कौन थे?

रमण :
पाणिनि संस्कृत व्याकरण के नियमों के रचयिता थे।

हरिकृष्ण :
व्याकरण के क्या नियम हैं?

रमण :
प्रायः चार हजार (४०००) व्याकरण के नियम हैं। वे ही पाणिनि के सूत्र कहे जाते हैं। इन सभी सूत्रों का संग्रह ग्रन्थ ही ‘अष्टाध्यायी’ है।

हरिकृष्ण :
किम् अत्र अष्ट अध्यायाः सन्ति?

रमण :
आम्! अत्र अष्ट अध्यायाः सन्ति! प्रत्येकस्मिन् अध्याये चत्वारः पादाः भवन्ति। आहत्य प्रायः ४००० सूत्राणि।

हरिकृष्ण :
अग्रज! पाणिनेः जन्मविषये ज्ञातुम् इच्छामि।

रमण :
पाणिनेः जन्म वर्तमान पाकिस्तानस्य शलातुर ग्रामे अभवत्। सः ग्रामः तक्षशिला नगरस्य समीपे अस्ति। तक्षशिला विश्वविख्यातम्-अध्ययनकेन्द्रमासीत्।

हरिकृष्णः :
पाणिनेः कालः कदा आसीत्?

रमण :
विद्वांसः वदन्ति पाणिनेः कालः प्रायः ईसा पूर्व ५२० तः ४६० पर्यन्तम् आसीदिति।

अनुवाद :
हरिकृष्ण :
क्या इसमें आठ अध्याय हैं?

रमण :
हाँ! इसमें आठ अध्याय हैं। प्रत्येक अध्याय में चार पाद होते हैं। कुल मिलाकर ४००० (चार हजार) सूत्र हैं।

हरिकृष्ण :
हे बड़े भाई! पाणिनि के जन्म के विषय में जानना चाहता हूँ।

रमण :
पाणिनि का जन्म पाकिस्तान के शलातुर गाँव में हुआ था। वह गाँव तक्षशिला नगर के पास है। तक्षशिला विश्व में प्रसिद्ध अध्ययन केन्द्र था।

हरिकृष्ण :
पाणिनि का समय कब था?

रमण :
विद्वान बतलाते हैं कि पाणिनि का सम प्रायः ईसा पूर्व ५२० से ४६० तक था।

हरिकृष्णः :
पाणिनेः मातापित्रोः नाम किम्?

रमणः :
मातुः नाम दाक्षिः, पितुः नाम पाणी इति। सोऽयं दाक्षीपुत्रः पाणिनिः एव महावैयाकरणः त्रिषु मुनिषु अन्यतमः अस्ति।

हरिकृष्णः :
त्रयः मुनयः के?

रमणः :
प्रथमः सूत्रकारः पाणिनिः द्वितीयः वाक्यकार: वररुचिः तृतीयः तु भाष्यकार: पतञ्जलिः इति एते त्रयः मुनयः व्याकरणस्य प्रवर्तकाः।

हरिकृष्णः :
भ्रातः व्याकरणं नाम किम्?

रमणः :
व्याकरणं नाम एक विशिष्टं शास्त्रम् अस्ति। यत्र बहुविशिष्टं ज्ञानं वर्तते।

अनुवाद :
हरिकृष्ण :
पाणिनि के माता-पिता का नाम क्या था?

रमण :
माता का नाम दाक्षी, पिता का नाम पाणी था। ऐसा यह दाक्षीपुत्र पाणिनि ही व्याकरण का महान ज्ञाता तीन मुनियों में श्रेष्ठ है।

हरिकृष्ण :
तीन मुनि कौन से हैं?

रमण :
पहले (मुनि) सूत्रकार पाणिनि, दूसरे वाक्यकार वररुचि तथा तीसरे भाष्यकार पतञ्जलि थे, ये तीन मुनि व्याकरण के प्रवर्तक थे।

हरिकृष्ण :
भाई! व्याकरण किसे कहते हैं?

रमण :
व्याकरण एक विशेष शास्त्र है, जिसमें एक बहुत ही विशेष प्रकार का ज्ञान मौजूद है।

हरिकृष्णः :
किं किं विशिष्टं ज्ञानम्?

रमणः :
विशिष्टज्ञानम् एव विज्ञानम्। माहेश्वरसूत्रेषु स्वर. विज्ञानम्, पाणिनीयसूत्रेषु गणितविज्ञानञ्च विद्यते।

हरिकृष्णः :
भ्रातः! तर्हि पाणिनीयं व्याकरणं प्राचीनं विश्वप्रसिद्धं भारतीय विज्ञानं खलु।

रमणः :
सत्यं प्रोक्तम्। अतः तं विश्वप्रसिद्ध-व्याकरणसूत्रप्रणेतारं महर्षि पाणिनि भारतीयाः विदेशीयाश्च विज्ञानिनः सर्वदा स्मरन्ति नमन्ति च।

वयमपि शिरसा नमामः मनसा स्मरामः च-
“येनाक्षरसमाम्नायमधिगम्य महेश्वरात्।
कृत्स्नं व्याकरणं प्रोक्तं तस्मै पाणिनये नमः॥”

अनुवाद :
हरिकृष्ण :
क्या-क्या विशेष ज्ञान होता है?

रमण :
विशेष ज्ञान ही विज्ञान होता है। महेश्वर सूत्रों में स्वर विज्ञान, पाणिनी के सूत्रों में गणित और विज्ञान विद्यमान है।

हरिकृष्ण :
हे भाई! तब तो पाणिनी का व्याकरण प्राचीन है और विश्वप्रसिद्ध भारतीय विद्वान भी है।

रमण :
सत्य कहा गया है। इसलिए उस विश्वप्रसिद्ध व्याकरण सूत्र के रचयिता महर्षि पाणिनि को भारतीय और विदेशी वैज्ञानिक सदा स्मरण करते हैं और नमस्कार करते हैं।

हम भी सिर से झुककर नमस्कार करते हैं और मन से स्मरण करते हैं

“जिसने महेश्वर से वेद को समझकर समग्र व्याकरण को बतलाया (कहा) उस पाणिनि को नमस्कार है।

महर्षिः पाणिनिः शब्दार्थाः

नियमानाम् = नियमों के। व्याकरणस्य = व्याकरण के। अष्ट = आठ। चत्वारः = चार। आहत्य = कुल मिलाकर। अग्रज : = बड़ा भाई। विश्वविख्यातम् = विश्वप्रसिद्ध। पर्यन्तम् = तक। वैयाकरणः = व्याकरण के ज्ञाता।

MP Board Class 7th Sanskrit Solutions

MP Board Class 8th General English Solutions Chapter 2 Thrills of Kanha Kisli

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Thrills of Kanha Kisli Textual Exercise

Thrills Of Kanha Kisli MP Board Class 8th Read and Learn
(पढ़ो और याद करो):
Do yourself.

Word Power
(शब्द सामर्थ्य):

(A) Write the following words in the order in which they appear in a dictionary:
(निम्न शब्दों को उस क्रम में लिखो जिसमें ये शब्दकोष में दिये हैं:)
Answer:

  1. Attractive
  2. Bag
  3. Beautiful
  4. Body
  5. Bond
  6. Boost
  7. Borrow
  8. Bottle
  9. Bottom
  10. Boxing
  11. Ferocious
  12. Law
  13. National Park
  14. Nearest
  15. Packet
  16. Passion
  17. Perform
  18. Pick
  19. Place
  20. Power
  21. Protect
  22. Punch
  23. Tense
  24. Thrilling
  25. Wonderful.

(B) Pick out the correct word from the box and complete the pair.
बॉक्स से सही शब्द चुनो और जोड़े को पूरा करो।
salt, white, knives, health, order, down, time, bread, now, off.
Answer:

  1. Law and order
  2. Bread and butter
  3. On and off.
  4. Up and down
  5. Salt and pepper
  6. now and then
  7. Black and white
  8. Health and hygiene
  9. Time and tide
  10. Forks and knives

Comprehension
(बोध प्रश्न):

Answer the following questions:
(नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दोः)

Class 8 English Chapter 2 Thrills Of Kanha Kisli MP Board Question 1.
What is Kanha Kisli ?
(व्हॉट इज कान्हा किसली?)
कान्हा किसली क्या है ?
Answer:
Kanha Kisli is a beautiful National Park.
(कान्हा किसली इज अ ब्यूटीफुल नेशनल पार्क।)
कान्हा किसली एक सुन्दर राष्ट्रीय उद्यान है।

Thrills Of Kanha Kisli Question Answer MP Board Class 8th Question 2.
Where is it situated ?
(वेयर इज इट सिचुएटिड ?)
यह कहाँ स्थित है ?
Answer:
It is situated in Mandla district near Jabalpur in M. P
(इट इज सिचुएटिड इन मंडला डिस्ट्रिक्ट नीयर जबलपुर. इन एम. पी.)
यह म. प्र. में जबलपुर के नजदीक मंडला जिले में है।

Kanha Kisli Is Situated In Answer MP Board Class 8th Question 3.
When did Kanha National Park come into existence?
(व्हेन डिड कान्हा नेशनल पार्क कम इन्ट्र एग्जिस्टेन्स ?)
यह कब बना ?
Answer:
Kanha National Park came into existence in 1955.
(कान्हा नेशनल पार्क केम इन्टू एग्जिस्टेन्स इन 19551)
यह 1955 में बना।

Kanha Kisli Is In MP Board Class 8th Question 4.
What attracts the tourists there ?
(व्हॉट अट्रैक्ट्स द टूरिस्ट्स देअर ?)
पर्यटकों को वहाँ क्या आकर्षित करता है ?
Answer:
Kanha Kisli’s wild life species attracts the tourists.
(कान्हा किसलीज वाइल्ड लाइफ स्पीशीज अट्रैक्ट्स द टूरिस्ट्स )
कान्हा किसली की जंगली प्रजातियाँ पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

Question 5.
What type of huts are there at Kanha ?
(व्हॉट टाइप ऑफ हट्स आर देअर ऐट कान्हा ?)
कान्हा में किस प्रकार की झोपड़ियाँ हैं ?
Answer:
There are huts made of logs at Kanha.
(देअर आर हट्स मेड ऑफ लॉग्ज ऐट कान्हा।)
वहाँ पर लकड़ी के लट्ठों की बनी झोपड़ियाँ हैं।

Question 6.
What else can be seen at Kanha besides animals?
(व्हाट ऐल्स कैन बी सीन ऐट कान्हा बिसाइड्स एनीमल्स।)
वहाँ और क्या देखा जा सकता है ?
Answer:
Natural Scenery, Jungle life and birds can be seen there besides animals.
(नैचुरल सीनरी, जंगल लाइफ एण्ड बर्डस कैन बी सीन देअर बिसाइड्स एनीमल्स।)
प्राकृतिक सौन्दर्य, जंगल की जिन्दगी, और पक्षी देखे जा सकते हैं।

Let’s Learn
(आओ याद करें):

(1), Give the plural form:
(बहुवचन बनाएँ:)
Answer:
pony – ponies; piano – pianos; leaf-leaves; proof – proofs; ox – oxen; tomato – tomatoes; company – companies; army – armies; monkey – monkeys; knife – knives; deer – deer; manservant – men – servants; mouse – mice; dozen – dozens; lady – ladies.

(2) Solve this puzzle with the help of the clues given below:
(दिये गये संकेतों की सहायता से पहेली हल करें:)

Across:
1. The plural of mosquito.
2. The plural of louse.
3. The plural of echo.
4. The plural of tooth.
5. The singular of mice.

Down:
6. The plural of calf.
7. The plural of city.
8. The singular of geese.
9. The plural of storey.
10. The plural of roof.

MP Board Class 8th Special English Chapter 2 Thrills of Kanha Kisli-1

(3) Write words expressing the opposite gender for the words given below :
(नीचे दिए शब्दों के विपरीत लिंग के शब्द लिखें:)
Answer:
actor – actress; horse – mare; king – queen; aunt – uncle; madam – sir, Wife – husband; father – mother; man – woman; fox – vixen; son – daughter; host – hostess; milkman – milk maid, cow – bull; lion – lioness; master – mistress.

(4) Rewrite these sentences changing the gender of the nouns:
(इन वाक्यों के लिंग बदलकर वाक्य बनाएँ:)
Answer:

  1. The poetess received the prize from the king.
  2. The priestess blessed the heir with the crown.
  3. The huntress shot a peachen.
  4. Mr. Chopra is a good actor.
  5. The heroine of the film took the mare with her.

Let’s Talk
(आओ बात करों):

You meet your friend Rahul and he tells you a few things. Now tell your friend Anil what Rahul told you.
(तुम अपने मित्र राहुल से मिलते हो और वह तुम्हें कुछ बातें बताता है। अब अपने मित्र अनिल को बताओ कि राहुल ने क्या कहा)
Answer:

  1. Rahul said that he visited Kanha Kisli during the holidays.
  2. He reached there by bus.
  3. He liked its natural beauty.
  4. He went to Baghira log huts.
  5. He saw many animals and birds.
  6. He would like to visit it again.

Let’s Read
(आओ पढ़ें):

Read the passage carefully and complete the given information:
(पद्यांश को ठीक से पढ़ें और नीचे लिखी सूचनाओं को पूरा करें:)
(a) Tigers are found in
Answer:

  • India
  • Most of the countries of the South – East Asia.

(b) Tigers live in.
Answer:

  • forests
  • grassy plains.

(c) Tigers live there because:
Answer:

  • there are lots of other animals for them to hunt for food.
  • there a tiger is hard to see.

(d) A tiger’s body is –
Answer:

  • brightly colored
  • strong

(e) A tiger’s chief food is –
Answer:

  • deer
  • wild pigs.

Let’s Write
(आओ लिखो):

Write a letter to your friend informing him / her about your visit to Kanha Kisli.
(अपने मित्र को कान्हा किसली की एक सैर के बारे में बताते हुए एक पत्र लिखो।)
Answer:
27, Poorvi Marg,
Vasant Vihar, New Delhi – 110057
Oct., 10, 2006

Dear Amit,
How are you there ? I am fine here. I want to share with you my experiences of my latest visit to Kanha Kisli. It is a national Park in Mandla district near Jabalpur in M. P. Kisli has a dense forest. There are many animals like tigers, blackbucks, deer, stags, palm squirrels, monkeys, apes, hyenas and many others. Birds like fowls, doves, hawks, eagles, pigeons can be seen in abundance. It is a very thrilling place. If I get a chance I would like to visit there again. Rest is fine. Regards to Uncle and Aunty.

Your’s affectionately
Ranjeet

Let’s do it
(आओ इसे करें):

Take an outline map of India. Locate and mark ten National Parks on it.
(भारत का एक नक्शा लें। इसमें दस राष्ट्रीय पार्कों को चिह्नित करें):
Here are given names of 10 National Parks. Students can locate themselves in the map of India with the help of Atlas.
Answer:

  1. Vanvihar National Park
  2. Fossil National Park
  3. Madhav National Park
  4. Satpura National Park
  5. Indravati National Park
  6. Panna National Park
  7. Palamu National Park
  8. Corbett National Park
  9. Vansada National Park
  10. Gir National Park

Thrills of Kanha Kisli Word Meanings

Dialogue ( डायलॉग) – संवाद; Cousins (कजिन्स) – चचेरे भाई; Recently (रीसेन्टली) – हाल में; Excited (ऐक्साइटिड) – उत्तेजित; Experience (ऐक्सपीरियन्स) – अनुभव; Situated (सिचुएटिड) – स्थित; District (डिस्ट्रिक्ट) – जिला; Existence (एगजिस्टेन्स) – अस्तित्व; Protected (प्रोटैक्टिड) – सुरक्षा करना; flora (फ्लोरा) – वनस्पतियाँ, Fauna (फौना) – पशुवर्ग; Preserve (प्रिजर्व) – सुरक्षित रखना; Species (स्पीशीज) – जाति; Abundance (अबन्डेन्स) – बहुतायत; Administered (ऐडमिनिस्टर्ड) – प्रबन्ध करना; Attracts (अट्रैक्ट्स ) – आकर्षित करना; Tourists (टूरिस्ट्स ) – पर्यटक; Source (सोर्स)-स्रोत;

Inspiration (इन्सपिरेशन) – उत्प्रेरणा; Surprise (सरप्राइज) – हैरानी; Invited (इन्वाइटिड) – आमन्त्रित किया; Dense ( डैन्स) – घने; Ferocious (फैरोशिअस) – उग्र; Natural (नैचुरल) – प्राकृतिक; Scenery (सीनरी) – दृश्य; Creature (क्रीचर) – जीव; Glimpse (ग्लिम्प्स) – झलक; Bushes (बुशिज) – झाड़ियाँ; Hedges (हैजिज) – मेड़; Rivulet (रिव्यूलेट) – छोटी नदी, नाला; Glass balls (ग्लास बॉल्स) – कंचे; Instructed (इन्सट्रक्टिड) – आदेश देना; Habitat (हैबीटेट) – जन्तु या पौधे का प्राकृतिक वासस्थान; Mammals (मैमल्स) – स्तनीय जन्तु; Thrilling (थ्रिलिंग) – रोमांचक; Permitted (परमिटिड) – आज्ञा देना।

Thrills of Kanha Kisli Summary, Pronunciation & Translation

1. This dialogue is between two cousins, Dev and Suvigya. Dev has recently visited Kanha Kisli and is very excited. He wants to share his excitement and experiences with his cousin.

दिस डायलॉग इज बिटवीन टू कजिन्स, देव एण्ड सुविज्ञ. देव हैज रीसेन्टली विजिटिड कान्हा किसली एण्ड इज वैरी एक्साइटिड. ही वान्ट्स टु शेयर हिज़ एक्साइटमेंट एण्ड एक्सपीरिएन्सेज विद हिज़ कज़िन.

अनुवाद:
यह संवाद दो चचेरे भाइयों, देव और सुविज्ञ के बीच हुआ है। देव ने हाल ही में कान्हा किसली का भ्रमण किया है और वह अत्यन्त रोमांचित है। वह अपने रोमांच और अनुभवों को अपने चचेरे भाई के साथ बाँटना चाहता है।

2. Dev : Suvigya, have you seen Kanha Kisli ?
Suvigya : What’s that ?
Dev : Oh! Don’t you know anything about it ?

It is a very beautiful National Park.
देव : सुविज्ञ, हैव यू सीन कान्हा किसली ?
सुविज्ञ : व्हाट इज दैट?
देव : ओह ! डॉन्ट यू नो ऐनीथिंग अबाउट इट ?
इट इज अ वैरी ब्यूटीफुल नेशनल पार्क.

अनुवाद:
देव : सुविज्ञ, क्या तुमने कान्हा किसली देखा है ?
सुविज्ञ : वह क्या है ?
देव : ओह ! क्या तुम्हें इसके बारे में कुछ नहीं मालूम है ?
यह एक बहुत सुन्दर राष्ट्रीय उद्यान है।

3. Suvigya : Where is it situated ?
Dev : It is in Mandla district near Jabalpur in M.P. It is 83 kms away from Balaghat.
Suvigya : How can we reach there ?
Dev : We can reach there by bus. We can also get there by rail and even by air. The nearest railway station and airport is Jabalpur.

सुविज्ञ : व्हेअर इज इट सिचुएटिड ?
देव : इट इज इन मण्डला डिस्ट्रिक्ट नीयर जबलपुर इन
एम. पी. इट इज 83 किमी. अवे फ्रॉम यालाघाट:
सविज्ञ : हाउ कैन वी रीच देअर?
देव : वी कैन रीच देअर बाइ बस. वी कैन ऑल्सो गैट देअर
बाइ रेल एण्ड ईवन बाइ एअर. द नियरेस्ट रेलवे स्टेशन एण्ड
एअरपोर्ट इज जबलपुर.

अनुवाद:
सुविज्ञ : यह कहाँ स्थित है ?
देव : यह मध्य प्रदेश के मण्डला जिले में जबलपुर के निकट बालाघाट से 83 किमी. की दूरी पर स्थित है।
सुविज्ञ : हम वहाँ कैसे पहुँच सकते हैं ?
देव : हम वहाँ बस से पहुँच सकते हैं। हम वहाँ रेल द्वारा और हवाई जहाज द्वारा भी पहुँच सकते हैं।  सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा जबलपुर है।

4. Suvigya : Dev, tell me more about Kanha.
Dev : Kanha National Park came into existence in 1955. Since then it has been protected for its flora and fauna. It preserves the wildlife species in abundance. It is known as one of the finest and best administered National Parks in Asia. It attracts wildlife lovers and tourists in thousands during the peak season. It is also a source of inspiration and attraction for the nature lovers.

सुविज्ञ : देव, टैल मी मोर अबाउट कान्हा.
देव : कान्हा नेशनल पार्क केम इन्टु एक्जिस्टेंस इन 1955. सिन्स दैन इट हैज बीन प्रोटेक्टिड फॉर इट्स फ्लोरा एण्ड फौना. इट प्रिजर्क्स द वाइल्डलाइफ स्पीशीज इन अबन्डन्स. इट इज नोन ऐज वन ऑफ द फाइनैस्ट एण्ड बैस्ट ऐडमिनिस्टर्ड नेशनल पार्क्स इन एशिया. इट अट्रैक्ट्स वाइल्ड लाइफ लवर्स एण्ड टूरिस्ट्स इन थाउजेन्ड्स ड्यूरिंग द पीक सीजन. इट इज आल्सो अ सोर्स ऑफ इन्सपिरेशन एण्ड अट्रैक्शन फॉर द नेचर लवर्स.

अनुवाद:
सुविज्ञ : देव मुझे कान्हा के विषय में और ज्यादा बताओ।
देव : कान्हा नेशनल पार्क 1955 में अस्तित्व में आया। तभी से इसके पेड़ – पौधों और जन्तु समूह के कारण इसे संरक्षित किया गया है। वन्य जीव-जन्तुओं की ढेरों प्रजातियाँ यहाँ पाई जाती हैं। यह एशिया के सबसे अधिक सुन्दर व संचालित राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह उपयुक्त मौसम में हजारों जंगल प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह प्रकृति प्रेमियों के लिए प्रेरणा और आकर्षण का एक स्रोत भी है।

5. Suvigya : (with surprise) How did you come to know about it!
Dev : My uncle is a manager in M.P. State Tourism Department. At present, he is posted at Kanha Kisli. He invited us all to see it. So, recently I visited Kanha Kisli with my parents.
Suvigya : What did you see there ?
Dev : I went to Baghira log huts, Kisli, where my uncle lives. Kisli has a dense forest with wild ferocious animals. Tourists go there and enjoy the natural scenery, jungle life, wild animals and birds.

सुविज्ञ : (विद सरप्राइज) हाउ डिड यू कम टु नो अबाउट इट !
देव : माइ अन्कल इज अ मैनेजर इन एम. पी. स्टेट टूरिज्म डिपार्टमेंट.
ऐट प्रिजेन्ट, ही इज पोस्टेड ऐट कान्हा किसली. ही इनवाइटेड अस ऑल टू सी इट. सो, रीसेन्टली आई विजिटेड कान्हा किसली विद माइ पेरेन्ट्स। सुविज्ञ : व्हाट डिड यू सी देअर ?
देव : आइ वैन्ट टु बघीरा लॉग हट्स, किसली, व्हेयर माइ अन्कल लिव्स. किसली हैज अ डैन्स फॉरेस्ट विद वाइल्ड फेरोशियस ऐनिमल्स. टूरिस्ट्स गो देअर एण्ड ऐन्जॉय द नेचुरल सीनरी, जंगल लाइफ, वाइल्ड ऐनिमल्स एण्ड बर्ड्स.

अनुवाद:
सुविज्ञ (आश्चर्य से) (तुम्हें इसके बारे में कैसे पता चला ?
देव : मेरे चाचा मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग में प्रबन्धक हैं। वर्तमान में वे कान्हा किसली में पदस्थ हैं। उन्होंने हम सबको इसे देखने के लिए आमन्त्रित किया। इसलिए हाल ही में मैंने अपने माता-पिता के साथ कान्हा किसली का भ्रमण किया।
सुविज्ञ : तुमने वहाँ क्या देखा ?
देव : मैं बघीरा काष्ठ कुटीर किसली गया जहाँ मेरे चाचाजी रहते हैं। किसली में खतरनाक जानवर और घने जंगल हैं। पर्यटक वहाँ जाते हैं और प्राकृतिक दृश्य, वन्य-जीवन, जंगली जानवर एवं पक्षियों को देखकर आनन्द प्राप्त करते हैं।

6. Suvigya : Which animals did you see there ?
Dev : Oh! The most attractive creature of Kanha National Park is the tiger. Luckily I had a glimpse of the tigers. People go on elephants for locating tigers. It is really thrilling to see the tigers sitting or lying inside the dense bushes and hedges. I saw a tiger drinking water from the nearby rivulet, We happened to see a tigress along with her two cubs. Her eyes were flashing like glass balls.

सुविज्ञ : विच एनिमल्स डिड यू सी देअर ?
देव : ओह ! द मोस्ट अट्रैक्टिव क्रिएचर ऑफ कान्हा । नेशनल पार्क इज द टाइगर. लकीली आइ हैड अ ग्लिम्प्स ऑफ द टाइगर्स. पीपुल गो ऑन ऐलिफेंट्स फॉर लोकेटिंग टाइगर्स. इट इज रीयली थ्रिलिंग टु सी द टाइगर्स सिटिंग ऑर लाइंग इनसाइड द डैन्स बुशिज एण्ड हेजिज. आइ सॉ अ टाइगर ड्रिंकिंग वाटर फ्रॉम द नीअर बाइ रिव्युलेट. वी हैपन्ड टु सी अ टाइग्रैस अलांग विद हर टू कब्ज. हर आइज वर फ्लैसिंग लाइक ग्लासबॉल्स.

अनुवाद:
सुविज्ञ : तुमने वहाँ कौन-से जानवर देखे ?
देव : ओह ! कान्हा नेशनल पार्क का सबसे अधिक आकर्षक। प्राणी बाघ है। सौभाग्यवश मुझे बाघ दिखाई दे गये। लोग बाघों को देखने के लिए हाथियों पर चढ़कर जाते हैं। बाघों को घनी झाड़ियों और बाड़ों में बैठे हुए या लेटे हुए देखना वास्तव में रोमांच है। मैंने पास की छोटी नदी से एक बाघ को पानी पीते हुए देखा। हमें एक बाधिन अपने दो बच्चों के साथ दिखाई दी। उसकी आँखें कंचे जैसी चमक रही थीं।

7. Suvigya : Don’t the tigers attack the tourists ?
Dev : Not generally. People enter the forest quietly. People and even children are instructed to keep quiet inside the jungle. We have to maintain some distance too.

सुविज्ञ : डोन्ट द टाइगर्स अटैक द टूरिस्ट्स ?
देव : नॉट, जनरली. पीपुल ऐन्टर द फॉरेस्ट क्वाइटली पीपुल. एण्ड ईवन चिल्ड्रेन आर इन्स्ट्रक्टिड टु कीप क्वाइट इनसाइड द. जंगल. वी हैव टु मेन्टेन सम डिस्टेन्स टू.

अनुवाद:
सुविज्ञ : क्या बाघ पर्यटकों पर आक्रमण नहीं करते हैं?
देव : आमतौर पर नहीं। लोग जंगल में शान्तिपूर्वक प्रवेश करते हैं। लोगों और बच्चों को भी जंगल के भीतर चुप रहने के निर्देश दिए जाते हैं। हमें कुछ दूरी भी बनाये रखनी पड़ती है।

8. Suvigya : Aren’t there some other animals ?
Dev : Yes, there are. We saw black bucks, cheetals, sambhars, deer, spotted deer, gaurs (Indian bison), horned antelopes and stags. It is the habitat of twenty species of mammals. There are palm squirrels, apes (langurs), monkeys, jackals, wild pigs, wild dogs, chausinghas (four horned antelopes); hyenas and jungle cats in plenty.

सुविज्ञ : आर नॉट देअर सम अदर एनिमल्स?
देव : येस, देअर आर. वी सॉ ब्लैकबक्स, चीतल्स, सांभर्स, डीयर, स्पॉटिड डीयर, गौर्स (इण्डियन्स बाइसन), हॉन्ड एन्टिलोप्स एण्ड स्टैग्स. इट इज द हैबीटैट ऑफ ट्वन्टी स्पीशीज ऑफ मैमल्स. देअर आर पाम स्क्विरल्स, एप्स (लंगूर्स), मंकीज, ‘जैकल्स, वाइल्ड पिग्स, वाइल्ड डॉग्स, चौसिंघाज (फोर हार्नड एन्टिलोप्स); हायनाज एण्ड जंगल कैट्स इन प्लेंटी.

अनुवाद:
सुविज्ञ : क्या वहाँ कुछ अन्य जानवर नहीं हैं ?
देव : हाँ, वहाँ अन्य जानवर भी हैं। हमने काले हिरण, चीतल, सांभर, हिरन, चित्तीदार हिरन, गौर (भारतीय जंगली साँड), सींगदार हिरन और बारहसिंगे देखे। यह बीस स्तनधारियों की शरणस्थली है। यहाँ ताड़ पर रहने वाली छोटी गिलहरियाँ, बंदर (लंगूर), बंदर, गीदड़, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, चौसिंगा (चार सींग वाले हिरन), लकड़बग्घे और जंगली बिल्लियाँ बहुतायत में हैं।

9. Suvigya : Oh! It must be wonderful place to see.
Dev : It is really worth seeing. Even the bird lovers enjoy the site. There are 200 species of birds in Kanha. Water bird sare visible near pools. Early morning and late afternoons are the best times for watching birds. Even common fowls, doves, hawks, eagles, pigeons, flycatchers, woodpeckers are abundantly found.

सुविज्ञ : ओह! इट मस्ट बी अ वण्डरफुल प्लेस टु सी.
देव : इट इज रीयली वर्थ सीइंग. ईवन द बर्ड लवर्स ऐन्जॉय द साइट. देअर आर 200 स्पीशीज ऑफ बर्ड्स इन कान्हा. वाटर बर्ड्स आर विजिबल नीयर पूल्स. अर्ली मॉर्निंग एण्ड लेट ऑफ्टरनून्स आर द बैस्ट टाइम्स फॉर वाचिंग बर्ड्स. ईवन कॉमन फाउल्स, डव्स, हॉक्स, ईगल्स, पिजन्स, फ्लाईकैचर्स, वुडपैकर्स, आर एबन्डेन्टली फाउण्ड.

अनुवाद:
सुविज्ञ : ओह ! इसका अर्थ है कि वह एक सुन्दर देखने योग्य जगह है।
देव : यह वास्तव में दर्शनीय है। पक्षी-प्रेमी भी इस स्थल का आनन्द लेते हैं। कान्हा में पक्षियों की 200 प्रजातियाँ हैं। पानी में रहने वाले पक्षी तालाबों के निकट दिखाई देते हैं। जल्दी सुबह और दोपहर देर का समय पक्षियों को देखने के लिये सबसे उत्तम समय है। साधारण पक्षी, फाख्ता, बाज, गिद्ध, कबूतर, मक्खी : पकड़ने वाले पक्षी, कठफोड़वा भी बहुतायत में पाये जाते हैं।

10. Suvigya : Thank you Dev. You have told me of a pleasant and thrilling place. I shall make a plan to visit Kanha with my parents next summer vacation.
Dev : But try to reach Kisli before the sunset, since vehicles are not permitted in the park after the sunset.
(The children were then called for dinner and the discussion ended on a happy note.)

सुविज्ञ : बैंक यू देव. यू हैव टोल्ड मी ऑफ अप्लेजेंट एण्ड थ्रिलिंग प्लेस. आइ शैल मेक अ प्लान टु विजिट कान्हा विद माइ पेरेन्ट्स नैक्स्ट समर वेकेशन.
देव : बट ट्राइ टु रीच किसली बिफोर द सनसैट सिन्स व्हीकल्स आर नॉट परमिटिड इन द पार्क ऑफ्टर द सनसैट.
(द चिल्ड्रेन वर दैन काल्ड फॉर डिनर एण्ड द डिस्कशन ऐन्डिड ऑन अ हैपी नोट.)

अनुवाद:
सुविज्ञ : धन्यवाद देव। तुमने मुझे एक सुन्दर और रोमांचक स्थान के बारे में बताया है। अगले ग्रीष्मकालीन अवकाशों में मैं अपने माता-पिता के साथ कान्हा भ्रमण करने की योजना बनाऊँगा।
देव : लेकिन सूर्यास्त से पहले किसली पहुँचने का प्रयत्न करना, क्योंकि सूर्यास्त के बाद पार्क में वाहनों का प्रवेश प्रतिबन्धित है। (बच्चों को रात्रि – भोजन के लिए बुला लिया गया था और वार्तालाप समाप्त हो गया।)

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MP Board Class 7th Special English Solutions Chapter 5 The Wasp and the Bee

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MP Board Class 7th Special English Solutions Chapter 5 The Wasp and the Bee

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The Wasp and the Bee Text Book Exercise

Listen and Repeat

buzzing, elegant, behold indeed, mischief, delicate, sting, trifling, pretence, homely

Comprehension

A. Answer the following questions:

Mp Board Class 7th English Chapter 5 Question 1.
Who is talking to the bee?
Answer:
The wasp is talking to the bee.

The Wasp And The Bee Poem Summary MP Board Question 2.
What does the wasp ask the bee?
Answer:
The wasp asks the bee why the people love her better than him.

The Wasp And The Bee Poem Questions And Answers MP Board Question 3.
How does the wasp explain himself?
Answer:
The wasp explains that he has a bright and golden yellow back. His shape is also graceful and charming.

Class 7 English Chapter 5 The Wasp And The Bee MP Board Question 4.
What does the bee tell the wasp?
Answer:
The bee tells the wasp that the people love her because she does not do any mischief with them.

The Wasp And The Bee MP Board Question 5.
Why don’t people like the wasp despite it being elegant?
Answer:
The wasp is elegant and has a charming shape and beautiful body. However the people do not like him because he stings the people out of fun and mischief.

The Wasp And The Bee Poem MP Board  Question 6.
How does the bee explain herself?
Answer:
The bee tells the wasp that her dress is homely and plain. She has also got a small sting yet she is good-natured. She remains busy and does not sting the people. Therefore, the people do not get angry with her even though she is black in colour.

Class 7 English Chapter 5 Mp Board Question 7.
Whom do the people like, the bee or the wasp?
Answer:
The people like bee better than the wasp.

B. Read the following sentences and tick true or false.

  1. A bee met a wasp that was just buzzing by. T / F
  2. The wasp’s is as yellow as gold. T / F
  3. Everybody likes the bee. T / F
  4. The wasp’s dress is bright and costly. T / F
  5. The bee is busy and good natured. T / F

Answer:

  1. False
  2. True
  3. True
  4. True
  5. True

Word Power

A. Fill in the blank spaces using these words to complete the given paragraph:

(buzzing, yellow, elegant, delicate, sting, likes, shape)
A wasp met a bee that was………… He said to the bee that his back is as …………. as gold. And his shape is most………. Yet nobody……………… him. The bee says, “You have a fine……….. and a wing, but there’s one thing which people cannot put up with, and that is your………..
Answer:
buzzing, yellow, elegant, likes, shape, delicate, sting

B. Match the sounds from column B with that of the animals, in column A
7th Class English 5th Lesson Question Answers MP Board
Answer:
1. d
2. b
3. e
4. a
5. c

Let’s Talk

Talk to your partner and decide who does what: One of you will ask the questions in column A and the other one will find the correct answers from column B.
Rainbow Class 7 Lesson 5 MP Board
Answer:
Class 7 English Chapter 5 MP Board

Let’s Write

A. Learn and write the poem in your notebook.
Answer:
Do you self

B. Complete the following stanzas from the poem:

Question 1.
Now I put it at once to your own common sense.
Answer:
If you are not so ready at taking offence. As 9 sting them on every trifling pretence?

Question 2.
Though my dress is so homely and plain as you see,
Answer:
And I have a small sting, they’re not angry with me. Because I’am busy and good natured bee.

Let’s Do It

Find a poem from your library books on a bee or a butterfly and read it to the class.
Answer:
Class-room Activity.

The Wasp and the Bee Word Meanings

Page 28 : Buzzing – humming – भिनभिनाना, Shape – cuts, features, form – शक्ल,Elegant – graceful – शानदार, Behold – see, look at – देखना, Indeed – really – वास्तव में, Mischief – childish deeds – शरारत, Delicate – tender – मुलायम, Own – accept – मानना, Handsome – good looking – सुद्नर, Taking offence – Getting angry – नाराज होना, petty, slight – तुच्छ, Pretence – excuse – बहाना, Busy – involved in work – व्यस्ता

The Wasp and the Bee Stanzas for Comprehension

Read the extracts given below and answer the questions that follow each:

1. A wasp met a bee that was just buzzing by,
And he said, ‘My dear cousin, can you tell me why
You are loved so much better by people than I?’
‘Why, my back is as bright and as yellow as gold,
And my shape is most elegant, too, to behold; Yet nobody likes me for that, I am told.’

Question 1.
Whom did the wasp meet?
Answer:
The wasp met the bee.

Question 2.
How did the wasp address the bee?
Answer:
The wasp addressed the bee as ‘dear cousin’.

Question 3.
What did the wasp ask the bee?
Answer:
The wasp asked the bee why she was loved better by the people than he.

Question 4.
Whose back was as bright and as yellow as gold?
Answer:
The wasp’s back was as bright and as yellow as gold.

2. Says the bee: ‘My dear cousin, it’s all very true,
But indeed they would love me no better than you,
If I were but half as much mischief to do.
‘You have a fine shape, and a delicate wing,
And they own you are handsome; but then there’s one thing.
Which they cannot put up with, and that is your sting.

Question 1.
Who does the mischief?
Answer:
The wasp does the mischief.

Question 2.
Who is ‘you’ here?
Answer:
‘You’ here, is the wasp.

Question 3.
Whom do the people own as handsome?
Answer:
The people own the wasp as handsome.

Question 4.
What can the people not put up with?
Answer:
The people cannot put up with the wasp’s sting.

3. ‘Now I put its at once to your own common sense,
If you are not so ready at taking offence
As to sting them on every trifling pretence?
‘Though my dress is so homely and plain, as you see,
And I have a small sting, they’re not angry with me,
Because I’m a busy and good-natured bee.’

Question 1.
Who takes offence so readily?
Answer:
The wasp takes offence so readily.

Question 2.
How is the bee’s dress?
Answer:
The bee’s dress is homely and plain.

Question 3.
Whose sting is small?
Answer:
They bee’s sting is small.

Question 4.
Why are the people not am the bee?
Answer:
The people are not angry with the bee because she is good- natured and ever remains busy.

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MP Board Class 8th Special English Solutions Chapter 19 Bismillah Khan: The Shehnai Maestro

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MP Board Class 8th Special English Solutions Chapter 19 Bismillah Khan: The Shehnai Maestro

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Bismillah Khan: The Shehnai Maestro Textual Exercise

Word Power

(A) We sometimes affix ‘dis’ or ‘non’ to indicate negation. (Consult the dictionary to know the meanings.)
Example :
appear – disappear
availability – non-availability

Now and either ‘dis’ or ‘non’ whichever is correct to the following words:
Answer :
approve – disapprove
technical – non-technical
believe – disbelieve
engage – disengage
order – disorder
violence – non-violence

(B) Study these sentences and fill in the blanks below with appropriate words derived from the underlined words.
Example:
Gandhi is the Father of the Nation. Our nationality is Indian.
(a) We are proud of Lidia’s ancient culture. Children have gone to participate in a____programme.
(b) Kathakali is a performing art. The expressions in a ___of Kathakali are praiseworthy.
(c) Yesterday I had to go to the Principal’s residence. Kishore Nagar is a large___colony.
(d) Herbal medicines are of great benefit. Fried food is not____for health.
(e) 15th August is an auspicious occasion for all Indians. We___get rains on this day.
Answer:
(a) cultural
(b) performance
(c) residential
(d) beneficial
(e) occasionally

Comprehension

Class 8 English Chapter 17 Bismillah Khan MP Board Answer the following questions:

(i) ‘Ustad was the undisputed jewel in the crown of Indian music’. Explain.
Answer:
Ustad Bismillah Khan was a great Shehnai player. He elevated the Shehnai from an instrument heard only in weddings and naubat khanas to one that was appreciated in concert halls across the world. He was a matchless figure in the field of music.

(ii) Describe Bismillah Khan as an example of communal harmony.
Answer:
Bismillah Khan always encouragged commmunal harmony. He was a practicing Muslim, who offered ‘namaaz’ five times a day, yet he had immense faith in Baba Vishwanath, Sankat Mochan Hanuman and Ganga Maiyya. He used to lead the Muharram procession as well as that of the Ganga Puja in Banaras, playing the shehnai while walking. In his opinion, all religions are one.

(iii) When and where was Ustad Bismillad Khan born?
Answer:
Bismillah Khan was born in Bihar on March 21, 1916.

(iv) Who was his first master to train him as a shehnai player?
Answer:
His uncle was his first master to train him as a shehnai player.

(v) How did he personify real secularism?
Answer:
He was a practising Muslim, who offered ‘namaaz’ five times a day. Yet he had immense faith in Baba Viswanath, Sankat Mochan Hunuman and Ganga Maiyya.

(vi) How can you say that Ustad preferred to live a spartan life?
Answer:
Ustad always preferred to live a spartan life. His room, on the top floor of his house, had only a few things like a cot, a chair, an earthen pot for water and is shehnai.

(vii) Write God’s wish for the shehnai maestro?
Answer:
God wished that instead of at India Gate, the notes of the shehnai should reverberate at the doors of Heaven.

Let’s Learn

Bismillah Khan The Shehnai Maestro MP Board Study these sentences:

  • The man who helped me cross the road is my friend.
  • Rattan works in a factory which produces steel tumblers.

The clauses underlined in the above sentences are relative clauses.

A clause is a part of a sentence. A relative clause tells us more about a person or thing the speaker is referring to. A relative clause begin with ‘who’, ‘that’ or ‘which’, whom and where. ‘Who’ and ‘that’ refer to human beings, whereas ‘that’ and ‘which’ refer to things and animals.

(a) Now match the columns A & B.

Rewrite them combining with ‘who’, ‘which’, ‘that’:

Mp Board Class 8 Bismillah Khan The Shehnai Maestro
Example:
A doctor is a person who treats patients.
Answer:
An architect is a person who designs buildings.
A soldier is a person who defends the country from enemies.
A customer is a person who buys things from a shop.
A tenant is a person who pays rent to live in a house.
A scholar is a person who knows a lot about a particular subject.

(b) Two sentence are given below. Join them using who/which or that
Example:
This blue frock is mine. It has a golden border.
This blue frock which has a golden border is mine.

1. Radha is a famous dancer. She has gone to Jaipur to give a performance.
2. The Samrat hotel was destroyed by fire. It has now been rebuilt.
3. There are the story books. You were looking for them.
4. I have heard your talk. It was very interesting.
5. I met a woman. She writes exciting detective stories.
Answer:
1. Radha is a famous dancer who has gone to Jaipur to give a performance.
2. The Samrat hotel was destroyed by fire which has now been rebuilt.
3. These are the story books which were looking for them.
4. I have heard your talk which was very interesting.
5. I met a woman who writes exciting detective stories.

(c) Fill in the blanks with who/where/ that/which.

1. This is the place___I met an accident.
2. Where are the apples__I bought yesterday?
3. The speech___the saint delivered yesterday was very inspiring.
4. Why do you blame me for everything___goes wrong?
5. We should help people are___ in need.
Answer:
1. where,
2. that,
3. which,
4. that,
5. who.

Let’s Talk

  1. Imagine that you are a journalist. You have been asked to interview a musician who plays a musical instrument.
  2. You can follow the questions given below and also frame your own questions based on the clues given:

(i) Where were you born Mr Kalra?
Answer:
I was born in New Delhi.

(ii) Where did you live as a child?
Answer:
I lived in my maternal uncle’s house as a child.

(iii) How did you get fascinated by music?
Answer:
My uncle played Sarod. Hence I got attracted to the music.

(iv) Who inspired you to become a musician?
Answer:
My uncle inspired me to become a musician.

(v) When did you start training in music?
Answer:
I started training in music when I was a small child.

(vi) Tell us something about your work and performances.
Answer:
I have played sarod in many programmes.

(vii) In which field of music has your contribution been recognized?
Answer:
In the field sarod my contribution has been recognized.

(viii) We want to know about the honors received and your important achievements?
Answer:
Birth, early life, education inspiration, training, work and performance, contribution to Indian music, honors and achievements.

Let’s Write

Write a letter to a friend describing your close relationship with your grand-mother who is very old and often remains unwell. She tells you stories, but would often prefer to hear one from you. She eats little, and is unhappy about the number of pills she has to take everyday. She needs help in coming out of or going into the room. She is very interesting person.

  • Remember that you are writing an informal letter, talking about personal matters and sharing your Thoughts with a close friend.
  • In personal letter, the language you use should by informal, simple but grammatically correct.
  • Use words and phrases appropriate to the idea you want to express.

Class 8 English Mp Board Bhopal
11th Oct. 2006

Dear Friend

Hello

How are you? I am fine and enjoying great time with my grand-mother, who is a very interesting person. She tells me stories but would often prefer to hear one from me. She is very old and often remains unwell. She eats little and is unhappy about the number of pills she has to take everyday. I feel greatly attached to my grand-mother. May God give her a healthy life. How is your grand-mother? Please write back soon.

Yours affectionately.
Ratnesh.

Bismillah Khan: The Shehnai Maestro Word Meanings

English Reader Class 8 Pdf MP Board

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MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Chapter 16 ब्रह्मवादिनी मैत्रेयी

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions Durva Chapter 16 ब्रह्मवादिनी मैत्रेयी (गद्यम्) (सङ्कलितम्)

MP Board Class 10th Sanskrit Chapter 16 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

कक्षा 10 संस्कृत पाठ 16 MP Board प्रश्न 1.
एकपदेन उत्तरं लिखत-(एक पद में उत्तर लिखिए)।
(क) भारतीयसमाजे का सदैव पूज्या अस्ति? (भारतीय समाज में कौन हमेशा पूजनीय है?)
उत्तर:
नारी (स्त्री)

(ख) मैत्रेयी कस्य पत्नी आसीत्? (मैत्रेयी किसकी पत्नी थी?)
उत्तर:
याज्ञवल्क्यस्य (याज्ञवल्क्य की)

(ग) जनकः सीताम् अध्यापयितुं कां नियोजितवान्? (जनक ने सीता को पढ़ाने के लिए किसे नियुक्त किया?)
उत्तर:
मैत्रेयीम् (मैत्रेयी को)

(घ) आश्रमव्यवस्था का पश्यति स्म? (आश्रम की व्यवस्था कौन देखती थी?)
उत्तर:
कात्यायनी (कात्यायनी)

(ङ) सर्वस्य जलस्य आधारः कः? (सारे जल का आधार क्या है?)
उत्तर:
समुद्रः (समुद्र)

Mp Board Class 10 Sanskrit Chapter 16 प्रश्न 2.
एकवाक्येन उत्तरं लिखत-(एक पाक्य में उत्तर लिखिए)
(क) देवताः कुत्र रमन्ते? (देवता कहाँ खुश होते हैं?)
उत्तर:
यत्र नार्यः पूज्यन्ते देवताः तत्र रमन्ते। (जहाँ नारियों की पूजा होती है, वहाँ देवता खुश होते हैं।)

(ख) मैत्रेयी सीतां केषां ज्ञानं दत्तवती? (मैत्रेयी ने सीता को किसका ज्ञान दिया?)
उत्तर:
मैत्रेयी सीतां वेदानां संस्काराणाम् इन्द्रियनिग्रहस्य च ज्ञानं दत्तवती। (मैत्रेयी ने सीता को वेदों, संस्कारों और इन्द्रियों के संयम का ज्ञान दिया।)

(ग) धनेन किं न प्राप्यते। (धन से क्या नहीं मिलता?)
उत्तर:
धनेन अमृतत्वं न प्राप्यते। (धन से अमृतत्व प्राप्त नहीं होता।)

(घ) अमृतत्वस्य साधनं किम्? (अमृतत्व का साधन क्या है?)
उत्तर:
अमृतत्वस्य साधनम् आत्मसाक्षात्कारः आस्त। (अमृतत्व का साधन अपने को जानना है।)

(ङ) कः मुक्तिं प्राप्तुं न शक्नोति? (कौन मुक्ति प्राप्त नहीं कर सकता?)
उत्तर:
यः सर्वाणि भूतानि आत्मनः भिन्नानि पश्यति सः मुक्तिं प्राप्तुं न शक्नोति। (जो सब प्राणियों की आत्मा को भिन्न देखता है, वह मुक्ति प्राप्त नहीं कर सकता।)

Class 10 Sanskrit Chapter 16 MP Board प्रश्न 3.
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-(नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए-)
(क) देवताः कुत्र रमन्ते? कुत्र न रमन्ते? (देवता कहाँ खुश होते हैं? कहाँ नहीं?)
उत्तर:
यत्र नार्यः पूज्यन्ते, देवता तत्र रमन्ते। यत्र ताः अपमानिताः भवन्ति, तत्र न रमन्ते। (जहाँ नारियों की पूजा होती है, वहाँ देवता खुश होते हैं, जहाँ उनका अपमान होता है, वहाँ वे खश नहीं होते।)

(ख) उपनिषत्काले भारते नारीणां दशा कीदृशी आसीत्? (उपनिषद् के समय में भारत में नारियों की दशा कैसी थी?)
उत्तर:
उपनिषत्काले स्त्री शिक्षायाः महत्वम् अधिकम् आसीत्। ताः वेदाध्ययनम् अपि कुर्वन्ति स्म। तासाम् उपनयन संस्कारः अपि भवति स्म।
(उपनिषद् काल में स्त्री शिक्षा का महत्व बहुत अधिक था। वे वेदों का अध्ययन भी करती थीं। उनका उपनयन संस्कार भी होता था।)

(ग) याज्ञवल्क्यः मैत्रेयीं कात्यायनी च आहूय किम् उक्तवान्? (याज्ञवल्क्य ने मैत्रेयी और कात्यायनी को बुलाकर क्या कहा?)
उत्तर:
याज्ञवल्क्यः मैत्रेयीं कात्यायनी च आहूय उक्तवान् यत्-“अद्य अहं गृहस्थाश्रमं त्यक्त्वा संन्यासाश्रमं स्वीकरोमि। मम गमनादनन्तरं युवयोर्मध्ये कलहः मा भवतु। अतः सम्पत्ति विभाजनं कृत्वा एव गच्छामि” इति।

(याज्ञवल्क्य ने मैत्रेयी और कात्यायनी को बुलाकर कहा-“आज मैं गृहस्थाश्रम छोड़कर संन्यासाश्रम ले रहा हूँ। मेरे जाने के बाद तुम दोनों के बीच झगड़ा न हो। इसलिए सम्पत्ति का विभाजन करके ही जाऊँगा।”)

Mp Board Class 10th Sanskrit Chapter 16 प्रश्न 4.
प्रदत्तशब्दैः रिक्तस्थानानि पूरयत-(दिए गए शब्दों से रिक्त स्थान भरिए-)
(अद्वितीयं, आत्मा, मैत्रेयी, अमृतत्वस्य, वेदाध्ययन)
(क) सर्वेषु शरीरेषु…………. एक एव।
(ख) मैत्रेयी…………. कुर्वती आसीत्।
(ग) एकमेव ………….परब्रह्म।
(घ) याज्ञवल्क्यात् …………. ब्रह्मज्ञानं प्राप्तवती।
(ङ) आत्मसाक्षात्कारः एव …………. साधनम्
उत्तर:
(क) आत्मा
(ख) वेदाध्ययनं
(ग) अद्वितीयं
(घ) मैत्रेयी
(ङ) अमृतत्वस्य।

Sanskrit Chapter 16 MP Board प्रश्न 5.
शुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धवाक्यानां समक्षम् ‘न’ इति लिखत
(शुद्ध वाक्यों के सामने ‘आम्’ तथा अशुद्ध वाक्यों के सामने ‘न’ लिखिए-)
(क) आत्मा एव अखिलविश्वस्य आधारः अस्ति।
(ख) धनेन अमृतत्वं प्राप्यते।
(ग) वैदिककाले नारी शिक्षिता आसीत्।।
(घ) उपनिषत्काले नारीणाम् उपनयनसंस्कारः अपि क्रियते स्म।।
(ङ) कात्यायनी सीतां ज्ञानं दत्तवती।
उत्तर:
(क) आम्:
(ख) न:
(ग) आम्:
(घ) आम्:
(ङ) न।

Class 10 Sanskrit Mp Board प्रश्न 6.
अधोलिखितशब्दानां मूलशब्दं विभक्तिं वचनं च लिखत
(नीचे लिखे शब्दों के मूलशब्द, विभक्ति और वचन लिखिए-)
कक्षा 10 संस्कृत पाठ 16 MP Board
उत्तर:
Mp Board Class 10 Sanskrit Chapter 16

Sanskrit Class 10 Chapter 16 Mp Board प्रश्न 7.
अधोलिखितशब्दानां धातुं लकारं च लिखत
(नीचे लिखे शब्दों के धातु और लकार लिखिए-)
Class 10 Sanskrit Chapter 16 MP Board
उत्तर:
Mp Board Class 10th Sanskrit Chapter 16

Sanskrit Class 10 Mp Board प्रश्न 8.
अधोलिखितशब्दानां धातुं प्रत्ययञ्च पृथक कुरुत
(नीचे लिखे शब्दों के धातु और प्रत्यय अलग कीजिए-)
Sanskrit Chapter 16 MP Board
उत्तर:
Class 10 Sanskrit Mp Board

Class 10th Sanskrit Mp Board प्रश्न 9.
अधोलिखितशब्दानां पर्यायशब्दान् लिखत
(नीचे लिखे शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए-)
यथा- नारीणाम् – स्त्रीणाम्
(क) सङ्कटकाले
(ख) उपनयनसंस्कारः
(ग) समुद्रे
(घ) पतिः
उत्तर:
(क) सङ्कटकाले – आपत्तिकाले/आपत्काले
(ख) उपनयनसंस्कारः – यज्ञोपवीतसंस्कारः
(ग) समुद्रे – सागरे
(घ) पतिः – भर्ता, स्वामी

Mp Board Class 10 Sanskrit Solution प्रश्न 10.
अव्ययैः वाक्यनिर्माणं कुरुत-(अव्ययों से वाक्य बनाइए-)
यथा- यदा-तदा – यदा रामः पठति तदा कृष्णः पठति
(क) कृते
(ख) एव
(ग) बहिः
(घ) यत्र।
उत्तर:
(क) कृते – अहम् तव कृते कार्यं करोमि। (मैं तुम्हारे लिए काम करता हूँ।)
(ख) एव – रामः एव नृपः अभवत्। (राम ही राजा बने।)
(ग) बहिः – ग्रहात् बहिः वृष्टिः भवति। (घर के बाहर वर्षा हो रही है।)
(घ) यत्र – यत्र त्वम् कथयिष्यसि वयं तत्र गमिष्यामः (जहाँ तुम कहोगे हम सब वहीं चलेंगे।)

Mp Board Class 10th Sanskrit Solution योग्यताविस्तार –

वैदिककाले याः अन्याः ब्रह्मवादिन्यः आसन् तासां विषये अन्विष्य पठत।
(वैदिक काल में जो अन्य ब्रह्मवादिनी है; उनके विषय में ढूँढ़ कर पढ़िए।)

वैदिककाले नारीणां दशा भारतवर्षे कीदृशी आसीत् लिखत।
(वैदिक काल में भारत में नारी की दशा कैसी थी लिखिए।

ब्रह्मवादिनी मैत्रेयी पाठ का सार

प्रस्तुत पाठ में ‘ब्रह्मवादिनी मैत्रेयी’ की विद्वत्ता का संक्षेप में वर्णन किया गया है। उनके जीवन-चरित्र पर भी प्रकाश डाला गया है कि वे याज्ञवल्क्य की पत्नी थी। वैदिक ज्ञान से युक्त थी तथा अधिक विदुषी थी। उनके कारण नारी जाति का स्थान समाज में ऊँचा हुआ था।

ब्रह्मवादिनी मैत्रेयी पाठ का अनुवाद

1. भारतीयसमाजे नारी सदैव सम्मानार्हा पूज्या च अस्ति। अत एवोक्तम्
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः॥

यत्र नारीणाम् आरः भवति तत्र देवताः स्वयं निवसन्ति। परं यत्र ताः अपमानिताः भवन्ति तत्र सर्वाणि कार्याणि विफलानि भवन्ति।

भारते वैदिककाले उपनिषत्काले च नारी शिक्षिता आसीत्। सा न केवलम् अध्ययनम् अपितु सूक्तरचनाः अपि करोति स्म। वैदिककाले अपाला, घोषा, विश्ववारा, मैत्रेयी एतादृश्यः ब्रह्मवादिन्यः आसन् । उपनिषत्काले ताः जीवनविषयकं जगद्विषयकञ्च ज्ञानम् अधिगन्तुम इच्छन्ति स्म उपनिषत्काले वेदाध्ययनस्य कृते तासाम् उपनयनसंस्कारः अपि क्रियते स्म। “पुरा कल्पे तु नारीणां मौजीबन्धनमिष्यते” इत्यनेन स्मृतिवचनेन तद् ज्ञायते।

Class 10th Mp Board Sanskrit शब्दार्थाः :
सम्मानार्हा-सम्मान के योग्य- adorable, deserving honour; रमन्ते–आनन्दित होते हैं-enjoy, feel delighted; सूक्तरचनाः-वैदिक सूक्तों की रचना-composing vedic hymns; ब्रह्मवादिन्यः-ब्रह्मतत्व को जानने वाली/अध्यापन कराने वाली-knowers of delicacies of Brahman; अधिगन्तुम-जानने के लिए-to know/ to teach; मौजीबन्धनम्-मुंज की घास का बना कटि सूत्र पहनना-wearing a sacred thread of grass.

Mp Board Class 10 Sanskrit अनुवाद :
भारतीय समाज में नारी सदैव सम्मान के योग्य व पूजनीय (रही) है। इसलिए कहा भी है
जहाँ नारियों की पूजा होती है, वहीं देवता खुश होते हैं, जहाँ उनकी पूजा नहीं होती, वहाँ सभी कार्यों के फल प्राप्त नहीं होते।”

जहाँ नारियों का आदर होता है, वहाँ देवता स्वयं निवास करते हैं। पर जहाँ वे अपमानित होती हैं वहाँ सब कार्य विफल होते हैं।

भारत में वैदिक काल में और उपनिषद् काल में नारी शिक्षित थी। वह न केवल पढ़ती थी बल्कि सूक्तों की रचना भी करती थी। वैदिक समय में अपाला, घोषा, विश्ववारा, मैत्रेयी ऐसी ब्रह्मतत्व को जानने वाली थीं। उपनिषद् काल में वे जीवन विषयक और जगद विषयक का ज्ञान जानने के लिए इच्छुक थीं। उपनिषद् काल में वेदाध्ययन के लिए उनका उपनयन-संस्कार भी किया जाता था। “प्राचीन समय में तो नारियों के मौजी बंधती थी” इन स्मृति के वचनों के द्वारा यह ज्ञात होता है।

Mp Board Solution Class 10 Sanskrit English :
Women were always held in respect. They were educated-composed vedic hymns also-women studied Brahman during vedic age–Their thread ceremony was held in upanisdic ageThey wore the girdle of grass.

2. याज्ञवल्क्यस्य भार्याद्वयम् आसीत्। कात्यायनी मैत्रेयी च। कात्यायनी गृहकर्मकुशला आश्रमव्यवस्थां पश्यति स्म। मैत्रेयी आध्यात्मिकरूचिसम्पन्ना वेदाध्ययनं शास्त्रचर्चा च कुर्वती आसीत्। महाराजजनकः तस्याः पाण्डित्यम् अध्यापनकौशलं ज्ञात्वा तां सीताम् अध्यापयितुं नियोजितवान्। मैत्रेयी सीतां वेदानां संस्काराणाम् इन्द्रियनिग्रहस्य च ज्ञानं दत्तवती। एतादृशेण अध्यापनेन दृढसंस्कारैः च सीता स्वजीवने सङ्कटकाले अपि न विचलिता अभवत्।

Mp Board Class 10 Sanskrit Book Pdf शब्दार्थाः :
पाण्डित्यम्-ज्ञान को-learning, wisdom, knowledge; इन्द्रियनिग्रहस्य-इन्द्रियों के संयम का-restraint over senses.

अनुवाद :
याज्ञवल्क्य की दो पत्नियां थीं। कात्यायनी और मैत्रैयी। कात्यायनी घर के कार्यों में कुशल थी तथा आश्रम की व्यवस्था देखती थी। मैत्रेयी आध्यात्मिक रूचि से सम्पन्न वेदाध्ययन और शास्त्रचर्चा करती थी। महाराज जनक ने उनके ज्ञान को तथा अध्यापन कौशल को जानकर उन्हें सीता को पढ़ाने के लिए नियुक्त किया। मैत्रेयी ने सीता को वेदों का, संस्कारों का और इन्द्रियों को संयम में रखने का ज्ञान दिया। ऐसे अध्यापन तथा दृढ़ संस्कारों से ही सीता अपने जीवन में सङ्कट के समय में भी विचलित नहीं हुई।

Class 10 Mp Board Sanskrit Solution English :
Maitreyi was Yagyavalkayas’s wife she had spiritual tastes-she read vedas and discussed scriptures-king Janak engaged her to teach vedas, sacraments and sense restraint to Sita.

3. एकदा याज्ञवल्क्यः मैत्रेयीं कात्यायनी च आहूतवान् तथा उक्तवान्-“अद्य अहं गृहस्थाश्रमं त्यक्त्वा संन्यासाश्रम स्वीकारोमि। मम गमनादनन्तरं युवयोर्मध्ये कलहः मा भवतु। अतः सम्पत्तिविभाजनं कृत्वा एवं गच्छामि” इति। पत्युः निर्णयं श्रुत्वा मैत्रेयी चिन्तामग्ना अभवत्। यदि मम सर्वाधारः पतिः संन्यासं स्वीकरोति तर्हि एतेन नश्वरेण धनेन किम्? इति विचिन्त्य सा उक्तवती-“भगवन् अनेन ऐश्वर्येण युक्तं पृथिवीं प्राप्य अहम् अमृता भविष्यामि वा?” नहि।” “धनेन धनिकः मनुष्यः यथा जीवनं सुखेनैव यापयति तथैव भवत्याः अपि जीवन सुखमयं भवेत्। परम् एतेन धनेन अमृतत्वं न प्राप्यते” इति याज्ञवल्क्यः उक्तवान्।

तत् श्रुत्वा मैत्रेयी अवदत्-“यदि वित्तेन नाहम् अमृता भविष्यामि तर्हि धनं स्वीकृत्य किं करोमि? यत् अमृतत्वस्य साधनम् अस्ति तद् वदतु भवान्।”

शब्दार्थाः :
आहूतवान्-बुलाया-called; गमनादनन्तरम्-जाने के बाद-after departure; युवयोर्मध्ये–तुम दोनों के बीच में-between you both; सर्वाधारः-सम्पूर्ण आधार-basis.

अनुवाद :
एक बार याज्ञवल्क्य ने मैत्रेयी और कात्यायनी को बुलाया और कहा-“आज मैं गृहस्थाश्रम छोड़कर संन्यासाश्रम स्वीकार कर रहा हूँ। मेरे जाने के बाद तुम दोनों के बीच क्लेश न हो। इसलिए सम्पति का विभाजन करके ही जाऊँगा।” पति का निर्णय सुनकर मैत्रेयी चिन्तित हो गई। यदि मेरा सम्पूर्ण आधार पति संन्यास ले रहे हैं तो इस नश्वर धन से क्या? यह सोचकर उसने कहा-“भगवन्! इस ऐश्वर्य से युक्त पृथ्वी को प्राप्त कर मैं अमर हो जाऊँगी क्या?” नहीं। “धन से धनवान् मनुष्य जैसे जीवन सुख से ही बिताता है वैसे ही तुम्हारा जीवन भी सुखमय हो। पर इस धन से अमरत्व नहीं मिलेगा” ऐसा याज्ञवल्क्य ने कहा। यह सुनकर मैत्रेयी ने कहा- “यदि धन से मैं अमर नहीं होऊँगी तो धन लेकर क्या करूँगी? जो अमरत्व का साधन है, आप वह कहिए।”

English :
Yagyavalkya desired to make division of property between his wife Katyayani and Maitrayi. Maitrayi called the worldly possessions useless-They could not make her immortal-rejected the acceptance (offer) of division.

4. स्वपल्याः ब्रह्मजिज्ञासां ज्ञात्वा याज्ञवल्क्यः आत्मनिरूपणम् आरब्धवान्-“मैत्रेयि! पत्न्याः कृते पतिः प्रियः भवति, पुत्रः प्रियः भवति। परं सः पुत्रस्य कृते पत्युः कृते वा प्रियः न भवति, अपितु आत्मनः कृते प्रियः भवति। तथैव धनं प्रियं भवति, देवाः प्रियाः भवन्ति। परं सर्वम् आत्मनः कृते एव। यस्मिन् आत्मनि वयं स्निह्यामः सः एकः एव। अयं ब्राह्मणः, अयं क्षत्रियः इति एतेषां शरीराणि भिन्नानि परन्तु तेषु शरीरेषु सर्वेषु आत्मा एक एव। यः सर्वाणि भूतानि आत्मनः भिन्नानि पश्यति सः मुक्तिं प्राप्तुं न शक्नोति। सर्वेषु शरीरेषु एकः एव आत्मा इति यः जानाति सः मुक्तिं प्राप्नोति। अयम् आत्मा एव अखिलस्य विश्वस्य आधारः इति। ‘कथम्’ इति तं मैत्रेयी अपृच्छत्।

शब्दार्थाः :
आरब्धवान्-शुरू किया-began; आत्मनः-स्वयं का-of self;स्निह्यापः-स्नेह करते हैं-love, attachment.

अनुवाद :
अपनी पत्नी की ब्रह्म जिज्ञासा को जानकर याज्ञवल्क्य ने आत्मा का निरूपण शुरू किया-“मैत्रेयी! पत्नी के लिए पति प्रिय होता है, पुत्र प्रिय होता है। परन्तु वह पुत्र के लिए और पति के लिए प्रिय नहीं होता, बल्कि अपने लिए प्रिय होता है। वैसे ही धन प्रिय होता है, देव प्रिय होते हैं। पर सब अपने ही लिए। जिस आत्मा में हम स्नेह रखते हैं वह एक ही है। यह ब्राह्मण है, यह क्षत्रिय है, इस प्रकार शरीर भिन्न हैं पर उन सब शरीरों में आत्मा एक ही है। जो सब प्राणियों की आत्मा को भिन्न देखता है, वह मुक्ति नहीं पा सकता। सब शरीरों में एक ही आत्मा है जो यह जानता है वह मुक्ति प्राप्त करता है । यह आत्मा ही पूरे विश्व का आधार है। ‘कैसे’ मैत्रेयी ने उससे पूछा।

English :
Yagyavalkaya started describing the soul one loves every being or object for one’s own sake. There is a single soul in all bodies of all castes-one who knows this seeks salvation and vice versa.

5. याज्ञवल्क्यः उदाहरणेन स्पष्टं कृतवान्-“यथा सर्वस्य जलस्य समुद्रः एव आधारः। समुद्रात् निर्मितं जलं पुनः समुद्रे एव विलीनं भवति। तथैव ब्रह्मतत्वात् निर्मितं विश्वं तत्रैव विलीनं भवति। इदं ब्रह्मतत्वं सम्पूर्णविश्व व्याप्तम् अस्ति। यथा शर्करा जले सर्वत्र समानरूपेण व्याप्ता भवति तथैव आत्मा अपि अन्तर्बाह्यव्याप्तः। अयमात्मा सर्वेषां देहे तिष्ठति। देहः नश्वरः। यदा सः देहे तिष्ठति तदा तस्य भिन्नानिनामानि सन्ति। देहनाशादनन्तरम् आत्मा देहात बहिः निर्गच्छति, तदा तस्य कापि संज्ञा नास्ति। सः न नश्यति। तत्र विकाराः अपि न भवन्ति। एकमेव अद्वितीयं परब्रह्म। यदा तस्य ज्ञानं भवति तदा सर्वं विदितं भवति। अमृतत्वं च प्राप्यते।

अस्य अमृतत्वस्य साधनं किम्? इति मैत्रेयी अपृच्छत्। तदा याज्ञवल्क्यः उक्तवान्-आत्मसाक्षात्कारः एव अमृतत्वस्य साधनम्। इति ब्रह्मनिरूपणं कृत्वा याज्ञवल्क्यः संन्यासं स्वीकृतवान्। एवं ब्रह्मवादिनी मैत्रेयी याज्ञवल्क्यात् ब्रह्मज्ञानं प्राप्तवती।

नास्ति कुत्रचित् एतादृशी ब्रह्मवादिनी स्त्रीः या धनं विहाय ब्रह्मज्ञानम् इच्छति। अतः मैत्रेयी भारतीयसंस्कृती आदर्शभूता।

शब्दार्थाः :
अन्तर्बाह्यव्याप्तः-अन्दर और बाहर (शरीर व संसार में) व्याप्त-pervading bothinsideand outside the body; विकाराः-दोष-deformation; विदितम्-ज्ञात-is known; आत्मसाक्षात्कार-स्वयं को जानना-knowing of self; ब्रह्मनिरूपणम्-ब्रह्म का निरूपण-description of brahman.

अनुवाद :
याज्ञवल्क्य ने उदाहरण से स्पष्ट किया-“जैसे सारे जल का आधार समुद्र ही है। समुद्र से बन कर जल फिर समुद्र में ही विलीन होता है। वैसे ही ब्रह्मतत्व से बना विश्व उसी में लीन होता है। यह ब्रह्मतत्व पूरे विश्व में व्याप्त है। जैसे शक्कर पूरे जल में समान रूप से व्याप्त होती है, वैसे ही आत्मा भी अन्दर और बाहर (शरीर और संसार में) व्याप्त होती है, यह आत्मा सबके शरीर में रहती है। शरीर नश्वर है। जब वह शरीर में होती है, तब उसके अलग-अलग नाम होते हैं। शरीर के नष्ट होने के बाद आत्मा शरीर से बाहर निकल जाती है, तब उसका कोई नाम नहीं होता। वह नष्ट नहीं होती। उसमें कोई विकार नाम नहीं होता। एक ही अद्वितीय परब्रह्म है। जब उसका ज्ञान होता है तब सबका ज्ञान होता है। और अमृतत्व की प्राप्ति होती है।

इस अमृतत्व का साधन क्या है? ‘मैत्रेयी ने पूछा। तब याज्ञवल्क्य ने कहा- “स्वयं को जानना ही अमृतत्व का साधन है। इस प्रकार ब्रह्मनिरुपण करके याज्ञवल्क्य ने संन्यास स्वीकार किया। इस तरह ब्रह्मवादिनी मैत्रेयी ने याज्ञवल्क्य से ब्रह्मज्ञान प्राप्त किया।

ऐसी ब्रह्मवादिनी स्त्री कहीं नहीं है, जो धन को छोड़कर ब्रह्मज्ञान चाहती है। अतः मैत्रेयी भारतीय संस्कृति में आदर्श है।

English :
Yagyavalkaya quoted many instances-sea is the basis of all water—as oceanic water returns to oceanso individual souls return to divine (cosmic) soul element of supreme scul exist in individual soul as sagar in water. Soul is named differently according to bodies-Soul never dies with the body. It knows no deformation or distortion-He who knows supreme Brahman seeks salvation.

Maitreyi was unique since she discarded wealth to obtain supreme knowledge.

MP Board Class 10th Sanskrit Solutions

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 Materials: Metals and Non-Metals

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 4 Materials: Metals and Non-Metals

MP Board Class 8th Science Materials: Metals and Non-Metals NCERT Textbook Exercises

Mp Board Class 8 Science Chapter 4 Question 1.
Which of the following can be beaten into thin sheets?
(a) Zinc
(b) Phosphorus
(c) Sulphur
(d) Oxygen.
Answer:
(a) Zinc.

Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 4 Question 2.
Which of the following statements is correct?
(a) All metals are ductile.
(b) All non-metals are ductile.
(c) Generally, metals are ductile.
(d) Some non-metals are ductile.
Answer:
(c) Generally metals are ductile.

Class 8 Science Chapter 4 Mp Board Question 3.
Fill in the blanks:
(a) Phosphorus is a very …………… non – metal.
(b) Metals are …………….. conductors of heat and
(c) Iron is ……….. reactive than copper.
(d) Metals react with acids to produce ………….. gas.
Answer:
(a) reactive
(b) good, electricity,
(c) more,
(d) hydrogen.

Mp Board Solution Class 8 Science Question 4.
Mark ‘T’ if the statement is true and ‘F’ if it is false.
(a) Generally, non-metals react with acids. [ ]
(b) Sodium is a very reactive metal. [ ]
(c) Copper displaces zinc from zinc sulphate solution. [ ]
(d) Coal can be drawn into wires. [ ]
Answer:
(a) False
(b) True
(c) False
(d) False.

Class 8th Science Chapter 4 Question Answer Question 5.
Some properties are listed in the following table. Distinguish between metals and non-metals on the basis of these properties.
Mp Board Class 8 Science Chapter 4
Answer:
Mp Board Class 8 Science Solution Chapter 4

Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 4 Question 6.
Give reasons for the following:
(a) Aluminium foils are used to wrap food items.
(b) Immersion rods for heating liquids are made up of metallic substances.
(c) Copper cannot displace zinc from its salt solution.
(d) Sodium and potassium are stored in kerosene.
Answer:
(a) Aluminium foils are used to wrap food items because aluminium is a light metal which can be converted into very thin sheets.
(b) Immersion rods are made up of metallic substances because metals are good conductors of heat and electricity.
(c) Copper cannot displace zinc from its salt solution because copper is less reactive than zinc.
(d) Sodium and potassium react vigorously with oxygen and water. Therefore, they are stored in kerosene.

Mp Board Class 8 Science Solution English Medium Question 7.
Can you store lemon pickle in an aluminium utensil? Explain.
Answer:
Lemon pickle contains acids which tends to attack aluminium and iron forming poisonous salts. Therefore, aluminium and iron containers are not used to store pickles.

Mp Board Solution Class 8 Question 8.
Match the substances given in column A with their uses given in column B.
Class 8 Science Chapter 4 Mp Board
Answer:
(i) (d), (ii) (e), (iii) (c), (iv) (f), (v) (b), (vi) (a).

Mp Board Class 8th Science Solution Question 9.
What happens when
(a) Dilute sulphuric acid is poured on a copper plate?
(b) Iron nails are placed in copper sulphate solution?
Write word equations of the reactions involved.
Answer:
(a) When dilute sulphuric acid is poured on a copper plate, it reacts to form copper sulphate and hydrogen.
Copper + Sulphuric acid → Copper sulphate + Hydrogen

(b) When iron nails are placed in copper sulphate solution, iron being more reactive than copper, displaces copper to form ferrous sulphate solution.

The blue colour is, thus, changed to light green.
Iron + Copper sulphate → Nail Solution (Blue)
Ferrous sulphate + Copper Solution (Reddish brown)
(Light green)

Class 8 Science Chapter 4 Question Answer Question 10.
Saloni took a piece of burning charcoal and collected the gas evolved in a test tube.
(a) How will she find the nature of the gas?
(b) Write down avoid equations of all the reactions taking place in this process.
Answer:
(a) She will bring a moist blue litmus paper near the mouth of the test tube. It turns red. It indicates that the gas is acidic in nature. When passed into lime water, the lime water turns milky.

(b) Mp Board Solution Class 8 Science

Mp Board Solution Class 8 English Medium Question 11.
One day Reeta went to a jeweller’s shop with her mother. Her mother gave an old gold jewellery to the goldsmith to polish. Next day when they brought the jewellery back, they found that there was a slight loss in its weight. Can you suggest a reason for the loss in weight?
Answer:
In polishing, the jeweller put the gold jewellery in a mild acidic solution, which on reaction with acid goes into the solution. So, in this process certain amount of gold is lost to the acidic solution.

MP Board Class 8th Science Materials: Metals and Non-Metals NCERT Extended Learning-Activities and Projects

Class 8 Science Chapter 4 Notes Pdf Question 1.
Prepare Index Cards for any four metals and four non-metals. The card should have information like name of metal/non-metal; its physical properties, chemical properties and its uses.
Answer:
Name of metal: Copper.

Class 8 Chapter 4 Science Question Answer Physical Properties:
(i) It is hard.
(ii) It is ductile and malleable.
(iii) It is a good conductor of heat and electricity.

Science 8 Class Chapter 4 Chemical Properties:
(i) It reacts, with moist air to form greenish coating.
(ii) It’s oxide is basic in nature.
(iii) It reacts with acids to produce hydrogen gas.
(v) It displaces iron from iron sulphate solution.
Uses: Copper is used to make electrical wires, base of cooking utensils, etc.

Class 8 Mp Board Solution Metal and Non-Metal
Name of metal: Zinc
1. It is bluish-white in colour.
2. It is lustrous.
3. It is a reasonable conductor of electricity chemical properties.

(i) It reacts with air and a coating of zinc oxide is formed.
(ii) Zinc does not react with nitrogen,
(iii) In reactions with alkalis, the element forms complex compounds.
Uses: Zinc is used for treatment and prevention of Zinc deficiency and its consequences.
Name of metal: Lead.

Class 8 Science Mp Board Solution Physical Properties:
1. It is bluish-white lustrous metal.
2. It is a poor conductor of electricity.
3. It is very soft, highly malleable and ductile.

Mp Board Class 8 Science Solution Chemical Properties
(i) It is a moderately active metal.
(ii) It dissolves slowly in water and in most cold acids.
(iii) It does not react with oxygen in the air readily.
Uses: It is used in ammunition (shot and bullets) and as a constituent of solder.
Name of metal: Iron

Class 8 Science Chapter 4 Physical Properties:
(i) It is malleable
(ii) It is ductile
(iii) It is sonorous
(iv) It is hard
(v) It is a good conductor of heat and – electricity.

Mp Board Solution Class 8th Science Chemical Properties:
(i) It reacts with oxygen to form rust.
(ii) It reacts with water.
(iii) It reacts with acid to form hydrogen gas.

Name of non-metal: Coal Physical Properties
(i) It is not ductile.
(ii) It is not malleable.
(iii) It is poor conductor of electricity.
(iv) It is not sonorous and does not shine. It is soft.

Mp Board Class 8 Science Book Pdf Chemical Properties:
(i) It’s oxide is acidic in nature.
(ii) It produces oxides of carbon when burnt.
(iii) It does not take part in replacement reaction.
Uses: Coal is used for electricity generation, cement manufacturing, etc.

Name of non-metal: Sulphur.
Physical Properties:
(i) It is soft and dull.
(ii) It is neither ductile nor malleable.
(iii) It is a poor conductor of heat and electricity.

Chemical Properties:
(i) It reacts with oxygen to produce sulphur dioxide.
(ii) It reacts with water to form sulphuric acid (H2SO4) which is acidic in nature.
(iii) Metals are heated to mould them.
Uses: Sulphur is used in the vulcanisation of black rubber, fungicide, and in black gunpowder.
Name of non-metal: Aluminium

Physical Properties:
1. It is a soft metal.
2. It is silvery light metal.
3. It possesses good thermal and electrical conductivity.

Chemical Properties:
1. It reacts strongly with hydrochloric acid and caustic soda.
2. It reacts with oxygen to form aluminium oxide.
Uses: Aluminium is used in a huge variety of products including cans, foils, kitchen utensils, window frames, beer kegs reacts with sodium hydroxide to and aeroplane parts. produce hydrogen gas.
Name of non-metal: Oxygen
Uses: Used to make machines, tools, doors, etc.

Physical Properties:
1. Oxygen gas is colourless, odourless and colourless.
2. Oxygen exists as liquid, solid and gas.
3. Its elemental structure is a cubic crystal shape.

Chemical Properties:
1. It is a highly reactive element.
2. It supports combustion.
3. It is highly paramagnetic.
Uses: Oxygen gas is used for oxy-acetylene welding and cutting of metals.

Question 2.
Visit a blacksmith and observe how metals are moulded.
Answer:
Do yourself.

Question 3.
Suggest an experiment to compare the conductivity of electricity by iron, copper, aluminium and zinc. Perform the experiment and ^prepare a short report on the results.
Answer:
Do yourself.

Question 4.
Find out the locations of the deposits of iron, aluminium and zinc in India. Mark these in an outline map of India. In which form are the deposits found? Discuss in the class.
Answer:
Do yourself.

Question 5.
Discuss with your parents/neighbours!goldsmiths why gold is preferred for making jewellery.
Answer:
Gold is preferred for making jewellery because it is less reactive, ductile and is a expensive metal.

MP Board Class 8th Science Materials: Metals and Non-Metals NCERT Intext and Projects Activities

TABLE 4.2 Malleability of Materials
Class 8th Science Chapter 4 Question Answer

TABLE 4 3 Electrical Conductivity of Materials
Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 4

MP Board Class 8th Science Materials: Metals and Non-Metals NCERT Additional Important Questions

A. Short Answer Type Questions

Question 1.
Which property of metal is used for making bells?
Answer:
Metals are generally sonorous. They make a ringing sound when struck. This property of metals is used for making bells.

Question 2.
Why electric wires are made of aluminium and copper?
Answer:
Electric wires are made of aluminium and copper because they are good conductors of electricity.

Question 3.
Why cooking utensils and water boilers are made of iron, copper and aluminium?
Answer:
Iron, copper and aluminum have high melting point and they are good conductor of heat. That is why they are used for making utensils and boilers.

Question 4.
What do you understand by ductility?
Answer:
Metals like copper, aluminium, iron and magnesium can be drawn into wires.

Question 5.
Name a common metal which is highly resistant to corrosion?
Answer:
The common metal which is highly resistant to corrosion is gold.

B. Long Answer Type Questions

Question 6.
A copper plate was dipped in AgN03 solution. After certain time silver from the solution was deposited on the copper plate. State the reason why it happened? Give the chemical equation of the reaction involved.
Answer:
Copper is more reactive than silver. Therefore, it displaces silver from silver nitrate.
Mp Board Class 8 Science Solution English Medium

Question 7.
What are alloy steels? Name any three alloy steels and give their composition.
Answer:
Steel is an alloy of carbon and iron. When other metals are also present, then it is known as alloy steels. The examples of alloy steel are:

  1. Stainless steel: Fe + C + Cr + Ni
  2. Tungsten steel: Fe + C + W
  3. Iron steel: Fe + C + Ni

Question 8.
Describe some of the physical properties of metals.
Answer:
General physical properties of metals are:

  • Metals have a shiny appearance that is why they show metallic lustre.
  • Metals on being hammered can be beaten into thin sheets. This property is called malleability.
  • Metals can be drawn into wires. This property is called ductility.
  • Metal have high melting point.
  • Metals are sonorous that means when struck make a ringing sound.
  • They are good conductor of electricity and heat.

Question 9.
Write a short note on:
(a) Galvanizing
(b) Electroplating
(c) Alloying.
Answer:
(a) Galvanizing. It is a common method of protecting iron from rusting. This is done by dipping the object in molten zinc. The metal object get galvanized by zinc.

(b) Electroplating. This is done by coating the object with a layer of tin or chromium with the help of electricity.

(c) Alloying. Metals which corrode easily are mixed with other metals in molten state. A homogenous mixture is made, that mixture is called alloy. So by alloying corrosion is prevented. For example, stainless steel which is an alloy of iron.

MP Board Class 8th Science Solutions

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 22 Aurangzeb and the Decline of the Mughal Empire

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 22 Aurangzeb and the Decline of the Mughal Empire

MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 Text Book Questions

Choose the correct alternatives:

Class 7 Social Science Chapter 22 MP Board Question 1.
Aurangzeb ruled for:
(a) 30 years
(b) 40 years
(c) 50 years
(d) 60 years
Answer:
(b) 40 years

Mp Board Class 7th Social Science Chapter 22 Question 2.
The Jats lived near:
(a) Delhi and Agra
(b) Agra and Mathura
(c) Mathura and Bharatpur
(d) Arga and Jhansi
Answer:
(b) Agra and Mathura

The Jets Lived Near MP Board Question 3.
The third battle of Panipat was fought in:
(a) 1526 AD
(b) 1556 AD
(c) 1560 AD
(d) 1761 AD
Answer:
(d) 1761 AD

Decline Of Mughal Empire Class 7 MP Board Question 4.
The Indian goods which were in great demand in the European markets were:
(a) Clothes and spices
(b) Clothes and silver
(c) Spices and gems
(d) Spices and horses
Answer:
(a) Clothes and spices

Fill in the blanks:

  1. ……………. and …………. were die Bundela rulers who revolted against Aurangzeb.
  2. Gurudwara Sheshganj was built at the Martyrdom place of ……………
  3. Nadh  Shah invaded India in ………….
  4. Due to Aurangzeb’s policy of …………….. the Mughal administration weakend.

Answer:

  1. Compestral, Chhatrasal
  2. Guru Teg Bahadur
  3. 1739 AD
  4. Deccan

MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 Short Answer Type Questions

Mp Board Class 8 Social Science Solution Chapter 22 Question 1.
Which taxes were imposed on the Hindus by Aurangzeb?
Answer:
Aurangzeb imposed the Jazia tax on the Hindus.

Mp Board Class 8 Social Science Chapter 22 Question 2.
Who do you know about the Satnamis?
Answer:
Satnamis were the followers of truth. They used to dress like the purohits orpriests. They revolted due to the religious oppression of Aurangzeb. Their main center was Namaul and Mewar. However Aurangzeb suppressed their revolts ruthlessly.

Mp Board Class 8 Social Science Solutions Chapter 22 Question 3.
Due to which policy of Aurangzeb his successors remained weak?
Answer:
Due to Aurangzeb’s policy of expansion his successors remained weak. The Mughal Empire was very vast and it was difficult to manage such a vast empire. The incompetent successors were not able to protect it.

Social Science Success Class 7 Solutions MP Board Question 4.
What were the outcomes of the invasions of Nadir shah and Ahmad Shah Abdali?
Answer:
As a result of the invasions of Nadir Shah and Ahmad Shah Abdali the Mughal Empire became weak and remained restricted to Delhi and surrounding area.

MP Board Class 7th Social Science Chapter 22 Long Answer Type Questions

Class 8 Social Science Chapter 22 MP Board Question 1.
Describe the causes of the decline of the Mughal Empire.
Answer:
After the death of Aurangzeb in 1707, the Mughal Empire broke up. Its fall had already begun during Aurangzeb’s reign. But during the eighteenth century the fall was nearly complete.

The factors that led to the down-break of the Mughal empire were as follows:
1. Weak and incapable successors:
The successors of Aurangzeb were very weak and incapable. They had no capacity to rule over such a vast empire. They remained puppets in the hands of their subedars and other officers.

2. Wars of succession:
After the death of Aurangzeb war of succession broke out. They reduced the strength of the Kingdom.

3. The Suspicious nature of Aurangzeb and his rigid religious policy:
Aurabgzeb’s nature was very suspicious. Due this nature he could not provide administrative and military training to his sons. As a result they became incapable of managing the empire. His religious policy was based on intolerance. This made the Sikhs, Jats, Satnamis, Rajputs and Marathas his great enemies. They revolted against him.

4. Aurangzeb’s Deccan Policy:
Aurangzeb spent the last 25 years of his life fighting battles in the south. This made the Mughal administration in the north very weak.

5. Luxurious life styles of the Mughal rulers and Aristocrats:
Resulted in the decline of the Mughal Empire.

6. Foreign invasion:
Nadirshah, the ruler of Iran invaded the Mughal Empire in 1739. He looted the wealth about seventy crores of rupees. After his assassination in 1747 AD his general Ahmadshah Abdali, became the ruler and fought third battle of Panipat with Maratha in which Maratha were defeated. Because of these invasions Mughal Empire became weak and remained restricted to Delhi and surrounding areas.

7. Lack of Naval Power:
Neglect of navy proved fatal for the Mughal Empire.

Project Work:
On an outline map of India mark the extent of the Mughal Empire. Also mark the areas of Bundelas, Jats and Satnamis.
Answer:

Class 7 Social Science Chapter 22 MP Board

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 3 भारत में उद्योग

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MP Board Class 10th Social Science Solutions Chapter 3 भारत में उद्योग

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 पाठान्त अभ्यास

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

सही विकल्प चुनकर लिखिए

भारत के उद्योग MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 1.
भारत की औद्योगिक नीति की घोषणा किस वर्ष में की गई? (2014)
(i) 1947
(ii) 1951
(iii) 1948
(iv) 1972
उत्तर:
(iii) 1948

भारत के प्रमुख उद्योग MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 2.
भारत के सूती वस्त्र की ‘राजधानी’ है –
(i) अहमदाबाद
(ii) मुम्बई
(iii) इलाहाबाद
(iv) इन्दौर
उत्तर:
(ii) मुम्बई

भारत में उद्योग MP Board Class 10th Social Science  प्रश्न 3.
भारत में नोट छापने के कागज बनाने का कारखाना किस स्थान पर है ?
(i) नेपानगर
(ii) टीटागढ़
(iii) सहारनपुर
(iv) होशंगाबाद।
उत्तर:
(iv) होशंगाबाद।

उद्योग के प्रकार MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 4.
निम्नांकित उद्योगों में सबसे अधिक वायु प्रदूषण किसमें होता है ?
(i) दियासलाई उद्योग
(ii) कागज उद्योग
(iii) रासायनिक उद्योग
(iv) फर्नीचर उद्योग।
उत्तर:
(iii) रासायनिक उद्योग

उद्योग किसे कहते हैं उत्तर MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 5.
मध्य प्रदेश लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ की स्थापना का वर्ष है
(i) 1984
(ii) 1994
(iii) 2004
(iv) 1974
उत्तर:
(i) 1984

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

उद्योग पाठ के प्रश्न उत्तर MP Board Class 10th Social Science प्रश्न 1.
उद्योग किसे कहते हैं ?
उत्तर:
मनुष्य का वस्तु निर्माण करने का कार्य उद्योग कहलाता है। उद्योग की इस प्रक्रिया में मानव कच्चे माल का उपयोग कर श्रम, शक्ति व तकनीक के माध्यम से आवश्यकतानुसार पक्का माल तैयार करता है।

प्रश्न 2.
कागज उद्योग का कच्चा माल क्या है?
उत्तर:
भारतीय कागज उद्योग में प्रयोग होने वाले कच्चे माल निम्नलिखित हैं –

  1. वनों से प्राप्त कच्चा माल-53 प्रतिशत
  2. कृषि उपजों से मिलने वाला कच्चा माल-23 प्रतिशत
  3. रद्दी कागज-15 प्रतिशत
  4. अन्य प्रकार का कच्चा माल-9 प्रतिशत।

प्रश्न 3.
भारत का सबसे बड़ा लोहा इस्पात कारखाना कौन-सा है ?
उत्तर:
टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी (टिस्को) जमशेदपुर में स्थापित।

प्रश्न 4.
प्रदूषण से क्या आशय है ?
उत्तर:
प्रदूषण का अर्थ-वायु, जल और भूमि में किसी भौतिक, रासायनिक अथवा जैविक अनचाहे परिवर्तन से, जिससे प्राणी मात्र का स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को प्रभावी तौर से हानि पहुँचती हो, तो उसे प्रदूषण कहते हैं।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
स्वामित्व के आधार पर उद्योगों के कितने प्रकार हैं ? (2014)
उत्तर:
स्वामित्व के आधार पर उद्योग चार प्रकार के होते हैं –

  1. निजी उद्योग-इस प्रकार के उद्योग व्यक्तिगत स्वामित्व में होते हैं।
  2. सरकारी उद्योग-वे उद्योग जो सरकार के स्वामित्व में होते हैं।
  3. सहकारी उद्योग-जो सहकारी स्वामित्व में होते हैं।
  4. मिश्रित उद्योग-जो उपर्युक्त में से किन्हीं दो या अधिक के स्वामित्व में होते हैं।

प्रश्न 2.
कच्चे माल के आधार पर उद्योग कितने प्रकार के होते हैं ? (2009, 11)
उत्तर:
कच्चे माल के आधार पर उद्योग तीन प्रकार के होते हैं –

  1. कृषि आधारित उद्योग-जिन्हें कच्चा माल कृषि उत्पादन से प्राप्त होता है; जैसे – सूती वस्त्र उद्योग।
  2. खनिज आधारित उद्योग-जिन्हें कच्चा माल खनिजों से प्राप्त होता है; जैसे – लोहा-इस्पात उद्योग।
  3. वन आधारित उद्योग-जिन्हें कच्चा माल वनों से प्राप्त होता है; जैसे – कागज उद्योग।

प्रश्न 3.
लोहा-इस्पात उद्योग आधारभूत’ उद्योग क्यों कहलाता है ? (2009, 13, 18)
उत्तर:
लोहा एवं इस्पात उद्योग आधारभूत उद्योगों में से एक महत्त्वपूर्ण उद्योग है। किसी भी देश के आर्थिक विकास के लिए लोहा एवं इस्पात उद्योग का विकास आवश्यक होता है। इस उद्योग की गणना महत्वपूर्ण उद्योगों में की जाती है। यह किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आधार-स्तम्भ होता है। यह आधुनिक औद्योगिक ढाँचे का आधार और राष्ट्रीय शक्ति का मापदण्ड है। लोहा-इस्पात उद्योग का उपयोग मशीनें, रेलवे लाइन, यातायात के साधन, रेल-पुल, जलयान, अस्त्र-शस्त्र एवं कृषि-यन्त्र आदि बनाने में किया जाता है। इसीलिए लोहा-इस्पात उद्योग को आधारभूत उद्योग कहा जाता है।

प्रश्न 4.
पश्चिम बंगाल में कागज उत्पादक केन्द्र किन-किन स्थानों पर हैं ? (2011)
उत्तर:
पश्चिम बंगाल में प्रमुख कागज उत्पादक केन्द्र टीटागढ़, रानीगढ़, नैहाटी, कोलकाता, काँकिनाडा, बड़ानगर, शिवराफूली आदि हैं। पश्चिम बंगाल का कागज उद्योग में राष्ट्रीय उत्पादन का 40 प्रतिशत योगदान है।

प्रश्न 5.
वनोपज आधारित कुटीर व लघु उद्योगों की स्थापना की आवश्यकता बताइए।
उत्तर:
वनों में रहने वाले हमारे वनवासियों एवं गाँवों में रहने वाले ग्रामीणों के क्षेत्र में उद्योग-धन्धों की कमी है। इस कमी को वनोपज आधारित लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रारम्भ कर दूर किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और लोगों की आय व जीवनस्तर में वृद्धि हो सकेगी।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में उद्योग कितने प्रकार के हैं ? वर्णन कीजिए। (2010)
अथवा
भारत में उद्योग कितने प्रकार के हैं ? स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का वर्णन करिए। (2015)
अथवा
आकार के आधार पर उद्योगों के कितने प्रकार हैं ? किन्हीं दो का वर्णन कीजिए। (2014,16)
[संकेत : ‘आकार के आधार पर’ शीर्षक देखें।]
उत्तर:
भारत में उद्योगों के प्रकार
(1) स्वामित्व के आधार पर – लघु उत्तरीय प्रश्न 1 का उत्तर देखें।

(2) उपयोगिता के आधार पर-इस आधार पर उद्योग दो प्रकार के होते हैं

  • आधारभूत उद्योग-वे उद्योग जो अन्य उद्योगों के आधार होते हैं। इनके उत्पादन अन्य उद्योगों के निर्माण तथा संचालन के काम आते हैं; जैसे-लोहा-इस्पात उद्योग।
  • उपभोक्ता उद्योग-वे उद्योग जो लोगों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के काम आते हैं; वस्त्र, चीनी, कागज आदि।

(3) आकार के आधार पर-इस आधार पर उद्योग चार प्रकार के होते हैं

  • वृहद् उद्योग-औद्योगिक इकाइयाँ जिनमें पूँजी निवेश 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक है; जैसे-टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी।
  • मध्यम उद्योग-जिन उद्योगों में पूँजी निवेश 5 से 10 करोड़ रुपये के मध्य होता है; जैसे-चमड़ा उद्योग।
  • लघु उद्योग-जिनमें कुल पूँजी निवेश 2 से 5 करोड़ रुपये तक है; जैसे-लाख उद्योग।
  • कुटीर उद्योग-जिनमें पूँजी निवेश नाममात्र का होता है तथा परिवार के सदस्यों की सहायता से चलाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने पर यह ग्रामीण उद्योग तथा नगर में स्थित होने पर नगरीय कुटीर उद्योग कहे जाते हैं।

(4) तैयार माल की प्रकृति के आधार पर इस आधार पर उद्योग दो प्रकार के हैं

  • भारी उद्योग – जिनमें भारी वस्तुओं, मशीनों आदि का निर्माण किया जाता है; जैसे-ट्रैक्टर बनाने का कारखाना।
  • हल्के उद्योग – जिनमें दैनिक उपयोग की छोटी-छोटी वस्तुओं का निर्माण किया जाता है; जैसे-खिलौना उद्योग।

(5) कच्चे माल के आधार पर – लघु उत्तरीय प्रश्न 2 का उत्तर देखें।

प्रश्न 2.
भारत में लोहा इस्पात उद्योग किन चार चरणों में केन्द्रित है और क्यों है ?
अथवा
लोहा-इस्पात उद्योग के उत्पादन एवं वितरण पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
लोहा-इस्पात उद्योग

प्राचीन काल में भारत में यह लघु उद्योग के रूप में था। वृहद् पैमाने का भारत का प्रथम लोहा-इस्पात कारखाना सन् 1907 में जमशेद जी टाटा द्वारा झारखण्ड राज्य के साकची नामक स्थान पर खोला गया। स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात् सरकार द्वारा विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से इस उद्योग के क्रमबद्ध व तीव्र विकास के प्रयास किए गए। यह उद्योग सार्वजनिक व निजी दोनों ही क्षेत्रों में विकसित हुआ। भारत सरकार ने इन उद्योगों में समन्वय स्थापित करने हेतु ‘स्टील ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया’ (SAIL) की स्थापना की जो विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक संस्था है।

यह उद्योग मुख्यत: चार क्षेत्रों में केन्द्रित है –

  1. कोयला क्षेत्रों में स्थित इस्पात केन्द्र-बर्नपुर, हीरापुर, कुल्टी, दुर्गापुर तथा बोकारो।
  2. लौह-अयस्क क्षेत्रों में स्थित इस्पात केन्द्र-भिलाई, राउरकेला, भद्रावती, सलेम, विजयनगर और चन्द्रपुर लौह-अयस्क खानों के समीप स्थित है।
  3. कोयला व लौह-अयस्क के बीच जोड़ने वाले परिवहन सुविधा प्राप्त स्थानों पर स्थित इस्पात केन्द्र-जमशेदपुर।
  4. तटीय सुविधा स्थल पर स्थित इस्पात केन्द्र-विशाखापट्टनम

लोहा इस्पात संयन्त्र
भारत के उद्योग MP Board Class 10th Social Science

प्रश्न 3.
भारत में कागज उद्योग के उत्पादन व विपणन क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
कागज उद्योग
देश के सामाजिक, आर्थिक विकास में कागज उद्योग की अहम् भूमिका है। वन आधारित उद्योगों में कागज को सर्वाधिक महत्वपूर्ण उद्योग माना जाता है। भारत का प्रथम आधुनिक सफल कारखाना 1716 में तमिलनाडु राज्य के ट्रंकुबार नामक स्थान पर स्थापित हुआ।

उद्योग का केन्द्रीकरण – औसतन 1 टन, कागज बनाने के लिए 2.38 टन बाँस की आवश्यकता पड़ती है। अत: भारत में इस उद्योग का केन्द्रीयकरण कच्चे माल के प्राप्ति स्थलों के निकटवर्ती ऐसे भागों में हुआ है जहाँ उद्योग की स्थापना हेतु अन्य आवश्यक भौगोलिक कारक; जैसे-समतल धरातल, परिवहन के साधन, कुशल श्रम व शक्ति के साधन उपलब्ध हैं। भारत के प्रमुख कागज उत्पादन केन्द्र निम्नवत् हैं –

कागज उत्पादन क्षेत्र
भारत के प्रमुख उद्योग MP Board Class 10th Social Science
अन्य कागज उत्पादक राज्यों में कर्नाटक, केरल, बिहार, झारखण्ड आदि प्रमुख हैं। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में नोट छापने के कागज का कारखाना स्थापित है।

कागज का उत्पादन – भारतीय कागज उद्योग करीब एक सदी से अस्तित्व में है और इसने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद देश के कागज उत्पादन में 35 गुना वृद्धि हुई है। देश में करीब 850 मिले हैं। भारतीय कागज उद्योग में तीन लाख व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार जबकि दस लाख व्यक्तियों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिले हुए हैं।

देश में सभी प्रकार के कागज व गत्ते का उत्पादन 1950-51 में 116 हजार टन था जो 2014-15 में बढ़कर 4,130 हजार टन हो गया।2

हमारे देश में कागज उत्पादन की तुलना में कागज की माँग बहुत बढ़ी है। अत: इस उद्योग में तीव्र विकास अपेक्षित है।

प्रश्न 4.
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों के योगदान का वर्णन कीजिए। (2009, 13, 17)
उत्तर:
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों का योगदान

औद्योगिक आयोग के अनुसार ईसा से पूर्व भी भारत एक औद्योगिक राष्ट्र था। भारत में निर्मित मलमल, रेशमी-वस्त्र, आभूषण आदि विदेशों को निर्यात किए जाते थे, परन्तु अठारहवीं शताब्दी के मध्य में यूरोप में हुई औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप यहाँ के परम्परागत कुटीर उद्योग को भारी हानि हुई। इस कारण देश की अर्थव्यवस्था में उद्योगों का स्थान धीरे-धीरे सीमित होता गया और भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान हो गई।
1 भारत 2018; पृष्ठ 336.
2 आर्थिक समीक्षा 2014-15;A-90.
स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद देश के आर्थिक विकास हेतु औद्योगिक विकास की आवश्यकता का अनुभव किया गया। सन् 1950 में ‘राष्ट्रीय योजना आयोग’ की स्थापना हुई। पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से भारत के औद्योगिक विकास हेतु चरणबद्ध उद्देश्य निर्धारित किए गए। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उद्योगों के विकास से निम्नलिखित लाभ प्राप्त हुए –

  1. उद्योगों के विकास से उत्पादन में वृद्धि होती है जिससे प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है तथा जीवन स्तर उन्नत होता है।
  2. रोजगार के साधनों में वृद्धि होती है। साथ ही मानव संसाधन भी पुष्ट होते हैं।
  3. राष्ट्रीय आय में वृद्धि तथा पूँजी का निर्माण होता है।
  4. उद्योगों के विकास से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों-कृषि, खनिज, परिवहन आदि में प्रगति होती है।
  5. अनुसन्धानों को बल मिलता है तथा तकनीक विकसित होती है। भारत में सकल घरेलू उत्पाद में विभिन्न उत्पादक क्षेत्रों की वृद्धि दर निम्न प्रकार से हुई –

उद्योग के मूल के अनुसार उत्पादन लागत के आधार पर वास्तविक सकल

घरेलू उत्पाद की वार्षिक वृद्धि दरें
भारत में उद्योग MP Board Class 10th Social Science
स्त्रोत : आर्थिक समीक्षा 2016 – 17, P – 140. क : नई श्रृंखला।
उपर्युक्त तालिका से स्पष्ट है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक उत्पादन में निरन्तर वृद्धि हो रही है, जो कि उद्योगों के अर्थव्यवस्था में बढ़ते महत्त्व को दर्शाती है।

प्रश्न 5.
औद्योगिक प्रदूषण पर प्रकाश डालिए। (2010)
अथवा
प्रदूषण के कोई चार प्रकारों को समझाइए। (2018)
अथवा
ध्वनि प्रदूषण किसे कहते हैं ? (2009)
[संकेत : इसी प्रश्न के उत्तर में ‘ध्वनि प्रदूषण’ शीर्षक देखिए।]
उत्तर:
औद्योगिक प्रदूषण

औद्योगिक प्रगति ने अर्थव्यवस्था को विकसित व उन्नत बनाने में जहाँ अपना महत्त्वपूर्ण सहयोग दिया वहीं दूसरी ओर पर्यावरण सम्बन्धी ऐसी कठिनाइयों को जन्म दिया जो आज विकराल रूप से हमारे समक्ष खड़ी हैं। आज पर्यावरणविद् इस बात का अनुभव कर रहे हैं कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला कचरा, दूषित जल, विषैली गैस आदि सम्पूर्ण पर्यावरण को प्रदूषित कर रही हैं, पारिस्थितिकी तन्त्र का सन्तुलन बिगड़ रहा है तथा प्रदूषण की स्थिति संकट बिन्दु तक पहुँच गई है और पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। औद्योगीकरण से होने वाले प्रमुख प्रदूषण निम्नलिखित हैं –

(1) वायु प्रदूषण – औद्योगिक कारखानों की चिमनियों के कारण निकलने वाला धुआँ वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है। विभिन्न उद्योगों से होने वाले प्रदूषण की मात्रा एवं प्रकृति, उद्योग के प्रकार प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल एवं निर्माण आदि पर निर्भर करती है। इस दृष्टि से कपड़ा उद्योग, रासायनिक उद्योग, धातु उद्योग, तेल शोधक एवं चीनी उद्योग अन्य उद्योगों की अपेक्षा अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। इन उद्योगों से वायुमण्डल में, कार्बन डाइ-ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, धूल आदि हानिकारक व विषैले तत्व मिल जाते हैं जो वाय को प्रदूषित करते हैं।

(2) जल प्रदूषण – जल जीवन का आधार है। जल निरन्तर प्रदूषित हो रहा है। इसके प्रमुख कारण कारखानों का कूड़ा-करकट नदियों और जलाशयों में बहाना। कागज और चीनी की मिलें तथा चमड़ा साफ करने के कारखाने अपना कूड़ा-कचरा नदियों में बहा देते हैं या भूमि पर सड़ने के लिए छोड़ देते हैं जिससे भूमिगत जल प्रदूषित होता है, क्योंकि कूड़े-कचरे का अंश रिस-रिसकर भूमिगत जल में मिल जाता है। इस जल का उपयोग या सम्पर्क प्राणियों और वनस्पतियों के लिए हानिकारक होता है।

(3) भूमि प्रदूषण – इसे मृदा प्रदूषण’ भी कहते हैं। औद्योगिक अपशिष्ट का भूतल पर फैलाव भूमि प्रदूषण का कारण बनता है। इस प्रकार के अपशिष्ट में अनेक ऐसे पदार्थ होते हैं जो प्राकृतिक रूप में घटित नहीं होते तथा इनका प्रकृति में पुन: चक्रीकरण नहीं होता जिससे भूमि की गुणवत्ता में कमी आती है।

(4) ध्वनि प्रदूषण – मानव के कानों में भी ध्वनि को साधारणतया ग्रहण करने की एक सीमा होती है। वास्तव में शोर वह ध्वनि है जिसके द्वारा मानव के अन्दर अशान्ति व बेचैनी उत्पन्न होने लगती है, इसी को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। उद्योगों में अनेक प्रकार की मशीनें प्रयोग की जाती हैं जिनसे निरन्तर शोर होता रहता है। इसके अतिरिक्त कारखानों में जनरेटर भी चलाये जाते हैं। इन सभी से निरन्तर अधिक शोर होता है। इससे इनमें कार्य करने वाले श्रमिक अनेक मानसिक रोगों तथा बहरेपन के शिकार हो जाते हैं।

प्रश्न 6.
औद्योगिक प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय बताइए। (2009)
अथवा
ध्वनि प्रदूषण को नियन्त्रित करने के कोई चार उपाय लिखिए। (2016)
[संकेत : ‘ध्वनि प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय’ शीर्षक देखें।]
अथवा
जल प्रदूषण को रोकने के चार उपाय लिखिए। (2012, 15)
[संकेत : ‘जल प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय’ शीर्षक देखें।]
उत्तर:
औद्योगिक प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय
औद्योगिक प्रदूषण के नियन्त्रण हेतु निम्नलिखित उपाय किए जाने चाहिए –

वायु प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय

  1. कारखानों की चिमनियों की ऊँचाई बढ़ाकर उनसे निकलने वाली हानिकारक गैसों के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
  2. कारखानों में कम-से-कम प्रदूषण करने वाले ऊर्जा संसाधनों का उपयोग होना चाहिए; जैसे-सौर ऊर्जा।
  3. औद्योगिक इकाई की स्थापना से पूर्व ही प्रदूषण अनुमान लगाकर उसको नियन्त्रित करने के साधन जैसे वनस्पति आवरण आदि कारखाना परिसर में विकसित किया जाना चाहिए।
  4. उद्योगों में प्रदूषण नियन्त्रक उपकरण लगाए जाने चाहिए।

जल प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय

  1. उद्योगों में प्रयोग किए गए जल के उपचार की व्यवस्था कारखाने की स्थापना के साथ ही की जानी चाहिए।
  2. रासायनिक उद्योग जो कि जल को सर्वाधिक प्रदूषित करते हैं को जलाशयों व नदियों से दूर स्थापित किया जाना चाहिए।
  3. सड़क के किनारे तथा कारखानों के निकट खाली स्थानों पर वृक्ष लगाये जाने चाहिए।
  4. उद्योग संचालकों को जल प्रदूषण नियन्त्रण परामर्श नियमित दिए जाने चाहिए तथा उद्योगों से विसर्जित जल की प्रशासनिक निगरानी होनी चाहिए।

भू-प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय

  1. औद्योगिक संस्थानों को अपने अपशिष्ट पदार्थों को बिना उपचार किए विसर्जित करने से रोका जाना चाहिए।
  2. औद्योगिक अपशिष्टों के निक्षेपण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। अपशिष्ट निक्षेपण खुले स्थानों में नहीं होना चाहिए।
  3. अपशिष्टों को आधुनिक तकनीक से जलाकर उससे उत्पन्न ताप को ऊर्जा के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
  4. औद्योगिक अपशिष्टों को पुनरुत्पादन हेतु प्रयुक्त करने की तकनीक विकसित की जानी चाहिए।

ध्वनि प्रदूषण को नियन्त्रित करने के उपाय

  1. औद्योगिक इकाइयों को शहर से दूर स्थापित करना चाहिए।
  2. कारखानों में ध्वनिनिरोधक यन्त्रों का उपयोग किया जाना चाहिए।
  3. कल कारखानों में मशीनों का रख-रखाव सही करके, मशीनों का शोर कम किया जा सकता है। खराब मशीनें अधिक शोर करती हैं।
  4. अधिक शोर उत्पन्न करने वाली औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों को कर्ण बन्दकों का प्रयोग करना चाहिए। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए औद्योगिक विकास अवरुद्ध न किया जाए बल्कि औद्योगिक विकास नियोजित ढंग से हो, जिससे पर्यावरण में किसी भी प्रकार का असन्तुलन उत्पन्न न हो।

प्रश्न 7.
मध्य प्रदेश में वन क्षेत्रों में कुटीर एवं लघु उद्योग की स्थापना हेतु सुझाव कीजिए।
उत्तर:
मध्य प्रदेश वन सम्पन्न प्रदेश है। अतः इन क्षेत्रों में कुटीर एवं लघु उद्योग की स्थापना करने हेतु कुछ प्रयास अनिवार्य हैं। यहाँ कुछ सुझाव प्रस्तुत हैं
(1) कार्यस्थल की व्यवस्था – उद्योग को चलाने के लिए उपयुक्त कार्यस्थल की व्यवस्था वनवासी स्वयं नहीं कर सकते अतः इसकी व्यवस्था सहकारी समितियों व शासन द्वारा आर्थिक सहायता से की जानी चाहिए।

(2) वित्तीय सुविधा – उद्योग कोई-सा भी लगाया जाए कम या अधिक मात्रा में पूँजी की आवश्यकता होती है। आदिवासी एवं वनवासियों को इसका अभाव होता है। अतः प्राथमिक, सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण आपूर्ति की व्यवस्था उद्योग स्थापना के लिए आर्थिक सहायता से की जानी चाहिए।

(3) तकनीकी सहायता – अच्छे उत्पादन हेतु तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता भी होती है। अतः क्षेत्रीय उद्योग की आवश्यकता को देखते हुए तकनीशियनों की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

(4) विज्ञापन की व्यवस्था – वर्तमान युग विज्ञापन का युग है। हर उत्पाद की बिक्री विज्ञापनों के माध्यम से होती है। हमारे कुटीर व लघु उद्योग चलाने वाले उत्पादकों के पास इतने साधन नहीं होते कि वे विज्ञापन पर खर्च कर सकें। अतः यह दायित्व भी प्रशासन का होता है कि वे इनका प्रचार-प्रसार करवाएँ।

(5) विपणन की व्यवस्था – वनोपज आधारित कुटीर एवं लघु उद्योग उसी शर्त पर सफल हो सकते हैं, जबकि उनके उत्पादों की बिक्री की उचित व्यवस्था हो। माल के बिकने से ही आय की प्राप्ति होगी। इसके लिए मेले व प्रदर्शनियों के साथ-साथ इनके सहकारी बिक्री स्टोर्स आदि की व्यवस्था होनी चाहिए।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 अन्य परीक्षोपयोगी प्रश्न

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय

प्रश्न 1.
अखबारी कागज की मिल कहाँ हैं ?
(i) टीटागढ़
(ii) सहारनपुर
(iii) नेपानगर,
(iv) राजमहेन्द्री।
उत्तर:
(iii) नेपानगर,

प्रश्न 2.
भिलाई इस्पात संयन्त्र कहाँ है?
(i) उत्तर प्रदेश
(ii) बिहार
(iii) मध्य प्रदेश
(iv) उड़ीसा।
उत्तर:
(iii) मध्य प्रदेश

प्रश्न 3.
दुर्गापुर इस्पात संयन्त्र कहाँ है ?
(i) मध्य प्रदेश
(ii) पश्चिम बंगाल
(iii) बिहार
(iv) उत्तर प्रदेश।
उत्तर:
(iii) बिहार

प्रश्न 4.
भारत का सबसे प्राचीन और प्रमुख उद्योग है-
(i) लोह तथा इस्पात उद्योग
(ii) जूटं उद्योग
(iii) सूती वस्त्र उद्योग
(iv) कागज उद्योग।
उत्तर:
(iii) सूती वस्त्र उद्योग

प्रश्न 5.
कौन-सा उद्योग कृषि पर आधारित नहीं है ?
(i) सूती वस्त्र
(ii) पटसन
(iii) चीनी
(iv) सीमेण्ट
उत्तर:
(iv) सीमेण्ट

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. वे उद्योग जिन पर कई अन्य उद्योग निर्भर होते हैं, उन्हें …………. कहते हैं।
  2. राउरकेला इस्पात कारखाना …………. के सहयोग से स्थापित किया गया।
  3. लोहा-इस्पात उद्योग को …………. की संज्ञा प्राप्त है।
  4. …………. सबसे अधिक का उत्पादन करने वाला राज्य है। (2009)
  5. टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी, जमशेदपुर …………. राज्य में स्थित है। (2010, 16)

उत्तर:

  1. आधारभूत उद्योग
  2. जर्मनी
  3. आधारभूत उद्योग
  4. पश्चिम बंगाल
  5. झारखण्ड।

सत्य/असत्य

  1. अहमदाबाद को भारत के ‘मानचेस्टर’ की संज्ञा प्रदान की गई है।
  2. वस्त्र उत्पादन में गुजरात का पहला स्थान है।
  3. ‘टिस्को’ एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा इस्पात कारखाना है।
  4. सन् 1950 में ‘राष्ट्रीय योजना आयोग’ की स्थापना हुई।
  5. प्रदूषण को रोका नहीं जा सकता केवल नियन्त्रित किया जा सकता है।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. सत्य
  4. सत्य
  5. सत्य

जोड़ी मिलाइए
उद्योग के प्रकार MP Board Class 10th Social Science
उत्तर:

  1. → (ग)
  2. → (घ)
  3. → (ङ)
  4. → (ख)
  5. → (क)

एक शब्द/वाक्य में उत्तर

प्रश्न 1.
कृषि पर आधारित उद्योग कौन-से हैं ?
उत्तर:
चीनी उद्योग, सूती वस्त्र उद्योग, तेल उद्योग, जूट उद्योग।

प्रश्न 2.
एक टन कागज बनाने के लिए कितने टन बाँस की आवश्यकता होगी ? (2009)
उत्तर:
2.38 टन।

प्रश्न 3.
पहला लोहा इस्पात कारखाना कब और कहाँ स्थापित किया गया ?
उत्तर:
सन् 1830 में तमिलनाडु राज्य के पोर्टोनोवो नामक स्थान पर।

प्रश्न 4.
पूर्णत: भारतीय तकनीक पर आधारित कौन-सा इस्पात कारखाना है ?
उत्तर:
विजयनगर इस्पात कारखाना (कर्नाटक में)।

प्रश्न 5.
भारत में प्रथम कागज उद्योग का कारखाना कहाँ स्थापित किया गया ?
उत्तर:
1716 में तमिलनाडु राज्य के ट्रंकुबार नामक स्थान पर।

प्रश्न 6.
भारत के सूती वस्त्र उद्योग की राजधानी। (2009)
उत्तर:
मुम्बई।

प्रश्न 7.
उद्योग स्थापना विस्तार व निवेश की उदार नीति को क्या कहते हैं ?
उत्तर:
उदारीकरण।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘आधारभूत उद्योग’ से क्या आशय है ?
उत्तर:
जो उद्योग अन्य उद्योगों के विकास के लिए आधार बनाते हैं, उन्हें आधारभूत उद्योग कहा जाता है; जैसे-इस्पात उद्योग एवं भारी इंजीनियरिंग उद्योग और मशीनरी उद्योग।

प्रश्न 2.
भारत में कृषि पर आधारित उद्योग कौन-से हैं ?
उत्तर:
वस्त्र उद्योग, चीनी उद्योग, कागज उद्योग, पटसन उद्योग, वनस्पति उद्योग कृषि पर आधारित उद्योग हैं।

प्रश्न 3.
लोहा इस्पात उद्योग कहाँ स्थापित किया जा सकता है ?
उत्तर:
जहाँ इस उद्योग से सम्बन्धित कच्चा माल (लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर और मैंगनीज) व पर्याप्त मात्रा में शक्ति के साधन उपलब्ध हों।

प्रश्न 4.
कुटीर उद्योग किसे कहते हैं?
उत्तर:
कुटीर उद्योग से आशय ऐसे उद्योगों से है जो पूर्णतया या मुख्यतया परिवार के सदस्यों की सहायता से पूर्णकालिक या अंशकालिक व्यवसाय के रूप में चलाये जाते हैं।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में औद्योगिक विकास के लिए कौन-कौनसी परिस्थितियाँ उपलब्ध हैं ?
उत्तर:

  1. धरातलीय दशाएँ उद्योगों की स्थापना के अनुकूल हैं।
  2. अधिकांश प्रदेशों में जलवायु दशाएँ सामान्य हैं।
  3. देश में सस्ता श्रम उपलब्ध है।
  4. खनिज, वन व कृषि आधारित कच्चे माल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
  5. परिवहन तन्त्र का फैलाव समुचित है, तथा
  6. सघन जनसंख्या से विशाल बाजार उपलब्ध है।

प्रश्न 2.
“भारत विश्व अर्थव्यवस्था में एक औद्योगिक राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात् सन् 1948 में भारत की औद्योगिक नीति घोषित की गई। फलतः उद्योगों को राजकीय और निजी क्षेत्रों में विकसित किया जाने लगा। उद्योगों के विकास हेतु औद्योगिक नीति में सरकार द्वारा समय-समय पर परिवर्तन किये जाते रहे हैं। भारत की नवीनतम ‘उदारीकरण’ की आर्थिक नीति के अन्तर्गत देश में देशी-विदेशी निवेशकों हेतु उद्योग लगाने के मार्ग खोल दिए हैं। परिणामस्वरूप बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की उद्योग जगत में सहभागिता बढ़ी है और भारत विश्व अर्थव्यवस्था में एक औद्योगिक राष्ट्र के रूप में उभर रहा है।

प्रश्न 3.
आधारभूत उद्योग और उपभोक्ता उद्योग में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
आधारभूत उद्योग और उपभोक्ता उद्योग

आधारभूत उद्योग

  1. आधारभूत उद्योगों के उत्पादों का प्रयोग अन्य प्रकार के उत्पादन प्राप्त करने के लिए किया जाता है; जैसे-लौह-इस्पात उद्योग, भारी मशीन उद्योग
  2. इन उद्योगों के उत्पादों का प्रयोग उसी समय समाप्त नहीं होता बल्कि भविष्य में उत्पादन प्रक्रम में योगदान देता है।
  3. इन उद्योगों से प्राप्त मशीनें अन्य उत्पादों को बनाने के लिए प्रयोग की जाती हैं।

उपभोक्ता उद्योग

  1. उपभोक्ता उद्योगों के उत्पादों का प्रयोग प्रायः लोगों के दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए करते हैं; जैसे-खाने के तेल, चाय, कॉफी, वस्त्र, चीनी आदि।
  2. इन उद्योगों के उत्पादों का प्रयोग उसी समय समाप्त हो जाता है। ये उद्योग प्रायः छोटे पैमाने तथा हल्के वर्ग के होते हैं।
  3. इन उद्योगों से प्राप्त वस्तुएँ सीधी दैनिक जीवन में प्रयोग की जाती हैं।

प्रश्न 4.
भारत में लोहा-इस्पात उद्योग के केन्द्रीकरण को किन-किन बातों ने प्रभावित किया है ?
उत्तर:
भारत में लोहा-इस्पात उद्योग कच्चे माल के क्षेत्रों में केन्द्रित हैं। कच्चे माल के क्षेत्रों में इस उद्योग की स्थापना का प्रमुख कारण इस उद्योग द्वारा अशुद्ध कच्चे माल का उपयोग करना है इस उद्योग में, लौह-अयस्क, कोयला, मैंगनीज, चूने का पत्थर तथा डोलोमाइट को प्रमुख कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है। ये सभी पदार्थ वजनी, मूल्य में सस्ते तथा अशुद्धता से भरे होते हैं। इसीलिए ये प्राप्ति स्थान के समीप ही इस्पात कारखाने की स्थापना को आकर्षित करते हैं।

हमारे देश में लोहा-इस्पात उद्योग के केन्द्रीयकरण को कच्चे माल के अलावा परिवहन की सुविधाओं ने भी प्रभावित किया है। कोयला व लौह-अयस्क की खानों के मध्य रेल सुविधा प्राप्त स्थान इसी कारण इस उद्योग के केन्द्र बने हैं। सस्ते परिवहन के कारण तटीय क्षेत्रों में भी ये उद्योग केन्द्रित हैं।

MP Board Class 10th Social Science Chapter 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रदूषण का मानव जीवन पर प्रभाव बताइए। (2017)
उत्तर:
प्रदूषण का मानव जीवन पर प्रभाव-प्रदूषित वातावरण सम्पूर्ण पारिस्थितिकी तन्त्र को हानि पहुँचाता है। मानव जीवन पर इसके प्रमुख दुष्प्रभाव निम्नांकित हैं –

(1) प्रदूषित वायु मानव को श्वसन क्रिया में हानि पहुँचाती है। इससे दमा, निमोनिया, गले में दर्द, खाँसी के साथ ही कैंसर, मधुमेह और हृदय रोग जैसे घातक रोग होते हैं तथा हानिकारक गैसों का वायुमण्डल में अधिक मिश्रण बड़े हादसों को जन्म देता है, जिससे मनुष्य अकाल मौत के शिकार हो जाते हैं। भोपाल गैस त्रासदी इसी प्रकार की औद्योगिक गैस रिवास का परिणाम थी।

(2) प्रदूषित पेयजल अनेक रोगों के कीटाणु, विषाणु मानव के शरीर में पहुँचकर रोगों को उत्पन्न करते हैं। प्रदूषित जल के सेवन से पेचिश, हैजा, अतिसार, टायफाइड, चर्मरोग, खाँसी, जुकाम, अन्धापन, पीलिया व पेट के रोग हो जाते हैं।

(3) गन्दगी के क्षेत्रों एवं प्रदूषित चीजों पर मक्खी, मच्छर, कीड़े आदि पनपते हैं। गन्दगी युक्त वातावरण में अनेक कीटाणु पैदा होते हैं जो मानव के लिए पेचिश, तपेदिक, हैजा, आँतों के रोग, आँखों में जलन आदि रोग हेतु उत्तरदायी होते हैं।

(4) ध्वनि प्रदूषण का सबसे बुरा प्रभाव सुनने की शक्ति पर पड़ता है। अत्यधिक शोर से व्यक्ति बहरा हो जाता है।

औद्योगीकरण से बढ़ते प्रदूषण और वायुण्डल में बिखरती कार्बन डाइ-ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड से ‘ग्रीन हाउस’ प्रभाव का जन्म हुआ है। सूर्य की गर्मी वायुमण्डल में कैद हो जाने से धरती के औसत ताप में वृद्धि हो रही है जिससे भूतापन (ग्लोबल वार्मिंग) होने लगी है। इसके दुष्परिणाम मानव जाति के लिए अत्यन्त घातक हैं।

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 Humidity and Rainfall

MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 18 Humidity and Rainfall

MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 Text Book Questions

Choose the correct alternatives from the following

Mp Board Class 7th Social Science Chapter 18 Question 1.
Hail falls in the form of:
(a) Liquid
(b) Solid
(c) Elastic
(d) Gas
Answer:
(b) Solid

Class 7 Social Science Chapter 18 MP Board Question 2.
Cyclonic rains in the North western part of India occurs during:
(a) Summer Season
(b) Winter Season
(c) Spring Season
(d) Rainy Season
Answer:
(b) Winter Season

Fill in the blanks:

  1. The process of changing of water into vapor is called …………..
  2. When water vapor again changes to liquid or solid state it is known as …………..
  3. The ……………. is an instruments to measure rainfall.

Answer:

  1. Evaporation
  2. condensation
  3. rain gauge

MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 Short Answer the Questions

Humidity And Rainfall Class 7 MP Board Question 1.
What are water vapors?
Answer:
When very small particles of water are converted to gaseous water molecules are called water vapor.

Chapter 18 Class 7th Science MP Board Question 2.
Why does evaporation increase and decrease?
Answer:
The change in temperature brings about a change in evaporation. The rate of evaporation is more when strong winds blow.

Social Science Class 7 Chapter 18 MP Board Question 3.
Why are clouds formed?
Answer:
The vapor that rises up from the water bodies reaches high up in the sky and is converted into droplets due to cooling. These droplets get dense and form clouds. When the clouds contain less water droplets it appears white and as its density increases it appears black.

Question 4.
How do you understand by snowfall?
Answer:
The water vapors on reaching higher up in the sky is converted into ice particles due to very low temperature. These ice particles are called snow. When this snow falls on earth it is called snowfall.

Question 5.
What is cyclonic rain?
Answer:
When the hot and cold air meet, the hot air rises upwards and the cold air rushes to occupy the low-pressure area in the center. As a result there is circular movement which causes the whirling air in the center to rise upwards. This rising air cools down, condenses and brings rain. This type of rainfall is called cyclonic rainfall.

MP Board Class 7th Social Science Chapter 18 Long Answer Type Questions

Question 1.
What is condensation? what are its Various forms?
Answer:
The process in which water vapor in die atmosphere changes into minute dip pelts of water or ice crystals is called condensation. Its various forms are dew, frost, fog, smog and hails.

Question 2.
How many types of rainfall are there? Explain with diagram.
Answer:
There are three types of rainfall. They are:

  1. Convectional rain
  2. Orographic rain
  3. Cyclonic rain

1. Convectional rain:
The vapors formed from water bodies due to strong heat rises up in the sky and are condensed due to low temperature there, and falls on the earth in the form of raindrops. This process is called convection. Since the rainfall occurs because of the above – mentioned process, it is called convectional rain. The diagram of convectional rain is given below.

Mp Board Class 7th Social Science Chapter 18
2. Orographic rain:
When a mountain range lies in the path of a Tain – bearing wind, it causes die wind to rise along its slope. As a result, it cools and gets saturated. Further cooling due to its ascent leads to rainfall. This is called orographic rain. The diagram of Orographic rain is given

Class 7 Social Science Chapter 18 MP Board
3. Cyclonic rain:
When die hot and cold air meet, the hot air rises upwards and the cold air rushes to occupy the low-pressure area in die center. As a result there is circular movement which causes the whirling air in the center to rise upwards. This rising air cools down, condenses and brings rain. This type of rainfall is called cyclonic rain.
The diagram of Cyclonic rain:

Humidity And Rainfall Class 7 MP Board

Question 3.
Make a diagram of rain gauge:
Answer:

Chapter 18 Class 7th Science MP Board

Question 4.
What is humidity? What are the different forms of humidity?
Answer:
The word humidity’ is used to denote die amount of dampness in die atmosphere. In other words the amount of water vapor present in the air is called humidity.

The different forms of humidity:
1. Clouds:
Clouds are formed due to the condensation of water vapor. As the moist air is lifted upwards, it clings to the dust particles in the air to form clouds.

2. Fog:
Fog, as a kind of cloud, is found on or near die surface of the land or water bodies. It is formed by the cooling of the air below its dew point in die lower layers of atmosphere.

3. Rain:
As the clouds arc cooled in the cooler upper region of the atmosphere, the small droplets of water in it grow in size and can no longer float in the air. Falling of these droplets of water from the clouds is called rain.

4. Snowfall:
As condensation takes place at temperature below 0°C, the water-vapor in the atmosphere changes into millions of tiny crystals. Sometimes, they combine together to form flakes of snow. Coming down of these snowflakes to die ground from clouds is termed as snowfall.

5. Hail:
Hails are caused by the rapid ascent of moist air higher regions where temperature is far-below freezing-point This causes the raindrops to freeze. When the hailstones become so big and heavy that the air can no longer hold them, they fall from the cloud on the earth as hailstones.

6. Dew:
On a cold and clear nights moist air comes in contact with cold objects on the earth. The moisture in the air condenses into droplets of water. It is known as dew.

7. Frost:
Frozen dew is called frost In the case of frost, the dew point is or below freezing point 0° Celsius.

MP Board Class 7th Social Science Solutions