MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 2 आदिमानव

MP Board Class 6th Social Science Chapter 2 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
पाठ्य पुस्तक पृष्ठ संख्या 6 पर दिये गये देखो और नीचे बनी तालिका को भरो।
उत्तर:
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 2 आदिमानव img 1

MP Board Class 6th Social Science Chapter 2 अभ्यास प्रश्न

1. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षेप में उत्तर लिखिए –
(अ) आदिमानव अपने औजार किससे बनाता था ?
उत्तर:
आदिमानव पत्थरों, लकड़ी तथा जानवरों की हड्डियों और सींगों से हथियार बनाता था। पत्थरों के हथियार अधिकतर चकमक पत्थरों से बनाए जाते थे। इन हथियारों में पत्थरों से बने हथौड़े, कुल्हाड़ियाँ तथा वसूले प्रमुख थे। आरम्भ में हथियार को बिना मूठ तथा हत्थे के ही काम में लाया जाता था। बाद में लकड़ी के हत्थों में बाँधकर इनका प्रयोग किया जाने लगा। आगे चलकर जब मनुष्य ने धातु की खोज कर ली तो वह धातु के हथियार बनाना भी सीख गया।

(ब) आदिमानव पत्थर के औजार किस-किस काम में लाते थे ?
उत्तर:
आदिमानव पत्थरों के औजारों का उपयोग जानवरों का शिकार करने, माँस काटने, लकड़ी काटने, कन्दमूल खोदने आदि के लिए करता था।

(स) मध्यप्रदेश के किन-किन जिलों में शैलचित्र मिलते हैं ?
उत्तर:
मध्यप्रदेश के रायसेन, होशंगाबाद, मन्दसौर आदि जिलों में शैलचित्र मिलते हैं।

(द) आदिमानव जानवरों से अपनी रक्षा किस तरह करता था ?
उत्तर:
सर्वप्रथम आदिमानव जानवरों से अपनी रक्षा करने के लिए पेड़ों पर रहता था। जब आदिमानव ने आग जलाना सीख लिया तब वह आग जलाकर जानवरों से रक्षा करने लगा। क्योंकि उसने जान लिया था कि जानवर आग से डरते हैं।

(य) आग की खोज कैसे हुई ? इससे आदिमानव को क्या लाभ हुए ?
उत्तर:
अनुमान है कि दो चकमक पत्थरों के आपस में टकराने से आग की चिंगारियाँ निकलीं जिससे पास ही पड़ी हुई पत्तियाँ जलने लगीं। इससे आदिमानव आग जलाना सीख गया। इस प्रकार आग की खोज संयोग से हुई। आदिमानव ने जब चकमक पत्थर की सहायता से आग जलाना सीख लिया तो वह रात के समय गुफा में आग जलाकर जंगली जानवरों से अपनी रक्षा करने लगा। उसने उजाला करना सीख लिया। आग में वह माँस भूनकर खाने लगा। इस प्रकार आग से उसे अनेक लाभ हुए।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दीजिए –
(अ) मानव का क्रमिक विकास बताइए।
उत्तर:
लाखों साल पहले इस पृथ्वी पर मानव का जन्म हुआ था। पहले मानव दोनों हाथों और दोनों पैरों पर चलता था और जंगलों में रहता था। वह पेड़ों की जड़ और फूल-पत्तियाँ खाता था। कुछ छोटे जानवरों को मारकर भी वह खा जाता था। धीरे-धीरे यह वानर जैसा मानव विकास करता गया और वह अपने शरीर को सन्तुलित कर दो पैरों पर चलने लगा।

अपने दोनों हाथों से उसने खोदने, पकड़ने और उठाने का काम सीख लिया। शारीरिक परिवर्तनों के साथ उसके सोचने-समझने की शक्ति भी विकसित होने लगी। वह अपनी मूलभूत जरूरतों जैसे भोजन, आवास और सुरक्षा के बारे में सोचने लगा। वह भोजन इकट्ठा करने लगा और उसने पत्थर के औजार भी बना लिए। इस प्रकार मानव का विकास होता गया। यहाँ तक का उसके विकास का युग पुरा पाषाण युग कहलाता है।

आगे चलकर उसने आग जलाना सीख लिया। वह माँस को भूनकर खाने लगा और आग से ही प्रकाश प्राप्त करने लगा। आदिमानव के विकास का यह युग मध्य पाषाण युग कहलाता है। धीरे-धीरे आदि मानव ने पशुपालन और कृषि करना सीख लिया। इससे उसका भोजन के लिए भटकना बन्द हो गया। उसने पहिये की खोज की और वह निरन्तर प्रगति करता गया। उसका यह विकास का युग नव पाषाण युग कहलाता है। यही मानव का क्रमिक विकास है।

(ब) मानव खेती करना और पशुपालन करना कैसे सीखा ? विस्तार से लिखिए।
उत्तर:
नव पाषाण युग से पहले आदिमानव भोजन की तलाश में यहाँ-वहाँ घूमता रहता था। नव पाषाण काल में उसने पशुपालन और खेती करने के प्रारम्भिक तरीकों की खोज कर ली थी। इसी कारण आदिमानव का भोजन की तलाश में यहाँ-वहाँ घूमना कम हो गया था। आदिमानव को यह समझ में आ गया था कि मानव और पशु – पक्षियों द्वारा फेंके हुए फलों के बीजों से नए पौधे उग आते हैं, यही खेती करने की कला उसकी एक महत्वपूर्ण खोज थी।

वह यह भी जान गया था कि शिकार के साथ – साथ पशुपालन उसके लिए महत्वपूर्ण है। वह अनेक पशुओं को पालने लगा था और उनसे काम भी लेने लगा था। शिकार करने में कुत्ते, खेती करने में बैल, दूध प्राप्त करने के लिए गाय, भैंस, बकरी, माँस प्राप्त करने के लिए बकरा, सवारी के लिए बैल, भैंसा, ऊँट, घोड़े का वह उपयोग करना सीख गया था।

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टिप्पणी लिखिए
प्रश्न 3.
(अ) आग की खोज।
उत्तर:
आग के बारे में मनुष्य को पहले कोई जानकारी नहीं थी। यद्यपि यह कहना कठिन है कि आग की खोज किस प्रकार हुई किन्तु यह अनुमान लगाया जाता है कि जब उसने पहली बार जंगल में सूखी लकड़ियों को आपस में तेज रगड़ खाकर आग लगते हुए एवं पत्थरों के औजारों के निर्माण के दौरान दो पत्थरों के आपस में टकराने से चिंगारियों को निकलते देखा होगा तो उसे आग का ज्ञान हुआ होगा। तब पहली बार मानव ने पत्थरों को आपस में टकराकर आग उत्पन्न की होगी। आग की खोज मनुष्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

(ब) पहिए की खोज एवं उपयोग
उत्तर:
मानव की उन्नति में पहिए की खोज का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसा अनुमान है कि पेड़ के तने को लुढ़कते हुए देखकर आदिमानव के मन में पहिए के निर्माण का विचार आया होगा। यह खोज उसके जीवनयापन के लिए वरदान साबित हुई। पहिए का उपयोग उसने निम्नलिखित कार्यों के लिए किया –

  • चाक से मिट्टी के बर्तन बनाने में।
  • भारी चीज को एक जगह से दूसरी जगह लाने ले जाने में।
  • गहराई से पानी खींचने में।
  • पशुओं द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी के निर्माण में।

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