MP Board Class 6th Special Hindi निबन्ध लेखन

MP Board Class 6th Special Hindi निबन्ध लेखन

विद्यार्थी जीवन

मनुष्य का जीवन चार आश्रमों में बाँटा गया है-पहला ब्रह्मचर्य आश्रम, दूसरा गृहस्थ आश्रम, तीसरा वानप्रस्थ आश्रम और चौथा संन्यास आश्रम। मनुष्य का जो पहला ब्रह्मचर्य आश्रम है, वही उसका विद्यार्थी जीवन है।

मनुष्य के जीवन में उसके विद्यार्थी जीवन का बहुत महत्व है। यही वह समय है जब मनुष्य के पूरे जीवन की रूपरेखा तैयार होती है। इस समय बालक विद्यालय में गुरु के पास शिक्षा ग्रहण करता है। शिक्षा के साथ ही साथ वह अनुशासन, शिष्टाचार और अभिवादन के तौर-तरीके सीखता है। जो कुछ वह विद्यालय में सीखता है, उसी से उसके व्यक्तित्व का निर्माण होता है।

विद्यार्थियों को सदैव प्रातः जल्दी उठना चाहिए। समय पर तैयार होकर विद्यालय पहुँचना चाहिए। उसे अपने माता-पिता, शिक्षक और बड़ों की आज्ञा का सदैव पालन करना चाहिए तथा सदा उनका सम्मान करना चाहिए। उसे नित्य प्रातः दाँत साफ करना, स्नान करना और स्वच्छ कपड़े पहनना चाहिए। शरीर की स्वच्छता के साथ-साथ उसे अपना मन भी साफ-सुथरा और पवित्र रखना चाहिए। छल, कपट, लालच एवं झूठ बोलना ये मन की गन्दगी हैं इनसे दूर रहकर ही मन को साफ-सुथरा रखा जा सकता है।

इस प्रकार विद्यार्थी जीवन मनुष्य के निर्माण का काल है। उसे अपना अमूल्य समय व्यर्थ में बरबाद नहीं करना चाहिए। उसे एक अच्छा विद्यार्थी तथा एक आदर्श नागरिक बनने का प्रयत्न करना चाहिए।

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पुस्तकालय

‘पुस्तकालय’ को ‘पुस्तकघर’ भी कहा जा सकता है। पुस. तकालय शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-पुस्तक + आलय अर्थात् पुस्तक का घर। पुस्तकालय पुस्तकों का घर या वह स्थान है जहाँ अनेक प्रकार की पुस्तकें संग्रह करके रखी जाती हैं और जिसका उपयोग लोग विभिन्न प्रकार के ज्ञानार्जन तथा मनोरंजन के लिए करते हैं।

पुस्तकालय कई प्रकार के होते हैं। पुस्तकालय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं विद्यालयों में होते हैं उनका उपयोग शिक्षक तथा छात्र अपनी ज्ञान वृद्धि हेतु करते हैं। कुछ पुस्तकालय अपने निजी होते हैं। इनका उपयोग लोग स्वयं अपने तथा अपने मित्रों आदि के लिये करते हैं। कुछ सार्वजनिक पुस्तकालय होते हैं, जो नगरों अथवा महानगरों में स्थान-स्थान पर बने होते हैं। इनका उपयोग कोई भी मनुष्य सदस्यता शुल्क जमा करके कर सकता है।

ज्ञान-वृद्धि करने हेतु पुस्तकालय का अत्यधिक महत्त्व है। यहाँ हमें विविध प्रकार की पुस्तकें पढ़ने को मिलती हैं। जिसको जिस प्रकार की पुस्तक चाहिए वह स्वरुचि के अनुसार उनका चयन कर लेता है। पुस्तकालय से निर्धन वर्ग को विशेष लाभ होता है। निर्धन धन खर्च कर पुस्तकों को खरीद नहीं सकता, अत: वह अपनी ज्ञान पिपासा यहाँ बैठकर पुस्तकें पढ़कर शान्त कर लेता है। इस तरह निर्धन वर्ग के लिये पुस्तकालय अत्यन्त लाभकारी है।

पुस्तकों के अध्ययन मनन से उसका मानसिक और नैतिक उत्थान होता है। उसकी सोच विशाल होती है। इस प्रकार इनसे अशिक्षा और निरक्षरता और अज्ञान जैसे बड़े सामाजिक अभिशाप से मुक्ति दिलाकर मनुष्य मात्र का कल्याण होता है। पुस्तकालय मनुष्य के लिए वरदान के समान है। यह सरस्वती का अक्षय कोष है जो हमारे लिये खुला रहता है।

पुस्तकालयों के द्वारा हम किसी देश की उन्नति, आध्यात्मिक तथा नैतिक विकास के विषय में जान सकते हैं। हमारे देश में सार्वजनिक पुस्तकालयों हेतु शासन-प्रशासन अधिक गम्भीर नहीं है। देश में अच्छे पुस्तकालयों की संख्या बढ़नी चाहिए और वे सभी को पढ़ने के लिये सुलभ होने चाहिए।

मेरा प्रिय नेता या महापुरुष म
(महात्मा गाँधी)

गाँधीजी युग पुरुष थे। भारत जब विदेशियों की गुलामी में सिसक-सिसक कर दम तोड़ रहा था, तब इस महापुरुष ने भारत की धरती पर अवतार लेकर भारतीयों को जीवन की एक नई आशा -किरण दिखलाई थी। उन्होंने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर अपने देश को स्वतन्त्र कराया था।

गाँधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गाँधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1869 ई. में काठियावाड़ जिले के पोरबन्दर नामक स्थान पर हुआ था। गाँधीजी की माता का नाम पुतली बाई था। वे बहुत ही धार्मिक विचारों की महिला थीं। गाँधीजी के पिता राजकोट में दीवान के पद पर कार्य करते थे। गाँधीजी का विवाह बचपन में ही कस्तूरबा गाँधी से हो गया था। कस्तूरबा गाँधी अत्यन्त सहज और सरल जीवन गुजारती थीं। गाँधीजी ने अपने बचपन की पढ़ाई भारत में पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा लन्दन से प्राप्त की। गाँधीजी के हृदय में देश प्रेम और देश सेवा की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। वे शान्तिपूर्ण तरीके से भारत को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कराना चाहते थे। उन्होंने स्वयं को देश-सेवा तथा देश को स्वतन्त्र कराने के लिए समर्पित कर दिया।

अंग्रेजों के विरुद्ध उन्होंने असहयोग आन्दोलन छेड़ा। उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। उन्होंने डाँडी यात्रा निकाली और नमक-कानून को तोड़ने के लिए आन्दोलन चलाया। गाँधीजी ने देश के सभी नागरिकों को सदैव एकसमान समझा और सबके साथ मिलकर उन्होंने स्वतन्त्रता प्राप्ति के लक्ष्य को पूरा किया।

एक सभा में प्रार्थना करते समय 30 जनवरी, 1948 ई. को नाथूराम गोडसे नामक व्यक्ति द्वारा गोली मार दिये जाने से उन्होंने अपनी सांसारिक यात्रा को विराम दिया और परलोक सिधार गये।

आज गाँधीजी अपने भौतिक शरीर से भले ही हमारे बीच नहीं हैं किन्तु उनका नाम सदैव अमर रहेगा। उनके महान् त्याग और संकल्प को भुलाया नहीं जा सकता। विश्व उन्हें एक युग पुरुष के रूप में युग-युग तक याद करता रहेगा।

विद्यालय का वार्षिकोत्सव

उत्सव मनुष्य के नीरस जीवन को सरस बनाते हैं। यही कारण है कि हम वर्ष भर में अनेक उत्सव मनाते हैं। विद्यालय का वार्षिकोत्सव भी प्रत्येक वर्ष के अन्त में परीक्षाओं से पूर्व आयोजित किया जाता है।

हमारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव इस साल हमारी वार्षिक परीक्षाएँ सम्पन्न होवे के उपरान्त हुआ। विद्यालय को साफ-सुथरा करके खूब सजाया और सँवारा गया। पूरे विद्यालय को लाल-हरी झण्डियों से सजा दिया गया। हमारे विद्यालय का मंच काफी बड़ा है उस पर हमारे कार्यक्रम आदि होने थे। हम सबने नृत्य, गायन, नाटक, व्यंग्य, कविताओं आदि की खूब अच्छी तरह तैयारी कर ली थी। दो दिन पहले विद्यालय में उसका पूर्वाभ्यास भी करा दिया गया था। . अगले दिन अपरान्ह 2 बजे से कार्यक्रम प्रारम्भ होना था। हमारे नगर प्रमुख मुख्य अतिथि थे। अभिभावक कुर्सियों पर आकर बैठ चुके थे। हम सब कार्यक्रम के लिये तैयार थे। सही 2 बजे मुख्य अतिथि मंच पर आये। उन्होंने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया। तदुपरान्त सरस्वती वन्दना के बाद हमने एक-एक कर अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किये। प्रत्येक कार्यक्रम की समाप्ति पर हॉल तालियों से गूंज उठता था। हमारे कार्यक्रम को अभिभावकों तथा अन्य अतिथियों ने खूब सराहा । उन्होंने हमारे प्रधानाचार्य व अध्यापक वर्ग को बधाई दी। अन्त में प्राचार्य महोदय ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी।

अन्त में पुरस्कार वितरण हुआ। राष्ट्रीय-गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अगले दिन से हमारी ग्रीष्मकालीन छुट्टियाँ थीं। हम आनन्द से भरे हुए अपने-अपने घर लौटे।

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कोई त्यौहार (होली)

हिन्दुओं द्वारा अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं। ‘होली’ का त्यौहार उनमें महत्वपूर्ण है। यह त्यौहार मार्च महीने में मनाया जाता है। यह त्यौहार हिन्दी महीना फाल्गुन की पूर्णमासी को मनाया जाता है।

यह कहा जाता है कि प्रहलाद ईश्वर का बड़ा भक्त था। उसके पिता हिरण्यकश्यप थे। वे घमण्डी और स्वयं को ही ईश्वर मानते थे। वह चाहता था कि प्रहलाद उसी की पूजा किया करे। जब प्रहलाद सहमत नहीं हुए, तो हिरण्यकश्यप ने उसे मारना चाहा, लेकिन प्रहलाद किसी भी तरह नहीं मर सका। अन्त में उसने अपनी बहन ‘होलिका’ की सहायता ली। वह अग्नि में नहीं जल सकती थी। वह प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई। वह जल गई। लेकिन प्रहलाद सुरक्षित बाहर निकल आया। इसी घटना की स्मृति में ‘होली’ मनाई जाती है।

हर मुहल्ले या गाँव में लड़के बहुत-सी लकड़ी और गोबर के कंडे एकत्र करते हैं और उसमें आग लगा देते हैं। लोग इसकी परिक्रमा करते हैं और होली के गीत गाते हैं। दूसरे दिन होली का वास्तविक उत्सव शुरू होता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने पुराने कपड़े पहन लेता है। लोग अपने मित्रों और रिश्तेदारों के घर जाते हैं। वे आपस में गले मिलते हैं और चेहरे पर गुलाल लगाते हैं। रंगीन पानी उन पर फेंकते हैं। उन्हें मिठाई देते हैं और पान भी खिलाते हैं। वे फिर होली के गीत भी गाते हैं। यह सब दोपहर तक होता रहता है।

वास्तव में यह त्यौहार बसन्त ऋतु का उत्सव है। किसानों की फसल पक जाती है, उसकी खुशी में वे इस त्यौहार को मनाते हैं।

इस दिन लोग अपनी पुरानी दुश्मनी भूल जाते हैं और फिर से मित्र बन जाते हैं। कुछ लोग गन्दा पानी और कीचड़ फेंकते हैं। कुछ लोग इस दिन शराब पीते हैं।

होली का त्यौहार बहुत अच्छा होता है यदि इसे ठीक तरह से मनाया जाये।

मेरा प्रिय खेल (क्रिकेट)

हमारे जीवन में पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी अति आवश्यक हैं। समय पर पढ़ना और समय पर खेलना दोनों ही हमारे लिये लाभदायक हैं। शिक्षा हमारा मानसिक विकास करती है तो खेल शारीरिक।

मैं अपनी पढ़ाई समाप्त करने के बाद नित्य शाम को क्रिकेट खेलता हूँ। क्रिकेट मेरा प्रिय खेल है। इससे हमारी माँस-पेशियाँ मजबूत रहती हैं। मैं क्रिकेट अपने विद्यालय के मैदान में खेलता हूँ।

क्रिकेट के खेल में दो पक्ष होते हैं। दोनों टीमों में 11-11 सदस्य होते हैं। इस खेल में 22 गज के अन्तर से तीन-तीन डण्डे गाड़े जाते हैं। इन्हें विकेट कहा जाता है। चार फुट की दूरी से दो रेखाएँ खींची जाती हैं जिसके इधर-उधर दोनों टीम के सदस्य होते हैं। एक टीम फील्डिंग करती है और दूसरी बैटिंग। इस प्रकार खेल प्रारम्भ हो जाता है। दो खिलाड़ी बैट लेकर आते हैं। एक पक्ष का सदस्य गेंद फेंकता है। दूसरे पक्ष का खिलाड़ी उसे रोकने की कोशिश करता है। रन संख्या शॉटकर मार कर बनाई जाती है।

खेल में एक टीम जीतती है, दूसरी हारती है। खेल की हार-जीत की भावना एक-दूसरे को प्रोत्साहित करती है। इसलिए खेल सदैव खेल की भावना से ही खेला जाना चाहिए।

आधुनिक युग में क्रिकेट एक अत्यन्त महत्वपूर्ण खेल बन चुका है। हमारे देश के अनेक खिलाड़ियों, जैसे-सुनील गावस्कर, कपिलदेव, अजहरुद्दीन, सचिन तेंदुलकर आदि ने हमारे देश का नाम विश्व में विख्यात किया है। खेल लोगों के मानसिक और शारीरिक विकास का द्योतक है।

विज्ञान वरदान या अभिशाप

आधुनिक युग विज्ञान का युग है। नित्य नये आविष्कार हो रहे हैं, नये-नये उपकरण बनाये जा रहे हैं। यह सब विज्ञान के द्वारा ही हो रहा है। विज्ञान का अर्थ है विशेष ज्ञान या सूक्ष्म ज्ञान। वह ज्ञान जो किसी वस्तु की गहराई तक जाता है और उसकी बारीक से बारीक बात की जानकारी कराता है, विज्ञान कहलाता है। विज्ञान केवल जानकारी ही नहीं देता है अपितु नित्य नये-नये आविष्कार भी करता है। नये-नये प्रयोग करता है और फिर उन्हें मनुष्य की सुख-सुविधा के लिए प्रस्तुत करता है। विज्ञान मनुष्य के लिये चमत्कार बनकर आया है।

रेल, बस, हवाई जहाज, रेडियो, ट्रांजिस्टर तो आज पुरानी बातें हो गई हैं। यद्यपि ये हैं सब विज्ञान के ही. आविष्कार। किन्तु आज के समय पर विज्ञान अपनी चरम उन्नति पर है। कम्प्यूटर, दूरदर्शन, दूरभाष आदि सैकड़ों हजारों मील दूर की जानकारी पल भर में दे देते हैं। इन्टरनेट विश्व के बड़े से बड़े बाजार, पुस्तकालय आदि का घर बैठे दर्शन करा देता है। विज्ञान ने इतनी बड़ी दुनिया को एक दायरे में समेट दिया है। इसलिये सात समुन्दर पार की घटनाएँ अनजानी नहीं रह गई हैं। रॉकेट आदि उपग्रहों ने चन्द्रमा और मंगल आदि ग्रहों को भी मनुष्य की सीमा में पहुँचा दिया है। बड़ी-बड़ी समस्याएँ, आवश्यकताएँ, व्यापार, नौकरी आदि सब कम्प्यूटर, इन्टरनेट की सहायता से पल भर में ही हल हो जाती हैं।

इस प्रकार जहाँ विज्ञान ने हमें बिजली, मशीनें, वाहन, आदि अनेक प्रकार के सुख साधन दिये हैं वहीं उसने अणुबम, मिसाइलें आदि बनाकर देश को शत्रुओं से सुरक्षित कर दिया है।

विज्ञान का सबसे बड़ा दुष्परिणाम आज परमाणु बम के रूप में निर्मित हो चुका है। द्वितीय महायुद्ध में यह परमाणु बम जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों को पूरा का पूरा निगल चुका है। भविष्य में भी यदि इसका उपयोग किया गया तो यह सम्पूर्ण मानवता के लिये अत्यन्त खतरनाक सिद्ध होगा।

इस प्रकार विज्ञान ने हमें बहुत सुख-सुविधा प्रदान की है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि विज्ञान का उपयोग मानवता के कल्याण के लिये ही हो, विनाश के लिये नहीं। तभी विज्ञान हमारे लिये सदा सर्वदा खुशी के फूल खिलाता रहेगा।

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गणतन्त्र दिवस (26 जनवरी)

गणतन्त्र दिवस का उत्सव प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। यह उत्सव 26 जनवरी को इसलिए मनाया जाता है कि इस दिन भारत ने अपना नया संविधान लागू किया और देश को 26 जनवरी, 1950 ई. को गणतन्त्र घोषित किया। इस वर्ष इस उत्सव को बड़े जोश और खुशी से अपने विद्यालय में मनाया। विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएँ विद्यालय के प्रार्थना स्थल पर प्रातः साढ़े आठ बजे एकत्र हो गए। सबसे पहले विद्यालय की प्रार्थना हुई। इसके बाद सभी छात्र/छात्राएँ सावधान मुद्रा में खड़े हो गए। विद्यालय के प्रधान अध्यापक महोदय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। एन. सी. सी. के कैडेट्स ने झण्डे को सलामी दी। राष्ट्रगान हुआ। प्रधान अध्यापक महोदय ने शिक्षा विभाग से प्राप्त पत्र को पढ़कर सुनाया। पत्र के माध्यम से हमें बताया कि हम कठिन परिश्रम करें, समय पर कार्य करें, जिससे हमारे देश की प्रगति हो सके। इसके बाद हम मैदान में चले गए।

क्रीड़ा स्थल पर बॉलीबाल का मैच हुआ। मैच रुचिकर था। दोनों ही टीमें बहुत अच्छी तरह खेली। इसके बाद सभी छात्र हॉल में गए। वहाँ पर प्रधान अध्यापक के आदेश पर कुछ छात्रों ने देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किये। अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इनाम की घोषणा हुई। बाद में प्रधान अध्यापक महोदय ने अपना संक्षिप्त भाषण दिया जिसमें उन्होंने गणतन्त्र का अर्थ बताया।

बॉलीबाल की दोनों टीमों को तथा गीत प्रस्तुत करने में अच्छे विद्यार्थियों को प्रधान अध्यापक ने इनाम बाँटे और अन्त में सभी छात्रों को अपने घर जाते समय मिष्ठान वितरित किया गया।

कम्प्यूटर

गत वर्षों से तकनीक के क्षेत्र में लगातार नये कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। इस सन्दर्भ में कम्प्यूटर का योगदान सराहनीय है। कम्प्यूटर एक ऐसी वैज्ञानिक युक्ति है, जिसकी मदद से कई दुष्कर एवं जटिल कार्य बड़ी सरलता एवं अत्यन्त कम समय में सम्पन्न किये जा सकते हैं।

कम्प्यूटर के कई प्रकार होते हैं, जैसे-आधुनिक कम्प्यूटर, मिनी सुपर कम्प्यूटर एवं सुपर कम्प्यूटर। ये बहुत ही थोड़े समय में बड़ी संख्या में कठिन कार्यों को करने में सक्षम हैं।

आज कम्प्यूटर का उपयोग जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बहुतायत में हो रहा है। सुरक्षा विषयक क्षेत्रों के अलावा उद्योग, व्यापार, वितरण एवं परिवहन, लगभग सभी क्षेत्रों में इनका व्यापक पैमाने पर प्रयोग किया जाता है। यातायात विशेष रूप से वायु यातायात, रेल यातायात में कम्प्यूटर का सफल प्रयोग हो रहा है। उत्पादन तथा वितरण में भी कम्प्यूटर का योगदान प्रशंसनीय है।

अच्छी किस्म के तथा बड़े आकार के कम्प्यूटर आयात करने पड़ते हैं जिसमें भारी व्यय करना पड़ता है।

अब यह बात सर्वदा सत्य है कि बिना कम्प्यूटर के आज जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। भारत जैसे विकासशील देश के लिए तो इसका प्रयोग और भी आवश्यक है। निश्चित रूप से इसका व्यापक उपयोग भारत की उन्नति में सहायक सिद्ध होगा।

ऋतुराज बसन्त

एक तरफ बरसात जहाँ ऋतुओं की रानी है तो दूसरी ओर बसन्त ऋतुओं का राजा है। इस ऋतु में वृक्ष बड़ी तेजी से अपने पुराने पत्तों को त्यागकर नवीन परिधान धारण करने की तैयारी – में जुट जाते हैं। बसन्त ऋतु आने पर कोयल, भ्रमर एवं तितली अपनी महफिल लगाते हैं।

वृक्ष सिर हिला-हिलाकर बसन्त का अभिनन्दन करते हैं। कोयल पंचम स्वर में गाने लगती है। पक्षी चहचहाने लगते हैं। जानवर उल्लसित होकर इधर-उधर घूमने लगते हैं। इस ऋतु में प्रकृति अपने अनुपम सौन्दर्य से सबका मन मोह लेती है। मानव का मन-मयूर प्रकृति की इस मनमोहक छटा को देखकर प्रफुल्लित हो उठता है। कुल मिलाकर बसन्त ऋतु में सम्पूर्ण सृष्टि अत्यन्त सम्मोहक हो जाती है।

ऋतुराज बसन्त एक रंगीन ऋतु है। इसकी सुन्दरता ने देवताओं तक को प्रभावित किया है। हमारे देश के अनेक कवियों ने इसकी अनोखी सुन्दरता का वर्णन अपने काव्य में किया है।

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मेरा प्रिय कवि (तुलसीदास)

रामचरित मानस की महिमा से मानव के हृदय को पवित्र करने वाले तुलसीदासजी का जन्म संवत् 1554 ई. में बाँदा जिले के राजापुर नामक ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम आत्माराम तथा माता का नाम हुलसी था। बचपन में ही इनकी माँ की मृत्यु हो गई। स्वामी नरहरिदास ने इनका लालन-पालन किया। उन्होंने तुलसीदास को रामकथा अमृत का पान कराया। इन्होंने काशी में निवास करके शास्त्रों का पठन-पाठन किया। दीनबन्धु पाठक की बेटी रत्नावली से तुलसी का विवाह हुआ। उसी की प्रताड़ना से ये एक महान् सन्त बन गये। सम्वत् 1680 में तुलसी मृत्यु की गोद में समा गये।

तुलसीदास जी ने रामचरितमानस जैसे महाग्रन्थ की रचना की। इसके अतिरिक्त इन्होंने गीतावली, दोहावली, कवितावली, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, हनुमान वाहक, कृष्ण-गीतावली इत्यादि प्रसिद्ध रचनाओं का भी सृजन किया।

तुलसी एक समाज सुधारक एवं उपदेशक के रूप में ही विख्यात नहीं हैं, अपितु एक प्रसिद्ध कवि के रूप में भी उनका स्थान काफी ऊँचा है। वास्तव में वे एक महान् कवि सन्त तथा लोकनायक थे।

मेला

हमारे शहर ग्वालियर में प्रतिवर्ष उद्योग सम्बन्धी मेला लगता है, जिसमें पूरे देश से लोग आते हैं। मैं पिछले सोमवार को मेला देखने गया। मेला स्थल बहुत ही आकर्षक था। सभी जगह लोगों के आने-जाने से भीड़ उमड़ रही थी। सभी के चेहरों पर खुशी थी, उल्लास था। उनके साथ बच्चे भी थे। मेरे साथ मेरे माता-पिता और बड़े भाई भी थे। मेले में प्रवेश करने से पहले मेरे माता-पिता ने वहाँ स्थित शिव मन्दिर में भगवान शंकर के दर्शन किए और हम लोगों को भी दर्शन कराये और प्रसाद प्राप्त किया। वहाँ मैंने देखा लोग कारों, स्कूटरों से चले आ रहे थे। हम ही थे जो पैदल चल रहे थे।

स्थानीय मेलों का बड़ा महत्व है। इन मेलों में तरह-तरह के सामान बेचने के लिए लाए जाते हैं। साथ ही उद्योगों के विषय में भी जानकारी मिलती है। खादी वस्त्र उद्योग, कालीन और दरी उद्योगों का उत्पादन मुझे अच्छा लगा। वहाँ कारों, टैक्ट्ररों आदि की बिक्री के केन्द्र भी थे। वहाँ पर खरीदने के लिए रजिस्ट्रेशन किए जा रहे थे। कारों और कृषि यन्त्रों की कीमतों में भारी छूट थी। बिक्री विभाग ने भी कर में छूट देने के लिए वहाँ घोषणा की हुई थी।

इस मेले में खिलौने, अच्छे साहित्य की पुस्तकों के स्टॉल भी लगे थे। पुस्तकें भारत सरकार से अनुमोदित प्रकाशक ही बेच रहे थे। इनके अलावा खाने-पीने की चीजें भी बेची जा रही थीं। पुलिस और स्वास्थ्य सेवा की एजेन्सियाँ अपने काम में मुस्तेद थीं।

अन्त में मेरा सुझाव है कि इन मेलों में विज्ञान सम्बन्धी जानकारियाँ भी दी जाएँ जिससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा हो। इन मेलों से अपनी राष्ट्रीय एकता, सामाजिकता और सांस्कृतिक एकीकरण की बात को बल मिलता है। इन मेलों के द्वारा ‘आओ भारत को जानें ऐसे कार्यक्रम तैयार कराए जाएँ और युवकों तथा युवतियों को इन कार्यक्रमों में भाग लेने को प्रोत्साहित किया जाये।

पर्यावरण रक्षा

पर्यावरण की सुरक्षा करना अब सम्पूर्ण विश्व के लोगों के लिए एक गम्भीर समस्या है। इसका कारण यह है कि पर्यावरणीय प्रदूषण मानव समाज के जीवन और मृत्यु से जुड़ी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसलिए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यदि उपाय नहीं किए गए, तो कुछ वर्षों में ही वातावरण इतना प्रदूषित हो जाएगा कि मानव जाति उसके प्रभाव से सदैव के लिए नष्ट हो जाएगी। यह सब लोगों की भौतिकवादी सोच के कारण ही हो रहा है। प्राकृतिक सम्पदाओं का अविवेकपूर्ण दोहन ही इस प्रदूषण की समस्या का कारण है। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से-जल, वायु, भूमि के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में होने वाला कोई भी अवांछनीय परिवर्तन प्रदूषण है।

बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक विकास, विषैला धुआँ, कारखानों का प्रदूषित अपशिष्ट आदि हमारे पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है।

प्रदूषण के मुख्य रूप हैं-

  1. वायु प्रदूषण,
  2. जल प्रदूषण,
  3. रासायनिक प्रदूषण एवं
  4. ध्वनि प्रदूषण।

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वायु प्रदूषण तो कल-कारखानों की चिमनियों का धुआँ, वाहनों से निकलता धुआँ, ईंधनों से निकलती गैसें, परमाणु बमों के विस्फोटों और परीक्षणों से फैलती रेडियोएक्टिवता आदि से फैल रहा है।

जल प्रदूषण भी उद्योगों के कचरे से फैल रहा है। प्रदूषित जल मनुष्यों, पशुओं और पक्षियों, वनस्पतियों के लिए हानिकारक है।

रासायनिक प्रदूषण खाद, कीटनाशक दवाओं का प्रयोग भूमि की उपजाऊ शक्ति को कम कर रहा है। ध्वनि प्रदूषण कल-कारखानों की मशीनों की तेज ध्वनि, वाहनों की ध्वनि स्नायु मण्डल के सन्तुलन को बिगाड़ देती है, जिससे तनाव रोग, अनिद्रा रोग पैदा हो जाते हैं।

वायु और जल, प्रदूषण को रोकने के लिए फिल्टर आदि ऐसे उपकरण लगाए जाएँ जिनसे वायु और जल को गंदा होने से बचाया जा सके। पर्यावरण रक्षा के लिए वनों की वृद्धि, वृक्षों का लगाया जाना सर्वश्रेष्ठ उपाय है। वृक्ष ही हमें प्रदूषण मुक्त पर्यावरण दे सकते हैं।

अन्त में यह कहना ही महत्वपूर्ण होगा कि पर्यावरणीय सुरक्षा पर थोड़ी सावधानीपूर्वक ध्यान दे दिया जाए, तो मानव अस्तित्व के लिए बने संकट से बचा जा सकता है।

अनुशासन

दिन-रात का होना, ऋतु परिवर्तन होना, प्रकृति के प्रत्येक कार्य में स्वतन्त्रता के साथ अनुशासन का बने रहना, उसके महत्व को बताता है। अनुशासन में रहना पराधीनता नहीं है। अनुशासन निश्चित ही मनुष्य का आभूषण है। इसके बिना जीवन स्वच्छन्दता भरा होगा, सब काम बेतरतीब होंगे। अत: जीवन के विकास के लिए अनुशासन एक सुनियोजित व्यवस्था होती है।

व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में अनुशासन से ही व्यक्ति में आदर्शवादिता और चरित्र निर्माण के आधार निर्मित होते हैं। स्व-अनुशासन से सहयोग, कर्त्तव्यपरायणता एवं सु-नागरिकता के गुण विकसित होते हैं। विद्यार्थी के लिए उक्त सभी बातें बहुत आवश्यक हैं।

अनुशासन से व्यक्ति देश, समाज सभी विकास के पथ पर चल पड़ते हैं, तो निश्चित ही वह व्यक्ति, वह देश, वह समाज सभी का उपदेष्टा बन जाता है। एक आदर्श बनकर अन्य देशों, अन्य विद्यार्थियों, दूसरे समाजों के लिए पथ प्रदर्शक बनकर उन्हें उन्नति के मार्ग पर चलाने वाला गुरु बन जाता है। अनुशासन से धरती स्वर्ग बन जाती है।

अनुशासन से ही पशुत्व और मनुष्यत्व का भेद समझा जा सकता है। मानवता को जीवित रखना है, तो अनुशासित रहिए। अनुशासन ही देश, समाज एवं मानवता को विकास के चरम शिखर तक पहुँचाता है।

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1

Question 1.
List five rational numbers between:
(i) -1 and 0
(ii) -2 and -1
(iii) \(\frac{-4}{5}\) and \(\frac{-2}{3}\)
(iv) \(\frac{1}{2}\) and \(\frac{2}{3}\)
Solution:
(i) Five rational numbers between -1 and 0 are \(\frac{-1}{10}, \frac{-1}{20}, \frac{-1}{30}, \frac{-1}{40}, \frac{-1}{50}\)

(ii) -2 and -1
\(-2=\frac{-12}{6}\) and \(-1=\frac{-6}{6}\)
∴ Five rational numbers between -2 and -1 are \(\frac{-11}{6}, \frac{-10}{6}, \frac{-9}{6}, \frac{-8}{6}, \frac{-7}{6}\).

(iii)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 36

(iv) \(\frac{1}{2}\) and \(\frac{2}{3}\)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 1
∴ Five rational numbers between \(\frac{1}{2}\) and \(\frac{2}{3}\)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 2

Question 2.
Write four more rational numbers in each of the following patterns:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 3
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 4
Therefore, next four rational numbers in this pattern are
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 5
Therefore, next four rational numbers in this pattern are
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 6
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 7
Therefore, next four rational numbers in this pattern are
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 8
Therefore, next four rational numbers in this pattern are
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 9

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Question 3.
Give four rational numbers equivalent to:
(i) \(\frac{-2}{7}\)
(ii) \(\frac{5}{-3}\)
(iii) \(\frac{4}{9}\)
Solution:
Four rational numbers are
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 10
Four rational numbers are
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 11
Four rational numbers are
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Question 4.
Draw the number line and represent the following rational numbers on it:
(i) \(\frac{3}{4}\)
(ii) \(\frac{-5}{8}\)
(iii) \(\frac{-7}{4}\)
(iv) \(\frac{7}{8}\)
Solution:
(i) \(\frac{3}{4}\)
The fraction represents 3 parts out of 4 equal parts. Therefore, each space between two integers on the number line must be divided into 4 equal parts.
∴ \(\frac{3}{4}\) can be represented as
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 13

(ii) \(\frac{-5}{8}\)
The fraction represents 5 parts out of 8 equal parts and negative sign represents that it is on the left side of the number line. Therefore, each space between two integers on the number line must be divided into 8 equal parts.
∴ \(\frac{5}{8}\) can be represented as
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 14

(iii) \(\frac{-7}{4}\) = \(-1 \frac{3}{4}\)
The fraction represents 1 full part and 3 parts out of 4 equal parts and negative sign represents that it is on the left side of the number line. Therefore, each space between two integers on the number line must be divided into 4 equal parts.
∴ \(\frac{-7}{4}\) can be represented as
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 15

(iv) \(\frac{7}{8}\)
The fraction represents 7 parts out of 8 equal parts. Therefore, each space between two integers on the number line must be divided into 8 equal parts.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 16

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1

Question 5.
The points P, Q, R, S, T, U, A and B on the number line are such that, TR = RS = SU and AP = PQ = QB. Name the rational numbers represented by P, Q, R and S.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 17
Solution:
Distance between U and T = 1 unit
It is divided into 3 equal parts.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 18
Similarly, AB = 1 unit
It is divided into 3 equal parts.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 19

Question 6.
Which of the following pairs represent the same rational number?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 20
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 21
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 22
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 23
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 24

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1

Question 7.
Rewrite the following rational numbers in the simplest form:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 25
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 26

Question 8.
Fill in the boxes with the correct symbol out of >, < and =.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 27
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 28
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 29

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1

Question 9.
Which is greater in each of the following:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 30
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 31
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 32

Question 10.
Write the following rational numbers in ascending order:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 33
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 34
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 9 Rational Numbers Ex 9.1 35

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4

Question 1.
A garden is 90 m long and 75 m broad. A path 5 m wide is to be built outside and around it. Find the area of the path. Also find the area of the garden in hectare.
Solution:
Length of garden (l) = 90 m
Breadth of garden (b) = 75 m
Area of garden = l × b = 90 × 75 = 6750 m2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 1
From the figure, it can be observed that the new length and breadth of the garden, when path is also included, are (90 + 5 + 5) m i.e., 100 m and (75 + 5 + 5) m i.e., 85 m respectively.
Area of the garden including the path = 100 × 85 = 8500 m2
Area of path = Area of the garden including the path – Area of garden
= 8500 – 6750 = 1750 m2
1 hectare = 10000 m2
Therefore, area of garden in hectare = \(\frac{6750}{10000}\)
= 0.675 hectare

Question 2.
A 3 m wide path runs outside and around a rectangular park of length 125 m and breadth 65 m. Find the area of the path.
Solution:
Length of park (I) = 125 m
Breadth of park (b) = 65 m
Area of park = l × b = 125 × 65 = 8125 m2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 2
From the figure, it can be observed that the new length and breadth of the park, when path is also included, are (125 + 3 + 3) m i.e., 131 m and (65 + 3 + 3) m i.e., 71 m respectively.
Area of the park including the path = 131 × 71 = 9301 m2
Area of path = Area of the park including the path – Area of park
= 9301 – 8125 = 1176 m2

Question 3.
A picture is painted on a cardboard 8 cm long and 5 cm wide such that there is a margin of 1.5 cm along each of its sides. Find the total area of the margin.
Solution:
Length of cardboard (l) = 8 cm
Breadth of cardboard (b) = 5 cm
Area of cardboard = l × b = 8 × 5 = 40 cm2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 3
From the figure, it can be observed that the new length and breadth of the cardboard, when margin is not included, are (8 – 1.5 – 1.5) cm i.e., 5 cm and (5 – 1.5 – 1.5) cm i.e., 2 cm respectively.
Area of the cardboard not including the margin = 5 × 2 = 10 cm2
Area of the margin = Area of cardboard – area of cardboard not including the margin
= 40 – 10 = 30 cm2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4

Question 4.
A verandah of width 2.25 m is constructed all along outside a room which is 5.5 m long and 4 m wide. Find:
(i) the area of the verandah.
(ii) the cost of cementing the floor of the verandah at the rate of ₹ 200 per m2.
Solution:
(i) Length of room (l) = 5.5 m
Breadth of room (b) = 4 m
Area of room = l × b = 5.5 × 4 = 22 m2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 4
From the figure, it can be observed that the new length and breadth of the room, when verandah is also included, are (5.5 + 2.25 + 2.25) m i.e., 10 m and (4 + 2.25 + 2.25) m i.e., 8.5 m respectively.
Area of the room including the verandah = 8.5 × 10 = 85 m2
Area of verandah = Area of the room including the verandah – Area of room = 85 – 22 = 63 m2

(ii) Cost of cementing 1 m2 area of the floor of the verandah = ₹ 200
Cost of cementing 63 m2 area of the floor of the verandah = 200 × 63 = ₹ 12600

Question 5.
A path 1 m wide is built along the border and inside a square garden of side 30 m. Find:
(i) the area of the path
(ii) the cost of planting grass in the remaining portion of the garden at the rate of ₹ 40 per m2.
Solution:
(i) Side of square garden (a) = 30 m
Area of square garden = a2 = (30)2 = 900 m2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 5
From the figure, it can be observed that the side of the square garden, when path is not included, is (30 – 1 – 1) m i.e., 28 m.
Area of the square garden not including the path = (28)2 = 784 m2
Area of path = Area of the square garden – Area of square garden not including the path = 900 – 784 = 116 m2

(ii) Cost of planting grass in 1 m2 area of the garden = ₹ 40
Cost of planting grass in 784 m2 area of the garden = 784 × 40 = ₹ 31360

Question 6.
Two cross roads, each of width 10 m, cut at right angles through the centre of a rectangular park of length 700 m and breadth 300 m and parallel to its sides. Find the area of the roads. Also find the area of the park excluding cross roads. Give the answer in hectares.
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 6
Length of park (l) = 700 m
Breadth of park (b) = 300 m
Area of park = 700 × 300 = 210000 m2
Length of road PQRS = 700 m
Length of road ABCD = 300 m
Width of each road = 10 m.
KLMN is a square of side 10 m.
Area of two roads = area (PQRS) + area (ABCD) – area (KLMN)
= (700 × 10) + (300 × 10) – (10 × 10)
= 7000 + 3000 – 100 = 10000 – 100 = 9900 m2
= \(\frac{9900}{10000}\) hectare = 0.99 hectare (∵ 1 hectare = 10000 m2)
Area of park excluding roads = 210000 – 9900
= 200100 m2 = \(\frac{200100}{10000}\) hectare = 20.01 hectare

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4

Question 7.
Through a rectangular field of length 90 m and breadth 60 m, two roads are constructed which are parallel to the sides and cut each other at right angles through the centre of the fields. If the width of each road is 3 m, find
(i) the area covered by the roads.
(ii) the cost of constructing the roads at the rate of ₹ 110 per m2.
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 7
Length of field (l) = 90 m
Breadth of field (b) = 60 m
Area of field = 90 × 60 = 5400 m2
Length of road PQRS = 90 m
Length of road ABCD = 60 m
Width of each road = 3 m
KLMN is a square of side 3 m.
(i) Area of the roads = area (PQRS) + area (ABCD) – area (KLMN)
= (90 × 3) + (60 × 3) – (3 × 3)
= 270 + 180 – 9 = 441 m2
(ii) Cost for constructing 1 m2 road = ₹ 110
Cost for constructing 441 m2 road
= 110 × 441 = ₹ 48510

Question 8.
Pragya wrapped a cord around a circular pipe of radius 4 cm (adjoining figure) and cut off the length required of the cord. Then she wrapped it around a square box of side 4 cm (also shown). Did she have any cord left? (π = 3.14)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 8
Solution:
Perimeter of circular pipe = 2πr
= 2 × 3.14 × 4 = 25.12 cm
Perimeter of the square = 4 × Side of the square = 4 × 4 = 16 cm
Length of cord left withPfagya = 25.12 – 16 = 9.12 cm

Question 9.
The adjoining figure represents a rectangular lawn with a circular flower bed in the middle. Find:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 9
(i) the area of the whole land
(ii) the area of the flower bed
(iii) the area of the lawn excluding the area of the flower bed
(iv) the circumference of the flower bed.
Solution:
(i) Area of whole land = Length × Breadth
= 10 × 5 = 50 m2
(ii) Area of flower bed = πr2 = 3.14 × 2 × 2
= 12.56 m2
(iii) Area of lawn excluding the flower bed = Area of whole land – Area of flower bed
= 50 – 12.56 = 37.44 m2
(iv) Circumference of the flower bed = 2πr
= 2 × 3.14 × 2 = 12.56 m

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Question 10.
In the following figures( find the area of the shaded portions:
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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 11
Solution:
(i) Area of EFDC
= area(ABCD) – area (BCE) – area (AFE)
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Question 11.
Find the area of the quadrilateral ABCD.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.4 13
Here, AC = 22 cm, BM = 3 cm, DN = 3 cm and BM⊥AC, DN⊥AC
Solution:
Area (ABCD) = area (ABC) + area (ADC)
= \(\frac{1}{2}\) (3 × 22) + \(\frac{1}{2}\) (3 × 22)
= 33 + 33 = 66 cm2

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MP Board Class 6th Special Hindi पत्र-लेखन

MP Board Class 6th Special Hindi पत्र-लेखन

मनुष्य अपने विचारों तथा भावों को क्रमबद्ध रूप से अपने मित्र व सम्बन्धियों को लिखकर, डाक द्वारा अथवा पत्रवाहक द्वारा भेजता है, उसे पत्र कहते हैं।

पत्र मुख्यतः तीन प्रकार के-

    1. प्रार्थना-पत्र,
  1. निजी पत्र,
  2. व्यावसायिक पत्र होते हैं।

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1. प्रार्थना-पत्र

प्रश्न 1.
अपने प्रधानाचार्य महोदय को 3 दिन के अवकाश प्राप्ति के लिए एक प्रार्थना-पत्र लिखो, जिसमें स्कूल न आने का कारण बीमारी हो।
उत्तर-
सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, ग्वालियर

महोदय,
विनम्र प्रार्थना है कि मुझे गत रात्रि से तेज बुखार आ गया है, इस कारण मैं विद्यालय आने में असमर्थ हूँ।
कृपया आप मुझे दिनांक 15-07………..से 17-07…… तक 3 दिन का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।

दिनांक : 15-07…………..

आपका आज्ञाकारी शिष्य
रामप्रसाद
कक्षा 6 (ब)

प्रश्न 2.
अपने प्रधानाचार्य महोदय को स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए एक प्रार्थना-पत्र लिखो।
उत्तर-
सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाचार्य महोदय,
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, उज्जैन

विषय स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन-पत्र महोदय,

विनम्र निवेदन है कि हाल ही में मेरे पिताजी का स्थानान्तरण वरिष्ठ अधिकारी के पद पर उज्जैन से भोपाल हो गया है। अतः मुझे यह विद्यालय छोड़ने पर विवश होना पड़ रहा है।

अतः श्रीमान् जी से प्रार्थना है कि आप मुझे स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र निर्गत करने का कष्ट करें। आपकी अति कृपा होगी।

दिनांक: 05-07…………..

आपका आज्ञाकारी शिष्य
कमल शर्मा
कक्षा 6 (अ)

प्रश्न 3.
अपने प्रधानाध्यापक महोदय को शुल्क-मुक्ति हेतु एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाध्यापक महोदय,
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, रीवा
विषय-शुल्क-मुक्ति हेतु प्रार्थना-पत्र

महोदय,
प्रार्थना यह है कि मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यन्त शोचनीय है। पिता की मासिक आय मात्र 4000/- है। घर में परिवार के सदस्यों की संख्या आठ है। मेरे दो छोटे भाई-बहन भी विद्यालय पढ़ने जाते हैं। ऐसी स्थिति में शुल्क देना तो दूर घर में भरण-पोषण की भी समस्या बनी रहती है।

अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि मुझे पूर्ण शुल्क-मुक्ति प्रदान करके अनुगृहीत करें जिससे मेरी पढ़ाई लगातार जारी रह सके। आपकी इस महती कृपा के लिए मैं आजन्म आभारी रहूँगा।

दिनांक: 06-07……….

आपका आज्ञाकारी शिष्य
अक्षय कुलश्रेष्ठ
कक्षा 6 (अ)

प्रश्न 4.
अपने प्रधानाध्यापक को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए जिसमें अपने भाई के विवाह में जाने हेतु तीन दिवस के अवकाश की मांग की गई हो।
उत्तर-
सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय,
इन्दौर (म. प्र.)

महोदय,
विनम्र निवेदन है कि मेरे बड़े भाई कौशलेन्द्र सिंह का शुभ विवाह दिनांक 17 अप्रैल, 20…….. का होना निश्चित हुआ है। मुझे भी उनके विवाह में उपस्थित होना है। अतः दिनांक 16-4-20… से 18-4-20…. तक का अवकाश देकर मुझ पर कृपा कीजिए। सधन्यवाद

आपका आज्ञाकारी शिष्य
दिनेश सिंह भदौरिया
कक्षा 6 ‘क’

दिनांक 14.4.20……..

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2. निजी पत्र

प्रश्न 5.
अपने पिताजी को वार्षिक परीक्षा की तैयारी की जानकारी देने हेतु एक पत्र लिखिए।
उत्तर-
छात्रावास मिशन उ. मा. विद्यालय
जबलपुर (म. प्र.)

आदरणीय पिताजी,

सादर चरण स्पर्श।
कल प्रातः आपका मित्र मिला। मैं यहाँ पर स्वस्थ एवं सानन्द हूँ, आशा है कि भगवान की कृपा से आप सब भी सकुशल होंगे।

मैं यहाँ पर अपनी वार्षिक परीक्षा की तैयारी करने में जुटा हुआ हूँ। इसलिए पत्र देने में विलम्ब हुआ। वार्षिक परीक्षा सम्भवतः 10 मार्च से शुरू होंगी।

मैं साल के प्रारम्भ से ही पूर्ण मनोयोग से पढ़ाई कर रहा हूँ। अत: मुझे अपनी परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने की पूर्ण आशा है। आपका आशीर्वाद ही इस दिशा में मेरे लिए आशा का सम्बल सिद्ध होगा। माताजी को चरण स्पर्श तथा छोटे भाई बहिनों को मेरा ढेर सारा प्यार।

पत्रोत्तर की प्रतीक्षा में
आपका प्रिय पुत्र
कनिष्क

प्रश्न 6.
अपने मित्र को पत्र लिखकर होली मनाने के अपने अनुभव लिखिए।
उत्तर-

625, नेहरू एन्क्ले
व हवाई अड्डा , इन्दौर (म. प्र.)
दिनांक 24 मार्च, 20…….

प्रिय मित्र सुरेश गुप्ता,

नमस्ते!
तुमने मुझे अभी तक पिछली मुलाकात के बाद कोई पत्र नहीं लिखा है। मुझे तुम्हारे विषय में बहुत चिन्ता है। तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक होगा और पढ़ाई भी ठीक चल रही होगी। वार्षिक परीक्षा शुरू होने ही वाली है। मैं अपने गाँव चला गया था, होली मनाने। मैं समझता हूँ वहाँ का अनुभव मैं तुम्हारे लिए पत्र में लिखें।

गाँव में मैंने देखा कि लोगों में होली के उत्सव का भारी उत्साह भरा था। वे लोग आपस में प्रेम से गले मिले। गुलाल लगाया। उनके हृदय में सपाट प्रेम का जुनून अवश्य था, परन्तु जो दुःख देने वाली बात थी, वह यह कि वे लोग शराब आदि बहुत पीते हैं। नशे में भी कभी-कभी दुःखदायी घटनाएँ भी कर बैठते हैं। लोगों को गुलाल और रंग से होली खेलते देख रहा था। उन्होंने इन रंगों में बहुत से एसिड आदि मिलाए हुए थे। जो शरीर पर लगने के बाद जलन पैदा करते थे। . अंत में, मेरा सुझाव है कि गाँव में जाकर, होली से पूर्व लोगों को इन हानियों को बताया जाय। उन्हें होली के त्यौहार का महत्व ‘हेल-मेल’ का बढ़ावा देना-बताया जाए। अपने माता-पिता, भाई-बहन सभी को मेरा प्रणाम।

पत्र की प्रतीक्षा में
तुम्हारा प्रिय
सौमित्र सिंह

प्रश्न 7.
परीक्षा में सफल होने पर मित्र को बधाई पत्र लिखिये।
उत्तर-

7/65, नेहरू नगर,
भोपाल (म. प्र.)
दिनांक : 24 मई…………

प्रिय मित्र सुरेश,

नमस्कार।
तुम्हारा पत्र मिला। पढ़कर बेहद प्रसन्नता हुई कि तुमने कक्षा 5 की परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किये हैं। परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर मेरी बधाई स्वीकार करो। भविष्य में भी तुम अपने परिश्रम से सफलता के नित नये सोपान चढ़ो इस शुभकामना के साथ पुनः हार्दिक बधाई। तुम्हारे आदरणीय पिताजी व माताजी को सादर चरण स्पर्श।

तुम्हारा मित्र
आकाश

प्रश्न 8.
अपने ग्राम की सफाई के लिए ग्राम पंचायत को एक पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
ग्राम प्रधान महोदय,
ग्राम पंचायत, बीजापुर समसी (म. प्र.)

मान्यवर,
मैं बीजापुर समसी ग्राम का निवासी हूँ। ग्राम पंचायत में सरकारी सफाई कर्मचारी की नियुक्ति सरकार द्वारा की गई है। लेकिन ग्राम पंचायत के सभी मुहल्लों और नगरों में वह सफाई करने के लिए नहीं आता है। कृपया, उस कर्मचारी को नियमित सफाई के लिए भेजने का कष्ट करें। उसके द्वारा काम पर न आने से गाँव-गलियों की नालियाँ गन्दगी से भरी पड़ी हैं। मच्छर पैदा हो रहे हैं। इन मच्छरों के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। अतः आपसे सानुरोध निवेदन है कि सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की कृपा करें।

धन्यवाद
दिनांक 14.4.20……

निवेदक
क, ख, ग ग्राम निवासी

प्रश्न 9.
अपने मित्र को स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की सलाह देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर-

142, गाँधी पार्क कॉलोनी
ग्वालियर (म. प्र.) दिनांक :
16 अप्रैल, 20….

प्रिय मित्र हरिमोहन,

नमस्कार।
आपके पत्र को पाकर बेहद प्रसन्नता हुई। तुमने कक्षा-6 की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली, यह सूचना पाकर मुझे अपार खुशी हुई। अब समझता हूँ कि इस सत्र की समाप्ति से तुम्हारा ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा। इस समय गर्मी भी बहुत पड़ रही है। लेकिन कभी-कभी मौसम जल्दी-जल्दी बदलाव ले लेता है। ऐसी दशा में स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही इस तरह के मौसम में मच्छर और अन्य बीमारी फैलाने वाले कीटाणु अधिक जन्म लेते हैं। उनसे बचाव के उपाय तुम्हें करना चाहिए। प्रातः सूर्योदय से पूर्व नित्य कर्म से निवृत्त होकर दौड़ लगाने का प्रतिदिन कार्यक्रम रखिए। शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा बनाए रखने से बीमारियों का असर नहीं होता है। स्वच्छ और ताजा आहार लीजिए फलों का सेवन भी नियमित करते रहिए। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग रहता है। बस इसी के साथ अपने माता-पिता को मेरा चरण स्पर्श कहिए। पत्र देना न भूलें।

इति

तुम्हारा मित्र
मनवीर सिंह चौधरी

प्रश्न 10.
अपने मित्र को पत्र लिखकर गणतन्त्र दिवस की बधाई दीजिए।
उत्तर-

17/29, महाकालेश्वर मार्ग,
उज्जैन (म. प्र.)
दिनांक : 16 मार्च, 20…..

प्रिय मित्र सोहनजी मोहनकुमार,

नमस्ते
तुम्हारा पत्र प्राप्त हुआ, पढ़कर अति प्रसन्नता हुई। तुम अपने सहपाठियों सहित प्रसन्न हो, यह जानकर मुझे भी हर्ष हुआ। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में तुमने अच्छे अंक पाए, इसके लिए तुम्हें साधुवाद । साथ ही, तुम्हारे विद्यालय में इस वर्ष जनवरी माह में 26 जनवरी को गणतन्त्र दिवस मनाया गया। तुमने कार्यक्रम में भाग लिया और अच्छे पुरस्कार लिए, इसके लिए भी तुम्हें भूरि-भूरि साधुवाद। साथ ही गणतन्त्र दिवस के पूरे उत्सव के लिए तुम्हें बधाई है। आशा करता हूँ कि आगे आने वाले गणतन्त्र दिवस समारोह पर मैं भी आकर दर्शक बनें।

तुम्हारा शुभेच्छु
मोहन स्वरूप गर्ग

MP Board Solutions

3. व्यावसायिक पत्र

प्रश्न 11.
किसी पुस्तक प्रकाशक/विक्रेता से पुस्तकें मंगाने के लिए एक पत्र लिखिए।
उत्तर-
मैं. शिवलाल अग्रवाल कं.
खजूरी बाजार, इन्दौर
दिनांक : 02-07……………………..

मान्यवर,
कृपा करके आप निम्नलिखित पुस्तकें उचित कमीशन काटकर नीचे लिखे पते पर वी. पी. द्वारा भेजने का कष्ट करें।
MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti पत्र-लेखन 1

मेरा पता
अक्षय कुमार
45, नेपियर टाउन, जबलपुर (म. प्र.)

MP Board Class 6th Hindi Solutions

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3

Question 1.
Find the circumference of the circles with the following radius: (Take π = \(\frac{22}{7}\))
(a) 14 cm
(b) 28 mm
(c) 21 cm
Solution:
(a) r = 14 cm
∴ Circumference = 2πr = 2 × \(\frac{22}{7}\) × 14 =88 cm
(b) r = 28 mm
∴ Circumference = 2πr = 2 × \(\frac{22}{7}\) × 28 = 176 mm
(c) r = 21 cm
∴ Circumference = 2πr = 2 × \(\frac{22}{7}\) × 21 = 132 cm

Question 2.
Find the area of the following circles, given that: (Take π = \(\frac{22}{7}\))
(a) radius = 14 mm
(b) diameter = 49 m
(c) radius = 5 cm
Solution:
(a) r = 14 mm
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3 1

Question 3.
If the circumference of a circular sheet is 154 m, find its radius. Also find the area of the sheet. (Take π = \(\frac{22}{7}\))
Solution:
Circumference = 2πr = 154 m
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3 2

Question 4.
A gardener wants to fence a circular garden of diameter 21 m. Find the length of the rope he needs to purchase, if he makes 2 rounds of fence. Also find the cost of the rope, if it costs ₹ 4 per meter. (Take π = \(\frac{22}{7}\))
Solution:
Diameter (d) = 21 m 21
∴ Radius (r) = \(\frac{21}{2}\)m
Circumference = 2πr = 2 × \(\frac{22}{7} \times \frac{21}{2}\) = 66 m
Length of rope required for fencing = 2 × 66 m = 132 m
Cost of 1 m rope = ₹ 4
Cost of 132 m rope = 4 × 132 = ₹ 528

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3

Question 5.
From a circular sheet of radius 4 cm, a circle of radius 3 cm is removed. Find the area of the remaining sheet. (Take π = 3.14)
Solution:
Outer radius of circular sheet (R) = 4 cm
Inner radius of circular sheet (r) = 3 cm
Remaining area = πR2 – πr2
= 3.14 × 4 × 4 – 3.14 × 3 × 3
= 50.24 – 28.26 = 21.98 cm2

Question 6.
Saima wants to put a lace on the edge of a circular table cover of diameter 1.5 m. Find the length of the lace required and also find its cost if one meter of the lace costs ₹ 15. (Take π = 3.14)
Solution:
The length of the lace required = circumference of circular table
Circumference = 2πr = 2 × 3.14 × \(\frac{d}{2}\)
= 2 × 3.14 × \(\frac{1.5}{2}\) = 4.71 m
Cost of 1 m lace = ₹ 15
Cost of 4.71 m lace = 4.71 × 15 = ₹ 70.65

Question 7.
Find the perimeter of the adjoining figure, which is a semicircle including its diameter.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3 3
Solution:
Diameter = 10 cm
Radius = \(\frac{10}{2}\) = 5 cm
Circumference of semicircle = \(\frac{2 \pi r}{2}\)
= 2 × \(\frac{1}{2} \times \frac{22}{7}\) × 5 = 15.71 cm
Total perimeter = Circumference of semicircle + Length of diameter
= 15.71 + 10 = 25.71 cm

Question 8.
Find the cost of polishing a circular table-top of diameter 1.6 m, if the rate of polishing is ₹ 15/m2. (Take π = 3.14)
Solution:
Diameter = 1.6 m
∴ Radius = \(\frac{1.6}{2}\) = 0.8 m
Area = πr2 = 3.14 × 0.8 × 0.8 = 2.0096 m2
Cost for polishing 1 m2 area = ₹ 15
Cost for polishing 2.0096 m2 area
= 15 × 2.0096 = ₹ 30.14
Therefore, it will cost ₹ 30.14 for polishing circular table.

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Question 9.
Shazli took a wire of length 44 cm and bent it into the shape of a circle. Find the radius of that circle. Also find its area. If the same wire is bent into the shape of a square, what will be the length of each of its sides? Which figure encloses more area, the circle or the square? (Take π = \(\frac{22}{7}\))
Solution:
If the wire is bent into a circle, then the length of wire = circumference of the circle
⇒ 2πr = 44 cm
⇒ 2 × \(\frac{22}{7}\) × r = 44
⇒ r = 7 cm
Area = πr2= \(\frac{22}{7}\) × 7 × 7 = 154 cm2
If the wire is bent into a square, then the length of the wire = perimeter of the square
⇒ 4 × side = 44cm ⇒ side = \(\frac{44}{4}\) = 11 cm
Area of square = (11)2 = 121 cm2
As 154 > 121,
Therefore, circle encloses more area.

Question 10.
From a circular card sheet of radius 14 cm, two circles of radius 3.5 cm and a rectangle of length 3 cm and breadth 1 cm are removed (as shown in the following figure). Find the area of the remaining sheet. (Take π = \(\frac{22}{7}\))
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3 4
Solution:
Area of bigger circle = \(\frac{22}{7}\) × 14 × 14 = 616 cm2
Area of 2 small circles = 2 × πr2
= 2 × \(\frac{22}{7}\) × 3.5 × 3.5 = 77 cm2
Area of rectangle = Length × Breadth = 3 × 1
= 3 cm2
Area of remaining sheet = Area of bigger circle – (Area of 2 small circles + Area of rectangle)
= 616 – (77 + 3) = 536 cm2

Question 11.
A circle of radius 2 cm is cut out from a square piece of an aluminium sheet of side 6 cm. What is the area of the left over aluminium sheet? (Take π = 3.14)
Solution:
Area of square-shaped sheet = (Side)2
= (6)2 = 36 cm2
Area of circle = 3.14 × 2 × 2= 12.56 cm2
Area of remaining sheet = Area of square sheet – area of circle
= 36 – 12.56 = 23.44 cm2

Question 12.
The circumference of a circle is 31.4 cm. Find the radius and the area of the circle? (Take π = 3.14)
Solution:
Let r be the radius of circle. Circumference = 2πr = 31.4 cm
⇒ 2 × 3.14 × r = 31.4 cm
⇒ r = 5 cm
Area = 3.14 × 5 × 5 = 78.50 cm2

Question 13.
A circular flower bed is surrounded by a path 4 m wide. The diameter of the flower bed is 66 m. What is the area of this path? (π = 3.14)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3 5
Solution:
Radius of flower bed = \(\frac{66}{2}\) = 33 m
Width of the path = 4 m
Radius of flower bed and path together = 33 + 4 = 37 m
Area of flower bed and path together
= 3.14 × 37 × 37 = 4298.66 m2
Area of flower bed = 3.14 × 33 × 33 = 3419.46 m2
Area of path = Area of flower bed and path together – Area of flower bed
= 4298.66 – 3419.46 = 879.20 m2

Question 14.
A circular flower garden has an area of 314 m2. A sprinkler at the centre of the garden can cover an area that has a radius of 12 m. Will the sprinkler water the entire garden? (Take π = 3.14)
Solution:
Area = πr2 = 314 m2
3.14 × r2 = 314 ⇒ r2 = 100 ⇒ r = 10 m
Yes, the sprinkler will water the whole garden.

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Question 15.
Find the circumference of the inner and the outer circles, shown in the adjoining figure? (Take π = 3.14)
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3 6
Solution:
Radius of outer circle = 19 m
Circumference = 2πr =2 × 3.14 × 19 = 119.32 m
Radius of inner circle = 19 – 10 = 9 m
Circumference = 2πr = 2 × 3.14 × 9 = 56.52 m

Question 16.
How many times a wheel of radius 28 cm must rotate to go 352 m? (Take π = \(\frac{22}{7}\))
Solution:
r = 78 cm
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.3 7
Therefore, it will rotate 200 times.

Question 17.
The minute hand of a circular clock is 15 cm long. How far does the tip of the minute hand move in 1 hour? (Take π = 3.14)
Solution:
Distance travelled by the tip of minute hand = Circumference of the clock
= 2πr = 2 × 3.14 × 15 = 94.2 cm

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MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3

Question 1.
Tell what is the profit or loss in the following transactions. Also find profit percent or loss percent in each case.
(a) Gardening shears bought for ₹ 250 and sold for ₹ 325.
(b) A refrigerator bought for ₹ 12,000 and sold at ₹ 13,500.
(c) A cupboard bought for ₹ 2,500 and sold at ₹ 3,000.
(d) A skirt bought for ₹ 250 and sold at ₹ 150.
Solution:
(a) Cost price = ₹ 250,
Selling price = ₹ 325
Profit = 325 – 250 = ₹ 75
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 1

(b) Cost price = ₹ 12000,
Selling price = ₹ 13500
Profit = 13500 – 12000 = ₹ 1500
Profit % = \(\frac{1500}{12000} \times 100=12.5 \%\)

(c) Cost price = ₹ 2500,
Selling price = ₹ 3000
Profit = 3000 – 2500 = ₹ 500
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 2

(d) Cost price = ₹ 250,
Selling price = ₹ 150
Loss = 250 – 150 = ₹ 100
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 3

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Question 2.
Convert each part of the ratio to percentage:
(a) 3 : 1
(b) 2 : 3 : 5
(c) 1 : 4
(d) 1 : 2 : 5
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 4
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 5

Question 3.
The population of a city decreased from 25,000 to 24,500. Find the percentage decrease.
Solution:
Initial population = 25000 and Final population = 24500
Decrease = 500
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 6

Question 4.
Arun bought a car for ₹ 3,50,000. The next year, the price went upto ₹ 3,70,000. What was the percentage of price increase?
Solution:
Initial price = ₹ 350000
Final price = ₹ 370000
Increase = ₹ 20000
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 7

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3

Question 5.
I buy a T.V. for ₹ 10,000 and sell it at a profit of 20%. How much money do I get for it?
Solution:
Cost price = ₹ 10,000
Profit % = 20%
∴ Profit = 20% of 10000
Selling price = Profit + Cost price
\(=\frac{20}{100} \times 10000+10000\)
= 2000 + 10000 = ₹ 12,000

Question 6.
Juhi sells a washing machine for ₹ 13,500. She loses 20% in the bargain. What was the price at which she bought it?
Solution:
Selling price = ₹ 13500,
Loss% = 20%
Let the cost price be x.
∴ Loss = 20% of x
Cost price – Loss = Selling price
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 8
Therefore, she bought it for ₹ 16875.

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Question 7.
(i) Chalk contains calcium, carbon and oxygen in the ratio 10 : 3 : 12. Find the percentage of carbon in chalk.
(ii) If in a stick of chalk, carbon is 3 g, what is the weight of the chalk stick?
Solution:
(i) Ratio of calcium, carbon and oxygen = 10 : 3 : 12
Therefore, percentage of carbon = \(\frac{3}{25} \times 100 \%\)
= 12%

(ii) Let the weight of the chalk stick be x g.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 9

Question 8.
Amina buys a book for ₹ 275 and sells it at a loss of 15%. How much does she sell it for?
Solution:
Cost price = ₹ 275
Loss% = 15% or Loss = 15% of 275
Cost price – Loss = Selling price
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 10
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 11
⇒ 275 – 41.25 = Selling price
∴ Selling price = ₹ 233.75

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Question 9.
Find the amount to be paid at the end of 3 years in each case:
(a) Principal = ₹ 1,200 at 12% p.a.
(b) Principal = ₹ 7,500 at 5% p.a.
Solution:
(a) Principal (P) = ₹ 1200
Rate (R) = 12% p.a.
Time (T) = 3 years
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 12

Question 10.
What rate gives ₹ 280 as interest on a sum of ₹ 56,000 in 2 years?
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 13
Therefore, 0.25% gives ₹ 280 as interest on the given sum.

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3

Question 11.
If Meena gives an interest of ₹ 45 for one year at 9% rate p.a„ What is the sum she has borrowed?
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.3 14
Therefore, Meena has borrowed ₹ 500.

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MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti महत्त्वपूर्ण पाठों के सारांश

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions महत्त्वपूर्ण पाठों के सारांश

कटक वचन मत बोल

प्रस्तुत पाठ रामेश्वर दयाल दुबे की रचना है। इस पाठ में लेखक ने स्पष्ट किया है कि वाणी अति महत्वपूर्ण है। संसार में वाणी का वरदान केवल मनुष्य को ही प्राप्त है। अतः उसे सदैव विनम्र और मृदुभाषी होना चाहिए। विनम्र व्यक्ति सदैव लम्बी आयु प्राप्त करता है। कटु वचन लोगों को चुभ जाते हैं। श्रोताओं पर कटु वचनों का प्रभाव ऐसा होता है कि इससे बड़े-बड़े अनर्थ हो जाते हैं।

यद्यपि सत्य आचरण और सत्य कथन दोनों का पालन करना भी कठिन होता है परन्तु दोनों के पालन में मनुष्य को अपनी वाणी पर नियन्त्रण रखना चाहिए। विनम्रतापूर्वक कटु सत्य को भी लोगों तक पहुँचाया जा सकता है। उससे दूसरे को ठेस भी नहीं लगती है और सत्य बात भी कह दी जाती है। इसे ही वाणी की चतुराई कहते हैं। इससे ही मनुष्य का व्यक्तित्व निखरकर प्रभावशाली हो जाता है।

लेखक ने अनेक उदाहरण देकर यही तथ्य सामने रखा है कि जीभ में कोमलता है, अतः हमें कोमल और मृदुभाषी होना चाहिए। वाणी के प्रयोग से ही अनेक युद्ध हुए हैं। महाभारत युद्ध वाणी के दुरुपयोग का ही नतीजा था। मीठा वचन औषधि के समान लाभकारी होता है और कटु वचन वाण सदृश जो हृदय को चीर देता है। मृदु वचन अमृत समान प्रभावशाली होता है। वाणी की चतुराई से कटु सत्य को प्रिय और मधुर बनाया जा सकता है। अतः हमें अपने व्यक्तित्व को लोकप्रिय बनाना है, तो हमें मृदुभाषी होना पड़ेगा।

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हार की जीत

प्रस्तुत कहानी ‘हार की जीत’ में सुदर्शन जी ने इस तथ्य को सभी के सामने उजागर कर दिया है कि मनुष्य अपने श्रेष्ठ विचारों और सद्व्यवहार से बड़े से बड़े दुर्दान्त डाकुओं और क्रूर हृदय वाले व्यक्तियों के हृदय को भी परिवर्तित कर सकता है। इस कहानी के पुरुष पात्र दो हैं-एक बाबा भारती और दूसरा डाकू खड्गसिंह। बाबा भारती के पास अमूल्य सम्पत्ति है उनका घोड़ा सुलतान । बाबा भारती अपने घोड़े से बहुत प्यार करते हैं। वह घोड़ा बाबा भारती का परिवारी सदस्य है।

उसी क्षेत्र में डाकू खड्गसिंह रहता है। उसके नाम से सभी काँपते हैं। उसने बाबा भारती के घोड़े की विशेषताओं को सुना। वह आता है, घोड़े को देखकर वह बाबा भारती से कहता है कि मैं इस घोड़े को तुम्हारे पास नहीं रहने दूँगा। बाबा भारती घोड़े की रखवाली के लिए रात-दिन चिन्तित रहने लगे। एक दिन कंगले अपाहित का वेश धारण करके खड्गसिंह ने घोड़े को बाबा भारती से छीन लिया। बाबा भारती ने सोचा कि यदि घोड़े की इस चोरी का लोगों को पता चलेगा कि डाकू खड्गसिंह ने अपाहिज के वेश में बाबा को ठगकर घोड़ा छीन लिया है, तो गरीबों का आगे से कोई विश्वास नहीं करेगा। इसलिए बाबा भारती ने खड्ग सिंह डाकू को आवाज लगाते हुए कहा कि तू मेरी एक विनती सुनं ले कि इस घटना को किसी के सामने मत कहना, नहीं तो लोग गरीबों और अपाहिजों का विश्वास नहीं करेंगे।

बाबा भारती ने घोड़े की ओर से अपनी आँखें फिरा ली और अपनी कुटिया की ओर चल दिए। घोड़े की ओर आसक्ति नाम मात्र भी नहीं रह गई। परन्तु बाबा भारती के वचनों कि ‘गरीबों और अपाहिजों का कोई विश्वास नहीं करेगा,’ की गूंज डाकू खड्गसिंह के कानों में बार-बार उठ रही थी। अन्ततः डाकू खड्गसिंह का हृदय परिवर्तित हुआ। वह बाबा भारती के घोड़े सुलतान को अस्तबल में चुपचाप बाँध कर चला गया। इस कहानी का मूल सन्देश यह है कि मनुष्य का सद्व्यवहार और अच्छे विचार कठोर हृदय निर्दयी लोगों तक के हृदय को बदल देते हैं।

हम बीमार ही क्यों हों ?

प्रस्तुत पाठ ‘हम बीमार ही क्यों हों ?’ में डॉ. आनन्द ने बड़ी तथ्यपरक परक बात बहुत सरल रूप में हमें समझाई है कि हम लोग ऐसा आचरण अपनाएँ जिससे हम कभी बीमार न हों और सदैव स्वस्थ बने रहें। किसी भी बीमारी का उपचार कराने से तो यही अच्छा है कि हम बीमार ही न पड़ें। लेखक ने अपना स्वास्थ्य सामान्य बनाए रखने के लिए नियम बताए हैं, उन नियमों का पालन करते रहने से मनुष्य सदैव स्वस्थ बना रह सकता है क्योंकि बीमारी का निदान कराने की बजाए बीमार न पड़ना ही बुद्धिमानी है।

हमारा शरीर-पाँच तत्वों के योग से निर्मित है।

वे तत्व हैं-

  1. पृथ्वी,
  2. जल,
  3. अग्नि,
  4. गगन (आकाश),
  5. समीर (वायु)।

इन तत्वों में से कोई भी एक या दो तत्व यदि हमारे शरीर में कम हो जाते हैं, तो हम बीमार हो जाते हैं। आरोग्य लाभ के लिए इन सभी तत्वों का उपयोग बुद्धिमानी से करना चाहिए।

इन पाँच तत्वों को सदा से स्वच्छ बनाए रखने का प्रयास किया जाता रहा है। स्वच्छ निर्मल आकाश में सांस लेने से और पवित्र जल से प्राण शक्ति मिलती है। सूर्य का प्रकाश हमें गर्मी देकर हमारे अन्दर विटामिनों को संरक्षित करता है। धरती से हमें अन्न, फल और पेय पदार्थ मिलते हैं जिनसे हमें स्वास्थ्य, बल और तेज की प्राप्ति होती है।

वन-उपवनों की रक्षा करनी है। अणुबमों के परीक्षणों से इन पाँचों तत्वों को सुरक्षित बचाने का प्रयास करना चाहिए। रासायनिक खादों का उपयोग सीमित करना होगा। आकाश तत्व आरोग्य-सम्राट है। साफ-सुथरे स्थान पर टहलना चाहिए। सूर्य नमस्कार से शरीर में लाल रक्तकण उत्पन्न होते हैं। इससे हमारी जीवनी शक्ति बढ़ती है। जल हमारे रक्त में सत्तर प्रतिशत होता है। हम थलचरों को पृथ्वी को विशुद्ध बनाने का प्रयास करना चाहिए। भोजन में आहार संतुलित होना चाहिए। अत: इस भौतिक शरीर को भौतिक तत्वों के आधार पर ही स्वस्थ रखा जा सकता है।

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डॉ. होमी जहाँगीर भाभा

आजकल विश्व के सर्वाधिक देशों में अणु शक्ति का प्रयोग बहुत अधिक किया जा रहा है। हमारे देश में अणु शक्ति का विकास पर्याप्त रूप से किया जा रहा है। अणुशक्ति का विकास करने वाले सबसे पहले भारतीय वैज्ञानिक का नाम है-डॉ. होमी जहाँगीर भाभा।

इनका जन्म 30 अक्टूबर, सन् 1909 ई. में सुशिक्षित एवं सम्पन्न पारसी परिवार में हुआ था। इनके पिता श्री जे. एस भाभा मुम्बई के प्रसिद्ध बैरिस्टर थे। होमी जहाँगीर बचपन से कुशाग्र बुद्धि थे। उन्हें बचपन में नींद नहीं आती थी। वे रोते रहते थे, अतः डॉक्टरों की सलाह से उन्हें ग्रामोफोन पर संगीत सुनाया गया। वे चुप होकर सुनने लगे और संगीत की ओर उनका झुकाव हो गया।

बालक होमी ने 15 वर्ष की आयु में सीनियर कैम्ब्रिज की परीक्षा उत्तीर्ण की। मुम्बई विश्वविद्यालय से ई. एम. सी. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इंग्लैण्ड जाकर उन्होंने इंजीनियरिंग की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्हें गणित और भौतिक विज्ञान के प्रति बहुत झुकाव था। उन्होंने विद्युत एवं चुम्बक के अतिरिक्त कॉस्मिक किरण की मौलिक खोजों पर भाषण दिया। सन् 1941 में पी-एच. डी. की उपाधि मिली। भारत आकर बंगलुरू में भारतीय विज्ञान संस्थान में रीडर नियुक्त हुए। कॉस्मिक किरणों पर खोज करने के कारण लंदन की रॉयल सोसायटी का इन्हें फैलो चुना गया। इन्हें विभिन्न विश्वविद्यालयों से डी. एस-सी. की उपाधि मिली।

सन् 1951 ई. में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। सन् 1954 ई. में इन्हें भारत सरकार ने पद्म भूषण की पदवी से अलंकृत किया। उसी वर्ष अणु शक्ति निर्माणकारी अन्तर्राष्ट्रीय कांग्रेस के जिनेवा में अध्यक्ष चुने गए। वे अणु शक्ति से अणुबम बनाना नहीं चाहते थे। शान्तिपूर्ण रचनात्मक कार्यों के लिए इसका प्रयोग करना चाहते थे। इसलिए इनके अनुरोध से मुम्बई के दौराबजी टाटा ट्रस्ट द्वारा ‘टाटा इन्स्टीट्यूट ऑफ फण्डामेंटल रिसर्च’ संस्था की स्थापना की गयी। वे इस संस्था के डाइरेक्टर बनकर बंगलुरू से मुम्बई आ गये।

डॉ. भाभा अणुशक्ति कमीशन के अध्यक्ष रहे। ट्रॉम्बे का अणु शक्ति केन्द्र उनकी महान् कृति है। डॉ. भाभा को संगीत, नृत्य और चित्रकला में भी रुचि थी। उनका जीवन सादा, सरल और उदार था। 24 जनवरी, 1966 ई. में डॉ. भाभा जिनेवा की यात्रा पर थे। भारतीय विमान सेवा की ‘कंचनजंघा’ नामक जेट विमान जिनेवा के पास बहुत ऊँचे पहाड़ माउण्ट ब्लॉक’ से टकरा गया। उस दुर्घटना में डॉ. भाभा की मृत्यु हो गई।

नारियल का बगीचा-केरल

“सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्ताँ हमारा” के अनुसार भारत की प्राकृतिक सौन्दर्य-सम्पदा सर्वोपरि है। चारों ओर नारियल ही नारियल के वृक्ष खड़े देख कर केरल को नारियल का बगीचा कहा जा सकता है। केरल की सीमाएँ-पश्चिम में अरब सागर तक हैं। उसकी पूरी पट्टी पर नरियल के कुंज ही दीख पड़ते हैं। यह भाग नारियल के विशाल बगीचे सदृश लगता है। नारियल का वृक्ष वहाँ पर कल्पवृक्ष कहलाता है। इससे अमृत समान मीठा पानी मिलता है। गिरी का साग-सब्जी और चटनी में प्रयोग किया जाता है। गोले का तेल निकाला जाता है जिसका साबुन बनाने और शरीर में मालिश के लिए प्रयोग करते हैं। नारियल से रस्सी, मोटे रस्से, चटाई, कूँची, पायदान बनते हैं। इसके बड़े छिलके से कटोरे, प्याले तथा चमचे बनाए जाते हैं। इसकी लकड़ी से मकान और पत्तों से छत बनाते हैं।

केरल में 400 से 500 सेंटीमीटर तक वर्षा होती है। पर्वतीय क्षेत्र जंगलों से ढका हुआ है। वनों में सागौन, शीशम, रबर और चन्दन के वृक्ष होते हैं। इन वृक्षों के आधार पर कई उद्योग-धन्धे जन्म लेते हैं। पहाड़ीनुमा जमीन होने के कारण रेलें बहुत कम होती है। सड़कें अच्छी हैं।

यहाँ के लोगों का खान-पान भी स्वास्थ्यवर्द्धक है। चावल मुख्य भोजन है। रसम्, सांभर, इडली और डोसा यहाँ के प्रिय खाद्य पदार्थ हैं। केरल के लोग लुंगी पहनते हैं। उनके कपड़े ढीले- ढाले होते हैं। स्त्रियाँ धोती और ब्लाउज पहनती हैं। कपड़े प्रायः सफेद होते हैं।

यहाँ का मुख्य त्यौहार ओणम है। नौकाओं की प्रतियोगिता प्रसिद्ध है। ओणम के त्यौहार पर लक्ष्मी और नौका की पूजा होती है। यहाँ लोग संगीत और नृत्य के बड़े शौकीन होते हैं। ‘कथकली’ यहाँ की प्रसिद्ध नृत्यकला है। अनेक कथाओं को नृत्य में ढाल कर ‘कथकली’ नृत्य विकसित किया गया है। यहाँ के लोग कॉफी पीने के शौकीन होते हैं।

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दस्तक

लेखक डॉ. शिवभूषण त्रिपाठी ने अपनी ‘दस्तक’ शीर्षक कहानी के माध्यम से यह सन्देश दिया है कि मनुष्यों में परस्पर सहयोग, सहानुभूति एवं सद्भाव रखना बहुत ही अनिवार्य है। इन भावों से मनुष्य एक-दूसरे की मदद करने और सह-भाव रखने से एक-दूसरे के प्रति अपने मनुष्य होने की अवस्था का ज्ञान करा देता है।

लेखक सदैव ही समाज सेवा के लिए तत्पर रहता है। वह अपने अधिकांश समय को पीड़ितों और जरूरतमंदों की सेवा में बिताया करता है। इस तरह की उसकी आदत को लेखक की पत्नी पसन्द नहीं करती है। एक बार ऐसा होता है कि लेखक अपने अन्य मित्र के किसी काम से अपने शहर के बाहर चला जाता है। वहाँ वह कई दिन रहता है। इधर लेखक का पुत्र तीन मंजिल के मकान की छत से गिर कर बेहोश हो जाता है। उसके गिरने की सूचना कानों-कान सुनकर मुहल्ले और आस-पास के लोगों को मिलती है, तो वे अपना काम-धाम छोड़ लेखक के पुत्र सोनू को अस्पताल ले जाते हैं और इसके इलाज पर होने वाले खर्चे को भी वे आपस में मिलकर पूरा कर लेते हैं।

लेखक की पत्नी भी इस सूचना से आहत है। वह भी अस्पताल पहुँचती है लेकिन सोनू की चोट की सहानुभूति में इकट्ठ लोगों की भीड़ देखकर लेखक की पत्नी भी बेहोश हो जाती है। उसे पता नहीं कि यहाँ क्या हो रहा है ? होश में आने पर पता चला कि वे सभी उसके पुत्र और उनके परिवार की सहायता के लिए इकटे हुए हैं। वह दंग रह जाती है।

उधर लेखक भी दूसरे शहर में एक बालक के पैर में आई हुई चोट के लिए उसकी सहायता करता है। घर आने पर सोनू के गिरने की दुर्घटना को सुनकर वह भी आश्चर्य करता है। परन्तु लेखक की पत्नी के हृदय का परिवर्तन हो चुका है। वह अब मानती है कि भलाई का नतीजा भलाई में ही मिलता है। सोनू स्वस्थ हो जाता है। उस दिन से लेखक की पत्नी भी शहर के प्रत्येक मुहल्ले में समाज सेवा और सहायता केन्द्र चलाना प्रारम्भ कर देती है।

श्रम की महिमा

संसार में वे ही व्यक्ति असफलताओं से घिरे हुए रहते हैं जो कार्य को प्रारम्भ करने से पहले उसके विषय में अच्छी तरह सोच-विचार नहीं करते और कार्य को बिना विचारे कर डालते हैं। दूसरे वे व्यक्ति जो कार्य के विषय में सिर्फ सोचते रहते हैं। उसे क्रिया रूप में परिणत नहीं करते। सोचकर न करना और बिना विचार और सोच के कार्य कर बैठना हमारी असफलता का मुख्य कारण है। जीवन में सफलता उन्हें ही मिलती है जो सदैव सोच-विचार कर उसके करने का प्रतिफल क्या होगा, इसे भी विचार करके जो कार्य करते हैं, वे सफल होते हैं।

गाँधीजी ने सफलता का मंत्र यही बताया कि सोच-विचार कर किया गया कार्य सफलता दिलाता है। खुशी मिलती है। गाँधीजी आत्मनिर्भर थे। वे सेवा करने को कोई ईश्वर मानते थे। इसका कारण भी गाँधीजी ने बताया कि सेवाधारी का मन निर्मल होता है। स्वभाव में मिठास और अपनापन होता है। गाँधीजी अपने आश्रम के प्रत्येक कार्य को स्वंय करते थे। चक्की घिसते थे, अनाज में से कंकड़ चुनते थे। वे रुई धुनते थे, सूत कातते थे, वस्त्र बुनते थे। आश्रम के प्रत्येक कार्य को करने के लिए सदैव तत्पर रहते थे। सेवा करने से ही मेवा मिलती है। यह श्रम ही ईश्वर है। दीन हीन की सेवा करने से ईश्वर प्रसन्न होता है। सेवा धर्म कठिन अवश्य है, परन्तु शुभ फलदायक और कल्याणकारी होता है।

गाँधीजी के अनुसार कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। सभी कामों के करने में, दूसरों को अपनी सेवा अर्पित करने में कोई झिझक नहीं होना चाहिए।

MP Board Class 6th Hindi Solutions

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2

Question 1.
Find the area of each of the following parallelograms:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 1
Solution:
Area of parallelogram = Base × Height
(a) Height = 4 cm, Base = 7 cm
Area of parallelogram = 7 × 4 = 28 cm2

(b) Height = 3 cm, Base = 5 cm
Area of parallelogram = 5 × 3 = 15 cm2

(c) Height = 3.5 cm, Base = 2.5 cm
Area of parallelogram = 2.5 × 3.5 = 8.75 cm2

(d) Height = 4.8 cm, Base = 5 cm
Area of parallelogram = 5 × 4.8 = 24 cm2

(e) Height = 4.4 cm, Base = 2 cm
Area of parallelogram = 2 × 4.4 = 8.8 cm2

Question 2.
Find the area of each of the following triangles:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 3
Solution:
Area of triangle = \(\frac{1}{2}\) × Base × Height
(a) Base = 4 cm, height = 3 cm
Area = \(\frac{1}{2}\) × 4 × 3 = 6 cm2

(b) Base = 5 cm, height = 3.2 cm
Area = \(\frac{1}{2}\) × 5 × 3.2 = 8 cm2

(c) Base = 3 cm, height = 4 cm
Area = \(\frac{1}{2}\) × 3 × 4 = 6cm2

(d) Base = 3 cm, height = 2 cm
Area = \(\frac{1}{2}\) × 3 × 2 = 3 cm2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2

Question 3.
Find the missing values:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 4
Solution:
Area of parallelogram = Base × Height
(a) Base = 20 cm
Let height = h
Area of parallelogram = 246 cm2
∴ 20 × h = 246
⇒ h = \(\frac{246}{20}\) = 12.3 cm
Therefore, the height of parallelogram is 12.3 cm.

(b) Let base = b
Height = 15 cm
Area of parallelogram = 154.5 cm2
∴ b × 15 = 154.5
⇒ b = \(\frac{154.5}{15}\) = 10.3 cm
Therefore, the base of parallelogram is 10.3 cm.

(c) Let base = b
Height = 8.4 cm
Area of parallelogram = 48.72 cm2
∴ b × 8.4 = 48.72
⇒ b = \(\frac{48.72}{8.4}\) = 5.8 cm
Therefore, the base of parallelogram is 5.8 cm.

(d) Base = 15.6 cm
Let height = h
Area of parallelogram = 16.38 cm2
∴15.6 × h = 16.38
⇒ h = \(\frac{16.38}{15.6}\) = 1.05 cm
Therefore, the height of parallelogram is 1.05 cm.

Question 4.
Find the missing values:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 5
Solution:
Area of triangle = \(\frac{1}{2}\) × Base × Height
Let b be the base of triangle and h be the height of triangle.
(i) b = 15 cm
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 6
Therefore, the height of triangle is 11.6 cm.

(ii) h = 31.4 mm
Area = \(\frac{1}{2}\) × b × h = 1256 mm2
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 7
Therefore, the base of triangle is 80 mm.

(iii) b = 22 cm
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 8
Therefore, the height of triangle is 15.5 cm.

Question 5.
PQRS is a parallelogram (see the given figure). QM is the height from Q to SR and QN is the height from Q to PS. If SR = 12 cm and QM = 7.6 cm. Find:
(a) the area of the parallelogram PQRS
(b) QN, if PS = 8 cm
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 9
Solution:
(a) Area of parallelogram = Base × Height
= SR × QM
= 12 × 7.6 = 91.2 cm2

(b) PS = 8 cm
Area of parallelogram = Base × Height
= PS × QN = 91.2 cm2
⇒ 8 × QN = 91.2
⇒ QN = \(\frac{91.2}{8}\) = 11.4 cm

Question 6.
DL and BM are the heights on sides AB and AD respectively of parallelogram ABCD (see the given figure).
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 10
If the area of the parallelogram is 1470 cm2, AB = 35 cm and AD = 49 cm, find the length of BM and DL.
Solution:
Area of parallelogram = Base × Height
= AB × DL
⇒ 1470 = 35 × DL
⇒ DL = \(\frac{1470}{35}\) = 42 cm
Also, area of parallelogram = AD × BM
⇒ 1470 = 49 × BM
∴ BM = \(\frac{1470}{49}\) = 30 cm

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2

Question 7.
∆ABC is right angled at A (see the given figure). AD is perpendicular to BC. If AB = 5 cm, BC – 13 cm and AC = 12 cm, find the area of ∆ABC. Also find the length of AD.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 11
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 12

Question 8.
∆ABC is isosceles with AB = AC= 7.5 cm and BC = 9 cm (see the given figure). The height AD from A to BC, is 6 cm. Find the area of ∆ABC. What will be the height from C to AB i. e., CE?
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 13
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 11 Perimeter and Area Ex 11.2 14

MP Board Class 7th Maths Solutions

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti विविध प्रश्नावली 3

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions विविध प्रश्नावली 3

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए

(क) केरल को नारियल का कहते हैं
(i) बगीचा,
(ii) जंगल,
(iii) सागर,
(iv) खेत।
उत्तर-
(i) बगीचा,

(ख) सेवा के कार्य को ईश्वर मानते थे.
(i) ईश्वरचन्द्र,
(ii) भवानी प्रसाद,
(iii) महात्मा गाँधी,
(iv) बाबा भारती।
उत्तर-
(iii) महात्मा गाँधी,

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(ग) आरुणि के गुरु का नाम था
(i) धौम्य,
(ii) द्रोणाचार्य,
(iii) उपमन्यु,
(iv) वशिष्ठ।
उत्तर-
(i) धौम्य,

(घ) सदाशिव गोविन्द कात्रे को कहा गया
(i) नेताजी,
(ii) महात्मा,
(iii) परमानन्द माधवम्,
(iv) गुरुजी।
उत्तर-
(iii) परमानन्द माधवम्,

(ङ) समाज शब्द में ‘इक’ प्रत्यय लगाने पर बनने वाला शब्द है
(i) सामाजीक,
(ii) सामाजिक,
(iii) सामासिक,
(iv) सामाजिकी।
उत्तर-
(ii) सामाजिक।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) अपना काम सफाई से करना ………………………………. को भाता था।
(ख) बसंत के स्वागत में ………………………………. गीत गाती है।
(ग) परमानन्द माधवम् की मृत्यु सन् ……………………………….’ में हुई।
(घ) र रुपये की ………………………………. पहचान है।
(ङ) ‘सहज’ शब्द में ‘ता’ प्रत्यय लगने पर ……………………………….” शब्द बनता है।
उत्तर-
(क) महात्मा गाँधी,
(ख) प्रकृति भी,
(ग) 1977 ई.,
(घ) अन्तर्राष्ट्रीय,
(ङ) सहजता।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक वाक्य में लिखिए
(क) केरलवासी किस चीज के शौकीन हैं?
उत्तर-
केरलवासी (केरल के लोग) नृत्य और संगीत के बड़े शौकीन होते हैं।

(ख) शीला की रुचि समाज-सेवा में कैसे उत्पन्न हुई?
उत्तर-
लेखक के घर पर न होने पर एक दिन उनका पुत्र सोनू छत से गिरकर बेहोश हो गया। मुहल्ले और आस-पास के जिस किसी ने भी सुना, वह सहायता के लिए दौड़ पड़ा। गरीब-अमीर सभी अस्पताल में सोनू की देख-रेख के लिए धन और बल से तैयार थे। इस सब को देखकर बेहोश हुई लेखक की पत्नी को ज्ञात न हो सका कि यह सब क्या है? उसने होश आने पर असंख्य लोगों को सोनू की सहायता के लिए देखा वह दंग रह गई। साथ ही शीला के अन्दर लेखक के सिद्धान्तों के प्रति आस्था और विश्वास पक्का होता चला गया कि जो समाज की सेवा में तत्पर रहते हैं, समाज उनकी सेवा में तन, मन, धन देकर सेवा करता है। उस दिन से शीला की रुचि समाज सेवा में उत्पन्न हो गई।

(ग) आरुणि ने शिष्य का परमधर्म किसे कहा है?
उत्तर-
आरुणि ने गुरु सेवा को ही शिष्य का परमधर्म कहा है।

(घ) वर्तमान में बसन्त का स्वरूप क्यों बदल गया है?
उत्तर-
लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए पेड़-पौधों को काटकर हरियाली को समाप्त कर दिया है। इसलिए बसन्त का स्वरूप ही बदल गया है।

(ङ) बिस्मिल की माताजी ने गृहकार्य की शिक्षा किससे प्राप्त की?
उत्तर-
मात्र ग्यारह वर्ष की अल्पायु में बिस्मिल की माताजी का विवाह हो गया था। तब वह नितान्त अशिक्षित एवं ग्रामीण कन्या थीं। ऐसे में दादीजी ने अपनी छोटी बहन को शाहजहाँपुर बुला लिया था। उन्हीं ने माताजी को गृहकार्य आदि की शिक्षा प्रदान की थी।

(च) अकर्मक और सकर्मक क्रिया का एक-एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर-

  1. अकर्मक क्रिया-वह हँसता है। ‘हँसना’ अकर्मक क्रिया है।
  2. सकर्मक क्रिया-सीता पत्र लिखती है। ‘लिखना’ सकर्मक क्रिया है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से पाँच वाक्यों में लिखिए

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(क) गाँधीजी आश्रम में कौन-कौन से काम स्वयं करतेथे?
उत्तर-
गाँधीजी अपने आश्रम में सूत कातते थे, वे कपड़ा बुनते थे, कपास धुनते थे। आश्रम के लोगों के भोजन के लिए अनाज में से कंकड़ चुनकर उसे साफ करते थे। अनाज से आटा बनाने के लिए चक्की भी घिसते थे। अनाज पीसते और पुस्तकों की जिल्द भी बहुत अच्छी तरह बनाते थे।

(ख) ‘आत्म-बलिदान’ एकांकी का मूल भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
‘आत्म-बलिदान’ एकांकी का मूल भाव यह है कि गुरु और शिष्य दोनों ही एक-दूसरे के लिए समर्पित रहते हैं। गुरु को अपने शिष्यों के शारीरिक, बौद्धिक और आत्मिक विकास के लिए हर समय चिन्ता रहती थी। शिष्य भी आश्रम के सारे कार्यों की पूर्ति तन, मन तथा श्रद्धा से करते हैं। धौम्य ऋषि को अतिवृष्टि से खेत की मिट्टी बह जाने की चिन्ता है। परन्तु आरुणि भी उन्हें चिन्ता मुक्त करने का प्रयास करता है। मेड़ के कटाव में स्वयं लेट जाता है और मिट्टी के कटाव को रोक देता है। गुरु भी उसे तलाशते हुए विपरीत मौसम में जाते हैं। उन्हें उसके स्वास्थ्य की चिन्ता है। इस तरह गुरु और शिष्य दोनों परस्पर सेवा में समर्पित हैं।

(ग) हमीर ने कर्तव्य का महत्व किस प्रकार बताया है?
उत्तर-
हमीर रणथम्भौर के राणा हैं। वे माहमशाह को अपने यहाँ शरण देने का वचन देते हैं। दिल्ली के बादशाह खिलजी ने उसे मामूली गलती के लिए फाँसी की सजा देने का आदेश करके उसे जेल में बन्द कर दिया। वह जेल से फरार होकर रणथम्भौर पहुँचकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाता है जिसे राणा अभयदान देते हैं। राणा हमीर के सामंत और सरदार सभी इसके विरुद्ध हैं लेकिन राणा ने अपने क्षत्रियत्व और राजपूत होने की श्रेष्ठता। बताते हुए उनकी सलाह नहीं मानी। उन्होंने शरणागत को सुरक्षा देना राजपूत का कर्तव्य बताया। उसकी पूर्ति के लिए अपनी आन, बान, शान की परवाह नहीं करते। यहाँ तक है कि अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते। राजपूत धर्म की शरणागत वत्सलता एवं सर्वस्व समर्पण ही उनके लिए कर्त्तव्य पालन की बलिवेदी है।

(घ) दशमलव प्रणाली में रुपये को किस प्रकार विभाजित किया गया है?
उत्तर-
दशमलव प्रणाली में रुपये को 100 पैसों में बाँटा गया है। इस तरह छोटे सिक्कों के रूप में 50 पैसे, 25 पैसे, 10 पैसे, 5 पैसे, 3 पैसे, 2 पैसे तथा 1 पैसे के सिक्के भी प्रचलन में आए। उन्हें नए पैसे कहा गया।

(ङ) सुभाषचन्द्र बोस ने युवकों को किस प्रकार प्रेरित किया?
उत्तर-
सुभाषचन्द्र बोस ने युवकों को आजादी प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए बलिदान देने होंगे। जिन युवकों के खून में आजादी प्राप्त करने के लिए उबाल नहीं, गतिशीलता नहीं, उनका खून खून नहीं वह तो पानी जैसा है। आजादी की लड़ाई शीश कटाने का सौदा है। आजादी का इतिहास खून की लाल स्याही से लिखा जाता है। इतना सुनते ही युवकों के चेहरे लाल पड़ गए। उन्होंने आजादी की लड़ाई करने के लिए कागज पर अपने खून से हस्ताक्षर कर दिए। युवकों में बढ़ते साहस को देख सभी दंग रह गये।

(च) बिस्मिल ने वकालतनामे पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किये?
उत्तर-
एक बार बिस्मिल के पिताजी दीवानी मुकदमे में वकील से कह गए कि जो काम हो वह उनकी अनुपस्थिति में बिस्मिल से करा लें। कुछ आवश्यकता पड़ने पर वकील साहब ने बिस्मिल को बुलवाकर उनसे वकालतनामे पर अपने पिताजी के हस्ताक्षर करने को कहा। बिस्मिल ने यह कहते हुए कि वकालतनामे पर पिताजी के हस्ताक्षर करने से मना कर दिया कि यह तो धर्म के विरुद्ध होगा। सदैव सत्य के मार्ग पर चलने वाले बिस्मिल ने वकील साहब के यह समझाने पर भी हस्ताक्षर नहीं किये कि हस्ताक्षर न करने पर मुकदमा खारिज हो जायेगा।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए
(क) “कुछ लोग बातों से कमाते हैं। किसी का रुपया कमाई करता है। कुछ लोग दिमाग चलाकर कमाते हैं। दिमाग से कमाने वाले लोग जल्दी बुढ़ापा बुला लेते हैं। रक्त चाप और जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं लेकिन हाथपैर चलाकर दिमाग से काम करने वाले कभी लाचार नहीं होते।”
उत्तर-
आशय-लेखक का तात्पर्य यह है कि धन कमाने के लिए लोग अलग-अलग तरीका अपनाते हैं। कुछ लोग तो केवल अपनी बातों के बल पर धन कमा लेते हैं अर्थात् उनका कार्य केवल दलाली, बट्टे या कानूनी दांव-पेंच लड़ा कर धन इकट्ठा कर लेना है। दूसरी ओर वे लोग हैं जो धनवान हैं और उसके सहारे व्यापार या ब्याज बट्टे के काम से धन कमा लेते हैं। इनके अलावा कुछ लोग अपने दिमाग से ही धन कमा सकते हैं। लेकिन ऐसे लोग जल्दी ही बूढ़े हो जाते हैं, उन्हें रक्तचाप और हाथ-पैर के जोड़ों का दर्द शुरू हो जाता है। लेकिन वे लोग जो अपने हाथ-पैर से, परिश्रम और बुद्धि के बल के योग से भी धन कमाने वाले होते हैं, ऐसे लोग प्रायः किसी के सामने अपनी लाचारी नहीं दिखाते। वे स्वावलम्बी होते हैं।

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(ख) अभी तुम अधखिले पुष्प के समान हो। अगर तुमको इसी पुष्य की भाँति अविकसित अवस्था में मुझ जैसे पौधे से अलग कर दिया जाए, तो मुझे भी दुःख होगा।
उत्तर-
धौम्य अपने शिष्य उपमन्यु को बताते हैं कि वह (उपमन्यु) अभी आधे खिले फूल के समान है। वह अभी पूर्ण फूल नहीं बन सका। एक अधखिला फूल अपने पौधे से अलग कर दिया जाए, तो वह अधखिला ही मुरझा जाएगा। उसका विकास तो हो सकेगा, पर उसका जीवन भी खतरे में पड़ जाएगा। इसी तरह उपमन्यु अभी तक अविकसित फूल के समान है। उसे विकास के लिए अभी अपनी गुरु रूपी पौधे के आश्रय की जरूरत है। यदि उसे गुरु रूपी पौधे से अलग कर दिया गया तो पुष्परूपी शिष्य-उपमन्यु अपनी अविकसित अवस्था में ही अपने अस्तित्व के लिए अनिश्चय की स्थिति में आ जाएगा। इसका गुरु रूपी पौधे को अपार कष्ट होगा।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए
(क) दुखी है मेरा मन, कुछ तो अब दुख बाँटो।
जंगल ही जीवन है जंगल को मत काटो।
(ख) आजादी का संग्राम कहीं, पैसे पर खेला जाता है?
यह शीश कटाने का सौदा, नंगे सर झेला जाता है।
उत्तर-
(क) बसन्त के बदलते स्वरूप के प्रति चिन्ता व्यक्त करते हुए कवि कहता है कि बसन्त के मन में व्याप्त कष्ट को ‘थोड़ा-बहुत आप (संसार के लोग) बाँट लीजिए। जंगल से जीवन सम्भव है, इसलिए इन जंगलों को मत काटिए। वन लगाइए, जीवन बचाइए।

(ख) शब्दार्थ-सौदा = सामान, व्यापार। सन्दर्भ-पूर्व की तरह। प्रसंग-आजादी प्राप्त करने के लिए शीश कटाना होता है।

व्याख्या-कवि कहता है कि स्वतन्त्रता देवी के चरणों में वह जयमाला अर्पित की जाएगी, जिसे तुम्हारे (देशवासियों के) शीशों रूपी फूलों से गूंथा जाएगा।

तुम्हें ध्यान रखना चाहिए कि यह आजादी की लड़ाई कभी भी पैसों के आधार पर नहीं लड़ी जा सकती। यह तो सिर कटाने का सौदा है (व्यापार है)। इस सिर कटाने के सौदे को नंगे सिर ही झेलना पड़ता है।

प्रश्न 7.
दो देशों की मुद्राओं के नाम लिखिए।
उत्तर-

  1. अमेरिका-डॉलर
  2. जापान-येन।

प्रश्न 8.
वीर रस से ओत-प्रोत किसी कविता की चार पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर-
“सारी जनता हुँकार उठी
हम आते हैं, हम आते हैं।

माता के चरणों में यह लो,
हम अपना रक्त चढ़ाते हैं।”

प्रश्न 9.
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़कर नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
अपने ही बल पर काम करने को स्वावलम्बन कहते हैं। इस गुण के आ जाने से किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती। स्वावलम्बी मनुष्य के पास आलस्य फटकता भी नहीं। स्वावलम्बन कर्त्तव्यपरायणता भी सिखाता है। स्वावलम्बी के प्रति सभी की सद्भावना रहती है। ऐसे पुरुष का समाज, राष्ट्र और जाति में सम्मान व आदर होता है।

प्रश्न

  1. स्वावलम्बन किसे कहते हैं?
  2. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-
    स्वावलम्बन ………………………..” भी सिखाता है।
  3. स्वावलम्बी पुरुष को किस-किस से सम्मान मिलता है?
  4. उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।

उत्तर-

  1. अपने ही बल पर काम करने को स्वावलम्बन कहते हैं।
  2. रिक्त स्थान की पूर्ति-“कर्त्तव्य परायणता।”
  3. स्वावलम्बी पुरुष को समाज, राष्ट्र और जाति से सम्मान मिलता है।
  4. उचित शीर्षक-“स्वावलम्बन।”

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प्रश्न 10.
अपने प्रधानाध्यापक को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए जिसमें अपने भाई के विवाह में जाने हेतु तीन दिवस के अवकाश की माँग की गई हो।
अथवा
अपने मित्र को पत्र लिखकर होली मनाने के अपने अनुभव लिखिए।
उत्तर-
अध्याय-4 पत्र लेखन’ शीर्षक देखिए।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर निबन्ध लिखिए (लगभग 100 शब्दों में)
प्रिय खेल, मेला, महापुरुष।
उत्तर-
अध्याय-5 ‘निबन्ध लेखन’ शीर्षक देखिए।

MP Board Class 6th Hindi Solutions

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2

Question 1.
Convert the given fractional numbers to percents.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 1
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 2

Question 2.
Convert the given decimal fractions to percents.
(a) 0.65
(b) 2.1
(c) 0.02
(d) 12.35
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 14

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2

Question 3.
Estimate what part of the figures is coloured and hence find the percent which is coloured.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 4
Solution:
(i) Here, 1 part out of 4 equals parts is shaded which represents the fraction \(\frac{1}{4}\).
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 5

(ii) Here, 3 parts out of 5 equal parts are shaded which represents the fraction \(\frac{3}{5}\).
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 6

(iii) Here 3 parts out of 8 equal parts are shaded which represents the fraction \(\frac{3}{8}\).
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 7

Question 4.
Find:
(a) 15% of 250
(b) 1% of 1 hour
(c) 20% of ₹ 2500
(d) 75% of 1 kg
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 8

Question 5.
Find the whole quantity if
(a) 5% of it is 600
(b) 12% of it is? 1080
(c) 40% of it is 500 km
(d) 70% of it is 14 minutes
(e) 8% of it is 40 litres
Solution:
Let the whole quantity be x.
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 9
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 10

MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2

Question 6.
Convert given percents to decimal fractions and also to fractions in simplest forms:
(a) 25%
(b) 150%
(c) 20%
(d) 5%
Solution:
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 11

Question 7.
In a city, 30% are females, 40% are males and remaining are children. What percent are children?
Solution:
It is given that 30% are females and 40% are males.
Children = 100% – (40% + 30%)
= 100% – 70% = 30%

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Question 8.
Out of 15,000 voters in a constituency, 60% voted. Find the percentage of voters who did not vote. Can you now find how many actually did not vote?
Solution:
Percentage of voters who voted = 60%
Percentage of those who did not vote = 100% – 60%
= 40%
Number of people who did not vote = 40% of 15000
= 40% × 15000
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 12
Therefore, 6000 people did not vote.

Question 9.
Meeta saves ₹ 400 from her salary. If this is 10% of her salary. What is her salary?
Solution:
Let Meeta’s salary be ₹ x.
Given that, 10% of x = 400
MP Board Class 7th Maths Solutions Chapter 8 Comparing Quantities Ex 8.2 13
Therefore, Meeta’s salary is ₹ 4000.

Question 10.
A local cricket team played 20 matches in one season. It won 25% of them. How many matches did they win?
Solution:
Number of games won = 25% of 20
\(=\frac{25}{100} \times 20=5\)
Therefore, the team won 5 matches.

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