MP Board Class 6th General Hindi Model Question Paper

निर्देश-सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।

प्रश्न 1.
सही जोड़ी बनाइए
1. कर्मभूमि – (क) शुद्धता का प्रमाण।
2. मुकुट – (ख) सुरभि
3. संस्कृति – (ग) हिमालय
4. ज्योति – (घ) भारत
5. एगमार्क – (ङ) शिखा
उत्तर-
1. (घ)
2. (ग)
3. (ख)
4. (ङ)
5. (क)

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प्रश्न 2.
दिए गए शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(क) बुरी आदतों का फल भी ………………………………. होता है। (बुरा/भला)
(ख) भारतीय संस्कृति मूलतः ………………………………. संस्कृति है। (आरण्यक/संकीण)
(ग) उच्च कोटि के साहस के लिए ………………………………. बनना परमावश्यक है। (स्वार्थ/परायण)
(घ) महात्मा गांधी मदन मोहन मालवीय को ………………………………. मानते थे। (नवरत्न/नर रत्न)
उत्तर-
(क) बुरा,
(ख) आरण्यक,
(ग) कर्त्तव्य परायण,
(घ) रन रत्न।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए

(क) विलोम शब्द लिखिए-अमृत, सजीव
उत्तर-
अमृत-विष, सजीव-निर्जीव

(ख) पर्यायवाची लिखिए-आँख, आकाश।
उत्तर-
आँख-नेत्र, लोचन, नयन, आकाश-नभ, गगन, व्योम।

(ग) तत्सम रूप लिखिए-मोर, सूरज
उत्तर-
मोर-मयूर, सूरज-सूर्य

(घ) ‘वि’ उपसर्ग लगा कर दो शब्द बनाइए।
उत्तर-
विग्रह, वियोग।

(ङ) निम्नलिखित वाक्यों में से विश्लेषण शब्द पहचानकर लिखिए-
उद्यान में लंबी सड़के हैं, चीता फुर्तीला प्राणी है।
उत्तर-
लम्बी, फुर्तीला।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लिखिए
(क) संधि कीजिए – धर्म + आत्मा, निः + पक्ष
उत्तर-
धर्म + आत्मा – धर्मात्मा, निः + पक्ष – निष्पक्ष

(ख) दिए गए वाक्यों में से सर्वनाम शब्द पहचानकर लिखिए
हम परिश्रमी बालक है, तुम्हारे अक्षर बहुत सुंदर हैं।
उत्तर-
हम, तुम्हारे

(ग) निम्नलिखित वाक्यों में से विकारी एवं अविकारी शब्द छांटकर लिखिए-
लड़की बाजार जाती है, -विपुल और सौरभ पढ़ते
उत्तर-
विकारी अविकारी लड़की जाती है बाजार पढ़ते हैं और

(घ) मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
नौ दो ग्यारह होना, दिन राज एक करना
उत्तर-
चोर चोरी करके नौ दो ग्यारह हो गया।
कक्षा में प्रथम आने के लिए मैंने दिन रात एक कर। दिया।

(ङ) संज्ञा शब्द पहचान कर लिखिए-एकाएक सावित्री के चेहरे पर हँसी आ गई। -भोपाल, मध्यप्रदेश की राजधानी है।
उत्तर-
सावित्री, चेहरे, हँसी। भोपाल, मध्यप्रदेश, राजधानी।

प्रश्न 5.
(क) निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर अति लघु स्वरूप में लिखिए

1. कवि ने ईश्वर को दीनबंधु क्यों कहा है?
उत्तर-
ईश्वर दीन-दुखियों की मदद करते हैं, इसलिए कवि ने ईश्वर को दीनबंधु कहा है। ,

2. गंगा के जल को क्या कहा गया है?
उत्तर-
गंगा के जल को अमृत कहा गया है।

3. मीरा नंदलाल को कहाँ बसाना चाहती है?
उत्तर-
मीरा नंदलाल को अपने नैनों में बसाना चाहती है।

4. बुद्ध ने अंधकार का क्या कारण बताया है?
उत्तर-
बुद्ध ने प्रकाश की अनुपस्थिति को अंधकार का कारण बताया है।

5. कुमारिल भट्ट की प्रसिद्धि का क्या कारण था?
उत्तर.
प्रश्न (ख)
निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए

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प्रश्न 1.
कवि जन्मभूमि के लिए जीने मरने की बात क्यों करता है?
उत्तर-
जन्मभूमि ही हमारे अस्तित्व का परिचायक है।

प्रश्न 2.
संस्कृति के विकास में नदियों का महत्त्व लिखिए।
उत्तर-
नदियाँ संस्कृति का विस्तार का सबसे प्रमुख स्रोत है।

प्रश्न 3.
कमल के आँखों से ओझल होते ही निर्मला की मनोदशा का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
कमल के आँखों से ओझल होते ही निर्मला के होशो-हवास गुम हो गए। व्याकुल सी वह घर पहुंची और एक कमरे से दूसरे कमरे में उसे ढूंढने लगी। उसकी आँखों के आगे अंधेरा सा छा गया। उसे सब कुछ सुनसान सा प्रतीत होने लगा।

प्रश्न 4.
‘उत्सर्ग में तो आनंद हैं। इस कथन का अर्थ समझाइए।
उत्तर-
‘उत्सर्ग में आनंद है’-इस कथन का आशय यह है कि त्याग में एक संतुष्टि का भाव छिपा होता है। अपना अस्तित्व समाप्त कर किसी और के अस्तित्व में समाहित हो जाना एक आत्मिक खुशी प्रदान करता है और बलिदान को महत्ता प्रदान करता है।

प्रश्न 5.
गीता को किनकी बातों में छलावा नजर आ रहा था? वह छलावा क्या था?
उत्तर-
गीता को लड़के के पिताजी की बातों में छलावा नजर आ रहा था। पहले तो उन्होंने स्वयं को दहेज विरोधी बताया और फिर यह भी कहा कि यदि गीता के पिताजी अपने बेटी-दामाद को कुछ देना चाहें तो उन्हें एतराज नहीं होगा।

प्रश्न 6.
वृक्ष न हों तो पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर-
वृक्ष न हों तो जीवन नष्ट हो जाएगा। वृक्ष फल, फूल, दवाएँ और इन सबसे बढ़ कर प्राणवायु प्रदान करते हैं। अतः वृक्ष के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।

प्रश्न 7.
आदमी के भीतर का मनोबल न टूटे।’ व्यंग्य के इस केंद्रीय भाव को समझाइए।
उत्तर-
यही मनुष्य की सबसे बड़ी पूँजी है।

प्रश्न 8.
प्रौढ़ महिला के बेटे ने सिर क्यों झुका लिया?
उत्तर-
प्रौढ़ महिला के बेटे को जब यह पता वला कि उसकी माँ ने एक युवक की जान बचाने के लिए अपनी साड़ी फाड़ कर दे दी। ऐसा उसने इसलिए किया कि वह उस युवक में अपने बेटे की छवि देख रही थी। यह जानकर बेटे ने सिर झुका लिया।

प्रश्न (ग)
अपनी पाठ्यपुस्तक की किसी कविता की चार पंक्तियाँ लिखें।
उत्तर-
इतने ऊपर उठो कि (जय कुमार जलज)
इतने ऊपर उठो कि जितना आसमान है
इतने बड़े बनो जितना सूरज महान है।
ऐसे बढ़ो कि जैसे, निर्झर बढ़ चलता है,
हर टीले पर चट्टानों पर चढ़ चलता है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर, उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
मन के सशक्त होने पर शरीर में शांति एवं स्फूर्ति आती है। यदि मन, दुर्बल है तो शरीर निष्क्रिय अशक्त ही रहेगा। यह संसार शक्तिशालियों का है, दुर्बलों का इस संसार में ठिकाना नहीं है। कायरता का संबंध मन से हैं मन की हार अत्यंत भयंकर होती है। सबल ही भाग्य निर्माण का सामर्थ्य रखता है कायर तो दैव-दैव पुकारता रहता है। साहसी व्यक्ति को अपने बल को भरोसा रहता है जिसके कारण वह संसार के प्रत्येक संकट का सामना कर लेता है।

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1. मन के दुर्बल रहने का क्या परिणाम होगा?
उत्तर-
मन के दुर्बल रहने से शरीर निष्क्रिय और अशक्त रहेगा।

2. कायरता का संबंध किससे है?
उत्तर-
कायरता का संबंध मन से है।

3. साहसी व्यक्ति को किस पर भरोसा रहता है?
उत्तर-
साहसी व्यक्ति को अपने बल पर भरोसा रहता है?

4. गयांध का उचित शीर्षक दीजिए।
उत्तर-
गद्यांश का शीर्षक हो सकता है-‘मन की शक्ति ‘।

प्रश्न 7.
(क) कान्हा वनस्थली का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
अथवा
‘कित्तूर की रानी चेन्नमा’ एकांकी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि-“अंग्रेजों को चुनौती देना साँप की बांबी में हाथ डालना है।”
उत्तर-
कान्हा वनस्थली 950 वर्ग किलोमीटर तक फैली हुई है। यहाँ अनेक किस्म के घने-धने वृक्ष, रंग-विरंगे फूल और बड़े-बड़े घास के मैदान हैं। यहाँ सभी प्रकार के वन्य पशु स्वच्छंद विचरण करते हुए मिल जाएँगे। कान्हा में अलग-अलग रंग-रूप के हजारों पक्षियों के झुंड दिखाई देते हैं। यहाँ का मौसम सदा सुहावना रहता है।

(ख) ‘इतने ऊपर उठो कि’ कविता के आधार पर समझाइए कि ‘स्वाभिमान रहित व्यक्ति को जीने का अधिकार नहीं है।”
अथवा
“कोई नहीं पराया” कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि “मानवता का मार्ग सर्वश्रेष्ठ है।”
उत्तर-
अथवा,
मानवता का मार्ग ही मनुष्य को मनुष्य से जोड़ता: है। मानव हृदय में प्रेम और संवेदना को बनाए रखता है। मानव जीवन को खुशहाल बनाने की राह भी यही है। इसलिए मानवता का मार्ग ही सर्वश्रेष्ठ है।

8. ‘भाई-बहन’ अथवा ‘तीर्थ-यात्रा’ कहानी का सारांश लिखिए।
उत्तर-
तीर्थ-यात्रा का सारांश
यह कथा एक माँ का अपने पुत्र के प्रति स्नेह को और जीवन-मूल्यों के पीछे न हटने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अपने पुत्र हेमराज से अत्यधिक प्रेम करती है। वह अपने पहले पुत्र मदन को खो चुकी है इसलिए हेमराज के लिए उसका हृदय अत्यधिक सशंकित रहता है। वह उसे दिन-रात छाती से लगाए फिरती है और खेलने-कूदने के लिए भी जल्दी बाहर नहीं जाने देती। परंतु इतना सावधान रहने पर भी हेमराज एक दिन सुबह-सुबह सिर में तेज दर्द की शिकायत करता है। लाजवंती यह सुनकर घबरा जाती है और गाँव के सबसे अनुभवी वैद्य दुर्गादास से उसका इलाज करवाती है। कई दिन बीत-जाते हैं पर हेमराज का बुखार नहीं उतरता। वैद्यजी बताते हैं कि यह मियादी बुखार इक्कीसवें दिन ही उतरेगा। लाजवंती अपने पति रामलाल को तार भेजकर मुल्तान को बुलवा लेती है। इक्कीसवां दिन भी आ जाता है परंतु हेमराज का बुखार जरा भी कम नहीं होता। लाजवंती घबराई हई सी देवी माँ के मंदिर जाती है और देर तक रोती रहती है। वह मानता मानती है कि यदि हेम बच जाएगा तो तीर्थयात्रा करेगी।

घर पहुँचने पर पति उसे सूचना देते हैं कि हमे का बुखार धीरे-धीरे उतर रहा हैं लाजवंती तीर्थयात्रा की मानता मानने की बात पति को बताती है। रामलाल खर्च का अनुमान करके चिंतित हो जाते हैं परंतु पुत्र स्नेह के आगे यह चिंता नहीं टिकती। सुबह तक हेमराज का बुखार बिल्कुल उतर जाता है। वैद्यजी कहते हैं कि यह सब लाजवंती के परिश्रम का फल है तीन महीने बीत जाते हैं। लाजवंती तीर्थयात्रा तैयारियाँ कर रही है। घर में पकवान बन रहे हैं, गाना-बजाना हो रहा है। अचानक रात में लाजवंती को अपनी पड़ोसन हरो की सिसकी सुनायी देती है। हरो से पूछने पर उसे पता चलता है कि उसकी कुंआरी बेटी के ब्याह का आधा खर्च तो उसके जेठ ने दे दिया है परंतु मिठाई, भोजन आदि का प्रबंध अब तक नहीं हो सका है। लाजवंती उसकी अवस्था देखकर स्वयं को भूल जाती है और तीर्थयात्रा के लिए जमा किए हुए दो सौ रुपए हरो को दे देती है। इन रुपयों को जमा करते हुए उसे जितनी प्रसन्नता हुई थी, उससे कहीं अधिक प्रसन्नता हरो को देते समय रो रही थी।

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प्रश्न 9.
अपने पिताजी को एक पत्र लिखिए जिसमें आपके अर्द्धवार्षिक परीक्षाफल की जानकारी हो।
अथवा
अपने प्रधानाध्यापक को दो-दिन के अवकाश स्वीकृति हेतु प्रार्थना पत्र लिखिए।
उत्तर-
सरस्वती भवन, जवाहर नगर
सब्जी मंडी,
भोपाल पूज्य पिताजी,
सादर प्रणाम।

मैं यहाँ कुशलपूर्वक रहकर ईश्वर से आपकी कुशलता की प्रार्थना करता हूँ। आपको जान कर प्रसन्नता होगी कि मेरी अर्द्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है। मैने कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त किया है। इसके सारी ही दो विषयों में विशेष योग्यता प्राप्त हुई है। आशा है कि वार्षिक परीक्षा में भी सर्वप्रथम आऊंगा। यह सब आपकी प्रेरणा और आशीर्वाद का ही फल है। माता जी को प्रणाम और अराधना को प्यार है। कृपया पत्र का उत्तर शीघ्र दें।

आपका प्रिय पुत्र
संजय

प्रश्न 10.
किसी एक विषय पर निबंध लिखिए
1. दीपावली
2. जल ही जीवन है
3. दहेज-एक सामाजिक बुराई
4. किसी स्थान अथवा यात्रा का वर्णन
उत्तर-
व्याकरण से देखें।

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