MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव

MP Board Class 8th Science Chapter 14 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 172

प्रश्न 1.
क्या आप जानते हैं कि गीले हाथों से किसी विद्युत् साधित्र को छूना क्यों खतरनाक है?
उत्तर:
हाँ, हम जानते है कि गीले हाथों से किसी विद्युत् साधित्र को छूने से हमारे शरीर में विद्युत् प्रवाहित हो सकती है।

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प्रश्न 2.
क्या आपको याद है कि इसे सुनिश्चित करने में संपरीक्षित्र ने हमारी किस प्रकार सहायता की थी?
उत्तर:
हाँ, याद है। यदि संपरीक्षित्र (टेस्टर) में धारा प्रवाहित हो जाती है, तो बल्व दीप्त हो जाता है। यदि बल्ब दीप्त
नहीं होता है तो इसका अर्थ है कि विद्युत् धारा प्रवाहित नहीं हो रही है।

प्रश्न 3.
क्या द्रव भी विद्युत् चालन करते हैं?
उत्तर:
हाँ, कुछ द्रव जैसे, नलों का पानी, नींबू का रस, अम्ल, क्षार, लवण इत्यादि विद्युत् का चालन करते हैं।

क्रियाकलाप 14.1

प्रश्न 1.
क्या आप.इसके सम्भावित कारण बता सकते हैं? क्या यह सम्भव है कि तारों के संयोजन शिथिल हों या बल्ब फ्यूज हो गया हो अथवा आपके सेल बेकार हो गए हों?
उत्तर:
हाँ, यह सम्भव है कि तारों के संयोजन शिथिल हों या बल्ब फ्यूज हो गया हो अथवा सेल बेकार हो गये हों।

क्रियाकलाप 14.2

प्रश्न 1.
क्या संपरीक्षित्र का बल्ब दीप्त होता है? क्या नींबू का रस या सिरका विद्युत् का चालन करता है?
उत्तर:
हाँ, संपरीक्षित्र का बल्ब दीप्त होता है। हाँ, नींबू का रस या सिरका विद्युत् का चालन करता है।

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प्रश्न 2.
नींबू के रस या सिरके को आप सुचालक या हीन चालक में से किस वर्ग में रखेंगे?
उत्तर:
हम इन्हें सुचालक वर्ग में रखेंगे।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 173

प्रश्न 1.
कुछ स्थितियों में द्रव के चालक होने पर भी सम्भव हो सकता है कि बल्ब दीप्त न हो। ऐसा क्रियाकलाप 14.2 में भी हो सकता है। इसका क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
इसका कारण हो सकता है कि परिपथ में प्रवाहित धारा इतनी दुर्बल हो कि बल्ब का तन्तु पर्याप्त गर्म न हो पाने के कारण दीप्त न हो।

प्रश्न 2.
क्या आपको याद है कि बल्ब से विद्युत् प्रवाहित होने पर वह दीप्त क्यों होता है?
उत्तर:
हाँ, याद है। विद्युत् धारा के ऊष्मीय प्रभाव के कारण बल्ब का तन्तु उच्च ताप तक गर्म होकर दीप्त हो जाता है।

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प्रश्न 3.
अब आप यह जानना चाहेंगे किसी परिपथ में विद्युत् धारा दुर्बल कब होती है?
उत्तर:
किसी परिपथ में विद्युत् धारा दुर्बल उस स्थिति में हो सकती है जब कोई द्रव विद्युत् का चालन ठीक प्रकार से न कर पाता हो।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 174

प्रश्न 1.
क्या हम कोई ऐसा अन्य संपरीक्षित्र बना सकते हैं जो दुर्बल धारा को भी संसूचित कर सके?
उत्तर:
हाँ, हम दुर्बल धारा संसूचित करने के लिए प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) उपयोग कर सकते हैं। यह दुर्बल धारा प्रवाहित होने पर भी दीप्त होता है।

प्रश्न 2.
क्या आपको याद है कि विद्युत् धारा चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करती है?
उत्तर:
हाँ, याद है विद्युत् धारा चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करती है।

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प्रश्न 3.
जब किसी तार में विद्यत धारा प्रवाहित होती है तो उसके पास रखी चुम्बकीय सुई पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
जब किसी तार में विद्युत् धारा प्रवाहित होती है तो उसके पास रखी चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो जाती है।

प्रश्न 4.
क्या हम विद्युत् धारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके कोई संपरीक्षित्र बना सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम विद्युत् धारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके संपरीक्षित्र (टेस्टर) बना सकते हैं। यदि तार में धारा कम भी बहेभी तब भी चुम्बकीय सुई में विक्षेप हो जायेगा।

क्रियाकलाप 14.3

प्रश्न 1.
क्या संपरीक्षित्र के स्वतन्त्र सिरों को नींबू के रस में डुबोते ही आपको चुम्बकीय सुई में विक्षेप दिखाई देता है?
उत्तर:
नहीं, जब तार के स्वतन्त्र सिरों के बीच में खाली | स्थान रहेगा तो विद्युत् परिपथ पूरा नहीं होगा। इस स्थिति में
चुम्बकीय सुई में विक्षेप नहीं होगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 175

प्रश्न 1.
प्रत्येक स्थिति में देखिए कि चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है अथवा नहीं। अपने प्रेक्षणों को सारणी में अंकित कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 1a

प्रश्न 2.
पहेली यह जानना चाहती है कि क्या हर अवस्था में वायु विद्युत् की हीन चालक होती है।
उत्तर:
हाँ, वायु विद्युत् की हीन चालक होती है लेकिन जब यह आर्द्र होती तब यह विद्युत् की सुचालक होती है।

प्रश्न 3.
इसी से प्रेरित होकर बूझो यह जानना चाहता है कि क्या हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थिति में अपने में से विद्युत् को प्रवाहित होने देते हैं?
उत्तर:
नहीं, हीन चालकों की श्रेणी में रखे अन्य पदार्थ भी विशेष परिस्थिति में अपने में से विद्युत् धारा प्रवाहित कर सकते हैं।

क्रियाकलाप 14.4

प्रश्न 1.
संपरीक्षित्र का उपयोग करके परीक्षण कीजिए कि आसुत जल विद्युत् चालन करता है अथवा नहीं। आप क्या पाते हैं? क्या आसुत जल विद्युत् चालन करता है?
उत्तर:
जब संपरीक्षित्र को आसुत जल में रखते हैं तो संपरीक्षित्र,का बल्ब दीप्त नहीं होता। इससे स्पष्ट है कि आसुत जल विद्युत् चालन नहीं करता है।

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प्रश्न 2.
अब एक चुटकी साधारण नमक लेकर इसे आसुत जल में घोलिए फिर परीक्षण कीजिए। इस बार आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर:
जब संपरीक्षित्र को नमक मिले आसुत जल में डालते हैं तो संपरीक्षित्र का बल्ब दीप्त हो जाता है। यह दर्शाता है कि जब आसुत जल में चुटकी भर नमक घोल देते हैं तो वह विद्युत् का अच्छा चालक बन जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 176

प्रश्न 1.
वे कौन-से अन्य पदार्थ हैं जो आसुत जल में घुलने पर इसे चालक बना देते हैं?
उत्तर:
अम्ल, क्षार और लवण ऐसे पदार्थ हैं जिन्हें आसुत जल में घोलने पर इसे चालक बना देते हैं।

प्रश्न 2.
जब विद्युत् धारा किसी चालक विलयन से प्रवाहित होती है तो क्या वह उस विलयन में कोई प्रभाव उत्पन्न करती है।
उत्तर:
जब विद्युत् धारा चालक-विलयन से प्रवाहित होती है तो वह रासायनिक प्रभाव उत्पन्न करती है।

क्रियाकलाप 14.5

प्रश्न 1.
आपको क्या परिणाम प्राप्त होते हैं?
उत्तर:
हम पाते हैं कि जब अम्लों, क्षारकों और लवणों के विलयनों को आसुत जल में मिलाते हैं तो इन विलयनों में होकर विद्युत् का चालन होता है। इसका अर्थ है कि जब अम्लों, क्षारकों और लवणों को आसुत जल में मिलाते हैं तो आसुत जल में विद्युत् धारा का चालन हो जाता है अर्थात आसुत जल चालक विलयन बन जाता है।

विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव

प्रश्न 1.
आपने विद्युत् धारा के कछ प्रभावों के बारे में सीखा था। क्या आप इन प्रभावों की सूची बना सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, विद्युत् धारा के कुछ प्रभाव हैं –

  1. विद्युत् धारा का ऊष्मीय प्रभाव।
  2. विद्युत् धारा का चुम्बकीय प्रभाव।
  3. विद्युत् धारा का रासायनिक प्रभाव।

क्रियाकलाप 14.6

प्रश्न 1.
क्या आप इलेक्ट्रोडों के समीप किसी गैस के बुलबुले देख पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम इलेक्ट्रोडों के समीप ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन गैसों के बुलबुले देखते हैं।

प्रश्न 2.
क्या हम विलयन में हो रहे परिवर्तनों को रासायनिक परिवर्तन कह सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम विलयन में हो रहे परिवर्तनों को रासायनिक परिवर्तन कह सकते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 178

विद्युत लेपन

प्रश्न 1.
क्या आप जानते हैं कि एक धातु की सतह के ऊपर दूसरी धातु की परत किस प्रकार निक्षेपित कर दी जाती है?
उत्तर:
हाँ, हम जानते हैं कि एक धातु की सतह के ऊपर दूसरी धातु की परत विद्युत् लेपन प्रक्रिया द्वारा निक्षेपित की जाती है।

प्रश्न 2.
विद्युत् लेपन के क्रियाकलाप को करने के पश्चात् पहेली ने इलेक्ट्रोड़ों को आपस में बदलकर क्रियाकलाप को दोहराया। आपके विचार से इस बार क्या प्रेक्षण करेगी?
उत्तर:
इस बार विद्युत् लेपन की प्रक्रिया नहीं होगी।

प्रश्न 3.
विलयन से कॉपर के क्षय की पूर्ति कैसे होती है?
उत्तर:
दूसरा इलेक्ट्रोड जो ताँबे की प्लेट का बना है उससे समान मात्रा का कॉपर विलयन में घुल जाता है। इस प्रकार विलयन से जो कॉपर कम होता है, वह विलयन में पुनः स्थापित हो जाता है, यह प्रक्रिया चलती रहती है। इस प्रकार विद्युत् लेपन प्रक्रिया में एक इलेक्ट्रोड से कॉपर दूसरे इलेक्ट्रोड पर स्थानान्तरित होता है।

क्रियाकलाप 14.7

प्रश्न 1.
क्या आप उनमें से किसी एक में कुछ अन्तर पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम एक इलेक्ट्रोड में अन्तर पाते हैं। एक इलेक्ट्रोड पर ताँबा जमा हो गया है।

प्रश्न 2.
क्या आप इस पर कोई परत चढ़ी देखते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम इस पर एक परत चढ़ी देखते हैं।

प्रश्न 3.
इस परत का रंग कैसा है?
उत्तर:
इस परत का रंग हरा-नीला है।

प्रश्न 4.
बैटरी के उस टर्मिनल को नोट कीजिए जिससे यह इलेक्ट्रोड संयोजित है।
उत्तर:
यह इलेक्ट्रोड बैटरी के ऋण टर्मिनल से संयोजित है?

MP Board Class 8th Science Chapter 14 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. विद्युत् चालन करने वाले अधिकांश द्रव ………….. तथा ……… के विलयन होते हैं।
  2. किसी विलयन से विद्युत्. धारा प्रवाहित होने पर …… प्रभाव उत्पन्न होता है।
  3. यदि कॉपर सल्फेट विलयन से विद्युत् धारा प्रवाहित की जाए तो कॉपर बैटरी के ……….. टर्मिनल से संयोजित प्लेट पर निक्षेपित होती है।
  4. विद्युत् धारा द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत निक्षेपित करने की प्रक्रिया को ……….. कहते हैं।

उत्तर:

  1. अम्लों, क्षारकों, लवणों।
  2. चुम्बकीय।
  3. ऋण।
  4. विद्युत् लेपन।

प्रश्न 2.
जब किसी संपरीक्षित्र के स्वतन्त्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं। जब किसी संपरीक्षित्र (टेस्टर) के स्वतन्त्र सिरों को किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुम्बकीय. सुई विक्षेपित होने का कारण है कि विद्युत् धारा चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करती है। विद्युत् धारा दुर्बल होने पर भी चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। चुम्बकीय सुई का विक्षेपण धारा की प्रबलता पर निर्भर करता है। धारा जितनी प्रबल होगी चुम्बकीय सुई उतना ही अधिक विक्षेपित होगी।

प्रश्न 3.
तीन ऐसे द्रवों के नाम लिखिए जिनका परीक्षण निम्नांकित चित्र में दर्शाए अनुसार करने पर चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो सके।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 2

  1. कॉपर सल्फेट का विलयन।
  2. नींबू का रस।
  3. नल की टोंटी का जल।

प्रश्न 4.
निम्नांकित चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब नहीं जलता। क्या आप सम्भावित कारणों की सूची बना सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 14 विधुत धारा के रासानिक प्रभाव 3
उत्तर:
दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब के न जलने के निम्न सम्भावित कारण हो सकते हैं।

  1. बल्ब फ्यूज हो सकता है।
  2. विद्युत् धारा इतनी दुर्बल हो कि बल्ब का तन्तु पर्याप्त गर्म न हो पाता हो फलस्वरूप बल्ब नहीं जलता हो।
  3. सेल से धारा प्रवाहित ही न हो रही हो।
  4. परिपथ में तारों का संयोजन ढीला हो।

प्रश्न 5.
दो द्रवों A और B के विद्युत् चालन की जाँच करने के लिए एक संपरीक्षित्र का प्रयोग किया गया। यह देखा गया कि संपरीक्षित्र का बल्ब द्रव A के लिए चमकीला दीप्त हुआ जबकि द्रव B के लिए अत्यन्त धीमा दीप्त हुआ। आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि –

  1. द्रव A, द्रव B से अच्छा चालक है।
  2. द्रव B, द्रव A से अच्छा चालक है।
  3. दोनों द्रवों की चालकता समान है।
  4. द्रवों को चालकता के गुणों की तुलना इस प्रकार नहीं की जा सकती।

उत्तर:
द्रव A, द्रव B, से अच्छा चालक है।

प्रश्न 6.
क्या शुद्ध जल विद्युत् का चालन करता है? यदि नहीं, तो इसे चालक बनाने के लिए इसमें अम्ल या क्षार या लवण घोलना चाहिए।
उत्तर:
नहीं, शुद्ध जल विद्युत् का चालन नहीं करता है। इसे चालक बनाने के लिए इसमें अम्ल या क्षार या लवण घोलना चाहिए।

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प्रश्न 7.
आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति को बन्द कर देते हैं। व्याख्या कीजिए कि वे ऐसा क्यों करते हैं?
उत्तर:
आग लगने के समय, फायरमैन पानी के हौज (पाइपों) का उपयोग करने से पहले उस क्षेत्र की मुख्य विद्युत् आपूर्ति इसलिए बन्द कर देते हैं कि साधारण पानी विद्युत् का सुचालक होता है। यदि पानी का छिड़काव करते समय यदि पानी विद्युत् बोर्ड आदि में चला गया तो सारे क्षेत्र में विद्युत् धारा फैलने का खतरा रहता है जिससे जान-माल की हानि हो सकती है।

प्रश्न 8.
तटीय क्षेत्र में रहने वाला एक बालक अपने संपरीक्षित्र से पीने के पानी तथा समुद्र के पानी का परीक्षण करता है। वह देखता है कि समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप दर्शाती है। क्या आप उसके कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, समुद्र के पानी के लिए चुम्बकीय सुई अधिक विक्षेप इसलिए दिखाती है क्योंकि समुद्र का पानी पीने के पानी से अधिक अच्छा विद्युत् का चालक है, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में लवण घुले रहते हैं।

प्रश्न 9.
क्या तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
नहीं, तेज वर्षा के समय किसी लाइनमैन के लिए बाहरी मुख्य लाइन के विद्युत् तारों की मरम्मत करना सुरक्षित नहीं है क्योंकि पानी विद्युत् का सुचालक है। तेज वर्षा के समय जरा भी विद्युत् लीक होने की दशा में लाइनमैन को करेंट लग सकता है और उसकी जान तक जा सकती है।

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प्रश्न 10.
पहेली ने सुना था कि वर्षा का जल उतना ही शुद्ध है जितना कि आसुत जल। इसलिए उसने एक स्वच्छ काँच के बर्तन में कुछ वर्षा का जल एकत्रित करके संपरीक्षित्र से उसका परीक्षण किया। उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है। इसका क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
चुम्बकीय सुई द्वारा विक्षेप दर्शाने के निम्न कारण हो सकता है-वर्षा का जल वास्तव में एक अच्छा आसुत जल है लेकिन जब ये वायुमण्डल में आता है तो इसमें धूल, मिट्टी के कण तथा अन्य अशुद्धियाँ मिल जाती हैं जो विद्युत् का सुचालक बना देती हैं। अतः जब पहेली अपने संपरीक्षित्र से वर्षा के जल का परीक्षण करती है तो चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाती है।

प्रश्न 11.
अपने आस-पास उपलब्ध विद्युत् लेपित वस्तुओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
आस-पास की कुछ विद्युत् लेपित वस्तुएँ:

  1. नकली आभूषण।
  2. स्नान गृह की टोंटी।
  3. गैस बर्नर।
  4. सोफे के फ्रेम।
  5. साइकिल के पार्ट्स।
  6. कार के पार्ट्स।
  7. दरवाजों के हैण्डिल।
  8. ट्रेक्टर के पार्ट्स।
  9. मकान में लगी ग्रिल आदि।

प्रश्न 12.
जो प्रक्रिया आपने क्रियाकलाप 14.7 में देखी वह कॉपर के शोधन में उपयोग होती है। एक पतली शुद्ध कॉपर छड़ एवं एक अशुद्ध कॉपर की छड़ इलेक्ट्रोड के रूप में उपयोग की जाती है। कौन-सा इलेक्ट्रोड बैटरी के धन टर्मिलन से संयोजित किया जाए। कारण भी लिखिए।
उत्तर:
अशुद्ध कॉपर की छड़ को इलेक्ट्रोड के रूप में बैटरी के धन टर्मिनल से संयोजित करना चाहिए क्योंकि अशुद्ध छड़ का कॉपर विलयन में मिलेगा तथा कॉपर ऋण टर्मिलन से जुड़े शुद्ध कॉपर की छड़ पर जमा हो जायेगा।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 13 ध्वनि

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 13 ध्वनि

MP Board Class 8th Science Chapter 13 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 157

प्रश्न 1.
अपने विद्यालय में आपको कैसे ज्ञात होता है कि कालांश (पीरियड), समाप्त हो गया है?
उत्तर:
जब घण्टी बजती है तब हम समझ जाते हैं कि पीरियड समाप्त हो गया है।

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प्रश्न 2.
आँखों पर पट्टी बँधे होने पर भी उस खिलाड़ी को कैसे पता चला जाता है कि उसके सबसे समीप कोई खिलाड़ी है।
उत्तर:
जब समीप वाला खिलाड़ी आवाज (ध्वनि) करता है तो उसकी आवाज सुनकर आँखों पर पट्टी बँधे होने पर भी वह अनुमान लगा लेता है कि उसके समीप कोई खिलाड़ी है।

प्रश्न 3.
अपने आस-पास सुनाई देने वाली ध्वनियों की एक सूची बनाइए।
उत्तर:
आस-पास सुनाई देने वाली ध्वनियाँ:

  1. टेम्पो, बस, रिक्शा आदि के हॉर्नों की ध्वनि।
  2. रेलगाड़ी की ध्वनि।
  3. गली में आने-जाने वाले हॉकरों की ध्वनि।
  4. मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारे में बजने वाली लाउडस्पीकर की ध्वनि।
  5. म्यूजिक सिस्टम, टी.वी. आदि की ध्वनि।

प्रश्न 4.
ध्वनि कैसे उत्पन्न होती है? यह एक स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे पहुँचती है? कुछ ध्वनियाँ दूसरों की अपेक्षा प्रबल क्यों होती है?
उत्तर:
(1) जब कोई वस्तु कम्पन करती है तो ध्वनि उतपन्न होती है।

(2) वायु में रखी कोई वस्तु जब कम्पन करती है तब वस्तु की सतह के सम्पर्क वाले वायु के कण कम्पन करने लगते हैं। प्रत्येक कम्पित कण इन कम्पनों को अपने सम्पर्क वाले अन्य कणों में स्थानान्तरित करते चले जाते हैं। इन कम्पनों के फलस्वरूप ध्वनि एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती है। इस प्रकार ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।

(3) प्रबलता ध्वनि का वह गुण है जिससे ध्वनि कान को तीव्र या मन्द सुनाई देती है। ध्वनि की प्रबलता ध्वनि के कम्पन्न आयाम पर निर्भर करती है। वे ध्वनियाँ जिनका आयाम दूसरी ध्वनियों की अपेक्षा अधिक होगा वे दूसरों की अपेक्षा प्रबल होंगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 158

ध्वनि कम्पित वस्तुओं द्वारा उत्पन्न होती है।

प्रश्न 1.
विद्यालय की घण्टी को जब बज न रही हो, छूकर देखिए। आप कैसा अनुभव करते हैं?
उत्तर:
घण्टी में कुछ नहीं होता है।

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प्रश्न 2.
जब वह ध्वनि उत्पन्न कर रही हो तो उसे पुनः छूकर देखिए। क्या आप इसे कम्पित होता हुआ अनुभव कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, वह इस समय कम्पन कर रही होती है।

क्रियाकलाप 13.1

प्रश्न 1.
क्या आप कम्पनों का अनुभव करते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम कम्पनों का अनुभव करते हैं।

प्रश्न 2.
प्लेट पर फिर से छड़ी से चोट मारिए तथा चोट मारने के तुरन्त बाद इसे अपने हाथों से कसकर पकड़ लीजिए। क्या आप अब भी ध्वनि सुन पाते हैं?
उत्तर:
नहीं, अब हम ध्वनि नहीं सुन पाते हैं।

प्रश्न 3.
जब प्लेट ध्वनि उत्पन्न करना बन्द कर दे तब इसे फिर से छूकर देखिए। क्या अब आप अपने कम्पनों का अनुभव कर पाते हैं?
उत्तर:
नहीं, अब हम अपने कम्पनों का अनुभव नहीं कर पाते हैं। अब कोई कम्पन नहीं है।

क्रियाकलाप 13.2

प्रश्न 1.
क्या आपको कोई ध्वनि सुनाई देती है?
उत्तर:
हाँ, रबड़ के छल्ले को खीचने से ध्वनि उत्पन्न होती है।

प्रश्न 2.
क्या रबड़ का छल्ला कम्पन करता है?
उत्तर:
हाँ, रबड़ का छल्ला कम्पन करता है।

क्रियाकलाप 13.3

प्रश्न 1.
क्या आप ध्वनि सुन पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, बहुत कम ध्वनि सुनाई देती है।

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प्रश्न 2.
थाली पर पुनः आघात कीजिए और तब इसे छूकर देखिए। क्या आप थाली का कंपित होता अनुभव करते है।
उत्तर:
हाँ, थाली कम्पन कर रही है।

प्रश्न 3.
थाली पर पुनः आघात कीजिए। जल की सतह को देखिए। क्या आप वहाँ पर कोई तरंगें देख पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, जल की सतह पर वृत्ताकार तरंगें बन रही हैं।

प्रश्न 4.
अब थाली को पकड़िए। आप जल की सतह पर क्या परिवर्तन देखते हैं? क्या आप इस परिवर्तन की व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर:
अब, पानी की सतह पर कोई तरंगें नहीं हैं। तरंगें अदृश्य हो गईं; क्योंकि थाली को पकड़ने से अवरोध उत्पन्न हो गया। इन विनाशी तरंगों के परिवर्तन का कारण थाली को पकड़ना है।

प्रश्न 5.
क्या इससे वस्तु के कम्पनों को ध्वनि के साथ जोड़ने का कोई संकेत मिलता है?
उत्तर:
हाँ, वस्तु में होने वाले कम्पन ध्वनि उत्पन्न करते हैं। यह ध्वनि और कम्पन के बीच सम्बन्ध को दर्शाता है।

क्रियाकलाप 13.4

प्रश्न 1.
नारियल का खोखला खोल लीजिए और इससे एक वाद्य यंत्र ‘एकतारा’ बनाइए। इस वाद्ययन्त्र को बजाइए और इसके कम्पायमान भाग को पहचानिए।
उत्तर:
इस वाद्ययन्त्र का कम्पायमान भाग तना हुआ तार है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 159

प्रश्न 1.
सुपरिचित वाद्ययन्त्रों की एक सूची बनाइए और इनके कम्पायमान भागों को पहचानिए। कुछ उदाहरण निम्नांकित सारणी में दिए गए हैं। शेष सारणी को पूरा कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 13 ध्वनि 1

प्रश्न 2.
क्या आप इस प्रकार के कुछ अन्य वाद्ययन्त्रों के नाम बता सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, ढपली, ड्रम, बोन्गो, ड्रम।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 160

प्रश्न 1.
जब हम बोलते हैं तो क्या हमारे शरीर का कोई भाग कंपित होता है?
उत्तर:
हाँ, जब हम बोलते हैं तो हमारे वाक्-तन्तु कंपित होते हैं।

मनुष्यों (मानवों) द्वारा उत्पन्न ध्वनि

प्रश्न 1.
कुछ समय तक जोर से बोलिए या गाना गाइए अथवा भौरे की तरहगुंजन कीजिए। अपने हाथ को अपने कंठ पर रखिए। क्या आपको कुछ कम्पनों का अनुभव होता है?
उत्तर:
हाँ, जब कम्पन होते हैं तब ध्वनि उत्पन्न होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 161

ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है

प्रश्न 1.
जब आप कुछ दूरी पर खड़ी अपनी सहेली को पुकारती है तो आपकी सहेली आपकी आवाज को सुन पाती है। उसके पास तक आपकी ध्वनि कैसे पहुँचती है?
उत्तर:
मेरी ध्वनि मेरी सहेली तक हवा के माध्यम द्वारा पहुँचती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 161-162

क्रियाकला 13.7

प्रश्न 1.
क्या गिलास में से वायु खींचने पर घंटी की ध्वनि धीमी हो जाती है।
उत्तर:
हाँ, गिलास में से वायु खींचने पर घंटी की आवाज धीमी हो जाती है।

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प्रश्न 2.
गिलास को अपने मुँह से हटाइए। क्या ध्वनि फिर से प्रबल हो जाती है?
उत्तर:
हाँ, ध्वनि फिर से प्रबल हो जाती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 162

प्रश्न 1.
क्या आप ऐसा सोच सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ?
उत्तर:
हाँ, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ध्वनि को संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है। प्रथम स्थिति में, जब गिलास से वायु निकाल ली गई तो ध्वनि की गति धीमी हो गई। द्वितीय स्थिति में, जब गिलास से वायु खींचना रोक दिया तो ध्वनि फिर से प्रबल हो गई क्योंकि गिलास में पुनः वायु आने लगी।

प्रश्न 2.
क्या यह सम्भव है कि गिलास में वायु की मात्रा कम होने और घण्टी की प्रबलता कम होने में कोई सम्बन्ध है?
उत्तर:
हाँ, गिलास में वायु की मात्रा/आयतन कम होने से ध्वनि की प्रबलता घट जाती है।

प्रश्न 3.
क्या ध्वनि द्रवों में संचरित होती है?
उत्तर:
हाँ, ध्वनि द्रवों में भी संचरित होती है।

क्रियाकलाप 13.8

प्रश्न 1.
क्या आप घण्टी की ध्वनि सुन पाते हैं? क्या इससे पता चलता है कि ध्वनि का संचरण द्रवों में हो सकता है?
उत्तर:
हाँ, हम घण्टी की ध्वनि सुन पाते हैं। हाँ, इससे पता चलता है कि ध्वनि का संचरण द्रवों में हो सकता है।

क्रियाकला 13.9

प्रश्न 1.
क्या आप खरोंचने की ध्वनि सुन पाते हैं? अपने आस-पास खड़े हुए मित्रों से पूछिए कि क्या वे भी इस ध्वनि को सुन पाए?
उत्तर:
हाँ, हम खरोंचने की ध्वनि सुन सकते हैं। लेकिन मेरे आस-पास खड़े हुए मित्र इस ध्वनि को नहीं सुन पाए।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 163

प्रश्न 1.
क्या आप कह सकते हैं कि ध्वनि डोरियों में भी गमन कर सकती है?
उत्तर:
हाँ, हम कह सकते हैं कि ध्वनि धातुओं की डोरियों में गमन कर सकती है।

प्रश्न 2.
अब तक हमने सीखा कि कम्पायमान वस्तुएँ ध्वनि उत्पन्न कर सकती हैं तथा वह किसी माध्यम में सभी दिशाओं में संचरित हो सकती है। इस ध्वनि को हम सुनते कैसे हैं?
उत्तर:
जब ध्वनि हमारे कान में प्रवेश करती है तो यह एक नली से गुजर कर कर्ण पटह तक पहुँचती है। ध्वनि के कम्पन कर्ण पटह को कम्पित कर देते हैं। कर्ण पटह कम्पनों को आंतर कर्ण तक भेज देता है। वहाँ से संकेतों को मस्तिष्क तक भेज दिया जाता है। इस प्रकार हम ध्वनि सुन पाते हैं।

क्रियाकलाप 13.10

प्रश्न 1.
देखिए अन्न के दानों का क्या होता है? अन्न के दाने ऊपर और नीचे क्यों उछलते हैं?
उत्तर:
अन्न के दाने तनी हुई रबड़ के ऊपर, ऊपर और नीचे तेजी से उछलते हैं। अन्न के दाने ऊपर और नीचे इसलिए उछलते हैं क्योंकि तानित रबड़ में कम्पन हो रहे हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 164

कंघन का आयाम, आवर्तकाल तथा आवृत्ति

प्रश्न 1.
यदि कोई वस्तु एक सेकण्ड में 20 दोलन पूरे करती है तो इसकी आवृत्ति क्या होगी?
उत्तर:
इस वस्तु की आवृत्ति 20 हर्ट्ज होगी।

प्रश्न 2.
ध्वनि उत्पन्न करने वाली वस्तु को देखे बगैर भी आप अनेक सुपरिचित ध्वनियों को पहचान सकते हैं। यह कैसे सम्भव हो पाता है?
उत्तर:
यह ध्वनियों के आयामों और आवृत्तियों की पहचान के द्वारा सम्भव है।

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प्रश्न 3.
क्या हम ध्वनियों में उनके आयामों तथा आवृत्तियों के आधार पर अन्तर कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम ध्वनियों में उनके आयामों तथा आवृत्तियों के आधार पर अन्तर कर सकते हैं।

प्रबलता तथा तारत्व

क्रियाकलाप 13.11

प्रश्न 1.
क्या गिलास पर जोर से आघात करने पर ध्वनि अधिक प्रबल हो जाती है?
उत्तर:
हाँ, गिलास पर जोर से आघात करने पर ध्वनि अधिक प्रबल हो जाती है।

प्रश्न 2.
किस स्थिति में आयाम अधिक है?
उत्तर:
पहली स्थिति में आयाम अधिक है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 165

प्रश्न 1.
किसी बच्चे की ध्वनि की तुलना एक वयस्क से कीजिए। क्या इनमें कुछ अन्तर है?
उत्तर:
हाँ, दोनों की ध्वनि में अन्तर है।

प्रश्न 2.
मैं चकित हूँ कि मेरी आवाज मेरे अध्यापक से भिन्न क्यों है?
उत्तर:
मनुष्य की आवाज, आवाज के आयाम पर निर्भर करती है। यदि कम्पनों का आयाम अधिक होता है तब ध्वनि की तीक्ष्णता/तारत्व अधिक प्रबल होती है। जब आयाम कम होता है तो ध्वनि मन्द होती है। यही कारण है कि बूझो की आवाज उसके अध्यापक से भिन्न है क्योंकि दोनों की आवाजों के आयाम भिन्न हैं।

पाठ्य-पुस्तक या # 166

प्रश्न 1.
आप प्रतिदिन बच्चों तथा वयस्कों की आवाजें सुनते हैं। क्या आप उनकी आवाजों में कोई अन्तर पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम उनकी आवाजों में अन्तर पाते हैं।

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प्रश्न 2.
क्या आप कह सकते हैं कि बच्चे की आवाज की आवृत्ति वयस्क की आवृत्ति से अधिक है?
उत्तर:
बच्चे की आवाज उच्च तारत्व की होती है जबकि । वयस्क की आवाज निम्न तारत्व की होती है। यद्यपि वयस्क की ध्वनि प्रबल और बच्चे की ध्वनि दुर्बल होती हैं। यही कारण है कि बच्चे की आवाज की आवृत्ति वयस्क की आवृत्ति से अधिक होती है।

श्रव्य तथा अश्रव्य ध्वनियाँ

प्रश्न 1.
क्या हम सभी कंपायमान वस्तुओं की ध्वनियाँ सुन सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम सभी कंपायमान वस्तुओं की ध्वनियाँ सुन सकते हैं। हम केवल 20 हर्ट्स से 20,000 हर्ट्ज के बीच की
आवृत्ति वाली ध्वनियाँ सुन सकते हैं।

शोर तथा संगीत

प्रश्न 1.
हम अपने चारों ओर विभिन्न प्रकार की ध्वनियाँ सुनते हैं। क्या ध्वनि सदैव सुखद होती है? क्या ध्वनियाँ कभी-कभी आपको कष्ट पहुँचाती हैं?
उत्तर:
हाँ, हम अपने चारों ओर विभिन्न प्रकार की ध्वनियाँ सुनते हैं। नहीं, ये सभी ध्वनियाँ, सदैव सुखद नहीं होती हैं। कुछ ध्वनियाँ हमें सुखद लगती हैं और कुछ अच्छी नहीं लगती हैं।

प्रश्न 2.
क्या निर्माण स्थल से आने वाली ध्वनियाँ सखद प्रतीत होती हैं?
उत्तर:
नहीं, निर्माण स्थल से आने वाली ध्वनियाँ सुखद प्रतीत नहीं होती हैं। वास्तव में ये ध्वनियाँ अप्रिय होती हैं।

प्रश्न 3.
क्या आपको बसों ओर ट्रकों के हॉर्न (horns) की ध्वनियाँ अच्छी लगती हैं?
उत्तर:
नहीं, बसों और ट्रकों के हॉर्न की ध्वनियाँ हमें अच्छी नहीं लगती हैं। ये ध्वनियाँ भी अप्रिय लगती हैं।

प्रश्न 4.
कक्षा में यदि सभी विद्यार्थी एक साथ बोलें तो खान टोने वाली प्रतनिको म्या कहेंगे?
उत्तर:
यदि, कक्षा में सभी विद्यार्थी एक साथ बोलें तो उत्पन्न होने वाली ध्वनि को हम शोर कहेंगे।

प्रश्न 5.
लेकिन यदि संगीत अत्यन्त प्रबल हो जाए, तब भी क्या ये संगीत रहेगा?
उत्तर:
नहीं, यदि संगीत अत्यन्त प्रबल हो जाए, तब ये संगीत नहीं रहेगा।

ध्वनि प्रदूषण

प्रश्न 1.
क्या आप ध्वनि प्रदूषण के कुछ स्रोतों की सूची बना सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, ध्वनि प्रदूषण के कुछ स्रोत निम्नलिखित हैं –

  1. निर्माण स्थल से आने वाली ध्वनियाँ।
  2. बसों और ट्रकों के हॉर्न से उत्पन्न ध्वनियाँ।
  3. टी.वी. के चलने, रेडियो तथा लाउडस्पीकर के उच्च आवाज में बजने से उत्पन्न ध्वनियाँ।
  4. पटाखों के फटने से उत्पन्न ध्वनि।
  5. कारखानों में मशीनों के चलने से उत्पन्न ध्वनि।
  6. कूलर एवं वातानुकूलक आदि सभी ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं।

प्रश्न 2.
घर में कौन-से स्रोत ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न कर सकते हैं?
उत्तर:
घर में ऊँची आवाज में चलाए गए टेलिविजन, ट्रान्जिस्टर तथा रेडियो, रसोई घर के कुछ उपकरण, कूलर, वातानुकूलकं आदि ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न कर सकते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 167

ध्वनि प्रदूषण को सीमित रखने के उपाय

प्रश्न 1.
ध्वनि को नियन्त्रित करने के लिए हमें ध्वनि के स्रोतों पर नियन्त्रण करना चाहिए। यह कैसे किया जा सकता है?
उत्तर:
इसके लिए वायुयानों के इंजनों, यातायात के वाहनों, औद्योगिक मशीनों तथा घरेलू उपकरणों में ध्वनि अवरोधक/आवाज कम करने के यन्त्र लगाने चाहिए।

प्रश्न 2.
आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण को कैसे नियन्त्रित किया जा सकता है?
उत्तर:
आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण को निम्न प्रकार से नियन्त्रित किया जा सकता है –

  1. ध्वनि उत्पन्न करने वाले क्रियाकलापों को आवासीय क्षेत्र से दूर स्थापित करना चाहिए।
  2. ध्वनि उत्पन्न करने वाले उद्योगों को आवासीय क्षेत्रों से दूर स्थापित करना चाहिए।
  3. स्वचालित वाहनों के हॉर्न का उपयोग कम से कम करना चाहिए।
  4. टेलीविजन तथा संगीत निकायों की ध्वनि प्रबलता कम रखनी चाहिए।
  5. सड़कों तथा भवनों के आसपास पेड़ लगाने चाहिए, जिससे कि ध्वनि प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।

MP Board Class 8th Science Chapter 13 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सही उत्तर चुनिएध्वनि संचरित हो सकती है –

  1. केवल वायु या गैसों में।
  2. केवल ठोसों में।
  3. केवल द्रवों में।
  4. ठोसों, द्रवों तथा गैसों में।

उत्तर:
ठोसों, द्रवों तथा गैसों में।

प्रश्न 2.
निम्न में से किस वाक् ध्वनि कीआवृत्ति न्यूनतम होने की सम्भावना है –

  1. छोटी लड़की की।
  2. छोटे लड़के की।
  3. पुरुष की।
  4. महिला की।

उत्तर:
छोटी लड़की की।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथनों में सही कथन के सामने ‘T’ तथा गलत कथन के सामने ‘F’ पर निशान लगाइए –

  1. ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती। (T/F)
  2. किसी कम्पित वस्तु के प्रति सेकण्ड होने वाले दोलनों की संख्या को इसका आवर्तकाल कहते हैं। (T/F)
  3. यदि कम्पन का आयाम अधिक है तो ध्वनि मंद होती है। (T/F)
  4. मानव कानों के लिए श्रव्यता का परास 20 Hz से 20,000 Hz है। (T/F)
  5. कम्पन की आवृत्ति जितनी कम होगी तारत्व उतना ही अधिक होगा। (T/F)
  6. अवांछित या अप्रिय ध्वनि को संगीत कहते हैं। (T/F)
  7. ध्वनि प्रदूषण आंशिक श्रवण अशक्तता उत्पन्न कर सकता है। (T/F)

उत्तर:

  1. सत्य।
  2. असत्य।
  3. असत्य।
  4. सत्य।
  5. असत्य।
  6. असत्य।
  7. सत्य।

प्रश्न 4.
उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. किसी वस्तु द्वारा एक दोलन को पूरा करने में लिए गए समय को …….. कहते हैं।
  2. प्रबलता कम्पन के ……… से निर्धारित होती है।
  3. आवृत्ति का मात्रक …….है।
  4. अवांछित ध्वनि को ……… कहते हैं।
  5. ध्वनि की तीक्ष्णता कम्पनों की …….. से निर्धारित होती है।

उत्तर:

  1. आवर्तकाल।
  2. आयाम।
  3. हों।
  4. शोर।
  5. आवृत्ति।

प्रश्न 5.
एक दोलक 4 सेकण्ड में 40 बार दोलन करता है। इसका आवर्तकाल तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
हल:
आवर्तकाल-एक दोलन को पूरा करने में लगा समय –
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 13 ध्वनि 2

प्रश्न 6.
एक मच्छर अपने पंखों को 500 कम्पन प्रति सेकण्ड की औसत दर से कम्पित करके ध्वनि उत्पन्न करता है। कम्पन का आवर्तकाल कितना है?
हल:
500 कम्पन करने में लगा समय = 1 सेकण्ड
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 13 ध्वनि 3

प्रश्न 7.
निम्न वाद्ययन्त्रों में उस भाग को पहचानिए जो ध्वनि उत्पन्न करने के लिए कम्पित होता है –

  1. ढोलक।
  2. सितार।
  3. बाँसुरी।

उत्तर:

  1. ढोलक – तनी हुई झिल्ली।
  2. सितार – तने हुए तार।
  3. बाँसुरी – वायु स्तम्भ।

प्रश्न 8.
शोर तथा संगीत में क्या अन्तर है? क्या कभी संगीत शोर बन सकता है?
उत्तर:

  1. शोर: कानों को अप्रिय लगने वाली अवांछित ध्वनि को शोर कहते हैं।
  2. संगीत: सुस्वर ध्वनि को संगीत कहते हैं। यह सुखद होती है।

हाँ, संगीत की कभी-कभी शोर बन सकता है यदि संगीत अत्यन्त प्रबल हो जाए।

प्रश्न 9.
अपने वातावरण में ध्वनि प्रदूषण के स्रोतों की सूची बनाइए।
उत्तर:
ध्वनि प्रदूषण के स्रोत:

  1. वाहनों की ध्वनियाँ।
  2. पटाखों का फटना (विस्फोट)।
  3. कारखानों में मशीनों के चलने से उत्पन्न आवाज।
  4. तेज गति से चलने वाले कूलर।
  5. ऊँची आवाज में चलाए जाने वाले. टी.वी., रेडियो, लाउडस्पीकर आदि।

प्रश्न 10.
वर्णन कीजिए कि ध्वनि प्रदूषण मानव के लिए किस प्रकार से हानिकारक है?
उत्तर:
ध्वनि प्रदूषण मानव के लिए निम्न प्रकार से हानिकारक है –

  1. ध्वनि प्रदूषण से अनेक स्वास्थ सम्बन्धी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। जैसे-अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, तनाव, चिन्ता इत्यादि।
  2. व्यक्ति के सुनने की क्षमता अस्थायी अथवा स्थायी रूप से कम हो जाती है।

प्रश्न 11.
माता-पिता एक मकान खरीदना चाहते हैं। उन्हें एक मकान सड़क के किनारे पर तथा दूसरा सड़क से तीन गली छोड़कर देने का प्रस्ताव किया गया है। आप अपने माता-पिता को कौन-सा मकान खरीदने का सुझाव देंगे? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
हम अपने माता-पिता को सड़क से तीन गली छोड़कर मकान खरीदने का प्रस्ताव देंगे। इस मकान में ध्वनि प्रदूषण, शोर आदि सड़क के किनारे बने मकान की अपेक्षा कम होगा। क्योंकि सड़क के किनारे बने मकान में वाहनों की ध्वनियाँ काफी अधिक सुनाई देंगी। इससे स्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं तथा सुनने की क्षमता भी प्रभावित होगी। इसके अतिरिक्त वायु प्रदूषण भी काफी होगा। अतः सड़क से तीन गली छोड़कर मकान लेना ही उचित रहेगा।

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प्रश्न 12.
मानव वाक्यन्त्र का चित्र बनाइए तथा इसके कार्य की अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
मनुष्य में वाक्यन्त्र श्वास नली के ऊपरी सिरे पर होता है। इसका कार्य ध्वनि उत्पन्न करना है। वाक्यन्त्र के आर-पार दो तनित अवस्था में वाक्-तन्तु होते हैं उनके बीच में वाय के निकलने के लिए एक संकीण झिरी बनी होती है। जब
फेफड़ों से वायु झिरों में होकर बाहर निकलती है तो वाक्-तन्तु कम्पित होते हैं।

वाक्-तन्तुओं के कम्पित होने से ध्वनि उत्पन्न होती है। वाक्-तन्तुओं से जुड़ी माँसपेशियाँ तन्तुओं को तना हुआ या ढीला कर सकती हैं। जब वाक्-तन्तु तने हुए या पतले होते हैं तब वाक् ध्वनि का प्रकार उस वाक्-ध्वनि से भिन्न होता है जब वे ढीले व मोटे होते हैं।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 13 ध्वनि 4

प्रश्न 13.
आकाश में तड़ित तथा मेघ गर्जन की घटना एक समय पर तथा हमसे समान दूरी पर घटित होती है। हमें तड़ित पहले दिखाई देती है तथा मेघगर्जन बाद में सुनाई देता है। क्या आप इसकी व्याख्या कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हमें तड़ित पहले दिखाई देने तथा मेघगर्जन बाद में सुनाई देने का कारण यह है कि वायु में प्रकाश की चाल = (3 × 108 मी/सेकण्ड), ध्वनि की चाल (330/सेकण्ड) से काफी अधिक है। इसलिए हमें तड़ित पहले दिखाई देती है तथा मेघगर्जन बाद में सुनाई देती है।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 12 घर्षण

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 12 घर्षण

MP Board Class 8th Science Chapter 12 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 146

प्रश्न 1.
क्या आपने कभी सोचा है कि ब्रेक लगाने पर वाहन मन्द क्यों हो जाते हैं?
उत्तर:
हाँ, ब्रेक लगाने से वाहन पर घर्षण बल कार्य करता है। इस बल के कारण वाहन मन्द हो जाते हैं।

प्रश्न 2.
क्या आपने फर्श पर लुढ़कती गेंद को कुछ समय पश्चात् रुकते देखा है?
उत्तर:
हाँ, हमने फर्श पर लुढ़कती गेंद को कुछ समय पश्चात् रुकते देखा है। पृथ्वी द्वारा घर्षण बल लगता है जिससे गेंद की गति धीमी होती जाती है और अन्त में गेंद रुक जाती है।

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प्रश्न 3.
केले के छिलके पर कदम पड़ते ही हम क्यों फिसल जाते हैं?
उत्तर:
केले का छिलका बहुत चिकना होता है इसमें घर्षण नहीं होता। अतः जब हमारा कदम उस पर पड़ता है, हम फिसल जाते हैं।

प्रश्न 4.
किसी चिकने तथा गीले फर्श पर चलना क्यों कठिन होता है?
उत्तर:
चिकने तथा गीले फर्श पर चलने के लिए उचित घर्षण की आवश्यकता होती है जो हमें नहीं मिल पाता। इसलिए चिकने तथा गीले फर्श पर चलना कठिन होता है।

घर्षण बल

क्रियाकलाप 12.1

प्रश्न 1.
क्या इस बार भी पुस्तक रुक जाती है?
उत्तर:
हाँ, इस बार भी पुस्तक रुक जाती है।

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प्रश्न 2.
क्या आप इसका स्पष्टीकरण सोच सकते हैं?
उत्तर:
इस स्थिति में पुस्तक कुछ दूरी चलने के बाद रुक जाती है। इसका कारण है कि पुस्तक पर मेज की सतह का घर्षण बल लगता है जो पुस्तक की गति का विरोध करता है।

प्रश्न 3.
क्या हम कह सकते हैं कि पुस्तक की गति का विरोध करने के लिए उस पर कोई बल लगना चाहिए?
उत्तर:
हाँ, पुस्तक की गति का विरोध करने के लिए उस पर बल लग रहा है। इस बल को हम घर्षण बल कहते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 147

प्रश्न 1.
क्या सभी पृष्ठों पर समान घर्षण बल लगता है? क्या यह पृष्ठों के चिकनेपन पर निर्भर करता है?
उत्तर:
नहीं, सभी पृष्ठों पर समान घर्षण बल नहीं लगता। हाँ, यह पृष्ठों के चिकनेपन पर निर्भर करता है। चिकने पृष्ठों पर कम घर्षण बल लगता है जबकि रूक्ष पृष्ठों पर अधिक घर्षण बल लगता है।

घर्षण को प्रभावित करने वाले कारक

क्रियाकलाप 12.2

प्रश्न 1.
क्या आप उपरोक्त दोनों स्थितियों में कमानीदार तुला के पाठ्यांकों में कोई अन्तर पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, पहली स्थिति में कमानीदार तुला का पाठ्यांक दूसरी स्थिति के पाठ्यांक से कम होगा।

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प्रश्न 2.
इस अन्तर का क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
प्रथम स्थिति में फर्श के सम्पर्क में आने वाली ईंट की सतह अधिक खुरदरी है, अतः घर्षण बल अधिक होगा। लेकिन दूसरी स्थिति में, जब ईंट के ऊपर पॉलीथीन का टुकड़ा लपेट देते हैं तो ईंट की सतह अपेक्षाकृत चिकनी हो जाती है अतः इस स्थिति में ईंट को गति देने में कम घर्षण बल की आवश्यकता होगी।

क्रियाकलाप 12.3

प्रश्न 1.
आनत समतल के किसी बिन्द पर पेन से कोई चिह्न अंकित कीजिए। अब कोई पेन्सिल सेल इस बिन्दु से नीचे लुढ़कने दीजिए। रुकने से पूर्व यह (पेन्सिल सेल) मेज पर कितनी दूरी तय करता है?
उत्तर:
रुकने से पूर्व यह आनत समतल के आखिरी तक जाता है और मेज पर रुक जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 148

प्रश्न 1.
किस स्थिति में पेन्सिल सेल द्वारा तय की गई दूरी सबसे कम है?
उत्तर:
पेन्सिल सेल द्वारा तय की गई दूरी उस स्थिति में सबसे कम होगी जब मेज पर रेत की पतली पर्त बिछाई गई है।

प्रश्न 2.
सेल द्वारा तय की गई दूरियाँ भिन्न-भिन्न क्यों होती हैं? इसका कारण जानने का प्रयास कीजिए।
उत्तर:
इसका कारण भिन्न-भिन्न सतहों द्वारा उत्पन्न विभिन्न घर्षण की मात्रा है। रेत की सतह पर चली गई दूरी सबसे कम होगी क्योंकि रेत की सतह पर घर्षण अधिक होगा।

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प्रश्न 3.
क्या सेल द्वारा चली दूरी जिस पृष्ठ पर वह चलता है, उसकी प्रकृति पर निर्भर करती है?
उत्तर:
हाँ, सेल द्वारा चली गई दूरी उस पृष्ठ की प्रकृति पर निर्भर करती है जिस पर वह चलता है।

प्रश्न 4.
क्या पेन्सिल सेल के पृष्ठ का चिकनापन भी चली गई दूरी को प्रभावित करता है?
उत्तर:
हाँ, पेन्सिल सेल के पृष्ठ का चिकनापन भी चली गई दूरी को प्रभावित करता है।

प्रश्न 5.
मैं इस क्रियाकलाप को सेल पर रेगमाल का टुकड़ा लपेट कर करूँगा।
उत्तर:
तब इस स्थिति में घर्षण बल बढ़ जाएगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 149

घर्षण: हानिकारक परन्तु अनिवार्य

प्रश्न 1.
किसी काँच के गिलास अथवा किसी कुल्हड़ में से किसे पकड़े रखना आसान है?
उत्तर:
काँच के गिलास की अपेक्षा कुल्हड़ को पकड़ना आसान है क्योंकि इसकी सतह खुरदरी होती है। इसमें अधिक घर्षण बल होगा।

प्रश्न 2.
मान लीजिए किसी गिलास का बाहरी पृष्ठ चिकना है अथवा उस पर पकाने के तेल की परत चढ़ी है तो क्या उसे हाथ में पकड़ना आसान होगा अथवा अधिक कठिन हो जाएगा?
उत्तर:
यदि गिलास का बाहरी पृष्ठ चिकना अथवा उस पर पकाने के तेल की परत चढ़ी है तो उसे पकड़ना अधिक कठिन हो जाएगा क्योंकि इस सतह पर न्यूनतम घर्षण होगा। इसलिए वह फिसलता जाएगा।

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प्रश्न 3.
यदि घर्षण न हो तो क्या आपके लिए गिलास को पकड़े रखना सम्भव हो पाएगा?
उत्तर:
नहीं, यह कभी सम्भव नहीं हो पाएगा।

प्रश्न 4.
क्या आप घर्षण न होने की स्थिति में चलने की कल्पना कर सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, घर्षण न होने की स्थिति में हम चलने की कल्पना नहीं कर सकते। हम फिसल जायेंगे।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 150

प्रश्न 1.
कुछ मिनट तक अपनी हथेलियों को तेजी से एक-दूसरे के साथ रगड़िए। आप क्या अनुभव करते हैं?
उत्तर:
हथेलियों को एक-दूसरे के साथ रगड़ने से हम गर्मी का अनुभव करते हैं। हमारी हथेलियाँ गर्म हो जाती हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 151

घर्षण बढ़ाना तथा घटाना

प्रश्न 1.
क्या आपने कभी यह सोचा है कि आपके जूतों की तली खाँचेदार क्यों है?
उत्तर:
जूतों की खाँचेदार तली फर्श से अच्छी पकड़ बनाती है जिसके कारण हम अच्छी तरह चल सकते हैं।

प्रश्न 2.
कैरम बोर्ड पर आप महीन पाउडर क्यों छिड़कते हैं?
उत्तर:
कैरम बोर्ड पर हम महीन पाउडर घर्षण को कम करने के लिए डालते हैं जिससे कि स्ट्राइकर तेजी से गति कर सके।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 152

प्रश्न 1.
क्याहमपृष्ठों परपॉलिशकरकेअथवाअत्यधिक मात्रा में स्नेहक पदार्थों का उपयोग करके घर्षण को घटाकर शून्य कर सकते हैं?
उत्तर:
हम पृष्ठों पर पॉलिश करके अथवा अत्यधिक मात्रा में स्नेहक पदार्थों का उपयोग करके घर्षण को शून्य नहीं कर सकते। घर्षण को हम केवल न्यूनतम कर सकते हैं।

पहिए घर्षण कम कर देते हैं

प्रश्न 1.
आपने अटैचियों तथा अन्य भारी सामानों (असबाबों) पर रोलर जड़े देखे होंगे। ऐसे सामानों को कोई छोटा बच्चा भी आसानी से खींच सकता है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
रोलर जब लुढ़कते हैं तो उन पर लोटनिक घर्षण कार्य करता है। रोलर का लोटन घर्षण को कम कर देता है। यही कारण है कि रोलर जड़ा सामान खींचना सुविधाजनक होता है, इसीलिए ऐसे सामानों को कोई छोटा बच्चा भी आसानी से खींच सकता है।

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प्रश्न 2.
क्या अब आप यह समझ सकते हैं कि पहिए के आविष्कार को मानव जाति की महानतम खोजों में क्यों गिना जाता है?
उत्तर:
पहिया लोटनिक घर्षण प्रदान करता है जो सी घर्षण से कम होता है। इसलिए अधिकांश मशीनों में घर्षण को बाल बेयरिंग का उपयोग करके लोटन में प्रतिस्थापित किया जाता है। अतः पहिए के उपयोग करने से कीमत कम हो जाती है। यही कारण है कि पहिए को मानव जाति की महानतम खोजों में गिना जाता है।

क्रियाकलाप 12.4

प्रश्न 1.
क्या आप यह अनुभव करते हैं कि पुस्तक को सरकाने की तुलना में इस प्रकार गतिशील कराने में घर्षण कम हो गया है?
उत्तर:
हाँ, हम अनुभव करते हैं कि पुस्तक को सरकाने की तुलना में इस प्रकार गति कराने में घर्षण बल कम हो गया है।

प्रश्न 2.
क्या आपने भारी मशीनों को उनके नीचे लकड़ी के लढें रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते देखा है?
उत्तर:
हाँ, हमने भारी मशीनों को उनके नीचे लकड़ी के लढें रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते देखा है क्योंकि लोटनिक घर्षण सी घर्षण से कम होता है। इसलिए भारी मशीनों के बीच लकड़ी के लढे लगा देते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 153

तरल घर्षण

प्रश्न 1.
आपके विचार से वैज्ञानिकों को उन विशिष्ट आकृतियों के बारे में कहाँ से संकेत प्राप्त होते हैं?
उत्तर:
वैज्ञानिकों को इन विशिष्ट आकृतियों के बारे में संकेत प्रकृति से प्राप्त होते हैं।

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प्रश्न 2.
क्या आप किसी वायुयान की आकृति तथा किसी पक्षी की आकृति में कोई समानता पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, वायुयान तथा पक्षी की आकृति चिकनी, गोल तथा आगे से नुकीली होती है जो उनके उड़ते समय वायु द्वारा उत्पन्न घर्षण को कम कर देती है।

MP Board Class 8th Science Chapter 12 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. घर्षण एक-दूसरे के रखे सम्पर्क में रखी दो वस्तुओं के बीच …….. का विरोध करता है।
  2. घर्षण पृष्ठों के …….. पर निर्भर करता है।
  3. घर्षण से ……… उत्पन्न होती है।
  4. कैरम बोर्ड पर पाउडर छिड़कने से घर्षण …….. हो जाता है।
  5. सी घर्षण स्थैतिक घर्षण से ……… होता है।

उत्तर:

  1. गति।
  2. प्रकृति।
  3. ऊष्मा।
  4. कम।
  5. कम।

प्रश्न 2.
चार बच्चों को लोटनिक, स्थैतिक तथा सी घर्षण के कारण बलों को घटते क्रम में व्यवस्थित करने के लिए कहा गया। उनकी व्यवस्था नीचे दी गई है। सही व्यवस्था का चयन कीजिए –

  1. लोटनिक, स्थैतिक, सी।
  2. लोटनिक, सी, स्थैतिक।
  3. स्थैतिक, सपी, लोटनिक।
  4. सी, स्थैतिक, लोटनिक।

उत्तर:
स्थैतिक, सी, लोटनिक।

प्रश्न 3.
आलिदा अपनी खिलौना कार को संगमरमर के सूखे फर्श, संगमरमर के गीले फर्श, फर्श पर बिछे समाचार-पत्र तथा तौलिए पर चलाती है। कार पर विभिन्न पृष्ठों पर लगे घर्षण बल का क्रम होगा –

  1. संगमरमर का गीला फर्श, संगमरमर का सूखा फर्श, समाचार-पत्र, तौलिया।
  2. समाचार पत्र, तौलिया, संगमरमर का सूखा फर्श, संगमरमर का गीला फर्श।
  3. तौलिया, समाचार पत्र, संगमरमर का सूखा फर्श, संगमरमर का गीला फर्श।
  4. संगमरमर का गीला फर्श, संगमरमर का सूखा फर्श, तौलिया, समाचार पत्र।

उत्तर:
संगमरमर का गीला फर्श, संगमरमर का सूखा फर्श,,समाचार पत्र, तौलिया।

प्रश्न 4.
मान लीजिए आप अपने डेस्क को थोड़ा झुकाते हैं। उस पर रखी कोई पुस्तक नीचे की ओर सरकना आरम्भ कर देती है। इस पर लगे घर्षण बल की दिशा दर्शाइए।
उत्तर:
घर्षण बल की दिशा पुस्तक के सरकने की दिशा के विपरीत अर्थात् ऊपर की ओर होगी।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 12 घर्षण 1

प्रश्न 5.
मान लीजिए दुर्घटनावश साबुन के पानी से भरी बाल्टी संगमरमर के किसी फर्श पर उलट जाए। इस गीले फर्श पर आपके लिए चलना आसान होगा या कठिन। अपने उत्तर का कारण बताइए।
उत्तर:
साबुन का पानी फर्श द्वारा प्रदान किए गए घर्षण बल को कम कर देता है। इसलिए इस गीले फर्श पर चलना कठिन होगा।

प्रश्न 6.
खिलाड़ी कीलदार जूते (स्पाइक्स) क्यों पहनते हैं? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
खिलाड़ी कीलदार जूते (स्पाइक्स) इसलिए पहनते हैं जिससे कि पर्याप्त घर्षण बल मिल सके। स्पाइक्स उन्हें आवश्यक घर्षण बल प्रदान करता है जिससे जमीन पर उनकी पकड़ बनी रहती है।

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प्रश्न 7.
इकबाल को हल्की पेटिका धकेलनी है तथा सीमा को उसी फर्श पर भारी पेटिका धकेलनी है। कौन अधिक घर्षण बल का अनुभव करेगा और क्यों?
उत्तर:
सीमा अधिक घर्षण बल का अनुभव करेगी क्योंकि सीमा की पेटिका भारी है उसे अधिक बल लगाना पड़ेगा। अतः सीमा अधिक घर्षण बल का अनुभव करेगी।

प्रश्न 8.
व्याख्या कीजिए, सी घर्षण स्थैतिक घर्षण से कम क्यों होता है?
उत्तर:
सी घर्षण स्थैतिक घर्षण से इसलिए कम होता है, क्योंकि जब कोई वस्तु गतिमान होती है तो उसके पृष्ठ को उतना समय नहीं मिल पाता कि वे फर्श के सम्पर्क बिन्दुओं में धंस सके। अतः सी घर्षण स्थैतिक घर्षण से कम होता है।

प्रश्न 9.
वर्णन कीजिए कि घर्षण किस प्रकार शत्रु एवं मित्र दोनों है?
उत्तर:
घर्षण शत्रु है –
घर्षण के हानिकारक प्रभाव निम्न है –

  1. घर्षण से मशीनों के पुर्जे घिस जाते हैं।
  2. मशीनों की दक्षता घट जाती है।
  3. मशीनों को दी गई ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा के रूप में व्यय हो जाता है।

घर्षण मित्र है –
घर्षण अनिवार्य है, क्योंकि –

  1. घर्षण के बिना हम चल नहीं सकते।
  2. घर्षण के कारण ही हम दीवार पर कील ठोंक पाते हैं।
  3. घर्षण के कारण ही हम वाहनों पर ब्रेक लगाकर हम उन्हें रोक लेते हैं।
  4. भोजन का चबाना भी घर्षण के कारण है।
  5. घर्षण के कारण लिखना सम्भव है।
  6. माचिस की तीली घर्षण के कारण ही आग उत्पन्न करती है।

प्रश्न 10.
वर्णन कीजिए कि तरल में गति करने वाली वस्तुओं की आकृति विशेष प्रकार की क्यों बनाते हैं?
उत्तर:
वायु की तरह तरल भी वस्तुओं पर घर्षण बल लगाते हैं। पक्षी और मछलियाँ हमेशा तरल में गति करती हैं। अत: उनकी आकृति इस प्रकार की बनाई जाती है कि उन्हें घर्षण बल का सामना करने के लिए अधिक ऊर्जा व्यय न करनी पड़े। इस प्रकार की आकृति चिकनी एवं गोल (Streamlined) होती है। विशेष प्रकार की आकृति देने से घर्षण कम हो जाता है।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब

MP Board Class 8th Science Chapter 11 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 127

प्रश्न 1.
हम यह कैसे निश्चित करते हैं कि कोई वस्तु दूसरी वस्तु से अधिक तेजी से गतिशील है?
उत्तर:
दोनों वस्तुओं की चाल से।

प्रश्न 2.
किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी क्या सूचित करती है?
उत्तर:
किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी उसकी चाल कहलाती है।

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प्रश्न 3.
क्या आपने कभी सोचा है कि गतिशील वस्तु धीमी या तेज कैसे हो जाती है, आपका अपनी जाति को दिशा कैसे बदल लेती है?
उत्तर:
बल वह एक कारक है जिससे गतिशील वस्तु धीमी या तेज हो जाती है अथवा गति की दिशा बदल लेती है।

प्रश्न 4.
किसी फुटबॉल को गतिशील करने के लिए क्या करते हैं?
उत्तर:
फुटबॉल को आगे गतिशील करने के लिए किक मारते हैं। किक मारने से फुटबॉल पर बल लगता है।

प्रश्न 5.
किसी गतिशील गेंद को और अधिक तेजी से चलाने के लिए आप क्या करते हैं?
उत्तर:
किसी गतिशील गेंद को और अधिक तेजी से चलाने के लिए गेंद को और अधिक बल से धकेलते हैं।

प्रश्न 6.
एक गोली (गोलरक्षक) गेंद को किस प्रकार रोकता है?
उत्तर:
गोलरक्षक गेंद पर बल लगाकर गेंद को गोल में आने से रोकता है।

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प्रश्न 7.
क्षेत्ररक्षक, बल्लेबाज द्वारा हिट की गई गेंद को कैसे रोकते हैं?
उत्तर:
क्षेत्ररक्षक, बल्लेबाज द्वारा हिट की गई गेंद को बल लगाकर रोकने का प्रयास करते हैं।

प्रश्न 8.
बल क्या है?
उत्तर:
कार्य करने के लिए धक्का या खिंचाव लगाया जाता है, उसे बल कहते हैं।

प्रश्न 9.
जिन वस्तुओं पर यह लगाया जाता है उन पर यह क्या प्रभाव डालता है?
उत्तर:
जिन वस्तुओं पर यह लगाया जाता है उससे वस्तु गतिशील हो सकती, अपनी ओर खिंच सकती है, गतिशील वस्तु रुक सकती है, उछल सकती है, अपनी दिशा में परिवर्तन कर सकती है, आदि।

बल-अपकर्षण या अभिकर्षण

प्रश्न 1.
क्या इन शब्दों की जगह एक या अधिक अन्य शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, इन शब्दों की जगह धक्का या खिंचाव का प्रयोग कर सकते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 128

क्रियाकलाप 11.1

प्रश्न 1.
सारणी में गति की सुपरिचित स्थितियों के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। आप इनमें से कुछ ऐसी ही और अधिक स्थितियों को जोड़ सकते हो अथवा इन उदाहरणों में से कुछ को बदल सकते हो। प्रत्येक दशा में कार्य को धक्का देना अथवा/या खींचना के रूप में पहचानिए तथा सारणी में लिखिए। आपकी सहायता के लिए एक उदाहरण दिया गया है।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 1

प्रश्न 2.
क्या आपने ध्यान दिया कि इनमें से प्रत्येक कार्य को अभिकर्षण (खींचना) या अपकर्षण (धक्का देना) अथवा दोनों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। क्या हम इससे यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि किसी वस्तु को गति में जाने के लिए उसे धक्का देना (अपकर्षित करना) या खींचना (अभिकर्षित करना) पड़ता है?
उत्तर:
हाँ, प्रत्येक कार्य को धक्का देना या खींचने के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। यहाँ से हम यह निष्कर्ष निकालते हैं
कि किसी वस्तु को गति में लाने के लिए धक्का देना, या खींचना और कभी-कभी दोनों ही आवश्यक हैं।

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प्रश्न 3.
वस्तुओं पर बल कब लगता है?
उत्तर:
किसी वस्तु पर बल उस समय लगता है जब हम वस्तु को धक्का देते हैं, खींचते हैं, उस पर प्रहार करते हैं, उसको उछालते हैं, उसमें ठोकर मारते हैं, इत्यादि।

प्रश्न 4.
मैंने कक्षा VI में पढ़ा है कि चुम्बक एक लोहे के टुकड़े को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्या आकर्षण भी एक खिंचाव (अभिकर्षण) है। किसी चुम्बक के दो समान ध्रुवों के बीच प्रतिकर्षण के बारे में आप क्या सोचते हैं? यह खिंचाव (अभिकर्षण) है या धक्का (अपकर्षण)?
उत्तर:
हाँ, आकर्षण भी एक खिंचाव ‘अभिकर्षण’ है, क्योंकि एक चुम्बक, दूसरी चुम्बक अथवा चुम्बकीय पदार्थ को आकर्षित करती है। प्रतिकर्षण धक्का देना (अपकर्षण) है क्योंकि चुम्बकों के समान ध्रुव एक-दूसरे को दूर हटाते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 129

बल अन्योन्य क्रिया के कारण लगते हैं

प्रश्न 1.
मान लीजिए कोई आदमी स्थिर कार के पीछे खड़ा है। क्या उसकी उपस्थिति के कारण कार गति में आएगी?
उत्तर:
नहीं, उसकी उपस्थिति के कारण कार में कोई गति नहीं आएगी।

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प्रश्न 2.
निम्नांकित चित्र तीन स्थितियाँ दर्शाता है। क्या आप बता सकते हैं कि इन स्थितियों में कौन खींच रहा है और कौन धक्का दे रहा है? चित्र
(i) में दोनों लड़कियाँ एक-दूसरे को धक्का देती हुई प्रतीत होती हैं जबकि चित्र?
(ii) में लड़कियों का एक युग्म एक-दूसरे को खींचने का प्रयत्न कर रहा है। इसी प्रकार चित्र?
(iii) में गाय तथा आदमी एक-दूसरे को खींचते हुए प्रतीत होते हैं। यहाँ पर दर्शायी गई दोनों स्थितियों में लड़कियाँ एक-दूसरे पर बल लगा रही हैं। क्या यह बात आदमी तथा गाय पर भी लागू होती हैं?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 2
उत्तर:
हाँ, यह बात आदमी तथा गाय पर भी लागू होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 130

क्रियाकलाप 11.2

प्रश्न 1.
क्या आप इसे खिसका पाते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम इसे नहीं खिसका पाते।

प्रश्न 2.
क्या अब इसको खिसकाना आसान है? क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 3
उत्तर:
हाँ, इसको खिसकाना आसान है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हम दोनों के द्वारा लगाया गया बल जुड़कर पहले लगाये गए बल से अधिक है। अब वस्तु अधिक बल के कारण खिसक जाएगी।

प्रश्न 3.
अपने मित्र से कहिए कि वह इसे विपरीत दिशा से धकेले। क्या वस्तु गतिमान होती है?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 4
यदि वह गति में आती है तो इसकी गति की दिशा को नोट कीजिए। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि आप में से कौन अधिक बल लगा रहा है?
उत्तर:
हाँ, वह वस्तु गतिमान होगी। इस स्थिति में नेट बल दोनों के द्वारा लगाए गए बलों के अन्तर के बराबर होगा। अतः वस्तु पर लगने वाले बल का परिमाण जिस दिशा में अधिक होगा वस्तु उसी ओर गति करेगी।

बलों की खोजबीन

प्रश्न 1.
क्या आपने कभी रस्साकसी का खेल देखा है?
उत्तर:
हाँ, हमने रस्साकसी का खेल देखा है।

प्रश्न 2.
क्या यह चित्र 11.2 (प्रश्न 3) चित्र में दर्शायी गई स्थिति के समान नहीं है?
उत्तर:
हाँ, यह चित्र 11.2 (प्रश्न 3) चित्र में दर्शायी गई स्थिति के समान ही है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 5

प्रश्न 3.
क्रियाकलाप 11.2 में जब आप दोनों भारी सन्दूक को,विपरीत दिशा में धकेल रहे थे तो आपने क्या देखा था?
उत्तर:
हमने देखा था कि वस्तु पर जिस दिशा में बल का परिमाण अधिक लगता है वस्तु उसी ओर गति करती है।

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प्रश्न 4.
क्या इसका अर्थ यह है कि यदि किसी वस्तु पर विपरीत दिशाओं में लगने वाले बल बराबर हैं तो उस पर लगने वाला नेट बल शून्य होगा?
उत्तर:
हाँ, इसका अर्थ यह है कि यदि किसी वस्तु पर विपरीत दिशाओं में लगने वाले बल बराबर हैं तो उस पर लगने वाला नेट बल शून्य होगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 131

क्रियाकलाप 11.3

प्रश्न 1.
गेंद को धीरे से समतल पर धक्का दीजिए, क्या गेंद गति में आ जाती है?
उत्तर:
हाँ, गेंद गति में आ जाती है।

प्रश्न 2.
गतिशील गेंद को फिर से धक्का दीजिए। क्या इसकी चाल में कुछ परिवर्तन होता है? यह बढ़ती है या घटती है?
उत्तर:
हाँ, इसकी चाल में परिवर्तन होता है। इसकी चाल बढ़ जाती है।

प्रश्न 3.
क्या आपकी हथेली गेंद पर कोई बल लगाती है? गेंद की चाल पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है? क्या यह बढ़ती है या घटती है।
उत्तर:
हाँ, हमारी हथेली गेंद पर बल लगाती है। इससे गेंद की चाल धीमी हो जाती है। गेंद की चाल घट जाती है।

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प्रश्न 4.
यदि आप गतिशील गेंद को अपनी हथेली से रोक लें तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि गतिशील गेंद को हथेली पर रोक लें तो गेंद रुक जाएगी और इसकी गति शून्य होगी।

बल वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन कर सकता है

प्रश्न 1.
मैंने बच्चों को एक-दूसरे से रबड़ के टायर या किसी घेरे की धकेल कर तेल चलाने की होड़ लगाते देखा है। अब मैं समझ गया कि धक्का देने पर टायर की चाल क्यों बढ़े जाती है?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 6
उत्तर:
जब चलते हुए टायर में उसकी गति की दिशा में बल लगाया जाता है तो उसकी चाल बढ़ जाती है।

क्रियाकलाप 11.4

प्रश्न 1.
क्या पैमाने से टकराने के पश्चात् गेंद उसी दिशा में गति करती रहती है?
उत्तर:
नहीं, पैमाने से टकराने के बाद गेंद उसी दिशा में गति नहीं करेगी। उसकी गति की दिशा बदल जाएगी। वह उस दिशा में गति करेगी जिस दिशा से वह आ रही थी।

प्रश्न 2.
उस क्रियाकलाप को दोहराइए तथा प्रत्येक बार पैमाने को इस प्रकार रखिए कि ये गतिशील गेंद के पथ से पहले से भिन्न कोण बनाए। प्रत्येक स्थिति में पैमाने से टकराने के पश्चात् गेंद की गति की दिशा के बारे में अपने प्रेक्षणों को नोट करिए।
उत्तर:
इस स्थिति में गेंद नहीं रुकेगी लेकिन गतिशील गेंद की दिशा एवं चाल बदल जाएगी। वह धीमी चाल से गति करेगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 132

प्रश्न 1.
पहेली यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या बल लगाने से केवल वस्तु की चाल ही परिवर्तित होती है?
उत्तर:
नहीं, बल लगाने से वस्तु की केवल चाल ही परिवर्तित नहीं होती, गतिशील वस्तु की दिशा भी बदल सकती

प्रश्न 2.
क्या आप इस प्रकार के कुछ और उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, फुटबॉल, बॉलीबॉल और बैंडमिण्टन की स्थिति में दिशा एवं चाल दोनों ही बदल जाते हैं।

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प्रश्न 3.
क्या इसका यह अर्थ है कि बल लगाने पर सदैव ही किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन होगा?
उत्तर:
नहीं, इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी वस्तु पर बल लगाने पर सदैव ही उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन होगा। परिवर्तन का होना बल पर निर्भर करता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 133

क्रियाकलाप 11.5

प्रश्न 1.
जितनी स्थितियों में सम्भव हो बल का प्रभाव देखने का प्रयत्न कीजिए। आप अपने पर्यावरण में उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके इसी प्रकार की कुछ अन्य स्थितियों को भी यहाँ पर जोड़ सकते हैं। अपने प्रेक्षणों को सारणी के स्तम्भ 4 तथा 5 में नोट कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 7

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 134

प्रश्न 1.
उपरोक्त सारणी के प्रेक्षणों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर:
बल लगाने पर प्रथम तीन स्थितियों में आकृति में परिवर्तन होता है। अन्तिम स्थिति में आकृति में परिवर्तन नहीं होता।

प्रश्न 2.
जब आप हथेलियों के बीच एक फूले हुए गुब्बारे को रखकर दबाते हैं तो क्या होता है? जब गुंथे आटे की लोई को बेलकर चपाती बनाते हैं तो उसकी आकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है? जब आप मेज पर रखी किसी गेंद को दबाते हैं तो क्या होता है?
उत्तर:
तीनों ही स्थितियों में हाथ से बल लगाया जा रहा है। अतः इनकी आकृति में परिवर्तन होगा। गुब्बारे तथा गेंद की आकृति में अस्थायी रूप से परिवर्तन होगा जबकि आटे की लोई की आकृति में स्थायी परिवर्तन होगा।

सम्पर्क बल

पेशीय बल

प्रश्न 1.
क्या आप मेज पर रखी पुस्तक को बगैर छुए धकेल या उठा सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम मेज पर रखी पुस्तक को बगैर छुए हुए न तो धकेल सकते हैं और न ही उठा सकते हैं।

प्रश्न 2.
क्या बगैर पकड़े पानी की किसी बाल्टी को उठा सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, बगैर पकड़े पानी की किसी बाल्टी को हम नहीं उठा सकते।

प्रश्न 3.
क्या इस प्रक्रिया को पेशीय बल करता है?
उत्तर:
हाँ, इस प्रक्रिया को पेशीय बल करता है।

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प्रश्न 4.
श्वसन प्रक्रिया को सम्भव बनाने के लिए ये पेशियाँ कहाँ स्थित हैं?
उत्तर:
ये पेशियाँ फेफड़ों में स्थित हैं।

प्रश्न 5.
हमारे शरीर में पेशियों द्वारा बल लगाने के क्या कुछ और उदाहरण आप बतला सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, ये उदाहरण हैं –

  1. हाथ-पैरों की गति।
  2. हृदय में स्पन्दन होना।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 135

घर्षण

प्रश्न 1.
क्या आप इस प्रकार के कुछ अन्य अनुभवों को इसमें जोड़ सकते हैं?
उत्तर:
हाँ,

  1. फर्श पर लुढ़कता हुआ सिक्का रुक जाता है।
  2. बच्चों की रेलगाड़ी खिलौना बल लगाने से चलने के कुछ समय बाद रुक जाती है।

प्रश्न 2.
इनकी गति की अवस्था में परिवर्तन किस कारण होता है? क्या इन पर कोई बल लग रहा होता है? क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि प्रत्येक दिशा में बल किस दिशा में लग रहा होगा?
उत्तर:
वस्तुओं में लगने वाला यह घर्षण बल है जो वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन कर देता है। जिस दिशा में घर्षण बल लगता है उसके विपरीत वस्तु की गति होती है।

असम्पर्क बल

चुम्बकीय बल

क्रियाकलाप 11.6

प्रश्न 1.
देखिए क्या होता है, अब चुम्बक के दूसरे सिरे को बेलनों पर रखे चुम्बक के उसी सिरे के समीप लाइए चित्र प्रत्येक बार नोट कीजिए कि क्या होता है जब दूसरे चुम्बक को बेलनों पर रखे चुम्बक के समीप लाया जाता है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 8
उत्तर:
जब चुम्बक के एक सिरे को पेन्सिलों के ऊपर रखे चुम्बक के एक सिरे के समीप लाते हैं तो प्रतिकर्षण होता है [चित्र. 11.5(i)]। जब चुम्बक के उसी सिरे को पेन्सिलों के ऊपर रखे चुम्बक के दूसरे सिरे के समीप लाते हैं तो आकर्षण होता है। चित्र [(11.5(ii)]।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 136

प्रश्न 1.
क्या बेलनों पर रखा चुम्बक, दूसरे चुम्बक को समीप लाने पर गति करने लगता है? क्या वह सदैव समीप आने वाले चुम्बक की दिशा में गति करता है?
उत्तर:
हाँ, बेलनों पर रखा चुम्बक, दूसरे चुम्बक को समीप लाने पर गति करने लगता है। नहीं, वह सदैव समीप आने वाले चुम्बक की दिशा में गति नहीं करता। यदि दोनों चुम्बकों के विपरीत ध्रुव एक-दूसरे के समीप होंगे तो बेलनों पर रखा चुम्बक समीप आने वाले चुम्बक की दिशा में गति करता है तथा समान ध्रुव होने पर यह विपरीत दिशा में गति करेगा।

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प्रश्न 2.
ये प्रेक्षण क्या सुझाते हैं? क्या इसका अर्थ यह है कि चुम्बकों के बीच कोई बल अवश्य ही कार्य कर रहा है?
उत्तर:
ये प्रेक्षण सुझाते हैं कि –

  1. दो चुम्बकों के समान ध्रुव (समान बल) होने पर प्रतिकर्षण बल कार्य करता है।
  2. दो चुम्बकों के असमान ध्रुव (असमान बल) होने पर आकर्षण बल कार्य करता है। हाँ, इसका अर्थ यह है कि चुम्बकों के बीच कोई बल अवश्य ही कार्य करता है।

प्रश्न 3.
क्या चुम्बकों के बीच लगने वाले बल को देखने के लिए आपको उन्हें सम्पर्क में लाना पड़ता है?
उत्तर:
नहीं, चुम्बकों के बीच लगने वाले बल को देखने के लिए हमें इन्हें सम्पर्क में नहीं लाना पड़ता।

स्थिर वैद्युत बल

क्रियाकलाप 11.7

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
हम देखते हैं कि लटका हुआ स्ट्रॉ हाथ वाले स्ट्रॉ की ओर आकर्षित होता है।

प्रश्न 2.
अब आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
इस स्थिति में दोनों स्ट्रॉ के बीच प्रतिकर्षण होता है।

गुरुत्वाकर्षण बल

प्रश्न 1.
पेड़ से अलग होने के पश्चात् पत्तियाँ या फल भी धरती की ओर ही गिरते हैं। क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
हाँ, यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण होता है।

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प्रश्न 2.
क्या इस पर बिना बल लगे ऐसा हो सकता है? यह बल कौन-सा है?
उत्तर:
नहीं, इस पर बिना बल लगे ऐसा नहीं हो सकता। यह बल गुरुत्व बल है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 137

दाब

प्रश्न 1.
क्या दाब तथा बल में कोई सम्बन्ध है?
उत्तर:
हाँ, एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 9

प्रश्न 2.
किसी लकड़ी के तख्ते में एक कील को इसके शीर्ष से ठोंकने का प्रयत्न कीजिए। क्या आप सफल हो पाते हैं?
उत्तर:
नहीं।

प्रश्न 3.
अब कील को नुकीले सिरे से ठोंकने का प्रयत्न कीजिए। क्या आप इस बार सफल हो पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, नुकीले सिरे से ठोंकने पर कील लकड़ी के तख्ने में ठुक जाती है।

प्रश्न 4.
सब्जियों को किसी कुंठित (blunt) तथा एक तीखे चाकू से काटने का प्रयास कीजिए। किसमें आसानी है?
उत्तर:
सब्जियों को कुंठित चाकू से काटने की अपेक्षा तीखे चाकू से काटने में आसानी है।

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प्रश्न 5.
क्या आपको ऐसा लगता है कि जिस क्षेत्रफल पर बल लगाया जाता है (उदाहरण के लिए कील के नुकीले सिरे पर) वह इन कार्यों को आसान बनाने में एक भूमिका निभाता है?
उत्तर:
हाँ, यह सत्य है कि जिस क्षेत्रफल पर बल लगाया जाता है वह इन कार्यों को आसान बनाने में एक भूमिका निभाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 138

प्रश्न 1.
क्या अब आप बता सकते हैं कि कंधे पर लटकाने वाले थैलों में चौड़ी पट्टी क्यों लगाई जाती है? इन थैलों में बारीक पट्टी क्यों नहीं लगायी जाती? और काटने तथा सुराख करने वाले औजारों के किनारे सदैव तीक्ष्ण क्यों होते हैं?
उत्तर:
हाँ, थैलों में चौड़ी पट्टी लगाने से भार का सम्पर्क क्षेत्रफल बढ़ जाता है। इससे कंधों पर दाब कम हो जाता है। अतः कंधों पर दाब कम करने के लिए थैलों में बारीक पट्टी नहीं लगाई जाती। बारीक पट्टी लगाने से सम्पर्क क्षेत्रफल कम होगा, इससे कंधे पर दाब अधिक पड़ेगा। इसी प्रकार काटने और सुराख करने वाले औजारों के तीक्ष्ण किनारे होने से क्षेत्रफल कम हो जाता है, इससे दाब बढ़ जाता है। इसलिए वस्तुओं को काटना आसान हो जाता है।

प्रश्न 2.
क्या द्रवों तथा गैसों द्वारा भी दाब लगता है? क्या यह भी उस क्षेत्रफल पर निर्भर होता है जिस पर बल कार्य करता है?
उत्तर:
हाँ, द्रव और गैसें भी दाब लगाते हैं। लेकिन ये बर्तनों की दीवारों पर दाब लगाते हैं। द्रवों और गैसों द्वारा लगाया गया दाब बर्तन के आधार पर निर्भर नहीं करता। यह उस बर्तन में, द्रव या गैस के स्तम्भ की ऊँचाई पर निर्भर करता है जिसमें ये रखे जाते हैं।

द्रवों तथा गैसों द्वारा लगाया गया बल

क्रियाकलाप 11.8

प्रश्न 1.
क्या रबड़ की शीट बाहर की ओर फल जाती है?
उत्तर:
हाँ, जब पाइप में पानी का स्तम्भ बढ़ता है, तो रबड़ की शीट बाहर की ओर फूल जाती है।

प्रश्न 2.
क्या आप रबड़ शीट के फुलाव तथा पाइप में पानी के स्तम्भ की ऊँचाई में कुछ सम्बन्ध देख पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, रबड़ शीट का फुलाव बर्तन में पानी के स्तम्भ की ऊँचाई के समानुपाती होता है।

क्रियाकलाप 11.9

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं? इस बार काँच की नली के मुँह पर लगाई गई रबड़ की शीट क्यों फूल जाती है? बोतल में कुछ पानी और डालिए, क्या रबड़ की शीट के फुलाव में कुछ अन्तर आता है?
उत्तर:
हम देखते हैं कि काँच की नली के मुंह पर लगाई गई रबड़ की शीट फूल जाती है। इसका कारण है कि बोतल में भरा पानी का दाब है। यदि बोतल में कुछ पानी और डाल देते हैं तो जल की दाब बढ़ जाता है और रबड़ शीट और फूल जाती है।

प्रश्न 2.
क्या रबड़ शीट का फूलना यह दर्शाता है कि पानी बर्तन की दीवारों पर भी दाब डालता है?
उत्तर:
हाँ, रबड़ शीट का फूलना यह दर्शाता है कि पानी बर्तन की दीवारों पर भी दाब डालता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 139

क्रियाकलाप 11.10

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं? क्या सुराखों से निकला पानी बोतल से बराबर की दूरी पर गिरता है? यह क्या दर्शाता है?
उत्तर:
हम देखते हैं कि पानी सभी सुराखों से बाहर निकलता है। हाँ सुराखों से निकला पानी बोतल से बराबर की दूरी पर गिरता है। यह दर्शाता है कि पानी बराबर ऊँचाई पर, समान दाब डालता है।

दीवारों पर दाब डालते हैं?

प्रश्न 1.
क्या गैसें भी दाब डालती हैं? क्या वे भी जिस बर्तन में रखी जाती हैं, उसकी दीवारों पर दाब डालती हैं?
उत्तर:
हाँ, गैसें भी दाब डालती हैं। हाँ, गैसें जिस बर्तन में रखी जाती हैं उसकी दीवारों पर दाब डालती हैं।

प्रश्न 2.
जल संभरण के लिए प्रयोग किए जाने वाले पाइपों के लीक करते हुए जोड़ों या सुराखों से मैंने पानी के फुब्बारों को बाहर आते देखा है। क्या यह पानी द्वारा पाइप की दीवारों पर लगाए जाने वाले दाब के कारण नहीं है?
उत्तर:
हाँ, यह पानी द्वारा पाइप की दीवारों पर लगाए जाने वाले दाब के कारण है।

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प्रश्न 3.
जब आप किसी गुब्बारे को फुलाते हैं तो उसके मुँह को क्यों बन्द करना पड़ता है?
उत्तर:
उसके मुँह को इसलिए बन्द करना पड़ता है जिससे कि गैस बाहर न निकले।

प्रश्न 4.
यदि किसी फुलाए हुए गुब्बारे के मुँह को खोल दें तो क्या होता है?
उत्तर:
यदि किसी फुलाए हुए गुब्बारे के मुँह को खोल दें तो गुब्बारे से गैस तेजी से बाहर निकलती है जिसको गुब्बारे के मुँह पर हाथ रखकर अनुभव किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
मान लीजिए कि आपके पास एक ऐसा गुब्बारा है जिसमें सुराख है। क्या आप इसे फुला पायेंगे? यदि नहीं तो क्यों?
उत्तर:
नहीं, हम ऐसे गुब्बारे को नहीं फुला पायेंगे जिसमें छेद है क्योंकि गुब्बारे में हवा भरने पर वह सुराख में होकर निकल जाएगी।

प्रश्न 6.
क्या हम कह सकते हैं कि वायु प्रत्येक दिशा में दाब लगाती है?
उत्तर:
हाँ, हम कह सकते हैं कि वायु प्रत्येक दिशा में दाब डालती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 140

प्रश्न 1.
स्मरण कीजिए कि यदि साइकिल की ट्यूब में पंक्चर हो तो इसके अन्दर की हवा का क्या होता है? क्या ये प्रेक्षण दर्शाते हैं कि वायु किसी फुलाए हुए गुब्बारे या साइकिल की ट्यूब की अन्दर की दीवारों पर दाब डालती है?
उत्तर:
यदि साइकिल की ट्यूब में पंक्चर हो तो इसके अन्दर की हवा पंक्चर हुए सुराख से धीमे-धीमे बाहर आती है। हाँ, ये प्रेक्षण दर्शाते हैं कि वायु किसी फुलाए हुए गुब्बारे या साइकिल के ट्यूब की अन्दर की दीवारों पर दाब डालती है।

वायुमण्डलीय दाब

प्रश्न 1.
वायुमण्डल दाब है कितना?
उत्तर:
वायुमण्डलीय दाब बहुत अधिक है।

क्रियाकलाप 11.11

प्रश्न 1.
क्या यह पृष्ठ से चिपक जाता है? इसको खींचकर पृष्ठ से उठाने का प्रयास कीजिए। क्या आप सफल हो पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, यह पृष्ठ से अच्छी तरह चिपक जाता है। नहीं, इसको उठाने में हम सफल नहीं हो पाते। इसको उठाने में हमें काफी अधिक बल लगाना पड़ेगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 141

प्रश्न 1.
क्या इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि वायुमण्डलीय दाब कितना अधिक होता है?
उत्तर:
हाँ,इससे हम अनुमान लगा सकते हैं कि वायुमण्डलीय दाब बहुत अधिक होता है।

प्रश्न 2.
यदि मेरे सिर का क्षेत्रफल 15 cm × 15 cm हों तो मैं अपने सिर पर कितना भार वहन कर रहा हूँ?
उत्तर:
सिर का क्षेत्रफल = 15 cm × 15 cm = 225 cm2
225 cm2 क्षेत्रफल तथा वायुमण्डल की ऊँचाई के स्तम्भ में वायु का भार लगभग 225 kg द्रव्यमान के किसी पिण्ड के भार 2250 N के बराबर होता है। अतः मैं अपने सिर पर 2250 N के बराबर भार वहन कर रहा हूँ।

प्रश्न 3.
इस भार के नीचे हम दबकर पिचक क्यों नहीं जाते?
उत्तर:
इसका कारण है कि हमारे शरीर के अन्दर का दाब वायुमण्डल दाब के बराबर है जो बाहरी दाब को निरस्त कर देता है।

MP Board Class 8th Science Chapter 11 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
धक्के या खिंचाव के द्वारा वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
धक्के के कारण गति की अवस्था में परिवर्तन।

उदाहरण:

  1. हॉकी के खिलाड़ी द्वारा गेंद पर प्रहार करना।
  2. किसी बच्चे द्वारा टायर चलाते हुए गति बढ़ाने के लिए टायर पर लकड़ी से प्रहार करना।

खिंचाव के करण गति की अवस्था में परिवर्तन:
उदाहरण:

  1. किसी धनुर्धर द्वारा तीर चलाना।
  2. कुएँ से रस्सी द्वारा पानी की बाल्टी ऊपर खींचना।

प्रश्न 2.
ऐसे दो उदाहरण दीजिए जिनमें लगाए गए बल द्वारा वस्तु की आकृति में परिवर्तन हो जाए।
उत्तर:

  1. रबड़ की गेंद को दोनों हाथों से दबाना।
  2. रबड़ बैंड खींचना।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथनों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. कुएँ से पानी निकालते समय हमें रस्सी को ……. पड़ता है।
  2. एक आवेशित वस्तु अनावेशित वस्तु को ………… करती है।
  3. सामान से लदी ट्रॉली को चलाने के लिए हमें उसको ………. पड़ता है।
  4. किसी चुम्बक का उत्तरी ध्रुव दूसरे चुम्बक के उत्तरी ध्रुव को ……….. करता है।

उत्तर:

  1. खींचना (अभिकर्षण)।
  2. आकर्षित।
  3. धक्का देना (अपकर्षण)।
  4. प्रतिकर्षित।

प्रश्न 4.
एक धनुर्धर लक्ष्य पर निशाना साधते हुए अपने धनुष को खींचती है। तब वह तीर को छोड़ती है जो लक्ष्य की ओर बढ़ने लगता है। इस सूचना के आधार पर निम्नलिखित प्राक्कथनों में दिए गए शब्दों का उपयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
प्रेशीय/सम्पर्क/असम्पर्क/गुरुत्व/घर्षण/आकृति/आकर्षण –

  1. धनुष को खींचने के लिए धनुर्धर एक बल लगाती है, जिसके कारण इसकी ……….. में परिवर्तन होता है।
  2. धनुष को खींचने के लिए धनुर्धर द्वारा लगाया गया बल ……. बल का उदाहरण है।
  3. तीर की गति की अवस्था में परिवर्तन के लिए उत्तरदायी बल का प्रकार ….. बल का उदाहरण है।
  4. जब तीर लक्ष्य की ओर गति करता है तो इस पर लगने वाले बल ……… तथा वायु के ………. के कारण होते हैं।

उत्तर:

  1. आकृति।
  2. पेशीय।
  3. सम्पर्क।
  4. गुरुत्व, घर्षण।

प्रश्न 5.
निम्न स्थितियों में बल लगाने वाले कारक तथा जिस वस्तु पर बल लग रहा है, उनको पहचानिए। प्रत्येक स्थिति में जिस रूप में बल का प्रभाव दिखाई दे रहा है उसे भी बताइए।
(क) रस निकालने के लिए नींबू के टुकड़ों को अंगुलियों से दबाना।
(ख) दन्त मंजन की ट्यूब से पेस्ट बाहर निकालना।
(ग) दीवार में लगे हुए हुक से लटकी कमानी के दूसरे सिरे पर लटका एक भार।
(घ) ऊँची कूद करते समय एक खिलाड़ी द्वारा एक निश्चित ऊँचाई की छड़ (बाधा) को पार करना।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 11 बल तथा दाब 10

प्रश्न 6.
एक औजार बनाते समय कोई लोहार लोहे के टुकड़े को हथौड़े से पीटता है। पीटने के कारण लगने वाला बल लोहे के टुकड़े को किस प्रकार प्रभावित करता है।
उत्तर:
औजार बनाते समय लोहार लोहे के गरम टुकड़े को हथौड़े से पीटता है। पीटने से पेशीय बल जो एक सम्पर्क बल है, लोहे के टुकड़े को फैला देता है जिससे उसकी आकृति में परिवर्तन हो जाता है।

प्रश्न 7.
एक फुलाए हुए गुब्बारे को संश्लिष्ट कपड़े के टुकड़े के रगड़कर एक दीवार पर दबाया गया। यह देखा गया कि गुब्बारा दीवार से चिपक जाता है। दीवार तथा गुब्बारे के बीच आकर्षण के लिए उत्तरदायी बल का नाम बताइए।
उत्तर:
दीवार तथा गुब्बारे के बीच आकर्षण के लिए उत्तरदायी बल स्थिर वैद्यत बल है।

प्रश्न 8.
आप अपने हाथ से पानी से भरी एक प्लास्टिक की बाल्टी लटकाए हुए हैं। बाल्टी पर लगने वाले बलों के नाम बताइए। विचार-विमर्श कीजिए कि बाल्टी पर लगने वाले बलों द्वारा इसकी गति की अवस्था में परिवर्तन क्यों नहीं होता?
उत्तर:
यदि हम अपने हाथ से पानी से भरी बाल्टी लटकाए हुए हैं, तो बाल्टी पर लगने वाले बल-पृथ्वी द्वारा गुरुत्व बल
एवं बाल्टी में भरे पानी का दाब जो बाल्टी के आधार एवं उसकी दीवारों पर पड़ता है। बाल्टी पर लगने वाले बलों द्वारा उसकी गति को अवस्था में परिवर्तन इसलिए नहीं होता क्योंकि बाल्टी पर लगने वाला कुल (नेट) बल शून्य है।

प्रश्न 9.
किसी उपग्रह को इसकी कक्षा में प्रमोचित करने के लिए किसी रॉकेट को ऊपर की ओर प्रक्षेपित किया गया। मंच को छोड़ने के तुरन्त बाद रॉकेट पर लगने वाले दो बलों के नाम बताइए।
उत्तर:
प्रमोचन मंच को तुरन्त छोड़ने के बाद रॉकेट पर लगने वाले दो बल हैं –

  1. पृथ्वी का गुरुत्वीय बल जो नीचे की ओर कार्य करता है।
  2. वायु के कणों द्वारा उत्पन्न घर्षण बल।

प्रश्न 10.
जब किसी ड्रॉपर के चंचु (नोजल) को पानी में रखकर उसके बल्ब को दबाते हैं तो ड्रॉपर की वायु बुलबुलों के रूप में बाहर निकलती हुई दिखलाई देती है। बल्ब पर से दाब हटा लेने पर ड्रॉपर में पानी भर जाता है। ड्रॉपर में पानी के चढ़ने का कारण है –

  1. पानी का दाब
  2. पृथ्वी का गुरुत्व
  3. रबड़ के बल्ब की आकृति
  4. वायुमण्डलीय दाब।

उत्तर:
वायुमण्डलीय दाब।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर

MP Board Class 8th Science Chapter 10 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 113

प्रश्न 1.
मानव किसी निश्चित आयु के बाद ही क्यों जनन कर सकते हैं?
उत्तर:
मानव में एक निश्चित आयु के बाद ही जनन अंग परिपक्व होते हैं। इसलिए वे एक निश्चित आयु के बाद ही जनन कर सकते हैं। मनुष्य का वह जीवन काल जबकि शरीर में परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनन परिपक्वता आती है, किशोरावस्था कहलाती है। यह अवस्था 11 वर्ष की आयु से 19 वर्ष की आयु तक रहती है।

किशोरावस्था एवं यौवनारम्भ

प्रश्न 1.
शरीर में होने वाले इस परिवर्तन की अवधि कब तक रहती है?
उत्तर:
शरीर में होने वाले इस परिवर्तन की अवधि लगभग 11 वर्ष की आयु से 18 – 19 वर्ष की आयु तक रहती है।

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प्रश्न 2.
जीवन का यह ऐसा अजीव काल है कि इसमें आप न तो बच्चे रहते हैं और न ही बड़े। मैं जिज्ञासु हूँ कि क्या बाल्यकाल एवं युवावस्था के मध्य की इस अवधि का कोई विशेष नाम है?
उत्तर:
बाल्यकाल एवं युवावस्था के मध्य की इस अवधि को किशोरावस्था कहते हैं। किशोरावस्था अंग्रेजी में teens (thirteen से eighteen/nineteen वर्ष की आयु) तक होती है, किशोरों को टीनेजर्स भी कहते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 114

प्रश्न 1.
पहेली और बूझो को एहसास होता है कि लम्बाई में एकाएक वृद्धि एवं लड़कों में हलकी दाढ़ी-मूंछों का आना किशोरावस्था के लक्षण हैं। वे यौवनारम्भ में होने वाले अन्य परिवर्तनों के विषय में जानना चाहते हैं।
उत्तर:
यौवनारम्भ में होने वाले अन्य परिवर्तन निम्न हैं –
1. लड़कों में:
आवाज में परिवर्तन आ जाता है। आवाज फटने/भर्राने लगती है। चेहरे पर बाल उगने लगते हैं अर्थात् दाढ़ी-मूंछ आने लगती है। वृषण एवं शिश्न पूर्णतः विकसित हो जाते हैं। वृषण से शुक्राणुओं का उत्पादन भी प्रारम्भ हो जाता है। कन्धे व सीना पहले की अपेक्षाकृत चौड़े हो जाते हैं। वे स्वतन्त्र और अपने प्रति अधिक सचेत हो जाते हैं।

2. लड़कियों में:
कमर का निचला भाग चौड़ा हो जाता है। लड़कियों का स्वर उच्च तारत्व वाला होता है। स्तनों का विकास होने लगता है एवं अण्डाशय के साइज में वृद्धि हो जाती है तथा अण्ड परिपक्व होने लगते हैं। अण्डाशय से अण्डाणुओं का निर्मोचन प्रारम्भ हो जाता है।

क्रियाकलाप 10.2

प्रश्न 1.
क्रियाकलाप 10.1 में दिए गए आँकड़ों का उपयोग करके एक ग्राफ बनाइए। आयु को ‘X-अक्ष’ पर तथा लम्बाई में वृद्धि का प्रतिशत ‘Y-अक्ष’ पर लीजिए। अपनी आयु को ग्राफ पर विशिष्ट रूप से चिह्नित कीजिए। आप जिस लम्बाई के प्रतिशत को प्राप्त कर चुके हैं, उसका पता लगाइए। आप अन्ततः जिस लम्बाई को प्राप्त कर सकेंगे, उसका परिकलन कीजिए। आप अपने ग्राफ की तुलना निम्न ग्राफ से कीजिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 1
चित्र मेरी वर्तमान आयु = 13 वर्ष; लम्बाई = 120 सेमी
13 वर्ष की आयु पर पूर्ण लम्बाई का प्रतिशत = 88% (चार्ट में दिए गए मान के अनुसार)
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 115

प्रश्न 1.
मैं चिन्तित हूँ। यद्यपि मैं लम्बी हो गई हूँ, परन्तु शरीर की तुलना में मेरा चेहरा छोटा है।
उत्तर:
पहेली को चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है। शरीर के सभी अंग समान दर से वृद्धि नहीं करते।

शारीरिक आकृति में परिवर्तन

प्रश्न 1.
क्या आपने ध्यान दिया है कि आपकी कक्षा के छात्रों के कन्धे एवं सीना निचली कक्षा के छात्रों की अपेक्षा अधिक चौड़े होते हैं?
उत्तर:
हाँ, हमारी कक्षा के छात्रों के कंधे एवं सीना निचली कक्षा के छात्रों की अपेक्षा अधिक चौड़े होते हैं। इसका कारण यह है कि वे यौवनारम्भ में प्रवेश कर चुके होते हैं और वृद्धि के कारण उनके कंधे और सीना निचली कक्षा के छात्रों की अपेक्षा चौड़े हो जाते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 116

स्वर में परिवर्तन

प्रश्न 1.
मेरे अनेक सहपाठियों की फटी आवाज है। अब में जान गया हूँ, ऐसा क्यों है?
उत्तर:
इसका कारण है कि किशोर लड़कों में कभी-कभी स्वरयन्त्र की पेशियों में अनियन्त्रित वृद्धि हो जाती है। अतः उनकी आवाज फटी होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 117

गौण लैंगिक लक्षण

प्रश्न 1.
बूझो और पहेली दोनों ही जानना चाहते हैं कि यौवनारम्भ में होने वाले इन परिवर्तनों का प्रारम्भ कौन करता है?
उत्तर:
यौवनारम्भ में होने वाले इन परिवर्तनों का प्रारम्भ हॉर्मोन करते हैं।

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प्रश्न 2.
परन्तु वे जानना चाहते हैं कि क्या जनन काल एक बार प्रारम्भ होने के बाद जीवन-पर्यन्त तक चलता है या कभी समाप्त होता है?
उत्तर:
नहीं, जनन काल एक बार प्रारम्भ होने के बाद यह जीवन-पर्यन्त नहीं चलता है। सामान्यतः यह 45 वर्ष से 50 वर्ष की आयु तक चलता रहता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 118

मानव में जनन काल की अवधि

प्रश्न 1.
पहेली कहती है कि स्त्रियों में जनन काल की अवधि रजोदर्शन से रजोनिवृत्ति तक होती है। क्या वह सही है?
उत्तर:
हाँ, वह बिल्कुल सही है।

संतति का लिंग निर्धारण किस प्रकार होता है?

प्रश्न 1.
मुझे यह जानने की उत्सुकता है कि इस बात का निर्धारण कैसे होता है कि निषेचित अण्डाणु लड़के में अथवा लड़की में विकसित होगा?
उत्तर:
मनुष्य के केन्द्रक में 23 जोड़े गुणसूत्र पाए जाते हैं। इनमें से 2 गुणसूत्र (एक जोड़ी) लिंग-सूत्र होते हैं। स्त्री में दो X गुणसूत्र होते हैं और पुरुष में एक X और एक Y गुणसूत्र होते हैं। युग्मक (अण्डाणु और शुक्राणु) में गुणसूत्रों का एक जोड़ा होता है जो लिंग का निर्धारण करता है।

अनिषेचित अण्डाणु में सदैव एक X गुणसूत्र होता है। परन्तु शुक्राणु दो प्रकार के होते हैं जिनमें एक प्रकार में X गुणसूत्र एवं दूसरे प्रकार में Y गुणसूत्र होता है। जब X गुणसूत्र वाला शुक्राणु अण्डाणु में निषेचित करता है तो युग्मनज में दो X गुणसूत्र होंगे तथा वह मादा शिशु (लड़की) में विकसित होगा। यदि अण्डाणु को निषेचित करने वाले शुक्राणु में Y गुणसूत्र है तो युग्मनज नर शिशु (लड़का) में विकसित होगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 120-121

प्रश्न – क्या अन्य जन्तुओं में भी हॉर्मोन स्रावित होते हैं? क्या जनन प्रक्रिया में उनका कोई योगदान है?
उत्तर:
हाँ, अन्य जन्तुओं में भी हॉर्मोन स्रावित होते हैं और जनन प्रक्रिया में उनका योगदान होता है।

कीट एवं मेंढक में जीवन-चक्र पूर्ण करने में हॉर्मोन का योगदान।

प्रश्न – यदि व्यक्ति के आहार में पर्याप्त आयोडीन न हो तो क्या उन्हें थायरॉक्सिन की कमी के कारण ‘गॉयटर’ हो जाएगा?
उत्तर:
हाँ, यदि व्यक्ति के आहार में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन नहीं होगा, तो उन्हें गॉयटर हो जाएगा।

क्रियाकलाप 10.3

प्रश्न 1.
किसी पत्रिका अथवा डॉक्टर से सूचना एकत्र कर आयोडीन युक्त नमक के उपयोग पर एक नोट तैयार कीजिए। आप इसकी जानकारी इण्टरनेट पर भी देख सकते हैं।
उत्तर:
आहार में आयोडीन की मात्रा मनुष्य को गॉयटर से बचाती है। यह थायरॉइड ग्रन्थि का रोग है। जब थायरॉइड ग्रन्थि थायरॉक्सिन हार्मोन का निर्माण नहीं करती तब यह रोग हो जाता है। थायरॉक्सिन निर्माण के लिए आहार अथवा जल में आयोडीन की उपस्थिति आवश्यक है। आहार में आयोडीन की कमी से गॉयटर रोग हो जाता है।

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प्रश्न 2.
सन्तुलित आहार क्या है?
उत्तर:
सन्तुलित आहार का अर्थ है भोजन में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन एवं खनिज लवणों का पर्याप्त मात्रा में
होना।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 121

प्रश्न – अपने दोपहर एवं रात्रि के भोजन के खाद्य पदार्थों की जाँच कीजिए। क्या भोजन सन्तुलित एवं पोषक है? क्या इसमें ऐसे खाद्यान्न हैं जो ऊर्जा प्रदान करते हैं तथा क्या इनमें दूध, माँस, नट एवं दालें भी शामिल हैं जो वृद्धि हेतु प्रोटीन प्रदान करते हैं? क्या इसमें वसा एवं शक्कर भी शामिल हैं, जो ऊर्जा प्रदान करते हैं? फल एवं सब्जियों का क्या स्थान है जो रक्षी भोजन हैं?
उत्तर:
मैं अपने दोपहर एवं रात्रि के भोजन में रोटी, दाल, चावल, तरकारी आदि लेता हूँ। दोपहर एवं रात्रि के भोजन के बाद में सेब, केला, अंगर आदि मौसमी फल लेता हूँ। सोने से पूर्व में एक गिलास दूध लेता हूँ। हाँ, मैं सोचता हूँ मेरा भोजन सन्तुलित एवं पोषक है। हाँ, इसमें ऐसे भी खाद्यान्न हैं जो ऊर्जा प्रदान करते हैं। मेरे भोजन में दूध, नट एवं दालें शामिल हैं जो वृद्धि हेतु प्रोटीन प्रदान करते हैं। हाँ, इसमें वसा एवं शक्कर भी शामिल है, जो ऊर्जा प्रदान करते हैं।

क्रियाकलाप 10.4

प्रश्न – अपने मित्रों के साथ एक समूह बनाइए। उन खाद्य पदार्थों के नाम लिखिए जो आपने पिछले दिन (कल) नाश्ते, दोपहर के भोजन एवं रात्रिकालीन भोजन में खाए थे। उन खाद्य पदार्थों की पहचान कीजिए जो समुचित वृद्धि के लिए उत्तरदायी हैं। ‘जंक फूड’ की भी पहचान कीजिए जो आपने पिछले दिन खाया था?
उत्तर:
मेरे तीन मित्र हैं, गुरुचरन सिंह, पंजाबी सिख, एस. एच. बेकन, ईसाई, तथा कुन्जु नटराजन, दक्षिण भारतीय यह मेरा एक समूह है जिसमें मैं स्वयं भी हूँ। नाश्ते, दोपहर के भोजन एवं रात्रिकालीन भोजन में खाद्य पदार्थों का विवरण निम्न प्रकार है –
(1) मेरा स्वयं का:

  1. नाश्ता: ब्रेड, 1 चपाती, तरकारी और एक गिलास दूध।
  2. दोपहर का भोजन: चपाती, चावल, दाल, तरकारी, दही, सेब।
  3. रात्रि का भोजन: चपाती, दाल, तरकारी, खीर, एक फल एवं एक गिलास दूध। किसी सीमा तक मेरा भोजन सन्तुलित भोजन है,जो मेरी समुचित वृद्धि के लिए काफी है।

(2) गुरुचरन सिंह:

  1. नाश्ता: पूड़ी, सब्जी एवं चाय अथवा छोले-भटूरे एवं चाय।
  2. दोपहर का भोजन: चपाती, दाल, माँस/मछली आदि और दही।
  3. रात्रि का भोजन: चपाती, मछली/अण्डा, कढ़ी एवं दही।

उपर्युक्त भोजन एक सीमा तक सन्तुलित आहार है। इससे समुचित वृद्धि सम्भव है।

(3) एस. एच. ब्रेकन:

  1. नाश्ता: ब्रेड, मक्खन एवं चाय। दोपहर का भोजन-चावल, माँस एवं तली हुई तरकारी।
  2. रात्रि का भोजन: चपाती, दाल, चावल, सब्जी एवं दही।

यह भी किसी सीमा तक सन्तुलित आहार है। अतः समुचित वृद्धि के लिए ठीक है।

(4) कुन्जु नटराजन:

  1. नाश्ता: सांभर, बड़ा/इडली एवं चाय।
  2. दोपहर का भोजन: चावल, सांभर, चटनी एवं दही।
  3. रात्रि का भोजन: चावल, सांभर, चटनी, दही एवं चपाती।

यह भोजन एक सन्तुलित आहार नहीं है। इस भोजन से समुचित वृद्धि सम्भव नहीं है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 122

क्रियाकलाप 10.6

प्रश्न – अपनी कक्षा में उन सहपाठियों के आँकड़े एकत्र कीजिए जो नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तथा उनके आँकड़े भी एकत्रित कीजिए जो व्यायाम नहीं करते। क्या आपको उनकी चुस्ती एवं स्वास्थ्य में कोई अन्तर दिखाई देता है? नियमित व्यायाम के लाभ पर एक रिपोर्ट तैयार कीजिए।
उत्तर:
विभिन्न प्रकार के व्यायाम करने से हमारा शरीर हष्ट-पुष्ट रहता है, अंगों में फुर्ती आती है तथा मस्तिष्क की कार्य शक्ति बढ़ जाती है। शरीर रक्त परिभ्रमण की क्रिया सुचारु रूप से होती है। व्यायाम मनुष्य के लिए वरदान है।

हाँ, हमको व्यायाम करने वाले छात्रों और व्यायाम न करने वाले छात्रों में अन्तर दिखाई देता है। व्यायाम न करने वाले छात्र तन्दुरुस्त नहीं हैं, आलसी हैं तथा अधिकतर बीमार रहते हैं। उनका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता।

नियमित व्यायाम करने से लाभ:

  1. नियमित व्यायाम करने से शरीर सुन्दर एवं सुडौल बनता है।
  2. माँसपेशियाँ क्रियाशील रहती हैं।
  3. रुधिर का संचार सुचारु रूप से होता है तथा कार्यक्षमता बढ़ती है।
  4. शरीर से विषैले पदार्थ जैसे, यूरिया, यूरिक अम्ल आदि पसीने के रूप में बाहर निकल जाते हैं।
  5. मस्तिष्क में रक्त संचार होने से मस्तिष्क की कार्य शक्ति बढ़ती है।
  6. हृदय एवं श्वास रोग होने की सम्भावना कम हो जाती

MP Board Class 8th Science Chapter 10 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
शरीर में होने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित पदार्थ का क्या नाम है?
उत्तर:
शरीर में होने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित पदार्थ का नाम हॉर्मोन है।

प्रश्न 2.
किशोरावस्था को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
जीवन काल की वह अवधि जब शरीर में ऐसे परिवर्तन होते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनन परिपक्वता आती है, किशोरावस्था कहलाती है। किशोरावस्था लगभग 11 वर्ष की आयु से प्रारम्भ होकर 18 – 19 वर्ष की आयु तक रहती है।

प्रश्न 3.
ऋतुस्राव क्या है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्त्रियों में यौवनारम्भ पर अण्डाणु परिपक्व होने लगते हैं। अण्डाणुओं में एक अण्डाणु परिपक्व होता है तथा लगभग 28 से 30 दिनों के अन्तराल पर किसी एक अण्डाशय द्वारा निर्मोचित होता है। इस अवधि में गर्भाशय की दीवार मोटी हो जाती है जिससे वह अण्डाणु के निषेचन के पश्चात् युग्मनज को ग्रहण कर सके। यदि अण्डाणु का निषेचन नहीं होता तो अण्डाणु तथा गर्भाशय का मोटा स्तर उसकी रुधिर वाहिकाओं सहित निस्तारित हो जाता है। इससे स्त्रियों में रक्तस्राव होता है, जिसे ऋतुस्त्राव अथवा रजोधर्म कहते हैं।

प्रश्न 4.
यौवनारम्भ के समय होने वाले शारीरिक परिवर्तनों की सूची बनाइए।
उत्तर:
यौवनारम्भ के समय होने वाले शारीरिक परिवर्तनों की सूची:

  1. लम्बाई में वृद्धि।
  2. शारीरिक आकृति में परिवर्तन।
  3. स्वर में परिवर्तन।
  4. स्वेद एवं तैल ग्रन्थियों की क्रियाशीलता में वृद्धि।
  5. जनन अंगों का विकास।
  6. मानसिक, बौद्धिक एवं संवेदनात्मक परिपक्वता।

प्रश्न 5.
दो कॉलम वाली एक सारणी बनाइए जिसमें अन्तःस्रावी ग्रन्थियों के नाम तथा उनके द्वारा स्रावित हॉर्मोन के नाम दर्शाए गए हों।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 3

प्रश्न 6.
लिंग हॉर्मोन क्या है? उनका नामकरण इस प्रकार क्यों किया गया? उनके प्रकार्य बताइए।
उत्तर:
हमारे शरीर में अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ, वृषण, अण्डाशय लैंगिक हॉर्मोन स्रावित करते हैं। ये हॉर्मोन गौण लैंगिक लक्षणों के लिए उत्तरदायी हैं जो लड़कों को लड़कियों से पहचानने में सहायता करते हैं। इसलिए इन्हें लिंग हॉर्मोन कहते हैं। ये पीयूष ग्रन्थि द्वारा स्रावित हॉर्मोन के नियन्त्रण में रहते हैं।

प्रकार्य:
लिंग हॉर्मोन रासायनिक पदार्थ हैं। ये अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा अथवा अन्तःस्रावी तन्त्र द्वारा स्रावित किए जाते हैं।
(1) यौवनारम्भ के साथ ही वृषण पौरुष हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन स्रावित करना प्रारम्भ कर देता है। यह लड़कों में परिवर्तन का कारक है। जैसे-चेहरे पर बालों का आना।

(2) यौवनारम्भ के साथ लड़कियों में अण्डाशय स्त्री हॉर्मोन एस्ट्रोजन स्रावित करना प्रारम्भ कर देता है, जिससे स्तन एवं दुग्ध ग्रन्थियाँ विकसित हो जाती हैं। इन हॉर्मोनों के उत्पादन का नियन्त्रण पीयूष ग्रन्थि द्वारा स्रावित हॉर्मोन द्वारा होता है।

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प्रश्न 7.
सही विकल्प चुनिए –
(क) किशोर को सचेत रहना चाहिए कि वह क्या खा रहे हैं? क्योंकि –

  1. उचित भोजन से उनके मस्तिष्क का विकास होता है।
  2. शरीर में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि के लिए उचित आहार की आवश्यकता होती है।
  3. किशोर को हर समय भूख लगती है।
  4. किशोर में स्वाद कलिकाएँ (ग्रन्थियाँ) भली भाँति विकसित होती है।

(ख) स्त्रियों में जनन आयु (काल) का प्रारम्भ उस समय होता है जब उनके –

  1. ऋतुस्राव प्रारम्भ होता है।
  2. स्तन विकसित होना प्रारम्भ करते हैं।
  3. शारीरिक भार में वृद्धि होने लगती है।
  4. शरीर की लम्बाई बढ़ती है।

(ग) निम्न में से कौन-सा आहार किशोर के लिए सर्वोचित है –

  1. चिप्स, नूडल, कोक।
  2. रोटी, दाल, सब्जियाँ।
  3. चावल, नूडल्स, बर्गर।
  4. शाकाहारी टिक्की, चिप्स तथा लेमन पेय।

उत्तर:
(क) शरीर में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि के लिए उचित आहार की आवश्यकता होती है।

(ख) ऋतुस्राव प्रारम्भ होता है।

(ग) रोटी, दाल, सब्जियाँ।

प्रश्न 8.
निम्न पर टिप्पणी लिखिए –

  1. ऐडॅम्स ऐपॅल।
  2. गौण लैंगिक लक्षण।
  3. गर्भस्थ शिशु में लिंग निर्धारण।

उत्तर:
1. ऐडम्स ऐपॅल:
किशोरावस्था में लड़कों का स्वरयन्त्रविकसित होकर अपेक्षाकृत बड़ाहो जाता है। लड़कों में बढ़ा हुआ स्वरयन्त्र गले के सामने की ओर सुस्पष्ट उभरे भाग के रूप में दिखाई देता है, जिसे ऐडॅम्स ऐपॅल (कण्ठमणि) कहते हैं।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 4

2. गौण लैंगिक लक्षण:
युवावस्था में लड़कियों में स्तनों का विकास होने लगता है तथा लड़कों के चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ आने लगती है। ये लक्षण लड़कियों को लड़कों से पहचानने में सहायता करते हैं, अतः इन्हें गौण लैंगिक लक्षण कहते हैं। लड़कों के सीने पर बाल आ जाते हैं। लड़के व लड़कियों दोनों में ही बगल तथा प्यूबिक क्षेत्र में भी बाल आ जाते हैं। ये सभी परिवर्तन हॉर्मोन द्वारा नियन्त्रित होते हैं और हॉर्मोन अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित होते हैं।

3. गर्भस्थ शिशु में लिंग निर्धारण:
सभी मनुष्यों की कोशिकाओं के केन्द्रक में 23 जोड़े गुणसूत्र होते हैं। इनमें से 2 गुणसूत्र (1 जोड़ा) लिंग निर्धारण करता है। युग्मक (अण्डाणु तथा शुक्राणु) में गुणसूत्रों का एक जोड़ा होता है। अण्डाणु में सदा X गुणसूत्र होता है परन्तु शुक्राणु दो प्रकार के होते हैं जिसमें एक प्रकार में X गुणसूत्र एवं दूसरे प्रकार में Y गुणसूत्र होता है। जब X गुणसूत्र वाला शुक्राणु अण्डाणु को निषेचित करता है तो युग्मनज में दो X गुणसूत्र होंगे तथा वह मादा शिशु में विकसित होगा। यदि अण्डाणु को निषेचित करने वाले शुक्राणु में Y गुणसूत्र हैं तो युग्मनज नर शिशु में विकसित होता है। इस प्रकार गर्भस्थ शिशु में लिंग-निर्धारण के लिए पिता के लिंग गुणसूत्र उत्तरदायी हैं।

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प्रश्न 9.
शब्द पहेली: शब्द बनाने के लिए संकेत सन्देश का प्रयोग कीजिए –
बाईं से दाईं ओर:
3. एड्रिनल ग्रन्थि से स्रावित हॉर्मोन।
4. मेंढक में लारवा से वयस्क तक होने वाला परिवर्तन।
5. अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा स्रावित पदार्थ।
6. किशोरावस्था को कहा जाता है।

ऊपर से नीचे की ओर:
1. अन्तःस्रावी ग्रन्थियों का दूसरा नाम।
2. स्वर पैदा करने वाला अंग।
3. स्त्री हॉर्मोन।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 5

प्रश्न 10.
नीचे दी गई सारणी में आयु वृद्धि के अनुपात में लड़के एवं लड़कियों की अनुमानित लम्बाई के आँकड़े दर्शाए गए हैं। लड़के व लड़कियों दोनों की लम्बाई एवं आयु को प्रदर्शित करते हुए एक ही ग्राफ कागज पर ग्राफ खींचिए। इस ग्राफ से आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 10 किशोरावस्था की ओर 6
उत्तर:
ग्राफ से स्पष्ट है कि जन्म के समय दोनों की लम्बाई समान होती है। 4-8 वर्ष के अन्तराल में लड़कियों की अपेक्षा लड़कों की लम्बाई अधिक तेजी से बढ़ती है। 8-12 वर्ष के अन्तराल में लड़कियों की लम्बाई लड़कों से ज्यादा होती है। 16 वर्ष तक पहुँचते-पहुँचते दोनों की = लम्बाई समान हो जाती है। परन्तु 16-20 वर्ष की आयु में लड़कों की लम्बाई लड़कियों की लम्बाई से अधिक हो जाती है।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 जंतुओं में जनन

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 जंतुओं में जनन

MP Board Class 8th Science Chapter 9 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 100

प्रश्न 1.
आपने पाचन, परिसंचरण एवं श्वसन प्रक्रम के बारे में पढ़ा था। क्या आपको इनके विषय में याद है?
उत्तर:
हाँ, ये प्रक्रम प्रत्येक जीव की उत्तरजीविता के लिए आवश्यक हैं।

जनन की विधियाँ

प्रश्न 1.
क्या आपने विभिन्न जन्तुओं के बच्चों को देखा है? कुछ जन्तुओं के बच्चों के नाम निम्न सारणी में भरने का प्रयास कीजिए जैसा कि क्रम संख्या 1 एवं 5 में उदाहरण देकर दर्शाया गया है।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 जंतुओं में जनन 1

प्रश्न 2.
क्या आप बता सकते हैं कि चूजे और इल्ली (केटरपिलर) किस प्रकार जन्म लेते हैं?
उत्तर:
हाँ, चूजे और इल्ली लैंगिक जनन से जन्म लेते हैं और अण्डे देते हैं। इन्हें अण्डप्रजक जन्तु कहते हैं।

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प्रश्न 3.
बिलौटे और पिल्ले का जन्म किस प्रकार होता है?
उत्तर:
बिलौटे और पिल्ले का जन्म लैंगिक जनन के द्वारा होता है। ये शिशु के रूप में जन्म लेते हैं। इन्हें जरायुज जन्तु कहते हैं।

प्रश्न 4.
क्या आप सोचते हैं कि जन्म से पूर्व ये जीव वैसे ही दिखाई देते थे जैसे कि वह अब दिखाई देते हैं? आइए पता लगाते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम ऐसा नहीं सोचते हैं।

लैंगिक जनन

प्रश्न 1.
आपको याद होगा कि लैंगिक जनन करने वाले पौधों में नर और मादा जननांग (भाग) होते हैं। क्या आप इन भागों के नाम बता सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, पौधों में नर जननांग पुंकेसर तथा मादा जननांग स्त्रीकेसर होते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 101

नर जनन अंग

प्रश्न 1.
क्या शुक्राणु एकल कोशिका जैसे प्रतीत होते हैं?
उत्तर:
हाँ, ये एकल कोशिका होते हैं।

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प्रश्न 2.
शुक्राणु में पूँछ किस काम आती है?
उत्तर:
शुक्राणु में पूँछ डिम्बवाहिनी में तैरने में सहायता करती है और निषेचन के लिए अण्डाणु तक पहुंचते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 102

निषेचन

प्रश्न 1.
क्या आपको जानकारी थी कि एक युग्मनज नए व्यष्टि का प्रारम्भ है?
उत्तर:
हाँ, एक युग्मनज नए व्यष्टि का प्रारम्भ है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 103

क्रियाकलाप 9.1

प्रश्न 1.
अण्डों के रंग तथा साइज को नोट कीजिए।
उत्तर:
अण्डों का रंग हल्का सफेद होता है तथा साइज 1 सेमी कम से लेकर कुछ सेमी तक होता है।

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प्रश्न 2.
मछली और मेंढक एक साथ सैकड़ों अण्डे क्यों देते हैं जबकि मुर्गी एक समय में केवल एक अण्डा ही देती है।
उत्तर:
मछली और मेंढक सैकड़ों अण्डे देते हैं तथा लाखों शुक्राणु निर्मोचित करते हैं। इनमें से सारे अण्डों का निषेचन नहीं होता और वे नया जीव नहीं बन पाते। इसका कारण यह है कि अण्डे एवं शुक्राणु निरन्तर जल की गति, वायु एवं वर्षा से प्रभावित होते रहते हैं तथा जल में ऐसे भी जन्तु रहते हैं जो इन अण्डों का भोजन करते हैं।

अतः इनका सैकड़ों अण्डे देना आवश्यक है जिससे कि उनमें से कुछ में निषेचन की क्रिया हो सके। इसके अतिरिक्त ये अण्डे कवच से ढके नहीं होते तथा अपेक्षाकृत कोमल होते हैं। अतः इनकी सुरक्षा नहीं हो पाती जबकि मुर्गी के अण्डे कवच से ढके रहते हैं। जेली की एक परत अण्डों को एक साथ रखती है तथा इनकी सुरक्षा भी करती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 104

प्रश्न 1.
एक एकल कोशिका किस प्रकार एक बड़ा जीव बन सकता है?
उत्तर:
निषेचन की प्रक्रिया में शुक्राणु और अण्डाणु संलयित होकर युग्मनज का निर्माण करते हैं। युग्मनज विकसित होकर भ्रूण में परिवर्तित होता है। गर्भाशय में भ्रूण का विकास होता है और धीरे-धीरे शारीरिक अंग, जैसे-हाथ, पैर, आँख, कान, नाक इत्यादि विकसित हो जाते हैं। यह अवस्था गर्भ कहलाती है। जब गर्भ का विकास पूर्ण हो जाता है तो शिशु के रूप में बड़ा जीव बन जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 105

प्रश्न 1.
क्या मनुष्य और गाय की तरह मुर्गी भी बच्चों को जन्म देती है?
उत्तर:
नहीं, मनुष्य और गाय की तरह मुर्गी बच्चों को जन्म नहीं देती है।

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प्रश्न 2.
चूजे कैसे जन्म लेते हैं?
उत्तर:
निषेचन के बाद युग्मनज लगातार विभाजित होकर अण्डवाहिनी में नीचे की ओर बढ़ता रहता है और इस पर सुरक्षित परत चढ़ती जाती है और अन्त में एक कठोर सुरक्षित कवच अण्डे पर दिखाई देता है। कठोर कवच के पूर्ण रूप से बन जाने के बाद मुर्गी अण्डे का निर्मोचन करती है। लगभग 3 सप्ताह बाद अण्डे का चूजा बन जाता है। चूजे के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद कवच के प्रस्फुटन के बाद चूजा बाहर आता है।

प्रश्न 3.
आपने मुर्गी को ऊष्मायन के लिए अण्डों पर बैठे देखा होगा। क्या आप जानते हैं कि अण्डे के अन्दर चूजे का विकास उस अवधि में ही होता है?
उत्तर:
हाँ, हम जानते हैं कि अण्डे के अन्दर चूजे का विकास इस अवधि में ही होता है।

क्रियाकलाप 9.2

प्रश्न 1.
क्या आप इन सभी प्राणियों के अण्डे एकत्र कर पाए हैं? जिन अण्डों को आपने एकत्र किया है, उनके चित्र बनाइए।
उत्तर:
हाँ, हमने निम्नांकित अण्डे एकत्र किए हैं –
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 जंतुओं में जनन 1

प्रश्न 2.
क्या आप जरायुज एवं अण्डप्रजक जन्तुओं के कुछ अन्य उदाहरण दे सकते हैं?
उत्तर:
जरायुज जन्तु: गाय, घोड़ा, हाथी, गधा, बन्दर आदि।
अण्डप्रजक जन्तु: कबूतर, कौवा, मोर, डक, हंस आदि।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 106

शिशु से वयस्क

प्रश्न 1.
क्या टैडपोल वयस्क मेंढक से भिन्न दिखाई नहीं देते?
उत्तर:
हाँ, टैडपोल वयस्क मेंढक से बिल्कुल भिन्न दिखाई देते हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप सोच सकते हैं कि किसी दिन यह टैडपोल वयस्क मेंढक बन जायेंगे?
उत्तर:
हाँ, लगभग दो सप्ताह बाद ये टैडपोल बड़े होकर वयस्क मेंढक बन जायेंगे।

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प्रश्न 3.
फिर टैडपोल अथवा इल्ली का क्या होता है?
उत्तर:
टैडपोल कुछ परिवर्तनों के साथ रूपान्तरित होकर वयस्क बन जाता है, जो तैर सकता है और छलांग लगा सकता है। इल्ली की स्थिति में एक सुन्दर शलभ कोकून से बाहर आता है जो बाद में ये विकसित होकर रेशम के कीट बन जाते हैं। इनके शरीर का कायान्तरण हो जाता है।

प्रश्न 4.
जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हम शरीर में किस प्रकार के परिवर्तन देखते हैं?
उत्तर:
जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं हमारे शरीर के अंगों का रूपान्तरण होने लगता है। अंगों में कुछ विशेष परिवर्तन होने लगते हैं।

प्रश्न 5.
क्या आप सोचते हैं कि हमारा भी कायान्तरण होता है?
उत्तर:
हाँ, हमारा भी कायान्तरण होता है।

अलैंगिक जनन

प्रश्न 1.
अमीबा में जनन किस प्रकार होता है? क्या आप उनके प्रजनन करने के ढंग के विषय में जानते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम उनके प्रजनन के ढंग के विषय में जानते हैं। अमीबा में अलैंगिक जनन होता है। अमीबा में द्विखण्डन विधि से प्रजनन होता है। इसमें पूर्ण विकसित एक कोशिकीय जीव अमीबा की कोशिका में जीवद्रव्य और केन्द्रक का विभाजन हो जाता है। इस प्रक्रिया में पहले केन्द्रक विभाजित होता है, फिर जीवद्रव्य विभाजित होता है, फिर दोनों भाग अलग-अलग होकर दो अमीबा को जन्म देते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 107

क्रियाकलाप 9.3

प्रश्न 1.
जनक के शरीर से क्या कुछ उभरी हुई संरचनाएँ दिखाई देती हैं। इन उभरी हुई संरचनाओं की संख्या ज्ञात कीजिए। इनका साइज भी ज्ञात कीजिए। हाइड्रा का चित्र वैसा ही बनाइए जैसा आपको दिखाई देता है।
उत्तर:
हाँ, जनक के शरीर में उभरी हुई संरचनाएँ दिखाई देती हैं। इन्हें मुकुल कहते हैं। उभरी हुई संरचना एक है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 जंतुओं में जनन 3

MP Board Class 8th Science Chapter 9 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सजीवों के लिए जनन क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
सजीवों में जनन की प्रक्रिया उत्तरजीविता के लिए आवश्यक है। इससे एक जैसे जीवों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी निरन्तरता बनी रहती है।

प्रश्न 2.
मनुष्य में निषेचन प्रक्रम को समझाइए।
उत्तर:
मनुष्य में जनन के प्रक्रम में सर्वप्रथम शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन होता है। इस प्रक्रम में मादा के अण्डाणु और नर के शुक्राणु का संयोजन होता है। निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है। नई संतति में कुछ लक्षण माता से तथा कुछ लक्षण पिता से वंशानुगत होते हैं। यह निषेचन शरीर के अन्दर होता है। अतः इसे आन्तरिक निषेचन कहते हैं।

प्रश्न 3.
सर्वोचित उत्तर चुनिए –
(क) आन्तरिक निषेचन होता है –

  1. मादा के शरीर में।
  2. मादा के शरीर से बाहर।
  3. नर के शरीर में।
  4. नर के शरीर के बाहर।

(ख) एक टैडपोल जिस प्रक्रम द्वारा वयस्क में विकसित होता है, वह है –

  1. निषेचन।
  2. कायान्तरण।
  3. रोपण।
  4. मुकुलन।

(ग) एक युग्मनज में पाए जाने वाले केन्द्रकों की संख्या होती है –

  1. कोई नहीं।
  2. एक।
  3. दो।
  4. चार।

उत्तर:
(क) मादा के शरीर में।
(ख) कायान्तरण।
(ग) एक।

प्रश्न 4.
निम्न कथन सत्य (T) है अथवा असत्य (F), संकेतिक कीजिए –

  1. अंड प्रजक जन्तु विकसित शिशु को जन्म देते हैं।
  2. प्रत्येक शुक्राणु एक एकल कोशिका है।
  3. मेंढक में बाह्य निषेचन होता है।
  4. वह कोशिका जो मनुष्य में नए जीवन का प्रारम्भ है, युग्मक कहलाती है।
  5. निषेचन के पश्चात् दिया गया अण्डा एक एकल कोशिका है।
  6. अमीबा मुकुलन द्वारा जनन करता है।
  7. अलैंगिक जनन में भी निषेचन आवश्यक है।
  8. द्विखण्डन अलैंगिक जनन की एक विधि है।
  9. निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज बनता है।
  10. भ्रूण एक एकल कोशिका का बना होता है।

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. सत्य।
  3. सत्य।
  4. सत्य।
  5. सत्य।
  6. असत्य।
  7. असत्य।
  8. सत्य।
  9. सत्य।
  10. असत्य।

प्रश्न 5.
युग्मनज और गर्भ में दो भिन्नताएँ दीजिए।
उत्तर:
युग्मनज और गर्भ में भिन्नताएँ:

युग्मनजगर्भ
निषेचन के समय शुक्राणु और अण्डाणु संलयित होकर युग्मनज का निर्माण करते हैं।युग्मनज विकसित होकर भ्रूण में परिवर्धित होता है। भ्रूण की वह अवस्था जिसमें सभी शारीरिक भागों की पहचान हो सके गर्भ कहलाता है।
यह जनन प्रक्रिया के प्रथम चरण के परिणामस्वरूप बनता है।गर्भ का विकास पूरा होने पर माँ नवजात शिशु को जन्म देती है।

प्रश्न 6.
अलैंगिक जनन की परिभाषा लिखिए। जन्तुओं में अलैंगिक जनन की दो विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वह जनन जिसमें केवल एक ही जनक नए जीव को जन्म देता है, अलैंगिक जनन कहलाता है। इसमें दो लिंगों की आवश्यकता नहीं होती।
अलैंगिक जनन की दो विधियाँ निम्नलिखित हैं –
(1) मुकलन:
वह जनन जिसमें जनक में एक या अधिक उभार विकसित होकर नए जीव को जन्म देते हैं, मुकुलन कहलाता है। जैसे – हाइड्रा में जनन।

(2) विखण्डन:
वह जनन जिसमें जीव विभाजित होकर दो संतति उत्पन्न करता है, द्विखण्डन कहलाता है। जैसे – अमीबा में जनन।

प्रश्न 7.
मादा के किस जनन अंग में भ्रूण का रोपण होता है?
उत्तर:
मादा के गर्भाशय में भ्रूण का रोपण होता है।

प्रश्न 8.
कायान्तरण किसे कहते हैं? उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
लारवा का कुछ उग्र परिवर्तनों द्वारा वयस्क जन्तु में बदलने की प्रक्रिया कायान्तरण कहलाती है।

उदाहरण:
टैडपोल रूपान्तरित होकर वयस्क में बदल जाता है, जो तैर सकता है तथा छलांग लगा सकता है।

प्रश्न 9.
आन्तरिक निषेचन एवं बाह्य निषेचन में भेद कीजिए।
उत्तर”
आन्तरिक निषेचन तथा बाह्य निषेचन में भेद:

आन्तरिक निषेचनबाह्य निषेचन
वह निषेचन जो मादा के शरीर के अन्दर होता है आन्तरिक निषेचन कहलाता है। जैसे – मानव, मुर्गी, गाय, कुत्ता आदि में निषेचन।वह निषेचन जो शरीर के बाहर होता है, बाह्य निषेचन कहलाता है। जैसे – जलीय प्राणियों में निषेचन।

प्रश्न 10.
नीचे दिए गए संकेतों की सहायता से क्रॉस शब्द पहली को पूरा कीजिए।
बाईं से दाईं ओर:
1. यहाँ अण्डाणु उत्पादित होते हैं।
3. वृषण में उत्पादित होते हैं।
4. हाइड्रा का अलैंगिक जनन है।

ऊपर से नीचे की ओर:
1. यह मादा युग्मक है।
2. नर और मादा युग्मक का मिलना।
4. एक अण्ड प्रजक जन्तु।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 9 जंतुओं में जनन 4

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका – संरचना एवं प्रकार्य

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका – संरचना एवं प्रकार्य

MP Board Class 8th Science Chapter 8 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 90

प्रश्न 1.
सभी सजीव कुछ मूलभूत कार्य सम्पादित करते हैं। क्या आप इन कार्यों की सूची बना सकते हैं?
उत्तर:
सजीवों के मूलभूत कार्य हैं-वृद्धि और विकास, गति, पाचन, श्वसन, उत्सर्जन एवं प्रजनन आदि।

कोशिका

प्रश्न 1.
मुर्गी का अण्डा आसानी से दिखाई दे जाता है। क्या यह एकल कोशिका है अथवा कोशिकाओं का एक समूह?
उत्तर:
हाँ, यह एक एकल कोशिका है। यह आकार में बड़ा है, अतः इसे नग्न आँखों से देखा जा सकता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 91

सजीवों में कोशिका की संख्या, आकृति

प्रश्न 1.
वैज्ञानिक किस प्रकार सजीव कोशिकाओं का प्रेक्षण एवं अध्ययन करते हैं?
उत्तर:
वैज्ञानिक सजीव कोशिकाओं का प्रेक्षण व अध्ययन सूक्ष्मदर्शी की सहायता से करते हैं तथा कोशिका की संरचना का अध्ययन अभिरंजक का उपयोग करके करते हैं।

कोशिकाओं की संख्या

प्रश्न 1.
क्या आप किसी लम्बे वृक्ष अथवा हाथी जैसे विशाल जन्तु के शरीर में पाई जाने वाली कोशिकाओं की संख्या का अनुमान लगा सकते हो?
उत्तर:
हाँ, इनकी संख्या अरबों-खरबों में हो सकती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 92

कोशिका की आकृति

प्रश्न 1.
अमीबा की आकृति को आप किस प्रकार परिभाषित करेंगे?
उत्तर:
अमीबा की आकृति सुनिश्चित नहीं होती, यह अनियमित होती है। अमीबा अपनी आकृति बदलता रहता है।

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प्रश्न 2.
अपनी आकृति बदलने से अमीबा को क्या लाभ होता है?
उत्तर:
अमीबा की बदलती हुई आकृति उसे गति प्रदान करने एवं भोजन ग्रहण करने में सहायता करती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 93

प्रश्न 1.
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि कोशिका का कौन-सा भाग आकृति को प्रदान करता है?
उत्तर:
कोशिका के विभिन्न संघटक एक झिल्ली द्वारा परिबद्ध होते हैं। यह झिल्ली पौधों एवं जन्तुओं की कोशिकाओं को आकृति प्रदान करती है।

कोशिका का साइज क्रियाकलाप 8.2

प्रश्न – मुर्गी का एक अण्डा उबालिए। उसका छिलका अलग कीजिए। आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
हम देखते हैं कि एक सफेद पदार्थ पीले भाग को घेरे हुए है। सफेद भाग एल्ब्यूमिन है जो उबालने पर ठोस में परिवर्तित हो जाता है। पीला भाग योक है, यह एक एकल कोशिका का भाग है।

प्रश्न 1.
क्या हाथी की कोशिकाएँ चूहे की कोशिकाओं से बड़ी होती हैं?
उत्तर:
नहीं, कोशिका के आकार का सम्बन्ध जन्तु के आकार से नहीं होता। कोशिका के साइज का सम्बन्ध उसके प्रकार्य से होता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 94

कोशिका के भाग क्रियाकलाप 8.3

प्रश्न 1.
सूक्ष्मदर्शी के नीचे स्लाइड का प्रेक्षण कीजिए। इसका आरेख बनाकर नामांकित कीजिए। आप इसकी तुलना पुस्तक में दिये चित्र से कीजिए।
उत्तर:
प्याज की कोशिका की सीमा कोशिका झिल्ली द्वारा परिबद्ध होती है जो एक दृढ़ आवरण द्वारा आबद्ध होती है जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं। कोशिका के केन्द्र में घनी एवं गोलाकार संरचना होती है जिसे केन्द्रक कहते हैं। केन्द्रक एवं कोशिका झिल्ली के मध्य जैली के समान कोशिकाद्रव्य पाया जाता है।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 1

प्रश्न 1.
मैं जानना चाहता हूँ कि पौधों को कोशिका भित्ति की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:
पौधों को कोशिका भित्ति की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि यह कोशिका को दृढ़ता एवं आकार प्रदान करती है तथा यह पौधों की ताप में परिवर्तन, तीव्र गति से चलने वाली वायु, वायुमण्डलीय नमी आदि विभिन्न परिवर्तनों से पौधों की सुरक्षा करती है।

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प्रश्न 2.
पहेली ने बूझो से पूछा है कि क्या वह जन्तु कोशिका का भी प्रेक्षण कर सकता है?
उत्तर:
हाँ, वह जन्तु कोशिका भी प्रेक्षण कर सकता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 95 केन्द्रक

प्रश्न 1.
पहेली जानना चाहती है कि क्या पौधों, जन्तु और जीवाणु की कोशिका में केन्द्रक की संरचना एक समान होती है?
उत्तर:
नहीं, पौधों, जन्तु और जीवाणु की कोशिका में केन्द्रक की संरचना एक समान नहीं होती। पौधों और जन्तुओं में केन्द्रक झिल्ली युक्त होते हैं। जीवाणु में केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 96

पादप और जन्तु कोशिका की तुलना

प्रश्न 1.
पादप और जन्तु कोशिका की समानताओं और अन्तर को सूचीबद्ध करें।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 2

MP Board Class 8th Science Chapter 8 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निम्न कथन सत्य (T) हैं अथवा असत्य (F) –

  1. एककोशिक जीव में एक ही कोशिका होती है। (T/F)
  2. पेशी कोशिका शाखान्वित होती है। (T/F)
  3. किसी जीव की मूल संरचना अंग हैं। (T/F)
  4. अमीबा की आकृति अनियमित होती है। (T/F)

उत्तर:

  1. सत्य।
  2. असत्य।
  3. असत्य।
  4. सत्य।

प्रश्न 2.
मानव तन्त्रिका कोशिका का रेखाचित्र बनाइए। तन्त्रिका कोशिकाओं द्वारा क्या कार्य किया जाता है?
उत्तर:
मानव तन्त्रिका कोशिका –
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 3
कार्य:
तन्त्रिका कोशिका सन्देश प्राप्त कर उनका स्थानान्तरण करती है जिसके द्वारा यह शरीर में नियन्त्रण तथा समन्वय करती है।

प्रश्न 3.
निम्न पर संक्षिप्त नोट लिखिए –

  1. कोशिकाद्रव्य।
  2. कोशिका का केन्द्रक।

उत्तर:
1. कोशिकाद्रव्य: यह एक जैली जैसा पदार्थ होता है जो कोशिका झिल्ली एवं केन्द्रक के बीच पाया जाता है।
2. कोशिका का केन्द्रक:
यह सामान्यतः कोशिका के मध्य में होता है तथा गोलाकार होता है, परन्तु पादप कोशिका में कभी-कभी यह परिधि की ओर होता है। यह कोशिकाद्रव्य से एक झिल्ली द्वारा अलग रहता है। केन्द्रक में छोटी सघन संरचना होती है जिसे केन्द्रिका या न्यूक्लिओलस कहते हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्रक में धागे के समान संरचनाएँ होती हैं जो क्रोमोसोम या गुणसूत्र कहलाते हैं। ये जीन के धारक हैं तथा आनुवंशिक गुणों को अगली पीढ़ी में स्थानान्तरित करते हैं।

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प्रश्न 4.
कोशिका के किस भाग में कोशिकांग पाए जाते हैं?
उत्तर:
कोशिकांग कोशिकाद्रव्य में पाए जाते हैं।

प्रश्न 5.
पादप कोशिका एवं जन्तु कोशिका के रेखाचित्र बनाकर उनमें तीन अन्तर लिखिए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 4
पादप कोशिका एवं जन्तु कोशिका में अन्तर:

पादप कोशिकाजन्तु कोशिका
इसमें कोशिका भित्ति पायी जाती है।इसमें कोशिका भित्ति नहीं पायी जाती है।
केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है।केन्द्रक झिल्ली उपस्थित होती है।
प्लास्टिड पाया जाता है।प्लास्टिड नहीं पाया जाता है।

प्रश्न 6.
यूकैरियोट्स तथा प्रोकैरियोट्स में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
यूकैरियोट्स तथा प्रोकैरियोट्स में अन्तर:

यूकैरियोट्सप्रोकैरियोट्स
इन जीवों की कोशिकाओं में झिल्ली युक्त सुसंगठित केन्द्रकं पाया जाता है।इन जीवों की कोशिकाओं में केन्द्रक पदार्थ केन्द्रक झिल्ली के बिना होता है।

प्रश्न 7.
कोशिका में क्रोमोसोम अथवा गुणसूत्र कहाँ पाए जाते हैं? इनका कार्य बताइए।
उत्तर:
कोशिका में क्रोमोसोम अथवा गुणसूत्र केन्द्रक में पाए जाते हैं। ये धागे के समान संरचनाएँ होती हैं। ये जीन के धारक हैं तथा आनुवंशिक गुणों अथवा लक्षणों को जनक से अगली पीढ़ी में स्थानान्तरित करते हैं। ये कोशिका विभाजन के समय ही दिखाई देते हैं।

प्रश्न 8.
“सजीवों में कोशिका मूलभूत संरचनात्मक इकाई है।” समझाइए।
उत्तर:
जिस प्रकार भवन निर्माण के लिए ईंटों का प्रयोग होता है, उसी प्रकार सजीव जगत के जीव भिन्न-भिन्न होते हुए भी कोशिकाओं के बने होते हैं। इसीलिए यह कहा जाता है कि कोशिका सजीवों की मूलभूत इकाई है। कोशिकाओं के आधार पर सजीवों को दो भागों में विभाजित किया जाता है –

  1. एककोशिक।
  2. बहुकोशिक।

बहुकोशिक सजीवों में विभिन्न कोशिकाएँ मिलकर ऊतक तथा विभिन्न ऊतक मिलकर अंगों का निर्माण करते हैं। विभिन्न कार्यों के लिए विभिन्न अंगों का उपयोग होता है। एककोशिक जीवों में सभी कार्य एक कोशिका द्वारा ही किए जाते हैं। अतः यह कहा जा सकता है कि कोशिका सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक इकाई है।

प्रश्न 9.
बताइए कि क्लोरोप्लास्ट अथवा हरितलवक केवल पादप कोशिकाओं में ही क्यों पाए जाते हैं?
उत्तर:
हरितलवक केवल पादप कोशिकाओं में इसलिए पाए जाते हैं क्योंकि ये सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया की सहायता से अपना भोजन स्वयं बनाते उत्तरहैं जबकि जन्तु अपने भोजन के लिए अन्य जन्तुओं अथवा पौधों पर निर्भर रहते हैं।

प्रश्न 10.
बाईं से दाईं ओर:
4. यह कोशिकाद्रव्य से एक झिल्ली द्वारा अलग होता है।
3. कोशिकाद्रव्य के बीच रिक्त स्थान।
1. सजीवों की मूलभूत संरचनात्मक इकाई।

ऊपर से नीचे की ओर:
2. यह प्रकाश-संलेषण के लिए आवश्यक है।
1. कोशिका झिल्ली और केन्द्रिका झिल्ली के बीच पदार्थ।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 8 कोशिका - संरचना एवं प्रकार्य 5

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 7 पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 7 पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण

MP Board Class 8th Science Chapter 7 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 77

प्रश्न 1.
राष्ट्रीय उद्यानों, वन्य जन्तु अभ्यारण्यों एवं जैवमण्डल संरक्षित क्षेत्रों को बनाने का क्या उद्देश्य है?
उत्तर:
राष्ट्रीय उद्यानों, वन्य जन्तु अभ्यारण्यों एवं जैवमण्डल संरक्षित क्षेत्रों को बनाने का उद्देश्य पौधों और जन्तुओं को संरक्षित एवं सुरक्षित क्षेत्र प्रदान करना है।

वनोन्मूलन

क्रियाकलाप 7.1

प्रश्न 1.
अपनी सूची में वनोन्मूलन के अन्य कारणों को लिखिए तथा इन्हें प्राकृतिक एवं मानव निर्मित में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
वनोन्मूलन के अन्य कारण निम्नलिखित हैं –

  1. मानव द्वारा वन्य जन्तुओं का शिकार-मानव निर्मित कारण।
  2. औषधियों के लिए पेड़-पौधों को काटना-मानव निर्मित कारण।
  3. बाढ़ आना-प्राकृतिक कारण।
  4. जंगलों में क्षेत्र को साफ करने के लिए आग लगानामानव निर्मित कारण।
  5. घरों एवं कारखानों का निर्माण-मानव निर्मित कारण।

वनोन्मूलन के परिणाम

प्रश्न 1.
वनोन्मूलन से एक ओर जहाँ वर्षा में कमी आती है तो दूसरी ओर बाढ़ आना कैसे सम्भव हो सकता है?
उत्तर:
वनोन्मूलन से वायुमण्डल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग कम होने लगता है जिससे वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। अतः इसकी मात्रा में वृद्धि के परिणामस्वरूप विश्व उष्णन होता है। पृथ्वी के ताप में वृद्धि के कारण जल चक्र का सन्तुलन बिगड़ता है और वर्षा दर में कमी आती है। वनोन्मूलन से मृदा की जलधारण क्षमता कम हो जाती है। इससे वर्षा जल बाढ़ का रूप धारण कर लेता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 78

प्रश्न 1.
वनों से हमें अनेक उत्पाद प्राप्त होते हैं। इन उत्पादों की सूची बनाइए। यदि हम वृक्षों की निरन्तर कटाई करते रहें तो क्या हमें उन उत्पादों की कमी का सामना करना पड़ेगा?
उत्तर:
वनों से प्राप्त उत्पाद:

  1. विभिन्न प्रकार के फल।
  2. अनेक प्रकार के औषधि वाले पेड़-पौधे।
  3. घर निर्माण हेतु लकड़ी।
  4. फर्नीचर बनाने के लिए लकड़ी।
  5. शहद आदि।

यदि हम वृक्षों की निरन्तर कटाई करते रहें तो हमें निश्चित रूप से इन उत्पादों की कमी का सामना करना पड़ेगा।

क्रियाकलाप 7.2

प्रश्न 1.
वनोन्मूलन से वन्य प्राणी जीवन भी प्रभावित होता है। कैसे? इन कारणों की सूची बनाकर अपनी कक्षा में उसकी चर्चा कीजिए।
उत्तर:
पेड़-पौधे और घास जानवरों के शरणागत स्थल होते हैं। यदि वनोन्मूलन निरन्तर जारी रहता है तो वन्य प्राणी जीवन प्रभावित होता है। उनको भोजन की प्राप्ति नहीं होगी और वे मर जाएँगे। इस स्थिति में वे कस्बों, गाँवों और शहरों की ओर आने के लिए मजबूर होंगे और जनजीवन को प्रभावित करेंगे। कानपुर, आगरा, देहली आदि शहरों में हजारों की संख्या में बन्दर वहाँ के रहने वाले मनुष्यों को परेशान करते हैं।

वन एवं वन्य प्राणियों का संरक्षण

प्रश्न 1.
वन एवं वन्य प्राणियों को किस प्रकार बचाया जा सकता है?
उत्तर:
वन्य एवं वन्य प्राणियों को वनों का पुनर्वननिरोपण करके और अनेक राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य और जैवमण्डल आरक्षित करके बचाया जा सकता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 79

जैमण्डल आरक्षण क्रियाकलाप 7.3.

प्रश्न 1.
अपने जिले, प्रदेश एवं देश के राष्ट्रीय उद्यानों, वन्य-जन्तु अभ्यारण्यों एवं जैवमण्डल आरक्षित क्षेत्रों की संख्या ज्ञात कीजिए। निम्न सारणी को भरिए। इन क्षेत्रों को अपने प्रदेश एवं भारत के रेखाचित्र में भी दर्शाइए।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 7 पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण 1
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 7 पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण 1-1

क्रियाकलाप 7.4

प्रश्न 1.
आपके अपने क्षेत्र में जैव विविधता को विक्षोभित करने वाले कारकों की सूची बनाइए। इनमें से कुछ क्रियाकलाप अनजाने में ही जैव विविधता में विक्षोभ उत्पन्न कर सकते हैं। मनुष्य की इन गतिविधियों की सूची बनाइए। इन्हें कैसे रोका जा सकता है? अपनी कक्षा में इसकी चर्चा कीजिए तथा उसकी संक्षिप्त रिपोर्ट अपनी कॉपी में नोट कीजिए।
उत्तर:
जैव विविधता को विक्षोभित करने वाले कारकों में मुख्य रूप से वन हैं। क्षेत्र की जैव विविधता निम्नलिखित क्रियाकलापों से विक्षोभित हो सकती है –

  1. औषधीय आवश्यकताओं के लिए पेड़-पौधों को काटना।
  2. अपने विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जानवरों को मारना अथवा उनका शिकार करना।
  3. खेती करने के उद्देश्य से वनों में आग लगाना।
  4. मानव आवास के लिए वनों को समाप्त करना/आग लगाना।
  5. वनों में सड़कों का निर्माण करना।
  6. ये कुछ मानव क्रियाकलाप हैं जो जैव विविधता को विक्षोभित करते हैं।

पेड़-पौधे एवं जीव-जन्तु

क्रियाकलाप 7.5

प्रश्न 1.
अपने स्थानीय क्षेत्र के वनस्पतिजात और प्राणिजात की पहचान कर उनकी सूची बनाइए।
उत्तर:
वनस्पतिजात:
फर्न, आम, जामुन, साल, सागौन, अर्जुन, पीपल, कदम्ब, कीकर, बबूल आदि हमारे क्षेत्र के कुछ वनस्पतिजात हैं।

प्राणिजात:
हिरन, तेंदुआ, भेड़िया, चीतल, नील गाय, बार्किंग हिरण, जंगली कुत्ता इत्यादि हमारे क्षेत्र के कुछ प्राणिजात हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 81

विशेष क्षेत्री प्रजाति

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प्रश्न 1.
मैंने सुना है कि कुछ विशेष क्षेत्री स्पीशीज विलुप्त हो सकती हैं?
उत्तर:
हाँ, कुछ विशेष क्षेत्री स्पीशीज विलुप्त हो सकती हैं। यदि इनकी ठीक प्रकार से देखभाल नहीं की गई, तो वे विलुप्त हो जायेंगी।

क्रियाकलाप 7.6

प्रश्न 1.
जिस क्षेत्र में आप रहते हैं, यहाँ के विशेष क्षेत्री पौधों और जन्तुओं का पता लगाइए।
उत्तर:
विशेष क्षेत्री पौधे: साल, जामुन, जंगली आम, महुआ आदि।

विशेष क्षेत्री जन्तु: भारतीय विशाल गिलहरी, विसन आदि।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 82

वन्य प्राणी अभ्यारण्य

प्रश्न 1.
चिड़ियाघर और वन्य प्राणी अभ्यारण्य में क्या अन्तर है?
उत्तर:
चिड़ियाघर और वन्य प्राणी अभ्यारण्य दोनों में ही जंगली जानवर किसी भी प्रकार के विक्षोभ से सुरक्षित रहते हैं। परन्तु वन्य प्राणी अभ्यारण्य में जन्तु प्राकृतिक आवास में रहते हैं और उन्हें प्राकृतिक रूप में उपलब्ध भोजन दिया जाता है। चिड़ियाघर में जन्तुओं को कृत्रिम आवास में रखा जाता है और उनको भोजन भी उनकी आवश्यकतानुसार ही दिया जाता है।

चिड़ियाघरों में बीमार जानवरों की देखभाल पशु-डाक्टरों द्वारा की जाती है लेकिन यह वनों में सम्भव नहीं है। कृत्रिम सुविधाएँ होने के बावजूद भी चिड़ियाघर में जन्तु स्वतन्त्र एवं अधिक आराम से नहीं रहते जबकि प्राकृतिक आवास में स्वतन्त्र एवं आराम से रहते हैं।

क्रियाकलाप 7.7

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प्रश्न 1.
क्या वे जन्तुओं के जीवन के लिए उपयुक्त हैं? क्या जन्तु प्राकृतिक आवास की अपेक्षा कृत्रिम आवास में रह सकते हैं? आपके विचार में जन्तु चिड़ियाघर में अधिक आराम से हैं अथवा प्राकृतिक आवास में?
उत्तर:
चिड़ियाघरों में लम्बी-लम्बी झाड़ियों लगाई जाती हैं। कृत्रिम तालाब व झीलें आदि भी बनाई जाती हैं। मौसम के अनुकूल जन्तुओं के लिए गर्मियों में कूलर तथा सर्दियों में हीटर की भी व्यवस्था की जाती है। अधिक मात्रा में फलों के वृक्ष भी लगाए जाते हैं। ये सुविधाएँ उचित हैं परन्तु वे जन्तुओं के जीवन के लिए काफी नहीं हैं।

हमारे विचार से जन्तु प्राकृतिक आवास की अपेक्षा कृत्रिम आवास में नहीं रह सकते। ये उपयुक्त नहीं है क्योंकि जंगली जन्तु जंगल में ही प्रसन्नतापूर्वक रहना पसन्द करते हैं। वे कृत्रिम व्यवस्था में नहीं रह सकते। वे चिड़ियाघर में रहने के बजाय प्राकृतिक आवास में ही आराम से रहते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 83

राष्ट्रीय उद्यान

प्रश्न 1.
क्या इस वन में बाघ अभी भी पाए जाते हैं? मुझे उम्मीद है कि मैं बाघ देख सकता हूँ।
उत्तर:
हाँ, इस वन में बाघ अभी भी पाए जाते हैं। लेकिन इनकी संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है क्योंकि इनकी खाल और दाँतों के लिए शिकारी उनको मार देते हैं।

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प्रश्न 2.
क्या केवल बड़े जन्तुओं का ही विलुप्त होने का खतरा है?
उत्तर:
नहीं, केवल बड़े जन्तुओं के ही विलुप्त होने का खतरा नहीं है। छोटे जन्तुओं के भी विलुप्त होने की सम्भावना है।

प्रश्न 3.
मुझे आश्चर्य होगा यदि संकटापन्न स्पीशीज का कोई रिकॉर्ड भी हो।
उत्तर:
इसमें आश्चर्य की बात नहीं है। रेड डाटा पुस्तिका में संकटापन्न स्पीशीज का रिकॉर्ड रखा जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 84

प्रवास

प्रश्न 1.
क्या होगा जब हमारे पासलकड़ी ही नहीं बचेगी? क्या लकड़ी का कोई विकल्प उपलब्ध है?
उत्तर:
जब हमारे पास लकड़ी नहीं बचेगी तो हमें कागज, फल, हर्बल दवाएँ आदि उपलब्ध नहीं कर सकेंगे। लकड़ी से कागज बनाया जाता है। हाँ, लकड़ी को सुरक्षित रखने का विकल्प है, हम कागज की बचत तथा उसका पुन: चक्रण करें।

कागज का पुनः चक्रण:

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प्रश्न 1.
क्या वनोन्मूलन का कोई स्थायी हल है?
उत्तर:
हाँ, वनोन्मूलन का स्थायी हल है। वह हल है पुनर्वननिरोपण। पुनर्वननिरोपण में हम काटे गए वृक्षों की कमी को पूरा करने के लिए नये वृक्षों का रोपण कर सकते हैं।

MP Board Class 8th Science Chapter 7 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की उचित शब्दों द्वारा पूर्ति कीजिए –

  1. वह क्षेत्र जिसमें जन्तु अपने प्राकृतिक आवास में संरक्षित होते हैं ………… कहलाता है।
  2. किसी क्षेत्र विशेष में पाई जाने वाली स्पीशीज ……….. कहलाती है।
  3. प्रवासी पक्षी सुदूर क्षेत्रों से …………. परिवर्तन के कारण पलायन करते हैं।

उत्तर:

  1. अभ्यारण्य।
  2. विशेष क्षेत्री स्पीशीज।
  3. जलवायु।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में अन्तर स्पष्ट कीजिए –

  1. वन्य प्राणी उद्यान एवं जैवमण्डलीय आरक्षित क्षेत्र।
  2. चिड़ियाघर एवं अभ्यारण्य।
  3. संकटापन्न एवं विलुप्त स्पीशीज।
  4. वनस्पतिजात और प्राणिजात।

उत्तर:
1. वन्य प्राणी उद्यान एवं जैवमण्डलीय आरक्षित क्षेत्र में अन्तर:

वन्य प्राणी उद्यान

जैवमण्डलीय आरक्षित क्षेत्र

यह वन्य जन्तुओं के लिए आरक्षित क्षेत्र है, जहाँ वे स्वतन्त्र रूप से आवास एवं प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।

ये वन्य जीवन, पौधों और जन्तु संसाधनों और उस क्षेत्र के आदिवासियों के पारस्परिक ढंग से जीवनयापन हेतु विशाल संरक्षित क्षेत्र हैं।

2. चिड़ियाघर और अभ्यारण्य में अन्तर:

चिड़ियाघरअभ्यारण्य
यह वह स्थान है जहाँ जन्तुओं का संरक्षण किया जाता है।यहाँ भी वन्य जन्तुओं का संरक्षण किया जाता है।
यहाँ वे कृत्रिम आवास में रहते हैं।यहाँ वे प्राकृतिक आवास में रहते हैं।
यहाँ जन्तुओं को तैयार किया हुआ भोजन दिया जाता है।यहाँ वे भोजन वनों से ही प्राप्त करते हैं।

3. संकटापन्न और विलुप्त स्पीशीज में अन्तर:

संकटापन्न स्पीशीज

विलुप्त स्पीशीज

ये ऐसी स्पीशीज है जिनकी संख्या एक निर्धारित स्तर से कम होती जा रही है।

ये ऐसी स्पीशीज हैं जो देखने को नहीं मिलती हैं।
ये विलुप्त हो सकती हैं। जैसे – बाघ।

ये विलुप्त हो चुकी हैं। जैसे – डायनासोर।

4. वनस्पतिजात और प्राणिजात में अन्तर:

वनस्पतिजात

प्राणिजात

किसी विशेष क्षेत्र में पाए जाने वाले पेड़-पौधे उस क्षेत्र के वनस्पतिजात कहलाते हैं। जैसे – साल, सागौन आदि पचमढ़ी जैव – मण्डल आरक्षित क्षेत्र के वनस्पतिजात हैं।

किसी विशेष क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव – जन्तु उस क्षेत्र के प्राणिजात कहलाते हैं। जैसे – हिरण, चीतल आदि पचमढ़ी जैव – मण्डल आरक्षित क्षेत्र के प्राणिजात हैं।

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प्रश्न 3.
वनोन्मूलन का निम्न पर क्या प्रभाव पड़ता है, चर्चा कीजिए –

  1. वन्य प्राणी।
  2. पर्यावरण।
  3. गाँव (ग्रामीण क्षेत्र)।
  4. शहर (शहरी क्षेत्र)।
  5. पृथ्वी।
  6. अगली पीढ़ी।

उत्तर:
1. वन्य प्राणी:
वनोन्मूलन की वजह से वन्य प्राणियों के आश्रय स्थल समाप्त हो रहे हैं और खाद्य श्रृंखला भी प्रभावित हो रही है। वन्य प्राणियों को दूसरे स्थानों पर आश्रय लेना पड़ता है। इससे बहुत सी स्पीशीज संकटापन्न अथवा विलुप्त होने के कगार पर आ गई हैं।

2. पर्यावरण:
वनोन्मूलन से सबसे अधिक प्रभाव पर्यावरण पर पड़ता है। इससे पृथ्वी का ताप और प्रदूषण में वृद्धि होती है। वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड में वृद्धि होती है तथा भौम जलस्तर भी नीचे गिर जाता है। इससे वर्षा और भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है, इसके अतिरिक्त बाढ़ और सूखा की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसकी वजह से प्राकृतिक सन्तुलन बिगड़ जाता है।

3. गाँव (ग्रामीण क्षेत्र):
वनोन्मूलन के कारण बाढ़, सूखा तथा मरुस्थलीकरण जैसी प्राकृतिक आपदाओं की सम्भावना बढ़ जाती है तथा मिट्टी को उर्वरता भी कम हो जाती है। उसका प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव किसानों पर पड़ता है। उनके ग्रामीण जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

4. शहर (शहरी क्षेत्र):
वनोन्मूलन से शहरी क्षेत्र का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। शुद्ध हवा विलुप्त होती जा रही है। जिससे श्वसन रोग उत्पन्न हो रहे हैं। वनों के विलुप्त होने से कभी-कभी जंगली जानवर भी शहर में प्रवेश कर भयानक स्थिति उत्पन्न कर देते हैं।

5. पृथ्वी:
वनोन्मूलन से विश्व ऊष्णन हो रहा है जिससे बर्फीले पहाड़ों की बर्फ पिघलकर पृथ्वी को जल मग्न कर रही है जिससे कहीं-कहीं प्राकृतिक आपदाओं सूखा, बाढ़ आदि की सम्भावनाएँ बढ़ जाती हैं। पृथ्वी का प्राकृतिक सन्तुलन भी बिगड़ रहा है।

6. अगली पीढ़ी:
वनोन्मूलन की वजह से पृथ्वी पर प्रदूषण की समस्या, बहुत सारी स्पीशीज का विलुप्त होना, पृथ्वी का ताप बढ़ना आदि समस्याएँ उत्पन्न होने से अगली पीढ़ी का भविष्य अन्धकारमय होगा। पृथ्वी पर उनका जीवन अधिक लम्बे समय तक सम्भव न हो सकेगा।

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प्रश्न 4.
क्या होगा यदि –

  1. हम वृक्षों की कटाई करते रहें?
  2. किसी जन्तु का आवास बाधित हो?
  3. मिट्टी की ऊपरी परत अनावरित हो जाए?

उत्तर:

  1. हम वृक्षों की कटाई करते रहें तो धीरेधीरे वन्य प्राणी विलुप्त हो जायेंगे, वन्य पेड़-पौधे भी गायब हो जायेंगे। प्रदूषण का भी खतरा और अधिक हो जाएगा। प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि हो जायेगी तथा मनुष्य का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।
  2. किसी जन्तु के आवास के बाधित होने से उसका संरक्षण तो सम्भव है परन्तु उसकी प्राकृतिक आदतों में परिवर्तन हो सकता है।
  3. मिट्टी की ऊपरी परत अनावरित होने से उसकी निचली परत दिखाई देने लगेगी और ह्यूमस भी मिट्टी से समाप्त हो जाएगी। इसका सीधा असर मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर पड़ेगा। धीरे-धीरे उर्वर भूमि मरुस्थल में परिवर्तित हो जाएगी।

प्रश्न 5.
संक्षेप में उत्तर दीजिए –

  1. हमें जैव विविधता का संरक्षण क्यों करना चाहिए।
  2. संरक्षित वन भी वन्य जन्तुओं के लिए पूर्णरूप से सुरक्षित नहीं है, क्यों?
  3. कुछ आदिवासी वन (जंगल) पर निर्भर करते हैं। कैसे?
  4. वनोन्मूलन के कारक और उनके प्रभाव क्या हैं?
  5. रेड डाटा बुक क्या है?
  6. प्रवास से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:

  1. जैव विविधता का संरक्षण हमें इसलिए करना चाहिए क्योंकि इससे पृथ्वी पर हमारा जीवन है। इससे पर्यावरण प्रभावित होगा। इसका कुप्रभाव हमारे जीवन पर पड़ेगा।
  2. संरक्षित वन वन्य जन्तुओं के लिए पूर्णरूप से इसलिए सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि इनके आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग उनका अतिक्रमण करके इन्हें नष्ट कर रहे हैं।
  3. कुछ आदिवासी वन (जंगल) पर निर्भर करते हैं। वे आज भी अपने भोजन के लिए जानवरों का शिकार करते हैं तथा पेड़ की छाल, जन्तुओं की खाल से बने हुए वस्त्र पहनते हैं।
  4. वनोन्मूलन के मुख्य कारक औद्योगीकरण, शहरीकरण, खेती के लिए भूमि, भीषण सूखा, वनों में अग्निकाण्ड आदि हैं।  वनोन्मूलन के कारण प्राकृतिक आपदाओं की सम्भावनाएँ बढ़ रही हैं। इसके अतिरिक्त प्रदूषण, विश्व ऊष्णन, भूमि की उर्वरता में कमी आदि से मनुष्य का जीवन संकटमय हो रहा है।
  5. रेड डाटा बुक एक ऐसी पुस्तक है जिसमें संकटापन्न स्पीशीज का रिकॉर्ड रहता है। पौधों, जन्तुओं और अन्य स्पीशीज के लिए अलग-अलग रेड डाटा पुस्तकें हैं।
  6. पक्षियों का एक क्षेत्र से सुदूर क्षेत्र में जाना उनका प्रवास कहलाता है। जलवायु में परिवर्तन होने के कारण प्रवासी पक्षी प्रत्येक वर्ष सुदूर क्षेत्रों में उड़कर जाते हैं। वे वहाँ अण्डे देने के लिए जाते हैं क्योंकि मूल आवास में बहुत अधिक शीत के कारण वह स्थान उनके जीवनयापन के लिए अनुकूल नहीं होता।

प्रश्न 6.
फैक्ट्रियों एवं आवास की माँग की आपूर्ति हेतु वनों की अनवरत कटाई हो रही है। क्या इन परियोजनाओं के लिए वृक्षों की कटाई न्यायसंगत है? उस पर चर्चा कीजिए तथा एक संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार कीजिए।
उत्तर:
वर्तमान में जिस तेजी से जनसंख्या में वृद्धि हो रही है उसकी माँग की पर्ति के लिए फैक्ट्रियाँ और आवास भी उतना ही आवश्यक है। फैक्ट्रियों में उत्पादन अच्छी कोटि का, सस्ता एवं शीघ्र होता है तथा हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है। आवास मनुष्य की एक बुनियादी आवश्यकता है। इन आवश्यकताओं को पूरा.करने के लिए मनुष्य वनों को साफ करके भूमि तैयार करता है क्योंकि उनको वनों के अतिरिक्त कहीं खाली जगह उपलब्ध नहीं हो पाती।

दूसरी ओर वनों के साफ होने से वन्य प्राणियों का आश्रय स्थल समाप्त हो जाता है तथा आदिवासी जातियाँ भी विलुप्त होती जा रही हैं। इसके साथ ही जीवनयापन हेतु भूमि कम होती जा रही है। इन परियोजनाओं के लिए अन्य विकल्प ढूँढ़ना आवश्यक है। वनों की कटाई इनका विकल्प नहीं है।

प्रश्न 7.
अपने स्थानीय क्षेत्र में हरियाली बनाए रखने में आप किस प्रकार योगदान दे सकते हैं? अपने द्वारा की जाने वाली क्रियाओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
अपने स्थानीय क्षेत्र में हरियाली बनाए रखने के लिए निम्न योगदान दे सकते हैं –

  1. आस-पास के क्षेत्रों में पेड़-पौधे लगाकर।
  2. जागरूकता अभियान चलाकर।
  3. वन महोत्सव का आयोजन करके।
  4. जन्म-दिवस, शादी आदि उत्सवों पर पौधे उपहार देकर।
  5. मनुष्यों को नर्सरी मुफ्त मिलने वाले पौधों के बारे में जानकारी देकर।
  6. आम जनता को वनों के महत्व के बारे में जानकारी देकर।
  7. इस कार्य के लिए हमें अपने मित्रों और पड़ोसियों का सहयोग भी लेना चाहिए।

प्रश्न 8.
वनोन्मूलन से वर्षा दर किस प्रकार कम हुई है? समझाइए।
उत्तर:
वनोन्मूलन से वृक्षों में कमी हुई है। इससे वृक्षों द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड के उपयोग में भी कमी आयी है। इससे वायुमण्डल में इसकी मात्रा बढ़ गई क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड पृथ्वी द्वारा उत्सर्जित ऊष्मीय विकिरणों का प्रग्रहण कर लेती है। अतः इसकी मात्रा में वृद्धि के परिणामस्वरूप विश्व ऊष्णन होता है। पृथ्वी के ताप में वृद्धि के कारण जल चक्र का सन्तुलन बिगड़ गया है जिससे वर्षा दर में कमी हुई है।

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प्रश्न 9.
अपने राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों के विषय में सूचना एकत्र कीजिए। भारत के रेखा मानचित्र में उनकी स्थिति दर्शाइए।
उत्तर:
मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान:

  1. बान्धवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान बान्धवगढ़, उमरिया शहडोल
  2. कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, मंडला
  3. माधव राष्ट्रीय उद्यान, शिवपुरी
  4. पन्ना राष्ट्रीय उद्यान, छतरपुर
  5. बालाघाट राष्ट्रीय उद्यान, बालाघाट
  6. मंडला राष्ट्रीय उद्यान, मंडला
  7. संजय राष्ट्रीय उद्यान, बेलगाँव
  8. सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान, होशंगाबाद
  9. फॉसिल जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान, मंडला, डिंडोरी
  10. वन बिहार, भोपाल
  11. ओंकारेश्वर, खण्डवा
  12. डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान, धार।

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 7 पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण 2
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 7 पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण 3

प्रश्न 10.
हमें कागज की बचत क्यों करनी चाहिए? उन कार्यों की सूची बनाइए जिनके द्वारा आप कागज की बचत कर सकते हैं।
उत्तर:
हमें कागज की बचत वनों को बचाने के लिए करना चाहिए। हमें 1 टन कागज बनाने के लिए 17 पूर्णरूपेण विकसित वृक्षों की आवश्यकता होती है। कागज की बचत से वनों के साथ-साथ कागज के उत्पादन में प्रयुक्त जल, ऊर्जा व हानिकारक रसायनों की भी बचत होती है।
हम निम्न कार्यों के द्वारा कागज की बचत कर सकते हैं –

  1. कागज का पुनःचक्रण करके (लगभग 5 से 7 बार तक)।
  2. कागज का पुन:उपयोग करके।
  3. कागज का मितव्ययिता से उपयोग करके।
  4. कागज की बचत के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाकर।
  5. कम्प्यूटर का उपयोग करके।

प्रश्न 11.
दी गई शब्द पहेली को पूरा कीजिए –
ऊपर से नीचे की ओर:
1. विलुप्त स्पीशीज की सूचना वाली पुस्तक।
2. पौधों, जन्तुओं एवं सूक्ष्मजीवों की किस्में एवं विभिन्नताएँ।

बाई से दाईं ओर:
2. पृथ्वी का वह भाग जिसमें सजीव पाए जाते हैं।
3. विलुप्त हुई स्पीशीज।
4. एक विशिष्ट आवास में पाई जाने वाली स्पीशीज।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 7 पौधे एवं जंतुओं का संरक्षण 4

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला

MP Board Class 8th Science Chapter 6 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 64

प्रश्न 1.
क्या आप अपने घरों में प्रयुक्त होने वाले कुछ ईंधनों के नाम बता सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हमारे घरों में प्रयुक्त होने वाले कुछ ईंधन गोबर के कण्डे, लकड़ी, कोयला, काष्ठ कोयला, मिट्टी का तेल, एलपीजी (LPG) आदि हैं।

प्रश्न 2.
व्यापार और उद्योगों में उपयोग होने वाले कुछ ईंधनों के नाम बताइए।
उत्तर:
व्यापार और उद्योगों में उपयोग होने वाले कुछ ईंधन: एलपीजी (LPG), कोयला, पेट्रोल, डीजल, नाभिकीय ईंधन आदि हैं।

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प्रश्न 3.
मोटर गाड़ियाँ चलाने में कौन-से ईंधन काम में आते हैं?
उत्तर:
मोटर गाड़ियाँ चलाने में पेट्रोल, डीजल, संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) और एलपीजी (LPG) काम में आते हैं।

प्रश्न 4.
मोमबत्ती के जलने और कोयले जैसे ईंधन के जलने में क्या अन्तर है?
उत्तर:
मोमबत्ती ज्वाला के साथ जलती है जबकि कोयला नहीं।

दहन क्या है?

प्रश्न 1.
काष्ठ कोयले के टुकड़े को संडासी से पकड़िये और एक मोमबत्ती अथवा बुसेन बर्नर की ज्वाला के निकट लाइए। आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
हम देखते हैं कि काष्ठ कोयला वायु में जलता है और जलकर कार्बन डाइऑक्साइड, ऊष्मा और प्रकाश देता है।

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प्रश्न 2.
हमें बताया गया था कि भोजन हमारे शरीर के लिए ईंधन है।
उत्तर:
हाँ, यह ठीक है। हमारे शरीर में भोजन ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर अपघटित होता है और ऊष्मा उत्पन्न होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 65

क्रियाकलाप 6.1

प्रश्न 1.
यदि पदार्थ जलता है तो इसे दाहा दिखाइए; अन्यथा उसे अदाह्य दिखाइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला 1

प्रश्न 2.
क्या आप कुछ और पदार्थों के नाम बता सकते हैं जो दाह्य हैं?
उत्तर:
हाँ, कपड़े, रबड़, प्लास्टिक, कोयला आदि दाह्य पदार्थ हैं।

क्रियाकलाप 6.2

प्रश्न 1.
देखिए ज्वाला को क्या होता है?
उत्तर:
जब वायु चिमनी में नीचे से प्रवेश करती है तो मोमबत्ती निर्बाध रूप से जलती है।

प्रश्न 2.
पुनः ज्वाला को देखिए।
उत्तर:
जब चिमनी में नीचे से वायु प्रवेश नहीं कर पाती तो ज्वाला में कम्पन होता है और धुआँ उत्पन्न होता है।

प्रश्न 3.
ज्वाला को पुनः देखिए। तीनों स्थितियों में क्या होता है? क्या ज्वाला कम्पन करती हुई बुझ जाती है? क्या यह कम्पन करती है और धुआँ देती है? क्या यह अप्रभावित जलती रहती है? क्या आप दहन प्रक्रम में वायु की भूमिका के बारे में कुछ निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
उत्तर:
इस स्थिति में ज्वाला बुझ जाती है क्योंकि उसे वायु उपलब्ध नहीं हो पाती।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 66

प्रश्न 1.
हमने पढ़ा है कि सूर्य अपनी ऊष्मा और प्रकाश स्वयं उत्पन्न करता है। क्या यह भी एक प्रकार का दहन है?
उत्तर:
सूर्य में ऊष्मा और प्रकाश नाभिकीय अभिक्रियाओं द्वारा उत्पन्न होते हैं। हाँ, यह भी एक प्रकार का दहन है।

क्रियाकलाप 6.3

प्रश्न 1.
देखिए क्या होता है? क्या कुछ समय बाद लकड़ी का कोयला जलना बन्द हो जाता है? क्या आप सोचते हैं कि यह जलना बन्द क्यों हो जाता है?
उत्तर
पहले तो कोयला जलता रहता है लेकिन जैसे ही इसके ऊपर एक काँच का जार अथवा प्लास्टिक का जार इसके ऊपर रखते हैं तो इसका जलना बन्द हो जाता है। कोयले के ऊपर जार रखने से वायु का प्रवाह रुक जाता है जो कि दहन के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 2.
आपने सुना होगा कि जब किसी व्यक्ति के वस्त्र आग पकड़ लेते हैं तो आग बुझाने के लिए व्यक्ति को कम्बल से ढक देते हैं। क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों करते हैं?
उत्तर:
ऐसा इसलिए करते हैं कि कम्बल से व्यक्ति को ढ़कने से उसके वस्त्रों को जलने के लिए ऑक्सीजन (वायु) नहीं मिल पाती इससे आग तुरन्त बुझ जाती है।

प्रश्न 3.
क्या एक माचिस की तीली अपने आप जल उठती है? यह किस प्रकार जलाई जाती है?
उत्तर:
नहीं, एक माचिस की तीली अपने आप नहीं जलती, इसे माचिस के बगल से रगड़कर जलाया जाता है।

प्रश्न 4.
आपको कागज के टुकड़े को जलाने का अनुभव अवश्य होगा। जब जलती हुई माचिस की तीली इसके पास लाते हैं तो क्या यह जल उठता है?
उत्तर:
हाँ, जब जलती हुई माचिस की तीली इसके पास लाते हैं तो यह जल उठता है।

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प्रश्न 5.
क्या आप लकड़ी के एक टुकड़े को जलती माचिस की तीली उसके पास लाकर जला सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि लकड़ी का ज्वलन ताप अधिक है। इसे जलाने के लिए लकड़ी के टुकड़े को अधिक देर तक गरम करना पड़ेगा, जबकि जलती हुई माचिस की तीली बहुत जल्दी बुझ जाती है।

प्रश्न 6.
लकड़ी या कोयले को जलाने के लिए आपको कागज अथवा मिट्टी के तेल का उपयोग क्यों करना पड़ता है?
उत्तर:
क्योंकि लकड़ी अथवा कोयले का ज्वलनांक अधिक है। इन्हें जलने से पहले गर्म होने के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि इन्हें जलाने के लिए कागज अथवा मिट्टी के तेल का उपयोग करना पड़ता है।

प्रश्न 7.
क्या आपने जंगल में लगने वाली आग के बारे में सुना है?
उत्तर:
हाँ, हमने गर्मी के मौसम में जंगल में लगने वाली आग के बारे में सुना है। गर्मी के मौसम में अधिक गर्मी पड़ने पर सूखी घास आग पकड़ लेती है। घास से आग पेड़ों में फैलती है और शीघ्र ही पूरा जंगल आग की चपेट में आ जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 67

प्रश्न 1.
क्या ये अनुभव आपको बताते हैं कि विभिन्न पदार्थ विभिन्न ताप पर आग पकड़ते हैं?
उत्तर:
हाँ, ये हमें बताते हैं कि विभिन्न पदार्थ विभिन्न ताप पर आग पकड़ते हैं क्योंकि प्रत्येक पदार्थ का ज्वलन ताप स्थिर होता है।

प्रश्न 2.
क्या अब आप बता सकते हैं कि कमरे के ताप पर माचिस की तीली अपने आप आग क्यों नहीं पकड़ लेती? माचिस की तीली माचिस की डिबिया के बगल में रगड़ने पर ही क्यों जल जाती है?
उत्तर:
कोई भी दाह पदार्थ तब तक आग नहीं पकड़ सकता जब तक कि उसका ताप उसके ज्वलन ताप से कम रहता है। अतः जब माचिस की तीली को माचिस की डिब्बे के बगल में रगड़ते हैं, तो यह अपने ज्वलन ताप पर पहुँच जाती है और जलने लगती है।

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प्रश्न 3.
क्या आपने कभी भोजन पकाने वाले तेल को आग पकड़ते देखा है? जब तलने वाला बर्तन लम्बे समय तक जलते हुए स्टोव पर रखा रहता है?
उत्तर:
हाँ, यद्यपि भोजन पकाने वाला तेल कमरे के ताप पर आग नहीं पकड़ता है। परन्तु जब उसका ताप कमरे के ताप से अधिक हो जाता है तो यह आग पकड़ लेता है। यही कारण है कि जब तलने वाला बर्तन लम्बे समय तक जलते हुए स्टोव पर रखा रहता है तो वह अपने ज्वलन ताप पर पहुँच जाता है और आग पकड़ लेता है।

प्रश्न 4.
क्या मिट्टी के तेल का ज्वलन-ताप लकड़ी के ज्वलन ताप से कम है? क्या इसका अर्थ है कि मिट्टी के तेल के रखने में हमें विशेष सावधानी बरतनी होगी?
उत्तर:
हाँ, मिट्टी के तेल का ज्वलन ताप लकड़ी के ज्वलन ताप से कम है अतः मिट्टी के तेल के रखने में हमें विशेष सावधानी बरतनी होगी।

क्रियाकलाप 6.4

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
कागज का वह कप जिसमें पानी लिया गया है, नहीं जलता है जबकि दूसरा कप जल जाता है।

प्रश्न 2.
कागज के खाली कप का क्या होता है? जलयुक्त कागज के कप का क्या होता है? क्या इस कप का जल गर्म हो जाता है?
उत्तर:
जब खाली कप को गर्म किया जाता है तो वह कुछ क्षण में ही जलने लगता है लेकिन जलयुक्त कागज का कप नहीं जलता। हाँ, इस कप का जल गर्म हो जाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 68

प्रश्न 1.
क्या आप इस परिघटना का कोई स्पष्टीकरण सोच सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, जब कागज के कप को ऊष्मा दी जाती है तो वह ऊष्मा चालन द्वारा जल में चली जाती है। अतः जल की उपस्थिति में ताप कागज के ज्वलन ताप तक नहीं पहुँच पाता इसलिए वह जलता नहीं है।

हम आग पर नियन्त्रण कैसे पाते हैं?

प्रश्न 1.
क्या आपके शहर/नगर में फायर ब्रिगेड स्टेशन है?
उत्तर:
हाँ, हमारे शहर में फायर ब्रिगेड स्टेशन है।

प्रश्न 2.
जब फायर ब्रिगेड आती है तो वह क्या करती है?
उत्तर:
वह आग के ऊपर जल की बौछार करती है।

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प्रश्न 3.
आग उत्पन्न करने के लिए तीन आवश्यकताएँ होती हैं। क्या आप इन आवश्यकताओं की सूची बना सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, ये आवश्यकताएँ हैं – ईंधन, वायु (ऑक्सीजन) और ऊष्मा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 69

प्रश्न 1.
क्या आपको याद है कि जल तेल से भारी होता है?
उत्तर:
हाँ, जल तेल से भारी होता है। जल नीचे चला जाता है और तेल ऊपर तैरता रहता है।

प्रश्न 2.
हमें कार्बन डाइऑक्साइड की आपूर्ति कहाँ से मिलती है?
उत्तर:
हमें कार्बन डाइऑक्साइड की आपूर्ति सिलिण्डरों से प्राप्त होती है। सिलिण्डरों में यह उच्च दाब पर द्रव के रूप में भरी रहती है।

प्रश्न 3.
एलपीजी किस रूप में सिलिण्डरों में रखी जाती है?
उत्तर:
सिलिण्डरों में एलपीजी द्रव के रूप में रखी जाती है।

दहन के प्रकार

प्रश्न 1.
गैस स्टोव की घुण्डी (नॉब) घुमाकर गैस चालू कर दीजिए। आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
हम देखते हैं कि गैस तेजी से जलती है तथा ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या में 70

ज्वाला

प्रश्न 1.
एलपीजी ज्वाला का परीक्षण कीजिए। क्या आप ज्वाला का रंग बता सकते हैं? एक मोमबत्ती की ज्वाला का रंग कैसा होता है?
उत्तर:
हाँ, इसकी ज्वाला का रंग हल्का नीला (Bluish) होता है। मोमबत्ती की ज्वाला का रंग पीला (Yellowish) होता है।

प्रश्न 2.
अपने प्रेक्षण रिकॉर्ड करिए और सारणी में लिखिए कि पदार्थ ज्वाला देता है या नहीं?
उत्तर:
दहन पर ज्वाला देने वाले पदार्थ पदार्थ:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला 2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 71

ज्वाला की संरचना क्रियाकलाप 6.5

प्रश्न 1.
क्या वहाँ ज्वाला उत्पन्न होती है? यदि ऐसा है, तो वह क्या है जो ज्वाला उत्पन्न करता है?
उत्तर:
हाँ, मोमबत्ती का पिघला हुआ मोम धागे के सहारे ऊपर आता है और दहन के समय वाष्पित होकर ज्वाला उत्पन्न करता है।

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प्रश्न 2.
क्रियाकलाप 6.5 में, क्या काँच की नली से बाहर निकलने वाला मोम का वाष्प क्या ज्वाला उत्पन्न होने का कारण हो सकता है?
उत्तर”
हाँ, काँच की नली से बाहर निकलने वाला मोम का वाष्प ज्वाला उत्पन्न करने का कारण हो सकता है।

प्रश्न 3.
क्या यह दर्शाता है कि ज्वाला के अदीप्त क्षेत्र का ताप बहुत अधिक है?
उत्तर:
हाँ, यह दर्शाता है कि ज्वाला के अदीप्त क्षेत्र का ताप बहुत अधिक है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 71-72

प्रश्न 1.
सोने और चाँदी को पिघलाने के लिए सुनार धातु की फुकनी से ज्वाला के सबसे बाहरी भाग को उस पर फूंकते हैं। वे ज्वाला के सबसे बाहरी भाग का उपयोग क्यों करते हैं?
उत्तर:
वे ज्वाला के सबसे बाहरी भाग का उपयोग इसलिए करते हैं क्योंकि ज्वाला के सबसे बाहरी भाग का ताप सबसे अधिक होता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 72

ईंधन क्या है?

प्रश्न 1.
जिन ईंधनों से आप परिचित हैं, उनकी सूची बनाइए। सारणी की भाँति इन्हें ठोस, द्रव और गैसीय ईंधनों में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर:
ईंधनों के प्रारूप:

ठोस ईंधनद्रव ईंधनगैसीय ईंधन
कोयलामिट्टी का तेलप्राकृतिक गैस
लकड़ीपेट्रोलएलपीजी
कपड़े (उपले)डीजलगोबर गैस

ईंधन क्षमता

प्रश्न 1.
यदि आपसे कहा जाए कि गोबर के उपले, कोयला और एलपीजी को जलाकर पानी की एक निश्चित मात्रा को उबालें, तो आप कौन-से ईंधन को चुनेंगे? इसका कारण बताइए। आप अपने माता-पिता की मदद ले सकते हैं। क्या ये ईंधन बराबर मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करते हैं?
उत्तर:
हम एलपीजी को चुनेंगे क्योंकि:

  1. यह आसानी से जलती है।
  2. यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है और सस्ती है।
  3. यह उपले और कोयले की अपेक्षा अधिक ऊष्मा देती है।
  4. यह स्वच्छ ईंधन है। यह धुआँ और राख उत्पन्न नहीं करती।

नहीं, ये ईंधन की बराबर मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न नहीं करते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 73

ईंधन के दहन से हानिकारक उत्पाद प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 1.
ओह! इसलिए हमें सलाह दी जाती है कि उस कमरे में कभी न सोयें जिसमें जलते व सुलगते कोयले की आग हो।
उत्तर:
जलते अथवा सुलगते कोयले से कार्बन मोनोक्साइड गैस निकलती है। यह अत्यन्त विषैली गैस है। इस गैस से कमरे में सो रहे व्यक्तियों की मृत्यु भी हो सकती है।

MP Board Class 8th Science Chapter 6 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
दहन की परिस्थितियों की सूची बनाइए।
उत्तर:
दहन के लिए परिस्थितियाँ हैं –

  1. वायु (ऑक्सीजन)।
  2. ईंधन।
  3. ऊष्मा (ईंधन का ताप ज्वलन ताप से अधिक करने हेतु)।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. लकड़ी और कोयला जलने से वायु का …….. होता है।
  2. घरों में काम करने वाला एक द्रव ईंधन ……….. है।
  3. जलना प्रारम्भ होने से पहले ईंधन को उसके ……….. तक गर्म करना आवश्यक है।
  4. तेल द्वारा उत्पन्न आग को ……… द्वारा नियन्त्रित नहीं किया जा सकता।

उत्तर:

  1. प्रदूषण।
  2. एलपीजी।
  3. ज्वलन ताप।
  4. जल।

प्रश्न 3.
समझाइए कि मोटर वाहनों में सीएनजी के उपयोग से हमारे शहरों का प्रदूषण किस प्रकार कम हुआ है?
उत्तर:
सीएनजी सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइडों का उत्पादन अल्प मात्रा में करती है। यह पेट्रोल और डीजल की अपेक्षा एक स्वच्छ ईंधन है। इससे हमारे शहरों का प्रदूषण कम हुआ है।

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प्रश्न 4.
ईंधन के रूप में एलपीजी और लकड़ी की तुलना कीजिए।
उत्तर:
एलपीजी लकड़ी की अपेक्षा आसानी से जलती है और अधिक ऊष्मा देती है। यह धुआँ और राख का उत्पादन नहीं करती। यह एक स्वच्छ ईंधन है। यह वायु को प्रदूषित नहीं करती जबकि लकड़ी वायु को प्रदूषित करती है।

प्रश्न 5.
कारण बताइए –

  1. विद्युत् उपकरण से सम्बद्ध आग पर नियन्त्रण पाने हेतु जल का उपयोग नहीं किया जाता।
  2. एलपीजी लकड़ी से अच्छा घरेलू ईंधन है।
  3. कागज स्वयं सरलता से आग पकड़ लेता है जबकि ऐलुमिनियम पाइप के चारों ओर लपेटा गया कागज का टुकड़ा आग नहीं पकड़ता।

उत्तर:

  1. जल विद्युत् का सुचालक है इससे आग बुझाने वाले व्यक्ति को करंट लग सकता है। इसलिए विद्युत् उपकरण से सम्बद्ध आग पर नियन्त्रण पाने हेतु जल का उपयोग नहीं किया जाता।
  2. एलपीजी लकड़ी की अपेक्षा अच्छा घरेलू ईंधन है। क्योंकि यह सस्ता और आसानी से उपलब्ध है। यह अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है। इससे हानिकारक गैसों का उत्पादन नहीं होता।
  3. क्योंकि कागज एक दाह्य पदार्थ है। यह आसानी से आग पकड़ लेता है। परन्तु जब इसे ऐलुमिनियम पाइप के चारों ओर लपेट कर ऊष्मा देते हैं तो ऊष्मा ऐलुमिनियम पाइप में प्रवाहित हो जाती है जिससे पाइप के चारों ओर लपेटे हुए कागज का ज्वलन ताप कम हो जाता है। यही कारण है कि ऐलुमिनियम पाइप पर लपेटा हुआ कागज का टुकड़ा आग नहीं पकड़ता।

प्रश्न 6.
मोमबत्ती की ज्वाला का चिह्नित चित्र बनाइए।
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला 3

प्रश्न 7.
ईंधन के ऊष्मीय मान को किस मात्रक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है?
उत्तर:
ईंधन के ऊष्मीय मान को किलोजूल प्रति किलोग्राम (k J/kg) मात्रक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

प्रश्न 8.
समझाइए कि CO2 किस प्रकार आग को नियन्त्रित करती है?
उत्तर:
ऑक्सीजन से भारी होने के कारण CO2 आग को एक कम्बल की तरह लपेट लेती है। इससे ईंधन और ऑक्सीजन के बीच सम्पर्क टूट जाता है और आग पर नियन्त्रण हो जाता है।

प्रश्न 9.
हरी पत्तियों के ढेर को जलाना कठिन होता है परन्तु सूखी पत्तियों में आग आसानी से लग जाती है। समझाइए।
उत्तर:
हरी पत्तियों के ढेर को जलाना इसलिए कठिन होता है क्योंकि उनमें जल की मात्रा अधिक होती है। परन्तु सूखी पत्तियों में आग आसानी से इसलिए लग जाती है क्योंकि उनमें जल की मात्रा होती ही नहीं और होती भी है तो बहुत कम।

प्रश्न 10.
सोने और चाँदीको पिघलाने के लिए स्वर्णकार ज्वाला के किस क्षेत्र का उपयोग करते हैं और क्यों?
उत्तर:
सोने और चाँदी को पिघलाने के लिए स्वर्णकार धातु की फुकनी द्वारा ज्वाला के सबसे बाहरी क्षेत्र का उपयोग करते हैं। क्योंकि ज्वाला के सबसे बाहरी क्षेत्र का ताप सबसे अधिक होता है जो चाँदी और सोने को पिघलाने के लिए काफी है।

प्रश्न 11.
एक प्रयोग में 4.5 kg ईंधन का पूर्णतया दहन किया गया। उत्पन्न ऊष्मा का 1,80,000 kJ था। ईंधन का ऊष्मीय मान परिकलित कीजिए।
हल:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला 4
प्रश्न 12.
क्या जंग लगने के प्रक्रम को दहन कहा जा सकता है? विवेचना कीजिए।
उत्तर:
हाँ, जंग लगने के प्रक्रम को दहन कहा जा सकता है क्योंकि यह दहन की मन्द प्रक्रिया है। जंग लगने की प्रक्रिया वायुमण्डल में आर्द्रता में उपस्थित ऑक्सीजन की उपस्थिति में होती है।

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प्रश्न 13.
आबिदा और रमेश ने एक प्रयोग किया जिसमें बीकर में रखे जल को गर्म किया गया। आबिदा ने बीकर को मोमबत्ती की ज्वाला के पीले आग के पास रखा। रमेश ने बीकर को ज्वाला के सबसे बाहरी भाग के पास रखा। किसका पानी कम समय में गर्म हो जाएगा।
उत्तर:
रमेश के बीकर का पानी कम समय में गर्म हो जाएगा क्योंकि ज्वाला का बाहरी भाग सबसे गर्म होता है और पीला भाग आंशिक दहन वाला और कम गर्म होता है।

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MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम

MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम

MP Board Class 8th Science Chapter 5 पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 56

क्रियाकलाप 5.1

प्रश्न 1.
अपने दैनिक जीवन में उपयोग में लाये जाने वाले पदार्थों की एक सूची बनाइए और उनको प्राकृतिक तथा मानव निर्मित वर्गों में वर्गीकृत कीजिए –
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम 1

प्रश्न 2.
क्या इस सूची में वायु, जल, मृदा और खनिज सम्मिलित हैं?
उत्तर:
हाँ, इस सूची में वायु, जल, मृदा और खनिज सम्मिलित हैं।

प्रश्न 3.
क्या हम अपने सभी प्राकृतिक संसाधनों का निरन्तर उपयोग कर सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम अपने सभी प्राकृतिक संसाधनों का निरन्तर उपयोग नहीं कर सकते हैं। एक दिन वे समाप्त हो जायेंगे।

प्रश्न 4.
क्या वायु, जल और मृदा मानवीय क्रियाकलापों द्वारा समाप्त हो सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, वायु, जल और मृदा मानवीय क्रियाकलापों द्वारा समाप्त नहीं हो सकते हैं।

प्रश्न 5.
क्या जल एक असीमित संसाधन है?
उत्तर:
हाँ, जल एक असीमित संसाधन है। लेकिन इसके असीमित दोहन से यह संकट उत्पन्न कर सकता है।

क्रियाकलाप 5.2

प्रश्न 1.
अब अन्तिम रूप से देखिए कि तीसरी पीढ़ी के सभी उपभोक्ताओं को खाने हेतु कुछ मिला या नहीं। यह भी देखिए कि क्या पात्रों में अब भी कुछ शेष बच गया है?
उत्तर:
हाँ, तीसरी पीढ़ी के उपभोक्ताओं को खाने हेतु कुछ मिला है, लेकिन उन्हें बहुत थोड़ी मात्रा में मिला है।’ नहीं, पात्रों में अब कुछ शेष नहीं बचा है।

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प्रश्न 2.
क्या किसी समूह की पहली पीढ़ी बहुत अधिक लालची है?
उत्तर:
हाँ, किसी समूह की पहली पीढ़ी बहुत अधिक लालची है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 57

प्रश्न 3.
कोयला हमें कहाँ से प्राप्त होता है और यह कैसे बनता है?
उत्तर:
कोयला हमें जमीन के अन्दर से प्राप्त होता है। बाढ़ जैसे प्राकृतिक प्रक्रमों के कारण वन मृदा के नीचे दब जाते हैं। इनके ऊपर मृदा जम जाने के कारण ये सम्पीडित हो जाते हैं। जैसे-जैसे ये गहरे होते जाते हैं उनका ताप भी बढ़ता जाता है। उच्च ताप व उच्च दाब के कारण पृथ्वी के अन्दर मृत पेड़-पौधे धीरे-धीरे कोयले में परिवर्तित हो जाते हैं। कोयले में मुख्य रूप से कार्बन होता है। यह प्रक्रम कार्बनीकरण कहलाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 59

पेट्रोलियम

प्रश्न 1.
क्या आप जानते हैं कि पेट्रोलियम कैसे बनता है?
उत्तर:
पेट्रोलियम का निर्माण समुद्र में रहने वाले जीवों से हुआ। जब ये जीव मृत हुए तो इनके शरीर समुद्र के तल में जाकर बैठ गए और फिर रेत तथा मिट्टी की तहों द्वारा ढक गए। लाखों वर्षों के बाद वायु की अनुपस्थिति, उच्च ताप और उच्च दाब के कारण मृत जीव पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में परिवर्तित हो गए।

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प्रश्न 2.
पेट्रोलियम तेल और गैस की परत, जल की परत के ऊपर है। ऐसा क्यों है?
उत्तर:
पेट्रोलियम तेल और गैस जल से हल्के होते हैं, ये जल में मिश्रित नहीं होते। अतः ये जल की परत के ऊपर रहते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 61

प्रश्न 1.
क्या प्रयोगशाला में मृत जीवों से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस बनाई जा सकती है?
उत्तर:
नहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का बनना एक बहुत धीमा प्रक्रम है और इसके बनने की परिस्थितियाँ प्रयोगशाला में उत्पन्न नहीं की जा सकती। अतः इन्हें प्रयोगशाला में नहीं बनाया जा सकता।

MP Board Class 8th Science Chapter 5 पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सीएनजी और एलपीजी का ईंधन के रूप में उपयोग करने के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
सीएनजी और एलपीजी उपयोग करने के लाभ:

  1. ये कम प्रदूषणकारी है।
  2. ये स्वच्छ ईंधन है।
  3. ये अन्य ईंधनों की अपेक्षा सस्ते हैं।
  4. ये आसानी से उपलब्ध हैं।
  5. इन्हें घरों और कारखानों में सीधा जलाया जा सकता है, जहाँ इनकी आपूर्ति पाइपों के द्वारा की जाती है।

प्रश्न 2.
पेट्रोलियम का कौन-सा उत्पाद सड़क निर्माण हेतु उपयोग में लाया जाता है?
उत्तर:
सड़क निर्माण हेतु पेट्रोलियम उत्पाद बिटुमिन उपयोग में लाया जाता है।

प्रश्न 3.
वर्णन कीजिए, मृत वनस्पति से कोयला किस प्रकार बनता है? यह प्रक्रम क्या कहलाता है?
उत्तर:
कोयला हमें जमीन के अन्दर से प्राप्त होता है। बाढ़ जैसे प्राकृतिक प्रक्रमों के कारण वन मृदा के नीचे दब जाते हैं। इनके ऊपर मृदा जम जाने के कारण ये सम्पीडित हो जाते हैं। जैसे-जैसे ये गहरे होते जाते हैं उनका ताप भी बढ़ता जाता है। उच्च ताप व उच्च दाब के कारण पृथ्वी के अन्दर मृत पेड़-पौधे धीरे-धीरे कोयले में परिवर्तित हो जाते हैं। कोयले में मुख्य रूप से कार्बन होता है। यह प्रक्रम कार्बनीकरण कहलाता है।

प्रश्न 4.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. …………. तथा ………… जीवाश्म ईंधन हैं।
  2. पेट्रोलियम के विभिन्न संघटकों को पृथक करने का प्रक्रम ………… कहलाता है।
  3. वाहनों के लिए सबसे कम प्रदूषक ईंधन ……..।

उत्तर:

  1. कोयला, पेट्रोलियम
  2. परिष्करण
  3. सीएनजी (Compressed Natural Gas-CNG)

प्रश्न 5.
निम्नलिखित कथनों के सामने सत्य/असत्य लिखिए –

  1. जीवाश्म ईंधन प्रयोगशाला में बनाए जा सकते हैं। (सत्य/असत्य)
  2. पेट्रोल की अपेक्षा सीएनजी अधिक प्रदूषक ईंधन (सत्य/असत्य)
  3. कोक, कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है। (सत्य/असत्य)
  4. कोलतार विभिन्न पदार्थों का मिश्रण है। (सत्य/असत्य)
  5. मिट्टी का तेल एक जीवाश्म ईंधन नहीं है। (सत्य/असत्य)

उत्तर:

  1. असत्य।
  2. असत्य।
  3. सत्य।
  4. सत्य।
  5. असत्य।

प्रश्न 6.
समझाइए, जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन क्यों हैं?
उत्तर:
जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले संसाधन हैं क्योंकि इनके बनने में मृतजीवों को ईंधन में परिवर्तित होने के लिए लाखों वर्ष लगते हैं और उपलब्ध भण्डार सीमित हैं। इसलिए जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं।

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प्रश्न 7.
कोक के अभिलक्षणों और उपयोगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
कोक के अभिलक्षण: कोक एक कठोर, सरन्ध्र और काला पदार्थ है। यह कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है।

कोक का उपयोग: कोक का उपयोग इस्पात के औद्योगिक निर्माण और बहुत से धातुओं के निष्कर्षण में किया जाता है।

प्रश्न 8.
पेट्रोलियम निर्माण के प्रक्रम को समझाइए।
उत्तर:
पेट्रोलियम का निर्माण समुद्र में रहने वाले जीवों से हुआ। जब ये जीव मृत हुए तो इनके शरीर समुद्र के तल में जाकर बैठ गए और फिर रेत तथा मिट्टी की तहों द्वारा ढक गए। लाखों वर्षों के बाद वायु की अनुपस्थिति, उच्च ताप और उच्च दाब के कारण मृत जीव पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में परिवर्तित हो गए।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित सारणी में 2004 से 2010 तक भारत में विद्युत् की कुल कमी को दिखाया गया है। इन आँकड़ों को ग्राफ द्वारा आलेखित करिए। वर्ष में कमी प्रतिशतता को Y-अक्ष पर तथा वर्ष को X-अक्ष पर आलेखित करिए।
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम 2
उत्तर:
MP Board Class 8th Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम 3

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