MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 84-85

प्रश्न 1.
पाठ्य-पुस्तक में दी हुई वक्रों को
(i) खुली या
(ii) बंद वक्रों के रूप में वर्गीकृत कीजिए :
हल :
(i) खुली वक्र – (a) व (c)
(ii) बन्द वक्र – (b), (b) व (e)

प्रश्न 2.
निम्न को स्पष्ट करने के लिए रफ आकृतियाँ बनाइए:
(a) खुला वक्र
(b) बन्द वक्र
हल :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 image 1

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प्रश्न 3.
कोई भी बहुभुज खींचिए और उसके अभ्यन्तर को छायांकित (Shade) कीजिए।
हल :
ABCDE एक बहुभुज है जिसके अभ्यंतर को छायांकित किया गया है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 image 2

प्रश्न 4.
संलग्न आकृति को देखकर निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) क्या यह एक वक्र है ?
(b) क्या यह बन्द है?
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 image 3
हल :
(a) हाँ, यह एक वक्र है।
(b) हाँ, यह बन्द वक्र है।

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प्रश्न 5.
रफ आकृतियाँ बनाकर, यदि सम्भव हो, तो निम्न को स्पष्ट कीजिए :
(a) एक बन्द आकृति जो बहुभुज नहीं है।
(b) केवल रेखाखण्डों से बनी हुई खुली वक्र
(c) दो भुजाओं वाला एक बहुभुज।
हल :
(a) बन्द आकृति जो बहुभुज नहीं है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 image 4

(b) रेखाखण्डों से बनी हुई खुली वक्र
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.2 image 5

(c) दो भुजाओं वाला बहुभुज असम्भव है।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 80-81

प्रश्न 1.
संलग्न आकृति का प्रयोग करके, निम्न के नाम लिखिए :
(a) पाँच बिन्दु
(b) एक रेखा
(c) चार किरणें
(d) पाँच रेखाखण्ड
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 1
हल :
(a) पाँच बिन्दु-O, B, C, D, E
(b) एक रेखा-इसमें कई रेखाएँ हो सकती हैं \(\stackrel{\leftrightarrow}{D E}, \stackrel{\leftrightarrow}{D O}, \stackrel{\leftrightarrow}{D B}, \overrightarrow{E O}\) आदि।
(c) चार किरणें- \(\overrightarrow{D B}, \overrightarrow{D E}, \overrightarrow{E B}, \overrightarrow{O E}\) आदि (अनेक किरणें हो सकती हैं)।
(d) पाँच रेखाखण्ड- \(\overline{D E}, \overline{D O}, \overline{E O}, \overline{O B}, \overline{E B}\) आदि (अनेक रेखाखण्ड हो सकते हैं)।

प्रश्न 2.
संलग्न आकृति में दी हुई रेखा के सभी सम्भव प्रकारों के नाम लिखिए। आप इन चार बिन्दुओं में से किसी भी बिन्दु का प्रयोग कर सकते हैं।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 2
हल :
रेखाओं को निम्न नामों से व्यक्त कर सकते हैं
\(\stackrel{\leftrightarrow}{AB}, \stackrel{\leftrightarrow}{AC}, \stackrel{\leftrightarrow}{AD}, \stackrel{\leftrightarrow}{BA}, \stackrel{\leftrightarrow}{BC}, \stackrel{\leftrightarrow}{BD}, \stackrel{\leftrightarrow}{CA}, \stackrel{\leftrightarrow}{CB}, \stackrel{\leftrightarrow}{CD}, \stackrel{\leftrightarrow}{DA}, \stackrel{\leftrightarrow}{DB}, \stackrel{\leftrightarrow}{DC}\)

प्रश्न 3.
संलग्न आकृति को देखकर नाम लिखिए :
(a) रेखाएँ जिसमें बिन्दु E सम्मिलित हैं
(b) A से होकर जाने वाली रेखा
(c) वह रेखा जिस पर O स्थित है
(d) प्रतिच्छेदी रेखाओं के दो युग्म
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 3
हल :
(a) ऐसी बहुत सी रेखाएँ है, जिनमें से एक है, \(\stackrel{\leftrightarrow}{EF}\) (या \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\) )
(b) ऐसी बहुत सी रेखाएँ है, जिनमें से एक है, \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\)
(c) \(\stackrel{\leftrightarrow}{CO}\) या \(\stackrel{\leftrightarrow}{CO}\)
(d) \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\) और \(\stackrel{\leftrightarrow}{CO}\); \(\stackrel{\leftrightarrow}{AE}\) और \(\stackrel{\leftrightarrow}{EF}\)

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित से होकर कितनी रेखाएँ खींची जा सकती हैं ?
(a) एक बिन्दु
(b) दो बिन्दु
हल :
(a) एक बिन्दु से अनगिनत रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
(b) दो बिन्दुओं से केवल एक रेखा खींची जा सकती है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित स्थितियों में से प्रत्येक के लिए एक रफ (Rough) आकृति बनाइए और चित रूप से उसे नामांकित कीजिए :
(a) बिन्दु P रेखाखण्ड \(\overline{A B}\) पर स्थित है।
(b) रेखाएँ XY और PQ बिन्दु M पर प्रतिच्छेद करती हैं।
(c) रेखा l पर E और F स्थित हैं, परन्तु D स्थित नहीं है।
(d) \(\stackrel{\leftrightarrow}{OP}\) और \(\stackrel{\leftrightarrow}{OQ}\) बिन्दु O पर मिलती हैं।
हल:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 4

प्रश्न 6.
रेखा \(\stackrel{\leftrightarrow}{MN}\) की संलग्न आकृति को देखिए। इस आकृति के सन्दर्भ में बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 5
(a) Q, M, O और P रेखा \(\stackrel{\leftrightarrow}{MN}\) पर स्थित बिन्दु हैं।
(b) M, O और N रेखाखण्ड \(\overline{MN}\) पर स्थित बिन्दु हैं।
(c) M और N रेखाखण्ड \(\overline{MN}\) के अन्त बिन्दु हैं।
(d) O और N रेखाखण्ड \(\overline{OP}\) के अन्त बिन्दु हैं।
(e) M रेखाखण्ड \(\overline{QO}\) को दोनों अन्त बिन्दुओं में से एक बिन्दु है।
(f) M किरण \(\overrightarrow{OP}\) पर एक बिन्दु है।
(g) किरण \(\overrightarrow{OP}\) किरण \(\overrightarrow{QP}\) से भिन्न है।
(h) किरण \(\overrightarrow{O P}\) वही है जो किरण \(\overrightarrow{O M}\) है।
(i) किरण \(\overrightarrow{O M}\) किरण \(\overrightarrow{O P}\) के विपरीत (opposite) नहीं है।
(j) O किरण \(\overrightarrow{O P}\) का प्रारम्भिक बिन्दु नहीं है।
(k) N किरण \(\overrightarrow{N P}\) और \(\overrightarrow{N M}\) का प्रारम्भिक बिन्दु है।
उत्तर-
(a) सत्य,
(b) सत्य,
(c) सत्य
(d) असत्य,
(e) असत्य,
(f) भसत्य,
(g) सत्य,
(h) असत्य,
(i) असत्य,
(j) असत्य,
(k) सत्य।

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 83

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
निम्न की सहायता से बहुभुज बनाने का प्रयत्न कीजिए :
1. माचिस की पाँच तीलियाँ
2. माचिस की चार तीलियाँ
3. माचिस की तीन तीलियाँ
4. माचिस की दो तीलियाँ
उपर्युक्त में से किस स्थिति में यह सम्भव नहीं हुआ ? क्यों?
हल :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Ex 4.1 image 6
4. माचिस की दो तीलियाँ-कोई बहुभुज सम्भव नहीं। चूँकि बहुभुज रेखाखण्डों से घिरी बन्द आकृति है। यह सम्भव नहीं कि दो रेखाखण्डों से एक बन्द घिरी हुई आकृति बनाई जाए। इसलिए दो माचिस की तीलियों से बहुभुज बनाना सम्भव नहीं है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 84

प्रश्न 1.
B और C इसके अन्य दो शीर्ष हैं। क्या आप इन बिन्दुओं पर मिलने वाली भुजाओं के नाम लिख सकते हैं?
हल :
इन भुजाओं के नाम हैं जिनके शीर्ष B और C हैं :
AB और BC, BC और CD

प्रश्न 2.
क्या AB और BC आसन्न भुजाएँ हैं? AE और DC के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
हल :
चूँकि AB और BC में एक उभयनिष्ठ अंत बिन्दु है, इसलिए ये बहुभुज की आसन्न भुजाएँ हैं। AE और DC आसन्न भुजाएँ नहीं हैं। क्योंकि इनका उभयनिष्ठ अन्त बिन्दु नहीं है।

प्रश्न 3.
क्या रेखाखण्ड \(\overline{B C}\) एक विकर्ण है? क्यों या क्यों नहीं?
हल :
नहीं, रेखाखण्ड \(\overline{B C}\) विकर्ण नहीं है क्योंकि BC आसन्न शीर्षों को मिलाने वाला रेखाखण्ड है।

प्रश्न 4.
क्या आप आसन्न शीर्षों को जोड़कर विकर्ण प्राप्त कर सकते हैं?
हल :
नहीं, हम आसन्न शीर्षों को जोड़कर विकर्ण प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 75

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
अपनी पेंसिल के नुकीले सिरे से एक कागज पर चार बिन्दु अंकित कीजिए तथा उन्हें नाम A, C, P और H दीजिए। इन बिन्दुओं को विभिन्न प्रकार से नाम दीजिए। नाम देने का एक प्रकार संलग्न आकृति के अनुसार हो सकता है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 1
हल :
हम इन बिन्दुओं को निम्न प्रकार से नाम दे सकते हैं :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 2

प्रश्न 2.
आसमान में एक तारा हमें एक बिन्दु के अवधारण का आभास कराता है। अपने दैनिक जीवन से इसी प्रकार की पाँच स्थितियाँ चुनकर दीजिए।
हल :
पेंसिल की नोंक, सुई की नोंक, कागज का कोना, डेस्क का कोना, वर्ग का कोना।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 76-77

रेखाखण्ड के कुछ उदाहरण – मेज का किनारा, किसी आयत/वर्ग की भुजा, घन/ घनाभ का किनारा, दोनों सिरों पर कसा हुआ धागा, A, B को जोड़ने वाला सबसे छोटा रास्ता।

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
संलग्न आकृति में दिए रेखाखण्डों को नाम दीजिए। क्या A प्रत्येक रेखाखण्ड का एक अन्त बिन्दु है ?
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 3
हल :
दी हुई आकृति में \(\overline{A B}\) (या \(\overline{B A}\) ) तथा \(\overline{A C}\) (या \(\overline{C A}\) ) रेखाखण्ड हैं।
हाँ, A प्रत्येक रेखाखण्ड का अन्त बिन्दु है।

प्रतिच्छेदी रेखा युग्मों के उदाहरण – घन के आसन्न किनारे, श्यामपट की आसन्न भुजाएँ, अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर V तथा L

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 78

इन्हें कीजिए

प्रश्न 1.
एक कागज लीजिए। इसे दो बार मोडिए (और मोड़ के निशान बनाइए) ताकि दो प्रतिच्छेदी रेखाएँ प्राप्त हो जाएँ और चर्चा कीजिए :
(a) क्या दो रेखाएँ एक से अधिक बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं?
(b) क्या दो से अधिक रेखाएँ एक ही बिन्दु पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं?
हल :
(a) नहीं, दो रेखाएँ एक से अधिक बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद नहीं कर सकती हैं।
(b) हाँ, दो से अधिक रेखाएँ एक ही बिन्दु पर प्रतिच्छेद कर सकती हैं।

सोचिए, चर्चा कीजिए एवं लिखिए

आप समान्तर रेखाओं को और कहाँ देखते हैं ? इनके 10 उदाहरण ज्ञात करने का प्रयत्न कीजिए।
हल :
हम समान्तर रेखाओं को निम्नांकित में देख सकते हैं
पैमाने के सम्मुख किनारे, आयत के सम्मुख किनारे, श्यामपट के सम्मुख किनारे, खिड़की की सलाखें, रेल की पटरी, मेज के किनारे, घनाभ के किनारे, घन के किनारे, पेज के किनारे, अभ्यास-पुस्तिका/किताब के सम्मुख किनारे आदि।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 79

सोचिए, चर्चा कीजिए एवं लिखिए

प्रश्न 1.
यदि \(\overrightarrow{P Q}\) एक किरण है, तो
(a) इसका प्रारम्भिक बिन्दु क्या है ?
(b) बिन्दु ए किरण पर कहाँ स्थित है ?
(c) क्या हम कह सकते हैं कि ए इस किरण का Q प्रारम्भिक बिन्दु है ?
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 4
हल :
\(\overrightarrow{P Q}\) एक किरण है :
(a) इसका प्रारम्भिक बिन्दु P है।
(b) बिन्दु Q, किरण \(\overrightarrow{P Q}\) पर स्थित है।
(c) नहीं, Q इस किरण का प्रारम्भिक बिन्दु नहीं है।
(Q, \(\overrightarrow{Q P}\) का प्रारम्भिक बिन्दु हो सकता है।)

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 80

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
संलग्न दी आकृति में दर्शाई गई किरणों के नाम लिखिए।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 5
हल :
संलग्न चित्र में \(\overrightarrow{T A}, \overrightarrow{T N}, \overrightarrow{T B}\) और \(\overrightarrow{N B}\) किरणें हैं।

प्रश्न 2.
क्या T इन सभी किरणों का प्रारम्भिक बिन्दु है ?
हल :
नहीं, T किरण \(\overrightarrow{N B}\) का प्रारम्भिक बिन्दु नहीं है।

संलग्न आकृति में एक किरण OA दी है। यह O से प्रारम्भ होती है और A से होकर जाती है। यह किरण बिन्दु B से होकर भी जाती है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 6

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प्रश्न a.
(i) क्या आप इसे \(\overrightarrow{O B}\) भी कह सकते हैं ? क्यों? यहाँ \(\overrightarrow{O A}\) और \(\overrightarrow{O B}\) एक ही किरण को दर्शाते हैं।
(ii) क्या हम किरण \(\overrightarrow{O A}\) को किरण \(\overrightarrow{A O}\) लिख सकते हैं ? क्यों ? या क्यों नहीं ?
(iii) पाँच किरणें खींचिए और उनके उचित नाम लिखिए।
इन किरणों के सिरे पर लगे तीर क्या दर्शाते हैं ?
हल :
(i) हाँ, हम इसे \(\overrightarrow{O B}\) भी कह सकते हैं। क्योंकि एक किरण की कोई निश्चित लम्बाई नहीं होती है। किरण को अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है। इसलिए \(\overrightarrow{O A}\) और \(\overrightarrow{O B}\) समान किरणें हैं।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 7

(ii) यहाँ, \(\overrightarrow{O A}\) एक किरण है, जिसका प्रारम्भिक बिन्दु O हैं। इसे O से A की दिशा में अनिश्चित रूप से बढ़ाया गया है। दूसरी किरण \(\overrightarrow{A O}\) है, जिसका प्रारम्भिक बिन्दु A है। इसे A से O की दिशा में अनिश्चित रूप से बढ़ाया गया है।
अतः \(\overrightarrow{A O}\) और \(\overrightarrow{O A}\) अलग-अलग किरणें हैं। इस प्रकार \(\overrightarrow{O A}\) को \(\overrightarrow{A O}\) नहीं लिखा जा सकता है।

(iii) पाँच किरणें निम्नलिखित हैं
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ Intext Questions image 8
किरणों के सिरों पर लगे तीर दर्शाते हैं कि इन किरणों को तीर की दिशा में अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 72

प्रश्न 1.
रेणु 75 किग्रा और 69 किग्रा भारों वाली दो खाद की बोरियाँ खरीदती है। भार के उस बट्टे का अधिकतम मान ज्ञात कीजिए जो दोनों बोरियों के भारों को पूरा-पूरा माप ले।
हल :
दोनों बोरियों के भारों को पूरा-पूरा मापने के लिए अधिकतम भार म. स. होगा।
∴75 = 3 x 5 x 5
69 = 3 x 23
∴सार्व गुणनखण्ड = 3, अत : म. स. = 3
अतः अधिकतम भार = 3 किग्रा

प्रश्न 2.
तीन लड़के एक ही स्थान से एक साथ कदम उठाकर चलना प्रारम्भ करते हैं। उनके कदमों की माप क्रमश: 63 सेमी, 70 सेमी और 77 सेमी है। इनमें से प्रत्येक कितनी न्यूनतम दूरी तय करे कि वह दूरी पूरे-पूरे कदमों में तय हो जाए?
हल :
प्रत्येक द्वारा तय की गई दूरी उनके कदमों का ल. स. होगी।
अतः
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 1
∴ल. स. = 2 x 3 x 3 x 5 x 7 x 11 = 6930
∴अभीष्ट न्यूनतम दूरी = 6930 सेमी

प्रश्न 3.
किसी कमरे की लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्रमश: 825 सेमी, 675 सेमी और 450 सेमी हैं। ऐसा सबसे लम्बा फीता (tape) ज्ञात कीजिए जो कमरे की तीनों विमाओं (dimensions) को पूरा-पूरा माप ले।
हल :
फीते की अधिकतम लम्बाई 825, 675 और 450 का म. स. होगी।
∴825 = 3 x 5 x 5 x 11
675 = 3 x 3 x 3 x 5 x 5
450 = 2 x 3 x 3 x 5 x 5
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 2
∴म. स. = 3 x 5 x 5 = 75
अत: फीते की अधिकतम लम्बाई = 75 सेमी

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प्रश्न 4.
6,8 और 12 से विभाज्य तीन अंकों की सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
तीन अंकों की सबसे छोटी संख्या = 100
तीन अंकों की सबसे छोटी संख्या जो 6, 8 और 12 से पूर्णतः विभाजित हो उनका ल. स. है।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 3
∴ल. स. = 2 x 2 x 2 x 3 = 24
24 के सभी गुणज 6, 8 और 12 से विभाज्य होंगे। लेकिन हमें 3 अंकों का 24 का सबसे छोटा गुणज चाहिए।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 4
अब 100 से बड़ी और 24 से पूर्णतया विभाज्य संख्या = (100 – 4) + 24 = 120
अत: अभीष्ट संख्या = 120

प्रश्न 5.
8, 10 और 12 से विभाज्य तीन अंकों की सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
हल :
8, 10 और 12 का ल. स. :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 5
∴ल. स. = 2 x 2 x 2 x 3 x 5 = 120
चूँकि 120 के सभी गुणज 8, 10 और 12 से भी विभाज्य होंगे।
अब 3 अंकों की सबसे बड़ी संख्या = 999
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 6
∴999 – 39 = 960 जो कि 120 का गुणज है।
अत : अभीष्ट संख्या = 960

प्रश्न 6.
तीन विभिन्न चौराहों की ट्रैफिक लाइट (traffic lights) क्रमशः प्रत्येक 48 सेकण्ड, 72 सेकण्ड और 108 सेकण्ड बाद बदलती है। यदि वे एक साथ प्रातः 7 बजे बदलें, तो वें पुनः एक साथ कब बदलेंगी?
हल :
अभीष्ट समय 48,72 और 108 का ल. स. होगा।
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 7
ल. स. = 2 x 2 x 2 x 2 x 3 x 3 x 3 = 432 सेकण्ड
अत : अभीष्ट न्यूनतम समय जब लाइटें दोबारा अपने आप बदलेंगी = 432 सेकण्ड = 7 मिनट 12 सेकण्ड
इसलिए वे दोबारा 7 बजकर 7 मिनट और 12 सेकण्ड पर बदलेंगी।

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प्रश्न 7.
तीन टैंकरों में क्रमशः 403 लीटर, 434 लीटर और 465 लीटर डीजल है। उस बर्तन की अधिकतम धारिता ज्ञात कीजिए जो इन तीनों टैंकरों के डीजल को पूरा-पूरा माप देगा।
हल:
403 = 13 x 31
434 = 2 x 7 x 31
645 = 3 x 5 x 31
∴म. स. = सार्व गुणनखण्ड = 31
अत: बर्तन की अधिकतम अभीष्ट धारिता = 31 लीटर

प्रश्न 8.
वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिसे 6, 15 और 18 से भाग देने पर प्रत्येक दशा में 5 शेष रहे।
हल:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 8
∴ल. स. = 2 x 3 x 3 x 5 = 90
अत : अभीष्ट संख्या = 90 + 5 = 95

प्रश्न 9.
चार अंकों की सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जो 18, 24 और 32 से विभाज्य है।
हल:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 9
∴ल. स. = 2 x 2 x 2 x 2 x 2 x 3 x 3 = 288
चार अंकों की सबसे छोटी संख्या = 1000
∴4 अंकों की सबसे छोटी संख्या जो 288 से विभाज्य हो
= 1000 – 136 + 288
= 1152
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 10
अत : अभीष्ट संख्या = 1152

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प्रश्न 10.
निम्नलिखित संख्याओं का ल. स. ज्ञात कीजिए जिनमें एक संख्या सदैव 3 का गुणज है :
(a) 9 और 4
(b) 12 और 5
(c) 6 और 5
(d) 15 और 4
प्राप्त ल. स. में एक सामान्य गुण का अवलोकन कीजिए। क्या ल. स. प्रत्येक स्थिति में दोनों संख्याओं का गुणनफल है? क्या हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि दो संख्याओं का ल. स. सदैव 3 का एक गुणज है।
हल :
(a)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 11
∴ल. स. = 2 x 2 x 3 x 3 = 36
9 और 4 का गुणनफल = 9 x 4 = 36
∴4 और 9 का ल. स.= 9 और 4 का गुणनफल

(b)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 12
∴ल. स.= 2 x 2 x 3 x 5 = 60
12 और 5 का गुणनफल = 12 x 5 = 60
∴12 और 5 का ल. स. = 12 और 5 का गुणनफल

(c)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 13
∴ल. स. = 2 x 3 x 5 = 30
6 और 5 का गुणनफल = 6 x 5 = 30
∴6 और 5 का ल. स. = 6 और 5 का गुणनफल

(d)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 14
∴ल. स. = 2 x 2 x 3 x 5 = 60
15 और 4 का गुणनफल = 15 x 4 = 60
∴15 और 4 का ल. स. = 15 और 4 का गुणनफल
हम पाते हैं कि
36 = 3 x 12,
60 = 3 x 20,
30 = 3 x 10
यहाँ प्रत्येक स्थिति ल. स. 3 का गुणज है।
हाँ, प्रत्येक स्थिति में ल. स. = दो संख्याओं का गुणनफल
हम यह निष्कर्ष नहीं निकाल सकते कि दो संख्याओं का ल. स. सदैव 3 का गुणज होता है।

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प्रश्न 11.
निम्नलिखित संख्याओं का ल. स. ज्ञात कीजिए जिनमें एक संख्या दूसरी संख्या का एक गुणनखण्ड
(a) 5, 20
(b) 6, 18
(c) 12, 48
(d) 9, 45
प्राप्त परिणामों में आप क्या देखते हैं?
हल :
(a)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 15
∴ल. स. = 2 x 2 x 5 = 20

(b)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 16
∴ल. स. = 2 x 3 x 3 = 18

(c)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 17
∴ल. स. = 2 x 2 x 2 x 2 x 3 = 48

(d)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.7 image 18
∴ल. स. = 3 x 3 x 5 = 45
प्राप्त परिणामों से स्पष्ट है कि प्रत्येक स्थिति में दी हुई नंख्याओं का ल. स. उन दोनों में से बड़ी संख्या है।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.6

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प्रश्न 1.
निम्नलिखित संख्याओं के म. स. ज्ञात कीजिए :
(a) 18, 48
(b) 30, 42
(c) 18, 60
(d) 27, 63
(e) 36, 84
(f) 34, 102
(g) 70, 105, 175
(h) 91, 112, 49
(i) 18, 54, 81
(j) 12, 45, 75
हल :
(a) ∵18 = 2 x 3 x 3
48 = 2 x 2 x 2 x 2 x 3
∴म. स. = 2 x 3 = 6

(b) ∵30 = 2 x 3 x 5
42 = 2 x 3 x 7
∴म. स. = 2 x 3 = 6

(c)∵18 = 2 x 3 x 3
60 = 2 x 2 x 3 x 5
∴म. स. = 2 x 3 = 6

(d)∵27 = 3 x 3 x 3
63 = 3 x 3 x 7
∴म. स. = 3 x 3 = 9

(e) ∵36 = 2 x 2 x 3 x 3
84 = 2 x 2 x 3 x 7
∴म. स. = 2 x 2 x 3 = 12

(f)∵34 = 2 x 17
102 = 2 x 3 x 17
∴म. स. = 2 x 17 = 34

(g)∵70 = 2 x 5 x 7
105 = 3 x 5 x 7
175 = 5 x 5 x 7
∴म. स. = 5 x 7 = 35

(h)∵91 = 7 x 13
112 = 2 x 2 x 2 x 2 x 7
49 = 7 x 7
∴म. स. = 7

(i)∵18 = 2 x 3 x 3
54 = 2 x 3 x 3 x 3
81 = 3 x 3 x 3 x 3
∴म. स. = 3 x 3 = 9

(j) ∵12 = 2 x 2 x 3
45 = 3 x 3 x 5
75 = 3 x 5 x 5
∴म. स. = 3

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प्रश्न 2.
निम्न का म. स. क्या है?
(a) दो क्रमागत संख्याएँ
(b) दो क्रमागत सम संख्याएँ
(c) दो क्रमागत विषम संख्याएँ।
उत्तर-
(a) 1,
(b) 2,
(c) 1

प्रश्न 3.
अभाज्य गुणनखण्डन द्वारा दो सह-अभाज्य संख्याओं 4 और 15 का म. स. इस प्रकार ज्ञात किया गयाः
4 = 2 x 2 और 15 = 3 x 5
चूँकि इन गुणनखण्डों में कोई अभाज्य सार्व गुणनखण्ड नहीं है, इसलिए 4 और 15 का म. स. शून्य है। क्या यह उत्तर सही है ? यदि नहीं तो सही म. स. क्या है ?
उत्तर-
∵ शून्य किसी भी संख्या का गुणनखण्ड नहीं हो सकता है।
1 प्रत्येक संख्या का गुणनखण्ड है। अत: 1 सार्व गुणनखण्ड है।
अतः शून्य उत्तर सही नहीं है। सही म. स. 1 है।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.5

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.5

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 66-67

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में कौन-से कथन सत्य हैं ?
(a) यदि कोई संख्या 3 से विभाज्य है, तो वह 9 से भी विभाज्य होती है।
(b) यदि कोई संख्या 9 से विभाज्य है, तो वह 3 से भी अवश्य विभाज्य होगी।
(c) एक संख्या 18 से भी विभाज्य होती है, यदि वह 3 और 6 दोनों से विभाज्य हो।
(d) यदि एक संख्या 9 और 10 दोनों से विभाज्य हो, तो वह 90 से भी विभाज्य होगी।
(e) यदि दो संख्याएँ सह-अभाज्य हों, तो इनमें से कम-से-कम एक अवश्य ही अभाज्य संख्या होगी।
(f) 4 से विभाज्य सभी संख्याएँ 8 से भी अवश्य विभाज्य होनी चाहिए।
(g) 8 से विभाज्य सभी संख्याएँ 4 से विभाज्य होनी चाहिए।
(h) यदि कोई संख्या दो संख्याओं को अलग-अलग पूरा-पूरा विभाजित करती है, तो वह उनके योग को भी पूरा-पूरा विभाजित करेगी।
(i) यदि कोई संख्या दो संख्याओं के योग को पूरी तरह विभाजित करती है, तो वह उन दोनों संख्याओं को अलग-अलग भी विभाजित करेगी।
उत्तर-
(a) असत्य,
(b) सत्य,
(c) असत्य,
(d) सत्य,
(e) असत्य,
(f) असत्य,
(g) सत्य,
(h) सत्य,
(i) असत्य

प्रश्न 2.
यहाँ 60 के लिए दो भिन्न-भिन्न गुणनखण्ड वृक्ष दिए हैं। इनमें अज्ञात संख्याएँ लिखिए।
हल :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.5 image 1

प्रश्न 3.
एक भाज्य संख्या के अभाज्य गुणनखण्डन में किन गुणनखण्डों को सम्मिलित नहीं किया जाता है?
उत्तर-
1 और स्वयं संख्या को भाज्य संख्या के अभाज्य गुणनखण्डन में सम्मिलित नहीं किया जाता है।

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प्रश्न 4.
चार अंकों की सबसे बड़ी संख्या लिखिए और उसे अभाज्य गुणनखण्डन के रूप में व्यक्त कीजिए।
हल :
चार अंकों की सबसे बड़ी संख्या = 9999
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.5 image 2
∴ 9999 = 3 x 3 x 11 x 101

प्रश्न 5.
पाँच अंकों की सबसे छोटी संख्या लिखिए और उसे अभाज्य गुणनखण्डन के रूप में व्यक्त कीजिए।
हल :
पाँच अंकों की सबसे छोटी संख्या = 10000
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.5 image 3
∴ 10000 = 2 x 2 x 2 x 2 x 5 x 5 x 5 x 5

प्रश्न 6.
1729 के सभी अभाज्य गुणनखण्ड ज्ञात कीजिए और उन्हें आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए। अब दो क्रमागत अभाज्य गुणनखण्डों में यदि कोई सम्बन्ध है तो लिखिए।
हल :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.5 image 4
∴1729 = 7 x 13 x 19
स्पष्ट है कि दो क्रमागत गुणनखण्डों में 6 का अन्तर है।

प्रश्न 7.
तीन क्रमागत संख्याओं का गुणनफल सदैव 6 से विभाज्य होता है। इस कथन को कुछ उदाहरणों की सहायता से स्पष्ट कीजिए।
हल :
तीन क्रमागत संख्याओं के गुणनफल
(i) 11 x 12 x 13 = 1716
गुणनफल के अंकों का योग = 1 + 7 + 1 + 6 = 15

(ii) 15 x 16 x 17 = 4080
गुणनफल के अंकों का योग = 4 + 0 + 8 + 0 = 12

(iii) 25 x 26 x 27 = 17550
गुणनफल के अंकों का योग = 1 + 7 + 5 + 5 + 0 = 18
(a) प्रत्येक गुणनफल में इकाई का अंक 6, 4 और 0 है अतः गुणनफल 2 से विभाज्य है।
(b) प्रत्येक गुणनफल के अंकों का योग 3 से विभाज्य है
∴2 और 3 सह-अभाज्य संख्याएँ हैं इसलिए 2 x 3 = 6
प्रत्येक गुणनफल को विभाजित करेगा।
∴अतः तीन क्रमागत संख्याओं का गुणनफल सदैव 6 से विभाज्य होता है।

प्रश्न 8.
दो क्रमागत विषम संख्याओं का योग 4 से विभाज्य होता है। कुछ उदाहरण लेकर इस कथन का सत्यापन कीजिए।
हल :
माना कि विषम संख्याओं का योग निम्न है
(i) 211 + 213 = 424
(ii) 405 + 407 = 812
(iii) 541 + 543 = 1084
(iv) 101 + 103 = 204
योगों के दायें से इकाई और दहाई के दो अंक क्रमश: 24, 12, 48 और 04 हैं जो कि 4 से विभाज्य हैं।
अत: दो क्रमागत विषम संख्याओं का योग 4 से विभाज्य होता है।

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प्रश्न 9.
निम्न में से किन व्यंजकों में अभाज्य गुणनखण्डन किए गए हैं :
(a) 24 = 2 x 3 x 4
(b) 56 = 1 x 7 x 2 x 2 x 2
(c) 70 = 2 x 5 x 7
(d) 54 = 2 x 3 x 9
हल :
(a) और (d) में क्रमशः 4 और 9 के अभाज्य गुणनखण्डन नहीं हैं।
∴(b) और (c) व्यंजकों में अभाज्य गुणनखण्डन किये गये हैं।

प्रश्न 10.
बिना भाग किए ज्ञात कीजिए कि क्या 25110 संख्या 45 से विभाज्य है।
[संकेत : 5 और 9 सह-अभाज्य संख्याएँ हैं। दी हुई संख्या की 5 और 9 से विभाज्यता की जाँच कीजिए।]
हल :
∵संख्या 25110 में इकाई के स्थान पर 0 है। अतः संख्या 25110, 5 से विभाज्य है।
पुनः संख्या के अंकों का योग = 2 + 5 + 1 + 1 + 0 = 9, जो कि 9 से विभाज्य है।
इसलिए संख्या 25110, 9 से विभाज्य है।
अतः संख्या 25110, 45 से विभाज्य है।

प्रश्न 11.
संख्या 18, 2 और 3 से विभाज्य है। यह 2 x 3 = 6 से भी विभाज्य है। इसी प्रकार एक संख्या 4 और 6 दोनों से विभाज्य है। क्या हम कह सकते हैं कि वह संख्या 4 x 6 = 24 से भी विभाज्य होगी। यदि नहीं, तो अपने उत्तर की पुष्टि के लिए एक उदाहरण दीजिए।
हल :
यह आवश्यक नहीं है कि जो संख्या 4 और 6 से विभाज्य होगी वह उनके गुणनफल 4 x 6 = 24 से भी विभाज्य होगी।
क्योंकि 4 और 6 सह-अभाज्य संख्याएँ नहीं हैं।
संख्या 36, 4 और 6 दोनों से विभाज्य है, परन्तु संख्या 36 संख्या 24 से विभाज्य नहीं है।

प्रश्न 12.
मैं चार भिन्न-भिन्न अभाज्य गुणनखण्डों वाली सबसे छोटी संख्या हूँ। क्या आप मुझे ज्ञात कर सकते
हल :
चार भिन्न-भिन्न अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5 और 7 हैं।
∴अभीष्ट संख्या = 2 x 3 x 5 x 7 = 210

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 68

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
निम्न का म. स. ज्ञात कीजिए :
(i) 24 और 36
(ii) 15, 25 और 30
(iii) 8 और 12
(iv) 12, 16 और 28
हल :
(i)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.5 image 5
इस प्रकार 24 = 2 x 2 x 2 x 3.
36 = 2 x 2 x 3 x 3
24 और 36 के सार्व गुणनखण्ड 2, 2 और 3 हैं।
अतः 24 और 36 का म. स. = 2 x 2 x 3 = 12

(ii) ∵15 = 3 x 5
25 = 5 x 5
30 = 2 x 3 x 5
∴ म. स. = 5

(iii) ∵8 = 2 x 2 x 2
12 = 2 x 2 x 3
∴म. स. = 2 x 2 =4

(iv) ∵12 = 2 x 2 x 3
16 = 2 x 2 x 2 x 2
28 = 2 x 2 x 7
∴म. स. = 2 x 2 = 4

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.4

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.4

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 63

प्रश्नावली 3.4

प्रश्न 1.
निम्न के सार्व गुणनखण्ड ज्ञात कीजिए :
(a) 20 और 28
(b) 15 और 25
(c) 35 और 50
(d) 56 और 120
हल :
(a) 20 के सभी गुणनखण्ड
= 1, 2, 4, 5, 10, और 20 …(1)
28 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 4, 7, 14 और 28 …(2)
∴20 और 28 के सार्व गुणनखण्ड = 1, 2 और 4

(b) 15 के सभी गुणनखण्ड = 1, 3, 5 और 15 …(1)
∴25 के सभी गुणनखण्ड = 1, 5 और 25 …(2)
∴15 और 25 के सार्व गुणनखण्ड = 1 और 5

(c) 35 के सभी गुणनखण्ड = 1, 5, 7 और 35 …(1)
50 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 5, 10, 25 और 50 …(2)
∴35 और 50 के सार्व गुणनखण्ड = 1 और 5

(d) 56 सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 4, 7, 8, 14, 28 और 56 ….(1)
120 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 10, 12, 15, 20, 24, 30, 40, 60 और 120 …(2)
∴56 और 120 के सार्व गुणनखण्ड = 1, 2, 4, और 8

प्रश्न 2.
निम्न के सार्व गुणनखण्ड ज्ञात कीजिए :
(a) 4, 8 और 12
(b) 5, 15 और 25
हल :
(a) 4 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2 और 4
8 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 4 और 8
12 के सभी गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4, 6 और 12
∴4,8 और 12 के सार्व गुणनखण्ड = 1,2 और 4

(b) 5 के सभी गुणनखण्ड =1 और 5
15 के सभी गुणनखण्ड = 1, 3, 5 और 15
25 के सभी गुणनखण्ड = 1, 5 और 25
∴5, 15 और 25 के सार्व गुणनखण्ड = 1 और 5

प्रश्न 3.
निम्न के प्रथम तीन सार्व गुणज ज्ञात कीजिए :
(a) 6 और 8
(b) 12 और 18
हल :
(a) 6 के गुणज = 6, 12, 18, [24], 30, 36, 42, [48], 54, 60, 66, [72] ,…..
8 के गुणज = 8, 16, [24], 32, 40, 48, 56, 64, [72],….
∴6 और 8 के प्रथम तीन सार्व गुणज =24, 48 और 72

(b) 12 के गुणज = 12, 24, [36], 48, 60, [72], 84, 96, [108], 120,…..
18 के गुणज = 18, [36], 54, [72], 90, [108], 126,……
∴12 और 18 के प्रथम तीन सार्व गुणज
= 36, 72 और 108

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प्रश्न 4.
100 से छोटी ऐसी सभी संख्याएँ लिखिए जो 3 और 4 के सार्व गुणज हैं।
हल :
3 के गुणज = 3, 6, 9, [12], 15, 18, 21, 24, 27, 30, 33, [36], 39, 42, 45, [48], 51, 54, 57, [60], 63, 66, 69, [72], 75, 78, 81, [84], 87, 90, 93, [96], 99……
4 के गुणज = 4, 8, [12], 16, 20, [24], 28, 32, [36], 40, 44, [48], 52, 56, [60], 64, 68, [72], 76, 80, [84], 88, 92, [96] ,…..
∴3 और 4 के सार्व गुणज = 12, 24, 36,48, 60, 72, 84, 96,….

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ सहअभाज्य हैं ?
(a) 18 और 35
(b) 15 और 37
(c) 30 और 415
(d) 17 और 68
(e) 216 और 215
(f) 81 और 16
हल :
(a) ∵18 के गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 6, 9 और 18
35 के गुणनखण्ड = 1, 5, 7, और 35
चूँकि इनका सार्व गुणनखण्ड 1 है।
∴18 और 35 का 1 के अतिरिक्त सार्व गुणनखण्ड नहीं है।
अतः 18 और 35 सह-अभाज्य संख्याएँ हैं।

(b) ∵15 के गुणनखण्ड = 1, 3, 5 और 15
37 के गुणनखण्ड = 1 और 37
∴इनका सार्व गुणनखण्ड 1 है।
∴15 और 37 का 1 के अतिरिक्त सार्व गुणनखण्ड नहीं है।
अतः 15 और 37 सह-अभाज्य संख्याएँ हैं।

(c) ∵30 के गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 5, 6, 10, 15 और 30
415 के गुणनखण्ड = 1, 5, 83 और 415
∴इनके सार्व गुणनखण्ड 1 और 5 हैं।
अत: 30 और 415 सह-अभाज्य संख्याएँ नहीं हैं।

(d) ∵17 के गुणनखण्ड = 1 और 17
68 के गुणनखण्ड = 1, 2, 4, 17, 34 और 68
∴17 और 68 के सार्व गुणनखण्ड = 1 और 17
अतः 17 और 68 सह-अभाज्य संख्याएँ नहीं हैं।

(e) ∵216 के गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4, 6, 8, 9, 12, 18, 24, 27, 36, 54, 72, 108 और 216
215 के गुणनखण्ड = 1, 5, 43 और 215
∴216 और 215 के सार्व गुणनखण्ड = 1
अत: 216 और 215 सह-अभाज्य संख्याएँ हैं।

(f) ∵81 के गुणनखण्ड = 1, 3, 9, 27 और 81
16 के गुणनखण्ड = 1, 2, 4, 8 और 16
∴81 और 16 के सार्व गुणनखण्ड = 1
अत : 81 और 16 सह-अभाज्य संख्याएँ हैं।

प्रश्न 6.
एक संख्या 5 और 12 दोनों से विभाज्य है। किस अन्य संख्या से यह संख्या सदैव विभाजित होगी?
हल :
दी हुई संख्या 5 और 12 के गुणनफल से विभाजित होगी।
अभीष्ट संख्या = 5 x 12 = 60
अतः संख्या 60 से सदैव विभाज्य होगी।

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प्रश्न 7.
एक संख्या 12 से विभाज्य है। और कौन-सी संख्याएँ हैं जिनसे यह संख्या विभाज्य होगी?
हल :
12 के गुणनखण्ड = 1, 2, 3, 4, 6 और 12
∴संख्या 12 से विभाज्य है। इसलिए यह 12 के गुणनखण्डों से भी विभाज्य होगी।
अतः संख्या 2, 3, 4 और 6 से भी विभाज्य होगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 65

प्रयास कीजिए

प्रश्न 1.
16, 28 और 38 के अभाज्य गुणनखण्डन लिखिए।
हल :
(i)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.4 image 1
∴16 के अभाज्य गुणनखण्ड = 2 x 2 x 2 x 2

(ii)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.4 image 2
∴28 के अभाज्य गुणनखण्डन = 2 x 2 x 7.

(iii)
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.4 image 3
∴38 के अभाज्य गुणनखण्ड = 2 x 19

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 66

प्रश्न 1.
ऐसा ही निम्न संख्याएँ लेकर कीजिए :
(a) 8
(b) 12
हल :
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 3 संख्याओं के साथ खेलना Ex 3.4 image 4

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MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 The Realms of the Earth

MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 The Realms of the Earth

MP Board Class 6th Social Science Chapter 8 Text Book Exercise

MP Board Class 6th Social Science Chapter 8 Short Answer Type Questions

Question 1.
Question (a)
How many realms of earth are there?
Answer:
There are three realms of earth.

Question (b)
What is meant by Lithosphere?
Answer:
The realm of the earth consisting of rocks, stones and soil is called lithosphere.

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Question (c)
What are mountains?
Answer:
Mountains are highly elevated lands with steep slopes. They are higher than the surrounding areas. They have high peaks and deep valleys.

Question (d)
Define Biosphere?
Answer:
The zone of island, water and air which contains all forms of life is called plain and a plateau.

Plain:

  1. Plains are mostly made of the slit, mud and sand carried by the rivers.
  2. The plains offer most favourable living condition to the human being.
  3. The plains are suitable for agriculture.

Plateau:

  1. Plateaus are moderately elevated lands with flat tops.
  2. The life in plateaus are not very comfortable.
  3. The plateaus are not suitable for agriculture.

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MP Board Class 6th Social Science Chapter 8 Long Answer Type Questions

Question 2.
Question (a)
What is lithosphere? Describe its different forms?
Answer:
1. The realm of the earth consisting of rocks, stones and soil is called lithosphere.

2. The small part of land surrounded by water are called islands and large masses of land are called continents. The surface of the land is not even.

3. Some parts are plain, others are rigid and some are very much elevated or too low. According to the shape of these parts, they are called mountains, plateaus and plains. These shapes are found in all the continents.

Question (b)
What is biosphere? How organisms depend on each other in the eco system?
Answer:
1. There is a very narrow zone on Earth where land, water and air come in contact with each other. This is called biosphere. All the living things such as plants, animals, and human being exist only in this zone (the biosphere). So biosphere is of great significance for all of us.

2. There are ten lakh species of animals in the animal kingdom. It includes microscopic organisms to large animals like the elephant and the whale fish.

3.The organisms in the animal kingdom move from one place to the other. Three lakh species of plants are found in the plant kingdom. It includes microscopic algae to large trees.

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Question 3.
Give one term for the following:

  1. The mixture of gases that envelopes the earth.
  2. The large quantity of water collected in earth.
  3. The part of land which rise high above the surrounding area.
  4. The part of land which rise abruptly from the low land and stretch far.
  5. Low – lying and relatively flat stretchs of land.
  6. The zone made by the Lithosphere, Hydrosphere and Atmosphere.

Answer:

  1. Air
  2. Oceans
  3. Mountain
  4. Plateau
  5. Plains
  6. Biosphere.

Question 4.
Match the Column
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 The Realms of the Earth
Answer:
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 The Realms of the Earth

Question 5.
Fill in the blanks:

  1. The land part of the earth is called ………………
  2. Lithosphere, hydrosphere and atmosphere collectively form ………………..
  3. Antarctica is spread on the …………… part of the earth.
  4. The gas which is found in least quantity in the atmosphere is ……………..
  5. The things given to us by nature should be used for …………….

Answer:

  1. lithosphere
  2. environment
  3. southern
  4. carbon – dioxide
  5. human welfare.

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Project Work

Question 1.
Make clay models of mountain, plateau and plain?
Answer:
Please do with the help of your teacher.

Question 2.
Look at the oceans in a map of the world and write their names as per their size?
Answer:
Please do with the help of your teacher.

Question 3.
Show the following in the given map?

  1. Arctic Ocean
  2. Indian Ocean
  3. Australia
  4. North America
  5. Africa

Answer:
MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 8 The Realms of the Earth

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MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः

1. संज्ञा-शब्द-रूपाणि

किसी वस्तु अथवा व्यक्ति के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे-राम, सीता, पुस्तक, कलम इत्यादि। संज्ञा शब्दों के रूपों में तीनों लिंग (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग) सभी विभक्तियाँ (प्रथमा से सम्बोधन तक) एवं तीनों वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) होते हैं। जिन संज्ञा शब्दों के अन्त में स्वर हो उन्हें स्वरान्त (अजन्त) कहते हैं; जैसे-राम, रमा, पितृ, मधु इत्यादि और जिन संज्ञा शब्दों के अन्त में व्यंजन हो उन्हें व्यञ्जनान्त (हलन्त) कहते हैं; जैसे-चन्द्रमस, मरुत, राजन, महत् इत्यादि। नीचे पाठ्यक्रम में निर्धारित एवं अन्य महत्वपूर्ण शब्द रूप दिये जा रहे हैं-

I. अजन्त पुल्लिङ्ग

अकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘राम’ शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 1

विशेषः :
‘राम’ के समान ही बालक, नर, गज, वानर, नृप, छात्र, मनुष्य, सिंह, पुत्र इत्यादि अकरान्त पुल्लिग। शब्दों के रूप चलेंगे।

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इकारान्तः पुल्लिङ्ग हरि’ (विष्णु) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 2

विशेषः :
‘हरि’ के समान ही कपि, मुनि, रवि, नृपति, अग्नि, ऋषि इत्यादि इकारान्त पुल्लिग शब्द के रूप चलेंगे।

उकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘भानु’ (सूर्य) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 3

विशेषः :
‘भानु’ शब्द के समान ही गुरु, शिशु, तरु, पशु, साधु, विष्णु इत्यादि उकारान्त पुल्लिग शब्दों के रूप चलेंगे।

ऋकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘पितृ’ (पिता) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 4

विशेष: :
‘पितृ’ शब्द के समान ही भ्रातृ, जामातृ, इत्यादि ऋकारान्त पुल्लिग शब्दों के रूप चलेंगे।

ऋकारान्तः पुल्लिङ्ग कर्तृ’ (करने वाला, कर्ता) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 5

विशेषः :
कर्तृ’ शब्द के समान ही धातृ, दातृ, सवितृ, नेतृ इत्यादि शब्दों के रूप चलेंगे।

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II. अजन्त स्त्रीलिंग

आकारान्तः स्त्रीलिङ्ग ‘रमा’ (लक्ष्मी) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 6

विशेषः :
‘रमा’ शब्द के समान ही सीता, लता, कन्या, बालिका, माला, विद्या, पाठशाला इत्यादि आकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

इकारान्त स्त्रीलिङ्ग ‘मति’ ( बुद्धि) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 7

विशेष :
‘मंति’ शब्द के समान ही भूमि, शान्ति, बुद्धि, भक्ति, मूर्ति, कीर्ति इत्यादि इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

इकारान्त स्त्रीलिङ्ग ‘नदी’ (नदी) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 8

विशेषः :
‘नदी’ शब्द के समान ही पृथ्वी, जननी, कुमारी, भगिनी, सखी, स्त्री, पत्नी, नारी इत्यादि इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

ऋकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘मातृ’ (माता) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 9

विशेषः :
‘मातृ’ शब्द के रूप ‘पितृ’ के समान ही चलते हैं। अन्तर केवल इतना है कि द्वितीया के बहुवचन में ‘पितृन्’ होता है, किन्तु ‘मातृ’ में ‘मातृः’।

III. अजन्त नपुंसकलिंग

अकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘फल’ (फल) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 10

विशेषः :
‘फल’ शब्द के समान ही मित्र, पुस्तक, गृह, उद्यान, वस्त्र, पुष्प, नेत्र, नगर, जल, पत्र इत्यादि अकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

इकारान्तः नपुंसकलिंग ‘वारि’ (जल) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 11

विशेष :
‘वारि’ शब्द के समान ही सुरभि (सुगन्धित), शुचि (स्वच्छ) इत्यादि इकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के रूप चलेंगे।

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उकारान्तः नपुंसकलिङ्ग ‘मधु’ (शहद) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 12

विशेष: :
‘मधु’ शब्द के समान ही वपु, वस्तु, अम्बु, अश्रु! इत्यादि उकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों के रूप में चलेंगे।

IV. हलन्त पुल्लिंग

सकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘चन्द्रमस्’ (चन्द्रमा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 13

तकारान्तः पुल्लिङ्ग ‘मरुत’ (वायु) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 14

हलन्तः पुल्लिङ्ग ‘राजन्’ (राज) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 15

हलन्तः पुल्लिङ्ग ‘महत्’ (बड़ा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 16

V. हलन्त स्त्रीलिंग

हलन्तः स्त्रीलिङ्गः ‘महती’ (बड़ा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 17

VI. हलन्त नपुंसकलिंग

हलन्तः नपुंसकलिङ्गः ‘महत्’ (बड़ा) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 18

विशेषः :
‘महत्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया से सप्तमी तक के रूप पुल्लिंग के समान चलते हैं। सम्बोधनम् हे महत् हे महती! हे महान्ति!

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2. सर्वनाम-शब्द-रूपाणि

जिन शब्दों का प्रयोग संज्ञा के स्थान पर होता है, उन्हें सर्वनाम कहते हैं, जैसे-मैं (अहम्), तुम (त्वम्), वह (सः, सा, तत्), कौन (कः, का, किम्) इत्यादि।

सर्वनाम शब्दों में सम्बोधन नहीं होता। इनके रूप केवल सप्तमी विभक्ति तक ही चलते हैं।

पुल्लिङ्गः ‘सर्व’ (सब) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 19

स्त्रीलिङ्गः ‘सर्व’ (सब) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 20

नपुंसकलिङ्गः ‘सर्व’ (सब) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 21

विशेषः :
‘सर्व’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिग के समान ही चलते हैं।

‘कति’ (कितने) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 22

विशेष: :
‘कति’ शब्द के रूप केवल बहुवचन में चलते हैं तथा पुल्लिग, स्त्रीलिंग एवं नपुसंकलिंग में एक समान ही चलते हैं।

दकारान्तः पुल्लिङ्ग तद्’ (वह, उस, वे, उन) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 23

दकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘तद्’ (वह, उस, वे, उन) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 24

दकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘तद्’
(वह, उस, वे, उन) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 25

विशेषः :
‘तद्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिग के समान ही चलते हैं।

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सकारान्तः पुल्लिङ्गः ‘अदस्’ (वह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 26

सकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘अदम’ (वह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 27

सकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘अदस्’ (वह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 28

विशेष: :
‘अदस्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिंग के समान ही चलते हैं।

मकारान्तः पुल्लिङ्गः ‘अयम्’ (यह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 29

मकारान्तः स्त्रीलिङ्गः ‘इदम्’ (यह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 30

मकारान्तः नपुंसकलिङ्गः ‘इदम्’ (यह) शब्दः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 31

विशेषः :
‘इदम्’ नपुंसकलिंग के शेष तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक के रूप पुल्लिंग के समान ही चलते हैं।

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3. धातुरूपाणि

I. परस्मैपदम्

‘पठ्’ (पढ़ना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 32

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 33

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 34

लोट्लकारः (आज्ञा सूचक)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 35

विधिलिङ्गकारः (चाहिए अर्थ में)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 36

‘गम्’ (जाना) धातुः, विधिलिङ्गलकारः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 37

‘वद्’ (बोलना) धातुः, विधिलिङ्गकारः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 38

‘लिख्’ (लिखना) धातुः विधिलिङ्लकारः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 39

विशेष: :
इसी प्रकार जीव, स्मृ, हस्, खाद्, क्रीड्, पत्, रक्ष्, नम्, दृश्, पा इत्यादि धातुओं के रूप चलेंगे।

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II. आत्मनेपदम्

‘लभ’ (पाना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 40

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 41

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 42

‘सेव्’ (सेवा करना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 43

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 44

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 45

‘वृध्’ (बढ़ना) धातुः
लट्लकारः (वर्तमानकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 46

लङ्लकारः (भूतकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 47

लुट्लकारः (भविष्यकाले)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 48

विशेषः :
इसी प्रकार रुच्, रम्, भाष्, सह, शिक्ष, वृत्, शुभ, यत् इत्यादि धातुओं के रूप चलते हैं।

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4. संस्कृतसंख्या

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 49

5. सन्धि -परिचय

सन्धि का अर्थ है-‘मिलाना’। दो या दो से अधिक वर्णों का मेल सन्धि है। दो वर्णों या बहुत से वर्गों के संयोग से जो रूप परिवर्तन होता है, वह सन्धि है।
सन्धि के भेद :
सन्धि तीन प्रकार की होती है-
(क) स्वर-सन्धिः या अच्-सन्धिः
(ख) व्यंजन-सन्धिः या हल-सन्धिः
(ग) विसर्ग-सन्धिः।

विशेष :
छठी और सातवीं कक्षा में छात्र ने स्वर एवं व्यंजन सन्धि को विस्तृत रूप से पढ़ा है। अतः आठवीं कक्षा में स्वर और व्यंजन सन्धि संक्षेप में और विसर्ग सन्धि विस्तार से पाठ्यक्रम में है।

(क) स्वर-सन्धिः

दीर्घ-सन्धिः
विद्या + आलय = विद्यालयः (आ + आ = आ)
देव + आश्रमः = देवाश्रमः (अ + आ = आ)
मुनि + इन्द्रः = मुनीन्द्रः (इ + इ = ई)
नदी + ईशः = नदीशः (ई + ई = ई)
साधु + उक्तिः = साधूक्तिः (उ+ उ = ऊ)
पितृ + ऋणम् = पितृणम् (ऋ + ऋ = ऋ)

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गुण-सन्धिः
गज + इन्द्रः = गजेन्द्रः (अ + इ = ए)
महा + ईशः = महेशः (आ + ई = ए)
महा + उत्सवः = महोत्सवः (आ + उ = ओ)
सूर्य + उदयः = सूर्योदयः (अ + उ = ओ)
देव + ऋषिः = देवर्षिः (अ+ ऋ = अर्)
तव + लृकारः = तवल्कारः (अ + लृ = अल्)

वृद्धि-सन्धिः
एक + एकम् = एकैकम् (अ + ए = ऐ)
राज + ऐश्वर्यम् = राजैश्वर्यम् (अ + ऐ = ऐ)
तथा + एव = तथैव (आ + ए = ऐ)
जल + ओघः = जलौघः (अ+ ओ = औ)
तव + औषधम् = तवौषधम् (अ+ औ = औ)
सुख + ऋतः = सुखार्तः (अ + ऋ = आर्)

यण-सन्धिः
यदि + अपि = यद्यपि (इ को य्)
सु + आगतम् = स्वागतम् (उ को व्)
पितृ + आज्ञा = पित्राज्ञा (ऋ को र्)

अयादि-सन्धिः
चे + अनमू = चयनम् (ए को अय्)
नै + अकः = नायकः (ऐ को आय्)
भो + अनम् = भवनम् (ओ को अव्)
भौ + उकः = भावुकः (औ को आव्)

पूर्वरूप-सन्धिः
वने + अपि = वनेऽपि (ए के बाद अ को ऽ)
रामो + अपि = रामोऽपि (ओ के बाद अकोऽ)

(स्व) व्यजन-सन्धिः

श्चुत्व-सन्धिः
(हरिः) हरिस् + शेते = हरिश्शेते (स् को श्)
सत् + चरित्रम् = सच्चरित्रम् (त् को च्)
सत् + जनः = सज्जनः (त् को ज्)

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ष्टुत्व-सन्धिः
(रामः) रामस् + षष्ठः = रामष्षष्ठः (स् को ए)
(दुः) दुष् + तः = दुष्टः (त् को ट्)
उत् + डीनः = उड्डीनः (त् को ड्)

जशत्व-सन्धिः
सत् + आचारः = सदाचारः (त् को द्)
अच् + अन्तः = अजन्तः (च को ज्)
दिक् + गजः = दिग्गजः (क् को ग्)
षट् + दर्शनम् = षड्दर्शनम् (ट् को ड्)

चव-सन्धिः
सद् + कारः = सत्कारः (द् को त्)
तद् + परः = तत्परः (द् को त्)

अनुस्वार-सन्धिः
धर्मम् + चर = धर्मंचर (म् को)
पुस्तकम् + पठति = पुस्तकं पठति (म् को)

अनुनासिक-सन्धिः
जगत् + नाथः = जगन्नाथः (त् को न्)
एतत् + मुरारिः = एतन्मुरारिः (त् को न्)

लत्व-सन्धिः
तत् + लयः = तल्लयः (त् को ल्)
उत् + लेखः = उल्लेखः (त् को ल्)

(ग) विसर्ग-सन्धि

परिभाषा :
विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन का मेल होने से जो विकार (परिवर्तन) होता है, वह विसर्ग सन्धि है, जैसे
मनः + रथः = मनोरथः।
मनः + हरः = मनोहरः।

विसर्ग-सन्धि के नियम :
नियम 1.
विसर्ग के बाद ‘च’ या ‘छ्’ हो तो विसर्ग के स्थान पर ‘श्’ होता है।
उदाहरण :
रामः + चलति = रामश्चलति
बालकः + चलति = बालकश्चलति

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नियम 2.
यदि विसर्ग के बाद ‘त्’ अथवा ‘थ्’ हो तो विसर्ग के स्थान पर ‘स्’ हो जाता है।
उदाहरण :
रामः + तिष्ठति = रामस्तिष्ठति
नमः + ते = नमस्ते नियम

नियम 3.
यदि विसर्ग से पहले और बाद में ‘अ’ हो तो विसर्ग और ‘अ’ के स्थान पर ‘ओ’ हो जाता है तथा ‘अ’ के स्थान पर अवग्रह (ऽ) हो जाता है।
उदाहरण :
कः + अयम् = कोऽयम्
कः + अपि = कोऽपि

नियम 4.
यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ हो तथा बाद में ह्रस्व ‘अ’ को छोड़कर अन्य कोई भी स्वर वर्ण हो तो विसर्ग का लोप हो जाता है।
उदाहरण :
कः + आगच्छति = क आगच्छति
देवः + इति = देव इति

नियम 5.
यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ हो और बाद में कोई मृदु व्यजन वर्ण हो अर्थात् किसी भी वर्ग का तृतीय, चतुर्थ, पंचम वर्ण तथा य, र, ल, व्, छ हो तो पूर्व ‘अ’ के स्थान पर ‘ओ’ हो जाता है।
उदाहरण :
शिवः + वन्द्यः = शिवो वन्द्यः
रामः + गच्छति = रामो गच्छति

नियम 6.
यदि विसर्ग से पहले ‘आ’ हो और बाद में कोई स्वर अथवा कोई मृदु व्यंजन हो अर्थात् किसी भी वर्ग का तृतीय, चतुर्थ, पंचम वर्ण य, र, ल, व्, ह होता है तो विसर्ग का लोप हो जाता है।
उदाहरण :
देवाः + आगताः = देवा आगताः
नराः + यान्ति = नरा यान्ति

नियम 7.
विसर्ग से पहले ‘अ’,’आ’ वर्गों को छोड़कर कोई स्वर होता है तथा विसर्ग के बाद कोई स्वर या मृदु व्यञ्जन वर्ण अर्थात् किसी भी वर्ग का तृतीय, चतुर्थ, पंचम वर्ण य, र, ल, व्, ह होता है तो विसर्ग के स्थान पर ‘र’ होता है। यदि बाद में स्वर होता है तो ‘र’ स्वर के साथ मिलता है तथा बाद में व्यंजन वर्ण होता है तो ‘र’ वर्ण का ऊर्ध्वगमनं (रेफा) होता है।
उदाहरण :
भानुः + उदेति = भानुरुदेति
कवेः + गमनम् = कवेर्गमनम्

नियम 8.
‘स:’ और ‘एषः’ इन दोनों विसर्ग के बाद व्यंजन वर्ण होता है तो विसर्ग का लोप होता है।
उदाहरण :
सः + पठति = स पठति
सः + लिखित = स लिखति

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6. समास-परिचय

दो या दो से अधिक शब्दों की विभक्ति हटाकर और उन्हें एक साथ जोड़कर एक शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं। इस प्रकार मिला हुआ पद ‘समस्त पद’ कहलाता है।

समास का अर्थ है’संक्षेप’ करना, अर्थात् दो या दो से अधिक शब्दों को इस प्रकार रख देना, जिससे उनके आकार में कुछ कमी हो जाय और अर्थ पूरा-पूरा निकले। जैसे-
राज्ञः पुरुषः = राजपुरुषः
(राजा का पुरुष) = (राजपुरुष)

समास के भेद-समास के छ: भेद होते हैं-
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 50

संस्कृत के एक याचक की उक्ति में इन सभी समासों का नाम आ गया है। यह उक्ति बहुत प्रसिद्ध है-
द्वन्द्वो द्विगुरपि चाहं मद्गेहे नित्यमव्ययीभावः।
तत्पुरुष कर्मधारय येनाहं स्याम् बहुव्रीहिः॥

1. तत्पुरुषः-समासः

परिभाषा :
प्रायेण उत्तरपदार्थप्रधानस्तत्पुरुषः।
जहाँ पूर्व पद (पहला शब्द) द्वितीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक होता है उत्तर पद (दूसरा शब्द) प्रथम विभक्ति में होता है वहाँ (व्यधिकरण) तत्पुरुष समास होता है। पूर्व पद की विभक्ति के अनुसार ही समास का नामकरण होता है। जैसे-

(क) द्वितीया तत्पुरुषः-इसमें पहला पद द्वितीया विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप हो जाता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 51

(ख) तृतीया तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद तृतीया विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप हो जाता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 52

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(ग) चतुर्थी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद चतुर्थी विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 53

(घ) पञ्चमी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद पंचमी विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 54

(ङ) षष्ठी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद षष्ठी विभक्ति का होता है तथा समासावस्था में उसका लोप होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 55

(च) सप्तमी तत्पुरुषः :
इसमें पहला पद सप्तमी विभक्ति का होता है और समासावस्था में उसका लोप हो जाता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 56

2. द्विगु-समासः

परिभाषा :
सङ्ख्यापूर्वो द्विगुः।
जहाँ पहला पद संख्यावाची होता है तथा दूसरे पद की विशेषता बताता है वहाँ द्विगु समास होता है। द्विगु समास में समूहवाचक अर्थ होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 57

3. कर्मधारयसमासः

परिभाषा :
स चासौ कर्मधारयः।
जहाँ प्रथम पद विशेषण या उपमान तथा द्वितीय पद विशेष्य या उपमेय होता है वहाँ कर्मधारय समास होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 58

4. द्वन्द्वसमासः

परिभाषा :
प्रायेणोभयपदार्थप्रधानो द्वन्द्वः।
जहाँ सभी पदों की प्रधानता होती है वहाँ द्वन्द्व समास होता है। ‘चार्थे द्वन्द्वः’ अर्थात् ‘च’ (और) अर्थ में द्वन्द्व समास होता है।’
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 59

5. बहुब्रीहिसमासः

परिभाषा :
प्रायेण अन्यपदार्थप्रधानो बहुब्रीहि।-
जहाँ सामासिक पदों से अन्य का बोध होता है, वह बहुब्रीहि समास होता है। बहुब्रीहि समास के अन्त में ‘यस्य सः’ (जिसका वह) अथवा ‘येन’ (जिसके द्वारा) शब्द होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 60

6. अव्ययीभावसमासः

परिभाषा :
प्रायेण पूर्वपदार्थप्रधानोऽव्ययीभावः।
जहाँ प्रथम पद प्रधान होता है तथा प्रथम पद अव्यय होता है और द्वितीय पद संज्ञावाचक होता है, वह अव्ययीभाव समास होता है।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 61

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7. कारक-परिचयः

परिभाषा :
क्रियान्वयित्वं कारकम् –
अर्थात् जिस पद का सम्बन्ध साक्षात् क्रिया से होता है, वह ‘कारक’ कहलाता है। कारक छह होते हैं ‘सम्बन्ध’ कारक नहीं है, किन्तु विभक्तियाँ सात होती हैं। कारकों के विषय में कहा गया है कि-

कर्ता कर्म च कारणं न सम्प्रदानं तथैव च।
अपादानाधिकरणमिव्याहुः कारकाणि घट्॥
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 62

विशेष :
सम्बोधन में प्रथमा विभक्ति होती है।

कर्ताकारकम् (प्रथमाविभक्तिः) :
क्रिया के करने वाले को कर्ता कहते हैं। कर्ता कारक में प्रथमा विभक्ति होती है। जैसे-

  1. बालकः गच्छति। (बालक जाता है।)
  2. राम पठति। (राम पढ़ता है।)

कर्मकारकम् (द्वितीया विभक्तिः) :

  • कर्ता जिसको सबसे अधिक चाहता है, वह कर्म कारक’ कहा जाता है। कर्म कारक में द्वितीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. रामः पत्रम् लिखति। (राम पत्र लिखता है।)
    2. बालक पुस्तकम् पठति। (बालक पुस्तक पढ़ता है।) कर्मकारक में यह विशिष्ट नियम है’
  • अभितः, परितः, समया, निकषा, प्रति, अनु, विना इत्यादि के योग में भी ‘द्वितीया विभक्ति’ होती है। जैसे-
    1. ग्रामम् अभितः वृक्षाः सन्ति। (गाँव के दोनों ओर वृक्ष हैं।)
    2. ज्ञानम् विना मुक्तिः नास्ति। (ज्ञान के बिना मुक्ति नहीं है।)
  • ‘गति’ अर्थ वाली धातुओं के योग में ‘द्वितीया विभक्ति’ होती है। जैसे-
    1. सः विद्यालयं गच्छति। (वह विद्यालय जाता है।)
    2. वानरः वृक्षम् आरोहति। (वानर वृक्ष पर चढ़ता है।)

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करणकारकम् (तृतीया विभक्तिः) :

  • जिस साधन से कर्ता अपना कार्य पूर्ण करता है, उस साधन को करण कारक कहते हैं। करण कारक में तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. छात्रः कन्दुकेन क्रीडति। (छात्र गेंद से खेलता है।)
    2. कृष्णः यानेन गच्छति। (कृष्ण विमान से जाता है।) करण कारक में यह विशेष नियम है
  • ‘सह, साकम्, समम्, सार्धम्, अलम् इत्यादि के योग में भी तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. बालकः जनकेन सह गच्छति। (बालक पिता के साथ जाता है।)
    2. अलम् अति रुदितेन। (बहुत ज्यादा मत रोओ।)
  • शरीर के जिस अंग में विकार हो उसमें तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. भिक्षुकः पादेन खञ्जः अस्ति। (भिक्षुक पैर से लँगड़ा है।)
    2. सत्र नेत्रेणः काणः अस्ति।(वह आँख से काना है।)
  • करणबोधक (साधन) शब्दों में तृतीया विभक्ति होती है। जैसे-
    1. श्रमेण सफलता मिलति। (परिश्रम से सफलता मिलती है।)
    2. विद्यया यशः प्राप्यते। (विद्या से यश मिलता है।)

सम्प्रदानकारकम् (चतुर्थी विभक्तिः) :

  • जिसके लिए कोई वस्तु दी जाए अथवा जिसके लिए कोई कार्य किया जाए, वह सम्प्रदान कारक कहलाता है। सम्प्रदान कारक में चतुर्थी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. गीता पुत्राय दुग्धं ददाति।। (गीता पुत्र को दूध देती है।)
    2. बालकः पठनाय विद्यालयं गच्छति।। (बालक पढ़ने के लिए विद्यालय जाता है।)
      सम्प्रदान कारक में यह विशेष नियम है।
  • नमः, स्वस्ति, स्वाहा, स्वधा, अलम्, वषट् के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. श्री गणेशाय नमः। (श्री गणेश को प्रणाम)
    2. विप्रेभ्यः स्वस्ति। (विप्रों का कल्याण हो)
  • ‘रुचि’ अर्थ वाली धातुओं के योग में चतुर्थी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. बालकाय मोदकं रोचते। (बालक को लड्डू अच्छा लगता है।)

अपादानकारकम् (पञ्चमी विभक्तिः) :

  • जिस वस्तु से किसी का अलग होना पाया जाता है, उस वस्तु की अपादान संज्ञा होती है। अपादान कारक में पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. वृक्षात् पत्रं पतति। (पेड़ से पत्ता गिरता है।)
    2. युवकः अश्वात् पतति। (युवक घोड़े से गिरता है।)
      अपादान कारक के ये विशेष नियम हैं।
  • भय, रक्ष्, अर्थ वाली धातुओं के योग में भी पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. बालकः सिंहात् विभेति। (बालक शेर से डरता है।)
  • जुगुप्सा, विरम, प्रमाद अर्थ वाली धातुओं के योग में पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. गुरुः पापात् विरमति। (गुरु पाप से रोकता है।)
  • अन्य, आरात्, इतर, ऋते इत्यादि के योग में पंचमी विभक्ति होती है। जैसे-
    ज्ञानात् ऋते मुक्तिः नास्ति। (ज्ञान के बिना मुक्ति नहीं है।)
  • दूरम्, अन्तिकम् (पास) अर्थ में पंचमी या षष्ठी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. ग्रामस्य ग्रामात् वा अन्तिकम्। (गाँव के पास)

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सम्बन्धः (घष्टी विभाजन) :
हेतु शब्द के प्रयोग में षष्ठी विभक्ति होती है। जैसे-
भिक्षुकः अन्नस्य हेतोः वसति। (भिक्षुक अन्न के लिए रहता है।)

अधिकरणकारकम् (नामी विभक्तिः)

  • आधार को अधिकरण कारक कहते हैं। अधिकरण कारक में सप्तमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. सिंहः वने वसति। (शेर वन में रहता है।)
  • साधुः, असाधुः शब्द के प्रयोग में भी सप्तमी विभक्ति होती है। जैसे-
    1. अहं मित्रेषु साधुः शत्रुषु च असाधुः अस्मि। (मैं, मित्रों के लिए अच्छा और शत्रुओं के लिए बुरा हूँ।)

8. प्रत्ययपरिचयः

परिभाषा :
‘प्रतीयते विधीतते अनेन इति प्रत्ययः।’
धातु अथवा प्रातिपदिक शब्द के अन्त में जुड़कर विशेष अर्थ का जो बोध कराता है वह ‘प्रत्यय’ है।
अथवा
प्रातिपदिक शब्दों या धातुओं के अन्त में जो प्रयुक्त होते – हैं, वे प्रत्यय हैं।
यथा-
कृ + क्तवतु = कृतवान् (किया)
लघु + तरप् = लघुतरः (अधिक छोटा)

प्रत्यय के भेद-प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं-
I. कृत् प्रत्यय :
जो धातुओं के अन्त में जोड़े जाते हैं, वे ‘कृत्-प्रत्यय’ कहलाते हैं। जैसे-क्त्वा, ल्यप्, क्तवतु, तुमुन्, क्त, तव्यत्, अनीयर् इत्यादि।

II. तद्धित प्रत्यय :
जो प्रत्यय प्रातिपदिक शब्दों के अन्त में जोड़े जाते हैं, वे ‘तद्धित प्रत्यय’ कहलाते हैं। जैसे-तरप्, तमप् अण् इत्यादि।

I. कृत्प्रत्ययः :

क्त्वा प्रत्यय :
जब एक क्रिया को समाप्त करके दूसरी क्रिया की जाती है, तब समाप्त होने वाली क्रियार्थक धातु से क्त्वा प्रत्यय होता है। इसका हिन्दी अर्थ ‘करके’ या ‘कर’ है।
उदाहरण :
रामः जलं पीत्वा लिखति ।(राम जल पीकर लिखता है।)

ल्यप् प्रत्यय :
जब धातु से पूर्व कोई उपसर्ग या उपसर्ग-स्थानीय पद प्रयुक्त होता है, तो क्त्वा के स्थान पर ‘ल्यप्’ प्रत्यय का प्रयोग होता है।
उदाहरण :
कृष्णः आगत्य पठति। (कृष्ण आकर पढ़ता है।)

क्त, क्तवतु प्रत्यय :
ये दोनों भूतकाल में प्रयुक्त होते हैं। क्त प्रत्यय का प्रयोग कर्मवाच्य या भाववाच्य में होता है तथा क्तवतु प्रत्यय का प्रयोग कर्तृवाच्य में होता है।
उदाहरण :
मयाः ग्रन्थः लिखितः (मेरे द्वारा ग्रन्थ लिखा गया।)
बालकः लेखं लिखितवान्। (बालक ने लेख लिखा।)

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तुमुन् प्रत्यय :
जाना, जाने को, जाने के लिए, जाने का, जाने में आदि निमित्त अथवा प्रयोजन को प्रकट करने के लिए ‘तुमुन्’ प्रत्यय का प्रयोग होता है। यह चतुर्थी विभक्ति के अर्थ में भी प्रयुक्त होता है।
उदाहरण :
रामः पठितुम् विद्यालयं गच्छति। (राम पढ़ने के लिए विद्यालय जाता है।)

तव्यत्, अनीयर् प्रत्यय :
इन दोनों प्रत्ययों का प्रयोग विधिलिंग लकार का अर्थ प्रकट करने के लिए एवं ‘योग्य’ अर्थ में होता है।
उदाहरण :
रामेण ग्रन्थः ‘पठितव्यः (या) पठनीयः।’ (राम के द्वारा ग्रन्थ पढ़ा जाना चाहिए।)
मध्यप्रदेशः दर्शनीयः अस्ति। (मध्य प्रदेश देखने योग्य है।)
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 63

II. तद्धित-प्रत्ययः

तरप्, तमप् प्रत्यय :
विशेषण शब्दों के भाववर्धन के लिए तरप् (तर) और प्रत्ययों का प्रयोग होता है। विशेषण शब्दों की तीन अवस्थाएँ होती हैं-
(क) सामान्य अवस्था-सुन्दरः रामः सुन्दरः बालकः अस्ति।
(ख) उत्तर-अवस्था-सुन्दरतरः रामः मोहनात् सुन्दरतरः अस्ति।
(ग) उत्तम-अवस्था-सुन्दरतमः रामः सर्वेषु बालकेषु सुन्दरतमः अस्ति।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 64
ठक् (इक्) प्रत्यथ इस प्रत्यय का प्रयोग भवावचक संज्ञा बनाने के लिए होता हैं।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 65

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9. अव्ययपरिचयः

सदृशं त्रिषु लिङ्गेषु सर्वासु च विभक्तिषु।
वचनेषु च सर्वेषु यन्नव्येति तदव्ययम्॥

अर्थात् जिन शब्दों में लिंग, कारक और वचन के कारण किसी प्रकार का विकार (परिवर्तन) नहीं होता और जो प्रत्येक दशा में एक समान रहते हैं, उन्हें अव्यय शब्द कहते हैं।

अव्ययों के भेद-
अव्ययों के पाँच भेद हैं-
(I) उपसर्गः
(II) क्रियाविशेषणम्
(III) चादिः
(IV) समुच्चयबोधकः
(V) विस्मयादिबोधकः

I. उपसर्गः
धातु अथवा धातु से बने अन्य शब्दों (संज्ञा, विशेषण) आदि के पूर्व लगने वाले निम्नलिखित 22 शब्दांशों को उपसर्ग कहते हैं
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 66

II. क्रियाविशेषणम्
जिन शब्दों से क्रिया के काल, स्थान आदि विशेषताओं का बोध होता है, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं। ये अव्यय हैं, इनके रूप नहीं बनते हैं।
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 67
इत्यादि

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III. चादिः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 68
इत्यादि

IV. समुच्चयबोधका:
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 69
इत्यादि

V. विस्मयादिबोधकाः
MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 70
इत्यादि

10. विलोमशब्दपरिचयः

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 71

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11. पर्यायवाचीशब्दपरिचयः

MP Board Class 8th Sanskrit व्याकरण-खण्डः 72

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions

MP Board Class 8th Maths Chapter 11 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 177-178

प्रश्न 1.
यह एक आयताकार बगीचे की आकृति है जिसकी लम्बाई 30 मीटर और चौड़ाई 20 मीटर है। (आकृति 11.2)
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-1

  1. इस बगीचे को चारों ओर से घेरने वाली बाड़ की लम्बाई क्या है?
  2. कितनी भूमि बगीचे द्वारा व्याप्त है?
  3. बगीचे के परिमाप के साथ-साथ अन्दर की तरफ एक मीटर चौड़ा रास्ता है जिस पर सीमेंट लगवाना है। यदि 4 वर्ग मीटर (m2) क्षेत्रफल पर सीमेंट लगवाने के लिए एक बोरी सीमेंट चाहिए तो इस पूरे रास्ते पर सीमेंट लगवाने के लिए कितनी सीमेंट की बोरियों की आवश्यकता है?
  4. इस बगीचे में फूलों की दो आयताकार क्यारियाँ हैं जिनमें से प्रत्येक का आकार 1.5 m x 2m है और शेष बगीचे के ऊपर घास है। घास द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल:
1. बगीचे की लम्बाई 1 = 30 m,
चौड़ाई b = 20 m
बगीचे को चारों ओर से घेरने वाली बाड़ की लम्बाई
= बाग का परिमाप
= 2 x (लम्बाई + चौड़ाई)
= 2 x (30 m + 20 m)
= 2 x 50 m = 100 m

2. बगीचे द्वारा व्याप्त भूमि = बाग का क्षेत्रफल
= l x b
= 30 m x 20 m = 600 m2

3. यहाँ, बाग की लम्बाई AB = 30 m
चौड़ाई BC = 20 m
बाग ABCD का क्षेत्रफल = l x b
= 30 m x 20 m = 600 m2
अब, लम्बाई PQ = 30 m – 2 m = 28 m
चौड़ाई QR = 20 m-2 m = 18 m
PQRS का क्षेत्रफल = l x b
रास्ते पर सीमेंट लगवाने के बाद क्षेत्रफल
= 28 m x 18 m = 504 m2
अब, सीमेंट वाले रास्ते का क्षेत्रफल
= ABCD का क्षेत्रफल – PQRS का क्षेत्रफल
= 600 m2 – 504 m2
= 96 m2
सीमेंट की बोरियों की संख्या
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-2
अतः उपयोग किए जाने वाले सीमेंट की बोरियों की संख्या = 24

4. 1.5 m x 2 m आकार की 2 फूलों की आयताकार
क्यारियों का क्षेत्रफल = 2 x लम्बाई x चौड़ाई
= 2 x 1.5 m x 2 m = 6 m2
घास द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल = PQRS का क्षेत्रफल
– 2 फूलों की क्यारियों का क्षेत्रफल
= (504 – 6)m2 = 498 m2
अत: घास द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल = 498 m2

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पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 178

प्रश्न 1.
1. निम्नलिखित का स्मरण करने और मिलान करने का प्रयत्न कीजिए –
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-3
2. क्या आप उपर्युक्त आकारों में से प्रत्येक के परिमाप का सूत्र लिख सकते हैं?
उत्तर:

1.

(a) (i) → (iv) ax b
(b) (ii) → (i) ax a
(c) (iii) → (iv) \(\frac{1}{2}\) b x h
(d) (iv) → (ii) b x h
(e) (v) → (iii) πb2.

2. हाँ, हम इन आकारों में से प्रत्येक के परिमाप सूत्र लिख सकते हैं –

(a) आयत का परिमाप = 2 (a + b)
(b) वर्ग का परिमाप = 4a
(c) त्रिभुज का परिमाप = त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लम्बाइयों का योग
(d) समान्तर चतुर्भुज का परिमाप = 2 x संलग्न भुजाओं की लम्बाइयों का योग
(e) वृत्त का परिमाप = 2nb

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 179

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प्रयास कीजिए (क्रमांक 11.1)

प्रश्न (a)
निम्नलिखित आकृतियों का उनके क्षेत्रफलों से मिलान कीजिए:
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 11 क्षेत्रमिति Intext Questions img-4
(b) प्रत्येक आकार का परिमाप लिखिए।
उत्तर:
(a)

(a’) → (iii)
(b’) → (ii)
(c’) → (i)
(d’) → (ii)
(e’) → (i).

(b) प्रत्येक आकार का परिमाप:
आकृति (a’) का परिमाप = 2(14 + 7) = 2 x 21
= 42cm
आकृति (b’) का परिमाप = (πr + 14)
= (\(\frac{22}{7}\) x 7 + 14) = 36 cm
आकृति (c’) का परिमाप = (a + b + c)
= (11 + 14+ 9)
= 34 cm
आकृति (d’) का परिमाप = 2(l + b)
=2(14 + 7) cm
=2 x 21 cm
=42 cm
आकृति (e’) का परिमाप = 4 x भुजा
= 4 x 7
= 28 cm

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