MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 18 परमानन्द माधवम्

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 18 परमानन्द माधवम्

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Chapter 18 पाठ का अभ्यास

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए

(क) सदाशिवराव काने का जन्म सन् में हुआ था
(i)23 नवम्बर, 1909
(ii) 21 नवम्बर, 1906
(iii) 23 दिसम्बर, 1989
(iv) 25 दिसम्बर, 1990.
उत्तर
(i) 23 नवम्बर, 1909

(ख) सदाशिवराव कात्रे द्वारा स्थापित बिलासपुर के पास कुष्ठ रोग सेवा का आश्रम है
(i) बेतलपुर
(ii) झाँसी
(iii) चाँपा
(iv) रायपुर।
उत्तर
(iii) चाँपा

(ग) राष्ट्र के लिए कलंक है
(i) मलेरिया
(ii) कुष्ठ रोग
(iii) हैजा,
(iv) दमा।
उत्तर
(ii) कुष्ठ रोग

(घ) सदाशिवराव की मृत्यु सन् में हुई
(i) 16 मई, 1977
(ii) 15 मई, 1975
(iii) 25 जून, 1990
(iv) 30 जून, 1977.
उत्तर
(i) 16 मई, 1977.

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(क) कुष्ठ रोगियों की दुर्दशा देखकर उनका हृदय………… से भर गया।
(ख) सदाशिवराव कात्रे ……………. का व्रत लेकर चाँपा पहुँचे।
(ग) सदाशिवराव कात्रे को ……. के विवाह की चिन्ता थी।
(घ) कुष्ठ रोगियों की चिकित्सा एवं आवास हेतु ……………………ग्राम में स्थान मिल गया।
उत्तर
(क) करुणा
(ख) कुष्ठ निवारण
(ग) अपनी पुत्री
(घ) लखुरौं।

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प्रश्न 3.
एक या दो वाक्यों में उत्तर लिखिए

(क) सदाशिवराव कात्रे का जन्म कहाँ हुआ था ?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे का जन्म मध्य प्रदेश के ‘गुना’ जिले के आरौन ग्राम में हुआ था।

(ख) कुष्ठ रोगी के प्रति घृणा भाव होने का कारण लिखिए।
उत्तर
कुष्ठ रोगी के घावों से द्रव का निरन्तर बहते रहना, और भिनभिनाती मक्खियाँ ही रोगी के प्रति घृणा पैदा करती हैं।

(ग) सदाशिवराव कात्रे ने पुत्री प्रभावती को क्यों पढ़ाया ?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे ने अपनी पुत्री प्रभावती को इसलिए पढ़ाया कि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके। वे सोचते थे कि कुष्ठ रोगी पिता की कन्या का वरण कौन करेगा। इस दृष्टि से उन्होंने अपनी पुत्री को सुशिक्षित कराया।

(घ) समाज का सकारात्मक दृष्टिकोण कैसे विकसित होने लगा?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे ने आश्रम में रामचरितमानस और महाभारत के अनेक उदाहरण देकर कुष्ठ रोग के प्रति सेवाभाव एवं सहयोग को राष्ट्रीय गुण के रूप में लोगों के हृदय में जगाया। उन्होंने खुद कुदाल से खोदकर बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया। सदाशिवराव कात्रे के अथक परिश्रम एवं राष्ट्र भक्ति के भाव से समाज का सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होने लगा।

(ङ) सदाशिवराव कात्रे ने किसकी प्रेरणा से कुष्ठ रोगियों की सेवा का कार्य प्रारम्भ किया ?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे कुष्ठ निवारण का व्रत लेकर चले तो उनकी मुलाकात मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल महामहिम हरिभाऊ पाटस्कर से हो गई। उन्होंने कुष्ठ रोगियों की सेवा के विषय में चर्चा की। इस तरह राज्यपाल महोदय से प्रेरणा प्राप्त करके सदाशिवराव कात्रे ने कुष्ठ रोगियों की चिकित्सा और आवास के लिए स्थान प्राप्त करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए।

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प्रश्न 4.
तीन से पांच वाक्यों में उत्तर दीजिए

(क) ‘सदाशिवराव कात्रे में जिजीविषा स्पष्ट दिखाई देती थी’, ऐसा क्यों कहा गया है?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे को कुष्ठ रोग ने घेर लिया। सभी लोग घृणा करते थे। परिवार के लोगों ने उनके खानपान और रहने की व्यवस्था अलग कर दी। वे उस रोग के विषय में अज्ञानी थे। रोग के कारण द्रव लगातार बहता रहता था, मक्खियाँ भिनभिनाती रही जिससे लोगों में घृणा पैदा हो रही थी। उन्हें धैर्य और स्नेह करने वाला कोई भी नहीं था। जीवन में घृणा, दुराव और निराशा भर गई थी। परन्तु फिर भी उनके अन्दर जीवन जीने की लालसा स्पष्ट दीख पड़ती थी। उन्होंने इन सभी विपरीत स्थितियों में कुष्ठ रोग को दूर करने का व्रत लिया और सुनियोजित प्रयास किए। इससे लगता था कि उनमें जिजीविषा विद्यमान थी।

(ख) सदाशिवराव कात्रे ‘परमानन्द माधवम्’ क्यों कहलाए?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे को परमानन्द माधवम् इसलिए कहा जाता था कि उन्होंने अपने जीवन के अन्तिम समय तक बिना किसी स्वार्थ के कुष्ठ रोग से पीड़ितों की सेवा के लिए आश्रम व चिकित्सालय की स्थापना की। वे कुष्ठ रोग को राष्ट्र के लिए कलंक कहते थे। आश्रम में हर क्षण भगवत् भजन और संकीर्तन चलता रहता था। उनके प्रयासों से कुष्ठ रोगियों को सेवा और उपचार मिलने लगा। समाज में सही धारणा बनने लगी। साथ ही सदाशिव का अर्थ परमानन्द और गोविन्द का नाम माधव (कृष्ण) भी है। इसलिए उन्हें परमानन्द माधवम् कहा जाने लगा।

(ग) भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, चाँपा की स्थापना कब और कैसे हुई ?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे ने कुष्ठ रोगियों के इलाज का व्रत लिया। उनकी भेंट मध्य प्रदेश के राज्यपाल महामहिम हरिभाऊ पाटस्कर से हुई। कुष्ठ रोगियों की सेवा के विषय पर चर्चा हुई। उनसे प्रेरणा लेकर कुष्ठ रोगी होते हुए भी उनकी सेवा के कार्य में खुशी-खुशी लगे रहे। सदाशिवराव कात्रे की योजना के अनुसार कुष्ठ रोगियों की चिकित्सा एवं आवास के लिए लखु नामक ग्राम में स्थान मिल गया। यह स्थान चौपा से दस किमी. दूर है। सन् 1962 ई. में यह आश्रम भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, चाँपा के नाम से स्थापित हो गया।

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प्रश्न 5.
सोचिए और बताइए

(क) “प्रकृति ने भी सदाशिवराव कात्रे के साथ क्रूर उपहास किया”, ऐसा क्यों कहा गया है ?
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे के पिता का देहावसान उस समय हो गया जब इनकी आयु आठ वर्ष थी। इनकी शिक्षा ‘काका’ के यहाँ झाँसी में हुई। शिक्षा पाकर इन्हें रेलवे में नौकरी मिल गई। सन् 1930 ई. में इनका विवाह हो गया। इसी बीच उन्हें कुष्ठ रोग ने घेर लिया। इन्हें अपनी अल्पायु से ही आपदाओं ने घेरा हुआ था। इस प्रकार यह कि ‘प्रकृति ने भी सदाशिवराव कात्रे के साथ क्रूर उपहास किया’ कहा गया है। कुष्ठ रोग भयानक रोग है जिससे समाज और अपने भी छूट जाते हैं।

(ख) आश्रम में रहकर कोई कार्य करने हेतु तैयार नहीं होता था, क्यों?
उत्तर
कुष्ठ रोगियों के आश्रम में सेवा करने के लिए कोई भी तैयार नहीं होता था क्योंकि रोगियों के अंगों से रिसता द्रव,भिनभिनाती मक्खियाँ जो घृणा का भाव पैदा करती थीं। आश्रम में कुष्ठ रोगियों के प्रति अछूत जैसी दशा, धैर्य और अपनेपन की कमी थी।

(ग) कुष्ठरोगियों की दुर्दशा देखकर सदाशिवराव कात्रे के हृदय में करुणा उत्पन्न होने के दो कारण लिखिए।
उत्तर
सदाशिवराव कात्रे के हृदय में करुणा उत्पन्न होने के दो कारण थे

  1. कुष्ठ रोगियों की दशा अछूत जैसी होना, घर-परिवार से अलग कर देना।
  2. उन रोगियों के प्रति घृणा एवं अपनापन से रहित मानकर उपेक्षा भरा जीवन, सामाजिक असम्मान और घृणास्पद व्यवहार।

(घ) चाँपा नगर के प्रतिष्ठित जन कुष्ठ रोगियों की सेवा हेतु कैसे प्रेरित हुए?
उत्तर
चांपा नगर के आश्रम में कुष्ठ रोगियों के लिए चिकित्सा और आवास के लिए लखुरौं ग्राम में स्थान मिल गया। यह संस्था पंजीबद्ध हो गई। सदाशिवराव के प्रयासों से, रामचरितमानस और महाभारत के उदाहरणों से लोगों में कुष्ठ रोग के प्रति सेवा भाव जगने लगा। चाँपा के प्रतिष्ठावान और समझदार उदार व्यक्तियों में कुष्ठरोग के प्रति सेवाभाव एवं सहयोग को राष्ट्रीय गुण के रूप में जगाया। इस प्रकार सदाशिवराव के अथक परिश्रम और राष्ट्रभक्ति के भाव से लोगों में सकारात्मक सोच पैदा होने लगी।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए
पौराणिक, संचालित, चिकित्सा, संवेदनशील, करुणा।
उत्तर
अपने अध्यापक महोदय की सहायता से उच्चारण कीजिए और अभ्यास कीजिए।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों की शुद्ध वर्तनी लिखिए
(i) असरम
(ii) देहवसान
(iii) दैदिप्यमान
(iv) अंतद्वर्द्ध
(v) राष्ट्र।
उत्तर
(i) आश्रम
(ii) देहावसान
(iii) दैदीप्यमान
(iv) अन्तर्द्वन्द्व
(v) राष्ट्र।

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प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग बताइए
(i) दुर्दशा
(ii) उपचार
(iii) अज्ञान
(iv) अनुभव
(v) विज्ञापन।
उत्तर
(i) दुर + दशा
(ii) उप + चार
(iii) अ + ज्ञान
(iv) अनु + भव
(v) वि + ज्ञापन।

प्रश्न 4.
‘आई’ प्रत्यय लगाकर पाँच शब्द लिखिए
उत्तर
भलाई, लिपाई, पुताई, लिखाई, पढ़ाई, बुराई।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों का संधि विच्छेद कीजिए
(i) चिकित्सालय
(ii) देहावसान
(iii) विवाहोपरान्त
(iv) अल्पायु
(v) मतावलम्बी।
उत्तर
(i) चिकित्सा + आलय
(ii) देह + अवसान
(iii) विवाह + उपरान्त
(iv) अल्प + आयु
(v) मत + अवलम्बी।

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग | कीजिए
(i) आत्मबल
(ii) व्यवस्था
(iii) संतोष
(iv) कुष्ठरोगी
(v) जन्म।
उत्तर-
(i) आत्मबल = आत्मबल से ही मुशीबतों पर विजय पा सकते हैं।
(ii) व्यवस्था = आश्रम की व्यवस्था में सभी सदस्यों के सहयोग की जरूरत है।
(iii) सन्तोष = सन्तोष से जीवन सुखी होता है।
(iv) कुष्ठ रोगी= कुष्ठ रोगी से लोग घृणा करने लगते हैं।
(v) जन्म = जन्म से कोई बड़ा-छोटा नहीं होता है।

परमानन्द माधवम्प रीक्षोपयोगी गद्यांशों की व्याख्या 

(1) रोग के प्रति अज्ञानता, रोग से रिसने वाला द्रव और भिनभिनाती मक्खियाँ ही रोगी के प्रति घृणा पैदा करती हैं। जिन परिस्थितियों में रोगी को अधिक ढाढ़स, अपनापन और स्नेह की आवश्यकता होती है, उन परिस्थितियों में निरन्तर घृणा और दुराव जीवन में नैराश्य का भाव पैदा करता है लेकिन इन सब परिस्थितियों में भी सदाशिवराव की जिजीविषा स्पष्ट दिखाई देती थी।

सन्दर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक भाषा-भारती’ के पाठ ‘परमानन्द माधवम्’ से ली गई हैं। इस पाठ के लेखक ‘भागीरथ कुमरावत’ हैं।

प्रसंग-इन पंक्तियों में बताया गया है कि सदाशिवराव कुष्ठ रोगी थे। विपरीत परिस्थितियों में भी उनमें जीवन जीने की प्रबल इच्छा थी।

व्याख्या-लेखक कहता है कि इस कुष्ठ रोग के विषय में जानकारी न होना तथा इस रोग के कारण शरीर से धीरे-धीरे बहता हुआ पदार्थ तथा ऊपर से मक्खियों का लगातार भिनभिनाते रहना, उस रोगी के प्रति घृणा भाव पैदा करता है। ऐसी दशा में रोगी को धैर्य बँधाने की जरूरत होती है। उसके प्रति अपनापन और प्रेम रखने की आवश्यकता होती है, परन्तु उस गम्भीर दशा में लोग ऐसे रोगी से लगातार घृणा करते हैं। अपनेपन के भाव को छिपा लेते हैं। उस दशा में उस रोगी के हृदय में जीवन के प्रति निराशा की भावना पैदा हो जाती है। इस तरह की विपरीत परिस्थितियों में रहते हुए भी सदाशिवराव के अन्दर जीवन को जीने की इच्छा साफ दीख पड़ती थी।

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(2) सदाशिवराव सोचते थे कि यदि कुष्ठ के कलंक से राष्ट्र को मुक्त करना है तो राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक का सहभाग इसमें होना चाहिए। रोग मुक्त समाज होगा तो राष्ट्र बलवान होगा। यह सद्भाव लेकर सदाशिवराव ने तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति महोदय डॉ. राधाकृष्णन को पत्र लिखा। राष्ट्रपति महोदय ने पत्र पाकर इनके कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा तो की ही साथ-ही-साथ इन्हें प्रशंसा पत्र और एक हजार रुपये का योगदान भी भेजा। इस प्रकार सदाशिवराव के कार्यों को समाज द्वारा मान्यता मिलने लगी जिससे उनका मनोबल यह कार्य करने में और भी बढ़ गया।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-सदाशिवराव ने अपने राष्ट्र से कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए संकल्प लिया और समाज ने उनके कार्य को महत्व देना शुरू कर दिया।

व्याख्या-सदाशिवराव की चिन्तन शैली में एक बात जोर पकड़ती नजर आने लगी कि यदि पूरे राष्ट्र से कुष्ठ रोग को दूर करना है, तो इस प्रयास में भारत के प्रत्येक नागरिक को अपना सहयोग देना चाहिए। कुष्ठ रोग भारत के लिए कलंक है। इस रोग से यदि राष्ट्र मुक्ति पा सका तो समझिए पूरा देश शक्तिशाली हो सकेगा। किसी भी रोग से रहित नागरिक स्वस्थ राष्ट्र की नींव रखते हैं। इसी अच्छी भावना के साथ उन्होंने उस समय के देश के राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन को एक पत्र लिखा और उस पत्र में उन्होंने अपनी कार्य-योजना का विवरण भी दिया जिसे पढ़कर राष्ट्रपति महोदय बहुत प्रभावित हुए और सदाशिवराव के इस कार्य की बार-बार प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने उनको एक प्रशंसा पत्र तथा एक हजार का योगदान भी भेजकर अपने सहयोग की पहल की। इसका प्रभाव यह हुआ कि सदाशिवराव द्वारा चलाए गए कार्यों को समाज ने महत्व प्रदान किया। इसका नतीजा यह हुआ कि सदाशिवराव को मानसिक बल प्राप्त हुआ और वे अपने कार्य में पूरी मजबूती से लग गए।

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MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 17 संकल्प

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 17 संकल्प

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Chapter 17 पाठ का अभ्यास

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए

(क) संकल्प लेकर आगे बढ़ें
(i) मन में
(ii) तन में,
(iii) आँखों में
(iv) साँसों में।
उत्तर
(i) मन में

(ख) हार बनता है
(i) धूल से
(ii) फूल से
(iii) धूप से
(iv) कंकड़ से।
उत्तर
(ii) फूल से।

प्रश्न 2.
सही शब्द चयन कर रिक्त स्थान भरिए(चुन-चुनकर, गिर-गिरकर, गरज-गरज)

(क) बादल बनकर ……….वह धरती पर बरसे।
(ख) ………… चलना सीखेंगे, गिरने से न डरें।
(ग) ………………. कर गूंथे सुमनों से, बनें हार अनगिन हाथों
उत्तर
(क) गरज-गरज
(ख) गिर-गिरकर
(ग) चुन| चुनकर।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए

(क) आत्म-विश्वास कब बढ़ता है ?
उत्तर
कार्य करने से आत्म-विश्वास बढ़ता है।

(ख) ‘उद्गम रूप धरें’ का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
‘उद्गम रूप धरै’ का आशय यह है कि लगातार वर्षा होने से छोटी-छोटी बूंदें भी नदी का उद्गम स्थल बन जाती हैं।

(ग) धरती फल कब देती है ?
उत्तर
जलाशयों के जल को सूर्य की किरणें जब भाप बना देती हैं, भाप बादल बन जाती है, बादलों के बरस पड़ने पर, ताप सहने वाली धरती जल को सोख लेती है, फिर धरती अपने अन्दर से बीज को उगाकर फल देने लगती है।

(घ) बादल कैसे बनते हैं ?
उत्तर
जल सूर्य की किरणों से भाप बन जाता है, वही भाप बादल बन जाती है।

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(ङ) कविता में संकल्प करने पर क्यों बल दिया गया
उत्तर
कविता में कवि ने मन में अच्छी शुद्ध कामना-पवित्र विचारपूर्वक कार्य करने पर बल दिया है। इससे मनुष्य अपने सुविचारित कार्य में सफलता प्राप्त करता है।

(च) सुमनों का हार किस प्रकार बनता है ?
उत्तर
अनेक हाथों से एक-एक कर तोड़े गए एवं एकत्र किए गए फूलों को धागे में पिरोने पर हार बनता है। सहयोग और कार्य को निरन्तर करते रहने पर ही उसका फल आकर्षक हार के रूप में प्राप्त होता है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पद्यांशों का भाव स्पष्ट कीजिए

(क) एक बूंद गिरकर सूखेगी, बार-बार गिर घट भर देगी। बिना रुके जो बूंदें गिरी, उद्गम रूप धरें।

(ख) चुन-चुनकर गूंथे सुमनों से, बने हार अनगिन हाथों से। मन में ले संकल्प विजय का, आगे बढ़े चलें।
उत्तर
‘सम्पूर्ण पद्यांशों की व्याख्या’ के अन्तर्गत पद्यांश संख्या । व4 का अध्ययन कीजिए।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिएविश्वास, जलाशय, दुर्गम, उद्गम, संकल्प।
उत्तर
अपने अध्यापक महोदय की सहायता से उच्चारण करना सीखिए और अभ्यास कीजिए।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए
(i) बूंदें
(ii) सकल्प
(iii) दुरगम
(iv) किरने
(v) परबत।
उत्तर
(i) बूंदें
(ii) संकल्प
(iii) दुर्गम
(iv) किरणें
(v) पर्वत।

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प्रश्न 3.
दिए गए शब्दों में से विलोम शब्दों की सही जोड़ी बनाइए-
(i) विश्वास
(ii) पराजय
(iii) धरती
(iv) सुगम
(v) आकाश
(vi) जय
(vii) दुर्गम
(viii) अविश्वास।
उत्तर
शब्द -विलोम शब्द
(i) विश्वास – (viii) अविश्वास
(ii) पराजय – (vi) जय
(iii) धरती – (v) आकाश
(iv) सुगम – (vii) दुर्गम

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए
(क) पथ
(ख) प्रतिदिन
(ग) बादल
(घ) विजय
(ङ) काँटा।
उत्तर
(क) पथ = संकल्प लेकर आगे बढ़ने से पथ की बाधाएँ समाप्त हो जाती हैं।
(ख) प्रतिदिन = ईश्वर की पूजा करके प्रतिदिन का कार्य प्रारम्भ करने से विजय मिलती है।
(ग) बादल = बादल गरजते हैं और बरसते हैं।
(घ) विजय =संकल्पित होकर विजय पथ पर आगे बढ़ते रहो।
(ङ) काँटा = उत्साह भरे मन से आगे बढ़ते हुए मार्ग के कौट भी फूल बन जाते हैं।

प्रश्न 5.
भिन्न अर्थ वाले शब्द को छाँटकर लिखिए
(i) नदी = तटिनी, सरिता, सविता, तरंगिणी।
(ii) पर्वत = गिरि, पहाड़, अचल, पाहन।
(iii) सागर = समुद्र, पीयूष, जलधि, उदधि।
(iv) फूल = पुष्प, सुमन, कुसुम, लता।
(v) धरती = गगन, पृथ्वी, भू, धरा।
उत्तर
(i) सविता
(ii) पाहन
(iii) पीयूष
(iv) लता
(v) गगन।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित पंक्तियों में से अनुप्रास अलंकार पहचानकर लिखिए
(क) दुर्गम पथ पर्वत सम बाधा।
(ख) बार-बार गिर घट भर देगी।
(ग) गिर-गिरकर चलना सीखें।
(घ) गरज-गरजकर बादल बरसें।
उत्तर
(क)

  • पथ-पर्वत
  • दुर्गम-सम।

(ख)

  • बार-बार
  • गिर-भर।

(ग) गिर-गिरकर।
(घ) गरज-गरजकर ।

संकल्प सम्पूर्ण पद्यांशों की व्याख्या

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(1) पथ की बाधाएँ गिनने से, निज विश्वास घटे।
करने से होता है सब कुछ, करना शुरू करें।
एक बूंद गिरकर सूखेगी, बार-बार गिर घट भर देगी।
बिना रुके जो बूंदें गिरती, उद्गम रूप धरें।
गिर-गिरकर चलना सीखेंगे, गिरने से न डरें।।

शब्दार्थ-पथ = मार्ग। बाधाएँ = रुकावटें। घट = घड़ा। उद्गम = निकलना, उत्पन्न होना।

सन्दर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘भाषाभारती’ के पाठ ‘संकल्प’ से ली गई हैं। इस कविता के रचयितालक्ष्मीनारायण भाला ‘अनिमेष’ हैं।

प्रसंग-मार्ग में आने वाली बाधाओं के गिनने से अपना विश्वास कम हो जाता है।

व्याख्या-कवि का तात्पर्य यह है कि कोई भी काम करने पर ही होता है, उस कार्य को करना प्रारम्भ कीजिए। उस कार्य के करने के मार्ग में आने वाली रुकावटों की गिनती मत करो। ऐसा करने से तो आत्म-विश्वास घट जाता है। आकाश से एक बूंद गिरती है, तो वह सूख ही जाती है, लेकिन वही बूंद बार-बार गिरेगी, तो वह एक घड़े को भर देती है। बूंदों के गिरने की निरन्तरता किसी भी नदी का उद्गम बन जाती है अर्थात् नदी के प्रवाह को रूप दे देती है। इसलिए बार-बार गिरते-पड़ते रहने से हम चलना सीखते हैं। गिरमे से कभी नहीं डरना चाहिए। तात्पर्य यह है कि जीवन में विफलताएँ तो आती हैं, पर उनसे निराश नहीं होना चाहिए। विफलताएँ ही सफलता की सीढ़ियाँ हुआ करती हैं।

(2) नदियों का उद्गम अति छोटा, दुर्गम-पथ,
पर्वत सम बाधा।
बिना थमे चलती जब धारा, सागर गले मिले।
चलने से मंजिल पायेंगे, चलना शुरू करें।

शब्दार्थ-दुर्गम पथ = कठिनाई भरा मार्ग। बाधा = रुकावटें। गले-मिले = मिल जाती है। मंजिल पाना = अपने पहुँचने के स्थान तक पहुँच जाते हैं।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-कोई भी कार्य करने से ही पूरा होता है। चलते रहने से अपने अभीष्ट स्थान तक पहुंच जाते हैं।

व्याख्या-नदी अपनी उत्पत्ति स्थल पर बहुत छोटे आकार की होती है। उसका मार्ग बहुत कठिनाई भरा होता है। मार्ग में पर्वत जितनी ऊँची रुकावटें आती हैं लेकिन बिना रुके लगातार जब वह जल की धारा चलती रहती है, बहती रहती है, तो समुद्र से मिल जाती है। उसी तरह हे मनुष्यो ! जब आप चलना प्रारम्भ कर देंगे, तो निश्चय ही अपनी मंजिल प्राप्त करने में सफल हो जायेंगे, अत: तुम्हें चलना तो शुरू कर देना चाहिए।

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(3) जलाशयों पर किरणें पड़तीं,
प्रतिदिन जल वाष्य में बदलतीं।
बादल बनकर गरज-गरज वह धरती पर बरसे।
ताप सहे, जल को भी सोखे, धरती फल उगले॥

शब्दार्थ-जलाशय = तालाब या झील। वाष्प = भाप। ताप = गर्मी। फल उगले = फसल के रूप में फल देती है।

सन्दर्भ-पूर्व की भाँति।

प्रसंग-तालाबों का जल सूर्य की किरणों के द्वारा भाप बनता है, वर्षा होती है और धरती से फसल रूप में फल की प्राप्ति होती है।

व्याख्या-कवि कहता है कि तालाबों-झीलों के ऊपर पड़ने वाली सूर्य की किरणें उनके जल को प्रतिदिन भाप के रूप में बदलती रहती हैं, वही भाप बादल बन जाती है। बादल गरज-गरज कर जमीन पर बरस पड़ते हैं। यह धरती सूरज की गर्मी को सहन करती है, बादलों से बरसते जल को सोख लेती है और फिर फसल रूप में अपनी सम्पूर्ण प्रक्रिया का फल हमें देती है। कष्टों की गर्मी जल से शान्त होकर हमें सरस फल देती है। हम सुखी हो जाते हैं।

(4) चुन-चुनकर गूंथे सुमनों से,
बनें हार अनगिन हाथों से।
मन में ले संकल्प विजय का, आगे बढ़े चलें।
कौन भला रोकेगा जब हम, काँटों से न डरें।

शब्दार्थ-सुमन = फूल। अनगिन = अनेक। संकल्प = प्रण, प्रतिज्ञा। काँटों से = बाधाओं से।

सन्दर्भ-पूर्व की भाँति।

प्रसंग-प्रण करके, संकल्प धारण करके ही जीत पाई जा सकती है।

व्याख्या-एक-एक फूल चुनकर अनेक हाथों से गूंथे जाने पर ही हार (माला) बन पाता है। यदि जीत पाने का हम संकल्प ले लेते हैं, और विजय-पथ पर आगे बढ़ते जाते हैं, तो निश्चय ही हमें कौन रोक सकता है, जीत पाने से। हमें केवल आने वाली रुकावटों से, बाधाओं से डरना नहीं चाहिए।

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MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 16 श्रम की महिमा

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 16 श्रम की महिमा

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Chapter 15 पाठ का अभ्यास

प्रश्न 1.
सहा विकल्प चुनकर लिखिए

(क) धरती में बीज बोता है
(i) लोहार
(ii) किसान
(iii) जमींदार
(iv) सफाईकर्मी।
उत्तर
(ii) किसान

(ख) सूत कातकर कपड़ा बुनता है
(i) बढ़ई
(ii) कुम्हार
(iii) जुलाहा
(iv) व्यापारी।
उत्तर
(iii) जुलाहा

(ग) बापूजी से मिलने पहुँचे
(i) शिक्षक
(ii) वकील
(iii) डॉक्टर
(iv) मुखिया।
उत्तर
(ii) वकील

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(घ) बापूजी पूजा के समान मानते थे
(i) भाषण देना
(ii) श्रम करना,
(iii) लेख लिखना
(iv) घूमना।
उत्तर
(ii) श्रम करना।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(क) किसान धरती में ……….. गाड़ता है।
(ख) गाँधीजी अनाज से …….. चुनते थे।
(ग) गाँधीजी को काम ……….. से करना भाता था।
(घ) गाँधीजी कपास के जैसा ही धुनते थे।
उत्तर
(क) बीज
(ख) कंकड़
(ग) सफाई
(घ) जुलाहों।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

(क) “इसलिए यह बड़ा और वह छोटा” पंक्ति से कवि का क्या आशय है?
उत्तर
कवि का इस पंक्ति से आशय यह है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी काम को करने से छोटा या बड़ा नहीं होता है।

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(ख) आश्रम के कार्य गाँधीजी स्वयं क्यों करते थे ?
उत्तर
गाँधीजी आश्रम के कार्य स्वयं ही करते थे क्योंकि उनके लिए श्रम करना (कार्य करना) ही ईश्वर की पूजा करने के समान था। गाँधीजी की यही विचारधारा थी, यही
उनका दर्शन था।

(ग) ऐसे थे गांधीजी’ सम्बोधन में कवि का संकेत क्या है?
उत्तर
‘ऐसे थे गाँधीजी’ सम्बोधन में कवि का संकेत इस बात की ओर है कि श्रम को ही गाँधी ईश्वर मानते थे। कर्म करना ईश्वर की पूजा करना है। वे आश्रम के हर कार्य को चाहे वह सूत कातना हो, अनाज से कंकड़ अलग करना हो, कपास धुनना हो, चक्की पीसना हो, कपड़ा बुनना हो-स्वयं किया करते थे।

(घ) गाँधीजी ने सेवा के काम को ईश्वरीय कार्य क्यों माना है?
उत्तर
काम करने के पीछे जो भावना है, वह सेवा की है, सेवा किसी भी जीव की क्यों न हो, वह तो सेवा का कार्य। सेवा में समर्पण, त्याग और निष्ठा का भाव होता है। इसलिए सेवा का कार्य ईश्वरीय माना गया।

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(ङ) इस कविता से आपको क्या सीख मिलती है ?
उत्तर
इस कविता से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने सभी कार्य अपने हाथ से करने चाहिए। काम करने से कोई भी व्यक्ति नीचा-ऊँचा अथवा बड़ा या छोटा नहीं होता है। काम करने के पीछे सेवा की भावना होती है। सेवा का कार्य ही ईश्वर की पूजा है।

(च) गाँधीजी छोटे से छोटे कार्य को भी महत्व क्यों देते थे?
उत्तर
छोटे से भी छोटा कार्य भी महत्वपूर्ण होता है। इस कार्य के करने के पीछे सेवा की भावना होती है। उस सेवा में ईश्वर की सेवा छिपी है। इसलिए गाँधीजी छोटे से छोटे कार्य को भी महत्व देते थे। प्रत्येक छोटे कार्य से ही बड़े कार्य को करने का मार्ग खुलता है। काम करने की भावना पुष्ट होती है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए

(क) ‘सेवा का हर काम, हमारा ईश्वर है भाई।’
(ख) ‘एक आदमी घड़ी बनाता, एक बनाता चप्पल।’
इसीलिए यह बड़ा, और वह छोटा, इसमें क्या बल।’
(ग) “ऐसे थे गाँधीजी, ऐसा था उनका आश्रम,
गाँधीजी के लेखे पूजा के समान था श्रम।’
उत्तर
सम्पूर्ण पद्यांशों की व्याख्या के अन्तर्गत पद्यांश सं. 4, 1 व 3 की व्याख्या देखें।

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भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए
सड़क, घड़ी, आश्रम, ईश्वर।।
उत्तर
अपने अध्यापक महोदय की सहायता से शुद्ध उच्चारण करना सीखिए और अभ्यास कीजिए।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए
(i) पूस्तक
(ii) जूलाहो
(iii) इश्वर
(iv) ऊतसाह।
उत्तर
(i) पुस्तक
(ii) जुलाहों
(iii) ईश्वर
(iv) उत्साह।

प्रश्न 3.
(अ) स्तम्भ में तद्भव और (ब) स्तम्भ में उनके तत्सम शब्द दिए गए हैं, उन्हें सम्बन्धित शब्द से जोड़िए
MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 16 श्रम की महिमा 1
उत्तर
(क)→ (vi), (ख) → (iv), (ग) → (v), (घ) →(iii), (ङ) →(i), (च) →(i)

प्रश्न 4.
स्तम्भ’क’ में दिए गए महावरों को स्तम्भ’ख के गलत क्रम में रखे उनके अर्थ से सही क्रम में मिलाइए
MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 16 श्रम की महिमा 2
उत्तर
(अ) → (iv), (ब) → (iii), (स) → (ii), (द) →(i)

प्रश्न 5.
दी गई वर्ग पहेली में गाँधीजी के जीवन से जुड़ी पाँच वस्तुएँ हैं, उन्हें छाँटकर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखिए
MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 16 श्रम की महिमा 3
उत्तर
(1) चश्मा
(2) लाठी
(3) खादी की धोती
(4) घड़ी
(5) चरखा

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प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
(i) व्यापारी
(ii) कपड़ा
(iii) आदमी
(iv) चक्की ।
उत्तर
(i) व्यापारी-व्यापारी देश-विदेश को माल भेजते हैं और मैंगाते हैं।
(ii) कपड़ा-जुलाहे कपड़ा बुनते हैं।
(iii) आदमी-आदमी अपना काम स्वयं करता है।
(iv) चक्की-चक्की से अनाज पीसा जाता है।

श्रम की महिमा सम्पूर्ण पद्यांशों की व्याख्या

1) तुम कागज पर लिखते हो
वह सड़क झाड़ता है
तुम व्यापारी
वह धरती में बीज गाड़ता है।
एक आदमी घड़ी बनाता
एक बनाता चप्पल
इसीलिए यह बड़ा और वह छोटा
इसमें क्या बल।

शब्दार्थ-बीज गाड़ता = बीज बोता है। बल = महत्वपूर्ण बात।

सन्दर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘भाषा| भारती’ के ‘श्रम की महिमा’ शीर्षक कविता से अवतरित हैं। इस कविता के रचयिता कवि भवानी प्रसाद मिश्र’ हैं।

प्रसंग-काम कोई भी हो, उससे कोई ऊँचा-नीचा, छोटा या बड़ा नहीं होता है।

व्याख्या-कवि कहता है कि एक तुम हो, कागज पर लिखते हो और एक वह जो सड़क की सफाई करता है। तुम व्यापार करने वाले हो सकते हो या वह व्यक्ति जो खेतों में बीज बोता है, इसलिए वह किसान है। एक वह व्यक्ति जो घड़ी बनाता है या उसकी मरम्मत करता है, साथ ही वह व्यक्ति जो चप्पल बनाता या उनकी मरम्मत करता है। इस आधार पर कोई छोटा या बड़ा हो सकता है क्या ? अर्थात् नहीं। इस बात में कोई बल नहीं है, अर्थात् यह बात महत्वपूर्ण नहीं है।

(2) सूत कातते थे गांधी जी
कपड़ा बुनते थे,
और कपास जुलाहों के जैसा ही
धुनते थे
चुनते थे अनाज के कंकर
चक्की घिसते थे
आश्रम के कागजयाने
आश्रम में पिसते थे
जिल्द बाँध लेना पुस्तक की
उनको आता था
हर काम सफाई से
नित करना भाता था।

शब्दार्थ-चक्की घिसते थे = चक्की चला कर दाना पीसते थे, आटा बनाते थे। नित = रोजाना। भाता था = अच्छा लगता था।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-महात्मा गाँधी अपने आश्रम में अपने सारे काम अपने हाथ से करते थे।

व्याख्या-गाँधीजी अपने आश्रम में रहते हुए, सूत कातते थे। उससे कपड़ा बुनते थे। साथ ही जुलाहों से भी बढ़िया ढंग से कपास धुनते थे। अनाज में से कंकड़ आदि चुनकर अलग करते और अनाज को साफ करके, अपने आप ही चक्की से आटा बनाते थे। वे पुस्तकों की जिल्द भी बनाना जानते थे। उन्हें प्रत्येक काम सफाई से करना प्रतिदिन ही अच्छा लगता था। कहने का तात्पर्य यह है कि महात्मा गाँधी अपने काम करने के लिए किसी पर भी निर्भर नहीं रहते थे।

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(3) ऐसे थे गांधी जी
ऐसा था मका आश्रम
गांधी जी के लेखे
पूजा के समान था श्रम।
एक बार उत्साह-ग्रस्त
कोई वकील साहब
जब पहुँचे मिलने
बापूजी पीस रहे थे तब।

शब्दार्थ-लेखे = अनुसार। श्रम = काम करना। पीस रहे थे = चक्की चलाकर अनाज से आटा बना रहे थे।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह। प्रसंग-गांधीजी श्रम को ही ईश्वर की पूजा मानते

व्याख्या-गांधीजी और उनका आश्रम ऐसा था जिसमें वे परिश्रम को ही ईश्वर की पूजा मानते थे। एक बार कोई वकील साहब उनके पास आश्रम में पहुँचे। वकील साहब बहुत ही उत्साहित थे। जिस समय वे आश्रम में पहुँचे। तब महात्मा गाँधी अनाज को चक्की से पीसकर आटा बना रहे थे।

(4) बापूजी ने कहा-बैठिए
पीसेंगे मिलकर
जब वे झिझके
गांधीजी ने कहा
और खिलकर
सेवा का हर काम
हमारा ईश्वर है भाई
बैठ गये वे दबसट में
पर अक्ल नहीं आई

शब्दार्थ-झिझके – शर्मिन्दा हुए। दबसट में = समीपही।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-गाँधीजी ने उन वकील साहब से हँसकर कहा कि भाई आओ, दोनों ही मिलकर चक्की से आटा बनाते हैं।

व्याख्या-वकील साहब उत्साहपूर्वक जोश से भरे हुए, बापूजी से मिलने आश्रम में पहुँचे। तब गाँधीजी ने उनसे कहा, आइए, बैठिए। हम दोनों ही मिलकर अनाज पीसेंगे और आटा तैयार करेंगे। इस पर वकील साहब कुछ झिझकने लगे अर्थात् उन्हें चक्की पीसना एक घृणित-सा काम लगा। इस पर गाँधीजी ने खिलखिलाकर ठहाका भरते हुए (जोर से हँसते हुए) कहा कि हे भाई! सेवा में कोई भी किया गया हमारा काम, ईश्वर ही होता है। इसे सुनते ही वह वकील महोदय भी समीप बैठ गए लेकिन गाँधीजी द्वारा कही गई बात समझ नहीं सके। उनकी बुद्धि ने काम नहीं किया अर्थात् गाँधीजी के कहे हुए शब्दों के अर्थ को वे समझ नहीं सके।

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MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1

Find the values of the letters in each of the following and give reasons for the steps involved.
Question 1.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 1
Solution:
We have to find the values of A and B. We add the digits column-wise.
In C2 : A + 5 gives 2, that is, a number whose ones digit is 2 i.e., 12.
∴ A + 5 = 12 ⇒ A = 12 – 5 = 7
In C1 : 1 (Carry of C2) + 3 + 2 = B
⇒ 6 = B
∴ We get A = 7, B = 6.

Question 2.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 2
Solution:
We have to find the values of A, B and C.
We add the digits column-wise.
In C3 : A + 8 gives 3, that is, a number whose ones digit is 3 i.e., 13.
Therefore, A + 8 = 13 ⇒ A = 13 – 8 = 5
In C2 : 4 + 9 + 1 (Carry of C3) = 14 gives B = 4
In C1 : 1 (Carry of C2) = 1
Therefore, A = 5, B = 4, C = 1.

Question 3.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 3
Solution:
We have to find the value of A.
Since, the ones digit of A × A = A
⇒ A can be 0, 1, 5, 6
If A = 0, then 10 × 0 = 0 ≠ 90
If A = 1, then 11 × 1 = 11 ≠ 91
If A = 5, then 15 × 5 = 75 ≠ 95
If A = 6, then 16 × 6 = 96 = 96
Hence, A = 6.

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1

Question 4.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 4
Solution:
We have to find the values of A and B.
We add the digits column-wise.
In C2 : B + 7 – A …………… (i)
In C1 : A + 3 + carry = 6 …………. (ii)
Where, carry is the carry from (i)
Let carry = 0
∴ A + 3 = 6 or A = 3
Putting value of A in (i),
6 + 7 = 3 or 6 = – 4
But B can not be a negative number.
⇒ Carry = 1
In (ii), A + 3 + 1 = 6
⇒ A = 2
Putting value of A in (i), B + 7 = 2
But this is not possible
∴ 6 + 7 = 12 ⇒ 6 = 5.

Question 5.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 5
Solution:
We have to find the values of A, 6 and C.
Now, looking at ones place
B × 3 = 6
This is possible only when B = 0, 5
Now, writing the equation for multiplication as
3 × (10A + B) = 100C + 10A + B
⇒ 30A + 3B = 100C + 10A + B
⇒ 20A + 2B = 100C
⇒ 50C = 10A + B ………….. (i)
But R.H.S. is the number we multiplied by 3 to obtain CAB.
∴ AB is a multiple of 50.
⇒ B = 0
Equation (i) becomes,
50C = 10A ⇒ 5C = A
Since, A is a single digit number.
∴ C = 1 & A = 5
Hence, A = 5, B = 0, C= 1.

Question 6.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 6
Solution:
We have to find the values of A, B and C.
Now, looking at ones place
B × 5 = B
This is possible only when B = 0, 5
Also, writing the equation for multiplication
5 × (10A + B) = 100C + 10A + B
⇒ 50A + 5B = 100C + 10A + B
⇒ 40A + 4B = 100C
⇒ 25C = 10A + B ……………. (i)
But, RHS is the number we multiplied by 5 to obtain result CAB
AB is a multiple of 25.
⇒ B = 0 or 5
(1) Taking B = 0
EQ. (i) becomes
25C = 10A ⇒ 5C = 2A
The only integral one digit solution for this is A = 5, C = 2
(2) Taking B = 5
EQ. (i) becomes
25C = 10A + 5
or 5C = 2A +1
The integral one digit solutions are
A = 2, C = 1
or A = 7, C = 3
Hence, we have three solutions
A = 5, B = 0, C = 2
A = 2, B = 5, C = 1
A = 7, B = 5, C = 3

Question 7.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 7
Solution:
We have to find the values of A and B.
Writing the multiplication equation
6 × (10A + B) = 100B + 10B + B
⇒ 60A + 6B = 111B
⇒ 60A = 105B
⇒ 4A = 7B
The only integral one digit solution is
A = 7, B = 4

MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1

Question 8.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 8
Solution:
We have to find the values of A and B. We add the digits column-wise.
In C2 : 1 + B = 10
⇒ B = 9
In C1 : A + 1 + 1 (Carry of C2) = B
⇒ A + 2 = 9
⇒ A = 7
∴ A = 7, B = 9

Question 9.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 9
Solution:
We have to find the values of A and B.
We add the digits column-wise.
In C3 : B + 1 = 8
⇒ B = 7
In C2 : A + B = 11 {∵ B is 7 and A can’t be negative}
⇒ A + 7 = 11 ⇒ A = 4
∴ A = 4, B = 7

Question 10.
MP Board Class 8th Maths Solutions Chapter 16 Playing with Numbers Ex 16.1 10
Solution:
We have to find the values of A and B.
We add the digits column-wise.
In C3: A + B = 9
In C2 : 2 + A = 10 (∵ A can’t be negative}
⇒ A = 8
∴ 8 + B = 9
⇒ B = 1
∴ A = 8, B = 1

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4

Question 1.
Express as rupees using decimals.
(a) 5 paise
(b) 75 paise
(c) 20 paise
(d) 50 rupees 90 paise
(e) 725 paise
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 1
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 2

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4

Question 2.
Express as metres using decimals,
(a) 15 cm
(b) 6 cm
(c) 2 m 45 cm
(d) 9 m 7 cm
(e) 419 cm
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 3

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4

Question 3.
Express as cm using decimals.
(a) 5 mm
(b) 60 mm
(c) 164 mm
(d) 9 cm 8 mm
(e) 93 mm
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 4
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 5

Question 4.
Express as km using decimals
(a) 8 m
(b) 88 m
(c) 8888 m
(d) 70 km 5 m
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 6

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4

Question 5.
Express as kg using decimals.
(a) 2 g
(b) 100 g
(c) 3750 g
(d) 5 kg 8 g
(e) 26 kg 50 g
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 7
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.4 8

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.5

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.5

Question 1.
Find the sum in each of the following :
(a) 0.007 + 8.5 + 30.08
(b) 15 + 0.632 + 13.8
(c) 27.076 + 0.55 + 0.004
(d) 25.65 + 9.005 + 3.7
(e) 0.75 + 10.425 + 2
(f) 280.69 + 25.2 + 38
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.5 1

Question 2.
Rashid spent Rs. 35.75 for Maths book and Rs. 32.60 for Science book. Find the total amount spent by Rashid.
Solution:
Money spent for Maths books = Rs. 35.75
Money spent for Science book = Rs. 32.60
Total money spent = Rs. 35.75 + Rs. 32.60 = Rs. 68.35
Therefore, total money spent by Rashid is Rs. 68.35

Question 3.
Radhika’s mother gave her Rs. 10.50 and her father gave her Rs. 15.80, find the total amount given to Radhika by the parents.
Solution:
Money given by mother = Rs. 10.50
Money given by father = Rs. 15.80
Total money received by Radhika
= Rs. 10.50 + Rs. 15.80 = Rs. 26.30
Therefore, total money received by Radhika is Rs. 26.30

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.5

Question 4.
Nasreen bought 3 m 20 cm cloth for her shirt and 2 m 5 cm cloth for her trouser. Find the total length of cloth bought by her.
Solution:
Cloth bought for shirt = 3 m 20 cm = 3.20 m
Cloth bought for trouser = 2 m 5 cm = 2.05 m
Total length of cloth bought by Nasreen
= 3.20 m + 2.05 m = 5.25 m
Therefore, total length of cloth bought by Nasreen is 5.25 m.

Question 5.
Naresh walked 2 km 35 m in the morning and 1 km 7 m in the evening. How much distance did he walk in all?
Solution:
Distance travelled in the morning
= 2 km 35 m = 2.035 km
Distance travelled in the evening
= 1 km 7 m = 1.007 km
Total distance travelled
= (2.035 + 1.007) km = 3.042 km
Therefore, total distance travelled by Naresh is 3.042 km.

Question 6.
Sunita travelled 15 km 268 m by bus, 7 km 7 m by car and 500 m on foot in order to reach her school. How far is her school from her residence?
Solution:
Distance travelled by bus
= 15 km 268 m = 15.268 km
Distance travelled by car
= 7 km 7 m = 7.007 km
Distance travelled on foot = 500 m = 0.500 km
Total distance travelled
= (15.268 + 7.007 + 0.500) km = 22.775 km
Therefore, total distance travelled by Sunita is 22.775 km.

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.5

Question 7.
Ravi purchased 5 kg 400 g rice, 2 kg 20 g sugar and 10 kg 850g flour. Find the total weight of his purchases.
Solution:
Weight of Rice = 5 kg 400 g = 5.400 kg
Weight of Sugar = 2 kg 20 g = 2.020 kg
Weight of Flour = 10 kg 850 g = 10.850 kg
Total weight = (5.400 + 2.020 + 10.850) kg = 18.270 kg
Therefore, total weight of Ravi’s purchases is 18.270 kg.

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MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 13 बसन्त

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 13 बसन्त

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Chapter 13 पाठ का अभ्यास

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए

(क) बसन्त का घर उजाड़ दिया
(i) वृक्ष काटकर
(ii) वृक्ष लगाकर,
(iii) सड़क बनाकर
(iv) पहाड़ काटकर।
उत्तर
(i) वृक्ष काटकर

(ख) बसन्त में झूले डाले जाते हैं
(i) गेंदा पर
(ii) अमुआ पर,
(iii) बेरी पर
(iv) चम्पा पर।
उत्तर
(ii) अमुआ पर

(ग) बसन्त के स्वागत में गीत गाती है
(i) कोयल
(ii) मोरनी,
(iii) चिड़िया
(iv) गौरेया।
उत्तर
(i) कोयल

(घ) हरे-भरे पेड़ कटने से अब पहले की तरह नहीं आता
(i) शिशिर
(ii) हेमन्त
(iii) ग्रीष्म,
(iv) बसन्त।
उत्तर
(iv) बसन्त

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(क) बसन्त आने पर …………… आती थी।
(ख) कवि ने जंगल को ………. कहा है।
(ग) पत्तों के झुरमुट से …….. धुन आती थी।
(घ) बसन्त के ……….. में कोयल गीत गाती थी।
उत्तर
(क) हरियाली
(ख) जीवन
(ग) कुहू कुहू
(घ) स्वागत।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

(क) हरियाली कौन-सी ऋतु लाती है?
उत्तर
हरियाली बसन्त ऋतु लाती है।

(ख) बसन्त में कौन-कौन से फूल खिलते हैं?
उत्तर
बसन्त में चम्पा, चमेली और गेंदा के फूल खिलते हैं।

(ग) अब पहले की तरह बसन्त क्यों नहीं आता ?
उत्तर
अब पहले की तरह बसन्त इसलिए नहीं आता है क्योंकि लोगों ने हरे-भरे वृक्षों से परिपूर्ण जंगल काट दिए हैं।

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(घ) पूर्व की तरह बसन्त कब आएगा?
उत्तर
पूर्व की तरह बसन्त अब तभी आएगा जब बंजर बनी हुई धरती पर हरियाली भरे पेड़-पौधे लगेंगे। वनों की हरियाली ही जीवन देती है।

(ङ) बसन्त में क्या-क्या परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं ?
उत्तर
बसन्त में चारों ओर का वातावरण खुशहाली का होता है, हरियाली छा जाती है, तरह-तरह के फूल खिल उठते हैं। आम पर बौर आ जाता है। उनकी डालियों में झूले पड़ जाते हैं। मोर-मोरनी नाचने लगते हैं। कोयल पत्तों के झुरमुट में कुहू कुहू की धुन में गीत गाती है। सुगन्ध युक्त हवा बहने लगती है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पद्यांशों का भाव स्पष्ट कीजिए

(i) बहती थी मस्त पवन, झूम उठे पागल मन,
मोर भी नाचा था, वन में मयूर संग।

(ii) बोला बसन्त फिर, अब कहाँ आऊँ मैं ? . कट गए वृक्ष सब, कहाँ ठहर जाऊँ मैं?
उत्तर
‘सम्पूर्ण पद्यांशों की व्याख्या’ शीर्षक में पद्यांश संख्या 1 व 3 की व्याख्या देखिए।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए
उजाड़, आँगन, हरियाली, झुरमुट।
उत्तर
कक्षा में अपने अध्यापक के सहयोग से शुद्ध उच्चारण कीजिए और अभ्यास कीजिए।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से सही वर्तनी वाला शब्द चुनकर लिखिए

(क) चमिली, चमैली, चमेली।
(ख) मायूर, मयूर, मयुर।
(ग) जगंल, जगलं, जंगल।
(घ) उजाढ़, उजाड़, ऊजाड।
उत्तर
(क) चमेली
(ख) मयूर
(ग) जंगल
(घ) उजाड़।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए

(i) फूल
(ii) मयूर
(iii) जंगल
(iv) पवन
(v) वृक्ष।
उत्तर
(i) फूल = पुष्प, कुसुम
(ii) मयूर = मोर, केकी
(ii) जंगल = वन, अरण्य
(iv) पवन = हवा, वायु, समीर
(v) वृक्ष = पेड़, पादप, विटप।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित पंक्तियों में से अनुप्रास अलंकार वाली पंक्तियाँ छाँटकर लिखिए

(i) चम्पा चमेली संग
(ii) गेंदा भी फूले थे
(iii) कुहू-कुहू धुन आती थी।
(iv) कहाँ ठहर जाऊँ में।
(v) तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाये।
(vi) सन सिय सत्य असीस हमारी।
उत्तर
(i) चम्पा चमेली संग
(iii) कुहू कुहू धुन आती थी
(v) तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाये
(vi) सुनु सिय सत्य असीस हमारी।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण और विशेष्य छाँटकर लिखिए

(क) आज मस्त पवन बह रही है।
(ख) बगीचे में सुन्दर फूल खिले हुए हैं।
(ग) काली कोयल कुहू कुहू कर रही है।
उत्तर
(क) विशेषण-मस्त, विशेष्य-पवन।
(ख) विशेषण-सुन्दर, विशेष्य-फूल।
(ग) विशेषण-काली, विशेष्य-कोयल।

बसन्त सम्पूर्ण पद्यांशों की व्याख्या

(1) बसन्त तुम आते थे
हरियाली लाते थे।
चम्पा चमेली संग
गेंदा भी फूले थे
अमुआ की डाली पर
डाले फिर झूले थे।
बहती थी मस्त पवन
झूम उठे पागल मन
मोर भी नाचा था
वन में मयूर संग।

शब्दार्थ-अमुआ = आम। पवन = हवा।

सन्दर्भ-प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘भाषा-भारती’ की कविता ‘बसन्त’ से ली गई हैं। इस कविता की रचना ‘प्रमोद सोनी’ ने की है।

प्रसंग-बसन्त के आगमन पर चारों ओर सुन्दरता बिखर पड़ती है।

व्याख्या-कवि कहता है कि हे बसन्त ! जब तुम आते हो तब अपने साथ हरियाली लाते हो। बसन्त ऋतु में चम्पा, चमेली और गेंदा के फूल खिल रहे थे। आम के वृक्षों पर बौर आ गया है, भीनी गन्ध के मध्य झूले डाल दिए गए हैं। मतवाली हवा बहने लगी थी; उससे पागल हुआ मन भी झूम उठता था। वन में मोर भी मयूरी (मोरनी) के साथ नाचा करते थे।

(2) स्वागत में गीत कोई
कोयल भी गाती थी
पत्तों के झुरमुट से
कुहू कुहू धुन आती थी।
क्यों नहीं लगता अब
जैसे तुम आए हो
हरियाली मस्त पवन
संग नहीं लाए हो।

शब्दार्थ-मस्त = मतवाला बनाने वाला।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-अब बसन्त के आगमन पर पक्षियों द्वारा कोई भी गीत आदि नहीं गाये जाते हैं।

व्याख्या-कवि कहता है कि पहले बसन्त के आने पर उसके स्वागत में कोयल अपनी कुहू कुहू की ध्वनि में गीत गाया करती थी। पेड़ों के पत्तों के झुरमुट में छिपकर कोयल जो अपनी मीठी तान छेड़ती तो सब कुछ आनन्दमय हो जाता था। लेकिन अब तुम्हारे (बसन्त के) आगमन पर वैसा नहीं लगता। हे बसन्त! तुम अब अपने साथ कोई वैसी हरियाली, मतवाला बना देने वाली हवा को भी नहीं लाते हो। इसलिए अब ऐसा क्यों नहीं लगता कि बसन्त आ गया है।

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(3) बोला बसन्त फिर
अब कहाँ आऊँ मैं?
कट गए वृक्ष सब
कहाँ ठहर जाऊँ मैं ?
हरे भरे जंगल सब
तुमने तो काट दिए
घर मेरा उजाड़ कर
अपनों में बाँट दिए।

शब्दार्थ-उजाड़कर = बरबाद करके। सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-‘बसन्त’ आ गया है, ऐसा क्यों नहीं लगता ? इस प्रश्न का उत्तर बसन्त देता है।

व्याख्या-बसन्त ने उत्तर देते हुए कहा कि मैं कहाँ पर आऊँ, क्योंकि मेरे ठहरने के स्थान हरे-भरे पेड़-पौधे थे, उन सबको तुमने काट दिया है। बताओ तो मैं अब कहाँ ठहरूँ? हरियाली से परिपूर्ण जंगलों को तुमने काट दिया है। हरे-भरे वन ही मेरे निवास स्थान थे, उन्हें ही काटकर मेरा घर बरबाद कर दिया है। हे मनुष्यो। तुमने ही हरे-भरे वनों को काट कर अपनों में आपस में बाँट लिया है। मेरे लिए तो रहने का स्थान छोड़ा ही नहीं है।

(4) दुखी है मेरा मन
कुछ तो दुख बाँटो
जंगल ही जीवन है
जंगल को मत काटो।
मेरे घर आँगन को फिर से बसाओगे
बंजर इस धरती पर
हरियाली लाओगे।
अब तो मैं आऊँगा
वृक्ष जब लगाओगे।

शब्दार्थ-बंजर = ऊसर; वह भूमि जिसमें कोई भी बीज अंकुरित नहीं होता है।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-दुःखी मन वाला बसन्त अपने आगमन की शर्त बताता है कि इस धरती को हरे-भरे पेड़-पौधों से युक्त कीजिए, मैं अवश्य ही समय से आऊँगा।।

व्याख्या-बसन्त कहता है कि मेरे मन के अन्दर व्याप्त दु:ख को, हे मनुष्यो ! आप सभी बाँट लीजिए। यह मेरा दुःख तभी जा सकेगा, जब आप जंगलों को नहीं काटोगे। जंगलों की वृद्धि कीजिए। जंगल हैं तो जीवन सुरक्षित है। पेड़-पौधे लगाकर मेरे घर-आँगन को हरियाली से सम्पन्न कर दीजिए। यह हरियाली ही मेरा निवास है, घर है। यह धरती जिसे पेड़-पौधों को काटकर बंजर बना दिया है। उसे हरियाली से सम्पन्न बनाइए। बसन्त का आगमन तो तभी हो सकेगा जब वृक्षों का रोपण किया जाएगा।

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.3

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.3

Question 1.
Which is greater?
(a) 0.3 or 0.4
(b) 0.07 or 0.02
(c) 3 or 0.8
(d) 0.5 or 0.05
(e) 1.23 or 1.2
(f) 0.099 or 0.19
(g) 1.5 or 1.50
(h) 1.431 or 1.490
(i) 3.3 or 3.300
(j) 5.64 or 5.603
Solution:
Before comparing, we write both terms in like decimals :
(a) 0.3 < 0.4
(b) 0.07 > 0.02
(c) 3.0 or 0.8 ⇒ 3.0 > 0.8
(d) 0.50 or 0.05 ⇒ 0.50 > 0.05
(e) 1.23 or 1.20 ⇒ 1.23 > 1.20
(f) 0.099 or 0.190 ⇒ 0.099 < 0.190
(g) 1.50 or 1.50 ⇒ 1.50 = 1.50
(h) 1.431 < 1.490
(i) 3.300 or 3.300 ⇒ 3.300 = 3.300
(j) 5.640 or 5.603 ⇒ 5.640 > 5.603

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Question 2.
Make five more examples and find the greater number from them.
Solution:
Five examples are :
(i) 1.8 or 1.82
(ii) 1.0009 or 1.09
(iii) 10.01 or 100.1
(iv) 5.1 or 5.01
(v) 4.213 or 421.3
Before comparing, we write both terms in like decimals
(i) 1.80 or 1.82 ⇒ 1.82 is greater than 1.8
(ii) 1.0009 or 1.0900 ⇒ 1.09 is greater than 1.0009
(iii) 10.01 or 100.10 ⇒ 100.1 is greater than 10.01
(iv) 5.10 or 5.01 ⇒ 5.1 is greater than 5.01
(v) 4.213 or 421.300 ⇒ 421.3 is greater than 4.213

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MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.6

MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.6

Question 1.
Subtract:
(a) Rs. 18.25 from Rs. 20.75
(b) 202.54 m from 250 m
(c) Rs. 5.36 from Rs. 8.40
(d) 2.051 km from 5.206 km
(e) 0.314 kg from 2.107 kg
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.6 1

Question 2.
Find the value of:
(a) 9.756 – 6.28
(b) 21.05 – 15.27
(c) 18.5 – 6.79
(d) 11.6 – 9.847
Solution:
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.6 2
MP Board Class 6th Maths Solutions Chapter 8 Decimals Ex 8.6 3

Question 3.
Raju bought a book for Rs. 35.65. He gave Rs. 50 to the shopkeeper. How much money did he get back from the shopkeeper?
Solution:
Total amount given to shopkeeper = Rs. 50
Cost of book = Rs. 35.65
Amount left = Rs. 50.00 – Rs. 35.65 = Rs. 14.35
Therefore, Raju got back Rs. 14.35 from the shopkeeper.

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Question 4.
Rani had Rs. 18.50. She bought one ice-cream for Rs. 11.75. How much money does she have now?
Solution:
Total money = Rs. 18.50
Cost of ice-cream = Rs. 11.75
Amount left = Rs. 18.50 – Rs. 11.75 = Rs. 6.75
Therefore, Rani has Rs. 6.75 now.

Question 5.
Tina had 20 m 5 cm long cloth. She cuts 4 m 50 cm length of cloth from this for making a curtain. How much cloth is left with her?
Solution:
Total length of cloth = 20 m 5 cm = 20.05 m
Length of cloth used = 4 m 50 cm = 4.50 m
Remaining cloth = 20.05 m – 4.50 m = 15.55 m
Therefore, 15.55 m of cloth is left with Tina.

Question 6.
Namita travels 20 km 50 m every day. Out of this she travels 10 km 200 m by bus and the rest by auto. How much distance does she travel by auto?
Solution:
Total distance travelled = 20 km 50 m = 20.050 km
Distance travelled by bus = 10 km 200 m = 10.200 km
Distance travelled by auto = (20.050 – 10.200) km = 9.850 km
Therefore, 9.850 km distance is travelled by auto.

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Question 7.
Aakash bought vegetables weighing 10 kg. Out of this, 3 kg 500 g is onions, 2 kg 75 g is tomatoes and the rest is potatoes. What is the weight of the potatoes?
Solution:
Weight of onions = 3 kg 500 g = 3.500 kg
Weight of tomatoes = 2 kg 75 g = 2.075 kg
Total weight of onions and tomatoes
= (3.500 + 2.075) kg = 5.575 kg
Therefore, weight of potatoes
= (10.000 – 5.575) kg = 4.425 kg
Thus, weight of potatoes is 4.425 kg.

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MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 12 डॉ. होमी जहाँगीर भाभा

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 12 डॉ. होमी जहाँगीर भाभा

MP Board Class 6th Hindi Bhasha Bharti Chapter 12 पाठ का अभ्यास

प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनकर लिखिए

(क) भाभा अणु-शक्ति संस्थान स्थित है
(i) चेन्नई में
(ii) ट्राम्बे में,
(iii) इंग्लैण्ड में,
(iv) जिनेवा में।
उत्तर
(ii) ट्राम्बे में,

(ख) डॉ. भाभा को पी-एच.डी की उपाधि मिली
(i) सन् 1941 में,
(ii) सन् 1947 में,
(iii) सन् 1951,
(iv) सन् 1966 में।
उत्तर
(i) सन् 1941 में।

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

(क) डॉ. भाभा के पिता का नाम …………था।
उत्तर
श्री जे०एस०भाभा

(ख) डॉ. भाभा …………… से संगीत सुनते थे।
उत्तर
ग्रामोफोन।

प्रश्न 3.
एक या दो वाक्यों में उत्तर दीजिए

(क) भारत में अणुशक्ति का विकास किसने किया ?
उत्तर
भारत में अणु शक्ति का विकास प्रथम वैज्ञानिक डॉ. होमी जहाँगीर भाभा ने किया।

(ख) विज्ञान में रुचि के अलावा डॉ. भाभा की और कौन-कौन सी विशेषताएँ थीं?
उत्तर
डा० भाभा को गणित और भौतिक विज्ञान से अति प्रेम था, उन्होंने विद्युत एवं चुम्बक सम्बन्धी बातों के अतिरिक्त कॉस्मिक किरण की मौलिक खोजों पर भाषण दिए। उन्हें संगीत, नृत्य एवं चित्रकला से भी भारी लगाव था। वे पेड़-पौधों और बगीचों के बड़े शौकीन थे।

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(ग) डॉ. भाभा की एकमात्र इच्छा क्या थी?
उत्तर
डॉ. भाभा की एकमात्र इच्छा थी कि भारत को आने वाले वर्षों में आणविक शक्ति के कार्यों के लिए दूसरों का मुँह न ताकना पड़े।

(घ) चित्रकार ने डॉ. भाभा के बनाए चित्र को देखकर क्या कहा था?
उत्तर
चित्रकार ने डॉ. भाभा के बनाए चित्र को देखकर कहा था कि एक दिन यह बालक महान कलाकार बनेगा।

(ङ) अणुशक्ति के रचनात्मक प्रयोग के लिए कौन-सी संस्था स्थापित की गई ?
उत्तर
अणुशक्ति के रचनात्मक प्रयोग के लिए मुम्बई में सर दोराबजी-टाटा ट्रस्ट द्वारा “टाटा इन्स्टीट्यूट ऑफ फंडामेन्टल रिसर्च” नामक संस्था स्थापित की गई।

प्रश्न 4. तीन से पाँच वाक्यों में उत्तर दीजिए

(क) डॉ. भाभा को संगीत के प्रति लगाव कैसे उत्पन्न हुआ?
उत्तर
डॉ.भाभा को बचपन में नींद नहीं आती थी। वे प्रायः रोते रहते थे। इससे पिता को बड़ी चिन्ता लग गई। उन्होंने डॉक्टर की सलाह ली। उनकी सलाह पर डॉ. भाभा के सामने ग्रामोफोन बजाया जाने लगा। इससे उनका ध्यान बँट जाता और वे चुप हो जाते थे। फलतः उनको संगीत के प्रति लगाव हो गया।

(ख) अणुशक्ति के बारे में डॉ. भाभा के क्या विचार थे?
उत्तर
डॉ. भाभा अणुशक्ति से अणुबम बनाने के पक्ष में नहीं थे। अणुबम से लाखों लोगों की जान चली जाती है। इसलिए वे अणुशक्ति का प्रयोग शांतिपूर्ण एवं रचनात्मक कार्यों के लिए करना चाहते थे।

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(ग) डॉ. भाभा की शिक्षा कहाँ-कहाँ हुई ?
उत्तर
मुंबई विश्वविद्यालय से ई.एम.सी. की परीक्षा पास करके वे आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैण्ड चले गए। वहाँ इंजीनियरिंग की परीक्षा पास करके गणित और भौतिक विज्ञान की शिक्षा के लिए उन्होंने कैम्ब्रिज केयस कॉलेज में प्रवेश लिया। उसी मध्य उन्होंने यूरोप के विभिन्न देशों में जाकर विद्युत एवं चुम्बक तथा कॉस्मिक किरण की मौलिक खोज पर अपने भाषण दिए। उन्हें लन्दन की रॉयल सोसाइटी का फैलो चुना गया। पी-एच. डी. तथा डी.एस-सी की उपाधियाँ विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्राप्त हुई।

(घ) डॉ. भाभा की मृत्यु कैसे हुई ?
उत्तर
24 जनवरी, 1966 को भारतीय विमान सेवा का ‘कंचनजंघा’ नामक जेट विमान मुम्बई से जिनेवा जा रहा था। इसी विमान से डॉ. भाभा भी यात्रा कर रहे थे। जिनेवा के पास एक बहुत ऊँचा पहाड़ है ‘माउन्ट ब्लॉक’ इस पहाड़ से वह विमान टकरा कर गिर गया। इस दुर्घटना में डॉ.भाभा की मृत्यु हो गई।

प्रश्न 5.
सोचिए और बताइए

(क) अणुशक्ति का प्रयोग विकास के कार्यों में किस प्रकार हो सकता है ?
उत्तर
अणुशक्ति के प्रयोग से बिजली प्राप्त की जा सकती है। इंजन चलाए जा सकते हैं। कल-कारखानों की बड़ी-बड़ी मशीनें चलाई जा सकती हैं। उजाला किया जा सकता है। रेलगाड़ियाँ चलायी जा सकती हैं। खेती के लिए विद्युत से पानी खींचा जा सकता है। अणुशक्ति से अनेक रोगों के इलाज में सहायता मिल सकती है। लोगों के लिए अनेक वैज्ञानिक प्रयोगों में इससे ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है। आवागमन, स्वच्छता, चिकित्सा आदि सम्बन्धी सुविधाएँ ली जा सकती हैं।

(ख) किसी कार्य से ध्यान बंटाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं?
उत्तर
ऐसे अनेक कार्य हैं जिनके द्वारा किसी काम से ध्यान हटाया जा सकता है, जैसे-

  1. संगीत सुनना
  2. चित्रकारी करना
  3. पेड़ पौधों की सिंचाई-गुड़ाई करना व कलात्मक क्रियाएँ करना
  4. शास्त्रीय और आधुनिक संगीत सीखना तथा
  5. प्राकृतिक रूप से आकर्षक स्थलों पर घूमना-फिरना।

(ग) विमान दुर्घटनाएँ किन-किन कारणों से हो सकती
उत्तर
विमान दुर्घटनाएँ प्रायः इंजन में खराबी होने से हो सकती, हैं। परन्तु कभी-कभी पर्वतीय क्षेत्रों के मध्य से या ऊपर से गुजरने पर उन स्थलों की बनावट व ऊँचाई का सही ज्ञान न होने पर दुर्घटना होती है। आकाश में उड़ते पक्षियों से टकराने से विमान असन्तुलित होकर गिर जाते हैं। इंजन में आग लग जाती है। पेट्रोल ट्रैक के अचानक फट जाने से भी दुर्घटना होती है। तेज तूफान आने पर कुहरा या धुंध छाये रहने से दृष्टिबाधित होने की स्थिति में विमान दुर्घटनाएं हो जाती हैं। रडार यंत्र की खराबी से विमान सम्पर्क टूट जाने पर विमान भटक कर टकरा जाते हैं और दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

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प्रश्न 6.
अनुभव और कल्पना के आधार पर उत्तर दीजिए

(क) यदि 15 वर्ष की आयु में ही डॉ. होमी जहाँगीर भाभा को यूरोप में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल जाता तो उनके व्यक्तित्व में क्या परिवर्तन होते ? .
उत्तर
यदि 15 वर्ष की आयु में ही डॉ. भाभा को यूरोप में शिक्षा के लिए भेज दिया जाता तो वे थोड़े समय में ही विज्ञान सम्बन्धी शिक्षा प्राप्त करके भारत लौट आते और अपनी प्रशंसनीय सेवाओं को देश को समर्पित करते। देश विविध क्षेत्रों में प्रगति करता और विश्व में अपने विकास से एक विशेष स्थान बना पाता।

(ख) यदि डॉ. भाभा का दुर्घटना में निधन नहीं होता तो अणुशक्ति के उनके शान्तिपूर्ण प्रयासों का विश्व पर क्या प्रभाव पड़ता?
उत्तर
यदि डॉ. भाभा का दुर्घटना में निधन नहीं होता तो उनकी अणुशक्ति के शान्तिपूर्ण प्रयासों का विश्व पर यह प्रभाव | पड़ता कि उस शक्ति का विनाशकारी रूप (बम) के निर्माण में प्रयोग नहीं किया जाता। देशों में अपनी सुरक्षा के नाम पर बनने वाले विध्वंसक यंत्र नहीं बनते। विश्व में पर्यावरणीय समस्या नहीं आती। पानी-हवा आदि स्वच्छ रहते। अनेक रोगों से मुक्ति मिलती। विश्व के देश अपेक्षाकृत विकसित होते, सुख और शान्ति होती। लोग समृद्ध, स्वस्थ और सुखी होते।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का उच्चारण कीजिएअन्तर्राष्ट्रीय, ट्रॉम्बे, अलंकृत, सौन्दर्यपूर्ण, इंस्टीट्यूट।
उत्तर
अपने अध्यापक महोदय के सहयोग से शुद्ध उच्चारण कीजिए और अभ्यास कीजिए।

प्रश्न 2.
पाठ में आए शब्द-युग्मों को छाँटकर लिखिए।
उत्तर
अणु-शक्ति, पढ़े-लिखे, संगीत-प्रेमी।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए
(i) संसार
(ii) उपवन
(iii) दीप
(iv) मार्ग।
उत्तर
(i) संसार-जग, जगत, विश्व, दुनिया।
(ii) उपवन-बाग, बगीचा।
(iii) दीप-दीया, दीपक।
(iv) मार्ग-पथ, राह, रास्ता।

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प्रश्न 4.
दिए गए शब्दों में त्व, इत, ईय प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाइए
प्रभु, पशु, नारी, पुष्प, सम्मान, प्रभाव, दर्शन, राष्ट्र, भारत।
उत्तर

  1. प्रभु + त्व = प्रभुत्व, पशु + त्व = पशुत्व, नारी + त्व = नारीत्व।
  2. पुष्प + इत=पुष्पित, सम्मान + इत = सम्मानित, प्रभाव + इत = प्रभावित।
  3. दर्शन + ईय = दर्शनीय, राष्ट्र + ईय = राष्ट्रीय, भारत + ईय = भारतीय।

प्रश्न 5. उपसर्ग जोड़कर नए शब्द बनाइए
उपसर्ग-अ, सु, दुर्।
शब्द-शुभ, ज्ञान, सभ्य, मार्ग, गंध, संस्कृत, जन, गति,
उत्तर

  1. अ+ शुभ-अशुभ, अ + ज्ञान = अज्ञान, अ + सभ्य = असभ्य।
  2. सु + मार्ग = सुमार्ग, सु + गंध = सुगंध, सु + संस्कृत = सुसंस्कृत।
  3. दुर् + जन् = दुर्जन, दुर् + गति = दुर्गति, दुर् + गुण = दुर्गुण।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए
(i) घर
(ii) खेत
(iii) लाज।
उत्तर
(i) घर = गृह
(ii) खेत = क्षेत्र
(iii) लाज = लज्जा।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए
(1) अणु-शक्ति
(2) संगीत-प्रेमी
(3) वैज्ञानिक
(4) सपूत।
उत्तर

  1. अणुशक्ति-डॉ. भाभा ने अणु-शक्ति का प्रयोग विकास और शान्ति के कार्यों के लिए उपयोग करने की सलाह दी।
  2. संगीत-प्रेमी-डॉ. भाभा बचपन से ही संगीत-प्रेमी थे।
  3. वैज्ञानिक-विश्व के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों द्वारा डॉ. भाभा को स्मरण किया जाता है।
  4. सपूत-डॉ. भाभा भारत माता के वह सपूत थे जिन्होंने सदैव चाहा कि अणुशक्ति का उपयोग केवल मानव कल्याण के लिए किया जाये।

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प्रश्न 8.
निम्नलिखित वाक्यों में से मुख्य क्रिया और सहायक क्रिया छाँटकर लिखिए
(क) गोपाल स्कूल जाता है।
(ख) वह पुस्तक पढ़ चुका है।
(ग) सौता पत्र लिख रही है।
(घ) राम स्कूल गया था।
उत्तर
(क) ‘जाना’ मुख्य क्रिया, ‘है’ सहायक क्रिया।
(ख) ‘पढ़ना’ मुख्य क्रिया, ‘है’ सहायक क्रिया।
(ग) “लिखना’ मुख्य क्रिया, ‘है’ सहायक क्रिया।
(घ) ‘जाना’ मुख्य क्रिया, था’ सहायक क्रिया।

डॉ. होमी जहाँगीर भाभा परीक्षोपयोगी गद्यांशों की व्याख्या 

(1) डॉक्टर भाभा अणु-शक्ति से अणुबम बनाने के पक्ष में नहीं थे। अणुबम से लाखों लोगों की जान चली जाती है। इसलिए वे अणु-शक्ति का प्रयोग शांतिपूर्ण, रचनात्मक कार्यों के लिए करना चाहते थे।

सन्दर्भ – प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘भाषा भारती’ के’डॉ. होमी जहाँगीर भाभा’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक डॉ. सुखदेव दुबे व अन्य लेखकगण हैं।

प्रसंग-प्रस्तुत गद्यांश में डॉ. भाभा की दूरदर्शिता का वर्णन किया गया है।

व्याख्या-डॉ. होमी जहाँगीर भाभा अणु’ की शक्ति को पहचानते थे। साथ ही, वह यह भी जानते थे कि ‘अणुबम’ के रूप में इसकी ताकत का गलत उपयोग, मानव सभ्यता के लिए काफी खतरनाक होता है। अणुबम के विध्वंस से पलभर में हजारों-लाखों जिन्दगियाँ काल के गाल में समा जाती हैं। अत: वे अणु-शक्ति का सही उपयोग करके इस विलक्षण ‘ऊर्जा’ को मानव की सेवा में तथा शांतिपूर्ण एवं रचनात्मक कार्यों में लगाना चाहते थे।

(2) उनकी कलात्मक रुचि का परिणाम है कि दाम्बे के अणु-शक्ति संस्थान में बगीचे तथा पौधों की सजावट सौन्दर्यपूर्ण एवं कलापूर्ण दिखाई देती है। टाटा इंस्टीट्यूट की गैलरियों तथा कमरों में सजे चित्र एवं वहाँ के उपवन उनकी वैज्ञानिकता एवं कलात्मकता के सुन्दर संगम हैं।

संदर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-प्रस्तुत पंक्तियों में डॉ. भाभा की कलात्मकता एवं रुचियों का वर्णन किया है।

व्याख्या-डॉ. भाभा के अन्दर कला के प्रति रुझान था जिसका नतीजा यह है कि उन्होंने अणुशक्ति केन्द्र ट्राम्बे में एक बगीचा विकसित किया है। इस बगीचे कों अनेक पेड़-पौधों से सुन्दर बनाया है, उसकी सजावट में इन्हीं पौधों को विशेष महत्व है। यह सजावट अति कलापूर्ण है। टाटा इन्स्टीट्यट की गैलरियों और अन्य कमरों की सजावट भी चित्रों द्वारा की गई है। ये चित्र भी डॉ. भाभा की कलात्मक रुचि को प्रकट करते हैं। वहाँ के बगीचे और समीप वाले उपवनों के विकास में वैज्ञानिकता झलकती है और उनकी कला का अनोखा जोड़ है, मिश्रण है। इस तरह डॉ. भाभा की वैज्ञानिकता में उनकी कलात्मकता का योग बेजोड़

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(3) भारत के इस महान सपूत की स्मृति में ट्रॉम्बे के अणु-शक्ति केन्द्र का नाम बदलकर ‘भाभा अणु-शक्ति अनुसन्धान केन्द्र’ कर दिया गया। डॉ. भाभा आज भले ही हमारे बीच न हों परन्तु उन्होंने विज्ञान जगत को जो अमूल्य योगदान दिया है उससे भावी वैज्ञानिकों को सदा मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

सन्दर्भ-पूर्व की तरह।

प्रसंग-डॉ. भाभा के द्वारा विज्ञान जगत के लिए किए गए कार्यों का महत्व बताया गया है।

व्याख्या-डॉ. भाभा भारत के बहुत बड़े महत्वपूर्ण पुत्र थे। वे आज इस दुनिया में हमारे बीच नहीं हैं, परन्तु विज्ञान के संसार में उन्होंने जो भी हमारे लिए किया है, उसका महत्व महान है। विज्ञान जगत में किया गया उनका कार्य बेजोड़ है। उनकी यादगार के लिए ही ट्रॉम्बे के अणुशक्ति केन्द्र का नाम बदल दिया है और उसका नाम ‘भाभा अणु-शक्ति अनुसन्धान केन्द, कर दिया गया है। उनके वैज्ञानिक प्रयोगों और खोजों से भविष्य के वैज्ञानिकों को उस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए दिशा-निर्देशन मिलेगा और मानवता की भलाई होती रहेगी। संसार में सुख-समृद्धि होती रहेगी।

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